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Author name: Vinod Jha

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अयोध्या राम मंदिर ट्रस्ट की बैठक में चंपत राय का इस्तीफा मंजूर, CEO की नियुक्ति पर भी हुई चर्चा

Ayodhya Ram Mandir Trust Meeting: अयोध्या में श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की अहम बैठक में चंपत राय का इस्तीफा मंजूर कर लिया गया. चंपत राय इस बैठक में शामिल नहीं हुए. वहीं गोपाल राव को ट्रस्ट की बैठक में जाने से रोक दिया गया. सूत्रों ने इसकी जानकारी दी. जहां बैठक हो रही थी गोपाल राव वहां जाने का प्रयास कर रहे थे. ट्रस्ट के सदस्यों ने उनसे कहा कि आप बाहर जाइये. ट्रस्ट सदस्यों के कहे जाने के बाद गोपाल राव बाहर चले गए. अनिल मिश्रा के इस्तीफे को लेकर अभी संशय बरकरार सूत्रों के अनुसार, चंपत राय का इस्तीफा मंजूर किए जाने के बाद अनिल मिश्रा के इस्तीफे को लेकर ट्रस्ट के सदस्यों के बीच चर्चा हुई. हालांकि, अनिल मिश्रा के इस्तीफे की मंजूरी पर अभी संशय बरकरार है. बता दें चंपत राय और अनिल मिश्रा दोनों ही एक साथ मौजूद थे. चंपत राय और अनिल मिश्रा दोनों ही बैठक में नहीं पहुंचे हैं. दोनों के इस्तीफे के मंजूरी की अधिकृत जानकारी ट्रस्ट द्वारा प्रेस वार्ता में दी जाएगी. बैठक खत्म होने के बाद प्रेस वार्ता कभी भी हो सकती है. बैठक में CEO नियुक्त करने के सुझाव पर भी चर्चा राम मंदिर में काशी विश्वनाथ मंदिर की तरह CEO नियुक्त करने के सुझाव पर भी बैठक में चर्चा हुई. हालांकि ट्रस्ट के सदस्यों ने इस व्यवस्था को लागू करने के पक्ष में सहमति नहीं दी. बैठक में शामिल होने वाले सभी सदस्यों का मोबाइल बाहर जमा करा लिया गया था. ऐसे में प्रेस कांफ्रेंस के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा कि चंपत राय और अनिल मिश्रा का इस्तीफा मंजूर हुआ है या नहीं. अयोध्या में भारी सख्या में पुलिस बल की तैनाती मंदिर से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर चर्चा के लिए ट्रस्ट के पदाधिकारी अयोध्या पहुंच गए हैं. बैठक को लेकर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं, पुलिस बल की तैनाती के साथ बैरिकेडिंग कर चारपहिया वाहनों की आवाजाही को नियंत्रित किया गया है. बैठक से पहले ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष स्वामी गोविंद देव गिरि महाराज राम मंदिर परिसर पहुंचे और बैठक में शामिल हुए. #WATCH | Ayodhya, UP | President of Shri Ram Janmabhoomi Teerth Kshetra Trust, Nritya Gopal Das, departs for the Ram temple to preside over the meeting of the Trust pic.twitter.com/dyqs8p0ZJw — ANI (@ANI) July 6, 2026 चंपत राय भी पहुंचे राम मंदिर अयोध्या श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की अहम बैठक के लिए चंपत राय भी राम मंदिर पहुंचे. बताया जा रहा है कि यह बैठक मंदिर में चढ़ावे के कथित गबन के बाद ट्रस्ट से चंपत राय और अनिल मिश्रा के इस्तीफ़े पर फ़ैसला लेने के लिए बुलाई गई है. बैठक में होने वाले निर्णयों पर टिकी हर किसी की नजरें सूत्रों के अनुसार, बैठक में राम मंदिर से जुड़े प्रशासनिक और वित्तीय मामलों पर विचार-विमर्श किया जा रहा है. विशेष रूप से मंदिर में चढ़ावे से जुड़े प्रबंधन और हाल के दिनों में उठे आरोपों पर भी चर्चा की संभावना जताई जा रही है, इसके अलावा ट्रस्ट के कुछ पदाधिकारियों से जुड़े मामलों को लेकर भी बैठक में समीक्षा की जा सकती है. सभी की नजरें बैठक में होने वाले निर्णयों पर टिकी हुई हैं, जो आगे की दिशा तय कर सकते हैं. अखिलेश यादव ने पूछा- SIT की जांच में कंट्रोल किसके पास है? राम मंदिर चंदे में कथित गड़बड़ी के मामले पर समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने कहा कि, “सच तो यह है कि चढ़ावे, दान और चंदे पर पलने वाला चोरों का यह गिरोह जनता के गुस्से का सामना नहीं कर पा रहा है. यह गिरोह जनता की नाराज़गी से डरा हुआ है, इसीलिए वे घरों में छिपे बैठे हैं. सत्ता की लड़ाई चल रही है. दिल्ली वाले गुट के कोई योजना बनाने से पहले ही लखनऊ वाले गुट ने सब कुछ अपने हाथ में ले लिया. उन्होंने कहा कि SIT क्या है?. अगर ED, CBI या इनकम टैक्स (जांच में) शामिल होते, तो जांच की कमान किसके हाथ में होती? SIT की जांच में कंट्रोल किसके पास है? सत्ता की लड़ाई चल रही है. #WATCH | Lucknow, Uttar Pradesh | On the alleged Ram Mandir donation embezzlement case, Samajwadi Party Chief Akhilesh Yadav says, “The truth is that this gang of thieves who thrive on offerings, donations, and contributions is unable to face the public outcry. This gang is… pic.twitter.com/5OQ3R2ef7n — ANI UP/Uttarakhand (@ANINewsUP) July 6, 2026 यह भी पढ़ें:आगरा डीएम का एक्शन, जिले के सभी अवैध वाटर पार्कों के संचालन पर लगाई रोक The post अयोध्या राम मंदिर ट्रस्ट की बैठक में चंपत राय का इस्तीफा मंजूर, CEO की नियुक्ति पर भी हुई चर्चा appeared first on Naya Vichar.

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रामकृष्ण मिशन और संतों पर आपत्तिजनक पोस्ट करने वाले प्रोफेसर की नियुक्ति रद्द, हाईकोर्ट ने की तल्ख टिप्पणी

खास बातें हाईकोर्ट की खंडपीठ ने सुनाया फैसला एकल पीठ के आदेश को खंडपीठ ने पलटा नियुक्ति पाना उम्मीदवार का स्पष्ट अधिकार नहीं : कोर्ट Calcutta High Court Ruling: कलकत्ता हाईकोर्ट के फैसले की 3 मुख्य बातें इन परिस्थितियों में संस्थान को नियुक्ति रद्द करने का अधिकार Calcutta High Court Ruling: कलकत्ता उच्च न्यायालय ने सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक पोस्ट करने के एक मामले में ऐतिहासिक फैसला सुनाया है. कोर्ट ने अंग्रेजी के सहायक प्राध्यापक (Assistant Professor) की नियुक्ति को रद्द करते हुए अत्यंत गंभीर टिप्पणी की. हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि हर नागरिक को अपने धर्म को मानने का मौलिक अधिकार है, लेकिन इसे किसी दूसरे व्यक्ति की आस्था या धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने की इजाजत के रूप में नहीं माना जा सकता. हाईकोर्ट की खंडपीठ ने सुनाया फैसला यह फैसला जस्टिस देवांशु बसाक और जस्टिस मोहम्मद शब्बर रशीदी की खंडपीठ ने पश्चिम बंगाल के नरेंद्रपुर स्थित रामकृष्ण मिशन आवासीय कॉलेज (Ramakrishna Mission College) की अपील याचिका पर सुनवाई के बाद दिया. एकल पीठ के आदेश को खंडपीठ ने पलटा एकल पीठ ने 4 सितंबर 2025 को तमाल दासगुप्ता को संस्थान में अंग्रेजी का सहायक प्राध्यापक नियुक्त करने का आदेश कॉलेज प्रशासन को दिया था. खंडपीठ ने एकल पीठ के इस निर्देश को खारिज (रद्द) कर दिया. खंडपीठ ने इस तथ्य को रिकॉर्ड पर लिया कि पश्चिम बंगाल महाविद्यालय सेवा आयोग (WBCSC) द्वारा दासगुप्ता के नाम की सिफारिश से पहले ही उन्होंने सोशल मीडिया पर कई विवादित पोस्ट किये थे. इन पोस्ट्स में दासगुप्ता ने अन्य धर्मों, रामकृष्ण मिशन के कामकाज और मिशन के सम्मानित संतों के बारे में आपत्तिजनक विचार व्यक्त किये थे. इसे भी पढ़ें : चुनाव आयोग को हाईकोर्ट ने लगायी फटकार, सहायक प्रोफेसर को पीठासीन अधिकारी बनाने का आदेश रद्द नियुक्ति पाना उम्मीदवार का स्पष्ट अधिकार नहीं : कोर्ट कलकत्ता हाईकोर्ट में तमाल दासगुप्ता ने दलील दी थी कि कॉलेज द्वारा उन्हें नौकरी न देने का फैसला उनकी अभिव्यक्ति की आजादी और धर्म का पालन करने के मौलिक अधिकारों (Fundamental Rights) का हनन है. उच्च न्यायालय की खंडपीठ ने इस तर्क को सिरे से खारिज कर दिया. बंगाल की समाचारें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें Calcutta High Court Ruling: कलकत्ता हाईकोर्ट के फैसले की 3 मुख्य बातें संस्थान की स्वायत्तता : पश्चिम बंगाल महाविद्यालय आयोग अधिनियम-2012 के तहत, आयोग की सिफारिश के बावजूद अंतिम नियुक्ति पत्र जारी करने या न करने का अधिकार संबंधित शिक्षण संस्थान के पास सुरक्षित है. तार्किक निर्णय : कॉलेज के शासी निकाय (Governing Body) का यह फैसला कि दासगुप्ता संस्थान के माहौल और इस गरिमामयी पद के लिए उपयुक्त नहीं हैं, पूरी तरह शैक्षणिक संस्थान के सर्वोत्तम हित में था. सोशल मीडिया पोस्ट के आधार पर लिये गये इस निर्णय को अतार्किक या मनमाना नहीं कहा जा सकता. निष्पक्षता : अदालत ने साफ किया कि चयन प्रक्रिया में शामिल होने वाले किसी भी उम्मीदवार को केवल निष्पक्ष विचार प्राप्त करने का अधिकार है, लेकिन वह नियुक्ति पाने का कोई स्पष्ट या कानूनी दावा नहीं कर सकता. इन परिस्थितियों में संस्थान को नियुक्ति रद्द करने का अधिकार हाईकोर्ट ने अंत में कॉलेज प्रशासन की कार्रवाई को सही ठहराते हुए कहा कि कोई भी संस्थान ऐसे उम्मीदवार की नियुक्ति से पूरी तरह इनकार कर सकता है, बशर्ते वह फैसला ईमानदारी से, बिना किसी व्यक्तिगत द्वेष के और संस्थान के कल्याण के लिए लिया गया हो. इसे भी पढ़ें 440 करोड़ पर किसका हक? कलकत्ता हाईकोर्ट ने बैंक से मांगी TMC के खातों की जानकारी लिव-इन रिलेशन पर कलकत्ता हाईकोर्ट का बड़ा फैसला, निचली अदालत के फैसले को किया खारिज The post रामकृष्ण मिशन और संतों पर आपत्तिजनक पोस्ट करने वाले प्रोफेसर की नियुक्ति रद्द, हाईकोर्ट ने की तल्ख टिप्पणी appeared first on Naya Vichar.

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दिल्ली को दहलाने की थी साजिश: शहजाद भट्टी नेटवर्क के टेरर और आर्म्स मॉड्यूल का भंडाफोड़; 6 गिरफ्तार

दिल्ली पुलिस स्पेशल सेल के एडिशनल CP प्रमोद सिंह कुशवाहा ने मामले की जानकारी देते हुए बताया कि गिरफ्तार किए गए आरोपी दो अलग-अलग मॉड्यूल्स के जरिए वारदातों को अंजाम दे रहे थे. स्पेशल सेल ने जिन 6 लोगों को गिरफ्तार किया है, उसमें सलमान, दानिश उर्फ चांद मियां, तैयब, अली फजल, जुबैर और मलकीत शामिल हैं. #WATCH | Delhi Police Special Cell arrested six individuals across two terror modules, seizing petrol bombs and sophisticated, cross-border weapons. Module 1 involved Salman and Danish alias Chand Miyan (linked to Hunain Rana, an associate of gangster Shahzad Bhatti), while the… https://t.co/CNtQI6whhb pic.twitter.com/1P0dcb3Jzo — ANI (@ANI) July 6, 2026 पहला टेरर मॉड्यूल यह नेटवर्क आतंकवादी गतिविधियों से जुड़ा था. पुलिस ने इस मॉड्यूल से जुड़े तीन लोगों—सलमान, दानिश उर्फ चांद मियां और एक अन्य को गिरफ्तार किया है. इन्हें विशेष रूप से पेट्रोल बम फेंकने का काम सौंपा गया था. पुलिस ने इनके पास से तीन पेट्रोल बम और एक चोरी की मोटरसाइकिल बरामद की है. इन्हें शहजाद भट्टी का करीबी साथी हुनैन राणा ऑपरेट कर रहा था. दूसरा हथियार तस्करी मॉड्यूल यह मॉड्यूल सीमा पार से लाए गए आधुनिक हथियारों की अवैध तस्करी में शामिल था. इस नेटवर्क से जुड़े लोग गैर-कानूनी गतिविधियों के लिए हथियारों को दिल्ली-पंजाब लाकर बांटते थे. #WATCH | Delhi: Delhi Police Special Cell’s Additional CP Pramod Singh Kushwaha says, “In the first module, three individuals—Salman, Danish alias Chand Miyan—were apprehended. They had been tasked with throwing petrol bombs and had arrived specifically to carry out this act.… https://t.co/CNtQI6whhb pic.twitter.com/FMt6vLGqct — ANI (@ANI) July 6, 2026 पुलिस ठिकाने और भीड़-भाड़ वाले इलाके थे निशाने पर एडिशनल CP के मुताबिक, दूसरे मॉड्यूल में शामिल आरोपियों की पहचान शाहीन बाग निवासी तैयब, उसके जीजा अली फजल (जिसका पुराना आपराधिक रिकॉर्ड रहा है), जुबैर और अमृतसर के मलकीत के रूप में हुई है. पुलिस ने इस मॉड्यूल के पास से तीन आधुनिक हथियार और कई एन्क्रिप्टेड चैट रिकॉर्ड बरामद किए हैं. शुरुआती पूछताछ में खुलासा हुआ है कि इन अपराधियों के निशाने पर पुलिस के ठिकाने और भारी भीड़-भाड़ वाले इलाके थे, जहां ये बड़ी वारदात को अंजाम देने की फिराक में थे. पुलिस फिलहाल आगे की जांच में जुटी है. ये भी पढ़ें: समंदर का नया सिकंदर INS महेंद्रगिरी! उन्नत मिसाइलों और अत्याधुनिक सेंसरों से लैस, ताकत देख कांपेंगे दुश्मन The post दिल्ली को दहलाने की थी साजिश: शहजाद भट्टी नेटवर्क के टेरर और आर्म्स मॉड्यूल का भंडाफोड़; 6 गिरफ्तार appeared first on Naya Vichar.

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बेथ मूनी ने तोड़ा विराट कोहली का रिकॉर्ड, T20 वर्ल्ड कप फाइनल में रचा इतिहास

Beth Mooney Breaks Virat Kohli Record: स्त्री टी20 वर्ल्ड कप 2026 के फाइनल में ऑस्ट्रेलिया की स्टार विकेटकीपर-बल्लेबाज बेथ मूनी ने एक और ऐतिहासिक उपलब्धि अपने नाम कर ली. लॉर्ड्स में इंग्लैंड के खिलाफ स्पोर्ट्से गए खिताबी मुकाबले में मूनी ने 49 गेंदों पर 64 रन की शानदार पारी स्पोर्ट्सी, जिसमें 10 चौके शामिल थे. उनकी इस पारी की बदौलत ऑस्ट्रेलिया ने 151 रन का लक्ष्य 17.1 ओवर में 3 विकेट खोकर हासिल कर लिया और रिकॉर्ड सातवीं बार टी20 विश्व कप का खिताब जीत लिया. फीबी लिचफील्ड के साथ दूसरे विकेट के लिए 100 रन की साझेदारी करने वाली मूनी को उनकी मैच जिताऊ पारी के लिए ‘प्लेयर ऑफ द मैच’ चुना गया. इसके अलावा उन्होंने पूरे टूर्नामेंट में शानदार प्रदर्शन के दम पर ‘प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट’ का पुरस्कार भी अपने नाम किया. बेथ मूनी ने तोड़ा विराट कोहली का रिकॉर्ड इस अर्धशतक के साथ मूनी ने हिंदुस्तान के विराट कोहली का रिकॉर्ड तोड़ दिया. वह पुरुष और स्त्री T20 वर्ल्ड कप को मिलाकर फाइनल मुकाबलों में तीन बार 50 या उससे अधिक रन बनाने वाली दुनिया की पहली खिलाड़ी बन गई हैं. इससे पहले मूनी ने 2020 स्त्री T20 वर्ल्ड कप फाइनल में हिंदुस्तान के खिलाफ नाबाद 78 रन और 2023 स्त्री T20 वर्ल्ड कप फाइनल में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ नाबाद 74 रन की पारी स्पोर्ट्सी थी. अब इंग्लैंड के खिलाफ 64 रन जोड़कर उन्होंने फाइनल में तीसरा 50+ स्कोर दर्ज किया है. T20 वर्ल्ड कप फाइनल में सबसे ज्यादा 50+ स्कोर (पुरुष और स्त्री मिलाकर) खिलाड़ी देश टूर्नामेंट मैच 50+ स्कोर बेथ मूनी ऑस्ट्रेलिया स्त्री टी20 वर्ल्ड कप 5 3 विराट कोहली हिंदुस्तान पुरुष टी20 वर्ल्ड कप 2 2 मार्लन सैमुअल्स वेस्टइंडीज पुरुष टी20 वर्ल्ड कप 2 2 कुमार संगकारा श्रीलंका पुरुष टी20 वर्ल्ड कप 3 2 मूनी ने केवल कोहली का रिकॉर्ड ही नहीं तोड़ा, बल्कि टी20 वर्ल्ड कप फाइनल में सबसे ज्यादा रन बनाने वाली बैटर भी बन गई हैं. इंग्लैंड के खिलाफ 64 रन की पारी के बाद उनके नाम फाइनल मुकाबलों में 230 रन हो गए हैं. T20 वर्ल्ड कप फाइनल में सबसे ज्यादा रन (पुरुष और स्त्री मिलाकर) खिलाड़ी देश टूर्नामेंट मैच रन बेथ मूनी ऑस्ट्रेलिया स्त्री T20 वर्ल्ड कप 5 230 मेग लैनिंग ऑस्ट्रेलिया स्त्री T20 वर्ल्ड कप 6 175 मार्लन सैमुअल्स वेस्टइंडीज पुरुष T20 वर्ल्ड कप 2 163 एलिसा हीली ऑस्ट्रेलिया स्त्री T20 वर्ल्ड कप 7 155 विराट कोहली हिंदुस्तान पुरुष T20 वर्ल्ड कप 2 153 कुमार संगकारा श्रीलंका पुरुष T20 वर्ल्ड कप 3 138 स्त्री क्रिकेट के इतिहास में किसी भी खिलाड़ी ने स्त्री टी20 वर्ल्ड कप फाइनल में एक से अधिक बार 50+ स्कोर नहीं बनाया है. ऐसे में बेथ मूनी का यह रिकॉर्ड उनकी महानता को और मजबूत करता है. ऑस्ट्रेलिया की इस बाएं हाथ की बल्लेबाज ने बड़े मुकाबलों में लगातार शानदार प्रदर्शन करके खुद को विश्व क्रिकेट की सबसे भरोसेमंद मैच विनर्स में शामिल कर लिया है. यह भी पढ़ें: टी20 वर्ल्ड चैंपियन बनते ही ऑस्ट्रेलिया पर हुई करोड़ों की बारिश, जानें कितनी मिली प्राइज मनी The post बेथ मूनी ने तोड़ा विराट कोहली का रिकॉर्ड, T20 वर्ल्ड कप फाइनल में रचा इतिहास appeared first on Naya Vichar.

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King100: हीरोइन नहीं, क्या विलेन बनकर नागार्जुन से पंगा लेंगी तब्बू? रिपोर्ट में हुआ ऐसा दावा

King100: साउथ सुपरस्टार नागार्जुन अक्किनेनी की 100वीं फिल्म ‘किंग100’ में बॉलीवुड एक्ट्रेस तब्बू भी अहम भूमिका निभा रही हैं. अब उनके किरदार को लेकर ऐसा अपडेट सामने आया है, जिसने फैंस की एक्साइटमेंट और बढ़ा दी है. आइए जानते हैं रिपोर्ट में तब्बू के किरदार को लेकर क्या दावा किया गया है. Tabu Role in King100: विलेन बन नागार्जुन से भिड़ेंगी तब्बू तब्बू और नागार्जुन, फोटो- इंस्टाग्राम Variety India की एक रिपोर्ट के अनुसार, तब्बू इस फिल्म में हीरोइन नहीं, बल्कि विलेन के रोल में नजर आ सकती हैं. अगर ऐसा होता है, तो पर्दे पर उनका सीधा मुकाबला नागार्जुन से देखने को मिलेगा. हालांकि, मेकर्स ने अभी तक इस समाचार की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है. Nagarjuna-Tabu Reunion: 28 साल बाद फिर स्क्रीन शेयर करेंगे नागार्जुन और तब्बू नागार्जुन और तब्बू की जोड़ी लंबे समय से दर्शकों की पसंदीदा रही है. दोनों आखिरी बार साल 1998 में रिलीज हुई तेलुगु फिल्म ‘आविदा मा आविडे’ में साथ नजर आए थे. इससे पहले उन्होंने साल 1996 की सुपरहिट फिल्म ‘निन्ने पेल्लादता’ में भी साथ काम किया था. अब पूरे 28 साल बाद दोनों एक बार फिर बड़े पर्दे पर साथ नजर आएंगे. Tabu Negative Roles: विलेन और ग्रे किरदार निभाने में माहिर हैं तब्बू तब्बू हमेशा से अलग और चैलेंजिंग किरदार निभाने के लिए जानी जाती हैं. उन्होंने ‘अंधाधुन’, ‘हैदर’, ‘मकबूल’ और ‘फितूर’ जैसी कई फिल्मों में ग्रे और नेगेटिव शेड वाले रोल निभाए हैं, जिन्हें दर्शकों ने खूब पसंद किया. इसके अलावा तब्बू हाल ही में अक्षय कुमार के साथ फिल्म ‘भूत बंगला’ और हॉलीवुड की एक बड़ी सीरीज ‘ड्यून: प्रोफेसी’ में भी नजर आई हैं. Nagarjuna on Tabu: नागार्जुन ने तब्बू को लेकर क्या कहा था? नागार्जुन और तब्बू, फोटो- इंस्टाग्राम कुछ समय पहले नागार्जुन ने Deccan Chronicle को दिए एक इंटरव्यू में बताया था कि उनकी और तब्बू की दोस्ती कई साल पुरानी है. उन्होंने कहा कि जब तब्बू को उनकी 100वीं फिल्म के बारे में पता चला, तो उन्होंने खुद इस फिल्म का हिस्सा बनने की इच्छा जताई थी. यही वजह है कि दोनों एक बार फिर साथ काम कर रहे हैं. यह भी पढ़ें: Drishyam 3 में तब्बू की वापसी पर निर्देशक अभिषेक पाठक ने तोड़ी चुप्पी, कहा- बहुत कुछ देखना बाकी यह भी पढ़ें: तब्बू का बड़ा कमबैक, तीन दशक बाद इस सुपरस्टार के साथ शुरू हुई शूटिंग The post King100: हीरोइन नहीं, क्या विलेन बनकर नागार्जुन से पंगा लेंगी तब्बू? रिपोर्ट में हुआ ऐसा दावा appeared first on Naya Vichar.

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यूपी कैबिनेट के अहम फैसले: पदक विजेताओं को अब मिलेगी सीधी सरकारी नौकरी, होमगार्ड्स को 5 लाख तक कैशलेस इलाज

UP Cabinet News: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में सोमवार को हुई उत्तर प्रदेश कैबिनेट बैठक में 29 प्रस्तावों पर चर्चा हुई. इनमें से 28 प्रस्तावों को मंजूरी दे दी गई, जबकि मदरसे से जुड़ा एक प्रस्ताव फिलहाल स्थगित कर दिया गया. बैठक में होमगार्ड्स के लिए कैशलेस इलाज, खिलाड़ियों की सीधी भर्ती, स्टार्टअप को बढ़ावा, पशुधन बीमा और कई नए विश्वविद्यालयों की स्थापना जैसे अहम फैसले लिए गए. होमगार्ड्स को मिलेगा 5 लाख तक कैशलेस इलाज कैबिनेट ने होमगार्ड्स और उनके आश्रितों के लिए 5 लाख तक की कैशलेस इलाज सुविधा को मंजूरी दी है. इस योजना पर राज्य प्रशासन हर साल करीब 35.50 करोड़ खर्च करेगी. पदक विजेताओं को मिलेगी सीधी प्रशासनी नौकरी ओलंपिक, एशियाई स्पोर्ट्स, स्त्री ओलंपिक और अन्य अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में पदक जीतने वाले खिलाड़ियों को अब लोक सेवा आयोग की प्रक्रिया के बिना सीधे प्रशासनी नौकरी दी जाएगी. इसके तहत क्रीड़ा अधिकारी, जिला युवा कल्याण अधिकारी और उप क्रीड़ा अधिकारी जैसे पदों पर नियुक्ति होगी. जलालाबाद का नया नाम होगा परशुरामपुरी कैबिनेट ने शाहजहांपुर जिले के जलालाबाद का नाम बदलकर परशुरामपुरी करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है. प्रशासन का कहना है कि यह स्थान भगवान परशुराम की जन्मस्थली माना जाता है. केंद्र प्रशासन से आवश्यक अनुमति मिलने के बाद यह फैसला लिया गया. स्टार्टअप और डाटा सेंटर नीति को बढ़ावा प्रदेश में स्टार्टअप को प्रोत्साहित करने के लिए नई स्टार्टअप नीति और उत्तर प्रदेश स्टार्टअप मिशन के गठन को मंजूरी दी गई. साथ ही समाप्त हो चुकी डाटा सेंटर नीति को भी दोबारा लागू कर दिया गया है. स्टार्टअप को आर्थिक सहायता देने और इन्क्यूबेशन सेंटर को अनुदान देने का भी फैसला हुआ है. पशुधन बीमा योजना को मंजूरी राज्य प्रशासन ने पशुओं के बीमा की नई योजना को मंजूरी दी है. प्राकृतिक आपदा, बीमारी या दुर्घटना से पशु की मृत्यु होने पर बीमा का लाभ मिलेगा. प्रीमियम में केंद्र, राज्य और किसान तीनों का योगदान रहेगा. नए विश्वविद्यालय और मेडिकल कॉलेज बनेंगे कैबिनेट ने कानपुर, फतेहपुर और गाजियाबाद में नए विश्वविद्यालय खोलने को मंजूरी दी है. इसके अलावा वाराणसी में ESIC मेडिकल कॉलेज और मुरादाबाद व गोरखपुर में 100-100 बेड के अस्पताल बनाने के लिए जमीन आवंटित करने का भी फैसला लिया गया. होमगार्ड्स की वर्दी भत्ते में भी बदलाव प्रशासन ने होमगार्ड्स की वर्दी और धुलाई भत्ते से जुड़े नियमों में बदलाव किया है. अब वर्दी के लिए मिलने वाली राशि सात साल की जगह हर पांच साल में दी जाएगी, जिससे उन्हें पहले की तुलना में अधिक लाभ मिलेगा. अन्य अहम फैसले बैठक में नगर निगमों के लिए बॉन्ड जारी करने, लोक सेवा आयोग के अध्यक्ष और सदस्यों की पेंशन बढ़ाने, कृषि और उद्यान विश्वविद्यालयों की स्थापना सहित कई अन्य प्रस्तावों को भी मंजूरी दी गई. प्रशासन का कहना है कि इन फैसलों से शिक्षा, स्पोर्ट्स, स्वास्थ्य, कृषि और रोजगार के क्षेत्र को बढ़ावा मिलेगा. – खुशबू कुमारी की रिपोर्ट Read Also: राम मंदिर चढ़ावा चोरी से आहत हैं ट्रस्ट अध्यक्ष गोपाल दास, बोले- दोषियों के खिलाफ होगी कड़ी कार्रवाई The post यूपी कैबिनेट के अहम फैसले: पदक विजेताओं को अब मिलेगी सीधी प्रशासनी नौकरी, होमगार्ड्स को 5 लाख तक कैशलेस इलाज appeared first on Naya Vichar.

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राजद ने कांग्रेस को दिया झटका, बांकीपुर से रेखा गुप्ता को बनाया उम्मीदवार

Bankipur By Election: बांकीपुर विधानसभा सीट के उपचुनाव के लिए आरजेडी ने अपने उम्मीदवार का ऐलान कर दिया है. पार्टी ने एक बार फिर रेखा गुप्ता पर भरोसा जताते हुए उन्हें चुनाव मैदान में उतारा है. सोमवार को आरजेडी की ओर से आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में प्रदेश अध्यक्ष मंगनी लाल मंडल ने रेखा गुप्ता के नाम की आधिकारिक घोषणा की. इससे पहले 2025 के बिहार विधानसभा चुनाव में भी पार्टी ने बांकीपुर सीट से रेखा गुप्ता को टिकट दिया था. अब उपचुनाव में भी उन्हें ही उम्मीदवार बनाया गया है. रेखा गुप्ता कांग्रेस के दावे को लगा झटका आरजेडी के इस फैसले को कांग्रेस के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है. कांग्रेस भी बांकीपुर सीट पर अपनी दावेदारी जता रही थी. पार्टी नेताओं का कहना था कि बांकीपुर कांग्रेस की परंपरागत सीट रही है. आरजेडी ने उम्मीदवार घोषित कर साफ कर दिया है कि वह इस सीट पर चुनाव अपने दम पर लड़ने की तैयारी में है. कांग्रेस प्रवक्ता असित नाथ तिवारी ने बांकीपुर को कांग्रेस की पारंपरिक सीट बताया था. कांग्रेस ने चेतावनी दी थी कि अगर गठबंधन का कोई दल बिना बात किए अपना दावा पेश कर रहा है, तो इसका मतलब है कि वे गठबंधन का सम्मान नहीं कर रहे हैं. ऐसी स्थिति में वे किसी का भी साथ देने के लिए मजबूर नहीं हैं. बिहार की ताजा समाचारों के लिए क्लिक करें Bankipur By Election: त्रिकोणीय होगा मुकाबला रेखा गुप्ता को इस सीट पर जन सुराज के सूत्रधार प्रशांत किशोर चुनौती देंगे. एनडीए की ओर से उम्मीदवार की घोषणा नहीं की गई है. इस सीट पर बीजेपी चीफ नितिन नवीन का लंबे समय तक दबदबा रहा है. ऐसे में उम्मीद जताई जा रही है कि इस बार भी यह सीट बीजेपी के खाते में जाएगी. इससे मुकाबला त्रिकोणीय होने की उम्मीद है. बांकीपुर सीट बीजेपी के नितिन नवीन के विधायक पद से इस्तीफा देने के कारण खाली हुई है. बीजेपी की तरफ से अजय आलोक, रणवीर नंदन और नील रतन घोष के नाम रेस में आगे बताए जा रहे हैं. अंतिम फैसला नितिन नवीन और अमित शाह ही लेंगे. बांकीपुर उपचुनाव के लिए अधिसूचना जारी हो चुकी है और नामांकन की प्रक्रिया शुरू हो गई है. अब सबकी नजरें इस बात पर हैं कि आखिर बीजेपी किसे अपना उम्मीदवार बनाती है. इसे भी पढ़ें: बिहार के इस जिले में 130 करोड़ की लागत से बनेगा नया बाइपास, यूपी और सबेया एयरपोर्ट जाना होगा आसान बिहार में फेल होने के कगार पर यह योजना, 10 साल में नहीं बदला हाल, प्रशासन ने मांगी अंतिम रिपोर्ट The post राजद ने कांग्रेस को दिया झटका, बांकीपुर से रेखा गुप्ता को बनाया उम्मीदवार appeared first on Naya Vichar.

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एससी-एसटी छात्रों की लग गई लॉटरी, यूपीएससी प्रीलिम्स क्रैक करने वालों को 1.5 लाख देगी झारखंड सरकार

जमशेदपुर से अशोक झा की रिपोर्ट UPSC Prelims 2026: झारखंड के होनहार युवाओं के प्रशासनिक सेवा में जाने के सपने को अब राज्य प्रशासन की वित्तीय मदद से नयी उड़ान मिलेगी. झारखंड प्रशासन ने अनुसूचित जाति (एससी) और अनुसूचित जनजाति (एसटी ) वर्ग के उन अभ्यर्थियों के लिए महत्वपूर्ण निर्णय लिया है, जिन्होंने यूपीएससी सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा 2026 में सफलता हासिल की है. झारखंड प्रशासन की मुख्यमंत्री अनुसूचित जनजाति/अनुसूचित जाति सिविल सेवा प्रोत्साहन योजना के तहत अब सफल छात्रों को मुख्य परीक्षा और साक्षात्कार की बेहतर तैयारी के लिए 1.50 लाख की एकमुश्त आर्थिक सहायता दी जाएगी. विभाग ने इसके लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू कर दी है. इसकी अंतिम तिथि 31 जुलाई 2026 (शाम 6:00 बजे तक) तय की गई है. दो बड़े बदलाव जो बदल देंगे तस्वीर प्रशासन ने इस बार योजना के नियमों में संशोधन करते हुए छात्रों के लिए दायरा काफी बड़ा कर दिया है. पहले मिलने वाली 1 लाख की सहायता राशि को अब बढ़ाकर 1.50 लाख कर दिया गया है. योजना का लाभ लेने के लिए पारिवारिक वार्षिक आय सीमा को 2.50 लाख से बढ़ाकर सीधे 8 लाख कर दिया गया है. इससे राज्य के सैकड़ों अन्य जरूरतमंद अभ्यर्थियों को लाभ मिल सकेगा. कौन-कौन उठा सकता है योजना का लाभ योजना का लाभ लेने के लिए आवेदकों को इन पैमानों पर खरा उतरना होगा. आवेदक अनिवार्य रूप से झारखंड का मूल या स्थायी निवासी हो. अभ्यर्थी ने यूपीएससी सिविल सेवा प्रीलिम्स परीक्षा 2026 पास की हो. परिवार की सभी स्रोतों से वार्षिक आय 8 लाख से कम या इसके बराबर हो. इस योजना का लाभ जीवन में सिर्फ एक बार ही उठाया जा सकता है. केंद्र या राज्य प्रशासन की किसी अन्य समान योजना का लाभ ले रहे छात्र इसके पात्र नहीं होंगे. किन दस्तावेजों की होगी जरूरत केवल ऑनलाइन सर्टिफिकेट ही मान्य होगा. आवेदन फॉर्म के साथ निम्नलिखित कागजात लगाना अनिवार्य है. ऑनलाइन जारी आवासीय (डोमिसाइल) प्रमाण-पत्र ऑनलाइन जारी जाति प्रमाण-पत्र ऑनलाइन जारी आय प्रमाण-पत्र शैक्षणिक सर्टिफिकेट्स (मैट्रिक, इंटर और ग्रेजुएशन आदि) यूपीएससी प्रीलिम्स 2026 का एडमिट कार्ड परीक्षा पास करने का प्रमाण, रिजल्ट शीट इसे भी पढ़ें: सुबह 5 बजे मोटर ऑन, 30 मिनट मेडिटेशन, UPSC टॉपर की डेली रूटीन वायरल आवेदन भेजने की प्रक्रिया इच्छुक और योग्य उम्मीदवार इस तरह आवेदन कर सकते हैं. फॉर्म डाउनलोड: सबसे पहले संबंधित विभाग की आधिकारिक वेबसाइट से आवेदन पत्र का फॉर्मेट डाउनलोड करें. हार्ड कॉपी जमा करना: फॉर्म को भरकर और दस्तावेजों को संलग्न कर इसे आदिवासी कल्याण आयुक्त कार्यालय रांची में खुद जाकर हाथों-हाथ जमा किया जा सकता है. डाक द्वारा: उम्मीदवार चाहें तो अपने आवेदन को स्पीड पोस्ट या रजिस्टर्ड डाक के माध्यम से भी उक्त कार्यालय के पते पर भेज सकते हैं. अंतिम तिथि: 31 जुलाई 2026 की शाम 6 बजे तक इसे भी पढ़ें: UPSC : ‘Tina Dabi जहां भी होती, उसी समर्पण के साथ मेहनत करती’- Khan Sir का एक्सक्लूसिव इंटरव्यू The post एससी-एसटी छात्रों की लग गई लॉटरी, यूपीएससी प्रीलिम्स क्रैक करने वालों को 1.5 लाख देगी झारखंड प्रशासन appeared first on Naya Vichar.

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Renault Kwid 2026 के बजट में आती हैं ये 5 कारें, खरीदने से पहले जरूर देखें

हिंदुस्तान में नई Renault Kwid 2026 लॉन्च हो चुकी है. इस अपडेटेड एंट्री-लेवल हैचबैक की शुरुआती एक्स-शोरूम कीमत 4.53 लाख रुपये है, जबकि इसके टॉप वेरिएंट की कीमत 5.61 लाख रुपये तक जाती है. इस बार Renault ने Kwid को सिर्फ Evolution और Climber दो वेरिएंट्स में पेश किया है. अगर आप पहली कार खरीदने की सोच रहे हैं और Renault Kwid 2026 आपको पसंद आई है, तो खरीदने से पहले इसी बजट में मिलने वाली दूसरी कारों को भी जरूर देख सकते हैं. आइए जानते हैं Renault Kwid 2026 के कुछ बेहतरीन ऑप्शन के बारे में. S-Presso इसकी शुरुआती एक्स-शोरूम कीमत 3.50 लाख रुपये है. S-Presso का लंबा, बॉक्सी मिनी-SUV जैसा डिजाइन इसे अलग लुक देता है. इसकी ऊंची सीटिंग पोजिशन और बेहतर हेडरूम की वजह से अंदर बैठने का एक्सपीरियंस काफी कम्फर्टेबल रहता है. इसमें 1.0-लीटर K-Series पेट्रोल इंजन दिया गया है. अगर आपका ज्यादातर ट्रेवल शहर के अंदर होता है, तो S-Presso एक बेस्ट ऑप्शन है. Alto K10 इसकी शुरुआती एक्स-शोरूम कीमत सिर्फ 3.70 लाख रुपये है. इसमें वही 1.0-लीटर पेट्रोल इंजन मिलता है जो S-Presso में दिया गया है, लेकिन इसकी लो-स्लंग हैचबैक डिजाइन इसे अलग लुक देती है. आज भले ही SUV का क्रेज ज्यादा हो, लेकिन छोटी फैमिली के लिए हैचबैक कारें अब भी पहली पसंद बनी हुई हैं. यह भी पढ़ें: 2026 Renault Kwid का कौन-सा वेरिएंट है पैसा वसूल? खरीदने से पहले जान लें पूरा फर्क Tata Tiago हाल ही में इसे नए अपडेट्स के साथ पेश किया गया है. इसकी शुरुआती कीमत 4.70 लाख रुपये रखी गई है. इसमें मिलने वाला 1.2-लीटर पेट्रोल इंजन बेहतर परफॉर्मेंस देता है. वहीं स्पेशियस केबिन और प्रीमियम इंटीरियर इस कार को हटकर बनाता है. अगर आप बजट में एक मजबूत, कम्फर्टेबल  और फीचर-लोडेड हैचबैक चाहते हैं, तो Tata Tiago पर जरूर नजर डाल सकते हैं. Maruti Suzuki Celerio  इसकी शुरुआती एक्स-शोरूम कीमत 4.70 लाख रुपये से शुरू होती है. जहां Renault Kwid अपने SUV जैसे लुक से ध्यान खींचती है, वहीं Celerio का सॉफ्ट और राउंडेड डिजाइन सादगी और प्रैक्टिकलिटी पर जोर देता है. Maruti Suzuki Celerio पेट्रोल वेरिएंट में करीब 25 से 26.68 kmpl तक का माइलेज देती है. Maruti Suzuki Wagon R इसका टॉल-बॉय डिजाइन कार में बैठना और बाहर निकलना बेहद आसान बना देता है. वहीं, लेगरूम और बूट स्पेस के मामले में यह Kwid से साफ तौर पर आगे नजर आती है. इसकी शुरुआती एक्स-शोरूम कीमत 4.99 लाख रुपये है, जबकि इंजन ऑप्शन में 1.0-लीटर और 1.2-लीटर पेट्रोल इंजन मौजूद हैं. यह भी पढ़ें: Hyundai Creta, Verna या i20 खरीदने का है प्लान? फटाफट देखें जुलाई में मिलने वाले ये ऑफर्स The post Renault Kwid 2026 के बजट में आती हैं ये 5 कारें, खरीदने से पहले जरूर देखें appeared first on Naya Vichar.

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समंदर का नया सिकंदर INS महेंद्रगिरी! उन्नत मिसाइलों और अत्याधुनिक सेंसरों से लैस, ताकत देख कांपेंगे दुश्मन

INS Mahendragiri: समुद्र में अब दुश्मनों को हर चाल का करारा जवाब मिलेगा. चाहे चीन हो या पाकिस्तान या फिर कोई और… हिंदुस्तानीय नौसेना की ताकत अब और बढ़ने जा रही है. अत्याधुनिक स्वदेशी स्टील्थ फ्रिगेट आईएनएस महेंद्रगिरी जल्द ही नौसेना के बेड़े में शामिल होने वाला है. अपने नाम की तरह ही यह युद्धपोत शक्ति, साहस और अडिग संकल्प का प्रतीक है. उन्नत स्टील्थ तकनीक, आधुनिक मिसाइल प्रणाली, पनडुब्बी रोधी क्षमता और अत्याधुनिक सेंसरों से लैस महेंद्रगिरी समुद्र में न सिर्फ दुश्मनों के लिए बड़ी चुनौती साबित होगा बल्कि हिंदुस्तान की समुद्री सुरक्षा को भी नई मजबूती देगा. शक्ति और दृढ़ता का प्रतीक है महेंद्रगिरी इस युद्धपोत का नाम प्रसिद्ध महेंद्रगिरी पर्वत श्रृंखला के नाम पर रखा गया है, जो शक्ति, दृढ़ता और अटूट संकल्प का प्रतीक है. यह पहला हिंदुस्तानीय नौसैनिक युद्धपोत है जिसे महेंद्रगिरी नाम दिया गया है. नौसेना को उम्मीद है कि यह पोत अपनी उत्कृष्ट सेवाओं से हिंदुस्तानीय समुद्री इतिहास में एक नई पहचान बनाएगा. महेंद्रगिरी को हिंदुस्तानीय नौसेना के युद्धपोत डिजाइन ब्यूरो (Warship Design Bureau) ने स्वदेशी रूप से डिजाइन किया है. इसका निर्माण मुंबई स्थित मजगांव डॉक शिपबिल्डर्स लिमिटेड (MDL) ने किया है. यह प्रोजेक्ट 17ए श्रेणी का छठा स्टील्थ फ्रिगेट है, जो हिंदुस्तान की आधुनिक युद्धपोत निर्माण क्षमता को दर्शाता है. The Indian Navy is set to commission its sixth Project 17A indigenous stealth frigate, Mahendragiri (F38), at Visakhapatnam on 11 Jul 26. Named after the majestic Mahendragiri mountain range in the Eastern Ghats, the frigate embodies resilience, strength and unwavering resolve.… pic.twitter.com/wLPEysikRL — ANI (@ANI) July 6, 2026 महेंद्रगिरी युद्धपोत की विशेषताएं महेंद्रगिरी को अत्याधुनिक तकनीकों से लैस किया गया है, जिससे यह हिंदुस्तानीय नौसेना के सबसे आधुनिक युद्धपोतों में शामिल हो गया है. उन्नत स्टील्थ तकनीक, जिससे रडार पर इसकी पहचान करना बेहद कठिन होता है. कम रडार सिग्नेचर, जिससे दुश्मन के रडार से बचने की क्षमता बढ़ती है. उच्च स्तर का ऑटोमेशन, जिससे संचालन अधिक सुरक्षित और प्रभावी बनता है. बेहतर सर्वाइवेबिलिटी, जो युद्ध जैसी परिस्थितियों में इसकी सुरक्षा तय करती है. आधुनिक CODOG (Combined Diesel or Gas) प्रणोदन प्रणाली (Propulsion System), जो जरूरत के अनुसार डीजल या गैस टरबाइन इंजन का उपयोग कर हाई स्पीड और लंबी दूरी तक संचालन की क्षमता प्रदान करती है. अत्याधुनिक हथियारों और सेंसरों से लैस महेंद्रगिरी को आधुनिक हथियारों और उन्नत सेंसर प्रणालियों से सुसज्जित किया गया है. इसमें सतह से सतह (Surface to Surface) मिसाइल प्रणाली लोड है. इसके अलावा सतह से हवा (Surface to Air) मिसाइल प्रणाली भी इसे और घातक बनाती है. अन्य विशेषताओं में उन्नत इलेक्ट्रॉनिक वारफेयर सिस्टम आधुनिक पनडुब्बी रोधी (Anti Submarine Warfare) प्रणाली एकीकृत युद्ध प्रबंधन प्रणाली (Integrated Combat Management System) इन प्रणालियों की मदद से यह युद्धपोत वायु, समुद्र और पानी के भीतर मौजूद खतरों का प्रभावी ढंग से मुकाबला कर सकता है. साथ ही दुश्मनों के युद्धपोत की पानी में ही समाधि बना सकता है. 75 प्रतिशत से अधिक स्वदेशी सामग्री से निर्मित महेंद्रगिरी के निर्माण में 75 प्रतिशत से अधिक स्वदेशी सामग्री का उपयोग किया गया है. यह आत्मनिर्भर हिंदुस्तान पहल का मजबूत उदाहरण है. इसके निर्माण में देशभर के अनेक उद्योगों, विशेष रूप से सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (MSMEs) ने अहम योगदान दिया है. इससे रोजगार सृजन के साथ हिंदुस्तान के रक्षा औद्योगिक आधार को भी मजबूती मिली है. हिंदुस्तानीय नौसेना की ताकत में होगा बड़ा इजाफा महेंद्रगिरी का कमीशनिंग प्रोजेक्ट 17ए कार्यक्रम की एक बड़ी उपलब्धि है. इसके नौसेना में शामिल होने से हिंदुस्तानीय नौसेना की युद्ध क्षमता, समुद्री सुरक्षा और परिचालन दक्षता में काफी इजाफा होगा. साथ ही हिंदुस्तान स्वदेशी युद्धपोत निर्माण के क्षेत्र में अपनी वैश्विक पहचान को और मजबूत करेगा. हिंद-प्रशांत क्षेत्र में निभाएगा अहम भूमिका आईएनएस महेंद्रगिरी हिंद महासागर क्षेत्र में हिंदुस्तान की समुद्री सुरक्षा को नई मजबूती देगा. यह युद्धपोत देश के समुद्री हितों की रक्षा करने के साथ-साथ हिंद-प्रशांत क्षेत्र में शांति, स्थिरता और सुरक्षा बनाए रखने में अहम भूमिका निभाएगा. अपने आदर्श वाक्य शक्तिशाली, राजसी, अद्वितीय के अनुरूप महेंद्रगिरी हिंदुस्तानीय नौसेना की नई ताकत बनकर राष्ट्र सेवा के लिए पूरी तरह तैयार है. (इनपुट- पीटीआई) Also Read: अग्निवीर को मिल सकती है खुशसमाचारीः 4 साल बाद अब 25 प्रतिशत नहीं, 50-75 प्रतिशत तक हो सकती है स्थायी नौकरी The post समंदर का नया सिकंदर INS महेंद्रगिरी! उन्नत मिसाइलों और अत्याधुनिक सेंसरों से लैस, ताकत देख कांपेंगे दुश्मन appeared first on Naya Vichar.

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