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Author name: Vinod Jha

nayavichar.com पर संपादक हैं। पटना स्थित स्वतंत्र पत्रकार और लेखक व एक दशक से अधिक का व्यापक अनुभव है। पत्रकारिता, प्रकाशन और विज्ञापन में अनुभव सभी प्रकार की सामग्री के साथ काम करने में सक्षम बनाता है: ब्लॉग पोस्ट, सोशल मीडिया सामग्री अच्छी तरह से शोध किए गए लेख और साथ ही प्रेस विज्ञप्तियाँ। यदि आप उच्च-गुणवत्ता वाली सामग्री की तलाश में हैं, तो nayavicharnews@gmail.com पर संपर्क करें। विशेषताएँ: रिपोर्टिंग, पत्रकारिता, लेखन और संचार, सोशल मीडिया

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राम मंदिर दान विवाद: चंपत राय की भूमिका पर VHP प्रमुख आलोक बोले- जांच के बाद होगा फैसला

विश्व हिंदू परिषद (VHP) के अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष आलोक कुमार ने कहा कि अयोध्या राम मंदिर में दान चोरी के मामले के लिए VHP को जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता. उन्होंने कहा कि मामले की जांच चल रही है और जांच पूरी होने के बाद ही संगठन अपने उपाध्यक्ष चंपत राय के खिलाफ किसी कार्रवाई पर विचार करेगा. चंपत राय ने SIT जांच के बाद मंदिर ट्रस्ट के महासचिव पद से इस्तीफा दे दिया है. फिलहाल VHP जांच रिपोर्ट का इंतजार कर रही है. यह बात उन्होंने हिंदुस्तान टाइम्स से बात करते हुए कही. जो कुछ हुआ वह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण : आलोक कुमार आलोक कुमार ने कहा कि जो कुछ हुआ वह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है और इससे दुनिया भर के हिंदुओं की भावनाएं आहत हुई हैं. इस मामले में किसी तरह का बचाव या बहाना बनाने का सवाल ही नहीं उठता. उन्होंने कहा कि सभी चाहते हैं कि पुलिस और एसआईटी पूरी गंभीरता से हर पहलू की जांच करे और जिन लोगों पर भी आरोप हैं, उनकी निष्पक्ष जांच हो. उन्होंने कहा कि इस मामले के लिए वीएचपी जवाबदेह नहीं है. सुप्रीम कोर्ट के फैसले के दिन ही स्पष्ट कर दिया गया था कि मंदिर निर्माण और उसके संचालन की जिम्मेदारी वीएचपी की नहीं है. विधानसभा चुनाव की वजह से मामले को दिया जा रहा तूल आगे आलोक कुमार ने कहा कि चंपत राय वीएचपी के अंतरराष्ट्रीय उपाध्यक्ष जरूर हैं, लेकिन मंदिर ट्रस्ट में महासचिव पद पर उनकी नियुक्ति वीएचपी ने नहीं की थी. इसलिए वह वहां वीएचपी का प्रतिनिधित्व नहीं करते थे और संगठन इस मामले के लिए जिम्मेदार नहीं है. उन्होंने कहा कि वीएचपी, आरएसएस और प्रधानमंत्री कार्यालय को इसमें घसीटने की कोशिशें अगले साल होने वाले विधानसभा चुनावों को ध्यान में रखकर की जा रही हैं. यह भी पढ़ें : राम मंदिर दान चोरी मामला: SIT जांच की समय-सीमा बढ़ी, 15 जुलाई तक देनी होगी रिपोर्ट उन्होंने कहा कि वीएचपी अध्यक्ष के तौर पर उन्होंने चार मांगें रखी थीं—तुरंत एफआईआर दर्ज हो, वरिष्ठ अधिकारियों से निष्पक्ष जांच कराई जाए, मामले की सुनवाई फास्ट-ट्रैक कोर्ट में रोजाना हो और दोषियों को चार-पांच महीने के भीतर सजा मिले. उन्होंने कहा कि बिना जांच पूरी हुए चंपत राय पर कार्रवाई कैसे की जा सकती है, क्योंकि अब तक उन पर कोई आरोप नहीं लगा है. The post राम मंदिर दान विवाद: चंपत राय की भूमिका पर VHP प्रमुख आलोक बोले- जांच के बाद होगा फैसला appeared first on Naya Vichar.

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हिट या मिस… अक्षय कुमार की वेलकम टू द जंगल ने छठे दिन कमाए इतने करोड़

Welcome to the Jungle Box Office Collection Day 6: बॉलीवुड एक्टर अक्षय कुमार, रवीना टंडन और सुनील शेट्टी स्टारर ‘वेलकम टू द जंगल’ बॉक्स ऑफिस पर अच्छा परफॉर्म कर रही है. 26 जून को रिलीज हुई मूवी ने वर्ल्डवाइड 100 करोड़ का आंकड़ा पार कर लिया है. Welcome to the Jungle Day 6 Collection: छठे दिन वेलकम टू द जंगल ने की इतनी कमाई सैकनिल्क की रिपोर्ट के मुताबिक, फिल्म ने रिलीज के छठे दिन भी अपनी पकड़ बनाए रखी. मूवी ने 9,850 शोज से 6.00 करोड़ नेट की कमाई अपने नाम की. अब तक फिल्म का इंडिया नेट कलेक्शन 87.50 करोड़ और इंडिया ग्रॉस 104.25 करोड़ तक पहुंच चुका है. Welcome to the jungle day 6 collection Why Sanjay Dutt Quit Welcome To The Jungle: संजय दत्त ने क्यों छोड़ी थी वेलकम टू द जंगल अहमद खान ने बताया कि वेलकम टू द जंगल में संजय दत्त भी थे, लेकिन लास्ट मिनट पर उन्होंने फिल्म छोड़नी पड़ी. अहमद खान ने न्यूज 18 संग बात करते हुए कहा, “संजू बाबा को स्क्रिप्ट बहुत पसंद आई और वो फिल्म का हिस्सा बनना चाहते थे. फिल्म में उनके कई दोस्त थे, जैकी श्रॉफ, अक्षय कुमार. वो बहुत खुश थे. हमने उनके साथ फिल्म का कुछ हिस्सा शूट भी किया, लेकिन उनकी डेट्स में दिक्कत आ गई. उन्हें अमेरिका जाना था और मैं इतने सारे कलाकारों की डेट्स आगे-पीछे नहीं कर सकता था.” Welcome to the Jungle Star Cast: वेलकम टू द जंगल में ये स्टार्स हैं मौजूद ‘वेलकम टू द जंगल‘ में सुनील शेट्टी, दिशा पटानी, जैकलीन फर्नांडीज, अरशद वारसी, जैकी श्रॉफ, परेश रावल, रवीना टंडन, लारा दत्ता, फरीदा जलाल, जॉनी लीवर, श्रेयस तलपड़े, तुषार कपूर, राजपाल यादव, कृष्णा अभिषेक, कीकू शारदा, दलेर मेहंदी, आफताब शिवदासानी, मुकेश तिवारी, यशपाल शर्मा, किरण कुमार, जाकिर हुसैन, विंदू दारा सिंह, उर्वशी रौतेला, हेमंत पांडे, बृजेंद्र काला, फिरोज खान (अर्जुन), दिवंगत पंकज धीर, पुनीत इस्सर, सुदेश बेरी, जीतू वर्मा, वृहि कोडवारा, आदित्य सिंह और भाग्य भानुशाली जैसे स्टार्स है. Welcome to the Jungle यह भी पढ़ें: Welcome to the Jungle के असली बजट से डायरेक्टर ने उठाया पर्दा, ‘वेलकम 4’ पर बोले- जॉन अब्राहम भी दिख सकते हैं यह भी पढ़ें: Welcome to the Jungle: 22 साल बाद अक्षय कुमार संग काम करने पर रवीना टंडन ने तोड़ी चुप्पी, बोलीं- वह आज भी नहीं बदले The post हिट या मिस… अक्षय कुमार की वेलकम टू द जंगल ने छठे दिन कमाए इतने करोड़ appeared first on Naya Vichar.

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भैंस का दूध या गाय का दूध, सेहत के लिए कौन-सा है ज्यादा फायदेमंद?

Cow Milk Vs Buffalo Milk Protein: हिंदुस्तानीय खानपान में दूध का विशेष महत्व है. सुबह की चाय से लेकर दही, पनीर और मिठाइयों तक, दूध कई रूपों में हमारी डाइट का हिस्सा बना रहता है. इसे कैल्शियम, प्रोटीन और कई जरूरी पोषक तत्वों का अच्छा स्रोत माना जाता है. ऐसे में अक्सर लोगों के मन में सवाल उठता है कि गाय का दूध बेहतर है या भैंस का दूध, खासकर तब जब लक्ष्य शरीर को मजबूत बनाना और प्रोटीन की मात्रा बढ़ाना हो. भैंस के दूध में होता है ज्यादा प्रोटीन हिंदुस्तानीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (ICMR) के अनुसार, भैंस के दूध में गाय के दूध की तुलना में अधिक प्रोटीन पाया जाता है. सामान्य तौर पर 100 मिलीलीटर भैंस के दूध में लगभग 4 से 4.5 ग्राम प्रोटीन होता है, जबकि इतनी ही मात्रा में गाय के दूध में करीब 3 से 3.5 ग्राम प्रोटीन मिलता है. यही वजह है कि मांसपेशियों के विकास और ज्यादा ऊर्जा की जरूरत वाले लोगों के लिए भैंस का दूध एक अच्छा विकल्प माना जाता है. कौन-सा दूध ज्यादा देर तक देता है ऊर्जा? भैंस के दूध में प्रोटीन के साथ-साथ वसा और कैल्शियम भी अधिक मात्रा में होते हैं. इसकी वजह से यह ज्यादा गाढ़ा और पौष्टिक माना जाता है. जो लोग नियमित रूप से जिम जाते हैं, स्पोर्ट्सकूद में सक्रिय रहते हैं या शारीरिक मेहनत ज्यादा करते हैं, उनके लिए यह दूध लंबे समय तक ऊर्जा देने में मदद कर सकता है. गाय का दूध क्यों माना जाता है बेहतर विकल्प? गाय का दूध हल्का और आसानी से पचने वाला माना जाता है. बच्चों, बुजुर्गों और कमजोर पाचन तंत्र वाले लोगों के लिए यह अधिक उपयुक्त विकल्प हो सकता है. इसके अलावा इसमें वसा की मात्रा अपेक्षाकृत कम होती है, जिससे यह वजन नियंत्रित रखने की कोशिश कर रहे लोगों के लिए भी अच्छा माना जाता है. शरीर की जरूरत के अनुसार करें चुनाव विशेषज्ञों का मानना है कि दूध का चुनाव केवल प्रोटीन की मात्रा देखकर नहीं करना चाहिए. व्यक्ति की उम्र, स्वास्थ्य स्थिति, पाचन क्षमता और दैनिक गतिविधियां भी इसमें महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं. यदि लक्ष्य अधिक प्रोटीन और ऊर्जा प्राप्त करना है तो भैंस का दूध बेहतर हो सकता है, जबकि हल्का और आसानी से पचने वाला विकल्प चाहने वालों के लिए गाय का दूध उपयुक्त रहेगा. रोजाना कितना दूध पीना सही? स्वस्थ वयस्कों के लिए रोजाना 1 से 2 गिलास दूध का सेवन पर्याप्त माना जाता है. हालांकि इसकी मात्रा व्यक्ति की उम्र, शारीरिक गतिविधि और कुल डाइट पर निर्भर कर सकती है. दूध पीते समय संतुलित आहार और नियमित व्यायाम का भी ध्यान रखना जरूरी है, ताकि शरीर को सभी आवश्यक पोषक तत्व सही मात्रा में मिल सकें. यह भी पढ़ें: 58 साल के अक्षय कुमार की फिटनेस देख लोग रह जाते हैं हैरान, जानिए उनका सीक्रेट The post भैंस का दूध या गाय का दूध, सेहत के लिए कौन-सा है ज्यादा फायदेमंद? appeared first on Naya Vichar.

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स्कूल असेंबली के लिए देखें 2 जुलाई की बड़ी खबरें, 5 मिनट में हो जाएगा याद 

Today School Assembly News 2 July 2026: आजकल स्कूलों में छात्रों को देश-विदेश की बड़ी समाचारें पढ़ने के लिए बोली जाती है. इस एक रूटीन से उन्हें अखबार और न्यूज से अपडेटेड रहने की आदत हो जाती है, जोकि आगे चलकर किसी भी परीक्षा में काम आती है. अगर आपके भी स्कूल में असेंबली के दौरान देश विदेश की बड़ी समाचारें पढ़ने का नियम है तो यहां हम आपको 2 जुलाई 2026 की टॉप न्यूज हेडलाइंस (Top News Headlines) बताएंगे. Today School Assembly News: देश की बड़ी समाचारें  बिहार विधान परिषद में 10 नवनिर्वाचित सदस्यों ने ली शपथ, सदन में बढ़ी नई नेतृत्वक सक्रियता बिहार विधान परिषद में सोमवार को 10 नवनिर्वाचित विधान पार्षदों ने शपथ ग्रहण की. इनमें पवन सिंह निशांत समेत कई नए सदस्य शामिल रहे. शपथ ग्रहण के साथ ही परिषद में उनकी विधायी जिम्मेदारियों की औपचारिक शुरुआत हो गई.  NEET PG परीक्षा के लिए तय हुई तारीख NEET PG परीक्षा 30 अगस्त को होगी. एडमिशन प्रक्रिया शुरू हो गई है. NBEMS ने इस संबंध में अपडेट जारी किया है. पूरी समाचार के लिए यहां पढ़ें. Today School Assembly News: स्पोर्ट्स की बड़ी समाचारें LA28 ओलंपिक में क्रिकेट की वापसी की तैयारी तेज LA28 ओलंपिक में क्रिकेट की ऐतिहासिक वापसी को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं. अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (ICC) ने एक नया वीडियो जारी कर बताया है कि क्रिकेट के आयोजन स्थान जल्द तय होगा. 2028 ओलंपिक में 128 साल बाद क्रिकेट एक बार फिर ओलंपिक का हिस्सा बनेगा. समाचार अपडेट हो रही है… यह भी पढ़ें- बदल रहा है जॉब मार्केट, इन 10 नौकरियों की रहेगी डिमांड The post स्कूल असेंबली के लिए देखें 2 जुलाई की बड़ी समाचारें, 5 मिनट में हो जाएगा याद  appeared first on Naya Vichar.

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झारखंड से ओडिशा जाने वाली ये 3 ट्रेनें कैंसिल, पढ़ें पूरी जानकारी

Train Cancelled: यदि आप अमूमन ट्रेन से यात्रा करते हैं तो यह समाचार आपके लिए खास है. जी हां…ऐसा न हो कि आप ट्रेन के आने का वेट करते रहें और ट्रेन नहीं आए. दरअसल, झारखंड के चक्रधरपुर रेल मंडल पर विकास कार्य के लिए ब्लॉक लिये जाने के कारण तीन ट्रेनें रद्द (कैंसिल) रहेंगी. ट्रेन संख्या 18175/18176 हटिया-झारसुगुड़ा-हटिया मेमू एक्सप्रेस जुलाई में पांच, नौ, 12, 16, 19, 23, 26 व 30 को रद्द रहेगी. अगस्त में दो, छह, नौ, 13, 16, 20, 23, 27 व 30, सितंबर में तीन, छह, 10, 13, 17, 20, 24 व 27, अक्टूबर में एक, चार, आठ, 11, 15, 18, 22, 25 व 29, नवंबर में एक, पांच, आठ, 12, 15 व 19 को रद्द रहेगी. वहीं, ट्रेन संख्या 58659 हटिया-राउरकेला पैसेंजर जुलाई में नौ, 11, 16, 18, 23, 25 व 30 को, अगस्त में एक, छह, आठ, 13, 15, 20, 22, 27 व 29 को, सितंबर में तीन, पांच, 10, 12, 17, 19, 24 व 26 को, अक्टूबर में एक, तीन, आठ, 10, 15, 17, 22, 24, 29 व 31 को, नवंबर में पांच, सात, 12, 14,19 व 21 को रद्द रहेगी. यह भी पढ़ें : सुल्तानगंज और जमालपुर के यात्रियों के लिए खुशसमाचारी, दिल्ली के लिए मिली एक और ट्रेन वहीं, ट्रेन संख्या 58660 राउरकेला-हटिया पैसेंजर जुलाई में 10, 12, 17, 19, 24, 26 व 31 को, अगस्त में दो, सात, नौ, 14, 16, 21, 23, 28 व 30 को, सितंबर में चार, छह, 11, 13, 18, 20, 25 व 27 को, अक्टूबर में दो, चार, नौ, 11, 16, 18, 23, 25 व 30 को और नवंबर में एक, छह, आठ, 13, 15, 20 व 22 को रद्द रहेगी. The post झारखंड से ओडिशा जाने वाली ये 3 ट्रेनें कैंसिल, पढ़ें पूरी जानकारी appeared first on Naya Vichar.

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टीएमसी का आरोप- अन्नपूर्णा भंडार भाजपा का पहला घोटाला, शुभेंदु अधिकारी ने दिया करारा जवाब

खास बातें 2.4 करोड़ में 1.1 करोड़ ही लाभार्थी क्यों बचीं : गोखले ममता को वोट देने की सजा स्त्रीओं को दे रही भाजपा : तृणमूल शुभेंदु अधिकारी बोले- फर्जीवाड़ा रोकने के लिए रद्द हुए 27 लाख आवेदन क्यों खारिज किये गये 27 लाख आवेदन लाभार्थियों की कुल संख्या 1.3 करोड़ : अधिकारी Annapurna Bhandar: पश्चिम बंगाल की हिंदुस्तानीय जनता पार्टी (भाजपा) प्रशासन की महत्वाकांक्षी अन्नपूर्णा भंडार योजना पर नेतृत्वक युद्ध छिड़ गया है. तृणमूल कांग्रेस (TMC) के पूर्व राज्यसभा सांसद साकेत गोखले ने बुधवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर एक पोस्ट के जरिये प्रशासन पर बेहद गंभीर आरोप लगाये हैं. गोखले ने दावा किया कि इस नयी योजना के तहत राज्य की लगभग 50 प्रतिशत स्त्री लाभार्थियों के नाम सूची से हटा दिये गये हैं. उन्होंने इसे पश्चिम बंगाल की भाजपा प्रशासन का ‘पहला घोटाला’ करार दिया है. 2.4 करोड़ में 1.1 करोड़ ही लाभार्थी क्यों बचीं : गोखले साकेत गोखले ने कहा कि विधानसभा चुनाव 2026 में बंगाल में स्त्री मतदाताओं की कुल संख्या 3.1 करोड़ थी. ममता बनर्जी प्रशासन की लक्ष्मी भंडार (Lakshmir Bhandar) योजना के तहत 2.4 करोड़ स्त्रीओं को लाभ मिल रहा था. अब अन्नपूर्णा भंडार योजना के तहत केवल 1.3 करोड़ लाभार्थी ही क्यों बचीं? ममता को वोट देने की सजा स्त्रीओं को दे रही भाजपा : तृणमूल गोखले ने आरोप लगाया कि 1.1 करोड़ स्त्रीओं के नाम काटकर भाजपा प्रशासन उन स्त्रीओं को ‘सजा’ दे रही है, जिन्होंने तृणमूल कांग्रेस को वोट दिया था. टीएमसी के राष्ट्रीय महासचिव डेरेक ओब्रायन ने कहा कि उनकी पार्टी जनता के हक की लड़ाई सड़क से संसद तक लड़ती रहेगी. इसे भी पढ़ें : शुभेंदु अधिकारी ने 1.10 करोड़ स्त्रीओं के खाते में ट्रांसफर किये अन्नपूर्णा भंडार के 3000-3000 रुपए Annapurna Bhandar: शुभेंदु अधिकारी बोले- फर्जीवाड़ा रोकने के लिए रद्द हुए 27 लाख आवेदन तृणमूल कांग्रेस के तीखे हमलों और आरोपों पर पलटवार करते हुए पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी (Shuvendu Adhikari) ने स्थिति स्पष्ट कर दी. मुख्यमंत्री ने कहा कि अन्नपूर्णा भंडार योजना के तहत योग्य स्त्री लाभार्थियों के खातों में सीधे नकद हस्तांतरण (Direct Benefit Transfer – DBT) की पहली किस्त जमा करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गयी है. लगभग 1.1 करोड़ खातों में राशि भेजी जा चुकी है. बंगाल की समाचारें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें क्यों खारिज किये गये 27 लाख आवेदन प्रशासन को कुल 1.6 करोड़ आवेदन प्राप्त हुए थे. गहन जांच के बाद विसंगतियों की वजह से 27 लाख आवेदन खारिज कर दिये गये. आवेदनों के खारिज होने के मुख्य कारणों में आवेदक की मृत्यु, नागरिकता और निवास संबंधी गंभीर संदेह, मतदाता सूची (Electoral Roll) से नाम का हटना और एक ही लाभार्थी के नाम पर एक से अधिक (डुप्लीकेट) बैंक खाते होना शामिल हैं. लाभार्थियों की कुल संख्या 1.3 करोड़ : अधिकारी मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि पूरी तरह वैध और स्वीकृत लाभार्थियों की वास्तविक संख्या लगभग 1.3 करोड़ है. प्रशासन का लक्ष्य पारदर्शिता सुनिश्चित करना है, ताकि राजस्व का दुरुपयोग न हो. केवल वास्तविक हिंदुस्तानीय नागरिकों व योग्य स्त्रीओं को ही योजना का सीधा लाभ मिल सके. इसे भी पढ़ें अन्नपूर्णा भंडार योजना के नये नियमों का खुलासा, क्या एक ही परिवार की 2 स्त्रीओं को मिलेंगे 3-3 हजार रुपए? बंगाल में बदला सियासी मिजाज! भाजपा की 3000 रुपए वाले ‘अन्नपूर्णा भंडार’ के फॉर्म बांट रहे ममता बनर्जी के पार्षद बंगाल की स्त्रीओं को मिलेंगे 36000 रुपए, जानिए पात्रता, जरूरी दस्तावेज और आवेदन का स्टेप-बाय-स्टेप तरीका अन्नपूर्णा भंडार का आपको मिलेगा लाभ? मोबाइल से घर बैठे ऐसे भरें फॉर्म The post टीएमसी का आरोप- अन्नपूर्णा भंडार भाजपा का पहला घोटाला, शुभेंदु अधिकारी ने दिया करारा जवाब appeared first on Naya Vichar.

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हर दिन 100 गरीबों का पेट भरने वाली काजुली विश्वास की कहानी, जानें कैसे बनीं बंगाल की ‘अन्नपूर्णा’

खास बातें बेसहारा और गरीब की मदद की मन में थी तड़प पति ने रख दी शर्त – घर को चुनो या भिखारियों को काजुली ने छोड़ दिया घर-परिवार Inspiring Story: सोने की बालियां बेचकर शुरू की ‘रसोई’ समाज से मिल रहा है समर्थन, जगायी मानवता की अलख Inspiring Story: कहते हैं कि दुनिया में सबसे बड़ा दर्द भूख का होता है. जिसने इसे बचपन में झेला हो, वह दूसरों को भूखा नहीं देख सकता. पश्चिम बंगाल के पूर्व बर्धमान जिले के कटवा (Katwa) स्टेशन पर हर दिन दिखने वाली एक स्त्री की कहानी पूरे देश के लिए मिसाल है. स्त्री का नाम है काजुली विश्वास (Kajuli Biswas). उन्हें स्थानीय लोग सम्मान से बंगाल की ‘अन्नपूर्णा’ (Annapurna) के नाम से बुलाते हैं. स्त्री से मसीहा बनने का काजुली का सफर आसान नहीं था. इसके लिए उन्हें अपने सुहाग और गृहस्थ जीवन का त्याग करना पड़ा. बेसहारा और गरीब की मदद की मन में थी तड़प साधारण गृह वधू के रूप में जीवन बिताने वाली काजुली के मन में हमेशा से गरीब और बेसहारा लोगों की मदद करने की तड़प थी. एक दिन उन्होंने बिना किसी संस्था, बिना किसी फंड या बाहरी मदद के संकल्प लिया कि वह अपने स्तर पर स्टेशन और सड़कों पर रहने वाले भूखे लोगों के लिए भोजन बनायेंगी. पति ने रख दी शर्त – घर को चुनो या भिखारियों को उन्होंने अपनी इच्छा के बारे में अपने परिवार और पति को बताया, तो उन्हें सहयोग तो नहीं मिला, एक बेहद कठिन और दर्दनाक विकल्प का सामना करना पड़ा. मीडिया रिपोर्ट्स और ‘द बेटर इंडिया’ के अनुसार, उनके पति ने उनसे कहा- या तो मेरे साथ रहकर अपनी गृहस्थी संभालो, या फिर सड़क के उन भूखे लोगों को खाना खिलाओ. बंगाल की समाचारें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें काजुली ने छोड़ दिया घर-परिवार काजुली के सामने अंधेरा छा गया. एक तरफ उनका बसा-बसाया घर था और दूसरी तरफ तड़पते हुए बेसहारा लोग. काजुली ने रोते हुए भी साहस दिखाया और अपने पति और परिवार की बजाय भूखों को चुना. उन्होंने इंसानियत की खातिर अपना घर छोड़ दिया. Inspiring Story: सोने की बालियां बेचकर शुरू की ‘रसोई’ घर छोड़ने के बाद काजुली के पास पैसे नहीं थे, लेकिन हौसला था. उन्होंने सबसे पहले अपने कानों की सोने की बालियां (Earrings) बेचीं. उन पैसों से राशन खरीदकर कटवा स्टेशन के पास बेसहारा, बुजुर्गों और अनाथ बच्चों के लिए खाना पकाना शुरू किया. शुरुआत में लोग उन्हें कौतूहल से देखते थे, लेकिन धीरे-धीरे उनकी नि:स्वार्थ सेवा ने सबका दिल जीत लिया. आज काजुली विश्वास हर दिन बिना नागा लगभग 100 से अधिक असहाय लोगों के लिए ताजा, पौष्टिक भोजन पकाती हैं और उन्हें आदरपूर्वक परोसती हैं. उनकी इस रसोई में न केवल भोजन, बल्कि मां की ममता और प्यार भी परोसा जाता है. यही वजह है कि स्टेशन पर भीख मांगने वाले और लावारिस लोग उन्हें ‘मां’ कहकर पुकारते हैं. समाज से मिल रहा है समर्थन, जगायी मानवता की अलख काजुली विश्वास की यह नि:स्वार्थ कहानी जैसे-जैसे सोशल मीडिया और समाचार माध्यमों के जरिये लोगों तक पहुंची, समाज का नजरिया भी बदलने लगा. खुद बेघर होकर दूसरों का सहारा बनने वाली इस स्त्री की मदद के लिए अब कई स्थानीय लोग और राहगीर भी स्वेच्छा से राशन और आर्थिक मदद दे रहे हैं. काजुली की कहानी साबित करती है कि वास्तविक सफलता और जीवन की सार्थकता भौतिक धन-दौलत या आलीशान महलों में नहीं, बल्कि किसी भूखे के चेहरे पर आने वाली तृप्ति की मुस्कान में छिपी है. The post हर दिन 100 गरीबों का पेट भरने वाली काजुली विश्वास की कहानी, जानें कैसे बनीं बंगाल की ‘अन्नपूर्णा’ appeared first on Naya Vichar.

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190 रनों का स्कोर हुआ बेकार, बारिश की भेंट चढ़ा भारत-इंग्लैंड टी20 मुकाबला

India vs England: टॉस गंवाने के बाद हिंदुस्तानीय टीम की शुरुआत बेहद निराशाजनक रही, क्योंकि महज 6 रनों के स्कोर पर संजू सैमसन और ईशान किशन के आउट होकर पवेलियन लौटने से टीम भारी दबाव में थी. संकट की इस घड़ी में अभिषेक शर्मा ने मोर्चा संभालते हुए अपनी आक्रामक बल्लेबाजी से मैच का रुख मोड़ दिया. उन्होंने मात्र 59 रनों की तूफानी पारी के दौरान 6 चौके और 4 छक्के जड़कर इंग्लिश गेंदबाजों के मंसूबों पर पानी फेर दिया. View this post on Instagram A post shared by Team India (@indiancricketteam) अय्यर और दुबे की आतिशी बल्लेबाजी से संभली टीम इंडिया अभिषेक के जाने के बाद कप्तान श्रेयस अय्यर ने कमान संभाली और 47 गेंदों में 68 रनों की बेहद संयमित और जिम्मेदारी भरी पारी स्पोर्ट्सकर टीम को स्थिरता प्रदान की. अंत में शिवम दुबे ने अपनी आक्रामक शैली का परिचय देते हुए मात्र 21 गेंदों में 42 रनों की महत्वपूर्ण पारी स्पोर्ट्सी, जिसकी बदौलत टीम इंडिया चुनौतीपूर्ण 189 रनों के स्कोर तक पहुँचने में सफल रही. हिंदुस्तान का ‘अनलकी’ वेन्यू चेस्टर ली स्ट्रीट के मैदान और टीम इंडिया का रिश्ता किसी अजीब ‘अशुभ संयोग’ से कम नहीं है, जहाँ हिंदुस्तानीय टीम की जीत की हर कोशिश बारिश की भेंट चढ़ जाती है. पिछले 24 वर्षों में हिंदुस्तान ने इस मैदान पर तीन अंतरराष्ट्रीय मैच स्पोर्ट्से हैं और तीनों ही बार परिणाम का निकलना असंभव रहा है. इसकी शुरुआत 2002 में इंग्लैंड के खिलाफ वनडे मैच से हुई थी, जो पूरा नहीं हो सका. इसके बाद 2011 के वनडे मुकाबले में भी मौसम ने ऐसा ही खलल डाला, और अब 2026 में जब टीम इंडिया पहली बार इस मैदान पर टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच स्पोर्ट्सने उतरी, तो इतिहास ने खुद को फिर से दोहराया और मुकाबला बिना किसी नतीजे के रद्द हो गया. तीन अलग-अलग दशकों और अलग-अलग फॉर्मेट में एक जैसा हश्र होने से अब यह मैदान टीम इंडिया के लिए एक ‘बुरे सपने’ जैसा बन गया है. जहाँ खिलाड़ियों की मेहनत और प्रशंसकों का उत्साह मैदान पर तो दिखता है, लेकिन अंत में केवल मायूसी हाथ लगती है. बारिश ने छीना मैच का रोमांच हिंदुस्तानीय पारी के अंतिम ओवरों में ही आसमान में काले बादलों का डेरा जम गया था, जिससे स्पोर्ट्स के भविष्य पर संकट के बादल मंडराने लगे। पहली पारी तो जैसे-तैसे पूरी हो गई. लेकिन जैसे ही इंग्लैंड की टीम 190 रनों के चुनौतीपूर्ण लक्ष्य का पीछा करने के लिए मैदान में उतरने की तैयारी कर रही थी, बारिश ने अपना विकराल रूप धारण कर लिया. करीब एक घंटे तक चले लंबे इंतजार के दौरान उम्मीद और मायूसी का दौर चलता रहा, लेकिन जब मौसम के मिजाज में कोई सुधार नहीं दिखा, तो मैच रेफरी ने अंत में स्पोर्ट्स को आगे न बढ़ाने का सख्त फैसला लिया. मैदान पर मौजूद दोनों टीमों के खिलाड़ियों ने एक-दूसरे से हाथ मिलाया और इसी के साथ इस रोमांचक मुकाबले के रद्द होने पर आधिकारिक मुहर लग गई. टीम इंडिया को बारिश ने फिर किया मायूस आयरलैंड के खिलाफ 2-0 की सीरीज हार से आहत हिंदुस्तानीय टीम के लिए यह मुकाबला वापसी का एक सुनहरा मौका था. श्रेयस अय्यर की कप्तानी में टीम इंडिया जिस लय में बल्लेबाजी कर रही थी, उसे देखकर साफ लग रहा था कि जीत अब महज कुछ ही कदम दूर है और खिलाड़ी अपनी पहली जीत का स्वाद चखने के लिए पूरी तरह तैयार थे. लेकिन कुदरत को कुछ और ही मंजूर था और बारिश ने प्रशंसकों की तमाम उम्मीदों और टीम के जोश पर पानी फेर दिया. मैच रद्द होने से एक बार फिर जीत का इंतजार बढ़ गया है, और अब सबकी निगाहें सीरीज के अगले मुकाबले पर टिकी हैं, जहाँ दोनों टीमें एक बार फिर मैदान पर अपनी किस्मत और हुनर को आजमाने उतरेंगी. इसे भी पढ़े- IND vs ENG: अभिषेक-अय्यर की फिफ्टी, हिंदुस्तान ने इंग्लैंड को दिया 190 रन का टारगेट The post 190 रनों का स्कोर हुआ बेकार, बारिश की भेंट चढ़ा हिंदुस्तान-इंग्लैंड टी20 मुकाबला appeared first on Naya Vichar.

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अपनी जन्मभूमि नहीं, पूर्वजों के देश के लिए खेल रहे 290 फुटबॉलर; फ्रांस-नीदरलैंड बने ‘टैलेंट फैक्ट्री’

FIFA World Cup 2026: फीफा वर्ल्ड कप 2026 सिर्फ देशों के बीच फुटबॉल की जंग नहीं है, बल्कि यह प्रवास, पहचान और पारिवारिक जड़ों की भी कहानी बयां कर रहा है. टूर्नामेंट में हिस्सा ले रहे 1,248 खिलाड़ियों में से करीब 290 ऐसे हैं, जिनका जन्म उस देश में नहीं हुआ है, जिसकी राष्ट्रीय टीम का वे प्रतिनिधित्व कर रहे हैं. यानी विश्व कप का लगभग हर चौथा खिलाड़ी अपनी जन्मभूमि नहीं, बल्कि अपने पूर्वजों या दोहरी नागरिकता वाले देश के लिए स्पोर्ट्स रहा है. फ्रांस और नीदरलैंड बने दुनिया की ‘फुटबॉल फैक्ट्री’ इस वैश्विक ट्रेंड में फ्रांस और नीदरलैंड सबसे आगे हैं. फ्रांस में जन्मे 75 खिलाड़ी और नीदरलैंड में जन्मे 42 खिलाड़ी इस वर्ल्ड कप में दूसरे देशों का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं. इसके बाद जर्मनी (23), इंग्लैंड (21), बेल्जियम (11), स्पेन (11) और स्वीडन (10) का नंबर आता है. इन देशों की मजबूत फुटबॉल अकादमियां और युवा विकास प्रणाली दुनिया भर के खिलाड़ियों को तैयार करती हैं. कई खिलाड़ी राष्ट्रीय टीम में जगह नहीं बना पाते, लेकिन अपने पारिवारिक मूल वाले देशों के लिए स्पोर्ट्सने का विकल्प चुन लेते हैं. क्यूरासाओ और डीआर कांगो में सबसे ज्यादा प्रवासी खिलाड़ी इस वर्ल्ड कप में क्यूरासाओ और डीआर कांगो की टीमें प्रवासी खिलाड़ियों की सबसे बड़ी मिसाल हैं. क्यूरासाओ की पूरी टीम नीदरलैंड में जन्मे खिलाड़ियों से बनी है. वहीं डीआर कांगो के 20 खिलाड़ी फ्रांस, बेल्जियम, इंग्लैंड और स्विट्जरलैंड में जन्मे हैं. मोरक्को के 19, हैती के 16, अल्जीरिया के 15 और केप वर्दे के 13 खिलाड़ी भी प्रवासी परिवारों से आते हैं. यही वजह है कि इन टीमों ने विश्व फुटबॉल में अपनी अलग पहचान बनाई है. हिंदुस्तानीय मूल के 4 खिलाड़ी भी स्पोर्ट्स रहे वर्ल्ड कप हिंदुस्तान की टीम भले ही फीफा वर्ल्ड कप 2026 में जगह नहीं बना सकी, लेकिन हिंदुस्तानीय मूल के चार खिलाड़ी अलग-अलग देशों की ओर से मैदान में उतर रहे हैं. इनमें न्यूजीलैंड के सरप्रीत सिंह, ऑस्ट्रेलिया के निशान वेलुपिल्लै, डीआर कांगो के सैमुअल मूटूसामी और कतर के तहसीन मोहम्मद जमशीद शामिल हैं. आखिर क्यों बढ़ रही है यह प्रवृत्ति? फीफा के नियम खिलाड़ियों को यह अनुमति देते हैं कि यदि उनके माता-पिता, दादा-दादी या पारिवारिक जड़ें किसी दूसरे देश से जुड़ी हैं, तो वे उस देश की राष्ट्रीय टीम के लिए स्पोर्ट्स सकते हैं. फ्रांस और नीदरलैंड का अफ्रीका, कैरेबियन और एशिया के कई देशों पर पहले शासन था. इसी वजह से उन देशों के लाखों लोग 20वीं सदी में बेहतर जीवन और रोजगार की तलाश में यूरोप जाकर बस गए. उनके शिशु फ्रांस और नीदरलैंड में पैदा हुए, वहीं फुटबॉल सीखी और बड़े हुए. बाद में इनमें से कई खिलाड़ियों ने अपने जन्म के देश की बजाय अपने माता-पिता या पूर्वजों के देश की राष्ट्रीय टीम के लिए स्पोर्ट्सना चुना. यह भी पढ़ें: रांची को पहली बार मिली डूरंड कप की मेजबानी, बिरसा मुंडा स्टेडियम में स्पोर्ट्से जाएंगे 16 मुकाबले The post अपनी जन्मभूमि नहीं, पूर्वजों के देश के लिए स्पोर्ट्स रहे 290 फुटबॉलर; फ्रांस-नीदरलैंड बने ‘टैलेंट फैक्ट्री’ appeared first on Naya Vichar.

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2 जुलाई की टॉप 20 खबरें: मेटा को सरकार का नोटिस, महुआ मोईत्रा पर फेंके गए अंडे, ट्रंप ने ईरान को फिर दी धमकी

1. WhatsApp के नए ‘यूजरनेम’ फीचर पर प्रशासन की रोक: मेटा को थमाया नोटिस, पूछा- क्यों न की जाए कार्रवाई? WhatsApp Usernames Feature: केंद्र प्रशासन ने हिंदुस्तान में WhatsApp पर यूजरनेम फीचर के रोल-आउट के संबंध में मेटा को नोटिस जारी किया है. यहां पढ़ें पूरी रिपोर्ट 2. इजराइल की दो टूक: ईरान पर भरोसा खतरनाक, हिंदुस्तान भी रहे अलर्ट Israel’s Deputy Foreign Minister : इजराइल की डिप्टी विदेश मंत्री ने कहा कि ईरान पर भरोसा करना मुश्किल है. उन्होंने कहा कि हिंदुस्तान समेत सभी लोकतांत्रिक देशों को सतर्क रहना चाहिए. उन्होंने अमेरिका-ईरान वार्ता पर भी संदेह जताया है. हिंदुस्तान फिलहाल ईरान और इजराइल दोनों के साथ संतुलित संबंध बनाए रखते हुए स्वतंत्र विदेश नीति पर कायम है. यहां पढ़ें पूरी रिपोर्ट 3. ट्रंप के तीखे तेवर: 3 रातों तक ईरान पर किए हमले, कहा- नहीं बनाने देंगे परमाणु बम US Iran War: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मीडिया ईस्ट में जारी तनाव के बीच एक नया दावा कर दिया है. उन्होंने कहा- ईरान को परमाणु हथियारों से दूर रखने (परमाणु निरस्त्रीकरण) की उनकी कोशिशें सही दिशा में आगे बढ़ रही हैं. ट्रंप के मुताबिक, हाल ही में की गई सैन्य कार्रवाई के बाद अब स्थितियां सुधर रही हैं. यहां पढ़ें पूरी रिपोर्ट 4. हिंदुस्तान पहुंचीं जापानी पीएम तकाइची; पीएम मोदी संग शिखर सम्मेलन में होंगी शामिल Japanese PM India Visit: जापान की प्रधानमंत्री सनाए तकाइची बुधवार को तीन दिवसीय आधिकारिक दौरे पर हिंदुस्तान पहुंचीं. नई दिल्ली के पालम टेक्निकल एयरपोर्ट पर केंद्रीय मंत्री डॉ जितेंद्र सिंह ने हिंदुस्तान प्रशासन की ओर से जापानी प्रधानमंत्री का गर्मजोशी से स्वागत किया. यहां पढ़ें पूरी रिपोर्ट 5. अभिषेक बनर्जी के बाद महुआ मोईत्रा पर फेंके अंडे और सड़े बैंगन, टीएमसी सांसद ने शेयर किया Video Mahua Moitra TMC Attacked with Eggs: पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस के नेताओं पर अंडे का हमला जारी है. इस बार निशाना बनी हैं स्त्री सांसद महुआ मोईत्रा. महुआ ने इसका वीडियो शेयर कर हिंदुस्तानीय जनता पार्टी और सीआरपीएफ पर हमला बोला है. पढ़ें पूरी रिपोर्ट. यहां पढ़ें पूरी रिपोर्ट 6. अभिषेक बनर्जी की नयी मुसीबत ‘सेवाश्रय’, विष्णुपुर थाने में दर्ज हुआ केस, जानें पूरा मामला Abhishek Banerjee in Trouble: डायमंड हार्बर के सांसद और बंगाल की पूर्व चीफ मिनिस्टर ममता बनर्जी के भतीजे अभिषेक बनर्जी के लिए उनकी महत्वाकांक्षी योजना ‘सेवाश्रय’ मुसीबत लेकर आयी है. विष्णुपुर थाने में टीएमसी सांसद के खिलाफ केस दर्ज हुआ है. जानें क्या है पूरा मामला. यहां पढ़ें पूरी रिपोर्ट 7. बिहार में 5 नए केंद्रीय विद्यालय खुलेंगे, 31 बस स्टैंड होंगे हाईटेक, सम्राट कैबिनेट में 29 एजेंडों पर मुहर Bihar Cabinet Decision: बिहार कैबिनेट की बैठक में बुधवार को 29 फैसलों पर मुहर लगी. प्रशासन ने 5 नए केंद्रीय विद्यालयों की स्थापना, 31 बस स्टैंडों के आधुनिकीकरण, 1100 श्रद्धालुओं के लिए विशेष सोमनाथ यात्रा और बक्सर के भगवान वामन मंदिर के विकास को मंजूरी दी. यहां पढ़ें पूरी रिपोर्ट 8. पवन सिंह, निशांत समेत 10 सदस्यों ने ली MLC पद की शपथ, 20 दिन पहले हुए थे निर्विरोध निर्वाचित Bihar MLC Oath Ceremony: बिहार विधान परिषद के नवनिर्वाचित पवन सिंह, निशांत समेत 10 सदस्यों ने पद और गोपनीयता की शपथ ली. समारोह में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव समेत सत्ता और विपक्ष के कई बड़े नेता मौजूद रहे. यहां पढ़ें पूरी रिपोर्ट 9. राम मंदिर दान चोरी मामला: SIT जांच की समय-सीमा बढ़ी, 15 जुलाई तक देनी होगी रिपोर्ट Ram Mandir Donation Case: अयोध्या राम मंदिर दान प्रकरण की जांच कर रही SIT को योगी प्रशासन ने अतिरिक्त समय दिया है. अब टीम 15 जुलाई तक अपनी विस्तृत रिपोर्ट सौंपेगी और सभी पहलुओं की जांच करेगी. यहां पढ़ें पूरी रिपोर्ट 10. हिमांशु सिंह हत्याकांड के मुख्य आरोपी विश्वनाथ मंडल पर दो लाख का इनाम, सूचना देने वाले की पहचान रहेगी गुप्त Himanshu Murder Case: जमशेदपुर के हिमांशु सिंह हत्याकांड में फरार मुख्य आरोपी विश्वनाथ मंडल उर्फ बोदरा की गिरफ्तारी पर पुलिस ने दो लाख रुपये का इनाम घोषित किया है. सूचना देने वाले की पहचान गोपनीय रखी जाएगी. पुलिस ने कई हेल्पलाइन नंबर जारी कर आम लोगों से सहयोग की अपील की है. यहां पढ़ें पूरी रिपोर्ट 11. रांची को पहली बार मिली डूरंड कप की मेजबानी, बिरसा मुंडा स्टेडियम में स्पोर्ट्से जाएंगे 16 मुकाबले डूरंड कप 2026 में पहली बार रांची को मेजबानी का मौका मिला है. बिरसा मुंडा स्टेडियम में 26 जुलाई से 16 अगस्त तक लीग मैचों के साथ एक क्वार्टर फाइनल भी स्पोर्ट्सा जाएगा, जहां जमशेदपुर एफसी समेत कई बड़ी टीमें एक्शन में नजर आएंगी. यहां पढ़ें पूरी रिपोर्ट 12. टी20 रैंकिंग: अभिषेक शर्मा की बादशाहत खत्म, बिहार के लाल के सिर सजा नंबर-1 का ताज आईसीसी की ताजा टी20 रैंकिंग में ईशान किशन ने अभिषेक शर्मा को पछाड़कर नंबर-1 स्थान हासिल कर लिया है. न्यूजीलैंड सीरीज और टी20 विश्व कप में शानदार प्रदर्शन का उन्हें फायदा मिला. वहीं टेस्ट में ट्रेविस हेड और वनडे में डेरिल मिचेल शीर्ष पर बने हुए हैं. यहां पढ़ें पूरी रिपोर्ट 13. मैक्सिको की जीत का जश्न बना मातम, वर्ल्ड कप सेलिब्रेशन के दौरान 2 फैंस की मौत फीफा वर्ल्ड कप 2026 में इक्वाडोर पर मैक्सिको की ऐतिहासिक जीत के बाद जश्न के दौरान हादसा हो गया. मेक्सिको सिटी में हजारों प्रशंसकों की भीड़ के बीच दम घुटने से एक 44 वर्षीय पुरुष और 19 वर्षीय युवती की मौत हो गई. यह घटना उस समय हुई जब 40 साल बाद मिली नॉकआउट जीत का जश्न मनाया जा रहा था. यहां पढ़ें पूरी रिपोर्ट 14. केतन अग्रवाल की मौत पर मजाक उड़ाना पड़ा भारी, AIDSA ने डॉ मुस्कान को 5 साल के लिए किया निलंबित Ketan Agrawal Death Case: केतन अग्रवाल की मौत के बाद सोशल मीडिया पर डॉ. मुस्कान सोनी की एक विवादित पोस्ट ने उनकी मुश्किलें बढ़ा दी है. ऑल इंडिया डेंटल स्टूडेंट्स एंड सर्जन्स एसोसिएशन (AIDSA) ने पोस्ट पर कार्रवाई करते हुए उन्हें पांच साल के लिए निलंबित कर दिया है. यहां पढ़ें पूरी रिपोर्ट 15. 2028 से केवल इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर रजिस्ट्रेशन, सब्सिडी और टैक्स छूट के साथ दिल्ली की नई EV नीति लागू दिल्ली प्रशासन ने नई EV Policy 2026 लागू कर दी है. इलेक्ट्रिक कारों पर रोड टैक्स और रजिस्ट्रेशन शुल्क में छूट,

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