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Author name: Vinod Jha

nayavichar.com पर संपादक हैं। पटना स्थित स्वतंत्र पत्रकार और लेखक व एक दशक से अधिक का व्यापक अनुभव है। पत्रकारिता, प्रकाशन और विज्ञापन में अनुभव सभी प्रकार की सामग्री के साथ काम करने में सक्षम बनाता है: ब्लॉग पोस्ट, सोशल मीडिया सामग्री अच्छी तरह से शोध किए गए लेख और साथ ही प्रेस विज्ञप्तियाँ। यदि आप उच्च-गुणवत्ता वाली सामग्री की तलाश में हैं, तो nayavicharnews@gmail.com पर संपर्क करें। विशेषताएँ: रिपोर्टिंग, पत्रकारिता, लेखन और संचार, सोशल मीडिया

बिहार, समस्तीपुर

होली के दौरान यात्रियों की संख्या और आय में उल्लेखनीय वृद्धि, बेहतर भीड़ प्रबंधन का सकारात्मक परिणाम

नया विचार न्यूज समस्तीपुर: होली पर्व के अवसर पर समस्तीपुर मंडल द्वारा यात्रियों की सुविधा, भीड़ नियंत्रण तथा टिकट उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए विशेष प्रबंध किए गए। इन व्यवस्थाओं के परिणामस्वरूप इस वर्ष यात्रियों की संख्या तथा रेलवे आय में पिछले वर्ष की तुलना में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार पिछले वर्ष 15 मार्च से 20 मार्च (होली अवधि) 2025 के बीच PRS (आरक्षित टिकट) से कुल 1,55,519 यात्री यात्रा पर गए, जिससे लगभग ₹13,33,13,310 की आय हुई। Non-PRS (अनारक्षित टिकट) से कुल 9,31,568 यात्री यात्रा पर गए, जिससे लगभग ₹7,03,58,360 की आय प्राप्त हुई। इस प्रकार पिछले वर्ष इन छह दिनों में कुल 10,87,087 यात्रियों ने यात्रा की तथा ₹20,36,71,670 की कुल आय प्राप्त हुई। वहीं वर्तमान वर्ष 05 मार्च से 10 मार्च (होली अवधि) 2026 के बीच PRS (आरक्षित टिकट) से कुल 2,02,579 यात्री यात्रा पर गए, जिससे लगभग ₹18,23,07,878 की आय हुई। Non-PRS (अनारक्षित टिकट) से कुल 10,95,236 यात्री यात्रा पर गए, जिससे लगभग ₹10,18,64,138 की आय प्राप्त हुई। इस प्रकार इस वर्ष इन छह दिनों में कुल 12,97,815 यात्रियों ने यात्रा की तथा ₹28,41,72,016 की कुल आय प्राप्त हुई। पिछले वर्ष की तुलना में वृद्धि PRS यात्रियों की संख्या में 47,060 की वृद्धि (लगभग 30.26%) PRS आय में ₹4,89,94,568 की वृद्धि (लगभग 36.75%) Non-PRS यात्रियों की संख्या में 1,63,668 की वृद्धि (लगभग 17.57%) Non-PRS आय में ₹3,15,05,778 की वृद्धि (लगभग 44.78%) समग्र रूप से देखा जाए तो कुल यात्रियों की संख्या में 2,10,728 की वृद्धि (लगभग 19.38%) दर्ज की गई तथा कुल आय में ₹8,05,00,346 की वृद्धि (लगभग 39.52%) दर्ज की गई। होली के दौरान बढ़ी हुई भीड़ को ध्यान में रखते हुए समस्तीपुर मंडल द्वारा सभी महत्वपूर्ण स्टेशनों पर विशेष भीड़ नियंत्रण व्यवस्था, अतिरिक्त टिकट काउंटरों की स्थापना, अनारक्षित टिकटों की सुचारु उपलब्धता, प्लेटफॉर्म प्रबंधन तथा यात्रियों के सुरक्षित आवागमन के लिए विशेष निगरानी की व्यवस्था की गई थी। मंडल के रेलवे अधिकारियों एवं कर्मचारियों की समन्वित कार्यशैली एवं प्रयासों के कारण यात्रियों को सुगम टिकट उपलब्धता तथा सुरक्षित एवं व्यवस्थित यात्रा सुनिश्चित हो सकी।

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पटना में शाहरुख खान बने ईशान किशन, घर के बाहर लगी फैंस की भीड़

Highlights शाहरुख खान के अंदाज में किया अभिवादन  एयरपोर्ट पर भी हुआ था जोरदार स्वागत  वकील अजय ठाकुर के घर गए थे ईशान  कड़ी मेहनत से मिलती है बड़ी सफलता  Ishan Kishan Viral Video: टी20 वर्ल्ड कप जीतने के बाद ईशान किशन बिहार की राजधानी पटना पहुंचे. पटना में उनके चाहने वालों ने उनका बहुत ही शानदार तरीके से स्वागत किया. ईशान का एक वीडियो सामने आया है जिसमें वह एक घर की बालकनी से लोगों को हाथ हिलाकर अपना प्यार दे रहे हैं. यह नजारा बिल्कुल किसी बड़े सुपरस्टार के स्वागत जैसा लग रहा था. शाहरुख खान के अंदाज में किया अभिवादन  ईशान पटना में अपने एक करीबी रिश्तेदार के घर गए थे. जैसे ही आसपास के लोगों को यह जानकारी मिली कि विश्व चैंपियन खिलाड़ी उनके इलाके में मौजूद है, देखते ही देखते घर के बाहर भारी संख्या में लोग जमा हो गए. हजारों युवा और बड़े अपने हीरो की एक झलक पाने के लिए बेताब थे. ईशान ने भी बाहर खड़े लोगों को निराश नहीं किया. उन्होंने बॉलीवुड स्टार शाहरुख खान की तरह घर के ऊपर से हाथ हिलाकर सभी का अभिवादन स्वीकार किया. उन्हें सामने देखकर वहां मौजूद लोग जोर-जोर से उनका नाम पुकारने लगे. ईशान किशन के पटना वाले घर के बाहर समर्थकों की भीड़,ईशान ने सबका अभिवादन स्वीकार किया!#IshanKishan #Patna pic.twitter.com/LYPaEsoj5Q — SOURAV RAJ (@souravreporter2) March 10, 2026 एयरपोर्ट पर भी हुआ था जोरदार स्वागत  इससे पहले जब यह विकेटकीपर बल्लेबाज पटना एयरपोर्ट पर उतरा था, तब भी वहां बहुत सारे लोग मौजूद थे. ईशान के साथ उनके पिता प्रणव पांडे भी नजर आए. एयरपोर्ट पर भी फैंस ने उनका गर्मजोशी के साथ स्वागत किया. लोगों के बीच अपने राज्य के खिलाड़ी को लेकर गजब का उत्साह देखने को मिला. ईशान ने हाथ जोड़कर और मुस्कुराकर एयरपोर्ट पर मौजूद सभी लोगों का शुक्रिया अदा किया. वकील अजय ठाकुर के घर गए थे ईशान  जानकारी के लिए बता दें कि ईशान किशन पटना हाई कोर्ट के जाने-माने वकील अजय ठाकुर के घर पहुंचे थे. अजय ठाकुर ईशान के रिश्तेदार लगते हैं. हाल ही में अजय ठाकुर के बेटे की एक हादसे में जान चली गई थी. ईशान इसी दुखद घटना के बाद उनके परिवार से मिलने और ढांढस बंधाने गए थे. जब वह घर के अंदर परिवार के साथ थे, उसी समय बाहर सड़क पर उनके चाहने वालों का बड़ा हुजूम लग गया था. कड़ी मेहनत से मिलती है बड़ी सफलता  पटना एयरपोर्ट पर पत्रकारों से बात करते हुए ईशान ने अपने भविष्य और युवाओं को लेकर बड़ी बात कही. उन्होंने कहा कि वर्ल्ड कप की जीत केवल खिलाड़ियों की नहीं बल्कि पूरे हिंदुस्तान की जीत है. उन्होंने आगे कहा कि मेरा हमेशा यही प्रयास रहता है कि मैं अपने स्पोर्ट्स से देश के युवाओं को प्रेरित कर सकूं. वह चाहते हैं कि छोटे शहरों और गांवों से भी ज्यादा से ज्यादा अच्छे खिलाड़ी निकल कर आएं. ईशान ने यह भी कहा कि हमारी जीत यह साबित करती है कि अगर आप सच्ची लगन और मेहनत करते हैं, तो आप किसी भी जगह से आकर दुनिया में अपनी पहचान बना सकते हैं. ये भी पढ़ें- तू किस टीम से स्पोर्ट्स रहा था, बन्ना और वैभव का मिलन टाटा की फैन है ईशान की ‘दुल्हनिया’, कम ही लोग उन्हें ऐसे बोलते हुए सुने होंगे RR से जुड़े रवींद्र जडेजा, कुछ इस अंदाज में हुई ‘बन्ना’ की एंट्री, देखें वीडियो The post पटना में शाहरुख खान बने ईशान किशन, घर के बाहर लगी फैंस की भीड़ appeared first on Naya Vichar.

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गुमराह कर रही सरकार… LPG गैस संकट पर कांग्रेस ने लगाया आरोप, प्रियंका गांधी बोलीं- जनता कब तक सहेगी?

Parliament Session LPG Shortage: ईरान युद्ध की वजह से देश में एलपीजी गैस की कथित कमी को लेकर कांग्रेस ने केंद्र प्रशासन पर हमला बोला है. बुधवार को बजट सेशन के दूसरे सत्र के तीसरे दिन कांग्रेस सांसदों ने देशभर में व्यावसायिक एलपीजी सिलेंडर की कमी को लेकर संसद परिसर में विरोध प्रदर्शन किया. इस प्रदर्शन में कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा भी शामिल हुईं. विपक्षी सांसदों ने प्रदर्शन के दौरान ‘पीएम समझौता कर चुके हैं’ लिखे बैनर भी उठाए. प्रदर्शन के दौरान सांसद के. सुरेश ने आरोप लगाया कि प्रशासन देश में वास्तविक स्थिति को उजागर नहीं कर रही है. कांग्रेस सांसद के.सी. वेणुगोपाल ने कहा कि एलपीजी गैस की कमी पर प्रशासन देश की जनता से झूठ बोल रही है. वहीं, कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी ने भी गैस की आपूर्ति में आ रही बाधाओं को लेकर संसद में चर्चा की मांग की. उन्होंने कहा कि महंगाई, बेरोजगारी और हाल ही में सिलेंडर की कीमतों में हुई बढ़ोतरी का बोझ जनता ज्यादा समय तक सहन नहीं कर सकती. सुरेश ने कहा कि प्रशासन लगातार इस संकट को कम करके दिखा रही है. उन्होंने कहा कि प्रशासन कह रही है कि ‘चिंता की कोई बात नहीं है’, जबकि गैस की कमी के कारण कई होटल और व्यवसाय बंद हो चुके हैं. इस विरोधाभास को उजागर करते हुए कांग्रेस सांसद ने प्रशासन पर स्थिति की गंभीरता को लेकर जनता को गुमराह करने का आरोप लगाया. केसी वेणुगोपाल ने कहा कि गैस एजेंसियों को निर्देश दिया गया है कि वे व्यावसायिक उपयोग के लिए एलपीजी सिलेंडर की आपूर्ति न करें. स्थिति दिन-ब-दिन खराब होती जा रही है. प्रशासन हिंदुस्तान की जनता से पूरी तरह झूठ बोल रही है.’ प्रियंका बोलीं- कीमत बढ़ रही, बेरोजगारी बढ़ रही, चर्चा होनी चाहिए प्रियंका गांधी ने कहा कि संसद में इस मुद्दे पर बहस होने से जनता से जुड़े महत्वपूर्ण सवाल उठाए जा सकते थे. उन्होंने केंद्र प्रशासन की नीतियों और योजनाओं को इस संकट के लिए जिम्मेदार ठहराया. उन्होंने कहा, ‘जनता आखिर कब तक सहन करेगी? कीमतें लगातार बढ़ रही हैं, बेरोजगारी बढ़ रही है, और एलपीजी की स्थिति भी देखिए. यह सब उनकी नीतियों और योजनाओं की वजह से हो रहा है. अगर संसद में इस पर चर्चा होती तो अच्छा होता, कम से कम जनता से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दे उठाए जा सकते थे.’ जिम्मेदारियों से भाग रही प्रशासन- कांग्रेस सांसद प्रदर्शन से पहले कांग्रेस सांसद सुखदेव भगत ने केंद्र प्रशासन पर अपनी जिम्मेदारियों से भागने का आरोप लगाया. उन्होंने कहा, ‘प्रधानमंत्री मोदी ने 2022 में कहा था कि हम आयात कम करेंगे, लेकिन इसके बजाय हम दूसरे देशों पर निर्भर हो रहे हैं. संसद में इस पर विस्तृत चर्चा होनी चाहिए कि आगे तुरंत क्या कदम उठाए जाएंगे. युद्ध का असर दिखना शुरू हो गया है. यह प्रशासन अपनी जिम्मेदारियों से भाग रही है.’ प्रशासन की तैयारी नहीं थी- जेबी मैथर वहीं कांग्रेस सांसद जेबी मैथर ने एलपीजी संकट से निपटने को लेकर प्रशासन की तैयारी पर सवाल उठाए. उन्होंने कहा, ‘हम लगातार मांग करते रहे हैं कि हवाई किराए पर कुछ नियंत्रण होना चाहिए. लेकिन अधिकांश सेक्टरों में, खासकर खाड़ी देशों के रूट पर, बिल्कुल भी नियंत्रण नहीं है और यह पूरी तरह एयरलाइंस के विवेक पर छोड़ दिया जाता है. प्रशासन अक्सर यह कहकर जिम्मेदारी से बच जाती है कि यह मांग और आपूर्ति के सिद्धांत पर निर्भर है.’ उन्होंने आगे कहा, ‘क्या प्रशासन ने यह नहीं सोचा कि देश में एलपीजी संकट हो सकता है? क्या उनके मन में यह बात नहीं आई कि होटल उद्योग प्रभावित होगा? लेकिन भाजपा और सत्तारूढ़ व्यवस्था की प्राथमिकता केवल चुनावी नेतृत्व है.’ प्रशासन ने कितना बढ़ाया दाम? पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के बीच केंद्र प्रशासन ने हाल ही में रसोई गैस सिलेंडर की कीमत में 60 रुपये की बढ़ोतरी की घोषणा की थी. इस बढ़ोतरी के बाद बिना सब्सिडी वाले एलपीजी सिलेंडर की कीमत दिल्ली में 913 रुपये, कोलकाता में 939 रुपये, मुंबई में 912 रुपये और चेन्नई में 928 रुपये हो गई है. राज्यों में कीमतों का अंतर राज्य प्रशासनों द्वारा लगाए जाने वाले करों के कारण होता है. इंडिया गठबंधन नेताओं ने संसद में चर्चा की मांग की इंडिया गठबंधन के नेताओं ने भी पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के बीच एलपीजी की कथित कमी के मुद्दे पर संसद में चर्चा की मांग की है. इसी कड़ी में हिंदुस्तानीय कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीआई) के सांसद पी. सांडोश कुमार ने बुधवार को राज्यसभा में कार्यस्थगन प्रस्ताव का नोटिस दिया, ताकि देशभर में एलपीजी सिलेंडरों की कथित कमी पर चर्चा की जा सके. नोटिस देते हुए उन्होंने कहा कि एलपीजी सिलेंडर के लिए प्रतीक्षा अवधि बढ़ गई है और कीमतों में भी बढ़ोतरी हुई है, जिससे नागरिकों को ‘भारी कठिनाइयों’ का सामना करना पड़ रहा है. उन्होंने कहा कि संसद के उच्च सदन को यह बताया जाना चाहिए कि एलपीजी भंडार की वास्तविक स्थिति क्या है, निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए क्या कदम उठाए गए हैं और उपभोक्ताओं को कमी तथा कीमतों में अचानक बढ़ोतरी से बचाने के लिए क्या आपात उपाय किए जा रहे हैं. वहीं, माकपा के राज्यसभा सांसद वी. शिवदासन ने कहा कि उनकी पार्टी इस मुद्दे को संसद में उठाएगी. उन्होंने कहा, ‘एलपीजी की कमी के कारण कई होटल बंद हो गए हैं और कई परिवारों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. केंद्र प्रशासन इस मुद्दे को सही तरीके से संभालने के लिए तैयार नहीं है. हम इस मुद्दे को संसद में उठाएंगे और हमारी पार्टी संसद के बाहर भी इस कीमत वृद्धि के खिलाफ देशव्यापी अभियान चलाएगी.’ ऊर्जा संकट पर प्रशासन ने आवश्यक वस्तु अधिनियम लागू किया पश्चिम एशिया में ईरान युद्ध के कारण वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति बाधित होने से एलपीजी की कमी की स्थिति पैदा हुई है. इसके जवाब में केंद्र प्रशासन ने आवश्यक वस्तु अधिनियम लागू करते हुए घरेलू एलपीजी आपूर्ति को प्राथमिकता दी है. इसके तहत घरों, अस्पतालों और जरूरी सेवाओं के लिए अधिक आवंटन किया गया है, जबकि कई क्षेत्रों में व्यावसायिक वितरण को सीमित कर दिया गया है. प्रशासन ने रिफाइनरियों को निर्देश दिया है कि वे घरेलू उपयोग के लिए एलपीजी उत्पादन को अधिकतम करें. अब घरेलू पाइप्ड

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क्या जिंदा हैं ईरानी सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई? इस सवाल के पीछे की 3 बड़ी वजह

Iranian Supreme Leader Ali Khamenei : ईरान पर अमेरिका और इजरायल के संयुक्त हमले में ईरान के सुप्रीम लीडर की मौत हो गई, यह बात ईरान ने हमले के दूसरे ही दिन स्वीकार कर लिया. ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनई की मौत पर सवाल भले ही उठाये जा रहे हों, लेकिन उनके जीवित होने की संभावना बहुत ही कम है. इसकी वजह यह है कि ईरान ने आधिकारिक तौर पर इस मौत को स्वीकार किया है. फिर भी शंका की जो 3 बड़ी वजह है, उसे यहां बताया जा रहा है. ईरानी मीडिया ने 1 मार्च की सुबह सुप्रीम लीडर की मौत की पुष्टि की अमेरिका ने 28 फरवरी को इजरायल के साथ मिलकर ईरान पर हमला शुरू किया और उसके महज एक ही दिन बाद ईरानी मीडिया ने यह स्वीकार कर लिया कि उनके सुप्रीम लीडर की मौत हो गई है. साथ ही 40 दिन का शोक काल भी घोषित किया गया. यह थोड़ा चौंकाने वाला फैक्ट था क्योंकि अमेरिका ने यह नहीं कहा था कि वो खामेनेई को टारगेट करके हमले कर रहा है. ऐसे में बड़ा सवाल यह है कि क्या खामेनेई की सुरक्षा इतनी लचर थी कि वे एक ही हमले में मारे गए या फिर सच कुछ और है जिसे ईरान छुपा रहा है? अबतक अली खामेनेई का नहीं हुआ है अंतिम संस्कार? अली खामेनेई की मौत अगर 28 फरवरी के हमले में हुई तो आज 11 मार्च है और अबतक उनका अंतिम संस्कार नहीं किया गया है. अगर इस बात को मान भी लिया जाए कि यह युद्ध का समय है, इसलिए उनका अंतिम संस्कार नहीं किया जा रहा, क्योंकि भीड़ एक जगह पर जमा हो सकती है और अमेरिका उसे टारगेट कर सकता है. इस तथ्य के बावजूद एक शंका यह भी है कि आखिर फिर क्यों उनके शव की तस्वीर तक जारी नहीं की गई और ना ही कोई वीडियो सामने आया है. कुछ तस्वीरें सोशल मीडिया में वायरल हुईं, लेकिन उनके बारे में यह कहा गया कि वे AI जेनरेटेड हैं. ईरान की प्रशासन बहुत ही बेहतरीन तरीके से कर रही है काम सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की युद्ध में मौत हो जाने के बाद भी ईरान की प्रशासन बहुत ही व्यवस्थित तरीके से काम कर रही है. लीडरशिप काउंसिल तुरंत एक्टिव हो गया और अयातुल्ला अलीरेजा अराफी को कार्यवाहक सुप्रीम लीडर बना दिया गया. ईरान ने सुप्रीम लीडर की मौत के बाद भी सरेंडर नहीं किया और अमेरिका से कहा कि ईरान सरेंडर करेगा, यह सपना वे अपने कब्र में देखें. ईरान मरते दम तक युद्ध करेगा और अगर कभी सीजफायर हुआ, तो वह ईरान की शर्तों पर होगा, अमेरिका की शर्तों पर नहीं. सुप्रीम लीडर को खोने के बाद भी ईरान का यह आत्मविश्वास मन में शंका उत्पन्न करता है और यह सवाल पैदा करता है कि क्या अली खामेनेई अभी भी उनके साथ हैं? The post क्या जिंदा हैं ईरानी सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई? इस सवाल के पीछे की 3 बड़ी वजह appeared first on Naya Vichar.

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पीएम मोदी ने समझौता कर लिया है, इस मुद्दे पर लोकसभा में राहुल गांधी और रविशंकर के बीच तीखी बहस

Rahul Gandhi : लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने सदन में यह दावा किया कि उन्हें सदन में बोलने से कई बार रोका गया. देश के इतिहास में यह पहली बार है कि विपक्ष के नेता को बोलने नहीं दिया गया. उन्होंने कहा कि हमारे प्रधानमंत्री ने समझौता कर लिया कर लिया है और यह बात सभी जानते हैं, लेकिन जब भी मैं इस बात को कहने की कोशिश करता हूं या जनहित के किसी मुद्दे को उठाने की कोशिश करता हूं, तो मुझे बोलने से रोक दिया जाता है. रविशंकर और राहुल गांधी के बीच हुई तीखी नोकझोंक लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के खिलाफ विपक्ष द्वारा लाए गए प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान बीजेपी नेता रविशंकर प्रसाद ने संसदीय प्रणाली पर ‘कॉल एंड शकधर’ की एक किताब को उद्धृत करते हुए कहा कि नेता प्रतिपक्ष को राष्ट्रहित के मुद्दों पर बोलते समय ध्यानपूर्वक शब्दों का चयन करना चाहिए और विदेशी धरती पर दलीय नेतृत्व नहीं करनी चाहिए. उन्होंने कहा कि राहुल गांधी को यह किताब पढ़ लेनी चाहिए. रविशंकर प्रसाद के इसी बयान पर सदन में हंगामा हुआ और राहुल गांधी ने यह कहा कि उन्हें सदन में बोलने नहीं दिया जाता है. जब भी वे यह कहते हैं कि प्रधानमंत्री ने समझौता कर लिया है, उन्हें टोका जाता है. जब वे पूर्व सेना प्रमुख नरवणे के किताब की चर्चा करते हैं, तो उन्हें रोका जाता है. इस बात पर रविशंकर ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के समझौता करने का सवाल ही नहीं उठता है. प्रधानमंत्री राष्ट्रीय हितों से समझौता कर ही नहीं सकते हैं. सदन के इतिहास में पहली बार विपक्ष के नेता को बोलने नहीं दिया गया लोकसभा में राहुल गांधी ने कहा कि कई बार मुझे सदन में बोलने से रोका गया है. हिंदुस्तान के इतिहास में पहली बार विपक्ष के नेता को सदन में बोलने नहीं दिया गया. उन्होंने कहा कि यह सदन देश की जनता की अभिव्यक्ति के लिए है. यह सदन एक पार्टी का नहीं है, बल्कि देश का प्रतिनिधित्व करता है. बावजूद इसके यहां हमें बोलने नहीं दिया जाता है. यह लोकतंत्र के खिलाफ है. ये भी पढ़ें : केवल आदिवासी लड़ पाएं चुनाव, गारो HADC ने बनाया ऐसा नियम; हाईकोर्ट ने किया रद्द  क्या जिंदा हैं ईरानी सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई? इस सवाल के पीछे की 3 बड़ी वजह The post पीएम मोदी ने समझौता कर लिया है, इस मुद्दे पर लोकसभा में राहुल गांधी और रविशंकर के बीच तीखी बहस appeared first on Naya Vichar.

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राज्यसभा चुनाव: बिहार में सियासी हलचल तेज, तेजस्वी यादव से मिलेंगे AIMIM अध्यक्ष

Rajya Sabha Election: बिहार की सियासत में राज्यसभा की पांच सीटों के लिए होने वाली जंग अब उस मोड़ पर आ खड़ी हुई है, जहां एक-एक वोट की कीमत कोहिनूर जैसी हो गई है. नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव के प्रशासनी आवास पर आज दोपहर एआईएमआईएम (AIMIM) के प्रदेश अध्यक्ष अख्तरुल ईमान दस्तक देंगे. इस मुलाकात से पहले ईमान ने जो बयान दिया है, उसने महागठबंधन और एनडीए दोनों के खेमों में खलबली मचा दी है. राज्यसभा की पांचवीं सीट का गणित अब पूरी तरह से ओवैसी के पांच विधायकों और बीएसपी के इकलौते विधायक के हाथ में सिमट गया है. एक तरफ दरिंदा, एक तरफ शिकारी- अख्तरुल ईमान तेजस्वी यादव से मुलाकात से ठीक पहले अख्तरुल ईमान ने अपनी सियासी स्थिति को बड़े ही शायराना लेकिन तल्ख अंदाज में साफ किया है. उन्होंने मीडिया से बात करते हुए कहा, “सियासी चक्कर में हम किधर जाएं? एक तरफ दरिंदा है और दूसरी तरफ शिकारी, मैं तो दोनों से बच-बचकर चलता हूं. ” ईमान का यह इशारा साफ तौर पर एनडीए और महागठबंधन की ओर था. “एक तरफ दरिंदा… एक तरफ शिकारी”राज्यसभा चुनाव को लेकर तेजस्वी यादव से होगी AIMIM प्रदेश अध्यक्ष अख्तरुल ईमान की मुलाकात. ईमान बोले- हमारे अपने एजेंडे हैं, उन्हीं पर बात होगी. अंतिम फैसला असदुद्दीन ओवैसी लेंगे. RJD पर तंज कसते हुए कहा- अगर कोई रास्ता न मिले तो सबसे अच्छा है ना… pic.twitter.com/159pfzeaAH — Naya Vichar (@prabhatkhabar) March 11, 2026 उन्होंने स्पष्ट कर दिया कि वह तेजस्वी से मिलने जरूर जा रहे हैं, लेकिन अंतिम फैसला हैदराबाद में बैठे असदुद्दीन ओवैसी ही लेंगे. अगर बात नहीं बनी, तो एआईएमआईएम ‘नीदर नॉर्थ, नीदर साउथ’ (तटस्थ) रहने का रास्ता भी चुन सकती है. महागठबंधन की रणनीतिक बैठक नेतृत्वक गतिविधियों के बीच मंगलवार को तेजस्वी यादव ने अपने आवास पर महागठबंधन के सहयोगी दलों के साथ बैठक की थी. इस बैठक में चुनावी रणनीति पर चर्चा हुई और विधायकों को एकजुट रहने का संदेश दिया गया. बैठक में कई अहम नेताओं ने हिस्सा लिया और आगामी चुनावी रणनीति पर विचार-विमर्श किया गया. AIMIM और BSP की भूमिका अहम इस बैठक में बीएसपी और एआईएमआईएम के विधायकों को भी आमंत्रित किया गया था, लेकिन दोनों दलों के विधायक बैठक में शामिल नहीं हुए. राज्यसभा चुनाव में एआईएमआईएम के पांच विधायक और बीएसपी के एक विधायक की भूमिका अहम मानी जा रही है. अगर इन दलों का समर्थन किसी एक पक्ष को मिलता है तो चुनावी गणित बदल सकता है.राजद विधायक भाई वीरेंद्र ने बैठक के बाद दावा किया कि उनकी पार्टी के उम्मीदवार के पास जीत के लिए पर्याप्त समर्थन मौजूद है. उन्होंने कहा कि राजद के पास 41 विधायकों का समर्थन है और पार्टी को अपनी जीत को लेकर पूरा भरोसा है. क्रॉस वोटिंग को लेकर भी चर्चा नेतृत्वक गलियारों में क्रॉस वोटिंग की आशंका को लेकर भी चर्चाएं तेज हो गई हैं. एनडीए पांचवीं सीट जीतने के लिए अपनी रणनीति तैयार कर रहा है, वहीं महागठबंधन भी अपने विधायकों को एकजुट रखने में जुटा हुआ है. ऐसे में आज होने वाली तेजस्वी यादव और अख्तरुल ईमान की मुलाकात को राज्यसभा चुनाव की दिशा तय करने वाला अहम नेतृत्वक घटनाक्रम माना जा रहा है. Also Read: तेजस्वी का राज्यसभा गणित फंसा! AIMIM के अख्तरुल इमान ने कहा– अभी तो बारिश की समाचार ही नहीं The post राज्यसभा चुनाव: बिहार में सियासी हलचल तेज, तेजस्वी यादव से मिलेंगे AIMIM अध्यक्ष appeared first on Naya Vichar.

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तू किस टीम से खेल रहा था, बन्ना और वैभव का मिलन

Highlights सैमसन आउट, जडेजा इन  वैभव और जडेजा का खास वीडियो  डीवाई पाटिल कप पर हुई बातचीत  17 साल बाद राजस्थान में वापसी  आईपीएल का नया सीजन (IPL 2026) 28 मार्च से शुरू हो रहा है. इसके लिए राजस्थान रॉयल्स ने जयपुर में अपना प्री-सीजन ट्रेनिंग कैंप शुरू कर दिया है. टीम के सभी प्लेयर इस कैंप में पसीना बहा रहे हैं. टीम के पास एक नया कप्तान और कई नए प्लेयर हैं. इसी कैंप का एक खास वीडियो सामने आया है. इस वीडियो में हिंदुस्तान के रवींद्र जडेजा और युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी आपस में बात करते हुए दिख रहे हैं. सैमसन आउट, जडेजा इन  इस बार राजस्थान रॉयल्स ने एक बड़ी ट्रेड डील की. टीम के पुराने कप्तान संजू सैमसन अब चेन्नई सुपर किंग्स में चले गए हैं. उनकी जगह पर राजस्थान ने चेन्नई से रवींद्र जडेजा को अपनी टीम में लिया है. इसके साथ ही इंग्लैंड के सैम करन भी टीम में शामिल हुए हैं. जयपुर के कैंप में जडेजा अपनी बैटिंग और बॉलिंग पर फोकस करने के साथ ही टीम के युवा प्लेयर्स को टिप्स भी दे रहे हैं. टीम मैनेजमेंट का पूरा फोकस अब युवा और अनुभवी प्लेयर्स के सही बैलेंस पर है.  इसके साथ ही RR की फ्रेंचाइजी ने रवींद्र जडेजा को एक नया नाम दिया है, उन्होंने जडेजा को बन्ना का टाइटल दिया है. अब रवींद्र जडेजा राजस्थान के लिए बन्ना के नाम से जाने जाएंगे. वैभव और जडेजा का खास वीडियो  राजस्थान रॉयल्स ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर एक वीडियो पोस्ट किया है. वैभव ने पिछले आईपीएल सीजन में ही अपना पहला मैच स्पोर्ट्सा था और अपनी बैटिंग से सबको हैरान कर दिया था. बीते एक साल में उन्होंने कई शानदार पारियां स्पोर्ट्सी हैं. वीडियो की शुरुआत में वैभव पीछे से आते हैं और जडेजा को उनके अच्छे स्पोर्ट्स के लिए बधाई देते हैं. इस पर जडेजा उन्हें धन्यवाद कहते हैं. वैभव के लिए जडेजा जैसे अनुभवी प्लेयर के साथ ड्रेसिंग रूम शेयर करना एक बहुत अहम मौका है. View this post on Instagram A post shared by Rajasthan Royals (@rajasthanroyals) डीवाई पाटिल कप पर हुई बातचीत  वीडियो में बातचीत आगे जाती है. जडेजा वैभव से पूछते हैं कि तू अभी डीवाई पाटिल टी20 कप में स्पोर्ट्स रहा था. इसके जवाब में वैभव कहते हैं कि हां मैं कल ही वहां से आया हूं. इसके बाद बन्ना पुछते हैं कि तू किस टीम से स्पोर्ट्स रहा था, जिसका जवाब देते हुए वैभव ने बताया कि वह उस टूर्नामेंट में डीवाई पाटिल ब्लू टीम के लिए स्पोर्ट्स रहे थे. उनकी टीम सेमिफाइनल तक पहुंची थी लेकिन वहां उन्हें मुंबई कस्टम्स की टीम से हार मिली. 17 साल बाद राजस्थान में वापसी  रवींद्र जडेजा अब 37 साल के हो गए हैं. उन्होंने साल 2008 में राजस्थान रॉयल्स से ही अपना आईपीएल डेब्यू किया था. उस समय शेन वॉर्न की कप्तानी में टीम ने कप भी जीता था. इसके बाद 2009 के सीजन में भी जडेजा इसी टीम का हिस्सा थे. अब पूरे 17 साल बाद उनकी अपनी पुरानी टीम में वापसी हुई है. जडेजा की गिनती आईपीएल के सबसे अनुभवी प्लेयर्स में होती है. उन्होंने अभी तक कुल 254 मैच स्पोर्ट्से हैं. इन मैचों में उनके नाम 3260 रन और 170 विकेट दर्ज हैं. ये भी पढ़ें- टाटा की फैन है ईशान की ‘दुल्हनिया’, कम ही लोग उन्हें ऐसे बोलते हुए सुने होंगे RR से जुड़े रवींद्र जडेजा, कुछ इस अंदाज में हुई ‘बन्ना’ की एंट्री, देखें वीडियो The post तू किस टीम से स्पोर्ट्स रहा था, बन्ना और वैभव का मिलन appeared first on Naya Vichar.

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केवल आदिवासी लड़ पाएं चुनाव, गारो HADC ने बनाया ऐसा नियम; हाईकोर्ट ने किया रद्द 

GHADC Election: मेघालय उच्च न्यायालय ने चुनाव नामांकन के लिए अनुसूचित जनजाति (एसटी) प्रमाणपत्र को अनिवार्य बनाने संबंधी गारो हिल स्वायत्त जिला परिषद (जीएचएडीसी) की अधिसूचना को रद्द कर दिया है. अदालत ने कहा कि इस अधिसूचना को जारी करते समय उचित विधायी प्रक्रियाओं का पालन नहीं किया गया. गारो हिल स्वायत्त जिला परिषद ने 10 अप्रैल 2026 को होने वाले जीएचएडीसी चुनाव में गैर-आदिवासियों को चुनाव लड़ने से रोकने वाली अधिसूचना 17 फरवरी को जारी की थी. इसका उद्देश्य आगामी जीएचएडीसी चुनाव में गैर-आदिवासियों को चुनाव लड़ने से रोकना था.  मतदाता ने अदालत में दी चुनौती इस अधिसूचना के खिलाफ एक मतदाता ने अदालत में याचिका दायर की. याचिकाकर्ता ने कहा कि यह अधिसूचना असम एवं मेघालय स्वायत्त जिला (जिला परिषदों का संविधान) नियम, 1951 का उल्लंघन करती है, जिसमें मतदाताओं और उम्मीदवारों की योग्यता से जुड़े प्रावधान तय किए गए हैं. याचिकाकर्ता की ओर से पेश वरिष्ठ वकील ने सुनवाई के दौरान कहा कि इस अधिसूचना ने संबंधित नियमों में संशोधन किए बिना वैध गैर-आदिवासी मतदाताओं और उम्मीदवारों को उनके अधिकारों से वंचित कर दिया.  उन्होंने यह भी कहा कि इस कदम के लिए राज्यपाल और जिला परिषद की मंजूरी नहीं ली गई, जबकि 1951 के नियमों के नियम 72 के तहत यह अनिवार्य है. वकील ने अदालत को बताया कि गैर-आदिवासी लोग ऐतिहासिक रूप से इन चुनावों में भाग लेते रहे हैं और 1952 में परिषद की स्थापना के बाद से वे इसके सदस्य भी रहे हैं. परिषद ने आदिवासी हितों की रक्षा का दिया तर्क जीएचएडीसी ने अपने पक्ष में कहा कि यह अधिसूचना जनसांख्यिकीय बदलावों के बीच आदिवासी हितों की रक्षा के उद्देश्य से जारी की गई थी. परिषद ने यह भी कहा कि इसके लिए कार्यकारी समिति की आपातकालीन शक्तियों का उपयोग किया गया था. पिछले साल भी वॉयस ऑफ द पीपुल्स पार्टी ने इस मामले में आवाज उठाई थी. उसका कहना था कि इससे आदिवासियों को अधिक सुरक्षा मिलेगी.  अदालत ने बताया- नियम बदलने की प्रक्रिया जरूरी उच्च न्यायालय ने स्पष्ट किया कि कार्यकारी समिति केवल नियमों में बदलाव का प्रस्ताव रख सकती है. किसी भी बदलाव को लागू करने के लिए जिला परिषद और राज्यपाल की मंजूरी अनिवार्य होती है. अदालत ने रिट याचिका का निपटारा करते हुए कहा कि यह अधिसूचना कानूनी समीक्षा की कसौटी पर खरी नहीं उतरती. अदालत ने अपने आदेश में कहा कि इसलिए इस अधिसूचना को रद्द किया जाता है. मेघालय में जिला परिषदों को नियम बनाने का है अधिकार मेघालय में जिला परिषदें संविधान की छठी अनुसूची के तहत आती हैं. संविधान की छठी अनुसूची विशेष रूप से आदिवासी स्वशासन सुनिश्चित करने, पारंपरिक कानूनों को सुरक्षित रखने और अनुसूचित जनजातियों की सामाजिक-सांस्कृतिक पहचान की रक्षा के लिए बनाई गई है. इसके साथ ही हिंदुस्तान के संविधान का अनुच्छेद 244(2) स्वायत्त जिला परिषदों को यह सुनिश्चित करने का अधिकार देता है कि स्थानीय आदिवासी समुदाय अपने शासन के प्रमुख संरक्षक बने रहें. जीएचएडीसी में क्या है नियम? जीएचएडीसी में कुल 30 निर्वाचन क्षेत्र हैं. इनमें से 29 सीटों पर चुनाव होते हैं, जबकि एक सदस्य को राज्यपाल नामित करते हैं. द हिंदू की रिपोर्ट के मुताबिक, गारो हिल्स के मैदानी इलाकों में फैले कम से कम पांच निर्वाचन क्षेत्रों में बंगाली भाषी या बंगाल मूल के मुस्लिम समुदाय का प्रभाव है. इस इलाके में मुस्लिम आबादी 70 प्रतिशत से अधिक है. 29 निर्वाचन क्षेत्रों में से तीन सीटों- फुलबाड़ी, राजाबाला और महेंद्रगंज में गैर-आदिवासी उम्मीदवार परिषद चुनाव लड़ सकते हैं. जीएचएडीसी के प्रावधानों के अनुसार, गारो हिल्स में लगातार 12 वर्षों तक रहने वाला कोई भी गैर-आदिवासी निवासी मतदान कर सकता है. इसका मतलब है कि गैर-आदिवासी भी कानूनी रूप से परिषद चुनाव लड़ सकते हैं और मतदान भी कर सकते हैं. हालांकि इस भागीदारी का कई एनजीओ और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने हमेशा विरोध किया है. खासी और जैंतिया हिल्स परिषदों में नहीं है मतदान का अधिकार मेघालय में जीएचएडीसी, खासी और जैंतिया हिल्स की परिषदों के विपरीत, गैर-आदिवासियों को चुनाव लड़ने की अनुमति देता रहा है. यह व्यवस्था 1952 में परिषद की स्थापना के समय से ही लागू है.असम एवं मेघालय स्वायत्त जिला (जिला परिषदों का संविधान) नियम, 1951 के अनुसार गैर-आदिवासियों के चुनाव लड़ने पर कोई विशेष प्रतिबंध नहीं है. इसी तरह मतदान के अधिकार से जुड़े नियमों में भी गैर-आदिवासियों पर कोई रोक नहीं है, बल्कि केवल यह शर्त है कि मतदाता राज्य का स्थायी निवासी होना चाहिए.  हालांकि खासी हिल स्वायत्त जिला परिषद (संविधान, प्रक्रिया और कार्य संचालन) नियम, 2018 आदिवासी वयस्क मताधिकार की रक्षा करते हैं. इनमें यह भी कहा गया है कि संविधान (अनुसूचित जनजाति) आदेश, 1950 की अनुसूची के भाग-11 (मेघालय) में सूचीबद्ध अनुसूचित जनजाति से संबंधित नहीं होने वाला व्यक्ति मतदान का अधिकार नहीं रखेगा. ये भी पढ़ें:- असम: मार्च में पीएम मोदी और अमित शाह का दौरा, चुनाव से पहले राज्य को देंगे करोड़ों का तोहफा उम्मीदवार ने बताया असंवैधानिक द हिंदू की रिपोर्ट के अनुसार, बालाचंदा निर्वाचन क्षेत्र से संभावित उम्मीदवार एनामुल हक ने कहा कि यह अधिसूचना संविधान की छठी अनुसूची के पैरा 11 के आधार पर जारी की गई है. उनके अनुसार, यह पैरा केवल यह बताता है कि कानून और नियम आधिकारिक राजपत्र में प्रकाशित होने के बाद कैसे प्रभावी होते हैं, लेकिन यह परिषद को सदस्यता के लिए नई योग्यताएं या अयोग्यताएं तय करने का अधिकार नहीं देता. हक के अनुसार, 1952 में जिला परिषद की स्थापना के बाद से गैर-आदिवासी निवासी चुनाव लड़ते रहे हैं. असम एवं मेघालय स्वायत्त जिला (जिला परिषदों का संविधान) नियम, 1951 में गैर-आदिवासियों को चुनाव लड़ने से नहीं रोका गया है, सिवाय उन सीटों के जो आरक्षित हैं. उन्होंने कहा, ‘यह कदम मनमाना है और यह हिंदुस्तान के संविधान के अनुच्छेद 14 का भी उल्लंघन है.’ ये भी पढ़ें:- कोर्ट में साली का बयान: जीजा ने सपने में छेड़ा था, वायुसेना जवान 7 साल बाद बरी पूर्व विधायक एस.जी. एस्मातुर मोमिनिन ने अधिसूचना की वैधता पर सवाल उठाते हुए कहा कि जीएचएडीसी के पास ऐसा कोई संवैधानिक अधिकार नहीं है, जिससे वह गैर-आदिवासियों को चुनाव लड़ने से रोकने की शर्त लागू कर सके. इसी मामले में 9 मार्च से केस की सुनवाई चल रही थी.  The

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मर्सिडीज लेकर लॉन्ग ड्राइव पर निकले तेज प्रताप, बैकग्राउंड में धुरंधर मूवी का रोमांटिक गाना, हुए वायरल

Tej Pratap Yadav: जनशक्ति जनता दल के सुप्रीमो तेज प्रताप यादव एक बार फिर अपने अलग अंदाज को लेकर चर्चा में हैं. इस बार वह लॉन्ग ड्राइव को लेकर सुर्खियों में आ गए हैं. तेज प्रताप यादव ने अपनी मर्सिडीज से लंबी ड्राइव का वीडियो सोशल मीडिया पर शेयर किया है. जिसमें कार की स्पीड 140 किलोमीटर प्रति घंटा से अधिक दिखाई दे रही है. वीडियो शेयर कर तेज प्रताप ने क्या लिखा? इसके साथ ही बैकग्राउंड में धुरंधर फिल्म का रोमांटिक गाना ‘गहरा हुआ’ बज रहा है. तेज प्रताप यादव ने यह वीडियो अपने इंस्टाग्राम के TY ब्लॉग पर पोस्ट किया है. वीडियो शेयर करते हुए उन्होंने लिखा, ‘लंबी ड्राइव, खुली सड़क और अपने लोग… बस यही असली खुशी है.’ बताया जा रहा है कि जिस मर्सिडीज कार से वह ड्राइव कर रहे थे, उसकी कीमत करीब एक करोड़ रुपए के आस-पास है. 140 की स्पीड में मर्सिडीज़… तेज प्रताप यादव का ‘लॉन्ग ड्राइव’ वीडियो वायरल तेज प्रताप यादव एक बार फिर अपने अलग अंदाज को लेकर चर्चा में हैं. उन्होंने अपनी मर्सिडीज़ कार से लॉन्ग ड्राइव का वीडियो सोशल मीडिया पर शेयर किया है.वीडियो में कार की स्पीड 140 किमी/घंटा से ज्यादा दिखाई… pic.twitter.com/gihXLH5UFd — Naya Vichar (@prabhatkhabar) March 11, 2026 बाइक राइड करते भी वीडियो हुआ था वायरल यह पहली बार नहीं है जब तेज प्रताप यादव अपने अलग अंदाज के लिए चर्चा में आएं हैं. दिसंबर 2025 में भी तेज प्रताप यादव का वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हुआ था. वीडियो में तेज प्रताप यादव ग्रीन कावासाकी निंजा बाइक से सड़क पर धूम मचाते दिखे थे. साथ ही वीडियो में वे काले रंग के राइडिंग गियर और हेलमेट पहने हुए दिखे थे. उस बाइक की कीमत लगभग 14 लाख रुपए बताई जा रही थी. इस तरह से वे कई बार अपने अलग अंदाज के लिए चर्चा में आ चुके हैं. बिहार की नेतृत्व में भी तेज प्रताप एक्टिव तेज प्रताप यादव सोशल मीडिया के साथ-साथ बिहार की नेतृत्व में भी लगातार एक्टिव हैं. सीएम नीतीश के राज्यसभा जाने पर पिछले दिनों उनका बयान आया था. उन्होंने कहा था, जनता ने बिहार में बदलाव के लिए वोट दिया था. लेकिन बिहार में बदलाव तो कहीं नजर आ नहीं रहा है. साथ ही निशांत कुमार के जेडीयू में शामिल होने पर कहा था, नेतृत्व में तो उनको शुरू से आना ही था. अब आ गए नेतृत्व में, जिसे जहां मन करेगा, वहां जाएगा. Also Read: विजय सिन्हा ने 13 मार्च को बुलाई अधिकारियों की बैठक, जमीन सर्वे पूरा करने की डेडलाइन भी बताई The post मर्सिडीज लेकर लॉन्ग ड्राइव पर निकले तेज प्रताप, बैकग्राउंड में धुरंधर मूवी का रोमांटिक गाना, हुए वायरल appeared first on Naya Vichar.

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Renault Bridger Concept: रग्ड डिजाइन और मल्टी-पावरट्रेन के साथ आएगी नई SUV

Renault ने अपनी नई कॉम्पैक्ट SUV Renault Bridger Concept को अनवील कर दिया है. यह SUV कंपनी की मौजूदा SUVs Renault Kiger और Renault Duster के बीच पोजिशन की जाएगी. कंपनी के मुताबिक यह नया मॉडल हिंदुस्तान में 2027 के अंत तक लॉन्च किया जा सकता है. इस कॉन्सेप्ट मॉडल का डिजाइन काफी हद तक मजबूत और ऑफ-रोड स्टाइल वाला है. हालांकि, कंपनी ने अभी इसके प्रोडक्शन मॉडल की पूरी स्पेसिफिकेशन शेयर नहीं की है, लेकिन कॉन्सेप्ट से यह साफ हो गया है कि आने वाले समय में यह SUV Renault की लाइनअप में अहम भूमिका निभाने वाली है. आइए जानते हैं इस अपकमिंग SUV की 5 बड़ी खास बातें. रग्ड और बॉक्सी डिजाइन Renault Bridger Concept का डिजाइन काफी रग्ड और बॉक्सी रखा गया है, जो इसे एक मजबूत ऑफ-रोड SUV का लुक देता है. फ्रंट में SUV को बड़े ब्लैक ग्रिल, स्ट्राइक-स्टाइल LED लाइट्स और बीच में चमकते RENAULT लोगो के साथ पेश किया गया है. इसके साथ ही फ्लैट बोनट, चौड़ा एयर डैम और मजबूत स्किड प्लेट इसे और ज्यादा दमदार बनाते हैं. यह SUV 4 मीटर से कम लंबाई की होगी, जिससे इसे कॉम्पैक्ट SUV सेगमेंट में उतारा जा सकेगा. रेनॉल्ट पोस्ट साइड प्रोफाइल में दिखेगा रफ-टफ अंदाज SUV के साइड प्रोफाइल में चौड़े फेंडर, व्हील आर्च क्लैडिंग और 18-इंच के अलॉय व्हील दिए गए हैं. इसके अलावा, इसमें लगभग 200mm का ग्राउंड क्लियरेंस मिलने की उम्मीद है, जो खराब रास्तों पर ड्राइविंग को आसान बना सकता है. एक खास डिजाइन एलिमेंट यह भी है कि पीछे के दरवाजे के हैंडल C-पिलर में छिपे हुए हैं, जिससे SUV का लुक और ज्यादा स्टाइलिश लगता है. पीछे मिलेगा स्पेयर व्हील और नया डिजाइन Renault Bridger के पीछे की डिजाइन भी काफी अलग नजर आती है. इसमें टेलगेट पर लगा स्पेयर व्हील, शार्प LED टेललाइट्स और मोटी स्किड प्लेट दी गई है. इसके अलावा इसमें साइड-ओपनिंग टेलगेट भी है, जो इस SUV को ऑफ-रोडिंग स्टाइल देता है. इंटीरियर में मिलेगा ज्यादा स्पेस कंपनी ने अभी तक Bridger के इंटीरियर की पूरी जानकारी शेयर नहीं की है, लेकिन Renault का दावा है कि कॉम्पैक्ट साइज होने के बावजूद इसमें काफी अच्छा केबिन स्पेस मिलेगा. रिपोर्ट के मुताबिक इसमें पीछे की सीटों के लिए लगभग 200mm का नी-रूम दिया जा सकता है, जो इस सेगमेंट में बेहतर माना जा रहा है. इसके अलावा SUV में 400 लीटर का बूट स्पेस मिलने की बात कही जा रही है, जो कॉम्पैक्ट SUV सेगमेंट में काफी बड़ा माना जाता है. पेट्रोल, हाइब्रिड और इलेक्ट्रिक ऑप्शन मिल सकते हैं कंपनी की फ्यूचर स्ट्रैटेजी में इलेक्ट्रिफिकेशन यानी इलेक्ट्रिक और हाइब्रिड टेक्नोलॉजी पर ज्यादा फोकस किया जा रहा है. ऐसे में Bridger को भी इसी प्लान का हिस्सा माना जा रहा है. रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस SUV को R-GMP प्लेटफॉर्म पर तैयार किया जाएगा और इसमें पेट्रोल, हाइब्रिड और इलेक्ट्रिक पावरट्रेन जैसे ऑप्शन मिल सकते हैं. इससे यह अपने सेगमेंट की सबसे ज्यादा ऑपशंस देने वाली SUV बन सकती है. हिंदुस्तान में ही होगा डिजाइन और प्रोडक्शन Renault ने साफ किया है कि हिंदुस्तान उसकी ग्लोबल स्ट्रैटेजी में बेहद अहम बाजार है. इसी वजह से Bridger SUV को हिंदुस्तान में ही डिजाइन और डेवलप किया जा रहा है. इसका प्रोडक्शन Renault के चेन्नई प्लांट में किया जाएगा, जहां से इसे हिंदुस्तान के साथ-साथ दूसरे देशों में भी एक्सपोर्ट किया जा सकता है. यह भी पढ़ें: कॉम्पैक्ट SUV या बड़ी SUV- शहरी ट्रैफिक के लिए बेहतर कौन? The post Renault Bridger Concept: रग्ड डिजाइन और मल्टी-पावरट्रेन के साथ आएगी नई SUV appeared first on Naya Vichar.

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