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Author name: Vinod Jha

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Eetha Title Row: विठाबाई के नाम पर टाइटल क्यों नहीं रखा गया? विवादों के बीच अनंत जोशी ने बताया पूरा सच

Eetha Title Row: बॉलीवुड एक्ट्रेस श्रद्धा कपूर की एक नई फिल्म आ रही है, जिसका नाम ‘ईथा’ रखा गया था. लेकिन यह फिल्म सिनेमाघरों में आने से पहले ही एक बड़े विवाद में फंस गई है. दरअसल, यह फिल्म महाराष्ट्र की एक बहुत ही प्रसिद्ध लोक कलाकार (Folk Artist) विठाबाई नारायणगांवकर के जीवन पर बनी है. फिल्म का नाम ‘ईथा’ रखने पर विठाबाई के परिवार और एनसीपी (NCP) पार्टी ने नाराजगी जताई है. उनका कहना है कि फिल्म का नाम बदलकर विठाबाई के नाम पर ही रखा जाना चाहिए. इसी बीच फिल्म में एक अहम किरदार निभा रहे एक्टर अनंत जोशी ने भी इस पूरे मामले पर खुलकर बात की है और बताया है कि शुरुआत में मेकर्स ने असली नाम का इस्तेमाल क्यों नहीं किया. Anant Joshi On Eetha Controversy: एक्टर अनंत जोशी ने क्या कहा? विठाबाई नारायणगांवकर के किरदार में श्रद्धा कपूर, फोटो- इंस्टाग्राम Zoom को दिए एक इंटरव्यू में एक्टर अनंत जोशी ने बताया कि फिल्म में असली नाम का इस्तेमाल इसलिए नहीं किया गया था ताकि किसी भी तरह के विवाद या कानूनी झगड़े से बचा जा सके. आज के समय में असली नामों पर अक्सर विवाद हो जाते हैं, इसलिए मेकर्स ने फिल्म का टाइटल ‘ईथा’ रखा था. अनंत जोशी ने आगे कहा कि अब यह मामला फिल्म के लिए एक अच्छा मोड़ ले चुका है. उन्होंने बताया कि विठाबाई नारायणगांवकर के पोते मोहित नारायणगांवकर ने साफ किया है कि उनके परिवार को फिल्म की कहानी से कोई आपत्ति नहीं है. उनकी बस इतनी सी मांग है कि फिल्म का नाम ‘ईथा’ की जगह विठाबाई नारायणगांवकर या विठा नारायणगांवकर रखा जाए. अनंत ने कहा कि अगर परिवार खुद असली नाम इस्तेमाल करने की अनुमति दे रहा है, तो इससे फिल्म और भी ज्यादा सच्ची और मजबूत लगेगी. उन्होंने यह भी कहा कि मेकर्स ने हमेशा विठाबाई के योगदान को पूरा क्रेडिट दिया है. Anant Joshi On His Role: फिल्म में निभाया है एक बड़ा ट्विस्ट वाला किरदार अनंत जोशी, फोटो- इंस्टाग्राम इस बातचीत में अनंत जोशी ने अपने किरदार के बारे में भी बात की. उन्होंने बताया कि अब तक वह ज्यादातर फिल्मों में एक सीधे-साधे और प्यारे लड़के का रोल करते आए हैं, लेकिन इस फिल्म में डायरेक्टर लक्ष्मण उतेकर ने उन्हें एक बिल्कुल अलग और चौंकाने वाला किरदार दिया है. अनंत ने कहा कि इस फिल्म में उनका रोल कहानी में एक बड़ा ट्विस्ट लेकर आता है, जो श्रद्धा कपूर की कहानी को पूरी तरह बदल देता है. Eetha Release Date: कब रिलीज होगी ईथा? यह फिल्म 28 अगस्त को सिनेमाघरों में रिलीज होने के लिए तैयार है. यह भी पढ़ें: डांस करते-करते शुरू हुआ लेबर पेन, बैकस्टेज हुई डिलीवरी और फिर भी नहीं रुकी परफॉर्मेंस… जानिए कौन थीं विठाबाई, जिनपर बन रही है फिल्म ‘Eetha’ यह भी पढ़ें: Eetha First Look: ‘स्त्री 2’ के बाद विठाबाई बनीं श्रद्धा कपूर, नई फिल्म ‘ईथा’ के टीजर में प्रेग्नेंसी डांस सीन देख लोग बोले- अगली ब्लॉकबस्टर The post Eetha Title Row: विठाबाई के नाम पर टाइटल क्यों नहीं रखा गया? विवादों के बीच अनंत जोशी ने बताया पूरा सच appeared first on Naya Vichar.

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मटन की किल्लत से कश्मीरी शादियों का रंग हुआ फीका, व्यापारियों ने पंजाब पर फोड़ा ठीकरा

Kashmir Wedding: कश्मीर में शादियां पारंपरिक वाजवान के बिना अधूरी मानी जाती हैं. वाजवान कश्मीर का पारंपरिक और शाही भोजन जिसमें 15 से 36 तरह के मांस-आधारित व्यंजन होते हैं. यह हर शादी में मेहमाननवाजी का मुख्य आकर्षण होता है. कश्मीरी शादी में लगभग 500 किलोग्राम मटन और 150 किलोग्राम चिकन की होती है खपत पीटीआई की समाचार के अनुसार एक औसत कश्मीरी शादी में लगभग 500 किलोग्राम मटन और 150 किलोग्राम चिकन की खपत होती है, जबकि भव्य शादियों में एक टन से भी ज्यादा मटन का इस्तेमाल होता है. व्यापारियों का कहना है कि कथित टैक्स के कारण आपूर्ति ठप होने से शादी-ब्याह का उत्साह फीका पड़ गया है. व्यापारियों ने लगाया ‘गुंडा टैक्स’ का आरोप बडगाम के मटन कारोबारी अल्ताफ गनई ने बताया, “पंजाब में पैदा हुई दिक्कतों के कारण हमें भारी किल्लत का सामना करना पड़ रहा है. मैंने राजस्थान में आपूर्तिकर्ता को अग्रिम भुगतान कर दिया है, लेकिन पिछले एक महीने में मुझे कोई भेड़ नहीं मिली है. अगर अगले 15 दिनों में यह गतिरोध दूर नहीं हुआ, तो हमें लाखों रुपये का नुकसान होगा और गुजारा करना मुश्किल हो जाएगा.” ऑल कश्मीर होलसेल एंड रिटेल मटन डीलर्स एसोसिएशन’ के अध्यक्ष खाजिर मोहम्मद रेगू ने पंजाब प्रशासन द्वारा लगाए गए चार प्रतिशत कर की तुलना ‘‘गुंडा टैक्स’’ से की है. उन्होंने कहा कि जब पशु राजस्थान या दिल्ली से खरीदे जाते हैं, तो पंजाब प्रशासन द्वारा बीच रास्ते में कोई भी कर लगाना पूरी तरह से अवैध और अनुचित है. शादी टालने की नौबत, आम लोग परेशान मटन की कमी ने आम जनता की चिंताएं बढ़ा दी हैं. हैदरपोरा के रहने वाले अब्दुल मजीद भट ने अपना दर्द साझा करते हुए कहा, “मेरे बेटे की शादी 25 जुलाई को होनी तय है. लेकिन मटन की भारी कमी को देखते हुए मैं तय नहीं कर पा रहा हूं कि शादी की दावत का आयोजन कैसे करूं. अब हमारे पास शादी टालने के अलावा कोई विकल्प नहीं दिख रहा है.” सीएम उमर अब्दुल्ला ने की पंजाब के मुख्यमंत्री से बात मामले के तूल पकड़ने पर जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने सोमवार को हस्तक्षेप किया. उन्होंने पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान के सामने मटन कारोबारियों की चिंताएं रखी हैं और पड़ोसी राज्य से पशुओं को ले जाने वाले वाहनों की सुचारू आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए उनसे दखल देने का आग्रह किया है. अब्दुल्ला ने मान को सूचित किया कि वैध परमिट और सभी जरूरी दस्तावेज होने के बावजूद, जम्मू-कश्मीर जाने वाले वाहनों को पंजाब में ठेकेदारों के कुछ समूहों द्वारा कथित रूप से रोका जा रहा है और उनसे अनधिकृत तौर पर शुल्क वसूला जा रहा है. उन्होंने उम्मीद जताई कि पंजाब प्रशासन इस पर जल्द सख्त कदम उठाएगी. ये भी पढ़ें: गोहत्या पर रोक के आदेश के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट पहुंची तमिलनाडु प्रशासन The post मटन की किल्लत से कश्मीरी शादियों का रंग हुआ फीका, व्यापारियों ने पंजाब पर फोड़ा ठीकरा appeared first on Naya Vichar.

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बिहार में 5 नए केंद्रीय विद्यालय खुलेंगे, 31 बस स्टैंड होंगे हाईटेक, सम्राट कैबिनेट में 29 एजेंडों पर मुहर

Bihar Cabinet Decision: बिहार कैबिनेट की बैठक बुधवार को मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में हुई. बैठक में कुल 29 एजेंडों पर मुहर लगी. शिक्षा, परिवहन, धार्मिक पर्यटन और आधारभूत संरचना से जुड़े कई अहम प्रस्तावों को मंजूरी दी गई. प्रशासन ने पांच नए केंद्रीय विद्यालयों के लिए जमीन उपलब्ध कराने, 31 बस स्टैंडों के आधुनिकीकरण, 1100 श्रद्धालुओं के लिए विशेष सोमनाथ यात्रा और बक्सर के भगवान वामन मंदिर के विकास सहित कई महत्वपूर्ण फैसले लिए. 5 नए केंद्रीय विद्यालयों के लिए जमीन देने को मंजूरी कैबिनेट ने राज्य में पांच नए केंद्रीय विद्यालयों की स्थापना के लिए प्रत्येक विद्यालय को 5-5 एकड़ प्रशासनी भूमि उपलब्ध कराने के प्रस्ताव को मंजूरी दी. इससे संबंधित जिलों में केंद्रीय विद्यालय खोलने का रास्ता साफ हो गया है. इन स्थानों पर खुलेंगे नए केंद्रीय विद्यालय पूर्णिया पूर्व (मौजा- मधुबनी, जिला पूर्णिया) राजगीर (मौजा- पिलखी, जिला नालंदा) शेखपुरा (मौजा- नीमी, जिला शेखपुरा) मधेपुरा (मौजा- साहुगढ़, जिला मधेपुरा) मधुबनी (अंचल- राजनगर, मौजा- सतिहारपुर) प्रशासन का कहना है कि इन विद्यालयों के शुरू होने से छात्रों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, आधुनिक शैक्षणिक संसाधन और बेहतर शिक्षण वातावरण मिलेगा. 1100 श्रद्धालुओं के लिए विशेष सोमनाथ यात्रा कैबिनेट ने “सोमनाथ स्वाभिमान पर्व-1000 वर्ष की अटूट आस्था” के तहत विशेष यात्रा को भी मंजूरी दी है. इस योजना के तहत 20 जुलाई 2026 से दो दिवसीय सोमनाथ यात्रा का आयोजन किया जाएगा. इसमें बिहार के करीब 1100 श्रद्धालु शामिल होंगे. प्रशासन यात्रा के सफल और सुव्यवस्थित संचालन की व्यवस्था करेगी. बिहार के 31 बस स्टैंड होंगे हाईटेक राज्य प्रशासन ने सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को आधुनिक बनाने की दिशा में भी फैसला लिया है. कैबिनेट ने 31 बस स्टैंडों के आधुनिकीकरण और समग्र विकास को पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मॉडल पर विकसित करने की सैद्धांतिक मंजूरी दी है. इस योजना में पटना, मुजफ्फरपुर, भागलपुर, गया, दरभंगा, पूर्णिया, मुंगेर, कटिहार, सहरसा, नवादा, मधुबनी और किशनगंज समेत कई जिलों के बस स्टैंड शामिल हैं. इन बस स्टैंडों पर यात्रियों को आधुनिक प्रतीक्षालय, पार्किंग, व्यावसायिक सुविधाएं, डिजिटल सेवाएं, स्वच्छ परिसर और बेहतर यातायात प्रबंधन जैसी सुविधाएं मिलेंगी. बक्सर के भगवान वामन मंदिर का होगा विकास कैबिनेट ने बक्सर स्थित केंद्रीय कारा परिसर में मौजूद भगवान वामन मंदिर के विकास और सौंदर्यीकरण को भी मंजूरी दी है. प्रशासन मंदिर परिसर के लिए अलग से भूमि चिन्हित करेगी. सुरक्षा के लिए चहारदीवारी बनाई जाएगी और श्रद्धालुओं के सुगम प्रवेश की व्यवस्था की जाएगी. इस फैसले से मंदिर के समग्र विकास का रास्ता भी साफ हो गया है. बिहार की ताजा समाचारों के लिए यहां क्लिक करें pressnotes01072026Download शिक्षा, आस्था और इंफ्रास्ट्रक्चर पर प्रशासन का फोकस बुधवार की कैबिनेट बैठक में लिए गए फैसलों से साफ है कि प्रशासन शिक्षा के विस्तार, धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने और सार्वजनिक सुविधाओं को आधुनिक बनाने पर एक साथ काम कर रही है. आने वाले समय में इन योजनाओं का लाभ लाखों छात्रों, यात्रियों और श्रद्धालुओं को मिलने की उम्मीद है. Also Read: MLC बनते ही पवन सिंह की डिमांड- बिहार में बने फिल्म सिटी, टैलेंटेड कलाकारों को मिले हुनर दिखाने का मौका The post बिहार में 5 नए केंद्रीय विद्यालय खुलेंगे, 31 बस स्टैंड होंगे हाईटेक, सम्राट कैबिनेट में 29 एजेंडों पर मुहर appeared first on Naya Vichar.

समस्तीपुर

‘सात निश्चय-3’ के तहत नए राजकीय महाविद्यालयों की तैयारियों का डीएम ने किया निरीक्षण, समय पर संचालन के दिए निर्देश

नया विचार न्यूज़ समस्तीपुर । बिहार प्रशासन की ‘सात निश्चय-3’ योजना के अंतर्गत महाविद्यालय विहीन प्रखंडों में नए राजकीय महाविद्यालयों की स्थापना एवं संचालन की तैयारियों का बुधवार को जिलाधिकारी रोशन कुशवाहा ने स्थलीय निरीक्षण किया। उन्होंने खानपुर और कल्याणपुर प्रखंड स्थित प्रस्तावित राजकीय महाविद्यालयों का दौरा कर आधारभूत सुविधाओं एवं शैक्षणिक तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने महाविद्यालय भवनों की स्थिति, फर्नीचर, आवश्यक उपकरणों की उपलब्धता, क्रय एवं आपूर्ति की प्रगति, शिक्षकों की पदस्थापना एवं प्रतिनियुक्ति, पेयजल, विद्युत, शौचालय तथा पठन-पाठन शुरू करने के लिए आवश्यक अन्य व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने अपर समाहर्ता सह नोडल पदाधिकारी प्रेम शंकर झा एवं संबंधित महाविद्यालयों के प्राचार्यों से तैयारियों की बिंदुवार जानकारी प्राप्त की। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि प्रशासन की मंशा के अनुरूप सभी शेष कार्यों को सर्वोच्च प्राथमिकता के आधार पर निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूरा किया जाए, ताकि महाविद्यालयों का नियमित संचालन शीघ्र प्रारंभ हो सके। उन्होंने स्पष्ट कहा कि किसी भी स्तर पर लापरवाही या अनावश्यक विलंब स्वीकार नहीं किया जाएगा। सभी संबंधित विभाग आपसी समन्वय स्थापित कर आवश्यक व्यवस्थाएं समय पर पूरी करें। उन्होंने कहा कि इन महाविद्यालयों के शुरू होने से ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यार्थियों को स्थानीय स्तर पर उच्च शिक्षा की बेहतर सुविधा मिलेगी और उन्हें पढ़ाई के लिए दूर-दराज के शहरों का रुख नहीं करना पड़ेगा। गौरतलब है कि जिले के खानपुर, कल्याणपुर, सिंघिया, विभूतिपुर और विद्यापतिनगर प्रखंडों में कुल पांच नए राजकीय महाविद्यालयों का संचालन प्रस्तावित है। निरीक्षण के दौरान उप विकास आयुक्त सूर्य प्रताप सिंह, अपर समाहर्ता ब्रजेश कुमार, संबंधित अनुमंडल पदाधिकारी, जिला शिक्षा विभाग के अधिकारी, संबंधित महाविद्यालयों के प्राचार्य तथा अन्य प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे।

समस्तीपुर

समारोहपूर्वक मनाया गया डॉक्टर्स डे

नया विचार न्यूज़ सरायरंजन : प्रखंड अंतर्गत मध्य विद्यालय गंगापुर में बुधवार को डॉक्टर्स डे मनाया गयामनाया । समारोह की अध्यक्षता करते हुए विद्यालय के प्रधानाध्यापक अखिलेश ठाकुर ने कहा की हिंदुस्तान में प्रत्येक वर्ष 1 जुलाई को डॉक्टर्स डे मनाया जाता है।यह दिन महान चिकित्सक, शिक्षाविद,स्वतंत्रता सेनानी तथा पश्चिम बंगाल के द्वितीय मुख्यमंत्री डॉ. विधान चंद्र राय की जयंती और पुण्यतिथि के उपलक्ष में मनाया जाता है।डॉ. वी.सी. राय का जीवन चिकित्सा सेवा, ईमानदारी, अनुशासन और मानव कल्याण का अद्भुत उदाहरण है। उनके सम्मान में पूरे देश में यह दिन चिकित्सकों के अमूल्य योगदान को याद करने और उन्हें सम्मानित करने के लिए मनाया जाता है। वहीं वरीय शिक्षक त्रिभुवन प्रसाद शर्मा ने कहा कि डॉक्टर वह व्यक्ति होता है जो रोगी के दर्द को अपना दर्द समझता है। जब कोई व्यक्ति बीमारी, दुर्घटना या किसी गंभीर संकट से जूझ रहा होता है तब डॉक्टर ही सबसे पहले उसकी सहायता के लिए आगे आते हैं। मौके पर शिक्षक– शिक्षिकाओं में राज कुमार,नूतन कुमारी, ज्योति कुमारी, रुबी कुमारी,आरती कुमारी,रिंकू कुमारी, शुभम कुमारी, सृष्टि सिंह सहित सभी छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।

समस्तीपुर

रेणु सिंह की पुण्यस्मृति में सजी काव्य संध्या, कविताओं के रंगों से सराबोर हुए श्रोता

नया विचार न्यूज़ सरायरंजन : प्रखंड के सीमावर्ती मालपुर स्थित रामचंद्र निवास में मंगलवार की संध्या दिवंगत रेणु सिंह की पुण्यस्मृति में एक भव्य काव्य गोष्ठी का आयोजन किया गया। साहित्य, संवेदना और सृजन के इस अनुपम संगम में कवियों ने अपनी रचनाओं के माध्यम से श्रृंगार, हास्य, समाज, प्रकृति और जीवन-दर्शन के विविध रंग प्रस्तुत कर श्रोताओं को भाव-विभोर कर दिया। कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों द्वारा मां सरस्वती के चित्र पर पुष्प अर्पित एवं दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया। समारोह की अध्यक्षता वरिष्ठ पत्रकार एवं कवि चांद मुसाफिर ने की। अपने अध्यक्षीय संबोधन में उन्होंने कहा कि साहित्य समाज का दर्पण होता है तथा ऐसे आयोजन हमारी सांस्कृतिक और साहित्यिक विरासत को जीवंत बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। काव्य गोष्ठी का संचालन चर्चित गीतकार डॉ. सच्चिदानंद पाठक ने किया। उन्होंने अपनी भावपूर्ण रचना “आशा नए दिवस की होगी सुबह नई, पूरब की लालिमा जाने कहां गई…” सुनाकर श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। डॉ. प्रेम कुमार पांडे ने “कविगण हैं आए, हम सबको बुलाए…” के माध्यम से साहित्यिक वातावरण को और ऊर्जावान बनाया। पर्यावरणविद् वशिष्ठ राय ‘वशिष्ठ’ ने “पर्यावरण जान है जीवन की, यह पहचान है मधुवन की…” प्रस्तुत कर प्रकृति संरक्षण का संदेश दिया। प्रसिद्ध शायर ज्वाला सांध्यपुष्प ने “नारी सुंदर गीत है, नारी स्वयं सितार…” सुनाकर नारी सम्मान और उसकी महिमा का भावपूर्ण चित्रण किया। वहीं दुखित महतो ‘भक्तराज’ की कृष्णभक्ति से ओतप्रोत रचना “बड़ा नटखट हई माखन चोर…” ने श्रोताओं का भरपूर मनोरंजन किया।चर्चित कवि एवं पत्रकार कुमोद प्रसाद गिरि ने अपनी स्मृतिपरक रचना “आज स्मृतियों के दीप पुनः जल उठे हैं, मन के आंगन में भावों के फूल खिल उठे हैं…” प्रस्तुत कर कार्यक्रम को भावनात्मक ऊंचाई प्रदान की। स्मृति झा ने अपनी प्रभावशाली रचना “चौंकने का दौर है ये, चौंकना जारी रहेगा…” के माध्यम से समकालीन सामाजिक यथार्थ को स्वर दिया।अध्यक्ष चांद मुसाफिर ने अपनी चर्चित पंक्तियां “जुल्मी की उठती कोठी को देखा उम्र भर, लेकिन ऐशोआराम खातिर जुल्म करना नहीं सीखा…” सुनाकर श्रोताओं की खूब वाहवाही बटोरी। देर शाम तक रामचंद्र निवास तालियों की गड़गड़ाहट और साहित्यिक रसधारा से गुंजायमान रहा।गोष्ठी में गणेश दत्त झा, मनोज कुमार मिश्रा चंद्रशेखर चौधरी आजादविकास कुमार, बब्बन गिरि,रमा चौधरी, बेबी चौधरी, आर्या हिंदुस्तानी सहित अन्य कवियों ने भी अपनी समकालीन रचनाओं के माध्यम से सामाजिक सरोकारों, मानवीय मूल्यों और जीवन की सच्चाइयों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया।कार्यक्रम के अंत में मुख्य आयोजक अरुण कुमार सिंह ‘मालपुरी’ ने सभी अतिथियों, कवियों एवं श्रोताओं के प्रति आभार व्यक्त करते हुए सफल आयोजन के लिए सभी का धन्यवाद ज्ञापित किया।

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मैक्सिको की जीत का जश्न बना मातम, वर्ल्ड कप सेलिब्रेशन के दौरान 2 फैंस की मौत

Mexico City Stampede: फीफा वर्ल्ड कप 2026 में इक्वाडोर पर मैक्सिको की ऐतिहासिक जीत के बाद जश्न का माहौल उस समय मातम में बदल गया, जब मेक्सिको सिटी में भारी भीड़ के बीच दम घुटने से दो लोगों की मौत हो गई. स्थानीय स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, मृतकों में 44 वर्षीय एक पुरुष और 19 वर्षीय एक स्त्री शामिल हैं. यह हादसा मेक्सिको सिटी के प्रसिद्ध एंजेल ऑफ इंडिपेंडेंस स्मारक के पास हैम्बर्गो और लैंकेस्टर सड़कों के चौराहे पर हुआ, जहां हजारों फुटबॉल फैंस टीम की जीत का जश्न मनाने के लिए जमा हुए थे. अधिकारियों ने बताया कि दोनों को बचाने के लिए मौके पर ही उन्नत चिकित्सा सहायता और सीपीआर दिया गया, लेकिन उनकी जान नहीं बचाई जा सकी. #Now#MexicoCity Health Dept confirmed deaths of 2 in celebrations for #Mexico team’s victory. They were a 44yo man & a 19yo woman & both died of asphyxia despite CPR efforts. They were treated at intersection of Lancaster & Paseo de la Reforma & were id’d by their families. pic.twitter.com/Ut1vQJc6xh — Mexico Times (@mexicotimes) July 1, 2026 40 साल बाद मिली नॉकआउट जीत मैक्सिको ने राउंड ऑफ 32 मुकाबले में इक्वाडोर को 2-0 से हराकर प्री-क्वार्टर फाइनल (राउंड ऑफ 16) में जगह बनाई. यह 1986 के बाद वर्ल्ड कप नॉकआउट चरण में मैक्सिको की पहली जीत है. साथ ही टीम ने नॉकआउट मुकाबलों में लगातार आठ हार के सिलसिले को भी खत्म किया. मैच में छाए रहे क्विनोनेस और जिमेनेज खराब मौसम के कारण एक घंटे की देरी से शुरू हुए मुकाबले में मैक्सिको ने शुरुआत से ही दबदबा बनाए रखा. जूलियन क्विनोनेस ने पहले हाफ में टीम को बढ़त दिलाई, जबकि अनुभवी स्ट्राइकर राउल जिमेनेज ने दूसरा गोल कर बढ़त दोगुनी कर दी. दूसरे हाफ में इक्वाडोर ने वापसी की कोशिश की, लेकिन मैक्सिको की मजबूत डिफेंस के सामने उसे सफलता नहीं मिली. इंजरी टाइम में इक्वाडोर के डिफेंडर पिएरो हिंकापिए को रेड कार्ड भी मिला. दो खिलाड़ियों ने रचा इतिहास इस मुकाबले में 17 साल 259 दिन के गिल्बर्टो मोरा ने इतिहास रच दिया. वह फीफा वर्ल्ड कप के नॉकआउट मैच में शुरुआत करने वाले दूसरे सबसे युवा खिलाड़ी बने. इस सूची में उनसे आगे सिर्फ ब्राजील के महान खिलाड़ी पेले हैं. राउल जिमेनेज बने सबसे उम्रदराज खिलाड़ी वहीं राउल जिमेनेज 35 साल 56 दिन की उम्र में वर्ल्ड कप नॉकआउट मुकाबले में गोल करने वाले सबसे उम्रदराज मैक्सिकन खिलाड़ी बन गए. वह नॉकआउट चरण में गोल करने वाले 30 वर्ष से अधिक उम्र के पहले मैक्सिकन फुटबॉलर भी बने हैं. अब मैक्सिको का सामना राउंड ऑफ 16 में इंग्लैंड और डीआर कांगो के बीच होने वाले मुकाबले के विजेता से होगा. यह भी पढ़ें: पेनल्टी शूटआउट में हार के बाद डच टीम के कोच रोनाल्ड कोमैन ने छोड़ा पद The post मैक्सिको की जीत का जश्न बना मातम, वर्ल्ड कप सेलिब्रेशन के दौरान 2 फैंस की मौत appeared first on Naya Vichar.

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WhatsApp यूजरनेम फीचर पर सरकार की नजर! क्या बढ़ जाएगा ऑनलाइन फ्रॉड का खतरा?

अगर आप जल्द ही अपना मोबाइल नंबर बताए बिना सिर्फ यूजरनेम के जरिए WhatsApp इस्तेमाल करने की तैयारी कर रहे हैं, तो यह समाचार आपके लिए बेहद अहम है. WhatsApp जल्द ही ऐसा बड़ा बदलाव करने जा रहा है, जिससे लोग फोन नंबर शेयर किए बिना एक-दूसरे से जुड़सकेंगे. हालांकि इस नए फीचर ने हिंदुस्तान प्रशासन का भी ध्यान अपनी ओर खींच लिया है. इंडिया टुडे की एक रिपोर्ट के मुताबिक, केंद्र प्रशासन इस फीचर की गहराई से समीक्षा करेगी ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि इससे साइबर फ्रॉड और ऑनलाइन ठगी के नए रास्ते न खुल जाएं. अगर जांच में कोई गंभीर खामी सामने आती है, तो Meta से जवाब भी मांगा जा सकता है. WhatsApp का नया यूजरनेम फीचर क्या है? व्हाट्सऐप एक नया यूजरनेम सिस्टम ला रहा है, जिसके बाद यूजर्स अपनी पहचान के लिए मोबाइल नंबर की जगह एक यूनिक यूजरनेम का इस्तेमाल कर सकेंगे. इसका मकसद लोगों की प्राइवेसी बढ़ाना है, खासकर उन परिस्थितियों में जहां किसी अनजान व्यक्ति या ग्रुप के साथ बातचीत करनी होती है. कंपनी के अनुसार, यूजरनेम बनाना पूरी तरह वैकल्पिक होगा. यूजर चाहें तो बाद में अपना यूजरनेम बदल भी सकेंगे या हटा भी सकेंगे. शुरुआत में यह सुविधा धीरे-धीरे सभी यूजर्स तक पहुंचाई जाएगी. प्रशासन क्यों कर रही है इस फीचर की समीक्षा? हिंदुस्तान में पिछले कुछ वर्षों में WhatsApp के जरिए होने वाले ऑनलाइन फ्रॉड और साइबर स्कैम के मामलों में तेजी आई है. ऐसे में प्रशासन यह समझना चाहती है कि मोबाइल नंबर छिपने के बाद कहीं अपराधियों के लिए फर्जी पहचान बनाना और आसान तो नहीं हो जाएगा. प्रशासनी सूत्रों के मुताबिक, जांच के दौरान यह देखा जाएगा कि WhatsApp ने फर्जी अकाउंट, पहचान की नकल (Impersonation) और साइबर अपराध रोकने के लिए कितनी मजबूत सुरक्षा व्यवस्था तैयार की है. यदि समीक्षा के दौरान कोई गंभीर कमी मिलती है, तो Meta को नोटिस जारी किया जा सकता है. कैसे काम करेगा नया सिस्टम? WhatsApp के अनुसार, यूजरनेम 3 से 35 कैरेक्टर तक का हो सकेगा. कुछ बड़े सार्वजनिक व्यक्तियों और मशहूर हस्तियों के नाम सुरक्षित रखे जाएंगे ताकि कोई दूसरा उनका गलत इस्तेमाल न कर सके. इसके अलावा कंपनी एक वैकल्पिक “यूजरनेम की” भी उपलब्ध कराने की योजना बना रही है. यह एक छोटा न्यूमेरिक कोड होगा, जिसे यूजर अपने भरोसेमंद लोगों के साथ साझा कर सकेंगे. इसका उद्देश्य फर्जी अकाउंट और नाम की नकल करने वालों से अतिरिक्त सुरक्षा देना है. Meta यह भी कहता है कि एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन पहले की तरह जारी रहेगा और निजी संदेश सुरक्षित रहेंगे. चिंता किस बात की है? डिजिटल सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि यह फीचर जहां प्राइवेसी बढ़ाएगा, वहीं साइबर अपराधियों को भी नया मौका दे सकता है. यदि कोई ठग किसी मशहूर व्यक्ति, बैंक, कंपनी या प्रशासनी संस्था से मिलता-जुलता यूजरनेम बना ले, तो लोगों को धोखा देना आसान हो सकता है. कुछ विशेषज्ञों ने Telegram का उदाहरण भी दिया है, जहां यूजरनेम आधारित सिस्टम का फायदा उठाकर कई फर्जी अकाउंट बनाए गए और लोगों से ठगी की गई. उनका मानना है कि हिंदुस्तान जैसे बड़े WhatsApp बाजार में मजबूत एंटी-फ्रॉड सिस्टम बेहद जरूरी होंगे. आम यूजर्स पर क्या पड़ेगा असर? अगर यह फीचर सुरक्षित तरीके से लागू होता है, तो यूजर्स को कई फायदे मिल सकते हैं. ग्रुप चैट, बिजनेस बातचीत और नए लोगों से संपर्क करते समय मोबाइल नंबर छिपा रहेगा, जिससे प्राइवेसी बेहतर होगी. लेकिन यूजर्स को भी सतर्क रहने की जरूरत होगी. किसी अनजान यूजरनेम से आए मैसेज पर भरोसा करने से पहले उसकी पहचान की पुष्टि करना जरूरी होगा. संदिग्ध अकाउंट मिलने पर तुरंत ब्लॉक और रिपोर्ट करने की सलाह दी जाती है. यह भी पढ़ें: अब नंबर नहीं, Username से कर सकेंगे WhatsApp पर चैट, ऐसे रिजर्व करें अपना यूनिक नाम यह भी पढ़ें: WhatsApp पर बिना नंबर शेयर किए शुरू करें चैट, जानें Username सेट करने का तरीका The post WhatsApp यूजरनेम फीचर पर प्रशासन की नजर! क्या बढ़ जाएगा ऑनलाइन फ्रॉड का खतरा? appeared first on Naya Vichar.

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पवन सिंह, निशांत समेत 10 सदस्यों ने ली MLC पद की शपथ, 20 दिन पहले हुए थे निर्विरोध निर्वाचित

Bihar MLC Oath Ceremony: बिहार विधान परिषद के नवनिर्वाचित 10 सदस्यों ने बुधवार को पद और गोपनीयता की शपथ ली. पटना स्थित विधान परिषद एनेक्सी में आयोजित समारोह में नेतृत्वक और प्रशासनिक जगत की कई बड़ी हस्तियां मौजूद रहीं. शपथ ग्रहण की शुरुआत भोजपुरी अभिनेता और गायक पवन सिंह ने की. उनके बाद स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार, संजय मयूख, सुनील कुमार सिंह समेत सभी नवनिर्वाचित सदस्यों ने शपथ ली. सभी 11 जून को निर्विरोध निर्वाचित हुए थे. समारोह में जुटे सत्ता और विपक्ष के बड़े नेता शपथ ग्रहण समारोह में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, विधान परिषद के सभापति अवधेश नारायण सिंह, नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव और उपमुख्यमंत्री विजय चौधरी मौजूद रहे. समारोह के दौरान सत्ता और विपक्ष के नेताओं की मौजूदगी चर्चा का विषय रही. मंच पर विजय चौधरी के बगल में तेजस्वी यादव बैठे नजर आए. पटना: बिहार विधान परिषद के नवनिर्वाचित 10 सदस्यों ने बुधवार को पद और गोपनीयता की शपथ ली. समारोह में कई बड़े नेता मौजूद रहे. शपथ की शुरुआत पवन सिंह ने की. उनके बाद स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार, सुनील कुमार सिंह समेत सभी सदस्यों ने शपथ ली.#Bihar #MLC #Politics #prabhatkhabar… pic.twitter.com/9ppqXrzf50 — Naya Vichar (@prabhatkhabar) July 1, 2026 10 सीटों पर सभी उम्मीदवार निर्विरोध चुने गए हाल ही में विधान परिषद की 10 सीटों के लिए चुनाव हुआ था. इन सीटों पर कुल 10 उम्मीदवारों ने ही नामांकन दाखिल किया, इसलिए सभी उम्मीदवार निर्विरोध निर्वाचित घोषित किए गए. इन सीटों में भाजपा और जेडीयू के चार-चार, जबकि राजद और लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के एक-एक उम्मीदवार शामिल थे. हालांकि, एनडीए ने मंत्री दीपक प्रकाश को इस बार एमएलसी उम्मीदवार नहीं बनाया. इसके बाद उनके नेतृत्वक भविष्य को लेकर चर्चाएं तेज हो गई थीं. नीतीश कुमार की सीट से पहुंचे ललन प्रसाद जेडीयू के वरिष्ठ नेता ललन प्रसाद को सबसे अहम सीट मिली. वे पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा खाली की गई विधान परिषद सीट से निर्विरोध चुने गए हैं. पार्टी नेतृत्व का उन पर भरोसा इस बात का संकेत माना जा रहा है कि संगठन और प्रशासन में उनकी भूमिका आगे और मजबूत हो सकती है. पवन सिंह का विधान परिषद में पहला कदम भोजपुरी सिनेमा के सुपरस्टार पवन सिंह ने पहली बार किसी सदन के सदस्य के रूप में शपथ ली. भाजपा ने उनकी लोकप्रियता और भोजपुरी क्षेत्र में मजबूत पकड़ को देखते हुए उन्हें उम्मीदवार बनाया था. पार्टी का मानना है कि पवन सिंह के जरिए शाहाबाद और भोजपुरी क्षेत्र में संगठन को और मजबूती मिलेगी. बिहार की ताजा समाचारों के लिए यहां क्लिक करें राबड़ी-तेजस्वी के करीबी हैं सुनील सिंह राजद के वरिष्ठ नेता डॉ. सुनील कुमार सिंह भी दोबारा विधान परिषद पहुंचे हैं. वे पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी के करीबी और नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव के भरोसेमंद नेताओं में माने जाते हैं. सदन में अपने आक्रामक और तार्किक अंदाज के लिए पहचान रखने वाले सुनील सिंह पर पार्टी ने एक बार फिर भरोसा जताया है. LJP (रामविलास) से अशरफ अंसारी को मौका लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) ने अशरफ अंसारी को विधान परिषद भेजा है. वे पार्टी के बिहार प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष और मुख्य प्रवक्ता हैं. पार्टी अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने उनके नाम की घोषणा करते हुए कहा था कि अशरफ अंसारी लंबे समय से पार्टी के समर्पित कार्यकर्ता रहे हैं. संगठन को मजबूत करने में उनके योगदान को देखते हुए उन्हें यह जिम्मेदारी दी गई है. Also Read: RJD के स्थापना दिवस पर तेजस्वी यादव बोले- अंतिम सांस तक BJP और RSS से लड़ता रहूंगा The post पवन सिंह, निशांत समेत 10 सदस्यों ने ली MLC पद की शपथ, 20 दिन पहले हुए थे निर्विरोध निर्वाचित appeared first on Naya Vichar.

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Welcome To The Jungle Success: अक्षय कुमार ने इन दो एक्टर्स को दिया फिल्म की सफलता का क्रेडिट, कहा- इनके आशीर्वाद से मिल रहा है इतना प्यार

Welcome To The Jungle Success: बॉक्स ऑफिस पर ‘वेलकम टू द जंगल’ की शानदार कमाई और सफलता का सिलसिला लगातार जारी है. दर्शकों से मिल रहे इस बेहतरीन रिस्पॉन्स के बीच, सुपरस्टार अक्षय कुमार ने एक बेहद इमोशनल पोस्ट शेयर की है. उन्होंने इस फिल्म से जुड़े दो बहुत ही खास और सीनियर कलाकारों फरीदा जलाल जी और किरण कुमार सर का दिल से आभार जताया है. अक्षय का मानना है कि इन बड़े बुजुर्गों के आशीर्वाद की वजह से ही फिल्म को इतनी बड़ी कामयाबी मिल रही है. Akshay Kumar Emotional Post: सेट की अनदेखी तस्वीर शेयर कर कही दिल की बात अक्षय कुमार ने फिल्म के सेट से एक बेहद प्यारी और अनदेखी तस्वीर सोशल मीडिया पर पोस्ट की. इस फोटो को शेयर करते हुए उन्होंने लिखा कि यह तस्वीर उनके दिल के बेहद करीब है और अपनी भावनाओं को जताने के लिए ‘थैंक यू’ शब्द बहुत छोटा है. अक्षय ने लिखा, “वैसे तो मैं इस फिल्म से जुड़े हर एक इंसान का कर्जदार हूं, लेकिन फरीदा जी और किरण सर जैसे सीनियर कलाकारों के आगे मैं सम्मान से अपना सिर झुकाता हूं. यह जरूर इन बड़ों का आशीर्वाद ही है, जिसकी वजह से हमारी फिल्म को दर्शकों का इतना अनोखा और ढेर सारा प्यार मिल रहा है.” अक्षय कुमार ने पूरी टीम की तरफ से फैंस को शुक्रिया कहा और अपनी बात को “जय महाकाल” के साथ पूरा किया. यहां देखें अक्षय का पोस्ट- If a picture is worth a thousand words, this one for me is worth millions.Badi bi sahi keh rahi hai… THANK YOU is very small in front of what I feel right now.While I am indebted to every single soul connected to Welcome to the Jungle, I bow down in gratitude to seniors like… pic.twitter.com/K8SGxuuTIg — Akshay Kumar (@akshaykumar) July 1, 2026 Welcome To The Jungle Box Office: कमाई 120 करोड़ के पार, सुपरहिट बनने की ओर फिल्म अहमद खान के निर्देशन में बनी ‘वेलकम टू द जंगल’ अब तक दुनिया भर में 120 करोड़ रुपये से ज्यादा की कमाई कर चुकी है. फिल्म का बजट करीब 125 करोड़ रुपये बताया जा रहा है, जिसे यह जल्द ही पार करके सुपरहिट का टैग हासिल कर सकती है. फिल्म में सीनियर एक्टर्स के अलावा सुनील शेट्टी, रवीना टंडन, जॉनी लीवर और राजपाल यादव जैसे कई बड़े सितारे नजर आ रहे हैं, जो अपने कॉमिक अंदाज से दर्शकों का खूब एंटरटेन कर रहे हैं. यह भी पढ़ें: बॉक्स ऑफिस पर टॉपर निकली ‘वेलकम टू द जंगल’ या हुई फेल, 5वें दिन की कलेक्शन ने खोली पोल यह भी पढ़ें: Welcome to the Jungle के असली बजट से डायरेक्टर ने उठाया पर्दा, ‘वेलकम 4’ पर बोले- जॉन अब्राहम भी दिख सकते हैं The post Welcome To The Jungle Success: अक्षय कुमार ने इन दो एक्टर्स को दिया फिल्म की सफलता का क्रेडिट, कहा- इनके आशीर्वाद से मिल रहा है इतना प्यार appeared first on Naya Vichar.

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