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Author name: Vinod Jha

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57 रन लुटाकर प्रसिद्ध कृष्णा ने बनाया शर्मनाक रिकॉर्ड, T20I इतिहास में पहली बार हुआ ऐसा

Prasidh Krishna: हिंदुस्तान और आयरलैंड के बीच बेलफास्ट में स्पोर्ट्से गए पहले टी20 मुकाबले में तेज गेंदबाज प्रसिद्ध कृष्णा के नाम एक ऐसा रिकॉर्ड दर्ज हो गया, जिसे वह शायद ही याद रखना चाहेंगे. प्रसिद्ध T20 इंटरनेशनल क्रिकेट के इतिहास में लगातार दो मैचों में सबसे ज्यादा रन लुटाने वाले गेंदबाज बन गए हैं. प्रसिद्ध कृष्णा ने इस मुकाबले में अपने चार ओवर के स्पेल में बिना कोई विकेट लिए 57 रन खर्च किए. इससे पहले उन्होंने 2023 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ गुवाहाटी टी20 में 4 ओवर में 68 रन दिए थे. इस तरह लगातार दो T20I मैचों में उनके नाम 125 रन दर्ज हो गए, जो एक अनचाहा रिकॉर्ड है. महंगा साबित हुआ स्पेल प्रसिद्ध सातवें ओवर में गेंदबाजी के लिए आए थे. उन्होंने शुरुआती गेंदों पर अच्छी लाइन-लेंथ दिखाई, लेकिन उसी ओवर में दो छक्के खाकर 14 रन दे बैठे. इसके बाद उन्होंने कुछ अच्छी गेंदें जरूर डालीं, लेकिन आयरलैंड के बल्लेबाज लगातार उन पर दबाव बनाते रहे. लॉर्कन टकर और गैरेथ डेलानी ने उनके खिलाफ खुलकर शॉट लगाए. आखिरी ओवर में हुई जमकर धुनाई प्रसिद्ध का सबसे महंगा ओवर उनका आखिरी ओवर साबित हुआ. जॉर्ज डॉकरेल ने ओवर की शुरुआत चौके से की, जबकि डेलानी ने एक चौका और लगातार तीन छक्के जड़ दिए. इस ओवर में कुल 27 रन बने. यह T20 इंटरनेशनल में आयरलैंड के खिलाफ किसी हिंदुस्तानीय गेंदबाज का सबसे महंगा ओवर भी बन गया. यॉर्कर और स्लोअर गेंदों की उनकी कोशिशें भी बल्लेबाजों को रोक नहीं सकीं. प्रसिद्ध के ओवर के कारण आयरलैंड की टीम 9 विकेट के नुकसान पर 182 रन बनाने में कामयाब रही. सवालों के घेरे में प्रदर्शन प्रसिद्ध कृष्णा को इस सीरीज के लिए चोटिल मोहम्मद सिराज की जगह हिंदुस्तानीय टीम में शामिल किया गया था. हालांकि पहले ही मैच में उनका प्रदर्शन उम्मीदों पर खरा नहीं उतर सका. प्रसिद्ध के पास गति और उछाल जैसी खूबियां हैं, लेकिन अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में उनकी सबसे बड़ी समस्या निरंतरता रही है. यही वजह है कि उन्हें टीम में शामिल किए जाने के फैसले पर पहले से ही सवाल उठ रहे थे और अब यह प्रदर्शन उन चर्चाओं को और बढ़ा सकता है. हिंदुस्तान के लिए यह राहत की बात रही कि टीम ने मैच में वापसी की, लेकिन प्रसिद्ध कृष्णा के लिए बेलफास्ट का यह मुकाबला लंबे समय तक एक कड़वी याद बनकर रह सकता है. यह भी पढ़ें: बेन स्टोक्स ने रचा इतिहास, टेस्ट में ऐसा कारनामा करने वाले दुनिया के दूसरे खिलाड़ी बने The post 57 रन लुटाकर प्रसिद्ध कृष्णा ने बनाया शर्मनाक रिकॉर्ड, T20I इतिहास में पहली बार हुआ ऐसा appeared first on Naya Vichar.

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यूपी में मुहर्रम के जुलूस में बड़ा हादसा, एक की दर्दनाक मौत, 6 लोग झुलसे

UP Accident: उत्तर प्रदेश में मुहर्रम के ताजिया जुलूस के दौरान बड़ा हादसा हो गया. एटा के अलीगंज क्षेत्र में ताजिया हाईटेंशन बिजली लाइन से टकरा गया, जिससे उसमें करंट उतर आया. हादसे में जुलूस में शामिल सात लोग झुलस गए. सभी को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने 22 वर्षीय सैफ को मृत घोषित कर दिया. बाकी छह घायलों का उपचार जारी है. हादसे की जानकारी पर बड़ी संख्या में लोग पहुंच कर घटना पर आक्रोश जताया. घटना की सूचना मिलते ही भारी संख्या में पुलिस पहुंची और लोगों को समझाकर मामले को शांत किया. पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराया है. हादसे के बाद मची अफरा-तफरी हादसे की सूचना मिलते ही क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गई. अधिकारियों ने घटनास्थल का निरीक्षण किया, घायलों का हालचाल जाना और राहत एवं बचाव कार्य की निगरानी की. घटना की जानकारी मिलते ही लाइन काट दी गई थी. बताया जा रहा है कि ताजिया की ऊंचाई अधिक थी. प्रशासन ने स्थिति को नियंत्रित करते हुए मामले की जांच शुरू कर दी है. बिजली लाइन से टकराने से हुआ हादसा स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि ताजिया जुलूस के दौरान बिजली आपूर्ति बंद नहीं की गई, जबकि हर साल सुरक्षा को देखते हुए ऐसा किया जाता था. प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि जिस स्थान पर हादसा हुआ, वहां बिजली का पोल झुका हुआ था. जुलूस के दौरान ताजिया हल्का झुक गया और उस पर लगी लोहे की पट्टी बिजली के तारों से छू गई, इससे ताजिये में करंट उतर आया और उसे उठाए लोग उसकी चपेट में आ गए. मामा के घर रहता था सैफ बतादें कि सैफ अपने मामा के घर कानपुर में रहता था. वहां बाइक मिस्त्री था. मुहर्रम के कारण आठ दिन पहले ही वह अलीगंज आया था. उसे ताजिए बनाने का शौक था और अच्छे बनाता था, इसके लिए अलीगंज के साथी युवकों ने फोनकर उसे बुला लिया था, जिस दिन से वह अलीगंज आया था उसी दिन से इस कार्य में जुट गया था. वह हर वर्ष ताजिये को लेकर उत्साहित रहता था. यह भी पढ़ें: राम मंदिर दान चोरी मामले में 79 लाख बरामद, 8 आरोपियों को जेल, SBI के कई स्टाफ भी SIT के रडार पर The post यूपी में मुहर्रम के जुलूस में बड़ा हादसा, एक की दर्दनाक मौत, 6 लोग झुलसे appeared first on Naya Vichar.

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‘हमें हमारा गणेश लौटा दें’, तारातला हादसे में जान गंवाने वाले मजदूर का शव पहुंचा धनबाद

निरसा से अरिंदम चक्रवर्ती की रिपोर्ट Dhanbad News: पश्चिम बंगाल के कोलकाता स्थित तारातला में निर्माणाधीन गोदाम ढहने की दुर्घटना में जान गंवाने वाले धनबाद के मजदूर गणेश कालिंदी का शव शुक्रवार सुबह उनके पैतृक गांव सालूकचापड़ा पहुंचा. शव गांव पहुंचते ही पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई. परिजनों की चीख-पुकार और ग्रामीणों की नम आंखों ने हर किसी को भावुक कर दिया. गणेश का अंतिम संस्कार गांव के समीप स्थित श्मशान घाट में किया गया. शव पहुंचते ही फूट पड़ा परिजनों का दर्द गणेश कालिंदी का शव लेकर उनके जीजा शिवनाथ बाध्यकर और भांजा गौतम बाध्यकर कोलकाता से गांव पहुंचे. शव देखते ही परिवार के लोग उससे लिपटकर फूट-फूटकर रोने लगे. घर में हर ओर सिर्फ एक ही आवाज सुनाई दे रही थी, “हमें मुआवजा नहीं चाहिए, हमारा गणेश वापस लौटा दो.” परिजनों का विलाप सुनकर वहां मौजूद ग्रामीण भी अपने आंसू नहीं रोक सके. पूरे गांव में मातम का माहौल छा गया और हर किसी की आंखें नम थीं. सिर्फ 15 दिन पहले कमाने गया था कोलकाता परिवार के अनुसार गणेश कालिंदी महज 15 दिन पहले अपने साथियों के साथ रोजगार की तलाश में कोलकाता गया था. किसी ने भी नहीं सोचा था कि वह जिंदा लौटने के बजाय ताबूत में बंद होकर वापस आएगा. परिजनों ने कहा कि परिवार की आर्थिक स्थिति बेहतर करने के लिए वह घर से निकला था, लेकिन अब उसके हिस्से में सिर्फ मौत आई और परिवार के हिस्से में उसका शव. मुआवजे की घोषणा पर जताया आभार हादसे के बाद पश्चिम बंगाल प्रशासन की ओर से मुआवजे की घोषणा किए जाने पर परिजनों और ग्रामीणों ने प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त किया. हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि किसी अपने की कमी को कोई मुआवजा पूरा नहीं कर सकता. परिवार के लोगों का कहना था कि पैसे से उनका दर्द कम नहीं होगा, क्योंकि उन्होंने अपने घर का कमाने वाला सदस्य खो दिया है. विधायक ने हरसंभव मदद का दिया भरोसा घटना की सूचना मिलते ही निरसा विधायक अरूप चटर्जी, जिला परिषद सदस्य बादल बाउरी, पंचायत प्रतिनिधि और बड़ी संख्या में ग्रामीण गणेश के घर पहुंचे. विधायक अरूप चटर्जी ने शोकाकुल परिवार को सांत्वना देते हुए हरसंभव सहयोग का भरोसा दिया. उन्होंने गणेश की बेटी मोमिता समेत परिवार के बच्चों की पढ़ाई में मदद करने का आश्वासन भी दिया. वहीं सामाजिक कार्यकर्ता सरस्वती गोराई ने भी परिवार की सहायता करने की बात कही. पत्नी और बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल गणेश कालिंदी अपने पीछे पत्नी लक्खी कालिंदी, बेटियां मोमिता, निकिता और रितिका तथा पुत्र जगरनाथ को छोड़ गए हैं. इसके अलावा बड़े भाई बामापद कालिंदी, भाभी करुणा बाध्यकर और वृद्ध माता-पिता का भी रो-रोकर बुरा हाल था. परिवार के लोग खुद को पूरी तरह बेसहारा महसूस कर रहे थे. गांव की स्त्रीएं परिजनों को ढांढस बंधाने का प्रयास करती रहीं, लेकिन घर का माहौल बेहद गमगीन बना रहा. चश्मदीद साथियों ने सुनाई हादसे की पूरी कहानी गणेश के साथ काम करने वाले मजदूर राजू बाध्यकर और विजय बाध्यकर ने हादसे की भयावह कहानी सुनाई. उन्होंने बताया कि बुधवार दोपहर करीब 12 बजे सभी मजदूर काम खत्म करने के बाद हाथ-पैर धोकर गुटखा खाने के लिए बाहर निकले थे. इसी दौरान गणेश अपने कपड़े लेने के लिए निर्माणाधीन भवन की दूसरी मंजिल पर चला गया. तभी अचानक पूरी इमारत भरभराकर गिर गई और वह मलबे के नीचे दब गया. इसे भी पढ़ें: तारातला हादसा : कालीचरण गिरफ्तार, फिरहाद के पूर्व ओसीडी से पुलिस कर रही पूछताछ पांच घंटे तक फोन पर बचाने की गुहार लगाता रहा गणेश राजू और विजय ने बताया कि भवन गिरने के बाद भी गणेश कुछ समय तक जीवित था और मलबे के नीचे से फोन पर उनसे लगातार संपर्क में था. उन्होंने बताया कि करीब पांच घंटे तक गणेश उनसे बात करता रहा और बार-बार सिर्फ एक ही बात कहता रहा, “भाई… किसी भी हालत में मुझे बचा लो.” साथियों ने बताया कि वे लगातार राहत और बचाव दल से उसे जल्द निकालने की गुहार लगाते रहे, लेकिन भारी मलबे और कठिन परिस्थितियों के कारण समय पर उसे बाहर नहीं निकाला जा सका. अंततः उसकी मौत हो गई. गणेश कालिंदी की मौत ने न केवल उनके परिवार, बल्कि पूरे सालूकचापड़ा गांव को गहरे सदमे में डाल दिया है. अंतिम संस्कार के दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे और नम आंखों से उन्हें अंतिम विदाई दी. इसे भी पढ़ें: कोलकाता के तारातला में अचानक ढहा गोदाम, मलबे में कम से कम 40 लोग दबे The post ‘हमें हमारा गणेश लौटा दें’, तारातला हादसे में जान गंवाने वाले मजदूर का शव पहुंचा धनबाद appeared first on Naya Vichar.

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बिहार में 1 रुपये क्यों दी गई 15 एकड़ जमीन? सरकार का मेगा प्लान जानिए

Bihar Development Project: बिहार प्रशासन ने मुंगेर जिले के तारापुर में स्थित 15 एकड़ एक डिसमिल प्रशासनी जमीन को ईशा फाउंडेशन को लीज पर देने का एक बहुत बड़ा फैसला किया है. यह जमीन किसी निजी या कमर्शियल बिजनेस के लिए नहीं, बल्कि धार्मिक, सांस्कृतिक और पर्यटन केंद्र विकसित करने के लिए मात्र 1 रुपये के टोकन मूल्य पर दी गई है. तारापुर में बनेगा आधुनिक सुविधाओं वाला पर्यटन केंद्र प्रशासन की तरफ से मिली जानकारी के अनुसार, इस कीमती जमीन पर सभी आधुनिक सुविधाओं से लैस एक बड़ा और समेकित सांस्कृतिक, धार्मिक और पर्यटन केंद्र बनाया जाएगा. जब यह प्रोजेक्ट पूरी तरह बनकर तैयार हो जाएगा, तब यह देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए एक मुख्य आकर्षण का केंद्र बनेगा. प्रशासन का असली मकसद मुंगेर को बिहार के सबसे प्रमुख धार्मिक पर्यटन स्थलों की लिस्ट में शामिल करना है. शिव परिपथ और कांवरियों को मिलेगा बहुत बड़ा फायदा तारापुर का इलाका प्राचीन अंग क्षेत्र का एक बेहद महत्वपूर्ण हिस्सा है और यह शिव परिपथ का भी एक मुख्य पड़ाव माना जाता है. सुल्तानगंज से बाबाधाम देवघर तक जाने वाली विश्व प्रसिद्ध कांवर यात्रा का रास्ता भी इसी क्षेत्र से होकर गुजरता है. हर साल सावन के महीने में लाखों की संख्या में शिव भक्त और कांवरिए इसी मार्ग से पैदल यात्रा करते हैं. ऐसे में यहां एक भव्य केंद्र बनने से धार्मिक पर्यटन को एक बिल्कुल नई और बड़ी पहचान मिलेगी. स्थानीय लोगों और युवाओं के लिए खुलेंगे नौकरी के रास्ते प्रशासन का साफ मानना है कि तारापुर में इस बड़े पर्यटन केंद्र के शुरू होने से यहां के स्थानीय लोगों की किस्मत बदल जाएगी. इसके बनने से आस-पास के इलाकों में होटल, ट्रांसपोर्ट, हैंडीक्राफ्ट, खान-पान और दूसरे छोटे-बड़े बिजनेस को बहुत तेजी से बढ़ावा मिलेगा. इस वजह से क्षेत्र के बेरोजगार युवाओं को रोजगार के नए अवसर मिलेंगे. बिहार की ताजा समाचारों के लिए क्लिक करें पर्यटन के जरिए विकास पर प्रशासन का पूरा फोकस बिहार प्रशासन राज्य की ऐतिहासिक, धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत को दुनिया के सामने लाने और उसे पर्यटन से जोड़ने के लिए लगातार बड़े फैसले ले रही है. इसी योजना के तहत ईशा फाउंडेशन के सहयोग से मुंगेर में इस ड्रीम प्रोजेक्ट की शुरुआत की जा रही है. प्रशासन को पूरी उम्मीद है कि इस ऐतिहासिक कदम से मुंगेर की पहचान राष्ट्रीय पर्यटन के नक्शे पर और ज्यादा मजबूत होगी. इसे भी पढ़ें: बिहार को मोदी प्रशासन ने दिया 2900 करोड़ का तोहफा, जानिए कैसे खर्च होगा पैसा और क्या है 50-50 का फॉर्मूला? 27, 28, 29 जून को बिहार के इन जिलों में 60 KMPH की रफ्तार से चलेगी हवा, बारिश और वज्रपात पर IMD का डबल अलर्ट The post बिहार में 1 रुपये क्यों दी गई 15 एकड़ जमीन? प्रशासन का मेगा प्लान जानिए appeared first on Naya Vichar.

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राम मंदिर दान चोरी मामले में 79 लाख बरामद, 8 आरोपियों को जेल, SBI के कई स्टाफ भी SIT के रडार पर

Ayodhya Ram Mandir News: राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में गिरफ्तार सभी आठ आरोपियों को शुक्रवार को फैजाबाद अदालत में पेश किया गया, जहां करीब एक घंटे से अधिक चली सुनवाई के बाद कोर्ट ने सभी आरोपियों को सोमवार तक न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया. जांच एजेंसियों ने आरोपियों के कब्जे से 79 लाख 85 हजार रुपये नकद बरामद करने का दावा किया है. अभियोजन अधिकारी केसी वर्मा ने बताया कि मामले में आरोपियों को सोमवार को फिर अदालत में पेश किया जाएगा. वहीं, सहायक अभियोजन अधिकारी नवनीत कुमार ने कहा कि अगली सुनवाई एंटी करप्शन कोर्ट में होगी. SBI कर्मचारियों की भूमिका भी जांच के दायरे में अभियोजन पक्ष ने अदालत को बताया कि इस कथित गबन और चढ़ावा चोरी मामले में हिंदुस्तानीय स्टेट बैंक (SBI) के 5 से 6 कर्मचारियों की भूमिका भी संदेह के घेरे में है. जांच एजेंसियां उनकी संभावित संलिप्तता की गहन जांच कर रही हैं. अधिकारियों के अनुसार, अब तक की कार्रवाई में नकदी के साथ कुछ आभूषण भी बरामद किए गए हैं. मामला भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत दर्ज है और इसके वित्तीय व तकनीकी पहलुओं की जांच जारी है. सोमवार को आरोपियों को दोबारा अदालत में पेश किए जाने के दौरान जांच से जुड़े अन्य तथ्यों पर भी सुनवाई होने की संभावना है. चंपत राय और अनिल मिश्रा ने दिया इस्तीफा राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में एसआईटी जांच और FIR दर्ज और राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी अनिल मिश्रा के इस्तीफे ने मामले को नया मोड़ दे दिया है. सूत्रों के अनुसार, चंदा और चढ़ावे में कथित गड़बड़ी के आरोपों के चलते दोनों पर पद छोड़ने का दबाव बढ़ रहा था. ऐसे में नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए चंपत राय और अनिल मिश्रा ने अपने-अपने पदों से इस्तीफा सौंप दिया है. इस पूरे घटनाक्रम के बाद उत्तर प्रदेश की नेतृत्व गरमा गई है. CCTV का नाम ‘चढ़ावा-चोरी TV’ साबित होगा: अखिलेश यादव अखिलेश यादव ने सोशल मीडियो पर लिखा है कि, हमने तो पहले ही कहा था कि CCTV का नाम ‘चढ़ावा-चोरी TV’ साबित होगा. जिन लोगों ने ‘सत्रह’ बार लूटा, वो सैंकड़ों साल से इतिहास में बदनाम हैं, जिन्होंने केवल 40 दिन में ‘सत्तर’ बार लूटा वो तो इतिहास में इस महापाप के लिए ‘सात’ जन्मों के लिए काले अक्षरों में दर्ज़ हो जाएंगे. ये सोचा जाए जिन्होंने सात हफ़्ते में इतनी चोरी कर ली है, उन्होंने पिछले इतने सालों में कितना चुराया होगा, कितना आपस में बाँटा होगा, कितना चुपके से छुपाया-दबाया होगा और कितना अपने मुखिया तक पहुंचाया होगा. अखंड निंदनीय! यह भी पढ़ें: Champat Rai: कौन हैं चंपत राय? 18 महीने जेल, राम मंदिर आंदोलन और अब महासचिव पद से इस्तीफा The post राम मंदिर दान चोरी मामले में 79 लाख बरामद, 8 आरोपियों को जेल, SBI के कई स्टाफ भी SIT के रडार पर appeared first on Naya Vichar.

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वैभव सूर्यवंशी का नहीं हुआ डेब्यू, श्रेयस अय्यर ने बताई प्लेइंग XI से बाहर रखने की वजह

Vaibhav Sooryavanshi Debut Delay: हिंदुस्तान और आयरलैंड के बीच दो मैचों की टी20 सीरीज का पहला मुकाबला बेलफास्ट में स्पोर्ट्सा जा रहा है. मैच में हिंदुस्तानीय कप्तान श्रेयस अय्यर ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया. हालांकि, जिस खिलाड़ी के डेब्यू का फैंस बेसब्री से इंतजार कर रहे थे, वह इंतजार अभी खत्म नहीं हुआ है. 15 साल के युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी को पहले टी20 मुकाबले की प्लेइंग इलेवन में शामिल नहीं किया गया. ऐसे में उन्हें हिंदुस्तानीय टीम के लिए डेब्यू करने के लिए अभी और इंतजार करना होगा. वैभव को लेकर क्या बोले श्रेयस अय्यर? टॉस के दौरान श्रेयस अय्यर ने साफ किया कि टीम प्रबंधन फिलहाल उन खिलाड़ियों के साथ जाना चाहता है जिन्होंने हालिया सीरीज में हिंदुस्तान के लिए शानदार प्रदर्शन किया है. उन्होंने कहा कि वैभव बेहद प्रतिभाशाली खिलाड़ी हैं, लेकिन मौजूदा समय में टीम के पास काफी अनुभव मौजूद है. अय्यर ने कहा, “वह एक शानदार खिलाड़ी हैं, लेकिन हमारे स्क्वॉड में कई अनुभवी खिलाड़ी हैं जिन्होंने पिछले कुछ समय में हिंदुस्तान के लिए बेहतरीन प्रदर्शन किया है. हम उन्हीं खिलाड़ियों का समर्थन कर रहे हैं. वैभव को समय आने पर मौका मिलेगा, लेकिन फिलहाल हम तीन तेज गेंदबाज, एक ऑलराउंडर और दो स्पिनरों के साथ उतर रहे हैं.” फैंस को अभी करना होगा इंतजार वैभव सूर्यवंशी को हाल के दिनों में हिंदुस्तानीय क्रिकेट का सबसे बड़ा उभरता सितारा माना जा रहा है. ऐसे में उनके डेब्यू को लेकर काफी चर्चा थी, लेकिन पहले टी20 में मौका नहीं मिलने से फैंस को अभी कुछ और समय इंतजार करना पड़ेगा. हालांकि, श्रेयस अय्यर के बयान से साफ है कि टीम मैनेजमेंट वैभव को भविष्य की बड़ी योजना का हिस्सा मानता है और सही अवसर आने पर उन्हें अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में उतारा जाएगा. दोनों टीमों की प्लेइंग-11 आयरलैंड: टिम टेक्टर, रॉस अडायर, हैरी टेक्टर, लोर्कन टकर (विकेटकीपर/कप्तान), बेंजामिन कैलिट्ज, गैरेथ डेलानी, जॉर्ज डॉकरेल, लियाम मैक्कार्थी, मैथ्यू हम्फ्रीज, जय मूंदड़ा, मैथ्यू होलार्ड हिंदुस्तान: अभिषेक शर्मा, संजू सैमसन (विकेटकीपर), ईशान किशन, श्रेयस अय्यर (कप्तान), तिलक वर्मा, शिवम दुबे, अक्षर पटेल, वाशिंगटन सुंदर, हर्षित राणा, अर्शदीप सिंह, प्रसिद्ध कृष्णा यह भी पढ़ें: प्रैक्टिस ग्राउंड पर अचानक ऐसा क्या हुआ कि भड़क गए वैभव सूर्यवंशी? वीडियो देख फैंस भी हैरान The post वैभव सूर्यवंशी का नहीं हुआ डेब्यू, श्रेयस अय्यर ने बताई प्लेइंग XI से बाहर रखने की वजह appeared first on Naya Vichar.

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पुलिस पूछताछ में टूटी सिया, कहा- विग पहनता था केतन इसलिए कर दी हत्या, फोन ने भी खोले कई राज

Ketan Agarwal Murder Case: पुणे के केतन अग्रवाल हत्याकांड की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, वैसे-वैसे नए खुलासे सामने आ रहे हैं. मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक शुक्रवार को पुलिस की पूछताछ में मुख्य आरोपी सिया गोयल ने दावा किया कि वह केतन से शादी नहीं करना चाहती थी क्योंकि उसके सिर पर बाल नहीं थे और वह विग पहनता था. सिया ने यह भी कहा है कि उसने परिवार की नाराजगी से बचने के लिए शादी से इनकार नहीं किया था. यह शादी केतन के मामा ने तय करवाई थी. फरवरी में दोनों की सगाई हुई थी. नवंबर में शादी होने वाली थी. शादी के लिए करोड़ों खर्च कर राजस्थान में पैलेस बुक किया गया था. सिया के बयानों पर उठे सवाल, फोन चैट ने भी खोले कई राज केतन अग्रवाल हत्याकांड में सिया से पूछताछ के दौरान लोनावला ग्रामीण पुलिस ने कहा है कि सिया गोयल विरोधाभासी बयान दे रही है. उसके बयान और उसके मोबाइल फोन से बरामद चैट सिया के दावों से मेल नहीं खाती हैं. पुलिस अधिकारियों के अनुसार- पूछताछ के दौरान सिया गोयल ने दावा किया कि उसने पहले ही केतन अग्रवाल को बता दिया था कि वह उससे शादी नहीं करना चाहती. सिया के मुताबिक, इसके जवाब में केतन कहता था कि अब बहुत देर हो चुकी है, बात हद से आगे बढ़ चुकी है और अब कुछ नहीं किया जा सकता. हालांकि, पुलिस का कहना है कि सिया के बयान उपलब्ध डिजिटल सबूतों से मेल नहीं खाते. फोन चैट ने दावों पर खड़े किए सवाल जांच अधिकारियों के मुताबिक, पुलिस ने सिया और केतन दोनों के मोबाइल फोन जब्त किए हैं. इनमें मिली चैट से संकेत मिलता है कि शादी से पहले दोनों सामान्य मंगेतर की तरह बातचीत कर रहे थे और उनके बीच प्रेमपूर्ण संवाद हो रहे थे. एक पुलिस अधिकारी ने कहा- फोन से बरामद चैट के आधार पर उसके दावे भरोसे लायक नहीं लगते. अधिकारी ने बताया कि डिजिटल सबूतों के साथ सभी बयानों का मिलान किया जा रहा है. हर पहलू से जांच में जुटी पुलिस लोनावला ग्रामीण पुलिस का कहना है कि जांच किसी एक एंगल तक सीमित नहीं है. डिजिटल सबूत, घटनास्थल से मिले साक्ष्य और आरोपियों के बयानों की बारीकी से पड़ताल की जा रही है, ताकि पूरे घटनाक्रम की सच्चाई सामने लाई जा सके. इन समाचारों को भी पढ़ें पुणे कांड में नया मोड़: लुल्ला नगर कैफे पहुंची पुलिस, यहीं रची गई थी केतन अग्रवाल की हत्या की साजिशपुणे मर्डर: क्या सिया करती थी ड्रिंक? मां बोली- दोषी है तो बेटी को उसी जगह से धक्का दे दिया जाए 18 जून को हुई थी केतन अग्रवाल की मौत जानकारी के मुताबिक 18 जून को पुणे के पास स्थित लोहागढ़ किले से गिरने के बाद केतन अग्रवाल की मौत हो गई थी. इसके बाद मामले में हत्या का केस दर्ज किया गया. जांच के दौरान पुलिस को संदेह है कि मुख्य आरोपी सिया गोयल अपनी जिंदगी के इस चरण में शादी नहीं करना चाहती थी और कथित तौर पर परिवार के दबाव में उसने यह रिश्ता स्वीकार किया था. पुलिस इस पहलू की भी जांच कर रही है. सिया गोयल और चेतन चौधरी पुलिस हिरासत में केतन अग्रवाल की मंगेतर सिया गोयल और उसके दोस्त चेतन चौधरी को 23 जून को गिरफ्तार किया गया था. दोनों फिलहाल 29 जून तक पुलिस हिरासत में हैं और उनसे लगातार पूछताछ की जा रही है. Also Read: पुणे मर्डर : परिवार के एक शक से खुल गई पोल, केतन की मौत का सच आया सामने The post पुलिस पूछताछ में टूटी सिया, कहा- विग पहनता था केतन इसलिए कर दी हत्या, फोन ने भी खोले कई राज appeared first on Naya Vichar.

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अमेरिकी ग्रीन कार्ड हो सकता है महंगा, जानिए भारतीयों पर क्या और कैसा होगा असर?

US Green Card : अमेरिका में ट्रंप प्रशासन ने एक नया नियम प्रस्तावित किया है, जिसके तहत अमेरिकी नागरिकता के लिए आवश्यक आवेदन पत्र दाखिल करने की फीस में भारी बढ़ोतरी की जा सकती है. यदि यह प्रस्ताव लागू होता है, तो अमेरिका में स्थायी रूप से बसने की प्रक्रिया और महंगी हो जायेगी. इसका असर हिंदुस्तानीयों पर भी पड़ेगा. अमेरिकी गृह सुरक्षा विभाग के प्रस्ताव के अनुसार, नागरिकता के लिए इस्तेमाल होने वाले फॉर्म एन-400 की आवेदन फीस 760 डॉलर से बढ़ाकर 1,330 डॉलर कर दी जायेगी यानी लगभग 75 प्रतिशत की वृद्धि. वहीं ऑनलाइन आवेदन की फीस 710 डॉलर से बढ़ाकर 1,280 डॉलर कर दी जाएगी, जो लगभग 80 प्रतिशत की बढ़ोतरी है. हालांकि संघीय गरीबी मानक के 400 प्रतिशत से कम आय वाले परिवारों के लिए वर्तमान 380 डॉलर की फीस यथावत रखी गयी है, लेकिन प्रस्ताव में रियायती शुल्क और शुल्क माफी की व्यवस्था समाप्त करने के सुझाव दिये गये है. यह नियम अभी प्रस्तावित अवस्था में है. इसे लागू होने से पहले सार्वजनिक टिप्पणियों की प्रक्रिया से गुजरना होगा. लिहाजा, यह कम-से-कम 60 दिनों तक प्रभावी नहीं होगा. अमेरिका में लगभग 67 लाख हिंदुस्तानीय हिंदुस्तान प्रशासन के विदेश मंत्रालय के अनुसार जनवरी 2026 तक अमेरिका में लगभग 67 लाख हिंदुस्तानीय मूल के लोग रहते हैं. इनमें लगभग 37.7 लाख हिंदुस्तानीय मूल के अमेरिकी और 23.1 लाख अनिवासी हिंदुस्तानीय (एनआरआइ) शामिल हैं. तीन वर्षों में ग्रीन कार्ड पाने वाले हिंदुस्तानीयों की संख्या 50% घटी. वर्ष हिंदुस्तानीयों को मिले ग्रीन कार्ड 2022 1,27,010 2023 78,070 2024 66,800 स्रोत : अमेरिकी गृह सुरक्षा सांख्यिकी कार्यालय एच1बी वीजा फीस बढ़ाने में रहे नाकाम, तो ट्रंप ने उठाया यह कदम सितंबर 2025 में ट्रंप ने एच1बी वीजा आवेदन शुल्क को औसतन 2,000 डॉलर से बढ़ाकर एक लाख डॉलर करने का प्रस्ताव रखा था. यह शुल्क उन कंपनियों को देना था, जो विदेशी कुशल कर्मचारियों को अमेरिका में नौकरी के लिए प्रायोजित करती हैं. एच1बी के माध्यम से बड़ी संख्या में हिंदुस्तानीय आइटी, इंजीनियरिंग और अन्य पेशेवर क्षेत्रों में अमेरिका में काम करते रहे हैं. मैसाचुसेट्स के बोस्टन स्थित एक संघीय अदालत ने इस शुल्क शुल्क वृद्धि को गैरकानूनी बताते हुए निरस्त कर दिया था. यह हिंदुस्तानीय पेशेवरों को सीमित करने की कोशिश :प्रो धनंजय त्रिपाठी विदेश मामलों के जानकार प्रो धनंजय त्रिपाठी ( इंटरनेशनल स्टडी, साउथ एशियन यूनिवर्सिटी) का कहना है कि यह राजस्व का मामला नहीं है, क्योंकि इससे वहां की कंपनी का ही वित्तीय बोझ बढ़ेगा. यह अवैध प्रवासन का भी मामला नहीं है, क्योंकि जो भी हिंदुस्तानीय पेशेवर वहां जा रहा है, वह लीगल डॉक्यूमेंट के आधार पर ही जा रहा है. यह हिंदुस्तानीय पेशेवरों को सीमित करने का प्रयास है. हिंदुस्तानीय पेशेवरों और छात्रों पर इसका सबसे बड़ा प्रभाव क्या होगा? अमेरिकी नागरिकता के लिए आवेदन फीस में भारी बढ़ोतरी करने के फैसले से हिंदुस्तानीय पेशेवरों और अमेरिका में पढ़ने के इच्छुक छात्राें पर असर पड़ना तय है. कई छात्रों को अमेरिका में पढ़ने के लिए स्कॉलरशिप मिलती थी. फीस बढ़ने के बाद ऐसे छात्रों की संख्या में कमी आना तय है. इसके अलावा कंपनियों में काम करने वाले कर्मचारी शार्ट टर्म कोर्स के लिए अमेरिका जाते थे. फीस में बढ़ोतरी के बाद कंपनियों के समक्ष वित्तीय दबाव बढ़ेगा और कंपनियां ऐसे कोर्स को सपोर्ट करने से परहेज करेगी. क्या अमेरिका की आकर्षण शक्ति कम हो रही है? अब भी शिक्षा और रिसर्च के लिए अमेरिका सबसे पसंदीदा जगह है, क्योंकि अमेरिका में इसके लिए इंफ्रास्ट्रक्चर और अन्य बुनियादी सुविधा किसी अन्य देश के मुकाबले अधिक है, लेकिन हाल के वर्षों में जिस तरह ट्रंप प्रशासन अवैध प्रवासन के नाम पर मनमाने फैसले ले रहा है, उससे अमेरिका इस मामले में पिछड़ सकता है. अमेरिका में पढ़ने और रिसर्च के लिए जाने वाले छात्र और पेशेवर वैध वीजा पर जाते हैं और इसे अवैध प्रवासन से जोड़ा नहीं जा सकता है. ऐसे में अमेरिकी प्रशासन के फैसले से आने वाले समय में हिंदुस्तान ही नहीं अन्य देशों के छात्रों और पेशेवरों का आकर्षण अमेरिका के प्रति कम होना तय है. यह अमेरिका के लिए चिंता की बात होनी चाहिए क्योंकि दुनिया के सबसे प्रतिभाशाली छात्र और पेशेवरों की कमी से अमेरिका को व्यापक स्तर पर नुकसान होना तय है. ये भी पढ़ें : कौन हैं अन्नामलाई जिनके बीजेपी छोड़ने पर मचा हड़कंप? तमिलनाडु की नेतृत्व में आ सकता है नया मोड़ पवनराजे निंबालकर हत्याकांड: 20 साल, 128 गवाह… फिर भी पद्मसिंह पाटिल समेत सभी आरोपी बरी The post अमेरिकी ग्रीन कार्ड हो सकता है महंगा, जानिए हिंदुस्तानीयों पर क्या और कैसा होगा असर? appeared first on Naya Vichar.

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हर लड़की की वॉर्डरोब में होनी चाहिए ये फ्लोरल प्रिंट साड़ियां, मिलेगा क्लासी लुक

Latest Floral Saree: फैशन हर सीजन बदलता रहता है, लेकिन साड़ी का ट्रेंड कभी पुराना नहीं होता. चाहे ऑफिस का कोई फंक्शन हो, फैमिली पार्टी हो या दोस्तों के साथ आउटिंग, एक अच्छी साड़ी हमेशा आपका लुक खास बना देती है. इन दिनों फ्लोरल प्रिंट साड़ियां काफी पसंद की जा रही हैं. फूलों वाले खूबसूरत डिजाइन साड़ी को फ्रेश और एलिगेंट लुक देते हैं. अगर आप भी अपनी वॉर्डरोब में कुछ नया जोड़ना चाहती हैं, तो ये फ्लोरल साड़ियां एक बेहतरीन चॉइस हो सकती हैं. फ्लोरल ऑर्गेंजा साड़ी Ai image अगर आपको हल्की, स्टाइलिश और ग्रेसफुल साड़ी पसंद है, तो फ्लोरल ऑर्गेंजा साड़ी ट्राय कर सकती हैं. इसका फैब्रिक काफी हल्का होता है, जिससे इसे पूरे दिन आराम से पहना जा सकता है. ऑफिस पार्टी, डे-आउट, छोटी फैमिली गैदरिंग या किसी खास मौके पर यह साड़ी बहुत अच्छी लगती है. इसके साथ पर्ल ज्वेलरी पहनें, तो आपका लुक और भी क्लासी नजर आएगा. फ्लोरल शिफॉन जरी वर्क साड़ी Ai image अगर आप सिंपल के साथ थोड़ा रॉयल लुक चाहती हैं, तो फ्लोरल शिफॉन जरी वर्क साड़ी अच्छा ऑप्शन है. शिफॉन का फैब्रिक पहनने में आरामदायक होता है और जरी का काम इसे खास बनाता है. इसे ऑफिस इवेंट, फेस्टिवल या किसी खास फंक्शन में आसानी से पहना जा सकता है. इस साड़ी के साथ मिरर वर्क ज्वेलरी या छोटे ईयररिंग्स आपके लुक को और भी आकर्षक बना सकते हैं. फ्लोरल सीक्विन वर्क साड़ी Ai image अगर किसी पार्टी, शादी या पूजा में स्टाइलिश दिखना चाहती हैं, तो फ्लोरल सीक्विन वर्क साड़ी बेहतरीन ऑप्शन है. इसमें हल्की चमक वाला सीक्विन वर्क होता है, जो साड़ी को ग्लैमरस लुक देता है. इसे चोकर नेकलेस, स्टाइलिश सैंडल या हील्स के साथ पहनकर आप अपना पूरा लुक आसानी से कंप्लीट कर सकती हैं. फ्लोरल साड़ी खरीदते समय रखें इन बातों का ध्यान फ्लोरल प्रिंट साड़ी चुनते समय सिर्फ डिजाइन ही नहीं, बल्कि फैब्रिक पर भी ध्यान दें. ऑर्गेंजा, शिफॉन, कॉटन और जॉर्जेट जैसे हल्के फैब्रिक पूरे दिन पहनने में आराम देते हैं. वहीं बहुत बड़े प्रिंट की जगह छोटे और सॉफ्ट फ्लोरल प्रिंट ज्यादा एलिगेंट और क्लासी लुक देते हैं. अगर सही फैब्रिक और सही डिजाइन चुनेंगी, तो आपकी साड़ी हर मौके पर खूबसूरत नजर आएगी. यह भी पढ़ें: ऑफिस में चाहिए स्टाइल और आराम दोनों? ट्राय करें ये स्मार्ट आउटफिट आइडियज The post हर लड़की की वॉर्डरोब में होनी चाहिए ये फ्लोरल प्रिंट साड़ियां, मिलेगा क्लासी लुक appeared first on Naya Vichar.

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1 लाख रुपये से कम कीमत वाला इलेक्ट्रिक स्कूटर बना हिट, 4 लाख लोगों ने जताया भरोसा

हिंदुस्तान में इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर बाजार तेजी से विस्तार कर रहा है और इसी बीच ग्रीव्स इलेक्ट्रिक मोबिलिटी के ब्रांड एम्पियर (Ampere EV) ने एक बड़ा मुकाम हासिल कर लिया है. कंपनी ने घोषणा की है कि उसके इलेक्ट्रिक स्कूटरों का कुल विनिर्माण और बिक्री आंकड़ा 4 लाख यूनिट के पार पहुंच गया है. यह उपलब्धि ऐसे समय में आई है जब देश में किफायती और रोजमर्रा की जरूरतों के लिए उपयुक्त इलेक्ट्रिक वाहनों की मांग लगातार बढ़ रही है. 4 लाख यूनिट का आंकड़ा पार, बढ़ा ग्राहकों का भरोसा एम्पियर के लिए यह उपलब्धि केवल एक बिक्री रिकॉर्ड नहीं है, बल्कि हिंदुस्तानीय ग्राहकों के बीच ब्रांड की मजबूत होती पकड़ का संकेत भी है. कंपनी का कहना है कि उसने शुरू से ही ऐसे इलेक्ट्रिक स्कूटर तैयार करने पर ध्यान दिया है जो हिंदुस्तानीय सड़कों, मौसम और उपयोग की परिस्थितियों के अनुरूप हों. यही वजह है कि ब्रांड धीरे-धीरे बड़े पैमाने पर ग्राहकों की पसंद बनता जा रहा है. बिक्री में 51% की जोरदार बढ़ोतरी ग्रीव्स इलेक्ट्रिक मोबिलिटी के मुताबिक वित्त वर्ष 2025-26 में एम्पियर की बिक्री में सालाना आधार पर 51 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है. यह ग्रोथ ऐसे समय में आई है जब इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर बाजार में कई नए और स्थापित खिलाड़ी मौजूद हैं. कंपनी की बाजार हिस्सेदारी भी बढ़ी है, जो वित्त वर्ष 2024-25 के 3.6 प्रतिशत से बढ़कर 4.4 प्रतिशत तक पहुंच गई है. किफायती कीमत बनी बड़ी ताकत एम्पियर की रणनीति का सबसे अहम हिस्सा कम कीमत वाले इलेक्ट्रिक स्कूटरों पर फोकस करना रहा है. कंपनी विशेष रूप से 1 लाख रुपये से कम कीमत वाले सेगमेंट में अपनी पकड़ मजबूत कर रही है. बढ़ती ईंधन कीमतों के बीच कम रनिंग कॉस्ट और आसान मेंटेनेंस जैसे फायदे ग्राहकों को इलेक्ट्रिक स्कूटर की ओर आकर्षित कर रहे हैं. यह भी पढ़ें: न स्टैंड की जरूरत, न बैलेंस की टेंशन, खुद खड़ा रहेगा यह स्कूटर यह भी पढ़ें: हिंदुस्तान का सबसे सस्ता इलेक्ट्रिक स्कूटर! कीमत सिर्फ 59,990 रुपये, 100KM रेंज के साथ मिलते हैं कई शानदार फीचर्स हिंदुस्तानीय परिस्थितियों के हिसाब से तैयार किए जाते हैं स्कूटर कंपनी का दावा है कि उसके इलेक्ट्रिक वाहन हिंदुस्तानीय सड़क नेटवर्क और विविध भौगोलिक परिस्थितियों को ध्यान में रखकर डेवलप किए जाते हैं. सुरक्षा, टिकाऊपन और स्मार्ट फीचर्स पर विशेष ध्यान दिया जाता है. इसके साथ ही पारंपरिक पेट्रोल स्कूटरों की तुलना में कम परिचालन लागत भी ग्राहकों के लिए बड़ा आकर्षण बन रही है. इलेक्ट्रिक मोबिलिटी में मजबूत हो रही मौजूदगी ग्रीव्स इलेक्ट्रिक मोबिलिटी के प्रबंध निदेशक विकास सिंह के अनुसार 4 लाख यूनिट का आंकड़ा ग्राहकों के भरोसे का प्रमाण है. उनका मानना है कि मूल्य आधारित और भरोसेमंद इलेक्ट्रिक मोबिलिटी समाधान उपलब्ध कराने की रणनीति ने कंपनी को इस मुकाम तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई है. आने वाले वर्षों में इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर बाजार के और तेज होने की उम्मीद है, ऐसे में एम्पियर अपनी हिस्सेदारी बढ़ाने की दिशा में लगातार काम कर रहा है. यह भी पढ़ें: बिना लाइसेंस चलाइए नया इलेक्ट्रिक स्कूटर, स्लो स्पीड लेकिन फीचर्स की भरमार यह भी पढ़ें: बाजार का सामान, हेलमेट और बैग… सब कुछ रख लेगा यह इलेक्ट्रिक स्कूटर! 55 लीटर स्टोरेज के साथ बना फैमिली यूजर्स की पहली पसंद The post 1 लाख रुपये से कम कीमत वाला इलेक्ट्रिक स्कूटर बना हिट, 4 लाख लोगों ने जताया भरोसा appeared first on Naya Vichar.

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