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Author name: Vinod Jha

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IIT बॉम्बे से UPSC टॉपर, जानें कनिष्क कटारिया ने कैसे हासिल की AIR-1

IAS Kanishak Kataria Success Story: देश की सबसे कठिन परीक्षाओं में गिनी जाने वाली सिविल सर्विस एग्जाम में हर साल लाखों कैंडिडेट्स शामिल होते हैं. लेकिन बहुत कम लोग ही इसमें टॉप रैंक हासिल कर पाते हैं. साल 2018 में एक ऐसे ही प्रतिभाशाली युवा कनिष्क कटारिया ने अपने पहले ही प्रयास में इस एग्जाम में AIR-1 हासिल कर सबका ध्यान अपनी ओर खींच लिया. टेक्नोलॉजी के सेक्टर में शानदार करियर होने के बावजूद उन्होंने देश की सेवा को अपना लक्ष्य बनाया और कड़ी मेहनत के दम पर यह मुकाम हासिल किया. उनकी सफलता आज उन युवाओं के लिए बड़ी प्रेरणा है, जो एडमिनिस्ट्रेटिव सर्विस में जाकर समाज और देश के लिए कुछ बड़ा करना चाहते हैं. आइए इनकी जर्नी (IAS Kanishak Kataria Success Story) को करीब से जानते हैं. IAS Kanishak Kataria Success Story: कौन है कनिष्क कटारिया ? कनिष्क कटारिया 2019 बैच के IAS ऑफिसर हैं. वे मूलरूप से राजस्थान में जयपुर के रहने वाले हैं. मिडिल क्लास फैमिली से आने वाले कनिष्क कटारिया बचपन से ही पढ़ाई में अव्वल रहे हैं. उनके पिता संवरमल वर्मा राजस्थान कैडर के IAS ऑफिसर हैं और उनकी माता हाउसवाइफ है. उन्होनें अपनी स्कूलिंग सेंट पॉल्स सीनियर सेकेंडरी स्कूल कोटा से 2010 में पूरी की है. उनका बचपन पढ़ाई और डिसिप्लिन वाले एनवायरनमेंट में बीता है. IIT बॉम्बे से की पढ़ाई कनिष्क कटारिया 2010 में IIT-JEE एग्जाम में AIR 44 हासिल किया. इसके बाद उन्होनें आईआईटी बॉम्बे से कंप्यूटर साइंस में BTech ऑनर्स और एप्लाइड स्टैटिस्टिक्स में माइनर्स किया. 2014 में ग्रेजुएशन करने के बाद उनके पिता ने UPSC के एग्जाम में बैठने के लिए कहा. नौकरी से UPSC तक का सफर ग्रेजुएशन करने के बाद कनिष्क कटारिया (IAS Kanishak Kataria Success Story) ने टेक्निकल फील्ड में काम किया. साउथ कोरिया में Samsung Electronics में सॉफ्टवेयर इंजीनियर के रूप में काम किया. बाद में इंडिया आकर बेंगलुरू में डेटा साइंटिस्ट बनें. हालांकि उन्हें अच्छी सैलरी और सफल करियर मिल चुका था, फिर भी उन्होनें देश की सेवा करने का सपना चुना. 2017 में कनिष्क ने नौकरी छोड़कर जयपुर में जाकर UPSC की तैयारी शुरू कर दी. UPSC में AIR-1 कनिष्क कटारिया ने अपने पहले ही प्रयास में यूपीएससी सिविल सर्विस एग्जाम में ऑल इंडिया रैंक-1 हासिल किया है. कनिष्क को राजस्थान कैडर मिला. फिलहाल वे Department of personnel (A-1) ऑफिसर रैंक में तैनात है. यह भी पढ़ें: बेटे से दूर रहकर की तैयारी, दूसरे प्रयास में हासिल की UPSC रैंक 2 The post IIT बॉम्बे से UPSC टॉपर, जानें कनिष्क कटारिया ने कैसे हासिल की AIR-1 appeared first on Naya Vichar.

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बंगाल चुनाव 2026 से पहले राज्यपाल सीवी आनंद बोस का इस्तीफा, ममता बनर्जी चिंतित

बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 से ठीक पहले पश्चिम बंगाल के राज्यपाल डॉ सीवी आनंद बोस ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है. यह समाचार सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पूर्व ट्विटर) पर ब्रेकिंग न्यूज के रूप में तेजी से फैल गयी. बताया जा रहा है कि बंगाल के गवर्नर ने दिल्ली के लोक भवन से राष्ट्रपति को अपना इस्तीफा भेज दिया. बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 की घोषणा से ठीक पहले राज्यपाल के इस्तीफे से बंगाल की नेतृत्वक हलचल बढ़ गयी है. राज्यपाल के इस्तीफे पर ममता बनर्जी ने जतायी चिंता राज्यपाल सीवी आनंद बोस के इस्तीफे पर ममता बनर्जी ने चिंता जतायी और कहा कि केंद्र प्रशासन ने उन पर इस्तीफे का दबाव बनाया. ममता बनर्जी ने सोशल मीडिया साइट एक्स पर लिखा कि राज्यपाल के अचानक इस्तीफे की वजह अभी स्पष्ट नहीं है, लेकिन मौजूदा नेतृत्वक परिस्थितियों को देखते हुए इस आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता कि केंद्र की ओर से उन पर दबाव बनाया गया हो. The post बंगाल चुनाव 2026 से पहले राज्यपाल सीवी आनंद बोस का इस्तीफा, ममता बनर्जी चिंतित appeared first on Naya Vichar.

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बिहार के इस स्टेशन पर 3 घंटे खड़ी रही डेमू ट्रेन, लोको पायलट ने ड्यूटी पूरी होने पर चलाने से किया इनकार

Bihar Train News: बिहार के किशनगंज जिले के ठाकुरगंज रेलवे स्टेशन पर बुधवार को एक अनोखी स्थिति देखने को मिली. मालदा से सिलीगुड़ी जा रही डेमू ट्रेन अचानक करीब तीन घंटे तक प्लेटफॉर्म पर खड़ी रही. वजह कोई तकनीकी खराबी नहीं थी, बल्कि ट्रेन के लोको पायलट का अपनी ड्यूटी पूरी होने के बाद आगे ट्रेन चलाने से इनकार करना था. इस घटना के कारण यात्रियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा और स्टेशन पर लंबे समय तक अफरा-तफरी जैसी स्थिति बनी रही. दोपहर 2:52 बजे स्टेशन पहुंची ट्रेन जानकारी के अनुसार मालदा से सिलीगुड़ी जा रही डेमू ट्रेन (संख्या 75719) बुधवार दोपहर करीब 2:52 बजे ठाकुरगंज रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर-1 पर पहुंची. ट्रेन के रुकते ही लोको पायलट ने स्टेशन मास्टर को सूचना दी कि उसकी निर्धारित ड्यूटी पूरी हो चुकी है. इसके बाद उसने ट्रेन को आगे ले जाने से साफ इनकार कर दिया. 9 घंटे की ड्यूटी पूरी होने का दिया हवाला लोको पायलट ने रेलवे के सुरक्षा नियमों का हवाला देते हुए कहा कि वह लगातार 9 घंटे की ड्यूटी कर चुका है. ऐसे में आगे ट्रेन चलाना सुरक्षा के लिहाज से सही नहीं होगा. रेलवे के नियमों के अनुसार लोको पायलट को लगातार 9 से 10 घंटे की ड्यूटी के बाद अनिवार्य रूप से विश्राम दिया जाना जरूरी है. यह नियम इसलिए बनाया गया है ताकि थकान की वजह से किसी तरह की दुर्घटना की आशंका कम हो सके. घंटों इंतजार करते रहे यात्री ट्रेन के अचानक रुक जाने से यात्रियों को काफी परेशानी झेलनी पड़ी. दोपहर से लेकर शाम तक ट्रेन प्लेटफॉर्म पर खड़ी रही. इस दौरान सिलीगुड़ी और किशनगंज की ओर जाने वाले कई यात्री ट्रेन में फंसे रहे. ट्रेन में व्यापारी, दैनिक मजदूर और छोटे बच्चों के साथ यात्रा कर रहे परिवार भी सवार थे. यात्रियों में दिखी नाराजगी कई घंटों तक ट्रेन के नहीं चलने से यात्रियों का धैर्य जवाब देने लगा. स्टेशन पर मौजूद लोगों ने रेल प्रशासन के खिलाफ नाराजगी जताई. कुछ यात्रियों का कहना था कि उन्हें आगे दूसरी ट्रेन पकड़नी थी, लेकिन इस देरी की वजह से उनकी ट्रेन छूट गई. सुरक्षा नियमों और यात्रियों की परेशानी के बीच फंसा मामला यह पूरा मामला रेलवे के सुरक्षा नियमों और यात्रियों की परेशानी के बीच संतुलन का उदाहरण बन गया. एक तरफ लोको पायलट ने नियमों का पालन किया, तो दूसरी तरफ यात्रियों को लंबे इंतजार का सामना करना पड़ा. हालांकि बाद में वैकल्पिक व्यवस्था कर ट्रेन को आगे रवाना करने की प्रक्रिया शुरू की गई. लेकिन तब तक कई यात्रियों को काफी असुविधा झेलनी पड़ चुकी थी. Also Read: अब किसके हाथ में होगी बिहार की कमान? गिरिराज सिंह बोले- अगला CM नीतीश की मर्जी से होगा तय The post बिहार के इस स्टेशन पर 3 घंटे खड़ी रही डेमू ट्रेन, लोको पायलट ने ड्यूटी पूरी होने पर चलाने से किया इनकार appeared first on Naya Vichar.

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50MP का ट्रिपल रियर कैमरा सेटअप के साथ Nothing Phone 4a सीरीज लॉन्च, जानें कीमत

Nothing ने अपनी नई Phone 4a सीरीज से आखिरकार पर्दा उठा दिया है. इस सीरीज में दो स्मार्टफोन लॉन्च किए गए हैं. दोनों का डिजाइन हमेशा की तरह काफी अलग और हटकर नजर आता है. दिलचस्प बात यह है कि दोनों फोन में Glyph लाइटिंग को अलग-अलग तरीके से पेश किया गया है. Phone 4a में बिल्कुल नया Glyph Bar देखने को मिलता है, जबकि Phone 4a Pro में वही Glyph Matrix वापस आया है. इसे हमने पिछले साल Nothing Phone (3) में भी देखा था. तो आइए जानते हैं इस नई Phone 4a सीरीज में क्या-क्या खास मिलने वाला है. Nothing Phone 4a सीरीज: डिजाइन Nothing की नई Phone 4a सीरीज में इस बार सबसे ज्यादा ध्यान इसके रंगों और डिजाइन पर दिया गया है. अगर रंगों की बात करें तो Phone 4a Pro सिल्वर, ब्लैक और पिंक कलर में आता है. वहीं Phone 4a पिंक, ब्लू, ब्लैक और व्हाइट जैसे ऑप्शन में उपलब्ध है. अब बात करते हैं Phone 4a Pro के डिजाइन की. इस बार कंपनी ने इसमें थोड़ा नया एक्सपेरिमेंट किया है. पहले जहां Nothing के फोन अपने ट्रांसपेरेंट लुक के लिए जाने जाते थे, वहीं इस मॉडल में मेटैलिक डिजाइन देखने को मिलता है. हालांकि कैमरा मॉड्यूल में ट्रांसपेरेंट एलिमेंट्स अभी भी मौजूद हैं और इस बार कैमरा मॉड्यूल पहले से काफी बड़ा हो गया है. फोन में Glyph Matrix भी दिया गया है और इसका मेटल यूनिबॉडी इसे प्रीमियम फील देता है. इसकी मोटाई करीब 7.95mm है. दूसरी तरफ Phone 4a में कंपनी ने वही सिग्नेचर ट्रांसपेरेंट डिजाइन बरकरार रखा है. इसके साथ कुछ मेटैलिक एलिमेंट्स भी देखने को मिलते हैं. फोन का बैक ग्लास का बना है. इसमें पिल-शेप कैमरा मॉड्यूल दिया गया है और उसके साथ Glyph Bar भी नजर आता है. इस फोन में फ्लैट प्लास्टिक फ्रेम दिया गया है और इसकी मोटाई 8.55mm है. अगर प्रोटेक्शन की बात करें तो Phone 4a Pro को IP65 रेटिंग मिली है, यानी यह धूल और हल्के पानी के छींटों से सुरक्षित रहेगा. वहीं Phone 4a को IP64 रेटिंग दी गई है. Nothing Phone 4a सीरीज: डिस्प्ले दोनों फोन में 6.78-इंच का 1.5K AMOLED डिस्प्ले मिलता है. फर्क सिर्फ रिफ्रेश रेट का है. Phone 4a Pro में 144Hz का रिफ्रेश रेट दिया गया है, जबकि Phone 4a में 120Hz रिफ्रेश रेट मिलता है. ब्राइटनेस की बात करें तो Pro मॉडल का डिस्प्ले 5,000 निट्स तक की पीक ब्राइटनेस तक पहुंच सकता है, जबकि Phone 4a में 4,500 निट्स की पीक ब्राइटनेस मिलती है. इसके अलावा दोनों ही फोन में ऑप्टिकल इन-डिस्प्ले फिंगरप्रिंट स्कैनर भी दिया गया है. Nothing Phone 4a सीरीज: बैटरी Phone 4a और Phone 4a Pro दोनों में 5,400mAh की बड़ी बैटरी मिलती है. साथ ही, दोनों डिवाइस 50W फास्ट चार्जिंग को सपोर्ट करते हैं, जिससे फोन को जल्दी चार्ज करना भी आसान हो जाता है. Nothing Phone 4a सीरीज: परफॉरमेंस Nothing Phone 4a Pro में नया Qualcomm Snapdragon 7 Gen 4 चिपसेट दिया गया है. वहीं, Phone 4a में Snapdragon 7s Gen 4 प्रोसेसर मिलता है. स्टोरेज की बात करें तो दोनों फोन में UFS 3.1 स्टोरेज दी गई है, जिससे ऐप्स तेजी से खुलते हैं और डेटा ट्रांसफर भी फास्ट रहता है. खास बात ये है कि Phone 4a Pro में LPDDR5X RAM भी मिलती है. इसके अलावा, दोनों फोन में बड़ा वापर चैंबर कूलिंग सिस्टम दिया गया है. सॉफ्टवेयर की बात करें तो दोनों फोन Android 16 पर बेस्ड Nothing OS 4.1 के साथ आते हैं. अपडेट्स को लेकर भी कंपनी ने अच्छी समाचार दी है. दोनों फोन को 3 साल तक Android OS अपडेट और 6 साल तक सिक्योरिटी अपडेट मिलते रहेंगे. Nothing Phone 4a सीरीज: कैमरा Nothing Phone 4a और Phone 4a Pro दोनों ही फोन में ट्रिपल रियर कैमरा सेटअप मिलता है. Phone 4a Pro में 50MP का Sony प्राइमरी सेंसर दिया गया है, जिसके साथ 50MP का JN5 3.5x पेरिस्कोप टेलीफोटो कैमरा और 8MP का अल्ट्रावाइड लेंस मिलता है. वहीं Nothing Phone 4a में भी टेलीफोटो और अल्ट्रावाइड कैमरे वही हैं, लेकिन इसका प्राइमरी कैमरा 50MP का Samsung GN9 सेंसर है. सेल्फी के शौकीनों के लिए दोनों फोन में 32MP का Samsung KD1 फ्रंट कैमरा दिया गया है. Nothing Phone 4a सीरीज: कीमत Nothing Phone 4a Pro की शुरुआत ₹39,999 से होती है, जो कि बेस 8GB/128GB वेरिएंट के लिए है. वहीं, 8GB/256GB और 12GB/256GB वेरिएंट्स ₹42,999 और ₹45,999 में मिलेंगे. Nothing Phone 4a का 8GB/128GB वेरिएंट ₹31,999 में उपलब्ध है. इसके बड़े वेरिएंट्स 8GB/256GB और 12GB/256GB की कीमतें ₹34,999 और ₹37,999 हैं. यह भी पढ़ें: 10,001mAh की बैटरी के साथ लॉन्च हुआ Realme Narzo Power 5G, जानें फीचर्स और प्राइस The post 50MP का ट्रिपल रियर कैमरा सेटअप के साथ Nothing Phone 4a सीरीज लॉन्च, जानें कीमत appeared first on Naya Vichar.

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अब से कुछ देर बाद भारत-इंग्लैंड के बीच भिड़ंत, दर्शकों से खचाखच भरा वानखेड़े

India vs England: टी20 वर्ल्ड कप के फाइनल में जगह बनाने के लिए हिंदुस्तान और इंग्लैंड की टीम आज के मुकाबले को हर हाल में जीतना चाहेगी. जबकि दक्षिण अफ्रीका को हराकर न्यूजीलैंड की टीम पहले ही फाइनल में पहुंच चुकी है. वानखेड़े की पिच कैसी है? पिच पर हल्की घास है. एक हाई-स्कोरिंग मुकाबले की उम्मीद है. इसी टीम के खिलाफ अभिषेक शर्मा ने एक साल पहले शानदार शतक जड़ा था. हिंदुस्तान अपने सलामी बल्लेबाज से इसी तरह के धमाके की उम्मीद करेगा. The post अब से कुछ देर बाद हिंदुस्तान-इंग्लैंड के बीच भिड़ंत, दर्शकों से खचाखच भरा वानखेड़े appeared first on Naya Vichar.

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भारत ने खामेनेई की मौत पर जताया शोक, विक्रम मिस्री ने कंडोलेंस बुक पर किया साइन

Khamenei Death: हिंदुस्तान प्रशासन की ओर से विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने गुरुवार को नई दिल्ली में ईरान के दूतावास में शोक पुस्तिका पर हस्ताक्षर किया. उन्होंने ईरान के मारे गए सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई के प्रति संवेदना व्यक्त की. खामेनेई की मौत पर उबल रहा कश्मीर खामेनेई की मौत के बाद पूरे देश में विरोध प्रदर्शन हो रहा है. कश्मीर में आज भी मामला शांत नहीं हुआ है. कश्मीर में गुरुवार को लगातार पांचवें दिन भी जनजीवन प्रभावित रहा. Foreign Secretary Vikram Misri, on behalf of Government of India, signed the Condolence Book at the Embassy of Iran in New Delhi today, and offered condolences to the slain Supreme Leader of Iran Ayatollah Ali Khamenei. (Pics Source: XPD Division, MEA) pic.twitter.com/IvDEjWgp3u — ANI (@ANI) March 5, 2026 उमर अब्दुल्ला ने लोगों से शांति की अपील की जम्मू कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने नागरिक समाज के प्रतिनिधियों और धार्मिक नेताओं के साथ बुधवार को बैठक की ताकि स्थिति को पुन: सामान्य किया जा सके. बैठक के बाद अब्दुल्ला ने लोगों से मस्जिदों, दरगाहों और इमामबाड़ों में शोक और आक्रोश व्यक्त करते हुए शांति बनाए रखने की अपील की. शनिवार तक स्कूल-कॉलेज बंद, इंटरनेट की गति कम प्रशासन ने शनिवार तक शिक्षण संस्थानों को बंद कर दिया है और मोबाइल इंटरनेट की गति कम कर दी है. कश्मीर के कई हिस्सों में लोगों की आवाजाही और उनके एकत्र होने पर प्रतिबंध जारी रहा. प्रदर्शनकारियों को एकत्र होने को रोकने के लिए शहर भर में बड़ी संख्या में पुलिस और अर्धसैनिक बल सीआरपीएफ (केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल) के जवानों को तैनात किया गया था. लाल चौक का घंटा घर प्रतिबंधित क्षेत्र बना लाल चौक का घंटा घर प्रतिबंधित क्षेत्र बना हुआ है. अवरोधक लगाकर इस इलाके को सील कर दिया था. अगस्त 2019 में अनुच्छेद 370 को निरस्त किए जाने के बाद से कश्मीर में पहली बार इतने बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन हुए हैं. ये भी पढ़ें: ट्रंप और इजराइलियों का खून बहाने पर आतुर हुआ अयातुल्ला, दिया ‘खूनी’ बयान इजरायल ने ईरान पर दागीं 5000+ मिसाइलें, शिया मुल्क में 1000+ मौतें, और आंकड़ें दिल दहला देंगे ईरान के विस्फोटक ड्रोन ने बढ़ा दी अमेरिका की टेंशन, जानें कैसे The post हिंदुस्तान ने खामेनेई की मौत पर जताया शोक, विक्रम मिस्री ने कंडोलेंस बुक पर किया साइन appeared first on Naya Vichar.

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अर्जुन की शादी में धोनी-साक्षी का धाकड़ अंदाज, कैप्टन कूल के हाथ ने खींचा सबका ध्यान

Arjun Tendulkar Wedding: अर्जुन तेंदुलकर के विवाह समारोह में जब कैप्टन कूल पत्नी साक्षी के साथ एंट्री कर रहे थे, तो उनसे हाथ मिलाने वालों की लाइन लग गई. धोनी धाकड़ लूक में नजर आए. धोनी सफेद रंग के कुर्ते में नजर आए. धोनी काफी साधारण अंदाज में दिखे. हालांकि उन्होंने हाथ में जो पकड़ रखा था, उसने सभी का ध्यान खींचा. धोनी के हाथ में नजर आया मोबाइन फोन महेंद्र सिंह धोनी जब अर्जुन की शादी में शामिल होने पहुंचे तो उनके हाथ में मोबाइल फोन नजर आया. हालांकि आप यह कह सकते हैं कि इसमें खास क्या है? यहां बताना जरूरी है कि धोनी मोबाइल फोन से काफी दूर रहते हैं. धोनी के हाथों में मोबाइल फोन शायद ही कभी देखा गया हो. अर्जुन की शादी में भी धोनी के हाथों पर कुछ देर ही मोबाइल नजर आया. कुछ देर के बाद किसी शख्स ने उनके हाथ से फोन को ले लिया. A rare moment at Arjun Tendulkar’s wedding MS Dhoni was seen holding a mobile phone in his hand. Dhoni, who is usually known for not using his phone much, was walking around with it during the event. 😂❤️ pic.twitter.com/tgDBdCUMN3 — 𝐑𝐮𝐬𝐡𝐢𝐢𝐢⁴⁵ (@rushiii_12) March 5, 2026 धोनी को छोड़ जा रही थी साक्षी, माही ने फोन के लिए बुलाया अर्जुन की शादी में जब धोनी पहुंचे तो लोगों ने उन्हें घेर लिया. उस समय साक्षी किनारे हो गई. जब फोटो के लिए धोनी को बुलाया गया, तो साक्षी ने इशारा किया और अलग जाने लगी. इसपर धोनी ने उन्हें बुलाया, फिर साथ में फोटोशूट कराया. अर्जुन की शादी कौन-कौन पहुंचे? अर्जुन तेंदुलकर और सानिया चांडोक की शादी में क्रिकेटर, बॉलीवुड सितारे और राजनेता अपने परिवार के साथ पहुंचे. धोनी के अलावा क्रिकेटर हरभजन सिंह, नेहरा, युवराज, मोहम्मद कैफ, टीम इंडिया के पूर्व कप्तान और कोच राहुल द्रविड़, अजित अगरकर के साथ कई और दिग्गज खिलाड़ी पहुंचे. इसके अलावा बॉलीवुड के महानायक अमिताभ बच्चन अपनी पत्नी अभिनेत्री जया बच्चन के साथ पहुंचे. अभिनेता अभिषेक बच्चन और ऐश्वर्या राय भी शादी में शामिल हुए. आमिर खान और शाहरुख खान भी अर्जुन की शादी में शामिल हुए. रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन मुकेश अंबानी, उनकी पत्नी और रिलायंस फाउंडेशन की चेयरपर्सन नीता अंबानी, उनके बेटे आकाश अंबानी और उनकी पत्नी श्लोका अंबानी भी शादी में शामिल हुए. The post अर्जुन की शादी में धोनी-साक्षी का धाकड़ अंदाज, कैप्टन कूल के हाथ ने खींचा सबका ध्यान appeared first on Naya Vichar.

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इजरायल ने ईरान पर दागीं 5000+ मिसाइलें, शिया मुल्क में 1000+ मौतें, और आंकड़ें दिल दहला देंगे

Iran-Israel War: अमेरिका और इजराइल के संयुक्त सैन्य अभियान के पांचवें दिन तक ईरान पर भीषण हमले हुए हैं. 28 फरवरी से शुरू हुई इस लड़ाई में इजराइल ने बुधवार को तेहरान, पवित्र शहर कोम, पश्चिमी ईरान और इस्फहान प्रांत के कई इलाकों में हवाई हमले किए. बुधवार की सबसे बड़ी अपडेट श्रीलंका के पास ईरानी वॉरशिप IRIS Dena पर हुआ हमला था, जिसमें 87 सैनिकों के मारे गए. इसके अलावा ईरान की तसनीम समाचार एजेंसी के मुताबिक इन हमलों में कई रिहायशी इमारतों को भी नुकसान पहुंचा है. आंकड़ों में समझें इस युद्ध की कीमत ईरान कैसे अदा कर रहा है… ईरानी प्रशासनी मीडिया के अनुसार शनिवार से शुरू हुए अमेरिका-इजराइल के हमलों में अब तक 1,045 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि हजारों लोग घायल हुए हैं. अल जजीरा के पत्रकार मोहम्मद वल ने तेहरान से रिपोर्टिंग करते हुए कहा कि इन हमलों का सबसे ज्यादा असर आम नागरिकों पर पड़ रहा है और देश के लगभग हर हिस्से को निशाना बनाया जा रहा है. उनके मुताबिक 300 से ज्यादा शिशु और किशोर अस्पताल में भर्ती हैं, जबकि 6,000 से अधिक लोग घायल हुए हैं. संयुक्त राष्ट्र के अनुसार 28 फरवरी से 1 मार्च के बीच लगभग एक लाख लोग तेहरान छोड़कर भाग चुके हैं.  28 फरवरी को हुए अटैक में एक मिसाइल तेहरान के एक स्कूल पर गिरी, जिसमें 165 के करीब लड़कियां मारी गईं. उन्हें एक साथ सामूहिक कब्र में दफन किया गया.  सामूहिक रूप से दफन की गईं लड़कियां. फोटो- एक्स. इजरायन ने गिराए 5000 से ज्यादा बम ईरान के खिलाफ जारी सैन्य अभियान के बीच इजरायल ने दावा किया है कि संघर्ष शुरू होने के बाद से अब तक उसकी वायुसेना ने ईरान के विभिन्न ठिकानों पर 5,000 से अधिक बम गिराए हैं. इजरायली सेना के मुताबिक अभियान लगातार विस्तार कर रहा है और हवाई हमलों का खास फोकस तेहरान क्षेत्र पर बना हुआ है. जून 2025 के 12 दिनी संघर्ष में गिराए थे इतने बम इजरायल के अखबार ‘द जेरूसलम पोस्ट’ की रिपोर्ट के अनुसार, मंगलवार तक IDF ने चार दिनों में लगभग 4,000 बम गिराए थे. यह संख्या जून 2025 में ईरान के साथ हुए पूरे 12 दिनों के संघर्ष के दौरान इस्तेमाल किए गए कुल बमों के बराबर थी. अब पांचवें दिन यह आंकड़ा 5,000 से पार पहुंच गया है, जिससे संकेत मिलता है कि इजरायल को अभी भी कई महत्वपूर्ण सैन्य लक्ष्य मिल रहे हैं और उसके हथियार भंडार में कमी नहीं आई है. ईरान में हमले के बाद मौजूद राहतकर्मी. फोटो- pti. इससे पहले IDF ने यह भी दावा किया था कि उसने ईरान के इस्फहान इलाके में गद्र-110 बैलिस्टिक मिसाइल और उनके लॉन्च प्लेटफॉर्म को नष्ट कर दिया है. गद्र-110 को इस श्रेणी की सबसे उन्नत मिसाइलों में गिना जाता है. यह दो चरणों वाली बैलिस्टिक मिसाइल है, जिसमें ठोस ईंधन वाला इंजन होता है, जिससे इसे लॉन्च करने की तैयारी में कम समय लगता है. ईरान और अमेरिका में कितनी मौतें हुईं? वहीं इजरायल की आपातकालीन सेवा मैगन डेविड एडोम के अनुसार ईरान की ओर से दागी गई मिसाइलों के कारण इजरायल में कम से कम 10 लोगों की जान गई है. वहीं अमेरिका के अब तक 6 सैनिकों की मौत हुई है, जो कुवैत में ईरानी मिसाइल का शिकार बने. हालांकि ईरान का दावा है कि अब तक अमेरिका के आईआरजीसी ने खाड़ी क्षेत्र में तैनात अमेरिकी सैनिकों पर बड़े हमले किए हैं और दुबई में किए गए एक हमले में 100 से अधिक अमेरिकी सैनिक मारे गए. लेकिन अमेरिका ने इससे इनकार किया है. नजफ, इराक में सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई के सिंबॉलिक अंतिम संस्कार के दौरान इराकी शिया ताबूत की कॉपी ले जाते हुए. फोटो- pti. अन्य देशों में कितने लोग मारे गए? इसके अलावा इजरायली हमले में लेबनान में 50 से ज्यादा मौतें हो चुकी हैं. वहीं ईरान के हमले की वजह से जॉर्डन में 5, कुवैत में 4, यूएई में 3, बहरीन और ओमान में एक-एक मौतें हुई हैं. ईरान ने सऊदी अरब में भी हमला किया था, लेकिन राहत की बात है कि वहां किसी की मौत नहीं हुई है. IRGC के सैन्य मुख्यालय खातम अल-अनबिया हेडक्वार्टर की ओर से जारी बयान में कहा गया कि उसके बलों ने दुबई में मौजूद अमेरिकी पैदल सेना को निशाना बनाया. बयान के अनुसार, ‘हमने दुबई में मौजूद 160 अमेरिकी पैदल सैनिकों को निशाना बनाया और उनमें से 100 को मार गिराया.’ ये भी पढ़ें:- कनाडा में खालिस्तान विरोधी इंफ्लूएंसर की हत्या, अपराधियों ने घर में घुसकर किया कत्ल लंबा चलेगा मिडिल ईस्ट का क्राइसिस अमेरिका और इजरायल का संयुक्त सैन्य अभियान अब पांचवें दिन में पहुंच चुका है. इसने पूरे पश्चिम एशिया में तनाव को काफी बढ़ा दिया है. लगातार हो रहे हमलों और जवाबी कार्रवाइयों के कारण क्षेत्र में सुरक्षा और नेतृत्वक हालात तेजी से जटिल होते जा रहे हैं. वहीं, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि तेहरान की नेतृत्व व्यवस्था इस समय बिखरती नजर आ रही है और जो भी नेता बनने की कोशिश करता है, वह मारा जा रहा है. ट्रंप और उनके प्रशासन  ने पहले कहा था कि यह युद्ध 3-4 हफ्तों तक चल सकता है, लेकिन अब उन्होंने संकेत दिया कि यह संघर्ष और लंबा चल सकता है. इजरायल ने धमकी दी है कि जो भी ईरान में नेतृत्व संभालेगा उसे मार दिया जाएगा.  इजरायल में हुए अटैक के बाद घटनास्थल पर मौजूद लोग. फोटो- pti. ईरान की टॉप लीडरशिप समाप्त हुई इजराइल के 28 फरवरी के हमले में ईरान के सुप्रीम लीडर अयातोल्लाह अली खामेनेई, उनकी पत्नी और परिवार के अन्य सदस्यों की मौत हो गई. रक्षा मंत्री नासिरजादेह और आईआरजीसी के कमांडर भी इसी अटैक में मारे गए. इसके बाद भी इजरायल और यूएस के अटैक रुके नहीं हैं. इजरायल का कहना है कि उसने  बसिज फोर्स के ठिकानों को निशाना बनाया गया, जो इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) से जुड़ा एक स्वयंसेवी अर्धसैनिक बल है. इसके अलावा ईरान की आंतरिक सुरक्षा कमान से जुड़े कुछ भवनों को भी निशाना बनाया गया. ये भी पढ़ें:- मिडिल ईस्ट में फंसा ईरान, तो पुतिन ने चली नई चाल, यूरोप को गैस सप्लाई रोकने का

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क्या खाली पेट काम करने से दिमाग ज्यादा तेज चलता है? जानिए इंटरमिटेंट फास्टिंग के सच

Intermittent Fasting Benefits: क्या आपने कभी सोचा है कि भरपेट खाना खाने के बाद हमें सुस्ती क्यों आने लगती है, जबकि खाली पेट हम ज्यादा एक्टिव महसूस करते हैं. आजकल बहुत से लोग वजन घटाने के साथ-साथ अपने दिमाग को तेज करने के लिए इंटरमिटेंट फास्टिंग का सहारा ले रहे हैं. पुराने समय में कहा जाता था कि खाली पेट दिमाग काम नहीं करता, लेकिन आज की रिसर्च कुछ और ही कहती है. विज्ञान के अनुसार, कुछ घंटों तक भूखा रहने से हमारा दिमाग ज्यादा अलर्ट और फोकस हो जाता है. इससे न केवल काम में मन लगता है, बल्कि सोचने की शक्ति भी बढ़ती है. आइए जानते हैं कि खाली पेट काम करने का यह तरीका आपके लिए कितना सही है और इसके पीछे का असली सच क्या है. Intermittent Fasting Benefits: खाली पेट रहने के 5 बड़े फायदे बढ़ जाता है फोकस जब हम खाली पेट होते हैं, तो हमारा शरीर अंदर से ज्यादा अलर्ट हो जाता है. पुराने समय में इंसान भूखा होने पर ही ज्यादा तेजी से शिकार कर पाता था, और आज भी विज्ञान यही कहता है. खाली पेट काम करने से आपका ध्यान इधर-उधर नहीं भटकता और आप अपने काम को ज्यादा फोकस के साथ पूरा कर पाते हैं. दिमाग की सफाई जैसे हम अपने घर की सफाई करते हैं, वैसे ही फास्टिंग के दौरान हमारा शरीर दिमाग की खराब सेल्स को साफ करने का काम करता है. जब हम कुछ घंटों तक खाना नहीं खाते, तो शरीर को पुरानी और खराब चीजों को बाहर निकालने का समय मिल जाता है. इससे दिमाग तरोताजा महसूस करता है और लंबे समय तक स्वस्थ रहता है. सीखने की बढ़ती है ताकत खाली पेट रहने से दिमाग में एक खास तरह का प्रोटीन बढ़ता है, जो नई चीजें सीखने में मदद करता है. इसे दिमाग की खाद भी कहा जा सकता है. यह प्रोटीन आपकी याददाश्त को बेहतर बनाता है और आपको मानसिक रूप से मजबूत रखता है, जिससे आप नई बातों को जल्दी समझ पाते हैं. सुस्ती से छुटकारा बार-बार कुछ न कुछ खाते रहने से शरीर में सुस्ती बनी रहती है और दिमाग पर धुंध (Brain Fog) जैसा असर होता है. इंटरमिटेंट फास्टिंग करने से शरीर का शुगर लेवल स्थिर रहता है. जब शुगर लेवल ऊपर-नीचे नहीं होता, तो दिमाग को लगातार एनर्जी मिलती रहती है और आपको दोपहर में आने वाली सुस्ती महसूस नहीं होती. मानसिक अनुशासन फास्टिंग करने से न सिर्फ शरीर बल्कि मन भी मजबूत होता है. जब आप अपनी भूख पर काबू पाना सीख जाते हैं, तो आपका कॉन्फिडेंस बढ़ता है. यह अनुशासन आपके काम करने के तरीके को भी बदल देता है, जिससे आप मुश्किल से मुश्किल काम को भी बिना घबराए और शांत रहकर पूरा कर लेते हैं. फास्टिंग के दौरान इन 3 बातों का रखें ध्यान पानी खूब पिएं: खाली पेट रहने का मतलब यह नहीं कि आप पानी भी न पिएं. दिनभर पानी पीते रहें ताकि शरीर में सुस्ती न आए. जल्दबाजी न करें: अगर आप पहली बार ऐसा कर रहे हैं, तो छोटे-छोटे घंटों से शुरुआत करें. अगर चक्कर आए, तो तुरंत कुछ खा लें. सही खाना चुनें: जब आप फास्टिंग तोड़ें, तो सीधा तली-भुनी या बहुत मीठी चीजें न खाएं. हल्का और हेल्दी खाना ही खाएं. यह भी पढ़ें: Morning Habits for Weight Loss: दोपहर में आती है सुस्ती? दिनभर खुद को सुपर-एक्टिव रखने के लिए बदलें ये 5 आदतें यह भी पढ़ें: Weight Loss Habits: जिम जाने की जरूरत नहीं! रात को सोने से पहले करें ये 2 काम, मक्खन की तरह पिघलेगी चर्बी Disclaimer: यह आर्टिकल सामान्य जानकारियों और मान्यताओं पर आधारित है. नया विचार इसकी पुष्टि नहीं करता है. The post क्या खाली पेट काम करने से दिमाग ज्यादा तेज चलता है? जानिए इंटरमिटेंट फास्टिंग के सच appeared first on Naya Vichar.

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‘उनके कुर्ते पर कभी दाग नहीं लगा’, सीएम नीतीश की तारीफ में क्या-क्या बोले अमित शाह

Nitish Kumar: बिहार की नेतृत्व में बड़ा उलटफेर होने वाला है. लगभग 20 वर्षों से बिहार की कमान संभाल रहे नीतीश कुमार अब केंद्र की नेतृत्व करते नजर आयेंगे. सीएम नीतीश, नितिन नवीन, उपेंद्र कुशवाहा समेत 5 नेताओं ने आज एनडीए के तरफ से राज्यसभा के लिए नामांकन दाखिल किया. इसके बाद अमित शाह ने सीएम नीतीश की जमकर तारीफ की. क्या बोले अमित शाह सीएम नीतीश और नितिन नवीन के नामांकन दाखिल करने के बाद अमित शाह ने कहा, “आज बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने भी राज्यसभा में अपना नामांकन दाखिल किया है. इसके साथ ही बहुत ही लंबे अरसे के बाद नीतीश कुमार फिर से एक बार राष्ट्रीय नेतृत्व में राज्यसभा सांसद के नाते प्रवेश करेंगे. 2005 से लेकर आज तक नीतीश कुमार बिहार के मुख्यमंत्री रहे. उनका ये कार्यकाल बिहार के इतिहास में स्वर्णिम पृष्ठ के रूप में लिखा जाएगा और बिहार के विकास के सारे मायने को उन्होंने गति देने का काम किया.” अमित शाह ने आगे कहा, “नीतीश कुमार ने अपने शासन काल में बिहार को जंगलराज से मुक्त किया. उन्होंने न केवल बिहार की सड़कों को गांव तक जोड़ा, उसकी स्थिति में भी सुधार किया. इतने लंबे कार्यकाल में विधायक, सांसद, मुख्यमंत्री व केंद्रीय मंत्री रहते हुए उनके कुर्ते पर कभी दाग नहीं लगा. भ्रष्टाचार का आरोप लगे बिना इतना लंबा नेतृत्वक सफर शायद ही किसी ने तय किया हो जो नीतीश कुमार ने तय किया है. बिहार के हर गांव, हर घर में बिजली पहुंचाने में भी उनका बहुत बड़ा योगदान रहा.” #WATCH | पटना, बिहार: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा, “आज मैं पटना में श्री नितिन नवीन-राष्ट्रीय अध्यक्ष भाजपा, नीतीश कुमार-बिहार के मुख्यमंत्री , रामनाथ ठाकुर, उपेंद्र कुशवाहा और शिवेश कुमार के राज्यसभा नामांकन के लिए यहां पर आया हूं।नितिन नवीन राज्य में लंबे समय तक यशश्वी… pic.twitter.com/w6sQpgHrwF — ANI_HindiNews (@AHindinews) March 5, 2026 बिहार की ताजा समाचारों के लिए क्लिक करें जेपी के सिद्धांतों पर जीवन खपाया अमित शाह ने कहा, “नीतीश कुमार हमेशा सादगी, सूचिता और सार्वजनिक जीवन के उच्चतम मूल्यों के पक्षधर रहे. जिनका पालन उन्होंने भी किया. नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में 11 साल तक बिहार को हर प्रकार से आगे ले जाने में अपना योगदान किया. उनके नेतृत्व में ही पीएम मोदी द्वारा भेजी गई सभी योजनाएं बिहार के जन-जन तक पहुंची. 1974 के जयप्रकाश आंदोलन के वे प्रमुख नेता रहे हैं और तब से लेकर आज तक पूरा जीवन जेपी के सिद्धांतों पर बिताने का प्रयास किया. फिर से एक बार राज्यसभा सांसद होने के नाते वे दिल्ली आ रहे हैं. मैं और NDA के सभी साथी उनका हृदय से स्वागत करते हैं. उनका जो कार्यकाल मुख्यमंत्री होने के नाते हैं, उसे बिहार के लोग याद भी करेंगे और उसका सम्मान भी करेंगे. मैं फिर से नितिन नवीन और नीतीश कुमार का राज्यसभा में आने पर स्वागत करता हूं.” इसे भी पढ़ें: नीतीश कुमार, नितिन नवीन समेत इन नेताओं ने दाखिल किया राज्यसभा के लिए नामांकन, अमित शाह रहे मौजूद The post ‘उनके कुर्ते पर कभी दाग नहीं लगा’, सीएम नीतीश की तारीफ में क्या-क्या बोले अमित शाह appeared first on Naya Vichar.

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