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Author name: Vinod Jha

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पुलिस पूछताछ में टूटी सिया, कहा- विग पहनता था केतन इसलिए कर दी हत्या, फोन ने भी खोले कई राज

Ketan Agarwal Murder Case: पुणे के केतन अग्रवाल हत्याकांड की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, वैसे-वैसे नए खुलासे सामने आ रहे हैं. मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक शुक्रवार को पुलिस की पूछताछ में मुख्य आरोपी सिया गोयल ने दावा किया कि वह केतन से शादी नहीं करना चाहती थी क्योंकि उसके सिर पर बाल नहीं थे और वह विग पहनता था. सिया ने यह भी कहा है कि उसने परिवार की नाराजगी से बचने के लिए शादी से इनकार नहीं किया था. यह शादी केतन के मामा ने तय करवाई थी. फरवरी में दोनों की सगाई हुई थी. नवंबर में शादी होने वाली थी. शादी के लिए करोड़ों खर्च कर राजस्थान में पैलेस बुक किया गया था. सिया के बयानों पर उठे सवाल, फोन चैट ने भी खोले कई राज केतन अग्रवाल हत्याकांड में सिया से पूछताछ के दौरान लोनावला ग्रामीण पुलिस ने कहा है कि सिया गोयल विरोधाभासी बयान दे रही है. उसके बयान और उसके मोबाइल फोन से बरामद चैट सिया के दावों से मेल नहीं खाती हैं. पुलिस अधिकारियों के अनुसार- पूछताछ के दौरान सिया गोयल ने दावा किया कि उसने पहले ही केतन अग्रवाल को बता दिया था कि वह उससे शादी नहीं करना चाहती. सिया के मुताबिक, इसके जवाब में केतन कहता था कि अब बहुत देर हो चुकी है, बात हद से आगे बढ़ चुकी है और अब कुछ नहीं किया जा सकता. हालांकि, पुलिस का कहना है कि सिया के बयान उपलब्ध डिजिटल सबूतों से मेल नहीं खाते. फोन चैट ने दावों पर खड़े किए सवाल जांच अधिकारियों के मुताबिक, पुलिस ने सिया और केतन दोनों के मोबाइल फोन जब्त किए हैं. इनमें मिली चैट से संकेत मिलता है कि शादी से पहले दोनों सामान्य मंगेतर की तरह बातचीत कर रहे थे और उनके बीच प्रेमपूर्ण संवाद हो रहे थे. एक पुलिस अधिकारी ने कहा- फोन से बरामद चैट के आधार पर उसके दावे भरोसे लायक नहीं लगते. अधिकारी ने बताया कि डिजिटल सबूतों के साथ सभी बयानों का मिलान किया जा रहा है. हर पहलू से जांच में जुटी पुलिस लोनावला ग्रामीण पुलिस का कहना है कि जांच किसी एक एंगल तक सीमित नहीं है. डिजिटल सबूत, घटनास्थल से मिले साक्ष्य और आरोपियों के बयानों की बारीकी से पड़ताल की जा रही है, ताकि पूरे घटनाक्रम की सच्चाई सामने लाई जा सके. इन समाचारों को भी पढ़ें पुणे कांड में नया मोड़: लुल्ला नगर कैफे पहुंची पुलिस, यहीं रची गई थी केतन अग्रवाल की हत्या की साजिशपुणे मर्डर: क्या सिया करती थी ड्रिंक? मां बोली- दोषी है तो बेटी को उसी जगह से धक्का दे दिया जाए 18 जून को हुई थी केतन अग्रवाल की मौत जानकारी के मुताबिक 18 जून को पुणे के पास स्थित लोहागढ़ किले से गिरने के बाद केतन अग्रवाल की मौत हो गई थी. इसके बाद मामले में हत्या का केस दर्ज किया गया. जांच के दौरान पुलिस को संदेह है कि मुख्य आरोपी सिया गोयल अपनी जिंदगी के इस चरण में शादी नहीं करना चाहती थी और कथित तौर पर परिवार के दबाव में उसने यह रिश्ता स्वीकार किया था. पुलिस इस पहलू की भी जांच कर रही है. सिया गोयल और चेतन चौधरी पुलिस हिरासत में केतन अग्रवाल की मंगेतर सिया गोयल और उसके दोस्त चेतन चौधरी को 23 जून को गिरफ्तार किया गया था. दोनों फिलहाल 29 जून तक पुलिस हिरासत में हैं और उनसे लगातार पूछताछ की जा रही है. Also Read: पुणे मर्डर : परिवार के एक शक से खुल गई पोल, केतन की मौत का सच आया सामने The post पुलिस पूछताछ में टूटी सिया, कहा- विग पहनता था केतन इसलिए कर दी हत्या, फोन ने भी खोले कई राज appeared first on Naya Vichar.

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अमेरिकी ग्रीन कार्ड हो सकता है महंगा, जानिए भारतीयों पर क्या और कैसा होगा असर?

US Green Card : अमेरिका में ट्रंप प्रशासन ने एक नया नियम प्रस्तावित किया है, जिसके तहत अमेरिकी नागरिकता के लिए आवश्यक आवेदन पत्र दाखिल करने की फीस में भारी बढ़ोतरी की जा सकती है. यदि यह प्रस्ताव लागू होता है, तो अमेरिका में स्थायी रूप से बसने की प्रक्रिया और महंगी हो जायेगी. इसका असर हिंदुस्तानीयों पर भी पड़ेगा. अमेरिकी गृह सुरक्षा विभाग के प्रस्ताव के अनुसार, नागरिकता के लिए इस्तेमाल होने वाले फॉर्म एन-400 की आवेदन फीस 760 डॉलर से बढ़ाकर 1,330 डॉलर कर दी जायेगी यानी लगभग 75 प्रतिशत की वृद्धि. वहीं ऑनलाइन आवेदन की फीस 710 डॉलर से बढ़ाकर 1,280 डॉलर कर दी जाएगी, जो लगभग 80 प्रतिशत की बढ़ोतरी है. हालांकि संघीय गरीबी मानक के 400 प्रतिशत से कम आय वाले परिवारों के लिए वर्तमान 380 डॉलर की फीस यथावत रखी गयी है, लेकिन प्रस्ताव में रियायती शुल्क और शुल्क माफी की व्यवस्था समाप्त करने के सुझाव दिये गये है. यह नियम अभी प्रस्तावित अवस्था में है. इसे लागू होने से पहले सार्वजनिक टिप्पणियों की प्रक्रिया से गुजरना होगा. लिहाजा, यह कम-से-कम 60 दिनों तक प्रभावी नहीं होगा. अमेरिका में लगभग 67 लाख हिंदुस्तानीय हिंदुस्तान प्रशासन के विदेश मंत्रालय के अनुसार जनवरी 2026 तक अमेरिका में लगभग 67 लाख हिंदुस्तानीय मूल के लोग रहते हैं. इनमें लगभग 37.7 लाख हिंदुस्तानीय मूल के अमेरिकी और 23.1 लाख अनिवासी हिंदुस्तानीय (एनआरआइ) शामिल हैं. तीन वर्षों में ग्रीन कार्ड पाने वाले हिंदुस्तानीयों की संख्या 50% घटी. वर्ष हिंदुस्तानीयों को मिले ग्रीन कार्ड 2022 1,27,010 2023 78,070 2024 66,800 स्रोत : अमेरिकी गृह सुरक्षा सांख्यिकी कार्यालय एच1बी वीजा फीस बढ़ाने में रहे नाकाम, तो ट्रंप ने उठाया यह कदम सितंबर 2025 में ट्रंप ने एच1बी वीजा आवेदन शुल्क को औसतन 2,000 डॉलर से बढ़ाकर एक लाख डॉलर करने का प्रस्ताव रखा था. यह शुल्क उन कंपनियों को देना था, जो विदेशी कुशल कर्मचारियों को अमेरिका में नौकरी के लिए प्रायोजित करती हैं. एच1बी के माध्यम से बड़ी संख्या में हिंदुस्तानीय आइटी, इंजीनियरिंग और अन्य पेशेवर क्षेत्रों में अमेरिका में काम करते रहे हैं. मैसाचुसेट्स के बोस्टन स्थित एक संघीय अदालत ने इस शुल्क शुल्क वृद्धि को गैरकानूनी बताते हुए निरस्त कर दिया था. यह हिंदुस्तानीय पेशेवरों को सीमित करने की कोशिश :प्रो धनंजय त्रिपाठी विदेश मामलों के जानकार प्रो धनंजय त्रिपाठी ( इंटरनेशनल स्टडी, साउथ एशियन यूनिवर्सिटी) का कहना है कि यह राजस्व का मामला नहीं है, क्योंकि इससे वहां की कंपनी का ही वित्तीय बोझ बढ़ेगा. यह अवैध प्रवासन का भी मामला नहीं है, क्योंकि जो भी हिंदुस्तानीय पेशेवर वहां जा रहा है, वह लीगल डॉक्यूमेंट के आधार पर ही जा रहा है. यह हिंदुस्तानीय पेशेवरों को सीमित करने का प्रयास है. हिंदुस्तानीय पेशेवरों और छात्रों पर इसका सबसे बड़ा प्रभाव क्या होगा? अमेरिकी नागरिकता के लिए आवेदन फीस में भारी बढ़ोतरी करने के फैसले से हिंदुस्तानीय पेशेवरों और अमेरिका में पढ़ने के इच्छुक छात्राें पर असर पड़ना तय है. कई छात्रों को अमेरिका में पढ़ने के लिए स्कॉलरशिप मिलती थी. फीस बढ़ने के बाद ऐसे छात्रों की संख्या में कमी आना तय है. इसके अलावा कंपनियों में काम करने वाले कर्मचारी शार्ट टर्म कोर्स के लिए अमेरिका जाते थे. फीस में बढ़ोतरी के बाद कंपनियों के समक्ष वित्तीय दबाव बढ़ेगा और कंपनियां ऐसे कोर्स को सपोर्ट करने से परहेज करेगी. क्या अमेरिका की आकर्षण शक्ति कम हो रही है? अब भी शिक्षा और रिसर्च के लिए अमेरिका सबसे पसंदीदा जगह है, क्योंकि अमेरिका में इसके लिए इंफ्रास्ट्रक्चर और अन्य बुनियादी सुविधा किसी अन्य देश के मुकाबले अधिक है, लेकिन हाल के वर्षों में जिस तरह ट्रंप प्रशासन अवैध प्रवासन के नाम पर मनमाने फैसले ले रहा है, उससे अमेरिका इस मामले में पिछड़ सकता है. अमेरिका में पढ़ने और रिसर्च के लिए जाने वाले छात्र और पेशेवर वैध वीजा पर जाते हैं और इसे अवैध प्रवासन से जोड़ा नहीं जा सकता है. ऐसे में अमेरिकी प्रशासन के फैसले से आने वाले समय में हिंदुस्तान ही नहीं अन्य देशों के छात्रों और पेशेवरों का आकर्षण अमेरिका के प्रति कम होना तय है. यह अमेरिका के लिए चिंता की बात होनी चाहिए क्योंकि दुनिया के सबसे प्रतिभाशाली छात्र और पेशेवरों की कमी से अमेरिका को व्यापक स्तर पर नुकसान होना तय है. ये भी पढ़ें : कौन हैं अन्नामलाई जिनके बीजेपी छोड़ने पर मचा हड़कंप? तमिलनाडु की नेतृत्व में आ सकता है नया मोड़ पवनराजे निंबालकर हत्याकांड: 20 साल, 128 गवाह… फिर भी पद्मसिंह पाटिल समेत सभी आरोपी बरी The post अमेरिकी ग्रीन कार्ड हो सकता है महंगा, जानिए हिंदुस्तानीयों पर क्या और कैसा होगा असर? appeared first on Naya Vichar.

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हर लड़की की वॉर्डरोब में होनी चाहिए ये फ्लोरल प्रिंट साड़ियां, मिलेगा क्लासी लुक

Latest Floral Saree: फैशन हर सीजन बदलता रहता है, लेकिन साड़ी का ट्रेंड कभी पुराना नहीं होता. चाहे ऑफिस का कोई फंक्शन हो, फैमिली पार्टी हो या दोस्तों के साथ आउटिंग, एक अच्छी साड़ी हमेशा आपका लुक खास बना देती है. इन दिनों फ्लोरल प्रिंट साड़ियां काफी पसंद की जा रही हैं. फूलों वाले खूबसूरत डिजाइन साड़ी को फ्रेश और एलिगेंट लुक देते हैं. अगर आप भी अपनी वॉर्डरोब में कुछ नया जोड़ना चाहती हैं, तो ये फ्लोरल साड़ियां एक बेहतरीन चॉइस हो सकती हैं. फ्लोरल ऑर्गेंजा साड़ी Ai image अगर आपको हल्की, स्टाइलिश और ग्रेसफुल साड़ी पसंद है, तो फ्लोरल ऑर्गेंजा साड़ी ट्राय कर सकती हैं. इसका फैब्रिक काफी हल्का होता है, जिससे इसे पूरे दिन आराम से पहना जा सकता है. ऑफिस पार्टी, डे-आउट, छोटी फैमिली गैदरिंग या किसी खास मौके पर यह साड़ी बहुत अच्छी लगती है. इसके साथ पर्ल ज्वेलरी पहनें, तो आपका लुक और भी क्लासी नजर आएगा. फ्लोरल शिफॉन जरी वर्क साड़ी Ai image अगर आप सिंपल के साथ थोड़ा रॉयल लुक चाहती हैं, तो फ्लोरल शिफॉन जरी वर्क साड़ी अच्छा ऑप्शन है. शिफॉन का फैब्रिक पहनने में आरामदायक होता है और जरी का काम इसे खास बनाता है. इसे ऑफिस इवेंट, फेस्टिवल या किसी खास फंक्शन में आसानी से पहना जा सकता है. इस साड़ी के साथ मिरर वर्क ज्वेलरी या छोटे ईयररिंग्स आपके लुक को और भी आकर्षक बना सकते हैं. फ्लोरल सीक्विन वर्क साड़ी Ai image अगर किसी पार्टी, शादी या पूजा में स्टाइलिश दिखना चाहती हैं, तो फ्लोरल सीक्विन वर्क साड़ी बेहतरीन ऑप्शन है. इसमें हल्की चमक वाला सीक्विन वर्क होता है, जो साड़ी को ग्लैमरस लुक देता है. इसे चोकर नेकलेस, स्टाइलिश सैंडल या हील्स के साथ पहनकर आप अपना पूरा लुक आसानी से कंप्लीट कर सकती हैं. फ्लोरल साड़ी खरीदते समय रखें इन बातों का ध्यान फ्लोरल प्रिंट साड़ी चुनते समय सिर्फ डिजाइन ही नहीं, बल्कि फैब्रिक पर भी ध्यान दें. ऑर्गेंजा, शिफॉन, कॉटन और जॉर्जेट जैसे हल्के फैब्रिक पूरे दिन पहनने में आराम देते हैं. वहीं बहुत बड़े प्रिंट की जगह छोटे और सॉफ्ट फ्लोरल प्रिंट ज्यादा एलिगेंट और क्लासी लुक देते हैं. अगर सही फैब्रिक और सही डिजाइन चुनेंगी, तो आपकी साड़ी हर मौके पर खूबसूरत नजर आएगी. यह भी पढ़ें: ऑफिस में चाहिए स्टाइल और आराम दोनों? ट्राय करें ये स्मार्ट आउटफिट आइडियज The post हर लड़की की वॉर्डरोब में होनी चाहिए ये फ्लोरल प्रिंट साड़ियां, मिलेगा क्लासी लुक appeared first on Naya Vichar.

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1 लाख रुपये से कम कीमत वाला इलेक्ट्रिक स्कूटर बना हिट, 4 लाख लोगों ने जताया भरोसा

हिंदुस्तान में इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर बाजार तेजी से विस्तार कर रहा है और इसी बीच ग्रीव्स इलेक्ट्रिक मोबिलिटी के ब्रांड एम्पियर (Ampere EV) ने एक बड़ा मुकाम हासिल कर लिया है. कंपनी ने घोषणा की है कि उसके इलेक्ट्रिक स्कूटरों का कुल विनिर्माण और बिक्री आंकड़ा 4 लाख यूनिट के पार पहुंच गया है. यह उपलब्धि ऐसे समय में आई है जब देश में किफायती और रोजमर्रा की जरूरतों के लिए उपयुक्त इलेक्ट्रिक वाहनों की मांग लगातार बढ़ रही है. 4 लाख यूनिट का आंकड़ा पार, बढ़ा ग्राहकों का भरोसा एम्पियर के लिए यह उपलब्धि केवल एक बिक्री रिकॉर्ड नहीं है, बल्कि हिंदुस्तानीय ग्राहकों के बीच ब्रांड की मजबूत होती पकड़ का संकेत भी है. कंपनी का कहना है कि उसने शुरू से ही ऐसे इलेक्ट्रिक स्कूटर तैयार करने पर ध्यान दिया है जो हिंदुस्तानीय सड़कों, मौसम और उपयोग की परिस्थितियों के अनुरूप हों. यही वजह है कि ब्रांड धीरे-धीरे बड़े पैमाने पर ग्राहकों की पसंद बनता जा रहा है. बिक्री में 51% की जोरदार बढ़ोतरी ग्रीव्स इलेक्ट्रिक मोबिलिटी के मुताबिक वित्त वर्ष 2025-26 में एम्पियर की बिक्री में सालाना आधार पर 51 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है. यह ग्रोथ ऐसे समय में आई है जब इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर बाजार में कई नए और स्थापित खिलाड़ी मौजूद हैं. कंपनी की बाजार हिस्सेदारी भी बढ़ी है, जो वित्त वर्ष 2024-25 के 3.6 प्रतिशत से बढ़कर 4.4 प्रतिशत तक पहुंच गई है. किफायती कीमत बनी बड़ी ताकत एम्पियर की रणनीति का सबसे अहम हिस्सा कम कीमत वाले इलेक्ट्रिक स्कूटरों पर फोकस करना रहा है. कंपनी विशेष रूप से 1 लाख रुपये से कम कीमत वाले सेगमेंट में अपनी पकड़ मजबूत कर रही है. बढ़ती ईंधन कीमतों के बीच कम रनिंग कॉस्ट और आसान मेंटेनेंस जैसे फायदे ग्राहकों को इलेक्ट्रिक स्कूटर की ओर आकर्षित कर रहे हैं. यह भी पढ़ें: न स्टैंड की जरूरत, न बैलेंस की टेंशन, खुद खड़ा रहेगा यह स्कूटर यह भी पढ़ें: हिंदुस्तान का सबसे सस्ता इलेक्ट्रिक स्कूटर! कीमत सिर्फ 59,990 रुपये, 100KM रेंज के साथ मिलते हैं कई शानदार फीचर्स हिंदुस्तानीय परिस्थितियों के हिसाब से तैयार किए जाते हैं स्कूटर कंपनी का दावा है कि उसके इलेक्ट्रिक वाहन हिंदुस्तानीय सड़क नेटवर्क और विविध भौगोलिक परिस्थितियों को ध्यान में रखकर डेवलप किए जाते हैं. सुरक्षा, टिकाऊपन और स्मार्ट फीचर्स पर विशेष ध्यान दिया जाता है. इसके साथ ही पारंपरिक पेट्रोल स्कूटरों की तुलना में कम परिचालन लागत भी ग्राहकों के लिए बड़ा आकर्षण बन रही है. इलेक्ट्रिक मोबिलिटी में मजबूत हो रही मौजूदगी ग्रीव्स इलेक्ट्रिक मोबिलिटी के प्रबंध निदेशक विकास सिंह के अनुसार 4 लाख यूनिट का आंकड़ा ग्राहकों के भरोसे का प्रमाण है. उनका मानना है कि मूल्य आधारित और भरोसेमंद इलेक्ट्रिक मोबिलिटी समाधान उपलब्ध कराने की रणनीति ने कंपनी को इस मुकाम तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई है. आने वाले वर्षों में इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर बाजार के और तेज होने की उम्मीद है, ऐसे में एम्पियर अपनी हिस्सेदारी बढ़ाने की दिशा में लगातार काम कर रहा है. यह भी पढ़ें: बिना लाइसेंस चलाइए नया इलेक्ट्रिक स्कूटर, स्लो स्पीड लेकिन फीचर्स की भरमार यह भी पढ़ें: बाजार का सामान, हेलमेट और बैग… सब कुछ रख लेगा यह इलेक्ट्रिक स्कूटर! 55 लीटर स्टोरेज के साथ बना फैमिली यूजर्स की पहली पसंद The post 1 लाख रुपये से कम कीमत वाला इलेक्ट्रिक स्कूटर बना हिट, 4 लाख लोगों ने जताया भरोसा appeared first on Naya Vichar.

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जैश-ए-मोहम्मद के आतंकी से शादी की तैयारी में थी महिला, ATS ने किया गिरफ्तार

Honey trap News : राजस्थान एंटी टेररिस्ट स्क्वॉड (ATS) ने जयपुर की स्त्री बबीता धाकड़ उर्फ खदीजा (38 ) को आतंकवाद से जुड़े गंभीर आरोपों में गिरफ्तार किया है. पीटीआई न्यूज एजेंसी के मुताबिक, पुलिस का दावा है कि स्त्री पाकिस्तान स्थित आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद (JeM) से जुड़े लोगों के संपर्क में थी. स्त्री को 27 जून तक पुलिस रिमांड पर रखा गया है और उससे पूछताछ की जा रही है. पहलगाम हमले के बाद बढ़ी दिलचस्पी पुलिस सूत्रों के मुताबिक, स्त्री ने कथित तौर पर बताया कि वह साल 2025 के पहलगाम आतंकी हमले के बाद उसने सोशल मीडिया पर पाकिस्तानी आतंकियों के बारे में जानकारी तलाशना शुरू की. इसी दौरान उसका पाकिस्तान और पीओके से जुड़े कई फेसबुक पेजों से संपर्क हुआ. मोबाइल से मिले चैट और नंबर जांच एजेंसियों के अनुसार, बबीता धाकड़ के मोबाइल और सोशल मीडिया अकाउंट से कई पाकिस्तानी नागरिकों और कथित आतंकी नेटवर्क से जुड़े चैट, वीडियो और कांटेक्ट नंबर मिले हैं.स्त्री पर आरोप है कि उसने हिंदुस्तानीय मोबाइल नंबरों के OTP भी साझा किए, जिनका इस्तेमाल सोशल मीडिया अकाउंट चलाने के लिए किया गया. ऑनलाइन दोस्ती से शादी तक की बात पुलिस ने जांच कर खुलासा किया है कि आरोपी स्त्री बबीता धाकड़ की ऑनलाइन पहचान अबू उबैदा नाम के एक शख्स से हुई. दोनों के बीच लंबे समय तक चैट और वीडियो कॉल होती रही. पुलिस FIR के मुताबिक उसने स्त्री को इस्लाम अपनाने, नमाज पढ़ने और कुरान सीखने के लिए प्रेरित किया. अबू उबैदा ने आरोपी बबीता धाकड़ को पाकिस्तान आकर शादी करने और जैश-ए-मोहम्मद के लिए काम करने का ऑफर दिया. नेपाल के रास्ते पाकिस्तान जाने की योजना पुलिस के अनुसार आरोपी स्त्री बबीता धाकड़, अबू उबैदा और एक ऑनलाइन मौलवी के बीच नेपाल के रास्ते सऊदी अरब या यूएई होते हुए पाकिस्तान जाने की योजना पर चर्चा हुई थी. इस यात्रा के खर्च के लिए क्रिप्टोकरेंसी के इस्तेमाल पर भी बातचीत हुई, जिसके बाद स्त्री ने इससे जुड़े ऐप को डाउनलोड किया गया. जांच अभी जारी जांच एजेंसियों का कहना है कि स्त्री के मोबाइल की फोरेंसिक जांच अभी जारी है। पुलिस का दावा है कि उसे ऑनलाइन हनी ट्रैप के जरिए कट्टरपंथी नेटवर्क से जोड़ा गया था। हालांकि, मामले के सभी आरोपों की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी। The post जैश-ए-मोहम्मद के आतंकी से शादी की तैयारी में थी स्त्री, ATS ने किया गिरफ्तार appeared first on Naya Vichar.

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Champat Rai: कौन हैं चंपत राय? 18 महीने जेल, राम मंदिर आंदोलन और अब महासचिव पद से इस्तीफा

Champat Rai: अयोध्या के राम मंदिर में दान राशि के कथित गबन के मामले ने नया मोड़ ले लिया है. श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी अनिल मिश्रा ने नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए अपने पद से इस्तीफा दे दिया है. यह घटनाक्रम उस समय सामने आया है, जब मंदिर में प्राप्त दान के कथित गबन के मामले में FIR दर्ज होने के बाद जांच तेज हो गई है. उत्तर प्रदेश प्रशासन के निर्देश पर हिंदुस्तानीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं- 306, 316(5), 317(4), 317(5), 61 और 3(5) के तहत मामला दर्ज किया गया है. एफआईआर में अनुकल्प मिश्रा, लवकुश मिश्रा, अविनाश शुक्ला, तिन्नू यादव, मनीष यादव सहित अन्य 8 लोगों के नाम शामिल हैं. कैसे शुरू हुआ पूरा विवाद? यह मामला तब सुर्खियों में आया जब अयोध्या के पूर्व समाजवादी पार्टी विधायक पवन पांडे ने आरोप लगाया कि राम मंदिर में मिले दान में से करीब 7 से 7.5 करोड़ रुपये का गबन हुआ है. इन आरोपों के बाद श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के अनुरोध पर उत्तर प्रदेश प्रशासन ने 14 जून को तीन सदस्यीय विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया. विवाद की शुरुआत में चंपत राय ने दान राशि की चोरी के आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया था. हालांकि, बाद में जब योगी प्रशासन ने मामले की जांच के लिए एसआईटी गठित की, तो उन्होंने इस फैसले का स्वागत किया. चंपत राय ने क्यों दिया इस्तीफा? मामले ने मोड़ तब लिया जब अपनी प्रारंभिक रिपोर्ट प्रशासन को सौंपी, जिसमें गिरफ्तार किए गए आठ लोगों का जिक्र किया गया. आरोपियों में चंपत राय का एक सहयोगी भी शामिल था. इसके बाद जांच का दायरा और बढ़ गया. इसी बीच समाजवादी पार्टी ने आरोप लगाया कि प्रभावशाली लोगों को बचाने की कोशिश की जा रही है. बढ़ते विवाद और नैतिक जिम्मेदारी का हवाला देते हुए शुक्रवार को चंपत राय ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया. कौन हैं चंपत राय? चंपत राय का जन्म साल 1946 में उत्तर प्रदेश के बिजनौर में हुआ था. बचपन से ही वे राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) की विचारधारा से प्रभावित रहे और बाद में संगठन से जुड़ गए. लंबे समय तक उन्होंने सामाजिक और धार्मिक गतिविधियों में सक्रिय भूमिका निभाई. सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद जब साल 2020 में श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट का गठन हुआ तो राय को इसका महासचिव बनाया गया था. रसायन विज्ञान के शिक्षक से राम मंदिर आंदोलन के प्रमुख चेहरे तक का सफर राम मंदिर आंदोलन से जुड़ने से पहले चंपत राय बिजनौर के आरएसएम डिग्री कॉलेज में रसायन विज्ञान के शिक्षक थे. आपातकाल के दौरान उन्हें गिरफ्तार भी किया गया था. समर्थकों का दावा है कि आरएसएस से जुड़े होने के कारण उन्हें करीब 18 महीने जेल में रहना पड़ा था. रिहाई के बाद उन्होंने शिक्षण कार्य में वापसी नहीं की और अपना जीवन सामाजिक और धार्मिक कार्यों के लिए समर्पित कर दिया. साल 1980 में वे औपचारिक रूप से विश्व हिंदू परिषद (VHP) से जुड़े. संगठन में उन्होंने सचिव से लेकर अंतरराष्ट्रीय उपाध्यक्ष तक का सफर तय किया. राम लला का रिकॉर्ड कीपर क्यों कहलाते हैं चंपत राय? चंपत राय 1980 के दशक से ही राम मंदिर आंदोलन के सक्रिय चेहरों में रहे. उनके करीबी और समर्थकों का मानना है कि अयोध्या नगरी के इतिहास, परंपराओं और गलियों की जितनी गहरी जानकारी उन्हें है, उतनी शायद ही किसी अन्य व्यक्ति को हो. कई लोग इसी कारण चंपत राय को अयोध्या में रामलला का रिकॉर्ड कीपर भी कहते हैं. राम मंदिर आंदोलन से जुड़ने के बाद चंपत राय ने अपना पूरा जीवन राम मंदिर आंदोलन और उससे जुड़े सामाजिक-धार्मिक कार्यों में लगा दिया है. Also Read: श्री राम जन्मभूमि ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी अनिल मिश्रा ने इस्तीफा दिया, दान में हुई गड़बड़ी की नैतिक जिम्मेदारी ली The post Champat Rai: कौन हैं चंपत राय? 18 महीने जेल, राम मंदिर आंदोलन और अब महासचिव पद से इस्तीफा appeared first on Naya Vichar.

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गांव के बेटे ने 70वीं BPSC में रचा इतिहास, DSP बन बढ़ाया सीवान का मान, जानिए सफलता का राज

BPSC Success Story : (शिवनाथ पांडेय) 70वीं बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) परीक्षा में डीएसपी पद पर चयनित शोभित श्रीवास्तव का अपने पैतृक गांव नौतन पहुंचने पर ऐतिहासिक स्वागत किया गया. सीवान रेलवे स्टेशन से लेकर उनके गांव तक बधाई देने वालों का तांता लगा रहा. जनप्रतिनिधियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और सैकड़ों लोगों ने फूल-मालाओं से उनका अभिनंदन कर इस उपलब्धि को पूरे क्षेत्र का गौरव बताया. Siwan News : गांव लौटते ही मिला भव्य स्वागत 70वीं बीपीएससी परीक्षा में डीएसपी पद पर चयनित शोभित श्रीवास्तव शुक्रवार को अपने गांव नौतन पहुंचे. उनकी सफलता की खुशी में पूरे क्षेत्र में उत्सव जैसा माहौल देखने को मिला. गांव और आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में लोग उनके स्वागत के लिए पहुंचे और उन्हें शुभकामनाएं दीं. सीवान रेलवे स्टेशन से शुरू हुआ सम्मान का सिलसिला शोभित श्रीवास्तव के सीवान रेलवे स्टेशन पहुंचते ही परिजनों और समर्थकों ने फूल-मालाएं पहनाकर उनका गर्मजोशी से स्वागत किया. इसके बाद उनका काफिला बंका मोड़ स्थित पेट्रोल पंप परिसर पहुंचा, जहां क्षेत्र के सैकड़ों गणमान्य नागरिकों, व्यवसायियों और सामाजिक लोगों ने उनका अभिनंदन किया. Success Story: सांसद और जनप्रतिनिधियों ने दी बधाई नौतन बाजार स्थित उनके आवास पर सीवान संसदीय क्षेत्र की सांसद विजयलक्ष्मी देवी, पूर्व विधायक सह सांसद प्रतिनिधि रमेश कुशवाहा तथा एनडीए के कई कार्यकर्ता पहुंचे. सांसद प्रतिनिधि रमेश कुशवाहा ने अंगवस्त्र भेंट कर शोभित श्रीवास्तव को सम्मानित किया और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की. 70वीं BPSC: परिवार में खुशी, क्षेत्र में गर्व का माहौल डीएसपी बनने की समाचार से शोभित श्रीवास्तव के पिता श्याम किशोर श्रीवास्तव, मां, पत्नी और पूरे परिवार में खुशी का माहौल है. घर पर बधाई देने वालों का दिनभर तांता लगा रहा. समाजसेवियों, व्यवसायियों और क्षेत्र के सम्मानित लोगों ने भी उन्हें शुभकामनाएं दीं. Bihar News: युवाओं को दिया सफलता का संदेश शोभित श्रीवास्तव ने इस सम्मान के लिए सभी क्षेत्रवासियों और शुभचिंतकों का आभार व्यक्त किया. उन्होंने कहा कि परिवार, समाज और क्षेत्र के लोगों के सहयोग और विश्वास ने उन्हें इस मुकाम तक पहुंचाया है. उन्होंने प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं से लक्ष्य निर्धारित कर निरंतर मेहनत करने की अपील की. BPSC Exam: युवाओं के लिए बने प्रेरणा डीएसपी पद पर शोभित श्रीवास्तव का चयन पूरे क्षेत्र के लिए गर्व की बात है. उनकी सफलता ने यह साबित कर दिया कि मेहनत, लगन और दृढ़ संकल्प के बल पर किसी भी लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है. उनकी उपलब्धि अब क्षेत्र के युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बन गई है. Also Read : किसान की दो बेटियों ने रचा इतिहास, CISF में चयनित होकर बढ़ाया सीवान का मान The post गांव के बेटे ने 70वीं BPSC में रचा इतिहास, DSP बन बढ़ाया सीवान का मान, जानिए सफलता का राज appeared first on Naya Vichar.

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94 साल की दादी ने छोड़ी अमेरिका की नागरिकता, अंतिम समय गांव में बिताने के लिए लौटी भारत

US Citizenship: आंध्र प्रदेश के बापटला जिले से जुड़ी एक भावुक कहानी सामने आई है, जहां 94 साल की एक स्त्री ने अमेरिका की नागरिकता छोड़कर दोबारा हिंदुस्तान की नागरिकता हासिल कर ली. उनका मकसद सिर्फ इतना था कि जीवन के आखिरी दिन अपनी जन्मभूमि में अपनों के बीच गुजार सकें. वह चाहती हैं कि उनकी मौत हिंदुस्तान में, यहां के रीति रिवाज के साथ उनका अंतिम संस्कार हो और जब यह सब कुछ हो तब वह हिंदुस्तान की नागरिक रहें. बापटला जिले के चिंतागुम्पाला गांव की रहने वाली कोंड्रगुंटा महालक्ष्मम्मा अपने बेटे के साथ अमेरिका चली गई थीं. पति के निधन के बाद उन्होंने विदेश में रहना शुरू किया और बाद में जुलाई 2000 में अमेरिकी नागरिकता भी ले ली. लेकिन विदेश में कई साल रहने के बावजूद उनका लगाव अपनी मिट्टी से कभी कम नहीं हुआ. 2018 में वह हिंदुस्तान लौटीं और अपने गांव में रहने लगीं. बाद में उनके बेटे ने भी एनआरआई डॉक्टर के रूप में मंगलगिरी, आंध्र प्रदेश में ही काम करना शुरू कर दिया. इंडिया टुडे की रिपोर्ट के अनुसार, महालक्ष्मम्मा ने फैसला किया कि अब वह वापस अपने उसी गांव में लौटेंगी, जहां उनका जन्म हुआ था. उन्होंने बापटला जिला कलेक्टर से अपील करते हुए कहा कि उनकी आखिरी इच्छा अपनी मातृभूमि में रहकर जीवन का अंतिम समय बिताने की है. उन्होंने कहा, ‘मेरी एक ही इच्छा है कि मैं अपने जीवन का आखिरी पड़ाव अपनी मातृभूमि में बिताऊं. मेरी मृत्यु के बाद मेरा अंतिम संस्कार मेरे अपने गांव में किया जाए.’ इसका एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. जिसमें वह शपथ लेती हुई दिखाई दे रही हैं. देखें-  BIG NEWS 🚨 94-year-old Andhra woman gives up US citizenship. “Collector garu, I am nearing 95 years of age” “My only wish is to spend my final days in my motherland India” 🥹 “I want my last rites to be performed in my native village” “Please help me obtain Indian… pic.twitter.com/D1CiTzYE8D — News Algebra (@NewsAlgebraIND) June 26, 2026 कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद मिलेगी नागरिकता महालक्ष्मम्मा की इच्छा और आवेदन के बाद हिंदुस्तानीय नागरिकता हासिल करने की जरूरी कानूनी प्रक्रिया पूरी की गई. इसके बाद उन्हें दोबारा हिंदुस्तान की नागरिकता प्रदान कर दी गई. बुधवार को बापटला कलेक्ट्रेट में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान जिला कलेक्टर ने उन्हें नागरिकता की शपथ दिलाई और हिंदुस्तानीय नागरिकता से जुड़े दस्तावेज सौंपे. जिला कलेक्टर ने कहा कि उनके अप्लीकेशन को तय प्रक्रिया के तहत आगे बढ़ाया जाएगा और इस पर अंतिम फैसला राज्य और केंद्र प्रशासन लेंगे. ये भी पढ़ें:- रॉड से पिटाई, छोड़ते थे खूंखार कुत्ते, पेचकस-बल्लम से दागा शरीर… मुजफ्फरनगर फैक्ट्री के बंधुआ मजदूरों की खौफनाक कहानी; मिली आजादी ये भी पढ़ें:- इस्लामाबाद बनने का डर… डेनमार्क में मस्जिदों से अजान पर रोक की तैयारी, मंत्री बोले- बिल्कुल आवाज नहीं आनी चाहिए भावनाओं से जुड़ी रही अपनी मिट्टी महालक्ष्मम्मा की कहानी उन लोगों के लिए एक भावुक संदेश है, जो विदेशों में बसने के बाद भी अपनी जन्मभूमि से जुड़े रहते हैं. अमेरिका में वर्षों रहने और वहां की नागरिकता हासिल करने के बाद भी उनका मन अपने गांव और अपनी मातृभूमि में ही बसा रहा. अब वह अपने जीवन के अंतिम समय को अपने जन्मस्थान में बिताना चाहती हैं.  हाल के दिनों में अमेरिका में रहने वाले हिंदुस्तानीयों को नस्लभेद का सामना करना पड़ा है, यहां तक कि कई छात्रों की हत्या भी हुई. हालांकि, उसमें नस्लभेद शामिल नहीं था. लेकिन सोशल मीडिया पर आए दिन हिंदुस्तानीयों को भद्दे कमेंट्स का सामना करना पड़ता है. The post 94 साल की दादी ने छोड़ी अमेरिका की नागरिकता, अंतिम समय गांव में बिताने के लिए लौटी हिंदुस्तान appeared first on Naya Vichar.

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मंडप से सीधे एग्जाम सेंटर पहुंचे दूल्हा-दुल्हन, एक साथ क्रैक किया BPSC

Married Couple Cracked BPSC: 11 दिसंबर 2024 को शादी और विवाह के ठीक दो दिन बाद BPSC प्रीलिम्स की परीक्षा. दुल्हा और दुल्हन दोनों की विदाई तो हुई लेकिन एक घर से दूसरे घर के लिए नहीं बल्कि एग्जाम सेंटर के लिए. झारखंड के विकास कुमार सिंह और उनकी पत्नी ने केवल साथ जीने-मरने की कसमें ही नहीं खाई थी बल्कि BPSC परीक्षा देने की कसमें भी खाई थीं. BPSC 70वीं CCE परीक्षा में पति ने BPRO और पत्नी ने DSP का पद हासिल किया है. मां से दूर नाना-नानी के घर रहकर पढ़ी हैं कोमल सिंह कोमल कुमारी सिंह बिहार बेगूसराय की रहने वाली हैं. वे अवनिश कुमार सिंह और उषा कुमारी की बेटी हैं. कोमल की आधी पढ़ाई झारखंड से हुई है (वे अपने नाना-नानी के यहां रहकर पढ़ी हैं) और आधी पढ़ाई बिहार से. कहां से हुई कोमल की पढ़ाई-लिखाई? कोमल की स्कूलिंग बोकारो स्टील सिटी से हुई है. इसके बाद उन्होंने इंजीनियरिंग में डिप्लोमा डिग्री हासिल की. जमशेदपुर से डिग्री हासिल करने के बाद उन्होंने बेंगलुरु में 6-7 महीने के करीब असिस्टेंट इंजीनियर के रूप में काम किया. 2020 में उन्होंने ललित नारायण मिथिला यूनिवर्सिटी से BCom में अपना ग्रेजुएशन पूरा किया. उसी साल बिहार प्रशासन में रेवेन्यू डिपार्टमेंट में उनकी जॉब लगती है. लेकिन BPSC के लिए ये नौकरी छोड़ दी. 2023 में उन्होंने BPSC में अपना पहला अटेंप्ट दिया, जिसमें 3 मार्क्स से उन्हें असफलता मिली. लेकिन अपने दूसरे अटेंप्ट में उन्होंने सफलता हासिल कर ली. पति विकास कुमार ने नौकरी के साथ की तैयारी विकास कुमार की 12वीं तक पढ़ाई-लिखाई झारखंड से हुई है. वे साइंस बैकग्राउंड से थे. 12वीं के बाद उन्होंने जयपुर से इंजीनियरिंग की पढ़ाई की. प्राइवेट स्कूल में पढ़ाने के साथ उन्होंने BPSC की तैयारी जारी रखी. कई बार असफलता हाथ लगी, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी. पत्नी को बताया लकी चार्म विकास सिंह ने अपने एक इंटरव्यू में कहा कि उनकी लाइफ में पत्नी के आने को वो शुभ मानते हैं. वे कई सालों से मेहनत कर रहे थे. लेकिन वाइफ का साथ पाने के बाद उन्हें सफलता मिली. पति-पत्नी की इस सफलता से पूरा परिवार खुश है. विकास सिंह ने कहा कि परिवार वालों ने हमेशा हमें सपोर्ट किया. यह भी पढ़ें- दिल्ली यूनिवर्सिटी की छात्रा बनी BPSC अफसर, मॉक इंटरव्यू में डांस पर पूछा गया था सवाल The post मंडप से सीधे एग्जाम सेंटर पहुंचे दूल्हा-दुल्हन, एक साथ क्रैक किया BPSC appeared first on Naya Vichar.

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YouTube Shorts में आया बड़ा अपडेट, अब मिलेगा 2x Playback, Clear Screen Mode और कई नए फीचर्स

अगर आप YouTube Shorts देखते हैं, तो आपके लिए अच्छी समाचार है. YouTube अब Shorts के एक्सपीरियंस को पहले से ज्यादा फास्ट, साफ और पर्सनल बनाने के लिए कई नए फीचर्स रोलआउट कर रहा है. इन नए अपडेट्स में 2x प्लेबैक स्पीड, वीडियो के साथ इंटरैक्ट करने का नया तरीका और डिस्ट्रैक्शन-फ्री मोड जैसे फीचर्स शामिल हैं, जिससे Shorts देखना पहले से ज्यादा मजेदार हो जाएगा. आइए एक-एक करके सभी फीचर्स के बारे में जानते हैं. YouTube Shorts में आई 2x Playback Speed सबसे बड़ा बदलाव YouTube Shorts में अब 2x Playback Speed का है. यानी अगर आपको कोई Short जल्दी खत्म करना है या सीधे किसी खास हिस्से पर पहुंचना है, तो अब वीडियो को दोगुनी स्पीड पर देखा जा सकता है. इतना ही नहीं, अगर किसी वीडियो का कोई हिस्सा दोबारा देखना हो, तो उसे अपनी पसंद की स्पीड पर रिप्ले भी किया जा सकेगा. खासतौर पर Tutorials, Educational Videos, Recipes, DIY कंटेंट, Explainers और Product Reviews देखने वालों के लिए यह फीचर काफी काम का हो सकता है. YouTube Shorts से हटा Dislike बटन YouTube Shorts पर अब Dislike बटन नहीं मिलेगा. यानी अगर आपको कोई वीडियो पसंद नहीं आता, तो सिर्फ Dislike करने की बजाय YouTube आपको ‘Not Interested’ या ‘Don’t Recommend This Channel’ जैसे ऑप्शन चुनने के लिए कहेगा. आपको याद होगा कि साल 2021 में भी YouTube ने वीडियो पर पब्लिक Dislike Count दिखाना बंद कर दिया था, ताकि क्रिएटर्स को टारगेट करके होने वाली ट्रोलिंग और हेट कैंपेन को रोका जा सके. हालांकि, क्रिएटर्स आज भी अपने YouTube Studio में Dislike की संख्या देख सकते हैं. यह भी पढ़ें: घंटों की स्क्रॉलिंग से बचना है? जानें YouTube Shorts ऑफ करने का आसान तरीका Like बटन की जगह आया Heart Emoji YouTube अब Shorts में Thumbs Up आइकन की जगह Heart Emoji देने जा रहा है. हालांकि इस बदलाव से फीचर का काम नहीं बदलेगा. यानी आप पहले की तरह ही अपनी पसंदीदा वीडियो को लाइक कर पाएंगे. बस फर्क इतना होगा कि अब लाइक दिखाने के लिए थम्ब्स-अप की बजाय हार्ट आइकन नजर आएगा. YouTube लाया Clear Screen Mode YouTube एक नया Clear Screen Mode भी लेकर आया है. इस फीचर को ऑन करते ही स्क्रीन पर दिखने वाले कैप्शन, कमेंट्स, लाइक-शेयर बटन, क्रिएटर की डिटेल्स और दूसरे इंटरफेस एलिमेंट्स कुछ समय के लिए छिप जाएंगे. यानी आपका पूरा फोकस सिर्फ वीडियो पर रहेगा. अगर किसी भी समय आपको वीडियो पर कमेंट करना हो, लाइक करना हो या शेयर करना हो, तो आप सिर्फ एक टैप में नॉर्मल इंटरफेस पर वापस लौट सकते हैं. YouTube Shorts में मिले नए प्लेबैक कंट्रोल्स कंपनी ने नए प्लेबैक कंट्रोल्स जोड़े हैं, जिनकी मदद से अब आप किसी भी Shorts को पॉज करके सिर्फ एक टैप में उसे म्यूट कर सकते हैं. इतना ही नहीं, अब Shorts का टाइमर भी अपनी पसंद के हिसाब से एडजस्ट किया जा सकेगा. यहां तक कि उसे जीरो पर भी सेट किया जा सकता है. यह भी पढ़ें: 6 साल बाद YouTube पर लौटा मैसेजिंग फीचर, अब ऐप में ही होगी चैटिंग, वीडियो शेयर करना होगा और आसान The post YouTube Shorts में आया बड़ा अपडेट, अब मिलेगा 2x Playback, Clear Screen Mode और कई नए फीचर्स appeared first on Naya Vichar.

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