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Author name: Vinod Jha

nayavichar.com पर संपादक हैं। पटना स्थित स्वतंत्र पत्रकार और लेखक व एक दशक से अधिक का व्यापक अनुभव है। पत्रकारिता, प्रकाशन और विज्ञापन में अनुभव सभी प्रकार की सामग्री के साथ काम करने में सक्षम बनाता है: ब्लॉग पोस्ट, सोशल मीडिया सामग्री अच्छी तरह से शोध किए गए लेख और साथ ही प्रेस विज्ञप्तियाँ। यदि आप उच्च-गुणवत्ता वाली सामग्री की तलाश में हैं, तो nayavicharnews@gmail.com पर संपर्क करें। विशेषताएँ: रिपोर्टिंग, पत्रकारिता, लेखन और संचार, सोशल मीडिया

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बिहार में 33 डिग्री पहुंचा पारा, 5 जिलों में बारिश और बिजली गिरने का येलो अलर्ट

Bihar Weather: बिहार में जिस मार्च में होली की हल्की गुलाबी ठंड का अहसास होता था, वहां इस बार फरवरी बीतते ही सूरज आग उगलने लगा है. राज्य के कई हिस्सों में पारा 33 डिग्री के पार जा चुका है और दोपहर की धूप अब बदन झुलसाने लगी है. IMD के अनुसार आने वाले दिनों में तापमान और बढ़ेगा. हालांकि 10 मार्च को सुपौल, अररिया, पूर्णिया किशनगंज और कटिहार में हल्की बारिश, तेज हवा और बिजली गिरने की संभावना जताई गई है. तपती गर्मी के बीच 10 मार्च को कुछ जिलों के लिए राहत और आफत दोनों एक साथ आने वाली है. धूप तेज, तापमान 33 डिग्री के पार राज्य में दिन के समय धूप की तीखी तपिश लोगों को परेशान करने लगी है. कई जिलों में अधिकतम तापमान 33 डिग्री सेल्सियस के आसपास पहुंच गया है. बीते 24 घंटों में बांका में सबसे ज्यादा 33.6 डिग्री तापमान दर्ज किया गया, जबकि पटना, गया और मुजफ्फरपुर समेत कई शहरों में दोपहर के समय गर्मी साफ महसूस की जा रही है. ग्रामीण इलाकों में अभी भी सुबह और देर रात हल्की ठंडक बनी हुई है. #अधिकतम #तापमान और #परिवर्तन पिछले 24 घंटा #बिहार जिलों से। pic.twitter.com/jeDQfovHJK — Mausam Bihar- IMD Patna (@imd_patna) March 4, 2026 10 मार्च को इन 5 जिलों में बारिश का अलर्ट चिलचिलाती धूप के बीच मौसम विभाग (IMD) ने 10 मार्च को लेकर बड़ा अपडेट जारी किया है. बिहार के सीमांचल और उत्तर-पूर्वी हिस्सों में मौसम पलटी मारेगा. सुपौल, अररिया, किशनगंज, पूर्णिया और कटिहार में बारिश का येलो अलर्ट जारी किया गया है. इस दौरान 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलेंगी और गरज-चमक के साथ बिजली गिरने की भी आशंका है. किसानों को सलाह दी गई है कि वे मौसम के इस बदलाव को देखते हुए सतर्क रहें. तापमान में 4 डिग्री तक बढ़ोतरी के आसार मौसम वैज्ञानिकों का अनुमान है कि अगले 24 से 48 घंटों में राज्य के अधिकतम तापमान में 1 से 3 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ोतरी हो सकती है. वहीं न्यूनतम तापमान में भी 2 से 4 डिग्री सेल्सियस तक वृद्धि होने की संभावना है. एक सप्ताह के भीतर कई जिलों में तापमान 35 से 36 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है. इस साल का वेदर पैटर्न बेहद पेचीदा नजर आ रहा है. ला-नीना के कमजोर पड़ने और हिंद महासागर की तटस्थ स्थिति के कारण 2026 में मानसून का गणित बिगड़ सकता है. आशंका जताई जा रही है कि उत्तर बिहार जहां बाढ़ की चपेट में आ सकता है, वहीं दक्षिण बिहार को सूखे का सामना करना पड़ सकता है. आने वाले दिनों में जल संकट गहराने की भी चेतावनी दी गई है. Also Read: पटना हॉस्टल कांड: NEET छात्रा मौत मामले में CBI ने बढ़ाई धाराएं, अब इस एंगल से भी होगी जांच The post बिहार में 33 डिग्री पहुंचा पारा, 5 जिलों में बारिश और बिजली गिरने का येलो अलर्ट appeared first on Naya Vichar.

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समुद्र नहीं, फिर भी कहलाता है सागर, क्या आप जानते हैं इसका नाम

Which Sea is known as the Lake Tiberias: मध्य-पूर्व का एक फेमस जलाशय (Reservoir) ऐसा है, जिसे हिस्ट्री, रीलिजन और भूगोल, तीनों तरीके से बहुत इम्पॉर्टेंट माना जाता है. सदियों से यह जगह सभ्यताओं के उत्थान और पतन का साक्षी रहा है. इसके आसपास प्राचीन नगर बसे, बिजनेस के रास्ते डेवलप हुए हैं. कई ऐतिहासिक घटनाएं भी घटी है. खास बात यह है कि यह जलाशय अपने एक नहीं, बल्कि कई नामों के कारण (Which Sea is known as the Lake Tiberias) जाना जाता है. अलग-अलग समय और भाषाओं में इसे अलग पहचान मिली. इसके कारण जनरल नॉलेज के सवालों में यह अक्सर पूछा जाता है. जियोग्राफिकल रूप से यह समुद्र नहीं, बल्कि मीठे पानी की झील है, फिर भी इसे सागर कहा जाता है. आइए जानते हैं कि किस सागर को लेक टिबेरियास (Which Sea is known as the Lake Tiberias) कहा जाता है.  कौन सा सागर Lake Tiberias के नाम से जाना जाता है?  लेक टिबेरियास दरअसल Sea of Galilee का ही दूसरा नाम है. यह एक मीठे पानी की झील है, जो Israel के उत्तरी भाग में स्थित है. इसके किनारे बसे शहर Tiberias के नाम पर ही इसे लेक टिबेरियास कहा जाता है. इसे  गैलीली सागर और किन्नरेट झील के नाम से जाना जाता है.  Which Sea is known as the Lake Tiberias: टिबेरियास नाम की उत्पत्ति कहां से हुई?  Tiberias नाम की उत्पत्ति रोमन काल से जुड़ी हुई है. यह शहर पहली सदी ईस्वी में रोमन शासक Herod Antipas द्वारा बसाया गया था. उन्होंने इस शहर का नाम उस समय के रोमन सम्राट Tiberius के सम्मान में रखा था. यह शहर लगभग 18 से 20 ईस्वी के आसपास बसाया गया. रोमन साम्राज्य के प्रभाव के कारण इसका नाम Tiberias रखा गया.  जियोग्राफिकल इम्पॉर्टेंस  यह दुनिया की सबसे निचली मीठी पानी की झीलों में से एक है. यह समुद्र तल से अलगभग 200 मीटर नीचे है. इस झील में पानी मुख्य रूप से जॉर्डन रिवर से आता है. इसके चारों ओर पहाड़ और खेत है, जिससे यह जगह सुंदर और उपजाऊ बनता है. इस सागर की लंबाई लगभग 21 किलोमीटर है और चौड़ाई लगभग 13 किलोमीटर है.  यह भी पढ़ें: क्या आपने देखा है एशिया का सबसे बड़ा Tulip गार्डन? पूरी दुनिया में है फेमस The post समुद्र नहीं, फिर भी कहलाता है सागर, क्या आप जानते हैं इसका नाम appeared first on Naya Vichar.

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इनवर्टर, नॉन-इनवर्टर और कनवर्टेबल AC: कौन है सबसे बेहतर?

दिल्ली-NCR समेत देश के कई हिस्सों में तापमान लगातार बढ़ रहा है और आने वाले दिनों में गर्मी और भी तेज होगी. ऐसे में एयर कंडीशनर (AC) की मांग तेजी से बढ़ रही है. लेकिन जब बाजार में नॉन-इनवर्टर, इनवर्टर और कनवर्टेबल जैसे कई विकल्प मौजूद हों, तो आम उपभोक्ता के लिए सही चुनाव करना मुश्किल हो जाता है. आइए समझते हैं कि इनमें से कौन सा AC आपके लिए सबसे बेहतर साबित हो सकता है. बिजली बिल और परफॉर्मेंस का फर्क नॉन-इनवर्टर AC में फिक्स्ड स्पीड मोटर होती है, जो बार-बार ऑन और ऑफ होती रहती है. इससे बिजली की खपत ज्यादा होती है और बिल भी बढ़ जाता है. वहीं इनवर्टर AC में मोटर लगातार चलती है लेकिन स्पीड एडजस्ट होती रहती है. इससे बिजली की बचत होती है और कूलिंग भी स्मूद रहती है. कनवर्टेबल AC: फ्लेक्सिबिलिटी का फायदा कनवर्टेबल AC असल में इनवर्टर टेक्नोलॉजी पर ही आधारित होता है, लेकिन इसमें एक अतिरिक्त फीचर मिलता है- टन कैपेसिटी एडजस्ट करने का. उदाहरण के लिए, 1.5 टन का AC जरूरत पड़ने पर 0.9 टन पर भी चलाया जा सकता है. इसका फायदा यह है कि छोटे कमरे में बिजली की खपत और भी कम हो जाती है. किसके लिए कौन सा AC सही? कम बजट और कभी-कभी इस्तेमाल: नॉन-इनवर्टर AC रेगुलर इस्तेमाल और बिजली बचत: इनवर्टर AC फ्लेक्सिबिलिटी और स्मार्ट यूज़: कनवर्टेबल AC. दिल्ली-NCR जैसी जगहों पर जहां गर्मी लंबी और तेज होती है, इनवर्टर या कनवर्टेबल AC लेना ही सबसे समझदारी भरा विकल्प है. किसके लिए क्या सही? अगर आप लंबे समय तक AC का इस्तेमाल करने वाले हैं और बिजली बिल बचाना चाहते हैं, तो इनवर्टर या कनवर्टेबल AC ही बेस्ट चॉइसहै. कनवर्टेबल AC भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए सबसे एडवांस विकल्प माना जा सकता है. यह भी पढ़ें: AC में कितना होना चाहिए सही गैस प्रेशर? जान लीजिए वरना हो सकते हैं स्कैम के शिकार यह भी पढ़ें: 99% हिंदुस्तानीय नहीं जानते किस नंबर पर चलाना चाहिए AC, जान गए तो छोड़ देंगे बिजली बिल की चिंता The post इनवर्टर, नॉन-इनवर्टर और कनवर्टेबल AC: कौन है सबसे बेहतर? appeared first on Naya Vichar.

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ChatGPT हुआ और भी स्मार्ट: OpenAI ने पेश किया GPT 5.3 Instant

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की दुनिया लगातार बदल रही है और इसी कड़ी में OpenAI ने अपने चैटबॉट ChatGPT के लिए नया मॉडल GPT 5.3 Instant लॉन्च किया है. कंपनी का दावा है कि यह मॉडल पहले से ज्यादा सटीक जवाब देता है, गलतियों को कम करता है और बातचीत को और प्राकृतिक बनाता है. खास बात यह है कि यह मॉडल रोजमर्रा की बातचीत को तेज और भरोसेमंद बनाने के लिए तैयार किया गया है. यूजर्स के लिए बड़ा बदलाव GPT 5.3 Instant को खासतौर पर उन शिकायतों को ध्यान में रखकर बनाया गया है, जिनमें यूजर्स को अनावश्यक रिजेक्शन, ओवर-विजिलेंट जवाब और बातचीत के असमान प्रवाह का सामना करना पड़ता था. नया मॉडल अब खतरनाक और सामान्य सवालों में फर्क बेहतर तरीके से कर पाता है, जिससे वैध प्रश्नों पर गलत तरीके से इनकार होने की संभावना कम हो गई है. वेब डेटा और नॉलेज बेस का मेल इस मॉडल की सबसे बड़ी खासियत है कि यह वेब से मिलने वाली जानकारी को अपने नॉलेज बेस के साथ जोड़कर जवाब देता है. यानी अब यूजर्स को न सिर्फ तुरंत बल्कि संदर्भित और भरोसेमंद जानकारी मिलेगी. इससे बातचीत ज्यादा सहज और उपयोगी बन जाती है. सटीकता और कम हुई गलतियां OpenAI ने बताया कि GPT 5.3 Instant को संवेदनशील क्षेत्रों जैसे मेडिसिन, लॉ और फाइनेंस में टेस्ट किया गया. नतीजों में पाया गया कि वेब ब्राउजिंग के दौरान गलत जानकारी (हैलुसिनेशन) 26.8% तक कम हुई, जबकि केवल इंटरनल नॉलेज पर आधारित जवाबों में यह कमी 19.7% रही. यूजर रिपोर्टेड फैक्चुअल एरर्स भी वेब ऐक्सेस के साथ 22.5% और बिना वेब ऐक्सेस के 9.6% तक घटे. टोन और बातचीत का अंदाज पहले कई यूजर्स ने शिकायत की थी कि ChatGPT के जवाब या तो बहुत ज्यादा आश्वस्त करने वाले होते थे या अचानक खत्म हो जाते थे. GPT 5.3 Instant अब ज्यादा नैचुरल टोन में जवाब देता है. साथ ही, यूजर्स को सेटिंग्स में जाकर टोन एडजस्ट करने का विकल्प भी मिलेगा. उपलब्धता और भविष्य की बात GPT 5.3 Instant अब सभी ChatGPT यूजर्स के लिए उपलब्ध है.डेवलपर्स के लिए यह API में gpt-5.3-chat-latest नाम से मौजूद है. वहीं, पुराना GPT 5.2 मॉडल पेड यूजर्स के लिए जून 3, 2026 तक उपलब्ध रहेगा और उसके बाद रिटायर कर दिया जाएगा. यह भी पढ़ें: अमेरिका में यूजर्स अपने फोन से क्यों डिलीट कर रहे हैं ChatGPT ऐप? जानें वजह यह भी पढ़ें: ChatGPT बना सबसे पॉपुलर AI टूल, 900M यूजर्स, 50M पेड सब्सक्राइबर्स The post ChatGPT हुआ और भी स्मार्ट: OpenAI ने पेश किया GPT 5.3 Instant appeared first on Naya Vichar.

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फिन एलेन का तूफानी शतक, दक्षिण अफ्रीका को हराकर न्यूजीलैंड फाइनल में

Table of Contents एलेन ने टी20 वर्ल्ड कप का सबसे तेज शतक जमाया सबसे तेज T20I शतक (गेंदों के अनुसार) ईडन गार्डंस पर होली के दिन बल्ले से आतिशबाजी एलेन और सीफर्ट ने पावरप्ले 84 रन बनाया T20 World Cup 2026: पहले सेमीफाइनल में बुधवार को दक्षिण अफ्रीका ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 8 विकेट पर 169 रन का स्कोर बनाया. जिसके जवाब में न्यूजीलैंड ने केवल एक विकेट खोकर 12.5 ओवर में 173 रन बनाकर मुकाबला अपने नाम कर लिया. एलेन ने टी20 वर्ल्ड कप का सबसे तेज शतक जमाया एलेन ने टी20 वर्ल्ड कप का सबसे तेज शतक जमाया. अपनी पारी में एलेन ने केवल 33 गेंदों का सामना किया, जिसमें 10 चौके और आठ छक्के लगाए. जबकि टी20 अंतरराष्ट्रीय में एलेन के नाम तीसरा सबसे तेज शतक का रिकॉर्ड दर्ज हो गया है. सबसे तेज T20I शतक (गेंदों के अनुसार) 27 – साहिल चौहान (एस्टोनिया) बनाम साइप्रस, एपिस्कोपी, 202429 – मुहम्मद फहद (तुर्की) बनाम बुल्गारिया, सोफिया, 202533 – फिन एलन (NZ) बनाम दक्षिण अफ्रीका, कोलकाता, 202633 – जान निकोल लॉफ्टी-ईटन (NAM) बनाम NEP, कीर्तिपुर, 202433 – सिकंदर रजा (ZIM) बनाम गाम्बिया, नैरोबी, 2024 ईडन गार्डंस पर होली के दिन बल्ले से आतिशबाजी टी20 विश्व कप के सबसे तेज शतक में ईडन गार्डंस पर होली के दिन बल्ले से आतिशबाजी देखने को मिली. दक्षिण अफ्रीका के लिये अर्धशतक बनाने वाले मार्को यानसेन ने 2.5 ओवर में 53 रन दे डाले. मिचेल सेंटनेर की कप्तानी वाली कीवी टीम ने बेहतरीन स्पिन गेंदबाजी का नमूना पेश करते हुए दक्षिण अफ्रीका को आठ विकेट पर 169 रन पर रोक दिया. आफ स्पिनर कोल मैकोंची ( एक ओवर में नौ रन देकर दो विकेट ) और बायें हाथ के स्पिनर रचिन रविंद्र (चार ओवर में 29 रन देकर दो विकेट ) ने कहर बरपाती हुई गेंदबाजी करके दक्षिण अफ्रीका के शीर्ष क्रम को झकझोर दिया. जवाब में एलेन और टिम सीफर्ट ( 33 गेंद में 58 रन ) ने नौ ओवर में 117 रन की साझेदारी करके न्यूजीलैंड को 2021 के बाद दूसरी बार फाइनल में पहुंचाया. एलेन और सीफर्ट ने पावरप्ले 84 रन बनाया एलेन और सीफर्ट ने पावरप्ले के छह ओवरों में 84 रन बना डाले. एलेन ने 19 गेंद में पहला पचासा और 14 गेंद में दूसरा पूरा किया. इससे पहले यानसेन के 30 गेंद में नाबाद 55 रन की मदद से दक्षिण अफ्रीका ने शुरुआती झटकों से उबरते हुए आठ विकेट पर 169 रन बनाये. दक्षिण अफ्रीका ने 11वें ओवर में पांच विकेट 77 रन पर गंवा दिये थे. इसके बाद यानसेन और ट्रिस्टन स्टब्स ( 24 गेंद में 29 रन ) ने पारी को संभाला. दोनों ने छठे विकेट के लिये 73 रन जोड़े. The post फिन एलेन का तूफानी शतक, दक्षिण अफ्रीका को हराकर न्यूजीलैंड फाइनल में appeared first on Naya Vichar.

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ममता बनर्जी और भाईपो डरे हुए हैं, आगे-आगे देखिए होता है क्या…, बोले केंद्रीय मंत्री डॉ सुकांत मजूमदार

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 से पहले तृणमूल कांग्रेस के 2 बड़े नेताओं ममता बनर्जी और अभिषेक बनर्जी पर हमले तेज हो गये हैं. केंद्रीय मंत्री और हिंदुस्तानीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता डॉ सुकांत मजूमदार ने दावा किया है कि वेस्ट बंगाल की चीफ मिनिस्टर ममता बनर्जी और उनके भतीजे (भाईपो) अभिषेक बनर्जी डरे हुए हैं. अभी धरना से लकर कई और चीजें होंगी. अभी बहुत सी कहानियां बाकी हैं. आगे-आगे देखिये, होता है क्या. प्रशासन ने अधिकारी नहीं दिये, तो पड़ोसी राज्यों से मंगाना पड़ा पत्रकारों के एक सवाल के जवाब में बुधवार को डॉ सुकांत मजूमदार ने कहा कि पश्चिम बंगाल की ममता बनर्जी प्रशासन ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के लिए पर्याप्त संख्या में वरिष्ठ अधिकारी उपलब्ध नहीं कराये. इसकी वजह से सुप्रीम कोर्ट को यह आदेश देना पड़ा कि पड़ोसी राज्यों के लीगल ऑफिसर्स की मदद से एसआईआर की प्रक्रिया पूरी करें. कलकत्ता हाईकोर्ट ने उसी आदेश के अनुरूप पड़ोसी राज्यों से लीगल ऑफिसर्स की मांग की है. बंगाल की समाचारें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें धरना से लेकर बहुत कुछ होने वाला है बंगाल में यह पूछने पर पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी 6 मार्च को कोलकाता में चुनाव आयोग के खिलाफ धरना देने वाली हैं, डॉ सुकांत मजूमदार ने कहा कि अभी धरना से लेकर बहुत कुछ होने वाला है. बहुत-सी कहानियां बाकी हैं. पश्चिम बंगाल के पूर्व प्रदेश भाजपा अध्यक्ष सुकांत मजूमदार ने कहा कि इस बार तृणमूल कांग्रेस का कोई दांव नहीं चलेगा. राज्य में हिंदुस्तानीय जनता पार्टी की पूर्ण बहुमत की प्रशासन बनेगी. इसे भी पढ़ें मानस भुइयां पर भड़के सुकांत मजूमदार, बोले- शिक्षक और छात्रों को धमकाना निंदनीय 2021 में ‘कच्चू’ मिला, 2026 में ‘घेंचू’ मिलेगा, अमित शाह के आरोपों से भड़कीं ममता बनर्जी का तीखा वार बंगाल चुनाव 2026: दीवाल पर भाजपा का चुनाव प्रचार शुरू, सुकांत मजूमदार ने की पेंटिंग 72 घंटे में माफी मांगें, सुकांत मजूमदार को बंगाल के पूर्व डीजीपी राजीव कुमार का अल्टीमेटम The post ममता बनर्जी और भाईपो डरे हुए हैं, आगे-आगे देखिए होता है क्या…, बोले केंद्रीय मंत्री डॉ सुकांत मजूमदार appeared first on Naya Vichar.

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गुझिया और भारी लंच के बाद हो रही है एसिडिटी? तुरंत राहत देगी यह देसी ड्रिंक

Holi Detox Drinks: होली पर गुझिया, पकौड़े और पूरियों पर हाथ साफ करने के बाद अब असली आफत पेट के साथ शुरू होती है. भारी लंच और मीठे के ओवरडोज की वजह से आधे से ज्यादा लोग इस वक्त खट्टी डकारें, पेट फूलने और सीने में जलन से परेशान हैं. होली की मस्ती में हम खा तो लेते हैं, लेकिन दोपहर होते-होते शरीर सुस्त पड़ने लगता है और भारीपन महसूस होता है. अगर आप भी सोफे पर लेटे हुए बस यही सोच रहे हैं कि यह भारीपन कैसे खत्म हो, तो घबराएं नहीं. हम आपको बताने जा रहे हैं एक ऐसी देसी डिटॉक्स ड्रिंक, जो आपकी रसोई में मौजूद चीजों से 2 मिनट में तैयार हो जाएगी और पीते ही आपके पेट को बर्फ जैसी ठंडक देगी. चलिए जानते हैं इसे बनाने का सबसे आसान तरीका. Holi Detox Drinks: पेट की जलन और भारीपन मिटाने वाली 3 जादुई ड्रिंक्स अदरक और पुदीने का पानी एक गिलास गुनगुने पानी में आधा चम्मच अदरक का रस और 4-5 पिसी हुई पुदीने की पत्तियां मिलाएं. इसमें थोड़ा सा काला नमक डालकर पिएं. अदरक पाचन को तेज करता है और पुदीना पेट की जलन को तुरंत शांत कर देता. जीरा-अजवाइन का काढ़ा अगर पेट फूलने (Bloating) की समस्या हो रही है, तो एक चम्मच जीरा और आधा चम्मच अजवाइन को एक गिलास पानी में उबालें. जब पानी आधा रह जाए, तो इसे छानकर हल्का गुनगुना पिएं. यह ड्रिंक भारी खाने को मिनटों में पचाने की ताकत रखती है. ठंडा सौंफ और मिश्री का शरबत अगर गुझिया खाने के बाद सीने में जलन हो रही है, तो सौंफ को पीसकर उसमें थोड़ी मिश्री मिलाकर ठंडे पानी के साथ पिएं. यह पेट को तुरंत ठंडक पहुंचाता है और मीठे की वजह से होने वाली एसिडिटी को खत्म करता है. अगले कुछ घंटों के लिए जरूरी टिप्स पानी खूब पिएं: शरीर से टॉक्सिन्स (गंदगी) बाहर निकालने के लिए सादा पानी या नारियल पानी पीते रहें. तुरंत न सोएं: लंच के बाद तुरंत बिस्तर पर न लेटें, कम से कम 10-15 मिनट घर के अंदर ही चहल-कदमी करें. हल्का डिनर: अगर दोपहर में भारी खाया है, तो रात का खाना एकदम हल्का रखें जैसे मूंग दाल की खिचड़ी या सिर्फ सूप. यह भी पढ़ें: Holi 2026: भांग वाली ठंडाई पीते समय रखें इन बातों का ध्यान, नहीं तो बिगड़ सकती है तबीयत Disclaimer: यह आर्टिकल सामान्य जानकारियों और मान्यताओं पर आधारित है. नया विचार इसकी पुष्टि नहीं करता है. The post गुझिया और भारी लंच के बाद हो रही है एसिडिटी? तुरंत राहत देगी यह देसी ड्रिंक appeared first on Naya Vichar.

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31 मार्च 2026 से पहले निपटा लें ये काम, वरना बंद हो जाएगा आपका PPF और सुकन्या समृद्धि खाता

Sukanya Samriddhi Yojana: अगर आपने पब्लिक प्रॉविडेंट फंड (PPF) या सुकन्या समृद्धि योजना (SSY) में निवेश किया है, तो यह समय आपके लिए बेहद महत्वपूर्ण है. चालू वित्त वर्ष (2025-26) खत्म होने में अब कुछ ही समय बचा है. यदि आपने इस साल अपने इन खातों में न्यूनतम राशि जमा नहीं की है, तो 31 मार्च 2026 तक इसे जरूर पूरा कर लें. खाता इनएक्टिव होने का खतरा नियमों के अनुसार, इन प्रशासनी योजनाओं में हर साल एक निश्चित न्यूनतम राशि निवेश करना अनिवार्य होता है. यदि आप ऐसा नहीं करते हैं, तो आपका खाता ‘इनएक्टिव’ (बंद) हो सकता है. बंद खाते को दोबारा चालू करवाने के लिए आपको न केवल बकाया राशि जमा करनी होगी, बल्कि जुर्माना भी भरना पड़ेगा. कितना पैसा जमा करना है जरूरी ? विभिन्न योजनाओं के लिए न्यूनतम निवेश की सीमा अलग-अलग है. योजना का नाम न्यूनतम सालाना निवेश जुर्माना (डिफ़ॉल्ट पर) वर्तमान ब्याज दर PPF (पब्लिक प्रोविडेंट फंड) ₹500 ₹50 प्रति वर्ष 7.1% SSY (सुकन्या समृद्धि योजना) ₹250 ₹50 प्रति वर्ष 8.2% टैक्स बचाने का शानदार मौका इन दोनों योजनाओं में निवेश करने का सबसे बड़ा फायदा आयकर (Income Tax) में मिलने वाली छूट है. सेक्शन 80C का लाभ: आप इन स्कीम्स में निवेश करके इनकम टैक्स एक्ट की धारा 80C के तहत ₹1.5 लाख तक की टैक्स कटौती का दावा कर सकते हैं. टैक्स फ्री इनकम: आसान शब्दों में कहें तो, आप अपनी कुल सालाना कर योग्य आय (Taxable Income) में से ₹1.5 लाख तक की राशि घटा सकते हैं, जिससे आपकी टैक्स देनदारी कम हो जाएगी. सावधानी ही समझदारी है अंतिम तिथि यानी 31 मार्च 2026 का इंतजार न करें, क्योंकि आखिरी दिनों में तकनीकी दिक्कतों या बैंक की छुट्टियों की वजह से देरी हो सकती है. समय रहते निवेश करें ताकि आपका फंड सुरक्षित रहे और ब्याज का लाभ मिलता रहे. Also Read: अब गधे बनाएंगे आपको करोड़पति ! प्रशासन दे रही है ₹50 लाख की भारी सब्सिडी The post 31 मार्च 2026 से पहले निपटा लें ये काम, वरना बंद हो जाएगा आपका PPF और सुकन्या समृद्धि खाता appeared first on Naya Vichar.

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2021 में ‘कच्चू’ मिला, 2026 में ‘घेंचू’ मिलेगा, अमित शाह के आरोपों से भड़कीं ममता बनर्जी का तीखा वार

West Bengal Politics: पश्चिम बंगाल में 2026 विधानसभा चुनाव की औपचारिक घोषणा बाकी है, लेकिन सियासी जंग तेज हो गयी है. राजधानी कोलकाता से करीब 180 किलोमीटर दूर बांकुड़ा जिले से वेस्ट बंगाल की चीफ मिनिस्टर ममता बनर्जी ने देश के गृह मंत्री पर तीखा वार किया. अमित शाह और भाजपा पर निशाना साधने के लिए दीदी ने जिन 2 शब्दों का चयन किया, लोग उसका मतलब तलाशने लगे. तृणमूल कांग्रेस की सुप्रीमो ने खुद पूछा कि इसको अंग्रेजी में क्या कहते हैं. बांकुड़ा के बरजोड़ा से ममता बनर्जी ने किया पलटवार ममता बनर्जी ने बांकुड़ा के बरजोड़ा में जिन शब्दों का इस्तेमाल किया, वे हैं- कच्चू और घेंचू. ममता बनर्जी ने कहा कि 2021 में ‘कच्चू’ मिला, 2026 में ‘घेंचू’ मिलेगा. इससे पहले केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मंगलवार को कोलकाता के सॉल्ट लेक स्थित भाजपा कार्यालय में प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित किया. उन्होंने तृणमूल कांग्रेस प्रशासन पर घुसपैठ, भ्रष्टाचार, तुष्टीकरण और विकास परियोजनाओं में बाधा डालने जैसे आरोप लगाये. सीमा सुरक्षा से लेकर चिटफंड घोटाला और पशु तस्करी तक के आरोप लगाये. उन्होंने कहा कि इस बार बंगाल में दो तिहाई बहुमत के साथ भाजपा की प्रशासन बनेगी. अमित शाह को दिलायी ‘अबकी बार 200 पार’ के नारे की याद अमित शाह के प्रेस कॉन्फ्रेंस के खत्म होने के बाद बांकुड़ा जिले में एक रैली को संबोधित करते हुए ममता बनर्जी ने गृह मंत्री पर पलटवार किया. एक-एक बिंदु पर शाह को जवाब दिया. इसी रैली में ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस (AITC) की सबसे बड़ी नेता ने 2021 में भाजपा के नारे ‘अबकी बार 200 पार’ की याद दिलायी. कहा- पिछली बार आपको कच्चू मिला था, इस बार घेंचू मिलेगा. ‘कच्चू’ और ‘घेंचू’ शब्दों के जरिये उन्होंने भाजपा की दावेदारी का मजाक उड़ाया. उन्होंने हल्के अंदाज में पूछा- घेंचू का अंग्रेजी क्या होगा? बंगाल की समाचारें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें हमारे लोग भ्रष्ट हैं, तो कार्रवाई कीजिए – ममता बनर्जी अमित शाह ने तृणमूल पर तुष्टीकरण की नेतृत्व का आरोप लगाया, तो ममता बनर्जी ने कहा- अगर हमारे लोग भ्रष्ट हैं, तो कार्रवाई कीजिए. बंगाल की चीफ मिनिस्टर ने भाजपा पर भी अपने नेताओं को बचाने के आरोप लगाये. साथ ही वंशवाद के मुद्दे पर भी सवाल उठाया. दोनों नेताओं के बीच शब्दयुद्ध इस बात का संकेत है कि बंगाल चुनाव 2026 की लड़ाई अब मुद्दों के साथ-साथ भाषा और प्रतीकों की भी होगी. इसे भी पढ़ें राहुल सिन्हा का ममता बनर्जी पर हमला, टीएमसी के 4 राज्यसभा उम्मीदवारों में 50 प्रतिशत बंगाली नहीं बंगाल में CAA का काम होगा तेज, अमित शाह ने गठित की दो और समिति अभिषेक बनर्जी के गढ़ में गरजे अमित शाह- टीएमसी ने बंगाल को घुसपैठियों का स्वर्ग बना दिया अमित शाह का ‘परिवर्तन पैकेज’: 45 दिन में DA, 7वां वेतन आयोग और प्रशासनी नौकरी, ममता बनर्जी प्रशासन पर सीधा हमला The post 2021 में ‘कच्चू’ मिला, 2026 में ‘घेंचू’ मिलेगा, अमित शाह के आरोपों से भड़कीं ममता बनर्जी का तीखा वार appeared first on Naya Vichar.

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इजरायली अटैक में ईरान का मुगल काल से संबंधित पैलेस भी क्षतिग्रस्त, भारत से लूटा माल रखा गया था

Iran Golestan Palace Peacock Throne: इजरायल-अमेरिका और ईरान के बीच जारी युद्ध में जान-माल के नुकसान के साथ-साथ विश्व धरोहर स्थलों को भी नुकसान पहुंचने की समाचारें सामने आ रही हैं. UNESCO ने जानकारी दी है कि ईरान की राजधानी तेहरान में स्थित विश्व धरोहर स्थल गोलिस्तान पैलेस को पास में हुए हवाई हमले के कारण नुकसान पहुंचा है. यूनेस्को के अनुसार, अरग स्क्वायर के आसपास हुए हमले के बाद उठे मलबे और धमाके की तीव्र तरंगों से महल के कुछ हिस्से प्रभावित हुए. गोलिस्तान पैलेस (गुलाबों का महल) का हिंदुस्तान से भी ऐतिहासिक संबंध जुड़ा है. महल के सलाम हॉल में कभी प्रसिद्ध मयूर सिंहासन रखा गया था. यूनेस्को ने बयान जारी कर कहा कि वह ईरान और पूरे क्षेत्र में सांस्कृतिक धरोहरों की स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है, ताकि उनके संरक्षण के लिए जरूरी कदम उठाए जा सकें. रिपोर्टों के मुताबिक, हालिया अमेरिकी और इजरायली हमलों के बाद इस ऐतिहासिक परिसर को क्षति पहुंचने की सूचना मिली. ईरान के सांस्कृतिक विरासत मंत्री सैयद रेज़ा सालेही अमीरी ने मौके का दौरा कर स्थिति का जायजा लिया. वहीं विशेषज्ञ टीमों द्वारा नुकसान का आकलन किया जा रहा है. यह महल 1954 के हेग कन्वेंशन के तहत संरक्षित सांस्कृतिक संपत्ति की श्रेणी में आता है, जो सशस्त्र संघर्ष के दौरान विरासत स्थलों की सुरक्षा सुनिश्चित करता है. UNESCO expresses concern over the protection of cultural heritage sites amidst escalating violence in the Middle East. On Monday 2 march, the Golestan Palace in Tehran, a UNESCO World Heritage site, was reportedly damaged by debris and the shock wave following an airstrike to… pic.twitter.com/qhux4x8ZAE — UNESCO 🏛️ #Education #Sciences #Culture 🇺🇳 (@UNESCO) March 2, 2026 The historic Golestan Palace in Tehran was damaged in recent attacks. “As a result of a joint attack by the US and Israel on Sunday evening in southern Tehran, some parts of the Golestan Palace were damaged,” reported the ISNA news agency, adding that the explosions damaged… pic.twitter.com/oRZXaPntMW — Thinkers Page (@ThinkersPage) March 3, 2026 गोलिस्तान पैलेस का इतिहास यूनेस्को के विवरण के अनुसार, गोलिस्तान पैलेस काजार काल की एक उत्कृष्ट वास्तु कृति है, जिसमें पारंपरिक फारसी कला और शिल्प का पश्चिमी स्थापत्य प्रभावों के साथ अनोखा संगम दिखाई देता है. तेहरान की प्राचीनतम इमारतों में शामिल यह परिसर आठ प्रमुख संरचनाओं का समूह है. तेहरान के इस के प्राचीन गढ़ की नींव सफ़वीद दौर में शाह तहमास्प प्रथम के शासनकाल में रखी गई मानी जाती है, जबकि बाद में शाह अब्बास महान ने इसके उत्तरी हिस्से में एक भव्य बाग़ विकसित कराया. समय के साथ किले के चारों ओर ऊँची प्राचीर खड़ी की गई और परिसर में कई नई इमारतें जोड़ी गईं. 18वीं सदी में ज़ंद वंश के शासक करीम खान ने इसका पुनरुद्धार कराया.  जब 1794 से 1925 तक शासन करने वाले काजार शासकों ने तेहरान को अपनी राजधानी बनाया, तो यही परिसर उनका आधिकारिक निवास बन गया. 1865 में इसी वंश के हाजी अबोल हसन मिमार नवाई ने इसे मौजूदा स्वरूप दिया. बाद में 1925 से 1979 तक के पहलवी शासनकाल में Golestan Palace राजकीय और औपचारिक समारोहों का मुख्य केंद्र रहा, जहां 1926 में रजा शाह और 1967 में मोहम्मद रज़ा शाह व शहबानू फराह का राज्याभिषेक संपन्न हुआ. हालांकि रज़ा शाह ने 1925 से 1945 के बीच परिसर के बड़े हिस्से को यह कहकर ध्वस्त करवा दिया कि वह आधुनिक तेहरान के विस्तार में बाधा बन रहा था. Golestan Palace, a sparkling wonder in the center of Tehran, Iran. A UNESCO Site with some of the most beautiful mirror mosaics from floor to ceiling ✨ pic.twitter.com/ZSfosR75Iv — Muse (@xmuse_) January 8, 2026 गोलिस्तान पैलेस के भीतर और क्या था? इस परिसर में 17 संरचनाएं थीं, जिनमें संग्रहालय, महल और सभागार शामिल थे. अधिकांश निर्माण क़ाजार वंश के 131 वर्षों के शासनकाल में हुआ. हवाई हमलों से पहले यहां पांडुलिपियों की एक समृद्ध लाइब्रेरी, फोटोग्राफिक अभिलेखागार और ऐतिहासिक दस्तावेजों का संग्रह मौजूद था. गोलिस्तान पैलेस आधुनिक ईरान की सांस्कृतिक पहचान का प्रतीक रहा है. 1974 में जारी 5,000 ईरानी रियाल के नोट के पिछले हिस्से पर भी इसकी तस्वीर अंकित थी. गोलिस्तान पैलेस में मार्बल थ्रोन (संगमरमर सिंहासन) , करीम खानी नुक्कड़, पॉन्ड हाउस, ब्रिलियंट हॉल, आइवरी हॉल, मिरर हॉल, सलाम हॉल, डायमंड हॉल,विंडकैचर मेंशन, एडिफाइस ऑफ द सन और अबीअज पैलेस समेत और भी कई आकर्षक निशान थे. ये भी पढ़ें:- मिडिल ईस्ट में US के सबसे बड़े एयरबेस पर हमला, ईरान ने कतर के अल उदैद पर दागी मिसाइल कभी मुगल काल का मयूर सिंहासन भी रखा गया था इस पैलेस में  चारदीवारी से घिरा यह परिसर बाग-बगीचों, जलाशयों और सुसज्जित इमारतों के लिए प्रसिद्ध है, जिनकी भव्य सजावट मुख्यतः 19वीं सदी की मानी जाती है. वर्तमान में यहां संग्रहालय और ऐतिहासिक वस्तुओं का भी संग्रह है, जिसके चलते इसे यूनेस्को की विश्व धरोहर सूची में शामिल किया गया. 1950 और 1960 के दशक में पुराने ढांचों की जगह आधुनिक और व्यावसायिक इमारतों का निर्माण किया गया. कभी गोलिस्तान पैलेस में रखा गया मयूर सिंहासन मुगल सम्राट शाह जहां द्वारा 17वीं सदी में बनवाया गया था और दिल्ली के लाल किले में स्थापित था. 1739 में ईरान के शासक नादिर शाह ने दिल्ली पर आक्रमण कर मुगल सम्राट मुहम्मद शाह को पराजित किया और अपार संपत्ति के साथ मयूर सिंहासन भी फारस ले गया. इतिहासकारों के अनुसार, 1747 में नादिर शाह की हत्या के बाद मयूर सिंहासन को उसके कीमती रत्नों के लिए संभवतः तोड़ दिया गया. उससे पहले तक यह गोलिस्तान पैलेस में ही सुरक्षित रखा गया था. ये भी पढ़ें:- ईरान ने फिर दुबई पर किया हमला, यूएस काउंसलेट बना निशाना; उठा धुएं का गुबार युद्ध की आग में बिखर रहा गोलिस्तान पैलेस  गोलिस्तान पैलेस ईरान के इतिहास के कई अहम मोड़ों का साक्षी रहा है. यहां शाही ताजपोशी समारोह आयोजित हुए और संवैधानिक आंदोलनों के दौर भी देखे गए. क़ाजार वंश के पतन के बाद भी यह महल बाद के शासकों के समय में औपचारिक और राजकीय कार्यक्रमों का प्रमुख स्थल बना रहा. गोलिस्तान पैलेस जैसे सांस्कृतिक स्मारक केवल किसी एक देश की धरोहर नहीं होते, बल्कि वे मानव सभ्यता की साझा विरासत का प्रतीक हैं. यही

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