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Author name: Vinod Jha

nayavichar.com पर संपादक हैं। पटना स्थित स्वतंत्र पत्रकार और लेखक व एक दशक से अधिक का व्यापक अनुभव है। पत्रकारिता, प्रकाशन और विज्ञापन में अनुभव सभी प्रकार की सामग्री के साथ काम करने में सक्षम बनाता है: ब्लॉग पोस्ट, सोशल मीडिया सामग्री अच्छी तरह से शोध किए गए लेख और साथ ही प्रेस विज्ञप्तियाँ। यदि आप उच्च-गुणवत्ता वाली सामग्री की तलाश में हैं, तो nayavicharnews@gmail.com पर संपर्क करें। विशेषताएँ: रिपोर्टिंग, पत्रकारिता, लेखन और संचार, सोशल मीडिया

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शनि प्रदोष व्रत पर करें इस कथा का पाठ, शिव जी के आशीर्वाद से सभी दुख होंगे दूर

Shani Pradosh Vrat: हर महीने की त्रयोदशी तिथि को भगवान शिव को समर्पित प्रदोष व्रत रखा जाता है. यह व्रत जिस दिन पड़ता है, उस दिन के आधार पर इसका नाम रखा जाता है. साल 2026 में ज्येष्ठ माह में यह व्रत 27 जून, शनिवार के दिन रखा जाएगा, जिस कारण इसे शनि प्रदोष व्रत कहा जा रहा है. मान्यता है कि इस दिन भगवान शिव की पूजा करने से जीवन के सभी कष्ट दूर हो जाते हैं और सुख-समृद्धि आती है. विशेष रूप से संतान प्राप्ति और जीवन की बाधाओं को दूर करने के लिए इस व्रत का बहुत महत्व है. पौराणिक कथा प्राचीन समय की बात है, एक नगर में एक बहुत अमीर सेठ रहते थे. उनके पास धन-दौलत, ऐशो-आराम और हर तरह की सुख-सुविधाएँ थीं. लेकिन इतनी खुशियों के बाद भी सेठ और उनकी पत्नी (सेठानी) हमेशा उदास रहते थे. उनकी उदासी का कारण था कि उनके कोई संतान नहीं थी. संतान न होने के दुख से परेशान होकर एक दिन सेठजी ने बड़ा फैसला लिया. उन्होंने अपना पूरा कारोबार अपने वफादार नौकरों को सौंप दिया और खुद पत्नी के साथ तीर्थयात्रा पर निकल पड़े. साधु से मुलाकात जब सेठ और सेठानी अपने नगर से बाहर निकले, तो रास्ते में उन्हें एक पहुंचे हुए साधु दिखाई दिए, जो गहरी तपस्या में लीन थे. सेठजी के मन में विचार आया कि आगे की यात्रा शुरू करने से पहले क्यों न इन महात्मा का आशीर्वाद ले लिया जाए. दोनों वहीं शांत भाव से साधु के पास बैठ गए और उनके ध्यान से जागने का इंतजार करने लगे. जब साधु ने अपनी आँखें खोलीं, तो उन्होंने देखा कि यह दंपति काफी समय से बड़ी श्रद्धा के साथ आशीर्वाद की प्रतीक्षा कर रहा है. अपनी दिव्य दृष्टि से साधु ने सेठ-सेठानी के मन का दुख तुरंत भाँप लिया. साधु ने मुस्कुराते हुए कहा, “मैं तुम्हारा दुख जानता हूँ. तुम दोनों संतान सुख से वंचित हो. यदि तुम इस दुख से मुक्ति चाहते हो, तो नियमपूर्वक शनि प्रदोष व्रत करो. इससे भगवान भोलेनाथ प्रसन्न होंगे और तुम्हें संतान का सुख अवश्य मिलेगा.” इसके बाद साधु ने सेठ-सेठानी को प्रदोष व्रत की पूरी विधि समझाई और भगवान शंकर की आराधना के लिए एक विशेष वंदना (मंत्र) भी बताया. घर में गूंजी किलकारी साधु का आशीर्वाद और उपाय पाकर सेठ-सेठानी बहुत खुश हुए. उन्होंने अपनी तीर्थयात्रा पूरी की और घर लौट आए. साधु के कहे अनुसार, दोनों ने मिलकर पूरी श्रद्धा और नियम के साथ शनि प्रदोष व्रत रखना शुरू किया. इस व्रत के चमत्कारी प्रभाव से भगवान शिव और शनि देव अत्यंत प्रसन्न हुए. कुछ ही समय बाद सेठानी ने एक बहुत ही सुंदर और स्वस्थ पुत्र को जन्म दिया. जिस घर में कल तक सन्नाटा था, वहाँ शिशु की किलकारियाँ गूंज उठीं. सेठ-सेठानी का जीवन हमेशा-हमेशा के लिए खुशियों से भर गया. यह भी पढ़ें: Shani Pradosh Vrat 2026: शनि प्रदोष व्रत कल, पूजा से पहले नोट कर लें पूरी पूजा सामग्री की लिस्ट The post शनि प्रदोष व्रत पर करें इस कथा का पाठ, शिव जी के आशीर्वाद से सभी दुख होंगे दूर appeared first on Naya Vichar.

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संजय राउत का आरोप, राम मंदिर के पैसे से खरीदे गए सांसद और विधायक

राम मंदिर दान गबन मामले में आठ लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज होने के बाद शिवसेना (यूबीटी) सांसद संजय राउत ने गंभीर आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि इस मामले के असली दोषी अभी भी ट्रस्ट में काम कर रहे हैं. राउत ने आरोप लगाया कि मंदिर के नाम पर करोड़ों रुपये की चोरी हुई और यह पैसा नेतृत्व में इस्तेमाल किया गया. उनके मुताबिक, इसी पैसे का इस्तेमाल सांसदों को खरीदने और नेतृत्वक दलों में टूट कराने के लिए किया गया. उन्होंने दावा किया कि राम मंदिर के 2000 करोड़ रुपये का इस्तेमाल टीएमसी और शिवसेना (यूबीटी) के सांसदों को तोड़ने में किया गया. देखें संजय राउत का वीडियो जिसे न्यूज एजेंसी पीटीआई ने एक्स पर शेयर किया है. #WATCH | Mumbai | On FIR registered against 8 people in the alleged Ayodhya Ram Mandir donations embezzlement case, Shiv Sena (UBT) MP Sanjay Raut says, “The main culprits are still working in the Trust. Those who consider themselves ‘Hindutvawadi’ steal crores of Rupees from the… pic.twitter.com/9wME8pTR8E — ANI (@ANI) June 26, 2026 इससे पहले संजय राउत ने एक्स पर उद्धव ठाकरे की तस्वीर शेयर की.  तस्वीर शेयर करते हुए उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि अयोध्या राम मंदिर निर्माण के लिए शिवसेना की ओर से दान की गई 4 किलो चांदी की ईंट आखिर कहां गई? उन्होंने कहा कि उद्धव ठाकरे ने हजारों शिवसैनिकों और संतों की मौजूदगी में 1 करोड़ रुपये के साथ यह चांदी की ईंट भी भेंट की थी. राउत का दावा है कि इतने साल बीत जाने के बाद भी ट्रस्ट की ओर से न तो कोई रसीद दी गई और न ही कोई जानकारी. उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और जवाबदेही तय करने की मांग की. “Serious questions over the missing 4 kg silver brick donated by Shiv Sena for the Ram Mandir construction in Ayodhya.Uddhav Thackeray ji had generously contributed ₹1 crore + this sacred silver brick in the presence of thousands of Shiv Sainiks & saints. Yet, years later, no… pic.twitter.com/fy1HoTTg3n — Sanjay Raut (@rautsanjay61) June 26, 2026 यह भी पढ़ें : राम मंदिर दान चोरी कांड में बड़ी कार्रवाई, FIR के कुछ घंटे बाद 8 आरोपी गिरफ्तार The post संजय राउत का आरोप, राम मंदिर के पैसे से खरीदे गए सांसद और विधायक appeared first on Naya Vichar.

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मुंबई लोकल में युवक की बेरहमी से हत्या, परिजन बोले- हत्यारे को फांसी दो या एनकाउंटर करो

Mumbai local train murder case: मुंबई लोकल ट्रेन में युवक मयंक लोहार (22) की चाकू गोदकर हत्या के बाद परिवार सदमे में है. मयंक के बड़े भाई मेहुल लोहार ने भावुक होकर पुलिस और प्रशासन से आरोपी को फांसी देने या एनकाउंटर करने की मांग की है. उनका यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. भाई ने कहा- ऐसी घटना दोबारा नहीं होनी चाहिए मृतक मयंक लोहार के भाई मेहुल लोहार ने कहा कि अपने भाई को इस तरह खोना बेहद दर्दनाक है. उन्होंने प्रशासन से कहा कि मुंबई जैसे शहर में ऐसी दर्दनाक घटना दोबारा न हो, इसलिए आरोपी को ऐसी सजा मिले, जिससे कोई दूसरा व्यक्ति अपराध करने की हिम्मत न करे. नौकरी से घर लौटते समय हुआ हमला मयंक लोहार अंधेरी में स्थित वेस्टसाइड स्टोर में सेल्स एग्जीक्यूटिव के रूप में काम करते थे. वह मंगलवार की रात ड्यूटी खत्म करके लोकल ट्रेन से विरार लौट रहे थे. इसी दौरान अंधेरी और बोरीवली स्टेशन के बीच एक हमलावर ने उन पर चाकू से कई वार कर दिए, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई. परिजनों ने सुनाई दर्दभरी कहानी मंयक के परिवारजनों ने बताया कि रात करीब 12:15 बजे मयंक के मोबाइल से पुलिस का फोन आया. जब वे मौके पर पहुंचे तो पुलिस ने घटना के वीडियो दिखाए. मेहुल ने कहा कि उनके भाई पर इतनी बेरहमी से हमला किया गया कि जब भी वह अपने भाई के बारे में सोचते हैं तो हमले वाला वीडियो उनके दिल को झकझोर देता है. उन्होंने कहा कि अपनों के खोने का दर्द क्या होता है, इसे कोई और नहीं महसूस कर सकता है. पिता ने भी आरोपी को फांसी देने की मांग की मयंक के पिता रमेश लोहार ने कहा कि उनके बेटे का सपना परिवार की आर्थिक स्थिति सुधारने का सहारा था. उन्होंने प्रशासन से आरोपी को फांसी देने की मांग की ताकि भविष्य में किसी और परिवार को ऐसा दुख न झेलना पड़े. The post मुंबई लोकल में युवक की बेरहमी से हत्या, परिजन बोले- हत्यारे को फांसी दो या एनकाउंटर करो appeared first on Naya Vichar.

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किस दिशा में बैठकर खाना खाने से चमकती है किस्मत? जानें वास्तु नियम

Vastu Tips For Eating Food: भागदौड़ भरी इस जिंदगी में हम क्या खा रहे हैं, इस पर तो ध्यान देते हैं, लेकिन कैसे, कहां और किस दिशा में बैठकर खा रहे हैं, इसे बिल्कुल भूल जाते हैं. सनातन परंपरा और आयुर्वेद में माना गया है कि भोजन सिर्फ पेट भरने का जरिया नहीं है, बल्कि यह हमारे शरीर को ऊर्जा और सकारात्मकता देने का एक जरिया है. गलत तरीके से खाया गया पौष्टिक भोजन भी शरीर को बीमार कर सकता है. आइए जानते हैं कि आयुर्वेद और हमारी प्राचीन परंपराओं के अनुसार खाना खाने का सही तरीका, सही स्थान और सही दिशा क्या होनी चाहिए.  Vastu Tips For Eating Food: खाना खाने की सही दिशा कौन सी है?  दिशाओं का हमारे शरीर की ऊर्जा पर बहुत बड़ा असर पड़ता है. भोजन करते समय आपका मुख किस दिशा में है, यह बहुत मायने रखता है: पूर्व दिशा: भोजन करने के लिए पूर्व दिशा को सबसे उत्तम माना गया है. इस दिशा को देवताओं की दिशा कहा जाता है. पूर्व दिशा की ओर मुंह करके खाना खाने से बीमारियां दूर रहती हैं, मानसिक तनाव कम होता है और आयु बढ़ती है. विद्यार्थियों के लिए इस दिशा में बैठना बहुत फायदेमंद है.  उत्तर दिशा: अगर आप धन, विद्या या करियर में सफलता चाहते हैं, तो उत्तर दिशा की ओर मुख करके भोजन करें. यह दिशा माता लक्ष्मी और कुबेर की मानी जाती है, जिससे जीवन में समृद्धि आती है.  पश्चिम दिशा: इस दिशा को मध्यम माना गया है. जो लोग केवल अपने काम से मतलब रखते हैं या व्यापार करते हैं, उनके लिए यह दिशा ठीक है, लेकिन स्वास्थ्य के लिहाज से इसे बहुत बेहतर (Vastu Tips For Eating Food) नहीं माना जाता.  दक्षिण दिशा: भूलकर भी दक्षिण दिशा की ओर मुख करके खाना न खाएं. इसे यम और पितरों की दिशा माना जाता है. इस दिशा में बैठकर खाने से पाचन तंत्र कमजोर होता है, बीमारियां घेरती हैं और शरीर में नकारात्मक ऊर्जा बढ़ती है.  Vastu Tips For Eating Food: भोजन करने का सही स्थान क्या होना चाहिए? आजकल लोग बेड पर बैठकर या सोफे पर टीवी देखते हुए खाना खाते हैं, जो सेहत के लिए बेहद नुकसानदायक है.  जमीन पर बैठकर खाएं: सबसे सही स्थान जमीन है. जमीन पर सुखासन बैठने से हमारा पाचन तंत्र तुरंत एक्टिव (Vastu Tips For Eating Food) हो जाता है. जब हम निवाला उठाने के लिए थोड़ा आगे झुकते हैं और फिर सीधे होते हैं, तो पेट की मांसपेशियां काम करती हैं, जिससे खाना जल्दी पचता है.  बेड या सोफे से दूरी बनाएं: बिस्तर या बेड पर बैठकर खाना खाने से अन्न का अनादर होता है और घर में दरिद्रता आती है. वैज्ञानिक नजरिए से देखें तो बेड पर बैठने से रीढ़ की हड्डी सीधी नहीं रहती, जिससे पाचन ठीक से नहीं हो पाता.  शांत माहौल हो: जहां बहुत ज्यादा शोर-शराबा हो या गंदगी हो, वहां बैठकर भोजन नहीं करना चाहिए. साफ-सुथरी और शांत जगह पर बैठकर खाने से मन खुश रहता है.  PC: AI Generated Vastu Tips For Eating Food: खाना खाने का सही तरीका क्या है?  दिशा और स्थान के साथ-साथ खाना खाने के तौर-तरीकों को सुधारना भी जरूरी है: हाथ-पैर धोकर बैठें: भोजन करने से पहले हाथ, मुंह और पैरों को अच्छे से धो लें. गीले पैरों के साथ भोजन करना स्वास्थ्य के लिए बहुत अच्छा माना जाता है क्योंकि इससे शरीर का तापमान संतुलित रहता है.  चबा-चबाकर खाएं: हमारे बुजुर्ग हमेशा कहते थे कि खाने को इतना चबाओ कि वह मुंह में ही पानी बन जाए.  इससे पेट को ज्यादा मेहनत नहीं करनी पड़ती और गैस या एसिडिटी की समस्या नहीं होती.  गैजेट्स से दूरी: खाना खाते समय मोबाइल, टीवी या लैपटॉप पूरी तरह बंद कर दें. जब आपका ध्यान स्क्रीन पर होता है, तो दिमाग पेट को तृप्ति का सिग्नल नहीं भेज पाता, जिससे लोग जरूरत से ज्यादा खा लेते हैं.  भोजन के तुरंत बाद पानी न पिएं: खाना खाने के तुरंत पहले या तुरंत बाद बहुत ज्यादा पानी न पिएं. यह हमारी ‘जठराग्नि’ (पाचन की आग) को शांत कर देता है, जिससे खाना पचने के बजाय पेट में सड़ने लगता है. भोजन के कम से कम 45 मिनट बाद पानी पिएं.  यह भी पढ़ें: घर के मेन गेट पर रख दें ये 5 शुभ चीजें, सुख-समृद्धि खुद ढूंढ लेगी आपका पता The post किस दिशा में बैठकर खाना खाने से चमकती है किस्मत? जानें वास्तु नियम appeared first on Naya Vichar.

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किन्नर से प्रेम कर शिक्षक के बेटे ने रचाई शादी, समाज के विरोध के बावजूद नहीं टूटा रिश्ता

बेगूसराय से विकाश मिश्रा की रिपोर्टBegusarai News : प्यार जब सच्चा हो तो वह समाज की बनाई हुई सीमाओं को भी पार कर जाता है. बेगूसराय जिले से ऐसी ही एक अनोखी प्रेम कहानी सामने आई है, जिसने सामाजिक सोच को नई दिशा देने का काम किया है. प्रशासनी शिक्षक के बेटे ने एक किन्नर युवती से प्रेम किया. शुरुआत में दोनों परिवारों और समाज ने इस रिश्ते का विरोध किया, लेकिन दोनों ने एक-दूसरे का साथ नहीं छोड़ा. पहले कोर्ट मैरिज की और फिर परिवारों की सहमति मिलने के बाद हिंदू रीति-रिवाज के साथ धूमधाम से शादी रचाई. अब इस शादी की तस्वीरें सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही हैं और लोग इस जोड़े को शुभकामनाएं देने के साथ इसे सच्चे प्रेम और सामाजिक स्वीकार्यता की मिसाल बता रहे हैं. पहली नजर में प्यार, 2022 की मुलाकात ने बदली दोनों की जिंदगी यह अनोखी प्रेम कहानी बेगूसराय जिले के भगवानपुर थाना क्षेत्र के संजात गांव से सामने आ रही है. यहां प्रशासनी शिक्षक अर्जुन ठाकुर के पुत्र विकास ठाकुर की मुलाकात वर्ष 2022 में एक सांस्कृतिक कार्यक्रम के दौरान मंझौल में घनश्याम सहनी की किन्नर पुत्री सुशीला कुमारी से हुई थी. पहली मुलाकात में ही दोनों ने एक-दूसरे का मोबाइल नंबर लिया और बातचीत का सिलसिला शुरू हो गया. समय के साथ बातचीत दोस्ती में बदली और फिर यह रिश्ता प्रेम में बदल गया. विकास का कमला गांव स्थित अपने रिश्तेदार के यहां अक्सर आना-जाना होता था, जिससे दोनों की मुलाकातें बढ़ती गईं. विकाश ठाकुर के साथ सुशीला कुमारी विरोध के बीच प्रेमी जोड़े ने 2023 में की कोर्ट मैरिज दोनों ने महसूस किया कि वे जीवनभर एक-दूसरे का साथ निभाना चाहते हैं और शादी करने का फैसला कर लिया. हालांकि जब इस रिश्ते की जानकारी दोनों परिवारों को हुई तो शुरुआत में इसका कड़ा विरोध हुआ. सुशीला के किन्नर होने के कारण परिवार और समाज के कुछ लोगों ने इस रिश्ते को स्वीकार करने से इनकार कर दिया. लेकिन विकास और सुशीला अपने फैसले पर अडिग रहे. परिवार की नाराजगी के बीच दोनों ने वर्ष 2023 में कोर्ट मैरिज कर ली. Also Read : नावकोठी में घर में घुसकर मां-बेटे से मारपीट का आरोप, पीड़ित पक्ष ने दर्ज कराया केस कोर्ट मैरिज के तीन साल बाद निकली बारात, वैदिक मंत्रोच्चार के बीच लिए सात फेरे शादी के बाद भी उन्हें सामाजिक तानों और आलोचनाओं का सामना करना पड़ा. इसके बावजूद दोनों ने धैर्य, विश्वास और आपसी सम्मान के साथ अपने रिश्ते को निभाया. धीरे-धीरे उनके व्यवहार और रिश्ते की मजबूती ने परिवारों का नजरिया बदल दिया. आखिरकार दोनों परिवार इस रिश्ते को स्वीकार करने के लिए तैयार हो गए. इसके बाद बीते 17 अप्रैल 2026 को पूरे हिंदू रीति-रिवाज के साथ बारात निकाली गई. विकास ठाकुर दूल्हा बनकर धूमधाम से सुशीला के घर पहुंचे, जहां परिवार, रिश्तेदारों और स्थानीय लोगों की मौजूदगी में वैदिक मंत्रोच्चार के बीच दोनों का विवाह संपन्न हुआ. विकाश ठाकुर के साथ सुशीला कुमारी सोशल मीडिया पर मिल रहीं शुभकामनाएं शादी के बाद पूरे रीति-रिवाज के साथ सुशीला की विदाई भी हुई. इस विवाह की तस्वीरें अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही हैं. लोग इस जोड़े को शुभकामनाएं देते हुए इसे प्रेम, विश्वास और सामाजिक बदलाव की एक सकारात्मक मिसाल बता रहे हैं. कई लोगों का कहना है कि यह कहानी बताती है कि रिश्तों की असली नींव इंसानियत, सम्मान और आपसी विश्वास होती है, न कि केवल सामाजिक पहचान. सामाजिक बदलाव की प्रेरक मिसाल बनी यह प्रेम कहानी बेगूसराय की यह अनोखी प्रेम कहानी अब पूरे इलाके में चर्चा का विषय बनी हुई है.यह केवल दो लोगों के मिलन की कहानी नहीं, बल्कि सामाजिक सोच में बदलाव और स्वीकार्यता की ओर बढ़ते कदम की भी एक प्रेरक मिसाल बन गई है. विकाश ठाकुर के साथ सुशीला कुमारी Also Read : बेगूसराय में प्रतिभा सम्मान समारोह की तैयारी पूरी, 300 से अधिक प्रतिभाशाली छात्र-छात्राओं को मिलेगा सम्मान The post किन्नर से प्रेम कर शिक्षक के बेटे ने रचाई शादी, समाज के विरोध के बावजूद नहीं टूटा रिश्ता appeared first on Naya Vichar.

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वेनेजुएला में भूकंप की तबाही: अबतक 235 की मौत, 4300 से ज्यादा घायल; हजारों लापता

Venezuela Earthquake Death Toll: वेनेजुएला में आए भीषण भूकंप ने बड़े पैमाने पर तबाही मचा दी है. शक्तिशाली झटकों के बाद अब तक 235 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि कम से कम 4,300 लोग घायल बताए जा रहे हैं. प्रशासन का कहना है कि राहत और बचाव अभियान जारी है, लेकिन हजारों लोगों के लापता होने की समाचार के कारण मृतकों और घायलों की संख्या बढ़ने की आशंका बनी हुई है. वेनेजुएला के स्वास्थ्य मंत्री कार्लोस अल्वाराडो ने प्रशासनी मीडिया से बातचीत में कहा, ‘दुर्भाग्यवश हमारे स्वास्थ्य केंद्रों में लगभग 235 ऐसे लोग लाए गए, जो या तो पहले ही दम तोड़ चुके थे या अस्पताल पहुंचने के बाद उनकी मौत हो गई.’ बुधवार शाम वेनेजुएला में आए 7.2 और 7.5 तीव्रता के भूकंपों को पिछले एक सदी से भी अधिक समय में आए सबसे शक्तिशाली भूकंपों में गिना जा रहा है. भूकंप के तेज झटके पूरे क्षेत्र में महसूस किए गए. कई इलाकों में इमारतें क्षतिग्रस्त हो गईं और बड़ी संख्या में लोग अपने घर छोड़कर सुरक्षित स्थानों की ओर चले गए. एहतियात के तौर पर वेनेजुएला ही नहीं, बल्कि ब्राजील के अमेजन क्षेत्र तक कई इमारतों को खाली कराया गया. सड़कों पर उतरे लोग, मलबे में तलाश रहे अपनों को भूकंप के बाद उत्तरी वेनेजुएला के कई शहरों में लोग सड़कों पर निकल आए. कई परिवार अपने लापता रिश्तेदारों की तलाश में मलबे के बीच जुटे रहे. घायलों को धूल और खून से लथपथ हालत में मलबे से बाहर निकाला गया. इनमें शिशु और जानवर भी शामिल थे. वेनेजुएला के प्रशासनी टेलीविजन ने बचाव अभियानों के कई भावुक कर देने वाले दृश्य दिखाए. एक वीडियो में एक स्त्री भारी सीमेंट के स्लैब के नीचे फंसी नजर आई. मलबे से उसका सिर्फ एक पैर दिखाई दे रहा था. काफी मशक्कत के बाद बचाव दल ने उसे जिंदा बाहर निकाल लिया. एक पूरा परिवार मलबे में दबा हुआ था, जिसे समय रहते बचा लिया गया. WATCH: Rescue efforts in full effect in Venezuela following massive earthquakes. pic.twitter.com/DtLrs1AjOw — Breaking911 (@Breaking911) June 25, 2026 लोगों ने उठाए राहत व्यवस्था पर सवाल राजधानी काराकस के बाहर प्रशासनी खोज और बचाव दलों की मौजूदगी कम दिखाई देने को लेकर लोगों में नाराजगी भी नजर आई. तीन बच्चों की मां दयाना डेलगाडो ने सवाल उठाया कि प्रशासन की भारी मशीनें आखिर कहां हैं. उन्होंने कहा कि मलबा हटाने का काम स्थानीय लोग और पड़ोसी खुद कर रहे हैं. अपने आठ वर्षीय लापता बेटे को लेकर उन्होंने कहा, ‘मैं सिर्फ यह जानना चाहती हूं कि मेरा बच्चा कहां है. क्या वह मलबे में फंसा है या किसी राहत शिविर में है?’ सड़कों पर टेंट लगाकर रहने को मजबूर लोग. फोटो- pti. परिवारों का दर्द, अपनों की तलाश में टूटे लोग इस त्रासदी के बीच कई ऐसे दृश्य सामने आए जिन्होंने लोगों को झकझोर दिया. एक स्त्री अपने तीन और दस साल के बच्चों के शवों को कंबल में लपेटकर ले जाते हुए फूट-फूटकर रो पड़ी. कुछ देर बाद वह सदमे में जमीन पर गिर गई. वहीं कई लोग अपने लापता परिजनों के नाम पुकारते हुए मदद की गुहार लगाते रहे, जबकि कुछ लोग सदमे में बिना कुछ बोले खड़े रहे. ला ग्वायरा बना सबसे ज्यादा प्रभावित क्षेत्र राजधानी काराकस के उत्तर में स्थित तटीय इलाका ला ग्वायरा भूकंप से सबसे ज्यादा प्रभावित क्षेत्रों में शामिल रहा. यहां भारी तबाही और सबसे ज्यादा जनहानि की समाचार है. देश का प्रमुख हवाई अड्डा भी इसी क्षेत्र में स्थित है, जिसे नुकसान पहुंचने के कारण बंद करना पड़ा. इससे राहत और बचाव अभियान को और मुश्किलों का सामना करना पड़ा. मलबे में फंसी स्त्री को बचाने की कोशिश ला ग्वायरा में सेवानिवृत्त स्कूल शिक्षक जुआन अल्बर्टो मेंदान्यो तबाही के बीच मलबे से गुजर रहे थे. उन्होंने रास्ते में एक शव देखा. आगे बढ़ने पर उनकी नजर एक ऐसी स्त्री पर पड़ी जो मलबे में फंसी हुई थी और हाथ हिलाकर मदद मांग रही थी. मेंदान्यो ने कहा, ‘ईश्वर करे, उसे जल्द से जल्द सुरक्षित बाहर निकाल लिया जाए. जब हमने उसकी चीख सुनी, तब हमारे पास उसकी मदद करने का कोई साधन नहीं था.’ भूकंप के बाद एक घर से निहारता व्यक्ति. फोटो- pti. कई देशों ने भेजी मदद की पेशकश इस भीषण आपदा के बाद दुनिया के कई देशों ने वेनेजुएला को राहत सामग्री और मानवीय सहायता भेजने की पेशकश की है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस प्राकृतिक आपदा पर शोक जताते हुए मृतकों और उनके परिवारों के प्रति अपनी संवेदनाएं प्रकट कीं. हिंदुस्तान अंतर्राष्ट्रीय आपदा में मानवीय सहायता के लिए हमेशा तैयार रहता है. रिपोर्ट्स के मुताबिक, हिंदुस्तान की राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF) की एक विशेष टीम को वेनेजुएला भेजने की तैयारी शुरू हो गई है.  भूकंप के बाद अब प्राथमिकता बड़े पैमाने पर राहत, बचाव और लापता लोगों को खोजने की है. ये भी पढ़ें:- वेनेजुएला में चमत्कार! भूकंप के मलबे से जिंदा निकला दुधमुंहा बच्चा, धरती चीरकर निकाले जा रहे लोग, देखें नायाब करिश्मे के Vidoes अमेरिका ने प्रतिबंधों में दी ढील वेनेजुएला को सहायता देने वाले देशों में अमेरिका भी शामिल है. अमेरिका ने इसी साल की शुरुआत में एक अप्रत्याशित सैन्य अभियान के दौरान वेनेजुएला के तत्कालीन राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को हिरासत में लिया था. हालांकि, इस आपदा के बाद राहत और बचाव कार्यों को आसान बनाने के लिए अमेरिका ने भी कदम उठाया है. अमेरिकी वित्त मंत्रालय ने गुरुवार को कुछ आर्थिक प्रतिबंधों में 23 अक्टूबर तक अस्थायी छूट देने का फैसला किया, ताकि वेनेजुएला में भूकंप राहत से जुड़े ऐसे वित्तीय लेन-देन किए जा सकें, जो सामान्य परिस्थितियों में प्रतिबंधों के कारण प्रतिबंधित होते.  The post वेनेजुएला में भूकंप की तबाही: अबतक 235 की मौत, 4300 से ज्यादा घायल; हजारों लापता appeared first on Naya Vichar.

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घरेलू मैदान पर मेक्सिको का जलवा, चेकिया को चारों खाने चित कर रचा नया इतिहास

Mexico vs Czechia: सह-मेजबान मेक्सिको ने फीफा वर्ल्ड कप 2026 में एक नया इतिहास रच दिया है. ग्रुप ‘ए’ के अपने आखिरी और निर्णायक मुकाबले में मेक्सिको ने चेकिया को 3-0 से करारी शिकस्त देकर शान से नॉकआउट स्टेज (राउंड ऑफ 32) का टिकट कटाया. इस धमाकेदार जीत के साथ मेक्सिको अंक तालिका में शीर्ष पर रहा. वहीं दूसरी ओर इस करारी हार के साथ ही चेकिया का वर्ल्ड कप का सफर यहीं खत्म हो गया. View this post on Instagram A post shared by FIFA World Cup (@fifaworldcup) मेक्सिको की ऐतिहासिक जीत रिकॉर्ड का नाम मेक्सिको का नया कीर्तिमान शत-प्रतिशत जीत वर्ल्ड कप इतिहास में पहली बार ग्रुप-स्टेज के सभी 3 मैच जीते. मजबूत डिफेंस साल 1970 के बाद पहली बार बिना कोई गोल खाए (क्लीन शीट) नॉकआउट में एंट्री. कैसे मिली मेक्सिको को फतह मेक्सिको सिटी स्टेडियम में स्पोर्ट्से गए इस मुकाबले की शुरुआत में चेकिया ने बेहद आक्रामक स्पोर्ट्स दिखाया. जहाँ मैच के 8वें मिनट में ही डेनिस विसिंस्की ने गोल करने का एक सुनहरा मौका गंवा दिया और उनका शॉट गोल पोस्ट के ठीक ऊपर से निकल गया. इस शुरुआती दबाव के बाद मेजबान मेक्सिको ने मैच पर अपनी पकड़ मजबूत की. राउल जिमेनेज से मिले एक बेहतरीन पास को माटेओ शावेज ने शानदार गोल में तब्दील कर टीम को 1-0 की शुरुआती बढ़त दिला दी. इस पहले गोल के कुछ ही मिनटों बाद जॉर्ज सांचेज के एक खतरनाक मूव पर चेकिया का डिफेंस दबाव में आ गया और गेंद को क्लियर करने में बड़ी गलती कर बैठा. जिसका पूरा फायदा उठाते हुए जूलियन क्विनोन्स ने गेंद को आसानी से नेट में डाल कर स्कोर 2-0 कर दिया. इसके बाद मैच के इंजरी टाइम में अल्वारो फिडाल्गो ने टॉप-लेफ्ट कॉर्नर में एक धमाकेदार शॉट जमाते हुए स्कोर को 3-0 कर दिया और मेक्सिको की इस ऐतिहासिक जीत पर अंतिम मुहर लगा दी. View this post on Instagram A post shared by FIFA World Cup (@fifaworldcup) गोलकीपर गुइलेर्मो ओचोआ का ऐतिहासिक पल मैच के 78वें मिनट में जब मेक्सिको के दिग्गज गोलकीपर गुइलेर्मो ओचोआ को सब्सटिट्यूट के तौर पर मैदान पर उतारा गया, तो पूरा स्टेडियम दर्शकों की गड़गड़ाहट और तालियों की आवाज से गूंज उठा. यह ओचोआ के शानदार करियर का 153वां अंतरराष्ट्रीय मैच था, जहाँ वह अपना छठा वर्ल्ड कप स्पोर्ट्स कर फुटबॉल की दुनिया में अपने आप में एक बड़ी उपलब्धि हैं. इसे भी पढ़े- फुटबॉल इतिहास का सबसे बड़ा जश्न! मेक्सिको की जीत पर राजधानी में उमड़ा 8 लाख फैंस का सैलाब, वीडियो देख रह जाएंगे हैरान The post घरेलू मैदान पर मेक्सिको का जलवा, चेकिया को चारों खाने चित कर रचा नया इतिहास appeared first on Naya Vichar.

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गया सेंट्रल जेल के डिप्टी सुपरिटेंडेंट सस्पेंड, सम्राट सरकार का एक्शन, जानिए क्यों हुई कार्रवाई

Gaya Central Jail : बिहार के गया जी से एक अहम समाचार सामने आ रही है. गया सेंट्रल जेल के डिप्टी सुपरिटेंडेंट को सस्पेंड कर दिया गया है. गृह विभाग की ओर से उनके निलंबन का आधिकारिक आदेश जारी किया गया है. डिप्टी सुपरिटेंडेंट पर क्यों हुई कार्रवाई मिली जानकारी अनुसार गया जी सेंट्रल जेल के डिप्टी सुपरिटेंडेंट सुदर्शन प्रसाद सिंह को अपराधियों से सांठगांठ और ड्यूटी में भारी लापरवाही के आरोप में सस्पेंड कर दिया गया है. गृह विभाग (कारा) ने उनके निलंबन का आधिकारिक आदेश जारी कर दिया है. सुदर्शन पर जेल में गांजा मिलने के बावजूद एफआईआर न कराने,बिना इंट्री बाहरी लोगों की कैदियों से मुलाकात कराने और स्टाफ से बदसलूकी करने जैसे गंभीर आरोप हैं. निलंबन के अवधि में यहां होगा कार्यालय निलंबन की अवधि के दौरान उनका मुख्यालय खुदीराम बोस सेंट्रल जेल, मुजफ्फरपुर तय किया गया है. गृह विभाग अब उनके खिलाफ इन सभी आरोपों की विस्तृत विभागीय जांच करेगा. जांच में आरोप सही साबित होने पर उन्हें सेवा से बर्खास्त भी किया जा सकता है. गया जी की समाचारों को पढ़ने के लिए क्लिक करें क्या है पूरा मामला दरअसल, मामले की जड़ 16 जुलाई की एक घटना है. इस दिन जेल के एक वार्ड की तलाशी ली जा रही थी. चेकिंग के दौरान बंदी रमेश यादव उर्फ सुमन यादव के पास से गांजा बरामद हुआ. जेल सुपरिटेंडेंट ने तुरंत सुदर्शन प्रसाद सिंह को निर्देश दिया कि वे इस मामले में आरोपित कैदी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराएं, लेकिन सुदर्शन ने वरिष्ठ अधिकारी का आदेश दरकिनार करते हुए एफआईआर दर्ज कराने से साफ इनकार कर दिया, उनकी इस हरकत से साफ हो गया कि उनकी सहानुभूति अपराधियों के साथ है. ऑफिस में कराते थे सीक्रेट मीटिंग गृह विभाग की रिपोर्ट के मुताबिक, सुदर्शन सिंह जेल के सुरक्षा नियमों की भी सरेआम धज्जियां उड़ा रहे थे. वे कैदियों के परिजनों और बाहरी लोगों को अपना दोस्त बताकर सीधे अपने ऑफिस में बुलाते थे और बिना किसी रोक-टोक के कैदियों से उनकी मुलाकात कराते थे. इसके लिए जेल के गेट रजिस्टर में कोई इंट्री भी नहीं की जाती थी. सुपरिटेंडेंट ने उन्हें ऐसा करने से कई बार मौखिक रूप से मना किया था, लेकिन उन पर कोई असर नहीं हुआ. बेवजह कैदियों की पिटाई सुदर्शन के इस रवैये से जेल के कक्षपाल (गार्ड्स) और अन्य अधिकारी भी भारी दहशत में थे. अगर कोई जेल कर्मी नियमों का पालन करते हुए बिना चेकिंग के किसी को अंदर जाने से रोकता, तो सुदर्शन उसी कर्मी पर भड़क जाते थे और गाली-गलौज पर उतर आते थे. इतना ही नहीं, उन पर बिना किसी कारण के कैदियों के साथ मारपीट करने का भी आरोप है. Also Read: गया-डाल्टेनगंज रेल लाइन परियोजना ने पकड़ी रफ्तार, कई इलाकों में शुरू हुई मिट्टी की जांच The post गया सेंट्रल जेल के डिप्टी सुपरिटेंडेंट सस्पेंड, सम्राट प्रशासन का एक्शन, जानिए क्यों हुई कार्रवाई appeared first on Naya Vichar.

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वेनेजुएला में चमत्कार! भूकंप के मलबे से जिंदा निकला दुधमुंहा बच्चा, धरती चीरकर निकाले जा रहे लोग, देखें नायाब करिश्मे के Vidoes

Venezuela Earthquake Rescue Infant: वेनेजुएला में आए भीषण भूकंपों ने पूरे देश को गहरे संकट में डाल दिया है. सैकड़ों लोगों की मौत और हजारों के घायल होने के बीच राहत और बचाव अभियान लगातार जारी है. इसी बीच मलबे से जिंदा निकले एक शिशु, 12 साल के शिशु, एक स्त्री और यहां तक कि एक कुत्ते को मलबे की धरती चीरकर निकाला गया है. इसने इस भयावह त्रासदी के बीच उम्मीद की नई किरण जगाई है. बुधवार को वेनेजुएला में एक मिनट के भीतर 7.2 और 7.5 तीव्रता के दो शक्तिशाली भूकंप आए. इस आपदा में अब तक कम से कम 235 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 4,300 से अधिक लोग घायल हुए हैं. हजारों लोग अब भी लापता बताए जा रहे हैं. राहत और बचाव अभियान का सबसे बड़ा केंद्र उत्तरी क्षेत्र ला गुआइरा बना हुआ है. यहां बचाव दल और स्थानीय स्वयंसेवक भारी मलबे के बीच लगातार जीवित लोगों की तलाश में जुटे हैं. मलबे से जिंदा निकला मासूम, बचाव दल की आंखों में आ गए आंसू राहत अभियान के दौरान सबसे भावुक पल तब सामने आया जब एक ढही हुई इमारत के मलबे से एक दुधमुंहे शिशु को सुरक्षित बाहर निकाला गया. सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो में बचावकर्मी शिशु को सुरक्षित निकालते ही खुशी से चिल्लाते और भावुक होते नजर आए.  हैरानी की बात यह रही कि लंबे समय तक मलबे में दबे रहने के बावजूद शिशु को कोई गंभीर चोट नहीं आई. यह घटना अपने आप में गजब का करिश्मा साबित हो रही है. इस घटना ने परिजनों की तलाश कर रहे लोगों और राहतकर्मियों के लिए उम्मीद का बड़ा संदेश दिया है. 🚨 HEARTBREAKING MIRACLE IN VENEZUELA A child, pulled ALIVE from the rubble after the devastating 7.5 quake… covered in dust but breathing. In the middle of total destruction in Catia La Mar, this is the hope we needed. Pray for the missing. Pray for the families.… pic.twitter.com/to1eB2X08P — Amar Singh Chouhan (@amar_4inc) June 25, 2026 इसी तरह वेनेजुएला की बोलिवेरियन नेशनल पुलिस कॉर्प्स और अन्य सुरक्षा एजेंसियों ने भी ला गुआइरा में एक और शिशु को सुरक्षित बाहर निकालने में सफलता हासिल की. इस शिशु की उम्र भी 5 साल से कम ही लग रही है. इन दोनों बच्चों के जिंदा बचने की समाचारों ने इस भयावह त्रासदी में एक सुखद संदेश दिया है.  Los funcionarios del Cuerpo de Policía Nacional Bolivariana junto a organismos de seguridad rescataron a un bebe en el estado La Guaira. pic.twitter.com/6XAO30vWno — Jhannely González | Periodista (@gazareportes_ve) June 26, 2026 घंटों की मशक्कत के बाद बचाया गया 12 साल का बच्चा ला गुआइरा में ही बचाव दल ने कई घंटे तक चले अभियान के बाद मलबे में दबे 12 साल के एक शिशु को जीवित बाहर निकाल लिया. उसकी सुरक्षित बरामदगी से राहतकर्मियों का हौसला और बढ़ा है. प्रभावित इलाकों में अब भी सैकड़ों लोगों के मलबे के नीचे फंसे होने की आशंका जताई जा रही है. A 12-year-old boy was pulled alive from the rubble in La Guaira, Venezuela. He keeps asking for his parents, but rescuers fear they may still be trapped beneath the debris. No child should have to face a moment like this alone. Let’s hope rescue teams find his family, and if… pic.twitter.com/2h4eaUIDwc — Brian Allen (@allenanalysis) June 25, 2026 इसी दौरान एक स्त्री को भी मलबे से जीवित बाहर निकाल लिया गया. 🚨 Incredible rescue in Venezuela 🇻🇪 A woman has been pulled alive from the rubble after the devastating 7.5-magnitude earthquake, offering a powerful moment of hope amid the widespread destruction. 🙏 Rescue efforts continue as teams search tirelessly for more survivors. pic.twitter.com/j71e1E5Np4 — Geo Think Tank (@JohnKennedy869) June 26, 2026 एक वृद्ध पुरुष को भी रेस्क्यूअर्स ने बाहर निकाला. वेनेजुएला में राहतकर्मी दिन रात कड़ी मशक्कत के साथ लोगों को बचाने में लगे हुए हैं. 🚨🇻🇪 HOPE🙏Nearly 30 hours after the devastating earthquake, rescue teams in Venezuela are still finding survivors trapped beneath the rubble.Every life saved is a reminder that hope endures. ❤️🕊️Pray for Venezuela. 🙏🇻🇪pic.twitter.com/qSpuyoKt8S — War Updates FC (@k_c_shivansh) June 26, 2026 मलबे के नीचे जिंदा मिला कुत्ता इस भीषण आपदा में सिर्फ इंसानों की ही नहीं, बल्कि एक पालतू कुत्ते की भी जान बचाई गई. लंबी तलाश के बाद बचाव दल ने मलबे के नीचे दबे एक कुत्ते को जीवित निकाला. सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में कुत्ता पानी पीता और बचावकर्मियों की गोद में सुरक्षित बाहर आता दिखाई दिया. इस दृश्य ने लोगों को भावुक कर दिया. 🚨 NEWS ALERT: Rescue teams in Venezuela are also working to save pets trapped beneath the rubble following the devastating earthquake. Emergency crews continue search-and-rescue operations, with videos showing dogs and other animals being pulled to safety from collapsed… pic.twitter.com/zdYo2LIInv — Today’s News (@TodaysNewsco) June 25, 2026 अब भी जारी है समय के खिलाफ जंग इन भावुक घटनाओं के बावजूद हालात बेहद गंभीर बने हुए हैं. यह भूकंप पिछले सौ वर्षों में वेनेजुएला में आए सबसे शक्तिशाली भूकंपों में से एक माना जा रहा है. इसके कारण बड़ी संख्या में इमारतें जमींदोज हो गईं, अस्पतालों को नुकसान पहुंचा, बिजली और संचार सेवाएं बाधित हो गईं तथा हजारों लोगों को अपने घर छोड़ने पड़े. ये भी पढ़ें:- हिंदुस्तान के ‘चिकन नेक’ पर चीन को ले आए तारिक रहमान! बांग्लादेश की डील ने बढ़ाई चिंता ये भी पढ़ें:- NATO चीफ के बयान पर भड़कीं मेलोनी, उतारी मंत्रियों की फौज; ईरान में करवाया फोन, ट्रंप से भी जुड़ा है मामला अधिकारियों के अनुसार, करीब 200 लोग अब भी मलबे में फंसे हो सकते हैं. वहीं लगभग 250 इमारतें पूरी तरह नष्ट हो चुकी हैं या बुरी तरह क्षतिग्रस्त हुई हैं. दुनिया के कई देशों से अंतरराष्ट्रीय राहत दल और सहायता सामग्री वेनेजुएला पहुंचने लगी है. बचावकर्मी समय के खिलाफ दौड़ लगा रहे हैं, क्योंकि हर गुजरते घंटे के साथ मलबे में फंसे लोगों के सुरक्षित मिलने की उम्मीद कम होती जा रही है. 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रॉड से पिटाई, छोड़ते थे खूंखार कुत्ते, पेचकस-बल्लम से दागा शरीर… मुजफ्फरनगर फैक्ट्री के बंधुआ मजदूरों की खौफनाक कहानी; मिली आजादी

UP Muzaffarnagar Bonded Labour Rescue: उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर में बंधुआ मजदूरी का एक बेहद सनसनीखेज मामला सामने आया है. यहां डिस्पोजेबल कटोरी बनाने वाली एक फैक्ट्री से छुड़ाए गए 12 मजदूरों ने पुलिस और डॉक्टरों को बताया कि उन्हें महीनों तक फैक्ट्री के अंदर कैद रखकर अमानवीय यातनाएं दी गईं. उनका आरोप है कि विरोध करने पर लोहे की रॉड और भाले जैसी नुकीली चीजों से पीटा जाता था, जबकि फैक्ट्री से भागने की कोशिश रोकने के लिए पिटबुल कुत्तों को पहरे पर रखा गया था. यह दोना पत्तल की फैक्ट्री मुजफ्फरनगर के मंडी गांव में तितावी थाना क्षेत्र के अंतर्गत स्थित है. इसे प्रदीप बालियान और उसके पुत्र अंकित बालियान ने पूर्व प्रधान विपिन कुमार के घर में लगाई थी. पुलिस ने छापेमारी कर वहां से 12/13 मजदूरों को मुक्त कराया. फिलहाल सभी मजदूरों का इलाज चल रहा है और उन्हें मनोवैज्ञानिक परामर्श भी दिया जा रहा है. टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, मामले का खुलासा तब हुआ जब राजस्थान के जोधपुर जिले का एक मजदूर किसी तरह फैक्ट्री की दीवार फांदकर भागने में सफल हो गया. वह सीधे पुलिस तक पहुंचा और पूरी घटना की जानकारी दी. इसके बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए फैक्ट्री से अन्य मजदूरों को भी छुड़ाया. VIDEO | Muzaffarnagar SSP Sanjay Kumar Verma on 12 labourers, who were held captive inside a factory, says, “12 labourers were freed during an operation which was planned on the basis of tip-off we had received. The SP, CEO, Tehsildar, and Labour Commissioner conducted a raid at… pic.twitter.com/MMqpDgbuTt — Press Trust of India (@PTI_News) June 25, 2026 नौकरी का वादा, फिर छीन लिए मोबाइल और पहचान पत्र पुलिस जांच में मजदूरों ने बताया कि उन्हें रेलवे स्टेशन और सार्वजनिक स्थानों से अच्छी नौकरी, नियमित वेतन, रहने और खाने की सुविधा का लालच देकर मुजफ्फरनगर लाया गया था. फैक्ट्री पहुंचते ही उनके मोबाइल फोन छीन लिए गए. पहचान से जुड़े दस्तावेज नष्ट कर दिए गए और महीनों तक परिवार से संपर्क पूरी तरह खत्म कर दिया गया. इन श्रमिकों को डेढ़ साल से काम करने का कोई वेतन भी नहीं दिया गया था.  रामू बोले- हम कैदियों की तरह रहते थे उत्तराखंड के नैनीताल निवासी रामू ने बताया कि करीब ढाई महीने पहले उन्हें नौकरी का झांसा देकर यहां लाया गया था. उन्होंने कहा, ‘हमारे साथ कैदियों जैसा व्यवहार होता था. फैक्ट्री के गेट से बाहर निकलने तक की इजाजत नहीं थी. खाने में चोकर की सूखी रोटियां दी जाती थीं. जरा सी गलती होने या सवाल पूछने पर लोहे की रॉड से पीटा जाता था और कई बार भाले जैसी नुकीली चीज से घायल कर दिया जाता था.’ रामू ने कहा, ‘हर समय डर बना रहता था. पता नहीं कब किस बात पर फिर मारपीट शुरू हो जाए.’ Bonded labour in a small mfg. unit in UP’s Muzaffarnagar were controlled using cattle prods and spears. This is 2026. #BondedLabourpic.twitter.com/uE6dv96RQr — Sandeep Manudhane (@sandeep_PT) June 24, 2026 खौफनाक था मजदूरों का फैक्ट्री में बीता समय एक राष्ट्रीय दैनिक अखबार की रिपोर्ट के मुताबिक, श्रमिकों को यातना की वजह से चिल्लाने पर बस-ट्रकों की फैन बेल्टों से तब तक पीटा जाता था, जब तक वे बेहोश ने हो जाएं. अगर कोई विरोध करता था तो उनके ऊपर पिटबुल कुत्ता छोड़ दिया जाता था, जो उनके शरीर में अपने पंजे और दांत गड़ा देता था. उनके ऊपर पेचकस से हमला किया जाता था.  चोट लगने के बाद सभी की मामूली मरहम पट्टी करवाकर वापस फैक्ट्री में भेज दिया जाता था. सभी को वहीं ‘टिनशेड की कैद’ में अमानवीय हालात में रहना पड़ता था.  उन्हें सोने के लिए बेहद कम समय मिलता था. काम भी 15 घंटे से ज्यादा करवाया जाता था. थकान होने पर उन्हें बैठने तक की इजाजत नहीं थी. काम करते वक्त उन्हें 5-5 फीट की दूरी पर बैठाया जाता था. कभी कभी तो उन्हें लाइट रहने तक काम करना पड़ता था.  कोई श्रमिक यहां पर डेढ़ साल से कैद था तो कोई 6 महीने से. ढंग से भोजन न मिलने और लगातार यातना की वजह से उनके शरीर पर मांस तो बचा ही नहीं था, केवल चमड़ियों के नीचे हड्डियों का ढांचा बचा था.  🚨12-13 workers, including minors, rescued from alleged bonded labour at a paper plate unit in Mandi village, Muzaffarnagar. Workers allege captivity, beatings, starvation, and confiscated phones/IDs. One labourer allegedly killed after resisting; claims under probe. Two… pic.twitter.com/2kUBT5CQ2q — indiainlast24hr (@indiain24hr) June 25, 2026 11 महीने तक परिवार से बात नहीं हुई उत्तर प्रदेश के औरैया निवासी शिवम कुमार ने अपने शरीर पर चोट के निशान दिखाते हुए महीनों की कैद का दर्द बयां किया. वहीं, सीतापुर निवासी जगदीश ने कहा कि सबसे ज्यादा तकलीफ परिवार से दूर रहने की थी. उन्होंने बताया, ‘जब भी घर जाने की बात करते थे तो और ज्यादा प्रताड़ित किया जाता था. 11 महीने तक परिवार से बात नहीं हो सकी. एक समय ऐसा आ गया था कि लगा अब शायद कभी घरवालों से मुलाकात नहीं होगी.’ छत्तीसगढ़ के बिलासपुर निवासी नारायण ने बताया कि उन्हें पुरानी दिल्ली रेलवे स्टेशन से बहला-फुसलाकर लाया गया था. उन्होंने कहा, ‘पुलिस ने हमें छुड़ाया तो ऐसा लगा जैसे दूसरी जिंदगी मिल गई हो.’ मां बोलीं- जनवरी के बाद बेटे से कोई संपर्क नहीं था शिवम की मां रानी ने बताया कि उनका बेटा गुरुग्राम काम करने गया था. वह पहले भी कुछ महीने काम करके घर लौट आता था, लेकिन जनवरी के बाद उसका कोई पता नहीं चला. उन्होंने कहा, ‘हमने हर जगह तलाश की. लगातार रोते रहे और उसके फोन का इंतजार करते रहे. दो दिन पहले तितावी थाने से फोन आया, तब जाकर पहली बार बेटे से बात हो सकी.’ डॉक्टर बोले- शरीर के साथ मानसिक जख्म भी गहरे प्रशासनी अस्पताल में मजदूरों की जांच करने वाले डॉक्टर दीपांकर कुमार ने बताया कि कई मजदूरों के शरीर पर पुरानी चोटों के निशान मिले हैं. उन्होंने कहा, ‘शारीरिक चोटों के साथ मानसिक प्रताड़ना का असर भी बेहद गंभीर दिखाई दे रहा है. दो मजदूरों में गहरे मनोवैज्ञानिक आघात के संकेत मिले हैं.’ मुजफ्फरनगर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) संजय कुमार वर्मा ने बताया, ‘मेडिकल जांच में

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