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Author name: Vinod Jha

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आधा भारत नहीं जानता है Pink Tax, जान जाएगा तो समझदारी से खरीदारी करेगा

Pink Tax: क्या आपने कभी गौर किया है कि बाजार में एक ही तरह के सामान के लिए स्त्रीओं को पुरुषों की तुलना में अधिक कीमत चुकानी पड़ती है? चाहे वह शेविंग रेजर हो, परफ्यूम हो या फिर ड्राई क्लीनिंग की सर्विस. अक्सर ‘पिंक’ यानी गुलाबी रंग या स्त्रीओं के लिए बनी पैकेजिंग वाली चीजों के दाम ज्यादा होते हैं. अर्थशास्त्र की भाषा में इसे ही ‘पिंक टैक्स’ (Pink Tax) कहा जाता है. पिंक टैक्स असल में क्या है ? पिंक टैक्स कोई प्रशासनी टैक्स नहीं है जिसे प्रशासन वसूलती हो. दरअसल, यह कंपनियों द्वारा अपनाई जाने वाली एक कीमत निर्धारण रणनीति (Pricing Strategy) है. इसके तहत कंपनियां एक जैसे उत्पादों और सेवाओं के लिए स्त्रीओं से पुरुषों के मुकाबले 7% से लेकर 15% तक ज्यादा पैसे वसूलती हैं. बस फर्क इतना होता है कि स्त्रीओं के उत्पाद अक्सर गुलाबी रंग के होते हैं या उनकी खुशबू और मार्केटिंग थोड़ी अलग होती है. पिंक टैक्स हमारे रोजमर्रा के जीवन में हर जगह मौजूद है. पर्सनल केयर प्रोडक्ट : एक ही कंपनी का पुरुषों वाला ‘ब्लू रेजर’ सस्ता होता है, जबकि वही रेजर गुलाबी रंग में ‘स्त्रीओं के लिए’ टैग के साथ महंगा बिकता है. यही हाल शैम्पू, साबुन और डियोड्रेंट का भी है. कपड़े और एक्सेसरीज: स्त्रीओं के कपड़ों की सिलाई, कपड़े की बनावट और स्टाइल के नाम पर अक्सर पुरुषों के साधारण कपड़ों से ज्यादा पैसे लिए जाते हैं. सेवाएं (Services): सैलून में स्त्रीओं के ‘हेयरकट’ की कीमत पुरुषों के मुकाबले कहीं ज्यादा होती है, भले ही बाल छोटे ही क्यों न हों. इसके अलावा, स्त्रीओं के कपड़ों की ड्राई क्लीनिंग भी अक्सर महंगी होती है. बच्चों के खिलौने: रिसर्च में पाया गया है कि लड़कियों के लिए बने गुलाबी खिलौने, लड़कों के लिए बने वैसे ही समान खिलौनों से महंगे होते हैं. यह क्यों गलत है ? पिंक टैक्स भेदभावपूर्ण है क्योंकि यह सीधे तौर पर स्त्रीओं की आर्थिक स्थिति पर प्रहार करता है. इसे ‘जेंडर-बेस्ड प्राइसिंग’ भी कहते हैं. विडंबना यह है कि दुनिया भर में स्त्रीओं को पुरुषों की तुलना में कम वेतन मिलता है (Gender Pay Gap), लेकिन उन्हें बुनियादी जरूरतों के लिए अधिक भुगतान करना पड़ता है. Also Read: क्या आप भी UPI से निकालते हैं कैश? HDFC बैंक के नए नियमों को तुरंत जान लें The post आधा हिंदुस्तान नहीं जानता है Pink Tax, जान जाएगा तो समझदारी से खरीदारी करेगा appeared first on Naya Vichar.

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बिहार राज्यसभा चुनाव: 4 विधायक वाले उपेंद्र कुशवाहा बने उम्मीदवार, 19 वाली LJP-R को मौका नहीं, जानिए NDA का प्लान

Rajya Sabha Election 2026: बिहार में राज्यसभा के पांच सीटों पर चुनाव की तैयारियां पूरी हो चुकी हैं. एनडीए की ओर से लगभग सभी सीटों के उम्मीदवार तय हो गए हैं. 19 विधायक वाली चिराग की पार्टी लोजपा-रामविलास को एक भी सीट नहीं मिली हैं. वहीं एनडीए के तरफ से उपेंद्र कुशवाहा पांचवें उम्मीदवार घोषित किए गए हैं. एनडीए के उम्मीदवारों की फाइनल लिस्ट बीजेपी ने दो सीटों के लिए अपने उम्मीदवारों का ऐलान कर दिया है. राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन और सासाराम लोकसभा क्षेत्र से चुनाव हार चुके शिवेश राम. वहीं RLM की ओर उपेंद्र कुशवाहा उम्मीदवार घोषित किए गए हैं. एनडीए के तीन उम्मीदवार फाइनल हैं. वहीं जदयू की ओर से दो उम्मीदवारों की चर्चा तेज है. रामनाथ ठाकुर और सीएम नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार की. हालांकि, अभी इसकी औपचारिक घोषणा बाकी है. चिराग की पार्टी को एक भी सीट नहीं वहीं चिराग की पार्टी लोजपा (रामविलास) के 19 विधायक होने के बावजूद उनकी पार्टी को कोई सीट नहीं मिली. लेकिन पार्टी ने कहा है कि वे एनडीए के प्रत्याशियों का पूरा समर्थन करेंगे और उनकी जीत सुनिश्चित करने में योगदान देंगे. हालांकि, कुछ दिनों पहले नेतृत्वक गलियारों में ऐसी चर्चा थी कि चिराग की मां राज्यसभा जा सकती हैं. रीना पासवान को लेकर हुई अफवाहों का खंडन चिराग पासवान की मां रीना पासवान को राज्यसभा भेजे जाने की चर्चा तेज थी. इस पर उन्होंने साफ कर दिया कि वे सक्रिय नेतृत्व में नहीं आ रही हैं. चिराग पासवान ने भी कहा कि इसे चर्चा का हिस्सा न बनाएं. राजद की ओर से घोषणा कल राजद की ओर से तेजस्वी यादव 5 मार्च को अपना उम्मीदवार घोषित करेंगे. इस बार की राज्यसभा लड़ाई में नेतृत्वक हलचल तेज है. मांझी की मांग भी नहीं मानी गई केंद्रीय मंत्री और हिन्दुस्तानी आवाम मोर्चा के सुप्रीमो जीतन राम मांझी ने एक राज्यसभा सीट की मांग की थी. उनकी पार्टी के पांच विधायक और एक विधान पार्षद हैं. हालांकि, मांझी को इस बार मौका नहीं मिला. उन्होंने कहा कि अंतिम समय तक प्रतिक्षा करेंगे, लेकिन किसी दावे का दबाव नहीं बनाएंगे. आगे की प्रक्रिया राज्यसभा चुनाव के लिए नामांकन 5 मार्च तक दाखिल किए जाएंगे. मतदान 16 मार्च को होगा. नेतृत्वक हलचल और सीटों के बंटवारे को लेकर बिहार में सियासी माहौल काफी गर्म है. Also Read: पटना हॉस्टल कांड: NEET छात्रा मौत मामले में CBI ने बढ़ाई धाराएं, अब इस एंगल से भी होगी जांच The post बिहार राज्यसभा चुनाव: 4 विधायक वाले उपेंद्र कुशवाहा बने उम्मीदवार, 19 वाली LJP-R को मौका नहीं, जानिए NDA का प्लान appeared first on Naya Vichar.

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गुजरात के स्कूलों और अदालतों में बम की धमकी देने वाला बंगाल से गिरफ्तार

गुजरात के स्कूलों और अदालतों को बम से उड़ाने की धमकी देने वाले पश्चिम बंगाल के एक व्यक्ति को पुलिस ने गिरफ्तार किया है. गिरफ्तारी अहमदाबाद शहर की क्राइम ब्रांच और साइबर सेल के ज्वाइंट ऑपरेशन में हुई. पुलिस ने यह जानकारी दी है. बार-बार मिल रही थी धमकियां पुलिस ने बताया कि पिछले कुछ महीनों में गुजरात के कई स्कूलों और अदालतों को बार-बार बम से उड़ाने की धमकी वाले ई-मेल मिले हैं. इससे लोगों में दहशत फैल गयी है. सुरक्षा एजेंसियों के लिए यह एक बुरे सपने जैसा हो गया है. बाद में पता चला कि यह सभी धमकियां झूठी थीं. बंगाल की समाचारें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें एक संयुक्त अभियान में अहमदाबाद अपराध शाखा और अहमदाबाद साइबर अपराध इकाई ने स्कूलों और अदालतों को निशाना बनाकर लगातार भेजे गये बम की झूठी धमकी भरे ई-मेल के लिए जिम्मेदार व्यक्ति को गिरफ्तार कर लिया है. यह अभियान सार्वजनिक सुरक्षा और डिजिटल सुरक्षा बनाये रखने में एक बड़ी सफलता है. गुजरात पुलिस धमकी देने वाले को बंगाल से गुजरात ले गयी पुलिस अपराध शाखा की ओर से बताया गया है कि गिरफ्तार किये गये व्यक्ति का नाम सौरभ विश्वास है. उसे पश्चिम बंगाल से गिरफ्तार किया गया. पुलिस सौरभ विश्वास को गुजरात ले आयी है. अभी वह पुलिस हिरासत में है. इसे भी पढ़ें बंगाल में फिर 2 कोर्ट को बम से उड़ाने की धमकी, जांच में जुटी पुलिस बंगाल में अब डाकघरों और पासपोर्ट सेवा केंद्र में विस्फोट की धमकी, हाई अलर्ट बैंकशाल कोर्ट समेत छह अदालतों को बम से उड़ाने की धमकी, हड़कंप बंगाल में रेलवे ट्रैक पर संदिग्ध बम होने की सूचना, सैंथिया के पास रोकी गयी ट्रेनों की आवाजाही The post गुजरात के स्कूलों और अदालतों में बम की धमकी देने वाला बंगाल से गिरफ्तार appeared first on Naya Vichar.

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झारखंड की अनोखी होली, परंपरा, शालीनता और संस्कृति का रंग

Holi in Jharkhand: होली को अक्सर रंग, मस्ती और हुड़दंग से जोड़ा जाता है. कई जगहों पर तेज संगीत, अश्लील गाने और नशे का माहौल भी देखने को मिलता है. लेकिन झारखंड के कई गांवों में होली बिल्कुल अलग अंदाज में मनाई जाती है. यहां न तो अश्लील गाने बजते हैं और न ही हुड़दंग होता है. यहां होली शालीनता, परंपरा और आपसी सम्मान के साथ स्पोर्ट्सी जाती है. इन गांवों में होली केवल रंगों का त्योहार नहीं, बल्कि अपनी विरासत और संस्कृति को आगे बढ़ाने का अवसर है. लोग मौज-मस्ती भी करते हैं, लेकिन मर्यादा और परंपरा का पूरा ध्यान रखते हैं. लातेहार के पोचरा गांव की राख वाली होली लातेहार मुख्यालय से करीब आठ किलोमीटर दूर पोचरा गांव में होली आज भी प्राचीन रीति-रिवाजों के साथ मनाई जाती है. होलिका दहन के अगले दिन सुबह ग्रामीण मंदिर में पूजा-अर्चना करते हैं. इसके बाद “चुलेही होली” की शुरुआत होती है. यहां लोग राख से होली स्पोर्ट्सते हैं. राख को अहंकार और नकारात्मकता के अंत का प्रतीक माना जाता है. ग्रामीणों का कहना है कि यह परंपरा उन्हें अपने पूर्वजों से मिली है. ढोलक और मजीरे की थाप पर लोकगीत गाए जाते हैं. यहां की होली राधा-कृष्ण के प्रेम और वसंत ऋतु के आगमन का संदेश देती है. कोडरमा में कीर्तन और कीचड़ की होली कोडरमा जिले के सतगावां प्रखंड के कई गांवों में आज भी पारंपरिक होली मनाई जाती है. होलिका दहन के दिन ढोलक-झाल के साथ गाना-बजाना होता है. मरचोई, माधीपुर, टेहरी, शिवपुर, नावाडीह और समलडीह जैसे गांवों में लोग पौराणिक शैली में होली स्पोर्ट्सते हैं. गांव के चौक-चौराहों पर कीर्तन मंडली द्वारा भजन-गीत प्रस्तुत किए जाते हैं. कुछ स्थानों पर कीचड़ की होली स्पोर्ट्सने की भी परंपरा है. इसके बाद होलिका दहन की राख को उड़ाने की रस्म निभाई जाती है. यह सब मिलकर होली को धार्मिक और सांस्कृतिक रूप देते हैं. गुमला में तीन दिन का डोल जतरा गुमला जिले में होली के साथ “डोल जतरा” का आयोजन होता है. यह उत्सव तीन दिनों तक चलता है. आदिम जनजातियां आज भी इस परंपरा को जीवित रखे हुए हैं. बिशुनपुर प्रखंड के पतारी क्षेत्र के पौलपील पाट में हर साल डोल जतरा लगता है. इस दौरान पूजा-पाठ, नृत्य और सांस्कृतिक कार्यक्रम होते हैं. पढ़े-लिखे युवक-युवती भी अपने पूर्वजों की परंपरा को आगे बढ़ाते हैं. वे इसे केवल त्योहार नहीं, बल्कि अपनी पहचान मानते हैं. ये भी पढ़ें:- होली पर करें राशि के अनुसार दान, घर रहेगा सुख-समृद्धि से भरा बिशुनपुर में परंपरा और पकवान बिशुनपुर क्षेत्र में डोल जतरा के दौरान पारंपरिक खान-पान का खास आकर्षण होता है. यहां आदिम जनजाति के लोग अपने पारंपरिक व्यंजन बनाकर स्टॉल लगाते हैं. इस मौके पर शादी-ब्याह के लिए लड़का-लड़की देखने की परंपरा भी निभाई जाती है. बदलते समय के साथ रहन-सहन और पहनावे में बदलाव आया है, लेकिन परंपरा आज भी जीवित है. जरियागढ़ की ऐतिहासिक डोल होली झारखंड में ब्रज जैसी होली का अनुभव करना हो, तो जरियागढ़ की डोल होली खास मानी जाती है. यह परंपरा करीब 300 साल पुरानी बताई जाती है. यहां होली केवल रंगों का स्पोर्ट्स नहीं, बल्कि आस्था और अनुशासन का प्रतीक है. सखुआ की डालियों और पलाश के फूलों से भगवान कृष्ण, सुभद्रा और बलभद्र की डोली सजाई जाती है. भजन-कीर्तन के साथ शोभायात्रा निकाली जाती है. जनजातीय और स्थानीय भाषा में गीत गाए जाते हैं, जिससे माहौल भक्तिमय बन जाता है. ये भी पढ़ें:- आज मनाया जा रहा है होली का त्योहार, जानें इसका ज्योतिषीय महत्व परंपरा में बसती है असली होली झारखंड के इन गांवों में होली सिर्फ रंगों की नहीं, बल्कि संस्कृति और सम्मान की होली है. यहां लोग नशा या अश्लीलता से दूर रहकर प्रेम और भाईचारे के साथ त्योहार मनाते हैं. इन परंपराओं को देखकर यह समझ आता है कि होली का असली अर्थ आपसी मेल-मिलाप, खुशी और संस्कृति को सहेजने में है. ऐसी होली न केवल त्योहार को खास बनाती है, बल्कि आने वाली पीढ़ियों को अपनी जड़ों से जोड़कर भी रखती है. The post झारखंड की अनोखी होली, परंपरा, शालीनता और संस्कृति का रंग appeared first on Naya Vichar.

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हुमायूं कबीर का पहला दांव ही पड़ा उलटा, चुनाव आयोग की आपत्ति के बाद बदला पार्टी का नाम

मुख्य बातें क्या है पूरा मामला? क्यों हुआ था टीएमसी से निलंबन? Humayun Kabir : कोलकाता. मुर्शिदाबाद में बाबरी मस्जिद की नींव रखने वाले तृणमूल कांग्रेस से निलंबित विधायक हुमायूं कबीर ने अपनी नयी नेतृत्वक पार्टी का नाम बदल दिया है. कबीर ने पहले अपनी पार्टी का नाम जनता उन्नयन पार्टी (जेयूपी) रखा था, लेकिन चुनाव आयोग ने इसे अस्वीकार कर दिया. चुनाव आयोग की ओर से बताया कि इस नाम से एक पार्टी पहले से ही रजिस्टर्ड है. चुनाव आयोग की आपत्ति के बाद हुमायूं कबीर ने अब पार्टी का नाम बदल कर आम जनता उन्नयन पार्टी (एजेयूपी) कर दिया. क्या है पूरा मामला? हुमायूं कबीर ने इस बारे में विस्तार से जानकारी दी है. उन्होंने बताया कि पश्चिम बंगाल के मुख्य निर्वाचन अधिकारी के कार्यालय ने पिछले हफ्ते उनके पुराने नाम (जेयूपी) की सिफारिश दिल्ली भेजी थी, लेकिन दिल्ली स्थित चुनाव आयोग मुख्यालय ने सूचित किया कि यह नाम पहले से किसी और के पास है. इसके बाद कबीर खुद अपने प्रतिनिधियों के साथ दिल्ली गए और नया और नए नाम एजेयूपी का प्रस्ताव दिया. उन्हें उम्मीद है कि उनकी पार्टी का निबंधन हो जायेगा. उन्होंने कहा कि बंगाल विधानसभा चुनाव में वो एक बड़ी नेतृत्वक ताकत रहेंगे. जनता इस बार ममता बनर्जी को सत्ता से बेदखल करने का मन बना चुकी है. पश्चिम बंगाल की अन्य समाचारों को पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें क्यों हुआ था टीएमसी से निलंबन? हुमायूं कबीर के निलंबन की कहानी भी काफी रोचक है. तृणमूल कांग्रेस ने उन्हें बेलडांगा में एक मस्जिद के शिलान्यास की घोषणा के बाद बाहर का रास्ता दिखाया था. कबीर ने कहा था कि वह इस मस्जिद को अयोध्या में 6 दिसंबर 1992 को ढहाई गई बाबरी मस्जिद के डिजाइन जैसा बनाएंगे. इस बयान के बाद विवाद बढ़ा और पार्टी ने उन पर कार्रवाई की. निलंबन के बाद 22 दिसंबर 2025 को कबीर ने अपनी नई पार्टी बनाने का एलान किया था. उन्होंने पार्टी के मुख्य पदाधिकारियों के नामों की घोषणा भी कर दी. कबीर इस साल होने वाले पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में अपनी पार्टी के उम्मीदवार उतारने की तैयारी कर रहे हैं. उन्होंने बीजेपी और तृणमूल कांग्रेस के खिलाफ लड़ने के लिए दूसरे दलों से गठबंधन करने की अपील भी की है. Also Read: बंगाल में CAA का काम होगा तेज, अमित शाह ने गठित की दो और समिति The post हुमायूं कबीर का पहला दांव ही पड़ा उलटा, चुनाव आयोग की आपत्ति के बाद बदला पार्टी का नाम appeared first on Naya Vichar.

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ईरान के नए सुप्रीम लीडर चुने गए मोजतबा खामेनेई, एसेंबली ऑफ एक्सपर्ट्स का फैसला

Iran Supreme Leader Mojtaba Khamenei: ईरान की असेंबली ऑफ एक्सपर्ट्स ने मोजतबा खामेनेई को अगला सुप्रीम लीडर चुना है. यूके स्थित ईरान इंटरनेशनल के सूत्रों के अनुसार, ईरान की धार्मिक संस्था असेंबली ऑफ एक्सपर्ट्स ने अली खामेनेई के निधन के बाद उनके बेटे मोजतबा खामेनेई को देश का अगला सुप्रीम लीडर चुना है. उनकी नियुक्ति 3 मार्च 2026 को हुए चुनाव में किया गया. 56 वर्षीय मोजतबा को देश की कमान संभालने के लिए चुना गया है. वे दिवंगत नेता के दूसरे सबसे बड़े बेटे हैं और लंबे समय से संभावित उत्तराधिकारी के रूप में देखे जाते रहे हैं. माना जा रहा है कि यह चयन इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) के तीव्र दबाव के बीच किया गया. यानी अब ईरान की सत्ता संरचना में गार्ड्स के बढ़ता प्रभाव साफ दिख रहा है. हालांकि, प्रशासनी मीडिया ने अभी तक इस नियुक्ति की पुष्टि नहीं की है. 28 फरवरी को अमेरिका और इजरायल के संयुक्त हमलों में अली खामेनेई की उनके ऑफिस कंपाउंड में मौत हो गई. इस हमले में उनकी बेटी, दामाद और पोती की भी जान चली गई. ईरान इंटरनेशनल ने सूत्रों के हवाले से कहा, ‘असेंबली ऑफ एक्सपर्ट्स ने अली खामेनेई के बेटे मोजतबा को अगला सुप्रीम लीडर चुना.’  मोजतबा के रिवोल्यूशनरी गार्ड से करीबी संबंध हैं और माना जाता है कि वे पर्दे के पीछे काफी प्रभाव रखते हैं. माना जाता है कि वे व्यवहारिक रूप से सुप्रीम लीडर के कार्यालय का प्रबंधन संभालते थे और कई विश्लेषकों की नजर में व्यवस्था के भीतर एक प्रमुख शक्ति केंद्र रहे हैं. मोजतबा को एक मध्यम-स्तरीय धर्मगुरु बताया जाता है, जिन्होंने ईरान-इराक युद्ध के दौरान सशस्त्र बलों में सेवा दी थी. लंबे समय से उन्हें आईआरजीसी और ‘बासिज फोर्स’ के साथ मजबूत संबंध रखने वाला माना जाता रहा है. सुप्रीम लीडर की केंद्रीय भूमिका सुप्रीम लीडर ईरान की जटिल सत्ता-साझाकरण वाली शिया धर्मतांत्रिक व्यवस्था के केंद्र में होता है और राज्य के सभी मामलों पर अंतिम अधिकार रखता है. यह पद सशस्त्र बलों और शक्तिशाली रिवोल्यूशनरी गार्ड के सर्वोच्च कमांडर की भूमिका भी निभाता है. अमेरिका ने 2019 में इस अर्धसैनिक बल को आतंकवादी संगठन घोषित किया था. अली खामेनेई के कार्यकाल के दौरान गार्ड ने ईरान की नेतृत्व, सैन्य और आर्थिक क्षेत्रों में अपना प्रभाव काफी बढ़ाया. विवाद भी हो सकता है! मोजतबा की कथित नियुक्ति नेतृत्वक रूप से संवेदनशील साबित हो सकती है. इस्लामिक रिपब्लिक लगातार वंशानुगत शासन की आलोचना करती रही है और खुद को राजशाही के मुकाबले अधिक न्यायसंगत व्यवस्था के रूप में प्रस्तुत करती है. ऐसे में पिता से बेटे को सत्ता हस्तांतरण उस सिद्धांत पर सवाल खड़े कर सकता है. ईरान इंटरनेशनल ने यह भी दावा किया है कि आईआरजीसी ने धार्मिक निकाय पर मोजतबा के समर्थन के लिए भारी दबाव डाला. कुछ विश्लेषकों का मानना है कि पिता से बेटे को सत्ता सौंपने की परंपरा संगठन और व्यवस्था के भीतर असंतोष और मतभेद को जन्म दे सकती है. ये भी पढ़ें:- सोनिया गांधी ने किया सवाल, खामेनेई की हत्या पर प्रशासन चुप्प क्यों? आईआरजीसी की बड़ी सफलता इसे ईरान के कट्टरपंथी धड़े की अहम सफलता के तौर पर देखा जा रहा है. हालांकि, मोजतबा के पास पिता की तरह अयातोल्लाह जैसा धार्मिक दर्जा नहीं है. ऐसे में उन्हें आईआरजीसी पर ही डिपेंड रहना पड़ सकता है. आईआरजीसी ने ही धर्मगुरुओं की परिषद पर स्पष्ट दबाव डाला कि नेतृत्व की कमान मोजतबा को ही सौंपी जाए. सूत्रों के अनुसार, उनके अनुसार, मौजूदा युद्ध जैसी परिस्थितियों में व्यवस्था की निरंतरता और सख्त नीतियों को कायम रखने के लिए यही सबसे उपयुक्त विकल्प है. कैसे होता है सुप्रीम लीडर का चुनाव? ईरान की शासन प्रणाली को विलायत-ए-फकीह कहा जाता है, जिसका अर्थ है- इस्लामी न्यायविद का संरक्षण या नेतृत्व. यह व्यवस्था 1979 की इस्लामी क्रांति के बाद रोहुल्ला खुमैनी द्वारा विकसित की गई थी. इसके तहत एक वरिष्ठ शिया धर्मगुरु, जिसे सर्वोच्च नेता या रहबर कहा जाता है, देश की सबसे बड़ी सत्ता का केंद्र होता है. उसके पास सेना, न्यायपालिका और अहम प्रशासनी संस्थाओं पर अंतिम नियंत्रण रहता है. ईरान का संविधान भी इसी सिद्धांत पर आधारित है, जिससे यह सुनिश्चित होता है कि देश के सभी फैसले इस्लामी कानून (शरिया) के अनुरूप हों. ये भी पढ़ें:- ‘सिर पर पैर रखकर भाग’ रहे रईसजादे, ईरान ने ‘शेखलैंड’ में फैलाया ऐसा डर; करोड़ों देकर बचा रहे जान इस व्यवस्था में सर्वोच्च नेता सशस्त्र बलों के प्रमुख होते हैं और विदेश नीति, न्यायपालिका के प्रमुखों की नियुक्ति तथा बड़े रणनीतिक फैसलों पर अंतिम निर्णय लेते हैं. बारहवें इमाम (इमाम महदी) की अनुपस्थिति में एक योग्य इस्लामी विद्वान को नेतृत्व सौंपने का शिया सिद्धांत इसका आधार है. 12 सदस्यीय गार्जियन काउंसिल संसद के कानूनों की समीक्षा करती है, जबकि 88 सदस्यों वाली असेंबली ऑफ एक्सपर्ट्स (मजलिस-ए-खोब्रेगान-ए-रहबरी) सर्वोच्च नेता का चयन और निगरानी करती है. राष्ट्रपति जनता द्वारा चुना जाता है, लेकिन वह भी सर्वोच्च नेता के मार्गदर्शन और नियंत्रण में काम करता है. The post ईरान के नए सुप्रीम लीडर चुने गए मोजतबा खामेनेई, एसेंबली ऑफ एक्सपर्ट्स का फैसला appeared first on Naya Vichar.

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4 मार्च की टॉप 20 खबरें: मिडिल ईस्ट तनाव के बीच पीएम मोदी सक्रिय, भारत के पास 6-8 हफ्तों का तेल भंडार, राज्यसभा चुनाव में बीजेपी ने कसी कमर

1. मिडिल ईस्ट में आग: पीएम मोदी सक्रिय; पिछले 48 घंटों में UAE, इजराइल, सऊदी समेत 8 नेताओं से बातचीत Israel Iran War: इजराइल-अमेरिका और ईरान के बीच जारी जंग के बीच हिंदुस्तान के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एक्शन में आ गए हैं. पिछले 48 घंटे के दौरान पीएम मोदी ने मिडिल ईस्ट के 8 नेताओं से फोन पर बात की. यहां पढ़ें पूरी समाचार 2. ईरान और इजराइल-अमेरिका जंग के बीच हिंदुस्तान बढ़ा रहा हवाई ताकत, रूस से खरीदेगा एएलएच, मिसाइल और S-400 Israel US Iran War: ईरान और इजराइल-अमेरिका जंग के बीच हिंदुस्तान अपनी हवाई ताकत बढ़ाने में जुट गया है. एयर डिफेंस सिस्टम को मजबूत करने की दिशा में एक कदम बढ़ाते हुए हिंदुस्तान रूस से 5 अतिरिक्त S-400 एयर डिफेंस सिस्टम खरीदने की तैयारी में है. इसके अलावा एएलएच और मिसाइल भी खरीद रहा है. यहां पढ़ें पूरी समाचार 3. हिंदुस्तान के पास छह से आठ हफ्तों का तेल भंडार, पेट्रोलियम मंत्रालय ने कहा- नहीं होगी कमी पश्चिम एशिया में चल रही उथल-पुथल के बीच, प्रशासनी सूत्रों ने मंगलवार को कहा कि हिंदुस्तान के पास लगभग 25 दिनों के कच्चे तेल और परिष्कृत तेल का भंडार है, और वह कच्चे तेल, एलपीजी और एलएनजी के आयात के लिए वैकल्पिक स्रोतों की तलाश कर रहा है. यहां पढ़ें पूरी समाचार 4. राज्यसभा चुनाव: बीजेपी ने कसी कमर, नितिन नबीन समेत 9 उम्मीदवारों की सूची जारी हिंदुस्तानीय जनता पार्टी ने आगामी राज्यसभा चुनाव के लिए 9 उम्मीदवारों की सूची जारी कर दी है. इस सूची में नितिन नबीन समेत कई प्रमुख नेताओं को मौका दिया गया है. बिहार, असम, छत्तीसगढ़, हरियाणा, ओडिशा और पश्चिम बंगाल से प्रत्याशी घोषित कर बीजेपी ने चुनावी तैयारियां तेज कर दी हैं. यहां पढ़ें पूरी समाचार 5. असम विधानसभा चुनाव: कांग्रेस की पहली सूची जारी, 42 उम्मीदवारों के नाम की घोषणा Assam Assembly Election: कांग्रेस ने आगामी असम विधानसभा चुनाव के लिए 42 उम्मीदवारों की अपनी पहली सूची मंगलवार को जारी की. यहां पढ़ें पूरी समाचार 6. किराए के कमरे से चल रहा था शराब का स्पोर्ट्स, होली से पहले पटना में ‘होम डिलीवरी’ रैकेट का खुलासा Patna Crime News: शराबबंदी लागू बिहार में पटना सिटी के मेहंदीगंज इलाके से ‘होम डिलीवरी’ रैकेट का खुलासा हुआ है. डीएसपी डॉ. गौरव कुमार की अगुवाई में छापेमारी कर विदेशी शराब से भरे बैग और कार्टन बरामद किए गए हैं. यहां पढ़ें पूरी समाचार 7. कौन हैं बिहार से राज्यसभा कैंडिडेट शिवेश राम? जिन पर BJP ने जताया भरोसा Shivesh Ram: बीजेपी ने राज्यसभा उम्मीदवारों की सूची जारी कर दी है. इनमें सबसे ज्यादा चर्चा शिवेश कुमार राम की हो रही है. आखिर कौन हैं शिवेश राम और क्यों उनका नाम सुर्खियों में है? जानिए उनके नेतृत्वक सफर की पूरी कहानी… यहां पढ़ें पूरी समाचार 8. इजरायल-ईरान वॉर में बिहार के कैप्टन लापता, जहाज पर गिरा था मिसाइल Israel-Iran War: ओमान की खाड़ी में तेल टैंकर पर मिसाइल हमले के बाद बेतिया निवासी कप्तान आशीष कुमार लापता हो गए हैं. परिवार को अब तक कोई ठोस जानकारी नहीं मिली है, जिससे घर में चिंता का माहौल है. यहां पढ़ें पूरी समाचार 9. पूर्व विधायक गोपाल मंडल का पिस्टल लहराते वीडियो वायरल, पुलिस ने दर्ज की FIR Bihar Crime News: भागलपुर में होलिका दहन के दौरान पिस्टल लहराने का वीडियो वायरल होने के बाद पूर्व विधायक गोपाल मंडल पर प्राथमिकी दर्ज की गई है. पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है. यहां पढ़ें पूरी समाचार 10. बिहार से नितिन नवीन और शिवेश कुमार जाएंगे राज्यसभा, बीजेपी ने जारी की लिस्ट Rajya Sabha Election BJP Candidate List: BJP ने राज्यसभा चुनाव के लिए उम्मीदवारों की लिस्ट जारी की है. पार्टी ने राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन और वरिष्ठ नेता शिवेश कुमार को बिहार से उम्मीदवार बनाया है. यहां पढ़ें पूरी समाचार 11. राहुल सिन्हा के लिए खुशियां लेकर आयी 2026 की होली, भाजपा ने बंगाल से दिया राज्यसभा का टिकट पश्चिम बंगाल प्रदेश भाजपा के वरिष्ठ नेता राहुल सिन्हा बंगाल से हिंदुस्तानीय जनता पार्टी के राज्यसभा सांसद होंगे. भाजपा ने होली के दिन उनकी उम्मीदवारी की घोषणा की. बंगाल से 5 लोगों को राज्यसभा के लिए चुना जाना है. तृणमूल कांग्रेस के टिकट पर 4 लोगों का उच्च सदन के लिए चुना जाना तय है. यहां पढ़ें पूरी समाचार 12. बंगाल में भाजपा का शक्ति प्रदर्शन, मालदा में ‘जय मां काली’ के जयघोष के साथ तेज हुई परिवर्तन यात्रा BJP Parivartan Yatra Updates: बंगाल चुनाव 2026 से पहले भाजपा परिवर्तन यात्रा के जरिये शक्ति प्रदर्शन किया है. भाजपा नेताओं ने ‘जय मां काली’ के जयघोष के साथ बंगाल में विकास, सुरक्षा और स्त्री सशक्तिकरण का एजेंडा जनता के सामने रखा. इस्लामपुर से संदेशखाली तक सभाओं में तुष्टिकरण, घुसपैठ और भ्रष्टाचार पर तीखा हमला बोला. यहां पढ़ें पूरी समाचार 13. बंगाल में जमकर मनी होली, ममता बनर्जी और अभिषेक ने दी दोल की शुभकामनाएं बंगाल में दोल यात्रा यानी होली के मौके पर राजनेता से लेकर आम लोग तक रंगों से सराबोर नजर आये. सांसद से लेकर विधायक तक होली के उमंग में नाचते-गाते दिखे. मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बांग्ला में दोल उत्सव की शुभकामनाएं दीं, तो अभिषेक बनर्जी ने भी सोशल मीडिया साइट ‘एक्स’ पर अपने ही अंदाज में लोगों को होली विश की. यहां पढ़ें पूरी समाचार 14. दुबई-अबू धाबी से जान बचाने के लिए ₹3 करोड़ में बुक हो रहे हैं प्राइवेट जेट ! Middle East Crisis : बिजनेस टुडे और न्यूयॉर्क पोस्ट की एक समाचार के अनुसार, युद्ध की दहशत के बीच प्राइवेट जेट्स की मांग में जबरदस्त उछाल आया है. चार्टर्ड फ्लाइट्स की कीमतें आसमान छू रही हैं. एक सिंगल प्राइवेट जेट की बुकिंग के लिए लोग $350,000 (लगभग ₹3.2 करोड़) तक चुका रहे हैं. यहां पढ़ें पूरी समाचार 15. मैकेनिकल इंजीनियरिंग के लिए कौन सा देश है नंबर 1, जानें टॉप कॉलेज के नाम Mechanical Engineering in Germany: जर्मनी मैकेनिकल इंजीनियरिंग की पढ़ाई के लिए दुनिया के सबसे भरोसेमंद और मजबूत ऑप्शन में से एक है. क्या आप मैकेनिकल इंजीनियरिंग के लिए जर्मनी जाना चाहते हैं. जानें टॉप कॉलेज कौन-कौन से हैं. यहां पढ़ें पूरी समाचार 16. अमेरिका में यूजर्स अपने फोन से क्यों डिलीट कर रहे हैं ChatGPT ऐप? जानें वजह

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होली पर स्मार्टफोन और ईयरबड्स को बचाने के जानें 5 आसान तरीके

होली का त्योहार रंगों और मस्ती से भरपूर होता है, लेकिन यही रंग और पानी आपके स्मार्टफोन, ईयरबड्स और अन्य गैजेट्स के लिए सबसे बड़ा खतरा बन सकते हैं. थोड़ी सी लापरवाही से डिवाइस खराब हो सकता है और महंगा रिपेयर बिल सामने आ सकता है. अच्छी बात यह है कि कुछ बेहद आसान और सस्ते उपाय अपनाकर आप अपने फोन और गैजेट्स को सुरक्षित रख सकते हैं. पोर्ट्स को सील करें चार्जिंग पोर्ट, स्पीकर ग्रिल और हेडफोन जैक पर ट्रांसपेरेंट टेप लगाएं. इससे पानी या रंग के कण अंदर जाकर शॉर्ट सर्किट या हार्डवेयर डैमेज नहीं करेंगे. स्क्रीन लॉक बदलें रंग लगे हाथों से फिंगरप्रिंट या फेस लॉक काम नहीं करता. ऐसे में PIN या पैटर्न लॉक का इस्तेमाल करें. अगर फोन सिर्फ आप ही इस्तेमाल कर रहे हैं तो होली तक के लिए लॉक हटाना भी आसान और सही विकल्प है. गीले फोन को चार्ज न करें अगर फोन पर पानी या रंग गिर गया है तो उसे तुरंत चार्जिंग पर न लगाएं. पूरी तरह सूखने के बाद ही चार्ज करें. हेयर ड्रायर या सिलिका पैक से सुखाना बेहतर विकल्प हो सकता है. प्लास्टिक कवर और स्क्रीन प्रोटेक्टर फोन पर ट्रांसपेरेंट प्लास्टिक कवर लगाएं. डिस्प्ले पर स्क्रीन प्रोटेक्टर लगाने से रंग सीधे स्क्रीन पर नहीं चिपकेगा. इससे स्क्रीन की क्लैरिटी भी बनी रहती है. थोड़ा सा प्रीकॉशन जरूरी होली की मस्ती में टेक्नोलॉजी को सुरक्षित रखना उतना ही जरूरी है जितना खुद को. थोड़े से प्रीकॉशन से आप अपने स्मार्टफोन और ईयरबड्स को रंग और पानी से बचा सकते हैं. ये उपाय न केवल सस्ते हैं बल्कि बेहद कारगर भी हैं. यह भी पढ़ें: नया iPhone खरीदा? तुरंत बदलें ये 3 जरूरी सेटिंग्स, फायदे में रहेंगे The post होली पर स्मार्टफोन और ईयरबड्स को बचाने के जानें 5 आसान तरीके appeared first on Naya Vichar.

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टी20 वर्ल्ड कप से बाहर होने के बाद पाकिस्तान क्रिकेट में भूचाल, अलीम डार ने दिया इस्तीफा

T20 World Cup 2026: चयन समिति के सदस्य अलीम डार ने टी20 विश्व कप में पाकिस्तान के खराब प्रदर्शन के बाद पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड को इस्तीफा सौंप दिया है. हालांकि पीटीआई के अनुसार आईसीसी की एलीट पेनल के पूर्व अंपायर अलीम डार ने इस्तीफा दे दिया है जिसे अभी स्वीकार नहीं किया गया है. कोच माइक हेसन से अनबन की वजह से अलीम डार ने दिया इस्तीफा? अलीम डार के करीबी सूत्र ने बताया कि उन्होंने इसलिये इस्तीफा दिया क्योंकि चयन मामलों में वह मुख्य कोच माइक हेसन के अनधिकृत दखल से खफा थे. अलीम डार और पूर्व टेस्ट खिलाड़ी असद शफीक और आकिब जावेद चयन समिति के सदस्य हैं. अलीम इस बात से बेहद खफा थे कि टी20 विश्व कप में बाबर आजम और शादाब खान को जगह दिये जाने का उन्होंने विरोध किया था क्योंकि दोनों का प्रदर्शन खराब था लेकिन हेसन उन्हें लेने के लिये अड़े रहे. डार यह देखकर हैरान थे कि कप्तान सलमान आगा या किसी चयनकर्ता ने इसका विरोध भी नहीं किया. सुपर 8 से बाहर हो गया पाकिस्तान टी20 वर्ल्ड कप 2026 में पाकिस्तान का प्रदर्शन बेहद खराब रहा और सुपर आठ चरण से ही बाहर हो गया. पाक ने नीदरलैंड और यूएई के खिलाफ जीत से वर्ल्ड अभियान की शुरुआत की थी. लेकिन पाकिस्तान के हाथों 61 रनों की हार से पाकिस्तान पूरी तरह टूट गया. फिर नामिबिया के खिलाफ 102 रनों की धमाकेदार जीत दर्ज की. लेकिन सुपर 8 के पहले मैच में बारिश के कारण मुकाबला नहीं हो पाया और पाकिस्तान को भारी नुकसान उठाना पड़ा. उसके बाद दूसरे मुकाबले में इंग्लैंड ने 2 विकेट से हरा दिया. इस तरह पाकिस्तान का वर्ल्ड कप जीतने का सपना टूट गया. ये भी पढ़ें: वर्ल्ड कप में हार का हिसाब: PCB लगाएगा पाक खिलाड़ियों पर 50 लाख का जुर्माना? The post टी20 वर्ल्ड कप से बाहर होने के बाद पाकिस्तान क्रिकेट में भूचाल, अलीम डार ने दिया इस्तीफा appeared first on Naya Vichar.

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खामेनेई की मौत पर उबल रहा कश्मीर, 7 मार्च तक स्कूल-कॉलेज बंद

Israel Iran War: इजराइल और अमेरिका के संयुक्त हवाई हमले में अयातुल्ला अली खामेनेई और उसके पूरे परिवार की मौत हो गई. खामेनेई की मौत के विरोध में पूरे हिंदुस्तान में प्रदर्शन हो रहा है. सबसे अधिक असर जम्मू-कश्मीर में देखा जा रहा है. प्रदर्शन को देखते हुए शिक्षा मंत्री सकीना इटू ने मंगलवार को कहा, कश्मीर संभाग के सभी विद्यालय और महाविद्यालय सात मार्च, 2026 तक बंद रहेंगे. लगातार हो रहे विरोध प्रदर्शनों को देखते हुए प्रशासन ने एक मार्च को घाटी में शैक्षणिक संस्थानों को दो दिनों के लिए बंद करने का आदेश दिया था. कश्मीर में लगातार तीसरे दिन प्रदर्शन शीर्ष शिया धर्मगुरु की हत्या के विरोध में कश्मीर में मंगलवार को लगातार तीसरे दिन भी प्रदर्शन जारी रहे. श्रीनगर समेत कश्मीर के कई हिस्सों में हजारों लोग सड़कों पर उतर आए. ये प्रदर्शन मुख्य रूप से उन क्षेत्रों में हुए हैं जहां शिया आबादी अधिक है. #WATCH | Bandipora, J&K: Members of the Shia community held a massive protest following the death of Iran’s Supreme Leader, Ayatollah Ali Khamenei, in recent US-Israel military strikes. Visuals from the Shadipora area of Bandipora pic.twitter.com/MQtbUm08sr — ANI (@ANI) March 3, 2026 कश्मीर के उपराज्यपाल ने अधिकारियों को सतर्क रहने और शांति बनाए रखने का दिया निर्देश जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने पुलिस-प्रशासन को उच्च चौकसी बरतने और शांति एवं सौहार्द बनाए रखने का निर्देश दिया. उन्होंने इसके लिए जरूरी कदम उठाने का भी निर्देश दिया. सिन्हा ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर एक पोस्ट में कहा, मैंने कश्मीर के पुलिस नियंत्रण कक्ष में वरिष्ठ पुलिस और नागरिक प्रशासन अधिकारियों की बैठक की अध्यक्षता की, ताकि कानून और व्यवस्था की स्थिति की समीक्षा की जा सके. अधिकारियों को उच्च सतर्कता बनाए रखने और सार्वजनिक शांति और सौहार्द सुनिश्चित करने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाने का निर्देश दिया. ये भी पढ़ें: मिडिल ईस्ट में आग: पीएम मोदी सक्रिय; पिछले 48 घंटों में UAE, इजराइल, सऊदी समेत 8 नेताओं से बातचीत ईरान और इजराइल-अमेरिका जंग के बीच हिंदुस्तान बढ़ा रहा हवाई ताकत, रूस से खरीदेगा एएलएच, मिसाइल और S-400 महंगे होंगे बासमती चावल, रसोई गैस और पेट्रोल-डीजल ! आपकी जेब पर होने वाला है ‘मिसाइल अटैक’ कोई इधर से गुजरा तो आग लगा देंगे, ईरान ने बंद की वर्ल्ड ट्रेड की ‘महाधमनी’, अब क्या होगा? The post खामेनेई की मौत पर उबल रहा कश्मीर, 7 मार्च तक स्कूल-कॉलेज बंद appeared first on Naya Vichar.

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