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Author name: Vinod Jha

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केरल का नाम बदलकर केरलम हुआ, केंद्रीय मंत्रिमंडल ने दी मंजूरी

Table of Contents अश्विनी वैष्णव ने केरल के नाम में बदलाव की दी जानकारी सेवा तीर्थ में केंद्रीय मंत्रिमंडल की पहली बैठक में लिया गया फैसला गृह मंत्रालय ने प्रस्ताव की समीक्षा करते हुए कुछ बदलाव का दिया था सुझाव Kerala Name Change: केरल विधानसभा ने 24 जून, 2024 को आम सहमति से एक प्रस्ताव पारित किया था जिसमें केंद्र से राज्य का नाम आधिकारिक तौर पर बदलकर केरलम करने का आग्रह किया गया था. विधानसभा के प्रस्ताव के बाद, केंद्रीय मंत्रिमंडल ने मंगलवार को हुई बैठक में राज्य का नाम केरल से बदलकर केरलम करने को मंजूरी दे दी. अश्विनी वैष्णव ने केरल के नाम में बदलाव की दी जानकारी केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक के बाद सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया- केंद्रीय मंत्रिमंडल की मंजूरी के बाद, हिंदुस्तान के राष्ट्रपति केरल (नाम परिवर्तन) विधेयक, 2026 नामक विधेयक को हिंदुस्तान के संविधान के अनुच्छेद 3 के प्रावधान के तहत अपने विचार व्यक्त करने के लिए केरल राज्य विधानसभा को भेजेंगे. #WATCH | Delhi: Union Minister Ashwini Vaishnaw says, “Among the important decisions taken by the cabinet today, the first decision is to change the name of Kerala to Keralam. Another is to double the Gondia-Jabalpur railway line. The third and fourth railway lines from… pic.twitter.com/1IGmxD96Yf — ANI (@ANI) February 24, 2026 सेवा तीर्थ में केंद्रीय मंत्रिमंडल की पहली बैठक में लिया गया फैसला नए प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) भवन ‘सेवा तीर्थ’ में मंगलवार को मंत्रिमंडल कर पहली बैठक हुई. जिसमें केरल का नाम बदलने पर सहमति हुई. इस नए भवन का हाल ही में उद्घाटन किया गया था. गृह मंत्रालय ने प्रस्ताव की समीक्षा करते हुए कुछ बदलाव का दिया था सुझाव केरल विधानसभा ने इस प्रस्ताव को दूसरी बार पारित किया क्योंकि केंद्रीय गृह मंत्रालय ने पहले प्रस्ताव की समीक्षा करते हुए कुछ तकनीकी बदलावों का सुझाव दिया था. संबंधित प्रस्ताव पेश करने वाले केरल के मुख्यमंत्री पिनराई विजयन चाहते थे कि केंद्र प्रशासन संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल सभी भाषाओं में दक्षिणी राज्य का नाम केरल से बदलकर केरलम कर दे. केरल विधानसभा ने अगस्त 2023 में इसी तरह का एक सर्वसम्मत प्रस्ताव पारित करते हुए इसे केंद्र को भेजा था, लेकिन गृह मंत्रालय ने इसमें कुछ तकनीकी बदलावों का सुझाव दिया था. The post केरल का नाम बदलकर केरलम हुआ, केंद्रीय मंत्रिमंडल ने दी मंजूरी appeared first on Naya Vichar.

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दमदम में चली आंधी, 17 जिलों में बारिश, जानें कहां हुई सबसे अधिक वर्षा

पश्चिम बंगाल की राजधानी से सटे उत्तर 24 परगना जिले के दमदम में 43 किलोमीटर की रफ्तार से आंधी चली. यूं तो राज्य के 17 जिलों में वर्षा हुई, लेकिन मुख्य रूप से 9 जिलों में सबसे अधिक बारिश हुई. एक दिन में पश्चिम बंगाल में सामान्य से 893 मिलीमीटर अधिक वर्षा हुई. हिंदुस्तान मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने यह जानकारी दी है. उत्तर 24 परगना समेत 9 जिलों में हुई वर्षा मौसम विभाग ने मंगलवार को बताया कि पिछले 24 घंटे के दौरान पश्चिम बंगाल में 3 मिलीमीटर बारिश हुई. कोलकाता के अलीपुर स्थित क्षेत्रीय मौसम केंद्र ने बताया है कि उत्तर 24 परगना, हुगली, पुरुलिया, बांकुड़ा, नदिया, पूर्व बर्धमान, दक्षिण 24 परगना, पश्चिम बर्धमान और बीरभूम जिले में हल्की वर्षा हुई. किस जिले में कितनी हुई बारिश जिले का नाम वर्षापात कमी/अधिक उत्तर 24 परगना 12.2 मिलीमीटर 1925 प्रतिशत हुगली 10.9 मिलीमीटर 1462 प्रतिशत पुरुलिया 4.7 मिलीमीटर 4633 प्रतिशत बांकुड़ा 4.7 मिलीमीटर 4633 प्रतिशत नदिया 3.5 मिलीमीटर 489 प्रतिशत पूर्व बर्धमान 2.9 मिलीमीटर 1350 प्रतिशत दक्षिण 24 परगना 1.7 मिलीमीटर 139 प्रतिशत पश्चिम बर्धमान 1.5 मिलीमीटर 275 प्रतिशत बीरभूम 0.6 मिलीमीटर 175 प्रतिशत पुरुलिया और बांकुड़ा में सामान्य से 4633 प्रतिशत अधिक बारिश मौसम विभाग के मुताबिक, वर्षापात के लिहाज से सबसे अधिक 12.2 मिलीमीटर वर्षा उत्तर 24 परगना जिले में हुई. अगर सामान्य से अधिक बारिश की बात करें, तो पुरुलिया और बांकुड़ा में सामान्य से सबसे अधिक वर्षा हुई. इन दोनों जिलों में सामान्य से 4633 प्रतिशत अधिक बारिश हुई. बंगाल की समाचारें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें उत्तर 24 परगना में सबसे अधिक 12.2 मिलीमीटर वर्षा हुई कोलकाता के अलीपुर स्थित क्षेत्रीय मौसम कार्यालय के आंकड़े बताते हैं कि उत्तर 24 परगना में 12.2 मिलीमीटर, हुगली में 10.9 मिलीमीटर, पुरुलिया में 4.7 मिलीमीटर, बांकुड़ा में 4.7 मिलीमीटर, नदियामें 3.5 मिलीमीटर, पूर्व बर्धमान में 2.9 मिलीमीटर, दक्षिण 24 परगना में 1.7 मिलीमीटर, पश्चिम बर्धमान में 1.5 मिलीमीटर और बीरभूम जिले में 0.6 मिलीमीटर वर्षा हुई. ये आंकड़े 24 फरवरी को सुबह 8:30 बजे तक के हैं. बंगाल के इन 17 जिलों में हुई हल्की बारिश बांकुड़ा पुरुलिया झारग्राम पूर्व बर्धमान पश्चिम बर्धमान बीरभूम मुर्शिदाबाद नदिया उत्तर 24 परगना दक्षिण 24 परगना हुगली हावड़ा कोलकाता पूर्व मेदिनीपुर पश्चिम मेदिनीपुर मालदा दक्षिण दिनाजपुर इसे भी पढ़ें बंगाल से आंध्रप्रदेश तक बन रहा लो प्रेशर एरिया, बंगाल में वज्रपात के साथ बारिश का येल अलर्ट बंगाल की खाड़ी में लो प्रेशर एरिया, कोलकाता समेत 8 जिलों में बारिश और वज्रपात का अलर्ट बंगाल के 8 जिलों में बारिश का अलर्ट, वज्रपात की भी चेतावनी Bengal Weather Alert: दक्षिण बंगाल में वर्षा और वज्रपात का येलो अलर्ट, जानें 7 दिन तक कैसा रहेगा मौसम The post दमदम में चली आंधी, 17 जिलों में बारिश, जानें कहां हुई सबसे अधिक वर्षा appeared first on Naya Vichar.

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अबुआ आवास से पक्की छत, अबुआ दवाखाना से सेहत: झारखंड बजट में आदिवासियों के लिए क्या खास

Jharkhand Budget 2026, रांची : झारखंड विधानसभा से वित्त मंत्री राधा कृष्ण किशोर ने अबुआ बजट 2026-27 पेश कर दिया है. बजट में हर वर्ग के लोगों का ध्यान रखा गया है. खासकर जनजातीय समुदाय के सर्वांगीण विकास पर. बजट में आदिवासी समाज के लिए स्वशासन, शिक्षा, आजीविका, संस्कृति, स्वास्थ्य और आवास जैसे क्षेत्रों में तमाम क्षेत्र में कई जरूरी प्रावधान किये गये हैं. PESA कानून को लागू करना सबसे बड़ा फैसला बजट का सबसे महत्वपूर्ण निर्णय अनुसूचित क्षेत्रों में PESA कानून को लागू करना है. 2 जनवरी 2026 से यह कानून प्रभावी चुका है. इसके तहत ग्राम सभा को बालू घाट प्रबंधन, हाट-बाजार संचालन, लाभुक चयन और स्थानीय संसाधनों से जुड़े फैसले लेने का अधिकार मिलेगा. इससे आदिवासी क्षेत्रों में स्वशासन को मजबूती मिलेगी और स्थानीय स्तर पर निर्णय लेने की परंपरा को बढ़ावा मिलेगा. पंडित रघुनाथ मुर्मू जनजातीय विश्वविद्यालय की स्थापना जनजातीय शिक्षा को नई दिशा देने के लिए गालूडीह-घाटशिला, जमशेदपुर क्षेत्र में पंडित रघुनाथ मुर्मू जनजातीय विश्वविद्यालय की स्थापना का प्रावधान किया गया है. इस विश्वविद्यालय में आदिवासी भाषा, संस्कृति, इतिहास और समाज से जुड़े विषयों पर अध्ययन और शोध होगा, जिससे जनजातीय युवाओं को अपनी पहचान के साथ उच्च शिक्षा का अवसर मिलेगा. Also Read: झारखंड के अंतिम आदमी तक पहुंचेगा हेमंत प्रशासन का विकास, अबुआ दिशोम बजट में संकल्प जयपाल सिंह मुंडा पारदेशीय छात्रवृत्ति योजना को मिला विस्तार छात्रों के लिए मरांग गोमके जयपाल सिंह मुंडा पारदेशीय छात्रवृत्ति योजना का विस्तार किया गया है. अब इसमें ST के साथ SC, OBC और अल्पसंख्यक छात्र भी शामिल होंगे. चयनित छात्रों की संख्या 24 से बढ़ाकर 50 कर दी गयी है. वहीं SC, ST और OBC छात्रवृत्ति योजनाओं के लिए कुल 1,216 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है. वन आधारित आजीविका को मजबूत करने के लिए उठाया गया बड़ा कदम वन आधारित आजीविका को मजबूत करने के लिए लघु वन उत्पादों जैसे तेंदूपत्ता, महुआ और लाह पर विशेष फोकस किया गया है. पलामू स्थित कुंदरी लाह फार्म का जीर्णोद्धार किया जायेगा. CAMPA और मुख्यमंत्री जन-वन योजना के तहत वैल्यू-चेन विकसित कर आदिवासी परिवारों की आय बढ़ाने का प्रयास किया जाएगा. 750 अबुआ दवाखाना खोलने का लक्ष्य आवास और सामाजिक सुरक्षा के क्षेत्र में अबुआ आवास योजना के तहत गरीब आदिवासी परिवारों को 2 लाख रुपये का पक्का घर दिया जा रहा है. मुख्यमंत्री सर्वजन पेंशन योजना के लिए 3,517.23 करोड़ रुपये का बजट रखा गया है. स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने के लिए 750 अबुआ दवाखाना खोलने का लक्ष्य रखा गया है, जबकि स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए कुल 7,990.30 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है. इसके अलावा सारंडा, पाकुड़, गुमला और चाकुलिया जैसे जनजातीय क्षेत्रों में इको-टूरिज्म, फॉसिल पार्क और बायोडायवर्सिटी पार्क विकसित किये जाएंगे. Also Read: कैथा मंदिर का चमत्कारी जल, कान रोग ठीक होने की है यहां मान्यता The post अबुआ आवास से पक्की छत, अबुआ दवाखाना से सेहत: झारखंड बजट में आदिवासियों के लिए क्या खास appeared first on Naya Vichar.

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NEET छात्रा मौत केस में CBI का एक्शन, पटना पुलिस के बड़े अफसरों को किया तलब

NEET Student Death Case: नीट छात्रा मौत मामले में अब जांच पूरी तरह सीबीआई के हाथ में है और एजेंसी ने अपनी कार्रवाई तेज कर दी है. इसी सिलसिले में सीबीआई ने कदमकुआं थाने के SHO को पूछताछ के लिए बुलाया है. इसके अलावा सचिवालय एसडीपीओ-1 डॉ. अनु कुमारी और रामकृष्ण नगर थाने के SHO को भी तलब किया है. एसआईटी टीम का हिस्सा थे ये पुलिस अधिकारी ये सभी पुलिस अधिकारी पहले इस मामले की जांच के लिए बनी एसआईटी (स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम) का हिस्सा थे. अब सीबीआई यह समझने की कोशिश कर रही है कि शुरुआती जांच में क्या-क्या कदम उठाए गए, किन लोगों से पूछताछ हुई और किन सबूतों को जुटाया गया. सूत्रों के मुताबिक, सीबीआई दफ्तर में इन अधिकारियों से अलग-अलग कमरों में पूछताछ की है. एजेंसी हर अधिकारी से अलग बयान लेकर तथ्यों का मिलान कर रही है, ताकि किसी तरह की गड़बड़ी या लापरवाही हुई है तो वो सामने आ सके. ब्रेकिंग | पटनाNEET छात्रा मौत मामले में CBI की जांच तेज. कदमकुआं SHO से पूछताछ, सचिवालय SDPO-1 डॉ. अनु कुमारी और रामकृष्ण नगर थाना के SHO को भी CBI ने तलब किया. SIT में शामिल रहे सभी पुलिस पदाधिकारियों से CBI कार्यालय में अलग-अलग कमरों में गहन पूछताछ जारी.#BreakingNews… pic.twitter.com/n71pCFoHUb — Naya Vichar (@prabhatkhabar) February 24, 2026 बिहार की ताजा समाचारों के लिए क्लिक करें बारीकी से चल रही जांच सीबीआई की टीम केस डायरी, जब्त किए गए सामान और पहले दर्ज बयानों की भी बारीकी से जांच कर रही है. जांच एजेंसी यह भी जानना चाहती है कि घटना के बाद पुलिस ने किस तरह से कार्रवाई की और क्या कोई अहम कड़ी छूट तो नहीं गई. सीबीआई की यह पूछताछ काफी अहम मानी जा रही है. माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में और भी लोगों को पूछताछ के लिए बुलाया जा सकता है. इसे भी पढ़ें: बिहार में शाह की एंट्री से पहले सियासी घमासान, राजद विधायक बोले- देश में आग लगाने आ रहे The post NEET छात्रा मौत केस में CBI का एक्शन, पटना पुलिस के बड़े अफसरों को किया तलब appeared first on Naya Vichar.

समस्तीपुर

ब्रेक जाम(ब्रेक बाइंडिंग): आग नहीं, बल्कि एक सामान्य यांत्रिक स्थिति

नया विचार न्यूज़ समस्तीपुर: समस्तीपुर मंडल में सुरक्षित और सुगम यात्रा सुनिश्चित करना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसी क्रम में यात्रियों एवं आम जनता को जागरूक करने हेतु एक महत्वपूर्ण जानकारी साझा की जा रही है, ताकि भ्रम और अनावश्यक घबराहट की स्थिति से बचा जा सके। हाल के समय में कुछ अवसरों पर यात्रियों द्वारा ट्रेन के कोच के पहियों से हल्का धुआँ, गर्मी या जलने की गंध महसूस होने पर इसे “आग लगना” समझ लिया जाता है। वस्तुतः अधिकांश मामलों में यह स्थिति “ब्रेक जाम” (ब्रेक बाइंडिंग) होने के कारण उत्पन्न होती है। इसका अर्थ है कि ब्रेक पूरी तरह से मुक्त नहीं हो पाते और पहियों से हल्की रगड़ खाते रहते हैं, जिससे घर्षण के कारण गर्मी पैदा होती है और कभी-कभी हल्का धुआँ या गंध महसूस होती है। यह एक सामान्य यांत्रिक स्थिति है, न कि आग लगने की घटना। इसे हम दैनिक जीवन के उदाहरण से समझ सकते हैं। जिस प्रकार मोटरसाइकिल या कार में ब्रेक दबे रह जाने पर ब्रेक डिस्क या ड्रम गर्म हो जाता है और कभी-कभी धुआँ या जलने की गंध आने लगती है, परंतु वाहन में आग नहीं लगती—उसी प्रकार ट्रेनों में भी ब्रेक जाम की स्थिति में ऐसा अनुभव हो सकता है। अतः ऐसी स्थिति को आग मानकर घबराने की आवश्यकता नहीं है। समस्तीपुर मंडल यात्रियों से आग्रह करता है कि यदि यात्रा के दौरान ऐसी स्थिति दिखाई दे तो वे शांत रहें, अफवाह न फैलाएँ और किसी भी परिस्थिति में चलती ट्रेन से कूदने या घबराहट में अनुचित कदम उठाने का प्रयास न करें। घबराहट की स्थिति वास्तविक समस्या से अधिक नुकसान और चोट का कारण बन सकती है। इसके स्थान पर तुरंत ट्रेन के चालक, गार्ड या अन्य रेलवे कर्मचारियों को सूचित करें, ताकि वे आवश्यक तकनीकी जाँच एवं समाधान कर सकें। हिंदुस्तानीय रेल, समस्तीपुर मंडल के अंतर्गत, नियमित रखरखाव, निरीक्षण एवं उन्नत निगरानी प्रणाली के माध्यम से ऐसे तकनीकी पहलुओं को नियंत्रित करने के लिए निरंतर कार्यरत है। लोको पायलट, गार्ड तथा ऑनबोर्ड स्टाफ इस प्रकार की स्थितियों की पहचान कर सुरक्षित ढंग से निवारण करने हेतु प्रशिक्षित होते हैं। जनता से अपील है कि वे रेलवे कर्मचारियों के निर्देशों का पालन करें, अफवाहों से दूर रहें तथा जागरूक यात्री बनकर सुरक्षित यात्रा में सहयोग दें। आपकी समझदारी और संयम ही सुरक्षित रेल यात्रा की सबसे बड़ी गारंटी है। — जनसंपर्क विभाग समस्तीपुर मंडल, पूर्व मध्य रेल

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अमिताभ बच्चन ने शेयर किया Kalki 2 का BTS, देखें तस्वीरें

Kalki Movie: हर रविवार अपने घर ‘जलसा’ के बाहर फैंस से मिलने की परंपरा निभाने वाले अमिताभ बच्चन इस बार ऐसा नहीं कर पाए. वजह थी काम. इन दिनों बिग बी हैदराबाद में फिल्म कल्कि 2898 AD के सीक्वल की शूटिंग में व्यस्त हैं. उन्होंने अपने ब्लॉग पर सेट से कुछ खास तस्वीरें शेयर कीं और फैंस से मुलाकात न कर पाने के लिए माफी भी मांगी. फिर भी घर के बाहर जुटी भीड़ अमिताभ ने पहले ही बता दिया था कि शूटिंग के चलते इस रविवार वे फैंस से नहीं मिल पाएंगे. इसके बावजूद मंगलवार को उनके घर के बाहर बड़ी संख्या में लोग पहुंच गए. सभी को उम्मीद थी कि शायद एक झलक मिल जाए. फैंस की तस्वीरें पोस्ट करते हुए बिग बी ने लिखा कि उन्होंने मना किया था, फिर भी लोग आ गए.  कमल हासन के साथ फिर दिखे बिग बी कमल हासन के साथ दिखे अमिताभ बच्चन ब्लॉग में अमिताभ बच्चन ने अपने किरदार अश्वत्थामा के लुक की झलक दिखाई. साथ ही सेट पर कमल हासन को गले लगाते हुए एक तस्वीर भी शेयर की. उन्होंने लिखा कि पहले काम जरूरी है, बाकी बातें बाद में. साथ ही यह भी बताया कि कमल हासन के साथ वे लंबे समय बाद काम कर रहे हैं. आखिरी बार दोनों फिल्म गेरफ्तार में साथ नजर आए थे. अब ‘कल्कि 2’ के जरिए दोनों दिग्गज फिर एक साथ स्क्रीन शेयर करेंगे. अश्वत्थामा के रोल को मिली थी तारीफ अश्वत्थामा के लुक में अमिताभ बच्चन ‘कल्कि 2898 एडी’ में अमिताभ बच्चन का अश्वत्थामा वाला किरदार काफी सराहा गया था. दर्शकों और क्रिटिक्स ने उनकी एक्टिंग को फिल्म की सबसे बड़ी ताकत बताया था. हालांकि पहली फिल्म में कमल हासन भी थे, लेकिन दोनों का कोई कॉमन सीन नहीं था. अब सीक्वल में करीब तीन दशक बाद इन दोनों दिग्गजों को साथ देखने का मौका मिलेगा, जिसे लेकर फैंस भी काफी एक्साइटेड हैं. यह भी पढे़ं: 40 साल पुरानी परंपरा टूटी, जलसा के बाहर पसरा सन्नाटा, नहीं दिखे अमिताभ बच्चन The post अमिताभ बच्चन ने शेयर किया Kalki 2 का BTS, देखें तस्वीरें appeared first on Naya Vichar.

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फाल्गुन शुक्ल प्रदोष व्रत कब है? जानें शुभ मुहूर्त, पूजा विधि और पारण का सही समय

Table of Contents रवि प्रदोष व्रत 2026 शुभ मुहूर्त रवि प्रदोष व्रत पारण का शुभ समय प्रदोष व्रत 2026 पूजा विधि रवि प्रदोष व्रत का महत्व Pradosh Vrat 2026: प्रदोष व्रत प्रत्येक माह के कृष्ण और शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि को रखा जाता है. इस बार फाल्गुन मास के शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि 28 फरवरी 2026 की रात 08 बजकर 05 मिनट से आरंभ होकर 1 मार्च की शाम 06 बजकर 30 मिनट तक रहेगी. प्रदोष काल की मान्यता के अनुसार 1 मार्च को फाल्गुन माह का अंतिम प्रदोष व्रत रखा जाएगा. चूंकि इस दिन रविवार है, इसलिए यह व्रत रवि प्रदोष के नाम से जाना जाएगा. रवि प्रदोष व्रत 2026 शुभ मुहूर्त रवि प्रदोष व्रत 01 मार्च 2026 दिन रविवार को है.रवि प्रदोष व्रत त्रयोदशी तिथि प्रारम्भ – 28 फरवरी 2026 की रात 08 बजकर 05 मिनट पररवि प्रदोष व्रत त्रयोदशी तिथि समाप्त – 01 मार्च 2026 की शाम 06 बजकर 30 मिनट पररवि प्रदोष व्रत पूजा का शुभ समय – 01 मार्च को सुबह 07 बजकर 40 मिनट से 12 बजकर 02 मिनट तकरवि प्रदोष काल पूजा का शुभ समय- 01 मार्च को शाम 05 बजकर 51 मिनट से 08 बजकर 56 मिनट तक रवि प्रदोष व्रत पारण का शुभ समय रवि प्रदोष व्रत का पारण अगले दिन सूर्योदय के बाद करना शास्त्रसम्मत माना गया है. हालांकि प्रदोष काल की पूजा करने के बाद भगवान शिव का स्मरण कर व्रत का पारण प्रसाद से कर सकते हैं. अगर आप प्रदोष व्रत का पारण अगले दिन सुबह करना चाहते है तो इस बार व्रत पारण के लिए 02 मार्च की सुबह 06 बजकर 12 मिनट से 07 बजकर 38 मिनट तक तथा पुनः 09 बजकर 07 मिनट से 10 बजकर 34 मिनट तक का समय विशेष रूप से शुभ रहेगा. Also Read: होली पर चंद्र ग्रहण और भद्रा का साया, आखिर कब जलेगी होलिका, जानें सटीक समय प्रदोष व्रत पूजा विधि 1- प्रदोष काल में स्नान कर स्वच्छ वस्त्र पहनकर पूजा का संकल्प लें.2- साफ चौकी पर वस्त्र बिछाकर शिवलिंग या भगवान शिव की मूर्ति स्थापित करें.3- गंगाजल या शुद्ध जल से शिवलिंग का अभिषेक कर पंचामृत से स्नान कराएं.4- शिवलिंग पर चंदन, अक्षत, बेलपत्र, फूल, भांग-धतूरा अर्पित करें.5- धूप और दीप जलाकर श्रद्धा भाव से भगवान शिव का पूजन करें.6- ‘ॐ नमः शिवाय’ मंत्र का श्रद्धा और एकाग्रचित्त होकर जाप करें7- पूजा के बाद विधि-विधान से प्रदोष व्रत का कथा सुनें या स्वयं पाठ करें.8- पूजा के अंत में विधि-विधान से भगवान शिव की आरती करें.9- शिव परिवार की आरती कर सुख-समृद्धि की कामना करें.10- भगवान को फल, मिष्ठान और नैवेद्य अर्पित कर क्षमा प्रार्थना करें. रवि प्रदोष व्रत का महत्व रवि प्रदोष व्रत का विशेष महत्व माना गया है, क्योंकि यह दिन भगवान शिव के साथ सूर्यदेव की आराधना के लिए अत्यंत शुभ होता है. इस दिन श्रद्धापूर्वक व्रत रखकर शिव पूजा के साथ सूर्यदेव को अर्घ्य अर्पित करने से जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है, इससे करियर और कार्यक्षेत्र में उन्नति के मार्ग प्रशस्त होते हैं, आत्मविश्वास बढ़ता है और सफलता के नए अवसर प्राप्त होते हैं. Also Read: ज्योतिष अलर्ट: मार्च में इन 6 राशि वालों की चमकेगी किस्मत, इन्हें झेलनी पड़ेंगी चुनौतियां The post फाल्गुन शुक्ल प्रदोष व्रत कब है? जानें शुभ मुहूर्त, पूजा विधि और पारण का सही समय appeared first on Naya Vichar.

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झारखंड के अंतिम आदमी तक पहुंचेगा हेमंत सरकार का विकास, अबुआ दिशोम बजट में संकल्प

Jharkhand Budget 2026: झारखंड विधानसभा में वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए अबुआ दिशोम बजट पेश कर दिया है. विधानसभा में पेश बजट पर उन्होंने कहा कि यह बजट राज्य प्रशासन की विकासोन्मुख सोच और सामाजिक न्याय के प्रति प्रतिबद्धता का प्रतिबिंब है. उन्होंने स्पष्ट किया कि अबुआ झारखंड का संकल्प केवल एक नारा नहीं, बल्कि अंतिम व्यक्ति तक विकास पहुंचाने की ठोस नीति है. प्रशासन का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि समाज के हर वर्ग (गरीब, किसान, मजदूर, स्त्री, युवा, आदिवासी, दलित और वंचित समुदाय) को योजनाओं का सीधा लाभ मिले. उन्होंने कहा कि प्रशासन ने यह साबित किया है कि सीमित संसाधनों के बावजूद विकास की गति को रोका नहीं जाएगा. सामाजिक सुरक्षा योजनाओं, पेंशन, आवास, खाद्य सुरक्षा और आजीविका कार्यक्रमों के माध्यम से कमजोर वर्गों को मजबूत आधार देने का प्रयास किया गया है. किसानों की आमदनी बढ़ाने पर जोर वित्त मंत्री ने बताया कि राज्य की वित्तीय स्थिति को सुदृढ़ बनाने के लिए पूंजीगत व्यय में वृद्धि की गई है. सड़क, सिंचाई, बिजली और पेयजल जैसी आधारभूत सुविधाओं के विस्तार पर विशेष ध्यान दिया गया है. कृषि क्षेत्र को राज्य की वित्तीय स्थिति की रीढ़ बताते हुए उन्होंने कहा कि किसानों की आय बढ़ाने, आधुनिक सिंचाई सुविधाएं उपलब्ध कराने और कृषि आधारित उद्योगों को बढ़ावा देने का प्रावधान बजट में किया गया है. प्रशासन का लक्ष्य है कि कृषि उत्पादन के साथ-साथ प्रसंस्करण और विपणन की बेहतर व्यवस्था विकसित हो, जिससे किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य मिल सके. स्त्री सशक्तिकरण प्रशासन की प्राथमिकता उन्होंने कहा कि स्त्री सशक्तिकरण प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है. मंईयां सम्मान योजना के तहत स्त्रीओं को आर्थिक संबल प्रदान किया जा रहा है. स्वयं सहायता समूहों को प्रोत्साहन, पोषण कार्यक्रमों का विस्तार और स्वरोजगार योजनाओं को बढ़ावा देकर स्त्रीओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में कदम उठाए गए हैं. स्वास्थ्य और शिक्षा में व्यापक सुधार स्वास्थ्य क्षेत्र में जिला अस्पतालों के उन्नयन, नई स्वास्थ्य योजनाओं और कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों की रोकथाम के लिए विशेष प्रावधान किए गए हैं. शिक्षा क्षेत्र में स्कूलों की आधारभूत संरचना सुधार, डिजिटल शिक्षा को बढ़ावा और उच्च शिक्षा संस्थानों को सुदृढ़ करने का लक्ष्य रखा गया है. यह बजट विकास और सामाजिक न्याय के संतुलन का संदेश देता है. कृषि, पशुपालन और मत्स्य क्षेत्र प्रशासन का लक्ष्य किसानों को कर्ज से मुक्ति, समग्र कृषि विकास और आय वृद्धि है. पीएलएफएस के अनुसार कृषि में रोजगार 44.3% से बढ़कर 50.4% हुआ है। बिरसा बीज उत्पादन योजना का आवंटन 95 करोड़ से बढ़ाकर 145 करोड़ किया गया है. मृदा एवं जल संरक्षण के लिए “बंजर भूमि राइस फैलो” और “जलनिधि” योजनाओं पर 475.50 करोड़ का प्रावधान है. सौर ऊर्जा चालित सिंचाई के लिए 75 करोड़ तथा कृषि यंत्र वितरण पर 80 करोड़ रुपये निर्धारित हैं. झारखंड मिलेट मिशन के लिए 25 करोड़ और नकदी फसल विकास के लिए 19.88 करोड़ का प्रावधान है. इसे भी पढ़ें: सामाजिक क्षेत्र के विकास पर आधारित है झारखंड अबुआ दिशोम बजट, पढ़ें बजट का सार मधुमक्खी और शहरी फार्मिंग पर 245.80 करोड़ उद्यान, मधुमक्खी, लाह, हाईटेक पार्क और शहरी फार्मिंग पर 245.80 करोड़ तथा मुख्यमंत्री पशुधन विकास योजना पर लगभग 481.35 करोड़ आवंटित किए गए हैं. फसल बीमा योजना के लिए 400 करोड़ निर्धारित हैं. भंडारण संरचना, कोल्ड रूम और गोदाम निर्माण के लिए लगभग 322 करोड़ रुपये का प्रावधान है. मत्स्य विकास पर 106 करोड़ तथा कृषि-संबद्ध कुल बजट 4,884.20 करोड़ रखा गया है. इसे भी पढ़ें: झारखंड के अबुआ दिशोम बजट में बालकों और थर्ड जेंडर पर विशेष जोर The post झारखंड के अंतिम आदमी तक पहुंचेगा हेमंत प्रशासन का विकास, अबुआ दिशोम बजट में संकल्प appeared first on Naya Vichar.

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Periodic Table लगता है बहुत टफ? सिर्फ 4 दिन में इस स्मार्ट ट्रिक से करें याद 

CBSE Board Exam Tips 2026: सीबीएसई बोर्ड की परीक्षाएं हो रही हैं. 28 फरवरी 2026 को केमिस्ट्री का पेपर होगा. बहुत से स्टूडेंट्स को पीरियोडिक टेबल (Periodic Table) याद करना बहुत मुश्किल लगता है. ऐसे में आज हम आपको एक स्मार्ट ट्रिक (Smart Trick) बताएंगे, जिसकी मदद से आपको आसानी से यह टेबल याद हो जाएगा और आप हाई स्कोर कर पाएंगे.  रंगों का इस्तेमाल करें अलग-अलग तरह के इलेमेंट जैसे s-block और p-block को समझने के लिए अलग रंगों वाले चार्ट का उपयोग करें. हमारा दिमाग रंगों को जल्दी पहचानता है, जिससे याद रखना आसान हो जाता है. थोड़ा-थोड़ा याद करें एक साथ पूरी टेबल याद करने की कोशिश न करें. पहले 10 या 20 इलेमेंट को अच्छे से याद करें. जब वे पक्के हो जाएं, तभी आगे बढ़ें. इस तरीके से आपका बेस मजबूत होगा. निमोनिक्स (Mnemonics) का सहारा लें कठिन नामों को याद रखने का सबसे अच्छा तरीका है मजेदार वाक्य बनाना. इन्हें बार-बार दोहराने से नाम और क्रम दोनों याद हो जाते हैं.  पहले 9 तत्वों के लिए: “Happy Hector Likes Beer But Could Not Obtain Food.” (H, He, Li, Be, B, C, N, O, F)  ग्रुप 1 (क्षारीय धातु): “Happy Little Naresh Kindly Rubs Cats Fur.” (H, Li, Na, K, Rb, Cs, Fr)  ग्रुप 2 (क्षारीय मृदा धातु): “Bright Spellsmen Spell Bankside Eternally.” (Be, Mg, Ca, Sr, Ba, Ra) सिर्फ पढ़ें नहीं, अभ्यास भी करें फ्लैशकार्ड बनाएं: एक तरफ इलेमेंट का नाम, दूसरी तरफ उसका परमाणु क्रमांक लिखें. खुद से या दोस्तों के साथ टेस्ट लें. खाली चार्ट भरें: एक खाली पीरियोडिक टेबल प्रिंट करें और बिना देखे तत्वों के नाम भरने की प्रैक्टिस करें. इस तरीके से आपको बहुत अच्छे से याद होगा.   गीत या लय बनाएं: अगर आपको संगीत पसंद है, तो तत्वों के नामों को किसी धुन या गाने के साथ जोड़ दें. याद रखें: केमिस्ट्री पूरी तरह पैटर्न पर आधारित है. जब आप समझ जाएंगे कि तत्व कैसे काम करते हैं और उनकी रिएक्टिविटी क्या है, तो रटने की जरूरत ही नहीं पड़ेगी. यह भी पढ़ें- CBSE 12वीं अकाउंटेंसी एग्जाम आसान था या घुमावदार? जानें एक्सपर्ट की राय The post Periodic Table लगता है बहुत टफ? सिर्फ 4 दिन में इस स्मार्ट ट्रिक से करें याद  appeared first on Naya Vichar.

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बिहार विधानसभा में जमकर हंगामा, वेल में पहुंचे राजद विधायक, जानें पूरा मामला

Bihar Politics: बिहार विधानसभा में मंगलवार को जोरदार हंगामा देखने को मिला. सदन की कार्यवाही शुरू होते ही सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक शुरू हो गई. मामला चौकीदारों पर हुए लाठीचार्ज से जुड़ा था. लेकिन बात इतनी बढ़ी कि मुख्यमंत्री और राजद विधायक आमने-सामने आ गए. चौकीदार लाठीचार्ज पर विपक्ष का हमला कार्यवाही शुरू होते ही राजद विधायक कुमार सर्वजीत ने चौकीदारों पर हुए लाठीचार्ज का मुद्दा उठाया. उन्होंने कहा कि चौकीदारों को बर्बरतापूर्वक पीटा गया. ऐसी प्रशासन नहीं चल सकती. उनके बयान के बाद विपक्षी विधायकों ने शोर-शराबा शुरू कर दिया. विजय चौधरी का जवाब विपक्ष के आरोपों का जवाब देने के लिए मंत्री विजय चौधरी खड़े हुए. उन्होंने कहा कि अगर प्रशासन नहीं चलेगी तो चौकीदारों की बात कौन सुनेगा. उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रशासन प्रदर्शन के खिलाफ नहीं है. अगर प्रशासन रोकना चाहती तो प्रदर्शन ही नहीं होने देती. उन्होंने कहा कि प्रशासन मांगों पर विचार करेगी. नीतीश कुमार का तीखा बयान हंगामे के बीच मुख्यमंत्री नीतीश कुमार भी खड़े हो गए. उन्होंने राजद विधायक भाई वीरेंद्र की ओर इशारा करते हुए कहा, “हमलोग 2002 हैं, आपलोग कितने हैं? बेकार का हो-हल्ला मत कीजिए. आप लोगों ने कभी कोई काम नहीं किया.” हालांकि बाद में साफ हुआ कि सीएम से सीटों की संख्या बोलने में गलती हो गई. वेल में पहुंचे राजद विधायक मुख्यमंत्री के बयान के बाद सदन का माहौल और गरमा गया. राजद विधायक वेल में पहुंच गए और “नीतीश होश में आओ” के नारे लगाने लगे. स्थिति बिगड़ती देख मार्शल को बुलाया गया. विधायकों की तख्तियां हटाई गईं. स्पीकर के बार-बार अनुरोध के बाद विपक्ष अपनी सीटों पर लौटा. अमित शाह के दौरे पर सियासत सदन के बाहर भी विपक्ष का प्रदर्शन जारी रहा. पोर्टिको में तख्तियां लेकर प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की गई. बुधवार को बिहार दौरे पर आ रहे गृह मंत्री अमित शाह को लेकर भाई वीरेंद्र ने तीखी टिप्पणी की. उन्होंने कहा कि वे आग लगाने और सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने आ रहे हैं. उनका आरोप था कि चुनाव आते ही वे एक्टिव हो जाते हैं. हिना शहाब के सवाल पर नाराजगी इसी बीच जब पत्रकारों ने हिना शहाब को लेकर सवाल पूछा तो भाई वीरेंद्र नाराज हो गए. वे माइक हटाते नजर आए. पहले वे हिना शहाब को राज्यसभा भेजने की वकालत कर चुके हैं. लेकिन इस बार सवाल पर उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया. Also Read: बिहार में बच्चों को मोबाइल चलाने पर लगेगी पाबंदी, जानिए नीतीश प्रशासन का क्या है प्लान The post बिहार विधानसभा में जमकर हंगामा, वेल में पहुंचे राजद विधायक, जानें पूरा मामला appeared first on Naya Vichar.

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