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Author name: Vinod Jha

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‘पूरी जिंदगी इस पल का इंतजार किया…’, ऐतिहासिक प्रदर्शन के बाद बोलते-बोलते रो पड़े वोजिन्हा

FIFA World Cup 2026: फीफा वर्ल्ड कप 2026 में स्पेन के खिलाफ ऐतिहासिक प्रदर्शन के बाद केप वर्डे के अनुभवी गोलकीपर जोसिमर डायस भावुक हो गए. मैच के बाद बातचीत के दौरान उनकी आंखों में आंसू थे और आवाज भी भारी हो गई थी. वोजिन्हा ने कहा, “मैंने पूरी जिंदगी इस पल का इंतजार किया और इसके सपने देखे थे.” यह कहते हुए वह अपनी भावनाओं पर काबू नहीं रख सके. 40 वर्षीय गोलकीपर के लिए यह सिर्फ एक मैच नहीं, बल्कि सालों की मेहनत, संघर्ष और सपनों के सच होने का पल था. “ESPERÉ Y SOÑÉ TODA MI VIDA POR ESTE MOMENTO”. Vozinha, entre lágrimas y con la voz entrecortada, ufff. 🇨🇻❤️ pic.twitter.com/IZtIWp0gbl — Ataque Futbolero (@AtaqueFutbolero) June 15, 2026 वोजिन्हा का शानदार प्रदर्शन स्पेन के खिलाफ मुकाबले में वोजिन्हा ने 7 शानदार सेव किए और अपनी टीम को 0-0 की ऐतिहासिक बराबरी दिलाई. स्पेन ने मैच में 23 शॉट लगाए, लेकिन केप वर्डे का यह अनुभवी गोलकीपर हर बार दीवार बनकर खड़ा रहा. उनकी शानदार गोलकीपिंग की बदौलत केप वर्डे ने अपने पहले ही विश्व कप मैच में पहला अंक हासिल किया. मैच के बाद इंस्टाग्राम पर बढ़े 30 लाख से ज्यादा फॉलोअर्स मैच के बाद सोशल मीडिया पर भी वोजिन्हा की खूब चर्चा हुई. उनके प्रदर्शन से प्रभावित होकर लाखों फुटबॉल प्रशंसकों ने उन्हें फॉलो करना शुरू कर दिया और देखते ही देखते उनके इंस्टाग्राम फॉलोअर्स में 30 लाख से ज्यादा की बढ़ोतरी हो गई. 1966 के बाद हुआ ऐसा कारनामा वोजिन्हा के सात सेव 1966 के बाद किसी विश्व कप मैच में 40 वर्ष या उससे अधिक उम्र के गोलकीपर द्वारा किए गए दूसरे सबसे ज्यादा सेव भी हैं. वहीं, केप वर्डे ने अपने पहले ही फीफा विश्व कप मैच में पूर्व विश्व चैंपियन स्पेन के खिलाफ ड्रॉ स्पोर्ट्सकर इतिहास रच दिया और टूर्नामेंट का अपना पहला अंक हासिल किया. केप वर्डे के लिए यह सिर्फ एक ड्रॉ नहीं, बल्कि विश्व फुटबॉल के सबसे बड़े मंच पर इतिहास रचने जैसा पल था. वहीं वोजिन्हा का भावुक बयान इस उपलब्धि की अहमियत को बयां करता है. यह भी पढ़ें: स्पेन के सामने दीवार बन गया 40 साल का गोलकीपर, एक मैच के बाद इंस्टाग्राम पर बढ़ गए 10 लाख से ज्यादा फॉलोअर्स The post ‘पूरी जिंदगी इस पल का इंतजार किया…’, ऐतिहासिक प्रदर्शन के बाद बोलते-बोलते रो पड़े वोजिन्हा appeared first on Naya Vichar.

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नेपाल के होटल से अस्पताल तक, प्रिंस यादव के दोस्तों ने बताया उस रात क्या-क्या हुआ

Prince Yadav Death Case: पटना के प्रिंस यादव का सोमवार शाम अंतिम संस्कार कर दिया गया. उनके भाई रौशन आनंद ने मुखाग्नि दी. इस बीच प्रिंस की मौत को लेकर दो अलग-अलग कहानियां सामने आ रही हैं. परिवार जहां इसे हत्या बता रहा है, वहीं साथ गए दोस्तों का दावा कुछ और ही है. आइए जानते हैं कि आखिर उस दिन कमरे में क्या हुआ था. भाई का आरोप- फैजल खान ने कराई हत्या प्रिंस के भाई रौशन आनंद का साफ कहना है कि यह कोई सामान्य मौत नहीं बल्कि सोची-समझी हत्या है. उन्होंने सीधे तौर पर फैजल खान पर आरोप लगाया है कि उसी ने प्रिंस का मर्डर करवाया है. दवा खाई और सो गया सोशल मीडिया पर प्रिंस के दोस्तों का एक वीडियो वायरल हो रहा है, जो बिल्कुल अलग कहानी बयां करता है. दोस्तों के मुताबिक, प्रिंस काफी समय से साइकियाट्रिक प्रॉब्लम से जूझ रहे थे और डिप्रेशन की दवाइयां ले रहे थे. शनिवार शाम करीब 6 बजे प्रिंस ने खाना खाया, अपनी दवा ली और सोने चले गए. दोस्तों को लगा कि सोने से उनका तनाव कम होगा. वीडियो में एक दोस्त ने बताया कि प्रिंस को गहरी नींद में छोड़कर वे लोग पास के इनरवा इलाके में घूमने चले गए थे. कमरे पर सिर्फ दो साथी, ललित और परजेस ही रुके थे. दोस्तों के जाने के कुछ देर बाद ही सोते समय प्रिंस की सांसें बहुत तेज चलने लगीं. कमरे में मौजूद साथियों ने घबराकर तुरंत बाकी दोस्तों को फोन किया. हॉस्पिटल पहुंचने के बाद थम गईं सांसें फोन मिलते ही दोस्त भागे-भागे आए और बिना वक्त गंवाए एंबुलेंस से प्रिंस को पास के यूरो हॉस्पिटल ले गए. डॉक्टरों ने प्रिंस को बचाने की पूरी कोशिश की, लेकिन इलाज के दौरान ही उन्होंने दम तोड़ दिया. जब दोस्तों से पूछा गया कि क्या प्रिंस के साथ कोई मारपीट हुई थी? तो उन्होंने कहा कि वे प्रिंस के बेहद करीबी दोस्त हैं, वे ऐसा क्यों करेंगे. बिहार की ताजा समाचारों के लिए क्लिक करें खान सर की कोचिंग पर हमले के बाद भागे थे नेपाल पुलिस पूछताछ में सामने आया है कि प्रिंस यादव अपने दोस्त अंकित कुमार, रौशन यादव, लट्टू यादव और जयराम यादव के साथ नेपाल गए थे. पटना में खान सर की कोचिंग पर हुए हमले के मामले में दर्ज FIR में प्रिंस का नाम भी शामिल था. गिरफ्तारी के डर से वे काफी तनाव में थे. इसी वजह से 3 जून को वे नेपाल के विराटनगर भाग गए. वहां पहले वे मेट्रो सिटी होटल में रुके और फिर बाईपास के पास शुभ होटल के कमरा नंबर 102 में शिफ्ट हो गए थे. इसे भी पढ़ें: ‘खान सर ने भाई को मरवाया और मुझे जेल में खत्म करना चाहते थे’, रौशन आनंद का नया विचार पर बड़ा खुलासा The post नेपाल के होटल से अस्पताल तक, प्रिंस यादव के दोस्तों ने बताया उस रात क्या-क्या हुआ appeared first on Naya Vichar.

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Ranchi News: दात्मा की जमीन विवाद पर आ गया हाईकोर्ट का फैसला, दूसरी अपील खारिज

रांची से राणा प्रताप की रिपोर्ट Ranchi News: झारखंड हाईकोर्ट ने रांची जिले के सिकिदिरी थाना क्षेत्र स्थित दात्मा गांव की जमीन विवाद से जुड़े मामले में अहम फैसला सुनाते हुए दूसरी अपील संख्या 136/2026 को खारिज कर दिया है. न्यायमूर्ति संजय कुमार द्विवेदी की अदालत ने कहा कि निचली अदालत और प्रथम अपीलीय अदालत के फैसलों में किसी प्रकार की कानूनी त्रुटि नहीं है और इस मामले में कोई महत्वपूर्ण विधिक प्रश्न नहीं बनता है. एकतरफा डिक्री के खिलाफ दायर की गई थी अपील मामला दात्मा गांव निवासी राम किशन महतो और उनकी पत्नी पंचमी देवी से जुड़ा है. उन्होंने रांची के एडिशनल ज्यूडिशियल कमिश्नर-XVII द्वारा सिविल अपील संख्या 70/2024 में पारित आदेश को चुनौती देते हुए हाईकोर्ट में दूसरी अपील दायर की थी. इससे पहले मूल वाद संख्या 576/2023 में मो. सलीम खान ने 14 नवंबर 1945 के बिक्री विलेख के आधार पर अपने स्वामित्व की घोषणा और कब्जा दिलाने की मांग को लेकर मुकदमा दायर किया था. ट्रायल कोर्ट ने 24 जुलाई 2023 को वादी के पक्ष में एकतरफा डिक्री पारित कर दी थी, जिसे बाद में प्रथम अपीलीय अदालत ने भी बरकरार रखा. एकतरफा कार्रवाई को बताया था गलत अपीलकर्ताओं की ओर से अधिवक्ता आयुष आदित्य ने दलील दी कि ट्रायल कोर्ट ने उनके खिलाफ एकतरफा कार्रवाई की, जिसे प्रथम अपीलीय अदालत ने भी सही ठहराया. उन्होंने यह भी कहा कि खाता संख्या 56 के प्लॉट संख्या 64 की 10 डेसिमल जमीन के संबंध में दोनों अदालतों ने गलत निष्कर्ष निकाले हैं. इसी आधार पर उन्होंने हाईकोर्ट से महत्वपूर्ण विधिक प्रश्न निर्धारित कर दूसरी अपील स्वीकार करने का आग्रह किया. 1945 की बिक्री विलेख और खतियान महत्वपूर्ण साक्ष्य मामले की सुनवाई के दौरान अदालत ने पाया कि 14 नवंबर 1945 के बिक्री विलेख के माध्यम से शेख रमजान और अन्य लोगों ने बहोरां महतो से 15.60 एकड़ जमीन खरीदी थी. बाद में पारिवारिक बंटवारे में शेख रमजान के हिस्से में 5.20 एकड़ जमीन आई थी. वादी मो. सलीम खान का दावा था कि उनके दादा और बाद में उनके पिता तथा परिवार के अन्य सदस्यों का उक्त जमीन पर कब्जा रहा और विवादित 10 डेसिमल जमीन भी उसी का हिस्सा है. अदालत ने पाया कि इस संबंध में पेश किए गए दस्तावेज और गवाह वादी के पक्ष का समर्थन करते हैं. अलग-अलग प्लॉट होने के कारण नहीं माना गया दावा हाईकोर्ट ने प्रथम अपीलीय अदालत के निष्कर्षों का हवाला देते हुए कहा कि वादी का दावा खाता संख्या 56 के प्लॉट संख्या 64 की 10 डेसिमल जमीन से संबंधित है, जबकि अपीलकर्ताओं का दावा प्लॉट संख्या 94 की 20 डेसिमल जमीन पर आधारित था. अदालत ने पाया कि अपीलकर्ताओं द्वारा प्रस्तुत 1971 के बिक्री विलेख में भी प्लॉट संख्या 94 का ही उल्लेख है, न कि प्लॉट संख्या 64 का. इसके बावजूद प्लॉट संख्या में सुधार के लिए कभी कोई कानूनी कदम नहीं उठाया गया. अतिरिक्त साक्ष्य भी प्रस्तुत नहीं कर सके अपीलकर्ता अदालत ने यह भी कहा कि प्रथम अपीलीय अदालत के समक्ष अपीलकर्ताओं के पास अतिरिक्त साक्ष्य प्रस्तुत करने का अवसर था, लेकिन उन्होंने अपने दावों को साबित करने के लिए कोई ठोस दस्तावेज या अतिरिक्त साक्ष्य पेश नहीं किया. इन परिस्थितियों में हाईकोर्ट ने माना कि दोनों निचली अदालतों के निष्कर्ष तथ्यों और उपलब्ध साक्ष्यों पर आधारित हैं. इसे भी पढ़ें: दो साल से फरार था नाबालिग से दुष्कर्म का आरोपी, इंस्टाग्राम ने कर दी चुगली तो हुआ गिरफ्तार दूसरी अपील क्यों हुई खारिज? न्यायमूर्ति संजय कुमार द्विवेदी ने कहा कि मामले में ऐसा कोई महत्वपूर्ण विधिक प्रश्न नहीं है, जिस पर दूसरी अपील में विचार किया जाए. इसी आधार पर हाईकोर्ट ने राम किशन महतो और पंचमी देवी द्वारा दायर दूसरी अपील संख्या 136/2026 को खारिज कर दिया. इस फैसले के साथ दात्मा गांव की जमीन से जुड़े लंबे समय से चल रहे विवाद में मो. सलीम खान के पक्ष में निचली अदालतों द्वारा दिए गए आदेश को अंतिम रूप से बरकरार रखा गया. इसे भी पढ़ें: मॉनसूनी बूंद टपकने से पहले निर्झर-निर्मल हो जाएगी ‘आपन सरस्वतिया’, गढ़वा में 21वें दिन चलीं 12 मशीनें The post Ranchi News: दात्मा की जमीन विवाद पर आ गया हाईकोर्ट का फैसला, दूसरी अपील खारिज appeared first on Naya Vichar.

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खान सर-रौशन आनंद विवाद पर भड़के रामकृपाल यादव, बोले- शिक्षा को जाति और धर्म में बांटना बिहार के लिए घातक

Khan Sir-Raushan Anand Controversy: खान सर और रौशन आनंद कोचिंग विवाद अब सियासी रंग लेता जा रहा है. इस मामले की उच्च स्तरीय जांच की मांग को लेकर नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव के मुख्यमंत्री को लिखे गए पत्र पर प्रशासन की ओर से तीखी प्रतिक्रिया सामने आई है. बिहार प्रशासन के मंत्री रामकृपाल यादव ने तेजस्वी यादव पर नेतृत्व करने का आरोप लगाया है. ‘हर मुद्दे पर नेतृत्व करना बंद करें’ एक विशेष बातचीत में रामकृपाल यादव ने कहा कि प्रशासन पूरे मामले पर गंभीरता से नजर रखे हुए है. मामले के हर पहलू की समीक्षा की जा रही है. लेकिन विपक्ष को ऐसे संवेदनशील मामलों पर नेतृत्वक लाभ लेने की कोशिश नहीं करनी चाहिए. उन्होंने कहा कि तेजस्वी यादव को हर मुद्दे को नेतृत्वक मंच बनाने की आदत छोड़नी चाहिए. शिक्षा के माहौल पर जताई चिंता रामकृपाल यादव ने इस विवाद को शिक्षा जगत के लिए चिंताजनक बताया. उन्होंने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में असामाजिक तत्वों की दखलंदाजी और केवल व्यावसायिक लाभ के लिए चल रही गतिविधियां राज्य के शैक्षणिक माहौल को प्रभावित कर रही हैं. उनके अनुसार शिक्षा का उद्देश्य छात्रों का भविष्य बनाना होना चाहिए, न कि विवाद और टकराव पैदा करना. जाति और धर्म के नाम पर बांटने की कोशिश गलत मंत्री ने कहा कि खान सर और रौशन आनंद सर से जुड़े विवाद को कुछ लोग जाति और धर्म के चश्मे से देखने की कोशिश कर रहे हैं. सोशल मीडिया पर इसे यादव बनाम मुस्लिम का रंग देने की कोशिश हो रही है. उन्होंने कहा कि गुरु और शिक्षा को कभी भी जाति या धर्म के आधार पर नहीं बांटना चाहिए. इससे समाज और छात्रों दोनों को नुकसान पहुंचेगा. पटना बना शिक्षा का नया केंद्र रामकृपाल यादव ने कहा कि पहले बिहार के हजारों छात्र कोटा, दिल्ली और पुणे जैसे शहरों में पढ़ने जाते थे. लेकिन अब पटना में भी बेहतर शैक्षणिक माहौल विकसित हुआ है. उन्होंने कहा कि कई शिक्षकों की मेहनत से गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों के बच्चों को अपने राज्य में ही अच्छी शिक्षा मिलने लगी है. ‘कोचिंग विवाद को नेतृत्वक मुद्दा न बनाएं’ मंत्री ने सभी नेतृत्वक दलों से अपील करते हुए कहा कि खान सर और रौशन आनंद सर के विवाद को नेतृत्वक अखाड़ा नहीं बनाया जाना चाहिए. उन्होंने कहा कि इस मामले को शिक्षा और कानून के दायरे में ही सुलझाना राज्य और छात्रों के हित में होगा. Also Read: बिहार में इस दिन से चलेगा आंधी-बारिश का दौर, IMD ने जारी किया ऑरेंज और येलो अलर्ट, मानसून पर भी आया नया अपडेट The post खान सर-रौशन आनंद विवाद पर भड़के रामकृपाल यादव, बोले- शिक्षा को जाति और धर्म में बांटना बिहार के लिए घातक appeared first on Naya Vichar.

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बंगाल में चोरी हो गयी 300 करोड़ की मिट्टी! डायमंड हार्बर में अभिषेक बनर्जी पर एफआईआर दर्ज

कोलकाता से शिव कुमार राउत की रिपोर्ट Abhishek Banerjee: पश्चिम बंगाल की नेतृत्व में एक और बड़ा विवाद सामने आया है. डायमंड हार्बर से तृणमूल कांग्रेस सांसद अभिषेक बनर्जी के खिलाफ करीब 300 करोड़ रुपये के अवैध मिट्टी खनन और तस्करी के आरोप में एफआईआर दर्ज करायी गयी है. भाजपा नेता और पूर्व लोकसभा प्रत्याशी अभिजीत विश्वास उर्फ बॉबी ने डायमंड हार्बर के कालीतला आशुलिया थाने में शिकायत दर्ज कराते हुए दावा किया है कि वर्षों से बड़े पैमाने पर अवैध रूप से मिट्टी काटकर बेची गयी, जिससे प्रशासनी राजस्व और पर्यावरण दोनों को भारी नुकसान हुआ. 23 लोगों के नाम एफआईआर में दर्ज शिकायत के अनुसार, इस मामले में केवल अभिषेक बनर्जी ही नहीं, बल्कि उनके सहयोगी सुमित राय, विष्णुपुर के जेल में बंद तृणमूल विधायक दिलीप मंडल सहित कुल 23 लोगों के नाम एफआईआर में शामिल किये गये हैं. भाजपा नेता का आरोप है कि वर्ष 2017 से चरणबद्ध तरीके से करीब 163 बीघा जमीन से अवैध रूप से मिट्टी काटकर उसकी तस्करी की गयी, जिसकी अनुमानित कीमत 300 करोड़ रुपये से अधिक है. उनका दावा है कि वर्ष 2022 और 2023 के दौरान यह अवैध कारोबार सबसे अधिक सक्रिय रहा. पश्चिम बंगाल की अन्य महत्वपूर्ण समाचारों को पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें पुलिस को सैटेलाइट तस्वीरें भी सौंपी शिकायत के समर्थन में अभिजीत विश्वास ने पुलिस को सैटेलाइट तस्वीरें भी सौंपी हैं. उनका कहना है कि इन तस्वीरों में स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है कि किन-किन स्थानों से बड़े पैमाने पर मिट्टी की खुदाई की गई और इससे भूमि को गंभीर नुकसान पहुंचा. अभिजीत विश्वास ने आरोप लगाया कि इस मुद्दे को पहले भी कई बार उठाया गया, लेकिन तत्कालीन पुलिस प्रशासन ने कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की. उन्होंने कहा कि अनियंत्रित मिट्टी कटाई से क्षेत्र का पर्यावरणीय संतुलन बिगड़ रहा है और भविष्य में स्थानीय लोगों को भूमि क्षरण जैसी गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है. Also Read: बंगाल में तेज विकास चाहती है भाजपा, विशेष आर्थिक पैकेज देने से फिलहाल बच रहा केंद्र The post बंगाल में चोरी हो गयी 300 करोड़ की मिट्टी! डायमंड हार्बर में अभिषेक बनर्जी पर एफआईआर दर्ज appeared first on Naya Vichar.

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स्मृति मंधाना TIME की 100 प्रभावशाली खिलाड़ियों की लिस्ट में इकलौती भारतीय, मेसी-रोनाल्डो के क्लब में शामिल

Smriti Mandhana TIME Magazine: टाइम पत्रिका की 2026 की स्पोर्ट्स जगत के 100 सबसे प्रभावशाली व्यक्तियों की सूची में ऐसे खिलाड़ी, कोच, समर्थक और निवेशक शामिल हैं जिन्होंने स्पोर्ट्सों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है. सूची में लियोनेल मेस्सी, क्रिस्टियानो रोनाल्डो जैसे स्टार शामिल इस सूची में अमेरिकी बास्केटबॉल के दिग्गज लेब्रॉन जेम्स, फुटबॉल स्टार लियोनेल मेस्सी, क्रिस्टियानो रोनाल्डो, चीनी-अमेरिकी स्कीयर एलीन गु, टेनिस स्टार कार्लोस अल्काराज, बास्केटबॉल खिलाड़ी विक्टर वेम्बन्यामा, दिग्गज गोल्फर रोरी मैकलॉय, दक्षिण अफ्रीकी क्रिकेट कप्तान तेम्बा बावुमा जैसे स्पोर्ट्स जगत के सुपरस्टार शामिल हैं. मंधाना क्रिकेट के तीनों प्रारूपों में शतक बनाने वाली पहली स्त्री खिलाड़ी हिंदुस्तानीय स्त्री राष्ट्रीय टीम की उप-कप्तान 29 वर्षीय मंधाना इस विशिष्ट क्लब का हिस्सा हैं. टाइम पत्रिका में मंधाना के बारे में कहा गया है, मंधाना घरेलू एकदिवसीय मैच में दोहरा शतक बनाने वाली पहली हिंदुस्तानीय स्त्री खिलाड़ी हैं, वह तीनों अंतरराष्ट्रीय प्रारूपों में शतक बनाने वाली पहली स्त्री खिलाड़ी हैं और 17 शतकों के साथ अंतरराष्ट्रीय स्त्री क्रिकेट में सबसे अधिक शतक की संयुक्त रिकॉर्ड धारक हैं. ये भी पढ़ें: नेशंस कप: सलीमा टेटे की कप्तानी में हिंदुस्तानीय हॉकी टीम का जलवा, जापान को 2-1 से हराकर सेमीफाइनल में बनाई जगह The post स्मृति मंधाना TIME की 100 प्रभावशाली खिलाड़ियों की लिस्ट में इकलौती हिंदुस्तानीय, मेसी-रोनाल्डो के क्लब में शामिल appeared first on Naya Vichar.

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नेतन्याहू बोले- ईरान के पास कभी परमाणु हथियार नहीं होंगे, न आज और न कल

Iran US Peace Deal: नेतन्याहू ने कहा, ईरान के पास कभी परमाणु हथियार नहीं होंगे, न आज और न कल. उन्होंने कहा, लोग मुझसे पूछते हैं कि हमने क्या हासिल किया है? मेरा जवाब है कि हमने अपने ऊपर मंडरा रहे विनाश के तत्काल खतरे को टाल दिया है. सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि हमने इजराइल राष्ट्र को पूर्ण विनाश के खतरे से बचाया है. प्रधानमंत्री का यह बयान ऐसे समय आया है जब उन्हें विपक्ष के साथ-साथ सत्तारूढ़ गठबंधन के सहयोगियों की भी आलोचना का सामना करना पड़ रहा है. पूर्व प्रधानमंत्री नफ्ताली बेनेट ने नेतन्याहू पर बोला हमला पूर्व प्रधानमंत्री और प्रधानमंत्री पद के प्रमुख दावेदार नफ्ताली बेनेट ने इससे पहले संवाददाताओं से कहा कि नेतन्याहू प्रशासन का कार्यकाल गृहयुद्ध जैसी स्थिति से शुरू हुआ, सात अक्टूबर के नरसंहार की घटनाओं के बीच आगे बढ़ा और अब ईरान के मुद्दे पर ऐतिहासिक विफलता के साथ समाप्त हो रहा है. बेनेट ने इजराइल की सुरक्षा बहाल करने का वादा करते हुए कहा कि यदि वह सत्ता में होते तो वे कूटनीतिक स्तर सहित हर मामले में अलग तरीके से काम करते. उन्होंने कहा कि वह अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ अपने संबंधों का इस्तेमाल केवल इजराइल के राष्ट्रीय हितों के लिए करते. अमेरिकी राष्ट्रपति के साथ मतभेद की अटकलों पर क्या बोले नेतन्याहू अमेरिकी राष्ट्रपति के साथ मतभेद की अटकलों पर नेतन्याहू ने कहा, ऐसे अवसर आते हैं जब राष्ट्रपति ट्रंप और मेरे विचार पूरी तरह एक जैसे नहीं होते. इजराइल के सुरक्षा हितों की समझदारी से रक्षा की जानी चाहिए. उन्होंने दक्षिणी लेबनान से सेना हटाने की संभावना को भी खारिज कर दिया. कई विश्लेषकों का मानना है कि यह मुद्दा प्रस्तावित समझौते में बाधा बन सकता है, जिसमें सभी प्रकार की शत्रुतापूर्ण गतिविधियां समाप्त करने का प्रावधान है. नेतन्याहू ने कहा, हमने इजराइल के चारों ओर गहरे सुरक्षा क्षेत्र स्थापित किए हैं. हमने यह गाजा, लेबनान और सीरिया में किया है, जहां हमने असद की सेना के सभी हथियारों को नष्ट कर दिया. मैं स्पष्ट करना चाहता हूं कि अपने देश की सुरक्षा के लिए हम इन सुरक्षा क्षेत्रों में तब तक बने रहेंगे, जब तक इसकी आवश्यकता होगी. ये भी पढ़ें: ट्रंप का दावा: ईरान परमाणु हथियार न रखने पर हुआ सहमत ईरान-अमेरिका टकराव के 108 दिन: भीषण हमले से शांति समझौते तक, जानें पूरी टाइमलाइन? The post नेतन्याहू बोले- ईरान के पास कभी परमाणु हथियार नहीं होंगे, न आज और न कल appeared first on Naya Vichar.

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तृणमूल के बागी सांसदों के मामले में तुरंत फैसला नहीं, कानूनी राय ले सकते हैं ओम बिरला

मुख्य बातें मॉनसून सत्र से पहले आयेगा फैसला विशेषज्ञों ने सवाल उठाए कानून की नजर में विलय नया प्रयोग Om Birla: कोलकाता/नई दिल्ली. लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला तृणमूल कांग्रेस के बागी सांसदों के एनसीपीआई में प्रस्तावित विलय के बाद कानूनी राय ले सकते हैं. संसद के मानसून सत्र से पहले निर्णय लिया जाएगा, जो जुलाई के तीसरे सप्ताह में शुरू होता है. इस मामले में पहले ही विशेषज्ञों ने संविधान के कुछ प्रावधानों का हवाला देते हुए मौजूदा विलय पर सवाल उठाए हैं. ऐसे में लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला तृणमूल कांग्रेस के बागी सांसदों के एनसीपीआई में प्रस्तावित विलय के बाद उन्हें अलग समूह के रूप में मान्यता देने की मांग पर कानूनी राय ले सकते हैं. मॉनसून सत्र से पहले आयेगा फैसला लोकसभा सचिवालय के सूत्रों ने बताया कि टीएमसी के बागी सांसदों की मांग पर कोई भी फैसला संसद के मॉनसून सत्र से पहले लिया जाएगा, जो सामान्य जुलाई के तीसरे सप्ताह में शुरू होता है. उन्होंने ने कहा कि बागी सांसदों की मांग पर निर्णय केंद्रीय विधि मंत्रालय की लिखित राय के आधार पर लिया जाएगा. मंत्रालय किसी वरिष्ठ विधि अधिकारी से परामर्श के बाद अपनी राय देगा. सूत्रों के अनुसार, लिखित कानूनी राय ली जाएगी, ताकि यदि लोकसभा अध्यक्ष के अंतिम निर्णय को अदालत में चुनौती दी जाती है, तो वह न्यायिक जांच-परख की कसौटी पर खरा उतर सके. विशेषज्ञों ने सवाल उठाए इस बीच, लोकसभा के पूर्व महासचिव और संवैधानिक मामलों के विशेषज्ञ पीडीटी आचारी ने संविधान की 10वीं अनुसूची के पैरा-4 का हवाला देते हुए कहा कि केवल कोई नेतृत्वक दल ही दूसरे नेतृत्वक दल में विलय कर सकता है. केवल सांसद या विधायक ऐसा नहीं कर सकते हैं. आचार्य ने कहा कि यदि किसी नेतृत्वक दल का नेतृत्व दूसरे नेतृत्वक दल में विलय का फैसला करता है, तो उसके सांसदों और विधायकों को उस विलय से सहमत होना होता है, लेकिन केवल सांसद या विधायक अपने स्तर पर किसी दूसरे नेतृत्वक दल में विलय नहीं कर सकते. संविधान में यही प्रावधान है. पश्चिम बंगाल की अन्य महत्वपूर्ण समाचारों को पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें कानून की नजर में विलय नया प्रयोग निर्वाचन आयोग के एक पूर्व अधिकारी ने टीएमसी के बागी सांसदों की एनसीपीआई में विलय की मौजूदा योजना को नया प्रयोग बताया. उन्होंने ने कहा कि ऐसी व्यवस्था का उल्लेख ना तो दलबदल विरोधी कानून में है और न ही जनप्रतिनिधित्व अधिनियम में है. उन्होंने कहा कि कानून की नजर में यह विलय अवैध है, लेकिन इसकी वैधता की जांच का काल अवधि क्या होगी यह निश्चित नहीं है. ऐसे में इस मामले का फैसला टाला जा सकता है. Also Read: फिरहाद हकीम की ऋतब्रत बनर्जी से हुई मुलाकात, बंगाल में बढ़ीं सियासी अटकलें The post तृणमूल के बागी सांसदों के मामले में तुरंत फैसला नहीं, कानूनी राय ले सकते हैं ओम बिरला appeared first on Naya Vichar.

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नेशंस कप: सलीमा टेटे की कप्तानी में भारतीय हॉकी टीम का जलवा, जापान को 2-1 से हराकर सेमीफाइनल में बनाई जगह

FIH Nations Cup: झारखंड की बेटी सलीमा टेटे की अगुआई में हिंदुस्तानीय टीम ने टूर्नामेंट में दूसरी जीत दर्ज की. हिंदुस्तान ने अपने पहले मैच में अमेरिका को हराया था. इस टूर्नामेंट की विजेता टीम अगले सत्र में एफआईएच प्रो लीग में स्पोर्ट्सेगी. हिंदुस्तान पिछले सत्र में इस टूर्नामेंट से बाहर हो गया था. सलीमा टेटे ने 33वें मिनट में गोल दागा हिंदुस्तान के लगातार दूसरी जीत से छह अंक हो गए हैं और उसने अंतिम चार में अपनी जगह सुनिश्चित कर ली है. हिंदुस्तान ने तीसरे क्वार्टर में स्कोरिंग की शुरुआत की, जब फॉरवर्ड खिलाड़ियों के कई असफल प्रयासों के बाद सलीमा टेटे ने 33वें मिनट में गोल दागा. हिंदुस्तान की बढ़त हालांकि ज्यादा देर तक नहीं रही और जापान ने इसके दो मिनट बाद ही ऐ हिरमित्सु के गोल से स्कोर बराबर कर दिया. लालरेम्सियामी ने 49वें मिनट में निर्णायक गोल दागा लालरेम्सियामी ने हालांकि 49वें मिनट में गोल दागा जो आखिर में निर्णायक साबित हुआ. जापान ने अंतिम क्षणों में आक्रामक स्पोर्ट्स दिखाया लेकिन हिंदुस्तान ने उसके हमलों को नाकाम करते हुए जीत हासिल की. ये भी पढ़ें: केप वर्डे ने स्पेन को ड्रो पर रोक रचा इतिहास, आखिरी सीटी बजते ही फूट-फूटकर रोए गोलकीपर वोजिन्हा The post नेशंस कप: सलीमा टेटे की कप्तानी में हिंदुस्तानीय हॉकी टीम का जलवा, जापान को 2-1 से हराकर सेमीफाइनल में बनाई जगह appeared first on Naya Vichar.

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नीट री-एग्जाम तक भारत में बैन रहेगा Telegram, NTA की सिफारिश पर केंद्र सरकार का फैसला

NEET Re Exam 2026: नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने नीट यूजी 2026 परीक्षा की सुरक्षा को लेकर अस्थायी रूप से टेलीग्राम चैनल को बंद करने का फैसला लिया है. NEET UG 2026 री-एग्जाम को सुरक्षित और पारदर्शी बनाने के उद्देश्य से नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) की सिफारिश पर इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) ने यह कदम उठाया है. 22 जून तक बैन टेलीग्राम जारी नोटिस के अनुसार, सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 की धारा 69A के तहत यह बैन लगाया गया है. ध्यान रहे कि यह बैन एक फिक्स समय के लिए है यानी कि 22 जून तक ही प्रभावी है. साफ शब्दों में कहें तो नीट यूजी री-एग्जाम तक हिंदुस्तान में टेलीग्राम यूज नहीं कर पाएंगे. Telegram access restricted in India for re- NEET following recommendations of NTA “Ministry of Electronics and Information Technology has issued notification a direction under Section 69 A of the Information Technology Act, 2000, restricting access to the Telegram platform in… pic.twitter.com/3TzJepOoej — ANI (@ANI) June 16, 2026 समाचार अपडेट हो रही है… यह भी पढ़ें- CTET फॉर्म में हो गई है गलती? 18 जून से पहले ऐसे सुधारें, CBSE ने दिया मौका The post नीट री-एग्जाम तक हिंदुस्तान में बैन रहेगा Telegram, NTA की सिफारिश पर केंद्र प्रशासन का फैसला appeared first on Naya Vichar.

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