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Author name: Vinod Jha

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पर्स में रखी ये 5 चीजें बना सकती हैं आपको गरीब, मेहनत के बाद भी नहीं टिकते पैसे तो जान लें

Vastu Tips: वास्तु शास्त्र का महत्व हमारे जीवन में काफी गहरा माना जाता है. जब हम इसमें बताए गए नियमों का सही तरीके से पालन करते हैं, तो जीवन में सुख, समृद्धि और सफलता आती है. वहीं, इन नियमों को नजरअंदाज करने पर जीवन में परेशानियां बढ़ने लगती हैं. वास्तु शास्त्र के अनुसार हमारे आसपास मौजूद हर चीज एनर्जी को प्रभावित करने की क्षमता रखती है. आज के इस आर्टिकल में हम आपको कुछ ऐसी चीजों के बारे में बताने जा रहे हैं, जिन्हें भूलकर भी अपने पर्स या वॉलेट में नहीं रखना चाहिए. वास्तु शास्त्र के अनुसार पर्स का सीधा संबंध आपके धन और आर्थिक स्थिति से होता है. अगर आप कड़ी मेहनत करने के बावजूद पैसे बचा नहीं पा रहे हैं या बार-बार कर्ज लेने की स्थिति बन रही है, तो इसके पीछे आपके वॉलेट या पर्स में रखी कुछ गलत चीजें भी कारण हो सकती हैं. तो चलिए वॉलेट और पर्स में रखी गयी इन गलत चीजों के बारे में जानते हैं विस्तार से ताकि आपको जीवन में पैसों से जुड़ी किसी भी तरह की प्रॉब्लम से जूझना न पड़े. पुराने और बेकार बिल रखना कई लोगों की यह आदत होती है कि वे अपने पर्स में पुराने शॉपिंग बिल, इलेक्ट्रिसिटी बिल या फिर बेकार की रसीदें लंबे समय तक संभालकर रखते हैं. वास्तु शास्त्र के अनुसार उनकी यह आदत पैसों से जुड़ी दिक्कतें पैदा कर सकती हैं. पर्स में रखे इस तरह के पुराने बिल निगेटिव एनर्जी को बढ़ाने का काम करते हैं और साथ ही इस बात की तरफ भी इशारा करते हैं कि आपके सारे पैसे सिर्फ खर्च हो रहे हैं, बच नहीं रहे हैं. अगर आप नहीं चाहते हैं कि आपके साथ ऐसा हो तो हर कुछ समय में अपने पर्स को साफ करते रहें और बेकार की चीजों को बाहर भी निकालते रहें. यह भी पढ़ें: क्या आप भी बिस्तर ठीक किए बिना निकल जाते हैं घर से? वास्तु शास्त्र देता है चेतावनी मृत व्यक्ति की फोटो रखने से बचें कई लोग इमोशनल होने की वजह से अपने पर्स में मृत परिजनों की तस्वीरें भी रखना शुरू कर देते हैं. वास्तु शास्त्र के अनुसार आपको कभी भी अपने पर्स या फिर वॉलेट में इस तरह की तस्वीरों को नहीं रखना चाहिए. आपका पर्स पैसों को रखने की जगह है, जबकि मृत व्यक्ति की तस्वीर दुख और ठहराव से जुड़ी हुई होती हैं. अगर आप इस तरह की तस्वीरें अपने वॉलेट में रखते हैं तो आपको पैसों की कमी का भी सामना करना पड़ सकता है. फटे या पुराने नोट रखना वास्तु शास्त्र के अनुसार अगर आप अपने पर्स या फिर वॉलेट में फटे-पुराने नॉट रखते हैं, तो ये भी पैसों की बर्बादी का कारण बन सकते हैं. वास्तु की मानें तो मां लक्ष्मी सिर्फ साफ-सुथरी और व्यवस्थित जगह पर ही वास करना पसंद करती हैं. ऐसे में जब आप फटे-पुराने नोटों को अपने पर्स में रखते हैं तो उनका अपमान होता है. आपकी इस गलती की वजह से आपके जीवन में पैसों का आना बंद भी हो सकता है. यह भी पढ़ें: क्यों आपको घर में नहीं नहीं रखनी चाहिए खाली कुर्सियां? वास्तु का ऐसा रहस्य जो चौंका देगा आपको बेकार चाबियां और फालतू की चीजें अगर आप उन लोगों में से हैं जो अपने पर्स को एक छोटा बैग समझकर उसमें चाबियां, पिन, कागज या इस तरह की बेकार छोटी-मोटी चीजें रख लेते हैं, तो आपको इस आदत से बचना चाहिए. वास्तु शास्त्र के अनुसार आपका पर्स जितना हल्का और व्यवस्थित रहेगा, उतनी ही पॉजिटिव एनर्जी बनी रहती है. पर्स में रखी अनावश्यक चीजें आर्थिक बोझ बढ़ाने का संकेत मानी जाती हैं और साथ ही बेवजह के खर्चों को भी बढ़ावा देती हैं. खाली पर्स रखना भी माना जाता है अशुभ वास्तु शास्त्र की मानें तो आपको कभी भी अपने पर्स को पूरी तरह से खाली करके नहीं रखना चाहिए. ऐसा करना काफी ज्यादा अशुभ हो सकता है क्योंकि इसकी वजह से आपको पैसों की कमी से भी जूझना पड़ता है. आपको हमेशा यह कोशिश करनी चाहिए कि आप अपने पर्स में कुछ पैसे या फिर सिक्के जरूर रखें. ऐसा करना पैसों का फ्लो बरकरार रखता है. यह भी पढ़ें: घर में आने वाली इन आवाजों को कभी न करें नजरअंदाज, वास्तु के अनुसार हो सकती हैं बड़े संकट की चेतावनी! Disclaimer: यह आर्टिकल सामान्य जानकारियों और मान्यताओं पर बेस्ड है. नया विचार किसी भी तरह से इनकी पुष्टि नहीं करता है. The post पर्स में रखी ये 5 चीजें बना सकती हैं आपको गरीब, मेहनत के बाद भी नहीं टिकते पैसे तो जान लें appeared first on Naya Vichar.

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सोनपुर में 4200 एकड़ में बनेगा इंटरनेशनल एयरपोर्ट, नीतीश कैबिनेट में 35 एजेंडों पर लगी मुहर

Bihar Cabinet: बिहार बजट सत्र के बीच मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में कैबिनेट की बैठक हुई. इस बैठक में 35 एजेंडों पर मुहर लगी. सबसे बड़ा फैसला सारण जिले के सोनपुर में इंटरनेशनल एयरपोर्ट बनाने का लिया गया है. प्रशासन ने प्रस्ताव को आधिकारिक मंजूरी दे दी है. 4200 एकड़ में विकसित होगा नया एयरपोर्ट सोनपुर में प्रस्तावित हवाई अड्डा 4200 एकड़ जमीन पर बनेगा. इसकी लोकेशन पटना के बेहद करीब है. इससे राजधानी पर बढ़ते हवाई प्रेशर को कम करने में मदद मिलेगी. यह एयरपोर्ट लंबी दूरी की अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के लिए भी अहम साबित होगा. उत्तर बिहार को सीधा ग्लोबल कनेक्शन मिल सकेगा. पटना एयरपोर्ट को मिलेगा राहत पटना के जयप्रकाश नारायण अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा पर यात्रियों का दबाव लगातार बढ़ रहा है. नया एयरपोर्ट इस भार को बांटेगा. भविष्य में बड़े विमानों की आवाजाही भी आसान होगी. पर्यटन और व्यापार को मिलेगा बढ़ावा प्रशासन का फोकस पर्यटन और व्यापार को बढ़ाना है. सोनपुर का विश्व प्रसिद्ध मेला हर साल लाखों लोगों को आकर्षित करता है. अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट बनने से विदेशी पर्यटकों की संख्या बढ़ सकती है. स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी पैदा होंगे. होटल, ट्रांसपोर्ट और सर्विस सेक्टर को सीधा लाभ मिलेगा. पहले भी हुए अहम फैसले 6 फरवरी को हुई पिछली कैबिनेट बैठक में 17 एजेंडों को मंजूरी दी गई थी. उस बैठक में POCSO मामलों की त्वरित सुनवाई के लिए विशेष अदालतों में नए पद सृजित करने का फैसला हुआ था. राज्य में करीब 6 हजार मामले लंबित हैं. प्रशासन ने इनके जल्द निपटारे की दिशा में कदम बढ़ाया था. अब आगे क्या? सोनपुर एयरपोर्ट के लिए भूमि अधिग्रहण और तकनीकी सर्वे की तैयारी शुरू होगी. प्रक्रिया को तेजी से आगे बढ़ाने का संकेत दिया गया है. नेतृत्वक गलियारों में इसे प्रशासन का बड़ा कदम माना जा रहा है. बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की दिशा में इसे ‘मास्टरस्ट्रोक’ कहा जा रहा है. Also Read: पटना हॉस्टल कांड: सस्पेंडेड SI से 4 घंटे तक क्या-क्या पूछी CBI? पप्पू यादव ने पटना SSP पर लगाए आरोप The post सोनपुर में 4200 एकड़ में बनेगा इंटरनेशनल एयरपोर्ट, नीतीश कैबिनेट में 35 एजेंडों पर लगी मुहर appeared first on Naya Vichar.

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एआई समिट में प्रदर्शन के बाद दिल्ली पुलिस का एक्शन, हिरासत में 10 लोग, छाते में स्टीकर लाने का था प्लान

India AI Impact Summit: एआई समिट में प्रदर्शन करने वाले यूथ कांग्रेस के कार्यकर्ताओं को पुलिस ने हिरासत में लिया है. पुलिस ने 10 लोगों को हिरासत में लिया है. यूथ कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने शुक्रवार (20 फरवरी) को AI इम्पैक्ट समिट के आयोजन स्थल पर पहुंचकर अमेरिका से ट्रेड डील के विरोध में प्रदर्शन किया. इस दौरान पीएम नरेंद्र मोदी के खिलाफ नारेबाजी भी की गई. दिल्ली पुलिस सूत्रों के अनुसार “इस मामले में हिरासत में लिए गए चारों व्यक्तियों ने पहले काले रंग की छतरियों पर छपे हुए स्टिकर चिपकाकर हिंदुस्तान मंडपम में प्रवेश करने की योजना बनाई थी. फिर उन्हें एहसास हुआ कि गेट पर जांच के दौरान काली छतरियां पकड़ी जाएंगी. इसलिए उन्होंने अपनी योजना बदल दी और टी-शर्ट पर छपे हुए स्टिकर चिपका दिए. स्टिकर कहां छपे थे, यह पता लगाने के लिए जांच जारी है.” Indian Youth Congress Bharat Mandapam protest | Delhi Police Sources say, “The four men detained in the matter initially planned to enter Bharat Mandapam by affixing printed stickers to black umbrellas. Then, they realised that the black umbrellas would be caught during checking… — ANI (@ANI) February 20, 2026 हॉल नंबर-5 से अंदर पहुंचकर किया प्रदर्शन हिंदुस्तानीय युवा कांग्रेस से जुड़े प्रदर्शनकारी हॉल नंबर-5 के भीतर मार्च करते हुए पहुंचे. उनके पास सफेद टी-शर्ट थीं या उन्होंने पहन रखी थीं, जिन पर पीएम नरेंद्र मोदी और डोनाल्ड ट्रंप की तस्वीरें छपी थीं. टी-शर्ट पर इंडिया-यूएस ट्रेड डील, एपस्टीन फाइल्स और पीएम इज कम्प्रोमाइज्ड जैसे नारे लिखे थे. कुछ प्रदर्शनकारियों ने विरोध जताते हुए अपनी टी-शर्ट उतार दी, जिससे वहां अफरा-तफरी का माहौल बन गया. इस दौरान कार्यक्रम में मौजूद कुछ प्रतिभागियों और प्रदर्शनकारियों के बीच तीखी बहस भी देखने को मिली. पुलिस के अनुसार, हिरासत में लिए गए लोगों में युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव कृष्णा हरि भी शामिल हैं. घटना के बाद पुलिस ने पूरे परिसर की सुरक्षा और कड़ी करने की बात कही है. बीजेपी ने किया कांग्रेस पर हमला यूथ कांग्रेस के कार्यकर्ताओं का यह विरोध प्रदर्शन कुछ ही मिनटों तक चला, जिसके बाद समूह को हॉल से बाहर निकाल दिया गया. इस घटना ने अतिथियों और अन्य मेहमानों को हैरान कर दिया, क्योंकि एआई इम्पैक्ट समिट के दौरान ऐसी घटना की किसी को उम्मीद नहीं थी. बीजेपी के वरिष्ठ नेता और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने इसकी कड़ी निंदा करते हुए कहा कि यह हिंदुस्तान की प्रतिष्ठा को धूमिल करने का प्रयास है. उन्होंने सोशल मीडिया एक्स पर एक पोस्ट में लिखा ‘‘जब भी हिंदुस्तान वैश्विक मंच पर आगे बढ़ता है, कांग्रेस राष्ट्रहित के साथ खड़े होने के बजाय नेतृत्वक लाभ लेने को प्राथमिकता देती दिखाई देती है. दलगत नेतृत्व को देश की प्रतिष्ठा और सम्मान से ऊपर रखना अत्यंत दुखद है.’’ राहुल गांधी के घर पर रची गई है साजिश- संबित पात्रा बीजेपी के प्रवक्ता संबित पात्रा ने आरोप लगाया कि यह घटना कांग्रेस के शीर्ष नेताओं के कहने पर अंजाम दी गई है. उन्होंने मीडिया से बात करते हुए कहा ‘‘यह साजिश राहुल गांधी, सोनिया गांधी और प्रियंका गांधी की मौजूदगी में, राहुल गांधी के निवास स्थान पर रची गई थी. यह प्रयोग है, संयोग नहीं. यह हिंदुस्तान के विपक्ष के नेता राहुल गांधी की ओर से हिंदुस्तान की छवि को धूमिल करने का प्रयास है.’’ कांग्रेस ने क्या कहा? इधर घटना के बाद युवा कांग्रेस के अध्यक्ष उदयभानु चिब ने कहा ‘‘युवा कांग्रेस के साथियों ने स्पष्ट कर दिया कि देश का युवा अब चुप नहीं बैठेगा. ‘पीएम इज कंप्रोमाइज्ड ‘ सिर्फ एक नारा नहीं, बल्कि करोड़ों बेरोजगार युवाओं का आक्रोश है. अमेरिका के साथ यह व्यापार समझौता हमारे किसानों और जनता के हितों के साथ खिलवाड़ है, जिससे सिर्फ अमेरिका को फायदा होगा. लोकतंत्र में शांतिपूर्ण विरोध हमारा अधिकार है और हम युवाओं की आवाज बुलंद करते रहेंगे.’’ उनका कहना है, ‘‘हम ‘एआई इम्पैक्ट समिट’ के खिलाफ नहीं हैं. हम हिंदुस्तान के हितों के साथ हो रहे समझौते के खिलाफ हैं, इसलिए हमने आज ये प्रदर्शन किया है.’’ (इनपुट भाषा) इसे भी पढ़ें: कांग्रेस के टॉपलेस प्रदर्शन पर भड़की बीजेपी, कहा -‘राहुल गांधी ने विदेशी मेहमानों के सामने…’ The post एआई समिट में प्रदर्शन के बाद दिल्ली पुलिस का एक्शन, हिरासत में 10 लोग, छाते में स्टीकर लाने का था प्लान appeared first on Naya Vichar.

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क्या है पैक्स सिलिका, जिसपर हस्ताक्षर करके भारत नयी टेक व्यवस्था का हिस्सा बना

Pax Silica : हिंदुस्तान में आयोजित एआई समिट के पांचवें और अंतिम दिन हिंदुस्तान ने Pax Silica घोषणा पत्र पर हस्ताक्षर किए. हिंदुस्तान इस समझौते का हिस्सा देर से बना है,लेकिन इस समझौते का हिस्सा बनकर हिंदुस्तान ने नई टेक विश्व-व्यवस्था में कदम रख दिया है. आइए समझते हैं क्या है पैक्स सिलिका (Pax Silica). क्या है पैक्स सिलिका? पैक्स सिलिका एक ऐसा मंच है जहां भविष्य की तकनीकों के लिए सुरक्षित और भरोसेमंद सप्लाई चेन बनाया जा रहा है. इसका उद्देश्य तकनीक के क्षेत्र में किसी भी एक देश पर निर्भरता कम करना है. पैक्स सिलिका के सदस्य देश आपस में जुड़कर एआई और अन्य आधुनिक तकनीक के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाते हैं. इनमें प्रमुख हैं महत्वपूर्ण खनिज- सेमीकंडक्टर चिप डेटा सेंटर डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर पैक्स सिलिका का उद्देश्य क्या है? पैक्स सिलिका मंच की जरूरत इसलिए पड़ी क्योंकि आज के दौर में तकनीक से जुड़े कच्चे माल और इलेक्ट्राॅनिक्स निर्माण के क्षेत्र में चीन का एकाधिकार है. ऐसी स्थिति में अगर चीन सप्लाई बंद कर दे, तो स्थिति गंभीर हो सकती है और नयी तकनीक पर आफत आ सकती है. इसी स्थिति से बचने के लिए अमेरिका ने पैक्स सिलिका मंच का निर्माण करवाया है. विभिन्न विषयों पर एक्सप्लेनर और विशेष आलेख पढ़ने के लिए क्लिक करें कैसे काम करता है पैक्स सिलिका? पैक्स सिलिका दोस्तों का मंच है, जहां इसके सदस्य राष्ट्र आपस में सहयोग करके नयी तकनीकों को एक दूसरे के साथ शेयर करते हैं. इसमें ज्वाइंट प्रोजेक्ट बनाए जाते हैं और उन्हें आपस में शेयर किया जाता है. ये भी पढ़ें : क्या केरला स्टोरी 2 के रिलीज होने से समाज में हिंदू–मुस्लिम के बीच नफरत भड़केगी, क्या है मंशा? क्या आप जानते हैं देश में कितने आईएएस 5 साल में चुने गए और बिहार के कितने ललना डीएम हुए? The post क्या है पैक्स सिलिका, जिसपर हस्ताक्षर करके हिंदुस्तान नयी टेक व्यवस्था का हिस्सा बना appeared first on Naya Vichar.

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पटना में रमजान के पहले जुमे पर उमड़ा जनसैलाब, नन्हे रोजेदारों ने तरक्की और भाईचारे की दुआ मांगी

Ramzan 2026 First Jumma: मुक़द्दस माह-ए-रमज़ान के पहले जुमे के मौके पर राजधानी पटना इबादत और रूहानियत के रंग में रंगा नजर आया. शहर की बड़ी से लेकर मोहल्लों की छोटी मस्जिदों तक अकीदतमंदों की भारी भीड़ रही. रोजेदारों ने पूरे एहतराम और अकीदत के साथ जुमे की नमाज़ अदा की तथा मुल्क में अमन-चैन, तरक्की, भाईचारा और खुशहाली की दुआएं मांगी. फुलवारी शरीफ में नमाज़ियों का सैलाब देखने को मिला, जहां सुबह से ही मस्जिदों की ओर जाने वाले रास्तों पर रौनक बढ़ गई थी. खानकाह मुजीबिया में सबसे ज्यादा उमड़ी भीड़ फुलवारी शरीफ की ऐतिहासिक और रूहानी पहचान मानी जाने वाली खानकाह मुजीबिया में सबसे ज्यादा भीड़ उमड़ी. यहां बड़ी संख्या में रोज़ेदार नमाज़ अदा करने पहुंचे. मस्जिद के अंदर की सभी सफें भर जाने के बाद बाहर तक नमाज़ियों की कतारें लग गईं. लाल मियां की दरगाह परिसर स्थित शाही संगी मस्जिद में भी खासी भीड़ रही. बड़ी खानकाह मस्जिद और नया टोला की जामा मस्जिद में भी नमाज़ियों की तादाद इतनी अधिक थी कि लोगों को सड़क किनारे और खुले स्थानों पर भी सफ बनाकर नमाज़ अदा करनी पड़ी. नया टोला की उरूज आफताब ने रखा पहला रोज़ा फुलवारी शरीफ के नया टोला की रहने वाली पांच साल की उरूज आफताब ने इस साल अपना पहला रोज़ा रखा और पूरे दिन सब्र और हिम्मत के साथ उसे मुकम्मल किया. सुबह सहरी के वक्त वह परिवार के साथ उठीं, सहरी की और रोज़े की नियत की. घर के लोगों को शुरुआत में भरोसा नहीं था कि इतनी छोटी बच्ची पूरा रोज़ा रख पाएगी, लेकिन उरूज ने बिना किसी शिकायत के दिनभर रोज़ा रखा. शाम को इफ्तार के वक्त पूरा परिवार एक साथ बैठा. उरूज आफताब ने खजूर खाकर अपना पहला रोज़ा खोला. घर का माहौल भावुक और खुशनुमा हो गया. सभी ने उसे दुआओं और आशीर्वाद से नवाजा. मस्जिदों में रही भारी भीड़ राजधानी के अन्य हिस्सों में भी आस्था का वही आलम देखने को मिला. जामा मस्जिद नया टोला में सुबह से ही लोगों का आना शुरू हो गया था. मस्जिद-ए-गौसुलवरा जमालउद्दीन चक दानापुर, मखदूम रास्ती नगर मिल्लत कॉलोनी मस्जिद, अपना घराना छोटी खानकाह, कुर्बान मस्जिद ईसापुर, फेडरल कॉलोनी हारूननगर मस्जिद, शकूर कॉलोनी मस्जिद, आशियाना-दीघा रोड मस्जिद, समनपुरा बाजार मस्जिद, पुरानी मस्जिद ईसापुर, नूरी मस्जिद ईसापुर और गौणपूरा मस्जिद सहित दर्जनों मस्जिदों में नमाज़ियों की भारी मौजूदगी रही. हर मस्जिद में रमज़ान की फज़ीलत, सब्र, तक़वा और इंसानियत के पैगाम पर बयान किया गया. लोगों ने गले मिलकर रमज़ान की मुबारकबाद दी उलेमा-ए-कराम ने अपने खुत्बों में रमज़ान की अहमियत बयान करते हुए कहा कि यह महीना इबादत, सब्र, खुदा से करीब होने और जरूरतमंदों की मदद का महीना है. उन्होंने रोज़ेदारों को आपसी भाईचारा मजबूत करने, समाज में अमन कायम रखने और नफरत से दूर रहने की नसीहत दी. नमाज़ के बाद लोगों ने एक-दूसरे से गले मिलकर रमज़ान की मुबारकबाद दी. रमजान का पहला जुमा को देखते हुए जिला प्रशासन की ओर से व्यापक सुरक्षा इंतजाम किए गए थे. फुलवारी शरीफ को संवेदनशील क्षेत्र मानते हुए यहां अतिरिक्त पुलिस बल, स्त्री पुलिसकर्मी और दंडाधिकारी की तैनाती की गई थी. प्रमुख मस्जिदों और चौराहों पर पुलिस गश्ती दल लगातार निगरानी करते रहे. Also Read: रोजेदारों ने खोला पहला रोजा, जानें 19 फरवरी से 20 मार्च तक सेहरी और इफ्तार का सही समय The post पटना में रमजान के पहले जुमे पर उमड़ा जनसैलाब, नन्हे रोजेदारों ने तरक्की और भाईचारे की दुआ मांगी appeared first on Naya Vichar.

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पटना हॉस्टल कांड: धमकी भरे लेटर के बाद NEET छात्रा के घर पर लगे CCTV, जहानाबाद में बढ़ाई गई सुरक्षा

Patna NEET Student Death case: पटना के शंभू गर्ल्स हॉस्टल में NEET की तैयारी कर रही छात्रा की मौत का मामला लगातार सुर्खियों में है. अब इस मामले की जांच CBI कर रही है. जांच शुरू होते ही पीड़ित परिवार को धमकी मिलने का मामला सामने आया है. परिवार के जहानाबाद स्थित घर पर दो बार अज्ञात लोगों ने धमकी भरे पत्र फेंके. इन पत्रों में केस को आगे न बढ़ाने की चेतावनी दी गई. परिवार से चुप रहने को कहा गया. लेटर पर ये भी लिखा गया था कि जैसे बेटी मरी वैसे ही दो दिन में तेरा बेटा भी मरेगा. इससे घर के लोग दहशत में हैं. परिवार ने तुरंत स्थानीय प्रशासन और CBI को सूचना दी. मामले को गंभीर मानते हुए सुरक्षा बढ़ा दी गई है. घर में कैमरे लगाए जा रहे हैं. 24 घंटे पुलिस तैनात किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए घर पर चौबीसों घंटे दो पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं. प्रशासन का कहना है कि परिवार की सुरक्षा पहली प्राथमिकता है. हर गतिविधि पर नजर रखी जा रही है. घर में लगाए गए चार CCTV सुरक्षा के लिए घर में चार CCTV कैमरे लगाए गए हैं. इनका मकसद आसपास की हर गतिविधि रिकॉर्ड करना है. प्रशासन को उम्मीद है कि इससे धमकी देने वालों तक पहुंचने में मदद मिलेगी. इलाके में आक्रोश, निष्पक्ष जांच की मांग घटना को लेकर स्थानीय लोगों में नाराजगी है. लोग निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं. CBI की टीम लगातार साक्ष्य जुटा रही है. संबंधित लोगों से पूछताछ जारी है. परिवार को अब सिर्फ न्याय का इंतजार है. Also Read: पटना हॉस्टल कांड: सस्पेंडेड SI से 4 घंटे तक क्या-क्या पूछी CBI? पप्पू यादव ने पटना SSP पर लगाए आरोप The post पटना हॉस्टल कांड: धमकी भरे लेटर के बाद NEET छात्रा के घर पर लगे CCTV, जहानाबाद में बढ़ाई गई सुरक्षा appeared first on Naya Vichar.

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पश्चिम बंगाल में एसआईआर पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला, तैनात होंगे लीगल ऑफिसर, 28 को जारी होगा वोटर लिस्ट

Table of Contents सुप्रीम कोर्ट के ऑर्डर को इन 6 प्वाइंट्स में समझें वोटर लिस्ट पर रोक से सुप्रीम कोर्ट का इनकार लॉजिकल डिस्क्रिपेंसी के मामले निबटायेंगे लीगल ऑफिसर बंगाल प्रशासन के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट ने अपनाया सख्त रुख 28 फरवरी को ड्राफ्ट वोटर लिस्ट जारी करने की कोर्ट ने दी अनुमति एसआईआर के लिए कलकत्ता हाईकोर्ट तैनात करेगा लीगल ऑफिसर्स Supreme Court Decision: लॉजिकल डिस्क्रिपेंसी में क्या? तृणमूल कांग्रेस ने फैसले को बताया बंगाल की बड़ी जीत सुप्रीम कोर्ट ने दिया नॉकआउट पंच – तृणमूल कांग्रेस टीएमसी ने फैसले को बताया चुनाव आयोग के लिए झटका Supreme Court Decision on SIR West Bengal: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 से पहले राज्य में चल रहे वोटर लिस्ट स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (एसआईआर) के मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट ने बड़ा फैसला दिया है. देश की सबसे बड़ी अदालत ने एसआईआर के लिए पर्याप्त संख्या में ‘ए’ ग्रेड के ऑफिसर उपलब्ध नहीं कराने पर बंगाल प्रशासन के खिलाफ सख्त रुख अपनाया. सुप्रीम कोर्ट ने कलकत्ता हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस को आदेश दिया कि वे एसआईआर के लिए लीगल ऑफिसर्स की तैनाती करें. साथ ही रिटायर्ड जजों की भी तलाश करें. सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले को अखिल हिंदुस्तानीय तृणमूल कांग्रेस (AITC) ने अपनी बड़ी जीत बतायी है. तृणमूल कांग्रेस ने क्या बयान दिया है, यह भी आपको बतायेंगे, लेकिन उससे पहले जान लें कि सुप्रीम कोर्ट ने अपने आदेश में क्या-क्या कहा है. सुप्रीम कोर्ट के ऑर्डर को इन 6 प्वाइंट्स में समझें लॉजिकल डिस्क्रिपेंसी लिस्ट में शामिल लोगों के दावों और आपत्तियों के निपटारे के लिए लीगल ऑफिसर नियुक्त करने के आदेश सुप्रीम कोर्ट ने कलकत्ता हाईकोर्ट से कहा- मुख्य सचिव, डीजीपी और निर्वाचन आयोग के अधिकारियों समेत सभी स्टेकहोल्डर्स की बैठक बुलायें. सुप्रीम कोर्ट ने निर्वाचन आयोग को 28 फरवरी को बंगाल में ड्राफ्ट वोटर लिस्ट पब्लिश करने की अनुमति दी. सप्लीमेंट्री लिस्ट बाद में भी जारी की जा सकती है. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि सेवारत और पूर्व न्यायिक अधिकारी तार्किक विसंगति सूची में शामिल लोगों के दावों और आपत्तियों पर फैसला करेंगे. वोटर लिस्ट के स्पेशल इंटेंसिव रिवजीन के लिए ‘ए’ ग्रेड अफसर उपलब्ध नहीं कराने पर सुप्रीम कोर्ट बंगाल प्रशासन से नाराज सुप्रीम कोर्ट ने कहा- कलकत्ता हाईकोर्ट के जज बंगाल में एसआईआर में मदद के लिए लीगल ऑफिसर्स उपलब्ध करायें और पूर्व जजों की तलाश करें वोटर लिस्ट पर रोक से सुप्रीम कोर्ट का इनकार सुप्रीम कोर्ट ने साफ कर दिया है कि वोटर लिस्ट का प्रकाशन नहीं रुकेगा. कोर्ट ने चुनाव आयोग से कहा कि वह 28 फरवरी 2026 को वोटर लिस्ट का ड्राफ्ट जारी कर सकता है. कहा कि इसके बाद सप्लीमेंट्री लिस्ट भी जारी कर सकते हैं. कोर्ट ने पश्चिम बंगाल में विवादों से घिरी मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया में निर्वाचन आयोग की सहायता के लिए वर्किंग और रिटायर्ड डिस्ट्रिक्ट जजों की तैनाती का शुक्रवार को निर्देश दिया. बंगाल की समाचारें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें लॉजिकल डिस्क्रिपेंसी के मामले निबटायेंगे लीगल ऑफिसर निर्वाचन आयोग और तृणमूल कांग्रेस के नेतृत्व वाली प्रशासन के बीच ‘दुर्भाग्यपूर्ण आरोप-प्रत्यारोप’ पर खेद जताते हुए सुप्रीम कोर्ट ऑफ इंडिया के चीफ जस्टिस सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस विपुल एम पंचोली की पीठ ने राज्य में एसआईआर प्रक्रिया को पूरा करने के लिए कई नये निर्देश जारी किये. पीठ ने तार्किक विसंगति सूची (लॉजिकल डिस्क्रिपेंसी लिस्ट) में शामिल व्यक्तियों के दावों और आपत्तियों के निपटारे के लिए न्यायिक अधिकारियों की प्रतिनियुक्ति का आदेश दिया. बंगाल प्रशासन के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट ने अपनाया सख्त रुख सुप्रीम कोर्ट ने कलकत्ता हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस से पश्चिम बंगाल में एसआईआर के काम में सहायता के लिए न्यायिक अधिकारियों को मुक्त करने और पूर्व जजों को खोजने के लिये कहा. पीठ ने पश्चिम बंगाल प्रशासन द्वारा मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण के लिए ‘ए’ श्रेणी के पर्याप्त अधिकारियों को उपलब्ध नहीं कराने पर कड़ा रुख अपनाया. 28 फरवरी को ड्राफ्ट वोटर लिस्ट जारी करने की कोर्ट ने दी अनुमति सुप्रीम कोर्ट ने इलेक्शन कमीशन ऑफ इंडिया को 28 फरवरी तक राज्य में मतदाताओं की मसौदा सूची प्रकाशित करने की अनुमति दे दी. साथ ही निर्वाचन आयोग को बाद में पूरक सूचियां (सप्लीमेंट्री लिस्ट्स) जारी करने की भी अनुमति दी. एसआईआर के लिए कलकत्ता हाईकोर्ट तैनात करेगा लीगल ऑफिसर्स पीठ ने पश्चिम बंगाल के जिलाधिकारियों और एसपी को निर्देश दिया कि वे जारी एसआईआर कवायद के लिए तैनात न्यायिक अधिकारियों को सहायता और सुरक्षा प्रदान करें. साथ ही यह स्पष्ट किया कि न्यायिक अधिकारियों द्वारा पारित आदेशों को न्यायालय के आदेश के समान माना जायेगा. कोर्ट ने कहा कि एसआईआर प्रक्रिया में न्यायिक अधिकारियों को ‘माइक्रो ऑब्जर्वर’ और राज्य प्रशासन के अधिकारियों द्वारा सहायता प्रदान की जायेगी. Supreme Court Decision: लॉजिकल डिस्क्रिपेंसी में क्या? सुप्रीम कोर्ट ने कलकत्ता हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस को राज्य की मुख्य सचिव, पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) और निर्वाचन आयोग के एक अधिकारी समेत सभी हितधारकों की शनिवार तक बैठक आयोजित करने का निर्देश भी दिया. वर्ष 2002 की मतदाता सूची से संतानों के संबंध में तार्किक विसंगतियों में माता-पिता के नाम का मेल न होना और मतदाता तथा उनके माता-पिता की आयु में 15 वर्ष से कम या 50 वर्ष से अधिक का अंतर होना शामिल है. तृणमूल कांग्रेस ने फैसले को बताया बंगाल की बड़ी जीत सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले को पश्चिम बंगाल की सत्तारूढ़ पार्टी तृणमूल कांग्रेस ने बंगाल के लोगों की बड़ी जीत बताया है. पार्टी ने एक्स पर अपनी प्रतिक्रिया में लिखा है कि आज का दिन ऐतिहासिक विध्वंस का प्रतीक है. इलेक्शन कमीशन ऑफ इंडिया का अहंकार चूर-चूर हो गया. मुख्य निर्वाचन आयुक्त ने एक बार एक अछूत अधिपति की तरह इधर-उधर घूमते हुए आश्वस्त किया कि उसका शब्द अंतिम था. वह भ्रम टूटकर विस्मृत हो गया है. HUGE VICTORY FOR THE PEOPLE OF BENGAL! Today marks a historic demolition of @ECISVEEP‘s bloated arrogance. The CEC once strutted around like an untouchable overlord, convinced his word was final. That delusion has been shattered into oblivion. Roll observers had been… pic.twitter.com/vRjT2vBHHq — All India Trinamool Congress (@AITCofficial) February 20, 2026 सुप्रीम कोर्ट ने दिया नॉकआउट पंच – तृणमूल कांग्रेस तृणमूल कांग्रेस ने आगे लिखा है कि रोल पर्यवेक्षक

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कांग्रेस के टॉपलेस प्रदर्शन पर भड़की बीजेपी, कहा -‘राहुल गांधी ने विदेशी मेहमानों के सामने…’

India AI Impact Summit 2026: राजधानी दिल्ली में आयोजित India AI Impact Summit 2026 के दौरान यूथ कांग्रेस के कार्यकर्ताओं की ओर से टॉपलेस प्रदर्शन पर सियासत गर्मा गई है. घटना के बाद बीजेपी ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोला है. इस पूरे मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए राजनाथ सिंह ने कांग्रेस की कड़ी आलोचना की. उन्होंने कहा कि जब पूरी दुनिया हिंदुस्तान मंडपम में टेक्नोलॉजी और इनोवेशन के क्षेत्र में हिंदुस्तान की बढ़ती वैश्विक नेतृत्व क्षमता का साक्षी बन रही थी, तब कांग्रेस ने देश का सम्मान बढ़ाने के बजाय कार्यक्रम में बाधा डालने का रास्ता चुना. उन्होंने आगे कहा कि यूथ कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जिस “शर्मनाक तरीके” से व्यवहार किया गया और कार्यक्रम में हंगामा किया गया, वह न केवल दुर्भाग्यपूर्ण है, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हिंदुस्तान की छवि को नुकसान पहुंचाने वाला भी है. रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा, “जब पूरी दुनिया नई दिल्ली के हिंदुस्तान मंडपम में हिंदुस्तान को AI इम्पैक्ट समिट होस्ट करते हुए देख रही थी और टेक्नोलॉजी और इनोवेशन के क्षेत्र में हमारी बढ़ती ग्लोबल लीडरशिप देख रही थी, तब कांग्रेस पार्टी ने देश का सम्मान बढ़ाने के बजाय इवेंट में रुकावट डालने… pic.twitter.com/xhLLBwtehE — ANI_HindiNews (@AHindinews) February 20, 2026 ‘यह देशद्रोह जैसा कृत्य है’- शिवराज इस बीच केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भी कांग्रेस पर कड़ा हमला बोला है. उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने देश की छवि को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की है. शिवराज ने कहा “कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने AI समिट में सिर्फ अपनी शर्ट नहीं उतारी, बल्कि यह भी दिखा दिया कि कांग्रेस किस तरह हिंदुस्तान विरोधी मानसिकता रखती है. यह देशद्रोह जैसा कृत्य है और हमारे देश की छवि के साथ खिलवाड़ करने की कोशिश है.” उन्होंने कहा कि यह घटना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है और अंतरराष्ट्रीय मंच पर हिंदुस्तान की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने वाली है. केंद्रीय मंत्री ने कांग्रेस नेतृत्व पर भी सवाल उठाए. उन्होंने कहा “मैं सोनिया गांधी और मल्लिकार्जुन खरगे से पूछना चाहता हूं कि क्या उनके लिए नेतृत्व देश से बड़ी है? क्या उन्होंने देश की इज्जत से समझौता करने के लिए कोई गुप्त समझौता किया है? क्या यही कांग्रेस का असली चेहरा है?” उन्होंने आगे कहा कि देश की जनता इस तरह की घटनाओं को स्वीकार नहीं करेगी और इसका जवाब देगी. #WATCH दिल्ली: केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा, “कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने AI समिट में सिर्फ़ अपनी शर्ट नहीं उतारी, बल्कि उन्होंने यह भी दिखाया कि कांग्रेस कैसे हिंदुस्तान विरोधी है। यह देशद्रोह है। यह हमारे देश की इमेज के साथ छेड़छाड़ है… मैं सोनिया गांधी और मल्लिकार्जुन… https://t.co/11QDaPsfJJ pic.twitter.com/CGsTyiIpgh — ANI_HindiNews (@AHindinews) February 20, 2026 हिंदुस्तान की छवि धूमिल करने की साजिश- संबित पात्रा कांग्रेस कार्यकर्ताओं के प्रदर्शन को लेकर बीजेपी सांसद संबित पात्रा ने कहा “आज कांग्रेस पार्टी के कुछ कार्यकर्ताओं ने जो किया है, उससे देश के युवाओं, खासकर जेन-ज़ी में आक्रोश है. यह प्रेस कॉन्फ्रेंस हिंदुस्तान बनाम उन शक्तियों के खिलाफ है, जो हिंदुस्तान की छवि को धूमिल करना चाहती हैं.”उन्होंने आरोप लगाया कि यह प्रदर्शन राहुल गांधी के कहने पर किया गया. पात्रा ने कहा कि नई दिल्ली स्थित हिंदुस्तान मंडपम में चल रहे AI समिट के दौरान चार लोगों को गिरफ्तार किया गया. ये हैं- कृष्णा हरि जो इंडियन यूथ कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव हैं, कुंदन यादव बिहार प्रदेश सचिव हैं, अजय कुमार उत्तर प्रदेश के प्रदेश उपाध्यक्ष हैं और नरसिम्हा यादव राष्ट्रीय समन्वयक हैं. पात्रा ने कहा “इन कार्यकर्ताओं ने हिंदुस्तान मंडपम में पहले अपना रजिस्ट्रेशन कराया, फिर अंदर जाकर टॉपलेस होकर प्रदर्शन किया. यह सहयोग नहीं, बल्कि एक सोचा-समझा प्रयोग और कार्यक्रम में व्यवधान डालने की कोशिश है.” #WATCH दिल्ली: भाजपा सांसद संबित पात्रा ने कहा, “आज कांग्रेस पार्टी के कुछ कार्यकर्ताओं ने राहुल गांधी के कहने पर जो किया है, उसका आक्रोश हिंदुस्तान के जेन-ज़ी में है… यह प्रेस कॉन्फ्रेंस हिंदुस्तान बनाम उन शक्तियों के खिलाफ है जो कि हिंदुस्तान की छवि को धूमिल करना चाहते हैं… हिंदुस्तान मंडपम में AI… https://t.co/11QDaPsfJJ pic.twitter.com/YHy7xVwHrE — ANI_HindiNews (@AHindinews) February 20, 2026 व्यापार समझौते के खिलाफ था विरोध प्रदर्शन- युवा कांग्रेस अध्यक्ष हिंदुस्तानीय युवा कांग्रेस अध्यक्ष उदय भानु चिब ने प्रदर्शन को लेकर शुक्रवार को कहा कि एआई इम्पैक्ट समिट के दौरान संगठन के कार्यकर्ताओं का प्रदर्शन इस आयोजन के खिलाफ नहीं, बल्कि अमेरिका के साथ हुए अंतरिम व्यापार समझौते के खिलाफ था. उन्होंने कहा कि जब देश के किसानों का सौदा किया जा रहा हो, हिंदुस्तान विरोधी व्यापार समझौता हो रहा हो और युवाओं को बेरोज़गार रखकर नफरत की नेतृत्व में झोंका जा रहा हो, तो फिर खामोश नहीं रहा जा सकता. युवा कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने शुक्रवार को ‘एआई इम्पैक्ट समिट’ के एक प्रदर्शनी हॉल में पहुंचकर अमेरिका के साथ व्यापार समझौते को लेकर विरोध प्रदर्शन किया और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के खिलाफ नारे लगाए. पुलिस ने कुछ देर बाद इन लोगों को वहां से हटाया और हिरासत में ले लिया. The post कांग्रेस के टॉपलेस प्रदर्शन पर भड़की बीजेपी, कहा -‘राहुल गांधी ने विदेशी मेहमानों के सामने…’ appeared first on Naya Vichar.

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आज से लागू हुए AI कंटेंट के नए नियम: डीपफेक पोस्ट 3 घंटे में टेकडाउन करना जरूरी, जानें और क्या बदला

New IT Rules: हिंदुस्तान प्रशासन ने आज यानी 20 फरवरी, 2026 से AI से बने कंटेंट को लेकर नए नियम लागू कर दिए हैं. आईटी मंत्रालय ने 10 फरवरी, 2026 को इस बारे में अपडेट दिया था, जो कि IT (Digital Media Ethics Code) Rules 2021 का हिस्सा है. प्रशासन ने साफ-साफ बताया है कि कौन-सा कंटेंट AI या सिंथेटिक माना जाएगा. इस चीज के लिए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स को भी जिम्मेदार ठहराया गया है. अब नियमों के बिना ऐसा कंटेंट शेयर करना सीधा आपके लिए परेशानी का सबब बन सकता है. आइए जान लें क्या हैं वो नियम. डीपफेक कंटेंट पर लगेगा लगाम AI Impact Summit में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि डीपफेक्स और फेक कंटेंट आजकल समाज में बहुत गड़बड़ी कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि इसके खिलाफ कदम उठाना जरूरी है. उन्होंने वॉटरमार्किंग और सोर्स को ज्यादा पारदर्शी बनाने की बात की. साथ ही ये भी कहा कि ऑनलाइन बच्चों की सेफ्टी का खास ध्यान रखना चाहिए. क्या है SGI कंटेंट? अब नए IT नियमों के हिसाब से Synthetically Generated Content (SGI) यानी AI या कंप्यूटर से बनाया गया कंटेंट काफी अहम हो गया है. असल में, अगर कोई फोटो, वीडियो या कोई कंटेंट ऐसा दिखता है जैसे असली व्यक्ति, जगह या घटना है, लेकिन वो AI या कंप्यूटर की मदद से बनाया गया है, तो उसे SGI माना जाएगा. नया नियम ये भी कहता है कि अगर आप ऐसा कंटेंट सोशल मीडिया पर पोस्ट कर रहे हैं, तो आपको उसे लेबल (label) या वॉटरमार्क (watermark) करना होगा. इससे सबको पता चल सके कि ये AI से बनाया गया है. नई IT नियमों से 3 बड़े बदलाव लेबल लगाना अब जरूरी है. मतलब अगर आप कोई AI से बनाई हुई फोटो या वीडियो शेयर करते हैं, तो उस पर ‘AI’ का लेबल लगाना पड़ेगा. और हां, एक बार लग गया तो हटा नहीं सकते. सोशल मीडिया कंपनियों को ऐसे टूल्स बनाने होंगे जो चेक कर सकें कि कोई कंटेंट AI से बनाई गई है या नहीं. यानी कोई भी बिना वेरिफिकेशन के AI कंटेंट अपलोड नहीं कर पाएगा. हर तीन महीने में प्लेटफॉर्म्स यूजर्स को चेतावनी देंगे कि अगर AI का गलत इस्तेमाल किया तो आपको जुर्माना या सजा हो सकती है. नई IT नियमों में सख्त मनाही की गई चीजें बच्चों से जुड़ा कोई भी पोर्नोग्राफिक कंटेंट नकली दस्तावेज या फर्जी रिकॉर्ड इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड्स में कोई गड़बड़ी हथियार या गोला-बारूद से जुड़ी चीजें डीपफेक वीडियो या इमेज सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स की बढ़ी जिम्मेदारी अगर प्रशासन सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स को कहती है कि कोई कंटेंट हटाओ, तो उन्हें तीन घंटे के अंदर कार्रवाई करनी होगी. पहले ये टाइमलाइन 36 घंटे की थी. नए IT नियमों के तहत अब इसे कम कर दिया गया है. साथ ही, प्लेटफॉर्म्स को कोड का इस्तेमाल करके ये दिखाना होगा कि कंटेंट AI से बनाया गया है. और अगर कोई हिंसक या बच्चों से जुड़ा पोर्नोग्राफिक कंटेंट मिलता है, तो उन्हें 12 घंटे के अंदर जवाब देना होगा. अगर कोई भी SGI या AI कंटेंट के नियमों का उल्लंघन करता है तो आईपीसी, प्रोटेक्शन ऑफ इंडियन सिटिजनशिप एक्ट या POCSO एक्ट के तहत मामला झेलना पड़ सकता है. लेकिन एक बात प्रशासन ने साफ कर दी है, अगर कोई प्लेटफार्म ऑटोमेटेड टूल्स का इस्तेमाल करके SGI तक एक्सेस ब्लॉक करता है, तो इसे IT एक्ट की सेक्शन 79 का उल्लंघन नहीं माना जाएगा. यह भी पढ़ें: AI Impact Summit 2026: गूगल की ओर से हुए ये बड़े ऐलान, यहां जानें सबकुछ The post आज से लागू हुए AI कंटेंट के नए नियम: डीपफेक पोस्ट 3 घंटे में टेकडाउन करना जरूरी, जानें और क्या बदला appeared first on Naya Vichar.

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डर या तैयारी की कमी? बड़ी संख्या में यूपी बोर्ड एग्जाम छोड़ रहे हैं छात्र

UP Board Exam 2026: यूपी बोर्ड में बड़ी संख्या में स्टूडेंट्स परीक्षा देते हैं. साल 2025 में करीब 54 लाख स्टूडेंट्स परीक्षा में शामिल हुए थे. वहीं साल 2024 में करीब 53 लाख स्टूडेंट्स यूपी बोर्ड परीक्षा में शामिल हुए थे. इस साल भी 52 लाख से अधिक रजिस्ट्रेशन हुए हैं. लेकिन कई स्टूडेंट्स परीक्षा छोड़ रहे हैं.  यूपी बोर्ड परीक्षा कब से हो रही है?  यूपी बोर्ड की परीक्षाएं 18 फरवरी 2026 से शुरू होकर 12 मार्च 2026 तक आयोजित होंगी. परीक्षा हर दिन दो शिफ्ट में होगी. पहली शिफ्ट सुबह 8:30 से 11:45 बजे और दोपहर 2:00 से 5:15 बजे तक होगी.  हजारों की संख्या में स्टूडेंट्स छोड़ रहे हैं परीक्षा  उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद (UPMSP) की ओर से आयोजित UP बोर्ड 10वीं और 12वीं की परीक्षा 2026 के पहले ही दिन बड़ी संख्या में छात्र परीक्षा देने नहीं पहुंचे. आंकड़ों के अनुसार तीन लाख से अधिक छात्र परीक्षा में शामिल नहीं हुए. दूसरे दिन भी हजारों स्टूडेंट्स की अनुपस्थिति दर्ज की गई, जिससे बोर्ड और अभिभावकों के बीच चिंता बढ़ी है. पहले दिन इतने छात्र रहे गायब  बोर्ड परीक्षा दो पालियों में आयोजित की जा रही है. पहले दिन कुल 52 लाख से अधिक छात्र पंजीकृत थे, लेकिन इनमें से करीब 3 लाख से ज्यादा छात्र परीक्षा में शामिल नहीं हुए. हाई स्कूल (10वीं) में लगभग 1.7 लाख छात्र अनुपस्थित रहे. इंटरमीडिएट (12वीं) में करीब 1.4 लाख छात्र परीक्षा देने नहीं पहुंचे. इस तरह दोनों कक्षाओं को मिलाकर 3 लाख से अधिक छात्रों ने पहले दिन ही एग्जाम छोड़ दिया. दूसरे दिन भी कई स्टूडेंट्स ने छोड़ी परीक्षा  परीक्षा के दूसरे दिन भी बड़ी संख्या में छात्र गैरहाजिर रहे. विभिन्न जिलों से मिली जानकारी के मुताबिक हजारों छात्र निर्धारित परीक्षा केंद्रों पर नहीं पहुंचे. कड़ी निगरानी और सख्त इंतजाम बोर्ड ने परीक्षा को नकलमुक्त और पारदर्शी बनाने के लिए कड़े इंतजाम किए हैं. परीक्षा केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरे, ड्रोन और सख्त चेकिंग की व्यवस्था की गई है. हालांकि, कई स्टूडेंट्स परीक्षा देने नहीं पहुंचें. तैयारी अधूरी होने और परीक्षा के तनाव के कारण ऐसा हो सकता है कि स्टूडेंट्स एग्जाम देने नहीं पहुंचे हों.  यह भी पढ़ें- CBSE मैथ्स पेपर के बाद क्यों रोए छात्र? टीचर्स ने बताया असली वजह The post डर या तैयारी की कमी? बड़ी संख्या में यूपी बोर्ड एग्जाम छोड़ रहे हैं छात्र appeared first on Naya Vichar.

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