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Author name: Vinod Jha

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आखिरी के 7 दिनों में करें UP Board की तैयारी, अपनाएं ये 5 टिप्स

UP Board Exam 2026: उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद (UPMSP) की तरफ से जारी टाइम टेबल के अनुसार, यूपी बोर्ड 10वीं और 12वीं की परीक्षाएं 18 फरवरी से 12 मार्च 2026 के बीच आयोजित होंगी. UP Board Exam 2026 अब बहुत नजदीक आ चुका है. ऐसे में छात्र आखिरी के हफ्ते में एग्जाम की तैयारी के लिए 5 स्मार्ट ट्रिक्स देख सकते हैं. UP Board Exam 2026 सिलेबस के अनुसार स्टडी प्लान सबसे पहले आपको एक सिंपल सा टाइम टेबल बनाना चाहिए. यह बहुत ज्यादा कठिन नहीं होना चाहिए. दिन में किस समय कौन सा विषय पढ़ना है, यह पहले से तय कर लें. सुबह का समय पढ़ाई के लिए सबसे अच्छा होता है, इसलिए इस समय कठिन विषय पढ़ें. दोपहर में हल्के टॉपिक और शाम को रिवीजन करें. जरूरी टॉपिक पर फोकस बोर्ड एग्जाम को बस 7 दिन बचा है ऐसे में अब नया कुछ पढ़ने का समय नहीं है. जो सिलेबस में सबसे जरूरी चैप्टर हैं, उन्हीं पर ध्यान दें. पिछले सालों के पेपर देखकर समझें कि कौन से सवाल बार-बार पूछे जाते हैं. उन्हीं टॉपिक को अच्छे से तैयार करें. अगर कोई चैप्टर बिल्कुल नहीं आता है, तो उसे छोड़ने के बजाय उसके आसान हिस्से जरूर पढ़ लें. लिखकर प्रैक्टिस करें पढ़ी हुई चीज अगर बार-बार न दोहराई जाए, तो जल्दी भूल जाती है. इसलिए हर दिन कम से कम एक बार रिवीजन जरूर करें. साथ ही लिखकर प्रैक्टिस करना भी बहुत जरूरी है. इससे आपकी स्पीड बढ़ेगी और परीक्षा में समय की परेशानी नहीं होगी. गणित, विज्ञान और अकाउंट्स जैसे विषयों में यह तरीका बहुत फायदेमंद होता है. मॉक टेस्ट दें बोर्ड एग्जाम के लिए पुराने प्रश्न पत्र हल करना सबसे अच्छा तरीका है अपनी तैयारी जांचने का. छात्रों को कम से कम हफ्ते में दो से तीन फुल मॉक टेस्ट देने चाहिए. इससे उन्हें परीक्षा के माहौल की आदत हो जाती है. टेस्ट के बाद अपनी गलतियों को समझकर उन्हें सुधारना भी जरूरी है. तनाव से दूर रहें यूपी बोर्ड परीक्षा (UP Board Exam 2026) से पहले घबराहट होना सामान्य बात है, लेकिन ज्यादा तनाव लेने से पढ़ाई पर असर पड़ता है. छात्रों को खुद पर भरोसा रखना चाहिए. जो तैयारी पूरे साल की गई है, वह जरूर काम आएगी. यह भी पढ़ें: यूपी बोर्ड की परीक्षा के लिए जल्द जारी होगा एडमिट कार्ड, जरूर चेक करें ये डिटेल्स The post आखिरी के 7 दिनों में करें UP Board की तैयारी, अपनाएं ये 5 टिप्स appeared first on Naya Vichar.

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चुनाव से पहले सिस्टम होगी री-सेट, इलेक्शन कमीशन ने दिये अफसरों की ट्रांसफर-पोस्टिंग के आदेश

खास बातें बंगाल, तमिलनाडु, केरल, असम और पुडुचेरी में होंगे चुनाव निष्पक्ष चुनाव के लिए प्रशासन का न्यूट्रल रहना जरूरी सिर्फ इलेक्शन ड्यूटी से जुड़े लोगों की ही ट्रांसफर-पोस्टिंग आरोपी अफसरों को इस बार नहीं मिलेगी चुनावी ड्यूटी पश्चिम बंगाल समेत 4 राज्यों और एक केंद्रशासित प्रदेश में होने वाले आगामी विधानसभा चुनावों से पहले इलेक्शन कमीशन सिस्टम को री-सेट करने के मोड में आ गया है. फाइनल वोटर लिस्ट पब्लिश करने और चुनावों की तारीख का ऐलान करने से पहले आयोग ने साफ कर दिया है कि अब कंफर्ट पोस्टिंग नहीं चलेगी. ऐसे अधिकारी, जो लंबे समय से अपने गृह जिले में जमे हुए हैं, उनको अन्य जगहों पर ट्रांसफर करने के निर्देश आयोग ने दे दिये हैं. बंगाल, तमिलनाडु, केरल, असम और पुडुचेरी में होंगे चुनाव चुनाव आयोग ने पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, केरल, असम और पुडुचेरी के चीफ सेक्रेटरीज को लेटर लिखकर कहा है कि इलेक्शन मैनेजमेंट से जुड़े अफसरों को न तो उनके होम डिस्ट्रिक्ट में रखा जाये, न ही ऐसी जगह, जहां वे सालों से पोस्टेड हैं. निष्पक्ष चुनाव के लिए प्रशासन का न्यूट्रल रहना जरूरी इलेक्शन कमीशन ने कहा है कि इन राज्यों की विधानसभाओं का कार्यकाल मई-जून में खत्म हो रहा है. संविधान के मुताबिक, उससे पहले नयी विधानसभा का गठन जरूरी है. ऐसे में निष्पक्ष चुनाव कराने के लिए प्रशासनिक सेटअप न्यूट्रल रहना चाहिए. बंगाल की समाचारें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें सिर्फ इलेक्शन ड्यूटी से जुड़े लोगों की ही ट्रांसफर-पोस्टिंग कमीशन ने यह भी क्लियर कर दिया है कि उन लोगों की ट्रांसफर-पोस्टिंग की कोई जरूरत नहीं है, जो सीधे तौर पर इलेक्शन ड्यूटी में नहीं होंगे. मसलन, प्रशासनी डॉक्टर, इंजीनियर, टीचर या प्रिंसिपल को इस ट्रांसफर पॉलिसी से बाहर रखा गया है. आरोपी अफसरों को इस बार नहीं मिलेगी चुनावी ड्यूटी चुनाव आयोग ने कहा है कि स्टेट हेडक्वार्टर में पोस्टेड अफसरों या सेक्टर ऑफिसर/जोनल मजिस्ट्रेट, जिनको चुनावों के दौरान बड़ी भूमिका निभानी होती है, उन पर यह पॉलिसी लागू नहीं होगी. कमीशन ने यह भी कहा है कि जिन अफसरों पर पहले चुनाव में लापरवाही या गड़बड़ी के आरोप लगे हैं, या जिन लोगों के खिलाफ डिसिप्लीनरी एक्शन पेंडिंग हैं, उन्हें इस बार चुनाव से जुड़ा कोई काम नहीं दिया जायेगा. इसे भी पढ़ें चुनाव आयोग 28 फरवरी को पब्लिश करेगा बंगाल का फाइनल वोटर लिस्ट, ये है SIR 2026 का रिवाइज्ड शेड्यूल बंगाल में 3 बार हारी बीजेपी, अब चौथी हार की बारी, लोकसभा में बोले अभिषेक बनर्जी बंगाल में LoP शुभेंदु अधिकारी को बार-बार निलंबित किया गया, तब कहां था लोकतंत्र : शमिक भट्टाचार्य बंगाल में हिंसा और उत्पीड़न का शिकार हो रहे आम लोग, भाजपा ने टीएमसी पर लगाया सत्ता के दुरुपयोग का आरोप The post चुनाव से पहले सिस्टम होगी री-सेट, इलेक्शन कमीशन ने दिये अफसरों की ट्रांसफर-पोस्टिंग के आदेश appeared first on Naya Vichar.

समस्तीपुर

मुसरीघरारी नगर पंचायत में होगा GIS आधारित संपत्ति सर्वे, एजेंसी को घर-घर जाकर जानकारी जुटाने की अनुमति

नया विचार न्यूज़ सरायरंजन। नगर पंचायत मुसरीघरारी क्षेत्र में जल्द ही GIS (भौगोलिक सूचना प्रणाली) आधारित मानचित्रण एवं संपत्ति सर्वेक्षण का कार्य शुरू किया जाएगा। नगर विकास एवं आवास विभाग, बिहार प्रशासन, पटना के पत्रांक 2901 दिनांक 25 मई 2024 के आलोक में इस कार्य के लिए जीआईएस कंसोर्टियम इंडिया प्राइवेट लिमिटेड को अधिकृत किया गया है। यह जानकारी कार्यपालक पदाधिकारी मुसरीघरारी राकेश रंजन ने दी। उन्होंने बताया कि अधिकृत एजेंसी के कर्मी नगर पंचायत क्षेत्र के अंतर्गत निर्मित सभी भवनों में जाकर उनकी संपूर्ण जानकारी एकत्र करेंगे। इसके तहत भवन का मापीकरण, उपयोग की स्थिति, निर्माण से जुड़ी जानकारी और भवन से संबंधित अन्य आवश्यक विवरण दर्ज किए जाएंगे। साथ ही भवन से जुड़े खाली भूखंड या जमीन के संबंध में भी पूरा विवरण लिया जाएगा। सर्वेक्षण कार्य के दौरान यदि आवश्यक हुआ तो एजेंसी के कर्मी भवन स्वामी से अनुमति प्राप्त कर किसी भी परिसर की जांच कर सकते हैं। जांच पूरी होने के बाद प्रत्येक भवन पर एक यूनिक कोड युक्त नंबर प्लेट लगाई जाएगी, जिससे संपत्ति की पहचान डिजिटल रूप से सुनिश्चित हो सके। इसके अलावा संबंधित भवन की फोटोग्राफी भी की जाएगी। नगर पंचायत प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यह पूरा कार्य एजेंसी द्वारा पूर्णतः निःशुल्क किया जाएगा। इसके लिए किसी भी भवन स्वामी से किसी प्रकार का शुल्क नहीं लिया जाएगा। नगर पंचायत क्षेत्र के सभी भवन स्वामियों, कर्मियों एवं पदाधिकारियों से अपेक्षा की गई है कि वे इस सर्वेक्षण कार्य में प्रतिनियुक्त एजेंसी को पूरा सहयोग प्रदान करें, ताकि कार्य समयबद्ध और सुचारू रूप से पूरा हो सके। इस कार्य के लिए विभागीय नोडल पदाधिकारी के रूप में प्रभा कुमारी एवं तौसीफ आलम को प्राधिकृत किया गया है। किसी भी प्रकार की विशेष जानकारी या समस्या के समाधान हेतु नागरिक प्रत्येक कार्य दिवस को कार्यालय समय में उनसे संपर्क कर सकते हैं। नगर पंचायत प्रशासन के अनुसार यह सर्वे भविष्य की नगर नियोजन और विकास योजनाओं के लिए बेहद महत्वपूर्ण साबित होगा।

समस्तीपुर

फाइलेरिया से बचाव हेतु निशुल्क दवा वितरण शिविर का आयोजन

नया विचार न्यूज़ सरायरंजन: प्रखंड के सरायरंजन स्थित केदार संत रामाश्रय महाविद्यालय में मंगलवार को हिंदुस्तान फाइलेरिया उन्मूलन अभियान के तहत फाइलेरिया से रोकथाम एवं बचाव हेतु निशुल्क दवा वितरण शिविर लगाया गया। यह कार्यक्रम महाविद्यालय के प्रधानाचार्य डॉ. विपिन कुमार झा के निर्देशन एवं राष्ट्रीय सेवा योजना के कार्यक्रम पदाधिकारी प्रो. रमेश कुमार के संचालन में कार्यक्रम चलाया गया। पीरामल फाउंडेशन के द्वारा आयोजित दवा वितरण शिविर में समस्तीपुर के डीईओ डॉ.विशाल कुमार,डीडीसीओ गौतम प्रसाद, सरायरंजन सीएचसी प्रभारी डॉ.अमित कुमार, हेल्थ मैनेजर फिरदौस तथा पिरामल टीम के बैद्यनाथ चौरसिया, सुबोध कुमार, मनीष कुमार के मौजूदगी में दवा खिलाने का कार्यक्रम चलाया गया। सर्वप्रथम महाविद्यालय के प्रधानाचार्य डॉ. विपिन कुमार झा ने दवा खाकर छात्र-छात्राओं एवं अन्य महाविद्यालय के कर्मचारियों को भी दवा खाने के लिए प्रेरित किया। मौके पर महाविद्यालय के शिक्षक एवं कर्मचारीगण तथा सैकड़ो छात्र- छात्राओं की मौजूदगी रही।

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PM Modi, सोनिया गांधी से मिले सचिन तेंदुलकर; अर्जुन की शादी का दिया न्योता

सचिन तेंदुलकर ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात कर अपने बेटे क्रिकेटर अर्जुन तेंदुलकर की शादी का न्योता दिया. पीएम मोदी के साथ भेंट के बाद सचिन ने एक्स पर तस्वीरें शेयर की और मुलाकात की जानकारी दी. सचिन ने एक्स पर लिखा- अर्जुन और सानिया की शादी में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को बुलाकर हमें गर्व महसूस हुआ. मोदी जी, इस युवा जोड़े के लिए आपके आशीर्वाद और अच्छी सलाह के लिए धन्यवाद. We were honoured to invite Hon’ble Prime Minister Shri @narendramodi ji to Arjun and Saaniya’s wedding. Thank you, Modi ji, for your blessings and thoughtful advice for the young couple. pic.twitter.com/7oxOZm3i5X — Sachin Tendulkar (@sachin_rt) February 10, 2026 गृह मंत्री अमित शाह को भी शादी का दिया न्योता सचिन तेंदुलकर ने एक्स पर केंद्रीय मंत्री अमित शाह के साथ अपनी तस्वीर शेयर की. जिसमें सचिन अपनी पूरी फैमली के साथ नजर आ रहे हैं. सचिन ने एक्स पर लिखा- हमने माननीय गृह मंत्री अमित शाह जी को अर्जुन और सानिया की शादी में बुलाया है. हमारे परिवार को इतने प्यार से स्वागत करने के लिए धन्यवाद. We cordially invited Hon’ble Home Minister Shri @AmitShah ji to Arjun and Saaniya’s wedding. Thank you for the warmth extended to our family, we deeply appreciate your kind wishes. pic.twitter.com/IfcNIms6qK — Sachin Tendulkar (@sachin_rt) February 10, 2026 सचिन तेंदुलकर ने सोनिया गांधी को भी शादी का दिया न्योता सचिन तेंदुलकर अपनी पूरी फैमली के साथ मंगलवार को कांग्रेस पार्लियामेंट्री पार्टी की चेयरपर्सन सोनिया गांधी के घर 10 जनपथ पहुंचे. जहां उनसे मुलाकात कर बेटे अर्जुन तेंदुलकर की शादी का न्योता दिया. इस दौरान पत्नी अंजली, बेटी सारा, बेटा अर्जुन और उनकी होनी वाली दुल्हनियां भी साथ थे. #WATCH | Delhi: Cricket legend Sachin Tendulkar leaves from 10, Janpath – the residence of Congress Parliamentary Party Chairperson Sonia Gandhi. His wife, Anjali Tendulkar is also with him. pic.twitter.com/lu9CJUMq1T — ANI (@ANI) February 10, 2026 कब है अर्जुन तेंदुलकर की शादी? अर्जुन तेंदुलकर और सानिया चंडोक की शादी मार्च में होने की संभावना है. मीडिया रिपोर्ट के अनुसार शादी 5 मार्च को होने की संभावना है. वैवाहिक कार्यक्रम मुंबई में ही होने की उम्मीद की जा रही है. अर्जुन की होने वाली पत्नी एक सफल एंटरप्रेन्योर हैं. जो मुंबई के मशहूर बिजनेसमैन रवि घई की पोती हैं. The post PM Modi, सोनिया गांधी से मिले सचिन तेंदुलकर; अर्जुन की शादी का दिया न्योता appeared first on Naya Vichar.

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बिहार बनेगा अगला फिल्म हब, नई फिल्म नीति पर मनोज बाजपेयी ने दिया बयान

Bihar News: पद्मश्री से सम्मानित अभिनेता मनोज बाजपेयी ने मंगलवार को बिहार संग्रहालय का भ्रमण किया. इस दौरान उन्होंने बिहार की सांस्कृतिक विरासत के साथ-साथ राज्य की फिल्म निर्माण संभावनाओं पर भी खुलकर बात की. राज्य प्रशासन की नई फिल्म प्रोत्साहन नीति को एक ‘क्रांतिकारी कदम’ करार दिया. बिहार फिल्म प्रोत्साहन नीति- निर्माताओं के लिए रेड कार्पेट बिहार फिल्म प्रोत्साहन नीति को लेकर उन्होंने कहा कि यह नीति राज्य को राष्ट्रीय स्तर पर फिल्म निर्माताओं के लिए एक आकर्षक केंद्र बना रही है और आने वाले समय में इसके सकारात्मक परिणाम दिखेंगे. मनोज बाजपेयी ने कहा कि वे बिहार फिल्म प्रोत्साहन नीति के निर्माण की शुरुआत से ही इससे जुड़े रहे हैं. उनके अनुसार, नीति के लागू होने के बाद देशभर के फिल्म निर्माता बिहार की ओर रुख कर रहे हैं, जो राज्य के सांस्कृतिक और आर्थिक विकास के लिए बेहद अहम है. उन्होंने भरोसा जताया कि इस नीति से बिहार में फिल्म निर्माण को नई गति मिलेगी और स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे. स्थानीय युवाओं को मिलेगा अभिनय बातचीत के दौरान अभिनेता ने कहा कि यदि बिहार में बेहतर शूटिंग लोकेशन, आधुनिक तकनीकी संसाधन और प्रशिक्षण संस्थान विकसित किए जाते हैं, तो राज्य के युवाओं को अभिनय, निर्देशन और फिल्म निर्माण के क्षेत्र में बड़े अवसर मिल सकते हैं. उन्होंने यह भी कहा कि बिहार की सामाजिक कहानियां और ऐतिहासिक पृष्ठभूमि सिनेमा के लिए बेहद समृद्ध विषय हैं, जिन्हें राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंच पर प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया जा सकता है. बिहार म्यूजियम में दिखी इतिहास की जीवंत झलक बिहार संग्रहालय भ्रमण के दौरान मनोज बाजपेयी ने पाषाण काल, नवपाषाण और ताम्रपाषाण काल से लेकर मौर्य, मगध, गुप्त और मुगल काल तक की ऐतिहासिक यात्रा को करीब से देखा. उन्होंने उस दौर की मूर्तियों, बर्तनों, खिलौनों और औजारों के माध्यम से हिंदुस्तानीय सभ्यता के विकास को समझा. अभिनेता ने कहा कि बिहार म्यूजियम हिंदुस्तानीय संस्कृति और इतिहास को बेहद जीवंत रूप में प्रस्तुत करता है. संस्कृति संरक्षण के लिए विभाग की सराहना मनोज बाजपेयी ने बिहार संग्रहालय की आधुनिकता और परंपरा के संतुलन की प्रशंसा करते हुए कला एवं संस्कृति विभाग का आभार जताया. उन्होंने इसे न केवल बिहार बल्कि पूरे देश के लिए गर्व का विषय बताया. साथ ही उन्होंने राज्य प्रशासन से आग्रह किया कि दूर-दराज के इलाकों में रहने वाले बच्चों को विशेष रूप से बिहार म्यूजियम का भ्रमण कराया जाए, ताकि वे अपने गौरवशाली इतिहास और सांस्कृतिक धरोहर से जुड़ सकें. इस अवसर पर कला एवं संस्कृति विभाग के सचिव प्रणव कुमार और बिहार म्यूजियम के महानिदेशक अंजनी कुमार सिंह भी उपस्थित रहे. Also Read: संकट में राजपाल यादव का सहारा बने तेज प्रताप यादव, 11 लाख रुपये की मदद का ऐलान The post बिहार बनेगा अगला फिल्म हब, नई फिल्म नीति पर मनोज बाजपेयी ने दिया बयान appeared first on Naya Vichar.

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अजित पवार का प्लेन क्रैश हादसा या साजिश? रोहित पवार ने उठाए सवाल

Ajit Pawar Plane Crash: एनसीपी शरद पवार गुट के विधायक रोहित पवार ने अजित पवार के विमान हादसे पर बड़ा दावा किया है. मंगलवार को रोहित पवार ने इस पूरे हादसे पर एक प्रेजेंटेशन दिखाया. अपने प्रेजेंटेशन में उन्होंने महाराष्ट्र के पूर्व उप मुख्यमंत्री अजित पवार के विमान हादसे को लेकर कई सवाल उठाए. रोहित ने कहा “अजीत पवार का विमान हादसा किसी साजिश का हिस्सा हो सकता है. हमने दुर्घटना से जुड़ी कुछ बातों की जांच भी की है. एक किताब में लिखा है कि अगर किसी को मारना हो तो सबसे आसान तरीका है उसके ड्राइवर को मार देना. हादसे से एक दिन पहले शाम को दादा को मुंबई से पुणे कार से आना था. उस समय काफिला भी निकल चुका था. लेकिन दादा कार से क्यों नहीं निकले? अजीत दादा को एक बड़े नेता से मिलना था.” Mumbai, Maharashtra: NCP-SCP leader Rohit Pawar says, “Ajit Pawar’s plane crash could be a part of the conspiracy. We also investigated some things about Ajit Pawar’s accident. A book states that if you want to kill a person, the easiest way is to kill that person’s driver. The… pic.twitter.com/qf3jwEUwSE — ANI (@ANI) February 10, 2026 कैप्टन सुमित कपूर के रिकॉर्ड पर सवाल? रोहित पवार ने एक मीडिया से बात करते हुए विमान की कमान संभाल रहे कैप्टन सुमित कपूर के पिछले रिकॉर्ड पर सवाल उठाया. उन्होंने शराब पीने के कारण उनके तीन साल के सस्पेंशन की भी बात कही. उन्होंने कहा कि अपराध जांच विभाग (CID) के पास इस हादसे की पूरी जांच करने का अधिकार नहीं है. इसके साथ ही उन्होंने विभिन्न विशेषज्ञ एजेंसियों की ओर से व्यापक जांच कराये जाने की मांग की, जिनमें हिंदुस्तानीय एजेंसियों के अलावा राष्ट्रीय परिवहन सुरक्षा बोर्ड, नागरिक विमानन सुरक्षा जांच एवं विश्लेषण ब्यूरो, ब्रिटेन की विमान दुर्घटना जांच शाखा (AAIB) शामिल हों. उन्होंने आगे आरोप लगाया कि दुर्घटनाग्रस्त लियरजेट विमान की मालिकाना कंपनी ‘वीएसआर’ का डीजीसीए के अधिकारियों पर प्रभाव है और वह ‘कुछ भी करके बच सकती है.’ ‘महज दुर्घटना नहीं, साजिश की बू’- रोहित पवार रोहित पवार ने कहा कि वीएसआर कंपनी के एक विमान के 2023 में हुए हादसे की अंतिम जांच रिपोर्ट पहले ही पेश कर दी गई है. इसके बावजूद, वीएसआर कंपनी के विमान अब भी उच्चस्तरीय नेताओं द्वारा उपयोग किए जा रहे हैं. उन्होंने यह सवाल भी उठाया कि कंपनी का परिचालन लाइसेंस कभी क्यों रद्द नहीं किया गया. रोहित पवार ने कहा कि बुकिंग करने वाली कंपनी एरो, वीएसआर कंपनी और पायलट सुमित कपूर पर गंभीर संदेह हैं. उन्होंने आरोप लगाया ‘‘हमें नहीं लगता कि यह महज एक दुर्घटना थी. इसमें साजिश की बू है.’’ दुर्घटना से पहले के घटनाक्रम पर भी रोहित ने उठाए सवाल रोहित पवार ने दुर्घटना से पहले के घटनाक्रम को लेकर कई सवाल उठाए. उन्होंने पूछा कि क्या अंतिम क्षणों से पहले विमान का ट्रांसपोंडर जानबूझकर बंद कर दिया गया था? रोहित पवार के अनुसार, मूल पायलट -साहिल मदान और यश- कथित तौर पर यातायात के कारण देरी से पहुंचे थे. उन्होंने पूछा ‘‘तो सुमित कपूर और शांभवी पाठक हवाई अड्डे तक कैसे पहुंचे? क्या वे आसपास ही रहते थे?’’ उन्होंने यह भी कहा कि पाठक को कपूर की तुलना में लियरजेट उड़ाने का अधिक अनुभव था. उन्होंने दावा किया कि विमान के एक तरफ झुकने पर कपूर चुप रहे. एनसीपी (शरद पवार) विधायक ने पूछा, ‘‘ सुमित कपूर ने मुश्किल रनवे 11 की मांग क्यों की और दृश्यता की समस्या के बावजूद लैंडिंग का प्रयास क्यों किया?’’ (भाषा इनपुट) The post अजित पवार का प्लेन क्रैश हादसा या साजिश? रोहित पवार ने उठाए सवाल appeared first on Naya Vichar.

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रणवीर सिंह को मिली जान से मारने की धमकी, घर के बाहर कड़ी सुरक्षा

Ranveer Singh Threat: बॉलीवुड में एक बार फिर दहशत का माहौल बन गया है. अभिनेता रणवीर सिंह को एक अनजान शख्स की ओर से धमकी भरा वॉइस नोट भेजा गया है, जिसमें उनसे करोड़ों रुपये की फिरौती मांगी गई है. इस घटना के सामने आते ही मुंबई पुलिस हरकत में आ गई है और मामले की गंभीरता से जांच शुरू कर दी गई है. बताया जा रहा है कि यह धमकी व्हाट्सएप वॉइस नोट के जरिए भेजी गई है. जैसे ही रणवीर सिंह को इस मैसेज की जानकारी मिली, उन्होंने तुरंत इसकी सूचना पुलिस को दी. इसके बाद उनके घर के बाहर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है. पुलिस वॉइस नोट की तकनीकी जांच कर रही है और भेजने वाले शख्स की पहचान करने की कोशिश में जुटी है. रोहित शेट्टी फायरिंग केस के बाद बढ़ी सतर्कता मुंबई पुलिस के अनुसार, यह धमकी ऐसे समय में सामने आई है, जब कुछ दिन पहले ही फिल्म निर्माता-निर्देशक रोहित शेट्टी के घर के बाहर फायरिंग की घटना हुई थी. 31 जनवरी की देर रात जुहू स्थित रोहित शेट्टी के घर के बाहर पांच राउंड फायरिंग की गई थी. हालांकि इस घटना में कोई घायल नहीं हुआ था, लेकिन इसने सुरक्षा एजेंसियों की चिंता जरूर बढ़ा दी थी. पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि कहीं रणवीर सिंह को मिली धमकी का संबंध उस फायरिंग केस से तो नहीं है. फिलहाल हर एंगल से जांच की जा रही है. रणवीर–दीपिका की सोसाइटी में भी चिंता धमकी की समाचार सामने आने के बाद रणवीर सिंह और दीपिका पादुकोण जिस सोसाइटी में रहते हैं, वहां के लोगों में भी बेचैनी देखी जा रही है. सोसाइटी के बाहर बड़ी संख्या में तैनात सशस्त्र सुरक्षा गार्ड्स को देखकर कई लोगों ने सुरक्षा को लेकर चिंता जताई है. हालांकि पुलिस का कहना है कि यह एहतियाती कदम है और स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है. The post रणवीर सिंह को मिली जान से मारने की धमकी, घर के बाहर कड़ी सुरक्षा appeared first on Naya Vichar.

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सरकार ने बनाया नया IT नियम: AI कंटेंट लेबल करना हुआ जरूरी, टेकडाउन का भी समय घटाया

प्रशासन ने AI से बने कंटेंट के लिए नए नियम बना दिए हैं. नई प्रशासनी नियमों के मुताबिक अब सभी AI-जनरेटेड कंटेंट, जैसे कि डीपफेक वीडियो, सिंथेटिक ऑडियो या बदले हुए विजुअल्स, पर साफ-साफ लेबल लगाना जरूरी है. प्रशासन ने पहली बार इसे औपचारिक नियमों के तहत लाया है. इसे गजट नोटिफिकेशन G.S.R. 120(E) के जरिए जारी किया गया और जॉइंट सेक्रेटरी अजीत कुमार ने साइन किया है. ये नए नियम 20 फरवरी 2026 से लागू होंगे. मकसद साफ है. प्लेटफॉर्म्स को हर AI-जनरेटेड कंटेंट पर ऐसा लेबल लगाना होगा, जिसे यूजर तुरंत पहचान सके. साथ ही, कंटेंट में पर्सिस्टेंट मेटाडेटा और यूनिक आइडेंटिफायर भी डालना होगा, ताकि इसके सोर्स का पता चल सके. और एक बार लेबल लग जाने के बाद इसे बदलना, हटा देना या छुपाना मुमकिन नहीं होगा. Central Government makes rules to further amend the Information Technology (Intermediary Guidelines and Digital Media Ethics Code) Rules, 2021. The Information Technology (Intermediary Guidelines and Digital Media Ethics Code) Amendment Rules, 2026 to come into force on 20th… pic.twitter.com/1revNm7lC9 — ANI (@ANI) February 10, 2026 AI-जनरेटेड कंटेंट का क्या मतलब होगा? प्रशासन अब पहली बार ‘सिंथेटिक रूप से बनाई गई जानकारी’ यानी AI-जनरेटेड कंटेंट की आधिकारिक परिभाषा लेकर आई है. इसमें वो सब ऑडियो, वीडियो या ऑडियो-वीजुअल कंटेंट आता है जो कंप्यूटर की मदद से बनाया या बदल दिया गया हो और जो असली जैसा दिखे. जैसे किसी इंसान या घटना को असली लगने वाला तरीके से दिखाया गया हो. लेकिन हर तरह का फिल्टर इस्तेमाल करना AI कंटेंट नहीं माना जाएगा. जैसे रंग ठीक करना, आवाज साफ करना, फाइल साइज कम करना या अनुवाद करना. अगर इनसे असली मतलब नहीं बदलता, तो ये इस परिभाषा में नहीं आते. Instagram, YouTube और Facebook को अब कड़े नियमों का पालन करना होगा भारी जिम्मेदारी अब बड़े सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स जैसे Instagram, YouTube और Facebook पर है. नए Rule 4(1A) के तहत, किसी यूजर के पोस्ट अपलोड करने से पहले प्लेटफॉर्म को पूछना होगा कि क्या ये कंटेंट AI-generated है? लेकिन बस यूजर से पूछ लेना ही काफी नहीं है. प्लेटफॉर्म्स को अपने ऑटोमेटेड टूल्स भी लगाना होंगे, जो कंटेंट के फॉर्मेट, सोर्स और नेचर को चेक करें, ताकि अपलोड होने से पहले सच में सही जानकारी मिल सके. अगर कंटेंट सिंथेटिक यानी AI-जनरेटेड पाया जाता है, तो उस पर साफ-साफ डिस्क्लोजर टैग लगाना जरूरी है. पहले 36 घंटे थे, अब सिर्फ तीन घंटे अब प्लेटफॉर्म्स को कुछ कानूनी आदेशों पर कार्रवाई करने के लिए सिर्फ तीन घंटे मिलेंगे. पहले ये समय 36 घंटे था. 15 दिन की समय सीमा अब सात दिन रह गई है. 24 घंटे का डेडलाइन अब 12 घंटे हो गया है. नए नियम सीधे सिंथेटिक (कृत्रिम) कंटेंट और अपराध कानून से जोड़ते हैं. अगर ऐसा कंटेंट बच्चों के यौन शोषण से जुड़ा, अश्लील, झूठे इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड, विस्फोटक सामग्री या किसी की पहचान और आवाज का गलत रूप दिखाने वाला डिपफेक है, तो अब ये हिंदुस्तानीय न्याय संहिता, POCSO एक्ट और विस्फोटक पदार्थ अधिनियम (Explosive Substances Act) के तहत आएगा. The post प्रशासन ने बनाया नया IT नियम: AI कंटेंट लेबल करना हुआ जरूरी, टेकडाउन का भी समय घटाया appeared first on Naya Vichar.

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बिरला ने खींची लकीर, नोटिस का निपटारा पहले, फिर सदन में वापसी

न्यूज एजेंसी एएनआई ने सूत्रों के हवाले से बताया- लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने नैतिक आधार पर फैसला किया है कि नोटिस का निपटारा होने तक वह सदन की कार्यवाही में शामिल नहीं होंगे. बिरला ने लोकसभा महासचिव को दिया निर्देश बिरला ने लोकसभा महासचिव उत्पल कुमार सिंह को निर्देश दिया है कि वह विपक्ष के नोटिस की जांच कर उचित कार्रवाई करें. Lok Sabha Speaker Om Birla decided on moral grounds that he will not attend the proceedings of House till disposal of notice: Sources — ANI (@ANI) February 10, 2026 विपक्ष ने बिरला को पद से हटाने के लिए प्रस्ताव लाने के लिए दिया नोटिस विपक्ष ने बिरला को पद से हटाने के लिए प्रस्ताव लाने संबंधी नोटिस मंगलवार को लोकसभा महासचिव को सौंपा और बिरला पर पक्षपातपूर्ण तरीके से सदन संचालित करने, कांग्रेस सदस्यों पर झूठे इल्जाम लगाने तथा अपने पद का दुरुपयोग करने का आरोप लगाया. लोकसभा सचिवालय के सूत्रों ने विपक्ष का नोटिस मिलने की बात स्वीकार करते हुए कहा कि इस पर विचार किया जाएगा और नियमों के अनुसार कार्रवाई की जाएगी. नोटिस में 118 सांसदों के हस्ताक्षर, राहुल गांधी का नाम नहीं लोकसभा में कांग्रेस के उप नेता गौरव गोगोई, कांग्रेस के मुख्य सचेतक कोडिकुनिल सुरेश और सचेतक मोहम्मद जावेद ने लोकसभा महासचिव उत्पल कुमार सिंह को बिरला के खिलाफ नोटिस सौंपा. नोटिस पर कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, द्रमुक और कई अन्य विपक्षी दलों के 118 से अधिक सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं. हालांकि राहुल गांधी ने नोटिस में साइन नहीं किया. तृणमूल कांग्रेस के सांसदों ने भी इस नोटिस पर हस्ताक्षर नहीं किए हैं. संविधान के अनुच्छेद 94 (सी) के तहत नोटिस दी गई कांग्रेस नेता गोगोई ने कहा कि लोकसभा महासचिव को संविधान के अनुच्छेद 94 (सी) के तहत यह प्रस्ताव संबंधी नोटिस सौंपा गया है. नोटिस में कहा गया है, हम हिंदुस्तान के संविधान के अनुच्छेद 94(सी) के प्रावधानों के अंतर्गत लोकसभा अध्यक्ष को पद से हटाने के लिए एक प्रस्ताव लाने का नोटिस देते हैं, क्योंकि जिस तरह से वह लोकसभा की कार्यवाही का संचालन कर रहे हैं, वह खुले तौर पर पक्षपातपूर्ण है. कई अवसरों पर विपक्षी दलों के नेताओं को बोलने ही नहीं दिया गया, जबकि यह संसद में उनका मूल लोकतांत्रिक अधिकार है. विपक्ष ने नोटिस में कहा, बीते दो फरवरी को लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी को राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर बोलते समय अपना भाषण पूरा नहीं करने दिया गया. यह कोई अकेली घटना नहीं है. करीब-करीब हमेशा ही ऐसा होता है कि लोकसभा में विपक्ष के नेता को बोलने नहीं दिया जाता. ये भी पढ़ें: लोकसभा अध्यक्ष के खिलाफ प्रस्ताव पास हुआ, तो क्या प्रशासन पर होगा कोई असर? The post बिरला ने खींची लकीर, नोटिस का निपटारा पहले, फिर सदन में वापसी appeared first on Naya Vichar.

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