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Author name: Vinod Jha

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PM Modi, सोनिया गांधी से मिले सचिन तेंदुलकर; अर्जुन की शादी का दिया न्योता

सचिन तेंदुलकर ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात कर अपने बेटे क्रिकेटर अर्जुन तेंदुलकर की शादी का न्योता दिया. पीएम मोदी के साथ भेंट के बाद सचिन ने एक्स पर तस्वीरें शेयर की और मुलाकात की जानकारी दी. सचिन ने एक्स पर लिखा- अर्जुन और सानिया की शादी में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को बुलाकर हमें गर्व महसूस हुआ. मोदी जी, इस युवा जोड़े के लिए आपके आशीर्वाद और अच्छी सलाह के लिए धन्यवाद. We were honoured to invite Hon’ble Prime Minister Shri @narendramodi ji to Arjun and Saaniya’s wedding. Thank you, Modi ji, for your blessings and thoughtful advice for the young couple. pic.twitter.com/7oxOZm3i5X — Sachin Tendulkar (@sachin_rt) February 10, 2026 गृह मंत्री अमित शाह को भी शादी का दिया न्योता सचिन तेंदुलकर ने एक्स पर केंद्रीय मंत्री अमित शाह के साथ अपनी तस्वीर शेयर की. जिसमें सचिन अपनी पूरी फैमली के साथ नजर आ रहे हैं. सचिन ने एक्स पर लिखा- हमने माननीय गृह मंत्री अमित शाह जी को अर्जुन और सानिया की शादी में बुलाया है. हमारे परिवार को इतने प्यार से स्वागत करने के लिए धन्यवाद. We cordially invited Hon’ble Home Minister Shri @AmitShah ji to Arjun and Saaniya’s wedding. Thank you for the warmth extended to our family, we deeply appreciate your kind wishes. pic.twitter.com/IfcNIms6qK — Sachin Tendulkar (@sachin_rt) February 10, 2026 सचिन तेंदुलकर ने सोनिया गांधी को भी शादी का दिया न्योता सचिन तेंदुलकर अपनी पूरी फैमली के साथ मंगलवार को कांग्रेस पार्लियामेंट्री पार्टी की चेयरपर्सन सोनिया गांधी के घर 10 जनपथ पहुंचे. जहां उनसे मुलाकात कर बेटे अर्जुन तेंदुलकर की शादी का न्योता दिया. इस दौरान पत्नी अंजली, बेटी सारा, बेटा अर्जुन और उनकी होनी वाली दुल्हनियां भी साथ थे. #WATCH | Delhi: Cricket legend Sachin Tendulkar leaves from 10, Janpath – the residence of Congress Parliamentary Party Chairperson Sonia Gandhi. His wife, Anjali Tendulkar is also with him. pic.twitter.com/lu9CJUMq1T — ANI (@ANI) February 10, 2026 कब है अर्जुन तेंदुलकर की शादी? अर्जुन तेंदुलकर और सानिया चंडोक की शादी मार्च में होने की संभावना है. मीडिया रिपोर्ट के अनुसार शादी 5 मार्च को होने की संभावना है. वैवाहिक कार्यक्रम मुंबई में ही होने की उम्मीद की जा रही है. अर्जुन की होने वाली पत्नी एक सफल एंटरप्रेन्योर हैं. जो मुंबई के मशहूर बिजनेसमैन रवि घई की पोती हैं. The post PM Modi, सोनिया गांधी से मिले सचिन तेंदुलकर; अर्जुन की शादी का दिया न्योता appeared first on Naya Vichar.

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बिहार बनेगा अगला फिल्म हब, नई फिल्म नीति पर मनोज बाजपेयी ने दिया बयान

Bihar News: पद्मश्री से सम्मानित अभिनेता मनोज बाजपेयी ने मंगलवार को बिहार संग्रहालय का भ्रमण किया. इस दौरान उन्होंने बिहार की सांस्कृतिक विरासत के साथ-साथ राज्य की फिल्म निर्माण संभावनाओं पर भी खुलकर बात की. राज्य प्रशासन की नई फिल्म प्रोत्साहन नीति को एक ‘क्रांतिकारी कदम’ करार दिया. बिहार फिल्म प्रोत्साहन नीति- निर्माताओं के लिए रेड कार्पेट बिहार फिल्म प्रोत्साहन नीति को लेकर उन्होंने कहा कि यह नीति राज्य को राष्ट्रीय स्तर पर फिल्म निर्माताओं के लिए एक आकर्षक केंद्र बना रही है और आने वाले समय में इसके सकारात्मक परिणाम दिखेंगे. मनोज बाजपेयी ने कहा कि वे बिहार फिल्म प्रोत्साहन नीति के निर्माण की शुरुआत से ही इससे जुड़े रहे हैं. उनके अनुसार, नीति के लागू होने के बाद देशभर के फिल्म निर्माता बिहार की ओर रुख कर रहे हैं, जो राज्य के सांस्कृतिक और आर्थिक विकास के लिए बेहद अहम है. उन्होंने भरोसा जताया कि इस नीति से बिहार में फिल्म निर्माण को नई गति मिलेगी और स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे. स्थानीय युवाओं को मिलेगा अभिनय बातचीत के दौरान अभिनेता ने कहा कि यदि बिहार में बेहतर शूटिंग लोकेशन, आधुनिक तकनीकी संसाधन और प्रशिक्षण संस्थान विकसित किए जाते हैं, तो राज्य के युवाओं को अभिनय, निर्देशन और फिल्म निर्माण के क्षेत्र में बड़े अवसर मिल सकते हैं. उन्होंने यह भी कहा कि बिहार की सामाजिक कहानियां और ऐतिहासिक पृष्ठभूमि सिनेमा के लिए बेहद समृद्ध विषय हैं, जिन्हें राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंच पर प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया जा सकता है. बिहार म्यूजियम में दिखी इतिहास की जीवंत झलक बिहार संग्रहालय भ्रमण के दौरान मनोज बाजपेयी ने पाषाण काल, नवपाषाण और ताम्रपाषाण काल से लेकर मौर्य, मगध, गुप्त और मुगल काल तक की ऐतिहासिक यात्रा को करीब से देखा. उन्होंने उस दौर की मूर्तियों, बर्तनों, खिलौनों और औजारों के माध्यम से हिंदुस्तानीय सभ्यता के विकास को समझा. अभिनेता ने कहा कि बिहार म्यूजियम हिंदुस्तानीय संस्कृति और इतिहास को बेहद जीवंत रूप में प्रस्तुत करता है. संस्कृति संरक्षण के लिए विभाग की सराहना मनोज बाजपेयी ने बिहार संग्रहालय की आधुनिकता और परंपरा के संतुलन की प्रशंसा करते हुए कला एवं संस्कृति विभाग का आभार जताया. उन्होंने इसे न केवल बिहार बल्कि पूरे देश के लिए गर्व का विषय बताया. साथ ही उन्होंने राज्य प्रशासन से आग्रह किया कि दूर-दराज के इलाकों में रहने वाले बच्चों को विशेष रूप से बिहार म्यूजियम का भ्रमण कराया जाए, ताकि वे अपने गौरवशाली इतिहास और सांस्कृतिक धरोहर से जुड़ सकें. इस अवसर पर कला एवं संस्कृति विभाग के सचिव प्रणव कुमार और बिहार म्यूजियम के महानिदेशक अंजनी कुमार सिंह भी उपस्थित रहे. Also Read: संकट में राजपाल यादव का सहारा बने तेज प्रताप यादव, 11 लाख रुपये की मदद का ऐलान The post बिहार बनेगा अगला फिल्म हब, नई फिल्म नीति पर मनोज बाजपेयी ने दिया बयान appeared first on Naya Vichar.

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अजित पवार का प्लेन क्रैश हादसा या साजिश? रोहित पवार ने उठाए सवाल

Ajit Pawar Plane Crash: एनसीपी शरद पवार गुट के विधायक रोहित पवार ने अजित पवार के विमान हादसे पर बड़ा दावा किया है. मंगलवार को रोहित पवार ने इस पूरे हादसे पर एक प्रेजेंटेशन दिखाया. अपने प्रेजेंटेशन में उन्होंने महाराष्ट्र के पूर्व उप मुख्यमंत्री अजित पवार के विमान हादसे को लेकर कई सवाल उठाए. रोहित ने कहा “अजीत पवार का विमान हादसा किसी साजिश का हिस्सा हो सकता है. हमने दुर्घटना से जुड़ी कुछ बातों की जांच भी की है. एक किताब में लिखा है कि अगर किसी को मारना हो तो सबसे आसान तरीका है उसके ड्राइवर को मार देना. हादसे से एक दिन पहले शाम को दादा को मुंबई से पुणे कार से आना था. उस समय काफिला भी निकल चुका था. लेकिन दादा कार से क्यों नहीं निकले? अजीत दादा को एक बड़े नेता से मिलना था.” Mumbai, Maharashtra: NCP-SCP leader Rohit Pawar says, “Ajit Pawar’s plane crash could be a part of the conspiracy. We also investigated some things about Ajit Pawar’s accident. A book states that if you want to kill a person, the easiest way is to kill that person’s driver. The… pic.twitter.com/qf3jwEUwSE — ANI (@ANI) February 10, 2026 कैप्टन सुमित कपूर के रिकॉर्ड पर सवाल? रोहित पवार ने एक मीडिया से बात करते हुए विमान की कमान संभाल रहे कैप्टन सुमित कपूर के पिछले रिकॉर्ड पर सवाल उठाया. उन्होंने शराब पीने के कारण उनके तीन साल के सस्पेंशन की भी बात कही. उन्होंने कहा कि अपराध जांच विभाग (CID) के पास इस हादसे की पूरी जांच करने का अधिकार नहीं है. इसके साथ ही उन्होंने विभिन्न विशेषज्ञ एजेंसियों की ओर से व्यापक जांच कराये जाने की मांग की, जिनमें हिंदुस्तानीय एजेंसियों के अलावा राष्ट्रीय परिवहन सुरक्षा बोर्ड, नागरिक विमानन सुरक्षा जांच एवं विश्लेषण ब्यूरो, ब्रिटेन की विमान दुर्घटना जांच शाखा (AAIB) शामिल हों. उन्होंने आगे आरोप लगाया कि दुर्घटनाग्रस्त लियरजेट विमान की मालिकाना कंपनी ‘वीएसआर’ का डीजीसीए के अधिकारियों पर प्रभाव है और वह ‘कुछ भी करके बच सकती है.’ ‘महज दुर्घटना नहीं, साजिश की बू’- रोहित पवार रोहित पवार ने कहा कि वीएसआर कंपनी के एक विमान के 2023 में हुए हादसे की अंतिम जांच रिपोर्ट पहले ही पेश कर दी गई है. इसके बावजूद, वीएसआर कंपनी के विमान अब भी उच्चस्तरीय नेताओं द्वारा उपयोग किए जा रहे हैं. उन्होंने यह सवाल भी उठाया कि कंपनी का परिचालन लाइसेंस कभी क्यों रद्द नहीं किया गया. रोहित पवार ने कहा कि बुकिंग करने वाली कंपनी एरो, वीएसआर कंपनी और पायलट सुमित कपूर पर गंभीर संदेह हैं. उन्होंने आरोप लगाया ‘‘हमें नहीं लगता कि यह महज एक दुर्घटना थी. इसमें साजिश की बू है.’’ दुर्घटना से पहले के घटनाक्रम पर भी रोहित ने उठाए सवाल रोहित पवार ने दुर्घटना से पहले के घटनाक्रम को लेकर कई सवाल उठाए. उन्होंने पूछा कि क्या अंतिम क्षणों से पहले विमान का ट्रांसपोंडर जानबूझकर बंद कर दिया गया था? रोहित पवार के अनुसार, मूल पायलट -साहिल मदान और यश- कथित तौर पर यातायात के कारण देरी से पहुंचे थे. उन्होंने पूछा ‘‘तो सुमित कपूर और शांभवी पाठक हवाई अड्डे तक कैसे पहुंचे? क्या वे आसपास ही रहते थे?’’ उन्होंने यह भी कहा कि पाठक को कपूर की तुलना में लियरजेट उड़ाने का अधिक अनुभव था. उन्होंने दावा किया कि विमान के एक तरफ झुकने पर कपूर चुप रहे. एनसीपी (शरद पवार) विधायक ने पूछा, ‘‘ सुमित कपूर ने मुश्किल रनवे 11 की मांग क्यों की और दृश्यता की समस्या के बावजूद लैंडिंग का प्रयास क्यों किया?’’ (भाषा इनपुट) The post अजित पवार का प्लेन क्रैश हादसा या साजिश? रोहित पवार ने उठाए सवाल appeared first on Naya Vichar.

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रणवीर सिंह को मिली जान से मारने की धमकी, घर के बाहर कड़ी सुरक्षा

Ranveer Singh Threat: बॉलीवुड में एक बार फिर दहशत का माहौल बन गया है. अभिनेता रणवीर सिंह को एक अनजान शख्स की ओर से धमकी भरा वॉइस नोट भेजा गया है, जिसमें उनसे करोड़ों रुपये की फिरौती मांगी गई है. इस घटना के सामने आते ही मुंबई पुलिस हरकत में आ गई है और मामले की गंभीरता से जांच शुरू कर दी गई है. बताया जा रहा है कि यह धमकी व्हाट्सएप वॉइस नोट के जरिए भेजी गई है. जैसे ही रणवीर सिंह को इस मैसेज की जानकारी मिली, उन्होंने तुरंत इसकी सूचना पुलिस को दी. इसके बाद उनके घर के बाहर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है. पुलिस वॉइस नोट की तकनीकी जांच कर रही है और भेजने वाले शख्स की पहचान करने की कोशिश में जुटी है. रोहित शेट्टी फायरिंग केस के बाद बढ़ी सतर्कता मुंबई पुलिस के अनुसार, यह धमकी ऐसे समय में सामने आई है, जब कुछ दिन पहले ही फिल्म निर्माता-निर्देशक रोहित शेट्टी के घर के बाहर फायरिंग की घटना हुई थी. 31 जनवरी की देर रात जुहू स्थित रोहित शेट्टी के घर के बाहर पांच राउंड फायरिंग की गई थी. हालांकि इस घटना में कोई घायल नहीं हुआ था, लेकिन इसने सुरक्षा एजेंसियों की चिंता जरूर बढ़ा दी थी. पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि कहीं रणवीर सिंह को मिली धमकी का संबंध उस फायरिंग केस से तो नहीं है. फिलहाल हर एंगल से जांच की जा रही है. रणवीर–दीपिका की सोसाइटी में भी चिंता धमकी की समाचार सामने आने के बाद रणवीर सिंह और दीपिका पादुकोण जिस सोसाइटी में रहते हैं, वहां के लोगों में भी बेचैनी देखी जा रही है. सोसाइटी के बाहर बड़ी संख्या में तैनात सशस्त्र सुरक्षा गार्ड्स को देखकर कई लोगों ने सुरक्षा को लेकर चिंता जताई है. हालांकि पुलिस का कहना है कि यह एहतियाती कदम है और स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है. The post रणवीर सिंह को मिली जान से मारने की धमकी, घर के बाहर कड़ी सुरक्षा appeared first on Naya Vichar.

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सरकार ने बनाया नया IT नियम: AI कंटेंट लेबल करना हुआ जरूरी, टेकडाउन का भी समय घटाया

प्रशासन ने AI से बने कंटेंट के लिए नए नियम बना दिए हैं. नई प्रशासनी नियमों के मुताबिक अब सभी AI-जनरेटेड कंटेंट, जैसे कि डीपफेक वीडियो, सिंथेटिक ऑडियो या बदले हुए विजुअल्स, पर साफ-साफ लेबल लगाना जरूरी है. प्रशासन ने पहली बार इसे औपचारिक नियमों के तहत लाया है. इसे गजट नोटिफिकेशन G.S.R. 120(E) के जरिए जारी किया गया और जॉइंट सेक्रेटरी अजीत कुमार ने साइन किया है. ये नए नियम 20 फरवरी 2026 से लागू होंगे. मकसद साफ है. प्लेटफॉर्म्स को हर AI-जनरेटेड कंटेंट पर ऐसा लेबल लगाना होगा, जिसे यूजर तुरंत पहचान सके. साथ ही, कंटेंट में पर्सिस्टेंट मेटाडेटा और यूनिक आइडेंटिफायर भी डालना होगा, ताकि इसके सोर्स का पता चल सके. और एक बार लेबल लग जाने के बाद इसे बदलना, हटा देना या छुपाना मुमकिन नहीं होगा. Central Government makes rules to further amend the Information Technology (Intermediary Guidelines and Digital Media Ethics Code) Rules, 2021. The Information Technology (Intermediary Guidelines and Digital Media Ethics Code) Amendment Rules, 2026 to come into force on 20th… pic.twitter.com/1revNm7lC9 — ANI (@ANI) February 10, 2026 AI-जनरेटेड कंटेंट का क्या मतलब होगा? प्रशासन अब पहली बार ‘सिंथेटिक रूप से बनाई गई जानकारी’ यानी AI-जनरेटेड कंटेंट की आधिकारिक परिभाषा लेकर आई है. इसमें वो सब ऑडियो, वीडियो या ऑडियो-वीजुअल कंटेंट आता है जो कंप्यूटर की मदद से बनाया या बदल दिया गया हो और जो असली जैसा दिखे. जैसे किसी इंसान या घटना को असली लगने वाला तरीके से दिखाया गया हो. लेकिन हर तरह का फिल्टर इस्तेमाल करना AI कंटेंट नहीं माना जाएगा. जैसे रंग ठीक करना, आवाज साफ करना, फाइल साइज कम करना या अनुवाद करना. अगर इनसे असली मतलब नहीं बदलता, तो ये इस परिभाषा में नहीं आते. Instagram, YouTube और Facebook को अब कड़े नियमों का पालन करना होगा भारी जिम्मेदारी अब बड़े सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स जैसे Instagram, YouTube और Facebook पर है. नए Rule 4(1A) के तहत, किसी यूजर के पोस्ट अपलोड करने से पहले प्लेटफॉर्म को पूछना होगा कि क्या ये कंटेंट AI-generated है? लेकिन बस यूजर से पूछ लेना ही काफी नहीं है. प्लेटफॉर्म्स को अपने ऑटोमेटेड टूल्स भी लगाना होंगे, जो कंटेंट के फॉर्मेट, सोर्स और नेचर को चेक करें, ताकि अपलोड होने से पहले सच में सही जानकारी मिल सके. अगर कंटेंट सिंथेटिक यानी AI-जनरेटेड पाया जाता है, तो उस पर साफ-साफ डिस्क्लोजर टैग लगाना जरूरी है. पहले 36 घंटे थे, अब सिर्फ तीन घंटे अब प्लेटफॉर्म्स को कुछ कानूनी आदेशों पर कार्रवाई करने के लिए सिर्फ तीन घंटे मिलेंगे. पहले ये समय 36 घंटे था. 15 दिन की समय सीमा अब सात दिन रह गई है. 24 घंटे का डेडलाइन अब 12 घंटे हो गया है. नए नियम सीधे सिंथेटिक (कृत्रिम) कंटेंट और अपराध कानून से जोड़ते हैं. अगर ऐसा कंटेंट बच्चों के यौन शोषण से जुड़ा, अश्लील, झूठे इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड, विस्फोटक सामग्री या किसी की पहचान और आवाज का गलत रूप दिखाने वाला डिपफेक है, तो अब ये हिंदुस्तानीय न्याय संहिता, POCSO एक्ट और विस्फोटक पदार्थ अधिनियम (Explosive Substances Act) के तहत आएगा. The post प्रशासन ने बनाया नया IT नियम: AI कंटेंट लेबल करना हुआ जरूरी, टेकडाउन का भी समय घटाया appeared first on Naya Vichar.

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बिरला ने खींची लकीर, नोटिस का निपटारा पहले, फिर सदन में वापसी

न्यूज एजेंसी एएनआई ने सूत्रों के हवाले से बताया- लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने नैतिक आधार पर फैसला किया है कि नोटिस का निपटारा होने तक वह सदन की कार्यवाही में शामिल नहीं होंगे. बिरला ने लोकसभा महासचिव को दिया निर्देश बिरला ने लोकसभा महासचिव उत्पल कुमार सिंह को निर्देश दिया है कि वह विपक्ष के नोटिस की जांच कर उचित कार्रवाई करें. Lok Sabha Speaker Om Birla decided on moral grounds that he will not attend the proceedings of House till disposal of notice: Sources — ANI (@ANI) February 10, 2026 विपक्ष ने बिरला को पद से हटाने के लिए प्रस्ताव लाने के लिए दिया नोटिस विपक्ष ने बिरला को पद से हटाने के लिए प्रस्ताव लाने संबंधी नोटिस मंगलवार को लोकसभा महासचिव को सौंपा और बिरला पर पक्षपातपूर्ण तरीके से सदन संचालित करने, कांग्रेस सदस्यों पर झूठे इल्जाम लगाने तथा अपने पद का दुरुपयोग करने का आरोप लगाया. लोकसभा सचिवालय के सूत्रों ने विपक्ष का नोटिस मिलने की बात स्वीकार करते हुए कहा कि इस पर विचार किया जाएगा और नियमों के अनुसार कार्रवाई की जाएगी. नोटिस में 118 सांसदों के हस्ताक्षर, राहुल गांधी का नाम नहीं लोकसभा में कांग्रेस के उप नेता गौरव गोगोई, कांग्रेस के मुख्य सचेतक कोडिकुनिल सुरेश और सचेतक मोहम्मद जावेद ने लोकसभा महासचिव उत्पल कुमार सिंह को बिरला के खिलाफ नोटिस सौंपा. नोटिस पर कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, द्रमुक और कई अन्य विपक्षी दलों के 118 से अधिक सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं. हालांकि राहुल गांधी ने नोटिस में साइन नहीं किया. तृणमूल कांग्रेस के सांसदों ने भी इस नोटिस पर हस्ताक्षर नहीं किए हैं. संविधान के अनुच्छेद 94 (सी) के तहत नोटिस दी गई कांग्रेस नेता गोगोई ने कहा कि लोकसभा महासचिव को संविधान के अनुच्छेद 94 (सी) के तहत यह प्रस्ताव संबंधी नोटिस सौंपा गया है. नोटिस में कहा गया है, हम हिंदुस्तान के संविधान के अनुच्छेद 94(सी) के प्रावधानों के अंतर्गत लोकसभा अध्यक्ष को पद से हटाने के लिए एक प्रस्ताव लाने का नोटिस देते हैं, क्योंकि जिस तरह से वह लोकसभा की कार्यवाही का संचालन कर रहे हैं, वह खुले तौर पर पक्षपातपूर्ण है. कई अवसरों पर विपक्षी दलों के नेताओं को बोलने ही नहीं दिया गया, जबकि यह संसद में उनका मूल लोकतांत्रिक अधिकार है. विपक्ष ने नोटिस में कहा, बीते दो फरवरी को लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी को राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर बोलते समय अपना भाषण पूरा नहीं करने दिया गया. यह कोई अकेली घटना नहीं है. करीब-करीब हमेशा ही ऐसा होता है कि लोकसभा में विपक्ष के नेता को बोलने नहीं दिया जाता. ये भी पढ़ें: लोकसभा अध्यक्ष के खिलाफ प्रस्ताव पास हुआ, तो क्या प्रशासन पर होगा कोई असर? The post बिरला ने खींची लकीर, नोटिस का निपटारा पहले, फिर सदन में वापसी appeared first on Naya Vichar.

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राजपाल यादव की मदद करेंगे सोनू सूद, चेक बाउंस मामले में हुई है जेल

Sonu Sood On Rajpal Yadav Case: बॉलीवुड के जाने-माने कॉमेडियन और एक्टर राजपाल यादव इन दिनों अपनी फिल्मों से ज्यादा निजी परेशानियों की वजह से चर्चा में हैं. चेक बाउंस केस में कोर्ट के आदेश के बाद 5 फरवरी को उन्हें तिहाड़ जेल भेज दिया गया, जिसके बाद सोशल मीडिया पर भी इस मामले को लेकर खूब बातें हो रही हैं. बताया जा रहा है कि जेल में उन्होंने अफसरों से भावुक होकर कहा कि उनके पास पैसे नहीं हैं, वो क्या करें. सबसे पहले सोनू सूद ने दिखाया सपोर्ट सोनू सूद की इंस्टा स्टोरी का स्क्रीनशॉट इसी बीच इंडस्ट्री से कुछ लोग उनकी मदद के लिए आगे आते नजर आए हैं. सबसे पहले सोनू सूद ने सपोर्ट दिखाया. उन्होंने सोशल मीडिया के जरिए कहा कि वह राजपाल यादव को अपनी आने वाली फिल्म में काम देंगे और एडवांस साइनिंग अमाउंट भी देंगे, ताकि उन्हें आर्थिक सहारा मिल सके. 1.11 करोड़ की मदद करेंगे राव इंद्रजीत यादव इसके अलावा जनशक्ति जनता दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष तेज प्रताप यादव ने भी मदद का हाथ बढ़ाया है. उन्होंने घोषणा की है कि उनकी पार्टी की तरफ से राजपाल यादव को 11 लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी. वहीं, जेम रिकॉर्ड्स एंटरटेनमेंट के मालिक राव इंद्रजीत यादव ने भी एक वीडियो जारी कर 1.11 करोड़ रुपये की मदद देने की बात कही है. अता पता लापता से जुड़ा है मामला दरअसल, ये पूरा मामला साल 2010 में आई फिल्म ‘अता पता लापता’ से जुड़ा है. इस फिल्म को बनाने के लिए राजपाल यादव ने मुरली प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड से करीब 5 करोड़ रुपये का लोन लिया था. लेकिन फिल्म बॉक्स ऑफिस पर नहीं चली और उन्हें भारी नुकसान उठाना पड़ा. राजपाल यादव का चेक हुआ था बाउंस कर्ज चुकाने में देरी होने के बाद कंपनी ने उनके खिलाफ केस कर दिया. आरोप था कि राजपाल यादव ने जो चेक दिए थे, वे बाउंस हो गए. मामला लंबे समय तक कोर्ट में चलता रहा और कई बार नोटिस भेजे जाने के बावजूद वह पेश नहीं हुए. कोर्ट ने सुनाई 6 महीने की सजा करीब 16 साल तक चले इस केस के बाद आखिरकार कोर्ट ने उन्हें 6 महीने की सजा सुनाई है. हालांकि इससे पहले भी साल 2013 में उन्हें चार दिन के लिए जेल जाना पड़ा था. अब एक बार फिर यह मामला सुर्खियों में है और लोग उनके समर्थन में भी आगे आ रहे हैं. यह भी पढ़ें: राखी सावंत ने फ्रीज कराए एग्स, बोलीं- मां बनने के लिए शादी जरूरी नहीं The post राजपाल यादव की मदद करेंगे सोनू सूद, चेक बाउंस मामले में हुई है जेल appeared first on Naya Vichar.

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लोकसभा अध्यक्ष के खिलाफ प्रस्ताव पास हुआ, तो क्या सरकार पर होगा कोई असर?

Lok Sabha Speaker Om Birla : ओम बिरला को पद से हटाने के लिए कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने संविधान के अनुच्छेद 94 (C) के तहत लोकसभा सचिवालय को नोटिस सौंपा है. लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने प्रस्ताव की जांच करने और आगे की कार्रवाई तेजी से करने को कहा है. विपक्ष का कहना है कि संसद में उन्हें बोलने का मौका नहीं दिया जाता है और अध्यक्ष का व्यवहार भेदभावपूर्ण है. अध्यक्ष को पद से हटाने के प्रस्ताव पर विपक्ष के 100 से अधिक सांसदों ने हस्ताक्षर किया है. लोकसभा अध्यक्ष को पद से हटाने के लिए क्या किया जाता है? हिंदुस्तान की संसदीय व्यवस्था में लोकसभा अध्यक्ष का पद बहुत महत्वपूर्ण है. यह पद बहुत जिम्मेदारी से भरा होता है. इस पद पर बैठे व्यक्ति को धैर्यवान और शांतचित्त का होना चाहिए, तभी वह पूरी निष्ठा से बिना पक्षपात के सदन की कार्यवाही का संचालन कर पाएगा. विधायी मामलों के जानकार अयोध्यानाथ मिश्र ने बताया कि संविधान के अनुच्छेद 94(ग) के अनुसार किसी भी लोकसभा अध्यक्ष को हटाने के लिए नोटिस दिया जा सकता है. हां, उन्हें हटाने के लिए जो प्रक्रिया है, उसे अविश्वास प्रस्ताव नहीं कहा जाता है. बस उन्हें पद से हटाने की प्रक्रिया होती है. विपक्ष को अगर यह लगता है कि उनके हितों की अनदेखी हो रही है और उनके साथ भेदभाव हो रहा है, तो वे नोटिस में स्पष्टता के साथ अपनी बात कहकर नोटिस दे सकते हैं. नोटिस में बातें बिलकुल स्पष्ट होनी चाहिए, वह आरोप या मानहानि जैसी नहीं होनी चाहिए. तर्क–वितर्क, व्यंग्य और गलत शब्दों में इसे प्रस्तुत नहीं किया जाएगा. नोटिस प्राप्त होने के 14 दिन बाद ही प्रस्ताव सदन में लाया जाएगा लोकसभा नोटिस के 14 दिन के बाद ही लोकसभा अध्यक्ष के खिलाफ प्रस्ताव सदन में लाया जाएगा. अयोध्या नाथ मिश्र बताते हैं कि इस प्रस्ताव के लिए यह बताना जरूरी होता है कि कम से कम 50 सांसद इस प्रस्ताव के समर्थन में हैं. उससे कम में यह प्रस्ताव सदन में नहीं लाया जा सकता है. सदन में प्रस्ताव पर होती है बहस लोकसभा अध्यक्ष के खिलाफ जब प्रस्ताव सदन में आता है, तो पक्ष और विपक्ष के सांसद इसपर बहस करते हैं. हालांकि यह बहस घंटों नहीं चलती है. बहस सीमित होती है. उसके बाद प्रस्ताव पर मतदान होता है. अगर प्रस्ताव के पक्ष में यानी अध्यक्ष को पद से हटाने के समर्थन में बहुमत से वोटिंग होती है, तो लोकसभा अध्यक्ष को पद त्यागना पड़ता है और अगर प्रस्ताव के विरोध में बहुमत होता है, तो प्रस्ताव निरर्थक हो जाता है और अध्यक्ष पद पर बने रहते हैं. चूंकि अध्यक्ष सत्तापक्ष का सदस्य होता है और सत्तापक्ष बहुमत में होता है, इसलिए अध्यक्ष के खिलाफ प्रस्ताव के पास होने की उम्मीद बहुत कम होती है. प्रस्ताव जब संसद में आता है, तो कौन करता है सदन का संचालन? लोकसभा अध्यक्ष को पद से हटाने के लिए जब प्रस्ताव सदन में पेश किया जाता है, अध्यक्ष सदन का संचालन नहीं करते हैं. उपाध्यक्ष या कोई अन्य व्यक्ति जिसे सदन के संचालन की जिम्मेदारी सौंपी जाती है, वह कार्यवाही का संचालन करता है. इसकी वजह यह है कि प्रस्ताव अध्यक्ष के खिलाफ होता है. विभिन्न विषयों पर एक्सप्लेनर और विशेष आलेख पढ़ने के लिए क्लिक करें क्या प्रस्ताव पास हुआ तो प्रशासन पर होगा कोई असर? लोकसभा अध्यक्ष को पद से हटाने के लिए लाया गया प्रस्ताव अगर सदन में साधारण बहुमत से पास हो जाता है, तो अध्यक्ष अपने पद पर कायम नहीं रह सकता है, लेकिन प्रशासन पर इसका कोई प्रभाव नहीं पड़ता है. लोकसभा का अध्यक्ष मात्र सदन का संचालक होता है, उसके ऊपर यह जिम्मेदारी होती है कि वह सदन को पूरी गरिमा और भेदभाव के बिना चलाए. उसकी प्रशासन चलाने में कोई भूमिका नहीं होती है, इसलिए उन्हें हटाए जाने से प्रशासन पर कोई असर नहीं होता है. ये भी पढ़ें : कश्मीर पर पाकिस्तानी सोच रखने वाली शबाना महमूद ब्रिटेन की पीएम बनीं, तो क्या होगा?  एपस्टीन फाइल्स पर हंगामा है क्यों मचा? दलाईलामा को क्यों देनी पड़ी सफाई नाबालिग लड़कियों के यौन शोषण से जुड़े जेफ्री एप्सटीन के कौन थे ग्राहक? Epstein Files में ट्रंप को बचाने की कोशिश The post लोकसभा अध्यक्ष के खिलाफ प्रस्ताव पास हुआ, तो क्या प्रशासन पर होगा कोई असर? appeared first on Naya Vichar.

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टी20 वर्ल्ड कप 2026: न्यूजीलैंड ने UAE को 10 विकेट से रौंदा

न्यूजीलैंड ने 28 गेंद बाकी रहते यूएई को 10 विकेट से हरा दिया. यूएई को छह विकेट पर 173 रन पर रोकने के बाद न्यूजीलैंड ने 15.2 ओवर में बिना किसी नुकसान के 175 रन बना लिये. टीम के लिए टिम सिफर्ट ( नाबाद 89) और फिन एलन (नाबाद 84) की जोड़ी ने 92 गेंद में 175 रन की साझेदारी के साथ जीत पक्की कर दी. न्यूजीलैंड ने चौके और छक्कों से बनाए 116 रन यूएई के खिलाफ न्यूजीलैंड ने तूफानी बल्लेबाजी की. 174 रन के टारगेट का पीछा करते हुए टिम सीफर्ट और फिन एलन ने 116 रन केवल चौकों और छक्कों से बनाया. सीफर्ट ने 42 गेंदों का सामना किया, जिसमें 12 चौके और 3 छक्के लगाए. जबकि फिन एलन ने 50 गेंदों में 5 चौकों और 5 छक्कों की मदद से 84 रन बनाए. दोनों ओपनर बल्लेबाज आखिरी तक आउट नहीं हुए. न्यूजीलैंड की ओर से मैट हेनरी सबसे सफल गेंदबाज न्यूजीलैंड की ओर से मैट हेनरी ने सबसे अधिक दो विकेट लिए. जबकि जैकब डफी, लॉकी फर्ग्यूसन, कप्तान मिशेल सैंटनर, और ग्लेन फिलिप्स ने एक-एक विकेट लिए. यूएई की ओर से कप्तान मुहम्मद वसीम और अलीशान शराफू ने जमाया अर्धशतक यूएई की ओर से दो बैटर कप्तान मुहम्मद वसीम और अलीशान शराफू ने अर्धशतक जमाए. हालांकि इसके बावजूद अपनी टीम को जीत नहीं दिला पाए. यूएई की ओर से मयंक कुमार ने 21 रनों की पारी स्पोर्ट्सी. इसके अलावा कोई भी बल्लेबाज दहाई के आंकड़े को नहीं छू पाए. The post टी20 वर्ल्ड कप 2026: न्यूजीलैंड ने UAE को 10 विकेट से रौंदा appeared first on Naya Vichar.

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कार में पुश स्टार्ट-स्टॉप फीचर के क्या हैं फायदे और नुकसान? जान लें जरूरी बातें

Push Start Stop System: आजकल की कारों में पुश स्टार्ट-स्टॉप फीचर धीरे-धीरे नॉर्मल होते जा रहे हैं. पहले तो ये सिर्फ महंगी गाड़ियों में ही देखने मिलती थीं, लेकिन अब ये छोटी हैचबैक से लेकर बड़ी SUV तक में मिलने लगा है. पहले जहां कार स्टार्ट करने के लिए चाबी घुमाते थे, अब बस कार के अंदर की-फोब होना चाहिए और एक बटन दबाते ही गाड़ी स्टार्ट या बंद हो जाती है. सुनने और इस्तेमाल करने में ये फीचर काफी मॉडर्न और प्रीमियम लगता है. लेकिन हर फीचर की तरह ये भी पूरी तरह परफेक्ट नहीं है. आइए जल्दी से जानते हैं इसके कुछ फायदे और नुकसान के बारे में. पुश स्टार्ट-स्टॉप फीचर के फायदे सबसे बड़ा फायदा है कन्वीनियंस यानी सुविधा. हर बार आपको चाबी ढूंढने की झंझट नहीं रहती. बस कार में बैठिए, ब्रेक या क्लच दबाइए और बटन दबा दीजिए. हो गयी गाड़ी आपकी स्टार्ट. खासकर शहर के ट्रैफिक में ये फीचर बड़े काम का लगता है. साथ ही ये सिक्योरिटी के लिहाज से भी थोड़ा बेहतर होता है. क्योंकि कार तभी स्टार्ट होती है जब की-फॉब आसपास हो. इसलिए पुराना हॉट-वायरिंग वाला तरीका लगभग नामुमकिन हो जाता है. ज्यादातर कारों में इसके साथ इंजन इम्मोबिलाइजर भी मिलता है. एक छोटा लेकिन काम का फायदा ये भी है कि इसमें घिसावट कम होती है. पुरानी चाबियों में मैकेनिकल पार्ट्स होते थे, जो समय के साथ घिस जाते थे. Push Start सिस्टम इलेक्ट्रॉनिक्स पर चलता है. इसलिए मूविंग पार्ट्स कम होते हैं और लंबे समय तक दिक्कत कम आती है. पुश स्टार्ट-स्टॉप फीचर के नुकसान पुश स्टार्ट-स्टॉप फीचर में कुछ परेशानियां भी हैं. एक आम गलती ये होती है कि लोग इंजन बंद करना भूल जाते हैं. ये जितना लगता है, उससे ज्यादा होता है. क्योंकि इसमें कोई की (Key) निकालने की चीज नहीं है. कई ड्राइवर सोचते हैं कि कार बंद हो गई. हाइब्रिड जैसी शांत कारों में, ये बिलकुल भी नोटिस नहीं होता है. स्मार्ट की फॉब खो जाना कोई सस्ता मजाक नहीं है. इसे रिप्लेस करने का मतलब है डीलरशिप के पास जाना और फिर से प्रोग्राम करवाना. इसमें खर्चा भी अच्छा-खासा लग जाता है. इसके अलावा, अगर वारंटी खत्म हो जाए तो सिस्टम से जुड़ी रिपेयर भी महंगी पड़ सकती हैं. फिर आता है इलेक्ट्रॉनिक्स पर निर्भर होने का मसला. अगर कार की बैटरी कमजोर या डेड हो जाए, तो पुश स्टार्ट सिस्टम काम करने से इनकार कर देगा. ज्यादातर कारों में बैकअप तरीका जरूर होता है, लेकिन कई मालिकों को इसके बारे में पता ही नहीं होता. और ऐसे में इमरजेंसी में पैनिक होना स्वाभाविक है. यह भी पढ़ें: CBS vs ABS: आपकी बाइक के लिए कौन सा ब्रेकिंग सिस्टम रहेगा सही, जान लें फायदे और नुकसान The post कार में पुश स्टार्ट-स्टॉप फीचर के क्या हैं फायदे और नुकसान? जान लें जरूरी बातें appeared first on Naya Vichar.

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