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Author name: Vinod Jha

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Auraiya Murder : शादी के 15 दिन बाद पति को मरवा दी गोली, पत्नी के प्रेमी ने दिया साथ

Auraiya Murder : मेरठ में सौरभ राजपूत हत्याकांड की तरह औरैया जिले में भी इससे मिलता-जुलता मामला देखने को मिला. सहार क्षेत्र में एक व्यक्ति की उसकी पत्नी ने ही अपने प्रेमी की मदद से सुपारी देकर हत्या करवा दी. पुलिस ने इस मामले में आरोपी पत्नी, उसके प्रेमी और पैसे लेकर हत्या करने वाले अपराधी को गिरफ्तार कर लिया है. औरैया जिले के सहार थाना क्षेत्र की यह घटना 25 साल के दिलीप यादव और 22 साल की प्रगति यादव की शादी के बमुश्किल 15 दिन बाद 19 मार्च को हुई. सहार थाना के प्रभारी पंकज मिश्रा ने न्यूज एजेंसी पीटीआई को बताया, “घटना वाले दिन 19 मार्च को पुलिस को सूचना मिली कि एक युवक खेत में घायल अवस्था में पड़ा है. पुलिस मौके पर पहुंची और युवक को इलाज के लिए बिधूना सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया और परिजनों को घटना की जानकारी दी गई.” यह भी पढ़ें : खिलाड़ी नहीं नीता अंबानी ने ‘हीरा’ खरीदा है, गेंद से बल्लेबाज छलनी, तो संस्कार से पब्लिक का दिल, देखें Video आगे उन्होंने बताया, ‘‘दिलीप को 19 मार्च की रात सैफई अस्पताल ले जाया गया. इसके बाद उसे ग्वालियर और फिर 19 मार्च को आगरा ले जाया गया. हालत गंभीर होने पर परिजनों ने उसे 20 मार्च को औरैया के एक अस्पताल में भर्ती कराया. अगले दिन 21 मार्च की रात उसकी मौत हो गई. इसके बाद शव का पोस्टमार्टम कराया गया.’’ दिलीप की हत्या के लिए दो लाख रुपये की सुपारी दी गई पुलिस अधिकारियों ने बताया कि सीसीटीवी फुटेज के आधार पर हत्यारों की पहचान की गई. उन्होंने बताया कि आरोपियों की पहचान दिलीप यादव की पत्नी प्रगति यादव, उसके प्रेमी अनुराग उर्फ ​​मनोज और रामजी चौधरी के रूप में हुई है. पुलिस अधीक्षक (एसपी) अभिजीत आर. शंकर ने बताया कि प्रगति और उसके प्रेमी अनुराग उर्फ ​​मनोज ने मिलकर दिलीप की हत्या की साजिश रची थी. एसपी ने बताया कि आरोपियों ने दिलीप की हत्या के लिए रामजी चौधरी को दो लाख रुपये की सुपारी दी थी. दिलीप के साथ मारपीट के बाद गोली मारी गई एसपी ने बताया कि चौधरी ने दिलीप को धोखे से बुलाया और मोटरसाइकिल पर बैठा कर खेतों की तरफ ले गया, जहां उसने दिलीप के साथ मारपीट की और गोली मार दी. इसके बाद वह दिलीप को मरा समझकर फरार हो गया. पुलिस सूत्रों ने बताया कि दिलीप की शादी इसी महीने पांच मार्च को प्रगति के साथ हुई थी। प्रगति का प्रेम प्रसंग गांव के ही अनुराग से था. प्रगति और उसके प्रेमी ने मिलकर दिलीप को रास्ते से हटाने की साजिश रची और अछल्दा निवासी रामजी चौधरी को दो लाख रुपये की सुपारी देकर दिलीप की हत्या का काम सौंपा. The post Auraiya Murder : शादी के 15 दिन बाद पति को मरवा दी गोली, पत्नी के प्रेमी ने दिया साथ appeared first on Naya Vichar.

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बिहार कांग्रेस में होगा बड़ा सांगठनिक बदलाव, अब जिला और प्रखंड में अध्यक्ष बदलने की तैयारी

Bihar Congress: पटना. बिहार चुनाव को लेकर कांग्रेस फुल एक्टिव मोड में आ गई है. पहले बिहार कांग्रेस के अध्यक्ष बदल गए, अब पार्टी की तैयारी कमजोर जिला और प्रखंड कमेटी बदलने की है. इस मामले को लेकर कांग्रेस प्रदेश मुख्यालय सदाकत आश्रम में प्रभारी अल्लावरू और सह प्रभारियों की उपस्थिति में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष की अध्यक्षता में बैठक हुई. इस बैठक में कमजोर जिला और खंड कमेटी बदलने के लिए 31 मार्च तक केंद्रीय नेतृत्व को रिपोर्ट देने की बात हुई. बैठक में पार्टी की 17 विधायक, जिला अध्यक्ष सहित सभी वरिष्ठ नेता मौजूद थे. सभी वर्गों की होगी हिस्सेदारी, लेकिन महत्वपूर्ण होगा जनाधार बिहार कांग्रेस प्रभारी नियुक्ति किए गए कृष्णा अल्लावरू बीते कुछ दिनों बिहार में डेरा डाले हैं. इससे पहले भी वो कह चुके हैं कि विधानसभा चुनाव में टिकट बंटवारे में जनाधार वाले व्यक्ति को ही तरजीह दी जाएगी. इसलिए कांग्रेस मुख्यालय का गणेश परिक्रमा करने के बजाए लोगों के बीच जाकर काम करें. साथ ही संगठन को मजबूत बनाएं. कांग्रेस प्रभारी ने कहा था कि टिकट में भी सभी वर्गों की हिस्सेदारी होगी, लेकिन जनाधार महत्वपूर्ण होगा. उन्होंने कहा कि बिहार कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी साफ कह चुके हैं कि छह – आठ महीने में लड़ाई कम और काम ज्यादा करना है. अब टिकट लेकर जीतकर आना बहुत जरूरी अब टिकट लेकर जीतकर आना बहुत जरूरी है. नहीं तो जो 2020 में जो हुआ वह सबके सामने है. हम 70 पर लड़े और मात्र 19 जीते. इसलिए अपने बीच से उन साथियों को आगेबढ़ाएं, जिनका जनाधार है. उनको आगेमत बढ़ाएं जो जनता के बीच नहीं, सदाकत आश्रम में आकर स्वागत करते रहते हैं, अगर आपको परिक्रमा करनी है, परिश्रम करनी है तो फील्ड में जनता के बीच जा कर करें, पार्टी खुद ढूंढ़ कर ऐसे लोगों को टिकट देगी. उन्होंने कहा कि हमें संगठन को भी मजबूत करना है, क्योंकि कोई भी उम्मीदवार अपने दम पर चुनाव जीत नहीं सकता. उन्होंने नसीहत दी कि आनेवाले समय में जो भी कार्यक्रम हो, किसी जिले या प्रखंड में करें. Also Read: अगले तीन माह में नक्सलमुक्त होगा बिहार, पुलिस मुख्यालय ने तैयार किया एक्शन प्लान The post बिहार कांग्रेस में होगा बड़ा सांगठनिक बदलाव, अब जिला और प्रखंड में अध्यक्ष बदलने की तैयारी appeared first on Naya Vichar.

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Masked Aadhaar Card: OYO रूम जाने से पहले आधार कार्ड के साथ करें ये जरूरी काम, आपकी पहचान रहेगी गोपनीय

अगर आप यात्रा के दौरान OYO रूम या किसी अन्य होटल में ठहरने की योजना बना रहे हैं, तो आपको अपनी सुरक्षा के लिए कुछ खास सावधानियां बरतनी चाहिए. इनमें से सबसे महत्वपूर्ण है आधार कार्ड का सही उपयोग, खासकर Masked Aadhaar Card का. आइए जानते हैं कि यह क्यों जरूरी है और इसे कैसे डाउनलोड कर सकते है.  Masked Aadhaar Card क्या है? Masked Aadhaar Card आपकी व्यक्तिगत सुरक्षा के लिए जारी किया गया एक सुरक्षित वर्ज़न है. इसमें आपके आधार नंबर के केवल अंतिम चार अंक ही दिखाई देते हैं, जिससे आपकी गोपनीय जानकारी सुरक्षित रहती है. Masked Aadhaar Card कैसे डाउनलोड करें? UIDAI की आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं. “Download Aadhaar” सेक्शन पर क्लिक करें. अपना 12 अंकों का आधार नंबर, नाम और पिन कोड दर्ज करें. “Masked Aadhaar” विकल्प को चुनें. OTP दर्ज कर वेरिफिकेशन पूरा करें. डाउनलोड करने के बाद, फाइल को खोलने के लिए पासवर्ड (आपके नाम के पहले चार अक्षर और जन्म वर्ष) का उपयोग करें. OYO रूम में Masked Aadhaar Card का उपयोग कैसे करें? चेक-इन के समय होटल स्टाफ को Masked Aadhaar Card दिखाएं. यदि डिजिटल कॉपी दिखा रहे हैं, तो सुनिश्चित करें कि PDF फाइल सुरक्षित है. अपनी सुरक्षा के लिए आधार कार्ड की हार्ड कॉपी पर “For Hotel Use Only” लिखना भी एक अच्छा उपाय है. Masked Aadhaar Card का महत्व OYO रूम या अन्य होटलों में चेक-इन के समय पहचान पत्र के रूप में आधार कार्ड देना आम बात है. हालांकि, सामान्य आधार कार्ड में आपकी पूरी व्यक्तिगत जानकारी होती है, जिसे गलत हाथों में जाने से बचाना बेहद जरूरी है. Masked Aadhaar Card का उपयोग करने के कई फायदे है जैसे- गोपनीयता की सुरक्षा: इसमें केवल अंतिम चार अंक ही दिखते हैं, जिससे आपकी व्यक्तिगत जानकारी सुरक्षित रहती है. धोखाधड़ी से बचाव: आधार नंबर के दुरुपयोग की आशंका कम हो जाती है. आसान स्वीकार्यता: OYO सहित अधिकांश होटल Masked Aadhaar Card को पहचान प्रमाण के रूप में स्वीकार करते हैं. Also Read: हिंदुस्तान का एक ऐसा राज्य जहां करोड़पति होने के बावजूद लोगों को 1 रुपये का भी टैक्स नहीं चुकाना पड़ता है The post Masked Aadhaar Card: OYO रूम जाने से पहले आधार कार्ड के साथ करें ये जरूरी काम, आपकी पहचान रहेगी गोपनीय appeared first on Naya Vichar.

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शहादत दिवस : 25 मार्च : कायरों की तरह नहीं जीना चाहते थे गणेशशंकर विद्यार्थी

Ganesh Shankar Vidyarthi: इस देश में स्वतंत्रता के आराधकों की लंबी परंपरा में गणेशशंकर विद्यार्थी का नाम अलग से रेखांकित किया जाता है, क्योंकि वह मतभेद या विचारभेद को स्वतंत्रता संघर्ष के आड़े आने देने के खिलाफ थे. वह कहते थे कि स्वतंत्रता का लक्ष्य पाने के लिए संघर्ष के औजार व हथियार परिस्थितियों के अनुसार अपनाये व बदले जा सकते हैं. कानपुर को कर्मभूमि बनाने और मजदूर नेता के रूप में सार्वजनिक जीवन शुरू करने के साथ वह लेखक/पत्रकार और ‘प्रताप’ (पहले साप्ताहिक, फिर दैनिक) के संपादक व संचालक बने, तो भी उन्होंने कांग्रेस या महात्मा गांधी के अहिंसक और क्रांतिकारियों के सशस्त्र क्रांतिकारी संघर्षों का एक जैसा समर्थन किया. उनका सारा जोर इस पर था कि स्वतंत्रता संघर्ष के जितने भी रास्ते हो सकते हों, उनमें किसी को भी वीरान न रहने दिया जाये और परिस्थिति के अनुसार हर तरह की रणनीतियां इस्तेमाल की जायें. उनके निकट अहिंसा भी एक रणनीति थी और सशस्त्र संघर्ष भी. जब तक वह रहे, कानपुर स्थित ‘प्रताप’ कार्यालय क्रांतिकारियों द्वारा पहचान छिपाकर रहने, छद्म नाम से लिखने व काम करने का केंद्र बना रहा. ‘प्रताप’ ने महात्मा गांधी, कांग्रेस और किसानों के अहिंसक आंदोलनों को भरपूर प्रोत्साहन से भी मुंह नहीं मोड़ा. इससे चिढ़ी गोरी प्रशासन के दमन व उत्पीड़न के विरुद्ध विद्यार्थी जी ने जैसा निर्भय व दो टूक दृष्टिकोण अपनाया और बदले में अनेक प्रशासनी कोप झेले, उसकी दूसरी मिसाल दुर्लभ है. उस दौर में भागलपुर में स्वतंत्रता सेनानी बटुकदेव शर्मा को बढ़ती पुलिस सरगर्मी के बीच अपने पकड़े जाने का अंदेशा सताने लगा और एक शुभचिंतक के कहने पर उन्होंने गुप्त पत्र लिखकर विद्यार्थी जी से छिपने का ठौर मांगा, तो विद्यार्थी जी ने उन्हें ‘प्रताप’ कार्यालय के उस खास कमरे में छिपाया, जिसमें किसी को भी जाने की इजाजत नहीं थी. उन दिनों जो भी युवक स्वतंत्रता संघर्ष से जुड़ना चाहता था, विद्यार्थी जी उसकी मदद करते थे. वर्ष 1924 में जब भगत सिंह अपने परिजनों के शादी कर लेने के दबाव से नाराज हुए और क्रांतिकारी बनने के इरादे से घर छोड़कर विद्यार्थी जी के पास पहुंचे, तो उन्होंने उनसे कहा, ‘देखो लड़के, आजादी की चाहत ऐसी है, मानो कोई परवाना शमा पर फना हो जाना चाहता हो. जलती हुई शमा में एक बार दाखिल हो गये, तो यह उम्मीद मत रखना कि बाकियों के पास जाकर उन्हें भी शमा तक लेकर आऊंगा. एक बार जलने की ठान ली, तो वापसी का रास्ता बंद कर लेना ही ठीक है.’ अपना नाम बलवंत सिंह रखकर भगत सिंह ढाई वर्ष तक ‘प्रताप’ में काम करने लगे. वहीं उनकी बटुकेश्वर दत्त, चंद्रशेखर आजाद और बिजॉय कुमार सिन्हा जैसे क्रांतिकारियों से मुलाकात हुई. जब 23 मार्च, 1931 को भगत सिंह के साथ सुखदेव व राजगुरु शहीद हुए, तो उद्वेलित कानपुरवासियों ने गोरी सत्ता के खिलाफ मोर्चा खोल दिया. कांग्रेस के बंद के आह्वान के बीच अंग्रेज कलेक्टर ने देखा कि स्थिति कर्फ्यू लगाने के बावजूद नियंत्रण में नहीं आ रही, तो उसने सीआइडी को सांप्रदायिक हिंसा भड़काने का निर्देश दे दिया. ‘प्रताप बाबा’ के नाम से प्रसिद्ध विद्यार्थी जी के लिए परिस्थितियों के समक्ष आत्मसमर्पण करके चुपचाप घर में बैठे रहना मुमकिन नहीं हुआ, तो अमन-चैन बहाली के बहुविध प्रयत्न करते हुए 25 मार्च की सुबह वह डिप्टी कलेक्टर के पास गये और सांप्रदायिक तत्वों पर अंकुश लगाने को कहा. इससे पहले ऐसे ही एक मौके पर सांप्रदायिकता भड़की, तो प्रशासन ने तेजी से कार्रवाई कर बात को बिगड़ने से बचा लिया था. लेकिन विद्यार्थी जी ने पाया कि इस बार उसके सुर बदले हुए हैं. वहां से निराश होकर वह गिनती के सहयोगियों के साथ मारकाट रोकने और निर्दोषों को बचाने निकल पड़े. कई जगह वह ऐसा करने में सफल भी हुए, पर उसके बाद हालात की भयावहता को देखकर उनके सहयोगियों की हिम्मत भी पस्त हो गयी और वे उन्हें एकदम से अकेला कर गये. इसके बावजूद वह पूरी निर्भयता से दंगाइयों को समझाते-बुझाते और रोकते रहे. तभी उन पर प्राणांतक हमला हुआ. कुछ भी कर गुजरने पर आमादा दोतरफा भीड़ के बीच वह फंस गये, तो कुछ शुभचिंतक उनकी रक्षा के लिए उन्हें एक अपेक्षाकृत सुरक्षित गली में ले जाना चाह रहे थे. लेकिन वह यह कहते हुए दोनों तरफ की भीड़ को समझाने-बुझाने में लगे रहे कि अपनी जान बचाने के लिए कायरों की तरह भागना क्या, एक न एक दिन तो सबको मर ही जाना है. इसी के बाद एक तरफ की भीड़ उन पर हमलावर हो उठी और उन पर होने वाले प्रहारों की गिनती ही नहीं रह गयी. कई दिनों बाद दंगा थमा, तो उनका पार्थिव शरीर एक अस्पताल में लाशों के ढेर में मिला. उनके खादी के कपड़ों से ही उन्हें पहचाना जा सका था.(ये लेखक के निजी विचार हैं.) The post शहादत दिवस : 25 मार्च : कायरों की तरह नहीं जीना चाहते थे गणेशशंकर विद्यार्थी appeared first on Naya Vichar.

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Papmochani Ekadashi 2025: आज पापमोचनी एकादशी पर ऐसे करें पूजा, जानिए पूजा का शुभ मुहूर्त और महत्व

Papmochani Ekadashi 2025: पापमोचनी एकादशी का व्रत हिंदू धर्म में अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है. यह व्रत भगवान विष्णु को समर्पित है और ‘पापमोचनी’ का अर्थ है पापों से मुक्ति प्रदान करने वाला. यह व्रत चैत्र मास के कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि को मनाया जाता है. इस वर्ष यह व्रत 25 मार्च, 2025 को आयोजित किया जा रहा है. मान्यता है कि इस उपवास को करने से भक्तों के सभी दुखों का निवारण होता है और भगवान विष्णु का आशीर्वाद हमेशा के लिए प्राप्त होता है. पापमोचनी एकादशी पूजा विधि 30 मार्च से चैत्र नवरात्र शुरू, तीन अप्रैल को चैती छठ, इन मनेगी रामनवमी स्नान और व्रत का संकल्प: प्रातःकाल जल्दी उठकर स्नान करें और व्रत का संकल्प लें. स्वच्छ वस्त्र धारण: साफ और शुभ रंग के वस्त्र पहनें. पूजा स्थल की सफाई: पूजा आरंभ करने से पहले पूजा स्थान को अच्छे से साफ करें. पीला कपड़ा बिछाना: एक चौकी पर पीला कपड़ा बिछाएं. मूर्ति स्थापना: उस पर भगवान विष्णु की मूर्ति या चित्र स्थापित करें. षोडशोपचार पूजन: भगवान विष्णु की षोडशोपचार विधि से पूजा करें, जिसमें धूप, दीप, चंदन, फूल, फल, पंचामृत, नैवेद्य आदि अर्पित करें. भोग अर्पण: भगवान को तुलसी मिश्रित बेसन के लड्डू, फल, मिठाई आदि का भोग अर्पित करें. मंत्र जाप: ‘ॐ नमो भगवते वासुदेवाय’ का जाप करें. पढ़ाई और कीर्तन: पापमोचनी एकादशी व्रत कथा, भगवद गीता, या विष्णु सहस्रनाम का पाठ करें. आरती: आरती करके पूजा का समापन करें. दान: पूजा के बाद ब्राह्मणों या जरूरतमंदों को भोजन और दान दें. पापमोचनी एकादशी पूजन मंत्र ॐ नमो भगवते वासुदेवाय नमः ॐ विष्णवे नमः ॐ नारायणाय नमः पापमोचनी एकादशी का महत्व पापमोचनी एकादशी के दिन भगवान विष्णु की आराधना करने से शुभ परिणाम प्राप्त होते हैं, ऐसा माना जाता है। इस संदर्भ में, चलिए पापमोचनी एकादशी के शुभ मुहूर्त, इसके महत्व और संबंधित मंत्र के बारे में जानकारी प्राप्त करते हैं। The post Papmochani Ekadashi 2025: आज पापमोचनी एकादशी पर ऐसे करें पूजा, जानिए पूजा का शुभ मुहूर्त और महत्व appeared first on Naya Vichar.

समस्तीपुर

शिक्षक पर छात्रा से छेड़खानी का आरोप; राजकीयकृत मध्य विद्यालय बहादुरपुर, समस्तीपुर पर सैकड़ों की संख्या में हंगामा कर रहे लोग, आरोपित शिक्षक को बनाया बंधक

नया विचार समस्तीपुर: शहर के बहादुरपुर स्थित राजकीयकृत मध्य विद्यालय बहादुरपुर में वहां के हेडमास्टर पर पांचवी कक्षा की छात्रा से बैड टच व छेड़खानी किये जाने का मामला सामनें आया है। इसको लेकर विद्यालय परिसर में सोमवार की शाम घंटो हंगामा हुआ। वहां पहुंचे लोगों ने आरोपी हेडमास्टर को बंधक बना लिया। आरोपी हेडमास्टर की पहचान पवन पासवान के रूप में की गयी है। लोगों का आरोप था की सोमवार की शाम विद्यालय में छुट्टी के बाद हेडमास्टर के पास किसी काम से 5वीं कक्षा की तीन छात्राएं गयी थी। इस दौरान एचएम ने दो छात्राओं को घर जाने को कहकर एक छात्रा को रोक लिया। इसके बाद जब छात्रा घर पहुंची और परिजनों को आपबीती बतायी तो परिजन आक्रोशित होकर स्कूल पहुंच हंगामा करने लगे और हेडमास्टर को बंधक बनाकर पिटाई कर दी। हालांकि सूचना पर पहुंची नगर थाने की पुलिस ने हेडमास्टर को आक्रोशित लोगों के चंगुल से निकालकर थाना लाया। आक्रोशित परिजनों का कहना था कि स्कूल के सीसीटीवी में हेडमास्टर की करतूत कैद हो गयी है। स्थानीय आक्रोशित लोगों का कहना था कि एचएम छात्रा को गोद में बैठाकर बैट टच कर रहे थे। इधर काफी मशक्कत के बाद नगर थाने की पुलिस ने हेडमास्टर को अपने सुरक्षा घेरे मे लेकर थाना ले आयी। इस संबंध में पूछने पर आरोपित हेडमास्टर ने सभी आरोपों को निराधार बताया है। वहीं डीईओ कामेश्वर प्रसाद गुप्ता ने बताया कि घटना की जानकारी मिली है। जांच पड़ताल कर न्यायोचित कार्रवाई की जाएगी। वहीं नगर थानाध्यक्ष शिव कुमार यादव ने बताया कि पीड़िता के परिजनों के द्वारा दिए गए आवेदन के आधार पर नगर थाना द्वारा विधि सम्मत अग्रिम कार्रवाई की जा रही हैं, विधि व्यवस्था की स्थिति सामान्य हैं।

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Kunal Kamra : माफी क्यों मांगू? एकनाथ शिंदे पर टिप्पणी के बाद उठे विवाद पर बोले कुणाल कामरा

Kunal Kamra : विवाद के बाद स्टैंड-अप कॉमेडियन कुणाल कामरा का रिएक्शन आया है. उन्होंने कहा कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता केवल शक्तिशाली लोगों की प्रशंसा करने तक सीमित नहीं होनी चाहिए. सार्वजनिक हस्तियों के बारे में चुटकुले बनाने का उनका अधिकार जारी रहेगा. अपनी टिप्पणी के लिए माफी नहीं मानूंगा. कामरा ने कहा कि वह किसी भी कानूनी कार्रवाई के लिए सहयोग करने के लिए तैयार हैं. महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री और शिवसेना नेता एकनाथ शिंदे के बारे में अपनी ‘देशद्रोही’ टिप्पणी पर उठे विवाद के बाद उनकी यह पहली प्रतिक्रिया है. My Statement – pic.twitter.com/QZ6NchIcsM — Kunal Kamra (@kunalkamra88) March 24, 2025 कुणाल कामरा की टिप्पणी के बाद, शिवसेना कार्यकर्ताओं ने मुंबई के एक स्टूडियो में तोड़फोड़ की. यहां कामरा ने अपना शो रिकॉर्ड किया था. हमले से प्रभावित हैबिटेट कॉमेडी क्लब ने अस्थायी रूप से बंद करने की घोषणा की है. हैबिटेट पर हमले के लिए जिम्मेदार भीड़ को लेकर कामरा ने कहा, “यह महज एक मंच है. सभी तरह के शो के लिए एक जगह. हैबिटेट (या कोई भी अन्य स्थल) मेरी कॉमेडी के लिए जिम्मेदार नहीं है, न ही मैं क्या कहता हूं या क्या करता हूं, इस पर उसका कोई कंट्रोल है. न ही किसी नेतृत्वक दल का इससे कोई संबंध है. The post Kunal Kamra : माफी क्यों मांगू? एकनाथ शिंदे पर टिप्पणी के बाद उठे विवाद पर बोले कुणाल कामरा appeared first on Naya Vichar.

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Dhanbad News: इंडियन हिस्ट्री की जगह एंसिएंट हिस्ट्री से आया प्रश्न, परीक्षा रद्द

Dhanbad News: बिनोद बिहारी महतो कोयलांचल विश्वविद्यालय में जारी यूजी सत्र 2022-26 की परीक्षा के दौरान सोमवार को आउट ऑफ सिलेबस प्रश्न आने के कारण परीक्षा रद्द कर दी गयी. यह गड़बड़ी इतिहास के मेजर पेपर टू की परीक्षा के दौरान हुई. द्वितीय पाली में आयोजित यह परीक्षा इंडियन हिस्ट्री से संबंधित थी, लेकिन प्रश्न प्राचीन इतिहास (एंसिएंट हिस्ट्री) से आ गये. लगभग सभी परीक्षा केंद्रों पर परीक्षार्थियों ने आपत्ति दर्ज करायी. छात्रों की आपत्ति के बाद प्रश्नपत्र की जांच की गई, जिसमें उनकी शिकायत सही पायी गयी. इसके बाद में विश्वविद्यालय के परीक्षा विभाग ने इस परीक्षा को रद्द करने का निर्णय लिया. कुछ ही घंटों बाद परीक्षा विभाग ने परीक्षा रद्द करने का आधिकारिक नोटिस जारी कर दिया. अब यह परीक्षा चार अप्रैल को आयोजित की जायेगी. छात्र संगठनों ने जतायी आपत्ति : इस मामले में छात्र संगठनों ने भी आपत्ति जतायी. एनएसयूआइ के रोहित पाठक ने कहा कि विश्वविद्यालय में इस तरह की गड़बड़ियां लगातार हो रही हैं. परीक्षा को सही तरीके से संचालित करने के लिए कोई ठोस कार्ययोजना नहीं है. रोहित ने छात्रों के भविष्य से हो रहे खिलवाड़ पर नाराजगी जताते हुए इस तरह की गड़बड़ियों को रोकने के लिए स्थायी समाधान की मांग की है. डिस्क्लेमर: यह नया विचार समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे नया विचार डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है The post Dhanbad News: इंडियन हिस्ट्री की जगह एंसिएंट हिस्ट्री से आया प्रश्न, परीक्षा रद्द appeared first on Naya Vichar.

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Dhanbad News: आइएसएम के पूर्व छात्र ने संस्थान को दिया 1.25 लाख डालर

Dhanbad News: आइआइटी आइएसएम के पेट्रोलियम इंजीनियरिंग विभाग के 1996 बैच के छात्र डॉ मिहिर कुमार सिन्हा ने संस्थान को दिवंगत माता-पिता के सम्मान में 1.25 लाख अमेरिकी डॉलर (लगभग एक करोड़ रुपये) डोनेट किया है. इस धनराशि का उपयोग शताब्दी व्याख्यान शृंखला के आयोजन पर किया जायेगा. इस लेकर सोमवार को एक एमओयू पर हस्ताक्षर किया गया. डॉ मिहिर ने यह धनराशि आइआइटी (आइएसएम) नॉर्थ अमेरिका एलुमिनाई एसोसिएशन के माध्यम से दिया है. इस पहल के तहत ‘मानविकी, विज्ञान और प्रौद्योगिकी’ विषय पर प्रतिष्ठित डॉ अबनीश चंद्र और वीणापानी सिन्हा स्मृति व्याख्यान शृंखला आयोजित की जायेगी. यह व्याख्यान शृंखला छात्रों, संकाय सदस्यों और आमंत्रित अतिथियों को प्रतिष्ठित विद्वानों, विचारकों और विशेषज्ञों से सीखने का अवसर प्रदान करेगी. हर वर्ष, एक नोबेल पुरस्कार विजेता या अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त विशेषज्ञ को मुख्य वक्ता के रूप में आमंत्रित किया जायेगा. इस अवसर पर निदेशक प्रो सुकुमार मिश्रा ने डॉ सिन्हा के योगदान के लिए आभार व्यक्त किया और इस पहल को बौद्धिक विकास और बहु-विषयक सीखने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम बताया. कार्यक्रम में डॉ मिहिर कुमार सिन्हा, संस्थान के निदेशक प्रो सुकुमार मिश्रा, प्रो धीरज कुमार, प्रो आरएम भट्टाचार्य (डीन, अंतरराष्ट्रीय संबंध और पूर्व छात्र मामले), प्रो रजनी सिंह (डीन, कॉर्पोरेट कम्युनिकेशन), प्रो. राजीव उपाध्याय (फैकल्टी-इंचार्ज, एलुमनाई अफेयर्स), रजिस्ट्रार प्रबोध पांडेय और सहायक रजिस्ट्रार मृत्युंजय शर्मा उपस्थित थे. डिस्क्लेमर: यह नया विचार समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे नया विचार डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है The post Dhanbad News: आइएसएम के पूर्व छात्र ने संस्थान को दिया 1.25 लाख डालर appeared first on Naya Vichar.

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Dhanbad News: आइआइटी के छात्र संदर्भ सिंह को मिला 58 लाख की स्कॉलरशिप

Dhanbad News: आइआइटी आइएसएम, धनबाद के मैकेनिकल इंजीनियरिंग विभाग के बीटेक के छात्र संदर्भ सिंह को अमेरिका के पर्ड्यू यूनिवर्सिटी से पीएचडी करने के लिए 58 लाख रुपये (70 हजार डॉलर) का स्कॉलरशिप ऑफर मिला है. यूएस न्यूज 2024 रैंकिंग में पर्ड्यू अमेरिका में छठे स्थान पर है. इस वित्तीय सहायता में ट्यूशन फीस, स्वास्थ्य बीमा और 30,000 अमेरिकी डॉलर का वजीफा शामिल है. उनका शोध लिथियम बैटरी सिस्टम और वर्टिकल टेकऑफ एयरक्राफ्ट पर केंद्रित होगा, जो स्थायी विमानन क्षेत्र में एक नवीन विषय है. संदर्भ को कार्नेगी मेलन यूनिवर्सिटी (यूएस रैंक 7) सहित कई अन्य प्रतिष्ठित विश्वविद्यालयों से भी ऑफर मिले हैं. आइआइटी आइएसएम में जीआइएएन पाठ्यक्रम शुरू आइआइटी आइएसएम के गणित और कंप्यूटिंग विभाग द्वारा आयोजित ‘ग्राफ में रंग भरने की नयी प्रवृत्तियां’ पर पांच दिवसीय जीआइएएन पाठ्यक्रम का सोमवार को संस्थान के कार्यकारी विकास केंद्र-लाउंज में उद्घाटन हुआ. कार्यक्रम में मुख्य अतिथि संस्थान के निदेशक प्रो. सुकुमार मिश्रा उपस्थित रहे. 28 मार्च तक चलने वाले इस पाठ्यक्रम में स्लोवेनिया की ल्युब्लियाना यूनिवर्सिटी के प्रो. रिस्टे स्क्रेकोवस्की विदेशी विशेषज्ञ के रूप में भाग ले रहे हैं. उद्घाटन समारोह में गणित और कंप्यूटिंग विभाग के अध्यक्ष प्रो. एसपी तिवारी और पाठ्यक्रम समन्वयक प्रो दिनबंधु प्रधान भी मौजूद थे. यह पाठ्यक्रम ग्राफ रंग भरने के विभिन्न आयामों जैसे वर्टेक्स कलरिंग, एज कलरिंग, क्रिटिकल ग्राफ, लिस्ट कलरिंग, और कॉन्फ्लिक्ट-फ्री कलरिंग पर केंद्रित है. इसमें फोर कलर थ्योरम और ब्रूक्स थ्योरम जैसी प्रसिद्ध प्रमेयों के साथ-साथ आधुनिक शोध और अनसुलझी समस्याओं पर चर्चा होगी. डिस्क्लेमर: यह नया विचार समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे नया विचार डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है The post Dhanbad News: आइआइटी के छात्र संदर्भ सिंह को मिला 58 लाख की स्कॉलरशिप appeared first on Naya Vichar.

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