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Author name: Vinod Jha

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भागन विगहा टोल टैक्स से नालंदा के लोग परेशान

बिहारशरीफ: राष्ट्रीय राज मार्ग संख्या 31 जो अब 20 बन चुका है. इसे बने ही कुछ ही महीनें हुए हैं. यह राष्ट्रीय राजमार्ग बख्तियारपुर टू रांची है जो इसके बनने के बाद लोगों को रांची जाने में काफी आसान हो गया है. लेकिन इसपर भागन विगहा का टोल प्लाजा ने नालंदावासियाें के लिए मुसीबन बन गयी है.बनालंदावासियों को अब इस टोल प्लाजा से गुजरने में भाडी कीमत चुकनी पड़ रही है. जबसे इस टोल प्लाजा से टोल टैक्स कटना शुरू हुआ तब से इसका विरोध भी शुरू हो गया है. इस टोल प्जाला से किसानों की सब्जी व स्कूली वाहन भी बूरी तरह से प्रभावित हो रहे हैं. सबसे बड़ी बात यह है कि नालंदा वासियों के लिए इस मार्ग से जिले के अधिनस्त बीस किलोमीटर की परीधी में गुजरने पर भी 225 रूपये टोल टैक्स के रूप में देने पड़ रहे हैं. इसको लेकर न तो टोल टैक्स के पास कोई गाइड लाइन है ना ही इस पर टोल टैक्स प्रबंधन के पास बोलने के लिए कुछ शब्द हैं. उनका सीधा कहना है कि अगर इस टोल टैक्स से कोई भी वाहन गहुजरती है तो उन्हें निर्धारित राशी देना ही पड़ेगा. नतिजनत इस टौल टैक्स को लेकर हंगामा बढ़ता जा रहा है और इसकी गूंज संसद तक में सुनायी दे रही है. स्वयं सासंद कौशलेंद्र कुमार भी मानते हैं कि यह टोल टैक्स नालंदा जिले के लोगों के लिए परेशानी का सबब बन चुका है. अगर नालंदा के लोग पटना जाते हैं तो पहले भागन विगहा टोल टैक्स पर 205 रूपया उसके बाद दीदारगंज पटना टोल टैक्स पर 135 रूपये देने पड़ रहे हैं. इसी तरह उसकी दिन की वापसी पर दीदारगंज टोल टैक्स पर देने के बाद भागन विगहा टोल टैक्स पुन: 105 रूपये प्रत्येक वाहनों को देने पड़ रहे हैं. कुल मिलाकर नालंदा वासियों को पटना की यात्रा में अतिरिक्त 310 रूपये सिर्फ भागन विगहा टोल टैक्स पर खर्च करने पड़ रहे हैं.राष्ट्रीय राज मार्ग संख्या-20 को जोड़ने वाली भागन विगहा टोल प्लाजा लोगों के लिए परेशानियों का सबब बन गया है.अब बिहारशरीफ से पटना पहुंचने के लिए दो-दो बार टोल टैक्स भरने होते हैं. पहला टोल टैक्स भागन विगहा व दूसरा पटना दीदागंज टोल प्लाजा का. जिसपर लोगों को अतिरिक्त करीब 480 रूपये खर्च करने पड़ रहे हैं. जिससे बिहारशरीफ से पटना का सफर काफी महंगा हो गया है. स्थानीय लोगों की इस परेशानी से नाराज नालंदा सासंद कौशलेंद्र कुमार ने भी इस मुद्दे को लोकसभा में उठाकर भागन विगहा टोल प्लाजा को तत्काल बंद करने की मांग पिछले दिनों की है. नियमत: टोल प्लाजा में स्थानीय लोगों को रियायत का प्रावधान है,जबकि भागन विगहा टोल प्लाजा प्रबंधन द्वारा स्थानीय लोगों को किसी तरह का कोई रियायत की घोषणा अभी तक नहीं की गयी है. जिससे लोगों में इस बात को लेकर काफी आक्रोष है. जानकारी के अनुसार राजमार्ग टैक्स क्लेशन काननू-2024 के अनुसार टोल प्लाजा के बीस किलोमीटर के आसपास रहने वाले नागरिकों को उनकी आवाजाही को सुविधाजनक बनाने के लिए टोल टैक्स नहीं लेने का प्रावधान है. अगर राजमार्ग टैक्स क्लेक्शन कानून-2024 को भागन विगहा टोल प्रबंधन प्राथमिकता देती है तो नियम के अनुसार भागन विगहा टोल प्लाज के बीस किलोमीटर के दायरे में आने वाले सोहसराय, बिहारशरीफ, दीपनगर, हरनौत व वेना आदि क्षेत्रों के नागरिकों से उनके निजी वाहनों पर कोई टोल टैक्स नहीं वसूला जाना चाहिये. जबकि ऐसा हो नहीं रहा है. इस संबंध में पूछने पर टोल प्लाजा का कोई भी अधिकृत पदाधिकारी या कर्मचारी कुछ भी बताने से बचता है. भाड़े पर चलने वाले वाहनों का बढ़ा अप्रत्याशित किराया बिहारशरीफ से पटना व दूसरे जिलों के भाड़े पर चलने वाले वाहनों के किराये में अप्रत्याशित वृद्धी हुई है.किराये को लेकर वाहन मालिक कहते हैं कि अब पटना जाने में दो-दो स्थानों पर टोल टैक्स भरना होता है. जिससे भाड़ों में वृद्धी की गयी है. पहले पटना के लिए किराये पर चौदह सौ में कार भाड़े पर मिल जाता था,जब से भागन विगहा टोल प्लाजा प्रारंभ हुआ है भाड़े में चालीस प्रतिशत की वृद्धी कर दी गयी है.जिससे भागन विगहा टोल प्लाजा का मामला तूल पकड़ता जा रहा है. लोगों का कहना है कि वे विकास के खिलाफ नहीं हैं,लेकिन टोल प्लाजा के संबंध में जिस तरह के नियम प्रशासन द्वारा बनाये गये हैं,उसका शत-प्रतिशत पालन होना चाहिए. नियम के तहत बीस किलोमीटर के दायरे में आने वाले स्थानीय लोगों से टोल टैक्स नहीं लेने का प्रावधान है. किसानों को भी हो रही है परेशानी नालंदा जिला कृषि प्रदान जिला है और सब्जी उत्पादान के मामले में नालंदा अव्वल है. इस भागन विगहा टोल प्लाजा से प्रतिदिन किसान सब्जियों की खेप लेकर बिहारशरीफ बाजार समिति आते हैं,लेकिन उन्हें भी इस टोल प्लाजा से सब्जी के वाहन के एवज में निर्धारित टोल टैक्स देना पड़ रहा है. इससे किसानों में भी खासा नाराजगी है. यहां तक की स्कूली वाहनों को बिहारशरीफ के विभिन्न स्कूलों में जाने के लिए टोल टैक्स का भुगतान करना पड़ रहा है. कहते हैं टोल मैनेजर प्रशासन की ओर से स्थानीय लोगों से टोल टैक्स की वसूली नहीं करने से संबंधित किसी तरह का पत्र प्राप्त नहीं हुआ है. इस संबंध में अगर पत्र प्राप्त होता है तो अवश्य ही टोल टैक्स में छूट दिया जा सकता है. टोल प्लाजा को खुले हुए करीब एक माह बीत चुका है. लक्ष्य के हिसाब से तीन माह में 27 लाख रूपये की वसूली का टारगेट निर्धारित है,जिसमें वसूली के नाम पर करीब पंद्रह लाख ही हो पाया है. हरेराम यादव,भागन विगहा टोल मैनेजर डिस्क्लेमर: यह नया विचार समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे नया विचार डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है The post भागन विगहा टोल टैक्स से नालंदा के लोग परेशान appeared first on Naya Vichar.

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Sasaram news.चोरी के सामान के साथ कबाड़ दुकानदार समेत दो गिरफ्तार

शिवसागर. थाना क्षेत्र के बम्हौर गांव में दो दिन पूर्व गोदाम में सेंध मार हुई चोरी के मामले में शिवसागर पुलिस ने चोरी गये सामान के साथ कबाड़ दुकानदार समेत दो लोगों को गिरफ्तार किया है. इसकी जानकारी थानाध्यक्ष रितेश कुमार ने दी. उन्होंने बताया कि चोरी मामले में गोदाम मालिक कमेंद्र सिंह ने अज्ञात चोरों के विरुद्ध एफआइआर दर्ज करायी थी. इसके बाद संभावित विभिन्न जगहों पर सघन छापेमारी की गयी. गिरधरियां मोड़ स्थित एक कबाड़ी दुकान से चोरी के सामान को बरामद किया गया. वहीं, कबाड़ दुकानदार की निशानदेही पर एक आरोपित को गिरफ्तार किया गया. पूछताछ में दोनों ने अपनी संलिप्तता स्वीकार की है. थानाध्यक्ष ने बताया कि कबाड़ा दुकानदार की पहचान करगहर थाना क्षेत्र के करवर गांव निवासी हरेकृष्ण सिंह के बेटे मनोज कुमार के रूप में हुई है. वहीं, गिरफ्तार एक आरोपित बम्हौर गांव निवासी भरत सिंह का बेटा नागेंद्र सिंह उर्फ पप्पू बताया जाता है. गिरफ्तारी के बाद दोनों को न्यायालय के हवाले कर दिया गया. एक विधि विरुद्ध शिशु की तलाश की जा रही है. डिस्क्लेमर: यह नया विचार समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे नया विचार डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है The post Sasaram news.चोरी के सामान के साथ कबाड़ दुकानदार समेत दो गिरफ्तार appeared first on Naya Vichar.

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स्किल इंडिया के तहत शिक्षकों को दी जायेगी ट्रेनिंग

संवाददाता, पटना हिंदुस्तान प्रशासन के कौशल विकास मंत्रालय व प्राइवेट स्कूल्स एंड चिल्ड्रेन वेलफेयर एसोसिएशन ने रविवार को स्किल इंडिया कार्यक्रम का प्रारंभ किया. इसके अंतर्गत बच्चों को शिक्षित करने के लिए शिक्षकों को ट्रेनिंग दी जायेगी और एक विकसित और विकासशील देश का निर्माण किया जायेगा. हिंदुस्तान प्रशासन के स्किल डेवलपमेंट के सीइओ कर्नल अनिल कुमार पोखरियाल ने कहा के बिहार पहला राज्य बना है, जहां प्राइवेट स्कूल्स एंड चिल्ड्रेन वेलफेयर एसोसिएशन से जुड़े एक लाख शिक्षकों को स्किल ट्रेनिंग दी जायेगी. डिस्क्लेमर: यह नया विचार समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे नया विचार डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है The post स्किल इंडिया के तहत शिक्षकों को दी जायेगी ट्रेनिंग appeared first on Naya Vichar.

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घातक हथियारों के साथ पांच आरोपी गिरफ्तार, गये जेल

आसनसोल/कुल्टी . कुल्टी थाना के नियामतपुर पुलिस फांडी अंतर्गत मेलेकोला रोड में बोकाबाबा इलाके में डकैती की योजना बनाते पांच आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार किया. जिनमें कुल्टी थाना मोड़ डीवीसी कॉलोनी का निवासी शिवम साव (28), नियामतपुर मदरसा मोहल्ला का निवासी मोहम्मद इंजमाम अंसारी उर्फ शेरा (29), सीतारामपुर एसएन राय रोड इलाके का निवासी मोहम्मद शमशेर अंसारी उर्फ राजा (25), सीतारामपुर लोको इलाके का निवासी करण हाड़ी उर्फ रोबर (19), नियामतपुर चबका हटिया इलाके का निवासी लच्छू प्रशासन (19) शामिल हैं. छापेमारी के दौरान इनके अन्य सात-आठ साथी भागने में सफल रहे. पकड़े गये आरोपियों के पास से घातक हथियार बरामद हुआ. नियामतपुर पुलिस फांडी के सहायक अवर निरीक्षक अमित बाउरी की शिकायत पर आरोपियों के खिलाफ बीएनएस की धारा 310(4)/310(5) के तहत प्राथमिकी दर्ज हुई. मिली थी गुप्त सूचना सहायक अवर निरीक्षक श्री बाउरी ने अपनी शिकायत में बताया कि 22 मार्च रात को पेट्रोलिंग ड्यूटी के दौरान उन्हें सूचना मिली कि कुछ बदमाश इलाके में डकैती की घटना को अंजाम देने के लिए बोकाबाबा इलाके में जमा हुए हैं. सूचना के आधार छापेमारी की गयी. जिसमें उक्त पांच आरोपी पकड़े गये. इनके पास से घातक हथियार बरामद हुआ. इनलोगों ने पुलिस के समक्ष अपना जुर्म भी कबूल किया कि वे लोग पास के इलाके में डकैती की घटना को अंजाम देने के लिए जमा हुए थे. योजना बना रहे थे कि पुलिस ने उन्हें पकड़ लिया. उनके अन्य कुछ साथी भागने में सफल रहे. सभी आरोपियों को अदालत में चालान किया गया. जहां उनकी जमानत रद्द हो गयी और उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया. डिस्क्लेमर: यह नया विचार समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे नया विचार डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है The post घातक हथियारों के साथ पांच आरोपी गिरफ्तार, गये जेल appeared first on Naya Vichar.

पटना, बिहार

बिहार की चार नदियों पर बनेंगे 12 और नए पुल, 2027 तक चार घंटे में पटना पहुंचने का लक्ष्य

नया विचार पटना।बिहार में यातायात को सुगम बनाने के लिए गंगा, सोन, गंडक और कोसी नदियों पर 12 और पुल बनाए जाएंगे। इन चारों नदियों पर वर्तमान में 24 बड़े पुल मौजूद हैं, जबकि 15 पुलों का निर्माण कार्य जारी है। नए पुलों के जुड़ने के बाद राज्य में इन नदियों पर कुल 51 पुल हो जाएंगे। इसके लिए पथ निर्माण विभाग ने आवश्यक प्रक्रिया शुरू कर दी है। राज्य प्रशासन ने पहले छह घंटे में किसी भी जिले से पटना पहुंचने का लक्ष्य रखा था, जिसे सफलतापूर्वक पूरा किया गया। इसके बाद पांच घंटे में पटना पहुंचने की योजना पर काम किया गया, जो तीन से चार महीनों में पूरा हो जाएगा। अब प्रशासन ने 2027 तक राज्य के किसी भी कोने से मात्र चार घंटे में पटना पहुंचने का लक्ष्य निर्धारित किया है। इसके अलावा, 2035 तक यह यात्रा मात्र तीन घंटे में पूरी करने की योजना है। यह सब विकसित हिंदुस्तान 2047 के रोडमैप का हिस्सा है, जिसके तहत 5000 किलोमीटर सिंगल लेन सड़कों को दो या अधिक लेन में बदला जाएगा। साथ ही, हर 20 किलोमीटर की दूरी पर चार लेन की सड़कें उपलब्ध कराई जाएगी। बिहार में कई जिले नदियों से घिरे हुए हैं, जिससे यात्रा में अधिक समय लगता है। इसलिए जब तक नदियों पर पर्याप्त पुल नहीं होंगे, तब तक चार घंटे में पटना पहुंचने का लक्ष्य हासिल करना मुश्किल होगा। इसी वजह से प्रशासन ने 12 और पुलों के निर्माण का निर्णय लिया है। गंगा नदी पर अभी 7 पुल बने हुए हैं, जबकि 9 पुलों का निर्माण कार्य जारी है। इसके बाद 3 और नए पुल बनाए जाएंगे।    बक्सर में मौजूदा पुल के समानांतर तीन लेन का पुल बनेगा। रक्सौल-हल्दिया एक्सप्रेसवे पर मटिहानी-साम्हो के बीच छह लेन पुल और कहलगांव में गंगा नदी पर चार लेन का पुल। सोन नदी पर अभी 5 पुल बने हुए हैं, और 1 पुल निर्माणाधीन है इसके बाद 2 और नए पुल बनाए जाएंगे। वाराणसी-रांची-कोलकाता एक्सप्रेसवे और पटना-आरा-सासाराम के एलाइनमेंट में पुल का निर्माण। गंडक नदी पर अभी 7 पुल बने हुए हैं, जबकि 3 निर्माणाधीन हैं। इसके बाद 4 और पुल बनाए जाएंगे। वीटीआर बाइपास पर चार लेन का नया पुल। पतजिरवा में एनएच 727ए पर चार लेन पुल। गोरखपुर-सिलीगुड़ी मार्ग पर छह लेन पुल और रामजानकी मार्ग पर सत्तरघाट में चार लेन पुल। कोसी नदी पर अभी 5 पुल बने हुए हैं, और 2 पुलों का निर्माण जारी है। इसके बाद 3 और नए पुल बनाए जाएंगे। गोरखपुर-सिलीगुड़ी मार्ग पर छह लेन पुल। पटना-पूर्णिया मार्ग पर सिमरी-बख्तियारपुर के पास छह लेन पुल और कुरसेला में अतिरिक्त चार लेन पुल। पथ निर्माण मंत्री नितिन नवीन ने कहा कि बिहार में हिमालय से निकलने वाली नदियों का प्रभाव अधिक है, जिससे आवागमन में कठिनाई होती है। उन्होंने कहा, दक्षिण बिहार में भी सोन और अन्य नदियों की मौजूदगी के कारण पुलों का निर्माण जरूरी है। इससे लोग कम समय में अपनी यात्रा पूरी कर सकेंगे और राज्य का विकास तेजी से होगा। बिहार में यातायात को तेज और सुगम बनाने के लिए प्रशासन लगातार प्रयास कर रही है। नए पुलों के निर्माण से यात्रा का समय घटेगा और आर्थिक गतिविधियां भी तेज होगी। प्रशासन का 2027 तक चार घंटे और 2035 तक तीन घंटे में पटना पहुंचाने का लक्ष्य, इस योजना की महत्वाकांक्षी सोच को दर्शाता है।

समस्तीपुर

समस्तीपुर में सिलेंडर विस्फोट से बड़ा हादसा, तीन झुलसे, लाखों की संपत्ति जलकर राख

नया विचार समस्तीपुर- बिहार के समस्तीपुर जिले में रविवार तड़के एक बड़ा हादसा हो गया। मोरवा दक्षिणी पंचायत में गैस सिलेंडर के विस्फोट से आग लग गई, जिसमें तीन लोग गंभीर रूप से झुलस गए। इनमें एक स्त्री भी शामिल है, जिसकी हालत गंभीर बताई जा रही है। प्राथमिक उपचार के बाद स्त्री को समस्तीपुर से पटना रेफर कर दिया गया है, जबकि दो अन्य घायलों का स्थानीय स्तर पर इलाज चल रहा है। घटना रविवार को अहले सुबह करीब 2:45 बजे हुई। बताया जा रहा है कि खाना बनाने के दौरान गैस लीक होने से सिलेंडर में विस्फोट हुआ, जिससे पूरे घर में आग फैल गई। इस हादसे में सुबोध चौधरी और मनोज चौधरी भी झुलस गए हैं। विस्फोट के बाद लगी आग इतनी भीषण थी कि देखते ही देखते लाखों रुपये की संपत्ति जलकर खाक हो गई। स्थानीय लोगों ने तत्परता दिखाते हुए आग बुझाने और घायलों को बचाने की कोशिश की। गांववालों की मदद से राहत और बचाव कार्य जारी है। इस हादसे के बाद पीड़ित परिवार के लिए प्रशासन से मुआवजे की मांग की जा रही है। हादसे में घर का सारा सामान जल जाने से दोनों परिवारों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है और गांव में मातम का माहौल है। स्थानीय प्रशासन से भी मदद की अपील की गई है। ग्रामीणों का कहना है कि पीड़ित परिवार की आर्थिक स्थिति कमजोर है, ऐसे में प्रशासन को तत्काल राहत पहुंचानी चाहिए। फिलहाल, घटना की सूचना मिलने के बाद अधिकारी मौके पर पहुंचे और जांच शुरू कर दी गई है।

बिहार

मुजफ्फरपुर में पुलिस की बड़ी कार्रवाई, भारी मात्रा में शराब जब्त, कई तस्कर गिरफ्तार

नया विचार पटना। बिहार के मुजफ्फरपुर जिले में पुलिस ने शराब तस्करों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए अलग-अलग स्थानों से भारी मात्रा में शराब जब्त की है। पुलिस ने सकरा, मोतीपुर और साहेबगंज में छापेमारी कर कई तस्करों को गिरफ्तार किया है। अधिकारियों के अनुसार, यह कार्रवाई राज्य में शराबबंदी कानून को सख्ती से लागू करने के लिए की जा रही है। सकरा थाना क्षेत्र के विशुनपुर बघनगरी गांव में पुलिस को एक संदिग्ध ट्रक खड़ा मिला। यह ट्रक एक निजी जमीन पर लावारिस हालत में था। पुलिस ने इसे जब्त कर लिया और मामले की जांच शुरू कर दी। थानाध्यक्ष राजू कुमार पाल ने बताया कि ट्रक को थाने ले जाया गया है और इसकी गहन जांच की जा रही है। प्रारंभिक जांच में ट्रक में शराब छिपाने के लिए एक गुप्त स्थान मिलने की बात सामने आई है। पुलिस को शक है कि तस्करों ने शराब की खेप लाने और उसे बांटने के बाद ट्रक को वहीं छोड़ दिया और डर के मारे फरार हो गए। अब पुलिस ट्रक के मालिक और इससे जुड़े तस्करों की पहचान करने में जुटी है। ट्रक की बरामदगी से इलाके के शराब तस्करों में हड़कंप मच गया है। पुलिस ने कहा है कि जमीन मालिक की पहचान कर उसके खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। मोतीपुर पुलिस ने 51 लीटर देसी शराब के साथ एक तस्कर को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई राजेपुर ओपी क्षेत्र के दोस्तपुर गांव में की गई। गिरफ्तार तस्कर का नाम मंजूर अली बताया जा रहा है, जो परसौनी रईसी का रहने वाला है। पुलिस ने उसे उस वक्त पकड़ा, जब वह बाइक से शराब लेकर जा रहा था। पुलिस ने बाइक और शराब दोनों को जब्त कर लिया। ओपी अध्यक्ष राधेश्याम ने बताया कि मंजूर अली लंबे समय से शराब तस्करी में लिप्त था। उन्होंने कहा, हमें गुप्त सूचना मिली थी कि एक तस्कर बाइक से शराब लेकर जा रहा है। त्वरित कार्रवाई करते हुए हमने उसे पकड़ लिया। फिलहाल, एफआईआर दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है। साहेबगंज पुलिस को भी बड़ी सफलता हाथ लगी। बाइपास पुल के पास एक बोलेरो गाड़ी से 243.64 लीटर विदेशी शराब बरामद की गई। इस मामले में दो तस्करों को गिरफ्तार किया गया है। गिरफ्तार तस्करों के नाम नीरज कुमार और विकास कुमार है, जो हाजीपुर के रहने वाले हैं। थानाध्यक्ष सिकंदर कुमार ने बताया कि पुलिस की गाड़ी को देखकर दोनों तस्कर बोलेरो छोड़कर भागने लगे, लेकिन पुलिस ने उन्हें खदेड़कर पकड़ लिया। मुजफ्फरपुर पुलिस की इस बड़ी कार्रवाई से शराब तस्करों में खलबली मच गई है। पुलिस अब तस्करी के पूरे नेटवर्क को खंगाल रही है और मुख्य सरगनाओं तक पहुंचने की कोशिश कर रही है। बिहार में शराबबंदी कानून लागू होने के बाद भी शराब तस्करी के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। पुलिस ने साफ किया है कि अवैध शराब के कारोबार में लिप्त लोगों के खिलाफ लगातार कार्रवाई जारी रहेगी।

बिहार

बिहार के शिवहर में बना हवा में लटका पुल, सड़क का अता-पता नहीं, लोगों में आक्रोश

नया विचार पटना- बिहार के शिवहर जिले से एक चौंकाने वाली तस्वीर सामने आई है, जो प्रशासनी योजनाओं की खामियों और लापरवाही की पोल खोल रही है। यहां खेतों के बीचों-बीच एक पुल तो खड़ा है, लेकिन उससे जुड़ने के लिए कोई सड़क ही नहीं बनाई गई। यह दृश्य देखने पर ऐसा लगता है जैसे अब पुलों की खेती भी शुरू हो गई हो। स्थानीय लोगों में इस अधूरी परियोजना को लेकर आक्रोश है, और वे प्रशासन से सवाल पूछ रहे हैं कि जब चढ़ने-उतरने का कोई रास्ता ही नहीं है, तो इस पुल का उपयोग कैसे किया जाए? दरअसल, यह मामला शिवहर जिले के बेलवा-नरकटिया गांव से देवापुर तक बनने वाली स्टेट हाईवे-54 परियोजना से जुड़ा है। इस परियोजना के तहत कई पुलों का निर्माण किया जा चुका है, लेकिन उनसे जुड़ने वाली सड़क अब तक अधूरी है। ऐसे में ये पुल बेकार खड़े हैं, क्योंकि वहां तक पहुंचने का कोई रास्ता ही नहीं है। प्रशासन इसे ‘क्रॉस ड्रेनेज स्ट्रक्चर’ बताकर अपना पल्ला झाड़ रहा है, लेकिन स्थानीय लोगों का कहना है कि यह पूरी तरह से प्रशासनी विभाग और ठेकेदारों की मिलीभगत का नतीजा है। गांव के लोगों का कहना है कि पुल बनाकर प्रशासन ने अपनी जिम्मेदारी पूरी मान ली, लेकिन सड़क नहीं होने के कारण यह लोगों के किसी काम का नहीं है। उनका कहना है कि अगर सड़क नहीं बनी तो इस पुल का कोई औचित्य नहीं रह जाता। एक ग्रामीण रमेश यादव ने कहा, प्रशासन और ठेकेदारों की मिलीभगत से आधे-अधूरे निर्माण कार्य किए जा रहे हैं। अगर पुल ही बनाना था, तो सड़क का भी इंतजाम होना चाहिए था। अब यह पुल केवल देखने की चीज बनकर रह गया है। वहीं, एक अन्य ग्रामीण सुरेश सिंह ने नाराजगी जाहिर करते हुए कहा, हमारे खेतों में अरहर और तीसी की फसल के साथ अब पुल भी उगने लगे हैं। यह पूरी परियोजना बिना किसी ठोस योजना के बनाई गई है। प्रशासन से कई बार शिकायत की गई, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। इस मामले में जब प्रशासन से सवाल किया गया, तो अधिकारियों का कहना था कि यह पुल असल में क्रॉस ड्रेनेज स्ट्रक्चर है, जिसका इस्तेमाल जल निकासी के लिए किया जाता है। लेकिन ग्रामीणों का कहना है कि अगर यह सच में ड्रेनेज स्ट्रक्चर है, तो फिर इसे इस तरह क्यों बनाया गया कि यह सड़क का हिस्सा लगे? इस अधूरे निर्माण कार्य को लेकर विपक्ष ने भी प्रशासन पर निशाना साधा है। विपक्षी दल के नेता अशोक कुमार ने कहा, यह बिहार में विकास के दावों की असलियत दिखाने वाला मामला है। जनता के पैसे से आधे-अधूरे निर्माण कराए जा रहे हैं, और फिर प्रशासन अपनी गलती छिपाने के लिए बहाने बना रहा है। अगर प्रशासन सही मायने में विकास करना चाहती है, तो इस पुल से जुड़ी सड़क का तुरंत निर्माण कराना चाहिए। अब गांववाले प्रशासन से मांग कर रहे हैं कि जल्द से जल्द इस पुल से जुड़ी सड़क का निर्माण किया जाए, ताकि यह सही मायनों में लोगों के उपयोग में आ सके। लोगों का कहना है कि अगर जल्द कार्रवाई नहीं हुई, तो वे प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन करेंगे। बिहार में अधूरी प्रशासनी परियोजनाओं की यह कोई पहली तस्वीर नहीं है। इससे पहले भी कई जिलों में अधूरे पुल और सड़कें देखने को मिली हैं। यह मामला प्रशासन के विकास कार्यों की गुणवत्ता पर बड़ा सवाल खड़ा करता है। अब देखना होगा कि प्रशासन इस मुद्दे पर क्या कार्रवाई करता है, या फिर यह पुल यूं ही खेतों के बीच हवा में लटका रहेगा।

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BCCI ने दिखाया बाहर का रास्ता, अब IPL में जड़ दिया 45 गेंद पर शतक, क्या होगी टीम में वापसी

Ishan Kishan Century: बीसीसीआई के सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट से बाहर चल रहे ईशान किशन को सनराइजर्स हैदराबाद में नया घर मिल गया है और उन्होंने राजस्थान रॉयल्स के खिलाफ मुकाबले में अपना पहला आईपीएल शतक जड़कर खुद को साबित कर दिया है. विकेटकीपर बल्लेबाज ने इस बड़े मंच आईपीएल 2025 के पहले शतकवीर बनें. उन्होंने सिर्फ 45 गेंदों में यह मुकाम हासिल किया. विकेटकीपर बल्लेबाज मुंबई इंडियंस के कैंप में 7 साल बिताने के बाद इस सीजन में सनराइजर्स में शामिल हुए. उन्होंने सनराइजर्स के लिए अपने डेब्यू पर बड़ा प्रभाव डाला है. उन्होंने अपने 10वें सीजन में अपने पहले आईपीएल शतक का इंतजार खत्म कर दिया. तीसरे नंबर पर बल्लेबाजी करते हुए किशन ने जड़ा शतक उन्होंने सनराइजर्स के विस्फोटक बाएं हाथ के सलामी बल्लेबाज अभिषेक शर्मा और ट्रैविस हेड के साथ ताल से ताल मिलाते हुए 47 गेंदों पर नाबाद 106 रन बना डाले, जिसमें 11 चौके और 6 छक्के शामिल थे. उनका स्ट्राइक रेट 225.53 था. 2016 के आईपीएल चैंपियन ने मेगा नीलामी में ईशान पर पूरी ताकत झोंक दी और उन्हें 11.25 करोड़ रुपये की भारी कीमत पर साइन किया. विकेटकीपर बल्लेबाज ने सनराइजर्स के साथ शानदार प्री-सीजन स्पोर्ट्सा, जहां उन्होंने इंट्रा-स्क्वाड मैचों के दौरान बल्ले से आक्रामक अंदाज दिखाया. 𝙄.𝘾.𝙔.𝙈.𝙄 🔥 Ishan Kishan dealt in sixes on his way to a magnificent maiden #TATAIPL 💯 😮 👊 Updates ▶ https://t.co/ltVZAvHPP8#SRHvRR | @SunRisers | @ishankishan51 pic.twitter.com/9PjtQK231J — IndianPremierLeague (@IPL) March 23, 2025 खटखटाया हिंदुस्तानीय टीम का दरवाजा हिंदुस्तानीय टीम से बाहर चल रहे बल्लेबाज ने सुनिश्चित किया कि वह सनराइजर्स की विस्फोटक बल्लेबाजी लाइन-अप में पीछे न रह जाएं और नियमित रूप से बाउंड्रीज लगाते रहें. उन्होंने लगातार दो छक्के लगाकर अपना अर्धशतक पूरा किया और रॉयल्स के गेंदबाजों पर अपना दबदबा कायम रखते हुए एक चौका लगाकर अपना शतक पूरा किया. क्रीज पर अपनी मौजूदगी के दौरान वह आत्मविश्वास से भरे दिखे और बाउंड्रीज मारने के लिए रिवर्स स्वीप स्पोर्ट्सने से भी नहीं कतराए. पिछला सीजन किशन के लिए रहा बेहद खराब आईपीएल के पिछले सीजन में मुंबई इंडियंस के लिए उन्होंने बल्ले से काफी मुश्किल समय का सामना किया था, जिसमें उन्होंने सिर्फ एक अर्धशतक लगाया था और ऐसे समय में सनराइजर्स ने उनको मौका दिया. सनराइजर्स के बेहद आक्रामक रवैये ने किशन को पहली गेंद से ही अपने शॉट स्पोर्ट्सने में मदद की. उनकी नाबाद 106 रनों की पारी ने सनराइजर्स को 286/6 का स्कोर बनाने में मदद की. जो आईपीएल इतिहास का दूसरा सबसे बड़ा स्कोर है. राजस्थान की टीम 242 रन ही बना सका और 44 रन से यह मुकाबला हार गया. यह भी पढ़ें… 287 के पहाड़ जैसे लक्ष्य के सामने राजस्थान फेल, सनराइजर्स हैदराबाद ने 44 रन से दी मात वीडियो आया सामने, कैसे सिक्युरिटी को चकमा देकर विराट कोहली के पास पहुंच गया फैन धोनी के रिटायरमेंट के सवाल पर भड़के गावस्कर, कहा- हर बार यही क्यों… The post BCCI ने दिखाया बाहर का रास्ता, अब IPL में जड़ दिया 45 गेंद पर शतक, क्या होगी टीम में वापसी appeared first on Naya Vichar.

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Jharkhand News: 10 दिनों में 5 बच्चों को निगल गयी रहस्यमयी बीमारी, आदिम जनजाति समुदाय में दहशत

Jharkhand News: मंडरो (साहिबगंज)-साहिबगंज जिले के मंडरो प्रखंड की बसहा पंचायत के नगरभिठ्ठा पहाड़ पर अज्ञात बीमारी से बीते 10 दिनों में पांच आदिम जनजाति बच्चों की मौत हो गयी है. इससे पूरे गांव में दहशत का माहौल है. रविवार को भी सोमरा पहाड़िया की दो वर्षीय बच्ची सजनी पहाड़िन की मौत हो गयी. इसके बाद पहाड़ी रीति-रिवाजों के अनुसार उसका अंतिम संस्कार गांव के मशानी घाट पर कर दिया गया. इन बच्चों की मौत के बाद धर्मा पहाड़िया, छोटा मैसा पहाड़िया, सामु पहाड़िया, चांदु पहाड़िया और कैलु पहाड़िया जैसे कई परिवार के सदस्य मातम में डूबे हैं. बच्चों की पहले आंख पीली पड़ती है, फिर तेज बुखार-ग्राम प्रधान ग्राम प्रधान मैसा पहाड़िया ने बताया कि इस तरह की बीमारी गांव में पहले कभी नहीं देखी गयी थी. ग्रामीणों के अनुसार, पीड़ित बच्चों में सबसे पहले आंखें पीली पड़ने लगती हैं, फिर उन्हें सर्दी, खांसी, तेज बुखार और सिरदर्द की शिकायत होती है. इनमें से कुछ बच्चों की हालत इतनी गंभीर हो गयी कि उन्हें बचाया नहीं जा सका. स्वास्थ्य विभाग की टीम पहुंची गांव सूचना मिलने पर मंडरो स्वास्थ्य विभाग ने तत्काल मेडिकल टीम को गांव भेजा है. डॉक्टरों ने ग्रामीणों के स्वास्थ्य की जांच शुरू की. मेडिकल टीम ने गांव के सभी पुरुषों, स्त्रीओं और बच्चों का ब्लड सैंपल कलेक्ट किया, जिसे जांच के लिए धनबाद भेजा जायेगा. स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का कहना है कि रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट हो पायेगा कि आखिर यह अज्ञात बीमारी क्या है ? इसका सही उपचार कैसे किया जाये ? 12 से 23 मार्च के बीच इन बच्चों की हुई मौत एतवारी पहाड़िन (2 वर्ष) पिता-बिजु पहाड़िया बेपर पहाड़िया (6 वर्ष) पिता-गोली पहाड़िया जीता पहाड़िन (2 वर्ष) पिता-चांदु पहाड़िया विकास पहाड़िया (6 वर्ष) पिता-आसना पहाड़िया सजनी पहाड़िन (2 वर्ष) पिता-सोमरा पहाड़िया अज्ञात बीमारी से बच्चों की मौत-डॉ प्रवीण कुमार संथालिया सीएस डॉ प्रवीण कुमार संथालिया ने कहा कि मंडरो में पहाड़ पर अज्ञात बीमारी से बच्चों की मौत की सूचना एमओआइसी से मिली है. एमपीडब्ल्यू व स्वास्थ्य कर्मी को स्वास्थ्य जांच करने के लिये भेजा गया है. जांच रिपोर्ट आने के बाद ही पता चलेगा कि क्या बीमारी है? स्वास्थ्य विभाग नजर बनाये हुए है. ये भी पढ़ें: लोहरदगा में भीषण सड़क हादसा, ट्रक की चपेट में आने से तीन की मौत, ड्राइवर और खलासी फरार The post Jharkhand News: 10 दिनों में 5 बच्चों को निगल गयी रहस्यमयी बीमारी, आदिम जनजाति समुदाय में दहशत appeared first on Naya Vichar.

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