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Author name: Vinod Jha

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PHOTOS: भागलपुर में धारा 144 लागू! पीएम मोदी की किसान सभा तक इस एरिया में एंट्री पर रोक…

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भागलपुर आ रहे हैं. 24 फरवरी को भागलपुर के हवाई अड्डा मैदान में पीएम मोदी किसान सभा को संबोधित करेंगे. प्रशासनी कार्यक्रम के लिए प्रधानमंत्री मोदी पहली बार बिहार के भागलपुर आ रहे हैं. इसे लेकर एनडीए व जिला प्रशासन ने तैयारी तेज कर दी है. एकतरफ जहां मंत्रियों व एनडीए के दिग्गज नेता लगातार भागलपुर में ही कैंप कर रहे हैं तो दूसरी तरफ प्रशासन की तैयारी भी जोरों पर है. हवाई अड्डा मैदान में जर्मन हैंगर पंडाल बनाए जा रहे हैं. हवाई अड्डा के एरिया में प्रतिबंध लागू कर दिया गया है. भागलपुर में धारा 144 लागू! प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का हेलीकॉप्टर भागलपुर के हवाई अड्डा मैदान में बने हेलीपैड पर उतरेगा. हवाई अड्डा मैदान में ही मंच तैयार हो रहा है जहां से किसान सभा को पीएम संबोधित करेंगे. पीएम के कार्यक्रम को देखते हुए सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए जा रहे हैं. एसएसपी व पुलिस के वरीय पदाधिकारी खुद कार्यक्रमस्थल का जायजा लेने रोजाना पहुंच रहे हैं. वहीं सूत्रों की मानें तो हवाई अड्डा और आसपास के एरिया में धारा 144 घोषित कर दिया गया है. ALSO READ: ‘प्रयागराज महाकुंभ यात्रा का प्रोग्राम अभी टाल दें…’ बिहार प्रशासन कर रही अपील, जानिए क्या है वजह हवाई अड्डा भागलपुर हवाई अड्डा भागलपुर हवाई अड्डा भागलपुर हवाई अड्डा भागलपुर हवाई अड्डा मैदान आम लोगों के लिए बंद रविवार से हवाई अड्डा परिसर में आम लोगों की एंट्री बंद कर दी गयी. आम दिनों में सुबह से लेकर शाम तक स्थानीय लोग यहां आते रहते हैं. सुबह और शाम में खासतौर पर टहलने वालों की संख्या यहां अधिक देखी जाती है. लेकिन अब दोनों गेटों पर पहरा कड़ा कर दिया गया है. अगर कोई व्यक्ति हवाई अड्डा परिसर में प्रवेश करने का प्रयास करता है तो गेट पर तैनात पुलिसकर्मी उसे बताते हैं कि अब 24 फरवरी के बाद ही यहां एंट्री मिल सकती है. हवाई अड्डा भागलपुर हवाई अड्डा भागलपुर हवाई अड्डा भागलपुर हवाई अड्डा भागलपुर हवाई अड्डा मैदान में तैयारी तेज रविवार को नगर निगम ने हवाई अड्डा मैदान की सफाई कराई. उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के बाद प्रदेश के कृषि मंत्री मंगल पांडे भी सोमवार को भागलपुर पहुंचे. हवाई अड्डा मैदान पहुंचकर मंगल पांडे ने व्यवस्था और तैयारियों का जायजा लिया. The post PHOTOS: भागलपुर में धारा 144 लागू! पीएम मोदी की किसान सभा तक इस एरिया में एंट्री पर रोक… appeared first on Naya Vichar.

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Health Tips: बढ़ा हुआ वजन भी बन सकता है कमजोर हड्डियों का कारण, हो सकती है ये समस्याएं

Health Tips: बदलते खान-पान और बदलती दिनचर्या के कारण लोगों को कई बीमारियों का सामना करना पड़ता है. जिनमें से मोटापा एक आम बीमारी बन चुका है. लेकिन, क्या आपकी पता भी है की मोटापे के कारण हमारी हड्डियां भी कमज़ोर होती जा रही हैं. हड्डियां हमारे शरीर का आधार होती हैं जो हमे एक स्ट्रक्चर देती हैं. लेकिन, ज्यादा वजन के कारण से हड्डीयों पर दबाव पड़ता है जिससे उन्हें हानि पहुंचती है. आज हम आपको बताने वाले हैं कि आखिर किस तरह से बढ़ता हुआ वजन आपकी हड्डियों के लिए खतरनाक साबित हो सकता है. हड्डियों की डेंसिटी का कम होना  भारी या ज्यादे वजन के कारण हड्डियों में दबाब पड़ता है जिससे उनकी डेंसिटी काम होने लगती है. डेंसिटी हड्डियों की मजबूती का एक अहम संकेत है जो यह बताती हैं की हड्डियां कितनी मजबूत हैं. जिसके कम होने के कारण से हड्डियों के टूटने और फ्रैक्चर होने की समस्या बढ़ जाती है. हेल्थ से जुड़ी ट्रेंडिंग समाचारें यहां पढ़ें ये भी पढ़ें: Health Tips: क्यों आपको हर रात सोने से पहले चबाने चाहिए दो लौंग? जानें कमाल के फायदे ये भी पढ़ें: Health Tips: सेहत को होगा दोगुना फायदा, खाने से पहले कभी भी न छीलें ये सब्जियां हड्डियों पर एक्स्ट्रा दबाव जब शरीर का वजन सामान्य से ज्यादा होता है, तो हड्डियों और जोड़ों पर एक्स्ट्रा भार पड़ता है. खासकर घुटने, कूल्हे और रीढ़ की हड्डी इससे सबसे ज्यादा प्रभावित होती हैं. यह दबाव हड्डियों के टिश्यू को धीरे-धीरे कमजोर कर देता है, जिससे ऑस्टियोआर्थराइटिस जैसी समस्याएं हो सकती हैं. ऑस्टियोआर्थराइटिस में जोड़ों के बीच की कार्टिलेज घिसने लगती है, जिससे दर्द और सूजन की समस्या होती है. सूजन की समस्या  बढ़ते वजन के साथ हड्डियों के जॉइन्ट्स के पास की मसल्स में सूजन की समस्या देखने को मिलती है. सूजन के कारण वह के टिश्यू डैमेज हो जाते है. ज्यादा वजन आपको सिर्फ सूजन ही नहीं बल्कि ओस्टोपोरेसिस जैसी समस्याओं का भी शिकार बना देता है.  ये भी पढ़ें: Worst Morning Habits: भरी जवानी में ही हो जाएंगी बुढ़ापे वाली बीमारियां, सुबह के समय भूलकर भी न करें ये गलतियां हार्मोनल असंतुलन मोटापे के कारण शरीर में हार्मोनल असंतुलन हो सकता है. खासकर, लेप्टिन और एडिपोनेक्टिन जैसे हार्मोन्स का लेवल प्रभावित होता है. ये हार्मोन्स हड्डियों के निर्माण और मरम्मत के लिए जिम्मेदार होते हैं. जब इनका संतुलन बिगड़ता है तो हड्डियों का स्वास्थ्य प्रभावित होता है और वे कमजोर हो जाती हैं. फिजिकल एक्टिविटी में कमी मोटापे के कारण लोग अक्सर फिजिकल एक्टिविटी से दूर हो जाते हैं. एक्सरसाइज और शारीरिक मेहनत हड्डियों को मजबूत बनाने के लिए जरूरी होती है. जब फिजिकल एक्टिविटी कम होती है तो हड्डियों की डेंसिटी कम होने लगती हैं और वे कमजोर हो जाती हैं. इसके अलावा, वजन कम करने के लिए की जाने वाली एक्सरसाइज भी हड्डियों को मजबूती देती हैं. इनपुट: संजना गिरी ये भी पढ़ें: Health Tips: गर्म पानी के साथ गुड़ का सेवन आपके सेहत के लिए वरदान, इन समस्याओं से दिलाता है छुटकारा The post Health Tips: बढ़ा हुआ वजन भी बन सकता है कमजोर हड्डियों का कारण, हो सकती है ये समस्याएं appeared first on Naya Vichar.

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Chhaava Collection Day 4: चौथे दिन भी छावा का क्रेज नहीं हुआ कम, विक्की कौशल की फिल्म ने अबतक छाप लिए इतने करोड़

Chhaava Collection Day 4: लक्ष्मण उटेकर की लेटेस्ट रिलीज हुई फिल्म ‘छावा’ ने दमदार ओपनिंग की. फिल्म में विक्की कौशल ने लीड रोल निभाया है और वह संभाजी महाराज के किरदार में दिखे हैं. फिल्म में उनकी ऑन-स्क्रीन पत्नी की भूमिका रश्मिका मंदाना ने प्ले किया है. तीन दिन में मूवी 100 करोड़ रुपये का आंकड़ा पार कर चुकी है और ये तेजी से बॉक्स ऑफिस पर कमाई कर रही है. वीकेंड पर भी मूवी ने धमाल मचा दिया. चौथे दिन का कलेक्शन सामने आ गया है. छावा ने चौथे दिन छापे जमकर नोट छावा ने अक्षय कुमार की स्काई फोर्स और हिमेश रेशमिया की बैडएस रविकुमार की फिल्मों की कमाई तीन दिन में पीछे छोड़ दिया. इस ऐतिहासिक पीरियड ड्रामा ने वीकेंड पर जमकर नोट छापे हैं और वीक डेज में भी मूवी शानदार कमाई करेगी. इंडस्ट्री ट्रैकर Sacnilk.com के शुरुआती अनुमानों के अनुसार, चौथे दिन फिल्म ने अबतक 2.47 करोड़ रुपये का कलेक्शन किया है. हालांकि कलेक्शन और बढ़ेंगे और ये शुरुआती आंकड़े है. अबतक फिल्म ने हिंदुस्तान में 118.97 करोड़ रुपये का कलेक्शन कर लिया है. ‘छावा’ का बजट 130 करोड़ रुपये है. जल्द ही ये अपने बजट की लागत निकाल लेगी. ‘छावा’ बॉक्स ऑफिस कलेक्शन पहला दिन- 31 करोड़ रुपये ‘छावा’ बॉक्स ऑफिस कलेक्शन दूसरा दिन- 37 करोड़ रुपये ‘छावा’ बॉक्स ऑफिस कलेक्शन तीसरा दिन- 48.5 करोड़ रुपये ‘छावा’ बॉक्स ऑफिस कलेक्शन चौथा दिन- 2.47 करोड़ रुपये ‘छावा’ की नेट कमाई- 118.97 करोड़ रुपये छावा के बाद इन फिल्मों में नजर आएंगी रश्मिका मंदाना फिल्म ‘छावा’ के बाद रश्मिका मंदाना ने थोड़ा आराम करने के लिए अपने लिए समय निकाला है. एक्ट्रेस ने एक फोटो पोस्ट की है, जिसमें वह समुद्र के सुंदर दृश्य का आनंद लेती दिखी. इसके साथ उन्होंने कैप्शन में लिखा, महासागर हमेशा हर चीज को बेहतर बना देता है.गौरतलब है कि रश्मिका के पास अभी कई सारे प्रोजेक्ट है, जिसमें सलमान खान की फिल्म सिकंदर है. इसके अलावा उनके पास वैम्पायर रोमांटिक ड्रामा थामा में काम कर रही है. फिल्म में उनके साथ आयुष्मान खुराना, परेश रावल और नवाजुद्दीन सिद्दीकी भी है. कहा जा रहा है कि फिल्म दीवाली पर रिलीज हो सकती है. यह भी पढ़ें- Chhaava Review: तरण आदर्श ने सिर्फ 1 शब्द में ‘छावा’ का किया रिव्यू, कहा- एक शानदार फिल्म है जो इतिहास, भावनाओं… The post Chhaava Collection Day 4: चौथे दिन भी छावा का क्रेज नहीं हुआ कम, विक्की कौशल की फिल्म ने अबतक छाप लिए इतने करोड़ appeared first on Naya Vichar.

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MSSC: पत्नी के नाम से इस स्कीम में लगाएं पैसा, पाएं छप्परफाड़ रिटर्न और मस्त मुनाफा

MSSC: अगर आप अपनी पत्नी के नाम से सुरक्षित और ज्यादा रिटर्न देने वाली निवेश योजना की तलाश में हैं, तो MSSC (Mahila Samman Savings Certificate) स्कीम एक बेहतरीन विकल्प हो सकती है. यह योजना स्त्रीओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के उद्देश्य से शुरू की गई है. इस स्कीम में निवेश करने पर आपको सुरक्षित और आकर्षक रिटर्न मिलता है. आइए जानते हैं इस स्कीम के फायदे और इससे जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां. क्या है MSSC स्कीम? स्त्री सम्मान बचत पत्र (MSSC) प्रशासन द्वारा शुरू की गई एक छोटी बचत योजना है, जो खास तौर पर स्त्रीओं के लिए है. इस योजना के तहत आप अपनी पत्नी के नाम से निवेश कर सकते हैं. MSSC में निवेश करने पर निश्चित ब्याज दर के साथ सुरक्षित रिटर्न मिलता है. यह योजना स्त्रीओं की आर्थिक स्वतंत्रता को बढ़ावा देती है. निवेश की सीमा और ब्याज दर इस स्कीम के तहत न्यूनतम ₹1,000 से लेकर अधिकतम ₹2 लाख तक का निवेश किया जा सकता है. MSSC स्कीम पर प्रशासन की ओर से 7.5% वार्षिक ब्याज दर दी जाती है, जो अन्य छोटी बचत योजनाओं की तुलना में अधिक है. यह योजना 2 साल की अवधि के लिए होती है. पत्नी के नाम से निवेश के फायदे बंपर रिटर्न: 7.5% की ब्याज दर पर 2 साल बाद अच्छा मुनाफा मिलता है. कर लाभ: यदि आप अपनी पत्नी के नाम से निवेश करते हैं तो आयकर अधिनियम के तहत आपको टैक्स बचाने में मदद मिल सकती है. सुरक्षित निवेश: यह प्रशासन समर्थित योजना है, इसलिए आपके पैसे की सुरक्षा की पूरी गारंटी है. स्त्री सशक्तिकरण: यह योजना स्त्रीओं को आर्थिक रूप से स्वतंत्र बनने में मदद करती है. 2 लाख के निवेश पर कितना मिलेगा रिटर्न? यदि आप 2 लाख रुपये अपनी पत्नी के नाम से MSSC स्कीम में निवेश करते हैं, तो 7.5% वार्षिक ब्याज दर पर दो साल बाद आपको लगभग ₹32,000 का ब्याज मिलेगा. यानी कुल मिलाकर आपको ₹2,32,000 प्राप्त होंगे. Also Read: सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला, पत्नी ने शेयर बाजार में लिया कर्ज, चुकाने की जिम्मेदारी पति की The post MSSC: पत्नी के नाम से इस स्कीम में लगाएं पैसा, पाएं छप्परफाड़ रिटर्न और मस्त मुनाफा appeared first on Naya Vichar.

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Ghum Hai Kisikey Pyaar Meiin: नील ने शो की गिरती टीआरपी पर तोड़ी चुप्पी, कहा- पिछले ट्रैक को…

Ghum Hai Kisikey Pyaar Meiin: स्टारप्लस का पॉपुलर टेलीविजन शो गुम है किसी के प्यार में ने हाल ही में एक लीप लिया है, जिसके बाद नई कहानी के साथ नए किरदार पेश किए गए हैं. हालांकि, नए प्लॉट के आने के बाद से शो की टीआरपी रेटिंग में गिरावट देखी गई है. अब सीरियल में डॉ. नील की भूमिका निभाने वाले परम सिंह ने रेटिंग को लेकर अपनी राय साझा की हैं. शो की गिरती टीआरपी पर क्या बोले परम सिंह परम सिंह ने बॉलीवुड लाइफ संग बात करते हुए कहा, “जब टीआरपी गेम की बात आती है तो मुझे लगता है कि गिरावट और उतार-चढ़ाव हर समय होता है. मेरी राय में किसी भी कहानी के प्रति स्वीकृति व्यक्तिपरक हो सकता है. जैसे कई दर्शक एक ट्रैक को पसंद कर रहे हों और फिर अगले को नापसंद कर रहे हों. वहीं कुछ लोग को दोनों ही ट्रैक अच्छे लग रहे हो, इसलिए मेरा मानना है कि यह सब चलता रहता है.” अपने किरदार को लेकर क्या बोले परम परम ने आगे कहा, “अभी यह कहना कि जल्दबाजी होगी कि दर्शक ट्रैक को पसंद नहीं कर रहे हैं.” अपने किरदार को लेकर बाद करते हुए परम ने कहा, “शो लेने से पहले मुझे वास्तव में कोई शक नहीं था. मैं अपने रास्ते में आने वाली बहुत सारी तुलनाओं और आलोचनाओं के लिए तैयार था. मैंने बस यही सोचा था कि मैं नील के किरदार के लिए अपना सर्वश्रेष्ठ दूंगा और ईमानदारी से इस पर काम करूंगा.” गुम है किसी के प्यार में को लेकर क्या बोले परम परम ने शो में शामिल होने को लेकर अपना उत्साह शेयर किया. उन्होंने कहा, “गुम है किसी के प्यार में शामिल होने पर मुझ पर कोई दबाव नहीं था, बल्कि मैं एक ऐसे शो का हिस्सा बनने के लिए उत्साहित था, जिसे पहले से ही दर्शकों ने स्वीकार कर लिया है और इसमें लेखकों, निर्देशकों और निर्माताओं की एक अद्भुत टीम है. एकमात्र दबाव अपने किरदार के बारे में सोचने और अपना काम अच्छे से करने का था.” यह भी पढ़ें- Ghum Hai KIsikey Pyaar Meiin: ऋतुराज या नील, किसकी किस्मत में होगी तेजू? परिवार वालों ने लिया बड़ा फैसला The post Ghum Hai Kisikey Pyaar Meiin: नील ने शो की गिरती टीआरपी पर तोड़ी चुप्पी, कहा- पिछले ट्रैक को… appeared first on Naya Vichar.

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Chanakya Niti: हमेशा दुख भोगते हैं ऐसे इंसान, सुख के लिए तरसते रहते है जिंदगी भर

Chanakya Niti: आचार्य चाणक्य ने जीवन के अनुभव और शिक्षा के आधार पर एक ग्रंथ की रचना की थी, जो कि आज चाणक्य नीति के नाम से प्रसिद्ध है. सिद्धांतों पर आधारित ये नीतियां जीवन के विभिन्न पहलुओं पर मार्गदर्शन करती है. चाणक्य नीति में नेतृत्व, राज्य व्यवस्था, समाज की भलाई और व्यक्तिगत विकास के लिए कई महत्वपूर्ण उपदेश दिए गए हैं. ये नीतियां जीवन के विभिन्न पहलुओं को समझने और इंसान को बेहतर बनाने में अत्यंत उपयोगी साबित होती है. चाणक्य ने इस ग्रंथ में व्यक्ति को कुछ बातों के लिए पहले से ही सतर्क रहने के लिए कहा है. फिर भी वह इंसान अगर उन बातों को करता है, तो उसका नुकसान होना तय होता है. ऐसे में जो भी व्यक्ति चाणक्य नीति में बताई इन बातों को नजरअंदाज करता है, वह हमेशा दुख उठाता है. यह भी पढ़ें- Chanakya Niti: ऐसे पुरुषों पर जान छिड़कती हैं स्त्रीएं, बहुत जल्दी होती है फिदा यह भी पढ़ें- Chanakya Niti: जितनी जल्दी हो सके इन 3 लोगों से बना लें दूरी, वरना बर्बाद हो जाएगी जिंदगी सुख के लिए तरसते हैं ऐसे लोग अक्सर लोग अपने स्वभाव के कारण विद्वानों और ज्ञानियों की निंदा करते हैं. उनकी विद्वता का मजाक बनाते हैं. साथ ही उनके ज्ञान को व्यर्थ बताकर उनकी आलोचना करते हैं. चाणक्य नीति के अनुसार, ऐसे लोग हमेशा अपने जीवन में दुख भोगते हैं. वह हमेशा सुख के लिए तरसते रहते हैं. ऐसे में व्यक्ति को अपने इस स्वभाव में बदलाव करना चाहिए, क्योंकि दूसरों की बुराई करने से व्यक्ति को कोई लाभ नहीं होता है. जीवन में हमेशा रहते हैं परेशान कई लोग शास्त्रों में लिखी गई बातों की आलोचना करते हैं. शास्त्रों में बताए नियमों के अनुसार चलने वाले लोगों को पाखंडी, ढोंगी बताने लगते हैं. चाणक्य नीति में ऐसे ही लोगों के लिए लिखा है कि ये लोग अपने जीवन में कभी सुखी नहीं रहते हैं. इन लोगों को कदम-कदम पर मुश्किलों का सामना करना पड़ता है. इसके अलावा, जो लोग शांत स्वभाव और गंभीर प्रकृति के लोगों का मजाक बनाते हैं, वे भी जीवन में हमेशा परेशान ही रहते हैं. चाणक्य ने इस बात से की पुष्टि चाणक्य नीति में लिखा है कि मूर्खों की भाषा में शांत और चुप रहने वाले लोगों को कमजोर कहा जाता है. विद्वान यानी श्रेष्ठ आचरण करने वाले, शास्त्र में बताए नियमों का पालन करने वाले और शांत रहने वाले लोगों की आलोचना से कुछ नहीं बिगड़ता है. लेकिन जो लोग आलोचना करते हैं वे हमेशा दुखी रहते हैं, क्योंकि नदी का जल न पीने से नदी का कुछ नहीं घटता है. यह भी पढ़ें- Chanakya Niti: पति के लिए सौभाग्यशाली साबित होती हैं ऐसी स्त्रीएं, घर बन जाता है स्वर्ग Disclaimer: यह आर्टिकल सामान्य जानकारियों और मान्यताओं पर आधारित है. नया विचार इसकी पुष्टि नहीं करता है. The post Chanakya Niti: हमेशा दुख भोगते हैं ऐसे इंसान, सुख के लिए तरसते रहते है जिंदगी भर appeared first on Naya Vichar.

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Numerology: इस तारीख को जन्मे लोग बनते हैं हर किसी के आकर्षण का केंद्र, सीक्रेट रखने में होते हैं माहिर

Numerology: जन्म की तारीख का हमारे व्यक्तित्व पर गहरा प्रभाव पड़ता है और कुछ खास तारीखों को जन्में लोग सीक्रेट रखने की कला में माहिर होते हैं. इन लोगों का आकर्षण इतना शक्तिशाली होता है कि वे अपने आसपास के लोगों का ध्यान अपनी ओर खींच लेते हैं. इनका स्वभाव ऐसा होता है कि वे अपनी बातें कम ही साझा करते हैं लेकिन जो भी करते हैं वो पूरी तरह से आकर्षक और प्रभावशाली होता है. इन्हें समझना एक चुनौती हो सकता है लेकिन इनके पास गहरी सोच और रहस्य की शक्ति होती है जो उन्हें हर किसी के आकर्षण का केंद्र बना देती है. कम बोलने वाले और आकर्षक व्यक्तित्व वाले लोग : जिन लोगों का जन्म किसी भी महीने की 6, 15 और 24 तारीख को हुआ है.उनका मूलांक 6 कहलाता है. मूलांक 6 के लोग सामान्यतः कम बोलते हैं लेकिन जब बोलते हैं तो अपनी बातों से सभी को आकर्षित कर लेते हैं. इनकी आवाज बहुत मीठी और प्यारी होती है जो लोगों को बहुत भाती है. आराम पसंद स्वभाव : यह लोग आरामदायक जीवन जीने के शौकिन होते हैं और हर काम को आराम से करने में विश्वास रखते हैं. इन्हें ऐशो-आराम और सुविधाओं के बीच रहना बहुत अच्छा लगता है. सीक्रेट रखने की कला में माहिर : यह लोग किसी भी व्यक्ति का रहस्य अपने तक रखने में माहिर होते हैं. यदि आपको अपना कोई सीक्रेट बताना हो तो आप इन पर भरोसा कर सकते हैं क्योंकि ये आसानी से किसी का राज नहीं खोलते. आकर्षक और दिखावे में विश्वास रखने वाले : इनका व्यक्तित्व बहुत आकर्षक होता है और वे अपनी सुंदरता से दूसरों को मोहित कर लेते हैं। इन्हें हमेशा सज-धज कर रहना पसंद होता है और वे दिखावे में विश्वास रखते हैं। घमंडी स्वभाव : यह लोग ज्यादा लोगों से दोस्ती नहीं करते और कम ही लोगों से घुलते-मिलते हैं. इनका स्वभाव थोड़ी हद तक घमंडी होता है और वे अक्सर दूसरों को अपने से कमतर समझते हैं. Also Read : Numerology Secrets: जानें किस तारीख पर जन्मे शिशु बनते हैं IAS-IPS और क्या है उनके सफलता का राज Also Read : Numerology: इस मूलांक के लोग होते है रहस्यमयी, सफलता चूमती है इनके कदम Disclaimer: यह आर्टिकल सामान्य जानकारियों और मान्यताओं पर आधारित है. नया विचार इसकी पुष्टि नहीं करता है. The post Numerology: इस तारीख को जन्मे लोग बनते हैं हर किसी के आकर्षण का केंद्र, सीक्रेट रखने में होते हैं माहिर appeared first on Naya Vichar.

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Bihar Politics: ‘कुंभ फालतू है…’, लालू यादव के इस बयान पर BJP-JDU ने किया पलटवार

Bihar Politics: नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर शनिवार देर रात हुई भगदड़ में करीब 18 लोगों की मौत हुई थी. इसमें अधिकतर कुंभ जाने वाले यात्री थे. हादसे के बाद आरजेडी सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव ने रेलवे को दोषी ठहराया. साथ ही उन्होंने कहा कि कुंभ का कोई मतलब नहीं है. कुंभ फालतू है. उनके इस बयान के बाद बिहार में नेतृत्वक सरगर्मी बढ़ गई है. वार पलटवार का दौर शुरू हो गया है. आज यानी सोमवार को लालू यादव के बयान पर बीजेपी और जेडीयू ने करारा पलटवार किया है.  कोई भी सनातनी बर्दाश्त नहीं करेगा  बीजेपी प्रवक्ता प्रभाकर मिश्रा ने लालू यादव के बयान पर पलटवार करते हुए कहा कि किसी की धार्मिक अस्मिता पर चोट करने वाला लालू प्रसाद यादव का बयान घोर निंदनीय है. जो व्यक्ति अपने बाल-बच्चों के मांगलिक कार्यों में धार्मिक अनुष्ठान करवाता हो उनके मुख से इस तरह का कथन कोई भी सनातनी बर्दाश्त नहीं करेगा. करोड़ों लोग कुंभ में स्नान करके धार्मिक आस्था का परिचय दे चुके हैं, इसलिए लालू यादव को अपने दिए गए बयान का औचित्य बताना चाहिए. क्या राबड़ी देवी छठ पूजा करती हैं तो गंगा स्नान नहीं करती हैं? काशी विश्वनाथ मंदिर में दर्शन पूजन को क्या उनका परिवार नहीं जाता है? फिर लालू यादव का इस तरह का बेतुका बयान क्यों? इस बार बिहार के विधानसभा चुनाव में सनातनी इसका उन्हें मजा चखाएगा. जेडीयू नेता अरविंद निषाद ने भी किया पलटवार वहीं लालू यादव के महाकुंभ वाले बयान पर जवाब देते हुए जदयू प्रवक्ता अरविंद निषाद ने कहा, “लालू यादव 2004 से 2009 के बीच रेल मंत्री थे. उस दौरान रेलवे में 51 दुर्घटनाएं हुई थीं. 370 रेलवे क्रॉसिंग की घटनाएं हुईं. उनके पांच वर्षों के रेल मंत्री के कार्यकाल में कुल 1034 लोगों की मृत्यु हुई थी. तो अपने कार्यकाल में रेलवे में जो सुधार किया जाना चाहिए था उसको आपने नहीं किया था जिसके कारण 1034 लोगों की मृत्यु हुई? दुर्घटनाएं दुर्भाग्य से घटित होती हैं. इस प्रकार से हिंदू सभ्यता संस्कृति और रेलवे पर सवाल खड़ा करने की जरूरत नहीं है बल्कि सहयोग करने की आवश्यकता है.” आरजेडी प्रवक्ता ने किया बचाव हालांकि, राजद सुप्रीमो लालू यादव की तरफ से बचाव करते हुए आरजेडी प्रवक्ता मृत्युंजय तिवारी ने कहा कि लालू यादव के बोलने का मतलब यह था कि जो कुंभ में व्यवस्था की गई है वह फालतू व्यवस्था है. इसके कारण इतने लोगों की मौत हो रही है. पूरी तरह कुंभ की जो व्यवस्था है वह लचर व्यवस्था है. कुंभ पर उनके बोलने का यही मतलब था कि बीजेपी अपने वोट बैंक को साधने के लिए लोगों की जान ले रही है. ALSO READ: Bihar Politics: “शर्मिंदगी महसूस होगी, लेकिन…”, डिप्टी सीएम विजय सिन्हा ने तेजस्वी यादव पर साधा निशाना The post Bihar Politics: ‘कुंभ फालतू है…’, लालू यादव के इस बयान पर BJP-JDU ने किया पलटवार appeared first on Naya Vichar.

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‘मुझे WTC फाइनल के बाद बाहर कर दिया’, अजिंक्य रहाणे ने खुल कर बताई कमजोरी, कैसे हुए टीम से बाहर

Ajinkya Rahane: हिंदुस्तानीय क्रिकेट में तमाम उपलब्धियां हैं, जिनमें विश्वकप से लेकर चैंपियंस ट्रॉफी तक शामिल हैं. लेकिन किसी चुनौतीपूर्ण जगह पर हिंदुस्तान की जीत सबसे ज्यादा मायने रखती है, तो वह जीत जमाने तक याद रखी जाती है. ऐसी ही एक जीत दिलाई थी कप्तान अजिंक्य रहाणे ने. साल 2021 ऑस्ट्रेलिया में बॉर्डर गावस्कर ट्रॉफी, चार मैचों का पहला मैच हो चुका था, लेकिन अचानक हिंदुस्तानीय टीम के कप्तान और स्टार बल्लेबाज विराट हिंदुस्तान लौट आए. उस मझधार में टीम की कमान संभाली अजिंक्य रहाणे ने और हिंदुस्तान को ऐतिहासिक जीत दिलाई. लेकिन इस स्टार को हाल ही समाप्त हुई ऑस्ट्रेलिया सीरीज में शामिल नहीं किया गया.  रहाणे ने हिंदुस्तान के लिए तीनों प्रारूप स्पोर्ट्से, हालांकि यह टेस्ट क्रिकेट था जहां उन्होंने वास्तव में अपना नाम बनाया. फिलहाल वे तीनों प्रारूपों में से किसी में भी हिंदुस्तानीय टीम का हिस्सा नहीं है, लेकिन रहाणे ने अंतरराष्ट्रीय वापसी की उम्मीद नहीं छोड़ी है. हालांकि राष्ट्रीय चयन वास्तव में रहाणे के हाथ में नहीं है, लेकिन पूरे जीवन में बलिदान देने वाले रहाणे जानते हैं कि कैसे शांत रहना है और अपने अवसर का इंतजार करना है. रणजी ट्रॉफी में फिर एक बार 2025 में अपनी टीम को सेमीफाइनल तक पहुंचाने वाले रहाणे ने इंडियन एक्सप्रेस को दिए गए इंटरव्यू में उन्होंने अपने जीवन से जुड़े अनेक पहलुओं पर बात की.  राष्ट्रीय चयनकर्ताओं ने भले ही युवा खिलाड़ियों पर भरोसा जताया हो, लेकिन  लगभग दो साल पहले वेस्टइंडीज में हिंदुस्तान के लिए स्पोर्ट्सने वाले अजिंक्य रहाणे का क्रिकेट करियर उतार-चढ़ाव से भरा रहा है, लेकिन 36 साल की उम्र में भी उनका जज्बा बरकरार है. उनका कहना है कि उम्र बढ़ने के बावजूद वह खुद को युवा महसूस करते हैं और उच्चतम स्तर पर प्रतिस्पर्धा करने के लिए पूरी तरह फिट हैं. क्रिकेट के प्रति उनका जुनून बरकरार है, और वह कभी भी अपने स्पोर्ट्स से संतुष्ट नहीं होते. उनका मानना है कि उनके अंदर अभी भी क्रिकेट बाकी है और वह शीर्ष स्तर पर स्पोर्ट्सते रहना चाहते हैं. शुरुआत से ही रहाणे एक शांत और शर्मीले स्वभाव के खिलाड़ी रहे हैं. हालांकि, अब उन्होंने महसूस किया है कि क्रिकेट के अलावा भी कुछ चीजें आगे बढ़ने के लिए जरूरी होती हैं. उनका कहना है कि पहले वह सिर्फ स्पोर्ट्स पर ध्यान देते थे और अपने प्रदर्शन को लेकर ज्यादा बात नहीं करते थे. लेकिन अब उन्हें एहसास हुआ है कि समाचारों में बने रहना जरूरी है, वरना लोग उन्हें भुला देते हैं. उन्होंने स्वीकार किया कि उनके पास कोई पीआर टीम नहीं है और उनका एकमात्र प्रचार उनका क्रिकेट ही है. यही उनकी सबसे बड़ी कमजोरी साबित हो रही है. हालांकि चयनकर्ताओं से उन्हें कोई स्पष्ट प्रतिक्रिया नहीं मिली, लेकिन उनकी प्रेरणा का स्रोत टेस्ट क्रिकेट बना हुआ है. इस समय वह रणजी ट्रॉफी में मुंबई टीम के लिए स्पोर्ट्स रहे हैं और उनका लक्ष्य एक बार फिर हिंदुस्तानीय टीम में वापसी करना है. उन्होंने पहले भी जब टीम से बाहर किया गया था, तो शानदार प्रदर्शन कर वापसी की थी. उन्होंने विश्व टेस्ट चैंपियनशिप फाइनल के लिए खुद को तैयार किया और चयनित भी हुए, लेकिन उसके बाद फिर से टीम से बाहर कर दिया गया. इस अनदेखी से उन्हें जरूर दुख हुआ, लेकिन उनका कहना है कि उनके नियंत्रण में सिर्फ स्पोर्ट्सना है और वही वह कर रहे हैं. जब उनसे पूछा गया कि क्या उन्हें नहीं लगता कि उनकी प्रतिभा के अनुसार उन्हें और अधिक मौके मिलने चाहिए थे, तो उन्होंने कहा कि वह बहाने नहीं बनाएंगे. उन्होंने माना कि जिस नंबर पर वह बल्लेबाजी करते थे, वहां उनके योगदान की अहमियत थी. कोविड के बाद की पिचों पर बल्लेबाजी औसत गिरा, जिससे उनका प्रदर्शन भी प्रभावित हुआ. हालांकि, उनका कहना है कि उन्होंने जब भी टीम के लिए स्पोर्ट्सा, अपनी भूमिका को अच्छे से निभाया. रहाणे ने यह भी बताया कि उन्होंने कभी चयनकर्ताओं से जाकर यह नहीं पूछा कि उन्हें क्यों बाहर किया गया. उन्हें अजीब लगा जब वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप के फाइनल के बाद उन्हें टीम से बाहर कर दिया गया, जबकि उन्होंने इसके लिए कड़ी मेहनत की थी. हालांकि, वह शिकायत करने के बजाय अपने स्पोर्ट्स पर ध्यान देना ज्यादा जरूरी समझते हैं. रहाणे ने कहा, “मैं ऐसा व्यक्ति नहीं हूं जो जाकर पूछे कि मुझे क्यों हटाया जा रहा है. कोई संवाद नहीं हुआ. कई लोगों ने कहा कि ‘जाओ और बात करो’ लेकिन कोई तभी बात कर सकता है जब दूसरा व्यक्ति बात करने के लिए तैयार हो. अगर वह तैयार नहीं है, तो लड़ने का कोई मतलब नहीं है. मैं आमने-सामने बात करना चाहता था. मैंने कभी मैसेज नहीं किया. मुझे अजीब लगा जब मुझे WTC फाइनल के बाद बाहर कर दिया गया क्योंकि मैंने इसके लिए कड़ी मेहनत की थी. मुझे लगा कि मैं अगली सीरीज के लिए टीम में रहूंगा. शिकायत करने का कोई मतलब नहीं है. मैं केवल वही कर सकता हूं जो मेरे हाथ में है. मुझे विश्वास है कि मैं वापसी करूंगा. उन्होंने सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी में शानदार प्रदर्शन किया और खुद को फिट और तैयार पाया. उनका कहना है कि उन्होंने अपनी बल्लेबाजी में कई सुधार किए हैं और वह अब भी हिंदुस्तानीय टीम के लिए स्पोर्ट्सने के इच्छुक हैं. बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी में कप्तानी के बाद उनका करियर अप्रत्याशित रूप से उतार-चढ़ाव भरा हो गया, लेकिन उन्होंने इसे स्वीकार किया है. उनका मानना है कि हिंदुस्तानीय क्रिकेट में उम्र को लेकर ज्यादा महत्व दिया जाता है, जबकि फिटनेस और फॉर्म अधिक मायने रखती है. उन्होंने उदाहरण देते हुए बताया कि कई खिलाड़ी 39-40 की उम्र तक स्पोर्ट्से हैं, और सीनियर खिलाड़ियों की उपस्थिति युवा खिलाड़ियों के विकास में मदद करती है. ड्रेसिंग रूम के माहौल के बारे में उन्होंने कहा कि पहले के समय में सीनियर खिलाड़ियों से सीखने का मौका मिलता था, लेकिन अब हर खिलाड़ी को प्रैक्टिस के लिए समान अवसर मिलता है. रहाणे की पृष्ठभूमि साधारण रही है और उन्होंने हमेशा सादगी से जीवन जीने की कोशिश की है. उनका मानना है कि क्रिकेट ही उन्हें यह पहचान और सम्मान दिला पाया है. युवा खिलाड़ियों को लेकर उन्होंने कहा कि वह उनकी निजी ज़िंदगी में दखल नहीं देते, लेकिन

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Patna Janardan Ghat: पटना के जनार्दन घाट पर निर्माण का काम शुरू, ओपन रेस्टोरेंट- सेल्फी जोन समेत कई अन्य सुविधाएं होंगी उपलब्ध

Patna Janardan Ghat: बिहार की नीतीश प्रशासन राज्य में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए कई योजनाओं पर एक साथ काम कर रही है. इसी क्रम में बिहार की राजधानी पटना में अब लोग मरीन ड्राइव के अलावा जनार्दन घाट से भी गंगा नदी की लहरों को नजदीक से निहार सकेंगे. इसके बनने से पटना की खूबसूरती और बढ़ जाएगी. क्योंकि कुछ ही दिनों में यहां मेट्रो सेवा भी शुरू होने जा रही है ऐसे में लोग मेट्रो से लोग जनार्दन घाट से समीप उतर कर यहां आएंगे और पावन नदी की धारा का दर्शन कर पाएंगे. पटना डीएम ने जारी किया आदेश पर्यटन विभाग की ओर से जनार्दन घाट पर तमाम तरह की सुविधाएं मुहैया करायी जाएंगी. इस पूरे इलाके को एक नया मनोरंजन स्थल के रूप में विकसित किया जाएगा. पर्यटन निगम ने दीघा घाट से लगभग 100 मीटर पश्चिम में स्थित इस घाट के विकास के लिए कार्यवाही आरंभ कर दी है. पटना डीएम ने एक एकड़ भूमि को पर्यटन केंद्र के रूप में स्थापित करने के लिए आवश्यक अनुमति प्रदान की है. बिहार की ताजा समाचारों के लिए क्लिक करें क्या-क्या सुविधाएं होंगी उपलब्ध पर्यटन निगम के महाप्रबंधक चंदन चौहान ने बताया कि जनार्दन घाट पर पर्यटकों के लिए सेल्फी जोन, टिकट काउंटर, ओपन रेस्टोरेंट, पार्किंग, कैफे और अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी. उनके मुताबिक इसी साल अप्रैल से प्रतिदिन 25000 पर्यटक यहां विभिन्न सुविधाओं का लाभ उठा सकेंगे. आने वाले दिनों में यहां वाटर स्पोर्ट्स की भी सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी. आने वाले दिनों में यहां क्रूज चलाई जाएगी जिसपर 200-300 पर्यटक गंगा नदी में सैर कर सकेंगे. इसे भी पढ़ें:  422 करोड़ की लागत से पटना में बनेगा एलिवेटेड कॉरिडोर, जल्द पूरा होगा दो लेन डबल डेकर का काम The post Patna Janardan Ghat: पटना के जनार्दन घाट पर निर्माण का काम शुरू, ओपन रेस्टोरेंट- सेल्फी जोन समेत कई अन्य सुविधाएं होंगी उपलब्ध appeared first on Naya Vichar.

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