Hot News

Author name: Vinod Jha

nayavichar.com पर संपादक हैं। पटना स्थित स्वतंत्र पत्रकार और लेखक व एक दशक से अधिक का व्यापक अनुभव है। पत्रकारिता, प्रकाशन और विज्ञापन में अनुभव सभी प्रकार की सामग्री के साथ काम करने में सक्षम बनाता है: ब्लॉग पोस्ट, सोशल मीडिया सामग्री अच्छी तरह से शोध किए गए लेख और साथ ही प्रेस विज्ञप्तियाँ। यदि आप उच्च-गुणवत्ता वाली सामग्री की तलाश में हैं, तो nayavicharnews@gmail.com पर संपर्क करें। विशेषताएँ: रिपोर्टिंग, पत्रकारिता, लेखन और संचार, सोशल मीडिया

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

राजस्थान में 9 फरवरी से एक्टिव होगा नया वेस्टर्न डिस्टरबेंस, IMD का आया अलर्ट

जयपुर मौसम केंद्र के अनुसार शनिवार सुबह तक बीते 24 घंटों के दौरान राज्य में मौसम शुष्क रहा. राजस्थान में अधिकतम तापमान बाड़मेर में 32.6 डिग्री जबकि न्यूनतम तापमान फतेहपुर (सीकर) और नागौर में 5.9 डिग्री सेल्सियस रहा. अगले तीन से चार दिन तापमान में बढ़ोतरी मौसम विभाग ने अनुमान जताया कि राज्य में अगले तीन से चार दिन मौसम शुष्क रहेगा हालांकि कमजोर पश्चिमी विक्षोभ के कारण बने परिसंचरण तंत्र की वजह से हल्के बादल छाए रहने की संभावना है. विभाग ने बताया कि राज्य के अधिकांश भागों में अगले तीन से चार दिन तापमान में आंशिक बढ़ोतरी जारी रहेगी. The post राजस्थान में 9 फरवरी से एक्टिव होगा नया वेस्टर्न डिस्टरबेंस, IMD का आया अलर्ट appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

बदल रही जॉब मार्केट की डिमांड, इस BTech ब्रांच में तगड़ा पैकेज

Best BTech Branch: कुछ साल पहले तक इंजीनियरिंग में दाखिला लेते समय हर छात्र की पहली पसंद CSE होती थी. लोग कहते थे कि CSE नहीं मिला तो कुछ नहीं मिला. लेकिन अब तस्वीर बदल रही है. धीरे-धीरे BTech IT स्टूडेंट्स का क्रेज बढ़ रहा है. आज कंपनियां सिर्फ डिग्री नहीं, बल्कि स्किल देखती हैं. और IT ब्रांच () के छात्र इस मामले में काफी आगे निकल रहे हैं. यही वजह है कि अब IT को नया सुपरस्टार ब्रांच माना जाने लगा है. Best BTech Branch: हर जगह IT का जलवा लगभग हर कंपनी डिजिटल हो चुकी है. बैंक, स्कूल, अस्पताल, स्टार्टअप और बड़ी कंपनियां सभी IT सिस्टम पर काम कर रही हैं. ऐसे में IT प्रोफेशनल्स की जरूरत हर जगह महसूस की जा रही है. क्लाउड कंप्यूटिंग, डेटा मैनेजमेंट, साइबर सिक्योरिटी और वेबसाइट डेवलपमेंट जैसे फील्ड में BTech IT स्टूडेंट्स की डिमांड तेजी से बढ़ी है. इन कॉलेजों में शानदार प्लेसमेंट देश के कई बड़े इंजीनियरिंग कॉलेजों में BTech IT का प्लेसमेंट रिकॉर्ड काफी अच्छा रहा है. जैसे IIT दिल्ली, IIT बॉम्बे, NIT त्रिची, NIT सुरथकल, IIIT हैदराबाद और IIIT बैंगलोर में IT स्टूडेंट्स को अच्छी सैलरी पैकेज मिल रहे हैं. इसके अलावा VIT वेल्लोर, SRM यूनिवर्सिटी, मणिपाल यूनिवर्सिटी और एमिटी यूनिवर्सिटी जैसे प्राइवेट कॉलेजों में भी IT ब्रांच का प्लेसमेंट मजबूत माना जाता है. इन पोस्ट पर मिलती है जॉब Software Developer Web Developer Mobile App Developer (Android/iOS) Full Stack Developer Backend Developer Data Analyst Business Intelligence Analyst Data Engineer कमाई के कई रास्ते IT करने के बाद सिर्फ ऑफिस की नौकरी ही रास्ता नहीं है. आप फ्रीलांसर बन सकते हैं, खुद का स्टार्टअप शुरू कर सकते हैं या विदेश में काम कर सकते हैं. वेब डेवलपर, ऐप डेवलपर, साइबर एक्सपर्ट, डेटा एनालिस्ट और क्लाउड इंजीनियर जैसे जॉब आज काफी पॉपुलर हैं. यह भी पढ़ें: BTech CS की भीड़ से दूर स्टूडेंट्स ले रहे हैं Textile Engineering, जानें करियर स्कोप The post बदल रही जॉब मार्केट की डिमांड, इस BTech ब्रांच में तगड़ा पैकेज appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

रिटायर्ड सीआईएसएफ अधिकारी को डिजिटल अरेस्ट कर 16 लाख रुपए की ठगी, आनंदपुर थाने में शिकायत दर्ज

Table of Contents क्या है पूरा मामला? ठगों ने कई फर्जी दस्तावेज भी भेजे 28 से 31 जनवरी के बीच वसूले रुपए मानसिक दबाव में ट्रांसफर किये 16 लाख रुपए पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में एक 72 वर्षीय रिटायर्ड सीआईएसएफ अधिकारी को डिजिटल अरेस्ट कर जालसाजों ने 16 लाख रुपए ठग लिये. पीड़ित वृद्ध गंभीर रूप से बीमार पत्नी के साथ अकेले रहते हैं. उनका आरोप है कि ठगों ने खुद को केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) और प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) का अधिकारी बताकर उनसे करीब 16 लाख रुपए अपने खाते में ट्रांसफर करवा लिये. आनंदपुर थाने में उन्होंने इसकी लिखित शिकायत दर्ज करायी है. क्या है पूरा मामला? पीड़ित ने बताया कि बायपास सर्जरी के अलावा गॉल ब्लाडर, रेक्टम ट्यूमर, घुटने के जोड़ और आंखों से संबंधित कई गंभीर सर्जरी हो चुकी है. पत्नी भी गंभीर रूप से बीमार हैं. पीड़ित को पेंशन मिलती है और जीवन भर की कमाई बैंक अकाउंट में जमा थी. पीड़ित को 23 जनवरी से 1 फरवरी 2026 के बीच 2 मोबाइल नंबरों से लगातार कॉल आये. कॉल करने वालों ने खुद को सीबीआई मुंबई का अधिकारी बताया. उन्होंने दावा किया कि उनका (सीआईएसएफ अधिकारी का) नाम एक बड़े मनी लाउंडरिंग केस में सामने आया है. इस केस में एक एयरलाइंस कंपनी से जुड़े व्यक्ति की गिरफ्तारी हुई है. ठगों ने कई फर्जी दस्तावेज भी भेजे आरोप है कि ठगों ने पीड़ित सीआईएसएफ अधिकारी को कथित एफआईआर की कॉपी, एटीएम कार्ड की जब्ती और ईडी की कार्रवाई से संबंधित दस्तावेज भी भेजे. पीड़ित को धमकाया कि यदि उन्होंने किसी को इसकी सूचना दी, तो उन्हें तत्काल गिरफ्तार कर लिया जायेगा. ठगों ने उन्हें 26 जनवरी 2026 तक एक हलफनामा (एफिडेविट) भेजने और लगातार सर्विलांस रिपोर्ट के नाम पर संपर्क में रहने को कहा. बंगाल की समाचारें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें 28 से 31 जनवरी के बीच वसूले रुपए पीड़ित का आरोप है कि 28 और 31 जनवरी 2026 को ठगों ने सुप्रीम कोर्ट और वित्त मंत्रालय का हवाला देते हुए उन्हें क्रमशः 9 लाख और 7 लाख रुपए जमा करने के लिए मजबूर किया. आश्वासन दिया कि पुलिस क्लियरेंस मिलने के बाद 48 से 72 घंटे के अंदर यह राशि वापस कर दी जायेगी. मानसिक दबाव में ट्रांसफर किये 16 लाख रुपए मानसिक दबाव और पत्नी की हालत को देखते हुए पीड़ित ने अपनी पूरी जमा पूंजी 16 लाख रुपए संबंधित खातों में ट्रांसफर कर दी. इसके बाद उन्होंने रुपए लौटाने की बजाय और रुपए की मांग की. तब उन्हें ठगी का अहसास हुआ. उन्होंने स्थानीय थाने में इसकी शिकायत दर्ज करायी. पुलिस ने शिकायत दर्ज कर पूरे गिरोह तक पहुंचने की कोशिश शुरू कर दी है. इसे भी पढ़ें साइबर क्राइम- 88 लाख रुपये वापसी को लेकर अदालत का आदेश जारी, जल्द होगा बड़ा खुलासा साइबर ठगी के खिलाफ सीबीआइ का ‘साइस्ट्राइक’ शुरू महेशतला : साइबर ठगी गिरोह का भंडाफोड़, पांच आरोपी अरेस्ट डिजिटल अरेस्ट के जरिये 46 लाख ठगने वाले दो और धराये The post रिटायर्ड सीआईएसएफ अधिकारी को डिजिटल अरेस्ट कर 16 लाख रुपए की ठगी, आनंदपुर थाने में शिकायत दर्ज appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

अपने बेटे के लिए चुनें श्री राम से प्रेरित पावरफुल और मॉडर्न नाम

Baby Boy Names Inspired by Lord Shree Ram: अगर आप अपने बेबी बॉय के लिए ऐसा नाम ढूंढ रहे हैं जो आध्यात्मिक भी हो, सुनने में मॉडर्न भी लगे और जिसका मतलब भी गहरा हो, तो भगवान श्री राम से प्रेरित नाम नन्हें राजकुमार के लिए बेस्ट ऑप्शन हो सकते हैं. भगवान श्री राम मर्यादा, साहस, करुणा और धर्म के प्रतीक हैं. उनके नामों और उनसे जुड़े रूपों पर आधारित कई सुंदर और ट्रेंडिंग नाम पैरेंट्स की फर्स्ट चॉइस बन रहे हैं. Baby Boy Names Inspired by Lord Shree Ram: श्री राम से प्रेरित बेबी बॉय नेम्स अर्थ सहित अव्यय (Avyay): जो कभी नष्ट न हो; विष्णु/राम का नाम आर्यक (Aryak): श्रेष्ठ, कुलीन रामनिक (Ramnik): श्री राम के समान सुंदर और आकर्षक रघुवीर (Raghuveer): रघुवंश के वीर, श्री राम अवधेश (Avadesh): अयोध्या के भगवान, राम धीरा (Dheera): धैर्यवान और साहसी व्यक्ति श्रीधर (Shreedhar): लक्ष्मी के धारण करने वाले; विष्णु स्वरूप – मां सीता के पति रमन (Raman): आनंद देने वाला धन्विने (Dhanvine): धनुष धारण करने वाला जैत्र (Jaitra): विजयी रमित (Ramit): मनमोहक, सुंदर वैदेह (Vaideh): वैदेही (सीता) के पति ऋतव (Ritav): सत्य और नियम से जुड़ा रमैय्या (Ramaiya): राम से संबंधित, भक्त सयंत (Sayant): श्री राम की तरह संयमित और संतुलित वरदया (Varadhaya): वर देने वाला, कृपालु अनिरुद्ध (Aniruddha): अजेय, जिसे रोका न जा सके यह भी पढ़ें: त्र अक्षर से शुरू होने वाले ट्रेंडिंग बेबी नेम्स, मॉडर्न पैरेंट्स की बन रहे पहली पसंद यह भी पढ़ें: Unique Hindu Baby Girl Names Starting with Pr: अगर नाम चाहिए अलग और खास तो चुनें प्र से शुरू होने वाले टॉप यूनिक बेबी गर्ल नेम्स The post अपने बेटे के लिए चुनें श्री राम से प्रेरित पावरफुल और मॉडर्न नाम appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

बिहार में अप्रैल 2026 से शुरू होगी जनगणना, 45 दिनों में पूरा होगा घर-घर सर्वे का काम

Bihar Census 2026: बिहार में होने वाली जनगणना को लेकर राज्य प्रशासन ने आधिकारिक रूप से तारीखों की घोषणा कर दी है. डिप्टी सीएम विजय सिन्हा ने बताया कि बिहार में जनगणना का काम दो फेजों में किया जाएगा. इसकी कुल अवधि करीब 45 दिन होगी. यह जिम्मेदारी राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के जनगणना विभाग को सौंपी गई है. डिप्टी सीएम ने क्या बताया जनगणना का पहला चरण अप्रैल 2026 में शुरू होगा. इस दौरान मकानों और घरों से जुड़ी जानकारी जुटाई जाएगी. सिन्हा ने बताया कि यह चरण 17 अप्रैल से 1 मई 2026 तक चलेगा. इसके बाद दूसरा चरण शुरू होगा. इसमें घर-घर जाकर लोगों से जुड़ी पूरी जानकारी ली जाएगी. यह काम 2 मई से 31 मई 2026 तक पूरा किया जाएगा. हिंदुस्तान की जनगणना-2027 स्व-गणना : 17 अप्रैल 2026 से 01 मई 2026 तक घर-घर सर्वेक्षण (मकान सूचीकरण) : 02 मई 2026 से 31 मई 2026 तक।@NitishKumar @VijayKrSinhaBih @IPRDBihar #Census#Population#BiharBhumi#BiharRevenueAndLandReformsDept pic.twitter.com/YXgL6o9hCZ — Revenue and Land Reforms Department (@BiharRevenue) February 7, 2026 क्या- क्या जानकारी ली जाएगी इस सर्वे के दौरान हर परिवार की स्थिति, घर में उपलब्ध सुविधाएं और अन्य बुनियादी जानकारियां दर्ज की जाएंगी. प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि पूरी प्रक्रिया जनगणना अधिनियम 1948 के तहत होगी और लोगों द्वारा दी गई जानकारी पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी. किसी भी जानकारी का दुरुपयोग नहीं किया जाएगा. बिहार की ताजा समाचारों के लिए क्लिक करें दूसरे फेज में क्या होगा इस बार की जनगणना को खास माना जा रहा है क्योंकि इसमें जाति से जुड़ी जानकारी भी शामिल की जाएगी. केंद्र प्रशासन पहले ही संसद में स्पष्ट कर चुकी है कि जनगणना हमेशा दो चरणों में होती है. दूसरे चरण में प्रत्येक व्यक्ति की सामाजिक, आर्थिक और सांस्कृतिक स्थिति से जुड़े सवाल पूछे जाते हैं. इसी चरण में जाति से संबंधित सवाल भी जोड़े जाएंगे, ताकि देश और राज्य की सामाजिक संरचना की साफ तस्वीर सामने आ सके. विभाग ने कहा कि जनगणना से प्राप्त आंकड़ों का उपयोग भविष्य की योजनाओं, विकास कार्यों और नीतिगत फैसलों में किया जाएगा. इससे प्रशासन को यह समझने में मदद मिलेगी कि किन क्षेत्रों और वर्गों को किस तरह की सहायता की जरूरत है. इसे भी पढ़ें: बिजली चोरी करने वाले हो जाएं सावधान, अब गूगल अर्थ से ट्रेस होगी लोकेशन, ऐसे काम करेगी नई तकनीक The post बिहार में अप्रैल 2026 से शुरू होगी जनगणना, 45 दिनों में पूरा होगा घर-घर सर्वे का काम appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

5 माह से लापता संतोष कुमार का कोई पता नहीं, परिवार ने रखा 2 लाख का इनाम

Bokaro: सेक्टर 6 थाना क्षेत्र से 27 अगस्त-2025 से लापता लैब टेक्नीशियन संतोष कुमार को खोजने में अब तक बोकारो पुलिस नाकाम रही है. परिजनों ने संतोष के बारे में सूचना देनेवालों को दो लाख रुपये देने की घोषणा की है. इस घोषणा से संबंधित एक वीडियो परिजनों ने सोशल मीडिया पर जारी की है. सेक्टर 6 थाना प्रभारी इंस्पेक्टर संगीता कुमारी सहित कई थानेदारों की टीम ने लापता संतोष को खोजने के लिए डॉग स्क्वायड का सहारा लिया. डॉग सेक्टर 11 के जंगल में जाकर घूमता रहा. कई दिनों तक डॉग स्क्वायड को घुमाया गया, लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ. ड्रोन कैमरा का सहारा लिया गया. सेक्टर 11 के सुनसान पड़े एक-एक ब्लॉक को छान मारा गया. सेक्टर 6 से लेकर शहर के सभी चौक-चौराहों का सीसीटीवी फुटेज देखा गया, लेकिन सभी प्रयास विफल रहे. एसआइटी भी संतोष को खोजने में नाकाम संतोष को खोजने के लिए एसपी हरविंदर सिंह ने एसआइटी (10 सितंबर 20025 को गठित) का गठन किया. सिटी डीएसपी आलोक रंजन के नेतृत्व में एसआइटी ने कई बार आवास से लेकर सेक्टर 11 तक चक्कर काटा. सेक्टर 6 में प्रवेश करने वाले मुख्य रास्ते सहित आसपास के सभी सीसीटीवी कैमरों के फुटेज की जांच की गई. संतोष के मित्रों से मुलाकात की. संतोष की बैठकी वाले कई जगहों का निरीक्षण किया गया. क्षेत्र के कई प्रमुख स्थानों की छानबीन की गई. संतोष के रोजमर्रा के संपर्क में रहनेवाले कई लोगों का कांट्रेक्ट नंबर और नाम नोट किया गया. बिहार में छापेमारी की गई. 27 अगस्त की सुबह घर से निकला और फिर नहीं लौटा इसके साथ ही एक स्त्री को कब्जे में लेकर पूछताछ की गई. इसके बाद भी अब तक संतोष का कुछ पता नहीं चला. मामले की गंभीरता से जांच के लिए कांग्रेस के तत्कालीन प्रदेश अध्यक्ष राजेश ठाकुर ने एसपी से बात भी की. स्वास्थ्य कर्मियों ने जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग को ज्ञापन देकर लापता संतोष को खोजने के लिए दबाव भी बनाया, लेकिन अब तक कोई नतीजा सामने नहीं आ पाया. बता दें कि संतोष 27 अगस्त 2025 की सुबह 6.30 बजे के करीब अपने आवास से निकले. इसके बाद नहीं लौटे. संतोष पिंड्राजोरा प्रशासनी अस्पताल में लैब टेक्नीशियन के पद पर कार्यरत हैं. इसे भी पढ़ेें:  किसी को एसी तो किसी को मिला कंप्यूटर माउस, धनबाद में मेयर प्रत्याशियों का चुनाव चिह्न रजरप्पा पहुंचे सीएम हेमंत सोरेन, बोले- मां छिन्नमस्तिके मंदिर में लोगों की विशेष आस्था The post 5 माह से लापता संतोष कुमार का कोई पता नहीं, परिवार ने रखा 2 लाख का इनाम appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

PM मोदी ने मलेशियाई पीएम अनवर के साथ शेयर की कार, भारतीय समुदाय से कहा- मैंने वादा पूरा किया

PM नरेंद्र मोदी ने मलेशिया के कुआलालंपुर में हिंदुस्तानीय डायस्पोरा इवेंट में हिस्स लिया. जिसमें उन्होंने हिंदुस्तानीय समुदाय को संबोधित करते हुए कहा, आपके स्वागत की गर्मजोशी हमारी साझा संस्कृति की खूबसूरत विविधता को दिखाती है. सबसे पहले, मैं अपने प्यारे दोस्त अनवर इब्राहिम को कम्युनिटी सेलिब्रेशन में शामिल होने के लिए धन्यवाद देता हूं. मैं उन्हें अभी अपने भाषण में हिंदुस्तान-मलेशिया दोस्ती के पैमाने और भविष्य की संभावनाओं पर उनके बहुत अच्छे शब्दों के लिए भी धन्यवाद देता हूं. सिर्फ इतना ही नहीं, वह मुझे एयरपोर्ट पर वेलकम करने आए और मुझे अपनी कार में यहां लाए. न सिर्फ उनकी कार बल्कि उनकी सीट भी, यह खास जेस्चर हिंदुस्तान और आप सभी के लिए उनके प्यार और सम्मान को दिखाता है. हिंदुस्तान इन्वेस्टमेंट और ट्रेड के लिए बड़ा हब हिंदुस्तानीय डायस्पोरा को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, पहले हिंदुस्तान को सिर्फ एक बड़ा बाजार माना जाता था. अब हम इन्वेस्टमेंट और ट्रेड के लिए एक हब हैं. हिंदुस्तान को विकास के लिए एक भरोसेमंद पार्टनर के तौर पर देखा जाता है. चाहे वह UK हो, UAE, ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड, ओमान, EU, या USA. कई देशों के हिंदुस्तान के साथ ट्रेड डील है. पीएम मोदी बोले मैंने अपना वादा निभाया हिंदुस्तानीय समुदाय को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, पिछले साल, मैं आसियान शिखर सम्मेलन के लिए मलेशिया नहीं आ पाया था. लेकिन मैंने अपने दोस्त से वादा किया था कि मैं जल्द ही मलेशिया आऊंगा. वादे के मुताबिक, मैं यहां हूं. 2026 में यह मेरी पहली विदेश यात्रा है. पीएम अनवर इब्राहिम बहुत अच्छा गाते हैं : पीएम मोदी हिंदुस्तानीय समुदाय को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, मलेशिया में दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा हिंदुस्तानीय मूल का समुदाय है. ऐसी बहुत सी चीजें हैं जो हिंदुस्तानीय और मलेशियाई दिलों को जोड़ती हैं. आप वह जीवित पुल हैं जो हमें जोड़ता है. आपने रोटी कनाई को मालाबार परोटा से जोड़ा है. नारियल, मसाले, और बेशक, तेह तारिक. स्वाद इतने जाने-पहचाने लगते हैं, चाहे वह कुआलालंपुर हो या कोच्चि. हम एक-दूसरे को बहुत अच्छे से समझते हैं. यह हमारी भाषाओं और मलय भाषा के बीच बड़ी संख्या में सामान्य शब्दों के कारण होना चाहिए. मैंने सुना है कि मलेशिया में हिंदुस्तानीय संगीत और फिल्में लोकप्रिय हैं. आप सभी जानते हैं कि पीएम अनवर इब्राहिम बहुत अच्छा गाते हैं. लेकिन हिंदुस्तान में बहुत से हिंदुस्तानीयों को यह नहीं पता था. हिंदुस्तान में उनके एक पुराने हिंदी गाने गाने के वीडियो वायरल हो गए. यह भी बहुत अच्छी बात है कि उन्हें महान MGR के तमिल गाने पसंद हैं. ये भी पढ़ें: पीएम मोदी दो दिवसीय दौरे पर मलेशिया पहुंचे, एयरपोर्ट पर भव्य स्वागत The post PM मोदी ने मलेशियाई पीएम अनवर के साथ शेयर की कार, हिंदुस्तानीय समुदाय से कहा- मैंने वादा पूरा किया appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

CTET Exam में बवाल, बिहार में 2 सेंटर पर रद्द हुई परीक्षा

CTET Exam 2026: सीटीईटी परीक्षा के दौरान बिहार के वैशाली जिले से एक चौंकाने वाली समाचार सामने आई है. परीक्षा के दिन अचानक दो परीक्षा केंद्रों पर हंगामे की स्थिति बन गई. इसके चलते CBSE को इन दोनों सेंटरों पर परीक्षा रद्द करनी पड़ी. इससे कई छात्रों को परेशानी का सामना करना पड़ा. हालांकि बाकी सभी केंद्रों पर परीक्षा शांतिपूर्वक और सफल तरीके से पूरी कराई गई. CBSE की तरफ से जारी नोटिस के मुताबिक, देशभर में कुल 1803 परीक्षा केंद्र बनाए गए थे. इनमें से 1801 केंद्रों पर Paper-2 की परीक्षा बिना किसी दिक्कत के हो गई. सिर्फ वैशाली के दो सेंटरों पर ही यह समस्या देखने को मिली. CTET Exam 2026 बिहार के इन केंद्रों पर रद्द वैशाली (हाजीपुर) के 2 परीक्षा केंद्रों पर किसी जरूरी कारण की वजह से Paper-2 की परीक्षा नहीं हो सकी. ये केंद्र हैं ST. John’s Academy, Basmati Nagar और Lakshya International Academy. CBSE ने दी जानकारी Out of 1803 examination centres for the CTET across the country, Paper – 2 has been conducted successfully at 1801 examination centes. However, examination of Paper – 2 at 02 centres at Vaishali (Hajipur) (125016 – ST. JOHN’S ACADEMY, BASMATI NAGAR and 125014 – LAKSHYA… — CBSE HQ (@cbseindia29) February 7, 2026 दोबारा कब होगी परीक्षा CBSE ने साफ कर दिया है कि जिन छात्रों की परीक्षा (CTET Exam) इन दो केंद्रों पर नहीं हो पाई थी, उनकी दोबारा परीक्षा कराई जाएगी. यह री-एग्जाम अगले 15 दिनों के अंदर आयोजित किया जाएगा. बोर्ड की तरफ से नई तारीख, समय और केंद्र की जानकारी अलग से संबंधित उम्मीदवारों को दी जाएगी. यह भी पढ़ें: CUET UG परीक्षा से जुड़े 100 जनरल नॉलेज के सवाल जवाब, टॉपर जैसी हो जाएगी रैंक The post CTET Exam में बवाल, बिहार में 2 सेंटर पर रद्द हुई परीक्षा appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

सूर्य ग्रहण के बाद घर की शुद्धि कैसे करें? अपनाएं ये 5 आसान उपाय

Surya Grahan 2026: हिंदू धर्म में सूर्य ग्रहण को शुभ नहीं माना जाता है. मान्यता है कि सूर्य ग्रहण के दौरान सूर्य से नकारात्मक ऊर्जा निकलती है, जिसका अशुभ प्रभाव हमारे आसपास के वातावरण और घर पर पड़ता है. यही कारण है कि सूतक काल की समाप्ति और ग्रहण खत्म होने के बाद घर की साफ-सफाई और शुद्धिकरण पर विशेष जोर दिया जाता है. वैसे तो साल 2026 के फरवरी महीने में लगने वाला सूर्य ग्रहण हिंदुस्तान में नजर नहीं आएगा, इसलिए इसका कोई प्रभाव हिंदुस्तान पर नहीं पड़ेगा. लेकिन जो लोग उन जगहों पर रहते हैं जहां यह ग्रहण दिखाई देगा, वे ग्रहण के बाद घर में फैली नकारात्मकता को खत्म करने के लिए कुछ सरल उपाय कर सकते हैं. सूर्य ग्रहण के बाद करें ये उपाय 1. घर में गंगाजल का छिड़काव सूर्य ग्रहण समाप्त होने के बाद स्नान करें और फिर एक बर्तन में गंगाजल लेकर पूरे घर में उसका छिड़काव करें. विशेष रूप से घर के कोनों, रसोई और मंदिर में छिड़काव करना न भूलें. मान्यता है कि इससे वातावरण में मौजूद नकारात्मकता दूर होती है. 2. नमक के पानी से पोंछा लगाना वास्तु शास्त्र के अनुसार नमक नकारात्मक ऊर्जा को सोखने की क्षमता रखता है. ग्रहण के बाद घर की फर्श साफ करते समय पानी में थोड़ा सा सेंधा नमक मिला लें. इस पानी से घर के हर हिस्से में पोंछा लगाएं. इससे घर की सूक्ष्म अशुद्धियां दूर होती हैं और सकारात्मकता का संचार होता है. 3. मंदिर और मूर्तियों की सफाई ग्रहण खत्म होने के बाद भगवान की मूर्तियों को गंगाजल या पवित्र जल से स्नान कराएं. मंदिर के कपड़े बदलें और पूरे पूजा स्थल की अच्छी तरह सफाई करें. इसके बाद धूप-दीप जलाकर आरती अवश्य करें. 4. तुलसी के पत्तों का प्रयोग और दान ग्रहण से पहले खाने-पीने की चीजों में डाले गए तुलसी के पत्तों को हटा दें. ग्रहण के बाद घर की शुद्धि के साथ-साथ दान का भी विशेष महत्व होता है. सामर्थ्य अनुसार अनाज, काले तिल या कपड़ों का दान करना शुभ माना जाता है, जो ग्रहण के दोषों को कम करने में मदद करता है. यह भी पढ़ें: Surya Grahan 2026: इस दिन लग रहा है साल का पहला सूर्य ग्रहण, जानें हिंदुस्तान में ‘रिंग ऑफ फायर’ दिखाई देगा या नहीं Disclaimer: यहां दी गई जानकारी केवल मान्यताओं और परंपरागत जानकारियों पर आधारित है. नया विचार किसी भी तरह की मान्यता या जानकारी की पुष्टि नहीं करता है. The post सूर्य ग्रहण के बाद घर की शुद्धि कैसे करें? अपनाएं ये 5 आसान उपाय appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

मंत्री से लेकर अफसर तक की पहली पसंद थी Ambassador, फिर क्यों सड़कों से हो गई गायब?

Ambassador Car: कई दशकों तक हिंदुस्तान एंबेसडर सिर्फ एक कार नहीं थी, बल्कि हिंदुस्तान में रौब, प्रशासनी सिस्टम और सत्ता की पहचान मानी जाती थी. केंद्रीय मंत्री हो, मुख्यमंत्री, कलेक्टर या प्रशासनी बाबू, हर जगह यही गाड़ी नजर आती थी. लेकिन 2014 तक ये गाड़ी प्रशासनी बेड़ों से लगभग गायब हो गई और इसके साथ ही एक पूरा दौर भी खत्म हो गया. Ambassador की बादशाहत कोई इत्तेफाक नहीं थी. इसे 1957 में हिंदुस्तान मोटर्स ने लॉन्च किया था. उस समय हिंदुस्तान में कार के ऑप्शन गिने-चुने ही थे. उस दौर में देश में Licence Raj चलता था, जहां गाड़ियों का प्रोडक्शन, इम्पोर्ट और मार्केट में कॉम्पिटिशन सब कुछ प्रशासन के कंट्रोल में होता था. प्रशासनी विभागों की पहली पसंद क्यों थी Ambassador? प्रशासनी इस्तेमाल के लिए एंबेसडर गाड़ी एकदम फिट बैठती थी. इसमें काफी जगह मिलती थी, जिससे बड़े अफसर आराम से बैठकर सफर कर लेते थे. इसकी मजबूत बॉडी खराब और उबड़-खाबड़ हिंदुस्तानीय सड़कों पर भी बढ़िया चलती थी. सबसे अच्छी बात ये थी कि इसका मैकेनिज्म इतना आसान था कि दूर-दराज के इलाकों में भी इसे आसानी से ठीक कराया जा सकता था.  समय के साथ प्रशासनी खरीद के नियमों ने भी इसमें बड़ा रोल निभाया. प्रशासनी विभाग ऐसे गाड़ी को ज्यादा अहमियत देते थे जो पहले से भरोसेमंद हो, देश में ही बनी हो और जिसकी सर्विस हर जगह आसानी से मिल जाए. इन सभी शर्तों पर एंबेसडर पूरी तरह खरी उतरती थी, जिससे प्रशासनी बेड़े में इसकी पकड़ लगातार मजबूत होती गई. धीरे-धीरे एम्बेसडर हिंदुस्तान की नेतृत्व और प्रशासनी सिस्टम की पहचान बन गई. इसका सीधा-सादा डिजाइन, बिना ज्यादा दिखावे वाला लुक और सिंपल रंग प्रशासनी अधिकारियों की सादगी वाली छवि को बिल्कुल सूट करता था. यह कार ना ज्यादा लग्जरी दिखती थी और ना ही रौब-दाब वाली, जो उस दौर में काफी मायने रखता था. सड़क पर सफेद एम्बेसडर पर लाल या नीली बत्ती दिखते ही लोग समझ जाते थे कि कोई मंत्री या बड़ा अधिकारी आ रहा है. फिल्मों, न्यूज और रोजमर्रा की जिंदगी में भी इस कार की यही छवि लोगों के दिमाग में बस गई. इसी वजह से एम्बेसडर को धीरे-धीरे ‘प्रशासनी गाड़ी’ वाला खास और मजबूत टैग मिल गया. दूसरी कारें इसकी जगह क्यों नहीं ले पाई? 1990 के शुरुआती दौर तक एम्बेसडर कार का कोई ढंग का ऑप्शन था ही नहीं. Premier Padmini साइज में छोटी थी, इसलिए प्रशासनी काम-काज और अफसरों की पसंद नहीं बन पाई. बाहर से आने वाली गाड़ियां बहुत महंगी थीं और उन पर कई तरह की पाबंदियां भी लगी रहती थीं. 1991 में आर्थिक सुधार शुरू होने के बाद भी अच्छी, भरोसेमंद और सस्ती नई गाड़ियां लोगों तक पहुंचने में थोड़ा समय लग गया. आखिर क्यों खत्म हो गया Ambassador का दौर? धीरे-धीरे Ambassador की चमक फीकी पड़ने लगी. खासकर 90 के दशक के आखिर और 2000 के शुरुआती सालों में. उस समय Maruti Esteem, Tata Indigo और बाद में Swift Dzire जैसी गाड़ियां आ गई. ये गाड़ियां ज्यादा माइलेज, नए फीचर्स और कम खर्च में चलने का फायदा दे रही थीं. ऊपर से सेफ्टी और प्रदूषण के नियम भी सख्त होते चले जा रहे थे, जिससे Ambassador को अपडेट करना Hindustan Motors के लिए काफी महंगा पड़ने लगा. हालत ये हो गई कि प्रशासनी खरीद भी कम होने लगी. आखिरकार 2014 तक बिक्री इतनी गिर गई और कंपनी पर आर्थिक दबाव इतना बढ़ गया कि Hindustan Motors को Ambassador का प्रोडक्शन बंद करना पड़ा. नई टेक्नोलॉजी और बड़े अपडेट न मिलने की वजह से ये आइकॉनिक कार ज्यादा समय तक टिक नहीं पाई. यह भी पढ़ें: Ambassador SUV: पुरानी शान का नया अंदाज, AI ने किया इमैजिन The post मंत्री से लेकर अफसर तक की पहली पसंद थी Ambassador, फिर क्यों सड़कों से हो गई गायब? appeared first on Naya Vichar.

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.

About Us

नयाविचार एक आधुनिक न्यूज़ पोर्टल है, जो निष्पक्ष, सटीक और प्रासंगिक समाचारों को प्रस्तुत करने के लिए समर्पित है। यहां राजनीति, अर्थव्यवस्था, समाज, तकनीक, शिक्षा और मनोरंजन से जुड़ी हर महत्वपूर्ण खबर को विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण के साथ प्रस्तुत किया जाता है। नयाविचार का उद्देश्य पाठकों को विश्वसनीय और गहन जानकारी प्रदान करना है, जिससे वे सही निर्णय ले सकें और समाज में सकारात्मक बदलाव ला सकें।

Quick Links

Who Are We

Our Mission

Awards

Experience

Success Story

© 2025 Developed By Socify

Scroll to Top