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Author name: Vinod Jha

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Buxar News: सदर अस्पताल में आइसीयू संचालन का कार्य केवल कागजों पर ही सिमटा

बक्सर . जिले के सदर अस्पताल में शुक्रवार से आईसीयू की शुरू करने की योजना ही पहले ही दिन हवा निकल गयी. आइसीयू विभाग का संचालन केवल कागजों में ही पूर्व की तरह सिमट गया है. एक डॉक्टर की तैनाती का पत्र एवं आईसीयू की शुभारंभ का पत्र हवा हवाई साबित हुआ. पहले दिन न तो कोई डॉक्टर पहुंचे और न ही कोई कर्मी का पता चला. बल्कि पूर्व की भांति आईसीयू बंद मिला. शुभारंभ के नाम पर केवल वार्ड की सफाई तक ही सीमित रहा. वार्ड की स्थिति देखने से पूरी तरह से आनन-फानन में लिया गया निर्णय दिख रहा है. ज्ञात हो कि जिले में पिछले दो साल से बनकर आईसीयू के अबतक शुरू नहीं होने के बाद सामाजिक कार्यकर्ता हरे कृष्ण सिंह उर्फ कृष्णा यादव ने सीएम नीतीश के 15 फरवरी को आगमन से पूर्व आईसीयू को शुरू करने का अल्टीमेटम प्रशासनिक अधिकारियों को दिया था. शुरू नहीं होने पर नीतीश कुमार के प्रगति यात्रा के विरोध स्वरूप काला झंडा दिखाने को लेकर पत्र भी दिया गया था. इसके साथ ही अस्पताल प्रबंधन से जानकारी ली गई तो दरवाजा कर्मियों द्धारा खोला गया. जिसमें आईसीयू मरीजों के लिए उपयोग में आने वाले उपकरण अस्त व्यस्त दिखे. विभागीय अधिकारियों कीे माने तो इसे चालू करना फिलहाल काफी कठिन है. फिलहाल आईसीयू के उपयोग में आने वाले उपकरण वार्ड में अव्यवस्थित स्थिति में पड़े है. सदर अस्पताल में शुरू नहीं हुआ आइसीयू सिविल सर्जन ने सदर अस्पताल में शुक्रवार से आइसीयू की शुरूआत करने का पत्र जारी कर दिया है. जिनके पत्र पर कोई कारवाई पहले दिन सदर अस्पताल प्रबंधन ने नहीं की है. अस्पताल प्रबंधन ने शुभारंभ के नाम पर केवल काेरम पूरा करते हुए साफ-सफाई किया है. जबकि अस्पताल के आईसीयू वार्ड में रखे गये उपकरण अस्त-व्यस्त व अव्यवस्थित दिखा. सदर अस्पताल में प्रशासन के मिशन 60 के तहत 10 बेड का आईसीयू का निर्माण कराया गया है. जिसपर काफी खर्च किये गये है. लेकिन वार्ड के शुरू नही होने से कोई लाभ जिले के मरीजों को नहीं मिल रहा है. आईसीयू वार्ड में बनाये गये धज्जा भी टूटकर लटक गये है. इसके साथ ही विद्युत एवं बेसिन का कार्य भी अधूरा दिख रहा है. वहीं उपकरण इतने अस्त व्यवस्थ है कि अगले कुछ दिनों में भी वार्ड को शुरू कर पाना मुश्किल है. सीएम के काेपभाजन से बचने को लिया गया है निर्णय जिले के स्वास्थ्य व्यवस्था को दुरूस्त कराने के लिए हमेशा अग्रणी भूमिका निभाने वाले सामाजिक कार्यकर्ता हरे कृष्ण सिंह उर्फ कृष्णा यादव ने आईसीयू की शुरूआत के लिए नीतीश का विरोध जताने का निर्णय लिया था. उन्होंने डीएम के साथ ही स्वास्थ्य विभाग के साथ ही अन्य उच्चाधिकारियों को पत्र दिया था, जिसमें कहा था कि जिले में सीएम के प्रगति यात्रा के पूर्व यदि सदर अस्पताल का आईसीयू मरीजों के लिए शुरू नहीं होता है तो उनके नेतृत्व में युवा सीएम को काला झंडा दिखायेंगे. काला झंडा दिखाकर नीतीश के प्रगति यात्रा का विरोध जतायेंगे. जिसके बाद अनान फानन में नीतीश कुमार के कोप का भाजन बनने से बचने के लिए विभागीय स्तर पर शुक्रवार से शुरू करने का पत्र एक एनेस्थेटिक के सहारे जारी कर दिया. लेकिन आईसीयू पूर्व के भांति पहले दिन शुक्रवार को बंद ही पड़ा रहा. डिस्क्लेमर: यह नया विचार समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे नया विचार डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है The post Buxar News: सदर अस्पताल में आइसीयू संचालन का कार्य केवल कागजों पर ही सिमटा appeared first on Naya Vichar.

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Begusarai News : जिले के 38 केंद्रों पर मैट्रिक परीक्षा 17 से, प्रशासनिक तैयारी पूरी

बेगूसराय. जिले के 38 परीक्षा केंद्रों पर 17 फरवरी से 25 फरवरी तक मैट्रिक की परीक्षा सम्पन्न होगी. जिला प्रशासन द्वारा परीक्षा की सभी प्रशासनिक तैयारी की जा रही है. परीक्षा में 51,457 परीक्षार्थी भाग लेंगे. इनमें 23,403 छात्र एवं 28,054 छात्रा शामिल हैं. परीक्षा दो पालियों में सम्पन्न होगी. प्रथम पाली की परीक्षा सुबह 09:30 बजे से दोपहर 12:45 बजे तक वहीं दूसरी पाली की परीक्षा दोपहर 02:00 बजे से शाम 05:15 बजे तक सम्पन्न होगी. परीक्षार्थियों को 15 मिनट का अतिरिक्त समय प्रश्नों को पढ़ने के लिये दिया जाएगा. परीक्षा में 51 हजार 457 परीक्षार्थी लेंगे भाग, दो पालियों में होगी परीक्षा परीक्षार्थियों को परीक्षा शुरू होने के निर्धारित समय से 30 मिनट पहले तक ही परीक्षा भवन में प्रवेश दिया जायेगा. शिक्षा विभाग के निर्देशानुसार परीक्षा केंद्र के अंदर केंद्राधीक्षक को छोड़कर किसी भी वीक्षक एवं शिक्षक को परीक्षा के दौरान मोबाइल रखने की अनुमति नहीं होगी. परीक्षार्थियों को परीक्षा केंद्र के अंदर जूता-मोजा पहनकर परीक्षा केंद्र प्रवेश नहीं दिया जायेगा. चप्पल पहनकर ही परीक्षार्थी परीक्षा में शामिल हो सकेंगे. परीक्षा केंद्र के मुख्य द्वार पर एडमिट कार्ड एवं गहन जांच करके ही परीक्षार्थियों को परीक्षा भवन में प्रवेश दिया जायेगा. वहीं मोबाइल, ब्लूटूथ, पेजर आदि इलेक्ट्रॉनिक उपकरण परीक्षा केंद्र के अंदर प्रवेश वर्जित रहेगा. परीक्षार्थी देख लें परीक्षा का प्रोग्राम 17 फरवरी से मैट्रिक की परीक्षा आयोजित की जायेगी. जो 25 फरवरी तक सम्पन्न होगी. बताते चलें कि 17 फरवरी को दोनों पालियों में मातृभाषा हिंदी विषय की परीक्षा सम्पन्न होगी. 18 फरवरी को दोनों पालियों में गणित विषय की परीक्षा सम्पन्न होगी. 19 फरवरी को दोनों पालियों में द्वितीय मातृभाषा संस्कृत विषय की परीक्षा सम्पन्न होगी. 20 फरवरी को दोनों पालियों में सामाजिक विज्ञान विषय की परीक्षा सम्पन्न होगी. 21 फरवरी को दोनों पालियों में विज्ञान विषय की परीक्षा सम्पन्न होगी. 22 फरवरी को दोनों पालियों में अंग्रेजी विषय की परीक्षा सम्पन्न होगी. 24 फरवरी को दोनों पालियों में अतिरिक्त विषय की परीक्षा सम्पन्न होगी. वहीं 25 फरवरी को प्रथम पाली में व्यवसायिक अतिरिक्त विषय की परीक्षा सम्पन्न होगी. डिस्क्लेमर: यह नया विचार समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे नया विचार डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है The post Begusarai News : जिले के 38 केंद्रों पर मैट्रिक परीक्षा 17 से, प्रशासनिक तैयारी पूरी appeared first on Naya Vichar.

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आरबीआई के एक कदम से घट गई होम लोन की ब्याज दर, जानें कौन बैंक दे रहा सबसे सस्ता कर्ज

Home Loan: बैंकों से होम लोन लेकर अपने सपनों का आशियाना बनाने का प्लान बनाने वालों के लिए एक अच्छी समाचार है. वह यह कि हिंदुस्तानीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के एक कदम से देश में होम लोन की ब्याज दरों में भारी कटौती की गई है. आरबीआई द्वारा 7 फरवरी 2025 को रेपो रेट में 0.25% की कटौती के बाद देश के कई प्रमुख बैंकों ने होम लोन की ब्याज दरों में कमी की है. इससे होम लोन लेने वालों को राहत मिली है. रेपो रेट में इस बदलाव के बाद बैंकों ने अपनी रेपो लिंक्ड लेंडिंग रेट (आरएलएलआर) में 0.25% तक की कटौती की है. आइए, जानते हैं कि बैंकों के इस कदम के बाद होम लोन कितना सस्ता हुआ है? आरएलएलआर क्या है? रेपो लिंक्ड लेंडिंग रेट को शॉर्ट फॉर्म में आरएलएलआर कहते हैं. आरएलएल वह दर है, जिस पर बैंक अपने ग्राहकों को लोन प्रदान करते हैं. यह दर सीधे आरबीआई के रेपो रेट से जुड़ी होती है. जब आरबीआई रेपो रेट में बदलाव करता है, तो बैंकों की आरएलएलआर भी उसी अनुपात में बदलती है, जिससे लोन की ब्याज दरें प्रभावित होती हैं. किन बैंकों ने ब्याज दरों में कटौती की है? आरबीआई के रेपो रेट में कटौती के बाद देश के कई बैंकों ने अपनी आरएलएलआर में 0.25% तक की कमी की है. केनरा बैंक ने आरएलएलआर को 9.25% से घटाकर 9.00% कर दिया है. यह 12 फरवरी 2025 से लागू है. बैंक ऑफ बड़ौदा ने आरएलएलआर को 9.15% से घटाकर 8.90% किया गया है, जो 10 फरवरी 2025 से प्रभावी है. बैंक ऑफ इंडिया ने आरएलएलआर को 9.35% से घटाकर 9.10% किया गया है, जो 7 फरवरी 2025 से लागू है. यूनियन बैंक ऑफ इंडिया ने आरएलएलआर को 9.25% से घटाकर 9.00% किया गया है, जो 11 फरवरी 2025 से प्रभावी है. इंडियन ओवरसीज बैंक ने आरएलएलआर को 9.35% से घटाकर 9.10% किया गया है, जो 11 फरवरी 2025 से लागू है. पंजाब नेशनल बैंक ने आरएलएलआर को 9.25% से घटाकर 9.00% किया गया है, जो 10 फरवरी 2025 से प्रभावी है. आरएलएलआर घटने से ग्राहकों के फायदे नए होम लोन आवेदक: नए आवेदकों के लिए होम लोन की ब्याज दरें कम हो गई हैं, जिससे EMI भी कम होगी. मौजूदा होम लोन धारक: जिन ग्राहकों के लोन आरएलएलआर से जुड़े हैं, उनकी ईएमआई में भी कमी आएगी. इससे उनकी मासिक वित्तीय कम होगी. ब्याज दरों में कटौती से होम लोन किफायती ब्याज दरों में इस कटौती के बाद होम लोन लेना अधिक किफायती हो गया है. यदि आप घर खरीदने की योजना बना रहे हैं, तो यह समय उपयुक्त हो सकता है. हालांकि, लोन लेने से पहले अपनी वित्तीय स्थिति और भविष्य की आय को ध्यान में रखते हुए निर्णय लें. इसे भी पढ़ें: एसआईपी से 1 करोड़ की कमाई पर कितना लगेगा टैक्स? जानने पर फटी रह जाएंगी आखें नए ग्राहकों को होगा अधिक फायदा आरबीआई की ओर से रेपो रेट में कटौती के बाद प्रमुख बैंकों द्वारा होम लोन की ब्याज दरों में की गई कमी से नए ग्राहकों को लाभ होगा. हालांकि, पुराने ग्राहक भी इससे लाभान्वित होंगे. इससे होम लोन की ईएमआई कम होगी, जिससे घर खरीदने का सपना साकार करना अब और भी आसान हो गया है. इसे भी पढ़ें: अब सस्ते में छलका सकेंगे अमेरिका की बॉर्बन! जेब पर पड़ेगा कम बोझ, जानें क्यों? The post आरबीआई के एक कदम से घट गई होम लोन की ब्याज दर, जानें कौन बैंक दे रहा सबसे सस्ता कर्ज appeared first on Naya Vichar.

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Gaya: फीके पर्यटन सीजन ने बोधगया में बैंकों का भी घटाया मुनाफा

Gaya: बिहार के सात जिलों से होकर गुजरेगा पटना-पूर्णिया ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस-वे, 18042 करोड़ की लागत से होगा तैयारअपेक्षा के अनुरूप इस बार बोधगया के पर्यटन सीजन में विदेशी श्रद्धालुओं की कम संख्या ने एक ओर जहां श्रद्धालुओं व पर्यटकों पर आश्रित व्यवसायियों को कम आमदनी से संतोष करना पड़ा. वहीं, बोधगया स्थित बैंकों का भी मुनाफा घट गया. बैंकों में डिपॉजिट कम हुए व विदेशी मुद्रा एक्सचेंज में भी भारी गिरावट दर्ज की गयी. अकेले स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की बोधगया शाखा में डिपॉजिट की स्थिति में 15 प्रतिशत से ज्यादा की कमी दर्ज की गयी, जबकि विदेशी मुद्रा के एक्सचेंज में 20 प्रतिशत से ज्यादा की गिरावट दर्ज की गयी है. अन्य बैंकों की भी स्थिति भी कमोबेश ऐसी ही बतायी जा रही है. बौद्ध धर्मगुरु दलाईलामा के नहीं आने के कारण घटा मुनाफा इस संबंध में बोधगया स्थित एसबीआइ के मुख्य प्रबंधक मधुकर गुप्ता ने बताया कि इस वर्ष श्रद्धालुओं की कम संख्या व बौद्ध धर्मगुरु दलाईलामा के नहीं आने के कारण बोधगया का व्यवसाय अपेक्षा के अनुरूप नहीं होना बताया जा रहा है. इस कारण यहां व्यवसाय करने वाले कारोबारियों की आमदनी कम हुई ओर इसके कारण उन्होंने बैंक में रुपये कम जमा करा सके. इस कारण पिछले वर्ष की तुलना में लगभग 15 प्रतिशत कम डिपॉजिट हो सका और बैंक का मुनाफा घट गया. इसी तरह बैंक में प्रतिनियुक्त विदेशी मुद्रा विनिमय अधिकारी अनिल कुमार ने बताया कि इस वर्ष के पर्यटन सीजन में विदेशी मुद्रा के एक्सचेंज में 20 प्रतिशत से ज्यादा की गिरवट दर्ज की गयी है. उन्होंने बताया कि विदेशी श्रद्धालुओं की कमी के कारण व्यक्तिगत रूप से मनी एक्सचेंज करने वालों के साथ ही मनी एक्सचेंजर एजेंसियों के माध्यम से भी बैंक में विदेशी मुद्रा कम पहुंचे. उन्होंने बताया कि नियम में बदलाव किये गये हैं जिसके तहत विदेशी मुद्रा एक्सचेंज करने वालों को अपना पासपाेर्ट व वीजा का फोटोकॉपी भी जमा करना होगा. इस कारण एजेंसियों के माध्यम से भी विदेशी मुद्रा कम पहुंचे. व्यवसायी भी हैं चिंतित बोधगया के पर्यटन सीजन से उम्मीद लगाये स्थानीय कारोबारियों को तो झटका लगा ही है, नेपाल व हिमाचल प्रदेश सहित तराई क्षेत्र से यहां व्यवसाय करने पहुंचे दुकानदारों ने भी रोना रोया है. हिमाचल प्रदेश से यहां पहुंची दुकानदार यासिका ने बताया कि इस वर्ष दलाईलामा के नहीं आने के कारण श्रद्धालु नहीं पहुंचे और हमारा व्यवसाय ठीक नहीं हुआ. नेपाल की दुकानदार बिंदु तमांग ने बताया कि इस बार व्यवसाय नहीं होने के कारण उनका नुकसान हुआ है. इसी तरह स्थानीय दुकानदारों ने भी पर्यटन सीजन को बेहतर नहीं बताया व अपेक्षा के अनुरूप मुनाफा नहीं होने की बात कही. इसे भी पढ़ें: बिहार के सात जिलों से होकर गुजरेगा पटना-पूर्णिया ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस-वे, 18042 करोड़ की लागत से होगा तैयार The post Gaya: फीके पर्यटन सीजन ने बोधगया में बैंकों का भी घटाया मुनाफा appeared first on Naya Vichar.

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अब सस्ते में छलका सकेंगे अमेरिका की बॉर्बन! जेब पर पड़ेगा कम बोझ, जानें क्यों?

Bourbon Whiskey Price: अगर आप बॉर्बन व्हिस्की के शौकीन हैं, तो खुश हो जाइए. हिंदुस्तान प्रशासन ने बॉर्बन व्हिस्की पर आयात शुल्क घटाकर 150% से 50% कर दिया है. यानी अब अमेरिकी बॉर्बन की कीमतों में भारी कटौती देखने को मिल सकती है और आप अपनी हर शाम को रंगीन बना सकते हैं. हिंदुस्तान में कितनी बिकती बॉबर्न व्हिस्की अमेरिका हिंदुस्तान को बॉर्बन व्हिस्की का प्रमुख निर्यातक है. इसके प्रमुख निर्यातक देशों में अमेरिका, यूएई, सिंगापुर और इटली शामिल हैं. हिंदुस्तान में बिकने वाली बॉर्बन व्हिस्की का 25% हिस्सा अमेरिका से आता है. 2023-24 में 25 लाख डॉलर की बॉर्बन हिंदुस्तान में आयात की गई थी. प्रशासन ने बाकी शराबों पर 100% आयात शुल्क बरकरार रखा है, लेकिन बॉर्बन अब पहले से सस्ती होगी. कितनी घटेगी बॉबर्न व्हिस्की की कीमत हिंदुस्तान ने बॉर्बन व्हिस्की पर आयात शुल्क घटाकर 50 प्रतिशत कर दिया है. बॉर्बन व्हिस्की पर सीमा शुल्क में कटौती की अधिसूचना 13 फरवरी को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ वार्ता से ठीक पहले की गई. उम्मीद की जा रही है कि हिंदुस्तान में अमेरिका की बॉबर्न व्हिस्की की कीमत घटकर आधी रह जाएगी. अमेरिका-हिंदुस्तान व्यापार संबंधों को मिलेगा बूस्ट इस फैसले के पीछे हिंदुस्तान और अमेरिका के बीच व्यापक व्यापार समझौते की चर्चा का भी बड़ा रोल है. दोनों देश 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार को 500 अरब डॉलर तक ले जाने के लक्ष्य पर काम कर रहे हैं. ट्रंप-मोदी मुलाकात से पहले बड़ा फैसला यह ऐलान ऐसे समय पर हुआ है, जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की मुलाकात होने वाली है. इससे साफ है कि दोनों देशों के व्यापारिक रिश्तों में गर्माहट बढ़ रही है. इसे भी पढ़ें: एसआईपी से 1 करोड़ की कमाई पर कितना लगेगा टैक्स? जानने पर फटी रह जाएंगी आखें तो अब कब सस्ती होगी बॉबर्न व्हिस्की? राजस्व विभाग की अधिसूचना के बाद जल्द ही यह कटौती अमल में आ सकती है. यानी अगर आपने अमेरिका से आई जैक डेनियल्स या जिम बीम ट्राय करने का प्लान बना रखा है, तो यह सही समय हो सकता है. इसे भी पढ़ें: महंगाई से आम आदमी को राहत, जनवरी में सस्ती हुईं खाने की चीजें The post अब सस्ते में छलका सकेंगे अमेरिका की बॉर्बन! जेब पर पड़ेगा कम बोझ, जानें क्यों? appeared first on Naya Vichar.

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महंगाई से आम आदमी को राहत, जनवरी में सस्ती हुईं खाने की चीजें

Inflation: आम आदमी को महंगाई से थोड़ी राहत मिली है. जनवरी 2025 में थोक महंगाई (WPI) घटकर 2.31% पर आ गई, जो दिसंबर 2024 में 2.37% थी. थोक महंगाई में इस कमी का मुख्य कारण खाद्य वस्तुओं की कीमतों में गिरावट रही. खाद्य वस्तुओं की महंगाई में बड़ी गिरावट खाद्य वस्तुओं की मुद्रास्फीति जनवरी में घटकर 5.88% रही, जबकि दिसंबर में यह 8.47% थी. सब्जियों की महंगाई 8.35% पर आ गई, जो दिसंबर में 28.65% थी. टमाटर की कीमतों में गिरावट आई, लेकिन आलू की महंगाई 74.28% और प्याज की मुद्रास्फीति 28.33% रही. अंडा, मांस और मछली की महंगाई 3.56% पर आ गई, जो दिसंबर में 5.43% थी. ईंधन और विनिर्मित वस्तुओं की मुद्रास्फीति में बदलाव ईंधन और बिजली श्रेणी में मुद्रास्फीति घटकर 2.78% रह गई, जो दिसंबर में 3.79% थी. विनिर्मित वस्तुओं की मुद्रास्फीति जनवरी में 2.51% रही, जो दिसंबर में 2.14% थी. खुदरा मुद्रास्फीति (CPI) भी जनवरी में 4.31% पर आ गई, जो पिछले पांच महीनों में सबसे निचला स्तर है. विशेषज्ञों की राय इक्रा के वरिष्ठ अर्थशास्त्री राहुल अग्रवाल ने कहा कि 2024-25 में औसत थोक मुद्रास्फीति 2.4% रह सकती है और 2025-26 में 3% तक बढ़ सकती है. केयर रेटिंग्स की मुख्य अर्थशास्त्री रजनी सिन्हा ने कहा कि मौसमी सुधार से खाद्य पदार्थों की कीमतों में और गिरावट संभव है, लेकिन वैश्विक जिंस कीमतों में उतार-चढ़ाव एक चुनौती बना रहेगा. इसे भी पढ़ें: एसआईपी से 1 करोड़ की कमाई पर कितना लगेगा टैक्स? जानने पर फटी रह जाएंगी आखें आने वाले महीनों में घट सकती है महंगाई जनवरी 2025 में थोक महंगाई में गिरावट से आम लोगों को राहत मिली है. खाद्य वस्तुओं की कीमतों में नरमी से खुदरा महंगाई भी कम हुई है. विशेषज्ञों के अनुसार, आने वाले महीनों में खाद्य महंगाई और कम हो सकती है. हालांकि, वैश्विक कारकों का प्रभाव बना रह सकता है. इसे भी पढ़ें: डोनाल्ड ट्रंप का सख्त रुख, अमेरिका हिंदुस्तान को जवाबी शुल्क से छूट नहीं देगा The post महंगाई से आम आदमी को राहत, जनवरी में सस्ती हुईं खाने की चीजें appeared first on Naya Vichar.

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बिहार के सात जिलों से होकर गुजरेगा पटना-पूर्णिया ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस-वे, 18042 करोड़ की लागत से होगा तैयार

केंद्र की मोदी प्रशासन ने बजट में बिहार के लिए ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस-वे बनाने का ऐलान किया. इसके बाद से ही पटना-पूर्णिया एक्सप्रेस-वे के निर्माण पर तेजी से काम किया जा रहा है. जानकारी के मुताबिक एक्सप्रेस-वे के लिए अगले छह महीने के दौरान जमीन का चयन कर लिया जाएगा. यह  एक्सप्रेस-वे सारण, वैशाली, समस्तीपुर, दरभंगा, मधेपुरा, सहरसा होते हुए पूर्णिया जाएगा. उप मुख्यमंत्री विजय सिन्हा ने बताया कि राज्य प्रशासन के अनुरोध पर इस परियोजना के अन्तर्गत समस्तीपुर, सहरसा एवं मधेपुरा जिला मुख्यालयों को जोड़ने हेतु स्पर का निर्माण किया जाएगा.   Ai image 18042 करोड़ की लागत से बनेगा ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस-वे  पटना-पूर्णिया ग्रीनफील्ड सिक्सलेन एक्सप्रेसवे का निर्माण ₹18,042.14 करोड़ की लागत से किया जाएगा. यह 281.95 किमी लंबा होगा और एनएच-22 के मीरनगर (वैशाली) से शुरू होकर समस्तीपुर, दरभंगा, सहरसा और मधेपुरा से होते हुए एनएच-27 (ईस्ट-वेस्ट कॉरिडोर) पर चांद भड्डी (पूर्णिया) में समाप्त होगा. परियोजना के तहत 10 मीटर चौड़ाई में भूमि अधिग्रहण किया जाएगा. इस हाईवे से सीमांचल क्षेत्र से पटना की यात्रा का समय काफी कम हो जाएगा. साथ ही, समस्तीपुर, सहरसा और मधेपुरा जिला मुख्यालयों को जोड़ने के लिए स्पर (अतिरिक्त संपर्क मार्ग) का भी निर्माण किया जाएगा. Ai image ग्रीनफील्ड फोरलेन अलाइनमेंट को भी मंजूरी इसके अलावा, केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने गंडक के पश्चिमी तट पर कोनवा घाट से मकेर तक 18.1 किमी लंबे ग्रीनफील्ड फोरलेन हाईवे के निर्माण को भी स्वीकृति दे दी है. इस परियोजना पर ₹777.4 करोड़ खर्च होंगे, और इसके लिए 45 मीटर चौड़ाई में भूमि अधिग्रहण किया जाएगा. यह हाईवे सारण जिले के विभिन्न क्षेत्रों में आवागमन को आसान बनाएगा. इसे भी पढ़ें: दिल्ली में चुनाव जीतकर PM मोदी ने बिहार में लगाई केंद्रीय मंत्रियों की ड्यूटी, हर हाल में करना होगा ये काम The post बिहार के सात जिलों से होकर गुजरेगा पटना-पूर्णिया ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस-वे, 18042 करोड़ की लागत से होगा तैयार appeared first on Naya Vichar.

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Delhi New CM: किसे मिलेगी दिल्ली की कमान? बीजेपी में बैठकों का दौर जारी, शपथ ग्रहण की तारीख तय!

Delhi New CM: दिल्ली का नया मुख्यमंत्री कौन बनेगा? चुनाव के नतीजे आने के 6 दिन बाद भी सीएम फेस पर मुहर नहीं लगी है. बीजेपी में बैठकों और मुलाकातों का दौर जारी है. नवनिर्वाचित विधायक लगातार जेपी नड्डा से मुलाकात कर रहे हैं. बीजेपी में भी बैठकों का दौर जारी है. शुक्रवार को बीजेपी नेता अहम बैठक कर रहे हैं. केंद्रीय मंत्री हर्ष मल्होत्रा भी मीटिंग में शामिल हुए हैं. उम्मीद की जा रही है कि बैठक में सीएम फेस पर कोई ठोस निर्णय हो सकता है. 19 या 20 फरवरी को हो सकता है शपथ ग्रहण समारोह दिल्ली में बीजेपी प्रशासन का शपथ ग्रहण समारोह 19 या 20 फरवरी को होने की संभावना है. उम्मीद है कि इस दिन सीएम समेत कुछ और विधायक मंत्री पद की शपथ ले सकते हैं. पार्टी की ओर से मिल रही जानकारी के मुताबिक नयी प्रशासन अन्य चीजों के अलावा स्वच्छ पेयजल आपूर्ति, बेहतर नागरिक बुनियादी ढांचे को प्राथमिकता देगी. बीजेपी के नवनिर्वाचित विधायक और पार्टी के राष्ट्रीय सचिव मनजिंदर सिंह सिरसा ने न्यूज एजेंसी पीटीआई के साथ बातचीत में बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपनी विदेश यात्रा से वापस आ रहे हैं और जल्द ही बीजेपी विधायक दल की बैठक के लिए पर्यवेक्षकों की नियुक्ति की जाएगी. एक विधायक ने का कि नयी प्रशासन 19 या 20 फरवरी के आसपास काम करना शुरू कर सकती है. जेपी नड्डा से मिले नवनिर्वाचित विधायक बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा से नवनिर्वाचित विधायकों के मिलने का सिलसिला जारी है. शुक्रवार को 10 विधायकों से अलग-अलग नड्डा से मुलाकात की. मुलाकात के दौरान आगे की रणनीति पर चर्चा हुई. मुलाकातों करने वालों में विजेंद्र गुप्ता, रेखा गुप्ता, अरविंदर सिंह लवली, अजय महावर, सतीश उपाध्याय, शिखा राय, अनिल शर्मा, डॉ. अनिल गोयल, कपिल मिश्रा और कुलवंत राणा शामिल थे. इससे पहले गुरुवार और बुधवार को भी नड्डा से नवनिर्वाचित विधायकों ने मुलाकात की थी. सीएम की रेस में कई नाम शामिल दिल्ली की सीएम कौन होगा. फिलहाल तो इस सवाल का जवाब किसी के पास नहीं है. हालांकि कई ऐसे चेहरे हैं जिन्हें सीएम की रेस का उम्मीदवार बताया जा रहा है. पार्टी भी मुख्यमंत्री पद के लिए कई नामों पर विचार कर रही है. जिन चेहरे पर सबकी नजर टिकी है, या जो सीएम की रेस में सबसे आगे हैं, उनमें प्रवेश वर्मा, सतीश उपाध्याय, विजेंद्र गुप्ता, मोहन सिंह बिष्ट जैसे वरिष्ठ नेताओं के साथ-साथ कुछ स्त्री नेताओं के नाम भी शामिल हैं. इसके अलावा सोशल मीडिया पर नूपुर शर्मा का नाम भी चर्चा में है, कुछ यूजर्स उन्हें मुख्यमंत्री बनाने की मांग करते नजर आ रहे हैं. सीएम बनने के लिए पार्टी में होड़ नहीं है- अभय वर्मा वहीं, नवनिर्वाचित भाजपा विधायकों ने साफ कहा है कि दिल्ली के मुख्यमंत्री पद के लिए किसी भी तरह की होड़ नहीं है. नवनिर्वाचित विधायक अभय वर्मा ने इस बारे में कहा है कि दिल्ली के मुख्यमंत्री पद के लिए कोई होड़ नहीं है. हमारी पार्टी में विधायकों की बैठक में मुख्यमंत्री या विधायक दल के नेता का चुनाव होता है. उन्होंने कहा कि हम लोगों की सेवा करने आए हैं और अब विकास, स्वच्छ जल आपूर्ति और लोगों के लिए स्वच्छ हवा जैसे मुद्दों के साथ-साथ यमुना को प्रदूषण से मुक्त करने के बारे में सोच रहे हैं. Also Read: Delhi New CM : कौन होगा सीएम? दो उपमुख्यमंत्री की चर्चा तेज, इन्हें मंत्री पद दे सकती है बीजेपी The post Delhi New CM: किसे मिलेगी दिल्ली की कमान? बीजेपी में बैठकों का दौर जारी, शपथ ग्रहण की तारीख तय! appeared first on Naya Vichar.

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Bihar News: पटना में ट्रांसजेंडर समुदाय के लोगों ने कुछ यूं मनाया वैलेंटाइन डे, संगीत की धुन पर जमकर थिरके

Bihar News: आज वैलेंटाइन डे था. पूरी दुनिया में इस दिन को प्यार और प्यार के एहसास के लिए जाना जाता है. प्यार किसी बंधन या पहचान का मोहताज नहीं होता, इसे साबित किया ट्रांसजेंडर समुदाय के लोगों ने, जिन्होंने पटना में अनोखे अंदाज में वैलेंटाइन डे मनाया. इस मौके पर उन्होंने समाज को प्रेम, समानता और सम्मान का संदेश दिया. वैलेंटाइन डे के इस खास आयोजन में ट्रांसजेंडर समुदाय के लोगों ने केक काटा, संगीत की धुन पर थिरके और एक-दूसरे को फूल और गिफ्ट देकर अपनी खुशी जाहिर की. इस दौरान उन्होंने बताया कि प्यार सिर्फ पुरुष और स्त्री तक सीमित नहीं है, बल्कि यह हर इंसान का अधिकार है. कार्यक्रम में शामिल लोगों ने समाज से आग्रह किया कि ट्रांसजेंडर समुदाय को भी वही अधिकार और सम्मान मिले, जो बाकी लोगों को प्राप्त होता है. समाज को अपनी सोच बदलनी होगी इस आयोजन में सामाजिक कार्यकर्ताओं ने भी शिरकत की और ट्रांसजेंडर समुदाय के हक और अधिकारों को लेकर जागरूकता फैलाने पर जोर दिया. कार्यक्रम में शामिल लोगों ने कहा कि समाज को अपनी सोच बदलनी होगी और ट्रांसजेंडर लोगों को भी एक समान नागरिक के रूप में स्वीकार करना होगा. कार्यक्रम में शामिल एक ट्रांसजेंडर ने भावुक होकर कहा, “हम भी प्यार और अपनापन चाहते हैं, लेकिन अक्सर हमें हाशिए पर रखा जाता है. यह आयोजन हमें अपनी पहचान और हक के लिए लड़ने की हिम्मत देता है.” ट्रांसजेंडर समुदाय ने इस आयोजन के जरिए यह संदेश दिया कि प्यार किसी सीमा में नहीं बंधा होता और हर व्यक्ति को इसे जीने का अधिकार है. क्या है वैलेंटाइन डे? वैलेंटाइन डे हर साल 14 फरवरी को मनाया जाता है और इसे प्रेम और स्नेह के पर्व के रूप में पूरी दुनिया में मनाया जाता है. यह दिन खासतौर पर प्रेमी-प्रेमिकाओं, पति-पत्नी, दोस्तों और प्रियजनों के बीच प्रेम के इजहार के लिए जाना जाता है. इस दिन लोग अपने साथी को उपहार, फूल, चॉकलेट और शुभकामनाएं देकर अपने प्रेम का इजहार करते हैं. वैलेंटाइन डे का महत्व यह दिन सिर्फ प्रेमी-प्रेमिकाओं के लिए ही नहीं, बल्कि हर उस व्यक्ति के लिए है जो अपने जीवन में किसी को खास मानता है, चाहे वह दोस्त हो, परिवार का सदस्य हो या कोई कपल. वैलेंटाइन डे हमें यह सिखाता है कि प्रेम केवल एक भावना नहीं, बल्कि एक शक्ति है जो लोगों को जोड़ती है और रिश्तों को मजबूत बनाती है. The post Bihar News: पटना में ट्रांसजेंडर समुदाय के लोगों ने कुछ यूं मनाया वैलेंटाइन डे, संगीत की धुन पर जमकर थिरके appeared first on Naya Vichar.

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‘Lalu Yadav के बयान का कोई मतलब नहीं है’, जदयू सांसद बोले- फिर बनाएंगे सरकार

Lalu Yadav Misgovernance: राजद के राष्ट्रीय अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव ने गुरुवार को कहा कि भाजपा कैसे बना लेगी प्रशासन? हम लोग के रहते भाजपा प्रशासन बना लेगी? भाजपा को लोग जान गए हैं. अब वह कभी सत्ता में नहीं आएगी.” उनके बयान पर पलटवार करते हुए जदयू के कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष संजय झा ने आगामी बिहार विधानसभा चुनाव में एनडीए की प्रशासन बनने का दावा किया है. संजय झा ने कहा कि लालू प्रसाद यादव और उनकी पार्टी 2005 से चुनाव हार रही हैं. वह 2005 में चुनाव हारे, 2010 में हारे. लोकसभा और विधानसभा उपचुनावों में भी उन्हें हार का सामना करना पड़ा. जनता ऐसे लोगों को पहले भी सजा देने का काम कर चुकी है और इस बार के विधानसभा चुनाव में इन लोगों का सूपड़ा साफ हो जाएगा. उनके इस बयान का कोई मतलब नहीं है. बिहार की जनता को नीतीश पर भरोसा जदयू नेता संजय झा ने कहा कि बिहार की जनता पिछले 20 साल से मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर भरोसा कर रही है और इस बार भी हम लोग चुनाव जीतेंगे और नीतीश कुमार के नेतृत्व में प्रशासन बनेगी. उन्होंने कहा कि लालू यादव के कुशासन को जनता भूली नहीं है. बिहार की जनता अब उन पुराने दिनों की यादों को ताजा नहीं करना चाहती है. डबल इंजन की प्रशासन बिहार को विकास के रास्ते पर आगे बढ़ा रही है. बिहार की ताजा समाचारों के लिए क्लिक करें जीतन राम मांझी ने भी साधा लालू पर निशाना जीतन राम मांझी ने राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव के बयान पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि अगर लालू प्रसाद यादव भविष्यवक्ता हैं, तो उन्हें अपना भविष्य बताना चाहिए. उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि यदि वे भविष्यवक्ता हैं तो अपने घर में क्या चल रहा है, यह क्यों नहीं बताते? मांझी ने कहा कि बिहार में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में प्रशासन बनेगी, और 225 सीटों पर जीत सुनिश्चित होगी. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस जीत के लिए तैयारी कर रहे हैं और 24 फरवरी को भागलपुर में उनका दौरा होने जा रहा है. इसे भी पढ़ें: PM मोदी की गारंटी पर बिहार की जनता को भरोसा, तेजस्वी का होगा सफाया, बीजेपी चीफ का दावा The post ‘Lalu Yadav के बयान का कोई मतलब नहीं है’, जदयू सांसद बोले- फिर बनाएंगे प्रशासन appeared first on Naya Vichar.

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