Hot News

Author name: Vinod Jha

nayavichar.com पर संपादक हैं। पटना स्थित स्वतंत्र पत्रकार और लेखक व एक दशक से अधिक का व्यापक अनुभव है। पत्रकारिता, प्रकाशन और विज्ञापन में अनुभव सभी प्रकार की सामग्री के साथ काम करने में सक्षम बनाता है: ब्लॉग पोस्ट, सोशल मीडिया सामग्री अच्छी तरह से शोध किए गए लेख और साथ ही प्रेस विज्ञप्तियाँ। यदि आप उच्च-गुणवत्ता वाली सामग्री की तलाश में हैं, तो nayavicharnews@gmail.com पर संपर्क करें। विशेषताएँ: रिपोर्टिंग, पत्रकारिता, लेखन और संचार, सोशल मीडिया

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

आज है द्विजप्रिय संकष्टी चतुर्थी, गणेश चालीसा का पाठ करते समय न करें ये गलतियां, जानें सही विधि

Sankashti Chaturthi 2026: हर साल फाल्गुन महीने की चतुर्थी तिथि को द्विजप्रिय संकष्टी चतुर्थी मनाई जाती है. इस दिन घरों और मंदिरों में भगवान गणेश की विशेष पूजा-अर्चना की जाती है. मान्यता है कि इस दिन भगवान गणेश की पूजा के दौरान गणेश चालीसा का पाठ अवश्य करना चाहिए.कहा जाता है कि चालीसा के पाठ से भगवान गणेश प्रसन्न होते हैं और साधक को आशीर्वाद देते हैं, जिससे घर-परिवार में सुख-शांति और समृद्धि बनी रहती है तथा जीवन में सफलता प्राप्त होती है. भगवान गणेश चालीसा ॥ दोहा ॥ जय गणपति सद्गुण सदन, कविवर बदन कृपाल.विघ्न हरण मंगल करण, जय जय गिरिजालाल॥ ॥ चौपाई ॥ जय जय जय गणपति गणराजू. मंगल भरण करण शुभ काजू॥जय गजवदन सदन सुखदाता. विश्व विनायक बुद्धि विधाता॥वक्र तुण्ड शुचि शुण्ड सुहावना. तिलक त्रिपुण्ड भाल मनभावना॥राजत मणि मुक्तन उर माला. स्वर्ण मुकुट शिर, नयन विशाला॥पुस्तक पाणि कुठार त्रिशूलं. मोदक भोग सुगंधित फूलं॥सुन्दर पीताम्बर तन साजित. चरण पादुका मुनि मन राजित॥धन्य शिवसुवन षडानन भ्राता. गौरी लालन विश्वविख्याता॥ऋद्धि-सिद्धि तव चंवर सुधारे. मूषक वाहन सोहत द्वारे॥ कहो जन्म शुभ कथा तुम्हारी. अति शुचि पावन मंगलकारी॥एक समय गिरिराज कुमारी. पुत्र हेतु तप कीन्हा भारी॥भयो यज्ञ जब पूर्ण अनूपा. तब पहुंच्यो तुम धरी द्विज रूपा॥अतिथि जानि के गौरी सुखारी. बहुविधि सेवा करी तुम्हारी॥ अति प्रसन्न भए तुम वर दीन्हा. मातु पुत्र हित जो तप कीन्हा॥मिलहि पुत्र तुहि बुद्धि विशाला. बिना गर्भ धारण यहि काला॥गणनायक गुण ज्ञान निधाना. पूजित प्रथम रूप भगवाना॥अस कहि अन्तर्धान रूप भए. पालना पर बालक स्वरूप भए॥ बनि शिशु रुदन जबहिं तुम ठाना. लखि मुख सुख नहिं गौरी समाना॥सकल मगन सुख मंगल गावहिं. नभ ते सुरन सुमन बरसावहिं॥शंभु, उमा बहुदान लुटावहिं. सुर मुनिजन सुत देखन आवहिं॥ लखि अति आनंद मंगल साजा. देखन भी आए शनि राजा॥निज अवगुण गुनि शनि मन माहीं. बालक देखन चाहत नाहीं॥गिरिजा कछु मन भेद बढ़ायो. उत्सव मोर, न शनि तुही भायो॥ कहत लगे शनि मन सकुचाई. का करिहौं, शिशु मोहि दिखाई॥नहिं विश्वास, उमा उर भयऊ. शनि सों बालक देखन कहयऊ॥पड़तहिं शनि दृग कोण प्रकाशा. बालक सिर उड़ि गयो आकाशा॥ गिरिजा गिरी विकल भए धरनी. सो दुःख दशा गयो नहीं वर्णी॥हाहाकार मच्यो कैलाशा. शनि कीन्हों लखि सुत को नाशा॥तुरत गरुड़ चढ़ि विष्णु सिधायो. काटी चक्र सो गज सिर लायो॥ बालक के धड़ ऊपर धारयो. प्राण मंत्र पढ़ि शंकर डारयो॥नाम गणेश शंभु तब कीन्हे. प्रथम पूज्य बुद्धि निधि वर दीन्हे॥ बुद्धि परीक्षा जब शिव कीन्हा. पृथ्वी कर प्रदक्षिणा लीन्हा॥चले षडानन भ्रमि भुलाई. रचे बैठ तुम बुद्धि उपाई॥चरण मातु-पितु के धर लीन्हें. तिनके सात प्रदक्षिण कीन्हें॥ धन्य गणेश कहि शिव हिय हर्षे. नभ ते सुरन सुमन बहु बरसे॥तुम्हरी महिमा बुद्धि बढ़ाई. शेष सहसमुख सके न गाई॥मैं मतिहीन मलीन दुखारी. करहुँ कौन विधि विनय तुम्हारी॥ भजत रामसुन्दर प्रभुदासा. जग प्रयाग, ककरा, दुर्वासा॥अब प्रभु दया दीना पर कीजै. अपनी शक्ति भक्ति कुछ दीजै॥ ॥ दोहा ॥ श्री गणेश यह चालीसा, पाठ करै कर ध्यान.नित नव मंगल गृह बसै, लहे जगत सम्मान॥ सम्बन्ध अपने सहस्र दश, ऋषि पंचमी दिनेश.पूर्ण चालीसा भयो, मंगल मूर्ति गणेश॥ चालीसा का पाठ करते समय रखें  ये सावधानियां  आसन का प्रयोग: बिना आसन के सीधे जमीन पर बैठकर चालीसा का पाठ न करें. ऐसा करने से पाठ से प्राप्त सकारात्मक ऊर्जा जमीन में चली जाती है. इसलिए ऊन या कुश के आसन पर बैठकर ही पाठ करें. दिशा का ध्यान रखें: पाठ करते समय अपना मुख हमेशा पूर्व या उत्तर दिशा की ओर रखें. इन दिशाओं को सकारात्मक ऊर्जा का केंद्र माना जाता है. अखंड दीपक: पाठ शुरू करने से पहले दीपक जलाएं और ध्यान रखें कि वह पूरे पाठ के दौरान जलता रहे. पाठ के समय दीपक बुझना शुभ नहीं माना जाता है. बीच में पाठ न छोड़ें: चालीसा का पाठ करते समय किसी से बातचीत न करें और बीच में उठकर कहीं न जाएं. पाठ अधूरा छोड़ना अशुभ माना जाता है. शुद्ध सात्विकता रखें: पाठ वाले दिन शारीरिक और मानसिक शुद्धता जरूरी है. इस दिन तामसिक भोजन जैसे प्याज, लहसुन, मांस और मछली से परहेज करें तथा मन में किसी के प्रति द्वेष या क्रोध न रखें. यह भी पढ़ें: Sankashti Chaturthi 2026: आज है फाल्गुन संकष्टी चतुर्थी व्रत, जानें पूजा विधि, शुभ मुहूर्त और चंद्रोदय का सही समय The post आज है द्विजप्रिय संकष्टी चतुर्थी, गणेश चालीसा का पाठ करते समय न करें ये गलतियां, जानें सही विधि appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

अलफलाह यूनिवर्सिटी के चेयरमैन जावद अहमद सिद्दीकी गिरफ्तार

Al-Falah University : दिल्ली पुलिस ने धोखाधड़ी और अनियमितताओं से जुड़े एक मामले में अलफलाह यूनिवर्सिटी के चेयरमैन जावद अहमद सिद्दीकी को गिरफ्तार किया. इस संबंध में एक अधिकारी की ओर से जानकारी दी गई है. अल फलाह यूनिवर्सिटी से जुड़े लोगों के ठिकानों पर जांच एजेंसी ईडी ने नवंबर 2025 में छापा मारा था. लाल किला विस्फोट मामले के बाद यह बड़ी कार्रवाई की गई थी. धोखाधड़ी के मामले में हुई गिरफ्तारी दिल्ली में विस्फोट के बाद विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) की शिकायत पर दर्ज दो प्राथमिकी के आधार पर दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा (क्राइम ब्रांच) ने अल फलाह यूनिवर्सिटी के चेयरमैन जावद अहमद सिद्दीकी को गिरफ्तार किया है. इस मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा कार्यवाही शुरू करने के बाद दिल्ली पुलिस ने यह कार्रवाई की है. लाल किले के पास हुए विस्फोट के बाद क्राइम ब्रांच ने प्राइवेट यूनिवर्सिटी के कामकाज से संबंधित कथित अनियमितताओं और धोखाधड़ी के संबंध में मामले दर्ज किए थे. यह भी पढ़ें : ED Raid : अल फलाह यूनिवर्सिटी से जुड़े लोगों के ठिकानों पर छापा, लाल किला विस्फोट मामले में बड़ी कार्रवाई दिल्ली पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि सिद्दीकी को स्थानीय अदालत में पेश किया गया. इसके बाद यहां से उसे आगे की पूछताछ के लिए चार दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया गया. The post अलफलाह यूनिवर्सिटी के चेयरमैन जावद अहमद सिद्दीकी गिरफ्तार appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

बच्चों के लिए फटाफट बना लें स्वाद में बेस्ट केला डोसा

Banana Dosa Recipe: डोसा का नाम सुनते ही मन में कुरकुरे, नमकीन और खट्टे स्वाद वाले डोसा की तस्वीर सामने आती है. लेकिन दक्षिण हिंदुस्तान की रसोई में अनोखा खजाना छिपा है और वो है केला डोसा. इसका नाम आपने शायद ही सुना होगा. यह डोसा मीठे और सॉफ्ट स्वाद के लिए जाना जाता है. यह एक मीठा डोसा या पैनकेक है. इसे पके केले और चावल के आटे से बनाया जाता है. इसे आप चाहें तो ब्रेकफास्ट या फिर टेस्टी मीठे व्यंजन के रूप में परोसा जा सकता है. केला डोसा बनाने की सामग्री पके केले (मसले हुए) – 2 चावल का आटा या गेहूं का आटा – 2 कप गुड़ या चीनी – स्वादानुसार इलायची पाउडर – थोड़ा सा घी या तेल यह भी पढ़ें: Sabudana Idli Recipe: ब्रेकफास्ट में बनाएं साबूदाना इडली, जानें मिनटों में बनाने का सबसे आसान तरीका केला डोसा बनाने की विधि केला डोसा बनाने के लिए पहले एक बाउल में मसले हुए केले, आटा, गुड़/चीनी और इलायची पाउडर डालें. इन सभी को अच्छी तरह मिलाकर आप धीरे-धीरे पानी डालकर एक स्मूद, गाढ़ा बैटर तैयार कर लें. ध्यान रहे कि यह नियमित डोसे के बैटर से थोड़ा गाढ़ा होना चाहिए. अब एक नॉन-स्टिक तवा गर्म करके उस पर थोड़ा सा घी या तेल लगाएं. फिर एक कलछी से बैटर को तवे पर डाल कर हल्के से फैलाएं. इसे आप मध्यम आंच पर पकाएं और नीचे की सतह सुनहरी होने पर पलट दें. इसे दोनों तरफ से अच्छी तरह सेंक कर गरमा गरम सर्व करें. यह भी पढ़ें: Breakfast Ideas: सुबह के नाश्ते के लिए बेस्ट हैं स्वाद में लाजवाब ये 5 स्नैक्स, जरूर करें टाई यह भी पढ़ें: Onion Cheese Paratha Recipe: ब्रेकफास्ट में बनाएं स्वाद से भरपूर प्याज चीज पराठा, बहुत आसान है रेसिपी यह भी पढ़ें: Banana Methi Thepla: ब्रेकफास्ट का बदलना है स्वाद तो इस रेसिपी से फटाफट बना लें बनाना मेथी थेपला The post बच्चों के लिए फटाफट बना लें स्वाद में बेस्ट केला डोसा appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

ओला-उबर को टक्कर देने आ रही भारत टैक्सी, जानें यात्रियों को क्या मिलेगा फायदा

Bharat Taxi App: कैब एग्रीगेटर सेक्टर में अब तक जो बड़ी प्राइवेट कंपनियों का दबदबा था, उसे चुनौती देने के लिए देश की पहली सहकारी कैब सर्विस हिंदुस्तान टैक्सी आज से सड़कों पर उतर रही है. गृह मंत्री अमित शाह इस महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट की शुरुआत करेंगे, जो पूरी तरह से सहकारिता (Cooperative) के सिद्धांत पर आधारित है. निजी कंपनियों की मनमानी पर लगेगा लगाम इस सर्विस का सबसे बड़ा आकर्षण जीरो कमीशन नीति है. वर्तमान में ड्राइवरों को अपनी मेहनत का एक बड़ा हिस्सा कमीशन के रूप में कंपनियों को देना पड़ता है, लेकिन हिंदुस्तान टैक्सी में ड्राइवर ही मुनाफे के हकदार होंगे. उन्हें केवल एक नाममात्र का सब्सक्रिप्शन शुल्क देना होगा. यात्रियों और ड्राइवरों के लिए क्या है खास? बारिश या दफ्तर के समय किराए में होने वाली भारी बढ़ोतरी अब नहीं होगी. ग्राहकों को उचित और पारदर्शी रेट मिलेंगे. ड्राइवरों को ₹5 लाख का दुर्घटना बीमा और परिवार के लिए हेल्थ कवर मिलेगा. स्त्री सुरक्षा को बढ़ावा देने के लिए विशेष तौर पर स्त्री ड्राइवरों की भर्ती की जाएगी, जिनका लक्ष्य 2030 तक 15 हजार रखा गया है. यह ऐप कई क्षेत्रीय भाषाओं में उपलब्ध होगा ताकि हर कोई आसानी से इसे इस्तेमाल कर सके. समय सीमा विस्तार का लक्ष्य मार्च 2026 तक दिल्ली, राजकोट, मुंबई और पुणे में 5,000 ड्राइवरों के साथ शुरुआत. दिसंबर 2026 तक लखनऊ, भोपाल, जयपुर में विस्तार; 15,000 ड्राइवरों का लक्ष्य. 2027-28 तक देश के 20 प्रमुख शहरों में पैन-इंडिया कवरेज. 2030 तक जिला मुख्यालयों और गाँवों तक 1 लाख ड्राइवरों का बड़ा नेटवर्क. सहकारिता से समृद्धि का नया मॉडल इस पूरे प्रोजेक्ट का संचालन सहकार टैक्सी कोऑपरेटिव लिमिटेड द्वारा किया जा रहा है. अमूल (Amul) के एमडी जयेन मेहता और एनसीडीसी के वरिष्ठ अधिकारियों की देखरेख में इसे एक प्रोफेशनल और विश्वसनीय ब्रांड के रूप में खड़ा किया गया है. ट्रायल रन की सफलता के बाद, इसे अब दिल्ली और गुजरात से पूरे हिंदुस्तान में ले जाने की तैयारी है. Also Read: विदेश से गहने लाना हुआ आसान, अब कीमत नहीं वजन पर मिलेगी टैक्स छूट The post ओला-उबर को टक्कर देने आ रही हिंदुस्तान टैक्सी, जानें यात्रियों को क्या मिलेगा फायदा appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

ऑटो-बस में अश्लील गाने बजाए तो जेल तय, बिहार पुलिस को सख्त आदेश

Bihar News: बिहार में स्त्रीओं और बच्चों की सुरक्षा को लेकर प्रशासन ने एक बड़ा और कड़ा कदम उठाया है. उपमुख्यमंत्री सह गृहमंत्री सम्राट चौधरी ने साफ निर्देश दिया है कि बस, ऑटो, टैक्सी, ट्रेन और अन्य सार्वजनिक स्थलों पर अश्लील और दोहरे अर्थ वाले गाने बजाने वालों के खिलाफ विशेष अभियान चलाकर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए. इस आदेश के बाद राज्यभर में पुलिस को अलर्ट मोड पर रखा गया है. सार्वजनिक जगहों पर फूहड़ गानों पर लगेगी लगाम उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि सार्वजनिक रूप से बजने वाले अश्लील और द्विअर्थी गीत समाज पर बेहद नकारात्मक असर डालते हैं. ऐसे गाने न केवल सामाजिक मर्यादा को कमजोर करते हैं, बल्कि स्त्रीओं की सुरक्षा और गरिमा को भी ठेस पहुंचाते हैं. उन्होंने स्पष्ट किया कि यह अब सिर्फ नैतिक मुद्दा नहीं, बल्कि कानून-व्यवस्था और सामाजिक सुरक्षा से जुड़ा गंभीर विषय बन चुका है. बच्चों की मानसिकता पर पड़ रहा नकारात्मक असर प्रशासन का मानना है कि इस तरह के गीतों का सबसे बुरा असर बच्चों पर पड़ता है. उपमुख्यमंत्री ने कहा कि छोटे शिशु जब सार्वजनिक जगहों पर ऐसे गाने सुनते हैं, तो उनकी सोच और व्यवहार पर इसका गलत प्रभाव पड़ता है. यह उन्हें गलत दिशा में ले जाने वाला सांस्कृतिक प्रदूषण है, जिसे किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. जिलों में चलेगा विशेष पुलिस अभियान गृहमंत्री ने सभी जिलों के पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे विशेष अभियान चलाकर बस, ऑटो, टैक्सी, रेलवे परिसरों और अन्य सार्वजनिक स्थलों पर निगरानी रखें. आदेश का उल्लंघन करने वालों पर कानून के तहत कार्रवाई की जाएगी, जिसमें जुर्माने के साथ जेल की सजा भी संभव है. बिहार पुलिस ने इस संबंध में सोशल मीडिया के जरिए भी लोगों को जागरूक करना शुरू कर दिया है. स्त्री सुरक्षा से जुड़ा है फैसला प्रशासन का कहना है कि अश्लील गानों पर रोक स्त्री सुरक्षा को मजबूत करने की दिशा में जरूरी कदम है. सार्वजनिक स्थलों पर सुरक्षित और सम्मानजनक माहौल बनाना प्रशासन की प्राथमिकता है और इसमें किसी भी तरह की ढिलाई नहीं बरती जाएगी. Also Read: NEET छात्रा मौत केस: पीसी में SDPO अनु भी बोलीं, लेकिन आत्महत्या बताने वाले ASP अभिनव क्यों रहे पूरी तरह खामोश? The post ऑटो-बस में अश्लील गाने बजाए तो जेल तय, बिहार पुलिस को सख्त आदेश appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

महाशिवरात्रि पर पहाड़ी मंदिर से शिव बारात, कानपुर झांकियां बनेंगी आकर्षण

Maha Shivratri 2026: महाशिवरात्रि के पावन अवसर को लेकर श्री शिव बारात आयोजन केंद्रीय महासमिति, पहाड़ी मंदिर मुख्य द्वार की एक महत्वपूर्ण बैठक पहाड़ी मंदिर परिसर में आयोजित की गई. इस बैठक की अध्यक्षता समिति के संस्थापक नंद किशोर सिंह चंदेल ने की. बैठक में महाशिवरात्रि के आयोजन को लेकर विस्तृत चर्चा की गई. 15 फरवरी को निकलेगी शिव बारात बैठक में अध्यक्ष नंद किशोर सिंह चंदेल ने बताया कि इस वर्ष भी 15 फरवरी को महाशिवरात्रि के अवसर पर पहाड़ी मंदिर के मुख्य द्वार से सबसे पहले शिव बारात निकाली जाएगी. उन्होंने कहा कि शिव बारात हर साल श्रद्धालुओं के लिए आस्था और भक्ति का बड़ा केंद्र होती है. कानपुर से आएंगी आकर्षक झांकियां बैठक के दौरान झांकियों की रूपरेखा पर भी विचार-विमर्श किया गया. बताया गया कि इस बार कानपुर से विशेष झांकियां मंगाई जाएंगी, जो श्रद्धालुओं के लिए आकर्षण का मुख्य केंद्र होंगी. ये झांकियां शिव विवाह और धार्मिक कथाओं पर आधारित होंगी. 8 फरवरी को मेहंदी-हल्दी कार्यक्रम समिति द्वारा यह भी जानकारी दी गई कि 8 फरवरी को पहाड़ी मंदिर स्थित महाकाल मंदिर में दिन के 1 बजे से पहाड़ी बाबा का मेहंदी-हल्दी कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा. इसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के शामिल होने की उम्मीद है. महाशिवरात्रि कब मनाई जाएगी? इस वर्ष फाल्गुन माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि 15 फरवरी को शाम 4:23 बजे शुरू होकर 16 फरवरी की शाम 5:09 बजे समाप्त होगी. शास्त्रों के अनुसार महाशिवरात्रि पर रात्रि के चारों प्रहर में शिव पूजन का विधान है. इसी कारण 15 फरवरी को ही काशी सहित पूरे क्षेत्र में महाशिवरात्रि का पर्व मनाया जाएगा. चार प्रहर का पूजा मुहूर्त फाल्गुन मास की कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि प्रारंभ: 15 फरवरी 2026 दिन रविवार की शाम 04 बजकर 23 मिनट पर फाल्गुन मास की कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि का समापन: 16 फरवरी दिन सोमवार की शाम 05 बजकर 09 मिनट पर निशिता काल पूजा समय – 15 फरवरी 2026 की रात 11 बजकर 38 मिनट से 12 बजकर 29 मिनट अवधि – 00 घण्टे 51 मिनट The post महाशिवरात्रि पर पहाड़ी मंदिर से शिव बारात, कानपुर झांकियां बनेंगी आकर्षण appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

वैलेंटाइन डे पर प्रदोष व्रत जानें प्रेम और विश्वास बढ़ाने के उपाय

Shani Pradosh Vrat 2026: वैलेंटाइन डे प्रेम का त्योहार माना जाता है. इस दिन प्रेमी जोड़े और विवाहित जोड़े एक-दूसरे के साथ समय बिताते हैं. ज्योतिषाचार्य संजीत कुमार मिश्रा बताते हैं इस साल 14 फरवरी के दिन शनि प्रदोष व्रत का संयोग बना है, और इसका महत्व और भी बढ़ गया है. यह दिन भगवान शिव को प्रसन्न करने के लिए बहुत शुभ माना जाता है. शनि प्रदोष व्रत शुभ मुहूर्त विवरण जानकारी मास फाल्गुन मास पक्ष कृष्ण पक्ष तिथि त्रयोदशी तिथि की तारीख 14 फरवरी 2026 व्रत का नाम शनि प्रदोष व्रत पूजा का श्रेष्ठ समय प्रदोष काल (सूर्यास्त के बाद) पूजा प्रारंभ समय शाम 06:10 बजे पूजा समाप्त समय रात 08:44 बजे कुल शुभ मुहूर्त 2 घंटे 34 मिनट पूजा का महत्व कष्ट निवारण और शिव कृपा प्राप्ति शनि प्रदोष व्रत क्या है? प्रदोष व्रत हर महीने त्रयोदशी तिथि को रखा जाता है. जब यह व्रत शनिवार को पड़ता है, तो इसे शनि प्रदोष व्रत कहा जाता है. इस दिन भगवान शिव के साथ-साथ शनिदेव की भी विशेष कृपा मिलती है. यह व्रत जीवन की परेशानियों को दूर करने और रिश्तों में मधुरता लाने में सहायक माना जाता है. प्रेमी जोड़े कैसे करें शिवजी को प्रसन्न? प्रेमी जोड़े अगर अपने रिश्ते को मजबूत करना चाहते हैं, तो इस दिन कुछ आसान उपाय कर सकते हैं. शाम के समय शिव मंदिर जाकर जल या दूध से शिवलिंग का अभिषेक करें. “ॐ नमः शिवाय” मंत्र का 108 बार जाप करें. सच्चे मन से अपने रिश्ते में विश्वास और समझ बढ़ाने की प्रार्थना करें. किसी जरूरतमंद को काले तिल या काले वस्त्र दान करें. विवाहित जोड़ों के लिए विशेष उपाय विवाहित जोड़ों के लिए यह दिन दांपत्य जीवन में सुख और शांति लाने वाला माना जाता है. पति-पत्नी साथ में व्रत रखें या शाम की पूजा में शामिल हों. शिवजी को बेलपत्र, सफेद फूल और धूप अर्पित करें. एक-दूसरे के साथ बैठकर शिव चालीसा या प्रदोष व्रत कथा सुनें. क्रोध और अहंकार से दूर रहने का संकल्प लें. शनि दोष से मुक्ति और प्रेम में स्थिरता शनि प्रदोष व्रत से शनि दोष का प्रभाव कम होता है. इससे रिश्तों में चल रही गलतफहमियां दूर होती हैं. भगवान शिव की कृपा से प्रेम में स्थिरता, विश्वास और सुख-शांति बनी रहती है. वैलेंटाइन डे और शनि प्रदोष व्रत का यह संयोग प्रेमी और विवाहित जोड़ों के लिए बहुत खास है. अगर इस दिन सच्चे मन से शिवजी की पूजा की जाए, तो प्रेम जीवन और वैवाहिक जीवन दोनों में खुशहाली आती है. ज्योतिषाचार्य संजीत कुमार मिश्रा15+ वर्षों का अनुभव | ज्योतिष, वास्तु एवं रत्न विशेषज्ञConsultation: 8080426594 / 9545290847 The post वैलेंटाइन डे पर प्रदोष व्रत जानें प्रेम और विश्वास बढ़ाने के उपाय appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

रेलवे विकास के लिए छत्तीसगढ़ को मिलेगा ₹7,470 करोड़

Indian Railways : छत्तीसगढ़ में रेलवे अधोसंरचना विकास के लिए ₹7,470 करोड़ के ऐतिहासिक बजट प्रावधान किए जाने पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव के प्रति हार्दिक आभार व्यक्त किया है. मुख्यमंत्री साय ने कहा कि डबल इंजन प्रशासन के सतत प्रयासों से छत्तीसगढ़ में आज रेलवे क्षेत्र में अभूतपूर्व परिवर्तन परिलक्षित हो रहा है. वर्ष 2009–14 के दौरान वार्षिक औसत ₹311 करोड़ की तुलना में 2026–27 में ₹7,470 करोड़ का बजट प्रावधान लगभग 24 गुना वृद्धि का रिकॉर्ड है. वर्तमान में राज्य में ₹51,080 करोड़ के रेल कार्य प्रगति पर हैं, जिनमें नए ट्रैक निर्माण, स्टेशनों का पुनर्विकास तथा सुरक्षा उन्नयन जैसे महत्वपूर्ण कार्य शामिल हैं. मुख्यमंत्री साय ने कहा कि सुदूर वनांचल बस्तर में जगदलपुर को जोड़ने वाले रावघाट–जगदलपुर रेल प्रोजेक्ट का प्रारंभ होना बस्तर के जनजातीय समाज के लिए केंद्र प्रशासन की ओर से एक अमूल्य उपहार है, जो क्षेत्रीय विकास की नई राह प्रशस्त करेगा. मुख्यमंत्री ने कहा कि परमलकसा–खरसिया कॉरिडोर के साथ-साथ नए फ्रेट कॉरिडोर को भी स्वीकृति प्रदान की गई है. इन परियोजनाओं से आने वाले समय में छत्तीसगढ़ में यात्री गाड़ियों की संख्या आने वाले समय में लगभग  दोगुनी हो जाएगी. उन्होंने कहा कि अमृत स्टेशन योजना के अंतर्गत राज्य के 32 रेलवे स्टेशनों का आधुनिकीकरण किया जा रहा है, जिनमें डोंगरगढ़ (फेज-I), अंबिकापुर, भानुप्रतापपुर, भिलाई और उरकुरा जैसे स्टेशन पूर्ण हो चुके हैं. इसके साथ ही राज्य में वंदे हिंदुस्तान एक्सप्रेस की 2 जोड़ी तथा अमृत हिंदुस्तान एक्सप्रेस की 1 जोड़ी सेवाएं यात्रियों को तेज, सुरक्षित और आधुनिक रेल सुविधा प्रदान कर रही हैं. मुख्यमंत्री साय ने कहा कि वर्ष 2014 से अब तक लगभग 1,200 किलोमीटर नए रेल ट्रैक का निर्माण, 100 प्रतिशत विद्युतीकरण, 170 फ्लाईओवर/अंडरपास तथा ‘कवच’ जैसी आधुनिक सुरक्षा प्रणालियों की स्थापना से रेल सुविधा के क्षेत्र में छत्तीसगढ़ देश के अग्रणी राज्यों में शामिल हो रहा है. मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने छत्तीसगढ़ की जनता की ओर से  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं  रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव को इन युगांतकारी पहलों के लिए हृदय से धन्यवाद दिया है. उन्होंने कहा कि यह विकास केवल रेल पटरियों तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे प्रदेश के व्यापार, पर्यटन, उद्योग, रोजगार और आमजन के जीवन में नई ऊर्जा का संचार हो रहा है. The post रेलवे विकास के लिए छत्तीसगढ़ को मिलेगा ₹7,470 करोड़ appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

द्विजप्रिय संकष्टी चतुर्थी के दिन भगवान गणेश की आरती क्यों है जरूरी? जानें सही नियम

Sankashti Chaturthi 2026: आज, 5 फरवरी 2026 को द्विजप्रिय संकष्टी चतुर्थी मनाई जा रही है. यह दिन प्रथम पूज्य भगवान गणेश को समर्पित है. धार्मिक मान्यता है कि जो भी भक्त विधि-विधान से गणपति बप्पा की पूजा करता है और व्रत रखता है, उस पर भगवान गणेश की कृपा बनी रहती है. इससे साधक की बुद्धि का विकास होता है और ज्ञान में वृद्धि होती है.भगवान गणेश की पूजा का समापन हमेशा आरती के साथ करना चाहिए, क्योंकि बिना आरती के पूजा पूर्ण नहीं मानी जाती. भगवान गणेश आरती जय गणेश, जय गणेश, जय गणेश देवा.माता जाकी पार्वती, पिता महादेवा॥ एक दंत दयावंत, चार भुजा धारी.माथे सिंदूर सोहे, मूषक की सवारी॥जय गणेश, जय गणेश, जय गणेश देवा.माता जाकी पार्वती, पिता महादेवा॥ पान चढ़े, फल चढ़े और चढ़े मेवा.लड्डुओं का भोग लगे, संत करें सेवा॥जय गणेश, जय गणेश, जय गणेश देवा.माता जाकी पार्वती, पिता महादेवा॥ अंधन को आंख देत, कोढ़िन को काया.बांझन को पुत्र देत, निर्धन को माया॥जय गणेश, जय गणेश, जय गणेश देवा.माता जाकी पार्वती, पिता महादेवा॥ ‘सूर’ श्याम शरण आए, सफल कीजे सेवा.माता जाकी पार्वती, पिता महादेवा॥जय गणेश, जय गणेश, जय गणेश देवा.माता जाकी पार्वती, पिता महादेवा॥ दीनन की लाज रखो, शंभु सुतकारी.कामना को पूर्ण करो, जाऊं बलिहारी॥ जय गणेश, जय गणेश, जय गणेश देवा.माता जाकी पार्वती, पिता महादेवा॥ आरती के समय क्या सावधानियां बरतनी चाहिए? एकाग्रता आरती के समय बातचीत करना या मोबाइल देखना वर्जित माना जाता है. अपना पूरा ध्यान भगवान की छवि और आरती के शब्दों पर रखें. आरती की थाली घुमाने का तरीका आरती की थाली हमेशा घड़ी की दिशा में घुमानी चाहिए. शास्त्रों के अनुसार, इसे भगवान के चरणों से शुरू करके ऊपर मुख की ओर ले जाना चाहिए. दीपक या कपूर ध्यान रखें कि आरती के दौरान दीपक या कपूर बुझना नहीं चाहिए. दीपक में पर्याप्त मात्रा में घी या तेल रखें. यदि गलती से बुझ जाए, तो क्षमा मांगकर दोबारा दीपक जला लें. शारीरिक शुद्धि और आसन आरती हमेशा स्वच्छ अवस्था में करें. सीधे जमीन पर खड़े होने के बजाय किसी आसन, कपड़े या चटाई का उपयोग करें, ताकि शरीर की ऊर्जा सीधे जमीन में न जाए. यह भी पढ़ें: Sankashti Chaturthi 2026: आज है फाल्गुन संकष्टी चतुर्थी व्रत, जानें पूजा विधि, शुभ मुहूर्त और चंद्रोदय का सही समय The post द्विजप्रिय संकष्टी चतुर्थी के दिन भगवान गणेश की आरती क्यों है जरूरी? जानें सही नियम appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

बिहार भूमि सर्वे की डेडलाइन तय, 2027 तक हर हाल में खत्म होगें जमीनी विवाद

Bihar Bhumi: बिहार में जमीन से जुड़े विवादों और उलझनों को हमेशा के लिए खत्म करने की दिशा में प्रशासन ने बड़ा और निर्णायक कदम उठाया है. उपमुख्यमंत्री सह राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने साफ शब्दों में एलान किया है कि राज्य में चल रहा विशेष भूमि सर्वेक्षण किसी भी हाल में वर्ष 2027 तक पूरा कर लिया जाएगा. इस लक्ष्य में अब कोई ढिलाई, बहाना या लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी. 2011 में रखी गई नींव, अब दिखेगा जमीन पर असर विजय कुमार सिन्हा ने याद दिलाया कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने वर्ष 2011 में बिहार विशेष भूमि सर्वेक्षण की नींव रखी थी. उद्देश्य स्पष्ट था—भूमि अभिलेखों को दुरुस्त करना, मालिकाना हक को साफ करना और दशकों से चले आ रहे जमीन विवादों का समाधान निकालना. अब प्रशासन चाहती है कि यह लंबित काम तय समय सीमा में अपने अंजाम तक पहुंचे. उपमुख्यमंत्री ने आम नागरिकों को भरोसा दिलाया कि सर्वेक्षण की पूरी प्रक्रिया पारदर्शी होगी. यदि किसी भी स्तर पर गड़बड़ी, त्रुटि या मनमानी सामने आती है तो लोग विभाग में लिखित शिकायत दर्ज करा सकते हैं. ऐसी शिकायतों पर तत्काल संज्ञान लिया जाएगा और दोषी अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी. उनका कहना साफ था—सर्वे सुधार का माध्यम बने, विवाद का नहीं. पहले चरण में लगभग पूरा, दूसरे चरण में रिकॉर्ड स्वघोषणाएं प्रशासनी आंकड़ों के मुताबिक पहले चरण में 20 जिलों के 89 अंचलों में किस्तवार का काम 99.92 प्रतिशत और खानापुरी 94.4 प्रतिशत तक पूरा हो चुका है. करीब 31 प्रतिशत गांवों में अंतिम अधिकार अभिलेख प्रकाशित किए जा चुके हैं. वहीं दूसरे चरण में 36 जिलों के 444 अंचलों में हवाई सर्वेक्षण और ग्राम सभा की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है और रैयतों से 2.70 करोड़ से अधिक स्वघोषणाएं प्राप्त हुई हैं. जमीन से जुड़ी अनिश्चितता खत्म करने की कोशिश भू-अभिलेख एवं परिमाप निदेशालय के अनुसार शुरुआती दौर में तकनीकी मार्गदर्शिका में देरी से काम प्रभावित हुआ, लेकिन अब प्रक्रिया रफ्तार पकड़ चुकी है. प्रशासन का दावा है कि सर्वे पूरा होते ही जमीन से जुड़े मुकदमे, धोखाधड़ी और भ्रम की बड़ी समस्या का समाधान संभव हो सकेगा. Also Read: NEET छात्रा मौत केस: पीसी में SDPO अनु भी बोलीं, लेकिन आत्महत्या बताने वाले ASP अभिनव क्यों रहे पूरी तरह खामोश? The post बिहार भूमि सर्वे की डेडलाइन तय, 2027 तक हर हाल में खत्म होगें जमीनी विवाद appeared first on Naya Vichar.

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.

About Us

नयाविचार एक आधुनिक न्यूज़ पोर्टल है, जो निष्पक्ष, सटीक और प्रासंगिक समाचारों को प्रस्तुत करने के लिए समर्पित है। यहां राजनीति, अर्थव्यवस्था, समाज, तकनीक, शिक्षा और मनोरंजन से जुड़ी हर महत्वपूर्ण खबर को विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण के साथ प्रस्तुत किया जाता है। नयाविचार का उद्देश्य पाठकों को विश्वसनीय और गहन जानकारी प्रदान करना है, जिससे वे सही निर्णय ले सकें और समाज में सकारात्मक बदलाव ला सकें।

Quick Links

Who Are We

Our Mission

Awards

Experience

Success Story

© 2025 Developed By Socify

Scroll to Top