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Author name: Vinod Jha

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Bihar News: ‘जी हां, उनका दर्द स्वाभाविक है!’, जदयू सांसद ने लालू यादव और तेजस्वी यादव को गिनाया NDA सरकार का काम

Bihar News: लालू यादव ने पीएम मोदी के बिहार दौरे के दौरान दिए बयान पर कटाक्ष कसते हुए कहा है, “पीएम मोदी अगली बार 350 दिन बिहारी भुजा खाएंगे. 100 दिन भागलपुरी सिल्क पहनेंगे. छठी मैया का व्रत करेंगे. गंगा मैया में डुबकी लगायेंगे. बिहार से बचपन का रिश्ता स्थापित करेंगे. मधुबनी पेंटिंग का गमछा या कुर्ता पहनेंगे.” लालू यादव के बयान पर एनडीए के नेता ने जमकर निशाना साधा है. इसी कड़ी में जदयू के कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर के पोस्ट किया है जिसमें उन्होंने बताया है कि डबल इंजन की प्रशासन में बिहार का कैसे विकास हो रहा है. संजय झा ने पोस्ट में क्या लिखा जदयू सांसद ने लालू यादव और तेजस्वी यादव के आरोपों पर जवाब देते हुए लिखा, “जी हां, उनका दर्द स्वाभाविक है! प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी साल में 300 दिन मखाना खा रहे हैं. संसद की कार्यवाही का मैथिली भाषा में भी त्वरित रूपांतर करवा रहे हैं. मिथिला को नई-नई विकास परियोजनाओं की सौगात दे रहे हैं. केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण मधुबनी पेंटिंग की साड़ी पहन कर बजट पेश करती हैं और बिहार में बाढ़ से सुरक्षा तथा सिंचाई सुविधा की योजनाओं के साथ-साथ मखाना बोर्ड के गठन जैसी बड़ी घोषणा भी करती हैं. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार मिथिला के महान सपूत ‘जननायक’ कर्पूरी ठाकुर को ‘हिंदुस्तान रत्न’ देने की सिफारिश करते हैं और प्रधानमंत्री जी उसे मान लेते हैं. नीतीश कुमार उड़ान स्कीम में मिले दो एयरपोर्ट में से एक मिथिला के केंद्र दरभंगा में स्थापित करते हैं. बिहार को मिला दूसरा एम्स भी दरभंगा को दे देते हैं.” उन्होंने आगे लिखा, “यह सूची बहुत लंबी है. ऐसे समय में, जब मिथिला के विकास पर NDA की डबल इंजन की प्रशासन का ऐतिहासिक रूप से विशेष ध्यान हो, तब उन्हें दर्द नहीं हो जिनकी केंद्र और राज्य प्रशासनों ने मिथिला के विकास को रोकने और बिहार को बीमारू राज्य बनाये रखने की लगातार कोशिशें की थीं, यह कैसे संभव है! अटल विहारी वाजपेयी के नेतृत्व वाली केंद्र प्रशासन में मंत्री रहते हुए नीतीश कुमार ने 28 फरवरी 2002 को दरभंगा में ‘राष्ट्रीय मखाना अनुसंधान केंद्र’ की स्थापना करवाई थी, जिसका उद्देश्य मखाना की खेती को बढ़ावा देना और नये बीज का अनुसंधान कर उत्पादन बढ़ाना था. लेकिन, बाद में बनी ‘उनकी’ केंद्र प्रशासन ने इस अनुसंधान केंद्र का राष्ट्रीय दर्जा हटा दिया था, जिससे संस्थान को फंड मिलना बंद हो गया था. केंद्र में एनडीए की प्रशासन बनने पर इसे फिर से राष्ट्रीय दर्जा दिया गया.” इसे भी पढ़ें: मिनी देवघर के नाम से जाना जाता है बिहार का यह प्रसिद्ध मंदिर, 40 किमी पैदल जाकर चल चढ़ाते हैं श्रद्धालु, जानें महिमा ‘उनका’ यह दर्द अच्छा है संजय झा ने राजद नेता पर निशाना साधते हुए आगे लिखा, “उन्होंने 1990 में बिहार की सत्ता संभालने के कुछ ही समय बाद मैथिली भाषा को राज्य की आधिकारिक भाषा और बीपीएससी की परीक्षा की भाषा की सूची से हटा दिया था. सीएम नीतीश के अनुरोध पर वर्ष 2003 में श्रद्धेय अटल जी की केंद्र प्रशासन ने मैथिली भाषा को संविधान की 8वीं अनुसूची में शामिल किया था और तब इसे UPSC से भी मान्यता मिली थी. 2005 में बिहार की कमान संभाने पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने मैथिली को दोबारा BPSC की भाषा सूची में शामिल करके मिथिला की भाषा को उचित सम्मान दिया. उन्होंने केंद्र और राज्य की सत्ता में रहने के दौरान मिथिला में बाढ़ के प्रभाव को कम करने और हर साल बाढ़ से प्रभावित होने वाली बड़ी आबादी को राहत पहुंचाने की दिशा में कभी कोई कारगर कदम नहीं उठाया था. बाढ़ प्रभावितों को मुआवजा देने की शुरुआत भी मुख्यमंत्री नीतीश कुमार जी द्वारा ही की गई थी. इसके लिए मिथिला के लोगों ने नीतीश कुमार जी को प्यार से ‘क्विंटलिया बाबा’ नाम दिया था. मिथिला के विकास को रोकने के लिए ‘उनके’ द्वारा की गई निंदनीय कोशिशों की सूची भी लंबी है! ऐसे में आज जब NDA की डबल इंजन की प्रशासन में मिथिला विकास के पथ पर तेजी से आगे बढ़ने लगा है, तो ‘उन्हें’ दर्द तो होना ही है! ‘उनका’ यह दर्द अच्छा है!” इसे भी पढ़ें: Bihar Airport: ग्रीनफील्ड हवाई अड्डे के लिए तलाशी जा रही संभावना, आगे की कार्यवाही बिहार प्रशासन के निर्णय पर The post Bihar News: ‘जी हां, उनका दर्द स्वाभाविक है!’, जदयू सांसद ने लालू यादव और तेजस्वी यादव को गिनाया NDA प्रशासन का काम appeared first on Naya Vichar.

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1874 में बांकीपुर डिस्पेंसरी में जगह की कमी के कारण 1875 में इसे ले जाया गया मुराद कोठी

सुबोध कुमार नंदन PMCH 100th foundation day पटना मेडिकल कॉलेज और हॉस्पिटल (पीएमसीएच) की स्थापना 1874 में टेंपल मेडिकल स्कूल के रूप में की गयी थी. लेकिन, इस मेडिकल कॉलेज का औपचारिक उद्घाटन 25 फरवरी, 1925 को किया गया था. बिहार की रियासतों से मिले दान से विभिन्न भवनों का निर्माण किया गया था. 25 फरवरी को पीएमसीएच सौ वर्ष पूरा करने जा रहा है. शताब्दी वर्ष मनाने की तैयारी अंतिम चरण में है. शताब्दी समारोह में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू भाग लेंगी. शताब्दी वर्ष तक का सफर कई उतार-चढ़ाव से गुजरा. जिस मकान में टेंपल स्कूल ऑफ मेडिसिन शुरू किया गया, वहां ईंट से बनाया गया एक तत्ले का मकान था. इतिहासकार अरविंद महाजन ने बताया कि 1857 में प्रथम स्वाधीनता संग्राम के बाद बंगाल के गवर्नर ने कोलकाता के मेडिकल कॉलेज का बोझ घटाने और बिहार-यूपी से आने वाले कनिष्ठ स्तर के सैन्य सर्जनों को चिकित्सीय प्रशिक्षण देने के लिए पटना में एक चिकित्सीय संस्थान खोलने का निर्णय लिया. आज जहां बीएन कॉलेज के छात्रावास हैं, वहां 1874 में बांकीपुर डिस्पेंसरी थी, जिसे बाद में टेंपल स्कूल ऑफ मेडिसिन कहा गया. बाद में जगह की कमी के कारण 1875 में इसे मुराद कोठी ले जाया गया, जो 16वीं सदी के पीर शाह मुराद का निवास था. शाह मुराद जहांगीर के शासन के दौरान बिहार के सूबेदार रहे मिर्जा रूस्तम सफवी के पुत्र थे. उन्होंने बताया कि शाह मुराद ने गंगा किनारे एक कोठी बनवायी और एक बाग व बाजार भी बसाया. बाद में यह कोठी मुरादकोठी के नाम से प्रसिद्ध हुआ बाग मुराद बाग और इसके उत्तर में स्थित बाजार मुरादपुर. शाह मुराद और उसकी पत्नी का मकबरा आज भी पीएमसीएचके चाइल्ड डिर्पाटमेंट और टाटा वार्ड के बीच है. ध्वस्त मुराद कोठी के स्थान पर अब प्रशासकीय ब्लॉक है. अरविंद महाजन ने बताया कि हालांकि आरंभिक 18वीं सदी तक यह परिसर इस्ट इंडिया कंपनी के स्वामित्व में आ गया था, लेकिन फिर यह निजी हाथों में चला गया था और टेम्पल स्कूल ऑफ मेडिसिन यहां लाने के लिए प्रशासन ने इसे जुलाई 1875 में 1.28 लाख रुपये में खरीदा. 20वीं सदी के दूसरे दशक के अंत तक काफी ढह चुकी मुराद कोठी को गिरा दिया गया. हालांकि बाजार वहीं बना रहा. टेम्पल स्कूल की इमारत गंगा किनारे थी और जेनरल हॉस्पिटल ऑफ बांकीपुर इसी प्रांगण में इसके के दक्षिण में बनाया गया. इस पर लगभग एक लाख रुपये का खर्च आया के था. बिहार उड़ीसा के 1 अप्रैल 1912 को बंगाल से अलग होने के बाद मेडिकल कॉलेज की आवश्यकता और बढ़ गयी. महाजन ने बताया कि इसीलिए 1925 में एडवर्ड प्रिंस ऑफ वेल्स के आगमन की स्मृति के रूप में प्रिंस ऑफ वेल्स मेडिकल कॉलेज स्थापित किया गया. बाद में बिहार-उड़ीसा के गवर्नर सर हेनरी व्हीलर ने 25 फरवरी 1927 को मेडिकल कॉलेज का विधिवत उद्घाटन किया, जिसे अब पटना मेडिकल कॉलेज एण्ड हॉस्पिटल (पीएमसीएच) कहा जाता है. दरभंगा के महाराजा रामेश्वर सिंह ने सबसे अधिक पांच लाख रुपये दान दिये. महात्मा गांधी पर कई पुस्तकों के लेखर भैरव लाल दास ने बताया कि 15 मई 1947 को अपनी पोती मनु के अपेंडिक्स ऑपरेशन कराने हेतु गांधीजी पीएमसीएच पहुंचे. उन्होंने डॉक्टर से आग्रह किया कि वे अपने सामने मनु का ऑपरेशन होते हुए देखेंगे. शुरू में तो डॉक्टरों ने मना किया, लेकिन बाद में वे मान गये. गांधीजी को भी ऑपरेशन थिएटर का मास्क आदि लगाकर ऑपरेशन टेबल के बगल में बैठाया गया और उन्होंने मनु का ऑपरेशन देखा. पद्मश्री डा. सीपी ठाकुर ने बतया कि पटना मेडिकल कॉलेज में 30 छात्रों का प्रवेश था और पूरे कोर्स के लिए प्रति छात्र मात्र दो रुपये फीस थी. यह चलन 1925 तक जारी रहा. इसके बाद टेंपल मेडिकल स्कूल को दरभंगा स्थानांतरित कर दिया गया और इसके स्थान पर प्रिंस ऑफ वेल्स मेडिकल कॉलेज के रूप में जाना जाने वाला एक मेडिकल कॉलेज स्थापित किया गया. इस मेडिकल कॉलेज का औपचारिक उद्घाटन 25 फरवरी 1925 को किया गया था. पीएमसीएच के प्राचार्य डॉ. विद्यापति चौधरी ने बताया कि इस कॉलेज को इसे एशिया के सबसे पुराने मेडिकल कॉलेजों में से एक होने का गौरव प्राप्त है. यह ब्रिटिश हिंदुस्तान का छठा सबसे पुराना मेडिकल कॉलेज है. इसका एक गौरवशाली इतिहास है और इसे कई राष्ट्रीय और अंतररराष्ट्रीय व्यक्तियों को जन्म देने और उनका इलाज करने का श्रेय दिया जाता है. पीएमसीएच के पूर्व प्राचार्य और प्रख्यात नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ दुखन राम देश के प्रथम राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद के मानद सर्जन थे. पीएमसीएच एलुमनी एसोसिएशन के संयोजक डाॅ सचिदानंद कुमार ने बताया कि यहां सह-शिक्षा की व्यवस्था 1892 से शुरू हुई, लेकिन इस शिक्षा के प्रति लड़कियों में उत्साह नहीं पाया गया. पाठ्यक्रम साढ़े चार वर्षों का था और सफल छात्रों को एलएमपी (लाइसेंस मेडिकल प्रैक्ट्रिशनर) की डिप्लोमा डिग्री दी जाती थी. The post 1874 में बांकीपुर डिस्पेंसरी में जगह की कमी के कारण 1875 में इसे ले जाया गया मुराद कोठी appeared first on Naya Vichar.

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महाकुंभ ने रचा इतिहास, बने कई गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड

Mahakumbh World Record: प्रयागराज महाकुंभ की चर्चा दुनियाभर में खूब हो रही है. 45 दिनों तक चले इस महायोजन में की विश्व रिकॉर्ड भी टूटे हैं. आज इस भव्य आयोजन की समाप्ति भी हो गई. लगभग 66 करोड़ लोगों ने दिव्य कुंभ में हिस्सा लिया. सबसे रोचक बात ये रही कि अमेरिका सहित 100 देशों की आबादी से अधिक लोग प्रयागराज कुंभ के दौरान पहुंचे. महाकुंभ में सुरक्षा व्यवस्था महाकुंभ में 70 हजार से ज्यादा सुरक्षाकर्मी तैनात थे इनमें से 37 हजार से ज्यादा पुलिसवाले, 14 हजार से ज्यादा होमगार्ड्स और सीआरपीएफ के जवान शामिल थे यह आयोजन कोई प्रशासनी कार्यक्रम नहीं था, बल्कि यह सनातन परंपरा और हिंदुस्तान की सांस्कृतिक शक्ति का प्रतीक था महाकुंभ के समापन के मौके पर श्रद्धालुओं ने सुरक्षा में तैनात पुलिसकर्मियों की जमकर तारीफ की महाकुंभ में बने कई रिकॉर्ड 66.30 करोड़ से ज्यादा श्रद्धालु आए महाकुंभ में पहुंचे श्रद्धालुओं की संख्या अमेरिका की आबादी से दोगुनी 193 देशों की कुल आबादी से भी ज्यादा श्रद्धालु महाकुंभ में आए सिर्फ हिंदुस्तान और चीन की आबादी महाकुंभ में आए श्रद्धालुओं से ज्यादा 120 करोड़ हिंदुओं में से 66 करोड़ से ज्यादा ने डुबकी लगाई, महाकुंभ मेला क्षेत्र दुनिया के सबसे बड़े स्टेडियम से 166 गुना बड़ा महाकुंभ मेला जोन का स्ट्रक्चर 4 हजार हेक्टेयर में फैला हुआ, 4 लाख से ज्यादा टेंट-तंबू, और 1.5 लाख टॉयलेट बनाए गए महाकुंभ में स्वच्छता का भी वर्ल्ड रिकॉर्ड प्रयागराज में आयोजित महाकुंभ 2025 ने श्रद्धालुओं की संख्या में ही नहीं, बल्कि स्वच्छता के मामले में भी एक नया इतिहास रचा है. इस बार महाकुंभ मेला क्षेत्र के चार अलग-अलग जोनों में एक साथ 19 हजार सफाईकर्मियों ने मिलकर सफाई की और झाड़ू लगाकर एक नया वर्ल्ड रिकॉर्ड स्थापित किया. यह पहल न केवल महाकुंभ के स्वच्छता अभियान को मजबूत करने का प्रतीक बन गई, बल्कि इससे जुड़े हर व्यक्ति के लिए एक प्रेरणा भी बनी. नया विचार की प्रीमियम स्टोरी पढ़ें.. Babu Veer Kunwar Singh: आरा के नायक कुंवर सिंह की निराली थी प्रेम कहानी, जानें कैसे किया अंग्रेजों को पस्त The post महाकुंभ ने रचा इतिहास, बने कई गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड appeared first on Naya Vichar.

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Name Personality: बहुत अमीर होते हैं इस नाम अक्षर के लोग, जीवन में नहीं रहती किसी चीज की कमी

Name Personality: माता-पिता बच्चों का नाम काफी सोच विचार के बाद ही रखते हैं, क्योंकि नाम का प्रभाव शिशु के व्यक्तित्व पर गहरा असर डालता है. ज्योतिष शास्त्र की मानें तो नाम व्यक्ति के कई गहरे राज उजागर करता है. इसके जरिए व्यक्ति के हाव भाव, चरित्र और तकदीर का सटीक अनुमान लगाया जा सकता है. नाम अक्षर के सहारे व्यक्ति के कमियों और खूबियों का पता लगाया जा सकता है. ऐसे में आज हम अंग्रेजी के K नाम अक्षर के लोगों की विशेषताओं को बारे में बात करने वाले हैं. आइए इन लोगों की आर्थिक स्थिति, स्वभाव और खूबियों के बारे में जानते हैं. यह भी पढ़ें- Name Personality: आरामदायक जिंदगी जीना पसंद करते हैं इस नाम अक्षर के लोग, छल-कपट से रहते हैं दूर यह भी पढ़ें- Name Personality: दिमाग से नहीं दिल से सोचे हैं इस नाम अक्षर के लोग, खूबसूरती में हर किसी को कर देते हैं फेल लव लाइफ अंग्रेजी के K अक्षर नाम वाले लोग प्यार के मामले में बहुत ही ज्यादा सेंसिटिव होते हैं. प्यार करने से पहले काफी ज्यादा सोच विचार करते हैं. लेकिन प्यार हो जाने के बाद उसे पूरी ईमानदारी से बिताते हैं. अपने पार्टनर पर ये खूब प्यार लुटाते हैं. पढ़ाई-लिखाई K नाम अक्षर वाले लोगों के शैक्षणिक जीवन की बात करें, तो इनकी जिंदगी काफी उतार चढ़ाव से गुजरती है. पढ़ाई लिखाई में तो दिलचस्पी रखते हैं, लेकिन दूसरे नाम अक्षर के मुकाबले पढ़ाई में इनकी ज्यादा रुचि नहीं होती है. व्यवहार कुशल इस नाम अक्षर के लोग हंसमुख स्वभाव वाले होते हैं. इनके चेहरे पर हमेशा मुस्कान बनी रहती है. यही वजह है कि इन लोगों के प्रति लोग ज्यादा आकर्षित होते हैं. ये लोग बहुत ही ज्यादा व्यवहार कुशल होते हैं. किसी के साथ रिश्ता बहुत ही ईमानदारी से निभाते हैं. आर्थिक स्थिति पढ़ने लिखने में ज्यादा दिलचस्पी न रखने के बाद भी इन लोगों की आर्थिक स्थिति बहुत ही अच्छी होती है, क्योंकि इन लोगों के ऊपर भगवान की कृपा रहती है. स्वभाव से अच्छे होते हैं, लेकिन कभी-कभी इनके स्वभाव में पैसों का घमंड झलकता है. यह भी पढ़ें- Name Personality: बहुत रहस्यमयी होते हैं इस नाम अक्षर के लोग, समझना नहीं होता आसान Disclaimer: यह आर्टिकल सामान्य जानकारियों और मान्यताओं पर आधारित है. नया विचार इसकी पुष्टि नहीं करता है. The post Name Personality: बहुत अमीर होते हैं इस नाम अक्षर के लोग, जीवन में नहीं रहती किसी चीज की कमी appeared first on Naya Vichar.

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Marco OTT Release: 100 करोड़ कमाने वाली मार्को इस ओटीटी पर हुई रिलीज, एक्शन थ्रिलर को करें एंजॉय

Marco OTT Release: हनीफ अडेनी की ओर से निर्देशित मलयालम फिल्म मार्को जब सिनेमाघरों में रिलीज हुई थी, तो मूवी ने शानदार कमाई करते हुए इतिहास रच दिया था. यह दुनिया भर में 100 करोड़ रुपये का आंकड़ा पार करने वाली पहली ए-रेटेड मलयालम फिल्म बन गई. मार्को में साउथ एक्टर उन्नी मुकुंदन, युक्ति थरेजा और कबीर दूहन सिंह मुख्य भूमिका में हैं. यह फिल्म 20 दिसंबर 2024 को हिंदी, तमिल, तेलुगु और कन्नड़ भाषा में रिलीज हुई थी. पैन इंडिया फिल्म अब ओटीटी पर उपलब्ध है. मार्को हिंदी ओटीटी रिलीज मुकुंदन स्टारर फिल्म पहले से ही ओवर-द-टॉप सर्विस अमेजन प्राइम वीडियो पर हिंदी स्ट्रीमिंग के लिए उपलब्ध है. ऐसे में आप इस वीकेंड इसे एंजॉय कर सकते हैं. फिल्म एक गैंगस्टर की कहानी है, जो अपने भाई की हत्या के बाद बदला लेने के लिए हत्यारों को खतरनाक ढंग से मारता है. यह एक हिंसक फिल्म है, इसलिए इसे केवल 18 उम्र से बड़े लोग देख सकते हैं. मार्को ने 100 करोड़ का आंकड़ा किया था पार यह फिल्म 20 दिसंबर 2024 को सिनेमाघरों में रिलीज हुई थी. उन्नी मुकुंदन की मुख्य भूमिका वाली यह मूवी हिंदुस्तान की सबसे तीव्र हिंसा वाली फिल्म मानी जाती है. रिलीज के 15 दिन के अंदर ही इस फिल्म ने 100 करोड़ रुपये का आंकड़ा पार कर लिया. वर्ल्डवाइड स्तर पर 100 करोड़ रुपये का आंकड़ा पार करने वाली यह पहली ए-रेटेड मलयालम फिल्म है. हनीफ अडेनी द्वारा निर्देशित और लिखित, एक्शन फिल्म 30 करोड़ रुपये के कथित बजट पर बनाई गई थी. मार्को कन्नड़, मलयालम, तेलुगु, तमिल भाषा में सोनी लिव पर स्ट्रीम हो रही है. एक्ट्रेस शिवादा ने फिल्म की सराहना की थी और इसकी सफलता की भी तारीफ की. उन्होंने निर्देशक के काम की प्रशंसा की और फिल्म में प्रभावशाली स्टंट सीक्वेंस को लेकर कहा था कि इसे देखकर वह हैरान हो गई थी. क्या बॉलीवुड वालों का बोरिया–बिस्तर बांध देंगे साउथ वाले? दर्शकों के ना जुड़ पाने का यहां जानें कारण The post Marco OTT Release: 100 करोड़ कमाने वाली मार्को इस ओटीटी पर हुई रिलीज, एक्शन थ्रिलर को करें एंजॉय appeared first on Naya Vichar.

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नीतीश कैबिनेट में बड़ा फेरबदल, बिहार के मंत्रियों में बंटे विभाग, किसे क्या मिला? पूरी लिस्ट देखिए…

Bihar Minister Portfolio: बिहार मंत्रिमंडल का विस्तार कर दिया गया है. बुधवार को नीतीश कैबिनेट में भाजपा के 7 और मंत्री जुड़े. शपथ ग्रहण करने के बाद अब मंत्रियों के विभागों का बंटवारा कर दिया गया है. गुरुवार को यह तय कर दिया गया कि बिहार में कौन सा विभाग अब किस मंत्री के जिम्मे होगा. इस दौरान नए बन मंत्रियों के बीच विभागों का बंटवारा करने के अलावे कई पुराने मंत्रियों के विभागों में भी फेरबदल हुआ है. मंत्रियों के बीच विभागों का बंटवारा हुआ बुधवार को नीतीश कैबिनेट में भाजपा के 7 और विधायकों को शामिल किया गया था. बीजेपी कोटे से 7 नए मंत्री बने. शपथ ग्रहण समारोह संपन्न होने के बाद अगले दिन गुरुवार को इन मंत्रियों के बीच विभागों का बंटवारा कर दिया गया है. इस दौरान नीतीश कैबिनेट में बड़ा फेरबदल भी देखा गया. कई पुराने मंत्रियों के विभाग भी बदले गए हैं. नीतीश कैबिनेट में बड़ा फेरबदल, बिहार के मंत्रियों में बंटे विभाग, किसे क्या मिला? पूरी लिस्ट देखिए… 2 संजय सरावगी संभालेंगे राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग भाजपा कोटे के नए मंत्रियों के विभाग तय कर दिए गए हैं. अभी तक एक मंत्री के पास कई अतिरिक्त विभागों की भी जिम्मेवारी थी. उनके पास से कई विभागों को लेकर नए मंत्रियों को जिम्मेवारी सौंपी गयी है. मंत्रिमंडल विस्तार से पहले भाजपा प्रदेश अध्यक्ष दिलीप जायसवाल ने राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग से इस्तीफा दिया था. इस विभाग को अब भाजपा कोटे से बन नए मंत्री संजय सरावगी संभालेंगे. The post नीतीश कैबिनेट में बड़ा फेरबदल, बिहार के मंत्रियों में बंटे विभाग, किसे क्या मिला? पूरी लिस्ट देखिए… appeared first on Naya Vichar.

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Weekly Current Affairs 2025 : 20 से 26 फरवरी का साप्ताहिक करेंट अफेयर्स

Weekly Current Affairs 2025 :आप अगर यूपीएससी, बीपीएससी, एसएससी, बैंकिंग एग्जाम या अन्य किसी प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहे हैं, तो बीते सप्ताह घटित होनेवाले कुछ महत्वपूर्ण समसामयिक घटनाक्रम की जानकारी यहां प्राप्त कर सकते हैं. रेखा गुप्ता बनीं दिल्ली की चौथी स्त्री मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता दिल्ली की नयी मुख्यमंत्री बनी हैं. उन्होंने 20 फरवरी को दिल्ली के रामलीला मैदान में सीएम पद की शपथ ली. उनके साथ उनकी कैबिनेट में शामिल प्रवेश वर्मा, आशीष सूद, मनजिंदर सिरसा, रविंदर इंद्राज, कपिल मिश्रा, पंकज सिंह ने भी मंत्री पद की शपथ ली. रेखा गुप्ता दिल्ली की चौथी स्त्री मुख्यमंत्री हैं. उनसे पहले सुषमा स्वराज, शीला दीक्षित और आतिशी इस पद पर रह चुकी हैं. वह दिल्ली की चौथी स्त्री मुख्यमंत्री बनने के साथ-साथ बीजेपी शासित राज्यों में एकमात्र स्त्री मुख्यमंत्री भी हैं. हाल ही में संपन्न हुए विधानसभा चुनाव में उन्होंने शालीमार बाग सीट से जीत हासिल की है. रेखा गुप्ता दिल्ली यूनिवर्सिटी छात्र संघ की अध्यक्ष भी रह चुकी हैं. दिल्ली में नयी प्रशासन का गठन होने के बाद मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने मंत्रालयों के बंटवारे की जानकारी दी. सीएम ने बताया कि वह सामान्य प्रशासन, सेवा, वित्त, राजस्व, स्त्री और बाल विकास, भूमि और भवन, सूचना और जनसंपर्क, सतर्कता, योजना, प्रशासनिक सुधार और अन्य विभाग संभालेंगी. प्रवेश वर्मा को पीडब्ल्यूडी, विधायी मामले, सिंचाई और बाढ़ नियंत्रण, जल और गुरुद्वारा चुनाव एवं आशीष सूद को घर, बिजली, शहरी विकास, शिक्षा विभाग दिया गया है. मनजिंदर सिरसा उद्योग, वन एवं पर्यावरण, खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के मंत्री बने हैं, वहीं रविंदर इंद्राज सामाजिक कल्याण, एससी और एसटी कल्याण मंत्रालय देखेंगे. कपिल मिश्रा को कानून और न्याय, श्रम एवं पर्यटन दिया गया है और पंकज सिंह स्वास्थ्य, परिवहन, आईटी मंत्रालय की जिम्मेदारी संभालेंगे. शक्तिकांत दास बने पीएम के प्रिंसिपल सेक्रेटरी हिंदुस्तानीय रिजर्व बैंक के पूर्व गवर्नर शक्तिकांत दास को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का प्रिंसिपल सेक्रेटरी-2 नियुक्त किया गया है. गवर्नर के तौर पर 6 साल के कार्यकाल को पूरा कर वह 10 दिसंबर 2024 को ही सेवानिवृत्त हुए थे. 22 फरवरी को केंद्रीय कैबिनेट की नियुक्ति समिति ने इस पद के लिए उनकी नियुक्ति को मंजूरी दी है. वह प्रिंसिपल सेक्रेटरी-2 के रूप में काम करेंगे, जबकि पीके मिश्रा 11 सितंबर, 2019 से प्रधानमंत्री के प्रधान सचिव हैं. गुवाहाटी एयरपोर्ट के नये एकीकृत टर्मिनल के डिजाइन का अनावरण प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 24 फरवरी को एडवांटेज असम 2.0 शिखर सम्मेलन के दौरान गुवाहाटी में लोकप्रिय गोपीनाथ बोरदोलोई अंतरराष्ट्रीय (एलजीबीआई) हवाई अड्डे के नये एकीकृत टर्मिनल भवन (एनआईटीबी) के डिजाइन का अनावरण किया.अडानी एयरपोर्ट होल्डिंग्स लिमिटेड (एएएचएल) द्वारा प्रबंधित, एलजीबीटी एयरपोर्ट का नाम असम के पहले मुख्यमंत्री गोपीनाथ बोरदोलोई के नाम पर रखा गया है. पूर्वोत्तर राज्यों के लिए एक महत्वपूर्ण प्रवेश द्वार के रूप में कार्य करते हुए यह हवाई अड्डा इस क्षेत्र को प्रमुख घरेलू और अंतरराष्ट्रीय गंतव्यों से जोड़ता है. हिंदुस्तानीय जीवविज्ञानी पूर्णिमा देवी बर्मन टाइम की सूची में शामिल असम की जीवविज्ञानी पूर्णिमा देवी बर्मन को दुनिया के सबसे लुप्तप्राय सारस में से एक को बचाने के लिए संरक्षणवादी के रूप में टाइम की वूमन ऑफ द ईयर 2025 सूची में शामिल किया गया है. अभिनेत्री निकोल किडमैन और फ्रांस की गिसेल पेलिकॉट के साथ 13 स्त्रीओं की 2025 की इस सूची में 45 वर्षीय बर्मन एकमात्र हिंदुस्तानीय स्त्री हैं. बर्मन के काम की बदौलत, वर्ष 2023 में धेनुक (एक प्रकार का पक्षी) को अंतरराष्ट्रीय प्रकृति संरक्षण संघ के वर्गीकरण के तहत लुप्तप्राय स्थिति से हटाकर ‘निकट संकटग्रस्त’ श्रेणी में लाया गया. मुख्य आर्थिक सलाहकार डॉ वी अनंत नागेश्वरन का कार्यकाल बढ़ा मुख्य आर्थिक सलाहकार डॉक्‍टर वी अनंत नागेश्वरन का कार्यकाल दो साल बढ़ाकर मार्च 2027 तक कर दिया गया है. वित्त मंत्रालय ने इस संबंध में एक कार्यालय आदेश जारी किया. डॉक्‍टर वी अनंथा नागेश्वरन ने जनवरी 2022 में मुख्य आर्थिक सलाहकार का पदभार संभाला था. हिंदुस्तानीय मूल के काश पटेल बने एफबीआई डायरेक्टर अमेरिकी सीनेट ने हिंदुस्तानीय मूल के काश पटेल को फेडरल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन (एफबीआई) के नये निदेशक के रूप में नियुक्ति करने की मंजूरी दे दी है. पटेल को अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने देश की शीर्ष कानून प्रवर्तन एजेंसी का नेतृत्व करने के लिए चुना है. 44 वर्षीय पटेल की नियुक्ति पर सीनेट में मतदान हुआ, जिसमें उनके पक्ष में 51 मत, जबकि विरोध में 49 मत पड़े. रिपब्लिकन पार्टी की सुसान कॉलिन्स और लिसा मर्कोवस्की ने भी 47 डेमोक्रेट्स के साथ पटेल की नियुक्ति के खिलाफ वोट दिया. लेफ्टिनेंट जनरल डैन कैन बने अमेरिका में संयुक्त सेना के अध्यक्ष अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने संयुक्त सेना के अध्यक्ष सीक्यू ब्राउन को इस पद से हटा दिया है. उनकी जगह वायु सेना के लेफ्टिनेंट जनरल डैन कैन को नया अध्यक्ष नामित किया गया है. कैन एक अनुभवी एफ-16 पायलट हैं. उन्होंने अमेरिकी वायु सेना और नेशनल गार्ड में अपनी सेवाएं दी हैं. अभी वे सीआईए में सैन्य मामलों के एसोसिएट डायरेक्टर के रूप में काम कर रहे थे. अमेरिका में संयुक्त सेना के अध्यक्ष देश के सबसे उच्च पदस्थ सैन्य अधिकारी होते हैं, जो राष्ट्रपति और रक्षा सचिव को राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर सलाह देते हैं. इंडिया इन बहरीन फेस्टिवल के दूसरे संस्करण का आयो‍जन सनाबिस के दाना मॉल में ‘इंडिया इन बहरीन फेस्टिवल’ के दूसरे संस्करण का आयोजन किया गया. इस उत्सव में कला और व्यंजनों के माध्यम से हिंदुस्तान की सांस्कृतिक विविधता को प्रदर्शित किया गया. लुलु हाइपरमार्केट बहरीन और दाना मॉल के सहयोग से हिंदुस्तानीय दूतावास द्वारा यह कार्यक्रम 21 फरवरी को आयोजित हुआ. बहरीन में हिंदुस्तानीय राजदूत विनोद के जैकब ने इस उत्सव का उद्घाटन किया. विश्व कप शॉटगन के लिए 12 सदस्यीय हिंदुस्तानीय टीम की घोषणा इंटरनेशनल शूटिंग स्पोर्ट फेडरेशन-विश्व कप शॉटगन के लिए 12 सदस्यीय हिंदुस्तानीय टीम की घोषणा कर दी गयी है. यह टूर्नामेंट 3 से 12 मई तक साइप्रस के निकोसिया में होगा. ओलंपियन किनान चेनाई और मेराज अहमद खान को टीम में शामिल किया गया है. हिंदुस्तानीय राष्ट्रीय राइफल संघ ने कल कहा है कि चेनाई पुरुषों की ट्रैप टीम का नेतृत्व करेंगे. ओलंपियन राजेश्वरी कुमारी स्त्रीओं की ट्रैप टीम की अगुवाई करेंगी. स्कीट स्पर्धा में मेराज अहमद खान और महेश्वरी चौहान स्पोर्ट्सेंगी. पंकज आडवाणी ने जीता 14वां एशियाई चैंपियनशिप

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Anupama: राही की जिंदगी में विलेन बनेगी उसकी अपनी ही बहन, माही बनेगी दूसरी काव्या, चलेगी खतरनाक चाल

Anupama: सीरियल अनुपमा के आने वाले एपिसोड में दिखाया जाएगा कि राही और प्रेम के हल्दी समारोह में खूब ड्रामा होता है. इस दौरान माही कुछ ऐसा करती है, जिसपर अनु का ध्यान चला जाता है. प्रेम, राही को खोजते हुए आता है और गलती से माही को राही समझ लेता है. वह उसे पीछे से हग कर लेता है. हालांकि माही को पता होता है कि प्रेम उसे राही समझ रहा, लेकिन वह कुछ नहीं कहती. वह अपना चेहरा तौलिए से कवर कर लेती है. इस मौके का फायदा उठाकर वह उसके करीब जाती है. माही जानबूझकर प्रेम के करीब जाएगी सीरियल में दिखाया जाएगा कि प्रेम, राही का चेहरा देखने की उम्मीद में उसे अपनी ओर टर्न करता है. माही एक बार फिर से अपना चेहरा कवर कर लेती है. दोनों बेड पर गिर जाते हैं. प्रेम उसका चेहरा देखने के लिए बेताब होता है और तौलिया हटाता है. तभी अनु वहां से जाती होती है और राही के कमरे में देखती है. वहां उसे लगता है कि प्रेम के साथ राही है. हालांकि प्रेम जैसे ही तौलिया हटाता है, अनु, माही को देखकर चौंक जाती है. अनुपमा को याद आएगा अपना अतीत अनुपमा को वह पल याद आ जाता है जब उसने काव्या को वनराज के साथ ऐसे देखा था और उसकी मैरिड लाइफ बर्बाद हो गई थी. तभी प्रेम, माही को राही समझकर किस करने जाता है और अनु, माही का नाम ले लेती है. प्रेम, माही का नाम सुनकर अपनी आंखें खोलता है. प्रेम, माही को देखकर चौंक जाता है और पीछे हट जाता है. वहीं, हाल ही में शो में दिखाया गया कि राही और प्रेम मंदिर में छिपकर शादी करने जाते हैं. हालांकि दोनों के बीच लड़ाई हो जाती है और वह शादी नहीं करते. 10 Years Box Office Report : 2014-2024 तक गणतंत्र दिवस पर रिलीज हुई फिल्मों का बॉक्स ऑफिस रिपोर्ट The post Anupama: राही की जिंदगी में विलेन बनेगी उसकी अपनी ही बहन, माही बनेगी दूसरी काव्या, चलेगी खतरनाक चाल appeared first on Naya Vichar.

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बिहार में सड़क का जिम्मा अब नितिन नवीन के पास, कृषि मंत्री भी बदले, सीएम नीतीश ने बांटे विभाग

बिहार में मंत्रिमंडल विस्तार करने के बाद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने मंत्रियों के विभागों का बंटवारा कर दिया है. नीतीश कैबिनेट में अब मुख्यमंत्री समेत कुल 36 मंत्री हैं. बुधवार को भाजपा के 7 और विधायकों ने मंत्री पद का शपथ लिया. गुरुवार को जब विभागों का बंटवारा हुआ तो इसमें नये मंत्रियों में विभागों के बंटवारे के अलावे कई मंत्रियों के विभागों में फेरबदल भी दिखा. पथ निर्माण विभाग अब नए हाथ में बिहार के मंत्रियों में विभागों का बंटवारा हो गया है. जिन मंत्रियों के पास अतिरिक्त विभागों का जिम्मा था उनके पास से कुछ विभागों को नए मंत्रियों को सौंपा गया है. वहीं कई विभागों की कमान पुराने मंत्रियों के बीच फेरबदल करके सौंपी गयी है. इनमें पथ निर्माण विभाग को अहम माना जा रहा है. यह विभाग पहले उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा के पास था लेकिन अब उनसे इस विभाग की कमान ले ली गयी है. नितिन नवीन और विजय सिन्हा के विभाग बदलाए पथ निर्माण विभाग की कमान अब मंत्री नितिन नवीन को सौंपी गयी है. डिप्टी सीएम विजय सिन्हा के पास अभी पथ निर्माण के अलावे कला संस्कृति और खनन विभाग है. लेकिन अब पथ निर्माण विभाग मंत्री नितिन नवीन को थमाया गया है. जबकि मंत्री मंगल पांडे के पास से कृषि विभाग लेकर उपमुख्यमंत्री विजय सिन्हा को यह सौंपा गया है. विजय सिन्हा अब कृषि और खनन विभाग देखेंगे. बिहार में सड़क का जिम्मा अब नितिन नवीन के पास, कृषि मंत्री भी बदले, सीएम नीतीश ने बांटे विभाग 2 राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग अब संजय सरावगी के पास मंत्री नितिन नवीन के पास से नगर विकास विभाग की जिम्मेवारी वापस ली गयी है और यह विभाग नये मंत्री बने जीवेश मिश्रा को दिया गया है. नितिन नवीन अब पथ निर्माण विभाग देखेंगे. वहीं भाजपा प्रदेश अध्यक्ष दिलीप जायसवाल के इस्तीफ के बाद राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग नए बने मंत्री संजय सरावगी को दिया गया है. The post बिहार में सड़क का जिम्मा अब नितिन नवीन के पास, कृषि मंत्री भी बदले, सीएम नीतीश ने बांटे विभाग appeared first on Naya Vichar.

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महाकुंभ को लेकर पीएम मोदी ने क्यों मांगी माफी? एक्स पर किया पोस्ट

PM Modi on Mahakumbh: प्रयागराज में 45 दिनों तक चले भव्य महाकुंभ मेले का समापन हो गया. इस अवसर पर एक ब्लॉग लिखा, जिसमें उन्होंने महाकुंभ को ‘एकता का महायज्ञ’ बताया. पीएम मोदी ने महाकुंभ के सफल आयोजन की सराहना करते हुए, आयोजनों में कुछ व्यवस्थाओं में कमी पर अफसोस जताया और जनता से माफी मांगी. उन्होंने ब्लॉग में लिखा, “मैं जानता हूं, इतना विशाल आयोजन आसान नहीं था. मैं प्रार्थना करता हूं मां गंगा से, मां यमुना से, मां सरस्वती से। हे मां हमारी आराधना में कुछ कमी रह गई हो तो क्षमा करिएगा. पीएम मोदी के इस बयान से यह स्पष्ट होता है कि उन्होंने महाकुंभ मेले की व्यवस्थाओं में हर संभव सुधार की कोशिश की, लेकिन इतने बड़े आयोजन में कुछ छोटी-मोटी कमियां हो सकती हैं. इसके साथ ही उन्होंने इस आयोजन के माध्यम से समाज में एकता और भाईचारे की भावना को प्रोत्साहित करने की भी बात की। महाकुंभ मेले की समाप्ति पर पीएम मोदी ने सभी श्रद्धालुओं को आभार व्यक्त किया और इस आयोजन को एकता, समृद्धि और धार्मिक सद्भाव का प्रतीक बताया. देशवासियों के प्रयास के लिए धन्यवाद- पीएम मोदी एकता के महाकुंभ को सफल बनाने के लिए देशवासियों के परिश्रम, उनके प्रयास, उनके संकल्प से अभीभूत मैं द्वादश ज्योतिर्लिंग में से प्रथम ज्योतिर्लिंग, श्री सोमनाथ के दर्शन करने जाऊंगा। मैं श्रद्धा रूपी संकल्प पुष्प को समर्पित करते हुए हर हिंदुस्तानीय के लिए प्रार्थना करूंगा. मैं कामना करूंगा कि देशवासियों में एकता की ये अविरल धारा, ऐसे ही बहती रहे. महाकुंभ संपन्न हुआ…एकता का महायज्ञ संपन्न हुआ। प्रयागराज में एकता के महाकुंभ में पूरे 45 दिनों तक जिस प्रकार 140 करोड़ देशवासियों की आस्था एक साथ, एक समय में इस एक पर्व से आकर जुड़ी, वो अभिभूत करता है! महाकुंभ के पूर्ण होने पर जो विचार मन में आए, उन्हें मैंने कलमबद्ध करने का… pic.twitter.com/TgzdUuzuGI — Narendra Modi (@narendramodi) February 27, 2025 स्टडी का केंद्र बना महाकुंभ- पीएम मोदी प्रयागराज का महाकुंभ आज दुनियाभर के मैनेजमेंट प्रोफेशनल्स के साथ ही प्लानिंग और पॉलिसी एक्सपर्ट्स के लिए भी रिसर्च का विषय बन गया है. आज पूरे विश्व में इस तरह के विराट आयोजन की कोई तुलना ही नहीं है. आज अपनी गौरव के साथ आगे बढ़ रहा है. प्रधानमंत्री मोदी ने काशी को किया याद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में एक महत्वपूर्ण बयान दिया, जिसमें उन्होंने काशी चुनाव के दौरान अपने भावनाओं को याद किया. उन्होंने कहा, “जब मैं काशी चुनाव के लिए गया था, तो मेरे अंतरमन के भाव शब्दों में प्रकट हुए थे और मैंने कहा था- ‘मां गंगा ने मुझे बुलाया है।’ इसमें एक गहरी जिम्मेदारी का अहसास था, खासकर हमारी मां स्वरूपा नदियों की पवित्रता और स्वच्छता को लेकर. “ प्रधानमंत्री ने कहा कि प्रयागराज में गंगा, यमुना और सरस्वती के संगम पर उनका संकल्प और दृढ़ हुआ है. उन्होंने इस अवसर पर यह भी कहा, “गंगा जी, यमुना जी, हमारी नदियों की स्वच्छता हमारी जीवन यात्रा से जुड़ी है।” पीएम मोदी ने यह स्पष्ट किया कि हमारी जिम्मेदारी बनती है कि हम हर नदी को जीवनदायिनी मां के रूप में सम्मान दें और उनकी स्वच्छता को सुनिश्चित करने के लिए कड़ी मेहनत करें. नया विचार की प्रीमियम स्टोरी पढ़ें.. Babu Veer Kunwar Singh: आरा के नायक कुंवर सिंह की निराली थी प्रेम कहानी, जानें कैसे किया अंग्रेजों को पस्त The post महाकुंभ को लेकर पीएम मोदी ने क्यों मांगी माफी? एक्स पर किया पोस्ट appeared first on Naya Vichar.

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