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Author name: Vinod Jha

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चांदीपुरा वायरस: गुजरात में 5 सप्ताह में 25 बच्चों की मौत, जानें इलाज और बचाव के उपाय

गुजरात प्रशासन के आंकड़ों के मुताबिक, इस ताजा प्रकोप में अब तक 39 बच्चों में चांदीपुरा वायरस के संक्रमण की पुष्टि हो चुकी है, जबकि 25 बच्चों की मौत हो चुकी है. हजारों सैंपल फेल, मुख्य वाहक में नहीं मिला वायरस चांदीपुरा वायरस सैंडफ्लाई (रेत मक्खी या बालू मक्खी) के काटने से फैलता है. जो मुख्य रूप से कच्चे/मिट्टी के घरों की दरारों और मवेशियों के आसपास पाई जाती है. 30 जून से शुरू हुए इस प्रकोप के बाद स्वास्थ्य विभाग ने व्यापक स्तर पर जांच अभियान चलाया. रिसर्च करने वालों ने हजारों की संख्या में सैंडफ्लाई के सैंपल इकट्ठे किए. जब उनमें वायरस नहीं मिला, तो जांच का दायरा बढ़ाते हुए मच्छरों और किल्लियों (Ticks) के भी सैंपल लिए गए. लेकिन हैरानी की बात यह है कि सभी टेस्ट की रिपोर्ट नेगेटिव आई है. 2024 में भी चांदीपुरा वायरस ने बरपाया था कहर इससे पहले 2024 में भी चांदीपुरा वायरस का प्रकोप देखने को मिला था. उस दौरान भी 78 संदिग्ध बच्चों में से 28 की मौत हो गई थी, और व्यापक जांच के बावजूद वैज्ञानिक वायरस के मुख्य स्रोत को ढूंढने में नाकाम रहे थे. शोधकर्ताओं के सामने अब सबसे बड़ा सवाल यही बना हुआ है कि जब सभी ज्ञात वाहकों में वायरस मौजूद नहीं है, तो यह मासूम बच्चों तक कैसे पहुंच रहा है और कहां पनप रहा है. फिलहाल राज्य प्रशासन और केंद्रीय स्वास्थ्य टीमों द्वारा निगरानी और शोध का काम तेजी से जारी है. चांदीपुरा वायरस (CHPV) के बारे में जानें वायरस का परिवार: यह रैबडोविराइडे (Rhabdoviridae) परिवार का सदस्य है. प्रभावित क्षेत्र और समय: हिंदुस्तान के पश्चिमी, मध्य और दक्षिणी हिस्सों में विशेष रूप से मानसून के मौसम के दौरान यह एईएस (AES) के मामले और आउटब्रेक पैदा करता है. कैसे फैलता है: यह वायरस मुख्य रूप से सैंडफ्लाई (बालू मक्खी), मच्छरों और किल्लनी (Ticks) जैसे कीटों के काटने से फैलता है. चांदीपुरा वायरस का इलाज क्या है? इस संक्रमण में मृत्यु दर काफी अधिक (56% से 75%) होती है. वर्तमान में इसका कोई सटीक इलाज या वैक्सीन उपलब्ध नहीं है. सही समय पर अस्पताल पहुंचने और सही इंटेन्सिव सपोर्टिव केयर से मरीज की जान बचने की संभावना बढ़ जाती है. चांदीपुरा वायरस से बचाव के उपाय विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार कुछ जरूरी उपाय करने से चांदीपुरा वायरस के संक्रमण से बचा जा सकता है. कीट नियंत्रण : जमा पानी और गंदगी को साफ रखना ताकि मच्छर और सैंडफ्लाई न पनप सकें. काटने से बचाव: मच्छरों, सैंडफ्लाई और किल्लनी के काटने से बचने के लिए पूरी बांह के कपड़े पहनें और रिपेलेंट्स का इस्तेमाल करें. ये भी पढ़ें: क्या आपका शरीर भी दे रहा है वॉर्निंग? इन 6 संकेतों को समझना है बेहद जरूरी The post चांदीपुरा वायरस: गुजरात में 5 सप्ताह में 25 बच्चों की मौत, जानें इलाज और बचाव के उपाय appeared first on Naya Vichar.

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हाजीपुर ठेकेदार हत्याकांड की पूरी कहानी, दो बाइक से पहुंचे थे आरोपी, 10 सेकेंड में मारी 5 गोलियां, तस्वीरों से समझिए पूरा घटनाक्रम

Hajipur Contractor Murder Case : हाजीपुर के दीग्गी इलाके में सुबह 5:12 बजे ठेकेदार रामनरेश राय की गोली मारकर हत्या कर दी गई. दो बाइक पर सवार पांच हमलावरों ने 10 सेकेंड में 5 गोलियां दागी. यह घटनाक्रम तस्वीरों के जरिए बयां किया गया है. The post हाजीपुर ठेकेदार हत्याकांड की पूरी कहानी, दो बाइक से पहुंचे थे आरोपी, 10 सेकेंड में मारी 5 गोलियां, तस्वीरों से समझिए पूरा घटनाक्रम appeared first on Naya Vichar.

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एनआरएस अस्पताल के शौचालय में मिला नर्स का शव, पति ने जतायी गड़बड़ी की आशंका

NRS Hospital Nurse Death Kolkata: कोलकाता के नीलरतन सरयकार (NRS) मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में ऑन-ड्यूटी नर्स रूपाली दास (30) की मौत हो गयी. मृतका के पति राहुल दास ने मौत के कारणों पर संदेह जताते हुए अस्पताल प्रशासन से गुहार लगायी है कि रूपाली के शव का पोस्टमार्टम एनआरएस अस्पताल में न करवाकर किसी अन्य प्रशासनी अस्पताल में कराया जाये. अस्पताल प्रशासन ने कहा है कि परिजन जहां चाहेंगे, पोस्टमार्टम वहीं कराया जायेगा. रूपाली दास (30) बुधवार रात करीब 8 बजे ड्यूटी पर आयी थी. रात करीब 10:30 बजे स्त्री रोग विभाग भवन के प्रसव-पूर्व वार्ड (Ante-natal Ward) के स्टाफ टॉयलेट में गयी. काफी देर तक वापस नहीं लौटी, तो सहकर्मियों ने शौचालय का दरवाजा तोड़ा शौचालय में फर्श पर अचेत अवस्था में पड़ी थी रूपाली दास डॉक्टरों ने जांच के बाद रूपाली दास को मृत घोषित कर दिया रूपाली के शरीर पर चोट का कोई निशान नहीं, एनेस्थेटिक दवा के ओवरडोज की आशंका रूपाली दास के पास से नहीं मिला है कोई सुसाइडल नोट स्वास्थ्य मंत्री और शीर्ष पुलिस अधिकारी पहुंचे एनआरएस गुरुवार दोपहर राज्य के स्वास्थ्य मंत्री शारद्वत मुखर्जी एनआरएस अस्पताल पहुंचे. स्वास्थ्य मंत्री ने अस्पताल प्रशासन, वरिष्ठ डॉक्टरों और बुधवार रात ड्यूटी पर मौजूद अन्य स्वास्थ्यकर्मियों से बात कर पूरी घटना की विस्तृत जानकारी ली. मंत्री के साथ कोलकाता पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों का एक दल भी मौके पर मौजूद था. लालबाजार की होमीसाइड शाखा (Homicide Squad) ने जांच शुरू कर दी है. कोलकाता पुलिस के अतिरिक्त आयुक्त (अपराध) कुणाल अग्रवाल और डीसी (ईस्ट सब-अर्बन) सुविमल पाल ने भी घटनास्थल का दौरा किया. ये भी पढ़ें: कोलकाता में अस्पताल के लिफ्ट में फंसने से एक व्यक्ति की मौत, पांचवीं मंजिल पर भर्ती था बेटा 3 क्राइम सीन किये गये सील, सीसीटीवी फुटेज की जांच अतिरिक्त पुलिस आयुक्त (अपराध) कुणाल अग्रवाल ने बताया कि घटना से जुड़े कुल 3 स्थानों (क्राइम सीन) को सील कर दिया गया है. पुलिस को मौके से एक स्ट्रेचर मिला है. अस्पताल के प्रसव-पूर्व वार्ड (HDU) व आसपास के सभी सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है. फेंटानिल के 3 वायल लेकर शौचालय में गयी थी नर्स अस्पताल और पुलिस सूत्रों ने बताया है कि दमदम की रहने वाली रूपाली की बुधवार रात 8 बजे एनआरएस के स्त्री रोग विभाग के एचडीयू (HDU) में नाइट ड्यूटी शुरू हुई थी. रात करीब 10:20 बजे वह टॉयलेट में गयी. काफी देर तक बाहर न आने पर 10:27 बजे सहकर्मियों ने दरवाजा खटखटाया और कोई जवाब न मिलने पर दरवाजा तोड़ दिया. वह अंदर अचेत पड़ी थी. डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया. ये भी पढ़ें: आरजी कर अस्पताल की लिफ्ट में मौत पर बवाल, शुभेंदु अधिकारी का ममता बनर्जी प्रशासन पर वार एनेस्थीसिया का ओवरडोज लेने की आशंका अस्पताल सूत्रों का कहना है कि ड्यूटी पर आने के बाद रूपाली अपने साथ फेंटानिल (Fentanyl) की 3 वायल लेकर टॉयलेट में गयी थी. यह दवा मरीजों को बेहोश करने या नींद के लिए इस्तेमाल की जाती है. डॉक्टरों का अनुमान है कि यह दवा उसकी कोहनी की नस में इंजेक्ट की गयी थी. हालांकि, उसने फेंटानिल की 3 वायल खुद ली या मामला कुछ और है, इसका पता नहीं चल पाया है. मृतका के पास से उसका मोबाइल बरामद हुआ है, जिसे फॉरेंसिक जांच के लिए भेज दिया गया है. पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है. विसरा रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के सटीक कारणों का पता चल सकेगा. The post एनआरएस अस्पताल के शौचालय में मिला नर्स का शव, पति ने जतायी गड़बड़ी की आशंका appeared first on Naya Vichar.

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पारसनाथ पहाड़ पर निर्माण वैध है या अवैध? जांच करेगा प्रशासन, हाइकोर्ट ने दिया निर्देश

Jharkhand High Court: जैन धर्म के प्रसिद्ध तीर्थस्थल पारसनाथ पहाड़ और इसके आसपास के क्षेत्र को संरक्षित करने को लेकर दायर जनहित याचिका पर गुरुवार को झारखंड हाईकोर्ट में सुनवाई हुई. चीफ जस्टिस एमएस सोनक और जस्टिस राजेश शंकर की खंडपीठ ने ज्योत संस्था की ओर से दायर जनहित याचिका पर सुनवाई के दौरान सभी पक्षों को सुना. अदालत ने पारसनाथ पहाड़ और आसपास के इलाके में किये जा रहे निर्माण कार्यों को लेकर गिरिडीह के उपायुक्त को महत्वपूर्ण निर्देश दिया है. निर्माण की वैधता जांचने का निर्देश खंडपीठ ने गिरिडीह के उपायुक्त को पारसनाथ पहाड़ और आसपास के क्षेत्र का स्थल निरीक्षण करने का निर्देश दिया. अदालत ने कहा कि निरीक्षण के दौरान यह स्पष्ट किया जाये कि संबंधित निर्माण कार्य वैध हैं या अवैध. उपायुक्त को निरीक्षण के बाद विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर 3 सितंबर तक हाइकोर्ट में जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया गया है. जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की रिपोर्ट में स्पष्टता नहीं सुनवाई के दौरान अदालत के समक्ष बताया गया कि पारसनाथ पहाड़ पर किये गये निर्माण कार्यों को लेकर गिरिडीह जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से पहले ही रिपोर्ट दाखिल की जा चुकी है. हालांकि, खंडपीठ ने पाया कि रिपोर्ट में निर्माण कार्यों की वैधता को लेकर स्पष्ट स्थिति सामने नहीं आती है. अदालत ने कहा कि रिपोर्ट में यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि पहाड़ और आसपास के इलाके में किये गये निर्माण संबंधित नियमों और प्रावधानों के अनुरूप हैं या नहीं. केवल निर्माण का उल्लेख कर देना पर्याप्त नहीं है. निर्माण वैध है या अवैध, इसकी स्पष्ट जानकारी आवश्यक है. इसी वजह से कोर्ट ने अब गिरिडीह के उपायुक्त को स्वयं स्थल निरीक्षण कर वस्तुस्थिति की जांच करने का निर्देश दिया है. स्थल निरीक्षण के बाद देनी होगी विस्तृत रिपोर्ट हाईकोर्ट के निर्देश के अनुसार गिरिडीह उपायुक्त को पारसनाथ पहाड़ और आसपास के क्षेत्र में जाकर निर्माण कार्यों का निरीक्षण करना होगा. निरीक्षण के दौरान निर्माण की स्थिति के साथ-साथ उसकी वैधानिकता की भी जांच करनी होगी. उपायुक्त को यह भी स्पष्ट करना होगा कि संबंधित निर्माण कार्यों के लिए आवश्यक अनुमति और स्वीकृति प्राप्त की गयी है या नहीं. इसके बाद प्रशासन को अपनी रिपोर्ट अदालत में दाखिल करनी होगी. रिपोर्ट के आधार पर हाइकोर्ट आगे इस मामले में आवश्यक दिशा-निर्देश जारी कर सकता है. पारसनाथ की धार्मिक और पर्यावरणीय महत्ता पारसनाथ पहाड़ जैन धर्म के प्रमुख तीर्थस्थलों में शामिल है और देश-विदेश से बड़ी संख्या में श्रद्धालु यहां पहुंचते हैं. धार्मिक महत्व के साथ यह क्षेत्र प्राकृतिक और पर्यावरणीय दृष्टि से भी महत्वपूर्ण माना जाता है. ऐसे में पहाड़ और उसके आसपास अनियंत्रित या नियमों के विपरीत निर्माण को लेकर समय-समय पर सवाल उठते रहे हैं. जनहित याचिका के माध्यम से पारसनाथ पहाड़ के संरक्षण और क्षेत्र में होने वाले निर्माण कार्यों को लेकर अदालत का ध्यान आकृष्ट कराया गया है. अब हाइकोर्ट के निर्देश के बाद प्रशासनिक स्तर पर स्थल निरीक्षण और निर्माण की वैधता की जांच की जायेगी. इसे भी पढ़ें: जगन्नाथपुर मंदिर न्यास समिति विवाद में हाईकोर्ट का फैसला: बोर्ड की योजना के अध्ययन के लिए बनाई समिति 10 सितंबर को होगी अगली सुनवाई अदालत ने गिरिडीह उपायुक्त को निर्धारित समय सीमा के भीतर रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिया है. मामले की अगली सुनवाई 10 सितंबर को होगी. उस दिन अदालत के समक्ष उपायुक्त की रिपोर्ट रखी जायेगी, जिसके आधार पर पारसनाथ पहाड़ और आसपास के क्षेत्र में निर्माण को लेकर आगे की कार्रवाई पर निर्णय लिया जा सकता है. फिलहाल, हाइकोर्ट का निर्देश इस बात पर केंद्रित है कि पारसनाथ पहाड़ जैसे संवेदनशील धार्मिक स्थल पर किये गये निर्माण की वास्तविक स्थिति और उसकी वैधता स्पष्ट रूप से सामने आये. यानी कागजी रिपोर्ट से काम नहीं चलेगा, इस बार कोर्ट ने प्रशासन को मौके पर जाकर हकीकत देखने को कहा है. इसे भी पढ़ें: रांची के मधुकम वाले महादेव उरांव को सुप्रीम कोर्ट से भी लगा करारा झटका, आदिवासी जमीन मामले में एसएलपी खारिज The post पारसनाथ पहाड़ पर निर्माण वैध है या अवैध? जांच करेगा प्रशासन, हाइकोर्ट ने दिया निर्देश appeared first on Naya Vichar.

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80 से ज्यादा एनकाउंटर, STF-ATS के संस्थापक सदस्य कौन हैं पूर्व IPS राजेश पांडेय, जो राम मंदिर ट्रस्ट के CEO की रेस में आगे?

Ayodhya Ram Mandir : अयोध्या में श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के CEO पद को लेकर नियुक्ति प्रक्रिया शुरू हो गई है. मंगलवार और बुधवार को उम्मीदवारों के इंटरव्यू हुए, जिसमें तीन लोगों का नाम शॉर्टलिस्ट किया गया है. इस पद के दावेदारों में उत्तर प्रदेश के पूर्व IPS अधिकारी राजेश पांडेय का नाम भी शामिल है. राजेश पांडेय का पुलिस करियर काफी चर्चित रहा है. उन्हें एनकाउंटर स्पेशलिस्ट के तौर पर जाना जाता है. पुलिस सेवा के दौरान उन्होंने 80 से ज्यादा एनकाउंटर किए. वह यूपी पुलिस की खास यूनिट STF और ATS के संस्थापक सदस्य अधिकारियों में भी रहे हैं. 32 साल तक यूपी पुलिस में दी सेवा राजेश पांडेय उत्तर प्रदेश कैडर के 2003 बैच के IPS अधिकारी रहे हैं. वह प्रमोशन के जरिए IPS बने थे. इससे पहले वर्ष 1986 में उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग के जरिए उनका चयन PPS अधिकारी के रूप में हुआ था. 21 फरवरी 1989 को उन्हें यूपी पुलिस में DSP के पद पर तैनाती मिली. प्रदेश के अलग-अलग स्थानों पर जिम्मेदारी संभालने के बाद वर्ष 2003 में वह IPS बने. राजेश पांडेय बरेली रेंज के IG भी रहे. करीब 32 साल की पुलिस सेवा के बाद 30 जून 2021 को वह IG-इलेक्शन सेल के पद से रिटायर हुए. लखनऊ, अलीगढ़ और मेरठ में 80 से ज्यादा एनकाउंटर राजेश पांडेय की पहचान एनकाउंटर स्पेशलिस्ट के रूप में रही है. लखनऊ, अलीगढ़ और मेरठ में SSP रहते हुए उन्होंने 80 से ज्यादा एनकाउंटर किए.वह उत्तर प्रदेश स्पेशल टास्क फोर्स (STF) और एंटी-टेररिस्ट स्क्वाड (ATS) के संस्थापक सदस्य अधिकारियों में भी रहे. आतंकवाद और संगठित अपराध के खिलाफ अभियानों में उन्हें लंबा अनुभव रहा है. मोबाइल फोन के इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस में भी उन्हें विशेषज्ञता हासिल रही है. श्रीप्रकाश शुक्ला के खिलाफ अभियान रहा चर्चित राजेश पांडेय के पुलिस करियर में कुख्यात गैंगस्टर श्रीप्रकाश शुक्ला के खिलाफ चलाया गया अभियान खास तौर पर चर्चित रहा.श्रीप्रकाश शुक्ला पर बिहार के मंत्री बृज बिहारी प्रसाद और पूर्वी उत्तर प्रदेश के माफिया वीरेंद्र कुमार शाही समेत कई लोगों की हत्या में शामिल होने के आरोप थे. उस पर तत्कालीन मुख्यमंत्री कल्याण सिंह की हत्या की साजिश रचने का भी आरोप था.राजेश पांडेय ने यूपी में संगठित अपराध और आतंकवाद के खिलाफ कई अहम अभियानों में भूमिका निभाई. चार बार राष्ट्रपति के वीरता पदक से सम्मानित पुलिस सेवा के दौरान राजेश पांडेय को चार बार राष्ट्रपति के वीरता पदक से सम्मानित किया गया.वर्ष 2005 में उन्हें सराहनीय सेवा के लिए राष्ट्रपति का IPS पदक मिला. वर्ष 2008 में कोसोवो में शांति स्थापना मिशन के लिए संयुक्त राष्ट्र पदक से सम्मानित किया गया. वर्ष 2018 और 2020 में उन्हें यूपी DGP की सिल्वर कमेंडेशन डिस्क मिली. वर्ष 2021 में उन्हें यूपी DGP की प्लेटिनम डिस्क से सम्मानित किया गया. रिटायरमेंट के बाद UPEIDA से जुड़े रिटायरमेंट के बाद उत्तर प्रदेश प्रशासन ने राजेश पांडेय को उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवे इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट अथॉरिटी (UPEIDA) और पूर्वांचल एक्सप्रेसवे का नोडल सुरक्षा अधिकारी नियुक्त किया. वर्ष 2023 में उन्होंने पत्रकार और मीडिया-स्टडीज के प्रोफेसर राकेश गोस्वामी के साथ मिलकर अपनी पहली किताब ‘ऑपरेशन बाजूका’ लिखी. यूट्यूब पर सुनाते हैं पुलिस ऑपरेशन की कहानियां पुलिस सेवा से रिटायर होने के बाद राजेश पांडेय अपने अनुभवों को लोगों तक पहुंचा रहे हैं. वह यूट्यूब के जरिए पुलिस अभियानों और अपने अनुभवों से जुड़ी कहानियां भी साझा करते हैं. अब श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के CEO पद के उम्मीदवार के रूप में उनका नाम सामने आया है. ऐसे में उनके लंबे पुलिस करियर और प्रशासनिक अनुभव की भी चर्चा हो रही है. Must Read : यूपी के 14 बीघा प्रशासनी जमीन से हटाया गया अवैध कब्जा, अब यहां संवरेगा संभल के बेरोजगारों का भविष्य The post 80 से ज्यादा एनकाउंटर, STF-ATS के संस्थापक सदस्य कौन हैं पूर्व IPS राजेश पांडेय, जो राम मंदिर ट्रस्ट के CEO की रेस में आगे? appeared first on Naya Vichar.

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रविशंकर प्रसाद का राहुल गांधी पर हमला, कहा- LOP के अहंकार और मनमानी की भेंट चढ़ गया मानसून सत्र

रविशंकर प्रसाद ने राहुल गांधी के विरोध-प्रदर्शन के तरीके पर सवाल उठाते हुए कहा, “राहुल गांधी अपनी बहन के साथ बिना किसी पूर्व अनुमति के प्रधानमंत्री आवास के गेट पर धरने पर बैठ गए. उनके पिता, दादी और परदादा देश के प्रधानमंत्री रह चुके हैं, ऐसे में उन्हें भली-भांति पता होना चाहिए कि प्रधानमंत्री आवास की क्या गरिमा और महत्व होता है.” क्या राहुल गांधी को शासन-प्रशासन की बुनियादी समझ नहीं है? : रविशंकर प्रसाद रविशंकर प्रसाद ने राहुल गांधी पर हमला करते हुए आगे कहा, “NEET पर एक बड़ा कानून आया और सदन में सिर्फ उसी पर बहस हुई. राहुल गांधी ने धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की. वे बार-बार कहते रहे कि पुलिस की कार्रवाई पर गृह मंत्री को जवाब देना चाहिए. क्या राहुल गांधी को शासन-प्रशासन की बुनियादी समझ नहीं है? क्या कभी गृह मंत्री के आदेश पर गोली चलाई जाती है? वहां पुलिस अधिकारी होते हैं; उनसे सलाह-मशविरा करने के बाद ही कार्रवाई की जाती है.” लोकतंत्र में भरोसा रखने वाले लोग कांग्रेस और विपक्ष को कभी माफ नहीं करेंगे : बीजेपी बीजेपी नेता सैयद शाहनवाज हुसैन ने कहा, “कांग्रेस ने संसद के इतिहास पर एक काला धब्बा लगाया है. पूरा सत्र हंगामे की भेंट चढ़ गया. कांग्रेस और विपक्ष ने जिस तरह की हरकतें की हैं, उन्हें लोकतंत्र में भरोसा रखने वाले लोग कभी माफ नहीं करेंगे. कांग्रेस ने जिस तरह एक के बाद एक शर्तें रखीं और विपक्ष के नेता के तौर पर राहुल गांधी ने पूरे विपक्ष को गुमराह किया, उन्होंने संसद को काम नहीं करने दिया.” लोकसभा अनिश्चिकाल के लिए स्थगित लोकसभा की कार्यवाही अनिश्चिकाल के लिए स्थगित कर दी गई. मॉनसून सत्र में निचले सदन में केवल 19 प्रतिशत ही काम हो पाए. वहीं इस बार एक भी दिन प्रश्नकाल और शून्यकाल नहीं चल सके. अयोध्या के राम मंदिर में कथित चढ़ावा चोरी के मुद्दे पर चर्चा और दिल्ली में प्रदर्शनकारी छात्रों पर पुलिस कार्रवाई को लेकर गृह मंत्री अमित शाह के बयान की मांग को लेकर विपक्षी दलों के सदस्यों के हंगामे और नारेबाजी के कारण लोकसभा में लगातार गतिरोध बना रहा. इसे दूर करने के लिए विपक्ष एवं सत्ता पक्ष के बीच सहमति नहीं बन पाई. मानसून सत्र के दौरान केवल 28 और 29 जुलाई के दौरान सदन में सामान्य माहौल देखने को मिला जब लोक परीक्षा (अनुचित साधन निवारण) संशोधन विधेयक, 2026’ पर लगभग दस घंटे तक चर्चा हुई. ये भी पढ़ें: लोकसभा में हुआ 19% काम, लेकिन यह सबसे खराब प्रदर्शन नहीं; 2010 में सिर्फ 5% चली थी कार्यवाही The post रविशंकर प्रसाद का राहुल गांधी पर हमला, कहा- LOP के अहंकार और मनमानी की भेंट चढ़ गया मानसून सत्र appeared first on Naya Vichar.

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DU और JNU एडमिशन 2026 लेटेस्ट कटऑफ अपडेट, इन बातों का रखें ध्यान

DU JNU Admission 2026: दिल्ली यूनिवर्सिटी और जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी में एडमिशन अब CUET स्कोर के आधार पर होता है. इससे देशभर के स्टूडेंट्स को बराबर मौका मिलता है. आइए जानते हैं इस यहां एडमिशन के लिए किन बातों का ध्यान रखना जरूरी होता है. JNU में कटऑफ जारी जेएनयू ने इस साल अगस्त महीने में अपनी पहली कटऑफ लिस्ट जारी कर दी है. यूजी कोर्सेज के लिए फर्स्ट मेरिट लिस्ट के साथ ही प्री-एनरोलमेंट रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया भी शुरू हो चुकी है. जिन स्टूडेंट्स ने CUET में अच्छा स्कोर किया है, वे जेएनयू की ऑफिशियल वेबसाइट पर जाकर अपना नाम मेरिट लिस्ट में चेक कर सकते हैं. फॉरेन लैंग्वेज कोर्सेज जैसे अरबी, फ्रेंच, कोरियन और स्पैनिश में हर साल कटऑफ को लेकर स्टूडेंट्स में खासा उत्साह रहता है. फिजिकल वेरिफिकेशन की तारीखें अहम सिर्फ मेरिट लिस्ट में नाम आना ही काफी नहीं है, एडमिशन पक्का करने के लिए फिजिकल डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन भी जरूरी है. यूजी और सर्टिफिकेट प्रोग्राम के स्टूडेंट्स के लिए वेरिफिकेशन प्रक्रिया अगस्त के तीसरे हफ्ते में तय की गई है. स्टूडेंट्स को सलाह दी जाती है कि वे अपने सभी ओरिजिनल डॉक्यूमेंट्स और फोटोकॉपी पहले से तैयार रखें ताकि आखिरी वक्त में कोई परेशानी न हो. ये भी पढ़ें: जंतर-मंतर से दूर रहें… JNU स्टूडेंट्स के लिए एडवाइजरी जारी DU में भी काउंसलिंग जारी दिल्ली यूनिवर्सिटी में भी CUET स्कोर के आधार पर ही एडमिशन प्रक्रिया चल रही है. कॉमन सीट एलोकेशन सिस्टम (CSAS) के जरिए स्टूडेंट्स अपनी पसंद के कॉलेज और कोर्स के लिए च्वॉइस भर सकते हैं. हर राउंड के बाद सीट एलॉटमेंट रिजल्ट जारी होता है, जिसके बाद स्टूडेंट्स को तय समय में फीस जमा करनी होती है, वरना सीट रद्द हो सकती है. DU CSAS Round 2 Counselling Details Check Here किन बातों का रखें ध्यान? एडमिशन के दौरान स्टूडेंट्स को सबसे ज्यादा गलती डॉक्यूमेंट को लेकर होती है. मार्कशीट, माइग्रेशन सर्टिफिकेट, कैटेगरी सर्टिफिकेट और आधार कार्ड जैसे दस्तावेज समय पर तैयार रखना जरूरी है. फीस जमा करने की डेडलाइन मिस करना सबसे बड़ी गलती मानी जाती है, इससे सीट हाथ से निकल सकती है. काउंसलिंग में देरी न करें बहुत से स्टूडेंट्स कटऑफ कम होने के इंतजार में काउंसलिंग की डेट मिस कर देते हैं. एक्सपर्ट्स की सलाह है कि जो भी सीट मिल रही है उसे पहले लॉक कर लें, बाद में अपग्रेडेशन का ऑप्शन हमेशा खुला रहता है. इससे स्टूडेंट्स को एक बैकअप सीट मिल जाती है और साल बर्बाद होने का डर नहीं रहता. आगे क्या करें? जिन स्टूडेंट्स का नाम पहली कटऑफ लिस्ट में नहीं है, उन्हें निराश होने की जरूरत नहीं है. दोनों यूनिवर्सिटी कई राउंड की काउंसलिंग कराती हैं और सीटें खाली रहने पर कटऑफ अगले राउंड में और नीचे जाती है. स्टूडेंट्स को नियमित रूप से ऑफिशियल वेबसाइट चेक करते रहना चाहिए ताकि कोई अपडेट मिस न हो. ये भी पढ़ें: BIHAR STET को लेकर आई खुशसमाचारी, इस दिन से शुरू होंगे ऑनलाइन आवेदन The post DU और JNU एडमिशन 2026 लेटेस्ट कटऑफ अपडेट, इन बातों का रखें ध्यान appeared first on Naya Vichar.

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स्टार्क बने सबसे ज्यादा टेस्ट विकेट लेने वाले बाएं हाथ के गेंदबाज, बांग्लादेश के खिलाफ बनाया रिकॉर्ड

Mitchell Starc: डार्विन टेस्ट के पहले दिन क्रिकेट के हिस्ट्री में कई बड़े रिकॉर्ड बने. ऑस्ट्रेलिया के तेज गेंदबाज मिचेल स्टार्क ने टेस्ट क्रिकेट में नया मुकाम हासिल किया. बांग्लादेश के खिलाफ उन्होंने इस्लाम का विकेट लेकर टेस्ट क्रिकेट में सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाज बन गए है. उन्होंने ये उपलब्धि मात्र 106वें टेस्ट मैच में हासिल की है. ज्यादा टेस्ट विकेट लेने वाले गेंदबाज मिचेल स्टार्क ने बांग्लादेश के खिलाफ टेस्ट के पहले दिन शादमान इस्लाम को आउट करते ही टेस्ट क्रिकेट में नया रिकॉर्ड बना दिया. स्टार्क के नाम अब टेस्ट क्रिकेट में 434 विकेट हो गए हैं. इसके साथ ही उन्होंने श्रीलंका के दिग्गज स्पिनर रंगना हेराथ को पीछे छोड़ दिया. हेराथ ने अपने टेस्ट करियर में 433 विकेट लिए थे. अब स्टार्क टेस्ट क्रिकेट में सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले बाएं हाथ के गेंदबाज बन गए हैं. यह उपलब्धि उनके शानदार टेस्ट करियर में एक और बड़ी उपलब्धि है. ऑस्ट्रेलिया 198 रन पर ढेर टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी ऑस्ट्रेलियाई टीम की शुरुआत ठीक रही. ट्रेविस हेड और जेक वेदराल्ड ने पहले विकेट के लिए 45 रन जोड़े. हेड ने 22 और वेदराल्ड ने 23 रन बनाए. हालांकि, इसके बाद ऑस्ट्रेलियाई पारी लड़खड़ा गई और टीम 74 रन तक अपने चार विकेट गंवा चुकी थी. स्टीव स्मिथ ने 109 गेंदों पर 71 रन की जुझारू पारी स्पोर्ट्सी. उनकी पारी में सात चौके और एक छक्का शामिल रहा, लेकिन दूसरे छोर से उन्हें पर्याप्त सहयोग नहीं मिला. Also Read: श्रीलंका में सहवाग ने ऐसे उड़ाई थी अजंता मेंडिस की धज्जियां, जड़ा था नाबाद डबल सेंचुरी हसन महमूद ने बनाया रिकॉर्ड बांग्लादेश की घातक गेंदबाजी के सामने ऑस्ट्रेलिया की पूरी टीम 198 रन पर ऑलआउट हो गई. यह बांग्लादेश के खिलाफ टेस्ट में ऑस्ट्रेलिया का सबसे कम स्कोर है. इससे पहले उसका न्यूनतम स्कोर 2017 में मीरपुर टेस्ट में 217 रन था. बांग्लादेश के तेज गेंदबाज हसन महमूद ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ अपने करियर का यादगार प्रदर्शन किया. हसन ने 17 ओवर में कुल 6 विकेट चटकाए. हसन महमूद के टेस्ट करियर में अब तीन पांच विकेट हॉल हो चुके हैं. तस्कीन ने पूरे किए 300 अंतरराष्ट्रीय विकेट बांग्लादेश के एक और तेज गेंदबाज तस्कीन अहमद ने भी पहले दिन बड़ी उपलब्धि हासिल की. उन्होंने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में अपने 300 विकेट पूरे कर लिए. तस्कीन ने 204 मैचों में यह उपलब्धि हासिल की है. उनके नाम 13 बार चार विकेट, तीन बार पांच विकेट और कुल 300 अंतरराष्ट्रीय विकेट दर्ज हैं. बांग्लादेश के लिए अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाजों की सूची में तस्कीन अब छठे स्थान पर हैं. उनसे आगे शाकिब अल हसन (712), मशरफे मुर्तजा (389), मुस्ताफिजुर रहमान (384), मेहदी हसन मिराज (369) और ताइजुल इस्लाम (302) हैं. Also Read: पिता के निधन पर टूटे मेसी, इंस्टाग्राम पर लिखा भावुक संदेश, रोनाल्डो ने बढ़ाया हौसला The post स्टार्क बने सबसे ज्यादा टेस्ट विकेट लेने वाले बाएं हाथ के गेंदबाज, बांग्लादेश के खिलाफ बनाया रिकॉर्ड appeared first on Naya Vichar.

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सम्राट चौधरी का ऐलान, भरत तिवारी के परिवार के एक सदस्य को मिलेगी सरकारी नौकरी और आर्थिक मदद

Bharat Tiwari Encounter Case: भरत तिवारी एनकाउंटर मामले में गठित जांच आयोग ने अपनी अंतरिम (इंटरिम) रिपोर्ट सौंप दी है. रिपोर्ट सामने आने के बाद बिहार की सम्राट प्रशासन ने पीड़ित परिवार के हित में बड़ा फैसला लिया है. बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने X पर लिखा, “न्यायिक जांच के अंतरिम रिपोर्ट के आधार पर बिहार प्रशासन द्वारा दिवंगत भरत तिवारी के परिवार को आर्थिक सहायता एवं एक परिजन को प्रशासनी नौकरी प्रदान की जाएगी.” क्या है मामला बिहार के भोजपुर जिले के बिलौटी गांव में 17 जून 2026 को भरत भूषण तिवारी की पुलिस कार्रवाई में मौत हुई थी. पुलिस का कहना था कि भरत ने पुलिस टीम पर अवैध हथियार से हमला किया. इसके बाद आत्मरक्षा में गोली चलाई गई. परिवार और कुछ ग्रामीणों ने इस कहानी पर सवाल उठाए और इसे कथित फर्जी एनकाउंटर बताया था. 24 जुलाई को भरत के परिजन से मिले थे सीएम सम्राट भरत तिवारी एनकाउंटर मामले को लेकर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने 24 जुलाई को उनके परिवार से मुलाकात की थी. इस दौरान मुख्यमंत्री ने परिजनों की बात सुनी और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने का भरोसा दिया था. सीएम ने इस मुलाकात की जानकारी अपने आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट पर भी दी थी. उन्होंने कहा था कि प्रशासन इस संवेदनशील मामले में पीड़ित परिवार के साथ मजबूती से खड़ी है. परिवार को न्याय दिलाने के लिए प्रशासन की ओर से हर जरूरी कदम उठाया जाएगा. मुख्यमंत्री से भरत तिवारी की मां आशा देवी, बहन रूबी तिवारी और भाभी सुमन देवी ने मुलाकात की थी. परिजनों ने इस दौरान घटना के बाद अपनी परेशानी और मामले से जुड़े आरोप मुख्यमंत्री के सामने रखे. सम्राट चौधरी ने परिवार को भरोसा दिलाया था कि पूरे मामले की जांच निष्पक्ष तरीके से होगी. उन्होंने यह भी कहा कि जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी. भरत तिवारी के परिजन के साथ सीएम सम्राट चौधरी बिहार की ताजा समाचारों के लिए क्लिक करें इस मामले में अब तक एक STF जवान को किया गया गिरफ्तार भरत तिवारी एनकाउंटर केस में अब तक पुलिस ने सिर्फ एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है. भोजपुर पुलिस ने इस कार्रवाई में शामिल STF जवान अक्षय कुमार को गिरफ्तार किया है. इस मामले में तत्कालीन SHO राजेश मालाकार पर भी कार्रवाई हुई है. उन्हें सस्पेंड किया जा चुका है. राजेश शर्मा को बाद में पटना में मद्य निषेध विभाग में डीएसपी की जिम्मेदारी दी गई थी. भरत तिवारी के परिवार की मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से मुलाकात के बाद उन्हें फिर से लाइन क्लोज कर दिया गया. इसके अलावा जगदीशपुर के तत्कालीन एसडीएम संजीत कुमार पर भी प्रशासनिक कार्रवाई हुई. उन्हें पद से हटाकर पटना मुख्यालय से अटैच कर दिया गया. इस तरह मामले में अब तक एक गिरफ्तारी हुई है, जबकि पुलिस और प्रशासन के कई अधिकारियों पर अलग-अलग स्तर पर कार्रवाई की जा चुकी है. इसे भी पढ़ें: गांव में रह गए मां-बाप, खेत और घर… रोजगार की तलाश में क्यों निकल रहे बिहार के युवा? 2030 में फिर बांकीपुर से चुनाव लड़कर दिखाएं , प्रशांत किशोर को BJP की चुनौती The post सम्राट चौधरी का ऐलान, भरत तिवारी के परिवार के एक सदस्य को मिलेगी प्रशासनी नौकरी और आर्थिक मदद appeared first on Naya Vichar.

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पंजाब के पूर्व डिप्टी CM सुखबीर सिंह बादल पर हमला, अस्पताल में भर्ती

पंजाब के पूर्व डिप्टी CM सुखबीर सिंह बादल पर महाराष्ट्र के नांदेड़ में गुरुद्वारे में हमला हुआ. उन्हें अस्पताल ले जाया गया है, जहां उनका इलाज चल रहा है. यह जानकारी न्यूज एजेंसी पीटीआई ने अधिकारियों के हवाले से दी है. जानकारी के अनुसार गुरुद्वारे के अंदर एक निहंग (सिख धर्म के योद्धा) ने उनपर हमला कर दिया, जिसके बाद उन्हें अस्पताल ले जाया गया. उनके हाथ में गंभीर चोटें आई हैं. निहंग ने कृपाण से किया हमला समाचार है कि गुरुद्वारा नांदेड़ साहिब में निहंग ने उन पर कृपाण से हमला किया. बादल बुधवार को अपने परिवार और करीबी लोगों के साथ नांदेड़ के तीन दिन के दौरे पर गुरुद्वारे पहुंचे थे. वह अपनी पत्नी हरसिमरत कौर बादल के साथ गुरुद्वारे के अंदर थे, उसी वक्त उनपर हमला हुआ. The post पंजाब के पूर्व डिप्टी CM सुखबीर सिंह बादल पर हमला, अस्पताल में भर्ती appeared first on Naya Vichar.

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