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Author name: Vinod Jha

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ट्रेड डील पर आक्रामक हुए राहुल गांधी, पीएम मोदी से पूछे 5 तीखे सवाल

Table of Contents राहुल गांधी ने पीएम मोदी से पूछे पांच सवाल राहुल गांधी ने 18% टैरिफ बनाम 0% को समझाया Rahul Gandhi On Trade Deal: कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने केंद्र प्रशासन पर यूएस ट्रेड डील के जरिये सरेंडर करने का आरोप लगाया. और कहा- यह मुद्दा देश के भविष्य से जुड़ा है. लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष ने एक्स पर लिखा, अमेरिका से व्यापार समझौते के नाम पर हम हिंदुस्तान के किसानों के साथ विश्वासघात होते हुए देख रहे हैं. राहुल गांधी ने पीएम मोदी से पूछे पांच सवाल DDG import करने का वास्तव में क्या मतलब है? क्या इसका मतलब यह है कि हिंदुस्तानीय मवेशियों को GM अमेरिकी मक्का से बने distillers grain खिलाए जाएंगे? क्या इससे हमारे दूध उत्पाद प्रभावी रूप से अमेरिकी कृषि उद्योग पर निर्भर नहीं हो जाएंगे? अगर हम GM सोया तेल के आयात की अनुमति देते हैं, तो मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, राजस्थान और देशभर के हमारे सोया किसानों का क्या होगा? वे एक और कीमतों का झटका कैसे झेल पाएंगे? जब आप additional products कहते हैं, तो उसमें क्या-क्या शामिल है? क्या यह समय के साथ दाल और अन्य फसलों को अमेरिकी आयात के लिए खोलने के दबाव का संकेत है? Non-trade barriers हटाने का क्या मतलब है? क्या भविष्य में हिंदुस्तान पर GM फसलों पर अपने रुख को ढीला करने, procurement को कमजोर करने या MSP और bonuses को कम करने का दबाव डाला जाएगा? एक बार यह दरवाजा खुल गया, तो हर साल इसे और ज्यादा खुलने से हम कैसे रोकेंगे? क्या इसकी रोकथाम होगी, या हर बार सौदे में धीरे-धीरे और भी फसलों को मेज पर रख दिया जाएगा? US trade deal के नाम पर हम हिंदुस्तान के किसानों के साथ विश्वासघात होते हुए देख रहे हैं। मैं प्रधानमंत्री से कुछ आसान सवाल पूछना चाहता हूं: 1. DDG import करने का वास्तव में क्या मतलब है? क्या इसका मतलब यह है कि हिंदुस्तानीय मवेशियों को GM अमेरिकी मक्का से बने distillers grain खिलाए जाएंगे?… — Rahul Gandhi (@RahulGandhi) February 15, 2026 राहुल गांधी ने 18% टैरिफ बनाम 0% को समझाया राहुल गांधी ने ट्रेड डील को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर हमला करते हुए लगातार ट्वीट कर रहे हैं. उन्होंने 18 प्रतिशत बनाम 0 प्रतिशत टैरिफ को समझाया. राहुल गांधी ने एक्स पर लिखा. 18% टैरिफ बनाम 0% – आइए समझाता हूं, कैसे झूठ बोलने में माहिर प्रधानमंत्री और उनकी कैबिनेट इसपर भ्रम फैला रहे हैं. और, किस तरह से वो हिंदुस्तान-अमेरिका व्यापार समझौते से देश के कपास किसानों और टेक्सटाइल एक्सपोर्टर्स को धोखा दे रहे हैं. बांग्लादेश को अमेरिका में गारमेंट्स निर्यात पर 0% टैरिफ का फायदा दिया जा रहा है – शर्त बस इतनी है कि वो अमेरिकी कपास आयात करें. हिंदुस्तान के गारमेंट्स पर 18% टैरिफ की घोषणा के बाद जब मैंने संसद में बांग्लादेश को मिल रही खास रियायत पर सवाल उठाया, तब मोदी प्रशासन के मंत्री का जवाब आया – अगर यही फायदा हमें भी चाहिए, तो अमेरिका से कपास मंगवानी होगी. ये भी पढ़ें: ‘PM Modi ने देश को बेच दिया’, राहुल गांधी ने वीडियो जारी कर फिर बोला हमला मोदी प्रशासन के दो मंत्रियों का दावा- झूठे हैं राहुल गांधी, ये रहे सबूत ‘एयर इंडिया ने पीएम मोदी का टिकट किया कैंसिल’, खेड़ा बोले- कांग्रेस ने मणिपुर के लिए कराया था बुक The post ट्रेड डील पर आक्रामक हुए राहुल गांधी, पीएम मोदी से पूछे 5 तीखे सवाल appeared first on Naya Vichar.

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शंभू हॉस्टल केस में सीबीआई का एक्शन, छात्रा का सामान और भाई का मोबाइल जब्त

Patna NEET Student Death Case: पटना के शंभू गर्ल्स हॉस्टल में रहने वाली नीट छात्रा की मौत मामले की जांच सीबीआई कर रही है. रविवार की सुबह करीब 9 बजे सीबीआई के आईजी और एसपी के नेतृत्व में 20 अफसरों की टीम पांच गाड़ियों से जहानाबाद के शकूराबाद थाना क्षेत्र स्थित छात्रा के गांव पहुंची. परिजनों से अलग-अलग कमरों में पूछताछ सीबीआई की टीम ने किसी को भी भनक नहीं लगने दी और सीधे छात्रा के घर जा पहुंची. वहां मौजूद माता-पिता, भाई, भाभी और दादी से अलग-अलग कमरों में बैठाकर करीब चार घंटे तक पूछताछ की गई. टीम ने हर छोटे-बड़े पहलू पर जानकारी जुटाई ताकि मौत के असली कारणों का पता चल सके. इस दौरान स्थानीय पुलिस भी मुस्तैद रही और मीडिया को घर से दूर रखा गया. जहानाबाद: नीट छात्रा मौत मामले में CBI टीम पटना से गांव पहुंची. आईजी स्तर के अधिकारी के नेतृत्व में टीम ने परिजनों से करीब 3 घंटे पूछताछ की और घर का निरीक्षण किया. परिजन बोले अब निष्पक्ष जांच की उम्मीद है. #CBI #Bihar #Justice #prabhatkhabar pic.twitter.com/P4JhuL5Kf7 — Naya Vichar (@prabhatkhabar) February 15, 2026 भाई का मोबाइल और छात्रा का सामान जब्त जांच के बाद टीम अपने साथ छात्रा की किताबें, कॉपियां, कलम, कपड़े, बैग और यहां तक कि उसकी कैंची भी ले गई है. सीबीआई ने छात्रा के भाई का मोबाइल फोन भी जब्त कर लिया है, जिसकी कॉल डिटेल और डेटा की जांच की जाएगी. सीबीआई के आने से ठीक एक रात पहले बिहार पुलिस की एसआईटी भी सामान लेने पहुंची थी, लेकिन परिजनों ने उन्हें कुछ भी सौंपने से इनकार कर दिया था. बिहार की ताजा समाचारों के लिए क्लिक करें अब तक क्या हुआ? 6 जनवरी को पटना के शंभू हॉस्टल में छात्रा बेहोश मिली थी, जिसकी 11 जनवरी को इलाज के दौरान मौत हो गई. बिहार पुलिस की जांच (SIT) से परिवार बिल्कुल संतुष्ट नहीं था और मामले को लेकर दिल्ली के जंतर-मंतर तक प्रदर्शन हुए. भारी दबाव के बाद राज्य प्रशासन ने 31 जनवरी को सीबीआई जांच की सिफारिश की और अब दो दिन पहले ही सीबीआई ने केस दर्ज कर अपनी कार्रवाई शुरू की है. इसे भी पढ़ें : बिहार की सड़कों में लगेगा ठेकेदारों का 70% पैसा, नए कायदे-कानूनों में बनेंगे रास्ते The post शंभू हॉस्टल केस में सीबीआई का एक्शन, छात्रा का सामान और भाई का मोबाइल जब्त appeared first on Naya Vichar.

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कर्नाटक के केमिकल फैक्ट्री में धमाका, दो मजदूरों की मौत

Table of Contents कैसे हुआ धमाका? Chemical factory Explosion: फैक्ट्री में काम करने वाले मजदूरों ने धमाके के बारे में क्या बताया? गैस रिसाव का स्थानीय निवासियों ने किया था विरोध Chemical factory Explosion: विस्फोट उस समय हुआ, जब केमिकल फैक्टरी को दूसरी जगह शिफ्ट किया जा रहा था. पुलिस के अनुसार, दो मजदूरों की घटनास्थल पर ही मौत हो गई और घायलों को मांड्या आयुर्विज्ञान संस्थान में भर्ती कराया गया है. कैसे हुआ धमाका? पुलिस ने बताया कि फैक्टरी का सामान कुछ समय से करेकट्टे से नयी जगह पर ले जाया जा रहा था और रविवार को रासायनिक टैंक को खाली करते समय यह हादसा हुआ. मामले की जांच जारी है. #WATCH | Karnataka | Two people died at Kirti Chemicals Industries near Karekate village in Mandya taluk after a storage tank containing chemicals exploded while opening the cap with a gas cutter. The injured were sent to Mandya MIMS Hospital. Visuals from the spot pic.twitter.com/mVmeAV8jtr — ANI (@ANI) February 15, 2026 Chemical factory Explosion: फैक्ट्री में काम करने वाले मजदूरों ने धमाके के बारे में क्या बताया? जिस फैक्ट्री में धमाका हुआ, वहां काम करने वाले एक वर्कर अमन ने न्यूज एजेंसी एएनआई से बातचीत में बताया, कंपनी के केमिकल टैंक के पास छह लोग काम कर रहे थे, तभी अचानक उसमें धमाका हो गया, जिससे दो लोगों की मौत हो गई. मैं उस समय ड्यूटी पर नहीं था. आज, सुबह करीब 9 बजे तीन लोगों को इमरजेंसी केयर के लिए लाया गया. हमें वहां आए हुए सिर्फ एक महीना हुआ था. आकाश और कल्लू मर चुके हैं. कल्लू मेरे चाचा थे, और कासिम भी घायल हैं. फैक्ट्री में केमिकल बनते थे, लेकिन मुझे केमिकल का खास नाम नहीं पता. एक अन्य वर्कर राजीव कुमार ने बताया, यह आज सुबह करीब 10 बजे हुआ. हम बिहार से हैं. हम 7-8 लोग थे. यह एक केमिकल प्लांट है, और टैंक फट गया. हम 6-7 लोग वहां मौजूद थे, और हमें चोट लगी. कॉन्ट्रैक्टर यहां नहीं है; वह कहीं और गया है. उसका नाम गुड्डू खान है. नया काम एक महीने पहले ही शुरू हुआ था. उस समय कटिंग और फिटिंग का काम चल रहा था. अभी दो लोग घायल हैं. गैस रिसाव का स्थानीय निवासियों ने किया था विरोध स्थानीय निवासियों ने फैक्टरी के सुरक्षा रिकॉर्ड पर सवाल उठाए हैं. उनका कहना है कि साल 2022 में यहां जहरीली गैस का रिसाव हुआ था, जिससे आसपास की फसलें खराब हो गई थीं और दो कुत्तों की मौत हो गई थी. किसानों और स्थानीय लोगों के कड़े विरोध और स्थानीय विधायक तथा जिला प्रशासन के हस्तक्षेप के बाद फैक्टरी का संचालन बंद कर दिया गया था. बताया जा रहा है कि इसी कारण मालिकों ने फैक्टरी को दूसरी जगह स्थानांतरित करने का निर्णय लिया था. The post कर्नाटक के केमिकल फैक्ट्री में धमाका, दो मजदूरों की मौत appeared first on Naya Vichar.

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यूपी के ‘मिनी सीएम’ रहे मुस्लिम नेता सपा में शामिल, राहुल गांधी का लॉस; अखिलेश यादव का फायदा

UP News: पूर्व कांग्रेस नेता नसीमुद्दीन सिद्दीकी ने रविवार को लखनऊ में समाजवादी पार्टी की सदस्यता ग्रहण की. पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव के नेतृत्व वाली सपा में शामिल होते हुए उन्होंने उनके प्रति गहरा सम्मान जताया और संगठन को मजबूत करने का संकल्प लिया. नसीमुद्दीन सिद्दीकी उत्तर प्रदेश की नेतृत्व में एक जाना-पहचाना नाम रहे हैं. वे लंबे समय तक बहुजन समाज पार्टी में अहम भूमिका निभाते रहे और बसपा प्रशासन के दौरान कई बार मंत्री भी बने. बाद में कांग्रेस जॉइन की, हालांकि, वह कांग्रेस से इस्तीफा दे चुके हैं और आज अखिलेश यादव की मौजूदगी में वह सपा में शामिल हुए. पार्टी में शामिल होने से पहले एएनआई से बातचीत में सिद्दीकी ने कहा कि सपा प्रमुख अखिलेश यादव के साथ उनके ‘पुराने संबंध’ हैं और वह उनके मार्गदर्शन में काम करेंगे. उन्होंने कहा कि वे पार्टी के अन्य वरिष्ठ नेताओं के साथ कंधे से कंधा मिलाकर संगठन को मजबूत करेंगे.  उन्होंने कहा, ‘समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव के साथ मेरे पुराने संबंध हैं. मैं उनका बहुत सम्मान करता हूं. हम उनके निर्देशों का पालन करेंगे. पार्टी में मुझसे पहले कई वरिष्ठ नेता हैं. हमें उनके साथ मिलकर पार्टी को मजबूत करना है. अगर पार्टी मजबूत होगी तो हम मजबूत होंगे, अगर हम मजबूत होंगे तो प्रदेश मजबूत होगा और अगर प्रदेश मजबूत होगा तो समाज मजबूत होगा.’ समाचार एजेंसी पीटीआई से बात करते हुए समाजवादी पार्टी में शामिल हुए नसीमुद्दीन सिद्दीकी ने कहा कि अखिलेश यादव ने पीडीए की शुरुआत की. पीडीए का मतलब है, पिछड़ा वर्ग, दलित और अल्पसंख्यक. अखिलेश यादव ने समाज के हर तबके पर ध्यान दिया. आज ब्राह्मण समाज भी जातिगत उत्पीड़न का सामना कर रहा है और इस मुद्दे पर भी उन्होंने अग्रणी भूमिका निभाई है. उन्होंने कहा कि सिर्फ बुलडोजर चलाने से हर समस्या का समाधान नहीं होता. असली बदलाव लोगों का दिल जीतने और उनके जख्म भरने से आएगा. नसीमुद्दीन सिद्दीकी ने यह भी कहा कि उन्होंने अपनी प्राथमिकताएं तय कर ली हैं; समाजवादी पार्टी, उसके नेता अखिलेश यादव और पूरा समाजवादी परिवार. इसलिए आज वह अपने साथियों के साथ, 8-10 पूर्व विधायकों और कई अन्य दलों के पदाधिकारियों के साथ समाजवादी पार्टी में शामिल हो रहा हैं. ये भी पढ़ें:- महाराष्ट्र कांग्रेस अध्यक्ष के खिलाफ पुलिस केस दर्ज, छत्रपति शिवाजी महाराज की तुलना टीपू सुल्तान से की थी कौन-कौन बड़ा नेता सपा में शामिल हुआ? सिद्दीकी के साथ ही पूर्व बसपा नेता अनीस अहमद खान और अपना दल के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष एस. राज कुमार पाल भी समाजवादी पार्टी में शामिल हुए. पिछले महीने उत्तर प्रदेश के पूर्व कांग्रेस विधायक नसीमुद्दीन सिद्दीकी ने पार्टी के सभी पदों से इस्तीफा दे दिया था. उन्होंने कहा था कि पिछले आठ वर्षों से वे जमीनी स्तर पर काम नहीं कर पा रहे थे. इनके साथ ही दीनानाथ कुशवाहा और पूर्व AIMIM उम्मीदवार डॉ दानिश खान ने भी सपा जॉइन की. कांग्रेस नेतृत्व का जताया आभार, जमीनी स्तर पर काम करने की जताई इच्छा एएनआई से बात करते हुए सिद्दीकी ने कहा कि वे कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और पार्टी के अन्य वरिष्ठ नेताओं का सम्मान करते हैं. उन्होंने कहा कि वे जमीनी स्तर पर काम करना चाहते हैं, इसलिए उन्होंने पार्टी छोड़ी. उन्होंने कहा, ‘मुझे किसी से कोई नाराजगी नहीं है. मैं खड़गे जी, राहुल जी, प्रियंका गांधी जी, सोनिया गांधी जी का सम्मान करता हूं और करता रहूंगा.’ उन्होंने आगे कहा, ‘वहां मेरे लिए कोई काम नहीं था. मैं जमीनी स्तर का कार्यकर्ता हूं. आठ साल तक मैं जमीन पर काम नहीं कर सका. मैं कभी हाई-प्रोफाइल नेता नहीं रहा और न ही अब हूं, इसलिए मैं जमीनी स्तर पर काम करना चाहता हूं, इसी वजह से कांग्रेस पार्टी छोड़ी.’ सिद्दिकी ने आगे कहा, ’किसी को मीडिया विभाग का चेयरमैन बनाना जमीनी स्तर का काम नहीं होता. किसी को किसी समिति का सदस्य बनाना भी जमीनी स्तर का काम नहीं है. मैंने नेताओं से कहा था कि मैं संगठन का आदमी हूं. अब बहुत सी बातें हैं, जो कही नहीं जा सकतीं.’ ये भी पढ़ें:- बाप ने 1 लाख में बेचा अपना ढाई साल का बेटा, क्या थी मजबूरी? बच्चा बरामद; दो आरोपी गिरफ्तार  ये भी पढ़ें:- 12 साल के शिशु ने रची खुद की किडनैपिंग की कहानी, गुना पुलिस ने खोली सच्चाई नसीमुद्दीन सिद्दीकी का अब तक का नेतृत्वक करियर कैसा रहा? नसीमुद्दीन सिद्दीकी का नेतृत्वक सफर साल 1991 में शुरू हुआ, जब वे बांदा विधानसभा सीट से विधायक चुने गए. खास बात यह रही कि वे बसपा के पहले मुस्लिम विधायक थे. 1995 में जब मायावती भाजपा के समर्थन से मुख्यमंत्री बनीं, तो नसीमुद्दीन सिद्दीकी को विधान परिषद का सदस्य बनाकर कैबिनेट मंत्री बनाया गया. बसपा में वे मायावती के बेहद करीबी माने जाते थे. वह बसपा की हर प्रशासन में मंत्री रहे. साल 2007 से 2012 तक चली बसपा प्रशासन में उनके पास करीब 18 विभागों की जिम्मेदारी थी, जिस वजह से नेतृत्वक हलकों में उन्हें ‘मिनी सीएम’ तक कहा जाने लगा. बसपा पार्टी में संगठन, टिकट वितरण और रणनीतिक फैसलों में उनकी अहम भूमिका रहती थी. वह लंबे समय तक विधान परिषद के सदस्य रहे. 2012 से 2017 के बीच सिद्दीकी विपक्ष के नेता भी रहे. लेकिन 2017 के विधानसभा चुनाव में बसपा की हार के बाद हालात बदल गए. 10 मई 2017 को मायावती ने पार्टी विरोधी गतिविधियों का आरोप लगाते हुए उन्हें बसपा से बाहर कर दिया.  22 फरवरी 2018 को नसीमुद्दीन सिद्दीकी हजारों समर्थकों, पूर्व विधायकों और पूर्व सांसदों के साथ कांग्रेस में शामिल हो गए. 2019 के लोकसभा चुनाव में उन्होंने कांग्रेस के टिकट पर बिजनौर से चुनाव लड़ा, लेकिन जीत नहीं मिली. इसके बाद 2020 में उन्होंने उत्तर प्रदेश विधान परिषद की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया.  सात साल तक कांग्रेस में बिताने के बाद उन्होंने अब सपा का दामन थाम लिया है. उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने नसीमुद्दीन को मनाने की कोशिश की. लेकिन आखिरकार 24 जनवरी 2026 को उन्होंने यह कहते हुए कांग्रेस भी छोड़ दी कि आठ साल में उन्हें पार्टी में जमीनी स्तर पर कोई काम करने का मौका नहीं मिला. प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष अजय राय उन्हें खुद मनाने

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क्या LIC में शुरू हुई नई FD स्कीम? जानें 2026 के बड़े बदलाव और फायदे

LIC FD Scheme 2026: सुरक्षित निवेश की जब भी बात आती है, तो हिंदुस्तानीय निवेशकों के मन में सबसे पहला नाम LIC का आता है. आजकल सोशल मीडिया और इंटरनेट पर LIC की FD स्कीम काफी चर्चा में है. अगर आप भी अपने पैसे को सुरक्षित रखकर फिक्स्ड रिटर्न पाना चाहते हैं, तो यह समाचार आपके काम की है. LIC FD Scheme 2026: क्या LIC में बैंक जैसी FD होती है? सबसे पहले यह समझना जरूरी है कि LIC एक इंश्योरेंस कंपनी है, बैंक नहीं. इसलिए यहां सीधे तौर पर फिक्स्ड डिपॉजिट अकाउंट नहीं खुलता है. लेकिन, LIC के पास ऐसी कई योजनाएं हैं जो बिल्कुल FD की तरह काम करती हैं. आप एक बार पैसा जमा करते हैं और आपको मेच्योरिटी पर गारंटीड रिटर्न मिलता है. LIC FD Scheme 2026: 2026 के नए नियमों में क्या खास है? IRDAI के नए दिशा-निर्देशों के अनुसार, 2026 से LIC की योजनाओं में पारदर्शिता और डिजिटल सेवाओं पर ज्यादा जोर दिया जाएगा: फटाफट क्लेम: अब डेथ क्लेम या मेच्योरिटी का पैसा पहले के मुकाबले जल्दी मिलेगा. ऑनलाइन सुविधा: पॉलिसी खरीदने से लेकर स्टेटस चेक करने तक सब कुछ मोबाइल से होगा. साफ-सुथरी जानकारी: एजेंट या कंपनी को अब यह साफ बताना होगा कि आपको कितना पैसा गारंटी के साथ मिलेगा और कितना बोनस के तौर पर. रिटर्न और टैक्स में कितना फायदा? LIC की इन FD जैसी स्कीमों में आमतौर पर 5% से 7% तक का सालाना रिटर्न मिल जाता है. इसके अलावा: Income Tax की बचत: इसमें निवेश करने पर आपको Section 80C के तहत टैक्स में छूट मिलती है. पॉलिसी पर लोन: अगर आपको अचानक पैसों की जरूरत पड़ जाए, तो आप अपनी जमा राशि पर लोन भी ले सकते हैं. सुरक्षा का भरोसा: क्योंकि LIC प्रशासनी संस्था है, इसलिए आपका पैसा यहां पूरी तरह सुरक्षित रहता है. किसे करना चाहिए इसमें निवेश? अगर आप शेयर बाजार का रिस्क नहीं लेना चाहते और रिटायरमेंट या बच्चों की पढ़ाई के लिए सुरक्षित फंड बनाना चाहते हैं, तो ये प्लान आपके लिए बेस्ट हैं. खासकर सीनियर सिटीजन के लिए LIC की पेंशन योजनाएं बैंक एफडी से बेहतर साबित हो सकती हैं क्योंकि इसमें उम्र भर फिक्स इनकम की गारंटी मिलती है. ये भी पढ़ें: मोटोरोला और AI ने बदली लेनोवो की किस्मत, तीसरी तिमाही में रिकॉर्ड तोड़ कमाई The post क्या LIC में शुरू हुई नई FD स्कीम? जानें 2026 के बड़े बदलाव और फायदे appeared first on Naya Vichar.

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तारिक रहमान बनेंगे PM, तो क्या मोहम्मद यूनुस होंगे बांग्लादेश के अगले राष्ट्रपति?

Muhammad Yunus Bangladesh President Speculation: बांग्लादेश में सत्ता परिवर्तन के बाद अब सबकी नजरें इस बात पर टिकी हैं कि अंतरिम प्रशासन के चीफ एडवाइजर मोहम्मद यूनुस का अगला कदम क्या होगा. 17 फरवरी को बीएनपी (BNP) नेता तारिक रहमान प्रधानमंत्री पद की शपथ लेने वाले हैं, ऐसे में इंटरनेट पर चर्चा तेज है कि क्या यूनुस को देश का राष्ट्रपति बनाया जाएगा. क्या है पूरा मामला? शेख हसीना की प्रशासन गिरने के बाद मोहम्मद यूनुस ने मुश्किल समय में देश की कमान संभाली थी. अब जब नई प्रशासन आने वाली है, तो कयास लगाए जा रहे हैं कि तारिक रहमान अपनी टीम में यूनुस जैसे अंतरराष्ट्रीय कद वाले व्यक्ति को संवैधानिक पद (जैसे राष्ट्रपति) पर रखना चाहेंगे. हालांकि, यूनुस की टीम इन समाचारों को सिर्फ अफवाह बता रही है. तारिक रहमान की टीम का क्या कहना है? बीएनपी के अंतरराष्ट्रीय मामलों के सलाहकार हुमायूं कबीर ने एनडीटीवी से बातचीत में कहा कि अभी तक किसी का भी रोल फाइनल नहीं हुआ है. उन्होंने बताया कि तारिक रहमान देश को समावेशी (inclusive) तरीके से चलाना चाहते हैं और इसके लिए वे देश की बेहतरीन प्रतिभाओं का इस्तेमाल करना चाहते हैं. कबीर के अनुसार, चुनाव के बाद वे यूनुस जैसे दिग्गज नागरिकों से सलाह-मशविरा करेंगे, जो कि एक सामान्य प्रक्रिया है. उन्होंने यह भी कहा कि नेतृत्व में कुछ भी असंभव नहीं है. यूनुस के प्रेस सचिव ने दावों को नकारा दूसरी तरफ, मोहम्मद यूनुस के प्रेस सचिव शफीकुल आलम ने इन समाचारों को सिरे से खारिज कर दिया है. एनडीटीवी से बात करते हुए उन्होंने साफ किया कि: यूनुस की नेतृत्व में जीरो दिलचस्पी है. वे किसी भी संवैधानिक पद पर नहीं रहना चाहते. उनका प्लान वापस अपने पुराने काम (सोशल बिजनेस) पर लौटने का है. वे अपने ‘थ्री जीरो’ विजन (जीरो गरीबी, जीरो बेरोजगारी और जीरो कार्बन उत्सर्जन) पर काम करना चाहते हैं. एक्सपर्ट्स की क्या है राय? मशहूर कॉलमनिस्ट डेविड बर्गमैन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि अगर यूनुस राष्ट्रपति बनते हैं, तो यह बांग्लादेश के लिए बहुत अच्छा होगा. उनके मुताबिक, यूनुस की अंतरराष्ट्रीय साख बहुत मजबूत है. एक ऐसा प्रधानमंत्री जो घरेलू मुद्दों को देखे और एक ऐसा राष्ट्रपति जो अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का चेहरा बने, यह बांग्लादेश की जरूरत हो सकती है. बर्गमैन ने यह भी दावा किया कि तारिक और यूनुस के बीच इस बारे में बातचीत हुई है, हालांकि दोनों पक्षों ने ऐसी किसी भी मीटिंग से इनकार किया है. आगे क्या होगा? फिलहाल मोहम्मद शाहबुद्दीन बांग्लादेश के राष्ट्रपति हैं. सूत्रों का कहना है कि यूनुस जैसा व्यक्ति कूटनीति और अंतरराष्ट्रीय संगठनों के साथ रिश्तों को बेहतर बनाने में प्रशासन के लिए एक बड़ी संपत्ति साबित हो सकता है. अब देखना यह होगा कि 17 फरवरी को सत्ता ट्रांसफर के बाद यूनुस खुद अपने भविष्य को लेकर क्या एलान करते हैं. ये भी पढ़ें: मंगलवार को बांग्लादेश के PM पद की शपथ लेंगे तारिक रहमान, हिंदुस्तान-पाक समेत 13 देशों को न्योता ये भी पढ़ें: ‘तानाशाही नहीं चलेगी’, बांग्लादेश का PM बनने से पहले तारिक रहमान ने कट्टरपंथियों को दी चेतावनी The post तारिक रहमान बनेंगे PM, तो क्या मोहम्मद यूनुस होंगे बांग्लादेश के अगले राष्ट्रपति? appeared first on Naya Vichar.

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भारत ने पाक को 8 विकेट से हराया, वृंदा के तूफान में उड़ा पाकिस्तान

Highlights वृंदा दिनेश का शानदार अर्धशतक पहली गेंद पर विकेट गिरने के बाद संभली पारी सिर्फ 10.1 ओवर में ही हासिल किया लक्ष्य Womens Rising Stars Asia Cup: एसीसी वूमेन्स राइजिंग स्टार्स एशिया कप 2026 (ACC Women’s Rising Stars Asia Cup 2026) में इंडिया ए ने पाकिस्तान ए (India A vs Pakistan A) को 8 विकेट से करारी शिकस्त दी है. बैंकॉक में स्पोर्ट्से गए इस मुकाबले में वृंदा दिनेश (Vrinda Dinesh) ने बल्ले से तबाही मचाते हुए टीम को एकतरफा जीत दिलाई. इससे पहले टीम इंडिया को अपने पहले ही मैच में यूएई के हाथों हैरान करने वाली हार मिली थी, लेकिन पाकिस्तान के खिलाफ टीम ने जबरदस्त वापसी की. हिंदुस्तानीय टीम ने 93 रनों के लक्ष्य को सिर्फ 10.1 ओवर में हासिल कर लिया और टूर्नामेंट में अपनी पहली जीत दर्ज की. वृंदा दिनेश का शानदार अर्धशतक वृंदा दिनेश ने इस मैच में कमाल की बैटिंग की. उन्होंने पाकिस्तान के गेंदबाजों की जमकर समाचार ली और मैदान के चारों तरफ शॉट लगाए. वृंदा ने सिर्फ 29 गेंदों का सामना करते हुए नाबाद 55 रन बनाए. अपनी इस पारी में उन्होंने 12 शानदार चौके लगाए. वृंदा का आक्रामक अंदाज ऐसा था कि उन्होंने अपना अर्धशतक सिर्फ 25 गेंदों में ही पूरा कर लिया था. जब वो 50 रन के आंकड़े पर पहुंची तब तक उनके बल्ले से 11 चौके निकल चुके थे. उनकी इस तेज तर्रार पारी की बदौलत ही इंडिया ने टारगेट को बहुत जल्दी हासिल कर लिया. पहली गेंद पर विकेट गिरने के बाद संभली पारी पाकिस्तान के 93 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी इंडिया की शुरुआत बेहद खराब रही थी. पारी की पहली ही गेंद पर ओपनर हुमैरा काजी आउट हो गई. उन्हें पाकिस्तान की बॉलर वहीदा ने पवेलियन भेज दिया. हालांकि इस शुरुआती झटके का असर बाकी बैटर पर नहीं दिखा. वृंदा और अनुष्का ने मिलकर पारी को आगे बढ़ाया. अनुष्का ने भी टिक कर बैटिंग की और 26 गेंदों पर 24 रन बनाए. उन्होंने वृंदा का अच्छा साथ दिया. सिर्फ 10.1 ओवर में ही हासिल किया लक्ष्य इंडिया ए के बैटर इतने आक्रामक मूड में थे कि उन्होंने मैच को जल्द से जल्द खत्म कर दिया. टीम ने 9वें ओवर में ही 2 विकेट खोकर 81 रन बना लिए थे. उस समय टीम जीत से सिर्फ 13 रन दूर थी. अनुष्का को पाकिस्तान की बॉलर मोमिना ने आउट किया, लेकिन तब तक इंडिया जीत के करीब पहुंच चुका था. अंत में इंडिया ने 10.1 ओवर में ही लक्ष्य हासिल कर लिया और पाकिस्तान को 8 विकेट से धूल चटा दी. पाकिस्तान की तरफ से वहीदा और मोमिना को 1-1 विकेट मिला. ये भी पढ़ें- T20 WC से बाहर हुआ नेपाल, वेस्टइंडीज ने 9 विकेट से दी मात हिंदुस्तान-पाक मुकाबले में कैसी हो सकती है प्लेइंग 11, क्या कुलदीप को मिलेगा मौका? न्यूजीलैंड को लगा झटका, लॉकी फर्ग्यूसन लौटे घर, जानिए क्या है वजह? The post हिंदुस्तान ने पाक को 8 विकेट से हराया, वृंदा के तूफान में उड़ा पाकिस्तान appeared first on Naya Vichar.

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लॉ का करियर छोड़ IAS बनीं वैशाली सिंह, 6 बार गोल्ड मेडल  

IAS Vaishali Singh: वकीलों से घिरी हुई थी. खुद भी वकील थी. लेकिन एक दिन अचानक सब छोड़कर यूपीएससी क्रैक करने का जुनून सर चढ़ गया. पहले प्रयास में गलत स्ट्रैटजी के कारण असफलता मिली. लेकिन दूसरे ही प्रयास में किस्मत बदल डाली. कुछ ऐसी ही कहानी है इस यंग स्त्री IAS की जोकि हरियाणा की रहने वाली हैं. हम बात कर रहे हैं वैशाली सिंह की. स्त्री सशक्तिकरण को बढ़ावा वैशाली सिंह (Vaishali Singh Current Posting) हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (HSVP), गुरुग्राम के प्रशासक के रूप में कार्यरत हैं. वैशाली सिंह उन गिने चुने IAS में से एक हैं, जो ग्राउंड पर दिखती हैं. फिर चाहे वो बेटियों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए चलाया जाने वाला प्रोग्राम हो या फिर कैंसर से बचने के लिए स्त्रीओं और लड़कियों को जागरुक करना हो, वैशाली सिंह हमेशा एक्टिव रहती हैं. एक कार्यक्रम के दौरान की तस्वीर (PC-X) स्पोर्ट्स और साइकलिंग में है रूचि पर्सनल लाइफ की बात करें तो उन्हें फीट रहना पसंद है. साथ ही स्पोर्ट्स और साइकलिंग में इंटरेस्ट है. उन्होंने अपने इंस्टाग्राम पर एक साइकलिंग करते हुए फोटो भी अपलोड किया है. साथ ही वे एक डॉग लवर हैं. वैशाली सिंह (Image Source- X) गोल्ड मेडलिस्ट रह चुकी हैं वैशाली सिंह मूल रूप से हरियाणा के फरीदाबाद की रहने वाली हैं. उनकी शुरुआती पढ़ाई फरीदाबाद से हुई. ग्रेजुएशन की पढ़ाई नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी से हुई. NLU से वैशाली सिंह ने पांच साल का इंटीग्रेटेड लॉ का कोर्स किया है. पढ़ाई के दौरान उन्होंने 6 बार गोल्ड मेडल जीता. कहां से मिली UPSC की प्रेरणा? लॉ करने के बाद वैशाली को फील हुआ कि वो जो करना चाह रही हैं, नहीं कर पा रही हैं. वे जब फील्ड में जाती और लोगों की तकलीफें देखती तो उनका मन होता था कि इसे बदल दें. पर उनके पास इतनी पावर नहीं थी. यही कारण है कि उन्होंने इस फील्ड को छोड़कर सिविल सेवा में जाने का मन बनाया. माता पिता से प्रेरणा लेकर वैशाली सिंह ने UPSC की तैयारी शुरू की. पहले प्रयास में असफल, दूसरे में पाई सफलता वैशाली सिंह ने प्रीलिम्स की परीक्षा दी पर उसमें पास नहीं हो पाई. उन्होंने अपनी गलतियों से सीखकर दूसरे प्रयास के लिए कड़ी मेहनत की. अपनी कुछ आदतों में सुधार किया. उन्होंने प्रीलिम्स की तैयारी अच्छे से नहीं की थी और न मॉक टेस्ट दिया था. साल 2018 में अपने दूसरे प्रयास में वैशाली सिंह ने सफलता हासिल कर ली. यह भी पढ़ें- कौन हैं IPS उपासना यादव? मंत्री से बहस का वीडियो हुआ वायरल The post लॉ का करियर छोड़ IAS बनीं वैशाली सिंह, 6 बार गोल्ड मेडल   appeared first on Naya Vichar.

समस्तीपुर

सरायरंजन में जल संसाधन मंत्री विजय कुमार चौधरी का क्षेत्र भ्रमण, पतैली में लोगों से मिलकर जाना हालचाल

नया विचार न्यूज़ सरायरंजन। बिहार प्रशासन के कैबिनेट मंत्री एवं जल संसाधन विभाग के मंत्री विजय कुमार चौधरी ने रविवार को सरायरंजन प्रखंड क्षेत्र के विभिन्न पंचायतों का भ्रमण किया। इस दौरान उन्होंने पतैली गांव पहुंचकर स्थानीय लोगों से मुलाकात की और उनका हालचाल जाना। मंत्री के आगमन पर ग्रामीणों में उत्साह का माहौल देखा गया। पतैली गांव में ग्रामीणों ने मंत्री का पारंपरिक तरीके से स्वागत किया। लोगों ने उन्हें चादर, माला और पाग पहनाकर सम्मानित किया। मंत्री ने भी हाथ जोड़कर अभिवादन स्वीकार किया और ग्रामीणों से सीधे संवाद किया। उन्होंने क्षेत्र की समस्याओं, खासकर जल संसाधन से जुड़े मुद्दों पर लोगों की बातें सुनीं और समाधान के लिए आवश्यक पहल का भरोसा दिलाया। क्षेत्र भ्रमण के दौरान श्री चौधरी ने आसपास के अन्य गांवों का भी दौरा किया। इस क्रम में वे कई शुभ अवसरों में शामिल हुए। उन्होंने नवविवाहित वर-वधुओं को आशीर्वाद दिया और परिवारों को सुखद दांपत्य जीवन की शुभकामनाएं दीं। ग्रामीणों ने बताया कि मंत्री का यह दौरा उन्हें प्रशासन से सीधे जुड़ाव का एहसास कराता है। मौके पर जदयू प्रखंड अध्यक्ष रामाश्रय प्रसाद, उपप्रमुख संजीव ठाकुर, घनश्याम ठाकुर, डॉ. सुजीत कुमार ठाकुर, विकास कुमार ठाकुर, राहुल कुमार ठाकुर, मुखिया राजीव झा, रामकुमार झा, बलबंत सिंह, डॉ. मदन कुमार ठाकुर, नीशांत कुमार, प्रशांत कुमार, नीरज कुमार झा, सरोज झा, दिवाकांत झा, उमेश चंद्र झा, वीरेंद्र कुमार ठाकुर, जेन्द्र कुमार ठाकुर समेत दर्जनों कार्यकर्ता और ग्रामीण उपस्थित थे। ग्रामीणों ने क्षेत्र में सिंचाई, नहरों की सफाई और जल निकासी की समस्याओं को प्रमुखता से उठाया। मंत्री ने आश्वासन दिया कि विभागीय स्तर पर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी और विकास कार्यों को प्राथमिकता दी जाएगी। उन्होंने कहा कि प्रशासन गांवों के सर्वांगीण विकास के लिए प्रतिबद्ध है और जनसमस्याओं के समाधान में कोई कमी नहीं छोड़ी जाएगी। मंत्री के दौरे को लेकर क्षेत्र में नेतृत्वक हलचल भी तेज रही। स्थानीय कार्यकर्ताओं ने इसे संगठन को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया। कुल मिलाकर मंत्री का यह भ्रमण जनसंपर्क और विकास संवाद के लिहाज से अहम माना जा रहा है।

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मंगलवार को बांग्लादेश के PM पद की शपथ लेंगे तारिक रहमान, भारत-पाक समेत 13 देशों को न्योता

Tarique Rahman Bangladesh PM Oath: बांग्लादेश में एक बड़ा सियासी बदलाव हो चुका है. ‘प्रथम आलो’ की रिपोर्ट के मुताबिक, 12 फरवरी को हुए चुनावों में भारी जीत के बाद अब बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) के चेयरमैन तारिक रहमान अगले मंगलवार को प्रधानमंत्री पद की शपथ लेंगे. इस खास मौके के लिए अंतरिम प्रशासन के मुख्य सलाहकार प्रोफेसर मोहम्मद यूनुस ने हिंदुस्तान, चीन और पाकिस्तान सहित 13 देशों के बड़े नेताओं को आमंत्रित किया है. शपथ ग्रहण की तैयारी: संसद के साउथ प्लाजा में होगा प्रोग्राम अगले मंगलवार दोपहर को ढाका में नेशनल पार्लियामेंट के साउथ प्लाजा में नई कैबिनेट का शपथ ग्रहण समारोह आयोजित किया जाएगा. डिप्लोमैटिक सोर्सेज और प्रोथोम ओलो का कहना है कि मेहमानों की लिस्ट में ये देश शामिल हैं: हिंदुस्तान, चीन, पाकिस्तान सऊदी अरब, तुर्किये, UAE, कतर मलेशिया, ब्रुनेई, श्रीलंका, नेपाल, मालदीव और भूटान. पीएम मोदी को न्योता: BNP बोली- ‘सबके साथ दोस्ती, किसी से दुश्मनी नहीं’ BNP के बड़े नेता एएनएम एहसानुल हक मिलन ने शनिवार को मीडिया से बात करते हुए उम्मीद जताई कि हिंदुस्तान के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को इस समारोह में जरूर बुलाया जाना चाहिए. उन्होंने कहा कि यह एक सामान्य शिष्टाचार (Courtesy) है. मिलन ने पार्टी की विदेश नीति को साफ करते हुए कहा कि हमारी नीति ‘सबसे दोस्ती और किसी से दुश्मनी नहीं’ की है. उन्होंने यह भी कहा कि वे चाहते हैं कि इस नए सफर में पूरी दुनिया उनके साथ रहे. पीएम मोदी की बधाई और BNP का जवाब चुनावों में मिली बम्पर जीत के बाद पीएम मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर तारिक रहमान को बधाई दी थी. इसके जवाब में BNP ने भी पीएम मोदी का शुक्रिया अदा किया. BNP का स्टैंड: पार्टी ने कहा कि वे हिंदुस्तान के साथ मिलकर काम करना चाहते हैं. उनका मकसद आपसी सम्मान और शांति के साथ क्षेत्र का विकास करना है. पीएम मोदी का मैसेज: मोदी ने अपने मैसेज में लिखा था कि हिंदुस्तान एक लोकतांत्रिक और समावेशी बांग्लादेश के साथ खड़ा रहेगा और दोनों देश मिलकर अपने साझा लक्ष्यों को पूरा करेंगे. क्यों खास है ये जीत? यह चुनाव बांग्लादेश के इतिहास में बहुत महत्वपूर्ण है. 2024 के बड़े विरोध प्रदर्शनों के बाद, जिसमें शेख हसीना को सत्ता छोड़नी पड़ी थी, यह पहला चुनाव था. भारी बहुमत: 300 सीटों वाली संसद में BNP ने अकेले ही बहुमत (151 से ज्यादा सीटें) हासिल कर लिया है. विपक्ष: इस बार जमात-ए-इस्लामी गठबंधन मुख्य विपक्षी दल के रूप में उभरा है. वोटिंग: इस बार करीब 59% लोगों ने वोट डाला और गवर्नेंस रिफॉर्म्स (शासन सुधार) के लिए हुए जनमत संग्रह को भी मंजूरी मिली. ये भी पढ़ें: ‘तानाशाही नहीं चलेगी’, बांग्लादेश का PM बनने से पहले तारिक रहमान ने कट्टरपंथियों को दी चेतावनी ये भी पढ़ें: बांग्लादेश चुनाव: हिंदुस्तान के ‘दुश्मन’ अब बनेंगे सांसद, आतंकी साजिश के थे आरोप The post मंगलवार को बांग्लादेश के PM पद की शपथ लेंगे तारिक रहमान, हिंदुस्तान-पाक समेत 13 देशों को न्योता appeared first on Naya Vichar.

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