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Author name: Vinod Jha

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विद्युत आपूर्ति ठप हो जाने से उपभोक्ताओं को हुई परेशानी

सोनवर्षा अंचल क्षेत्र के विराटपुर स्थित पावर सब स्टेशन से संबंधित सभी क्षेत्रों में गुरुवार अहले सुबह से कई घंटों के लिए विद्युत आपूर्ति ठप हो जाने से उपभोक्ताओं को परेशानियों का सामना करना पड़ा. प्राप्त जानकारी अनुसार विद्युत पावर सब स्टेशन विराटपुर के 33 केवी पोटेन्शियल ट्रांसफार्मर में अज्ञात कारणों से अहले सुबह विस्फोट हो गया. जिस वजह से दर्जनों पंचायतों में विद्युत आपूर्ति ठप हो गयी. विद्युत आपूर्ति ठप होने की सूचना मिलते ही विद्युत तकनीकी टीम द्वारा पोटेन्शियल ट्रांसफार्मर की मरम्मत प्रारंभ कर दी गयी एवं करीब दो घंटे के कड़ी मेहनत के बाद मरम्मति कार्य पुरा कर लिया गया व विद्युत आपूर्ति बहाल कर दिया गया. अंचल क्षेत्र में मौरा एवं विराटपुर स्थित पावर सब स्टेशनों में बांटा गया है. जबकि मंगवार पंचायत में तीसरे पावर सब स्टेशन का निर्माण एनबीपीडीसीएल द्वारा किया जा रहा है. इस बाबत पीएसएस विराटपुर के कनीय अभियंता अभिषेक आनंद ने बताया कि पोटेन्शियल ट्रांसफार्मर का मरम्मत कर आपूर्ति बहाल कर दिया गया है. उसे रिप्लेस करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गयी है. The post विद्युत आपूर्ति ठप हो जाने से उपभोक्ताओं को हुई परेशानी appeared first on Naya Vichar.

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टेलीविजन देखने को लेकर भाई से हुआ विवाद, बहन ने लगायी फांसी

आरा. उदवंतनगर थाना क्षेत्र के गजराजगंज ओपी अंतर्गत बड़का गांव (अख्तियारपुर) में बुधवार की रात टेलीविजन देखने को लेकर बड़े भाई से झगड़ा के बाद बहन ने पंखे में दुपट्टा बांध कर खुदकुशी करने का प्रयास किया. इससे उसकी हालत काफी गंभीर हो गयी है. परिजन द्वारा उसे इलाज के लिए सदर अस्पताल लाया गया. जानकारी के अनुसार उक्त किशोरी उदवंतनगर थाना क्षेत्र के गजराजगंज ओपी अंतर्गत बड़कागांव (अख्तियारपुर) गांव निवासी श्रीकांत राम की 15 वर्षीया पुत्री रीना कुमारी है. इधर, उक्त किशोरी की मामी मंजू कुमारी ने बताया कि रविवार की रात वह कमरे में टेलीविजन देख रही थी, तभी उसका मांझिल भाई आया और उससे टेलीविजन का रिमोट मांगने लगा. नहीं देने पर दोनों के बीच रिमोट को लेकर छीना-झपटी होने लगी. उसी दौरान टेलीविजन टूट गया, जिसके बाद दोनों के बीच जमकर लड़ाई हुई. तभी गुस्से में आकर उसने पंखे में दुपट्टा बांधकर गले में फांसी लगाकर खुदकुशी करने का प्रयास किया, जिससे उसकी हालत काफी गंभीर हो गयी. The post टेलीविजन देखने को लेकर भाई से हुआ विवाद, बहन ने लगायी फांसी appeared first on Naya Vichar.

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फाइलेरिया मुक्त जिला बनाना हमारी प्राथमिकताः सीएस

जिले में 20 लाख से अधिक लाभार्थियों को खिलाई जाएगी फाइलेरिया रोधी दवा11 फरवरी को मेगा एमडीए कैंप का होगा आयोजन सहरसा फाइलेरिया रोग के उन्मूलन के लिए जिले में 10 फरवरी से शुरू किये जा रहे सामूहिक दवा सेवन कार्यक्रम के सफल क्रियान्वयन को लेकर जिले के चिकित्सक एवं स्वास्थ्य विभाग ने गुरुवार को रेड क्रॉस सोसाइटी में मीडिया सहयोगियों के लिए कार्यशाला का आयोजन किया. कार्यक्रम में सिविल सर्जन डॉ राज नारायण प्रसाद ने कहा कि 10 फरवरी से शुरू हो रहे सामूहिक दवा सेवन कार्यक्रम के दौरान सभी लाभार्थियों को फाइलेरिया रोधी दवाएं खिलाना सुनिश्चित किया जाएगा. इस कार्यक्रम में अधिक से अधिक लोगों को फाइलेरिया रोधी दवाओं के सेवन के लिए 11 फरवरी को मेगा एमडीए कैंप का आयोजन किया जाएगा. जिसमें बूथ लगा कर समुदाय के सभी लक्षित लाभार्थियों को स्वास्थ्यकर्मी अपने सामने दवा सेवन कराएंगे. इसके अतिरिक्त प्रशिक्षित स्वास्थ्यकर्मी अगले 14 दिवस तक घर-घर जाकर छूटे लाभार्थियों को दवा का सेवन कराना सुनिश्चित करेंगे. उन्होंने बताया कि फाइलेरिया रोधी दवाएं पूरी तरह सुरक्षित हैं. रक्तचाप, शुगर, अर्थराइटिस या अन्य सामान्य रोगों से ग्रसित व्यक्तियों को भी ये दवाएं खानी है. सामान्य लोगों को इन दवाओं के खाने से किसी भी प्रकार के दुष्प्रभाव नहीं होते. किसी को दवा खाने के बाद मितली, चक्कर जैसे लक्षण होते हैं तो यह शुभ संकेत हैं. इसका मतलब है कि है कि उस व्यक्ति के शरीर में फाइलेरिया के परजीवी मौजूद है. जो दवा खाने के बाद मर रहें हैं. उन्होंने कहा कि कार्यक्रम के दौरान किसी लाभार्थी को दवा सेवन के बाद किसी प्रकार की कोई कठिनाई प्रतीत होती है तो उससे निपटने के लिए हर ब्लॉक में रैपिड रेस्पोंस टीम तैनात रहेगी. जिले के वेक्टर जनित रोग नियंत्रण पदाधिकारी डॉ रविंद्र कुमार ने बताया कि 10 फरवरी से शुरू होने वाले सामूहिक दवा सेवन कार्यक्रम में जिले के सभी 10 प्रखंड के कुल कुल जनसंख्या 23 लाख 62 हजार 345 के विरुद्ध योग्य पापुलेशन 20 लाख, सात हजार 994 लाभार्थियों को फाइलेरिया से सुरक्षित रखने के लिए डीईसी एवं अल्बेंडाजोल की निर्धारित खुराक, प्रशिक्षित स्वास्थ्यकर्मियों द्वारा घर-घर जाकर, अपने सामने खिलाएगी. दवाओं का वितरण बिलकुल भी नहीं किया जायेगा. इन दवाओं का सेवन खाली पेट नहीं करना है. दो वर्ष से कम उम्र के बच्चों, गर्भवती स्त्रीओं एवं अति गंभीर रूप से बीमार व्यक्तियों को दवा नहीं खिलाई जाएगी. फाइलेरिया रोधी दवाएं पूरी तरह सुरक्षित है. जिला कार्यक्रम प्रबंधक विनय रंजन ने बताया कि फाइलेरिया या हाथी पांव रोग, सार्वजनिक स्वास्थ्य की गंभीर समस्या है. यह रोग संक्रमित मच्छर के काटने से फैलता है. विशेषज्ञ बताते हैं कि व्यक्ति लगातार पांच साल तक फाइलेरिया रोधी दवा खा लेता है तो पूरे जीवन उसे फाइलेरिया रोग होने की संभावना समाप्त हो जाती है. इस अवसर पर भीबीडी कंसलटेंट राजेश कुमार, भीडीसीओ शशि कांत कुमार, राकेश कुमार, प्रवीण कुमार, पीरामल के आलोक कुमार, डब्ल्यूएचओ से धर्मेंद्र कुमार, सीफार के डिविजनल कोऑर्डिनेटर अमन कुमार सहित अन्य मौजूद थे. The post फाइलेरिया मुक्त जिला बनाना हमारी प्राथमिकताः सीएस appeared first on Naya Vichar.

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राजस्व कर्मचारियों की मांगें अनसुनी, चरणबद्ध आंदोलन की घोषणा

– राजस्व कर्मचारियों के हित से जुड़े मुद्दों को लगातार किया जा रहा है नजर अंदाज : जिलाध्यक्ष – जिला मुख्यालय स्थित डिग्री कॉलेज चौक के समीप एक दिवसीय धरना प्रदर्शन का आयोजन सुपौल. बिहार राज्य भूमि सुधार कर्मचारी संघ (महासंघ गोपगुट) की जिला शाखा सुपौल ने अपनी लंबित मांगों को लेकर एक बार फिर विभाग और प्रशासन के प्रति नाराजगी जाहिर की है. संघ के सदस्यों ने गुरुवार को जिला मुख्यालय स्थित डिग्री कॉलेज चौक के समीप एक दिवसीय धरना प्रदर्शन किया. संघ के जिलाध्यक्ष अजय कुमार ने कहा कि विगत आठ माह से लगातार मांगें उठाने, ज्ञापन सौंपने और विभागीय स्तर पर आश्वासन मिलने के बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है. इससे आक्रोशित होकर संघ ने चरणबद्ध आंदोलन की घोषणा कर दी है, जिसकी औपचारिक सूचना जिला पदाधिकारी को दी गई है. कहा कि राजस्व कर्मचारियों की समस्याएं वर्षो से लंबित हैं. कई बार विभागीय पदाधिकारियों, तत्कालीन मंत्री और अपर मुख्य सचिव स्तर तक मांगें पहुंचाई गयी. यहां तक कि तत्कालीन अपर मुख्य सचिव दीपक कुमार सिंह के हस्ताक्षर से मांगों को पूरा करने के लिए पत्र भी जारी हुआ था, लेकिन आठ माह बीत जाने के बाद भी विभाग ने इस दिशा में कोई गंभीर पहल नहीं की. इससे यह संदेश जा रहा है कि राजस्व कर्मचारियों के प्रति विभाग का रवैया उदासीन बना हुआ है. कहा कि अन्य विभागों की तुलना में राजस्व विभाग के निचले स्तर के कर्मचारी हमेशा उपेक्षा के शिकार रहे हैं. वरीय अधिकारियों और उच्च पदों से जुड़ी मांगें तो तत्काल पूरी कर दी जाती हैं, लेकिन राजस्व कर्मचारियों के हित से जुड़े मुद्दों को लगातार नजर अंदाज किया जा रहा है. 11 फरवरी तक मांगें पूरी नहीं हुईं, तो सभी राजस्व कर्मचारी अनिश्चितकालीन धरना करने को होंगे विवश : सचिव संघ के जिला सचिव विकास कुमार पाठक ने कहा कि संघ ने अपनी प्रमुख मांगों को फिर से दोहराया है. इनमें राजस्व कर्मचारियों के ग्रेड पे को 1900 (लेवल-2) से बढ़ाकर 2800 (लेवल-5) किए जाने की मांग प्रमुख है. कहा कि जब अब न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता स्नातक कर दी गई है, तो ग्रेड पे 4200 होना चाहिए. इसके अलावा सभी नवनियुक्त राजस्व कर्मचारियों को गृह जिला में पदस्थापन, राजस्व कार्यों के लिए आवश्यक संसाधन जैसे लैपटॉप, डोंगल और समय पर मासिक रिचार्ज की व्यवस्था, क्षेत्र भ्रमण के लिए ईंधन सहित मोटरसाइकिल उपलब्ध कराने की मांग भी की गई है. कहा कि एक राजस्व कर्मचारी को एक ही हल्का या पंचायत का प्रभार दिया जाए, ताकि काम का दबाव संतुलित रहे. वर्तमान में एक-एक कर्मचारी को कई हल्कों का जिम्मा सौंपा गया है, जिससे कार्य क्षमता प्रभावित हो रही है. कहा कि कर्मचारियों के द्वारा दिन-रात काम करने के बावजूद वरीय पदाधिकारियों द्वारा स्पष्टीकरण और निलंबन जैसी कार्रवाई की जाती है, जिससे मानसिक और शारीरिक उत्पीड़न की स्थिति बन रही है. कहा कि कार्य अवधि को लेकर भी कर्मचारियों में नाराजगी है. कार्य समय सुबह 10 बजे से शाम 05 बजे तक सुनिश्चित किया जाए. कहा कि महाअभियान और आपदा जैसी स्थिति का हवाला देकर कर्मचारियों से सुबह 07 से 08 बजे से रात 08 से 09 बजे तक काम लिया जा रहा है, जिससे मानसिक स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ रहा है. इसके साथ ही रविवार और अन्य राजपत्रित अवकाश में काम लेने पर रोक लगाने, लंबित क्षतिपूर्ति अवकाश और भत्ते के भुगतान की मांग भी रखी गई है. कहा कि इन सभी मुद्दों को लेकर संघ ने आंदोलन की रूपरेखा तय कर ली है. 03 फरवरी को पूरे बिहार में काला बिल्ला लगाकर कार्य किया गया. 05 फरवरी को जिला मुख्यालय पर एक दिवसीय धरना दिया गया है. वहीं 09 फरवरी को पटना के गर्दनीबाग में राज्यस्तरीय धरना प्रस्तावित है. कहा कि यदि 11 फरवरी तक मांगें पूरी नहीं हुईं, तो सभी राजस्व कर्मचारी अनिश्चितकालीन धरना शुरू करने को विवश होंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी विभाग और राज्य प्रशासन की होगी. इस अवसर पर राकेश रौशन, मुकेश कुमार, दीपक कुमार पासवान, अरविंद बैठा, गुंजन कुमार, नजीब आलम, सोनू कुमार मंडल, प्रभात कुमार, मनीष कुमार, दिलीप कुमार, अवध बिहारी, धनंजय कुमार, गौतम कुमार, आनंद कुमार गुप्ता, पवन कुमार सहित दर्जनों कर्मचारी मौजूद थे. The post राजस्व कर्मचारियों की मांगें अनसुनी, चरणबद्ध आंदोलन की घोषणा appeared first on Naya Vichar.

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वैश्य समाज ने आइजी से व्यवसायियों की सुरक्षा का किया आग्रह

पूर्णिया. अखिल हिंदुस्तानीय वैश्य महासम्मेलन का एक शिष्टमंडल गुरुवार को पुलिस महानिरीक्षक विवेकानंद से मुलाकात कर उन्हें बुके देकर सम्मानित किया एवं उनसे वैश्य समाज एवं व्यवसायियों की सुरक्षा देने का आग्रह किया. महानिरीक्षक ने कहा कि केवल वैश्य समाज एवं व्यवसायी ही नहीं हम चाहेंगे कि संपूर्ण समाज के लोगों की मेरे कार्यकाल में सुरक्षा पर आंच ना आये एवं सुरक्षित रहें. उन्होंने कहा कि जब तक व्यवसाय नहीं होगा तबतक समाज आगे नहीं बढ़ेगा. वैश्य समाज एवं व्यवसाययों की सुरक्षा मेरी पहली प्राथमिकता होगी. शिषटमंडल में अखिल हिंदुस्तानीय वैश्य महासम्मेलन के प्रदेश महामंत्री अनिल कुमार साहा, पूर्णिया प्रमंडल संगठन के प्रवक्ता सह वरिष्ठ अधिवक्ता दिलीप कुमार दीपक एवं सामाजिक कार्यकर्ता कौशल कुमार शर्मा उपस्थित थे. The post वैश्य समाज ने आइजी से व्यवसायियों की सुरक्षा का किया आग्रह appeared first on Naya Vichar.

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सड़क निर्माण कार्य को अधूरा, नहीं लगा बोर्ड

राजपुर पंचायत के उत्क्रमित मध्य विद्यालय लठिया से तुमनी तक बननी थी सड़क पीरीबाजार क्षेत्र अंतर्गत चौरा राजपुर पंचायत के उत्क्रमित मध्य विद्यालय लठिया से तुमनी तक वर्ष 2025 की शुरुआत में ही सड़क निर्माण शुरू किया गया था, परंतु अभी तक सड़क का निर्माण कार्य पूरा नहीं हुआ है. बता दे कि लंबे समय से लोग इस कार्य को पूरा होने का इंतजार कर रहे हैं. संवेदक तथा विभागीय उदासीनता के कारण ना तो योजना स्थल पर बोर्ड लगा है ना ही अभी तक सड़क का कार्य पूरा हुआ है. संवेदक योजना का बोर्ड इसलिए नहीं लगाते हैं, क्योंकि योजना के बोर्ड में कार्य प्रारंभ एवं कार्य पूर्ण करने की तिथि एवं प्राक्कलित राशि सहित सड़क निर्माण की पूरी जानकारी होती है. इन सब बातों से बचने को लेकर संवेदक योजना स्थल पर कार्य करने के बाद योजना का बोर्ड लगाते हैं ताकि लोग इस पर सवाल न खड़ा करें. हालांकि इस सड़क में ना तो अभी तक योजना का बोर्ड लगा है ना तो अभी तक सड़क का निर्माण कार्य पूरा हुआ है. कई बार इस मामले को लेकर ग्रामीण कार्य विभाग के पदाधिकारी को अवगत करवाया गया, इसके बावजूद भी यह सड़क का कार्य पूर्ण नहीं हो सका है. मामले को लेकर ग्रामीण कार्य विभाग के कनीय अभियंता प्रमोद कुमार विद्यार्थी ने कहा कि रिसाइन का पत्र संवेदक को दिया गया है. संवेदक को जल्द कार्य पूर्ण करने को कहा गया है. नहीं करने पर उक्त संवेदक पर कार्रवाई की जायेगी. ————————————————————————————————- The post सड़क निर्माण कार्य को अधूरा, नहीं लगा बोर्ड appeared first on Naya Vichar.

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एंथ्रोपिक एआई का कंप्यूटर कोवर्क उड़ा रहा साॅफ्टवेयर कंपनियों की नींद, ये है खासियत

Anthropic AI : एंथ्रोपिक एआई साॅफ्टवेयर इंडस्ट्री के लिए सदमे की तरह उभरा है. एंथ्रोपिक एआई का प्रभाव इससे समझा जा सकता है कि अमेरिकी शेयर बाजार लगातार गिरा है. एंथ्रोपिक एआई का असर बुधवार को हिंदुस्तानीय बाजारों पर भी दिखा और इसके प्रभाव से शेयर मार्केट में भारी उठा–पटक दिखा. हिंदुस्तानीय कंपनियों के स्टाॅक्स गिरे और भविष्य को लेकर आशंका की वजह से इंफोसिस, टीसीएस, विप्रो और एचसीएल जैसी कंपनियों के शेयरों में भी गिरावट देखी गई. आखिर क्या है एंथ्रोपिक एआई, जिसकी धमक से पूरा विश्व हिल गया है, आइए समझते हैं. क्या है एंथ्रोपिक एआई (Anthropic AI)? एंथ्रोपिक एआई एक अमेरिकी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस कंपनी है. यह मूलत: एक रिसर्च बेस कंपनी है, जिसके AI मॉडल क्लॉड (Claude) को काफी सफलता मिली है. यह एक लैंग्वेज मॉडल है. लैंग्वेज मॉडल कहने का अर्थ है एंथ्रोपिक एआई ने अपने भाषा मॉडल Claude 3 को पेश किया. इस माॅडल में जरूरतों के अनुसार तकनीक का विकास किया गया. क्लॉड 3 क्या है, कैसे करता है काम? क्लॉड 3 रिसर्च बेस काम करता है. इसे जरूरतों के अनुसार तीन श्रेणी में बांटा गया है. हर कैटगरी में अलग–अलग विकल्प दिए गए हैं, जिसे जरूरतों के अनुसार इस्तेमाल किया जा सकता है. 1.क्लॉड हाइकू (Claude Haiku) यह कम खर्च में सबसे तेज काम करने वाला माॅडल है. इसका उपयोग साधारण या यूं कहें कि रोजमर्रा के जीवन की जरूरतों के अनुसार किया जाता है. क्लाउड सॉनेट( Claude Sonnet) यह माॅडल बहुत अच्छा है. इसका उपयोग आॅफिस वर्क के लिए खास तौर पर किया जाता है. क्लाउड ओपस ( Claude Opus) मॉडल क्लॉड का सबसे बेहतरीन मॉडल है. इसका इस्तेमाल रिसर्च वर्क के लिए किया जाता है. गंभीर और कठिन विषयों का समाधान इस माॅडल के जरिए किया जाता है.मॉडल क्लॉड की विशेषता यह है कि यह तस्वीरों के जरिये भी सवालों के जवाब दे सकता है. यह गंभीर अध्ययन और विश्लेषण करता है और विषयों को याद भी रखता है. क्लाउड कोवर्क (Claude Cowork) ला सकता है भयंकर परिवर्तन क्लाउड कोवर्क एंथ्रोपिक एआई का क्रांतिकारी और बहुत बड़ा बदलाव लाने वाला माॅडल है. यह माॅडल ना सिर्फ कमांड देने वाले से बात करके उसकी समस्याओं का समाधान करता है, बल्कि यह उसके कंप्यूटर पर उसके प्रॉम्प्ट (कमांड) के आधार पर काम करता है. यह कंप्यूटर के माउस को चला सकता है. फोल्डर बना सकता है. कंटेंट को पढ़कर उसे अरेंज कर सकता है. यह क्लाउड एक असिस्टेंट की तरह काम करता है और आप उससे जैसे काम करवाना चाहें कर सकते हैं. किसी आर्टिकल को सुधारना, उसे सुरक्षित रखना जैसे काम प्रमुख है. यह विषयों को समझकर उसे सुरक्षित रखता है. विभिन्न विषयों पर एक्सप्लेनर और विशेष आलेख पढ़ने के लिए क्लिक करें एंथ्रोपिक एआई की खासियत क्या है? एंथ्रोपिक एआई जिस तरह से काम करता है, वह नैतिक मूल्यों पर जोर देता है. इसमें सुरक्षा की भावना पर बहुत ध्यान दिया गया है. एंथ्रोपिक एआई जिस प्रकार विश्लेषण और अध्ययन करता है, वह यह साबित करता है कि इसमें झूठी और गलत जानकारी आने की संभावना बहुत कम है और यह दिए गए कमांड के आधार पर बेहतरीन और सुरक्षित काम करता है. साॅफ्टवेयर कंपनियां क्यों घबरा रही हैं? एंथ्रोपिक एआई के Computer Use / Cowork माॅडल से कुछ साॅफ्टवेयर कंपनियां परेशान हैं. इसकी वजह यह है कि यह माॅडल दिए गए प्राम्प्ट के आधार पर फाॅर्म भरने, डेटा इंट्री करने और एडिटिंग का काम बहुत ही सहजता से कर सकता है. यह कंप्यूटर के स्क्रीन को पढ़ता है और आदेश के अनुसार काम करता है. हालांकि यह बिना प्राम्प्ट के कुछ नहीं कर सकता है, लेकिन कंपनियां इसके अपडेटेड वर्जन से डर रही हैं. ये भी पढ़ें : अगर हो पैसे की कमी और इग्नोरेंस, सुसाइड नहीं है रास्ता Menstrual Hygiene :  सुप्रीम कोर्ट ने क्यों कहा– मेंस्ट्रुअल हाइजीन लड़कियों का संवैधानिक अधिकार? UGC New Regulations :  यूजीसी के नये नियमों की जांच करेगा सुप्रीम कोर्ट, फिलहाल 2012 का नियम प्रभावी; जानें पूरी बात The post एंथ्रोपिक एआई का कंप्यूटर कोवर्क उड़ा रहा साॅफ्टवेयर कंपनियों की नींद, ये है खासियत appeared first on Naya Vichar.

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चाईबासा निकाय चुनाव : बैलेट पेपर से वोटिंग की मिली ट्रेनिंग, 220 अधिकारियों ने सीखी बारीकियां

Chaibasa Municipal Election 2026, चाईबासा : नगरपालिका (आम) चुनाव-2026 के सफल संचालन को लेकर जिला प्रशासन की ओर से तैयारियां तेज कर दी गई हैं. पश्चिमी सिंहभूम जिला निर्वाचन पदाधिकारी (नगरपालिका) सह उपायुक्त चंदन कुमार के निर्देशन में स्कॉट मध्य विद्यालय, चाईबासा स्थित कक्ष में अधिसूचित पीठासीन अधिकारियों एवं प्रथम मतदान अधिकारियों के लिए प्रथम चरण का प्रशिक्षण सत्र आयोजित किया गया. किन किन चीजों की दी गयी जानकारी इस प्रशिक्षण सत्र में कुल 220 निर्वाचन कर्मियों ने भाग लिया. प्रशिक्षण के दौरान मतदान की प्रक्रिया को लेकर विशेष रूप से वैलेट पेपर के माध्यम से मतदान, मतदान दिवस की संपूर्ण कार्यप्रणाली और चुनाव से जुड़े सभी फॉर्म व कागजात कैसे सही तरीके से भरकर सुरक्षित रखने हैं, इसकी पूरी जानकारी दी गयी. Also Read: कोल्हान यूनिवर्सिटी ने पीएचडी इंटरव्यू के लिए जारी की सूची, 10 से 25 फरवरी के बीच होगा इंटरव्यू मतदान कर्मियों को उनके दायित्वों से कराया गया अवगत मौके पर जिला शिक्षा अधीक्षक सह प्रभारी पदाधिकारी, प्रशिक्षण कोषांग की उपस्थिति में मास्टर ट्रेनरों ने मतदान कर्मियों को उनके दायित्वों से अवगत कराया. प्रशिक्षण में पीठासीन अधिकारियों को प्रपत्रों की सही तरीके से भराई, आदर्श आचार संहिता के पालन तथा मतदान केंद्र पर बेहतर तालमेल बनाए रखने के संबंध में विस्तृत जानकारी दी गई. आगामी चरण में प्रशिक्षण सत्र भी आयोजित किये जाएंगे वहीं, प्रथम मतदान अधिकारी के रूप में मतदाता की पहचान, मतदाता सूची में नाम का मिलान, पंजी संधारण और मतदान से पूर्व किए जाने वाले प्रारंभिक कार्यों पर भी विशेष जोर दिया गया. अधिकारियों ने बताया कि निष्पक्ष और शांतिपूर्ण मतदान सुनिश्चित करने के लिए सभी निर्वाचन कर्मियों का दायित्व अत्यंत महत्वपूर्ण है. प्रशासन की ओर से बताया गया कि आगामी चरणों में भी प्रशिक्षण सत्र आयोजित किए जाएंगे, ताकि सभी निर्वाचन कर्मी चुनावी प्रक्रिया को पूरी गंभीरता और पारदर्शिता के साथ संपन्न करा सकें. Also Read: धनबाद मेयर चुनाव: स्क्रूटनी में फेल हुए 3 धुरंधर, किसी को कागजों ने दिया धोखा, तो कहीं उम्र बनी रोड़ा The post चाईबासा निकाय चुनाव : बैलेट पेपर से वोटिंग की मिली ट्रेनिंग, 220 अधिकारियों ने सीखी बारीकियां appeared first on Naya Vichar.

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सफलता, आत्मविश्वास और जीवन बदल देने वाले स्वामी विवेकानंद के 15 अनमोल विचार

Swami Vivekananda Quotes in Hindi: स्वामी विवेकानंद आज भी युवाओं के लिए प्रेरणा का सबसे बड़ा स्रोत माने जाते हैं. उनके विचार आत्मविश्वास, लक्ष्य, आध्यात्म और कर्म की शक्ति को जगाने वाले हैं. स्वामी विवेकानंद ने युवाओं को उठने, जागने और अपने उद्देश्य के लिए निरंतर प्रयास करने का संदेश दिया. अगर आप जीवन में मोटिवेशन, सफलता और मानसिक मजबूती चाहते हैं, तो उनके ये अनमोल विचार आपके सोचने का नजरिया बदल सकते हैं. पढ़िए स्वामी विवेकानंद के 15 सर्वश्रेष्ठ प्रेरक विचार. Swami Vivekananda Quotes in Hindi: स्वामी विवेकानंद के 15 अनमोल विचार स्वामी विवेकानंद 1. उस व्यक्ति ने अमरत्व प्राप्त कर लिया है, जो किसी सांसारिक वस्तु से व्याकुल नहीं होता. 2. उठो, जागो और तब तक नहीं रुको जब तक लक्ष्य ना प्राप्त हो जाये. 3. उठो मेरे शेरो, इस भ्रम को मिटा दो कि तुम निर्बल हो. तुम एक अमर आत्मा हो, स्वच्छंद जीव हो, धन्य हो, सनातन हो. तुम तत्व नहीं हो, ना ही शरीर हो – तत्व तुम्हारा सेवक है. 4. ब्रह्माण्ड की सारी शक्तियां पहले से हमारी हैं. हम ही अपनी आँखों पर हाथ रख लेते हैं और फिर रोते हैं कि कितना अंधकार है. 5. जिस तरह विभिन्न स्रोतों से निकली धाराएँ समुद्र में मिल जाती हैं, उसी प्रकार मनुष्य द्वारा चुना हर मार्ग अंततः भगवान तक जाता है. 6. हम जितना ज्यादा बाहर जाकर दूसरों का भला करते हैं, हमारा हृदय उतना ही शुद्ध होता है और परमात्मा उसमें बसते हैं. 7. किसी की निंदा मत करें. अगर मदद कर सकते हैं तो हाथ बढ़ाइए, नहीं तो आशीर्वाद दीजिए और उन्हें उनके मार्ग पर जाने दीजिए. 8. कभी मत सोचिए कि आत्मा के लिए कुछ असंभव है. यही सबसे बड़ा पाप है – खुद को या दूसरों को निर्बल कहना. 9. अगर धन दूसरों की भलाई में काम आए तो उसका मूल्य है, अन्यथा वह बुराई का ढेर है. 10. हम वही हैं जो हमारी सोच ने हमें बनाया है. इसलिए ध्यान रखिए कि आप क्या सोचते हैं. विचार दूर तक यात्रा करते हैं. 11. जब तक आप खुद पर विश्वास नहीं करते, तब तक आप भगवान पर विश्वास नहीं कर सकते. 12. सत्य को हजार तरीकों से बताया जा सकता है, फिर भी हर एक सत्य ही होगा. 13. विश्व एक व्यायामशाला है, जहाँ हम खुद को मजबूत बनाने के लिए आते हैं. 14. बाहरी स्वभाव केवल अंदरूनी स्वभाव का बड़ा रूप है. 15. एक विचार लो और उसे अपना जीवन बना लो – उसके बारे में सोचो, सपने देखो, जियो. शरीर और मन के हर हिस्से को उसी विचार में डूब जाने दो – यही सफलता का मार्ग है. यह भी पढ़ें: Gautam Buddha Quotes in Hindi: गौतम बुद्ध के 30 विचार जो दुख, क्रोध और चिंता से दिलाएंगे मुक्ति यह भी पढ़ें: Veer Savarkar Quotes: वीर सावरकर के 20 विचार जो बदल सकते हैं आपकी सोच यह भी पढ़ें: Charlie Chaplin Quotes: हंसी के बिना जीवन का कोई अर्थ नहीं है- चार्ली चैपलिन के 20 अनमोल विचार The post सफलता, आत्मविश्वास और जीवन बदल देने वाले स्वामी विवेकानंद के 15 अनमोल विचार appeared first on Naya Vichar.

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टीआरपी लिस्ट में बड़ा उलटफेर, ‘क्योंकि सास भी कभी बहू थी’ फिर बनी दर्शकों की पहली पसंद

TV TRP Week 4: टीवी दर्शकों को हर हफ्ते जिस रिपोर्ट का सबसे ज्यादा इंतजार रहता है, वह है टीआरपी लिस्ट. इस हफ्ते ब्रॉडकास्ट ऑडियंस रिसर्च काउंसिल (BARC) ने Tv TRP Week 4 के आंकड़े जारी कर दिए हैं. इस बार की लिस्ट में कई बड़े बदलाव देखने को मिले हैं, जिसने दर्शकों को चौंका दिया है. ‘क्योंकि सास भी कभी बहू थी’ की शानदार वापसी लंबे समय बाद स्मृति ईरानी का सुपरहिट शो ‘क्योंकि सास भी कभी बहू थी’ एक बार फिर टीआरपी लिस्ट में टॉप पर पहुंच गया है. शो को इस हफ्ते 2.2 की रेटिंग मिली है, जिसके साथ इसने नंबर 1 की कुर्सी अपने नाम कर ली. कहानी में आए नए मोड़ और नॉस्टैल्जिया फैक्टर दर्शकों को खूब पसंद आ रहा है. ‘अनुपमा’ को दूसरा स्थान, फिर भी लोकप्रियता बरकरार रुपाली गांगुली स्टारर ‘अनुपमा’ इस हफ्ते टॉप पोजिशन से फिसलकर दूसरे नंबर पर पहुंच गया है. शो को भी 2.2 की रेटिंग मिली है. हालांकि रैंक बदली है, लेकिन शो की लोकप्रियता में कोई कमी नहीं दिख रही. इमोशनल ड्रामा और नए ट्विस्ट अब भी दर्शकों को बांधे हुए हैं. ‘नागिन 7’ को लगा झटका पिछले हफ्ते टीआरपी लिस्ट में नंबर 1 पर रहने वाला प्रियंका चाहर चौधरी का शो ‘नागिन 7’ इस बार तीसरे स्थान पर आ गया है. शो को 2.1 की रेटिंग मिली है. कहानी की धीमी रफ्तार और बदलते ट्रैक को इसकी गिरती रेटिंग की वजह माना जा रहा है. चौथे और पांचवें नंबर पर ये शोज शरद केलकर का शो ‘तुम से तुम तक’ दर्शकों का भरोसा जीतने में कामयाब रहा है और 1.9 रेटिंग के साथ चौथे स्थान पर है. वहीं, सेलेब्रिटी कुकिंग और कॉमेडी से भरपूर ‘लाफ्टर शेफ 3’ ने भी 1.9 रेटिंग हासिल कर पांचवां नंबर अपने नाम किया. टॉप 10 टीआरपी लिस्ट में बाकी शोज का हाल टीआरपी लिस्ट में ‘वसुधा’ ने 1.8 रेटिंग के साथ छठा स्थान पाया है. ‘गंगा माई की बेटियां’ सातवें नंबर पर है. ‘उड़ने की आशा’ आठवें, ‘ये रिश्ता क्या कहलाता है’ नौवें और ‘तारक मेहता का उल्टा चश्मा’ 1.6 रेटिंग के साथ दसवें नंबर पर रहा. इस हफ्ते की टीआरपी लिस्ट साफ दिखाती है कि दर्शक अब कंटेंट को लेकर ज्यादा चुनिंदा हो गए हैं. मजबूत कहानी, इमोशनल कनेक्ट और नए ट्विस्ट ही किसी शो को टॉप तक पहुंचा सकते हैं. यह भी पढ़ें: आठ साल बाद आमने-सामने आएंगे अरमान और अभीरा, बढ़ेगा इमोशनल ड्रामा The post टीआरपी लिस्ट में बड़ा उलटफेर, ‘क्योंकि सास भी कभी बहू थी’ फिर बनी दर्शकों की पहली पसंद appeared first on Naya Vichar.

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