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Author name: Vinod Jha

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पश्चिमी सिंहभूम: सुरक्षा बलों और माओवादियों के बीच मुठभेड़, एक करोड़ के इनामी नक्सली की तलाश में ऑपरेशन तेज

संजय पांडेय की रिपोर्ट West Singhbhum News: पश्चिमी सिंहभूम जिले के नक्सल प्रभावित टोंटो थाना क्षेत्र से बुधवार सुबह बड़ी समाचार सामने आई है, जहां रूटुगुटू के घने जंगलों में सुरक्षा बलों और माओवादियों के बीच भीषण मुठभेड़ जारी है. यह कार्रवाई कोबरा 209 बटालियन और अन्य सुरक्षा बलों द्वारा संयुक्त रूप से चलाए जा रहे सर्च ऑपरेशन के दौरान शुरू हुई. गुप्त सूचना पर शुरू हुआ सर्च ऑपरेशन  मिली जानकारी के अनुसार, सुरक्षा बलों को कुख्यात नक्सली और एक करोड़ रुपये के इनामी कमांडर मिसिर बेसरा के इस इलाके में सक्रिय होने की गुप्त सूचना मिली थी. इसी इनपुट के आधार पर जवानों ने जंगल में सर्च अभियान शुरू किया. इसी दौरान अचानक माओवादियों के एक दस्ते से आमना-सामना हो गया, जिसके बाद दोनों ओर से ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू हो गई. बता दें कि यह क्षेत्र नक्सलियों की सुरक्षित जोन मानी जाती है.  झारखंड : पश्चिमी सिंहभूम के टोंटो क्षेत्र के रूटुगुटू जंगल में सुरक्षा बलों और माओवादियों के बीच मुठभेड़ जारी है. एक करोड़ के इनामी नक्सली कमांडर मिसिर बेसरा की तलाश में कोबरा 209 बटालियन समेत सुरक्षा बलों ने सर्च ऑपरेशन तेज किया है. क्षेत्र में हाई अलर्ट है.#PrabhatKhabar… — Naya Vichar (@prabhatkhabar) April 29, 2026 यह भी पढ़ें: हजारीबाग: भीषण सड़क हादसे में एयर फोर्स के जवान की दर्दनाक मौत, हैदराबाद से बेटी को देखने आए थे गांव यह भी पढ़ें: झारखंड ट्रेजरी स्कैम: 31.47 करोड़ की अवैध निकासी, DSP से लेकर सिपाही तक ने एक ही माह में 2-2 बार उठाया वेतन The post पश्चिमी सिंहभूम: सुरक्षा बलों और माओवादियों के बीच मुठभेड़, एक करोड़ के इनामी नक्सली की तलाश में ऑपरेशन तेज appeared first on Naya Vichar.

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पीएम मोदी ने वाराणसी में किया 14 किलोमीटर लंबा रोड शो, काशी विश्वनाथ की पूजा-अर्चना की

PM Modi Varanasi Visit: पीएम मोदी का रोड शो बनारस लोकोमोटिव वर्क्स (बीएलडब्लू) से शुरू हुआ और लहरतारा, कचहरी, आंबेडकर चौराहा, चौकाघाट, तेलियाबाग, लहुराबीर और मैदागिन से होते हुए काशी विश्वनाथ धाम पर समाप्त हुआ. उसके बाद पीएम मोदी श्री काशी विश्वनाथ मंदिर में पूजा-अर्चना की. इस दौरान पीएम मोदी हाथ में त्रिशूल-डमरू लिए नजर आए. #WATCH | Varanasi | PM Narendra Modi holds a ‘Trishul-Damru’ after offering prayers at Shri Kashi Vishwanath temple pic.twitter.com/WZtRjWpJzl — ANI (@ANI) April 29, 2026 पीएम मोदी ने हाथ हिलाकर लोगों का किया अभिवादन बीजेपी के मीडिया प्रभारी अरविंद मिश्रा ने बताया कि लोग प्रधानमंत्री की एक झलक पाने के लिए उत्सुक दिखे और बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता, पदाधिकारी और स्थानीय निवासी पूरे मार्ग में कतारों में खड़े रहे. प्रधानमंत्री का स्वागत करने के लिए श्रद्धालु और समर्थक हर हर महादेव और जय श्री राम के जयकारे लगाते नजर आए. प्रधानमंत्री ने भी हाथ जोड़कर और हाथ हिलाकर उनका अभिवादन किया. #WATCH | Varanasi, Uttar Pradesh | PM Modi offers prayers at Shri Kashi Vishawanath temple (Video source: DD) pic.twitter.com/WICB1Ql0hJ — ANI (@ANI) April 29, 2026 लोगों ने पीएम मोदी पर पुष्पवर्षा की अरविंद मिश्रा ने बताया कि पूरे मार्ग में स्वागत के लिए कई जगह निर्धारित की गई थी, जहां पार्टी कार्यकर्ताओं और स्थानीय लोगों ने पुष्पवर्षा तथा ढोल और शंख बजाकर प्रधानमंत्री का स्वागत किया. पार्टी नेताओं का कहना है कि लगभग 14 किलोमीटर लंबा यह रोड शो शहर में अब तक के सबसे बड़े रोड शो में से एक है. ये भी पढ़ें: गुजरात निकाय चुनाव में बीजेपी का क्लीन स्वीप, कांग्रेस-AAP का सूपड़ा साफ, पीएम मोदी ने दी बधाई पीएम मोदी का स्पोर्टी अंदाज: बच्चों के साथ फुटबॉल स्पोर्ट्सते आए नजर, देखें Video The post पीएम मोदी ने वाराणसी में किया 14 किलोमीटर लंबा रोड शो, काशी विश्वनाथ की पूजा-अर्चना की appeared first on Naya Vichar.

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RE Bear 650 या BSA Scrambler 650: फीचर्स, परफॉर्मेंस और कीमत में कौन है बेस्ट डील?

अगर आप ऐसी बाइक की तलाश में हैं, जो पुराने जमाने का क्लासिक लुक दे और साथ ही हर तरह की सड़क पर आसानी से चल सके, तो स्क्रैम्बलर सेगमेंट इस समय तेजी से पॉपुलर हो रहा है. हाल ही में इस सेगमेंट में BSA Scrambler 650 की एंट्री हुई है, जो सीधे Royal Enfield Bear 650 को टक्कर देती है. दोनों ही बाइक्स रेट्रो डिजाइन के साथ मॉडर्न परफॉर्मेंस का कॉम्बिनेशन देती हैं, जिससे ये शहर की सड़कों से लेकर हल्के ऑफ-रोड रास्तों तक आराम से चल सकती हैं. ऐसे में अब सवाल यह है, कि रोजाना इस्तेमाल और एडवेंचर के लिए इनमें से कौन बेहतर साबित होती है. इंजन और परफॉर्मेंस इन दोनों स्क्रैम्बलर बाइक्स के बीच सबसे बड़ा फर्क इनके इंजन सेटअप में देखने को मिलता है. BSA Scrambler 650 में 652cc का लिक्विड-कूल्ड, सिंगल-सिलेंडर इंजन दिया गया है, जो 45 hp की पावर और 55 Nm टॉर्क देता है. दूसरी तरफ Royal Enfield Bear 650 में 648cc का पैरेलल-ट्विन इंजन मिलता है, जो 47.4 hp पावर और 56.5 Nm टॉर्क देता है. गियरबॉक्स की बात करें, तो BSA में 5-स्पीड गियरबॉक्स है, जबकि Bear 650 में 6-स्पीड ट्रांसमिशन दिया गया है, जो हाईवे राइडिंग के लिए ज्यादा स्मूद माना जाता है. हार्डवेयर और राइडिंग सेटअप हार्डवेयर और सस्पेंशन के मामले में भी इन दोनों बाइक्स में साफ अंतर देखने को मिलता है. BSA Scrambler 650 के फ्रंट में टेलिस्कोपिक फोर्क दिया गया है, जबकि Royal Enfield Bear 650 में ज्यादा एडवांस्ड USD (अपसाइड-डाउन) फोर्क मिलता है. हालांकि, BSA में सस्पेंशन ट्रैवल ज्यादा दिया गया है, जो खराब रास्तों पर बेहतर कम्फर्ट और कंट्रोल देने में मदद करता है. पीछे की तरफ दोनों बाइक्स में ट्विन शॉक एब्जॉर्बर मिलते हैं. व्हील साइज की बात करें, तो दोनों में 19 इंच का फ्रंट और 17 इंच का रियर व्हील दिया गया है, जो स्क्रैम्बलर बाइक्स के लिए स्टैंडर्ड सेटअप माना जाता है. हालांकि, BSA में थोड़े चौड़े टायर्स दिए गए हैं, जिससे ढीली या खराब सतह पर बेहतर ग्रिप मिलने की संभावना रहती है. कीमत और पोजिशनिंग कीमत के मामले में BSA Scrambler 650 थोड़ी सस्ती रखी गई है. इसकी कीमत 3.24 लाख रुपये से शुरू होकर 3.40 लाख रुपये (एक्स-शोरूम) तक जाती है. Royal Enfield Bear 650 की कीमत ज्यादा है, जो 3.75 लाख रुपये से शुरू होकर 3.97 लाख रुपये (एक्स-शोरूम) तक जाती है. कौन सी बाइक किसके लिए बेहतर? दोनों ही बाइक्स अपने-अपने तरीके से खास हैं. Royal Enfield Bear 650 पावर, ज्यादा एडवांस सस्पेंशन और मजबूत ब्रांड वैल्यू के मामले में आगे नजर आती है. इसके साथ ही Royal Enfield का बड़ा सर्विस और डीलर नेटवर्क इसे लंबे समय के लिए ज्यादा भरोसेमंद ऑप्शन बनाता है. दूसरी तरफ BSA Scrambler 650 कीमत के मामले में ज्यादा किफायती है. इसके साथ इसमें ज्यादा सस्पेंशन ट्रैवल और बेहतर ग्राउंड क्लीयरेंस मिलता है, जो खराब सड़कों और हल्की ऑफ-रोडिंग के लिए इसे ज्यादा काम का बनाता है. परफॉर्मेंस के मामले में भी यह बहुत पीछे नहीं है. ऐसे में आप अपनी जरूरत और बजट के हिसाब से सही ऑप्शन चुन सकते हैं. अगर आप हल्की, सिंपल और थोड़ा किफायती ऑप्शन चाहते हैं, तो BSA Scrambler 650 आपके लिए सही है. वहीं अगर आप ज्यादा पावर, स्मूद इंजन और बेहतर हाईवे परफॉर्मेंस चाहते हैं, तो Royal Enfield Bear 650 ज्यादा पसंद आएगी. यह भी पढ़ें: Royal Enfield Bear 650 vs Guerrilla 450: दमदार पावर या स्मार्ट परफॉर्मेंस… कौन सी बाइक है आपके लिए सही? The post RE Bear 650 या BSA Scrambler 650: फीचर्स, परफॉर्मेंस और कीमत में कौन है बेस्ट डील? appeared first on Naya Vichar.

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आज होगी सम्राट सरकार की दूसरी कैबिनेट की बैठक, कई जरूरी प्रस्तावों पर लगेगी मुहर

Bihar Cabinet: बिहार में नई प्रशासन के गठन के बाद आज दूसरी कैबिनेट की बैठक होगी. यह बैठक शाम करीब 5 बजे मुख्यमंत्री सचिवालय में होगी. सीएम सम्राट चौधरी इस बैठक की अध्यक्षता करेंगे. इसमें दोनों उपमुख्यमंत्री विजय चौधरी और बिजेंद्र यादव भी मौजूद रहेंगे. इस दौरान कई जरूरी प्रस्तावों पर मुहर लग सकती है. कैबिनेट की बैठक के बाद ब्रीफिंग 6 बजे शाम तक हो सकती है. 22 अप्रैल को हुई थी पहली बैठक सम्राट प्रशासन की पहली कैबिनेट की बैठक 22 अप्रैल को हुई थी. इस बैठक में कुल 22 अहम एजेंडों पर मुहर लगी थी. करीब एक घंटे चली इस बैठक में कई बड़े फैसले लिए गए थे, जिनका सीधा असर विकास, रोजगार और सुरक्षा पर दिखेगा. सैटेलाइट टाउनशिप को लेकर मिली थी मंजूरी 22 अप्रैल को हुई बैठक में बिहार में 11 नए ग्रीनफील्ड सैटेलाइट टाउनशिप को मंजूरी दी गई, जिसकी खूब चर्चा हो रही है. जिस भी जिले के जिस एरिया में सैटेलाइट टाउनशिप बनाए जायेंगे, वहां जमीन की खरीद-बिक्री पर रोक लगा दी गई है. इसके साथ ही इससे जमीन देने वालों को खास फायदा मिल सकता है. अन्य जरूरी प्रस्तावों पर भी लगी थी मुहर इसके अलावा 22 अप्रैल को हुई कैबिनेट की बैठक में अन्य जरूरी प्रस्तावों पर भी मुहर लगी थी. प्रशासन ने स्त्री सुरक्षा को मजबूत करने के लिए बड़ा फैसला लिया था. 1500 स्त्री पुलिसकर्मियों को स्कूटी दी जाएगी. इसके साथ ही 3200 पुलिसकर्मियों को मोटरसाइकिल भी दी जाएगी. इस योजना पर कुल 66.75 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे. साथ ही सोनपुर स्थित बाबा हरिहरनाथ मंदिर क्षेत्र को अब काशी विश्वनाथ कॉरिडोर की तर्ज पर विकसित किया जाएगा. इस परियोजना के लिए 680 करोड़ रुपये की मंजूरी दी गई है. मुंगेर जिले के तारापुर में धार्मिक और पर्यटन सुविधाओं के विकास के लिए बड़ा फैसला हुआ था. इसके लिए कृषि विभाग की 15 एकड़ जमीन पर्यटन विभाग को मुफ्त में दी जाएगी, जिससे इलाके में पर्यटन को नई दिशा मिलेगी. Also Read: बिहार के कटिहार में हाई अलर्ट, बॉर्डर सील, चप्पे-चप्पे पर निगरानी The post आज होगी सम्राट प्रशासन की दूसरी कैबिनेट की बैठक, कई जरूरी प्रस्तावों पर लगेगी मुहर appeared first on Naya Vichar.

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अगर हम न होते, तो आप फ्रेंच बोल रहे होते…ट्रंप के बड़बोलेपन पर किंग चार्ल्स ने कसा तंज

King Charles vs Donald Trump: पूरी बात को समझने के लिए ट्रंप के बयान को जानना जरूरी है. डोनाल्ड ट्रंप ने किंग चार्ल्स III के साथ बातचीत के दौरान कहा था- अगर अमेरिका न होता तो यूरोप के कई देश आज जर्मन भाषा बोल रहे होते. ट्रंप के इसी बड़बोलेपन का जवाब किंग चार्ल्स ने दिया. ट्रंप अपनी बात से उन युद्धों की ओर इशारा कर रहे थे, जिसमें यूरोप पर जर्मनी का कब्जा होने की संभावना थी. इसका असर ये होता कि ब्रिटेन भी जर्मन भाषा बोलने लगता. हम न होते, तो आप फ्रेंच बोल रहे होते : किंग चार्ल्स किंग चार्ल्स III ने एक कार्यक्रम के दौरान अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के सामने कहा- मिस्टर प्रेसिडेंट, आपने हाल ही में टिप्पणी की थी कि अगर संयुक्त राज्य अमेरिका न होता, तो यूरोपीय देश जर्मन बोल रहे होते. क्या मैं यह कहने की हिम्मत कर सकता हूं कि अगर हम न होते, तो आप आज फ्रेंच बोल रहे होते? #WATCH | King Charles III says, “You recently commented, Mr President (Donald Trump), that if it were not for the United States, European countries would be speaking German. Dare I say that if it wasn’t for us, you’d be speaking French…” (Source: Unrestricted Pool via Reuters) pic.twitter.com/r2bUSI8VIG — ANI (@ANI) April 29, 2026 किंग चार्ल्स की बात सुनकर ठहाकों से गूंज उठा हॉल जब किंग चार्ल्स III ने ट्रंप को यह करारा जवाब दिया, तो हॉल ठहाकों से गूंज उठा और ट्रंप भी मुस्कुराने लगे. ब्रिटिश सेना ने व्हाइट हाउस की इमारत को जला दिया था किंग चार्ल्स ने ट्रंप के साथ हंसी-मजाक करते हुए अमेरिका और ब्रिटेन के बीच के उतार-चढ़ाव भरे इतिहास को याद किया. उन्होंने ट्रंप के दूसरे कार्यकाल को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि इस शानदार इमारत में वापस आना खुशी की बात है, जो आपके लोकतंत्र का केंद्र है. उन्होंने हाल ही में हुए रेनोवेशन का जिक्र करते हुए मेहमानों को और भी हंसाया. उन्होंने 1812 के युद्ध का जिक्र करते हुए व्यंग्यात्मक लहजे में कहा- अंग्रेजों ने 1814 में ही व्हाइट हाउस के रेनोवेशन का प्रयास किया था, जब ब्रिटिश सेना ने व्हाइट हाउस की इमारत को जला दिया था. ये भी पढ़ें: होर्मुज पर अमेरिका का कड़ा पहरा, ट्रंप ने बनाई नई स्ट्रैटेजी; क्या 22 दिन में घुटने टेकेगा तेहरान? ईरान की दो टूक: ‘हम जीतेंगे, दुश्मन वक्त बर्बाद न करे’, ट्रंप की धमकियों के बीच तेहरान ने रखीं 10 शर्तें The post अगर हम न होते, तो आप फ्रेंच बोल रहे होते…ट्रंप के बड़बोलेपन पर किंग चार्ल्स ने कसा तंज appeared first on Naya Vichar.

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अंतरराष्ट्रीय नृत्य दिवस पर छऊ नृत्य की गूंज, सरायकेला-खरसावां की कला को मिला विश्व स्तर का सम्मान 

 सरायकेला-खरसावां से शचिंद्र कुमार दाश/ प्रताप मिश्रा की रिपोर्ट  Seraikela Kharsawan News: छऊ नृत्य के कारण अंतरराष्ट्रीय क्षितिज पर सरायकेला-खरसावां की पहचान बनी है. यह जिला अपनी प्राकृतिक सुंदरता के साथ-साथ छऊ नृत्य के लिए भी जाना जाता है. छोटे शहर होने के बावजूद इसकी प्रसिद्धि विदेशों तक पहुंच चुकी है. यहां के सात छऊ गुरुओं को पद्मश्री पुरस्कार मिल चुका है. संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार से सम्मानित छऊ गुरु और राजकीय छऊ नृत्य कला केंद्र के पूर्व निदेशक तपन पटनायक के अनुसार छऊ कला एक प्राचीन योग है. इसमें आध्यात्मिकता की गहराई भी देखने को मिलती है. छऊ नृत्य में आस्था, परंपरा और धार्मिक विश्वास स्पष्ट रूप से झलकता है.  हिंदुस्तान की प्राचीन नृत्य है छऊ छऊ गुरु तपन पटनायक ने छऊ नृत्य को विशुद्ध रुप से हिंदुस्तान की प्राचीन नृत्य बताया. गुरु तपन पटनायक के अनुसार समय के साथ यह सामरिक कला से शास्त्रीय कला के रुप में आगे बढ़ता गया. इसका पूरा श्रेय सरायकेला राजपरिवार को जाता है. इसमें आधुनिक छऊ निर्माता सरायकेला राजघराने के कुंवर विजय प्रताप सिंहदेव क भूमिका रही. सरायकेला में राजकुमार भी आम कलाकारों के साथ नृत्य किया करते थे. अंतरराष्ट्रीय नृत्य दिवस पर छऊ नृत्य की गूंज, सरायकेला-खरसावां की कला को मिला विश्व स्तर का सम्मान. छऊ नृत्य के संरक्षण में राजपरिवार का बड़ा योगदान  देश-विदेशों में छऊ नृत्य प्रस्तुत कर चुके गुरु तपन पटनायक ने बताया कि छऊ नृत्य ने अपनी उत्कृष्ट नृत्य शैली के कारण अपने प्रांत और देश के शरहदों के पार भिन्न भाषा, विचार वाले देशों में के लोगों के लिए भी आकर्षण का केंद्र बनी हुई है. 1938 में पहली बार सरायकेला राजघराने की अगुवाई में इस नृत्य कला ने विदेशों (यूरोप) में जा कर अपनी आभा बिखेरी थी. गुरु तपन पटनायक के अनुसार छऊ नृत्य के संरक्षण में राजपरिवार का बड़ा योगदान रहा है.  2010 में, छऊ नृत्य को यूनेस्को की मानवता की अमूर्त सांस्कृतिक विरासत  गुरु तपन पटनायक के अनुसार 2010 में, छऊ नृत्य को यूनेस्को की मानवता की अमूर्त सांस्कृतिक विरासत की प्रतिनिधि सूची में अंकित किया गया था, जो इसके वैश्विक सांस्कृतिक महत्व को उजागर करता है. इस नृत्य कला के लिये सरायकेला के सात कलाकारों को पद्मश्री की उपाधी मिल चुकी है. देश में सरायकेला ही एक मात्र ऐसा शहर है, जहां से छऊ नृत्य के लिए सात कलाकारों को पद्मश्री का सम्मान मिला है. गुरु तपन पटनायक के अनुसार वर्तमान समय में छऊ नृत्य कला के संरक्षित करने के लिए ये सही रुप में प्रशासनी स्तर पर पहल होनी चाहिए.  अंतरराष्ट्रीय नृत्य दिवस पर छऊ नृत्य की गूंज, सरायकेला-खरसावां की कला को मिला विश्व स्तर का सम्मान. नृत्य कला के जोड़ना, प्रोत्साहन, विकास और प्रचार प्रसार पर जोर देना होगा गुरु तपन पटनायक के अनुसार कला का बेहतर माहौल तैयार हो, गुरु-शिष्य परंपरा को मजबूत बने, अनुभवी गुरुओं का सलाह पर काम हो और उन्हें उचित सम्मान मिले. स्कूल-कॉलेज में छऊ की पढ़ाई हो और कलाकारों को प्रशिक्षण देने के साथ साथ उचित मानदेय मिले, तभी इस नृत्य कला प्रोत्साहन मिलेगी. इस नृत्य कला के संबद्धन, प्रोत्साहन, विकास और प्रचार प्रसार पर जोर देना होगा. गुरु तपन पटनायक का मानना है कि कला को कला दृष्टि से ही संवारा जा सकता है, न कि किसी नेतृत्वक दृष्टिकोण से.  सरायकेला-खरसावां जिला में तीन शैली के छऊ नृत्य है प्रचलित  छऊ नृत्य सरायकेला-खरसावां का प्रसिद्ध नृत्य है. यह देश-विदेश में काफी लोकप्रिय है. सरायकेला शैली के छऊ कलाकार मुखौटा कर पहन कर पारंपरिक वाद्य यंत्र ढ़ोलक, नगाड़ा और शहनाई (पेंकाली) के धून पर नृत्य करते है. सरायकेला में छऊ के दर्जनों अंतरराष्ट्रीय कलाकार है. सरायकेला-खरसावां जिला में तीन शैली के छऊ नृत्य का प्रचलन है. सरायकेला शैली में कलाकार मुखौटा पहने नृत्य करते है. इस शैली के नृत्य में भाव भंगिमाओं पर विशेष ध्यान दिया जाता है. इसी तरह खरसावां शैली के छऊ नृत्य में मुखौटा का उपयोग नहीं होता है. चांडिल क्षेत्र में प्रचलित मानभूम शैली के छऊ नृत्य बड़े-बड़े आकार के मुखौटों का उपयोग होता है. विदेशों से भी काफी संख्या में लोग छऊ नृत्य सीखने के लिए पहुंचते है. अंतरराष्ट्रीय नृत्य दिवस पर छऊ नृत्य की गूंज, सरायकेला-खरसावां की कला को मिला विश्व स्तर का सम्मान. यह भी पढ़ें: हजारीबाग: भीषण सड़क हादसे में एयर फोर्स के जवान की दर्दनाक मौत, हैदराबाद से बेटी को देखने आए थे गांव यह भी पढ़ें: झारखंड ट्रेजरी स्कैम: 31.47 करोड़ की अवैध निकासी, DSP से लेकर सिपाही तक ने एक ही माह में 2-2 बार उठाया वेतन The post अंतरराष्ट्रीय नृत्य दिवस पर छऊ नृत्य की गूंज, सरायकेला-खरसावां की कला को मिला विश्व स्तर का सम्मान  appeared first on Naya Vichar.

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यूपी में राहत तो बिहार में आफत, चेक करें 29 अप्रैल का पेट्रोल-डीजल रेट 

Petrol Diesel Price Today 29 April 2026: आज पेट्रोल और डीजल के दामों में कहीं मामूली गिरावट आई है, तो कहीं बढ़त ने थोड़ा परेशान किया है. खासकर बिहार के पटना में पेट्रोल 36 पैसे महंगा हुआ है, वहीं यूपी के नोएडा में 38 पैसे की राहत मिली है. मुंबई और दिल्ली जैसे बड़े शहरों में आज शांति है, लेकिन यूपी, बिहार और झारखंड के जिलों में हलचल तेज है. बिना किसी देरी के, सीधे देखिए आपके शहर का पेट्रोल-डीजल रेट नीचे दिए गए टेबल में: पेट्रोल रेट टेबल: शहर आज का रेट (₹) कल का रेट (₹) कितना घटा/बढ़ा पटना (बिहार) ₹105.59 ₹105.23 +0.36 (बढ़ा) गया (बिहार) ₹106.20 ₹106.61 -0.41 (घटा) भागलपुर (बिहार) ₹105.84 ₹106.40 -0.56 (घटा) मुजफ्फरपुर (बिहार) ₹106.05 ₹105.71 +0.34 (बढ़ा) रांची (झारखंड) ₹97.89 ₹98.20 -0.31 (घटा) धनबाद (झारखंड) ₹97.89 ₹97.87 +0.02 (बढ़ा) देवघर (झारखंड) ₹97.64 ₹97.64 0.00 (स्थिर) जमशेदपुर (झारखंड) ₹98.64 ₹97.80 +0.84 (बढ़ा) लखनऊ (यूपी) ₹94.68 ₹94.73 -0.05 (घटा) नोएडा (यूपी) ₹94.74 ₹95.12 -0.38 (घटा) भोपाल (एमपी) ₹106.63 ₹106.52 +0.11 (बढ़ा) नई दिल्ली ₹94.77 ₹94.77 0.00 (स्थिर) मुंबई ₹103.54 ₹103.54 0.00 (स्थिर) कोलकाता ₹105.45 ₹105.41 +0.04 (बढ़ा) बेंगलुरु ₹102.92 ₹102.92 0.00 (स्थिर) डीजल रेट टेबल:  शहर आज का रेट (₹) कल का रेट (₹) कितना घटा/बढ़ा पटना (बिहार) ₹91.82 ₹91.49 +0.33 (बढ़ा) गया (बिहार) ₹92.40 ₹92.78 -0.38 (घटा) भागलपुर (बिहार) ₹92.04 ₹92.57 -0.53 (घटा) मुजफ्फरपुर (बिहार) ₹92.24 ₹91.94 +0.30 (बढ़ा) रांची (झारखंड) ₹92.66 ₹92.97 -0.31 (घटा) धनबाद (झारखंड) ₹92.65 ₹92.63 +0.02 (बढ़ा) जमशेदपुर (झारखंड) ₹93.38 ₹92.55 +0.83 (बढ़ा) देवघर (झारखंड) ₹92.34 ₹92.34 0.00 (स्थिर) लखनऊ (यूपी) ₹87.80 ₹87.86 -0.06 (घटा) नोएडा (यूपी) ₹87.81 ₹88.29 -0.48 (घटा) गुरुग्राम ₹88.30 ₹87.94 +0.36 (बढ़ा) नई दिल्ली ₹87.67 ₹87.67 0.00 (स्थिर) मुंबई ₹90.03 ₹90.03 0.00 (स्थिर) चेन्नई ₹92.81 ₹92.61 +0.20 (बढ़ा) कोलकाता ₹92.02 ₹92.02 0.00 (स्थिर) The post यूपी में राहत तो बिहार में आफत, चेक करें 29 अप्रैल का पेट्रोल-डीजल रेट  appeared first on Naya Vichar.

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DigiLocker पर ऐसे चेक करें CG Board 10वीं-12वीं का रिजल्ट, मिनटों में मिलेगा स्कोरकार्ड

CGBSE CG Board Result 2026: आज यानी कि 29 अप्रैल 2026 को 2:30 बजे छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल (CGBSE) 10वीं-12वीं कक्षा का रिजल्ट जारी करने वाला है. रिजल्ट जारी होने के साथ ही छात्र अपने स्कोरकार्ड चेक करने के लिए वेबसाइट पर जुट जाते हैं, जिससे कई बार साइट स्लो हो जाती है. ऐसे में एक आज हम आपको बताएंगे कि DigiLocker से CG Board का रिजल्ट कैसे चेक करें. DigiLocker पर कैसे चेक करें CG Board Result? सबसे पहले DigiLocker ऐप डाउनलोड करें या digilocker.gov.in वेबसाइट पर जाएंअपना अकाउंट लॉगिन करें (मोबाइल नंबर/आधार से)अगर नया यूजर हैं तो पहले Sign Up करेंलॉगिन करने के बाद एजुकेशन सेक्शन में जाएंयहां CGBSE (Chhattisgarh Board) को सेलेक्ट करेंClass 10th या Class 12th Marksheet पर क्लिक करेंअपना Roll Number और जरूरी डिटेल्स दर्ज करेंआपकी मार्कशीट स्क्रीन पर आ जाएगी, जिसे डाउनलोड या सेव कर सकते हैं क्यों है DigiLocker बेहतर ऑप्शन? वेबसाइट स्लो होने पर भी आसानी से रिजल्ट देखा जा सकता हैडिजिटल मार्कशीट पूरी तरह वैलिड होती हैभविष्य में एडमिशन और डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन में काम आती है वेबसाइट से कैसे चेक करें रिजल्ट? छात्र अपना रिजल्ट इन प्लेटफॉर्म्स पर चेक कर सकते हैं- सबसे पहले आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं इसके बाद होमपेज पर 10th/12th Result 2026 लिंक पर क्लिक करें अपना Roll Number डालें Submit करते ही रिजल्ट स्क्रीन पर आ जाएगा कब हुई थी CG Board 10वीं-12वीं परीक्षा? छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल (CGBSE) की 2026 की बोर्ड परीक्षाएं फरवरी और मार्च में संपन्न हुई थीं. कक्षा 12 की परीक्षा 20 फरवरी से 18 मार्च 2026 और कक्षा 10 की परीक्षा 21 फरवरी से 13 मार्च 2026 के बीच आयोजित की गई थी. मुख्यमंत्री जारी करेंगे रिजल्ट CG Board आज 10वीं-12वीं कक्षा का रिजल्ट जारी करने वाला है. मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय दोपहर 2.30 बजे बोर्ड एग्जाम का रिजल्ट जारी करेंगे. इस बार बोर्ड एग्जाम में करीब साढ़े 5 लाख स्टूडेंट शामिल हुए थे. अब इनका इंतजार खत्म होने वाला है और जल्द ही रिजल्ट जारी कर दिया जाएगा. यह भी पढ़ें- CGBSE CG Board Result 2026: आज जारी होगा छत्तीसगढ़ बोर्ड 10वीं-12वीं कक्षा का रिजल्ट, यहां करें चेक The post DigiLocker पर ऐसे चेक करें CG Board 10वीं-12वीं का रिजल्ट, मिनटों में मिलेगा स्कोरकार्ड appeared first on Naya Vichar.

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गर्मी में कूलर देगा AC जैसी ठंडी हवा, घर पर ही इस तरीके से करें स्मार्ट सर्विसिंग

अक्सर हम ये शिकायत करते हैं कि कूलर से ठंडी हवा नहीं आ रही या उसका एयर फ्लो पहले जैसा नहीं रहा. लेकिन असल में गलती कूलर की नहीं, हमारी लापरवाही की होती है. हम कूलर खरीद तो लेते हैं, लेकिन उसकी सही देखभाल नहीं करते, जबकि AC की तरह कूलर को भी थोड़ी केयर की जरूरत होती है. अगर समय-समय पर कूलर की सफाई और छोटी-मोटी सर्विसिंग कर दी जाए, तो यह जबरदस्त कूलिंग देता है. अच्छी बात तो यह है कि इसके लिए आपको हर बार मैकेनिक बुलाने की जरूरत नहीं पड़ती. आप घर पर ही कुछ आसान टिप्स अपनाकर अपने कूलर को नया जैसा बना सकते हैं. इससे न सिर्फ कूलिंग बेहतर होगी, बल्कि कूलर की लाइफ भी बढ़ेगी और बिजली की खपत भी कम होगी. आज हम आपको ऐसे ही आसान और काम के टिप्स बता रहे हैं, जिनसे आपका कूलर तेज गर्मी में भी बढ़िया ठंडी हवा देगा. कूलर की सफाई से करें शुरुआत सबसे पहले कूलर की अच्छी तरह सफाई करना जरूरी है. कूलर के अंदर जमा धूल और गंदगी उसकी कूलिंग को कम कर देती है. ऐसे में कूलर का टैंक खाली करके साफ पानी से धो लें. अगर ज्यादा गंदगी हो तो हल्के साबुन का इस्तेमाल कर सकते हैं. साथ ही फैन और अंदर के हिस्सों को भी साफ कपड़े से पोंछ लें. कूलिंग पैड्स का रखें ध्यान कूलिंग पैड्स हवा को ठंडा करने का काम करते हैं. अगर ये गंदे या खराब हो जाते हैं, तो कूलर ठीक से ठंडी हवा नहीं देता. ऐसे में पैड्स को निकालकर साफ पानी से धो लें. अगर वे बहुत पुराने हो गए हैं तो उन्हें बदल देना बेहतर रहेगा. पानी की पाइप और पंप करें चेक कूलर के पंप और पानी की पाइप भी चेक करें. कई बार पाइप में गंदगी जमा हो जाती है या पंप सही से काम नहीं करता, जिससे पानी ऊपर तक नहीं पहुंचता. इससे कूलिंग कम हो जाती है. इसलिए यह देख लें कि पानी सही तरीके से घूम रहा है या नहीं. फैन और मोटर की जांच जरूरी अगर फैन सही से नहीं घूम रहा है या आवाज आ रही है, तो मोटर में थोड़ा ऑयल डाल सकते हैं. इससे उसकी परफॉर्मेंस बेहतर होती है और कूलर स्मूद चलता है. सही जगह पर रखें कूलर कूलर को हमेशा खिड़की या खुली जगह के पास रखें, ताकि ताजी हवा अंदर आ सके. बंद कमरे में कूलर ठीक से काम नहीं करता और कूलिंग कम हो जाती है. रेगुलर मेंटेनेंस है जरूरी अगर आप हर 10-15 दिन में कूलर की हल्की सफाई करते रहेंगे, तो इसकी कूलिंग बनी रहेगी. इससे कूलर लंबे समय तक सही चलेगा और बिजली की खपत भी कम होगी. इन आसान तरीकों को अपनाकर आप बिना ज्यादा खर्च के अपने कूलर को बेहतर बना सकते हैं और गर्मी में ठंडी हवा का पूरा आनंद ले सकते हैं. यह भी पढ़ें: Tower Cooler vs Desert Cooler: दोनों के क्या हैं फायदे और नुकसान? जानें किसे खरीदना रहेगा सही The post गर्मी में कूलर देगा AC जैसी ठंडी हवा, घर पर ही इस तरीके से करें स्मार्ट सर्विसिंग appeared first on Naya Vichar.

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होर्मुज पर अमेरिका का कड़ा पहरा, ट्रंप ने बनाई नई स्ट्रैटेजी; क्या 22 दिन में घुटने टेकेगा तेहरान?

Strait Of Hormuz: वॉल स्ट्रीट जर्नल (WSJ) की एक रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को चारों तरफ से घेरने के लिए एक बड़े प्लान पर काम शुरू कर दिया है. ट्रंप ने अपने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे ईरान के खिलाफ एक ‘लंबी घेराबंदी’ के लिए तैयार रहें. अब अमेरिका छोटे-मोटे हमलों के बजाय ईरान की वित्तीय स्थिति को पूरी तरह से थामने की रणनीति अपना रहा है. रिपोर्ट बताती है कि ट्रंप ने सीधे सैन्य हमले या पूरी तरह पीछे हटने जैसे विकल्पों पर विचार किया, लेकिन उन्हें लगा कि लंबे समय तक आर्थिक नाकाबंदी करना सबसे कम जोखिम वाला और असरदार रास्ता है. ईरान की लाइफलाइन पर लगा ताला इस पूरी रणनीति का सबसे अहम हिस्सा ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ (स्ट्रेट ऑफ होर्मुज) है. यह दुनिया का वह रास्ता है जहां से सबसे ज्यादा तेल का व्यापार होता है. अमेरिका ने इस समुद्री रास्ते पर ईरान के तेल टैंकरों की आवाजाही को काफी हद तक सीमित कर दिया है. वॉल स्ट्रीट जर्नल की रिपोर्ट के अनुसार, इससे ईरान का तेल निर्यात बहुत तेजी से गिरा है. चूंकि ईरान की पूरी कमाई तेल पर टिकी है, इसलिए यह कदम सीधे उसकी जेब पर वार कर रहा है. खत्म हो रहा है तेल रखने का स्पेस ताजा आंकड़ों और आकलन से पता चला है कि ईरान के पास अब अपना कच्चा तेल जमा करने के लिए जगह नहीं बची है. रिपोर्ट के अनुसार, ईरान के पास अब केवल 12 से 22 दिन की ही ऑयल स्टोरेज कैपेसिटी बची है. एक तरफ तेल बिक नहीं रहा है और दूसरी तरफ उत्पादन जारी है, जिससे भंडारण की समस्या पैदा हो गई है. अगर जल्द ही स्टोरेज भर गया, तो ईरान को तेल का उत्पादन बंद करना पड़ेगा, जिससे उसकी प्रशासनी कमाई पूरी तरह ठप हो सकती है.   पुराने टैंकरों में भरा जा रहा तेल हालत इतनी खराब हो गई है कि ईरान अब बहुत पुराने और रिटायर हो चुके जहाजों का इस्तेमाल तेल रखने के लिए कर रहा है. इनमें ‘M/T नशा’ (M/T Nasha) नाम का एक पुराना टैंकर भी शामिल है, जिसे ‘घोस्ट शिप’ कहा जा रहा है. ईरान इन जहाजों को समुद्र में खड़ा करके उनमें तेल भर रहा है ताकि किसी तरह काम चल सके. हालांकि, जानकारों का कहना है कि यह तरीका बहुत महंगा है और इससे कुछ ही समय की राहत मिल सकती है. महंगाई और गिरती करेंसी से ईरान बेहाल लगातार जारी इस घेराबंदी का असर ईरान के आम लोगों और वहां के बाजारों पर भी दिख रहा है. तेल से होने वाली कमाई कम होने की वजह से ईरान अपनी करेंसी को संभालने और बढ़ती महंगाई को रोकने में नाकाम साबित हो रहा है. इसके साथ ही, देश की जरूरत का सामान बाहर से मंगवाने (इंपोर्ट) के लिए भी उसके पास पैसे कम पड़ रहे हैं. अधिकारियों का मानना है कि इस तरीके से बिना युद्ध लड़े ही ईरान की आर्थिक नींव को कमजोर किया जा सकता है. ये भी पढ़ें: ईरान की दो टूक: ‘हम जीतेंगे, दुश्मन वक्त बर्बाद न करे’, ट्रंप की धमकियों के बीच तेहरान ने रखीं 10 शर्तें अमेरिका के लिए फायदे के साथ बड़ा जोखिम भी अमेरिकी अधिकारियों को लगता है कि इस ‘आर्थिक युद्ध’ से वे ईरान को कमजोर कर देंगे और उन्हें सीधे तौर पर युद्ध भी नहीं करना पड़ेगा. लेकिन यह रास्ता इतना आसान भी नहीं है. लंबे समय तक चलने वाली इस घेराबंदी से खाड़ी देशों में तनाव बढ़ सकता है और ग्लोबल मार्केट में तेल की कीमतें अचानक ऊपर जा सकती हैं, जो पूरी दुनिया के लिए एक बड़ी चुनौती बन सकती है. फिलहाल, ईरान के पास समय, पैसा और तेल रखने की जगह, तीनों ही तेजी से खत्म हो रहे हैं. ये भी पढ़ें: ट्रंप का दावा, बर्बादी के कगार पर ईरान, होर्मुज खोलने की लगा रहा गुहार The post होर्मुज पर अमेरिका का कड़ा पहरा, ट्रंप ने बनाई नई स्ट्रैटेजी; क्या 22 दिन में घुटने टेकेगा तेहरान? appeared first on Naya Vichar.

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