Bihar News: रविवार को जमालपुर में अंग्रेजी शासन काल में ईस्ट इंडिया कंपनी द्वारा बनाया गया दो रेलवे ब्रिज इतिहास के पन्नों में दफन हो जायेगा. इन दोनों रेलवे ब्रिज का निर्माण रेल इंजन कारखाना जमालपुर की स्थापना के समय ही किया गया था. रेल इंजन कारखाना जमालपुर की स्थापना 8 फरवरी 1862 ई. को की गई थी. जानकार बताते हैं कि उससे पहले इन दोनों ब्रिज का निर्माण किया गया था. रेलवे ब्रिज जमालपुर शहर के हृदय स्थली जुबली वेल चौक पर स्थित है. जिसे यहां के लोग जुबली वेल रेलवे ब्रिज के नाम से जानते हैं.
दोनों पुलों की खासियत
जुबली वेल रेलवे ब्रिज शहर के पश्चिमी इलाके को पूर्वी इलाके से जोड़ता था. यही एकमात्र ब्रिज था, जिससे होकर छोटे और बड़े वाहन की आवाजाही होती थी. रेलवे ने वर्ष 2016 से इस ब्रिज को सुरक्षा दृष्टिकोण से हटाने का निर्णय लिया और इसके समानांतर एक दूसरा ओवर ब्रिज तैयार किया गया. जिससे होकर वाहनों का परिचालन हो रहा है.
जमालपुर स्टेशन समीप एक छोटा ब्रिज भी अंग्रेजों द्वारा बनाया गया था. जिसे स्थानीय लोग छोटी पुल कहते हैं. इस छोटी पुल की यह विशेषता थी कि इससे होकर मोटरसाइकिल या अन्य वाहन तो नहीं चल सकते थे, लेकिन पैदल या साइकिल से लोगों का आवागमन होता था. रेल इंजन कारखाना जाने वाले रेल कर्मियों के लिए इस छोटी पुल का निर्माण किया गया था.
ईस्ट इंडिया कंपनी ने बनाया था रेलवे ओवर ब्रिज
जुबली वेल पर स्थित रेलवे के ओवर ब्रिज संख्या 215 जुबली वेल बड़ा पुल का निर्माण अंग्रेजी शासन काल में ईस्ट इंडिया कंपनी द्वारा किया गया था. रेलवे इंजीनियरिंग विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि इस पुल का निर्माण 1853 ई के आसपास किया गया था. उस समय तक लोहे के पुल बनाने का चलन आरंभ हो गया था. रेलवे के अनुसार 100 वर्ष पूरे हो जाने वाले पुल को सुरक्षित नहीं समझा जाता है और इस पुल का लगभग डेढ़ सौ वर्ष से अधिक हो चुका था.
पढ़ें नया विचार की प्रीमियम स्टोरी :Mughal Harem Stories : मुगल हरम की औरतों ने मौत की परवाह किए बिना रात के अंधेरे में प्रेम को दिया अंजाम
Magadha Empire : सुनिए मगध की कहानी, एक था राजा बिम्बिसार
The post Bihar News: इतिहास के पन्नों में दफन हो जायेगा अंग्रेजों के जमाने का दो रेल ब्रिज, जुबली वेल के नाम से है फेमस appeared first on Naya Vichar.

