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March 1, 2025

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Exclusive: मौर्यालोक में ऑटोमेटेड कार पार्किंग में प्रति घंटे 20 रुपया लगेगा किराया, अगले हफ्ते से हो जायेगा शुरू

Exclusive: हिमांशु देव/ पटना स्मार्ट सिटी लिमिटेड की ओर से मौर्यालोक कॉम्प्लेक्स में स्वचालित मशीनीकृत कार पार्किंग में अब लोग अपनी कार पार्क कर सकेंगे. इसके लिए किराया भी तय कर लिया गया है. इसमें प्रति घंटे वाहन का किराया 20 रुपया लिया जायेगा. पहली बार पटना में प्री इंजीनियरिंग स्टील वाली आधुनिक पार्किंग सुविधा लोगों को मिलने जा रही है. करीब 28.87 करोड़ की लागत से इसका निर्माण किया गया है. पार्किंग को दो भागों में तैयार किया जा रहा है. भाग ए में 96 कारों को खड़ा किया जा सकता है. इसका काम लगभग पूरा हो गया है. टेस्टिंग के बाद दिया जा रहा सर्टिफिकेट अभी लिफ्ट और अलाइनमेंट को सही तरह से फंक्शन करने के लिए काम चल रहा है. इसे पूरा करने के बाद फिर से कार पार्किंग के लिए ट्रायल चलेगा. इसके सफल होने के बाद आम लोगों के लिए अगले सात दिनों में सुविधा बहाल हो जायेगी. पार्किंग को शुरू करने से पहले टेस्टिंग का काम भी चल रहा है. हर जगह इंजीनियर वाहन को लगा कर सर्टिफिकेट दे रहे हैं. इस काम को 4 से 5 दिनों में पूरा कर लिया जायेगा. वहीं, पार्किंग में वाहन लगाने के लिए दो गेट बनाया जा रहा है. लोग अपनी सुविधा के अनुसार डाकबंगला व इस्कॉन की ओर से वाहन लगा सकेंगे. पार्किंग को आसानी से किया जा सकेगा शिफ्ट यह कार पार्किंग पूरी तरह ऑटोमेटिक होगी. इसलिए इसका अच्छी तरह से ट्रायल और टेस्टिंग का काम चल रहा है. भाग बी कार पार्किंग में 60 कारों को लगाने की व्यवस्था है. इसे भी जल्द तैयार कर लिया जाएगा. पार्किंग जी 6 भवन है. इसे बाहर से देखने में आलीशान इमारत जैसी दिखाई देती है. लेकिन, भविष्य में इसे शिफ्ट भी किया जा सकता है. एक्सपर्ट का कहना है कि इसके स्क्रैप को बेचकर इसकी लागत कीमत को निकाला जा सकेगा. खाली जगह में हाइड्रोलिक लिफ्ट वाहनों को लगायेगा स्वचालित मशीनीकृत कार पार्किंग में गेट के अंदर निर्धारित स्थान पर कार को खड़ा करना है. इसमें हाइड्रोलिक लिफ्ट लगी हुई है, जो वाहनों को उठा कर खाली जगह पर रख देगी. गाड़ी को ऊपर से नीचे या नीचे से ऊपर आने में 2 से 2.30 मिनट का समय लगता है. इसकी सुविधा बहाल होने से मौर्यालोक और आसपास आने-जाने वाले लोगों को सबसे अधिक फायदा मिलेगा. सड़क पर गाड़ी पार्किंग से निजात मिलेगी और वाहनों की सुरक्षा भी होगी. Also Read: Exclusive: बिहार में बाढ़ से 26 लाख टन अनाज के उत्पादन में गिरावट के आसार, जानें खाद्यान्न उत्पादन कम होने की वजह The post Exclusive: मौर्यालोक में ऑटोमेटेड कार पार्किंग में प्रति घंटे 20 रुपया लगेगा किराया, अगले हफ्ते से हो जायेगा शुरू appeared first on Naya Vichar.

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Exclusive: बिहार में बाढ़ से 26 लाख टन अनाज के उत्पादन में गिरावट के आसार, जानें खाद्यान्न उत्पादन कम होने की वजह

Exclusive: मनोज कुमार, पटना. बीते वर्ष की तुलना में इस साल 26 लाख टन अनाज के उत्पादन में गिरावट के आसार हैं. बीते साल सितंबर माह में बिहार के विभिन्न इलाकों में आयी बाढ़ इसका कारण बताया गया है. कृषि विभाग की रिपोर्ट के अनुसार, बीते वित्तीय वर्ष 2023-24 में कुल 231 लाख टन कुल खाद्यान्न का उत्पादन हुआ था. वर्ष 2024-25 में 205.70 लाख टन उत्पादन होने की संभावना है. धान की खेती के समय भारी बारिश हुई थी. इसका असर चावल के उत्पादन पर सीधा पड़ा है. बीते वित्तीय वर्ष में चावल का उत्पादन 95.23 लाख टन हुआ था. इस वित्तीय वर्ष 90.70 लाख एमटी चावल के उत्पादन की ही संभावना जतायी गयी है. तकरीबन पांच फीसदी से अधिक चावल का उत्पादन कम होने की संभावना है. गेहूं के उत्पादन में भी चार लाख टन उत्पादन कम होने की संभावना जतायी गयी है. बीते वर्ष गेहूं का उत्पादन 73.07 लाख टन हुआ था, जबकि इस वर्ष 69.32 लाख टन ही होने की संभावना है. मोटा अनाज 38 लाख टन होने की संभावना इस साल मोटा 38 लाख टन मोटा अनाज होने की संभावना है. दलहनी फसल 2.68 लाख और 1.24 लाख टन तेलहनी फसल होने की संभावना है. 8.47 लाख जूट और मेस्ता होने के आसार हैं. कुल 42.80 लाख टन मोटे अनाज होने की संभावना है. तेलहन और दलहनी फसलें के भी कम उत्पादन होने की संभावना जाहिर की गयी है. राज्य के इन 28 जिलों में बाढ़ से प्रभावित हुई खेती बीते वर्ष सितंबर माह में गंगा, कोसी और अन्य नदियों में बाढ़ आयी थी. इससे इन जिलों में खेती प्रभावित हुई. भागलपुर, भोजपुर, पूर्णिया, नालंदा, शेखपुरा, पटना, गया, औरंगाबाद, सारण, बेगूसराय, मुंगेर, कटिहार, समस्तीपुर, वैशाली में बाढ़ से खेती प्रभावित हुई, जबकि खगड़िया, लखीसराय, किशनगंज, शिवहर, मधेपुरा, सुपौल, मधुबनी, पश्चिम चंपारण, मुजफ्फरपुर, अररिया, सहरसा, पूर्वी चंपारण, दरभंगा और सीतामढ़ी में भी नदियों का जल स्तर बढ़ने से खेती प्रभावित हुई. पहले कम बारिश, फिर बाढ़ में बांटे गये 220 करोड़ बीते वर्ष राज्य में दोतरफा खेती प्रभावित हुई. खेती के सीजन में कम बारिश हुई. इस कारण पटवन के लिए डीजल अनुदान के रूप में 3.27 लाख किसानों में 61 करोड़ रुपये बांटे गये. इससे किसानों को थोड़ी राहत मिली, तो बाढ़ मुसीबत बनकर आ गयी. बाढ़ से किसानों को राहत पहुंचाने के लिए 159 करोड़ रुपये 2.49 लाख किसानों में बांटे गये. Also Read: Exclusive: पटना में आज पहले मान स्तंभ का होगा शिलान्यास, जैन धर्मावलंबियों की है गहरी आस्था The post Exclusive: बिहार में बाढ़ से 26 लाख टन अनाज के उत्पादन में गिरावट के आसार, जानें खाद्यान्न उत्पादन कम होने की वजह appeared first on Naya Vichar.

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Exclusive: पटना में आज पहले मान स्तंभ का होगा शिलान्यास, जैन धर्मावलंबियों की है गहरी आस्था

Exclusive: सुबोध कुमार नंदन, पटना. जैन धर्म के महान संत महामुनि सुदर्शन स्वामी की मोक्ष स्थली श्री कमलदह जी दिगंबर जैन सिद्ध क्षेत्र (गुलजारबाग) में मान स्तंभ बनाया जायेगा. यह पटना का पहला मान स्तंभ होगा. जैन धर्म में भगवान के मंदिर के बाहर मान स्तंभ बनाने की प्रथा है. यह मान स्तंभ 21 फुट ऊंचा होगा, जो प्राचीन मंदिर के बाहर बनाया जायेगा. इस मान स्तंभ में जैन धर्म के 22वें तीर्थंकर भगवान नेमी नाथ की प्रतिमा होगा. इनका चिह्न शंख है. दक्षिण हिंदुस्तान के ग्रेनाइट पत्थर से तैयार किया जा रहा मान स्तंभ इसे तैयार करने में दक्षिण हिंदुस्तान के ग्रेनाइट पत्थर का उपयोग किया जा रहा है. इस मान स्तंभ में तीर्थंकर की चार प्रतिमाएं विराजमान होंगी और यह अखंड पाषाण का होगा. इस मान स्तंभ का शिलान्यास चर्या शिरोमणि आचार्य 108 श्री विशुद्ध सागर जी महाराज के आशीर्वाद से और मुनि श्री 108 सुप्रभ सागर जी महाराज की प्रेरणा से ब्रह्मचारी साकेत भइया के मार्गदर्शन में संपन्न होगा. इसी साल मई माह में इसका काम पूरा हो जायेगा होगा. इसलिए होता है मान स्तम्भ का निर्माण बिहार स्टेट जैन तीर्थ क्षेत्र कमेटी के महामंत्री पराग जैन बताया कि जैन धर्म ग्रंथों के अनुसार जब भगवान की धर्म सभा लगती है. सब चारों दिशाओं में चार मान स्तंभ स्थापित किए जाते हैं. साथ ही इस मान स्तंभ की चारों दिशाओं में एक तीर्थंकर भगवान की प्रतिमा स्थापित की जाती है. यानी एक मान स्तंभ में कुल 4 प्रतिमाएं होती है. मान स्तम्भ को देख कर मिथ्या दृष्टियों का मद, अभिमान से रहित हो जाते हैं और भव्य जीव सम्यग दृष्टि होकर समवशरण में प्रवेश कर साक्षात अरिहंत भगवान की वाणी को सुनने का अधिकारी बन जाता है. इसलिए इसे मान स्तंभ कहा गया है. जैन ने बताया कि तिलोयपण्णत्ती एवं कल्पद्रुम पूजा के अनुसार मान स्तंभ तीर्थंकर प्रतिमा की अवगाहना (ऊंचाई) से 12 गुना ऊंची होती है. Also Read: Exclusive: कुत्तों की नसबंदी और इंजेक्शन देने पर खर्च होंगे एक करोड़ रुपये, नगर निगम ने फिर एक बार की तैयारी The post Exclusive: पटना में आज पहले मान स्तंभ का होगा शिलान्यास, जैन धर्मावलंबियों की है गहरी आस्था appeared first on Naya Vichar.

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Ramadan 2025: माह-ए-रमजान के चांद का हुआ दीदार, पहला रोजा आज, जानें सहरी का सही समय

Ramadan 2025. माह-ए-रमजान के चांद का दीदार शनिवार को हुआ. चांद का दीदार होते ही मस्जिदों में तरावीह की नमाज शुरू हो गयी. चांद देखे जाने का एलान होते ही लोगों ने एक-दूसरे को मुबारकबाद दी. घरों से निकल कर लोग सड़क पर आ गये. इसके साथ ही लोग सहरी की तैयारी में जुट गये. बाजार जाकर अपनी-अपनी पसंद की खरीदारी की जाने लगी. किसी ने नान रोटी की खरीदारी की, तो किसी ने सेवई-दूध की. इसको लेकर थोड़ी देर के लिए बाजार में चहल-पहल बढ़ गयी. पहला रोजा 13 घंटे 7 मिनट व अंतिम 13 घंटे 50 मिनट का होगा जामा मस्जिद के इमाम सइदुल्लाह कादिरी ने रविवार से रोजा रखने का एलान किया. इसके बाद सभी तरावीह की नमाज की तैयारी में जुट गये. घर की औरतें व बच्चियों ने कुरान की तिलावत शुरू कर दी. शनिवार से ही हर घर से पाक कुरान की तिलावत की आवाज आने लगी. शिशु व नौजवान मस्जिद की तरफ चल पड़े. पिछली बार की तरह इस बार भी पहला रोजा करीब 13 घंटे 7 मिनट व अंतिम रोजा 13 घंटे 50 मिनट का होगा. शनिवार को लेकर मेन रोड, पुरानी चौक, बड़ी बाजार, थाना रोड में रमजान के लिए सामग्रियों की खरीदारी करने में जुटे नजर आये. बाजार का हाल बाजारों में सहरी और इफ्तार की सामग्री दिखाई देने लगी है. सहरी और इफ्तार के लिए कुछ अलग व्यंजन होते हैं. लोग दूध, फैनी, ब्रेड के साथ सहरी कर रोजे की शुरुआत करते हैं, वहीं खजूर, फल, चने की घुघनी, पकौड़े को इफ्तार के व्यंजनों में शामिल रखते हैं. इफ्तार के लिए अफजल (पवित्र) मानी जाने वाली खजूर की कई वेरायटियां भी शहर के मार्केट में दिखाई देने लगी हैं. इसके अलावा मौसमी फलों की बिक्री भी इस दौरान बढ़ने लगी है. सहरी में इनका करें सेवन सहरी में ज्यादा तला, मसालेदार, मीठा खाना न खाएं, क्योंकि ऐसे खाने से प्यास ज्यादा लगती है. सहरी में दूध, ब्रेड और फल सेहत के लिए बेहतर होता है. रमजान के महीने में ज्यादा-से-ज्यादा इबादत करें, अल्लाह को राजी करना चाहिए, क्योंकि इस महीने में हर नेक काम का सवाब बढ़ा दिया जाता है. इफ्तार में इनका करें सेवन खजूर फायदेमंद है, इसमें आयरन और दूसरे पोषक तत्व होते हैं. तला हुए खाने से बचें, दही का सेवन करें. केला आदि का खाएं. ज्यादा घी तेल का खाना खाने से प्यास ज्यादा लगती है. प्रोटीन का सेवन अधिक करें, इससे भूख भी कम लगती है और वज़न घटने में सहायक होते हैं. सहरी का समय 4.52 बजे तक इस्लामी कैलेंडर के मुताबिक पहले रोजे के सहरी का समय भोर में चार बजकर 52 मिनट तक तथा इफ्तार शाम पांच बजकर 59 मिनट होगा. इसी तरह आखिरी रोजे की सहरी का समय होगा. अकीदतमंदों का कहना है कि लोगों के घरों में कूलर-पंखे नहीं थे, तब भी रोजे रखे गये हैं. रोजेदारों को चाहिए कि 10 मिनट पहले ही सहरी खत्म कर लें और इफ्तार के लिए दो मिनट और इंतजार कर लें. Also Read: Bihar Weather: पटना में तेज हवाओं के साथ हुई बारिश, जानें आपके शहर में कैसा रहेगा आज का मौसम The post Ramadan 2025: माह-ए-रमजान के चांद का हुआ दीदार, पहला रोजा आज, जानें सहरी का सही समय appeared first on Naya Vichar.

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Bihar News: पूर्णिया में सगी चाची से भतीजा को हुआ प्यार, शादी को लेकर भिड़े दो गुटों के अधिवक्ता

Bihar News: पूर्णिया में 22 साल के एक भतीजे का प्रेम-प्रसंग अपनी सगी चाची से चलने का मामला सामने आया है. चाची दो बच्चों की मां है, लेकिन प्यार में भतीजे ने इसकी परवाह नहीं की. दोनों ने शादी करने का निर्णय लिया और पूर्णिया कोर्ट पहुंचे, जहां वकीलों ने इस रिश्ते का विरोध किया. विरोध के बाद कोर्ट परिसर के बाहर अधिवक्ता दो गुट में बंट गये और क्लाइंट को लेकर कहा-सुनी हुई. पुलिस के हस्तक्षेप के बाद मामला शांत हुआ. पुलिस युवक को हिरासत में लेकर केहाट थाना लेकर चले गयी. चाची से प्यार पर बवाल आरोपी युवक अररिया जिले के जोकीहाट थाना क्षेत्र के लोखारिया वार्ड 11 का निवासी बताया गया है. इसी गांव की रहने वाली एक स्त्री को अपने ही पति के बड़े भाई के बेटे से प्रेम हो गया. दोनों छिप-छिपकर मिलने लगे. युवक ने बताया कि दो माह पूर्व ही अपनी चाची से प्यार का इजहार किया. चाची भी मेरे प्यार को स्वीकार कर लिया, इसके बाद दोनों वापस में मिलने लगे. इसके बाद दोनों ने एक साथ शादी करने का निर्णय लिया. दोनों घर से भागकर पूर्णिया व्यवहार न्यायालय के अधिवक्ता से शादी की बातचीत करने के लिए पहुंचे थे. इसी दौरान कुछ अधिवक्ता उसके साथ मारपीट करने लगे. जानें आपस में क्यों भिड़े अधिवक्ता अधिवक्ता दो गुटों में बंट गये. एक गुट के अधिवक्ताओं का कहना था कि किसी भी क्लाइंट के साथ मारपीट नहीं कर सकते हैं, सभी अपने आप में स्वतंत्र हैं. वहीं दूसरे गुट के अधिवक्ताओं का कहना था युवक ने रिश्ते को तार-तार कर दिया है. इससे समाज में गलत संदेश जायेगा. इसी बात को लेकर अधिवक्ताओं के दो गुट में कहासुनी हो गई. पुलिस के हस्तक्षेप के बाद मामला शांत हुआ. इस मामले में केहाट थाना के प्रभारी थानाध्यक्ष प्रिया कुमारी ने बताया कि युवक से पूछताछ की जा रही है. अबतक किसी प्रकार का कोई आवेदन नहीं आया है. आवेदन के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी. Also Read: Exclusive: गंगा उत्तरवाहिनी नहीं हो पा रही और स्टेशन गंगाजल के लिए तरस रहा, सारी फाइलें दिल्ली में पेंडिंग The post Bihar News: पूर्णिया में सगी चाची से भतीजा को हुआ प्यार, शादी को लेकर भिड़े दो गुटों के अधिवक्ता appeared first on Naya Vichar.

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Bihar News: बाल सुधार गृह से 12 दिनों से दो नाबालिग लापता, वार्डन के आवेदन पर प्राथमिकी दर्ज

Bihar News: कटिहार के सदर प्रखंड कार्यालय स्थित बाल सुधार गृह से दो नाबालिग लड़कियों के गायब होने को लेकर वार्डन के आवेदन पर सहायक थाना में मामला दर्ज किया गया है. जानकारी के अनुसार किशनगंज से ट्रैफिकिंग के मामले में बरामद दो नाबालिग लड़कियों को कटिहार के बाल सुधार गृह भेजा गया था. बाल सुधार गृह से दोनों नाबालिग लड़कियां 17 फरवरी से ही गायब है. शनिवार को जब मामले ने तूल पकड़ा तो बाल सुधार प्रशासन हरकत में आया. मामले को लेकर वार्डन मुर्शीदा के आवेदन पर मामला दर्ज कर पुलिस मामले की जांच में जुट गयी है. 12 दिन बाद भी गायब लड़कियों का पता नहीं चला बताते चलें कि प्रखंड कार्यालय स्थित बाल सुधार गृह में चार यूनिट है. दो यूनिट में बालक और दो यूनिट में बालिकाएं रहती हैं. इसी बालिका यूनिट से दो नाबालिग लड़की गायब है. सूत्रों की मानें तो 12 दिन बाद भी गायब लड़कियों का पता नहीं चला. इस संबंध में वार्डन से संपर्क करने पर किसी प्रकार का जवाब नहीं दिया गया. जबकि, बाल संरक्षण इकाई निदेशक अमरेश कुमार से बात करने पर उन्होंने बताया कि मामले को लेकर कांड दर्ज कराया गया है. मामले की जांच की जा रही है. कहते हैं अधिकारी पुलिस उपाधीक्षक अभिजीत सिंह ने बताया कि किशनगंज से ट्रैफिकिंग के मामले में दो नाबालिगों को बरामद कर कटिहार भेजा गया था. जिसके गायब होने की शिकायत वार्डन ने करते हुए ममाला दर्ज कराया है. पुलिस लापता नाबालिग की बरामदगी में जुट गयी है. Also Read: Exclusive: गंगा उत्तरवाहिनी नहीं हो पा रही और स्टेशन गंगाजल के लिए तरस रहा, सारी फाइलें दिल्ली में पेंडिंग The post Bihar News: बाल सुधार गृह से 12 दिनों से दो नाबालिग लापता, वार्डन के आवेदन पर प्राथमिकी दर्ज appeared first on Naya Vichar.

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Exclusive: कुत्तों की नसबंदी और इंजेक्शन देने पर खर्च होंगे एक करोड़ रुपये, नगर निगम ने फिर एक बार की तैयारी

Exclusive: देवेश कुमार/ मुजफ्फरपुर शहर में आवारा कुत्तों की बढ़ती आबादी और उनके हमलों से उत्पन्न खतरे को देखते हुए नगर निगम ने एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है. वित्तीय वर्ष 2025-26 के बजट में कुत्तों की नसबंदी और एंटी-रेबीज टीकाकरण के लिए एक करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है. यह कदम शहर में कुत्तों की आबादी को नियंत्रित करने और रेबीज के खतरे को कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा. शहर में दहशत का माहौल मुजफ्फरपुर में आवारा कुत्तों की संख्या में तेजी से वृद्धि हुई है, जिससे स्थानीय लोगों में दहशत का माहौल है. प्रतिदिन 100 से अधिक लोग कुत्तों के काटने का शिकार हो रहे हैं, जिनमें शिशु विशेष रूप से असुरक्षित हैं. बच्चों का अकेले स्कूल आना-जाना मुश्किल हो गया है. पूर्व में, कुत्तों के हमलों में बच्चों के गंभीर रूप से घायल होने और यहां तक कि जान गंवाने की घटनाएं भी हुई हैं. मॉर्निंग और इवनिंग वॉक पर निकलने वाले लोगों के लिए भी आवारा कुत्ते चिंता का विषय बन गए हैं. नगर निगम का प्रयास नगर निगम पहले भी इस समस्या के समाधान के लिए प्रयास कर चुका है, लेकिन तकनीकी कारणों से एजेंसी का चयन नहीं हो पाया. जनवरी 2023 में भी निगम बोर्ड और सशक्त स्थाई समिति द्वारा कुत्तों को पकड़ने और उनके नसबंदी करने के लिए एक करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया था़. नगर निगम द्वारा इस समस्या के समाधान को कई कदम उठाने की बात कही गई, लेकिन सभी प्रयास कागजों तक सीमित रह गए. डॉग कैचर वाहन बहलखाना में जंग खा रहा है. कुत्ता पकड़ने के लिए प्रशिक्षित मानव बल की कमी पर कोई पहल नहीं दिख रही़ सितंबर में तीन बच्चों पर किया था हमला पिछले सितंबर में, बोचहां के साहू पट्टी मैदापुर गांव में कुत्तों के एक झुंड ने स्कूल जा रहे तीन बच्चों पर हमला कर दिया था, जिससे वे गंभीर रूप से घायल हो गए थे. एक शिशु की पीठ को कुत्तों ने बुरी तरह नोंच दिया था, जबकि दूसरे शिशु के सिर और कान पर भी गंभीर चोटें आई थीं. तीनों बच्चों का इलाज एसकेएमसीएच के सुपर स्पेशलिटी वार्ड में किया गया था. मॉर्निंग व इवनिंग वॉक पर निकलने वालों की बढ़ी चिंता शहर की सड़कों और खुले मैदानों में मॉर्निंग और इवनिंग वॉक करने वाले लोगों की परेशानी बढ़ गई है. घर से निकलते ही परिवार के सदस्य चिंतित हो जाते हैं. शहर के लगभग सभी गली-मोहल्लों और सड़कों पर बड़ी संख्या में आवारा जानवर घूमते रहते हैं. जिला स्कूल का मैदान हो या एलएस और आरडीएस कॉलेज, हर जगह आवारा जानवरों का आतंक है. Also Read: Exclusive: 15वां वर्ष भी चेंबर कार्यसमिति सदस्य व पदाधिकारी नहीं होगी एक भी स्त्री, जानें इसकी वजह The post Exclusive: कुत्तों की नसबंदी और इंजेक्शन देने पर खर्च होंगे एक करोड़ रुपये, नगर निगम ने फिर एक बार की तैयारी appeared first on Naya Vichar.

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Exclusive: 15वां वर्ष भी चेंबर कार्यसमिति सदस्य व पदाधिकारी नहीं होगी एक भी महिला, जानें इसकी वजह

Exclusive: दीपक राव/ भागलपुर. एक ओर जहां पूरी दुनिया आधी आबादी का लोहा मान रही है, जहां स्त्रीएं कमजोर पड़ रही है, उन्हें प्रोत्साहित कर आगे किया जा रहा है. दूसरी ओर से इस्टर्न बिहार चेंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज कार्यकारिणी से स्त्रीएं बाहर होती दिख रही है. 2010-13 सत्र में तत्कालीन अध्यक्ष रामगोपाल पोद्दार की टीम में प्रो पुष्पा दुबे उपाध्यक्ष थी. फिर 2013-16 सत्र में तत्कालीन अध्यक्ष शैलेंद्र सराफ की टीम में पूर्व मेयर डॉ वीणा यादव को मनोनीत कार्यकारिणी सदस्य रखी गई थीं, जो कि आधी आबादी को प्रोत्साहित करने की दिशा में एक पहल थी. 2019-22 सत्र की कार्यकारिणी में सदस्य के रूप प्रीति शेखर शामिल थीं. चेंबर से स्त्रीओं को जोड़ने में अहम भूमिका डॉ पुष्पा दुबे चेंबर उपाध्यक्ष बनने के बाद चेंबर से स्त्रीओं को जोड़ने में अहम भूमिका निभायी. स्त्री उद्यमी और व्यवसायियों को चेंबर से जोड़ने का अभियान चलाया. कई स्त्री उद्यमी चेंबर से जुड़ीं. चेंबर से वैसी ही स्त्रीओं को जोड़ा जाता है, जो खुद से कोई उद्यम संचालित करती हैं या अपने व्यवसायिक फार्म का खुद संचालन करती हैं. 1954 में स्थापित ईस्टर्न चेंबर आफ कामर्स में स्त्री उद्यमी और व्यवसायियों को जोड़ने व स्त्री सशक्तीकरण की दिशा में काम करने की जरूरत है. संगठन में स्त्रीओं की भागीदारी के आंकड़े नगण्य हैं या संतोषजनक नहीं है. उद्यमी बन रही स्त्रीएं पूर्व मेयर डॉ वीणा यादव ने कहा कि खुद इस्टर्न बिहार चेंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज की आजीवन सदस्य हूं. जिस तरह शैलेंद्र सराफ ने अध्यक्ष रहते हुए स्त्रीओं को सम्मान दिया और समय-समय पर स्त्री सशक्तीकरण को लेकर कार्य किया, अब इस दिशा में कोई पहल नहीं की जा रही है. जबकि स्वरोजगार के क्षेत्र में युवाओं व स्त्रीओं का दखल बढ़ा है. खासकर उद्यम क्षेत्र में स्त्रीएं बड़ी संख्या में कदम बढ़ा रही है. व्यापार में भी स्त्रीएं कंधे से कंधा मिलाकर चलने का साहस कर रही हैं. उद्यमी बन स्त्रीएं सफलता की नई इबारत लिख रही हैं. ऐसे में स्त्रीओं को संगठन से जोड़ने के लिए विशेष अभियान चलाए जाने की आवश्यकता है. 2025-28 सत्र कार्यकारिणी के चुनाव मैदान में नहीं है कोई स्त्री उम्मीदवार चुनाव उप समिति सदस्य हरि प्रसाद शर्मा ने बताया कि 2025-28 सत्र कार्यकारिणी के चुनाव को लेकर पहले 81 लोगों ने नामांकन पर्चा लिया था, जिसमें एक स्त्री भी शामिल थी, जब पर्चा दाखिल करने का समय आया, तो वो भी मैदान से हट गयी. उन्होंने बताया कि इस बार चुनाव को लेकर 1300 सामान्य वोटर में लगभग 50 स्त्री वोटर हैं. अब तक कोई स्त्री चेंबर की अध्यक्ष और महासचिव पद पर आसीन नहीं हो सकी हैं. चार लोगों के नामांकन पर्चा में पायी गयी त्रुटि चुनाव उप समिति सदस्य हरि शर्मा ने बताया कि 47 लोगों ने नामांकन पर्चा दाखिल किया था. चार लोगों के नामांकन पर्चा में त्रुटि पायी गयी. स्पष्टीकरण को लेकर पत्र लिखा गया. संबंधित प्रत्याशी तीन मार्च तक जवाब दे सकेंगे. वहीं बताया कि बिना फाइनल सूची जारी किये ही एक संभावित प्रत्याशी ने एक गुट की सूची सोशल मीडिया पर जारी कर दी, उन्हें भी स्पष्टीकरण के लिए पत्र भेजा गया है. Also Read: Exclusive: गंगा उत्तरवाहिनी नहीं हो पा रही और स्टेशन गंगाजल के लिए तरस रहा, सारी फाइलें दिल्ली में पेंडिंग The post Exclusive: 15वां वर्ष भी चेंबर कार्यसमिति सदस्य व पदाधिकारी नहीं होगी एक भी स्त्री, जानें इसकी वजह appeared first on Naya Vichar.

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Exclusive: गंगा उत्तरवाहिनी नहीं हो पा रही और स्टेशन गंगाजल के लिए तरस रहा, सारी फाइलें दिल्ली में पेंडिंग

Exclusive: संजीव झा/भागलपुर. सुलतानगंज में अजगैवीनाथ मंदिर के पास गंगा उत्तरवाहिनी नहीं हो पा रही है. रेलवे स्टेशन को गंगाजल पहुंचाने का काम शुरू नहीं हो पा रहा है. भागलपुर शहर में जलापूर्ति की योजना की प्रतीक्षा समाप्त नहीं हो पा रही है. अविरल प्रवाह के लिए सुलतानगंज से कहलगांव तक गंगा को गहरा करने का काम शुरू नहीं हो पा रहा है. भागलपुर शहर से निकलने वाले नाले के पानी को साफ करने के लिए सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट की योजना बीच में फंस गयी है. इन सभी पांचों योजनाएं सिर्फ इसलिए रुकी हुई हैं कि वन मंत्रालय, दिल्ली में पर्यावरण मंजूरी की फाइल पेंडिंग पड़ी हुई है. पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय में किसी योजना के लिए कई महीने पहले आवेदन किया जा चुका है. इन योजनाओं को पर्यावरण मंजूरी का इंतजार पर्यावरण मंजूरी के लिए कब किया आवेदन : 10.04.2024सुलतानगंज में गंगा के दायें किनारे स्थित पुरानी धार में चैनल का निर्माण होना है. साथ ही सीढ़ी घाट का निर्माण होना है. 25 हेक्टेयर में निर्माण कार्य होगा. इस निर्माण कार्य पर 160 करोड़ खर्च होगा. वर्तमान में सिर्फ बारिश के महीनों में गंगा पुरानी धार में आकर उत्तरवाहिनी होकर बहती हैं. यह निर्माण हो जाने से यहां गंगा सालों भर उत्तरवाहिनी होकर बहेगी. बाढ़ नियंत्रण प्रमंडल ने काम शुरू भी कर दिया था, लेकिन वन विभाग ने काम पर इसलिए रोक लगा दी है कि पर्यावरण मंजूरी नहीं मिली है. पर्यावरण मंजूरी के लिए कब किया आवेदन : 04.08.2023 भागलपुर जलापूर्ति प्रोजेक्ट चरण-02 के अंतर्गत भागलपुर शहर में जलापूर्ति सुधार के लिए योजना संचालित है. इसमें वाटर वर्क्स निर्माण, ओवरहेड टैंक निर्माण, पाइपलाइन, बल्क वाटर मीटरिंग और हाउस कनेक्शन शामिल हैं. लगभग 90 एमएलडी इसकी क्षमता होगी. वर्ष 2047 की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए गंगा के तट पर इंटक वेल का निर्माण हो रहा है. योजना को लेकर पर्यावरण क्लीयरेंस के लिए आवेदन सौंपा गया था, जो वर्तमान में लंबित है. पर्यावरण मंजूरी के लिए कब किया आवेदन : 08.08.2023 गंगा को निर्मल करने की सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट निर्माण की योजना को लेकर बूढ़ानाथ से बरारी के बीच पांच पंपिंग स्टेशन के निर्माण कार्य पर रोक अब तक नहीं हटा है. डॉल्फिन इको सेंसिटिव जोन बता कर यह रोक वन विभाग ने लगा रखी है. शहर में 10 पंपिंग स्टेशन का निर्माण होना है लेकिन, अब बाकी के पांच पंपिंग स्टेशन को लेकर ही इस योजना को पूरी की जायेगी. पांच पंपिंग स्टेशन का निर्माण सूर्यलोक कॉलोनी, अलीगंज सहित अन्य जगहों पर हो रहा है. पर्यावरण मंजूरी के लिए कब किया आवेदन : 12.07.2024 भागलपुर रेलवे स्टेशन पर गंगाजल की आपूर्ति के 15 करोड़ की योजना पर्यावरण मंजूरी के लिए रुकी हुई है, जबकि रेलवे ने तैयारी पूरी कर ली है. पाइप लाइन से गंगाजल बरारी गंगा नदी किनारे से आयेगा. रेलवे स्टेशन के यार्ड के कुछ दूरी पर ओवरहेड टैंक निर्माण का कार्य शुरू हो गया है. छह साल पहले योजना बनी थी. इस योजना पर काम करने की जिम्मेवारी कोलकाता की एफएनसी कंस्ट्रक्शन को मिली है. सर्वे का काम भी पूरा हो चुका है. पर्यावरण मंजूरी के लिए कब किया आवेदन : 09.07.2024 सुलतानगंज से कहलगांव तक गंगा को कम से कम तीन मीटर गहरा किया जायेगा. कार्य को करने के लिए हिंदुस्तानीय अंतर्देशीय जलमार्ग प्राधिकरण ने हिंदुस्तान प्रशासन के वन मंत्रालय से अनुमति मांगी है. लेकिन फाइल पेंडिंग है. कार्रवाई आगे नहीं बढ़ पा रही है. जहाजों के सतत आवागमन के लिए नौवहन चैनल (फेयरवे) में जलमार्ग प्राधिकरण के नियम के अनुसार तीन मीटर न्यूनतम गहरा कराये जाने का प्रावधान है. ऐसा होने के बाद ही जहाजों का सुलभता के साथ परिचालन हो सकेगा. क्यों जरूरी है पर्यावरण मंजूरी सुलतानगंज से कहलगांव (60 किलोमीटर) तक वन्य प्राणी (संरक्षण) अधिनियम 1972 के तहत विक्रमशिला गांगेय डॉल्फिन आश्रयणी क्षेत्र घोषित किया गया है. यह क्षेत्र पूरी दुनिया में गांगेय डॉल्फिन के लिए एकमात्र आश्रयणी क्षेत्र है. इसके अलावा इस क्षेत्र में अन्य वन्य जीव का भी प्राकृतिक निवास स्थल है. इस कारण यहां कोई भी कार्य नहीं किया जा सकता है. ऐसा करने से वन्यजीव को खतरा हो सकता है. कार्य तभी किया जा सकता है, जब वन विभाग की मंजूरी हो. यही नहीं वन विभाग द्वारा निर्धारित की गयी शर्तों को ध्यान में रखते हुए ही कार्य किया जा सकता है. इसी वजह से इस क्षेत्र में कार्य करने के लिए पर्यावरण मंजूरी आवश्यक है. Also Read: ट्रांसजेंडर कलाकारों को इस फिल्म में मिला अभिनय का अवसर, सोशल मीडिया से मिली थी पहचान The post Exclusive: गंगा उत्तरवाहिनी नहीं हो पा रही और स्टेशन गंगाजल के लिए तरस रहा, सारी फाइलें दिल्ली में पेंडिंग appeared first on Naya Vichar.

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WPL 2025: शैफाली वर्मा की तूफानी पारी, दिल्ली कैपिटल्स ने बेंगलुरु को 9 विकेट से हराया

WPL 2025: स्त्री प्रीमियर लीग 2025 में शनिवार को स्पोर्ट्से गए मुकाबले में दिल्ली की ओर से शैफाली वर्मा ने नाबाद 80 रनों की विस्फोटक पारी स्पोर्ट्सी. जिसके दम पर दिल्ली कैपिटल्स ने बेंगलुरु को 9 विकेट से हरा दिया. दिल्ली ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया. पहले बल्लेबाजी करते हुए बेंगलुरु की टीम 20 ओवर में 5 विकेट खोकर केवल 147 रन ही बना पाई. जवाब में दिल्ली ने 15.3 ओवर में केवल एक विकेट खोकर 151 रन बनाकर मैच अपने नाम कर लिया. शैफाली और जेस जोनासेन के बीच हुई शतकीय साझेदारी दिल्ली की ओर से शैफाली वर्मा ने कप्तान मैग लैनिंग के साथ पारी की शुरुआत की. लेकिन कप्तान 12 गेंदों में केवल दो रन बनाकर आउट हो गईं. लेकिन उसके बाद शैफाली और जेस जोनासेन ने पारी को न केवल संभाला बल्कि आखिर तक क्रीज पर जमी रहीं और टीम को जीत दिलाकर ही पवेलियन वापस लौटीं. दोनों के बीच दूसरे विकेट के लिए 146 रनों की शतकीय साझेदारी बनी. पढ़ें नया विचार की प्रीमियम समाचार: लोकसभा चुनाव 2029 में सीटों की संख्या बढ़ने से डर क्यों रहे हैं एमके स्टालिन? बेंगलुरु की ओर से एलीस पेरी ने स्पोर्ट्सी अर्धशतकीय पारी बेंगलुरु की ओर से एलीस पेरी ने नाबाद अर्धशतकीय पारी स्पोर्ट्सी. उन्होंने 47 गेंदों का सामना किया, जिसमें 3 चौकों और 3 छक्कों की मदद से 60 रन बनाए. जबकि राघवी बिष्ट 33 और व्याट-हॉज ने 21 रनों की पारी स्पोर्ट्सी. इसके बाद सभी बल्लेबाज 20 के आंकड़े को भी नहीं छू पाए. गेंदबाजी में दिल्ली की ओर से शिखा पांडे और नल्लापुरेड्डी चरणी ने दो-दो विकेट चटकाए. जबकि मैरिजान कप्प एक विकेट लेने में कामयाब रही. प्वाइंट्स टेबल में 10 अंकों के साथ दिल्ली टॉप पर प्वाइंट्स टेबल में दिल्ली की टीम 10 अंकों के साथ टॉप पर बनी हुई है. दिल्ली ने 7 मैच स्पोर्ट्से हैं, जिसमें 5 में जीत और केवल दो मैच में उसे हार का सामना करना पड़ा. 5 मैचों में 3 जीत और दो हार के बाद 6 अंकों के साथ मुंबई की टीम दूसरे स्थान पर बनी हुई है. 4 अंकों के साथ यूपी वॉरियर्स की टीम तीसरे, बेंगलुरु की टीम 4 अंक लेकर चौथे और गुजरात 4 अंक लेकर प्वाइंट्स टेबल में आखिरी स्थान पर बनी हुई है. The post WPL 2025: शैफाली वर्मा की तूफानी पारी, दिल्ली कैपिटल्स ने बेंगलुरु को 9 विकेट से हराया appeared first on Naya Vichar.

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