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Pitru Paksha 2026: पूर्वज से पहले क्यों जरूरी है ऋषि तर्पण, नहीं करने पर क्या होगा; पहले जान लें तारीख और महत्व

Pitru Paksha 2026 Rishi Tarpan: मिथिला और महावीर पंचांग के अनुसार, इस साल पितृ पक्ष का आरंभ 26 सितंबर से होने वाला है. इस दिन भाद्रपद (भादो) की पूर्णिमा तिथि है. इसलिए इस दिन ऋषियों के नाम से तर्पण किया जाएगा. इसके अलावा इस दिन उन पूर्वजों के लिए तर्पण, पिंडदान या श्राद्ध कर्म किया जाएंगे जिनकी मृत्यु पूर्णिमा तिथि में हुई. इस साल आश्विन कृष्ण प्रतिपदा तिथि से अमावस्या तक पूर्वजों के लिए तर्पण, पिंडदान या श्राद्ध किया जाएगा. आइए, जानते हैं कि पूर्वज से पहले ऋषि का तर्पण क्यों जरूरी है, यह किस तारीख को किया जाएगा और इसका महत्व क्या है. पितर से पहले क्यों जरूरी हो ऋषि तर्पण धर्मशास्त्र के मुताबिक, भाद्रपद पूर्णिमा के दिन ऋषियों का तर्पण करना जरूरी है. शास्त्रों के अनुसार, मनुष्य पर जन्म लेता है तब से ही वह ऋषि, देवता और पितर (पूर्वज) का ऋणी हो जाता है. इसे ऋषि ऋण, देव ऋण और पितृ ऋण के नाम से जाना जाता है. इसलिए पितृ पक्ष में इनके लिए तर्पण करने की परंपरा है. कर्मकांड के जानकार पं. धर्मनाथ झा ने बताया कि पितृ पक्ष में पितृ तर्पण से पहले ऋषि तर्पण करना जरूरी है क्योंकि इसके बिना पूर्वज भी तर्पण, पिंडदान या श्राद्ध कर्म स्वीकार नहीं करते. पितृ पक्ष में कब होगा ऋषि तर्पण पंचांग के अनुसार, भाद्रपद मास की पूर्णिमा तिथि गुरुवार, 26 सितंबर 2026 को है. ऐसे में इस दिन ऋषि तर्पण किया जाएगा. ऐसा इसलिए क्योंकि शास्त्रों में ऋषि तर्पण के लिए भाद्रपद पूर्णिमा तिथि का स्पष्ट उल्लेख है. तिथि दिनांक समय पूर्णिमा तिथि आरंभ 25 सितंबर 2026 रात- 11: 06बजे पूर्णिमा तिथि समाप्त 26 सितंबर 2026 रात 10:18 बजे उदया तिथि के अनुसार पूर्णिमा 26 सितंबर, शनिवार पूरे दिन मान्य पितृ पक्ष में सबसे पहले अगस्त्य ऋषि का तर्पण क्यों? वैदिक परंपरा के अनुसार, भाद्रपद पूर्णिमा तिथि पर सबसे पहले और विशेष रूप से अगस्त्य ऋषि के लिए तर्पण किया जाता है. ऐसा इसलिए क्योंकि शास्त्रों में उन्हें पितृ पूजन का अधिकारी, विघ्नों को दूर करने वाला और तर्पण, पिंडदान या श्राद्ध का साक्षी बताया गया है. ये भी पढ़ें: Pitru Paksha 2026: कब से शुरू होगा पितृ पक्ष? किस तारीख को करें पूर्वजों का तर्पण, श्राद्ध या पिंडदान देव और ऋषि तर्पण की विधि भाद्रपद पूर्णिमा के दिन ऋषि तर्पण के दौरान क्रम से देवता, ऋषि और पितर यानी पूर्वज का तर्पण किया जाता है. देव तर्पण के लिए पूरब की ओर मुंह करके जनेऊ को गले में आगे की ओर (हृदय की तरफ) रखें. दाहिने हाथ की उंगलियों के आगे वाले हिस्से (देवतीर्थ) से देवता को बारी-बारी से जल देना चाहिए. इस दौरान ब्रह्मा, विष्णु और महेश (त्रिदेव) का ध्यान करना चाहिए. यह नियम नदियों के लिए है. अर्धा से भी देवता को जल दिया जा सकता है. ऋषि तर्पण के दौरान उत्तर दिशा की ओर मुंह करके हथेली के ऋषि तीर्थ से ऋषि (अगस्त्य) को जल अर्पित करना चाहिए. ऋषि तर्पण इन्फोग्राफिक्स (AI) The post Pitru Paksha 2026: पूर्वज से पहले क्यों जरूरी है ऋषि तर्पण, नहीं करने पर क्या होगा; पहले जान लें तारीख और महत्व appeared first on Naya Vichar.

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मां दुर्गा की ’11 भुजाओं’ पर घमासान: टीएमसी ने शुभेंदु अधिकारी सरकार पर साधा निशाना, बताया बंगाली संस्कृति का अपमान

Durga Puja Advertisement Row Bengal: पश्चिम बंगाल में आगामी दुर्गा पूजा की तैयारियों के बीच एक नये विवाद ने जन्म ले लिया है. राज्य के सूचना एवं संस्कृति विभाग द्वारा अखबारों में प्रकाशित एक प्रशासनी विज्ञापन में मां दुर्गा के चित्र में पारंपरिक 10 भुजाओं की बजाय 11 भुजाएं (एकादश भुजा) दिखाये जाने पर तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी और हिंदुस्तानीय जनता पार्टी (बीजेपी) प्रशासन पर तीखा हमला बोला है. वहीं, भाजपा ने कहा है कि तकनीकी या प्रिंटिंग की गलती को नेतृत्वक रूप न दिया जाये. उच्चस्तरीय समन्वय बैठक से पहले जारी हुआ था विज्ञापन यह विज्ञापन कोलकाता में आयोजित होने वाली एक उच्चस्तरीय समन्वय बैठक (Coordination Meeting) की जानकारी देने के लिए जारी किया गया था. बैठक कोलकाता नगर निगम (KMC) और कोलकाता पुलिस के सहयोग से मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी की अध्यक्षता में शहर की विभिन्न दुर्गा पूजा समितियों के साथ आयोजित की जा रही है. इसका उद्देश्य त्योहार को सुरक्षित और व्यवस्थित तरीके से संपन्न कराना है. मां दुर्गा और बंगाल की सांस्कृतिक परंपराओं को गलत तरीके से पेश किया जाना बेहद अपमानजनक है. दुर्गा पूजा सिर्फ एक त्योहार नहीं है. यह एक भावना और बंगाल की धड़कन है. मां का घर लौटना लाखों बंगालियों के लिए एक पवित्र अवसर है. फिर भी, जो प्रशासन बंगाल की बात करने का दावा करती है, वह बंगाली संस्कृति, परंपराओं और उन त्योहारों से लगातार दूर होती दिख रही है, जो बंगाल की पहचान हैं. -तृणमूल कांग्रेस मां दुर्गा के मूल स्वरूप से खिलवाड़ : कुणाल घोष तृणमूल कांग्रेस के प्रवक्ता कुणाल घोष ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (पहले ट्विटर) पर प्रशासनी विज्ञापन की तस्वीर साझा करते हुए मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी पर कटाक्ष किया. विज्ञापन में मां दुर्गा के चित्र के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी की तस्वीरें भी छपी हैं. शास्त्रों से छेड़छाड़ का कुणाल ने लगाया आरोप कुणाल घोष ने अपने पोस्ट में लिखा- माननीय मुख्यमंत्री, प्रशासनी विज्ञापन में मां दुर्गा को 10 भुजाओं की बजाय ‘एकादश भुजा’ वाली दिखाया गया है. शास्त्रों और हमारी परंपरा के अनुसार मां दुर्गा ‘दशभुजा’ हैं. इसमें से एक हाथ कम किये जाने की जरूरत है. उन्होंने कहा कि प्रशासन को संबंधित विभाग को तुरंत निर्देश देना चाहिए कि वे मां दुर्गा के मूल स्वरूप और बंगाली परंपराओं के साथ छेड़छाड़ न करें. माननीय मुख्यमंत्री, प्रशासनी विज्ञापन में मां दुर्गा को ‘एकादश भुजा’ वाली के रूप में दिखाया गया है, जबकि पारंपरिक रूप से उन्हें ‘दस भुजा’ वाली के रूप में दर्शाया जाता है. शास्त्रों के अनुसार, एक हाथ कम किये जाने की जरूरत है. हम रोजाना अलग-अलग तरह की आचार-संहिता के बारे में सुनते हैं. अगर 2026 में मां (दुर्गा) की भुजाओं की संख्या बढ़ जाती है, तो मामला पेचीदा रूप ले सकता है. कृपया संबंधित विभाग को तुरंत निर्देश दें कि वह मां दुर्गा के मूल स्वरूप से छेड़छाड़ न करे. -कुणाल घोष, प्रवक्ता, तृणमूल कांग्रेस बंगाली संस्कृति से कटी हुई है बीजेपी : तृणमूल तृणमूल कांग्रेस ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल से पोस्ट जारी कर इस चूक को बंगाल की सांस्कृतिक धरोहर और भावनाओं का घोर अपमान करार दिया. टीएमसी ने कहा- दुर्गा पूजा सिर्फ एक त्योहार नहीं, बंगाल की धड़कन और पहचान है. बंगाल की बात करने का दावा करने वाली प्रशासन यहां की संस्कृति और परंपराओं से पूरी तरह अलग-थलग हो चुकी है. TMC ने भाजपा के सांस्कृतिक जुड़ाव पर उठाये सवाल ममता बनर्जी की पार्टी तृणमूल कांग्रेस ने मुख्यमंत्री पर निशाना साधते हुए पूछा कि आखिर बीजेपी बंगाली संस्कृति से इतनी अनजान क्यों है कि प्रशासन की देखरेख में मां दुर्गा का गलत और अमर्यादित चित्र पेश किया जा रहा है. तृणमूल कांग्रेस के इस बयान पर भाजपा की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आयी है. तकनीकी या प्रिंटिंग की गलती को नेतृत्वक रूप न दें : भाजपा हिंदुस्तानीय जनता पार्टी के पश्चिम बंगाल इकाई के अध्यक्ष शमिक भट्टाचार्य ने मां दुर्गा से जुड़े इस विवाद पर तृणमूल को सलाह दी कि वह इसे नेतृत्वक विवाद का रूप न दे. शमिक ने कहा कि जिस चीज को उन्होंने ‘विज्ञापन एजेंसी की संभावित तकनीकी या प्रिंटिंग गलती’ बताया है, उसे नेतृत्वक विवाद का रूप न दिया जाये. इस गलती को बस ठीक कर लिया जाना चाहिए. The post मां दुर्गा की ’11 भुजाओं’ पर घमासान: टीएमसी ने शुभेंदु अधिकारी प्रशासन पर साधा निशाना, बताया बंगाली संस्कृति का अपमान appeared first on Naya Vichar.

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टर्बो-पेट्रोल इंजन, 360 डिग्री कैमरा और 6 एयरबैग्स… धड़ाधड़ बुक हो रही Maruti Suzuki की ये SUV, डेढ़ महीने पहले हुई थी लॉन्च

मारुति सुजुकी ने लगभग 6 हफ्तों में नई ब्रेजा के लिए 60,000 से ज्यादा बुकिंग हासिल कर ली है. इससे इस फेसलिफ्टेड SUV को हिंदुस्तानीय बाजार में एक मजबूत शुरुआत मिली है. कंपनी का कहना है कि इस दौरान ब्रेजा को हर दिन करीब 2,000 बुकिंग मिल रही थीं. ब्रेजा को 24 जुलाई को बोनट के नीचे एक बड़े बदलाव के साथ लॉन्च किया गया था, जिसमें नया 1.0-लीटर टर्बो बूस्टरजेट पेट्रोल इंजन दिया गया है. मारुति ने 1.5-लीटर पेट्रोल और S-CNG वर्जन को भी बरकरार रखा है. नए इंजन के साथ SUV में नया स्टाइल, 6-स्पीड गियरबॉक्स, केबिन में ज्यादा फीचर्स और एक्स्ट्रा सेफ्टी इक्विपमेंट दिए गए हैं. इसकी शुरुआती कीमत 7.39 लाख रुपये (एक्स-शोरूम) है. मारुति ब्रेजा फेसलिफ्ट बुकिंग का आंकड़ा 60,000 के पार मारुति सुजुकी के सीनियर एग्जीक्यूटिव ऑफिसर (मार्केटिंग एंड सेल्स) पार्थो बनर्जी के अनुसार, लगभग 35 से 37 दिनों में बुकिंग का आंकड़ा 60,000 के करीब पहुंच गया. यह रोजाना औसतन 1,600 से ज्यादा बुकिंग दर्शाता है, हालांकि कंपनी ने संकेत दिया है कि मौजूदा रफ्तार 2,000 के करीब रही है. यह संख्या बुकिंग्स की है, ग्राहकों को डिलीवर की गई कारों की नहीं. इसे हर महीने होने वाली रिटेल बिक्री से सीधा नहीं जोड़ा जा सकता. कंपनी के मुताबिक, मारुति सुजुकी ने पिछले महीने ब्रेजा की लगभग 17,000 यूनिट्स बेचीं.  फेसलिफ्ट के बिक्री पर आने के तुरंत बाद बुकिंग को यह जबरदस्त रिस्पॉन्स मिला है. मारुति ने इस बार काफी बड़े बदलाव किए हैं, खासकर टर्बो-पेट्रोल इंजन को शामिल करके. Maruti Suzuki Brezza Facelift: न्यू-टर्बो इंजन लाइनअप में हुआ शामिल नया 1.0-लीटर टर्बो बूस्टरजेट इंजन लगभग 109 hp की पावर और 170 Nm का टॉर्क देता है. यह छह-स्पीड मैनुअल ट्रांसमिशन और मारुति सुजुकी की स्मार्ट हाइब्रिड तकनीक के साथ आता है. कंपनी इस वर्जन के लिए 20.47 किमी प्रति लीटर के माइलेज का दावा करती है. 1.5-लीटर K15C पेट्रोल इंजन भी जारी रखा गया है. यह 102 hp की पावर और 139 Nm का टॉर्क जनरेट करता है और छह-स्पीड मैनुअल या 6-स्पीड ऑटोमैटिक के साथ उपलब्ध है. ऑटोमैटिक वर्जन में स्टीयरिंग-माउंटेड पैडल शिफ्टर्स भी मिलते हैं.  ये भी पढ़ें: Maruti Suzuki Baleno Facelift के किस वेरिएंट में क्या फीचर्स मिलेंगे? खरीदने से पहले जान लें इसके अलावा S-CNG वेरिएंट भी है. इसमें अंडरबॉडी-माउंटेड CNG टैंक का इस्तेमाल किया गया है, जिससे बूट स्पेस खाली रहता है और इसमें 6-स्पीड मैनुअल गियरबॉक्स मिलता है. CNG मोड में यह 87 hp की पावर और 121.5 Nm का टॉर्क देता है, जिसका माइलेज 26.9 किमी प्रति किलोग्राम क्लेम किया गया है. Maruti Suzuki Brezza Facelift: इंटीरियर में मिलते हैं ज्यादा फीचर्स फेसलिफ्ट सिर्फ इंजन रेंज तक सीमित नहीं है. मारुति सुजुकी ने नई ग्रिल, बुल बार और स्किड प्लेट के साथ फ्रंट-एंड स्टाइलिंग में बदलाव किया है, जबकि साइड क्लेडिंग और अलॉय व्हील्स को भी नया डिजाइन दिया गया है. इंटीरियर में ब्रेजा SUV में वेंटिलेटेड फ्रंट सीट्स, कूल्ड वायरलेस चार्जर और स्मार्टप्ले प्रो X इंफोटेनमेंट सिस्टम मिलता है. इसमें 360-डिग्री कैमरा, TPMS और कनेक्टेड-कार फीचर्स भी दिए गए हैं. ये भी पढ़ें: Maruti Baleno Facelift vs Tata Punch Facelift: कीमत, इंजन, माइलेज, फीचर्स और स्पेसिफिकेशन में कौन बेहतर? सेफ्टी पैकेज के तहत 6 एयरबैग्स, ESP, हिल होल्ड असिस्ट और आगे-पीछे पार्किंग सेंसर शामिल हैं. ऊपर के वेरिएंट्स में ब्लाइंड व्यू मॉनिटरिंग, रियर क्रॉस ट्रैफिक अलर्ट और एग्जिट वार्निंग सपोर्ट जैसे फीचर्स भी जोड़े गए हैं. बुकिंग का आंकड़ा 60,000 पार होने के बाद अब नजर इस बात पर होगी कि आने वाले त्योहारी सीजन में ब्रेजा कैसा परफॉर्म करती है. The post टर्बो-पेट्रोल इंजन, 360 डिग्री कैमरा और 6 एयरबैग्स… धड़ाधड़ बुक हो रही Maruti Suzuki की ये SUV, डेढ़ महीने पहले हुई थी लॉन्च appeared first on Naya Vichar.

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राम मंदिर चोरी मामले में हटाए गए तीन कर्मचारियों की वापसी, ट्रस्ट की नई व्यवस्था में फिर मिली जिम्मेदारी

Ayodhya Ram Mandir Trust: अयोध्या राम मंदिर ट्रस्ट की प्रशासनिक और व्यवस्थागत संरचना में हो रहे बदलावों का असर अब जमीनी स्तर पर भी दिखाई देने लगा है. अलग-अलग शिकायतों और आरोपों के चलते राम मंदिर की व्यवस्थाओं से हटाए गए तीन कर्मचारियों की दोबारा वापसी कर दी गई है. नए पूर्णकालिक महासचिव स्वामी गोविंद देव गिरि के आगमन के बाद यह फैसला लिया गया है. पुराने दायित्वों के साथ जिन कर्मचारियों को फिर से जिम्मेदारी सौंपी गई है, उनमें कारसेवक वासुदेव गुप्ता के बेटे संदीप गुप्ता के अलावा केडी तिवारी और बजरंग पाठक शामिल हैं. इन कर्मचारियों की वापसी को राम मंदिर ट्रस्ट की नई प्रशासनिक व्यवस्था में हो रहे बदलावों से जोड़कर देखा जा रहा है. अलग-अलग शिकायतों के बाद हटाए गए थे कर्मचारी राम मंदिर परिसर और इससे जुड़ी व्यवस्थाओं में पहले अलग-अलग कारणों और शिकायतों के आधार पर कर्मचारियों को जिम्मेदारियों से हटाया गया था. इनमें संदीप गुप्ता का मामला विशेष रूप से चर्चा में रहा था. संदीप गुप्ता तीर्थयात्री सेवा केंद्र में लंगर व्यवस्था से जुड़े थे. उनके खिलाफ एक विदेशी स्त्री की ओर से शिकायत किए जाने के बाद उन्हें उनकी जिम्मेदारी से हटा दिया गया था. बताया गया कि लंगर में सामान रखने को लेकर दोनों पक्षों के बीच कहासुनी हुई थी. इसके बाद विदेशी स्त्री ने मामले की शिकायत ट्रस्ट से की थी और शिकायत पत्र दिए जाने के बाद संदीप गुप्ता को व्यवस्था से अलग कर दिया गया था. नई प्रशासनिक व्यवस्था में फिर मिली पुरानी जिम्मेदारी अब राम मंदिर ट्रस्ट में बदलाव के दौर के बीच संदीप गुप्ता की दोबारा वापसी हुई है. उनके साथ केडी तिवारी और बजरंग पाठक को भी पुराने दायित्वों के साथ बहाल किया गया है. नए पूर्णकालिक महासचिव स्वामी गोविंद देव गिरि के कार्यभार संभालने के बाद ट्रस्ट की कार्यप्रणाली और व्यवस्थाओं में धीरे-धीरे नए फैसले लिए जा रहे हैं. तीन कर्मचारियों की वापसी को भी इसी क्रम का अहम निर्णय माना जा रहा है. व्यवस्थाओं में बदलाव का दौर जारी राम मंदिर में श्रद्धालुओं की लगातार बढ़ती संख्या को देखते हुए ट्रस्ट के सामने दर्शन, सुरक्षा, तीर्थयात्री सुविधाओं और सेवा व्यवस्थाओं को बेहतर बनाए रखने की बड़ी जिम्मेदारी है. ऐसे में प्रशासनिक स्तर पर जिम्मेदारियों का पुनर्गठन और कर्मचारियों की तैनाती से जुड़े फैसले महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं, जिन कर्मचारियों को पहले हटाया गया था, उनकी वापसी से यह साफ है कि ट्रस्ट अब अपनी व्यवस्थाओं की नए सिरे से समीक्षा कर रहा है. कर्मचारियों की वापसी से बढ़ी चर्चा तीन कर्मचारियों को दोबारा पुरानी जिम्मेदारियां दिए जाने के बाद राम मंदिर से जुड़े प्रशासनिक फैसलों को लेकर चर्चा तेज हो गई है. खासतौर पर संदीप गुप्ता की वापसी इसलिए भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है, क्योंकि उन्हें विदेशी स्त्री की शिकायत के बाद हटाया गया था. हालांकि, अब नई व्यवस्था में उन्हें फिर से दायित्व सौंप दिया गया है. माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में राम मंदिर ट्रस्ट की व्यवस्थाओं और जिम्मेदारियों में अन्य स्तरों पर भी बदलाव देखने को मिल सकते हैं. यह भी पढ़ें: आधी रात चलती ट्रेन से कूदा POCSO आरोपी, पुलिस देखती रह गई, चकमा देकर भागा, 3 पुलिसकर्मियों पर केस The post राम मंदिर चोरी मामले में हटाए गए तीन कर्मचारियों की वापसी, ट्रस्ट की नई व्यवस्था में फिर मिली जिम्मेदारी appeared first on Naya Vichar.

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पश्चिम बंगाल : दुर्गापूजा समितियों को एक लाख रुपए का अनुदान, अष्टमी को शराबबंदी, डीजे पर प्रतिबंध

पश्चिम बंगाल प्रशासन ने इस वर्ष दुर्गापूजा समितियों के लिए एक लाख रुपए की वैकल्पिक प्रशासनी अनुदान की घोषणा की है. साथ ही कहा है कि दुर्गा पूजा में अष्टमी के दिन शराब दुकानें और बार बंद रहेंगे. मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने सोमवार को पूजा समितियों के साथ तैयारियों के लिए समीक्षा बैठक के बाद यह घोषणा की. हालांकि, उन्होंने बड़े बजट वाली पूजा समितियों से प्रशासनी आर्थिक सहायता नहीं लेने की अपील की है. मुख्यमंत्री ने कहा कि जिन छोटी पूजा समितियों के लिए प्रशासनी सहायता के बिना पूजा आयोजित करना मुश्किल है, उन्हें एक लाख रुपए का अनुदान दिया जायेगा. इस अनुदान के लिए पूजा कमेटियों को स्थानीय थाने में आवेदन करना होगा. The post पश्चिम बंगाल : दुर्गापूजा समितियों को एक लाख रुपए का अनुदान, अष्टमी को शराबबंदी, डीजे पर प्रतिबंध appeared first on Naya Vichar.

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VIDEO:हाजीपुर में बाढ़ प्रभावितों के बीच पहुंचे CM सम्राट, मृतकों के परिजनों को सौंपे ₹44 लाख; बोले- अगले दो दिन बेहद अहम

Bihar Flood Update : बिहार में बाढ़ का कहर जारी है. गंगा समेत कई नदियों के जलस्तर में बढ़ोतरी से लोगों की मुश्किलें बढ़ गयी हैं. इसी बीच मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी सोमवार को हाजीपुर पहुंचे और बाढ़ प्रभावित लोगों से सीधे मुलाकात कर हालात का जायजा लिया. उन्होंने राहत शिविर में पहुंचकर पीड़ितों की परेशानियां सुनीं और उन्हें मिल रही सुविधाओं की जानकारी ली. राहत शिविर पहुंचकर बाढ़ पीड़ितों से की बातचीत मुख्यमंत्री सोमवार सुबह करीब 11:22 बजे गंगा ब्रिज थाना के सामने बने बाढ़ राहत शिविर पहुंचे. यहां उन्होंने बाढ़ प्रभावित लोगों से बातचीत की और उनकी समस्याओं को जाना. मुख्यमंत्री ने राहत शिविर में उपलब्ध खाने-पीने, इलाज समेत अन्य सुविधाओं की जानकारी भी ली. बाढ़ में जान गंवाने वालों के परिजनों को मिले ₹44 लाख के चेक दौरे के दौरान मुख्यमंत्री ने बाढ़ में जान गंवाने वाले लोगों के परिजनों को ₹44 लाख की अनुग्रह राशि के चेक सौंपे. प्रशासन की ओर से आपदा में प्रभावित परिवारों को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने की प्रक्रिया के तहत यह राशि दी गयी. चेक मिलने से पीड़ित परिवारों को आर्थिक मदद की उम्मीद जगी है. चिकित्सा व्यवस्था और पशुओं के चारे की भी ली जानकारी मुख्यमंत्री ने राहत शिविर में मौजूद व्यवस्थाओं का जायजा लिया. उन्होंने अधिकारियों से पूछा कि बाढ़ प्रभावित लोगों को भोजन और पेयजल से लेकर चिकित्सा सुविधाएं किस तरह उपलब्ध करायी जा रही हैं. इसके साथ ही शिविर में इलाज की व्यवस्था और पशुओं के लिए चारे की उपलब्धता की भी समीक्षा की गयी. बोले- पानी घट रहा, लेकिन अगले दो दिन अहम मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि बाढ़ की स्थिति अभी चिंताजनक जरूर है, लेकिन जलस्तर में कमी आ रही है. उनके मुताबिक गंगा के जलस्तर में करीब 17 से 18 सेंटीमीटर की कमी दर्ज की गयी है. हालांकि उन्होंने फरक्का से करीब 15 लाख क्यूसेक पानी छोड़े जाने का भी जिक्र किया. ऐसे में आने वाले एक-दो दिन काफी महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं. अगले दो दिनों में स्थिति स्थिर होने की उम्मीद मुख्यमंत्री ने उम्मीद जतायी कि अगले दो दिनों में बाढ़ की स्थिति स्थिर होगी और लोगों को राहत मिलनी शुरू होगी. उन्होंने कहा कि आपदा के समय लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है, लेकिन प्रशासन की कोशिश है कि बाढ़ प्रभावितों को कम से कम मुश्किलों का सामना करना पड़े. राहत और बचाव के लिए जरूरी व्यवस्थाएं की जा रही हैं और प्रशासन को लगातार निगरानी रखने का निर्देश दिया गया है. अधिकारियों को लगातार निगरानी के निर्देश हाजीपुर के राहत शिविर में मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से बाढ़ की स्थिति और राहत कार्यों की जानकारी ली. प्रशासन को प्रभावित इलाकों में लगातार नजर रखने और जरूरत के अनुसार राहत एवं बचाव कार्य तेज करने के निर्देश दिये गये हैं. फिलहाल गंगा के जलस्तर में आयी कमी राहत की समाचार है, लेकिन फरक्का से छोड़े जा रहे पानी के कारण प्रशासन की चुनौती बनी हुई है. करीब 15 मिनट बाद राहत शिविर से रवाना हुए सीएम मुख्यमंत्री करीब 11:37 बजे राहत शिविर से रवाना हो गये. उनके दौरे के दौरान वैशाली विधायक सिद्धार्थ पटेल, लालगंज विधायक संजय कुमार सिंह, भाजपा नेता संजय सिंह, जिला पदाधिकारी वर्षा सिंह, एसपी सुभांक मिश्रा समेत जिले के कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे. बाढ़ प्रभावित इलाकों में अभी खत्म नहीं हुई मुश्किल फिलहाल सबसे बड़ा सवाल गंगा के जलस्तर को लेकर है. आने वाले दिनों में जलस्तर किस तरह बदलता है और फरक्का से छोड़े जा रहे पानी का असर कितना पड़ता है, इस पर प्रशासन की नजर बनी हुई है. प्रशासन का दावा है कि स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जा रही है. जलस्तर में कमी से लोगों को थोड़ी राहत जरूर मिली है, लेकिन बिहार में बाढ़ का संकट अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है. Also Read : VIDEO: बिहार की ‘हसीना गैंग’ का नया स्पोर्ट्स, AC-1 कोच में शराब के साथ युवती गिरफ्तार; तस्करी का तरीका देख पुलिस भी हैरान The post VIDEO:हाजीपुर में बाढ़ प्रभावितों के बीच पहुंचे CM सम्राट, मृतकों के परिजनों को सौंपे ₹44 लाख; बोले- अगले दो दिन बेहद अहम appeared first on Naya Vichar.

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मां दुर्गा के ’11 भुजाओं’ पर घमासान: टीएमसी ने शुभेंदु अधिकारी सरकार पर साधा निशाना, बताया बंगाली संस्कृति का अपमान

Durga Puja Advertisement Row Bengal: पश्चिम बंगाल में आगामी दुर्गा पूजा की तैयारियों के बीच एक नये विवाद ने जन्म ले लिया है. राज्य के सूचना एवं संस्कृति विभाग द्वारा अखबारों में प्रकाशित एक प्रशासनी विज्ञापन में मां दुर्गा के चित्र में पारंपरिक 10 भुजाओं की बजाय 11 भुजाएं (एकादश भुजा) दिखाये जाने पर तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी और हिंदुस्तानीय जनता पार्टी (बीजेपी) प्रशासन पर तीखा हमला बोला है. वहीं, भाजपा ने कहा है कि तकनीकी या प्रिंटिंग की गलती को नेतृत्वक रूप न दिया जाये. उच्चस्तरीय समन्वय बैठक से पहले जारी हुआ था विज्ञापन यह विज्ञापन कोलकाता में आयोजित होने वाली एक उच्चस्तरीय समन्वय बैठक (Coordination Meeting) की जानकारी देने के लिए जारी किया गया था. बैठक कोलकाता नगर निगम (KMC) और कोलकाता पुलिस के सहयोग से मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी की अध्यक्षता में शहर की विभिन्न दुर्गा पूजा समितियों के साथ आयोजित की जा रही है. इसका उद्देश्य त्योहार को सुरक्षित और व्यवस्थित तरीके से संपन्न कराना है. मां दुर्गा और बंगाल की सांस्कृतिक परंपराओं को गलत तरीके से पेश किया जाना बेहद अपमानजनक है. दुर्गा पूजा सिर्फ एक त्योहार नहीं है. यह एक भावना और बंगाल की धड़कन है. मां का घर लौटना लाखों बंगालियों के लिए एक पवित्र अवसर है. फिर भी, जो प्रशासन बंगाल की बात करने का दावा करती है, वह बंगाली संस्कृति, परंपराओं और उन त्योहारों से लगातार दूर होती दिख रही है, जो बंगाल की पहचान हैं. -तृणमूल कांग्रेस मां दुर्गा के मूल स्वरूप से खिलवाड़ : कुणाल घोष तृणमूल कांग्रेस के प्रवक्ता कुणाल घोष ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (पहले ट्विटर) पर प्रशासनी विज्ञापन की तस्वीर साझा करते हुए मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी पर कटाक्ष किया. विज्ञापन में मां दुर्गा के चित्र के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी की तस्वीरें भी छपी हैं. शास्त्रों से छेड़छाड़ का कुणाल ने लगाया आरोप कुणाल घोष ने अपने पोस्ट में लिखा- माननीय मुख्यमंत्री, प्रशासनी विज्ञापन में मां दुर्गा को 10 भुजाओं की बजाय ‘एकादश भुजा’ वाली दिखाया गया है. शास्त्रों और हमारी परंपरा के अनुसार मां दुर्गा ‘दशभुजा’ हैं. इसमें से एक हाथ कम किये जाने की जरूरत है. उन्होंने कहा कि प्रशासन को संबंधित विभाग को तुरंत निर्देश देना चाहिए कि वे मां दुर्गा के मूल स्वरूप और बंगाली परंपराओं के साथ छेड़छाड़ न करें. माननीय मुख्यमंत्री, प्रशासनी विज्ञापन में मां दुर्गा को ‘एकादश भुजा’ वाली के रूप में दिखाया गया है, जबकि पारंपरिक रूप से उन्हें ‘दस भुजा’ वाली के रूप में दर्शाया जाता है. शास्त्रों के अनुसार, एक हाथ कम किये जाने की जरूरत है. हम रोजाना अलग-अलग तरह की आचार-संहिता के बारे में सुनते हैं. अगर 2026 में मां (दुर्गा) की भुजाओं की संख्या बढ़ जाती है, तो मामला पेचीदा रूप ले सकता है. कृपया संबंधित विभाग को तुरंत निर्देश दें कि वह मां दुर्गा के मूल स्वरूप से छेड़छाड़ न करे. -कुणाल घोष, प्रवक्ता, तृणमूल कांग्रेस बंगाली संस्कृति से कटी हुई है बीजेपी : तृणमूल तृणमूल कांग्रेस ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल से पोस्ट जारी कर इस चूक को बंगाल की सांस्कृतिक धरोहर और भावनाओं का घोर अपमान करार दिया. टीएमसी ने कहा- दुर्गा पूजा सिर्फ एक त्योहार नहीं, बंगाल की धड़कन और पहचान है. बंगाल की बात करने का दावा करने वाली प्रशासन यहां की संस्कृति और परंपराओं से पूरी तरह अलग-थलग हो चुकी है. TMC ने भाजपा के सांस्कृतिक जुड़ाव पर उठाये सवाल ममता बनर्जी की पार्टी तृणमूल कांग्रेस ने मुख्यमंत्री पर निशाना साधते हुए पूछा कि आखिर बीजेपी बंगाली संस्कृति से इतनी अनजान क्यों है कि प्रशासन की देखरेख में मां दुर्गा का गलत और अमर्यादित चित्र पेश किया जा रहा है. तृणमूल कांग्रेस के इस बयान पर भाजपा की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आयी है. तकनीकी या प्रिंटिंग की गलती को नेतृत्वक रूप न दें : भाजपा हिंदुस्तानीय जनता पार्टी के पश्चिम बंगाल इकाई के अध्यक्ष शमिक भट्टाचार्य ने मां दुर्गा से जुड़े इस विवाद पर तृणमूल को सलाह दी कि वह इसे नेतृत्वक विवाद का रूप न दे. शमिक ने कहा कि जिस चीज को उन्होंने ‘विज्ञापन एजेंसी की संभावित तकनीकी या प्रिंटिंग गलती’ बताया है, उसे नेतृत्वक विवाद का रूप न दिया जाये. इस गलती को बस ठीक कर लिया जाना चाहिए. The post मां दुर्गा के ’11 भुजाओं’ पर घमासान: टीएमसी ने शुभेंदु अधिकारी प्रशासन पर साधा निशाना, बताया बंगाली संस्कृति का अपमान appeared first on Naya Vichar.

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Breaking News : चतरा विधायक जनार्दन पासवान के बेटे का अपहरण, रांची पुलिस ने चंद घंटे में किया बरामद

चतरा से दीनबंधू और मो तसलीम की रिपोर्ट रांची: झारखंड की राजधानी रांची में विधानसभा थाना क्षेत्र स्थित अमेटी यूनिवर्सिटी के बाहर से चतरा से लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के विधायक जनार्दन पासवान के छोटे बेटे सौरभ के अपहरण की सूचना सामने आयी है. घटना सोमवार शाम करीब पांच बजे की बतायी जा रही है. प्राप्त जानकारी के अनुसार, अपहरणकर्ता ने उनके बेटे को थार से अपहरण किया और स्काॅर्पियो पर सवार होकर चले गए. सूचना मिलने के बाद पुलिस जांच में जुट गयी. हालांकि, राहत की बात यह है कि रांची पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए सौरभ को बरामद भी कर लिया है. सौरभ की बरामदगी अरगोड़ा क्षेत्र से हुई है. सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है पुलिस जांच के दौरान जो जानकारी सामने आई है उसके आधार पर पुलिस सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है और मामले के तह तक पहुंचने की कोशिश कर रही है. विधायक जनार्दन पासवान ने बताया कि अपराधियों ने उनके बेटे के साथ मारपीट की और उसे जबरदस्ती अपने साथ गाड़ी में बैठाकर ले गए हैं. उनके बेटे का नाम सौरभ है, जो रांची के अमेटी यूनिर्विसिटी में पढ़ाई कर रहा है. रांची पुलिस ने दिखाई तत्परता रांची पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए एमिटी यूनिवर्सिटी के समीप से कथित रूप से अपहृत चतरा विधायक जनार्दन पासवान के छोटे पुत्र सौरभ को सकुशल बरामद कर लिया है. विधायक जनार्दन पासवान ने अपने पुत्र की सकुशल बरामदगी की पुष्टि की है. सौरभ के अपहरण की सूचना मिलते ही रांची पुलिस सक्रिय हुई और इलाके की घेराबंदी कर सर्च अभियान शुरू किया था. पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है. घटना के पीछे के कारणों और इसमें शामिल लोगों की भूमिका का पता लगाया जा रहा है. विधायक पुत्र की बरामदगी के बाद परिजनों और समर्थकों ने राहत की सांस ली है. चतरा पुलिस से मिली तकनीकी जानकारी रांची पुलिस की इस कार्रवाई में चतरा पुलिस ने रांची पुलिस को तकनीकी सहयोग दिया. इसके बाद पुलिस को सौरभ तक पहुंचने में कामयाबी मिली. The post Breaking News : चतरा विधायक जनार्दन पासवान के बेटे का अपहरण, रांची पुलिस ने चंद घंटे में किया बरामद appeared first on Naya Vichar.

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Bigg Boss 20 Review: कंटेस्टेंट हैं या मेकर्स की मजबूरी, क्या पैसे देकर बुक हुई ‘बिग बॉस’ की सीट? सलमान खान भी दिखे बेजान!

‘कौन है ये?’… ‘इन्हें तो पहली बार देख रहे हैं’… ‘भाई, ये Bigg Boss है या कोई ऑडिशन राउंड?’ और सबसे मजेदार सवाल- ‘पैसे देकर आए हैं क्या?’ Bigg Boss 20के ग्रैंड प्रीमियर के बाद सोशल मीडिया पर फैंस के कमेंट्स का मूड कुछ ऐसा ही है. जिस शो में कंटेस्टेंट की पहली झलक के साथ ही दर्शक अगले तीन महीने का ड्रामा सोचने लगते थे, इस बार वही दर्शक चेहरों को पहचानने में उलझे नजर आए. 6 सितंबर की रात Salman Khan वापस लौटे. Bigg Boss का 20वां सीजन शुरू हुआ. घर चमचमाता दिखा. स्टेज भव्य था. नए ट्विस्ट का ऐलान हुआ. लेकिन जैसे-जैसे कंटेस्टेंट्स की एंट्री होती गई, एक चीज साफ होती गई- मेकर्स ने घर सजाने में जितनी मेहनत की, कास्टिंग में उतनी दिखाई नहीं दी. मानो Bigg Boss में एंट्री कोई कास्टिंग नहीं, सीट बुकिंग हो! मैरी कॉम, आम्रपाली, आसिफ और माही ने बचाई लाज माना कि हर कंटेस्टेंट सुपरस्टार नहीं हो सकता. Bigg Boss को सिर्फ बड़े नामों की जरूरत भी नहीं है. लेकिन एक बात जरूरी है- चेहरे में कहानी होनी चाहिए. मैरी कॉम का आना अपने आप में बड़ा प्रयोग है. आम्रपाली दुबे का अपना मजबूत दर्शक वर्ग है. आसिफ खान को दर्शक उनके काम से जानते हैं. माही विज भी टीवी का जाना-पहना नाम हैं. इन नामों को देखकर कम से कम यह सवाल नहीं उठता कि इन्हें क्यों बुलाया गया. लेकिन इनके बाद? कई चेहरों को देखकर दर्शक पहले उनका परिचय ढूंढ रहे हैं और फिर यह समझने की कोशिश कर रहे हैं कि आखिर इनमें ऐसा क्या खास है, जो इन्हें Bigg Boss के घर तक ले आया. सबसे बड़ी परेशानी यह है कि इस साल ज्यादातर कंटेस्टेंट किसी बड़ी controversy, विवाद या चर्चा की वजह से सुर्खियों में रहे ही नहीं. यही तो Bigg Boss की casting का असली स्पोर्ट्स होता था. किसी का कोई पुराना विवाद होता था. किसी की किसी से दुश्मनी. कोई अपने बेबाक बयान के लिए जाना जाता था. कोई सोशल मीडिया पर लगातार चर्चा में रहता था. यानी कंटेस्टेंट घर में कदम रखता था तो उसके साथ पहले से एक कहानी भी अंदर आती थी. न कोई ताजा controversy. न कोई बड़ा विवाद. न ऐसी चर्चा कि दर्शक कहें- ‘अच्छा, अब इसे घर में देखना है.’ और यहीं से सोशल मीडिया पर फैंस का वह तंज निकलता है- ‘क्या पैसे देकर कंटेस्टेंट्स ने अपनी सीट बुक कर ली है?’ यहां यह साफ कर देना जरूरी है कि यह फैंस का सवाल और सोशल मीडिया का तंज है. जब दर्शक किसी कंटेस्टेंट को पहचान ही नहीं पा रहे और उन्हें उनमें कोई खास बात या विवाद नहीं दिख रहा, तो सोशल मीडिया पर यह सवाल उठना स्वाभाविक है कि क्या मेकर्स ने सिर्फ पैसे लेकर जगह दी है, न कि किसी दमदार किरदार को. क्योंकि प्रीमियर देखकर ऐसा लगा जैसे casting meeting में सबसे जरूरी सवाल यह नहीं था कि ‘कौन घर में बवाल मचाएगा?’ बल्कि यह था- ‘कौन मिल रहा है?’ सलमान भी जैसे पूछ रहे हों- मैं किससे बात करूं? और बात सिर्फ कंटेस्टेंट्स की नहीं है. Salman Khan की मौजूदगी Bigg Boss के प्रीमियर को अपने आप बड़ा बना देती है. लेकिन इस बार कई जगह सलमान भी ऐसे दिखे जैसे सामने बैठे कंटेस्टेंट्स को लेकर उनके पास ज्यादा कुछ कहने को नहीं है. वह वही सलमान हैं. वही मंच है. वही कैमरे हैं. वही Bigg Boss का घर है. लेकिन जब सामने बैठे चेहरे दर्शकों के लिए ही नए हों और उनके साथ कोई खास कहानी पहले से जुड़ी न हो तो होस्ट भी आखिर कितना मसाला निकाल पाएगा? प्रीमियर में कई बार ऐसा लगा कि कंटेस्टेंट सलमान को entertain करने आए हैं या सलमान उन्हें? यही इस प्रीमियर की सबसे बड़ी कमजोरी रही. MC Stan-Asim Riaz की ‘सस्ती कॉपी’? कुछ कंटेस्टेंट्स को देखकर सोशल मीडिया पर एक और चर्चा शुरू हो गई है. Scout और Qazi Taukeer को लेकर फैंस उन्हें MC Stan और Asim Riaz की ‘सस्ती कॉपी’ तक कह रहे हैं. MC Stan जब Bigg Boss 16 में आए थे तो उनके पास अपना अंदाज था. अपनी भाषा थी. अपना स्टाइल था. Asim Riaz के साथ भी यही था. उनकी aggression, उनका confidence और उनका लड़ने का अंदाज उनकी अपनी पहचान बना. लेकिन इस बार कुछ चेहरों को देखकर दर्शकों को पुराने सफल contestants की याद आ रही है. Scout में MC Stan वाली vibe और Qazi Taukeer में Asim Riaz वाला अंदाज तलाशा जा रहा है. सोशल मीडिया पर कमेंट्स आ रहे हैं, ‘Scout को देखकर MC Stan याद आ गया, वही अंदाज़ है.’ या ‘Qazi Taukeer में Asim Riaz वाली एनर्जी दिख रही है, पर वो बात नहीं.’ ऐसे कमेंट्स बताते हैं कि दर्शक नयापन ढूंढ रहे हैं, नकल नहीं. किसी पुराने hit contestant का attitude उठा लेना आसान है. उसकी भाषा, aggression या style की नकल करना भी आसान है. मुश्किल है अपना ऐसा personality बनाना, जिसे देखने के बाद दर्शक किसी पुराने contestant को याद ही न करें. MC Stan इसलिए चला क्योंकि वह MC Stan था. Asim इसलिए चर्चा में रहा क्योंकि वह Asim था. Bigg Boss को अगली बार किसी की photocopy नहीं, ऐसा original चाहिए जिसके बाद लोग उसकी copy करने की कोशिश करें. पुराने contestants को ही वापस बुला लेते! प्रीमियर देखते हुए कई बार मन में आया कि अगर मेकर्स को इतने नए और कम चर्चित चेहरे ही लाने थे तो पुराने सीजन के दो-चार धुरंधरों को ही वापस बुला लेते. कम से कम दर्शकों को पता होता कि घर में आग कौन लगाएगा. किससे लड़ाई होगी. कौन दोस्ती करेगा. कौन पलटी मारेगा. कौन nominations में स्पोर्ट्स बदलेगा. यानी Bigg Boss ने घर तो बना लिया, लेकिन उसमें रहने वाले किरदारों की कहानी बनाना भूल गया. और यही वजह है कि ग्रैंड प्रीमियर कई जगह ‘ग्रैंड’ कम और लंबा खिंचा हुआ इंट्रोडक्शन इवेंट ज्यादा लगा. एक के बाद एक एंट्री. बातचीत. डांस. थोड़ा ड्रामा. सलमान के साथ बातचीत. फिर अगला चेहरा. लेकिन वह एक एंट्री? जिसके आते ही आप कुर्सी पर सीधे बैठ जाएं और कहें- ‘ओहो… अब आएगा मजा!’ उसका इंतजार प्रीमियर खत्म होने तक बना रहा.

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भारतीय सेना होगी और ताकतवर : 1.10 लाख करोड़ की सैन्य खरीद को मंजूरी, हेलिकॉप्टर से लेकर नए हथियार होंगे शामिल

बैठक में सेना के लिए करीब 1.10 लाख करोड़ रुपये के हथियार और दूसरे जरूरी सैन्य सामान खरीदने के प्रस्तावों को शुरुआती मंजूरी दी गई. इन खरीद से सेना की ताकत और सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने में मदद मिलेगी. हिंदुस्तानीय सेना के लिए कई जरूरी सैन्य इक्विपमेंट खरीदने को मंजूरी मिली है. इनमें जहरीली गैस या खतरनाक हमले का पता लगाने वाले व्हीकल शामिल हैं. फैसले की सबसे खास बात प्रेस इनफार्मेशन ब्यूरो यानी पीआईबी ने प्रेस रिलीज जारी करके इस संबंध में जानकारी दी है. इस फैसले की सबसे खास बात यह है कि कुल खरीदारी का लगभग 98% सामान हिंदुस्तानीय कंपनियों से ही खरीदा जाएगा. इसका मतलब है कि प्रशासन स्वदेशी पर ज्यादा जोर दे रही है. तीनों सेनाओं को क्या-क्या मिलेगा? हिंदुस्तानीय थल सेना: कठिन इलाकों में आसानी से चलने वाले वाहन (HMVs), माइन्स यानी बारूदी सुरंग बिछाने की गाड़ियां, एडवांस्ड लाइट हेलीकॉप्टर (ALHs), ट्रॉल टैंक और सर्वत्र ब्रिज सिस्टम खरीदे जाएंगे. साथ ही, जहरीले और रासायनिक खतरों की पहचान करने वाले विशेष CBRN व्हीकल भी मिलेंगे. ये भी पढ़ें: Galwan Valley : हिंदुस्तान के लिए क्यों महत्वपूर्ण है गलवान घाटी ? जानिए चीन के साथ क्या है विवाद हिंदुस्तानीय नौसेना: नौसेना के लिए नए ‘अरुधरा रडार’ और युद्धपोतों के लिए मरीन गैस टर्बाइन खरीदे जाएंगे. इससे विदेशों पर निर्भरता कम होगी. हिंदुस्तानीय वायु सेना: लड़ाकू विमानों और हेलीकॉप्टरों की ताकत बढ़ाई जाएगी. दुश्मन के रडार को जाम करने वाले जैमर और सुरक्षित पहुंच के लिए डिजिटल स्मार्ट कार्ड सिस्टम (DEFSAC) लागू किया जाएगा. ये भी पढ़ें: हिंदुस्तान ने पाकिस्तान के 13 एयरक्राफ्ट, 11 एयरबेस किए तबाह, ऑपरेशन सिंदूर पर एयर मार्शल का खुलासा इस फैसले से देश की सुरक्षा व्यवस्था पहले से कहीं ज्यादा मजबूत और आधुनिक होगी. पिछले कुछ सालों से हिंदुस्तान के पड़ोसी देशों के तेवर तल्ख नजर आ रहे हैं. चाहे चीन के साथ गलवान घाटी की हिंसक झड़प (15 जून 2020) हो या फिर पाकिस्तान को पहलगाम हमले का जवाब (ऑपरेशन सिंदूर 6 और 7 मई 2025 की रात). चीन और पाकिस्तान से हिंदुस्तान के रिश्ते इन दोनों घटनाओं के बाद अच्छे नहीं हैं. The post हिंदुस्तानीय सेना होगी और ताकतवर : 1.10 लाख करोड़ की सैन्य खरीद को मंजूरी, हेलिकॉप्टर से लेकर नए हथियार होंगे शामिल appeared first on Naya Vichar.

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