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भारतीय सेना होगी और ताकतवर : 1.10 लाख करोड़ की सैन्य खरीद को मंजूरी, हेलिकॉप्टर से लेकर नए हथियार होंगे शामिल

बैठक में सेना के लिए करीब 1.10 लाख करोड़ रुपये के हथियार और दूसरे जरूरी सैन्य सामान खरीदने के प्रस्तावों को शुरुआती मंजूरी दी गई. इन खरीद से सेना की ताकत और सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने में मदद मिलेगी. हिंदुस्तानीय सेना के लिए कई जरूरी सैन्य इक्विपमेंट खरीदने को मंजूरी मिली है. इनमें जहरीली गैस या खतरनाक हमले का पता लगाने वाले व्हीकल शामिल हैं. फैसले की सबसे खास बात प्रेस इनफार्मेशन ब्यूरो यानी पीआईबी ने प्रेस रिलीज जारी करके इस संबंध में जानकारी दी है. इस फैसले की सबसे खास बात यह है कि कुल खरीदारी का लगभग 98% सामान हिंदुस्तानीय कंपनियों से ही खरीदा जाएगा. इसका मतलब है कि प्रशासन स्वदेशी पर ज्यादा जोर दे रही है. तीनों सेनाओं को क्या-क्या मिलेगा? हिंदुस्तानीय थल सेना: कठिन इलाकों में आसानी से चलने वाले वाहन (HMVs), माइन्स यानी बारूदी सुरंग बिछाने की गाड़ियां, एडवांस्ड लाइट हेलीकॉप्टर (ALHs), ट्रॉल टैंक और सर्वत्र ब्रिज सिस्टम खरीदे जाएंगे. साथ ही, जहरीले और रासायनिक खतरों की पहचान करने वाले विशेष CBRN व्हीकल भी मिलेंगे. ये भी पढ़ें: Galwan Valley : हिंदुस्तान के लिए क्यों महत्वपूर्ण है गलवान घाटी ? जानिए चीन के साथ क्या है विवाद हिंदुस्तानीय नौसेना: नौसेना के लिए नए ‘अरुधरा रडार’ और युद्धपोतों के लिए मरीन गैस टर्बाइन खरीदे जाएंगे. इससे विदेशों पर निर्भरता कम होगी. हिंदुस्तानीय वायु सेना: लड़ाकू विमानों और हेलीकॉप्टरों की ताकत बढ़ाई जाएगी. दुश्मन के रडार को जाम करने वाले जैमर और सुरक्षित पहुंच के लिए डिजिटल स्मार्ट कार्ड सिस्टम (DEFSAC) लागू किया जाएगा. ये भी पढ़ें: हिंदुस्तान ने पाकिस्तान के 13 एयरक्राफ्ट, 11 एयरबेस किए तबाह, ऑपरेशन सिंदूर पर एयर मार्शल का खुलासा इस फैसले से देश की सुरक्षा व्यवस्था पहले से कहीं ज्यादा मजबूत और आधुनिक होगी. पिछले कुछ सालों से हिंदुस्तान के पड़ोसी देशों के तेवर तल्ख नजर आ रहे हैं. चाहे चीन के साथ गलवान घाटी की हिंसक झड़प (15 जून 2020) हो या फिर पाकिस्तान को पहलगाम हमले का जवाब (ऑपरेशन सिंदूर 6 और 7 मई 2025 की रात). चीन और पाकिस्तान से हिंदुस्तान के रिश्ते इन दोनों घटनाओं के बाद अच्छे नहीं हैं. The post हिंदुस्तानीय सेना होगी और ताकतवर : 1.10 लाख करोड़ की सैन्य खरीद को मंजूरी, हेलिकॉप्टर से लेकर नए हथियार होंगे शामिल appeared first on Naya Vichar.

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Kumar Kushagra Celebration: दलीप ट्रॉफी फाइनल में कुशाग्र का शतक, खास अंदाज में मनाया सेंचुरी का जश्न; देखें VIDEO

Duleep Trophy Final: दलीप ट्रॉफी के फाइनल में ईस्ट जोन के लिए स्पोर्ट्स रहे कुमार कुशाग्र ने शानदार शतक लगाकर अपनी बल्लेबाजी का दम दिखाया. चेन्नई के एमए चिदंबरम स्टेडियम में स्पोर्ट्सी गई इस पारी को कुशाग्र ने अपने खास अंदाज में और भी यादगार बना दिया. सेंचुरी पूरी करते ही उन्होंने बल्ले को वायलिन की तरह पकड़कर बजाने का इशारा किया, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. 128 गेंदों में पूरा किया शतक कुमार कुशाग्र ने पारी के 100वें ओवर की पहली गेंद पर श्रेयस गोपाल के खिलाफ एक रन लेकर अपना शतक पूरा किया. उन्होंने गेंद को लेग साइड में स्पोर्ट्सकर सिंगल लिया और 128 गेंदों में अपनी सेंचुरी पूरी की. शतक पूरा करने के बाद कुशाग्र ने बल्ले को वायलिन की तरह पकड़ा और उसे बजाने का इशारा किया. उनका यह अनोखा सेलिब्रेशन मैदान पर मौजूद दर्शकों के बीच भी चर्चा का विषय बन गया. हालांकि, सेंचुरी पूरी करने के कुछ ही देर बाद उनकी पारी खत्म हो गई. कुशाग्र 132 गेंदों में 101 रन बनाकर आउट हुए. उनकी पारी में 8 चौके और 5 छक्के शामिल रहे. ये भी पढ़ें: SA vs AUS ODI: ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ साउथ अफ्रीका की वनडे टीम में क्विंटन डिकॉक और डेविड मिलर की वापसी, देखें पूरा स्क्वॉड ईस्ट जोन की पारी को मिली मजबूत नींव ईस्ट जोन ने दलीप ट्रॉफी के फाइनल में बल्लेबाजी करते हुए मजबूत शुरुआत की. अभिमन्यु ईश्वरन और वैभव सूर्यवंशी ने पहले विकेट के लिए 100 रन की साझेदारी की. सूर्यवंशी के आउट होने के बाद ईश्वरन ने शिखर मोहन के साथ 33 रन जोड़े, लेकिन वह 72 रन के निजी स्कोर पर रन आउट हो गए. इसके बाद शिखर मोहन और कप्तान ईशान किशन ने चौथे विकेट के लिए 94 रन की साझेदारी की. मोहन के आउट होने के बाद ईशान किशन और कुमार कुशाग्र ने पारी को संभाला. दोनों ने पांचवें विकेट के लिए 230 रन की बड़ी साझेदारी की, जिसने ईस्ट जोन को फाइनल में मजबूत स्थिति में पहुंचा दिया. कुशाग्र के आउट होने के बाद भी ईशान किशन ने रन बनाना जारी रखा. उन्होंने अनुकूल रॉय के साथ छठे विकेट के लिए 140 रन जोड़े. हालांकि, ईशान 250 के स्कोर पर रिटायर्ड हर्ट हो गए. 13 साल से खिताब का इंतजार ईस्ट जोन लंबे समय से दलीप ट्रॉफी खिताब का इंतजार कर रहा है. टीम करीब 13 साल से इस ट्रॉफी को जीतने में कामयाब नहीं हुई है. फाइनल में टीम की मौजूदा स्थिति को देखते हुए इस बार उसका यह इंतजार खत्म होने की उम्मीद बढ़ गई है. कुमार कुशाग्र के शतक और ईशान किशन की बड़ी पारी ने ईस्ट जोन को खिताबी मुकाबले में मजबूत आधार दिया है. अब टीम की नजर इस शानदार शुरुआत को डुलेप ट्रॉफी के खिताब में बदलने पर होगी. ये भी पढ़ें: Cricket Brothers: मैदान पर धमाल मचा रही हैं भाइयों की ये जोड़ियां, जानिए कौन-कौन हैं शामिल The post Kumar Kushagra Celebration: दलीप ट्रॉफी फाइनल में कुशाग्र का शतक, खास अंदाज में मनाया सेंचुरी का जश्न; देखें VIDEO appeared first on Naya Vichar.

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Duleep Trophy Final Day 2 Live: दूसरे दिन के आखिरी सेशन का खेल शुरू, ईस्ट जोन ने पार किया 650 का आंकड़ा

दलीप ट्रॉफी 2026 का फाइनल चेन्नई के चिदंबरम स्टेडियम में स्पोर्ट्सा जा रहा है. ईशान किशन ने पहले दिन शतक जड़कर ईस्ट जोन को मजबूत स्थिति में पहुंचा दिया है. आज स्पोर्ट्स के दूसरे दिन किशन की नजरें दोहरे शतक पर है. The post Duleep Trophy Final Day 2 Live: दूसरे दिन के आखिरी सेशन का स्पोर्ट्स शुरू, ईस्ट जोन ने पार किया 650 का आंकड़ा appeared first on Naya Vichar.

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बंगाल में वृद्धावस्था पेंशन अब 1500 रुपए, शुभेंदु बोले- पुरानी सरकार ने राज्य को दिवालिया बनाया, देखें वीडियो

Suvendu Adhikari Bengal Financial Crisis: पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने सोमवार (7 सितंबर) को कहा कि दशकों के वित्तीय कुप्रबंधन और भ्रष्टाचार ने बंगाल को व्यावहारिक रूप से ‘दिवालिया’ बना दिया है. उन्होंने कहा कि राज्य को इस गहरे आर्थिक संकट से बाहर निकालने में कम से कम एक वर्ष का समय लगेगा. राज्य सचिवालय ‘नबान्न’ (Nabanna) में आयोजित एक कार्यक्रम में बढ़ी हुई वृद्धावस्था पेंशन का वितरण करने के बाद पत्रकारों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने ये बातें कहीं. बंगाल की वित्तीय स्थिति पर क्या-क्या बोले शुभेंदु? पश्चिम बंगाल अब केंद्र की सभी योजनाओं से जुड़ गया है. धन आना शुरू हो गया है, आगे और धन मिलेगा. पश्चिम बंगाल को आर्थिक संकट से उबरने में कम से कम एक साल लगेगा. पुरानी प्रशासनों में रेवेन्यू के नुकसान, चोरी और केंद्र की योजनाओं से नहीं जुड़ने के कारण बंगाल लगभग दिवालिया. पुरानी प्रशासनों के फाइनेंशियल मिसमैनेजमेंट की वजह से पश्चिम बंगाल की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं. वृद्धावस्था पेंशन में बढ़ोतरी और केंद्रीय योजनाओं से जुड़ाव मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने पत्रकारों से बातचीत में अपनी प्रशासन की प्राथमिकताओं और सुधारों के बारे में विस्तार से बताया. उन्होंने कहा कि राज्य प्रशासन ने बुजुर्गों को राहत देते हुए वृद्धावस्था पेंशन की राशि 1,000 रुपए प्रति माह से बढ़ाकर 1,500 रुपए प्रति माह कर दी है. उन्होंने कहा कि हिंदुस्तानीय जनता पार्टी (BJP) प्रशासन के सत्ता में आने के बाद पश्चिम बंगाल अब सभी केंद्रीय योजनाओं से पूरी तरह जुड़ चुका है. इससे केंद्र से फंड मिलना शुरू हो गया है. ये भी पढ़ें: इमरजेंसी में जेल जाने वालों को शुभेंदु अधिकारी की सौगात, हर महीने मिलेंगे 10,000 रुपए अब भी मुश्किल स्थिति में बंगाल : शुभेंदु अधिकारी पश्चिम बंगाल के वित्तीय हालात और भविष्य के रोडमैप पर मुख्यमंत्री ने कहा कि राजस्व के नुकसान, बड़े पैमाने पर हुई चोरी और लंबे समय तक केंद्रीय योजनाओं का हिस्सा न बनने के कारण राज्य की आर्थिक स्थिति खराब हो गयी. बंगाल व्यावहारिक रूप से कंगाल हो गया. हम अब भी मुश्किल स्थिति से गुजर रहे हैं. 18 प्रतिशत अधिक राजस्व मिलने का लक्ष्य प्रशासन के वित्तीय अनुशासन पर जोर देते हुए पश्चिम बंगाल के सीएम शुभेंदु अधिकारी ने दावा किया कि पिछले वित्त वर्ष की तुलना में इस चालू वित्त वर्ष में राज्य के खजाने को लगभग 18 प्रतिशत अधिक राजस्व प्राप्त होने का अनुमान है. उन्होंने कहा कि यदि राज्य प्रशासन राजस्व के नुकसान और लीकेज को रोकने में पूरी तरह सफल रहती है, तो बंगाल की आय में और भी बड़ा उछाल आयेगा. The post बंगाल में वृद्धावस्था पेंशन अब 1500 रुपए, शुभेंदु बोले- पुरानी प्रशासन ने राज्य को दिवालिया बनाया, देखें वीडियो appeared first on Naya Vichar.

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Cardamom Remedy: सिर्फ स्वाद नहीं, धन बढ़ाने में भी सहायक है इलायची; जानें उपाय

Cardamom Remedy: हिंदुस्तानीय रसोई में छोटी इलायची का इस्तेमाल चाय से लेकर मिठाइयों तक में खूब किया जाता है. इसकी खुशबू और स्वाद खाने को खास बना देते हैं. लेकिन क्या आप जानते हैं कि ज्योतिष और वास्तु से जुड़ी मान्यताओं में भी छोटी इलायची को काफी खास माना गया है? माना जाता है कि इसे अपने पास रखने से सकारात्मक ऊर्जा और आत्मविश्वास बढ़ सकता है. शुक्र और बुध से जुड़ी है इलायची ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार, हरी इलायची का संबंध शुक्र और बुध ग्रह से माना जाता है. शुक्र को सुख-सुविधा, आकर्षण और समृद्धि का कारक माना जाता है, जबकि बुध बुद्धि, समझदारी और बातचीत की क्षमता से जुड़ा है. इसी वजह से इलायची को सौभाग्य और सकारात्मकता से जोड़कर देखा जाता है. जरूरी काम से पहले रखें 2-3 इलायची अगर आप किसी महत्वपूर्ण काम के लिए घर से निकल रहे हैं तो जेब या पर्स में 2-3 साफ हरी इलायची रखने की मान्यता है. खासकर नौकरी के इंटरव्यू, बिजनेस मीटिंग, परीक्षा या किसी जरूरी यात्रा पर जाते समय इसे रखना शुभ माना जाता है. ये भी पढ़ें: ये भी पढ़ें: Monday Astro Tips: राहु केतु का प्रकोप झेल रहे हैं, तो सोमवार को मां को दें ये तोहफा, मिट सकते हैं दोष मान्यता है कि इलायची की खुशबू मन को शांत रखने और आत्मविश्वास बढ़ाने में मदद करती है. इससे व्यक्ति अपनी बात ज्यादा सहजता से रख पाता है और जरूरी काम में एकाग्रता बनाए रखने में मदद मिल सकती है. राहु-केतु के प्रभाव से भी जुड़ी मान्यता ज्योतिष में इलायची की सकारात्मक सुगंध को राहु और केतु के नकारात्मक प्रभावों से भी जोड़कर देखा जाता है. मान्यता है कि इसे पास रखने से मानसिक भ्रम और अनिश्चितता कम करने में मदद मिल सकती है. हालांकि, ये सभी बातें धार्मिक और ज्योतिषीय मान्यताओं पर आधारित हैं. इलायची रखने का सही तरीका घर से निकलते समय जेब या पर्स में 2 या 3 साफ हरी इलायची रखें. अगले दिन पुरानी इलायची की जगह नई इलायची रख सकते हैं. पुरानी इलायची को फेंकने के बजाय सामान्य रूप से खाने या चाय में इस्तेमाल किया जा सकता है. The post Cardamom Remedy: सिर्फ स्वाद नहीं, धन बढ़ाने में भी सहायक है इलायची; जानें उपाय appeared first on Naya Vichar.

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कर्मचारियों की चिंता पर बोले अंतरिक्ष एजेंसी प्रमुख- ISRO का नहीं होगा प्राइवेटाइजेशन

ISRO के चेयरमैन डॉ. वी. नारायणन ने कहा है कि हिंदुस्तानीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) का  प्राइवेटाइजेशन नहीं किया जा रहा है. उन्होंने कर्मचारियों को भरोसा दिलाया कि अंतरिक्ष क्षेत्र में प्राइवेट कंपनियों की बढ़ती भागीदारी को लेकर उनकी जो भी चिंताएं हैं, प्रशासन और ISRO मिलकर उनका समाधान करेंगे. बेंगलुरु स्पेस एक्सपो में ISRO चेयरमैन नारायणन ने इस मुद्दे पर बात की.  ISRO के कुछ कर्मचारी प्राइवेट कंपनियों की बढ़ती भूमिका से चिंतित हैं. उनका कहना है कि प्रशासन की अंतरिक्ष नीति को लेकर स्थिति साफ होनी चाहिए. कर्मचारियों ने प्रशासन से इस बारे में आधिकारिक स्पष्टीकरण मांगा है. वे जानना चाहते हैं कि भविष्य में ISRO की भूमिका क्या होगी. इससे पहले इसरो ने ‘एक्स’ पर पोस्ट कर बताया कि प्राइवेट कंपनियों की मदद से वह हिंदुस्तान के अंतरिक्ष कार्यक्रम के लिए अगली पीढ़ी की तकनीक पर ध्यान दे रहा है. वहीं, कंपनियां बड़े स्तर पर नई और मॉर्डन तकनीक तैयार करेंगी. इससे देश के अंतरिक्ष कार्यक्रम को आगे बढ़ाने और नई तकनीक विकसित करने में मदद मिलेगी. ये भी पढ़ें: ISRO Recruitment 2026: 175 पदों पर भर्ती, 16 सितंबर लास्ट डेट इसरो के नौ कर्मचारी संगठनों ने 4 सितंबर को अध्यक्ष वी. नारायणन को पत्र लिखा. उन्होंने प्रोडक्शन और कामकाज से जुड़े कुछ काम प्राइवेट कंपनियों को देने की बात पर सफाई मांगी है. कर्मचारी संगठनों ने IN-SPACe के चेयरमैन पवन गोयनका के 21 अगस्त के बयान का भी जिक्र किया. गोयनका की बातों के बाद कर्मचारियों में इस मुद्दे को लेकर चिंता बढ़ गई थी. ISRO ने बताया कि वह पहले ही कई तकनीकों को प्राइवेट कंपनियों को दे चुका है. इसका मतलब यह नहीं है कि ISRO उन कामों से पीछे हट रहा है. कंपनियां इन तकनीकों का बड़े स्तर पर उत्पादन और कारोबार करेंगी, जबकि ISRO के वैज्ञानिक नई तकनीक और मुश्किल अंतरिक्ष मिशन पर ज्यादा ध्यान दे सकेंगे. ISRO ने कहा कि आने वाले समय में हिंदुस्तान का अंतरिक्ष क्षेत्र ISRO की अगुवाई में आगे बढ़ेगा. इसमें प्रशासन, प्राइवेट कंपनियां, स्टार्टअप और शिक्षण संस्थान मिलकर काम करेंगे. The post कर्मचारियों की चिंता पर बोले अंतरिक्ष एजेंसी प्रमुख- ISRO का नहीं होगा प्राइवेटाइजेशन appeared first on Naya Vichar.

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मॉस्को में भारतीय इंजीनियर गिरफ्तार: ’10 भारतीयों की मौत हो चुकी है, मेरे पति को बचा लो’ बिलखती पत्नी ने सीएम योगी को भेजा वीडियो

UP News: रूस की राजधानी मॉस्को में रहने वाली एक हिंदुस्तानीय स्त्री ने अपने पति की गिरफ्तारी के बाद उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मदद की गुहार लगाई है. स्त्री का आरोप है कि उनके पति को मॉस्को की स्थानीय पुलिस रात में जबरन पकड़कर अपने साथ ले गई और इसके बाद उन्हें जेल भेज दिया गया. स्त्री को आशंका है कि उनके पति को जबरन रूसी सेना में भर्ती किया जा सकता है. नोएडा की कंपनी से जुड़े हैं पति, परिवार के साथ रूस में रह रहे थे स्त्री के मुताबिक, उनके पति चंदन गुप्ता मूल रूप से कानपुर, उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं. वह नोएडा सेक्टर-62 की यूफ्लेक्स कंपनी से जुड़ी एएच पॉलीफिल्म्स कंपनी में इंजीनियर हैं और कंपनी के जरिए वर्क वीजा पर मॉस्को में तैनात थे. चंदन के साथ उनकी पत्नी और 10 साल का बेटा भी रूस में रह रहा है. स्त्री का कहना है कि रात करीब साढ़े 12 बजे स्थानीय पुलिस उनके पति को पकड़कर ले गई. इसके बाद से वह उन्हें छुड़ाने की कोशिश कर रही हैं. रूसी भाषा नहीं आने से बढ़ी परेशानी स्त्री ने वीडियो के जरिए अपनी परेशानी बताते हुए कहा कि उन्हें रूसी भाषा नहीं आती, जिसकी वजह से स्थानीय पुलिस से बातचीत करने में भी दिक्कत हो रही है. उनका आरोप है कि उनके पति ने कोई गलती नहीं की है, फिर भी उन्हें परेशान किया जा रहा है. गिरफ्तारी के बाद पति को जेल भेजे जाने की बात कहते हुए स्त्री ने सीएम योगी से जल्द हस्तक्षेप कर मदद दिलाने की अपील की है. उन्हें डर है कि उनके पति को जेल से निकालकर रूसी सेना में भेजा जा सकता है. रूस में हिंदुस्तानीयों को सेना में भेजे जाने का भी किया दावा स्त्री ने अपने वीडियो में रूस में काम करने गए हिंदुस्तानीयों को लेकर भी चिंता जताई. उनके मुताबिक, उत्तर प्रदेश से 14 लोगों को मजदूरी के लिए रूस बुलाया गया था, लेकिन उन्हें सेना में भेज दिया गया, जिनमें से 10 लोगों की मौत हो गई. इसी वजह से उन्हें अपने पति को लेकर भी डर सता रहा है. हालांकि, इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध जानकारी में नहीं है. अब परिवार की नजर इस बात पर है कि पति की रिहाई और सुरक्षा को लेकर हिंदुस्तानीय और उत्तर प्रदेश प्रशासन की ओर से क्या कदम उठाया जाता है. Must Read- UP Promotion Update: UP में प्रमोशन की फाइल आगे बढ़ी ही नहीं, मानव संपदा पोर्टल की खामी से सैकड़ों कर्मचारी अटके The post मॉस्को में हिंदुस्तानीय इंजीनियर गिरफ्तार: ’10 हिंदुस्तानीयों की मौत हो चुकी है, मेरे पति को बचा लो’ बिलखती पत्नी ने सीएम योगी को भेजा वीडियो appeared first on Naya Vichar.

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आधा भारत नहीं जानता 1991 में सुदिव्य सोनू ने जिस रेलवे लाइन को उड़ाया था, उसे किसने बनवाया? सच जानकर रह जाएंगे हैरान

Sudivya Kumar Sonu Untold Story: झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के दिवंगत नेता और झारखंड के उच्च तकनीकी शिक्षा मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू अब इस दुनिया में नहीं रहे, लेकिन उनके सार्वजनिक जीवन से जुड़ी कई अनकही कहानियां आज भी चर्चा में हैं. इनमें सबसे हैरान करने वाली कहानी 1991 के झारखंड आंदोलन से जुड़ी है. अलग झारखंड राज्य की मांग के दौरान उन्होंने गिरिडीह में मधुपुर-बनियाडीह-कोडरमा रेलवे लाइन को डेटोनेटर से उड़ाकर क्षतिग्रस्त कर दिया था. दिलचस्प बात यह है कि जिस रेलवे लाइन को उन्होंने उड़ाया, उसे बनवाने में उनके अपने ही दादा की अहम भूमिका रही थी. शिबू सोरेन के आह्वान पर आंदोलन में उतरे सुदिव्य सुदिव्य कुमार सोनू 1989 में पढ़ाई के दौरान ही दिशोम गुरु पद्म भूषण शिबू सोरेन के आह्वान पर झारखंड मुक्ति मोर्चा के आंदोलन से जुड़ गए थे. उस समय संयुक्त बिहार में अलग झारखंड राज्य की मांग तेज हो रही थी और आंदोलन उग्र रूप ले रहा था. दो साल बाद 1991 में उन्होंने गिरिडीह में रेलवे ट्रैक को विस्फोट से क्षतिग्रस्त करने की कार्रवाई में नेतृत्व किया. उस समय शायद उन्हें भी यह अंदाजा नहीं रहा होगा कि जिस रेललाइन को निशाना बनाया जा रहा है, उसकी नींव उनके अपने परिवार के इतिहास से जुड़ी हुई है. 1919 में दादा को अंग्रेजों ने गिरिडीह बुलाया इस कहानी की शुरुआत 1919 से होती है. उस समय अंग्रेजी हुकूमत कोयले की ढुलाई के लिए मधुपुर से बनियाडीह तक रेलवे लाइन बिछाने की योजना पर काम कर रही थी. पारिवारिक जानकारी के अनुसार सुदिव्य के दादा उसी वर्ष मुंगेर से गिरिडीह पहुंचे थे. लोहे के काम और रेलवे ट्रैक निर्माण में उनकी दक्षता के कारण अंग्रेजों ने उन्हें विशेष रूप से बुलाया था. वे अपने साथ बड़ी संख्या में मजदूरों को लेकर आए और रेलवे ट्रैक निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान दिया. बाद में परिवार ने गिरिडीह को अपना स्थायी घर बना लिया. कोयला परिवहन के लिए बनी थी यह रेललाइन उस दौर में गिरिडीह में बंगाल कोल कंपनी बड़े पैमाने पर कोयला खनन कर रही थी. खदानों से कोयला बाहर पहुंचाने के लिए बनियाडीह से मधुपुर तक रेल संपर्क जरूरी माना गया. इसी जरूरत को पूरा करने के लिए रेलवे ट्रैक बनाया गया. इस रूट पर उसरी नदी के ऊपर बना ओल्ड रेलवे ब्रिज, जिसे रेलवे ब्रिज नंबर-37 भी कहा जाता है, ब्रिटिश काल की इंजीनियरिंग का महत्वपूर्ण उदाहरण माना जाता है. यही पुल और यही रेलवे लाइन आगे चलकर झारखंड आंदोलन के दौरान ऐतिहासिक घटना का केंद्र बनी. इंजीनियर पिता, अलग-अलग शहरों में बीता बचपन सुदिव्य कुमार सोनू के पिता शंभूनाथ विश्वकर्मा पीएचईडी विभाग में इंजीनियर थे. उन्होंने सहरसा से इंजीनियर पद से सेवानिवृत्ति ली. नौकरी के दौरान उनका तबादला पूर्णिया, सहरसा, मधेपुरा, तिलैया, दुमका और पटना जैसे कई शहरों में हुआ. इसी कारण सुदिव्य का बचपन और शुरुआती शिक्षा बिहार और झारखंड के अलग-अलग जिलों में हुई. बाद में झारखंड आंदोलन के दौरान शिबू सोरेन ने शंभूनाथ विश्वकर्मा से सुदिव्य को आंदोलन में सक्रिय भूमिका निभाने के लिए अपने साथ जोड़ा. गोमिया से जूते में छिपाकर लाया गया डेटोनेटर बताया जाता है कि 1991 में रेलवे ट्रैक को क्षतिग्रस्त करने की योजना बेहद गोपनीय तरीके से बनाई गई थी. इस योजना के लिए जरूरी डेटोनेटर और वायर गोमिया से लाने में उनके मित्र सुरेंद्र बर्मन ने सहयोग किया था. पुलिस की नजरों से बचने के लिए डेटोनेटर को जूते में छिपाकर लाने की बात भी सामने आती है. इसके बाद उसरी नदी के रेलवे पुल के पास रेलवे ट्रैक पर विस्फोटक लगाया गया और उसे सक्रिय करने के लिए कुछ दूरी पर बैटरियां रखी गईं. ट्रेन गुजर गई, बड़ा हादसा टल गया उस समय मधुपुर से गिरिडीह आने वाली पैसेंजर ट्रेन रात करीब 10 बजे उसरी नदी के पुल से गुजरती थी. निर्धारित समय के आसपास ट्रेन की रोशनी दिखाई देने पर रेलवे ट्रैक पर विस्फोट किया गया. धमाके से पटरी क्षतिग्रस्त हुई, लेकिन ट्रेन बिना किसी बड़े नुकसान के पुल पार कर गई. इस घटना में यात्रियों के सुरक्षित बच जाने की बात कही जाती है. आंदोलनकारियों का उद्देश्य ट्रेन परिचालन बाधित करना बताया गया था, लेकिन परिणाम कहीं अधिक गंभीर हो सकते थे. घटना के बाद सुदिव्य सोनू हुए विचलित बताया जाता है कि विस्फोट के बाद सुदिव्य कुमार सोनू संभावित नुकसान को लेकर काफी परेशान हो गए थे. उन्हें एहसास हुआ कि यदि ट्रेन दुर्घटनाग्रस्त हो जाती, तो बड़ी संख्या में यात्रियों की जान जा सकती थी. बाद में उन्होंने यह भी महसूस किया कि ऐसी घटना का सबसे अधिक नुकसान गिरिडीह के आम लोगों को उठाना पड़ता. इस घटना ने आंदोलन के दौरान अपनाए गए उग्र तरीकों के संभावित परिणामों पर भी गंभीर सवाल खड़े किए. इसे भी पढ़ें: पुरानी पेंशन बहाली में सुदिव्य सोनू की भूमिका को कर्मचारियों ने किया याद, रणधीर वर्मा चौक पर दी श्रद्धांजलि पुलिस ने तेज की जांच, हुई गिरफ्तारी घटना के बाद पुलिस ने जांच तेज कर दी और व्यापक अभियान चलाया. इसी क्रम में इस मामले में शामिल होने के आरोप में बैजू राणा को गिरफ्तार किए जाने की बात सामने आती है. यह घटना झारखंड आंदोलन के उन अध्यायों में शामिल है, जहां नेतृत्वक संघर्ष, व्यक्तिगत इतिहास और नैतिक द्वंद्व एक साथ दिखाई देते हैं. यही वजह है कि सुदिव्य कुमार सोनू की यह कहानी आज भी झारखंड के आंदोलनकारी इतिहास की सबसे अनोखी और चर्चित घटनाओं में गिनी जाती है. इसे भी पढ़ें: सुदिव्य सोनू के आंदोलनकारी दौर की चर्चा, 1991 में रेलवे ट्रैक विस्फोट की घटना का किया गया जिक्र The post आधा हिंदुस्तान नहीं जानता 1991 में सुदिव्य सोनू ने जिस रेलवे लाइन को उड़ाया था, उसे किसने बनवाया? सच जानकर रह जाएंगे हैरान appeared first on Naya Vichar.

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Delhi Building Collapse : सत्य निकेतन का मालिक हरिराम गिरफ्तार, पुलिस ने राजस्थान से दबोचा

Delhi Building Collapse : दिल्ली के सत्य निकेतन में इमारत गिरने के मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है. दिल्ली पुलिस ने हादसे के बाद से फरार चल रहे बिल्डिंग मालिक हरिराम को राजस्थान के भिवाड़ी से पकड़ लिया है. उसकी तलाश के लिए पुलिस की 10 टीमें कई राज्यों में अभियान चला रही थीं. पुलिस ने इमारत गिरने के बाद हरिराम के खिलाफ लुकआउट सर्कुलर (LOC) जारी किया था. इसके बाद से ही वह पुलिस की पकड़ से बाहर था. फिलहाल उससे पूछताछ की जा रही है और हादसे को लेकर आगे की जांच जारी है. हादसे में 7 लोगों की मौत, 12 का रेस्क्यू सत्य निकेतन में इमारत गिरने की घटना में अब तक 7 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 12 लोगों को मलबे से सुरक्षित बाहर निकाला गया है. राहत और बचाव अभियान अभी जारी है. इस बीच दिल्ली नगर निगम (MCD) ने भी बड़ी कार्रवाई की है. निगम ने दक्षिण जोन के डिप्टी कमिश्नर, एग्जीक्यूटिव इंजीनियर, सुपरिंटेंडिंग इंजीनियर, असिस्टेंट इंजीनियर और जूनियर इंजीनियर समेत कई अधिकारियों को निलंबित कर दिया है. बगल की इमारत भी कमजोर, जल्द गिराने की तैयारी MCD कमिश्नर संजीव खिरवार ने बताया कि हादसे वाली इमारत के पास की दूसरी इमारत भी कमजोर हो गई है. इसे रातभर मजबूत करने का काम किया गया. अब अगले 1-2 दिनों में इसे चरणबद्ध तरीके से गिराने की तैयारी है. उन्होंने बताया कि अगस्त में इसी इलाके की 3-4 इमारतों को गिराने के आदेश दिए गए थे. न्यूज एजेंसी एएनआई की रिपोर्ट में बताया गया कि MCD के मुताबिक, पिछले तीन महीनों में 960 इमारतों को गिराया गया है. साथ ही 407 को सील किया गया और करीब 1500 इमारतों को सीलिंग और गिराने के नोटिस दिए गए हैं. ये भी पढ़ें: Delhi Building Collapse: सत्य निकेतन हादसे में मृतकों की संख्या बढ़कर 7, मलबे से अब तक निकाले गए 12 लोग The post Delhi Building Collapse : सत्य निकेतन का मालिक हरिराम गिरफ्तार, पुलिस ने राजस्थान से दबोचा appeared first on Naya Vichar.

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Duleep Trophy Final Day 2 Live: ईशान किशन 250 के स्कोर पर हुए रिटायर्ड हर्ट, ईस्ट जोन की टीम 600 के पार

दलीप ट्रॉफी 2026 का फाइनल चेन्नई के चिदंबरम स्टेडियम में स्पोर्ट्सा जा रहा है. ईशान किशन ने पहले दिन शतक जड़कर ईस्ट जोन को मजबूत स्थिति में पहुंचा दिया है. आज स्पोर्ट्स के दूसरे दिन किशन की नजरें दोहरे शतक पर है. The post Duleep Trophy Final Day 2 Live: ईशान किशन 250 के स्कोर पर हुए रिटायर्ड हर्ट, ईस्ट जोन की टीम 600 के पार appeared first on Naya Vichar.

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