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Bigg Boss 20: पहले ही दिन किचन में मचा घमासान… विलेन बनी माही विज, बोली- लड़की हो चाय बनानी आनी चाहिए

Bigg Boss 20: बिग बॉस 20 में जैसे ही 16 कंटेस्टेंट्स ने एंट्री ली, वैसे ही किचन मुद्दे को लेकर झगड़े शुरू हो गए. टीवी एक्ट्रेस माही विज ने चाय को लेकर बॉसी अंदाज में कई अभिनेत्रियों को फटकार लगाई. अमन गांधी पर बरसी माही विज बिग बॉस 20 के पहले ही दिन कहासुनी तब शुरू होती है, जब माही विज टीवी अभिनेता अमन गांधी से अपना सामान उठाने में मदद मांगती हैं. अमन कहते हैं कि वे खुशी-खुशी मदद करेंगे, लेकिन उन्हें “प्लीज” कहना होगा. हालांकि पंचायत अभिनेता आसिफ खान बिना कहे ही उनकी मदद करने लगते हैं, तब माही, अमन पर बरसती हैं और कहती हैं, ”मैं प्लीज तुझे बोलूंगी, छोड़ो भी.” माही विज-ईशा रिखी चाय बनाने को लेकर भिड़ी बाद में, माही विज और ईशा रिखी के बीच किचन में चाय बनाने को लेकर फाइट शुरू हुई. माही विलेन मोड में ईशा से पूछती है कि क्या उन्हें अच्छी, कड़क चाय बनानी आती है, क्योंकि लड़कियों को चाय बनाना आना चाहिए. ईशा तुरंत पलटवार करते हुए माही से पूछती है कि वह खुद क्या है? माही जवाब देती है, “ऐ शानी मत बन चल.” आर्शिफा खान को माही विज देती है ऑर्डर बात यहीं खत्म नहीं होती, जब इन्फ्लुएंसर आर्शिफा खान लॉन में आती है, तो माही कहती हैं कि चाय को थोड़ी देर और उबलना चाहिए था. आर्शिफा किचन में जाती है और कहती हैं कि वह बॉस बनकर मुझे ऑर्डर दे रही हैं. ईशा बाकी घरवालों को बताती हैं कि माही घर में आने के बाद से ही सबसे अपने काम करवा रही हैं. अर्शिफा कहती हैं कि मुझे उनसे ऑफ वाइब्स आ रही हैं. इन कंटेस्टेंट्स ने ली बिग बॉस 20 में एंट्री बिग बॉस 20 के कंटेस्टेंट्स की लिस्ट में कनिका मान, आसिफ खान, काजी अहमद तौकीर, ईशा रिखी, आम्रपाली दुबे, रोहेद खान, एमसी मैरी कॉम, हर्ष मछारे उर्फ यंग DSA, तनमय सिंह, अर्शिफा खान, कुशल तंवर उर्फ गुल्लू, अमन गांधी, उदिति सिंह, रिती तिवारी और माही विज जैसे नाम शामिल हैं. सलमान खान का मोस्ट अवेटेड रियालिटी शो रात 9 बजे जियोहॉटस्टार और 10:30 पर कलर्स पर आएगा. ये भी पढ़ें: Bigg Boss 20 Winner Material: सलमान खान ने इस कंटेस्टेंट को बताया विनर मेटेरियल, पहले भी लगा चुका है जीत की हैट्रिक The post Bigg Boss 20: पहले ही दिन किचन में मचा घमासान… विलेन बनी माही विज, बोली- लड़की हो चाय बनानी आनी चाहिए appeared first on Naya Vichar.

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आज अजा एकादशी पर ऐसे करें भगवान विष्णु की पूजा, जानें शुभ मुहूर्त, पारण समय और मंत्र

Aja Ekadashi 2026: आज 7 सितंबर, सोमवार को अजा एकादशी का त्योहार मनाया जा रहा है. यह पर्व हर साल भाद्रपद माह के कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि को मनाया जाता है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस व्रत को रखने से व्यक्ति के अनजाने में हुए समस्त पाप नष्ट हो जाते हैं और जीवन में सुख-समृद्धि का आगमन होता है. कहते हैं कि सत्यवादी राजा हरिश्चंद्र ने भी महर्षि गौतम के कहने पर अजा एकादशी का व्रत किया था, जिससे उन्हें खोया हुआ राजपाट, परिवार और सुख वापस प्राप्त हुआ था. भगवान विष्णु की पूजा करते हुए सांकेतिक तस्वीर (एआई) सुबह स्नान करके साफ कपड़े पहनें और हाथ में जल लेकर व्रत का संकल्प लें. एक चौकी पर पीला कपड़ा बिछाएं और उस पर भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की मूर्ति या तस्वीर रखें. भगवान विष्णु को गंगाजल और पंचामृत से स्नान कराएं. इसके बाद चंदन, रोली, पीले फूल, अक्षत और धूप-दीप अर्पित करें. भगवान विष्णु को पीले फल, मिठाई, पंजीरी और पंचामृत का भोग लगाएं. भोग में तुलसी दल जरूर रखें. अजा एकादशी की व्रत कथा पढ़ें या सुनें. अंत में भगवान विष्णु की आरती करें. भगवान विष्णु के मंत्र ॐ विष्णवे नमः। ॐ नमो भगवते वासुदेवाय। ॐ नमो नारायण। श्रीमन नारायण नारायण हरि हरि।। श्रीकृष्ण गोविन्द हरे मुरारे। हे नाथ नारायण वासुदेवाय।। ॐ नारायणाय विद्महे। वासुदेवाय धीमहि। तन्नो विष्णु प्रचोदयात्।। यह भी पढ़ें: अजा एकादशी की पूजा में भूलकर भी न छूटे ये सामान, यहां देखें पूजन समाग्री की पूरी लिस्ट The post आज अजा एकादशी पर ऐसे करें भगवान विष्णु की पूजा, जानें शुभ मुहूर्त, पारण समय और मंत्र appeared first on Naya Vichar.

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Duleep Trophy Final Day 2 Live: ईशान किशन की नजरें दोहरे शतक पर, कुछ देर में शुरू होगा दूसरे दिन का खेल

दलीप ट्रॉफी 2026 का फाइनल चेन्नई के चिदंबरम स्टेडियम में स्पोर्ट्सा जा रहा है. ईशान किशन ने पहले दिन शतक जड़कर ईस्ट जोन को मजबूत स्थिति में पहुंचा दिया है. आज स्पोर्ट्स के दूसरे दिन किशन की नजरें दोहरे शतक पर है. The post Duleep Trophy Final Day 2 Live: ईशान किशन की नजरें दोहरे शतक पर, कुछ देर में शुरू होगा दूसरे दिन का स्पोर्ट्स appeared first on Naya Vichar.

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रसोई में चप्पल पहनकर जाना चाहिए या नहीं? वास्तु के अनुसार जानें क्या है सही

Kitchen Vastu Tips: घर का किचन सिर्फ खाना बनाने की जगह नहीं होता. रोज का भोजन यहीं तैयार होता है, इसलिए रसोई को घर का एक जरूरी हिस्सा माना जाता है. वास्तु शास्त्र में भी इसे खास जगह दी गई है. मान्यता है कि रसोई का माहौल घर की सुख-शांति और खुशहाली से जुड़ा होता है. रसोई की साफ-सफाई और वहां रखी चीजों को लेकर कई तरह की मान्यताएं हैं. अक्सर हमारे मन में यह सवाल सामने आता है कि किचन में जूते-चप्पल पहनकर जाना सही है या नहीं. इस बारे में बाबा बिमलेश से जानते हैं कि वास्तु के अनुसार इसे लेकर क्या मान्यता है और किन बातों का ध्यान रखना चाहिए. किचन में जूते-चप्पल पहनना सही माना जाता है या नहीं वास्तु की मान्यता के अनुसार किचन में बाहर पहने जाने वाले जूते-चप्पल लेकर जाना अशुभ माना जाता है. इसके पीछे साफ-सफाई से जुड़ी वजह भी बताई जाती है. बाहर की चप्पल के साथ धूल-मिट्टी किचन में आ सकती है. इसलिए रसोई को साफ रखने और बाहर की चप्पल यहां न पहनने की सलाह दी जाती है. रसोई को मां अन्नपूर्णा से जोड़ा जाता है धार्मिक मान्यताओं में रसोई का संबंध मां अन्नपूर्णा से माना जाता है. मां अन्नपूर्णा को अन्न और भोजन की देवी कहा जाता है. इसी कारण घर की रसोई को सम्मान और पवित्रता से जोड़कर देखा जाता है. मान्यता के अनुसार जिस तरह मंदिर में जूते-चप्पल पहनकर नहीं जाते, उसी तरह रसोई में भी बाहर के जूते-चप्पल पहनकर जाने से बचना चाहिए. हालांकि यह एक धार्मिक और वास्तु से जुड़ी मान्यता है. किचन में चप्पल पहनना जरूरी हो तो क्या करें आजकल कई लोग किचन में काम करते समय चप्पल पहनते हैं. इसका कारण सुविधा और सुरक्षा भी हो सकता है. खासकर अगर किचन का फर्श गीला हो जाता है, तो पैरों की सुरक्षा के लिए चप्पल पहनना जरूरी लग सकता है. ऐसी स्थिति में आप किचन के लिए अलग चप्पल रख सकते हैं. इस चप्पल को सिर्फ रसोई में ही इस्तेमाल करें. इसे घर के बाहर पहनकर न जाएं. साथ ही चप्पल को समय-समय पर साफ करते रहें. वास्तु मानते हैं तो इन बातों का रखें ध्यान अगर आप वास्तु के नियमों को मानते हैं, तो किचन में बाहर के जूते-चप्पल पहनकर जाने से बच सकते हैं. रसोई के लिए अलग और साफ चप्पल रखना आसान विकल्प है. साथ ही किचन को साफ और सामान को व्यवस्थित रखना भी अच्छा माना जाता है. किचन में बाहर की चप्पल न पहनना वास्तु से जुड़ी एक मान्यता है. वहीं साफ-सफाई के लिहाज से भी यह आदत अच्छी हो सकती है. अपनी सुविधा और जरूरत के हिसाब से किचन के लिए अलग चप्पल का इस्तेमाल किया जा सकता है. यह भी पढ़ें: चकला-बेलन रखने से पहले जान लें ये जरूरी बातें, वास्तु के हिसाब से ऐसी होनी चाहिए जगह The post रसोई में चप्पल पहनकर जाना चाहिए या नहीं? वास्तु के अनुसार जानें क्या है सही appeared first on Naya Vichar.

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Delhi Building Collapse : दिल्ली के सत्य निकेतन में इमारत ढहने से अब तक 6 लोगों की मौत, 40 से 50 छात्रों के दबे होने की आशंका

Delhi Building Collapse : साउथ वेस्ट दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में हुए इमारत हादसे में मरने वालों की संख्या बढ़कर 6 हो गई है. हादसे के बाद राहत और बचाव दल ने मलबे से 10 लोगों को निकालकर तुरंत एम्स के जय प्रकाश नारायण (जेपीएन) एपेक्स ट्रॉमा सेंटर पहुंचाया. न्यूज एजेंसी एएनआई की रिपोर्ट के अनुसार अस्पताल लाते ही 5 लोगों को मृत घोषित कर दिया गया था, जबकि गंभीर रूप से घायल एक मरीज की इलाज के दौरान मौत हो गई. तीन घायलों का इलाज जारी, एक की सर्जरी हुई अस्पताल प्रशासन के अनुसार, तीन घायल मरीजों को भर्ती कर उनका इलाज किया जा रहा है. इनमें से एक मरीज के अंग (हाथ/पैर) में गंभीर चोट लगने के कारण उसकी सर्जरी की गई है. वहीं, मामूली रूप से घायल एक अन्य मरीज को प्राथमिक उपचार और निगरानी के बाद अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है. घटना के बाद स्थानीय प्रशासन और राहत एजेंसियां मौके पर स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं. 40 से 50 छात्रों के दबे होने की आशंका सत्य निकेतन में रविवार दोपहर करीब 1:34 बजे ‘हॉस्टल डेज’ नाम का पांच मंजिला बॉयज पीजी भरभराकर गिर पड़ा, जिससे बगल की इमारत भी चपेट में आ गई. रविवार की छुट्टी होने की वजह से ज्यादातर छात्र अपने कमरों में ही मौजूद थे, जिसके चलते मलबे के नीचे 40 से 50 छात्रों के दबे होने की आशंका जताई जा रही है. मलबे से 11 छात्र सुरक्षित निकाले गए, युद्ध स्तर पर रेस्क्यू ऑपरेशन हादसे की सूचना मिलते ही एनडीआरएफ (NDRF), डीडीएमए (DDMA), दिल्ली फायर सर्विस और स्थानीय पुलिस की टीमें तुरंत मौके पर पहुंचीं और युद्ध स्तर पर राहत व बचाव कार्य शुरू किया. अब तक मलबे से 11 छात्रों को सुरक्षित निकालकर नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है. एम्स ट्रॉमा सेंटर के डॉक्टरों के अनुसार, वहां भर्ती दो छात्रों की स्थिति फिलहाल बेहद नाजुक बनी हुई है और उन्हें बचाने के हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं. इमारत मालिक पर गैर इरादतन हत्या का केस दर्ज साउथ कैंपस थाना पुलिस ने लापरवाही बरतने के मामले में इमारत के मालिक हरिराम और अन्य के खिलाफ हिंदुस्तानीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 105 (गैर इरादतन हत्या), 290 और 125 के तहत एफआईआर दर्ज कर ली है. पुलिस और प्रशासन पीजी के आधिकारिक रजिस्ट्रेशन रिकॉर्ड की पड़ताल कर रहे हैं, ताकि इमारत में रह रहे छात्रों की सही संख्या का मिलान कर मलबे में फंसे बाकी लोगों को तेजी से निकाला जा सके. ये भी पढ़ें: Aaj Ka Mausam : कहीं भारी बारिश तो कहीं राहत, देखें बिहार-UP से MP तक पूरे देश का हाल The post Delhi Building Collapse : दिल्ली के सत्य निकेतन में इमारत ढहने से अब तक 6 लोगों की मौत, 40 से 50 छात्रों के दबे होने की आशंका appeared first on Naya Vichar.

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कौन थे सुदिव्य कुमार सोनू? चुनाव से लेकर छात्र आंदोलन तक, हर मोर्चे पर JMM के लिए बने ‘संकटमोचक’

रांची. झामुमो नेता और राज्य प्रशासन में मंत्री रहे सुदिव्य कुमार के निधन से पार्टी ने एक ऐसे नेता को खो दिया, जिनकी नेतृत्वक भूमिका उनके मंत्री पद से कहीं ज्यादा महत्वपूर्ण थी. 56 वर्षीय सुदिव्य कुमार गिरिडीह से दो बार विधायक रहे थे. प्रशासन में उनके पास तकनीकी एवं उच्च शिक्षा, शहरी विकास, पर्यटन और स्पोर्ट्स एवं युवा मामलों जैसे महत्वपूर्ण विभागों की जिम्मेदारी थी. संकट में संभालते थे पार्टी की कमान सुदिव्य कुमार के परिवार में पत्नी श्वेता शर्मा, दो बेटियां और एक बेटा है. मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के भरोसेमंद सहयोगियों में शामिल सुदिव्य कुमार झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के उन नेताओं में गिने जाते थे, जो मुश्किल समय में आगे बढ़कर पार्टी का मोर्चा संभालते थे. हेमंत सोरेन के लिए बड़े भाई जैसे सुदिव्य कुमार और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के बीच बेहद भरोसे का रिश्ता था. सुदिव्य कुमार को हेमंत सोरेन के लिए बड़े भाई की तरह माना जाता था. जनवरी 2024 में कथित भूमि घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने हेमंत सोरेन को गिरफ्तार किया था. इसके बाद झामुमो के सामने नेतृत्वक और संगठनात्मक स्तर पर बड़ी चुनौती खड़ी हो गयी थी. इस मुश्किल दौर में सुदिव्य कुमार ने पार्टी के भीतर समन्वय बनाए रखने और कार्यकर्ताओं के बीच नेतृत्व का भरोसा कायम रखने में अहम भूमिका निभायी. वह लगातार पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं के साथ संपर्क में रहे. कल्पना सोरेन के चुनाव अभियान की संभाली कमान हेमंत सोरेन की गिरफ्तारी के कुछ समय बाद सुदिव्य कुमार को एक और महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दी गयी. गांडेय विधानसभा उपचुनाव में झामुमो के चुनाव अभियान की कमान उन्हें सौंपी गयी. यह चुनाव कल्पना सोरेन का पहला चुनाव था. सुदिव्य कुमार ने पार्टी की मुख्य चुनाव अभियान समिति का नेतृत्व किया और चुनावी रणनीति तैयार करने में केंद्रीय भूमिका निभायी. जून 2024 में कल्पना सोरेन की जीत से झामुमो को महत्वपूर्ण नेतृत्वक बढ़त मिली. इसके साथ ही कल्पना सोरेन पार्टी के प्रमुख चुनावी चेहरों में शामिल हो गयीं. बिहार विधानसभा चुनाव में सीट बंटवारे की बातचीत में प्रमुख वार्ताकार 2025 के बिहार विधानसभा चुनाव से पहले राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के साथ सीट बंटवारे को लेकर हुई बातचीत में भी सुदिव्य कुमार झामुमो के प्रमुख वार्ताकारों में शामिल रहे. उनकी भूमिका केवल चुनावी नेतृत्व तक सीमित नहीं थी. वह पार्टी संगठन और प्रशासन के बीच महत्वपूर्ण कड़ी के रूप में काम करते थे. चुनावी रणनीति, नेतृत्वक बातचीत और संवेदनशील मामलों में पार्टी नेतृत्व उन पर भरोसा करता था. यही वजह थी कि मुश्किल परिस्थितियों में उन्हें महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां दी जाती थीं. ये भी पढ़ें: Sudivya Kumar Sonu का आखिरी पोस्ट पढ़कर भावुक हुए लोग, निधन से दो दिन पहले लिखी थी ये बात छात्र आंदोलन में भी संभाला मोर्चा सुदिव्य कुमार की संकट से निपटने की क्षमता हालिया छात्र आंदोलन के दौरान भी सामने आयी. परीक्षा में कथित अनियमितताओं को लेकर नौकरी के इच्छुक अभ्यर्थियों के आंदोलन के बाद मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने एक मंत्रिमंडलीय समिति का गठन किया था. इस समिति की अध्यक्षता सुदिव्य कुमार को सौंपी गयी थी. उन्होंने प्रदर्शनकारी छात्रों के साथ कई दौर की बातचीत की और आंदोलन को लेकर बने गतिरोध को खत्म करने का प्रयास किया. ये भी पढ़ें: RIMS में स्त्री मरीज की मौत पर हंगामा, परिजनों और जूनियर डॉक्टरों में भिड़ंत भरोसेमंद संकटमोचक खो दिया सुदिव्य कुमार की पहचान ऐसे नेता के रूप में थी, जो पार्टी और प्रशासन के सामने मुश्किल परिस्थितियां आने पर जिम्मेदारी संभालने से पीछे नहीं हटते थे. उनके आकस्मिक निधन से झामुमो ने एक अनुभवी नेता और भरोसेमंद संकटमोचक खो दिया है. The post कौन थे सुदिव्य कुमार सोनू? चुनाव से लेकर छात्र आंदोलन तक, हर मोर्चे पर JMM के लिए बने ‘संकटमोचक’ appeared first on Naya Vichar.

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बिहार बाढ़ अलर्ट: खतरे के निशान के पार पहुंची गंगा, 11 जिलों में 19.57 लाख लोग प्रभावित

Bihar Flood बिहार में बाढ़ की स्थिति लगातार गंभीर होती जा रही है। राज्य के 11 जिलों में 19.57 लाख से अधिक लोग बाढ़ और जलभराव से प्रभावित हैं. पटना के गांधी घाट पर गंगा का जलस्तर ‘हाईएस्ट फ्लड लेवल’ (HFL) के निशान को पार कर गया है. इसके बाद प्रशासन ने नदी के निचले इलाकों में अलर्ट जारी किया है. जल संसाधन विभाग के एक अधिकारी के अनुसार, बाढ़ प्रभावित आबादी पटना, भोजपुर, सारण, वैशाली, भागलपुर, बेगूसराय, बक्सर, समस्तीपुर, मुंगेर, कटिहार, लखीसराय और अरवल के 70 प्रखंडों की 368 ग्राम पंचायतों में फैली हुई है. विभाग के अधिकारियों ने बताया कि अगले तीन दिनों तक हाथीदह और इसके बाद के निचले इलाकों में स्थित गेज स्टेशनों पर जलस्तर गंभीर बना रह सकता है. हाथीदह में गंगा का जलस्तर पिछले HFL के रिकॉर्ड को भी पार करने की आशंका है. अधिकारियों ने बेगूसराय, लखीसराय, मुंगेर, भागलपुर और कटिहार के नदी किनारे बसे इलाकों में विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं. जल संसाधन विभाग के एक अधिकारी ने कहा, “गांधी घाट से निचले इलाकों की ओर बढ़ते जलस्तर को देखते हुए अधिकारियों और फील्ड स्टाफ को सतर्क रहने तथा लगातार जलस्तर की निगरानी करने का निर्देश दिया गया है.” इस बीच, बिहार विधानसभा में विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव ने केंद्र प्रशासन से बिहार की बाढ़ को “राष्ट्रीय आपदा” घोषित करने की मांग की है. उन्होंने केंद्र से राज्य के लिए 5,000 करोड़ रुपये की विशेष वित्तीय सहायता देने के साथ-साथ राहत और बचाव कार्यों के लिए वायु सेना के हेलीकॉप्टर उपलब्ध कराने की भी मांग की है. तटबंधों और संवेदनशील इलाकों की निगरानी WRD ने नदी के जलस्तर के साथ-साथ तटबंधों, संवेदनशील स्थानों और निचले इलाकों की नियमित निगरानी के निर्देश दिए हैं. अधिकारियों को जरूरत पड़ने पर पहले से एहतियाती कदम उठाने को कहा गया है. सभी संबंधित विभागों और फील्ड इंजीनियरों को बाढ़ नियंत्रण से जुड़े संसाधनों और मशीनरी को तैयार रखने का निर्देश दिया गया है. आपदा प्रबंधन विभाग (DMD) के अनुसार, पटना, भोजपुर, सारण, वैशाली, भागलपुर, बेगूसराय, बक्सर, समस्तीपुर, मुंगेर, कटिहार और अरवल समेत 11 जिलों के 66 प्रखंडों की 330 ग्राम पंचायतों में करीब 19.57 लाख लोग प्रभावित हुए हैं। आपात स्थिति से निपटने और राहत-बचाव कार्यों में तेजी लाने के लिए प्रभावित जिलों में NDRF की 10 और SDRF की 27 टीमें तैनात की गई हैं. गंडक, कोसी और सोन का भी बढ़ा दबाव 6 सितंबर तक वाल्मीकिनगर बैराज पर गंडक नदी का डिस्चार्ज 1,29,000 क्यूसेक दर्ज किया गया, जो फिलहाल स्थिर है. वहीं, बीरपुर बैराज पर कोसी नदी का डिस्चार्ज 1,73,255 क्यूसेक दर्ज किया गया. इंद्रपुरी बैराज पर सोन नदी का डिस्चार्ज 2,27,717 क्यूसेक रहा, हालांकि इसमें कमी का रुझान देखा गया है. गंगा, गंडक, कोसी, बूढ़ी गंडक, पुनपुन और बागमती समेत कई नदियां कुछ स्थानों पर खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं. प्रशासन ने स्थिति पर लगातार नजर बनाए रखने के साथ संवेदनशील इलाकों में निगरानी बढ़ा दी है. अगले दो दिन बारिश का अनुमान राज्य में 1 जून से 6 सितंबर के बीच औसत 590.6 मिमी बारिश दर्ज की गई है. बिहार मौसम विज्ञान सेवा केंद्र ने अगले दो दिनों में कई स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश का अनुमान जताया है. कुछ इलाकों में भारी बारिश भी हो सकती है. 110 सामुदायिक रसोई चल रही आपदा विभाग (DMD) के अनुसार, बाढ़ प्रभावित इलाकों में राहत और बचाव अभियान जारी है.फिलहाल 110 सामुदायिक रसोई संचालित की जा रही हैं, जहां अब तक 1.98 लाख लोगों को भोजन कराया जा चुका है. विस्थापित लोगों के लिए एक राहत शिविर भी बनाया गया है. यहां 326 बाढ़ प्रभावित लोगों के रहने, भोजन और चिकित्सा सुविधा की व्यवस्था की गई है. बाढ़ प्रभावित परिवारों के बीच राहत सामग्री का वितरण भी जारी है. अब तक करीब 55,500 पॉलीथीन शीट और 10,400 सूखे राशन के पैकेट बांटे जा चुके हैं. जलमग्न इलाकों में लोगों की आवाजाही और सुरक्षित स्थानों तक पहुंचने के लिए 1,345 नावें संचालित की जा रही हैं. तेजस्वी ने बाढ़ को राष्ट्रीय आपदा घोषित करने की मांग की इस बीच, राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष और बिहार विधानसभा में विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव ने केंद्र प्रशासन से बिहार की बाढ़ को “राष्ट्रीय आपदा” घोषित करने की मांग की है. उन्होंने केंद्र से राज्य के लिए 5,000 करोड़ रुपये की विशेष वित्तीय सहायता देने और राहत-बचाव कार्यों में वायु सेना के हेलीकॉप्टर उपलब्ध कराने की भी मांग करते हुए दावा किया कि बिहार का 76 फीसदी इलाका बाढ़ से प्रभावित है और 19 जिले गंभीर बाढ़ की चपेट में हैं. उन्होंने कहा कि इस आपदा से 20 लाख से अधिक लोग प्रभावित हुए हैं. पटना में पत्रकारों से बातचीत में तेजस्वी यादव ने कहा कि सार्वजनिक बुनियादी ढांचे को भारी नुकसान पहुंचा है और जान-माल की क्षति हजारों करोड़ रुपये की है. उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से बिहार का तत्काल दौरा कर जमीनी स्थिति का जायजा लेने और राज्य को तत्काल राहत उपलब्ध कराने की मांग की. उन्होंने आगे कहा कि, “अगर चुनाव का समय होता, तो वे निश्चित रूप से बिहार का दौरा करते.” Also Read : शराबबंदी वाले बिहार में ‘हसीना गैंग’ की एंट्री! तस्करी में मॉडल गर्ल्स, किराये के पति और उधार के बच्चों का हो रहा इस्तेमाल The post बिहार बाढ़ अलर्ट: खतरे के निशान के पार पहुंची गंगा, 11 जिलों में 19.57 लाख लोग प्रभावित appeared first on Naya Vichar.

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VIDEO: US के मियामी एयरपोर्ट पर 21 Air का विमान रनवे से फिसलकर हुआ क्रैश, हादसे में 5 लोगों की मौत

अमेरिका के मियामी इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर बड़ा विमान हादसा हुआ है. 21 Air की फ्लाइट 7598 अचानक रनवे से फिसलकर बाहर निकली और देखते ही देखते दुर्घटनाग्रस्त हो गई. हादसे का खौफनाक वीडियो फुटेज भी सामने आया है, जिसमें विमान को रनवे से बाहर जाते और क्रैश होते देखा जा सकता है. रिपोर्ट्स के मुताबिक, हादसे में कम से कम 5 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि कई लोगों के घायल होने की आशंका है. घायलों की संख्या अभी स्पष्ट नहीं है और मौके पर राहत-बचाव अभियान जारी है. क्रैश का खौफनाक वीडियो आया सामने सामने आए फुटेज में वह क्षण दिखाई दे रहा है, जब विमान रनवे पर नियंत्रण खोने के बाद बाहर निकल गया और हादसे का शिकार हो गया. दुर्घटना के बाद एयरपोर्ट पर चीख-पुकार और अफरा-तफरी मच गई. घायलों की संख्या अभी साफ नहीं हादसे के बाद अधिकारियों और आपातकालीन टीमों ने घटनास्थल पर पहुंचकर राहत एवं बचाव अभियान शुरू किया. घायलों को इलाज के लिए अस्पताल ले जाने की प्रक्रिया की जा रही है. अधिकारियों की ओर से मृतकों और घायलों की अंतिम संख्या की पुष्टि का इंतजार है. हादसे की वजह की जांच शुरू फ्लाइट 7598 के रनवे से बाहर निकलने और दुर्घटनाग्रस्त होने की वजह अभी स्पष्ट नहीं हुई है. हादसे की वजह की जांच शुरू कर दी गई है, और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि विमान ने किस कारण नियंत्रण खोया. जांच से जुड़े अन्य विवरणों का इंतजार है. ये भी पढ़ें: Iran-Israel War: ईरान बना रहा 7 अक्टूबर से बड़े हमले का प्लान, कई फ्रंट पर इजरायल को घेरने की तैयारी The post VIDEO: US के मियामी एयरपोर्ट पर 21 Air का विमान रनवे से फिसलकर हुआ क्रैश, हादसे में 5 लोगों की मौत appeared first on Naya Vichar.

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Aaj Ka Panchang 7 September 2026: अजा एकादशी पर राहुकाल कब? जानें सोमवार का पूरा पंचांग

Aaj Ka Panchang 7 September 2026: आज 7 सितंबर 2026 को भाद्रपद मास के कृष्ण पक्ष की पवित्र अजा एकादशी है. सोमवार के शुभ संयोग में भगवान विष्णु का पूजन और व्रत करने से पापों का नाश और सुख-समृद्धि की प्राप्ति होती है. जानें आज का पंचांग. आज 7 सितंबर 2026 का पंचांग तिथि: कृष्ण पक्ष एकादशी (शाम 5:05 PM तक) पक्ष: कृष्ण पक्ष वार: सोमवार मास (अमांत): श्रावण मास (पूर्णिमांत): भाद्रपद नक्षत्र, योग एवं करण नक्षत्र: पुनर्वसु (शाम 6:15 PM तक) योग: व्यतिपात (सुबह 6:41 AM तक) करण: बव (सुबह 6:16 AM तक) संवत एवं अयन विक्रम संवत: 2083 (सिद्धार्थ) शक संवत: 1948 (प्रभाउ) ऋतु: वर्षा अयन: दक्षिणायन सूर्य एवं चंद्र विवरण सूर्योदय: सुबह 5:42 AM सूर्यास्त: शाम 6:12 PM चंद्रोदय: रात 1:21 AM चंद्रास्त: दोपहर 3:35 PM सूर्य राशि: सिंह चंद्र राशि: मिथुन दिशा एवं निवास दिशाशूल: पूर्व चंद्र निवास: पश्चिम शुभ एवं अशुभ समय शुभ मुहूर्त (अभिजित): 11:32 AM से 12:22 PM राहुकाल: 7:15 AM से 8:49 AM गुलिक काल: 1:30 PM से 3:04 PM यमघण्ट काल: 10:23 AM से 11:57 AM त्यौहार व पर्व अजा एकादशी: भगवान विष्णु को समर्पित यह व्रत पापों से मुक्ति, मानसिक शांति और आध्यात्मिक उन्नति प्रदान करता है. इस दिन विष्णु सहस्रनाम का पाठ और भजन-कीर्तन अत्यंत फलदायी माना जाता है. The post Aaj Ka Panchang 7 September 2026: अजा एकादशी पर राहुकाल कब? जानें सोमवार का पूरा पंचांग appeared first on Naya Vichar.

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Video : गेट के पास बैठा था शख्स..तभी भरभराकर गिर गई पूरी बिल्डिंग, दिल्ली हादसे का CCTV फुटेज आया सामने

दक्षिण-पश्चिम दिल्ली के इलाके में पांच मंजिला पीजी बिल्डिंग गिरने की घटना ने हर किसी को झकझोर दिया है. हादसे में अब तक 6 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 11 लोगों को मलबे से सुरक्षित बाहर निकाला गया है. घटनास्थल पर अब भी बचाव अभियान जारी है. CCTV में कैद हुआ हादसे से पहले का खौफनाक पल इस हादसे का एक सीसीटीवी फुटेज सामने आया है, जिसमें घटना की भयावहता को देखा जा सकता है. वीडियो में बिल्डिंग के गेट के पास एक बुजुर्ग व्यक्ति बैठे नजर आ रहे हैं. अचानक इमारत की मलबा और धूल नीचे गिरने लगती है. खतरा भांपते ही वह शख्स वहां से भागने की कोशिश करते हैं. इसके कुछ ही सेकेंड बाद पूरी इमारत देखते ही देखते भरभराकर नीचे आ जाती है. चारों तरफ धूल का गुबार छा जाता है और मौके पर अफरा-तफरी मच जाती है. बिल्डिंग में चल रहा था पीजी मिली जानकारी के अनुसार सत्य निकेतन की यह इमारत करीब 40-50 साल पुरानी है, जो छात्रों के रहने के लिए पीजी के तौर पर इस्तेमाल हो रही थी. हादसा रविवार दोपहर करीब 1:30 बजे हुआ, उस वक्त इमारत में निर्माण और मरम्मत का काम चल रहा था. बताया जा रहा है कि बेसमेंट में खुदाई और मरम्मत के दौरान एक पिलर खिसकने की वजह से इमारत के ढहने की आशंका है. हालांकि, हादसे की अंतिम वजह जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी. ये भी पढ़ें: Video : मुझे बचा लो…मलबे में फंसे छात्र ने दिखाया अंदर का मंजर, दिल्ली हादसे की सबसे खौफनाक तस्वीर! घटनास्थल पर रेस्क्यू ऑपरेशन जारी हादसे के बाद पुलिस, दमकल, एनडीआरएफ और अन्य एजेंसियों की टीमें मौके पर मौजूद हैं और मलबे में फंसे लोगों को निकालने के लिए लगातार रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया जा रहा है. मलबे के अलग-अलग हिस्सों में संभावित स्थानों की पहचान कर उनकी बारीकी से जांच की जा रही है. इस काम में एनडीआरएफ के प्रशिक्षित खोजी कुत्तों की भी मदद ली जा रही है. पुलिस ने मामले में इमारत के कथित मालिक और अन्य लोगों के खिलाफ एफआईआर भी दर्ज की है. ये भी पढ़ें: दिल्ली हादसा: बारिश के बीच बेसमेंट में मरम्मत, फिर भरभराकर ढही 5 मंजिला बिल्डिंग, 3 की मौत और पांच की हालत गंभीर The post Video : गेट के पास बैठा था शख्स..तभी भरभराकर गिर गई पूरी बिल्डिंग, दिल्ली हादसे का CCTV फुटेज आया सामने appeared first on Naya Vichar.

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