Hot News

ताजा ख़बर

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

…तो 10 रुपये बढ़ जाते पेट्रोल-डीजल के दाम, निर्मला सीतारमण ने किया खुलासा

Nirmala Sitharaman: केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा, हमने इस साल एक्साइज ड्यूटी में कटौती के जरिए सालाना 1 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा की राहत दी है. अगर हमने उस समय ये कटौतियां न की होतीं, तो उसी वक्त कीमतें 10 रुपये प्रति लीटर बढ़ गई होतीं. उन्होंने आगे कहा- पिछले लगभग 76 दिनों से हमारा मकसद यह सुनिश्चित करना रहा है कि लोगों पर कोई अतिरिक्त बोझ न पड़े. क्यों पेट्रोल-डीजल की कीमतें बढ़ रही हैं? वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा- अभी जो कीमतें बढ़ रही हैं, वे ऑयल मार्केटिंग कंपनियों की वजह से बढ़ रही हैं, क्योंकि वही तेल खरीद और बेच रही हैं. जैसा कि मैंने कहा था, पश्चिम एशिया संकट, होर्मुज जलडमरूमध्य संकट, रूस-यूक्रेन युद्ध संकट, ईरान-इजरायल-अमेरिका युद्ध संकट, सप्लाई चेन में रुकावट का संकट, ईंधन और उर्वरक की बढ़ती कीमतें. ये सब चुनौतियां होंगी. लेकिन मुझे पूरा भरोसा है, और मैं यह बात पूरी जिम्मेदारी के साथ कह रही हूं कि प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में हम उन चुनौतियों से निपटने में सक्षम होंगे, जो हमारी वजह से पैदा नहीं हुई हैं. अगर कच्चे तेल की कीमतें बढ़ रही हैं, एक हफ्ते 83, तो अगले हफ्ते 86, 100 या 116, तो हमें इस पर लगातार नजर रखनी होगी, लेकिन साथ ही यह भी सुनिश्चित करना होगा कि आम लोगों को किसी तरह की परेशानी न हो. #WATCH | Mumbai, Maharashtra: Union Finance Minister Nirmala Sitharaman says, “From the government’s side, for about 76 days, our objective has been to ensure that no additional burden is placed upon the people… We have provided relief amounting to more than Rs 1 lakh crore… pic.twitter.com/ECKa59HizA — ANI (@ANI) May 25, 2026 LPG का उत्पादन प्रतिदिन 50000 टन पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय की संयुक्त सचिव, सुजाता शर्मा ने बताया, पश्चिम एशिया संकट को देखते हुए, हमारे आयात प्रभावित हुए हैं, लेकिन पेट्रोलियम उत्पादों की सुचारू आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए सभी प्रयास किए गए हैं. LPG का बढ़ा हुआ उत्पादन अब प्रतिदिन 50000 टन तक पहुंच रहा है. कुछ राज्यों के खुदरा आउटलेट्स पर घबराहट में खरीदारी (panic buying) देखी जा रही है, जैसे कि गुजरात, महाराष्ट्र और UP के कुछ जिलों में. इसके पीछे मुख्य कारण कृषि संबंधी मांग और थोक मांग का खुदरा की ओर खिसकना है. इस संबंध में, सभी राज्यों के साथ VC के माध्यम से एक बैठक आयोजित की गई. राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से स्थिति की समीक्षा करने को कहा गया है. आपूर्ति की स्थिति और खुदरा आउटलेट्स पर कड़ी नजर रखी जा रही है. ये भी पढ़ें: पेट्रोल ₹2.61 और डीजल ₹2.71 प्रति लीटर महंगा, 10 दिन में चौथी बार बढ़े दाम The post …तो 10 रुपये बढ़ जाते पेट्रोल-डीजल के दाम, निर्मला सीतारमण ने किया खुलासा appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

अभिषेक बनर्जी के घर पहुंची कोलकाता पुलिस, LED मॉनिटर उठाकर ले गयी

मुख्य बातें अवैध निर्माण को लेकर चल रहा विवाद अब तक भेजे गये हैं दो नोटिस Abhishek Banerjee: कोलकाता: कोलकाता पुलिस सोमवार को दोपहर बाद अभिषेक बनर्जी के घर पर पहुंची. अवैध निर्माण विवाद के बीच, कोलकाता पुलिस डायमंड हार्बर स्थित तृणमूल सांसद के घर पहुंची. हालांकि, पुलिस के आने का कारण स्पष्ट नहीं है. कई कोलकाता पुलिस अधिकारी घर में प्रवेश कर चुके हैं. हालांकि, पुलिस ने अभी तक कारण का खुलासा नहीं किया है. लेकिन अभिषेक बनर्जी के घर से बड़ा एलईडी मॉनिटर ले जाते हुए देखे गये हैं. इस के कुछ देर बाद, घर के बाकी सदस्य दूसरी गाड़ी में बैठकर जाते हुए दिखाई दिए, लेकिन इस सब की असली वजह अभी तक पता नहीं चल पाई है. अवैध निर्माण को लेकर चल रहा विवाद यहां यह बताना जरूरी है कि कुछ दिन पहले कोलकाता नगर निगम ने कालीघाट स्थित अभिषेक के घर और हरीश मुखर्जी रोड पर स्थित ‘शांतिनिकेतन’ मकान को नोटिस भेजा था. सूत्रों के अनुसार, उन्होंने ‘शांतिनिकेतन’ और कालीघाट स्थित मकान में कई अवैध निर्माण देखे थे. इनमें से कई हिस्सों को तोड़कर नए निर्माण किए गए हैं. इसके बाद, आईपीसी की धारा 400 (1) के तहत उस घर पर नोटिस भेजा गया, जिसके अंतर्गत ‘अभिषेक हार्डवेयर’ की दुकान स्थित है (मूल रूप से अभिषेक की मां लता बनर्जी के नाम पर), जो 188 ए हरीश मुखर्जी रोड, 121 कालीघाट रोड पर है. पश्चिम बंगाल की अन्य महत्वपूर्ण समाचारों को पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें अब तक भेजे गये हैं दो नोटिस इस नोटिस के आधार पर कई अवैध निर्माणों के आरोप लगाए गए हैं. इसके बाद, अभिषेक ने जवाब देने के लिए समय मांगा. आज डायमंड हार्बर से तृणमूल सांसद ने उस पत्र का जवाब दिया. पत्र में कहा गया कि अभिषेक को नोटिस फटा हुआ मिला. इन सभी घटनाओं के बीच, पुलिस अधिकारी आज अभिषेक के घर पहुंचे. सांसद के घर को कुल दो बार नोटिस भेजा गया है. पहला नोटिस अवैध निर्माण के संबंध में जारी किया गया था. बाद में, नगर निगम के मूल्यांकन विभाग द्वारा शांतिनिकेतन नामक घर को एक और नोटिस जारी किया गया, जो लीप्स एंड बाउंड्स संगठन के नाम पर है. Also Read: फालता विधानसभा के बाद अब डॉयमंड हार्बर नगरपालिका से बाहर हो सकती है तृणमूल The post अभिषेक बनर्जी के घर पहुंची कोलकाता पुलिस, LED मॉनिटर उठाकर ले गयी appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

आसमान से बरस रही आग! दिल्ली का तापमान 45°C पहुंचा, लू का येलो अलर्ट जारी

Delhi Heatwave: आईएमडी ने दिल्ली में लू चलने की आशंका जताते हुए येलो अलर्ट जारी किया है. अधिकतम तापमान 44 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने की संभावना है. दिल्ली में न्यूनतम तापमान का 14 साल पुराना रिकॉर्ड टूटा दिल्ली में सोमवार को न्यूनतम तापमान 32.4 डिग्री सेल्सियस रहा जो सामान्य तापमान से 5.7 डिग्री अधिक है और लगभग 14 वर्षों में मई महीने की सबसे गर्म रात दर्ज की गई. हिंदुस्तान मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के अनुसार, मई के महीने में आखिरी बार 26 मई, 2012 को न्यूनतम तापमान 32.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था. #WATCH | Delhi is witnessing heatwave conditions with the maximum temperatures exceeding 45°C in many places today. Visuals from India Gate pic.twitter.com/rav41lsssq — ANI (@ANI) May 25, 2026 ट्रैफिक पुलिस को दिए गए AC हेलमेट दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने एक एनफोर्समेंट ड्राइव चलाई है, जिसके तहत फील्ड में तैनात कर्मियों के लिए AC हेलमेट टेस्टिंग की पहल शुरू की गई है. ट्रैफिक ASI वीर सिंह ने न्यूज एजेंसी एएनआई के साथ बातचीत में कहा- यह हेलमेट हमें इस मौसम में आराम देता है. यह आसानी से 4-5 घंटे तक काम कर सकता है, जो इसकी बैटरी के चार्ज पर निर्भर करता है. #WATCH | Delhi: Delhi Traffic Police conducts enforcement drive, AC helmet testing initiative deployed for field personnel. Veer Singh, ASI Traffic, says, “This helmet keeps us relaxed in this weather. It can work easily for 4-5 hours, depending on the charge in its battery…” pic.twitter.com/B91MC83RW4 — ANI (@ANI) May 25, 2026 The post आसमान से बरस रही आग! दिल्ली का तापमान 45°C पहुंचा, लू का येलो अलर्ट जारी appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

114 नए राफेल से बढ़ेगी IAF की ताकत, 90 भारत में बनेंगे; फाइनल हुआ LoR, जल्द भेजा जाएगा फ्रांस

India Rafale Fighter Jets Deal France: हिंदुस्तानीय वायुसेना की ताकत बढ़ाने की दिशा में हिंदुस्तान प्रशासन ने बड़ा कदम उठाया है. हिंदुस्तान अब 114 नए राफेल लड़ाकू विमान खरीदने की तैयारी में है और इसके लिए फ्रांस को जल्द आधिकारिक अनुरोध पत्र भेजा जा सकता है. यह सौदा वायुसेना में लड़ाकू विमानों की कमी को दूर करने और भविष्य की सैन्य जरूरतों को मजबूत करने के लिहाज से बेहद अहम माना जा रहा है. इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, हिंदुस्तान ने इस खरीद प्रक्रिया के तहत लेटर ऑफ रिक्वेस्ट को अंतिम रूप दे दिया है. उम्मीद है कि आने वाले कुछ हफ्तों में इसे फ्रांस प्रशासन को भेज दिया जाएगा. हिंदुस्तान में बनेंगे करीब 90 राफेल विमान रिपोर्ट के अनुसार, प्रस्तावित 114 विमानों में से करीब 90 राफेल जेट हिंदुस्तान में तैयार किए जाएंगे. इसके लिए फ्रांस की एयरोस्पेस कंपनी डसाल्ट एविएशन किसी हिंदुस्तानीय कंपनी के साथ साझेदारी करेगी. बाकी विमान सीधे तैयार हालत यानी ‘फ्लाई-अवे कंडीशन’ में हिंदुस्तान को सौंपे जाएंगे. करीब तीन महीने पहले रक्षा अधिग्रहण परिषद ने इस प्रस्ताव को मंजूरी दी थी. इसके बाद लेटर ऑफ रिक्वेस्ट तैयार किया गया.  अब फ्रांस की ओर से कीमत, उपलब्धता और लॉजिस्टिक सपोर्ट से जुड़ी जानकारी आने के बाद हिंदुस्तान औपचारिक रिक्वेस्ट फॉर प्रोपोजल जारी करेगा. दोनों देशों के बीच बातचीत पूरी होने के बाद अंतिम समझौते को सुरक्षा मामलों की कैबिनेट समिति की मंजूरी लेनी होगी. प्रशासन की कोशिश इस साल के अंत तक इस डील को अंतिम रूप देने की है. क्या होता है लेटर ऑफ रिक्वेस्ट और रिक्वेस्ट फॉर प्रपोजल? लेटर ऑफ रिक्वेस्ट एक औपचारिक प्रशासनी दस्तावेज होता है, जिसके जरिए दो देशों के बीच रक्षा खरीद प्रक्रिया शुरू की जाती है. इसमें खरीदे जाने वाले हथियारों की संख्या, तकनीकी क्षमता और जरूरी सैन्य जरूरतों का विवरण दिया जाता है. वहीं, रिक्वेस्ट फॉर प्रपोजल एक आधिकारिक व्यावसायिक दस्तावेज होता है, जिसके तहत कोई कंपनी या प्रशासनी संस्था किसी विशेष प्रोजेक्ट के लिए योग्य वेंडर्स, ठेकेदारों या सर्विस प्रोवाइडर्स से काम करने के प्रस्ताव (प्रपोजल) और उनकी कीमतों को आमंत्रित करती है。 फ्रांस दौरे पर जाएंगे एयर चीफ और पीएम मोदी यह पूरा घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है, जब हिंदुस्तानीय वायुसेना प्रमुख एपी सिंह अगले महीने की शुरुआत में फ्रांस दौरे पर जाने वाले हैं. इसके अलावा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के भी जून में फ्रांस दौरे की संभावना जताई जा रही है, जहां वह G7 शिखर सम्मेलन में  विशेष अतिथि के रूप में शामिल होंगे.  हिंदुस्तान के पास बड़ा राफेल का बेड़ा  हिंदुस्तान के पास पहले से 36 राफेल लड़ाकू विमान मौजूद हैं, जो वायुसेना में सक्रिय सेवा दे रहे हैं. हिंदुस्तानीय नौसेना भी आने वाले वर्षों में 26 राफेल-M विमानों को अपने बेड़े में शामिल करने की तैयारी कर रही है. इन विमानों का इस्तेमाल विमानवाहक पोतों से ऑपरेशन के लिए किया जाएगा. रक्षा अधिकारियों का मानना है कि पहले से मौजूद राफेल सिस्टम के कारण नए विमानों को शामिल करने में ट्रेनिंग, रखरखाव और लॉजिस्टिक लागत कम आएगी. ये भी पढ़ें:- कॉकरोच टिप्पणी और ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ पर बढ़ा विवाद, CJI सूर्यकांत बोले- इसे भावनात्मक मुद्दा न बनाएं, CBI जांच पर कही ये बात नए राफेल में होगा 50% स्वदेशी हिस्सा नई डील में लगभग 50 प्रतिशत स्वदेशी सामग्री शामिल किए जाने की योजना है. हिंदुस्तान राफेल विमान के इंटरफेस कंट्रोल डॉक्यूमेंट्स तक पहुंच हासिल करने की कोशिश भी कर रहा है. ये तकनीकी दस्तावेज बताते हैं कि विमान के अंदर मौजूद सिस्टम, हथियार और सेंसर आपस में कैसे काम करते हैं. अगर हिंदुस्तान को यह एक्सेस मिलता है, तो भविष्य में स्वदेशी हथियार जैसे ब्रह्मोस और अस्त्र मिसाइलों को राफेल विमानों में जोड़ा जा सकेगा. हालांकि रिपोर्ट्स में कहा गया है कि विमान के सोर्स कोड तक पूरी पहुंच मिलने की संभावना कम है. ये भी पढ़ें:- राजस्थान: जैसलमेर में कचरा डंपिंग साइट में मिलीं 300 से ज्यादा गायों की लाशें, वीडियो वायरल होने के बाद मचा बवाल क्यों जरूरी है यह सौदा? हिंदुस्तानीय वायुसेना फिलहाल 42 स्क्वाड्रन की स्वीकृत क्षमता के मुकाबले केवल 29 फाइटर स्क्वाड्रन के साथ काम कर रही है. ऐसे में नए राफेल विमानों की खरीद को वायुसेना की ताकत बढ़ाने के लिए बेहद अहम माना जा रहा है. हिंदुस्तानीय सैन्य अधिकारियों के मुताबिक, राफेल विमानों ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ में अहम भूमिका निभाई थी. रिपोर्ट्स के अनुसार, SCALP-EG क्रूज मिसाइल और हैमर प्रिसिजन बमों से लैस राफेल जेट्स ने पाकिस्तान में गहरे लक्ष्य भेदने वाले मिशन सफलतापूर्वक पूरे किए थे. इन विमानों ने पाकिस्तान के चीनी एयर डिफेंस सिस्टम को चकमा देते हुए इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर और सटीक हमले किए. इन विमानों ने महज 30 मिनट के भीतर महत्वपूर्ण मिशन पूरे किए थे. The post 114 नए राफेल से बढ़ेगी IAF की ताकत, 90 हिंदुस्तान में बनेंगे; फाइनल हुआ LoR, जल्द भेजा जाएगा फ्रांस appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

ईरान में फिर हुई बागेर गालिबाफ की ताजपोशी, 7वीं बार बने संसद स्पीकर; मिला भारी समर्थन-बढ़ी जिम्मेदारी

Mohammad Bagher Ghalibaf: ईरान की नेतृत्व में एक बार फिर मोहम्मद बागेर गालिबाफ का दबदबा कायम रहा. देश की संसद ने उन्हें लगातार सातवीं बार स्पीकर चुन लिया है. ईरानी समाचार एजेंसी ISNA की रिपोर्ट के मुताबिक, सोमवार सुबह हुए मतदान में मोहम्मद बागेर गालिबाफ को 271 में से 235 सांसदों का समर्थन मिला. इसके साथ ही वह फिर से संसद के स्पीकर बन गए. ऐसे समय में उनका दोबारा इस पद पर आना खास माना जा रहा है, क्योंकि इसी दौरान तेहरान और वॉशिंगटन के बीच बातचीत का दौर भी जारी है.  गालिबाफ को अमेरिका के साथ जारी बातचीत में ईरान के प्रमुख चेहरों में भी गिना जाता है. आईएसएनए समाचार एजेंसी के अनुसार, गालिबाफ के खिलाफ लड़ रहे कट्टरपंथी मोहम्मद ताघी नगदी अली को 29 वोट और एक अन्य सांसद, उस्मान सलारी को 7 वोट मिले. वहीं पांच वोट खाली रहे. वह क्षेत्रीय संघर्ष शुरू होने के बाद से ईरान की नेतृत्व में लगातार मजबूत चेहरा बनकर उभरे हैं.  गालिबाफ 11वीं संसद के पूरे चार साल तक स्पीकर रहे और 12वीं संसद के पहले दो सालों में भी इसी पद पर बने रहे. अब 12वीं संसद का तीसरा वार्षिक सत्र शुरू हो चुका है. ईरानी संसद के संचालन के लिए 12 सदस्यीय प्रेसीडिंग बोर्ड होता है. इसमें एक स्पीकर, दो उपाध्यक्ष, छह सचिव और तीन पर्यवेक्षक शामिल होते हैं. 28 फरवरी के बाद पश्चिम एशिया में बढ़े तनाव के दौरान उन्होंने अमेरिका के साथ अप्रत्यक्ष बातचीत में अहम भूमिका निभाई. इसके अलावा उन्हें चीन के लिए ईरान का विशेष दूत भी नियुक्त किया गया था, जिससे विदेश नीति के मोर्चे पर उनकी सक्रियता और प्रभाव दोनों बढ़े. माना जा रहा है कि विदेश नीति से जुड़े मुद्दों का असर अब ईरान की घरेलू नेतृत्व पर भी तेजी से पड़ रहा है, ऐसे में गालिबाफ एक बड़े शक्ति केंद्र के रूप में सामने आए हैं. वोटिंग से पहले ILNA ने दावा किया था कि उनके खिलाफ संगठित दबाव बनाने की कोशिशें हुईं, जिनमें सांसदों और नेतृत्वक नेताओं को निशाना बनाकर संदेश भेजे गए थे. अब दोबारा चुने जाने के बाद संसद में उनकी पकड़ और मजबूत मानी जा रही है. Mohammad Bagher Ghalibaf has been re-elected as Parliament Speaker for another year, securing the votes of the lawmakers. pic.twitter.com/zzkPUQcdKk — IRNA News Agency ☫ (@IrnaEnglish) May 25, 2026 ईरान बोला- अभी प्राथमिकता युद्ध खत्म करना गालिबाफ के दोबारा चुने जाने के बाद ईरान की ओर से अमेरिका के साथ चल रही बातचीत को लेकर भी अहम बयान सामने आया. सोमवार को प्रेस ब्रीफिंग के दौरान ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बकाई ने कहा कि फिलहाल वार्ता का मुख्य उद्देश्य तनाव और युद्ध की स्थिति को खत्म करना है. उन्होंने साफ किया कि इस समय परमाणु मुद्दे के तकनीकी या विस्तृत पहलुओं पर चर्चा नहीं हो रही है. ISNA के अनुसार, बकाई ने कहा कि मौजूदा बातचीत का फोकस संघर्ष को समाप्त करने पर है और न्यूक्लियर मुद्दे की बारीकियों पर अभी चर्चा नहीं की जा रही. ये भी पढ़ें:- ईरान डील के लिए ट्रंप ने खाड़ी देशों को फंसाया, मिडिल ईस्ट में छाया सन्नाटा; अब्राहम अकॉर्ड साइन करने की रखी मांग ये भी पढ़ें:- छिपकर रह रहे हैं ईरान के सुप्रीम लीडर मोजतबा, कूरियर के जरिए भेजा जाता है मैसेज; रिपोर्ट ट्रंप ने ओबामा दौर के समझौते से बनाई दूरी इससे एक दिन पहले रविवार को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी ईरान को लेकर बड़ा बयान दिया था. उन्होंने कहा कि भविष्य में तेहरान के साथ होने वाली किसी भी बातचीत का स्वरूप पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा के दौर में हुए समझौतों से बिल्कुल अलग होगा. ट्रंप ने यह भी स्पष्ट किया कि अमेरिका ईरान के साथ जल्दबाजी में कोई समझौता नहीं करेगा. उन्होंने कहा कि जब तक दोनों देशों के बीच औपचारिक, प्रमाणित और हस्ताक्षरित समझौता नहीं हो जाता, तब तक ईरान के बंदरगाहों पर लगाया गया अमेरिकी ‘ब्लॉकेड’ पूरी तरह लागू रहेगा. The post ईरान में फिर हुई बागेर गालिबाफ की ताजपोशी, 7वीं बार बने संसद स्पीकर; मिला भारी समर्थन-बढ़ी जिम्मेदारी appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

Hair Care Tips: बाल झड़ने और डैंड्रफ से हैं परेशान? कंघी बदलते ही दिखेगा बड़ा फर्क, जानिए नीम की लकड़ी वाली कंघी के फायदे

Hair Care Tips: आज के समय में बालों से जुड़ी प्रॉब्लम्स होना काफी आम बात बन चुकी है. आप जब अपने चारों तरफ देखते हैं तो आपको हेयर फॉल, डैंड्रफ और ड्राय बालों की प्रॉब्लम से जूझते हुए कई लोग काफी आसानी से मिल जाएंगे. जब हमें बालों से जुड़ी कोई प्रॉब्लम होती है तो अक्सर हम महंगे शैंपू और अन्य हेयर केयर प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल करना शुरू कर देते हैं. हम हर तरीका अपना तो लेते हैं लेकिन अपनी कुछ गलतियों पर ध्यान देना भूल जाते हैं. इन्हीं गलतियों में से एक गलती है प्लास्टिक के कंघी का इस्तेमाल करना. अगर आप भी प्लास्टिक की कंघी का इस्तेमाल करते हैं तो आपको अब रुक जाना चाहिए. आज हम आपको बताने वाले हैं कि आखिर क्यों आपको अपने बालों को कंघी करने के लिए नीम की लकड़ी से बनी कंघी का इस्तेमाल करना शुरू कर देना चाहिए और आपके बालों और स्कैल्प पर इसके फायदे क्या हो सकते हैं. तो चलिए इन फायदों के बारे में विस्तार से जानते हैं. स्कैल्प को रखे साफ और हेल्दी नीम की लकड़ी से बनी कंघी आपके स्कैल्प को साफ और ज्यादा हेल्दी रखने में मदद कर सकती है. नीम की लकड़ी में नेचुरल एंटीबैक्टीरियल और एंटीफंगल प्रॉपर्टीज पाए जाते हैं. ऐसे में जब आप इससे कंघी करना शुरू करते हैं तो यह आपके स्कैल्प में मौजूद गंदगी और बैक्टीरिया को कुछ ही समय में काफी हद तक कम करने में मदद करती है. नीम की लकड़ी से बनी कंघी का इस्तेमाल करने से आपको इचिंग, इन्फेक्शन और डैंड्रफ जैसी प्रॉब्लम्स से छुटकारा मिल जाता है. जब आप इसका इस्तेमाल रेगुलर बेसिस पर करना शुरू करते हैं तो आपका स्कैल्प साफ और ज्यादा हेल्दी बना हुआ रहता है. बालों का टूटना करे कम जब आप प्लास्टिक की कंघी से अपने बालों को घिसते हैं तो इससे एक स्टैटिक सी बनती है. ऐसा होने की वजह से आपके बाल ज्यादा टूटते और उलझते हैं. वहीं, जब आप नीम की लकड़ी से बनी कंघी इस इस्तेमाल करना शुरू करते हैं तो आपके बाल समय के साथ सॉफ्ट बनते चले जाते हैं. ये कंघी आपके बालों को बिना खींचे सुलझाने में मदद करती है. ऐसा होने की वजह से आपके बाल टूटते कम हैं और समय के साथ और भी ज्यादा स्ट्रॉन्ग बनते चले जाते हैं. ब्लड सर्कुलेशन बूस्ट करने में मददगार जब आप नीम की कंघी से अपने सिर की हल्की मसाज करना शुरू करते हैं तो आपके स्कैल्प में ब्लड सर्कुलेशन बेहतर होना शुरू हो जाता है. जब ब्लड फ्लो अच्छा हो जाता है तो आपके बालों की जड़ों तक न्यूट्रिशन भी बेहतर तरीके से पहुंचने लगता है. ऐसा होने की वजह से आपके बालों की ग्रोथ बेहतर होती है और साथ ही वे पहले से ज्यादा घने और हेल्दी बज्र आने लगते हैं. डैंड्रफ और इचिंग से राहत अगर आपको बार-बार डैंड्रफ की प्रॉब्लम या फिर स्कैल्प में इचिंग की प्रॉब्लम होती रहती है, तो ऐसे में आपको नीम की लकड़ी से बने कंघी का इस्तेमाल करना शुरू कर देना चाहिए. इसका इस्तेमाल आपके लिए काफी ज्यादा फायदेमंद साबित हो सकता है. नीम की क्वालिटीज आपके स्कैल्प को शांत करके रखने में मदद कर सकते हैं. जब आप इसका इस्तेमाल रेगुलर बेसिस पर करना शुरू कर देते हैं तो आपको कुछ ही समय में डैंड्रफ की प्रॉब्लम से छुटकारा मिल जाता है और आपका स्कैल्प एक बार फिर से फ्रेश महसूस होने लगता है. बालों को बनाए नेचुरली शाइनी जब आप नीम की लकड़ी से बालों को कंघी करना शुरू करते हैं, तो इससे आपके स्कैल्प में मौजूद ऑयल आपके बालों में बराबर तरीके से फैलने लग जाती है. ऐसा होने की वजह से आपके बाल नेचुरली शाइनी लगने लगते हैं और साथ ही ज्यादा ड्राई भी नहीं दिखते हैं. लंबे समय तक इसके इस्तेमाल से आपके बाल बहुत ही ज्यादा स्मूद और सॉफ्ट बनने लग जाते हैं. यह भी पढ़ें: सफेद बाल छिपाने के लिए अब पार्लर जाने की जरूरत नहीं, घर पर बनाएं ये नेचुरल हेयर डाई और पाएं काले-खूबसूरत बाल The post Hair Care Tips: बाल झड़ने और डैंड्रफ से हैं परेशान? कंघी बदलते ही दिखेगा बड़ा फर्क, जानिए नीम की लकड़ी वाली कंघी के फायदे appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

कॉकरोच टिप्पणी और ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ पर बढ़ा विवाद, CJI सूर्यकांत बोले- इसे भावनात्मक मुद्दा न बनाएं, CBI जांच पर कही ये बात

CJI Cockroach Janta Party: सुप्रीम कोर्ट में ‘कॉकरोच’ टिप्पणी को लेकर शुरू हुआ विवाद अब सोशल मीडिया से निकलकर कानूनी और नेतृत्वक बहस का बड़ा मुद्दा बन गया है. इसी बीच हिंदुस्तान के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने सोमवार को इस पूरे मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि इसे ‘इतना भावनात्मक तरीके से’ नहीं लिया जाना चाहिए. यह टिप्पणी उस समय आई जब सुप्रीम कोर्ट में ‘Cockroach Janta Party’ (कॉकरोच जनता पार्टी) के खिलाफ दायर जनहित याचिकाओं पर सुनवाई हो रही थी. याचिकाओं में आरोप लगाया गया कि CJI की कथित टिप्पणी को तोड़-मरोड़कर पेश किया गया और न्यायपालिका की छवि खराब करने की कोशिश की गई. सुनवाई के दौरान अधिवक्ता एन.के. गोस्वामी ने अदालत से कहा कि मुख्य न्यायाधीश की ओर से सफाई दिए जाने के बावजूद सोशल मीडिया पर विवाद जारी है. याचिकाओं में अदालत की कार्यवाही और जजों की टिप्पणियों का व्यावसायिक इस्तेमाल रोकने की मांग की गई है. साथ ही फर्जी लॉ डिग्री से जुड़े आरोपों की सीबीआई जांच कराने की अपील भी की गई है. सुनवाई के दौरान CJI सूर्यकांत ने कहा कि फिलहाल इस मामले में ऐसी कोई गंभीर आपात स्थिति नहीं है, जिस पर तुरंत हस्तक्षेप जरूरी हो. उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट उचित समय पर इन याचिकाओं पर विचार करेगा. ‘Cockroach Janta Party’ के खिलाफ भी जांच की मांग एक अन्य जनहित याचिका में ‘Cockroach Janta Party-कॉकरोच जनता पार्टी’ यानी CJP से जुड़ी गतिविधियों की जांच कराने की मांग उठाई गई. याचिका में कहा गया कि अदालत की मौखिक टिप्पणियों का व्यावसायिक इस्तेमाल किया जा रहा है. साथ ही उन्हें ट्रेंड, मीम और वायरल कंटेंट में बदलकर प्रसारित किया जा रहा है. यह याचिका सुप्रीम कोर्ट के वकील राजा चौधरी ने दायर की है. उन्होंने केंद्र प्रशासन, इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय, बार काउंसिल ऑफ इंडिया और सीबीआई को पक्षकार बनाया है. याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता राजेश सिंह चौहान ने अदालत में पक्ष रखा. कैसे शुरू हुआ ‘कॉकरोच’ विवाद? यह कॉकरोच जनता पार्टी का पूरा विवाद 15 मई को हुई एक सुनवाई के बाद शुरू हुआ. उस दौरान फर्जी लॉ डिग्री धारकों से जुड़े मामले की सुनवाई में कथित तौर पर CJI सूर्यकांत ने ‘कॉकरोच’ शब्द का इस्तेमाल किया था. चीफ जस्टिस की ‘कॉकरोच’ टिप्पणी सोशल मीडिया पर वायरल हो गई थी. इसके बाद देखते ही देखते ‘Cockroach Janta Party’ नाम से ऑनलाइन कैंपेन और मीम्स वायरल होने लगे.  हालांकि, अगले ही दिन CJI सूर्यकांत ने बयान जारी कर कहा था कि मीडिया के कुछ हिस्सों ने उनकी बात को गलत तरीके से पेश किया. जस्टिस सूर्यकांत ने स्पष्ट किया कि उनकी टिप्पणी उन लोगों के संदर्भ में थी, जो कथित तौर पर ‘फर्जी और नकली डिग्री’ के जरिए कानूनी पेशे में प्रवेश कर रहे हैं. उन्होंने यह भी स्पष्ट किया था कि देश के युवाओं के प्रति उनके मन में पूरा सम्मान और चिंता है. ये भी पढ़ें:- नीट पेपर लीक: सुप्रीम कोर्ट ने कहा- कई बार निर्देश दिए जाने के बावजूद सबक नहीं लिया गया सोशल मीडिया अभियान से बना बड़ा डिजिटल आंदोलन शुरुआत में यह केवल एक ऑनलाइन व्यंग्य अभियान था, लेकिन धीरे-धीरे यह युवाओं के गुस्से और डिजिटल विरोध का प्रतीक बन गया. इस प्लेटफॉर्म ने मीम्स, व्यंग्य और नेतृत्वक टिप्पणियों के जरिए बेरोजगारी, पेपर लीक और शिक्षा व्यवस्था जैसे मुद्दों को उठाना शुरू किया. सोशल मीडिया पर यह अभियान खास तौर पर 90s के मिलेनियल्स और 2000s के जेन-जी के बीच तेजी से लोकप्रिय हुआ. बताया गया कि इंस्टाग्राम पर इस प्लेटफॉर्म के 2.2 करोड़ से ज्यादा फॉलोअर्स हो चुके हैं. ये भी पढ़ें:- ट्विशा शर्मा केस : सुप्रीम कोर्ट ने कहा- दोनों पक्ष मीडिया में बयान न दें, बोले सॉलिसिटर जनरल- इससे अच्छा बेटी का तलाक हो जाए वेबसाइट हटने के बाद संस्थापक का बड़ा आरोप शनिवार को ‘Cockroach Janta Party’ की वेबसाइट बंद कर दी गई. इसके बाद संगठन के संस्थापक अभिजीत दीपके ने सोशल मीडिया एक्स पर प्रशासन पर ‘तानाशाही रवैया’ अपनाने का आरोप लगाया. दिपके ने दावा किया कि उन्हें जान से मारने की धमकियां भी मिलीं. उन्होंने आरोप लगाया कि परीक्षा घोटालों और गड़बड़ियों के खिलाफ कार्रवाई करने के बजाय प्रशासन व्यंग्यात्मक आंदोलन को निशाना बना रही है. बैकअप सोशल मीडिया अकाउंट्स के जरिए साझा किए गए पोस्ट में दावा किया गया कि यह आंदोलन एक हफ्ते के भीतर ’10 लाख रजिस्टर्ड Cockroaches’ का आंकड़ा पार कर चुका है. The post कॉकरोच टिप्पणी और ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ पर बढ़ा विवाद, CJI सूर्यकांत बोले- इसे भावनात्मक मुद्दा न बनाएं, CBI जांच पर कही ये बात appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

शेयर बाजार में इस हफ्ते 3 दिन की छुट्टी, बकरीद पर बंद नहीं होगी ट्रेडिंग 

Stock Market Holiday: हिंदुस्तानीय शेयर बाजार के इन्वेस्टर्स के लिए यह हफ्ता काफी हलचल भरा रहने वाला है. अगर आप इस हफ्ते ट्रेडिंग करने की सोच रहे हैं, तो आपको छुट्टियों की लिस्ट और बाजार का ताजा हाल जरूर जान लेना चाहिए. इस सप्ताह बाजार में कामकाज के दिन कम होंगे, लेकिन सोमवार को बाजार ने जिस रफ्तार से शुरुआत की है, उसने इन्वेस्टर्स को गदगद कर दिया है.  मई के बचे हुए दिनों में बाजार कब-कब बंद रहेगा? इस हफ्ते शनिवार और रविवार की रेगुलर छुट्टी के अलावा एक और दिन शेयर बाजार में कामकाज नहीं होगा.  नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) के हॉलिडे कैलेंडर के मुताबिक, गुरुवार, 28 मई 2026 को ईद-उल-अजहा (बकरीद) के मौके पर शेयर बाजार पूरी तरह बंद रहेगा. इसका मतलब है कि मई के बचे हुए दिनों में वीकेंड मिलाकर कुल 3 दिन बाजार में कोई ट्रेडिंग नहीं होगी. सोमवार को मार्केट में इतनी तेजी क्यों आई? हफ्ते के पहले दिन यानी सोमवार (25 मई) को शेयर बाजार ने धमाकेदार शुरुआत की. सुबह के कारोबार में ही बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का सेंसेक्स 908.98 अंक उछलकर 76,317.85 पर पहुंच गया. वहीं, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी 262.65 अंक की बढ़त के साथ 23,977.70 के स्तर पर कारोबार कर रहा था. इस बड़ी तेजी की मुख्य वजह ग्लोबल मार्केट से मिले अच्छे संकेत और कच्चे तेल की कीमतों में आई भारी गिरावट है. अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत सुधरने की समाचारों से ब्रेंट क्रूड का भाव 5.58% टूटकर 97.76 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया, जो लंबे समय बाद 100 डॉलर के नीचे पहुंचा है.  किन कंपनियों के शेयर बढ़े और कौन से घटे? सोमवार की सुबह सेंसेक्स की टॉप कंपनियों में जबरदस्त खरीदारी देखने को मिली. मुनाफा कमाने वाले शेयर: महिंद्रा एंड महिंद्रा, एचडीएफसी बैंक, बजाज फाइनेंस, बजाज फिनसर्व, लार्सन एंड टुब्रो और इंटरग्लोब एविएशन (इंडिगो) के शेयरों में सबसे ज्यादा तेजी रही. गिरावट वाले शेयर: इस हरियाली के बीच टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) और सन फार्मा के शेयरों में सुस्ती देखी गई और ये नुकसान में रहे. एशियाई बाजारों की बात करें तो जापान का निक्की और चीन का शंघाई कंपोजिट बढ़त के साथ कारोबार कर रहे थे, जबकि हॉन्गकॉन्ग और साउथ कोरिया के बाजार छुट्टी के कारण बंद थे. आगे के लिए मार्केट एक्सपर्ट्स की क्या सलाह है? मार्केट एक्सपर्ट्स का मानना है कि कच्चे तेल का 100 डॉलर से नीचे आना हिंदुस्तानीय वित्तीय स्थिति और शेयर बाजार के लिए टर्निंग पॉइंट साबित हो सकता है. हालांकि, एक्सपर्ट्स ने इन्वेस्टर्स को थोड़ा सतर्क रहने की सलाह भी दी है. उनका कहना है कि अतीत में भी अमेरिका-ईरान डील को लेकर ऐसी उम्मीदें बनी थीं जो पूरी नहीं हो सकीं. इसलिए, जब तक इस डील को लेकर पूरी स्पष्टता नहीं आ जाती, बाजार में उतार-चढ़ाव पर नजर रखनी होगी.  ये भी पढ़ें: शेयर बाजार में बंपर तेजी, सेंसेक्स 800 और निफ्टी 23900 के पार The post शेयर बाजार में इस हफ्ते 3 दिन की छुट्टी, बकरीद पर बंद नहीं होगी ट्रेडिंग  appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

रामगढ़ : पतरातू में सिग्नलिंग केबल चोरी करते तीन गिरफ्तार, 20 मीटर रेलवे केबल बरामद

अजय तिवारी की रिपोर्ट  Patratu News: रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) पतरातू पोस्ट ने पतरातू गुड्स शेड की साइडिंग लाइन से सिग्नलिंग केबल चोरी करने के आरोप में तीन लोगों को गिरफ्तार किया है. गिरफ्तार आरोपियों के पास से करीब 20 मीटर लंबा 12 कोर रेलवे सिग्नलिंग केबल बरामद किया गया है, जिसकी कीमत लगभग दो हजार रुपये बताई गई है. सौंदा बगीचा से तीन आरोपी गिरफ्तार गिरफ्तार आरोपियों में सौंदा बगीचा निवासी मोहन डे (50 वर्ष), राहुल कुमार (18 वर्ष) और गौतम कुमार (20 वर्ष) शामिल हैं. रेलवे सिग्नलिंग केबल चोरी का मामला उजागर आरपीएफ पतरातू पोस्ट के अनुसार, 23 मई की रात करीब आठ बजे पतरातू प्वाइंट संख्या 305 के पास स्थित लोकेशन बॉक्स से 2×12 कोर सिग्नलिंग केबल काटकर चोरी कर ली गई थी. मामले की जानकारी मिलने के बाद विभाग द्वारा 24 मई को ज्वाइंट नोट तैयार किया गया. तलाशी में बरामद हुआ 20 मीटर केबल, जांच जारी बताया गया कि शनिवार को जांच के दौरान आरपीएफ टीम पतरातू बस्ती क्षेत्र से लौट रही थी. इसी दौरान ईस्ट केबिन के पास तीन लोगों को जूट की बोरी में भारी सामान ले जाते देखा गया. संदेह होने पर टीम ने तीनों को घेरकर पकड़ लिया. तलाशी लेने पर बोरी से तीन टुकड़ों में करीब 20 मीटर रेलवे सिग्नलिंग केबल बरामद हुआ. पूछताछ में आरोपियों ने किया खुलासा, मामला दर्ज कर जांच जारी पूछताछ में तीनों आरोपियों ने स्वीकार किया कि पैसे के लालच में उन्होंने 23 मई की रात केबल काटकर पास के टूटे केबिन में छिपा दिया था और शनिवार दोपहर उसे बेचने के लिए ले जा रहे थे. आरोपियों के पास रेलवे संपत्ति ले जाने संबंधी कोई वैध दस्तावेज नहीं मिला. इस संबंध में उप-निरीक्षक प्रवीण कुमार की लिखित शिकायत पर कांड संख्या-05/2026 दर्ज करते हुए धारा-3 आरपी(यूपी) एक्ट एवं रेलवे अधिनियम की धारा 147 के तहत मामला दर्ज किया गया है. बताया गया कि सिग्नलिंग केबल कटने से ट्रेन परिचालन में बड़ी बाधा उत्पन्न हो सकती थी. यह भी पढ़ें : बाबा दरबार पहुंचीं झरिया विधायक, कहा : राज्य में विकास कार्यों पर लगा ब्रेक यह भी पढ़ें : Deoghar News : मथुरापुर में सात घंटे का रेलवे ट्रैफिक ब्लॉक, आठ ट्रेनें रद्द, कई घंटों विलंब से चलीं The post रामगढ़ : पतरातू में सिग्नलिंग केबल चोरी करते तीन गिरफ्तार, 20 मीटर रेलवे केबल बरामद appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

JDU MLA अनंत सिंह को कोर्ट से राहत, वायरल अश्लील वीडियो के मामले में गिरफ्तारी पर रोक

Anant Singh: (गोपालगंज से सत्येंद्र पांडेय की रिपोर्ट)मोकामा के जेडीयू विधायक अनंत सिंह और सिंगर गुंजन सिंह पर दर्ज एफआईआर मामले में आज सुनवाई हुई. इसके बाद अनंत सिंह को राहत मिली है. एमपी-एमएलए स्पेशल कोर्ट ने विधायक अनंत सिंह की गिरफ्तारी पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दिया है. लेकिन सिंगर गुंजन सिंह और अन्य को राहत नहीं मिली. अब इस मामले में 30 मई को अगली सुनवाई होगी. कोर्ट में सुनवाई के दौरान क्या-क्या हुआ? सुनवाई के दौरान कोर्ट में वायरल वीडियो को देखा गया. इतना ही नहीं, कोर्ट में गुंजन सिंह का गाना ‘जजवे के खरीद लेब’ को भी दिखया गया. लेकिन इस गाने के पुराना होने की बात कही गई. कोर्ट के समक्ष बचाव पक्ष से पटना हाइकोर्ट के वकील कुमार हर्षवर्द्धन, वरीय अधिवक्ता राजेश पाठक ने पक्ष रखते हुए कहा कि वायरल वीडियो को देखने से स्पष्ट है कि विधायक अनंत सिंह का कोई दोष नहीं है. कोर्ट में वकील ने यह भी बताया कि नेतृत्वक षड्यंत्र के तहत उन पर प्राथमिक दर्ज कराई गई है. वीडियो के साथ छेड़छाड़ भी किया गया है. वीडियो में कहीं भी अश्लील मुजरा नहीं दिख रहा है. अश्लील गीत के साथ जिस वीडियो को वायरल किया गया, वहां अनंत सिंह थे भी नहीं. उनकी गिरफ्तारी पर रोक लगाने की मांग की गई. जबकि अभियोजन पक्ष से जिला लोक अभियोजक देव वंश गिरी उर्फ भानु गिरी ने कोर्ट को बताया कि मीरगंज थाना इलाके के सेमराव गांव में कुख्यात रहे गुड्डू राय के घर जनेऊ के कार्यक्रम में अनंत सिंह अपने समर्थकों के साथ पहुंचे थे. उनके साथ गायक गुंजन सिंह भी थे. 2 और 3 मई को वीडियो हुआ था वायरल पुलिस के अनुसार, 2 और 3 मई को सोशल मीडिया पर हथियार प्रदर्शन का वीडियो वायरल हुआ था. वीडियो में प्रतिबंधित हथियार होने की आशंका जताई है. जिसकी जांच अभी पुलिस कर रही है. अभियोजन की तरफ से कोर्ट को यह भी बताया गया कि वायरल वीडियो को एफएसएल जांच के लिए भेजा गया है, ताकि वीडियो और हथियारों की प्रामाणिकता की पुष्टि हो सके. 9 लोगों के खिलाफ केस दर्ज दोनों पक्षों की दलीलों को सुनने के बाद विधायक अनंत सिंह को राहत दिया. जबकि गायक गुंजन सिंह को किसी तरह की राहत देने से कोर्ट ने इनकार कर दिया. इस मामले में मीरगंज थाने में विधायक अनंत सिंह समेत 9 लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है. Also Read: लालू प्रसाद के पोते के बर्थडे का इनविटेशन कार्ड चर्चा में, शिशु का नाम लिखा ‘इराज लालू यादव’ The post JDU MLA अनंत सिंह को कोर्ट से राहत, वायरल अश्लील वीडियो के मामले में गिरफ्तारी पर रोक appeared first on Naya Vichar.

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.

About Us

नयाविचार एक आधुनिक न्यूज़ पोर्टल है, जो निष्पक्ष, सटीक और प्रासंगिक समाचारों को प्रस्तुत करने के लिए समर्पित है। यहां राजनीति, अर्थव्यवस्था, समाज, तकनीक, शिक्षा और मनोरंजन से जुड़ी हर महत्वपूर्ण खबर को विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण के साथ प्रस्तुत किया जाता है। नयाविचार का उद्देश्य पाठकों को विश्वसनीय और गहन जानकारी प्रदान करना है, जिससे वे सही निर्णय ले सकें और समाज में सकारात्मक बदलाव ला सकें।

Quick Links

Who Are We

Our Mission

Awards

Experience

Success Story

© 2025 Developed By Socify

Scroll to Top