Hot News

ताजा ख़बर

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

परिसीमन के विरोध में रांची के मोरहाबादी में जुटे 1 लाख लोग, आदिवासी महाजुटान में गूंजी एकता की आवाज

रांची से नवीन शर्मा की रिपोर्ट Adiwasi Mahajutan on Delimitaion: केंद्र प्रशासन की ओर से प्रस्तावित परिसीमन के विरोध में राजधानी रांची के मोरहाबादी मैदान में रविवार को आदिवासी एकता महाजुटान रैली का आयोजन किया गया. पूर्व मंत्री बंधु तिर्की के नेतृत्व में आयोजित इस महाजुटान में झारखंड के विभिन्न जिलों से करीब एक लाख आदिवासी समाज के लोगों के पहुंचने का दावा किया जा रहा है. सुबह से ही अलग-अलग जिलों से लोगों के रांची पहुंचने का सिलसिला जारी रहा. कार्यक्रम में स्त्रीएं, बुजुर्ग, युवा और शिशु तक शामिल हुए. प्रस्तावित परिसीमन पर चिंतित दिखा आदिवासी समाज मंच से सबसे बड़ा मुद्दा प्रस्तावित परिसीमन को लेकर आदिवासी समाज की चिंता रही. महाजुटान में कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष केशव महतो कमलेश, प्रभारी के. राजू, रामेश्वर उरांव, मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की, सुबोध कांत सहाय, सुखदेव भगत, विधायक राजेश कच्छप, नमन विक्सल कोंगाड़ी और ऑल इंडिया आदिवासी कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ विक्रांत भूरिया समेत कई नेता मौजूद रहे. चंदा कर आए लोग, मजदूरी छोड़ महाजुटान में शामिल मोरहाबादी मैदान में जुटी भीड़ में सिर्फ नेतृत्वक कार्यकर्ता ही नहीं, बल्कि गांवों और आदिवासी इलाकों से आए आम लोग भी नजर आए. कई बुजुर्ग स्त्रीओं ने बताया कि वे चंदा इकट्ठा कर रांची पहुंची हैं. कुछ लोगों ने कहा कि उन्होंने एक दिन की दिहाड़ी छोड़कर महाजुटान में हिस्सा लिया, क्योंकि यह उनके समाज और आने वाली पीढ़ियों के अधिकार से जुड़ा सवाल है. कई स्त्रीएं अपने साथ खाना-पानी लेकर पहुंचीं. मैदान में बैठकर रोटी खाते हुए भी स्त्रीएं नजर आईं. इसका मतलब यह कि आदिवासी महाजुटान सिर्फ नेतृत्वक मंच नहीं, बल्कि आदिवासी समाज के एक बड़े वर्ग की चिंता और भागीदारी का प्रदर्शन भी बना. आखिर परिसीमन को लेकर झारखंड में इतनी चिंता क्यों? परिसीमन का मतलब लोकसभा और विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रों की सीमाओं और सीटों का नए सिरे से निर्धारण करना है. संविधान के अनुच्छेद 82 के तहत जनगणना के बाद संसद कानून बनाकर परिसीमन की प्रक्रिया शुरू कर सकती है. इसके लिए केंद्र प्रशासन परिसीमन आयोग गठित करती है. आयोग जनसंख्या, भौगोलिक स्थिति, प्रशासनिक सीमाओं, संचार सुविधा और जनसुविधा जैसे पहलुओं को ध्यान में रखकर निर्वाचन क्षेत्रों का निर्धारण करता है. झारखंड में कैसा है सीटों का वर्तमान परिसीमन झारखंड में मौजूदा लोकसभा और विधानसभा क्षेत्रों का ढांचा पुराने परिसीमन के आधार पर है. आदिवासी समाज की चिंता खास तौर पर एसटी आरक्षित सीटों को लेकर है. फिलहाल झारखंड विधानसभा में 28 सीटें अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित हैं, जबकि लोकसभा में 5 सीटें एसटी आरक्षित हैं. क्या है आदिवासी संगठनों का तर्क आदिवासी संगठनों का तर्क है कि अगर भविष्य में केवल जनसंख्या के अनुपात को आधार बनाकर सीटों और निर्वाचन क्षेत्रों का पुनर्गठन किया गया, तो आदिवासी बहुल क्षेत्रों के नेतृत्वक प्रतिनिधित्व पर असर पड़ सकता है. उनका कहना है कि परिसीमन में सिर्फ जनसंख्या ही नहीं, बल्कि आदिवासी बहुल क्षेत्रों की विशेष परिस्थितियों, ऐतिहासिक विस्थापन और संवैधानिक संरक्षणों को भी ध्यान में रखा जाना चाहिए. क्या अनुच्छेद 342 में बदलाव की है जरूरत मंच से यह संदेश भी दिया गया कि अगर संविधान के अनुच्छेद 342 में बदलाव की जरूरत महसूस होती है, तो उसके लिए संविधान संशोधन का रास्ता अपनाया जाना चाहिए. नेताओं ने आरोप लगाया कि कुछ ताकतें झारखंड की नेतृत्व के आदिवासी केंद्रित स्वरूप को कमजोर करना चाहती हैं। ‘अब नहीं तो कभी नहीं’ का नारा मोरहाबादी मैदान से आदिवासी समाज ने साफ संदेश देने की कोशिश की कि परिसीमन को केवल सीटों के पुनर्गठन के रूप में नहीं देखा जा सकता. उनके लिए यह नेतृत्वक प्रतिनिधित्व, जमीन, पहचान और संवैधानिक अधिकारों से जुड़ा सवाल है. इसीलिए महाजुटान में ‘अब नहीं तो कभी नहीं’ का नारा गूंजा. दिहाड़ी छोड़कर पहुंचे मजदूर हों या चंदा जुटाकर बुजुर्ग स्त्रीएं रांची पहुंची. मोरहाबादी का यह जुटान बताता है कि परिसीमन का मुद्दा अब झारखंड में सिर्फ नेतृत्वक दलों के मंच तक सीमित नहीं रहना चाहता, बल्कि आदिवासी समाज के बीच भी इसे अपने भविष्य और नेतृत्वक हिस्सेदारी के सवाल के तौर पर देखा जा रहा है. क्या झारखंड में घटेंगी एसटी सीटें? हालांकि, यह भी महत्वपूर्ण है कि परिसीमन के बाद झारखंड में एसटी सीटें निश्चित रूप से घटेंगी, ऐसा अभी कोई अंतिम फैसला नहीं हुआ है. मौजूदा प्रस्तावित मॉडल और उपलब्ध आंकड़ों के आधार पर सीटों में बदलाव का आकलन किया जा रहा है. 2011 की जनगणना के आधार पर एक संसदीय मॉडल में झारखंड की लोकसभा सीटें 14 से बढ़कर 15 होने का अनुमान लगाया गया था. केंद्र प्रशासन ने परिसीमन के लिए क्या किया? परिसीमन को लेकर केंद्र प्रशासन ने अप्रैल 2026 में बड़ा विधायी कदम उठाया था. प्रशासन ने लोकसभा में तीन संबंधित विधेयक पेश किए. इनमें संविधान (131वां संशोधन) विधेयक-2026, परिसीमन विधेयक-2026 और केंद्र शासित प्रदेश कानून (संशोधन) विधेयक-2026 शामिल हैं. इसे भी पढ़ें: “विदेश से आने वाले पैसे से क्यों डर रही प्रशासन..” अखिलेश यादव ने FCRA-परिसीमन बिल पर BJP को घेरा 543 से बढ़कर 816 होंगी लोकसभा की सीटें प्रस्तावित व्यवस्था में लोकसभा की मौजूदा 543 सीटों की संख्या बढ़ाकर करीब 816 सीट किए जाने का मॉडल सामने रखा गया था. प्रशासन का तर्क था कि इससे सभी राज्यों की सीटें बढ़ेंगी और ‘एक व्यक्ति, एक वोट, एक मूल्य’ के सिद्धांत को मजबूत किया जाएगा. केंद्र की ओर से यह भी कहा गया कि 2029 तक होने वाले चुनाव मौजूदा सीटों और व्यवस्था के तहत ही होंगे. इसे भी पढ़ें: परिसीमन से क्या आदिवासी सीटों का होगा नुकसान? निशा उरांव ने आदिवासी महाजुटान पर उठाए सवाल The post परिसीमन के विरोध में रांची के मोरहाबादी में जुटे 1 लाख लोग, आदिवासी महाजुटान में गूंजी एकता की आवाज appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

इंडियाज गॉट लेटेंट में समय राणा और शेरोन वर्मा के बीच क्या हुआ, जिससे बिहारी-कश्मीरी पर छिड़ा विवाद?

मजाक की भी कोई सीमा होनी चाहिए या नहीं? अगर नहीं, तो क्या सिर्फ इसलिए कि मंच कॉमेडी का है, कोई संदर्भ, शब्द या किसी मुद्दे पर कुछ भी बोला जा सकता है? और क्या उसे सिर्फ मजाक कहकर जिम्मेदारी से बचा जा सकता है? यह सवाल एक बार फिर से सोशल मीडिया पर खूब उछल रहा है. दरअसल, कॉमेडियन समय राणा एक बार फिर चर्चा में हैं और इस बार फिर से वजह है उनका शो ‘इंडियाज गॉट लेटेंट’. शो के एक वायरल वीडियो क्लिप को लेकर विवाद शुरू हुआ है. यह मामला सिर्फ सोशल मीडिया तक सीमित नहीं है, बल्कि कई नेतृत्वक नेताओं ने भी इस पर आपत्ति जताई है. आखिर वीडियो में ऐसा क्या कहा गया कि सोशल मीडिया से लेकर नेतृत्वक गलियारों तक बात पहुंच गई? शेरोन वर्मा और समय राणा के बीच क्या हुआ? दरअसल, शो के दौरान समय राणा ने शेरोन वर्मा के बिहारी होने को लेकर मजाक किया. राणा ने कहा कि शेरोन इतनी बिहारी हैं कि उन्हें लगता है कि ‘इबोला’ का मतलब होता है कि किसी ने कुछ कहा, यानी ‘बोला’. इसके जवाब में शेरोन वर्मा ने समय राणा के कश्मीरी होने को लेकर ‘स्टोन’ शब्द का इस्तेमाल करते हुए पलटवार किया. शेरोन ने कहा, “समय इतना कश्मीरी है कि उसे ‘स्टोन’ (नशे में धुत होना) होना पसंद है. यह यहीं तक नहीं रूका. इसके बाद बातचीत आगे बढ़ी और समय राणा ने शोरोन को लेकर कहा कि “शेरोन वर्मा एक बिहारी है जो नौकरी की तलाश में मुंबई आई थीं और बिहारी अक्सर ऐसा करते हैं.” इस पर शेरोन ने इसका जवाब देते हुए कहा कि कम से कम उन्होंने अपना राज्य अपनी मर्जी से छोड़ा है. बातचीत का यह हिस्सा सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. देखिए वीडियो.. सोशल मीडिया पर क्यों मचा बवाल? वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर बवाल मचा हुआ है. वीडियो शेयर करते हुए यूजर अपनी प्रतिक्रिया दे रहे हैं. कुछ यूजर्स ने इसे दो कॉमेडियनों के बीच होने वाला सामान्य रोस्ट बता रहे हैं. उनका कहना था कि दोनों एक-दूसरे पर मजाक कर रहे थे और बातचीत का संदर्भ कॉमेडी तक सीमित है. जबकि कुछ लोगों ने बिहार और कश्मीर से जुड़े इन संदर्भों को संवेदनशील बता रहे हैं. नेताओं ने भी जताई आपत्ति यह विवाद इतना बढ़ गया कि आम यूजर के अलावा, कई राजनेताओं की भी प्रतिक्रियाएं सामने आईं हैं. बीजेपी विधायक राम कदम ने कश्मीरी पंडितों और धार्मिक भावनाओं को मजाक का विषय बनाए जाने पर आपत्ति जताई. उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोग विवादित बयान देकर प्रचार हासिल करने की कोशिश कर रहे हैं. शिवसेना (यूबीटी) नेता आनंद दुबे ने भी समय राणा की आलोचना की. उन्होंने कहा कि कॉमेडी अपनी जगह है, लेकिन जाति, राज्य और धर्म जैसे संवेदनशील मुद्दों को मजाक में शामिल करते समय सावधानी बरतनी चाहिए. बिहार प्रशासन में मंत्री मिथिलेश तिवारी ने इस तरह की टिप्पणियों को लेकर को लेकर कहा कि किसी समुदाय, राज्य या व्यक्ति को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी स्वीकार नहीं की जा सकती. शिवसेना नेता संजय निरुपम ने बिहार को लेकर की गई टिप्पणी पर असहमति जताई. उन्होंने कश्मीर से जुड़े मजाक को भी ठीक नहीं माना. हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि यह एक कॉमेडी का कार्यक्रम था और दोनों को माफ कर देना चाहिए. ये भी पढ़ें: VIDEO: अनजाने में पर्यटक के कैमरे में कैद हुआ ग्लेशियर टूटने का खौफनाक पल, नेपाल में तबाही की नई तस्वीर क्या कॉमेडी में भी होनी चाहिए एक सीमा? इस विवाद ने एक बार फिर कॉमेडी की आजादी और कॉमेडियन की जिम्मेदारी के बीच संतुलन का सवाल खड़ा किया है. कॉमेडी का मकसद लोगों को हंसाना और गंभीर मुद्दों को हल्के अंदाज में पेश करना हो सकता है, लेकिन जब मजाक किसी राज्य, समुदाय या लोगों की पहचान से जुड़ता है तो उसका असर अलग होता है. जैसा इस मामले में देखने को मिल रहा है. समय राणा और शेरोन वर्मा के बीच हुई बातचीत को कुछ लोग सिर्फ रोस्ट मान रहे हैं, जबकि कुछ लोगों को लगता है कि ऐसे विषयों पर कॉमेडियन को थोड़ा संभलकर बोलना चाहिए. The post इंडियाज गॉट लेटेंट में समय राणा और शेरोन वर्मा के बीच क्या हुआ, जिससे बिहारी-कश्मीरी पर छिड़ा विवाद? appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

प्रभात खबर ग्राउंड रिपोर्ट: बिहार से सटे नेपाल में धंसी सड़क, मुग्लिन-काठमांडू रोड बंद, बाढ़ और भूस्खलन के खतरे को लेकर हाई अलर्ट

Nepal Flash Flood: नेपाल में लगातार हो रही बारिश ने एक बार फिर मुश्किलें बढ़ा दी हैं. बाढ़ और भूस्खलन की घटनाओं के बीच अब कई प्रमुख सड़क मार्गों पर यातायात रोक दिया गया है. रसुवा से फिर बाढ़ और भूस्खलन की सूचना मिलने के बाद चितवन पुलिस प्रशासन ने नदी किनारे रहने वाले लोगों को अलर्ट किया है. हालात को देखते हुए नारायणगढ़ से काठमांडू, पोखरा और मुग्लिन जाने वाली गाड़ियों के पहिए थाम दिए गए हैं. इन इलाकों से नारायणगढ़ आने वाली गाड़ियों की आवाजाही भी अगले सूचना तक बंद रहेगी. ऐसे में इस समय इन प्रमुख रूटों पर सफर करने वालों के लिए रास्ता बंद है. इस जगह पर धंसी सड़क कृष्णभीर इलाके में त्रिशूली नदी में बारिश के बाद शनिवार की सुबह बढ़े जलस्तर से सड़क धंस जाने के कारण मुग्लिन-काठमांडू सड़क पर परिचालन एक बार फिर पूरी तरह से बंद हो गया है. बागमती प्रदेश ट्रैफिक प्रमुख डिल्ली नारायण पांडे ने सड़क धंसने और मार्ग के पूर्ण रूप से बंद होने की पुष्टि की है. सड़क अवरुद्ध होने के बाद इस महत्वपूर्ण मार्ग पर वाहनों की आवाजाही ठप हो गई है. संबंधित निकायों की ओर से स्थिति पर नजर रखी जा रही है. पहाड़ी इलाकों में लगातार बारिश के बीच सड़क पर मलबा आने और जमीन खिसकने का खतरा भी बना हुआ है. यात्रियों और मालवाहकों की बढ़ेगी परेशानी सड़क बंद होने का असर सिर्फ आम यात्रियों पर नहीं पड़ेगा. बल्कि काठमांडू, पोखरा और मुग्लिन की ओर जाने वाले बस, कार, ट्रक और अन्य मालवाहक गाड़ियों को भी रुकना पड़ेगा. इससे यात्रा प्रभावित होने के साथ जरूरी सामान की आवाजाही पर भी असर पड़ सकता है. प्रशासन ने जारी किया अलर्ट चितवन पुलिस ने सोशल मीडिया के जरिए लोगों को स्थिति की जानकारी दी है. पुलिस ने लोगों से अपील की है कि जरूरी काम के बिना जोखिम वाले रास्तों पर यात्रा न करें. यात्रा से पहले मार्ग की ताजा स्थिति की जानकारी लेना बेहद जरूरी बताया गया है. फिलहाल, नारायणगढ़-काठमांडू, पोखरा और मुग्लिन रूट पर यातायात अगली सूचना तक बंद है. मार्ग खोलने का फैसला हालात की समीक्षा के बाद लिया जाएगा. लोगों से अपनी और परिवार की सुरक्षा को प्राथमिकता देने की अपील की गई है. बिहार के इन जिलों में अलर्ट नेपाल में हो रही लगातार बारिश की वजह से बिहार में खतरा बना हुआ है. राज्य की नदियों का जलस्तर खतरे के निशान के आसपास रह रहा है. कुछ नदियों का जलस्तर घटा है, लेकिन खतरा टला नहीं है. कई इलाकों में प्रभावित लोगों को सुरक्षित जगह तक पहुंचाया गया है. दियारा इलाके में रह रहे लोगों से सावधानी बरतने की अपील की गई है. बिहार के 5 जिलों पूर्वी चंपारण, पश्चिम चंपारण, सीतामढ़ी, गोपालगंज और भागलपुर जिले में खासकर निगरानी की जा रही है. Also Read: 1692 करोड़ की लागत से मुजफ्फरपुर से महुआ तक बनेगी नई रेल लाइन, 60KM लंबा बिछेगा रेलवे ट्रैक The post नया विचार ग्राउंड रिपोर्ट: बिहार से सटे नेपाल में धंसी सड़क, मुग्लिन-काठमांडू रोड बंद, बाढ़ और भूस्खलन के खतरे को लेकर हाई अलर्ट appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

NEET-PG 2026: नीट की परीक्षा में फिर हुआ लोचा, जयपुर में सर्वर ने दिया धोखा, तकनीकी गड़बड़ी के बाद सेंटर पर हंगामा

NEET-PG 2026 की परीक्षा रविवार को जयपुर के सीतापुरा स्थित परीक्षा केंद्र पर तकनीकी गड़बड़ी के कारण प्रभावित हो गई. सुबह 9 बजे परीक्षा शुरू होनी थी, लेकिन सर्वर और कंप्यूटर सिस्टम में आई समस्या के चलते सभी अभ्यर्थी सामान्य तरीके से परीक्षा शुरू नहीं कर सके. कुछ उम्मीदवारों के कंप्यूटर खुल गए, जबकि कुछ के सिस्टम काम नहीं कर रहे थे. इसके बाद परीक्षा केंद्र पर अभ्यर्थियों में नाराजगी बढ़ गई. कुछ के सिस्टम चले, कुछ करते रहे इंतजार अभ्यर्थियों के मुताबिक, परीक्षा शुरू होने के समय ही तकनीकी परेशानी सामने आई. कुछ कंप्यूटर पर परीक्षा खुल गई, जबकि दूसरे कंप्यूटर पर सिस्टम काम नहीं कर रहा था. इससे अभ्यर्थियों के बीच असमंजस की स्थिति बन गई. परीक्षा के लिए लंबे समय से तैयारी कर रहे उम्मीदवारों ने तकनीकी खामी को लेकर नाराजगी जताई. ये भी पढ़ें: झारखंड में अब परीक्षा माफिया पर कसेगा शिकंजा, पेपर लीक मामलों के लिए बनी विशेष अदालत मौके पर पहुंची पुलिस, अभ्यर्थियों से बातचीत मामले की सूचना मिलने के बाद पुलिस अधिकारी भी परीक्षा केंद्र पहुंचे. ACP ललित शर्मा ने बताया कि उन्हें सर्वर के ठीक से काम नहीं करने की सूचना मिली थी. उन्होंने कहा कि कुछ कंप्यूटर चल रहे थे, जबकि कुछ नहीं खुल रहे थे, जिसके कारण परीक्षा सामान्य रूप से आगे नहीं बढ़ सकी. ACP के मुताबिक, पुलिस अभ्यर्थियों से बातचीत कर उन्हें समझाने की कोशिश कर रही है. साथ ही परीक्षा आयोजित कराने वाली एजेंसी के उच्च अधिकारियों से भी बातचीत की जा रही है, ताकि मामले का उचित समाधान निकाला जा सके. ये भी पढ़ें: नीट पीजी परीक्षा को लेकर चास में निषेधाज्ञा लागू, केंद्रों के 300 मीटर दायरे में भीड़ पर रोक 9 बजे से 12:30 बजे तक होनी थी परीक्षा NEET-PG 2026 परीक्षा देशभर में कंप्यूटर आधारित मोड में आयोजित की जा रही है. परीक्षा का निर्धारित समय सुबह 9 बजे से दोपहर 12:30 बजे तक थी. जयपुर में परीक्षा के लिए 15 केंद्र बनाए गए थे. फिलहाल सीतापुरा केंद्र पर प्रभावित अभ्यर्थी परीक्षा को लेकर परीक्षा एजेंसी के अगले फैसले का इंतजार कर रहे हैं. NEET-UG पेपर लीक विवाद के बाद अभ्यर्थियों की आत्महत्या के मामलों और परीक्षा व्यवस्था को लेकर देशभर में सवाल उठे. इसके बाद जंतर-मंतर पर युवाओं ने बड़ा प्रदर्शन किया और तत्कालीन शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की. इन घटनाओं के बीच अब NEET-PG 2026 के दौरान जयपुर में हुई तकनीकी गड़बड़ी ने एक बार फिर परीक्षा की पारदर्शिता और व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं. The post NEET-PG 2026: नीट की परीक्षा में फिर हुआ लोचा, जयपुर में सर्वर ने दिया धोखा, तकनीकी गड़बड़ी के बाद सेंटर पर हंगामा appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

Video: ताशकंद में पीएम मोदी का योगा सेशन, वीडियो शेयर कर कहा- योग को खूब पसंद करते हैं उज्बेक

PM Modi in Uzbekistan: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार (30 अगस्त) को ताशकंद में आयोजित एक योग कार्यक्रम में हिस्सा लिया. यह कार्यक्रम उज़्बेकिस्तान योग महासंघ की ओर से आयोजित किया गया था. पीएम मोदी ने कार्यक्रम की झलकियां सोशल मीडिया पर भी साझा कीं. उन्होंने कहा कि उज्बेकिस्तान के लोगों में योग को लेकर खास उत्साह और लगाव देखने को मिलता है. ताशकंद में योग कार्यक्रम में पहुंचे पीएम मोदी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने दो दिवसीय उज्बेकिस्तान दौरे पर ताशकंद पहुंचे हैं. इसी दौरान उन्होंने योग कार्यक्रम में हिस्सा लिया. कार्यक्रम में स्थानीय लोगों और योग प्रेमियों ने भी भाग लिया. क्रिस्टीना बोलीं- इससे दोनों देश और करीब आएंगे ताशकंद में योग कार्यक्रम के बाद स्थानीय निवासी क्रिस्टीना ने इसे खास अनुभव बताया. उन्होंने कहा कि पीएम मोदी जैसी बड़ी हस्ती के साथ योग करना शानदार रहा. क्रिस्टीना के मुताबिक, योग हिंदुस्तान और उज़्बेकिस्तान के रिश्तों को नए स्तर तक ले जा सकता है. उन्होंने कहा कि इससे दोनों देश और करीब आएंगे और आपसी दोस्ती मजबूत होगी. हिंदुस्तान की सॉफ्ट पावर के रूप में योग प्रधानमंत्री मोदी पहले भी योग को हिंदुस्तान की सॉफ्ट पावर का अहम हिस्सा बता चुके हैं. स्वतंत्रता दिवस के अपने संबोधन में उन्होंने योग, हस्तशिल्प, फिल्म, एनिमेशन, गेमिंग और डिजिटल कंटेंट जैसी चीजों को हिंदुस्तान की बढ़ती सॉफ्ट पावर से जोड़ा था. पीएम मोदी ने साझा कीं यात्रा की झलकियां प्रधानमंत्री मोदी ने ताशकंद पहुंचने के बाद मिले स्वागत और अपने कार्यक्रमों की तस्वीरें भी शेयर कीं हैं. उन्होंने यांगी उज्बेकिस्तान स्मारक पर पुष्पांजलि अर्पित की. हिंदुस्तानीय समुदाय के लोगों से भी मुलाकात की. इस दौरान पारंपरिक नृत्य और सांस्कृतिक प्रस्तुतियां भी हुईं. हिंदुस्तान-उज्बेकिस्तान संबंधों पर भी फोकस प्रधानमंत्री मोदी की इस यात्रा का मकसद हिंदुस्तान और उज्बेकिस्तान के बीच रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करना है. पीएम मोदी और उज्बेकिस्तान के राष्ट्रपति शावकत मिर्ज़ियोयेव के बीच प्रतिनिधिमंडल स्तर की वार्ता भी होनी है. इसमें व्यापार, निवेश, रक्षा, ऊर्जा, शिक्षा और डिजिटल कनेक्टिविटी जैसे मुद्दों पर चर्चा होगी. पीएम मोदी की चौथी उज्बेकिस्तान यात्रा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की यह उज्बेकिस्तान की चौथी यात्रा है. इससे पहले भी वह अलग-अलग मौकों पर इस मध्य एशियाई देश का दौरा कर चुके हैं. Also Read: मन की बात: PM मोदी बोले- नशामुक्ति पर कंटेंट बनाएं युवा, तिरंगे के साथ आईं 8 करोड़ सेल्फी The post Video: ताशकंद में पीएम मोदी का योगा सेशन, वीडियो शेयर कर कहा- योग को खूब पसंद करते हैं उज्बेक appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

Ganesh Utsav 2026: गणेश उत्सव में भगवान की पूजा में जरूरी हैं ये 7 नियम, जानें तारीख और मुहूर्त

Ganesh Utsav 2026 Puja Niyam: पंचांग के अनुसार, इस साल गणेश उत्सव 14-24 सितंबर तक चलने वाला है. दस दिनों के गणेश उत्सव के दौरान प्रथम पूज्य गणपति की विशेष पूजा-अर्चना की जाती है. मान्यता है कि इस दौरान विधि-विधान से गणपति का पूजन करने से उनकी विशेष कृपा प्राप्त होती है. साथ ही भगवान गणेश की कृपा से जीवन की विघ्न-बाधाएं दूर होती हैं. शास्त्रों के अनुसार भगवान गणेश की पूजा में कुछ बातों का खास ध्यान रखा जाता है. कब से कब तक है गणेश उत्सव 2026? धार्मिक मान्यता का अनुसार, गणेश उत्सव की शुरुआत भाद्रपद यानी भादो शुक्ल चतुर्थी तिथि से होती है. जबकि इसका समापन भाद्रपद शुक्ल चतुर्दशी (यानी अनंत चतुर्दशी) के दिन होता है. हिंदू पंचांग के अनुसार, इस भाद्रपद शुक्ल चतुर्दशी तिथि की शुरुआत 14 को सुबह 7 बजकर 06 मिनट से हो रही है. वहीं, भाद्रपद शुक्ल चतुर्दशी तिथि की समाप्ति 25 सितंबर को रात 11 बजकर 06 मिनट पर होगी. भगवान गणेश की प्रतिमा का विसर्जन 25 सितंबर को किया जाएगा. स्थानीय समय के अनुसार, चतुर्दशी तिथि के आरंभ और प्रतिमा विसर्जन के समय में कुछ मिनट का अंतर हो सकता है. गणेश चतुर्दशी 2026 शुभ मुहूर्त पंचांग के अनुसार, गणेश चतुर्थी के दिन पूजन का शुभ मुहूर्त सुबह 11 बजकर 02 मिनट से दोपहर 1 बजकर 31 मिनट तक रहेगा. यानी इस साल गणेश चतुर्थी पर मध्याह्न की पूजा के लिए 2 घंटे 28 मिनट का समय मिलेगा. हालांकि, स्थानीय समय के अनुसार, शुभ मुहूर्त में कुछ मिनटों का अंतर हो सकता है. ये भी पढ़ें: Kajari Teej 2026 Vrat Rules: कजरी तीज पूजा के दौरान न करें ये गलतियां, रुष्ट हो सकती हैं माता पार्वती मूर्ति से जुड़े नियम धर्मशास्त्र के अनुसार, गणेश उत्सव के दौरान भगवान गणेश की पूजा के लिए पूजा स्थल पर मिट्टी की मूर्ति की स्थापना सबसे अच्छा माना गया है. इसके अलावा धातु की मूर्ति या तस्वीर लगाकर भी पूजन किया जा सकता है. मिट्टी की मूर्ति या तस्वीर लेते वक्त इस बात का ध्यान रखना चाहिए कि उसमें गणेश जी की सूंड बाईं ओर हो. शास्त्रों में गणेश जी की वामावर्ती (बाईं ओर मुड़ा हुआ) सूंड वाली मूर्ति या तस्वीर सबसे शुभ मानी गई है. कैसा होना चाहिए मूर्ति का स्वरूप? गणेश उत्सव पर गणेश की प्रतिमा या तस्वीर स्थापित करते वक्त इस बात का खास ध्यान रखना चाहिए कि उसमें गणपति का वाहन यानी चूहा और मोदक स्पष्ट रूप से नजर आए. शास्त्रीय नियम के अनुसार बैठी हुई मुद्रा में गणेश की प्रतिमा तस्वीर लगाना शुभ और मंगलकारी है. किस दिशा में स्थापित करें मूर्ति या तस्वीर? वास्तु नियम के मुताबिक, गणेश उत्सव के लिए भगवान गणेश की मूर्ति को पूर्व, उत्तर या पूर्व-उत्तर का कोण यानी ईशान में स्थापित करना चाहिए. इसके अलावा पूजन करने वाले का मुंह उत्तर की ओर होना शुभ माना गया है. गणेश जी को प्रिय फूल भगवान गणेश की पूजा में पीले या लाल रंग के फूलों का प्रयोग करना चाहिए. परंपरानुसार, इस दिन गुड़हल के फूल का प्रयोग करना उत्तम है. इसके अलावा गणपति की पूजा में दूर्वा (घास) को अनिवार्य रूप से शामिल करना चाहिए. शास्त्रों के अनुसार, दूर्वा के बिना गणेश जी की पूजा अधूरी मानी जाती है. वहीं, गणेश की पूजा में तुलसी के पत्तों का प्रयोग करने से बचना चाहिए. गणपति को किन चीजों का लगाएं भोग धर्म शास्त्र और धार्मिक परंपरा के अनुसार, भगवान गणेश की पूजा में मोदक को जरूर शामिल करना चाहिए. पौराणिक मान्यता के अनुसार, गणेश जी को मोदक अत्यंत प्रिय है. मोदक के अलावा आप भगवान गणेश को मोतीचूर के लड्डू का भोग भी लगा सकते हैं. ये भी पढ़ें: Sankashti Chaturthi 2026: कब है हेरंब संकष्टी चतुर्थी? जानें डेट, पूजा मुहूर्त और विधि आरती से जुड़े नियम आरती हमेशा खड़े होकर करना चाहिए. बाती रूई का होना चाहिए और उसमें घी या तिल के तेल का इस्तेमाल करना चाहिए. आरती की थाली को भगवान के चरणों में 4 बार, नाभि के पास 2 बार और चेहरे की तरफ एक बार घुमाना चाहिए. इस तरह कल 7 बार आरती की थाली को गोलाकार (बाएं से दाएं की ओर) घुमाना चाहिए. आरती के दौरान दोनों हाथों से ताली बजाना चाहिए. साथ ही घंटी भी बचाना चाहिए. आरती पूरा होने के बाद हाथ जल लेकर दीपक पर तीन बार घुमाना चाहिए. इसके बाद खुद आरती लें और दूसरों को के लिए आगे बढ़ा दें. The post Ganesh Utsav 2026: गणेश उत्सव में भगवान की पूजा में जरूरी हैं ये 7 नियम, जानें तारीख और मुहूर्त appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

Javagal Srinath Metro Viral Photo: न सिक्योरिटी, न तामझाम-मेट्रो में आम यात्री की तरह दिखे जवागल श्रीनाथ, फोटो वायरल

Javagal Srinath Metro Viral Photo: हिंदुस्तानीय क्रिकेट में एक दौर ऐसा था जब जवागल श्रीनाथ की तेज गेंदों से बल्लेबाजों के पसीने छूट जाते थे. लेकिन क्रिकेट से दूर अपनी जिंदगी में श्रीनाथ की पहचान आज भी बेहद सादगी भरी है. अब उनकी एक तस्वीर सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है, जिसमें वह बेंगलुरु मेट्रो में आम यात्रियों की तरह सफर करते नजर आ रहे हैं. तस्वीर सामने आने के बाद फैंस उनकी जमकर तारीफ कर रहे हैं. ट्रॉली बैग लेकर मेट्रो में खड़े दिखे पूर्व क्रिकेटर वायरल तस्वीर में श्रीनाथ हाथ में ट्रॉली बैग लिए मेट्रो में खड़े दिखाई दे रहे हैं. उन्होंने जींस और हल्के नीले रंग की शर्ट पहन रखी है. उनके साथ न कोई तामझाम नजर आ रहा है और न ही कोई खास इंतजाम. यही बात क्रिकेट फैंस को सबसे ज्यादा पसंद आई. सोशल मीडिया पर तस्वीर शेयर होते ही लोगों ने कहा कि इंटरनेशनल क्रिकेट स्पोर्ट्सने वाले इस दिग्गज का आम लोगों की तरह सफर करना उनकी सादगी दिखाता है. इसे भी पढ़े- Sunil Gavaskar Ravindra Jadeja no ball: जडेजा की नो-बॉल पर गावस्कर का खास सुझाव, गेंदबाज के साथ कोच पर भी लगे जुर्माना श्रीनाथ की गेंदों से कांपते थे बल्लेबाज आज मेट्रो में सादगी से सफर करते दिख रहे श्रीनाथ अपने दौर के हिंदुस्तान के प्रमुख तेज गेंदबाज थे. 1990 के दशक में वह हिंदुस्तानीय पेस अटैक की अगुवाई करते थे. उन्हें उनकी रफ्तार और उछाल के लिए खास तौर पर जाना जाता था. श्रीनाथ ने हिंदुस्तान के लिए 67 टेस्ट और 229 वनडे स्पोर्ट्से. उन्होंने 2003 में इंटरनेशनल क्रिकेट से संन्यास लिया और बाद में ICC के मैच रेफरी के रूप में अपनी दूसरी पारी शुरू की. पहले रेलवे स्टेशन पर भी वायरल हुई थी फोटो श्रीनाथ की सादगी की तस्वीर इससे पहले भी सोशल मीडिया पर लोगों का ध्यान खींच चुकी है. 2017 की एक तस्वीर 2022 में वायरल हुई थी, जिसमें वह मैसूर रेलवे स्टेशन पर ट्रेन का इंतजार करते नजर आए थे. उस तस्वीर में भी वह बिना किसी खास तामझाम के आम यात्री की तरह दिखाई दिए थे. इसे भी पढ़े- Dwayne Bravo Jersey Number 47 Retired: ड्वेन ब्रावो की No. 47 जर्सी हुई रिटायर, CPL में पहली बार हुआ ऐसा जवागल श्रीनाथ, एक्स फैंस बोले- स्टारडम आया, लेकिन ‘एटीट्यूड’ नहीं नई तस्वीर पर भी फैंस का रिएक्शन इसी बात को लेकर है. कई यूजर्स ने श्रीनाथ की विनम्रता और जमीन से जुड़े रहने की तारीफ की. सोशल मीडिया पर कुछ लोगों ने अपने अनुभव भी साझा किए और बताया कि श्रीनाथ को पहले भी आम लोगों की तरह सफर करते देखा गया है. The post Javagal Srinath Metro Viral Photo: न सिक्योरिटी, न तामझाम-मेट्रो में आम यात्री की तरह दिखे जवागल श्रीनाथ, फोटो वायरल appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

बदायूं से पाकिस्तान के लिए जासूसी करते थे पति-पत्नी, 8 भारतीय SIM मिलने से खुला पूरा राज

UP News: पाकिस्तान से जुड़े कथित जासूसी नेटवर्क की जांच में उत्तर प्रदेश के बदायूं का नाम सामने आने के बाद सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हो गई हैं. दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने सराय काले खां इलाके से बदायूं मूल के मोहम्मद साहिल और उसकी पत्नी समीरा को गिरफ्तार किया है. पुलिस का आरोप है कि दोनों लंबे समय से पाकिस्तान इंटेलिजेंस ऑपरेटिव्स के संपर्क में थे. जांच में हिंदुस्तानीय सिम कार्ड उपलब्ध कराने से लेकर डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए लोगों तक पहुंच बनाने के आरोप सामने आए हैं. दुबई बना कथित ट्रांजिट रूट, पाकिस्तान पहुंचे हिंदुस्तानीय मोबाइल नंबर पुलिस जांच में सामने आया है कि वर्ष 2024 और 2025 के दौरान आठ हिंदुस्तानीय सिम कार्ड दुबई के रास्ते पाकिस्तान भेजे गए. दिल्ली पुलिस का दावा है कि इन सिम कार्डों को भेजने के बदले दंपती को करीब 30 हजार रुपये मिले थे. पाकिस्तान पहुंचने के बाद इन्हीं हिंदुस्तानीय नंबरों पर व्हाट्सऐप अकाउंट बनाए जाने की बात भी जांच में सामने आई है. आशंका है कि इन हिंदुस्तानीय नंबरों का इस्तेमाल कर नेटवर्क से जुड़े लोग हिंदुस्तानीय ग्रुप्स और नागरिकों तक पहुंच बनाने की कोशिश कर रहे थे. बदायूं कनेक्शन ने जांच एजेंसियों के सामने खड़े किए नए सवाल दंपती के मूल रूप से बदायूं का निवासी होने के बाद अब जांच का दायरा जिले तक पहुंच गया है. एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि आरोपियों ने सिम कार्ड कहां और किसकी मदद से हासिल किए. फिलहाल बदायूं के किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन स्थानीय संपर्कों की जांच की जा रही है. पुलिस यह भी खंगाल रही है कि क्या दंपती ने किसी संगठित नेटवर्क के जरिए हिंदुस्तानीय सिम कार्ड जुटाए थे या फिर इसके पीछे कुछ अलग-अलग सहयोगियों की भूमिका थी. सेना से जुड़ी जानकारी तक पहुंच बनाने की कथित कोशिश जांच एजेंसियों के मुताबिक, यह मामला सिर्फ सिम कार्ड पाकिस्तान भेजने तक सीमित नहीं है. पुलिस का दावा है कि नेटवर्क से जुड़े लोग दिल्ली-एनसीआर के सैन्य छावनी क्षेत्रों और सेना से संबंधित जानकारियां जुटाने की कोशिश कर रहे थे. साहिल को कथित तौर पर ऐसे सैन्य कर्मियों से जुड़ी जानकारी एकत्र करने का काम दिए जाने की बात भी सामने आई है, जिनके कोर्ट मार्शल से संबंधित मामले ट्रिब्यूनल में लंबित थे. पुलिस इस एंगल से भी पूरे नेटवर्क की जांच कर रही है. इंस्टाग्राम से संपर्क, संदिग्ध चैट और अब नेटवर्क के बाकी चेहरों की तलाश पुलिस पूछताछ में कथित तौर पर सामने आया कि साहिल और समीरा वर्ष 2024 में इंस्टाग्राम के जरिए एक पाकिस्तानी एजेंट के संपर्क में आए थे. बाद में दोनों की शादी हुई और इसके बाद उन्हें पाकिस्तान इंटेलिजेंस ऑपरेटिव से जोड़े जाने का आरोप है. समीरा के पास से बरामद मोबाइल फोन में संदिग्ध चैट मिलने का भी पुलिस ने दावा किया है. अब दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल डिजिटल रिकॉर्ड, आर्थिक लेन-देन और दोनों के संपर्कों की जांच कर इस कथित नेटवर्क के अन्य चेहरों तक पहुंचने की कोशिश कर रही है. यह भी देखें: आखिर क्या हुआ की पुलिस खुद फंस गई कार्रवाई में, दरोगा समेत 5 सस्पेंड, आरोपी पकड़ने गुरुग्राम गई थी बिजनौर पुलिस The post बदायूं से पाकिस्तान के लिए जासूसी करते थे पति-पत्नी, 8 हिंदुस्तानीय SIM मिलने से खुला पूरा राज appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

बिहार से सटे नेपाल में धंसी सड़क, मुग्लिन-काठमांडू रोड बंद, बाढ़ और भूस्खलन के खतरे को लेकर हाई अलर्ट

Nepal Flash Flood: नेपाल में लगातार हो रही बारिश ने एक बार फिर मुश्किलें बढ़ा दी हैं. बाढ़ और भूस्खलन की घटनाओं के बीच अब कई प्रमुख सड़क मार्गों पर यातायात रोक दिया गया है. रसुवा से फिर बाढ़ और भूस्खलन की सूचना मिलने के बाद चितवन पुलिस प्रशासन ने नदी किनारे रहने वाले लोगों को अलर्ट किया है. हालात को देखते हुए नारायणगढ़ से काठमांडू, पोखरा और मुग्लिन जाने वाली गाड़ियों के पहिए थाम दिए गए हैं. इन इलाकों से नारायणगढ़ आने वाली गाड़ियों की आवाजाही भी अगले सूचना तक बंद रहेगी. ऐसे में इस समय इन प्रमुख रूटों पर सफर करने वालों के लिए रास्ता बंद है. इस जगह पर धंसी सड़क कृष्णभीर इलाके में त्रिशूली नदी में बारिश के बाद शनिवार की सुबह बढ़े जलस्तर से सड़क धंस जाने के कारण मुग्लिन-काठमांडू सड़क पर परिचालन एक बार फिर पूरी तरह से बंद हो गया है. बागमती प्रदेश ट्रैफिक प्रमुख डिल्ली नारायण पांडे ने सड़क धंसने और मार्ग के पूर्ण रूप से बंद होने की पुष्टि की है. सड़क अवरुद्ध होने के बाद इस महत्वपूर्ण मार्ग पर वाहनों की आवाजाही ठप हो गई है. संबंधित निकायों की ओर से स्थिति पर नजर रखी जा रही है. पहाड़ी इलाकों में लगातार बारिश के बीच सड़क पर मलबा आने और जमीन खिसकने का खतरा भी बना हुआ है. यात्रियों और मालवाहकों की बढ़ेगी परेशानी सड़क बंद होने का असर सिर्फ आम यात्रियों पर नहीं पड़ेगा. बल्कि काठमांडू, पोखरा और मुग्लिन की ओर जाने वाले बस, कार, ट्रक और अन्य मालवाहक गाड़ियों को भी रुकना पड़ेगा. इससे यात्रा प्रभावित होने के साथ जरूरी सामान की आवाजाही पर भी असर पड़ सकता है. प्रशासन ने जारी किया अलर्ट चितवन पुलिस ने सोशल मीडिया के जरिए लोगों को स्थिति की जानकारी दी है. पुलिस ने लोगों से अपील की है कि जरूरी काम के बिना जोखिम वाले रास्तों पर यात्रा न करें. यात्रा से पहले मार्ग की ताजा स्थिति की जानकारी लेना बेहद जरूरी बताया गया है. फिलहाल, नारायणगढ़-काठमांडू, पोखरा और मुग्लिन रूट पर यातायात अगली सूचना तक बंद है. मार्ग खोलने का फैसला हालात की समीक्षा के बाद लिया जाएगा. लोगों से अपनी और परिवार की सुरक्षा को प्राथमिकता देने की अपील की गई है. बिहार के इन जिलों में अलर्ट नेपाल में हो रही लगातार बारिश की वजह से बिहार में खतरा बना हुआ है. राज्य की नदियों का जलस्तर खतरे के निशान के आसपास रह रहा है. कुछ नदियों का जलस्तर घटा है, लेकिन खतरा टला नहीं है. कई इलाकों में प्रभावित लोगों को सुरक्षित जगह तक पहुंचाया गया है. दियारा इलाके में रह रहे लोगों से सावधानी बरतने की अपील की गई है. बिहार के 5 जिलों पूर्वी चंपारण, पश्चिम चंपारण, सीतामढ़ी, गोपालगंज और भागलपुर जिले में खासकर निगरानी की जा रही है. Also Read: 1692 करोड़ की लागत से मुजफ्फरपुर से महुआ तक बनेगी नई रेल लाइन, 60KM लंबा बिछेगा रेलवे ट्रैक The post बिहार से सटे नेपाल में धंसी सड़क, मुग्लिन-काठमांडू रोड बंद, बाढ़ और भूस्खलन के खतरे को लेकर हाई अलर्ट appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

Exclusive:‘भोजपुरी बवाल’ का असर! काजल राघवानी को Bigg Boss का ऑफर, एक्ट्रेस ने ठुकराया, बोलीं- ‘दाल-चावल के लिए किच-किच नहीं हो पाएगी’

भोजपुरी सिनेमा में इन दिनों ‘बवाल’ थमने का नाम नहीं ले रहा है. पर्दे पर अपनी अदाकारी से पहचान बनाने वाले भोजपुरी सितारे अब अपने बयानों और बेबाक अंदाज की वजह से सोशल मीडिया पर भी छाए हुए हैं. ‘भोजपुरी बवाल’ शो ने इस चर्चा को और हवा दे दी है. शो में कलाकारों के खुलासे और आपसी समीकरणों से जुड़े किस्सों ने सोशल मीडिया पर खूब सुर्खियां बटोरीं. अब लगता है कि इस बढ़ती लोकप्रियता पर Bigg Boss की टीम की भी नजर पड़ गई है. समाचार है कि ‘भोजपुरी बवाल’ के बाद भोजपुरी इंडस्ट्री के चर्चित चेहरों को Bigg Boss की टीम अप्रोच कर रही है. इसी सिलसिले में भोजपुरी अभिनेत्री काजल राघवानी को भी शो के लिए कॉल आया था. हालांकि, काजल ने इस ऑफर को स्वीकार करने से इनकार कर दिया है. ‘नया विचार’ से खास बातचीत में एक्ट्रेस ने खुद इसकी वजह बताई है. काजल राघवानी को आया Bigg Boss का कॉल काजल राघवानी ने ‘नया विचार’ को बताया कि Bigg Boss की टीम की ओर से उन्हें अप्रोच किया गया था. लेकिन फिलहाल वह दूसरे प्रोजेक्ट्स को लेकर पहले से कमिटेड हैं. ऐसे में उनके लिए Bigg Boss के घर में जाना संभव नहीं था. काजल ने कहा, “मुझे Bigg Boss के लिए कॉल आया था, लेकिन मैं दूसरे प्रोजेक्ट्स से पहले ही कमिटमेंट कर चुकी थी.” हालांकि, यह अकेली वजह नहीं है. काजल ने शो को मना करने की दूसरी वजह जिस अंदाज में बताई, वह काफी दिलचस्प है. ‘दाल-चावल के लिए किच-किच नहीं हो पाएगी’ Bigg Boss के घर में खाना और राशन हमेशा से विवाद का बड़ा मुद्दा रहा है. घर में दाल-चावल से लेकर सब्जी और राशन तक को लेकर कंटेस्टेंट्स के बीच खूब बहस देखने को मिलती है. काजल को शायद इसी ‘किच-किच’ से सबसे ज्यादा परहेज है. एक्ट्रेस ने मजाकिया अंदाज में कहा, “और शो का ना कहने का दूसरा कारण यही है कि मुझसे अब दाल-चावल के लिए किच-किच नहीं हो पाएगा.” काजल का यह जवाब भले ही मजाकिया हो, लेकिन यह Bigg Boss के घर के उस माहौल की ओर इशारा करता है जहाँ छोटी-छोटी बातें भी बड़े झगड़ों का रूप ले लेती हैं, और काजल शायद ऐसे विवादों से बचना चाहती हैं. भोजपुरी सितारों की बढ़ी डिमांड दरअसल, ‘भोजपुरी बवाल’ ने भोजपुरी इंडस्ट्री के कई चर्चित कलाकारों को एक बार फिर चर्चा के केंद्र में ला दिया है. शो में हुई बातचीत, कलाकारों के खुलासे और बेबाक बयानों के छोटे-छोटे वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुए. नतीजा यह हुआ कि भोजपुरी सितारों को लेकर सोशल मीडिया पर चर्चा अचानक तेज हो गई. इसका फायदा अब इंडस्ट्री और रियलिटी शो दोनों उठाना चाहते हैं. जिन कलाकारों की सोशल मीडिया पर चर्चा है, उनकी स्क्रीन प्रेजेंस और फैन फॉलोइंग को देखते हुए रियलिटी शो के मेकर्स भी उन्हें अपने शो का हिस्सा बनाने में दिलचस्पी दिखा रहे हैं. आम्रपाली दुबे के नाम की भी तेज चर्चा काजल राघवानी के Bigg Boss ऑफर के बीच भोजपुरी अभिनेत्री आम्रपाली दुबे का नाम भी तेजी से सामने आ रहा है. चर्चा है कि आम्रपाली को भी Bigg Boss के लिए अप्रोच किया जा सकता है या शो में उनकी एंट्री को लेकर बातचीत चल रही है. हालांकि, आम्रपाली दुबे के शो में जाने की बात अभी सिर्फ चर्चा है. न तो उन्होंने और न ही बिग बॉस की टीम ने इसकी पुष्टि की है. फिलहाल इतना जरूर है कि ‘भोजपुरी बवाल’ के बाद भोजपुरी सितारों की लोकप्रियता ने नया जोर पकड़ा है. काजल राघवानी को Bigg Boss का ऑफर मिलना इसी बढ़ती चर्चा का एक बड़ा संकेत माना जा सकता है. हालांकि, काजल ने इस बार Bigg Boss के घर की दाल-चावल वाली किच-किच से दूरी बना ली है. The post Exclusive:‘भोजपुरी बवाल’ का असर! काजल राघवानी को Bigg Boss का ऑफर, एक्ट्रेस ने ठुकराया, बोलीं- ‘दाल-चावल के लिए किच-किच नहीं हो पाएगी’ appeared first on Naya Vichar.

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.

About Us

नयाविचार एक आधुनिक न्यूज़ पोर्टल है, जो निष्पक्ष, सटीक और प्रासंगिक समाचारों को प्रस्तुत करने के लिए समर्पित है। यहां राजनीति, अर्थव्यवस्था, समाज, तकनीक, शिक्षा और मनोरंजन से जुड़ी हर महत्वपूर्ण खबर को विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण के साथ प्रस्तुत किया जाता है। नयाविचार का उद्देश्य पाठकों को विश्वसनीय और गहन जानकारी प्रदान करना है, जिससे वे सही निर्णय ले सकें और समाज में सकारात्मक बदलाव ला सकें।

Quick Links

Who Are We

Our Mission

Awards

Experience

Success Story

© 2025 Developed By Socify

Scroll to Top