Hot News

ताजा ख़बर

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

घर में नहीं टिकता पैसा? ये आसान उपाय दूर कर सकते हैं आर्थिक परेशानियां

Vastu Tips: हर व्यक्ति चाहता है कि उसके परिवार में सुख-समृद्धि बनी रहे और आर्थिक स्थिति मजबूत हो. लेकिन बढ़ते खर्चों और वित्तीय चुनौतियों के कारण कई बार बचत करना मुश्किल हो जाता है. ज्योतिषाचार्य संजीत कुमार मिश्रा बताते हैं कि वास्तु शास्त्र के अनुसार, घर में मौजूद कुछ छोटी-छोटी कमियां भी आर्थिक असंतुलन का कारण बन सकती हैं. हालांकि, इन मान्यताओं का वैज्ञानिक प्रमाण सीमित है, लेकिन कई लोग इन्हें सकारात्मक ऊर्जा और मानसिक संतुलन से जोड़कर देखते हैं. तिजोरी और अलमारी की दिशा रखें सही वास्तु शास्त्र में धन रखने की जगह को विशेष महत्व दिया गया है. मान्यता है कि जिस अलमारी या तिजोरी में नकदी, आभूषण या महत्वपूर्ण दस्तावेज रखे जाते हैं, उसका मुख उत्तर दिशा की ओर होना चाहिए. उत्तर दिशा को धन के देवता कुबेर की दिशा माना जाता है. ऐसा करने से आर्थिक स्थिरता और बचत की संभावनाएं बढ़ती हैं. टपकते नल को न करें नजरअंदाज घर में यदि किसी नल से लगातार पानी टपकता रहता है, तो उसे तुरंत ठीक करवाना चाहिए. वास्तु मान्यताओं के अनुसार, यह धन के अनावश्यक खर्च और आर्थिक हानि का संकेत माना जाता है. वहीं व्यावहारिक रूप से भी पानी की बर्बादी आर्थिक नुकसान का कारण बनती है. जल निकासी की दिशा पर दें ध्यान वास्तु विशेषज्ञों के अनुसार, घर के पानी की निकासी दक्षिण या पश्चिम दिशा की ओर होना शुभ माना जाता है. मान्यता है कि सही दिशा में जल प्रवाह से घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है और आर्थिक बाधाएं कम होती हैं. टूटे शीशे और अव्यवस्था से बचें घर में टूटे हुए शीशे, खराब वस्तुएं या बेकार सामान नकारात्मकता बढ़ाने वाले माने जाते हैं. इन्हें समय रहते हटाना बेहतर माना जाता है. इसके अलावा, घर में कलश स्थापित करना शुभता, समृद्धि और सकारात्मक वातावरण का प्रतीक माना जाता है. वास्तु शास्त्र में बताए गए ये उपाय पारंपरिक मान्यताओं पर आधारित हैं. इन्हें अपनाने के साथ-साथ वित्तीय अनुशासन, बचत और सही निवेश की आदतें भी आर्थिक सफलता के लिए बेहद जरूरी हैं. The post घर में नहीं टिकता पैसा? ये आसान उपाय दूर कर सकते हैं आर्थिक परेशानियां appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

झारखंड: सूचना आयुक्तों की नियुक्ति पर मुहर, राज्यपाल ने चार नामों को दी मंजूरी 

आनंद मोहन/संजीव सिंह की रिपोर्ट Ranchi: राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने झारखंड राज्य सूचना आयोग में सूचना आयुक्त के पद पर वरिष्ठ पत्रकार अनुज कुमार सिन्हा, तनुज खत्री, अमूल्य नीरज खलखो और शिवपूजन पाठक की नियुक्ति के संबंध में राज्य प्रशासन द्वारा भेजे गए प्रस्ताव पर बुधवार को सशर्त अपनी स्वीकृति प्रदान कर दी है. राज्यपाल की स्वीकृति के बाद राज्य प्रशासन द्वारा जल्द ही अधिसूचना जारी कर दी जाएगी. इसके बाद सबों को शपथ दिलाई जाएगी. मुख्य सूचना आयुक्त की नियुक्ति जल्द सुनिश्चित करने का निर्देश मालूम हो कि राज्यपाल द्वारा उक्त नियुक्तियां कुछ शर्तों के साथ अनुमोदित की गई हैं. उन्होंने राज्य प्रशासन को निर्देश दिया है कि झारखंड राज्य सूचना आयोग में मुख्य सूचना आयुक्त की नियुक्ति जल्द सुनिश्चित की जाए जिससे कि आयोग का काम सुचारु और प्रभावी ढंग से संचालित हो सके. उन्होंने यह भी स्पष्ट किया है कि सूचना आयुक्तों की नियुक्ति की प्रक्रिया में अगर कोई प्रक्रियागत गलती पाई जाती है या इस संबंध में उच्चतम न्यायालय के आदेशों के अनुपालन से संबंधित कोई प्रश्न उत्पन्न होता है, तो उसकी पूरी जवाबदेही राज्य प्रशासन की होगी. पहले दो बार लौटाई जा चुकी थी फाइल राज्यपाल ने इससे पूर्व सूचना आयुक्त की नियुक्ति से संबंधित दो बार संचिका (फाइल) राज्य प्रशासन को वापस कर दी थी. पहली बार फाइल तीन सदस्यों को नेतृत्वक दल से संबद्ध रखने की बात पर वापस की गई थी. प्रशासन ने स्थिति स्पष्ट करते हुए दूसरी बार संचिका राज्यपाल के पास भेजी. लेकिन राज्यपाल ने फिर से कुछ सदस्यों पर मामला दर्ज रहने की जानकारी को स्पष्ट करते हुए संचिका वापस कर दी थी. राज्यपाल के पास सूचना अधिकार एक्ट व सुप्रीम कोर्ट के उल्लंघन का हवाला देकर सदस्यों की नियुक्ति प्रक्रिया रोकने के लिए कई लोगों और संगठनों ने ज्ञापन भी दिया था. झारखंड में सूचना आयुक्तों की नियुक्ति कर दी गई है. अनुज सिन्हा, तनुज खत्री, अमूल्य खलखो और शिव पूजन पाठक को सूचना आयुक्त नियुक्त किया गया है. #BreakingNews #Jharkhand #InformationCommission #Ranchi #JharkhandNews #PrabhatKhabarJharkhand pic.twitter.com/ZGgr8q9ayG — Naya Vichar Jharkhand (@jharkhand_pk) June 10, 2026 इसे भी पढ़ें: झारखंड में जल, जंगल, जमीन को संरक्षित कर सकती है लैंडस्केप एप्रोच पॉलिसी, ओडिशा और आंध्र प्रदेश में कामयाब इसे भी पढ़ें: सीएम हेमंत सोरेन का अधिकारियों को निर्देश, हर घर तक शुद्ध पेयजल पहुंचाने में न हो कोई ढिलाई इसे भी पढ़ें: सरायकेला-खरसावां: विधायक दशरथ गागराई ने रायजामा का किया दौरा, प्राकृतिक जल स्रोतों का लिया जायजा The post झारखंड: सूचना आयुक्तों की नियुक्ति पर मुहर, राज्यपाल ने चार नामों को दी मंजूरी  appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

ऑपरेशन तक पहुंच सकती है बात, किडनी स्टोन के ये 5 शुरुआती संकेत दिखते ही हो जाएं सावधान

Kidney Stone Symptoms: आज की खराब लाइफस्टाइल और खाने-पीने में लापरवाही की वजह से किडनी स्टोन की प्रॉब्लम होना एक बेहद ही कॉमन प्रॉब्लम बन चुकी है. जब हमारे शरीर में पानी की कमी हो जाती है और नमक या अन्य मिनरल्स इकठ्ठा होने लगते हैं, वे वे ही समय के साथ छोटे-छोटे पत्थरों का रूप ले लेते हैं. शुरूआती दौर में ये स्टोन काफी ज्यादा छोटी होती है और हमें किसी भी तरह कु प्रॉब्लम नहीं देती है, लेकिन जैसे-जैसे इसका साइज बढ़ता है, यह एक असहनीय दर्द और सीरियस हेल्थ प्रॉब्लम्स पैदा कर सकती है. इसलिए, आपको समय रहते ही शरीर में दिखाई देने वाले संकेतों को समझ लेना चाहिए ताकि आप किडनी स्टोन की प्रॉब्लम का अंदाजा उसके शुरूआती फेज में ही लगा सकें. तो चलिए जानते हैं ऐसे 5 मुख्य संकेतों के बारे में जो बताते हैं कि आपकी किडनी में पथरी हो सकती है. पीठ और पेट के निचले हिस्से में अचानक तेज दर्द होना किडनी में स्टोन का सबसे पहला और सबसे बड़ा लक्षण है अचानक से होने वाला तेज दर्द. यह दर्द नॉर्मल पेट दर्द जैसा नहीं होता क्योंकि यह मुख्य रूप से आपकी पीठ में, पसलियों के नीचे और पेट के निचले हिस्से में महसूस होता है. कई बार यह दर्द इतना तेज होता है कि इंसान न तो ठीक से बैठ पाता है और न ही लेट पाता है. यह दर्द एक वेव यानी कि लहर की तरह आता है जैसे कि कभी बहुत तेज दर्द महसूस होता है तो कभी उससे थोड़ा कम. अगर यह दर्द पेट से होते हुए जांघों की तरफ बढ़ने लगे, तो यह साफ इशारा है कि स्टोन आपकी युरेटर में खिसक रही है. पेशाब करते समय जलन या तेज दर्द जब किडनी की स्टोन मूत्रनली के पास पहुंचती है, तो पेशाब करते समय बहुत तेज जलन और दर्द होने लगता है. इस कंडीशन को मेडिकल लैंग्वेज में डिस्यूरिया कहा जाता है. कई बार लोग इसे केवल एक सामान्य यूरिन इन्फेक्शन समझकर नजरअंदाज कर देते हैं. लेकिन अगर पानी पीने के बाद भी यह जलन लगातार बनी रहे और हर बार पेशाब करते समय आपको तीखा दर्द महसूस हो, तो आपको तुरंत डॉक्टर से कॉन्टैक्ट करना चाहिए क्योंकि यह स्टोन के फंसने का संकेत हो सकता है. पेशाब के रंग में बदलाव और खून आना एक हेल्दी शरीर में पेशाब का रंग हमेशा ही साफ या हल्का पीला होता है. लेकिन अगर आपकी किडनी में स्टोन है, तो पेशाब का रंग बदल सकता है. स्टोन के कारण पेशाब की नली के अंदरूनी हिस्सों में रगड़ाने लगती है, जिससे ब्लीडिंग होने लगती है. इस वजह से पेशाब का रंग गुलाबी, लाल या डार्क ब्राउन दिखाई दे सकता है. इसके अलावा, स्टोन के कारण यूरिन में इन्फेक्शन होने का खतरा बहुत बढ़ जाता है, जिससे पेशाब काफी धुंधला दिखने लगता है और उसमें से तेज बदबू भी आने लगती है. बार-बार पेशाब आने का अहसास होना अगर आपको अचानक से बार-बार टॉयलेट जाने की जरूरत महसूस होने लगी है, तो सतर्क हो जाएं. जब पथरी पेशाब की नली के निचले हिस्से में पहुंच जाती है, तो ब्लैडर पर लगातार प्रेशर बनता रहता है. इस वजह से इंसान को लगता है कि उसे तुरंत पेशाब करने जाना है, लेकिन टॉयलेट जाने पर बहुत कम मात्रा में यूरिन पास होता है. रात के समय यह समस्या और ज्यादा बढ़ जाती है, जिससे आपकी नींद भी बार-बार खराब होती है. जी मिचलाना और उल्टी होना शायद आपको जानकर हैरानी हो, लेकिन किडनी और पेट के डाइजेस्टिव सिस्टम के बीच एक गहरा नर्व कनेक्शन होता है. जब किडनी में स्टोन के कारण तेज दर्द या प्रेशर बनता है, तो ये नसें पेट को भी अफेक्ट करती हैं. इसके कारण मरीज को लगातार उल्टी आने जैसा महसूस होता है या कई बार सच में उल्टियां होने लगती हैं. अगर पेट दर्द के साथ-साथ आपको चक्कर आ रहे हों और उल्टी जैसा मन हो रहा हो, तो यह शरीर का एक सीरियस अलार्म है. ये भी पढ़ें: रात में बार-बार टूटती है नींद? सोने से पहले बदलें ये 5 आदतें, आएगी घोड़े बेचकर नींद The post ऑपरेशन तक पहुंच सकती है बात, किडनी स्टोन के ये 5 शुरुआती संकेत दिखते ही हो जाएं सावधान appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

UPSC प्रीलिम्स में हुआ सेलेक्शन तो जरूर कर लें 6 काम, 24 घंटे का एक्शन प्लान 

UPSC CSE Prelims Result 2026: 24 मई को यूपीएससी प्रीलिम्स की परीक्षा हुई. इस परीक्षा में शामिल होने वाले कैंडिडेट्स को अब रिजल्ट का बेसब्री से इंतजार है. रिजल्ट से पहले मन में कई तरह के सवाल होते हैं, जैसे कि रिजल्ट के बाद क्या करें, मेन्स के लिए कैसे सेलेक्ट होंगे आदि. आइए, जानते हैं इनके जवाब. रिजल्ट के बाद अगले 24 घंटे में क्या करें? रिजल्ट जारी होने के बाद के 24 घंटे सभी कैंडिडेट्स के लिए काफी अहम होते हैं. रिजल्ट्स के अनुसार, आप आगे की प्लानिंग करते हैं. अगर पीडीएफ में आपका नाम है तो मेन्स की तैयारी में जुट जाते हैं. प्रीलिम्स में सेलेक्शन ने होने की स्थिति में दोबारा से परीक्षा की तैयारी करते हैं. UPSC मेन्स की तैयारी के लिए क्या-क्या करें? अगर आपका सेलेक्शन UPSC CSE प्रीलिम्स परीक्षा में हो जाता है तो आप आगे की तैयारी के लिए खुद को तैयार करें. सबसे पहले टाइमटेबल बनाएं अगर आपका सेलेक्शन हो गया तो सबसे पहले टाइमटेबल बनाएं. हर विषय और टॉपिक को समय दें. टाइम टेबल में शॉर्ट गैप भी रखें. अखबार और मैग्जीन पढ़ें. लिखित परीक्षा से लेकर इंटरव्यू तक, अखबार पढ़ना काफी काम आता है. ऑप्शनल सब्जेक्ट पर फोकस बढ़ाएं मुख्य परीक्षा के Optional Subject का गहन रिवीजन करें और महत्वपूर्ण टॉपिक्स के शॉर्ट नोट्स तैयार करें. यह समय ऑप्शनल को मजबूत करने के लिए सबसे उपयुक्त माना जाता है. GS-4 और निबंध की तैयारी शुरू करें एथिक्स (GS-4) और Essay पेपर पर विशेष ध्यान दें. ये दोनों पेपर मेन्स में बेहतर स्कोर दिलाने में अहम भूमिका निभाते हैं. DAF-1 फॉर्म सावधानी से भरें प्रीलिम्स पास करने के बाद Detailed Application Form (DAF-1) भरना होता है. इसमें हॉबी, एजुकेशनल बैकग्राउंड और अन्य जानकारियां सोच-समझकर डालें, क्योंकि इंटरव्यू के दौरान इन्हीं से जुड़े सवाल पूछे जा सकते हैं. आंसर प्रैक्टिस करें मेन्स में सफलता के लिए Answer Writing बेहद जरूरी है. इसे अपनी डेली रूटीन में शामिल करें. डेली लॉन्ग आंसर प्रैक्टिस करें, टेस्ट सीरीज ज्वॉइन करें और समय सीमा के भीतर आंसर लिखने की आदत डालें. यह भी पढ़ें- UPSC मेन्स के लिए जरूरी है DAF फॉर्म, अगस्त की परीक्षा के लिए अभी से कमर कस लें The post UPSC प्रीलिम्स में हुआ सेलेक्शन तो जरूर कर लें 6 काम, 24 घंटे का एक्शन प्लान  appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

मुंबई इंडियंस में बड़ी टूट, सूर्या ने हार्दिक को किया अनफॉलो

Suryakumar Yadav: मुंबई इंडियंस के खेमे से आ रही समाचारें अब सोशल मीडिया के गलियारों में आग की तरह फैल रही हैं. स्टार बल्लेबाज सूर्यकुमार यादव की एक डिजिटल एक्टिविटी ने हर तरफ तहलका मचा दिया है. दरअसल, सूर्या ने पहले मुंबई इंडियंस को अनफॉलो किया, फिर दोबारा फॉलो कर लिया और इसी बीच फ्रेंचाइजी से जुड़े कुछ पोस्ट भी डिलीट कर दिए. लेकिन कहानी में असली ट्विस्ट इसके बाद आया. फैंस ने नोटिस किया कि सूर्या ने फ्रेंचाइजी को तो वापस फॉलो कर लिया है, लेकिन कप्तान हार्दिक पंड्या को उन्होंने अब तक फॉलो नहीं किया है. क्या सूर्या का इंटरनेशनल टीम से पत्ता साफ हिंदुस्तानीय क्रिकेट में इस समय बड़े बदलाव की सुगबुगाहट है, जिसका सीधा असर सूर्यकुमार यादव के करियर पर पड़ता दिख रहा है. मुख्य चयनकर्ता अजीत अगरकर के हालिया बयान ने यह साफ कर दिया है कि बोर्ड अब आगे की सोच रहा है, जहां 2028 ओलंपिक और अगले टी20 वर्ल्ड कप की कमान श्रेयस अय्यर के हाथों में सौंपने की तैयारी है. टीम में युवाओं की बढ़ती दावेदारी ने सूर्या की वापसी की उम्मीदों को थोड़ा धुंधला जरूर कर दिया है. लेकिन इस मायूसी के बीच सूर्या के फैंस के लिए एक अच्छी समाचार मुंबई इंडियंस के खेमे से आ रही है. तमाम विवादों के बावजूद, आईपीएल में सूर्या का भविष्य सेफ है और फ्रेंचाइजी उन्हें अपने साथ बनाए रखने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध दिख रही है. क्या कप्तानी गंवाएंगे हार्दिक पंड्या मुंबई इंडियंस के खेमे में इस समय सब कुछ सामान्य नहीं है, खासकर कप्तान हार्दिक पंड्या को लेकर पर्दे के पीछे बड़ी खिचड़ी पक रही है. पांच बार की चैंपियन टीम के लिए यह सीजन किसी बुरे सपने से कम नहीं रहा, जहां टीम सिर्फ बेहतर नेट रन रेट के सहारे अंक तालिका में सबसे निचले पायदान पर नहीं रही. इस बेहद निराशाजनक प्रदर्शन ने फ्रेंचाइजी के मालिकों और मैनेजमेंट को अंदरूनी आत्ममंथन के लिए मजबूर कर दिया है. सूत्रों के हवाले से समाचार है कि टीम अपनी पुरानी गलतियों को सुधारने और नए सिरे से एकजुट होने के लिए कुछ बड़ा प्लान तैयार कर रही है, जिसमें कप्तान की भूमिका पर भी विचार किया जा सकता है. हार्दिक की कप्तानी में कैसे डूबी मुंबई इंडियंस पांच बार की चैंपियन मुंबई इंडियंस का यह सीजन मैदान पर ली गई गलत रणनीतियों की भेंट चढ़ गया. सीजन के दौरान न तो टीम का कोई परमानेंट लीडर दिखा और न ही प्लेइंग इलेवन स्थिर रही. सूर्यकुमार और बुमराह समेत तीन कप्तानों ने बारी-बारी से टीम की कमान संभाली और प्रयोगों के नाम पर 24 खिलाड़ी आजमाए गए. जिस हार्दिक पंड्या को फ्रेंचाइजी बड़ी उम्मीदों के साथ वापस लेकर आई थी, उनकी कप्तानी के आंकड़े अब डराने लगे हैं. 2020 के बाद से खिताबी सूखे का सामना कर रही मुंबई के लिए हार्दिक का दौर बेहद निराशाजनक रहा है. 2024 से अब तक स्पोर्ट्से 39 मैचों में से टीम को 24 में हार मिली है, जो यह साफ करता है कि मुंबई इंडियंस इस समय अपने इतिहास के सबसे बड़े नेतृत्व संकट से गुजर रही है. इसे भी पढ़े- एशियन गेम्स के लिए पाक की T20 टीम का ऐलान, बाबर और शाहीन समेत कई बड़े नाम बाहर The post मुंबई इंडियंस में बड़ी टूट, सूर्या ने हार्दिक को किया अनफॉलो appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

पिता लेखपाल, बेटे ने UPSC में लहराया परचम, हासिल की AIR 438

UPSC Success Story: उत्तर प्रदेश के कुशीनगर जिले के रहने वाले आकाश कुमार ने देश की सबसे कठिन मानी जाने वाली संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की सिविल सेवा परीक्षा में सफलता हासिल की है. आकाश ने इस परीक्षा में AIR 438 पाई है. आइए इनकी यूपीएससी की जर्नी को करीब से जानते हैं.  कहां के रहने वाले हैं आकाश कुमार? आकाश कुमार मूल रूप से कुशीनगर जिले के ग्राम तुर्कपट्टी महुअवां के रहने वाले हैं. आकाश ने इस प्रतिष्ठित परीक्षा में ऑल इंडिया 438वीं रैंक प्राप्त की है. उनकी इस सफलता ने यह साबित कर दिया है कि छोटे शहरों और गांवों के युवाओं में भी प्रतिभा की कोई कमी नहीं है. पिता हैं पडरौना तहसील में लेखपाल आकाश की इस सफलता के पीछे उनके परिवार का बड़ा संघर्ष रहा है. उनके पिता अरविंद रावत पडरौना तहसील में लेखपाल के पद पर कार्यरत हैं. एक साधारण परिवार से आने वाले आकाश ने अपनी मेहनत के दम पर आज यह बड़ा मुकाम हासिल किया है. अपने परिवार के साथ आकाश कुमार की सांकेतिक फोटो (Instagram) दिल्ली से की पढ़ाई, चौथे प्रयास में मिली कामयाबी आकाश की यह सफलता रातों-रात नहीं मिली है, बल्कि इसके पीछे सालों की कड़ी मेहनत और धैर्य है. उन्होंने चौथे प्रयास में यह मुकाम हासिल किया है. शुरुआती असफलताओं से घबराने के बजाय आकाश अपनी कमियों को सुधारते रहे. आकाश ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा स्थानीय स्तर पर पूरी करने के बाद देश के प्रतिष्ठित दिल्ली विश्वविद्यालय (DU) से ग्रेजुएशन किया. इसके बाद उन्होंने जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) से अपनी मास्टर डिग्री पूरी की. UPSC Success Story: युवाओं के लिए प्रेरणा बने आकाश आकाश कुमार की यह उपलब्धि आज कुशीनगर ही नहीं, बल्कि देश के उन सभी युवाओं के लिए एक बड़ी प्रेरणा है जो सीमित संसाधनों के बीच सिविल सेवा में जाने का सपना देखते हैं. लगातार तीन बार असफल होने के बाद भी हार नहीं माना और चौथी बार में देश की सबसे बड़ी परीक्षा को क्रैक कर लिया.  यह भी पढ़ें: CISF असिस्टेंट कमांडेंट सुयश द्विवेदी ने UPSC में गाड़ा झंडा, मिला AIR 94 The post पिता लेखपाल, बेटे ने UPSC में लहराया परचम, हासिल की AIR 438 appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

खान सर-ज्ञान बिंदु कोचिंग विवाद में अब तक क्या-क्या हुआ? जानिए रौशन आनंद की जमानत को लेकर वकील का नया प्लान

Khan Sir Coaching Controversy: पटना के चर्चित कोचिंग विवाद मामले में कानूनी लड़ाई जारी है. खान ग्लोबल स्टडीज के संस्थापक खान सर को फिलहाल कोर्ट से राहत मिल गई है. वहीं, ज्ञान बिंदु जी.एस. एकेडमी के डायरेक्टर रौशन आनंद की मुश्किलें अभी कम होती नहीं दिख रही हैं. कोर्ट के आदेश के बाद खान सर की गिरफ्तारी पर फिलहाल रोक लगा दी गई है. दूसरी तरफ रौशन आनंद की जमानत याचिका खारिज हो चुकी है और वह अभी जेल में हैं. खान सर को मिली अंतरिम सुरक्षा पटना के प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश की अदालत में मंगलवार को खान सर उर्फ फैजल खान की अग्रिम जमानत याचिका पर सुनवाई हुई. सुनवाई के दौरान कोर्ट ने खान सर को 20 जून तक अंतरिम सुरक्षा प्रदान की. साथ ही पुलिस को केस डायरी और अभियुक्त के आपराधिक रिकॉर्ड की जानकारी पेश करने का निर्देश दिया. अब इस मामले की अगली सुनवाई 20 जून को होगी. तब तक खान सर के खिलाफ कोई गिरफ्तारी या अन्य कठोर कार्रवाई नहीं की जाएगी. वकील बोले- केस झूठा और बनावटी खान सर की ओर से अदालत में पक्ष रखते हुए उनके वकील ने कहा कि पुलिस ने दबाव बनाने के लिए हत्या के प्रयास और आर्म्स एक्ट जैसी गंभीर धाराएं लगाई हैं. उन्होंने दावा किया कि घटना में कोई व्यक्ति गोली लगने से घायल नहीं हुआ. सुरक्षा गार्ड ने आत्मरक्षा में लाइसेंसी हथियार से हवा में फायरिंग की थी. रौशन आनंद की जमानत याचिका खारिज ज्ञान बिंदु एकेडमी के डायरेक्टर रौशन आनंद को कोर्ट से राहत नहीं मिली है. प्रथम श्रेणी न्यायिक दंडाधिकारी अनुराग वर्मा की अदालत ने उनकी नियमित जमानत याचिका खारिज कर दी. अदालत ने कहा कि मामला हत्या के प्रयास से जुड़ा है और यह गंभीर प्रकृति का अपराध है. हालांकि अब रौशन आनंद के वकील जिला एवं सत्र न्यायालय में नई जमानत याचिका दाखिल करने की तैयारी कर रहे हैं. क्या है पूरा मामला? 2 जून की रात कदमकुआं थाना पुलिस को सूचना मिली थी कि मुसल्लहपुर हाट स्थित खान ग्लोबल स्टडीज कोचिंग सेंटर पर कुछ लोग तोड़फोड़, पथराव और फायरिंग कर रहे हैं. सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और हालात को कंट्रोल किया. घटना में सुरक्षा कर्मी के साथ मारपीट की बात सामने आई थी. उसके सिर में चोट भी लगी थी. सीसीटीवी फुटेज के आधार पर हुई गिरफ्तारी घटना के बाद पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज की जांच की. जांच के आधार पर ज्ञान बिंदु एकेडमी के डायरेक्टर रौशन आनंद समेत अभिषेक कुमार और गौरव कुमार को गिरफ्तार किया गया. पुलिस का आरोप है कि तीनों ने कोचिंग संस्थान में घुसकर गार्ड के साथ मारपीट की थी. इसके बाद 3 जून को सभी आरोपियों को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया. फायरिंग वाले वीडियो ने बढ़ाई खान सर की मुश्किलें घटना के कुछ दिनों बाद एक और सीसीटीवी वीडियो सामने आया. वीडियो में सुरक्षा गार्ड फायरिंग करते दिखाई दिए. इसके बाद पुलिस ने दोनों गार्डों को गिरफ्तार कर लिया. जांच के दौरान यह दावा किया गया कि गार्डों ने पुलिस को बताया कि उन्होंने खान सर के कहने पर गोली चलाई थी. खान सर पर भी दर्ज हुआ केस गार्डों के बयान के बाद पुलिस ने खान सर के खिलाफ भी मामला दर्ज किया. उन पर हत्या के प्रयास में सहयोग देने और आर्म्स एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया है. फिलहाल इस मामले में कोर्ट ने उन्हें अंतरिम राहत दी है, लेकिन अंतिम फैसला आगामी सुनवाई के बाद ही सामने आएगा. 20 जून पर टिकी सबकी नजर अब इस पूरे मामले में अगली बड़ी तारीख 20 जून है. इसी दिन अदालत में खान सर की अग्रिम जमानत पर आगे की सुनवाई होगी. वहीं रौशन आनंद की ओर से भी ऊपरी अदालत में जमानत के लिए नई कानूनी कोशिश शुरू होने वाली है. Also Read: ‘बेटियां जीनियस बन रही हैं, अब शादी का खर्च लड़के वाले उठाएं’, दहेज पर पप्पू यादव ने दिया नया फॉर्मूला The post खान सर-ज्ञान बिंदु कोचिंग विवाद में अब तक क्या-क्या हुआ? जानिए रौशन आनंद की जमानत को लेकर वकील का नया प्लान appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

AI की बढ़ती ‘प्यास’! हर दिन लाखों गैलन पानी कैसे ‘पी’ जाते हैं डेटा सेंटर्स?

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की दौड़ में हिंदुस्तान तेजी से आगे बढ़ रहा है. देश के कई शहरों में बड़े-बड़े डेटा सेंटर प्रोजेक्ट्स पर काम चल रहा है और टेक कंपनियां अरबों रुपये का निवेश कर रही हैं. इसी बीच आंध्र प्रदेश के विशाखापत्तनम में प्रस्तावित एक बड़े एआई डेटा सेंटर को लेकर नई बहस शुरू हो गई है. सवाल यह है कि डिजिटल भविष्य को मजबूत बनाने वाले ये डेटा सेंटर आखिर कितने प्राकृतिक संसाधनों की खपत करते हैं? विशेषज्ञों का कहना है कि एआई इंफ्रास्ट्रक्चर के विस्तार के साथ पानी की मांग भी तेजी से बढ़ रही है, जो आने वाले समय में बड़ी चुनौती बन सकती है. डेटा सेंटरों को आखिर इतनी ज्यादा पानी की जरूरत क्यों पड़ती है? एआई मॉडल, क्लाउड सर्विस और बड़े लैंग्वेज मॉडल्स को चलाने वाले डेटा सेंटरों में हजारों हाई-परफॉर्मेंस सर्वर लगातार काम करते हैं. इन सर्वरों से भारी मात्रा में गर्मी पैदा होती है. अगर इन्हें समय पर ठंडा न किया जाए तो मशीनें प्रभावित हो सकती हैं. यही वजह है कि डेटा सेंटरों में बड़े कूलिंग सिस्टम लगाए जाते हैं, जिनमें बड़ी मात्रा में पानी का इस्तेमाल होता है. जैसे-जैसे एआई का उपयोग बढ़ रहा है, वैसे-वैसे इन सेंटरों की कूलिंग जरूरत भी बढ़ती जा रही है. एक दिन में हजारों लोगों जितना पानी खर्च कर सकते हैं डेटा सेंटर विभिन्न रिसर्च रिपोर्ट्स के अनुसार बड़े डेटा सेंटर प्रतिदिन लाखों गैलन पानी की खपत कर सकते हैं. कुछ मामलों में यह खपत इतनी अधिक होती है कि उसकी तुलना 10 हजार से 50 हजार लोगों की दैनिक पानी जरूरत से की जाती है. यही वजह है कि पानी की उपलब्धता वाले क्षेत्रों में नए डेटा सेंटर प्रोजेक्ट्स को लेकर स्थानीय स्तर पर सवाल उठने लगे हैं. विशेषज्ञ मानते हैं कि यदि भविष्य में एआई इंफ्रास्ट्रक्चर तेजी से बढ़ता है तो जल संसाधनों पर अतिरिक्त दबाव पड़ सकता है. विशाखापत्तनम परियोजना को लेकर क्यों बढ़ रही हैं चिंताएं? विशाखापत्तनम को देश के उभरते टेक्नोलॉजी हब के रूप में देखा जा रहा है. यहां बड़े एआई डेटा सेंटर निवेश की तैयारी चल रही है. हालांकि स्थानीय लोगों और सामाजिक संगठनों का मानना है कि शहर पहले से ही जल संसाधनों की चुनौतियों का सामना कर रहा है. ऐसे में बड़े पैमाने पर पानी और बिजली की जरूरत रखने वाले डेटा सेंटर भविष्य में संसाधनों पर अतिरिक्त दबाव पैदा कर सकते हैं. कुछ इलाकों में भूमि उपयोग और पर्यावरणीय प्रभाव को लेकर भी चर्चाएं तेज हो गई हैं. क्या नई तकनीकें इस समस्या का समाधान बन सकती हैं? डेटा सेंटर उद्योग अब पानी की खपत कम करने वाली नई तकनीकों पर भी काम कर रहा है. इमर्शन कूलिंग और डायरेक्ट-टू-चिप कूलिंग जैसी आधुनिक तकनीकों को भविष्य का समाधान माना जा रहा है. इनकी मदद से सर्वरों को अधिक प्रभावी तरीके से ठंडा किया जा सकता है और पानी की जरूरत को कम किया जा सकता है. कई वैश्विक टेक कंपनियां ऐसे समाधानों में निवेश बढ़ा रही हैं ताकि एआई इंफ्रास्ट्रक्चर का पर्यावरणीय प्रभाव कम किया जा सके. एआई के भविष्य के साथ जुड़ा है संसाधनों का संतुलन हिंदुस्तान डिजिटल वित्तीय स्थिति और एआई टेक्नोलॉजी में वैश्विक भूमिका निभाने की तैयारी कर रहा है. लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि तकनीकी विकास के साथ पानी, बिजली और पर्यावरणीय संसाधनों के संतुलित उपयोग पर भी उतना ही ध्यान देना होगा. आने वाले वर्षों में डेटा सेंटरों का विस्तार केवल तकनीकी नहीं बल्कि पर्यावरणीय और सामाजिक चर्चा का भी बड़ा विषय बन सकता है. यह भी पढ़ें: Clean Android Phone क्या है? खूबियां जानेंगे तो अगला फोन यही मांगेंगे यह भी पढ़ें: क्या है 5G Network Slicing, जिसका यूज करके एयरटेल अपने पोस्टपेड यूजर्स को दे रहा फास्ट इंटरनेट? The post AI की बढ़ती ‘प्यास’! हर दिन लाखों गैलन पानी कैसे ‘पी’ जाते हैं डेटा सेंटर्स? appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

ममता बनर्जी को एक और झटका, सांसद सुष्मिता देव ने राज्य सभा से दिया इस्तीफा, TMC छोड़ BJP में हो सकती हैं शामिल

Sushmita Dev Resigns TMC: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में हार के बाद तृणमूल कांग्रेस पूरी तरह बिखरती नजर आ रही है. हाल ही में 61 विधायकों के बागी नेता ऋतब्रत बनर्जी के समर्थन में आने की समाचारों के बाद अब संसद में भी पार्टी को झटका लगा है. राज्यसभा सांसद सुष्मिता देव ने बुधवार को अपने पद से इस्तीफा दे दिया. इसके साथ ही वह इस सप्ताह ऐसा कदम उठाने वाली दूसरी टीएमसी सांसद बन गईं. इससे महज एक सप्ताह पहले टीएमसी के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा में पार्टी के मुख्य सचेतक रहे सुखेंदु शेखर रॉय ने भी अपना पद छोड़ दिया था. पार्टी के संगठन और संसद दोनों जगह ममता बनर्जी के नेतृत्व के सामने नई चुनौती खड़ी हो गई है. बुधवार को तृणमूल कांग्रेस की राज्यसभा सांसद सुष्मिता देव ने पार्टी के सभी पदों से इस्तीफा दे दिया.  उन्होंने राज्यसभा के सभापति सी. पी. राधाकृष्णन को भेजे पत्र में लिखा, ‘मैं राज्यसभा की सदस्यता से इस्तीफा देती हूं, जिसे तत्काल प्रभाव से स्वीकार किया जाए.’ यानी उन्होंने अपने सांसद पद और टीएमसी पार्टी दोनों छोड़ दी है. सुष्मिता देव का इस्तीफा पत्र. कांग्रेस से लोकसभा सांसद रह चुकी हैं सुष्मिता सुष्मिता देव 2014 में लोकसभा सांसद बनी थीं. उन्होंने असम के सिलचर से कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़ा था. असम कांग्रेस के दिग्गज नेता और प्रभावशाली बंगाली चेहरा रहे संतोष मोहन देव की बेटी सुष्मिता देव लंबे समय तक अखिल हिंदुस्तानीय स्त्री कांग्रेस की अध्यक्ष भी रह चुकी हैं. सिलचर को उनके पिता संतोष मोहन देव का मजबूत नेतृत्वक गढ़ माना जाता रहा है. 2021 में टीएमसी में हुई थीं शामिल 2019 के लोकसभा चुनाव में हार के बाद 53 वर्षीय सुष्मिता देव ने 2021 में कांग्रेस छोड़कर तृणमूल कांग्रेस का दामन थामा था.  पार्टी में शामिल होने के समय उन्होंने सार्वजनिक जीवन में ‘एक नए अध्याय’ की शुरुआत की बात कही थी. टीएमसी में आने के बाद उनका कद तेजी से बढ़ा. उन्हें पार्टी का राष्ट्रीय प्रवक्ता बनाया गया और बाद में राज्यसभा भेजा गया. सूत्रों के मुताबिक, अब उनके हिंदुस्तानीय जनता पार्टी (भाजपा) में शामिल होने की संभावना जताई जा रही है. बीजेपी में हो सकती हैं शामिल मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक सुष्मिता देव ने असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा से भी मुलाकात की है. इसी के बाद ये अटकलें लगाई जा रही हैं कि वह बीजेपी में शामिल हो सकती हैं. रिपोर्ट्स में यह भी दावा किया जा रहा है कि बीजेपी उन्हें असम से राज्यसभा में भेज सकती है.  सुखेंदु शेखर ने भी दिया था इस्तीफा इससे पहले सोमवार को तृणमूल कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद सुखेंदु शेखर रॉय ने संसद और पार्टी, दोनों से इस्तीफा देने की घोषणा की थी. अपने बयान में उन्होंने न केवल पद छोड़ा, बल्कि पार्टी और बंगाल में उसके 15 वर्षों के शासन पर भी तीखा हमला बोला. ये भी पढ़ें:- ममता बनर्जी के चारों ओर सन्नाटा! फोन बंद, चेहरे गायब, दीदी के सबसे करीबी सांसदों ने संकट में मुंह फेरा ये भी पढ़ें:- सोनिया गांधी के गले लगकर क्यों रो पड़ीं तृणमूल चीफ ममता बनर्जी? जानें जादू की झप्पी की इनसाइड स्टोरी बडे़ विद्रोह का सामना कर रही है टीएमसी इन दोनों इस्तीफों से पहले पार्टी को विधानसभा के भीतर भी बड़े विद्रोह का सामना करना पड़ा था. हाल ही में तृणमूल कांग्रेस के 58 विधायकों ने पार्टी नेतृत्व की लाइन से अलग रुख अपनाते हुए विपक्ष के नेता पद के लिए ऋतब्रत बनर्जी का समर्थन कर दिया था. उन्होंने पार्टी के आधिकारिक उम्मीदवार शोवनदेब चट्टोपाध्याय को स्वीकार करने से इनकार कर दिया था. स्थिति तब और गंभीर हो गई जब विधानसभा अध्यक्ष ने ऋतब्रत बनर्जी को नेता प्रतिपक्ष के रूप में मान्यता दे दी. इस घटनाक्रम ने चुनावी हार के बाद पार्टी के भीतर मौजूद गहरे मतभेदों को सार्वजनिक कर दिया. इतना ही नहीं, टीएमसी के करीब 20 लोकसभा सांसद भी ममता बनर्जी और टीएमसी को छोड़ सकते हैं. हाल ही में जब ममता बनर्जी दिल्ली में इंडिया गठबंधन की मीटिंग कर रही थीं, तभी यह गुट केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव के घर पर मुलाकात कर रहा था. इस दौरान पश्चिम बंगाल के नए सीएम शुभेंदु अधिकारी भी मौजूद थे.  लगातार दो वरिष्ठ नेताओं के राज्यसभा से इस्तीफे और पार्टी के भीतर बढ़ती नाराजगी ने टीएमसी नेतृत्व की मुश्किलें बढ़ा दी हैं. पश्चिम बंगाल विधान सभा चुनाव में हार के केवल एक महीने और 10 दिन के भीतर ही ममता बनर्जी की पार्टी पूरी तरह बिखरती नजर आ रही है.  The post ममता बनर्जी को एक और झटका, सांसद सुष्मिता देव ने राज्य सभा से दिया इस्तीफा, TMC छोड़ BJP में हो सकती हैं शामिल appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

इंडियन आर्मी का बड़ा प्लान, ₹23000 करोड़ से 300 K-9 वज्र तोप खरीदने की तैयारी; चीन-पाकिस्तान सीमा पर होंगे तैनात

Indian Army Tank Procurement: हिंदुस्तानीय सेना अपनी लंबी दूरी की मारक क्षमता को और मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाने जा रही है. 300 अतिरिक्त के-9 वज्र-टी स्वचालित तोपों (सेल्फ-प्रोपेल्ड आर्टिलरी गन) की खरीद का प्रस्ताव तैयार कर रही है. इस प्रस्तावित सौदे की अनुमानित लागत करीब 23,000 करोड़ रुपये बताई जा रही है. अगर इस योजना को मंजूरी मिल जाती है, तो यह हाल के दशकों में हिंदुस्तानीय सेना के सबसे बड़े तोपखाना आधुनिकीकरण कार्यक्रमों में से एक होगी. एनडीटीवी की रिपोर्ट के मुताबिक, रक्षा सूत्रों ने बताया कि यह प्रस्ताव इसी सप्ताह रक्षा खरीद बोर्ड (डीपीबी) के समक्ष मंजूरी के लिए रखा जा सकता है. यदि प्रस्ताव को हरी झंडी मिलती है, तो इसका ठेका लार्सन एंड टुब्रो (एलएंडटी) को मिलने की संभावना है, जो दक्षिण कोरिया की रक्षा कंपनी हनव्हा एयरोस्पेस के साथ तकनीकी साझेदारी में हिंदुस्तान में के-9 वज्र-टी का निर्माण करती है. 500 से अधिक हो जाएगी के-9 वज्र तोपों की संख्या प्रस्तावित खरीद पूरी होने के बाद हिंदुस्तानीय सेना के लिए ऑर्डर की गई के-9 वज्र तोपों की कुल संख्या 500 से अधिक हो जाएगी. रक्षा योजनाकारों का मानना है कि इससे पाकिस्तान के साथ पश्चिमी सीमा- एलओसी और चीन के साथ- एलएसी, दोनों मोर्चों पर सेना की फायरपावर में मजबूत बढ़ोतरी होगी. बदलते सुरक्षा परिदृश्य को देखते हुए सेना लंबी दूरी तक सटीक हमला करने वाली प्रणालियों पर विशेष ध्यान दे रही है. हाल के वर्षों में सेना ने ऐसे हथियारों की आवश्यकता को और गंभीरता से महसूस किया है, खासकर उन अभियानों के बाद जिनमें सटीक और तीव्र प्रहार की क्षमता महत्वपूर्ण साबित हुई. ऑपरेशन सिंदूर के बाद बढ़ा फोकस रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि हालिया सैन्य अभियानों, विशेष रूप से ऑपरेशन सिंदूर के दौरान प्रदर्शित लंबी दूरी की सटीक हमला क्षमता ने सेना को आधुनिक तोपखाना प्रणालियों की आवश्यकता का नया आकलन करने के लिए प्रेरित किया है. सैन्य योजनाकार अब ऐसी मोबाइल और तेज प्रतिक्रिया देने वाली तोप प्रणालियों पर जोर दे रहे हैं, जो विभिन्न प्रकार के युद्धक्षेत्रों और भौगोलिक परिस्थितियों में प्रभावी फायर सपोर्ट उपलब्ध करा सकें. क्या है के-9 वज्र की खासियत? के-9 वज्र एक 155 मिमी/52 कैलिबर ट्रैक्ड स्वचालित हॉवित्जर तोप प्रणाली है. यह 40 किलोमीटर से अधिक दूरी तक लक्ष्य को निशाना बनाने में सक्षम है. इसकी सबसे बड़ी विशेषता इसकी “शूट एंड स्कूट” क्षमता है. यानी यह लक्ष्य पर गोले दागने के तुरंत बाद अपनी स्थिति बदल सकती है. इससे दुश्मन की जवाबी तोपखाना कार्रवाई से बचाव आसान हो जाता है. इसके अलावा यह बख्तरबंद सुरक्षा से लैस है और रेगिस्तानी इलाकों के साथ-साथ ऊंचे पर्वतीय क्षेत्रों में भी प्रभावी ढंग से काम कर सकती है. यही वजह है कि आधुनिक युद्ध रणनीति में इसे बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है. 2017 में हुआ था पहला सौदा इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक, हिंदुस्तान ने के-9 वज्र तोपों के लिए पहला बड़ा समझौता वर्ष 2017 में किया था. उस समय 100 तोपों की खरीद के लिए लगभग 4,500 करोड़ रुपये का अनुबंध किया गया था. इन तोपों की आपूर्ति निर्धारित समय से पहले वर्ष 2021 में पूरी कर ली गई थी. इसके बाद इन्हें मुख्य रूप से पाकिस्तान सीमा से लगे रेगिस्तानी क्षेत्रों में तैनात किया गया. 2023 में मिला दूसरा ऑर्डर के-9 वज्र के प्रदर्शन से संतुष्ट हिंदुस्तानीय सेना ने दिसंबर 2023 में 100 और तोपों की खरीद को मंजूरी दी थी. इस सौदे की कीमत लगभग 7,600 करोड़ रुपये थी. इस निर्णय ने साफ संकेत दिया कि हिंदुस्तानीय सेना इस पर लगातार भरोसा जता रही है और इसे भविष्य की युद्ध रणनीति का महत्वपूर्ण हिस्सा मानती है. लद्दाख में भी सफल रहे परीक्षण हाल ही में के-9 वज्र के संशोधित शीतकालीन संस्करण का परीक्षण लद्दाख में किया गया था. अत्यधिक ऊंचाई और बेहद कम तापमान वाले क्षेत्रों में हुए इन परीक्षणों में प्रणाली का प्रदर्शन सफल बताया गया. रक्षा अधिकारियों के अनुसार परीक्षण के नतीजों ने उत्तरी मोर्चे पर अतिरिक्त के-9 वज्र इकाइयों की तैनाती की योजना को और मजबूती दी है. चीन से लगती सीमाओं पर ऐसी प्रणालियों की मौजूदगी सेना की युद्धक क्षमता को और मजबूत कर सकती है. ये भी पढ़ें:- 4399 दिन… पीछे छूटे नेहरू, नरेंद्र मोदी बने हिंदुस्तान के सबसे लंबे समय तक लगातार निर्वाचित प्रधानमंत्री ये भी पढ़ें:- अमेरिका ने अपाचे हेलीकॉप्टर गिराने का लिया बदला, ईरान के ऊपर किए ताबड़तोड़ हमले, तेहरान ने फिर दी चेतावनी पाकिस्तान और चीन दोनों मोर्चों पर बढ़ेगी ताकत रक्षा अधिकारियों का मानना है कि प्रस्तावित खरीद से पाकिस्तान और चीन दोनों दिशाओं में मौजूद सैन्य जरूरतों को पूरा करने में मदद मिलेगी. साथ ही सेना की लंबी दूरी की सटीक प्रहार क्षमता में भी बड़ा इजाफा होगा. रिपोर्ट के अनुसार, के-9 वज्र-टी की प्रस्तावित खरीद हिंदुस्तानीय सेना के व्यापक तोपखाना आधुनिकीकरण कार्यक्रम का हिस्सा है. सेना एक साथ कई आधुनिक हथियार प्रणालियों को शामिल कर रही है.  इनमें एडवांस्ड टोड आर्टिलरी गन सिस्टम (एटीएजीएस), धनुष तोप और अपग्रेडेड पिनाका मल्टी-बैरल रॉकेट सिस्टम जैसी परियोजनाएं शामिल हैं. रक्षा अधिकारियों का मानना है कि इन सभी प्रणालियों के शामिल होने से हिंदुस्तानीय सेना विभिन्न मोर्चों पर तेजी से, सटीक और लगातार फायरपावर उपलब्ध कराने में पहले से कहीं अधिक सक्षम हो जाएगी. The post इंडियन आर्मी का बड़ा प्लान, ₹23000 करोड़ से 300 K-9 वज्र तोप खरीदने की तैयारी; चीन-पाकिस्तान सीमा पर होंगे तैनात appeared first on Naya Vichar.

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.

About Us

नयाविचार एक आधुनिक न्यूज़ पोर्टल है, जो निष्पक्ष, सटीक और प्रासंगिक समाचारों को प्रस्तुत करने के लिए समर्पित है। यहां राजनीति, अर्थव्यवस्था, समाज, तकनीक, शिक्षा और मनोरंजन से जुड़ी हर महत्वपूर्ण खबर को विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण के साथ प्रस्तुत किया जाता है। नयाविचार का उद्देश्य पाठकों को विश्वसनीय और गहन जानकारी प्रदान करना है, जिससे वे सही निर्णय ले सकें और समाज में सकारात्मक बदलाव ला सकें।

Quick Links

Who Are We

Our Mission

Awards

Experience

Success Story

© 2025 Developed By Socify

Scroll to Top