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महाकुंभ में फिर लगी आग, शंकराचार्य मार्ग की घटना

Prayagraj Mahakumbh 2025: प्रयागराज महाकुंभ से एक बड़ी समाचार सामने आ रही है. कुंभ क्षेत्र के शंकराचार्य मार्ग में आग लग गई है. अब तक कुंभ क्षेत्र में आग लगने की ये तीसरी घटना बताई जा रही है. फायर बिग्रेड की टीम लगातार आग बुझाने में जुटी हुई है. फिलहाल किसी भी जान- माल के नुकसान की कोई समाचार नहीं है. अब तक घटना की वजह सामने नहीं आई है. मौके पर दमकल कर्मी और मेला प्रशासन मौजूद है और आग पर काबू भी पा लिया गया है. #WATCH | Prayagraj | A fire breaks out in Sector 18, Shankaracharya Marg of Maha Kumbh Mela Kshetra. Fire tenders are at the spot. More detail awaited pic.twitter.com/G4hTeXyRd9 — ANI (@ANI) February 7, 2025 The post महाकुंभ में फिर लगी आग, शंकराचार्य मार्ग की घटना appeared first on Naya Vichar.

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नीलांबर-पीतांबर विश्वविद्यालय में VC का पद खाली, विद्यार्थियों को हो रही परेशानी, कर्मचारियों को भी नहीं मिला वेतन

पलामू, चंद्रशेखर सिंह : नीलांबर-पीतांबर विश्वविद्यालय में एक सप्ताह से वीसी का पद खाली है. पिछले दो वर्ष से एनपीयू में कुलपति का पद प्रभार में चल रहा था. निवर्तमान पलामू प्रमंडल के आयुक्त बाल किशुन मुंडा को एनपीयू का प्रभार दिया गया था. आयुक्त बाल किशुन मुंडा 31 जनवरी को सेवानिवृत्ति हो गये. इसके बाद प्रशासन ने अभी तक न तो आयुक्त की पोस्टिंग की है ना ही एनपीयू में वीसी के पद पर किसी की पोस्टिंग की गयी है. विश्वविद्यालय के कर्मचारियों और पदाधिकारियों को नहीं मिल पाया है वेतन पिछले एक सप्ताह से यह पद खाली है. इस वजह से नीलांबर-पीतांबर विश्वविद्यालय में कार्य कर रहे पदाधिकारी और कर्मचारियों को जनवरी माह का वेतन नहीं मिल पाया है. जबकि विश्वविद्यालय के तहत पांच अंगीभूत महाविद्यालय जीएलए कॉलेज, जेएस कॉलेज, योध सिंह नामधारी महाविद्यालय, जेस कॉलेज, एसएसजेएसएन कालेज गढ़वा और मनिका डिग्री कॉलेज आता है. इन कॉलेजों में कार्य कर रहे करीब 200 प्रोफेसर, कर्मचारी व अन्य लोगों को भी वेतन नहीं मिला है. विश्वविद्यालय के छात्रों का नहीं हो पा रहा काम वेतन नहीं मिलने के कारण कर्मचारी चिंतित है. अधिकारियों और कर्मचारियों का कहना है कि पिछले 16 साल में कभी ऐसा नहीं हुआ था कि विश्वविद्यालय में वीसी का पद खाली हो. वीसी का पद खाली रहने के कारण विश्वविद्यालय में डिग्री और माइग्रेशन सर्टिफिकेट के लिए आए हुए छात्रों को लौटना पड़ा. छात्रों को सर्टिफिकेट नहीं मिलने के कारण वे काफी आक्रोशित थे. उनका कहना था कि इतने दूर से किराया लगाकर आने के बावजूद भी काम नहीं हो पाता है. पलामू की सभी समाचारें यहां पढ़ें छात्रों का नहीं हो पा रहा है काम : प्रदेश उपाध्यक्ष एनएसयूआई के प्रदेश उपाध्यक्ष अमरनाथ तिवारी ने कहा कि यहां पढ़ने वाले छात्रों का दुर्भाग्य है कि पिछले एक सप्ताह से वीसी का पद खाली है. वे बताते हैं कि वीसी का पद खाली रहने के कारण छात्रों का कोई काम नहीं हो पा रहा है. वीसी की नियुक्ति जल्द करें राजभवन : अभिषेक राज आजसू के छात्र नेता अभिषेक राज ने कहा कि एनपीयू में प्रभारी कुलपति का कार्यकाल समाप्त होने के बाद एक हफ्ते से कुलपति का पद रिक्त पड़ा है. लगभग दो सालो से एनपीयू में स्थायी कुलपति नहीं है. विवि में कुलपति के नहीं होने से प्रोविजनल, डिग्री समेत कई कार्य प्रभावित हो रहे हैं. उन्होंने कहा कि पलामू प्रमंडल के छात्रों के भविष्य के साथ लगातार खिलवाड़ किया जा रहा है. नियुक्ति नहीं हुआ तो चरणबद्ध आंदोलन शुरू किया जायेगा. Also Read: पलामू में सवारी गाड़ी और ट्रक के बीच जोरदार टक्कर, 1 की मौत, आधा दर्जन लोग घायल The post नीलांबर-पीतांबर विश्वविद्यालय में VC का पद खाली, विद्यार्थियों को हो रही परेशानी, कर्मचारियों को भी नहीं मिला वेतन appeared first on Naya Vichar.

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अक्षर पटेल बने ऋषभ पंत के लिए खतरा? संजय मांजरेकर ने दिया बड़ा बयान, जानें क्या है वजह

Sanjay Manjrekar: हिंदुस्तान और इंग्लैंड के बीच पहला एकदिवसीय मैच में हिंदुस्तानीय टीम ने शानदार स्पोर्ट्स दिखाते हुए इंग्लिश टीम को 4 विकेट से शिकस्त दी. इंग्लैंड ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करते हुए शुरुआत में काफी तेज स्पोर्ट्स दिखाया, लेकिन हर्षित राणा ने गेंदबाजी आक्रमण की अगुवाई करते हुए इंग्लैंड की बल्लेबाजी क्रम को घुटने पर ला दिया. इसी दौरान अक्षर पटेल ने भी किफायती गेंदबाजी के साथ बल्लेबाजी में अच्छे हाथ दिखाए. उनके प्रदर्शन को देखते  हुए संजय मांजरेकर काफी खुश नजर आए. उन्होंने यहां तक कह दिया कि वे ऋषभ पंत की जगह भी ले सकते हैं.  नागपुर में पहला मैच समाप्त होने के बाद ईएसपीएन पर बात करते हुए संजय मांजरेकर ने कहा, “मैच शुरू होने से पहले ही मैंने अपनी प्लेइंग इलेवन चुन ली थी. इस बीच सुझाव था कि शायद ऋषभ पंत को चैंपियंस ट्रॉफी को ध्यान में रखते हुए आजमाया जा सकता है, जिससे हिंदुस्तान को टॉप-6 में एक बाएं हाथ का बल्लेबाज भी मिल जाता. लेकिन अब अक्षर पटेल एक बेहतरीन विकल्प बनकर उभरे हैं.” अक्षर पटेल ने बल्लेबाजी करते हुए अपना तीसरा अर्धशतक लगाया. उन्होंने 47 गेंद पर 52 रनों की पारी स्पोर्ट्सी. इस दौरान उनका स्ट्राइक रेट भी कमाल का रहा. अक्षर ने 110.6 की एसआर से बल्लेबाजी करते हुए 6 चौके और 1 छक्का लगाया. संजय ने आगे कहा, “उन्होंने (अक्षर पटेल) टेस्ट क्रिकेट में हिंदुस्तानीय टीम के लिए बल्लेबाजी की है और उनके अंदर एक बल्लेबाज वाला धैर्य भी मौजूद है. मुझे लगता है कि उन्हें बल्लेबाजी क्रम में ऊपर भेजना एक चतुर फैसला था, खासकर जब उन्हें एक विशुद्ध बल्लेबाज की भूमिका में रवींद्र जडेजा से ऊपर भेजा गया. अक्षर स्पिनर्स के खिलाफ सहज नजर आए, और हिंदुस्तान को मध्यक्रम में ऐसे बल्लेबाज की जरूरत थी, जो स्पिन के खिलाफ मजबूती से स्पोर्ट्स सके.” अक्षर पटेल ने 2022 के बाद पहला अर्द्धशतक लगाया, साथ ही यह हिंदुस्तान में उनकी पहली फिफ्टी है.   अक्षर लेफ्ट हैंडर बैट्समैन हैं और स्पिन भी अच्छी स्पोर्ट्स रहे हैं हिंदुस्तान ने अपनी चैंपियंस ट्रॉफी के लिए टीम की घोषणा कर दी है. इसमें अक्षर के साथ ऋषभ पंत भी शामिल हैं. लेकिन संजय मांजरेकर मानना है कि पटेल पंत से बेहतर विकल्प हो सकते हैं. उन्होंने कहा, “चैंपियंस ट्रॉफी हिंदुस्तानीय परिस्थितियों जैसी पिचों पर स्पोर्ट्सी जाएगी, ऐसे में अक्षर पटेल टीम में एक बेहतर विकल्प साबित हो सकते हैं. उनके प्रदर्शन के चलते ऋषभ पंत की वापसी फिलहाल टल सकती है, क्योंकि अक्षर भी एक बाएं हाथ के बल्लेबाज हैं और लेग स्पिन या बाएं हाथ के स्पिनर्स को बेहतर तरीके से स्पोर्ट्स सकते हैं.” अक्षर पटेल ने अब तक अपने कैरियर में 61 ओडीआई मैच स्पोर्ट्से हैं, जिसमें उन्होंने 665 रन बनाने के साथ 65 विकेट भी लिए हैं. एक ऑलराउंडर के रूप में रवींद्र जडेजा के साथ उनकी जुगलबंदी अच्छी बैठ रही है. विकेट कीपर के रूप में केएल राहुल से खतरा ऋषभ पंत ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ टेस्ट सीरीज में एक अच्छी शुरुआते के बाद अपनी पारी को आगे नहीं बढ़ा पाए थे. वे अपना विकेट जल्दबाजी भरे स्पोर्ट्स के कारण ऐसा लग रहा था, जैसे फेंक कर जा रहे हों, इसके लिए उन्हें सुनील गावस्कर से भी डांट पड़ी थी. ऋषभ शॉर्ट पिच गेंद पर भी संघर्ष कर रहे थे. इसके साथ ही हिंदुस्तानीय टीम विकेट कीपिंग के रूप में केएल राहुल की मौजूदगी भी उनके लिए चिंता का सबब बन सकती है. राहुल को पहले मैच में कीपिंग की जिम्मेदारी मिली है. ऐसे में पंत के लिए बल्लेबाजी और विकेटकीपिंग दोनों में समस्या आ सकती है.  हिंदुस्तान ने पहले एकदिवसीय मैच में इंग्लैंड के 247 रन के जवाब में 68 गेंद शेष रहते 251 रन बनाकर जीत हासिल की. तीन मैचों की सीरीज में हिंदुस्तान अब 1-0 से आगे है. इस शृंखला का दूसरा मैच 9 फरवरी को कटक में स्पोर्ट्सा जाएगा. वहीं तीसरा मैच 12 फरवरी को अहमदाबाद में स्पोर्ट्सा जाएगा. चैंपियंस ट्रॉफी से पहले हिंदुस्तान अपनी तैयारियों को पुख्ता करना चाह रहा है, ऐसे में टीम संयोजन को लेकर और प्रयोग की बजाय टीम इंडिया अपने बेंच स्ट्रेंथ को और मजबूत कर रहा है. चैंपियंस ट्रॉफी 19 फरवरी से पाकिस्तान में शुरू होगी, वहीं हिंदुस्तान अपने अभियान की शुरुआत दुबई में 20 फरवरी को बांग्लादेश से खिलाफ शुरु करेगा.  18,00,00,00,000 रुपये खर्च, आखिरकार तैयार हुआ गया पाकिस्तान का क्रिकेट स्टेडियम, जानें कब होगा उद्घाटन ‘मुझे नहीं स्पोर्ट्सना था, लेकिन आधी रात को फोन बजा और…’ श्रेयस अय्यर कैसे बने प्लेइंग XI का हिस्सा, खुद बताया The post अक्षर पटेल बने ऋषभ पंत के लिए खतरा? संजय मांजरेकर ने दिया बड़ा बयान, जानें क्या है वजह appeared first on Naya Vichar.

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Chanakya Niti: समझदार पुरुष अपनी पत्नी को कभी नहीं बताते ये बातें, जीवनभर चलते हैं सिर उठाकर

Chanakya Niti: आचार्य चाणक्य को अपने समय से सबसे ज्ञानी और विद्वान पुरुष के तौर पर भी जाना जाता है. अपने जीवनकाल के दौरान उन्होंने कई तरह की नीतियों की रचना की थी. इन नीतियों को बाद में चाणक्य नीति के नाम से जाना जाने लगा. कहा जाता है अगर किसी भी व्यक्ति को एक सफल, समृद्ध और खुशहाल जीवन की तलाश हैं तो ऐसे में उसे चाणक्य नीति में बताई गयी बातों का ख्याल जरूर रखना चाहिए. आज हम आपको चाणक्य नीति में बताई गई कुछ ऐसी बातों के बारे में बताने जा रहे हैं जिन्हें एक समझदार आदमी कभी भी अपनी पत्नी को नहीं बताता है. जब आप अपनी पत्नी को इन बातों को नहीं बताते हैं तो आपको एक बेहतर, इज्जत से भरी और खुशियों से भरी जिंदगी जिंदगी जीने का मौका मिलता है. तो चलिए इन बातों के बारे में विस्तार से जानते हैं. दान की जानकारी चाणक्य नीति के अनुसार आपको अपनी पत्नी को कभी भी दान-पुण्य से जुड़ी बातें नहीं बतानी चाहिए. शास्त्रों में दान की जानकारी किसी को भी देने से मना किया गया है. जब आप दान की बात किसी और को बताते हैं तो इसका फल आपको मिलता नहीं है. कई बार दान देने की वजह से आपकी पत्नी आपको ताने भी मार सकती है. ये भी पढ़ें: Chanakya Niti: पैसे गिनते-गिनते थक जाएंगे आप, चाणक्य नीति में बताई गयी इन बातों का रखें ख्याल ये भी पढ़ें: Chanakya Niti: जीवन में कभी नहीं सहना पड़ेगा धोखा खाने का दुख, चाणक्य नीति में बताई गयी इन बातों का रखें ख्याल कमाई की जानकारी आचार्य चाणक्य के अनुसार आपको अपनी कमाई की जानकारी पत्नी को भी नहीं देनी चाहिए. आप कितने पैसे कमा रहे हैं इसकी जानकारी सिर्फ आपको होनी चाहिए. कई बार जब आपकी पत्नी को आपकी सैलरी पता चल जाती है तो वह घर का बजट भी बिगाड़ सकती है. अतीत की जानकारी चाणक्य नीति के अनुसार चाहे आप अपनी पत्नी से कितना भी प्यार क्यों न करते हों उसे अपने अतीत के बारे में नहीं बताना चाहिए. आपको बीती बातों को भूलकर आगे के जीवन पर अपना ध्यान केंद्रित करना चाहिए. जब आप पास्ट से जुड़ी बातों को अपनी पत्नी को बताते हैं तो ऐसे में लड़ाई-झगड़े के दौरान वह इन बातों को आपके सामने उठा भी सकती है. अपनी कमजोरियां आचार्य चाणक्य के अनुसार आपको अपनी कमजोरियों को कभी भी अपनी पत्नी को नहीं बतानी चाहिए. जब आपकी पत्नी को आपकी कमजोरियों के बारे में पता चल जाता है तो ऐसे में वह किसी भी झगड़े के दौरान इन बातों को आपके सामने उठाकर आपसे जीतने की कोशिश कर सकती है. ये भी पढ़ें: Chanakya Niti: जीवन में कभी नहीं सहना पड़ेगा धोखा खाने का दुख, चाणक्य नीति में बताई गयी इन बातों का रखें ख्याल Disclaimer: यह आर्टिकल सामान्य जानकारियों और मान्यताओं पर बेस्ड है. नया विचार किसी भी तरह से इनकी पुष्टि नहीं करता है. The post Chanakya Niti: समझदार पुरुष अपनी पत्नी को कभी नहीं बताते ये बातें, जीवनभर चलते हैं सिर उठाकर appeared first on Naya Vichar.

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Kameshwar Chaupal: कामेश्वर चौपाल ने बीजेपी के लिए छोड़ दिया था VHP, चुनाव भी लड़े, जानें राजनितिक सफर के बारे में

Kameshwar Chaupal Political Carrier: राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के ट्रस्टी कामेश्वर चौपाल का शुक्रवार को निधन हो गया. वो लंबे समय से बीमार थे और सर गंगाराम अस्पताल में भर्ती थे. कामेश्वर चौपाल ने राम मंदिर निर्माण में पहली ईंट रखी थी. संघ ने उन्हें प्रथम कार सेवक का दर्जा भी दिया था. भव्य राम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा 22 जनवरी 2024 को की गई थी, लेकिन राम मंदिर आंदोलन में 9 नवंबर 1989 को पहली आधारशीला रखने वाले कामेश्वर चौपाल ही थे. उस समय वे विश्व हिंदू परिषद के स्वयंसेवक भी थे. राम मंदिर आंदोलन में कामेश्वर चौपाल की महत्वपूर्ण भूमिका थी. उनकी अहम भूमिका देखते हुए ही उन्हें आधारशीला रखने के लिए चुना गया था. कैसा रही राजनितिक यात्रा कामेश्वर चौपाल की नेतृत्वक यात्रा की बात करें, तो उन्होंने 1991 में हिंदुस्तानीय जनता पार्टी की सदस्यता ग्रहण की थी. भाजपा में शामिल होने के लिए उन्होंने विश्व हिंदू परिषद छोड़ दिया था. पार्टी ने उन्हें चुनावी मैदान में भी उतारा, लेकिन उन्हें हार का सामना करना पड़ा था. पार्टी ने उन्हें रोसड़ा लोकसभा सीट से चुनावी मैदान में उतारा था, लेकिन उन्हें हार का मुंह देखना पड़ा था. इसके बाद 1995 में उन्हें बिहार की बेगूसराय सीट से चुनावी मैदान में उतारा गया, लेकिन किस्मत ने उनका साथ नहीं दिया और उन्हें यहां भी हार का सामना करना पड़ा था. इसके बाद 2002 में उन्हें बिहार विधान परिषद का सदस्य भी बनाया गया था. 2014 तक वे बिहार विधान परिषद के सदस्य भी रहे. 2024 के लोकसभा चुनाव में भी पार्टी ने सुपौल सीट से चुनावी मैदान में उतारा, लेकिन इस बार भी उन्हें हार का सामना करना पड़ा. 2020 के विधानसभा चुनाव के दौरान उप-मुख्यमंत्री पद के लिए भी उनका नाम की खूब चर्चा देखने को मिली थी. 2002 से 2014 तक वे राज्यसभा सदस्य रहे. कामेश्वर चौपाल 1982 में विश्व हिंदू परिषद के सदस्य बने थे. 1989 में उन्हें पहली बार राज्य प्रभारी की जिम्मेदारी सौंपी गई. चौपाल ने जेएन कॉलेज मधुबनी से ग्रेजुएशन किया था और 1995 में मिथिला विश्वविद्यालय से एमए की डिग्री हासिल की. बिहार की ताजा समाचारों के लिए क्लिक करें सीएम नीतीश कुमार ने जताया शोक मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने पूर्व विधान पार्षद कामेश्वर चौपाल के निधन पर गहरी शोक संवेदना व्यक्त की है. मुख्यमंत्री ने अपने शोक संदेश में कहा कि वे एक कुशल राजनेता एवं समाजसेवी थे. स्व० कामेश्वर चौपल राम जन्म भूमि ट्रस्ट के ट्रस्टी भी थे. उनके निधन से नेतृत्वक एवं सामाजिक क्षेत्रों में अपूरणीय क्षति हुई है. मुख्यमंत्री ने दिवंगत आत्मा की चिर शान्ति तथा उनके परिजनों को दुःख की इस घड़ी में धैर्य धारण करने की शक्ति प्रदान करने की ईश्वर से प्रार्थना की है. इसे भी पढ़ें: कामेश्वर चौपाल के निधन पर CM नीतीश ने जताया दुख, रामभक्तों में भी शोक की लहर The post Kameshwar Chaupal: कामेश्वर चौपाल ने बीजेपी के लिए छोड़ दिया था VHP, चुनाव भी लड़े, जानें राजनितिक सफर के बारे में appeared first on Naya Vichar.

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लगने जा रहा है साल का दूसरा खरमास, जानें इस दौरान क्यों नहीं होते मंगलकार्य

Kharmas 2025 Date: हमारे सनातन धर्म में खरमास का अपना एक अलग स्थान होता है. इस समय लोग मंगलकार्य क्रम नहीं करते ऐसा करना अशुभ माना जाता हैं.वहीं खरमास पूरे एक महीने तक लगता है, जब यह खत्म हो जाता है तो फिर से लोग अपने शुभ कार्य मंगल काम आरंभ कर देते हैं. ज्योतिषी शास्त्रों के मानें तो जब सूर्य धनु और मीन राशि में प्रवेश करता हैं तो खरमास लगजता है, इस समय सूर्य दक्षिणायन मे विराजमान रहते हैं .ऐसे में कोई भी शुभ कार्य नहीं होता है. कब से कब तक लगेंगा खरमास दोष वैदिक पंचांग के अनुसार, 12 फरवरी 2025 को सूर्य देव कुंभ राशि में गोचर करंगे हैं, इसके बाद वहीं 13 मार्च 2025 तक विराजित रहेंगे साथ ही इसके बाद अगले दिन मतलब 14 मार्च 2025 को सूर्य देव मीन राशि में गोचर करेंगे, सूर्य के इसी गोचर के साथ 14 मार्च 2025 से खरमास दोष आरंभ हो जाएगा. इसके बाद कोई मंगलकार्य एक महीने तक नहीं होगा. फिर उसके बाद सूर्य देव 14 अप्रैल 2025 को मीन राशि से निकलकर मेष राशि में विराजमान होंगे और इसी के साथ खरमास समाप्त होगा. फरवरी में इस दिन है प्रदोष व्रत, जानें तिथि और शुभ मुहूर्त जाने नियम क्यों खरमास मैं नहीं होते मंगलकार्य धार्मिक और ज्योतिषी मान्यताओं के मुताबिक ऐसा मानना है कि खरमास के दौरान सूर्य देव अपना तेज धैर्य खो देते हैं, और सूर्य देव के अवतार के बाद ही सृष्टि पर जीवन की उत्पत्ति हुई थी, इतना ही नहीं इस समय पर गुरु का प्रभाव भी समाप्त हो जाता है.जिससे गुरु को शुभ और मंगलकार्य दायक का कारक माना जाता है, वहीं ऐसे में खरमास के समय कोई भी मंगलकार्य भूलकर भी नहीं करना चाहिए. मंगलकारी कार्यों के लिए गुरु के उदय होना विशेष महत्व रखता है.शास्त्रों के अनुसार, जब सूर्य धनु और मीन राशि में गोचर करते हैं तो खरमास प्रारंभ होता है और जब मकर राशि में जाते हैं तो खरमास का सम्पन्न हो जाता हैं. The post लगने जा रहा है साल का दूसरा खरमास, जानें इस दौरान क्यों नहीं होते मंगलकार्य appeared first on Naya Vichar.

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प्रसूता की मौत का मामला: राज्य सरकार ने हाइकोर्ट में कहा- सलाइन में नहीं थी समस्या

संवाददाता, कोलकाता मेदिनीपुर मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में सलाइन विवाद को लेकर गुरुवार को हाइकोर्ट में रिपोर्ट जमा कर राज्य प्रशासन ने अपना पक्ष रखा. राज्य प्रशासन के मुताबिक, सलाइन में कोई गड़बड़ी नहीं थी. मुख्य न्यायाधीश टीएस शिवगणनम व न्यायाधीश हिरण्मय भट्टाचार्य की खंडपीठ में प्रशासन ने अपनी रिपोर्ट पेश कर सलाइन उत्पादन करनेवाली कंपनी की राय के साथ अपनी सहमति जतायी. राज्य के एडवोकेट जनरल किशोर दत्त ने कहा कि सलाइन में गड़बड़ी से ‘प्रसूता की हुई मौत’ को लेकर हाइकोर्ट में जनहित याचिका दायर हुई है. उक्त सलाइन को परीक्षण के लिए राज्य के लैब में भेजा गया था. जांच में उसमें किसी तरह की कोई समस्या सामने नहीं आयी. रिपोर्ट में राज्य प्रशासन ने बताया कि अदालत के निर्देश के मुताबिक पीड़ितों को मुआवजा दिया गया है. मृतका के परिवार के एक सदस्य को प्रशासनी नौकरी भी दी गयी है. मुख्य न्यायाधीश ने सलाइन उत्पादन करनेवाली कंपनी से जानना चाहा कि फिर यह घटना कैसे हुई. कंपनी ने बताया कि सलाइन केंद्रीय लैब में भेजा गया था. वहां से क्लीनचिट मिली है. राज्य में दवा के पहुंच जाने के बाद उनके पास कुछ करने जैसा नहीं रह जाता है. राज्य प्रशासन को कुछ गाइडलाइन का पालन करना होता है. एडवोकेट जनरल (एजी) ने कहा कि रिपोर्ट में राज्य प्रशासन ने भी इसका उल्लेख किया है. सलाइन में कोई समस्या नहीं थी. मुख्य न्यायाधीश ने पूछा कि राज्य प्रशासन क्या खुद से सलाइन का उत्पादन नहीं कर सकती है? इस तरह का उद्योग लगाने में कितने रुपये खर्च होंगे. क्या कोई दवा कंपनी इस राज्य में है. इस पर एडवोकेट जनरल ने कहा कि इसकी जानकारी लेकर ही वह कुछ कह पायेंगे. सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, राज्य प्रशासन ने बताया है कि घटना के वक्त रात में कोई सीनियर फैकल्टी मौजूद नहीं था. आरएमओ भी उपस्थित नहीं थे. कुछ लापरवाही भी हुई थी. राज्य प्रशासन ने इस घटना की सीआइडी जांच का निर्देश दिया है. मामले की अगली सुनवाई दो सप्ताह बाद होगी. डिस्क्लेमर: यह नया विचार समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे नया विचार डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है The post प्रसूता की मौत का मामला: राज्य प्रशासन ने हाइकोर्ट में कहा- सलाइन में नहीं थी समस्या appeared first on Naya Vichar.

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माध्यमिक के छात्रों को एडमिट कार्ड देने का कोर्ट ने दिया निर्देश, स्कूलों पर लगाया जुर्माना

कोलकाता. माध्यमिक के कई परीक्षार्थियों ने एडमिट कार्ड नहीं मिलने को लेकर कलकत्ता हाइकोर्ट में याचिका दायर की थी. गुरुवार को मामले की सुनवाई हुई. जस्टिस विश्वजीत बसु की पीठ ने माध्यमिक शिक्षा पर्षद को एडमिट कार्ड देने की व्यवस्था करने का निर्देश दिया. पर्षद ने एडमिट कार्ड को लेकर आवेदन लेने की प्रक्रिया बंद कर दी है. अदालत ने कहा कि आज (गुरुवार) शाम छह बजे तक पर्षद आवेदन पोर्टल स्कूलों के लिए खोल दे. उक्त पोर्टल पर स्कूल आवेदन कर सकते हैं. जिन छात्रों को एडमिट कार्ड नहीं मिला है, उनके लिए स्कूल आवेदन कर सकेंगे. इनरोलमेंट होने पर रविवार को पर्षद कार्यालय जाकर एडमिट कार्ड संग्रह किया जायेगा. अदालत ने कहा कि इसे लेकर पर्षद अपनी वेबसाइट पर एक पब्लिक नोटिस जारी करेगा. साथ ही जिन स्कूलों की गलती से छात्र-छात्राओं को एडमिट कार्ड मिलने में असुविधा हुई, उन स्कूलों पर कोर्ट ने 10 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया. डिस्क्लेमर: यह नया विचार समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे नया विचार डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है The post माध्यमिक के छात्रों को एडमिट कार्ड देने का कोर्ट ने दिया निर्देश, स्कूलों पर लगाया जुर्माना appeared first on Naya Vichar.

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Patna News : रिटायर्ड अभियंता से 50 हजार रुपये रिश्वत लेते रूपसपुर थाने के दो दारोगा गिरफ्तार

संवाददाता,पटना : निगरानी अन्वेषण ब्यूरो ने गुरुवार को 50 हजार रुपये की रिश्वत लेने के आरोप में रूपसपुर थाने में तैनात दो दारोगा को गिरफ्तार कर लिया. निगरानी ब्यूरो ने एक रिटायर्ड इंजीनियर तुषार कुमार पांडेय की शिकायत के बाद यह कार्रवाई की़ निगरानी ब्यूरो के सूत्रों के अनुसार तुषार पांडेय ने बुधवार को निगरानी ब्यूरो में यह लिखित शिकायत दी थी कि रूपसपुर थाने में राहुल कुमार नामक एक शख्स ने उनके खिलाफ रुपये लेने का आरोप लगाते हुए शिकायत दर्ज करायी है. इसी शिकायत को मैनेज करने के लिए थानेदार के दारोगा फिरदौस आलम व रंजीत कुमार 50 हजार रुपये की रिश्वत की मांग कर रहे हैं. इसके बाद निगरानी ब्यूरो के डीएसपी अरुणोदय पांडेय को जांच और कार्रवाई करने की जिम्मेदारी दी गयी. डीएसपी पांडेय ने पूरे मामले की सत्यता जांच की और शिकायत को सही पाया. इसके बाद उन्होंने एक धावा दल का गठन किया, जिसने गुरुवार की रात दोनों दारोगा को शास्त्रीनगर स्थित एलएनजेपी हड्डी अस्पताल के पास अंधेरे में तुषार पांडेय से रिश्वत की रकम लेते हुए गिरफ्तार कर लिया. दोनों दारोगाओं से पूछताछ हो रही है़ शुक्रवार को इन्हें निगरानी की विशेष न्यायालय में पेश किया जायेगा. डिस्क्लेमर: यह नया विचार समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे नया विचार डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है The post Patna News : रिटायर्ड अभियंता से 50 हजार रुपये रिश्वत लेते रूपसपुर थाने के दो दारोगा गिरफ्तार appeared first on Naya Vichar.

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Patna News : गंगापथ के किनारे लगाये जायेंगे एक लाख पौधे

संवाददाता, पटना : राज्य के सभी जिलों में पर्यावरण संवाद आयोजित किया जायेगा. पटना में जेपी गंगापथ के किनारे एक लाख पौधे लगाये जायेंगे. जिला प्रशासन से इसके लिए जमीन चिह्नित करने को कहा गया है. गुरुवार को वीर कुंवर सिंह आजादी पार्क में आयोजित पर्यावरण संवाद को संबोधित करते हुए विधान परिषद के सभापति अवधेश नारायण सिंह ने इसे एक सार्थक पहल बताया. उन्होंने कहा कि प्रदूषण को ध्यान में रखकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक पहल की और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व वाली प्रशासन पर्यावरण संरक्षण की दिशा में आगे बढ़कर काम कर रही है. प्रशासन बनायेगी नयी नीति : डाॅ प्रेम इस दौरान पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री डॉ प्रेम कुमार ने कहा कि पटना से पर्यावरण संवाद की शुरुआत हुई है और इसका आयोजन राज्य के सभी जिलों में किया जायेगा. इस दौरान मिले सुझावों के आधार पर पर्यावरण संरक्षण की दिशा में प्रशासन नयी नीति बनायेगी. उन्होंने कहा कि पटना में गंगापथ के किनारे करीब एक लाख पौधे लगाये जायेंगे. इसके साथ पटना के डीएम को पौधाराेपण के लिए प्रशासनी जमीन चिह्नित करने का निर्देश दिया गया है. सुझावाें पर तैयार होगी कार्ययोजना इस दाैरान विभाग की सचिव बंदना प्रेयषी ने कहा कि पर्यावरण संवाद में मिले सुझावों के आधार पर पर्यावरण को बेहतर करने की दिशा में विभाग कार्ययोजना तैयार करेगा. जल-जीवन-हरियाली योजना लागू करने के बेहतर परिणाम सामने आने लगे हैं. उन्होंने कहा कि प्रशासन राष्ट्रीय स्तर का पार्क बनाने के दिशा में काम कर रही है. बिना माइक के ही बोलते रहे मंत्री जब मंत्री डॉ प्रेम कुमार संबोधन के लिए माइक के पास पहुंचे तो माइक बंद हो गया. इसके बाद मंत्री डॉ प्रेम कुमार ने बिना माइक के ही करीब नौ मिनट तक कार्यक्रम को संबोधित किया. बाद में बिजली आने पर वे माइक से संबोधित करने लगे. ये रहे मौजूद : पर्यावरण संवाद कार्यक्रम में जैव विविधता पर्षद के अध्यक्ष हिंदुस्तान ज्योति, पीसीसीएफ (विकास) अरविंदर सिंह, एपीसीसीएफ (कार्य नियोजन प्रशिक्षण एवं विस्तार) अभय कुमार द्विवेदी, पटना की महापौर सीता साहू, रणविजय रौशन व अन्य मौजूद रहे. डिस्क्लेमर: यह नया विचार समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे नया विचार डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है The post Patna News : गंगापथ के किनारे लगाये जायेंगे एक लाख पौधे appeared first on Naya Vichar.

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