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Bihar Economic Survey: 2041 तक बिहार में हर 10 में से 6 शख्स के पास होगा काम, प्रयासों का दिखने लगा असर

Bihar Economic Survey: बिहार की जनसंख्या में अब बड़ा परिवर्तन दिखने लगा है. लोक कल्याणकारी योजनाओं और आर्थिक विकास का प्रभाव अब यहां की आबादी पर दिखने लगा है. राज्य की जनसंख्या में विकास तो हो रहा है, साथ ही इनकी आयु संरचना में भी बदलाव दिखने लगा है. यह अनुमान है कि आगामी 16 वर्षों (वर्ष 2041 तक) के दौरान राज्य की आबादी में कामकाजी आयु वर्ग के लोगों की संख्या सर्वाधिक होगी. 2041 तक राज्य का हर 10 में से छठा व्यक्ति कामकाजी आयु वर्ग में शामिल हो जायेगा. Economic-Survey-2024-25-Hindi_11zonDownload सम्राट चौधरी ने जारी किये आंकड़े 2011 की जनगणना के अनुसार बिहार की सिर्फ 43.2% आबादी ही कामकाजी आयु वर्ग में शामिल थी. अब यह बढ़कर 58.3% हो जायेगी. विधानसभा में वित्त मंत्री सम्राट चौधरी द्वारा रखे गये आर्थिक सर्वेक्षण में बिहार के आयु संरचना के आंकड़े दिये गये हैं. इसमें जनसंख्या को तीन वर्गों यानी कामकाजी, किशोर और बुजुर्गों के आयु वर्ग में बांटा गया है. किशोरों की आयु शून्य से 19 वर्ष के अंदर है. कामकाजी आयु वर्ग के लोगों को 20-59 वर्ष के बीच रखा गया है. 60 वर्ष से अधिक की आयु वर्ग के लोग भी शामिल है. आबादी कितनी बढ़ेगी सर्वेक्षण में बताया गया है कि वर्ष 2021 में राज्य की आबादी 12.30 करोड़ थी, जो वर्ष 2031 तक बढ़कर 13.95 करोड़ हो जायेगी, राज्य की जनसंख्या वर्ष 2041 तक 15.34 करोड़ होगी. वर्ष 2041 तक राज्य की जनसंख्या की वार्षिक वृद्धि 1.34% से घटकर सिर्फ एक प्रतिशत पर आ जायेगी, जनसंख्या की वार्षिक वृद्धि में आयी कमी का असर पूरी जनसंख्या पर दिखेगा, इसी का नतीजा होगा कि किशोरों की आबादी जो वर्ष 2011 में 43.2% थी उसमें वर्ष 2041 तक गिरावट होकर 30.1% तक आ जायेगी. बुजुर्गों की आबादी कामकाजी आबादी पर बोझ होगी और इस उम्र के लोगों को सामाजिक समर्थन की आवश्यकता होगी. पढ़ें नया विचार की प्रीमियम स्टोरी :Mughal Harem Stories :  मुगल हरम की औरतों ने मौत की परवाह किए बिना रात के अंधेरे में प्रेम को दिया अंजाम Magadha Empire : सुनिए मगध की कहानी, एक था राजा बिम्बिसार The post Bihar Economic Survey: 2041 तक बिहार में हर 10 में से 6 शख्स के पास होगा काम, प्रयासों का दिखने लगा असर appeared first on Naya Vichar.

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Baaharein: ऑनस्क्रीन सास-दामाद की जोड़ी नये शो में करेगी रोमांस, प्रणाली राठौड़ के साथ नहीं इस एक्ट्रेस के साथ बनी हर्षद चोपड़ा की जोड़ी

Baaharein: ये रिश्ता क्या कहलाता है फेम हर्षद चोपड़ा और शिवांगी जोशी एक नये शो ‘बहारें’ में नजर आएंगे. ये एक रोमांटिक शो होगा, जिसे एकता कपूर प्रोड्यूस कर रही है. शो को लेकर सोशल मीडिया पर काफी बज है. मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो इसकी शूटिंग शुरू हो चुकी है और ये इसी साल मई या जून में टीवी पर आएगी. हालांकि ऐसा भी कहा जा रहा है कि शो का नाम बदला भी जा सकता है. शो सेलिब्रिटी मास्टरशेफ को रिप्लेस करेगा. शो की ऑफिशियल अनाउंसमेंट अभी बाकी है. शो ‘बहारें’ में बनेंगी हर्षद चोपड़ा- शिवांगी जोशी की जोड़ी एकता कपूर का नया शो ‘बहारें’ सोनी चैनल पर आएगा. बताया जा रहा है कि शो रात 8 बजे के स्लॉट पर टेलीकास्ट होगा. IWM बज़ की रिपोर्ट के अनुसार, शो में हर्षद चोपड़ा और शिवांगी जोशी के अलावा दिव्यांगना जैन, ऋषि देशमुख, यश पंडित, रोहित चौधरी, मानसी श्रीवास्तव भी इसमें नजर आएंगे. ये भी बताया जा रहा है कि शिवांगी और हर्षद प्रोमो शूट करने वाले हैं और वह भी बहुत जल्द. दोनों ने राजन शाही के शो ये रिश्ता क्या कहलाता है में काम किया था, लेकिन अलग-अलग जेनरेशन में. शिंवागी ने सात साल तक शो में काम किया था. जबकि हर्षद 2 साल तक हिस्सा बने हुए थे. शो की बात करें तो ये रिश्ता में शिवांगी, हर्षद की सास लगेगी. नया विचार की प्रीमियम स्टोरी: Child Mental Health : शिशु हो रहे हैं दबंग, रेप और आत्महत्या करने में भी नहीं करते संकोच, जानिए क्या है वजह प्रणाली राठौड़ के साथ नहीं बनी हर्षद चोपड़ा की जोड़ी कुछ समय पहले ऐसी समाचारें आई थी कि एकता कपूर दिव्यांका त्रिपाठी दहिया और करण पटेल को अपने शो में लीड रोल के लिए लेना चाहती थी. बताया ये भी गया था कि दोनों को फाइनल कर लिया गया था, लेकिन किसी वजह से बात नहीं बनी. उसके बाद हर्षद चोपड़ा को मेकर्स ने अप्रोच किया. उनके अपोजिट काम करने के लिए प्रणाली राठौड़ के नाम पर चर्चा की गई थी, लेकिन बात नहीं बनी. अब जाकर शिवांगी और हर्षद साथ में काम कर रहे हैं. दोनों ने अनुबंध पर साइन भी कर लिया है. अब फैंस दोनों को साथ में देखने के लिए बेताब है. The post Baaharein: ऑनस्क्रीन सास-दामाद की जोड़ी नये शो में करेगी रोमांस, प्रणाली राठौड़ के साथ नहीं इस एक्ट्रेस के साथ बनी हर्षद चोपड़ा की जोड़ी appeared first on Naya Vichar.

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Animal Movie: ‘IAS बनने से मुश्किल है फिल्म बनाना’, विकास दिव्यकीर्ति ने की एनिमल की बुराई, तो निर्देशक ने दिया मुंहतोड़ जवाब

Animal Movie: साल 2023 में आई फिल्ममेकर संदीप रेड्डी वांगा की फिल्म ‘एनिमल’ ने बॉक्स ऑफिस पर 900 करोड़ रुपए की ताबड़तोड़ कमाई की थी. इस फिल्म में रणबीर कपूर और रश्मिका मंदाना लीड रोल में थे. फिल्म को जितना दर्शकों का प्यार मिला था, उससे कई ज्यादा इसे आलोचनाओं का सामना करना पड़ा था. इन्हीं में से एक यूपीएससी मेंटॉर विकास दिव्यकीर्ति भी शामिल हैं, जिसने फिकन के बारे में कई गलत बातें की थीं, जिसपर अब खुद फिल्म के निर्देशक संदीप रेड्डी वांगा ने जवाब दिया है. उनका कहना है कि कुछ लोगों को सामाजिक मुद्दों पर बात करने में दिलचस्पी नहीं है, लेकिन ‘एनिमल’ पर काफी देर तक चर्चा कर सकते हैं. आइए बताते हैं उन्होंने आगे क्या कुछ कहा है. संदीप रेड्डी वांगा ने एनिमल कंट्रोवर्सी पर दिया जवाब संदीप रेड्डी वांगा ने Game Changers पॉडकास्ट पर बातचीत करते हुए कहा, ‘एक IAS अधिकारी हैं. एक गंभीर इंटरव्यू में उन्होंने बोला कि ऐसी फिल्में जैसे एनिमल नहीं बननी चाहिए. जिस तरह से उन्होंने कहा और जिस अंदाज में वह बोल रहे थे, मुझे सच में लगा कि जैसे मैंने कोई क्रिमिनल काम किया है. उन्होंने कहा कि एक तरफ 12th Fail जैसी फिल्में बनती हैं और दूसरी तरफ एनिमल जैसी फिल्में, जो समाज को पीछे ले जा रही हैं.’ IAS बनने से मुश्किल है फिल्म बनाना निर्देशक ने आगे कहा, ‘मैं बहुत ईमानदारी से कह रहा हूं कि अगर कोई अनावश्यक हमला करेगा, तो 100 परसेंट गुस्सा आएगा. मुझे लगता है कि वह आईएएस ऑफिसर हैं. उन्होंने इसके लिए पढ़ाई की है. मेरा मानना है कि दिल्ली जाओ, किसी इंस्टिट्यूट में एडमिशन लो, 2-3 साल अपनी लाइफ के दे दो, आप आईएएस एग्जाम पास कर सकते हो. बुक्स की एक सीमित संख्या होगी, है ना? आप 1500 किताबें पढ़ोगे, तो आप आईएएस की परीक्षा पास कर सकते हो. मैं आपको लिखकर दे सकता हूं. कोई ऐसा कोर्स या टीचर नहीं है, जो आपको फिल्ममेकर और राइटर बना सके.’ विकास दिव्यकीर्ति ने ‘एनिमल’ को लेकर क्या कहा था? एनिमल फिल्म के बारे में यूपीएससी मेंटॉर विकास दिव्यकीर्ति ने साल 2023 में आई ’12th फेल’ में भी काम किया था. उन्होंने पिछले साल नीलेश मिश्रा के ‘स्लो इंटरव्यू’ सीरीज में बात करते हुए कहा, ‘ऐसी फिल्में जैसे एनिमल, हमारे समाज को 10 साल पीछे ले जाती हैं. ऐसी फिल्में नहीं बननी चाहिए. आपने पैसा कमाया. आपने दिखाया कि आपका हीरो जानवर की तरह व्यवहार करता है. इसमें कुछ सामाजिक मूल्य होना चाहिए, या लोग केवल फाइनेंशियल वेल्यू के लिए काम कर रहे हैं?’ नया विचार की प्रीमियम स्टोरी: Child Mental Health : शिशु हो रहे हैं दबंग, रेप और आत्महत्या करने में भी नहीं करते संकोच, जानिए क्या है वजह The post Animal Movie: ‘IAS बनने से मुश्किल है फिल्म बनाना’, विकास दिव्यकीर्ति ने की एनिमल की बुराई, तो निर्देशक ने दिया मुंहतोड़ जवाब appeared first on Naya Vichar.

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मैं अब भी कभी-कभी वॉशरूम साफ करता हूं, जानिए क्यों बोले OYO फाउंडर रितेश अग्रवाल

Ritesh Agarwal: OYO के संस्थापक और सीईओ रितेश अग्रवाल ने हमेशा नेतृत्व को केवल पद तक सीमित नहीं रखा, बल्कि इसे अपने कार्यों से साबित किया है. मुंबई टेक वीक 2024 के दूसरे संस्करण में 1 मार्च को बोलते हुए उन्होंने एक ऐसा पहलू साझा किया जिसने कई लोगों को चौंका दिया—वह आज भी अपने होटलों के वॉशरूम साफ करते हैं. उन्होंने कहा, “मैं अब भी कभी-कभी वॉशरूम साफ करता हूं , यह एक रोल मॉडलिंग एक्सरसाइज है.” उनका संदेश स्पष्ट था—नेतृत्व केवल पदवी का नाम नहीं, बल्कि अपने कार्यों से मिसाल कायम करने की प्रक्रिया है. विनम्रता बनाम पद का अभिमान रितेश अग्रवाल ने सफलता के लिए अहंकार, डर और शर्म को छोड़ने की आवश्यकता पर जोर दिया. उन्होंने कहा, “एक उद्यमी के रूप में पहले दिन से ही आपको डर, शर्म, अहंकार और घमंड जैसी सभी चीजों को बाहर छोड़कर अंदर आना होता है, क्योंकि ये ही सफलता के सबसे बड़े दुश्मन हैं.” यह बयान उन्होंने उद्यमिता में असफलता के डर को कैसे दूर किया जाए, इस पर पूछे गए एक सवाल के जवाब में दिया. उन्होंने युवा उद्यमियों को आत्मविश्वास और लचीलेपन के साथ आगे बढ़ने की प्रेरणा दी. महाकुंभ में भावनात्मक अनुभव व्यवसाय से इतर, रितेश अग्रवाल ने हाल ही में प्रयागराज, उत्तर प्रदेश में महाकुंभ मेले की अपनी एक व्यक्तिगत अनुभव साझा किया. उन्होंने सोशल मीडिया पर अपने बेटे आर्य के साथ नाव की सवारी का एक वीडियो पोस्ट किया और अपनी दो दशक पुरानी यादों को ताजा किया. उन्होंने लिखा, “महाकुंभ में पहली बार अपने बेटे आर्य के साथ खड़े होकर, मेरी खुद की पहली यात्रा की यादें उमड़ पड़ीं. तब मैं खुद को बहुत छोटा महसूस करता था, लेकिन एक बड़े इतिहास और संस्कृति का हिस्सा भी. आज, मैं उसके साथ खड़ा हूँ, उम्मीद करता हूं कि वह अपने जवाब, अपनी आस्था और अपनी राह खुद खोजे. यह सिर्फ एक परंपरा नहीं है, यह एक विरासत है—आस्था, उम्मीद और सपनों को सच करने की हिम्मत की विरासत.” नेतृत्व की जड़ों में सीखने और प्रभाव का भाव रितेश अग्रवाल का नेतृत्व दर्शन केवल व्यापार तक सीमित नहीं है, बल्कि यह विनम्रता, सीखने और सकारात्मक प्रभाव डालने की सोच से प्रेरित है. चाहे वह अपने व्यवसाय में उदाहरण पेश करने की बात हो या अपनी आस्था और संस्कृति को संजोने की, उनका सफर एक प्रेरणा बन गया है. पढ़ें नया विचार की प्रीमियम स्टोरी: क्या पुतिन से नजदीकियों की वजह से ट्रंप ने जेलेंस्की को व्हाइट हाउस से बाहर निकाला? पढ़ें नया विचार की प्रीमियम स्टोरी: कुत्ते संग कराई 11 माह की बच्ची की शादी, हो जनजाति की अनोखी परंपरा Also Read: कितनी संपत्ति के मालिक हैं हिटमैन रोहित शर्मा? ब्रांड्स और IPL से होती है करोड़ों की कमाई The post मैं अब भी कभी-कभी वॉशरूम साफ करता हूं, जानिए क्यों बोले OYO फाउंडर रितेश अग्रवाल appeared first on Naya Vichar.

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बिल क्लिंटन और अपने संबंध को अब #MeToo की शुरुआत बता रही हैं मोनिका लेविंस्की, सच ऐसे हुआ था उजागर

Table of Contents एलेक्स कूपर के पॉडकास्ट कॉल हर डैडी में बोलीं मोनिका लेविंस्की वो यौन उत्पीड़न नहीं था कब और कैसे हुआ था क्लिंटन और लेविंस्की के संबंधों का खुलासा डीएनए रिपोर्ट का आधार बना था लेविंस्की का ब्लू ड्रेस बिल क्लिंटन ने मांगी थी माफी बिल क्लिंटन पर चला महाभियोग कैसी थी हिलेरी क्लिंटन की प्रतिक्रिया Monica Lewinsky : मोनिका लेविंस्की यह नाम अमेरिका की नेतृत्व में एक बार इस कदर गूंजा था कि पूरे देश में भूचाल आ गया था. दरअसल 1998 में व्हाइट हाउस की इंटर्न मोनिका लेविंस्की और तत्कालीन अमेरिकी राष्ट्रपति बिल क्लिंटन के बीच यौन संबंध का खुलासा हुआ था. उस वक्त बिल क्लिंटन की छवि को बहुत धक्का लगा था, वही मोनिका लेविंस्की जो अब 51 साल की हो चुकी हैं, सामने आकर यह कहा है कि बिल क्लिंटन को संबंधों का खुलासा होने के बाद इस्तीफा दे देना चाहिए था. एलेक्स कूपर के पॉडकास्ट कॉल हर डैडी में बोलीं मोनिका लेविंस्की वो यौन उत्पीड़न नहीं था मोनिका लेविंस्की ने इतने साल बाद एलेक्स कूपर के पॉडकास्ट कॉल हर डैडी पर अपने और बिल क्लिंटन के संबंधों पर बात की. उन्होंने कहा कि यह सही है कि उनके और बिल क्लिंटन के बीच जो कुछ हुआ, वह यौन उत्पीड़न नहीं था, लेकिन यहां गौर करने वाली बात यह है कि उस वक्त मैं किस स्थिति में थी और बिल क्लिंटन किस स्थिति में थे. मैं महज 22 साल की इंटर्न थी और वो 49 साल के अमेरिकी राष्ट्रपति. उन्हें अपनी शक्ति और मर्यादा को समझना चाहिए था.संबंधों के बारे में झूठ-सच कहने से बेहतर होता कि वे अपने पद से इस्तीफा दे देते. लेविंस्की का कहना था कि व्हाइट हाउस के ओवल ऑफिस में उसके राष्ट्रपति क्लिंटन के साथ नौ बार संबंध बने थे. There’s zero upside to Monica Lewinsky giving an interview. Why do you think she’s doing it now? https://t.co/6mtMKa0pu2 — Ms. Pistolicious (@mspistolicious) February 26, 2025 कब और कैसे हुआ था क्लिंटन और लेविंस्की के संबंधों का खुलासा अमेरिकी राष्ट्रपति बिल क्लिंटन और मोनिका लेविंस्की के बीच संबंधों का खुलासा जनवरी 1998 में एक केस के सिलसिले में हुआ था. जैसे ही यह मामला सामने आया, आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया था. क्लिंटन ने मीडिया के सामने यह कहा था कि मेरे साथ मिस लेविस्की के यौन संबंध कभी नहीं रहे हैं. हालांकि बाद में जब डीएनए रिपोर्ट सामने आई तो अंतत: बिल क्लिंटन को सच स्वीकारना पड़ा था. हाल  में एक इंटरव्यू के दौरान क्लिंटन ने यह स्वीकार किया था कि लेविंस्की के साथ उनके संबंध तनाव कम करने के लिए बनाए गए थे, लेकिन वह गलत था. पढ़ें नया विचार की प्रीमियम स्टोरी :Magadha Empire : सुनिए मगध की कहानी, एक था राजा बिम्बिसार जिसने साम्राज्य विस्तार के लिए वैवाहिक गठबंधन किया Mughal Harem Stories : हिंदू रानियां नेतृत्वक समझौते की वजह से मुगल हरम तक पहुंचीं, लेकिन नहीं मिला सम्मान औरंगजेब ने आंखें निकलवा दीं, पर छावा संभाजी ने नहीं कुबूल किया इस्लाम, क्या है शिवाजी के बेटे की पूरी कहानी? विभिन्न विषयों पर एक्सप्लेनर पढ़ने के लिए क्लिक करें डीएनए रिपोर्ट का आधार बना था लेविंस्की का ब्लू ड्रेस जनवरी 1998 में जब  बिल क्लिंटन और मोनिका लेविंस्की के बीच यौन संबंध का स्कैम सामने आया, तो एफबीआई और स्वतंत्र वकील केनेथ स्टार ने मामले की जांच शुरू की. जांच के दौरान लेविंस्की की एक दोस्त ने एक नीली ड्रेस पेश की, जिसपर क्लिंटन के शुक्राणु मौजूद थे. दरअसल मोनिका लेविंस्की ने 28 फरवरी 1997 को वह ब्लू ड्रेस पहनी थी और क्लिंटन से मुलाकात की थी. उसी दौरान दोनों के बीच संबंध बने. इस ड्रेस को अपनी दोस्त की सलाह पर लेविंस्की ने बिला धोए अपने पास रखा था, जो क्लिंटन के खिलाफ बड़ा हथियार बना. जब क्लिंटन के डीएनए की जांच की गई, तो वह कपड़े पर मिले शुक्राणु से मैच कर गया, जिसके बाद क्लिंटन को सच स्वीकारना पड़ा था. बिल क्लिंटन ने मांगी थी माफी बिल क्लिंटन और हिलेरी क्लिंटन डीएनए रिपोर्ट सामने आने के बाद बिल क्लिंटन को सच स्वीकारना पड़ा और उन्होंने इस संबंध को स्वीकारते हुए अमेरिकी जनता और अपनी पत्नी हिलेरी क्लिंटन से माफी मांगी थी. उन्होंने यह कहा था कि जो कुछ वह नहीं होना चाहिए था और वह गलत था. माफी मांगने के बावजूद बिल क्लिंटन की छवि को बहुत नुकसान हुआ और उन्हें झूठ बोलने का आरोप सहना पड़ा, इससे उनको नैतिक क्षति हुई.   बिल क्लिंटन पर चला महाभियोग डीएनए रिपोर्ट सामने आने और क्लिंटन के द्वारा सच स्वीकार किए जाने के बाद उनपर महाभियोग चलाया गया, लेकिन आरोप साबित नहीं हुआ और क्लिंटन को बरी कर दिया गया, लेकिन उनकी छवि को बहुत नुकसान पहुंचा. क्लिंटन पर महाभियोग की प्रक्रिया दिसंबर 1998 में शुरू की गई थी और उन्हें फरवरी 1999 में आरोपों से बरी कर दिया गया था, लेकिन यह पूरा साल उनके लिए बहुत कठिन रहा था. कैसी थी हिलेरी क्लिंटन की प्रतिक्रिया बिल क्लिंटन की पत्नी हिलेरी क्लिंटन ने इस पूरे घटनाक्रम के बीच अपने पति का साथ दिया और यह कहा कि उनपर आरोप साजिश के तहत लगाए जा रहे हैं, लेकिन जब क्लिंटन ने आरोपों को स्वीकारा तो उन्हें बहुत धक्का भी लगा. उन्होंने अपनी आत्मकथा में इस बात का जिक्र किया है कि वे सदमे में थीं, लेकिन उन्होंने तलाक का रास्ता नहीं चुना. हां, उन्होंने अपनी व्यस्तता बढ़ा दी और सार्वजनिक जीवन में ज्यादा मुखर हो गईं. हिलेरी क्लिंटन ने राष्ट्रपति का चुनाव भी लड़ा. पढ़ें नया विचार की प्रीमियम स्टोरी :History of Munda Tribes 4 : मुंडा समाज में कानून की दस्तक था ‘किलि’, जानें कैसे हुई थी शुरुआत The post बिल क्लिंटन और अपने संबंध को अब #MeToo की शुरुआत बता रही हैं मोनिका लेविंस्की, सच ऐसे हुआ था उजागर appeared first on Naya Vichar.

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कौन हैं आलिम हकीम ? जिन्होंने विराट-सलमान के काटे बाल, इतना लेते हैं चार्ज 

Who is Aalim Hakim: आलिम हकीम देश के सबसे लोकप्रिय और प्रतिष्ठित हेयर स्टाइलिस्ट में से एक हैं. बॉलीवुड, साउथ फिल्म इंडस्ट्री और क्रिकेट जगत के कई बड़े सितारे उनके पास हेयर स्टाइलिंग और ग्रूमिंग के लिए आते हैं. विराट कोहली से लेकर सलमान खान तक, कई मशहूर सेलेब्रिटीज उनके स्टाइल और फैशन सेंस को फॉलो करते हैं. उनके अनोखे स्टाइल और बेहतरीन स्किल्स ने उन्हें इंडस्ट्री में एक अलग पहचान दिलाई है. बालकनी से लेकर बड़े सैलून तक का सफर आलिम हकीम का हेयर स्टाइलिंग करियर बेहद दिलचस्प रहा है. उन्होंने एक इंटरव्यू में बताया कि हेयर स्टाइलिंग का हुनर उन्होंने बचपन से ही सीखना शुरू कर दिया था. उनके पिता भी एक जाने-माने हेयर ड्रेसर थे और बॉलीवुड के कई बड़े स्टार्स उनके क्लाइंट हुआ करते थे. हालांकि, जब आलिम केवल 9 साल के थे, तभी उनके पिता का निधन हो गया. परिवार की जिम्मेदारी उन पर आ गई, जिसके चलते उन्होंने महज 16 साल की उम्र में अपने प्रोफेशनल करियर की शुरुआत की. उन्होंने अपने पिता की विरासत को आगे बढ़ाने का फैसला किया और “हकीम्स आलिम” ब्रांड की नींव रखी. शुरुआत में उन्होंने अपने घर की बालकनी में ही एक छोटा सैलून बनाया, जहां वे अपने कॉलेज के दोस्तों के साथ बाल कटिंग की प्रैक्टिस किया करते थे. पढ़ें नया विचार की प्रीमियम स्टोरी: सुनिए मगध की कहानी, एक था राजा बिम्बिसार जिसने साम्राज्य विस्तार के लिए वैवाहिक गठबंधन किया मुश्किलों से सीखा कामयाबी का मंत्र आलिम हकीम के पास शुरुआती दिनों में ज्यादा संसाधन नहीं थे, लेकिन उन्होंने कभी हार नहीं मानी. उन्होंने अपने सैलून को बेहतर बनाने के लिए धीरे-धीरे निवेश किया. उनके लिए सबसे बड़ा बदलाव तब आया जब उन्होंने अपने सैलून में एयर कंडीशनर लगाने का फैसला किया. उन्होंने 30,000 रुपये में एक सेकंड-हैंड एसी खरीदा और हर महीने 2,000-3,000 रुपये की किश्त चुकाकर उसे पूरा भुगतान किया. आलिम हकीम के मुताबिक, जब उन्होंने अपने सैलून में पहला एसी लगाया, तब उन्हें ऐसा लगा कि वे अमीर हो गए हैं. उस समय उनके लिए यह एक बड़ी उपलब्धि थी, क्योंकि उन्होंने कड़ी मेहनत के बाद अपने काम को एक नया स्तर दिया था. बॉलीवुड और क्रिकेट जगत के पसंदीदा हेयर स्टाइलिस्ट 1990 के दशक में, जब वे कॉलेज में थे, तो उनके दोस्त उनके पास हेयर कट करवाने आने लगे. धीरे-धीरे उनकी पहचान बढ़ती गई और बॉलीवुड के सितारे भी उनके सैलून में आने लगे. सलमान खान, फरदीन खान, सैफ अली खान, सुनील शेट्टी और अजय देवगन जैसे बड़े अभिनेता 20 साल पहले उनके क्लाइंट बने और आज भी उनकी सेवाएं लेते हैं. आलिम हकीम का मानना है कि उनके क्लाइंट्स की उनके प्रति वफादारी उनके काम की गुणवत्ता को दर्शाती है. उन्होंने कहा, “ये सेलेब्रिटी कभी भी मेरा स्टाइल बदलने के लिए किसी और के पास नहीं गए, क्योंकि उन्हें मुझ पर भरोसा है.” आलिम हकीम की फीस और उनकी खासियत आज के समय में, आलिम हकीम का नाम हेयर स्टाइलिंग इंडस्ट्री में सबसे बड़े ब्रांड्स में शुमार होता है. उनकी सेवाओं की न्यूनतम फीस 1 लाख रुपये है. उन्होंने ब्रूट इंडिया को दिए इंटरव्यू में कहा, “मेरी फीस पहले से तय होती है, हर कोई जानता है कि मैं कितना चार्ज करता हूं. मेरी सर्विस 1 लाख रुपये से कम में उपलब्ध नहीं होती.” बड़े सितारों के लिए डिजाइन किए खास लुक आलिम हकीम सिर्फ हेयर स्टाइलिस्ट ही नहीं बल्कि एक लुक डिजाइनर भी हैं. उन्होंने कई सुपरहिट फिल्मों में सितारों का लुक स्टाइल किया है, जिनमें शामिल हैं: ऋतिक रोशन का लुक – फिल्म ‘वॉर’ रणबीर कपूर का लुक – फिल्म ‘एनिमल’ और ‘संजू’ शाहिद कपूर का लुक – फिल्म ‘कबीर सिंह’ विक्की कौशल का लुक – फिल्म ‘सैम बहादुर’ रजनीकांत का लुक – फिल्म ‘जेलर’ प्रभास का लुक – फिल्म ‘बाहुबली’ आलिम हकीम ने अपने टैलेंट और मेहनत से हेयर स्टाइलिंग इंडस्ट्री में एक अलग मुकाम हासिल किया है. आज वे न सिर्फ बॉलीवुड बल्कि क्रिकेट जगत के भी पसंदीदा हेयर स्टाइलिस्ट बन चुके हैं. उनकी सफलता इस बात का प्रमाण है कि कड़ी मेहनत और समर्पण से कोई भी अपने सपनों को साकार कर सकता है. The post कौन हैं आलिम हकीम ? जिन्होंने विराट-सलमान के काटे बाल, इतना लेते हैं चार्ज  appeared first on Naya Vichar.

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Vidur Niti: अगर चाहते हैं अपना भला, तो तुरंत छोड़ें इन लोगों की संगति को

Vidur Niti: प्राचीन हिंदुस्तान में कई विद्वान हुए हैं जिनकी बातें आज के समय में भी हमारा मार्गदर्शन कर रही हैं. महात्मा विदुर  बुद्धिमान और कुशल नेतृत्वज्ञ थे. उनकी नीतियों को विदुर नीति के नाम से जाना जाता है. विदुर नीति आज के समय में भी प्रासंगिक है. विदुर नीति जीवन से जुड़े कई पहलुओं के बारे में बात करती है और लोगों को सही दिशा दिखाने का भी काम करती है. किसी भी इंसान की संगति उसे बिगाड़ सकती है या बना सकती है. विदुर नीति में भी संगति के बारे में कुछ बातें हैं. महात्मा विदुर के अनुसार इन लोगों की संगति में नहीं रहना चाहिए. इन लोगों के साथ रहने से आपको नुकसान हो सकता है. तो जानते हैं इस बारे में विस्तार से. लालची लोग विदुर नीति के अनुसार लालची लोगों की संगति से दूर रहना चाहिए. लालची लोग लोभ के चक्कर में गलत काम करने से भी पीछे नहीं रहते. इस तरह के लोगों का साथ आप के लिए मुसीबत का कारण बन सकता है. लोभ में आकर ऐसे लोग आपके साथ भी बुरा कर सकते हैं.  यह भी पढ़ें: Vidur Niti: विदुर नीति के अनुसार, ये 5 गुण अपनाकर आप पा सकते हैं मां लक्ष्मी की कृपा यह भी पढ़ें: Vidur Niti: इन 3 लोगों को भूलकर भी न बताएं अपने गहरे राज, नहीं तो जिंदगी भर रहेंगे परेशान आलसी लोग जो लोग मेहनत नहीं करते हैं ऐसे लोगों से दूरी बनाकर रखें. महात्मा विदुर के अनुसार आलसी लोग खुद तो काम नहीं करते और इनकी संगत में रहने से सामने वाले पर भी इस बात का प्रभाव पड़ता है.  नशा का सेवन करने वाले लोग नशा इंसान के जीवन को बर्बाद कर देता है. विदुर नीति के अनुसार नशा करने वाले लोगों की संगति में नहीं रहना चाहिए. नशे की लत इंसान के पूरे घर को बर्बाद कर देती है. ऐसे लोग पैसे को नशे में लुटा देते हैं. स्वार्थी लोग विदुर नीति में बताया गया है कि स्वार्थी व्यक्ति से हमेशा दूर रहना चाहिए. स्वार्थ से भरा व्यक्ति हमेशा अपने हित को आगे रखता है. इस तरह के व्यक्ति का साथ आपको नुकसान पहुंचा सकता है. स्वार्थी व्यक्ति सामने वाले की कमजोरी का फायदा उठाने से भी पीछे नहीं हटता.  यह भी पढ़ें: Vidur Niti: इस स्थिति में पत्नी को न दें अपनी मेहनत की कमाई, वरना फायदे के बजाय होगा नुकसान Disclaimer: यह आर्टिकल सामान्य जानकारियों और मान्यताओं पर आधारित है. नया विचार इसकी पुष्टि नहीं करता है. The post Vidur Niti: अगर चाहते हैं अपना भला, तो तुरंत छोड़ें इन लोगों की संगति को appeared first on Naya Vichar.

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Govt Schemes : 10 गाय पालने पर 10 लाख रुपए देगी सरकार

Govt Schemes : योगी प्रशासन गाय पालन करने वालों पर मेहरबान है. यही वजह है कि एक खास योजना यूपी प्रशासन लेकर आई है. इस साल पेश किए गए बजट में प्रशासन ने छुट्टा गोवंश के संरक्षण के लिए 2000 करोड़ रुपए का प्रावधान किया है. इसी क्रम में प्रशासन ने अमृत धारा योजना भी लागू की है. इसके तहत दो से 10 गाय पालने पर प्रशासन 10 बैंकों के जरिए 10 लाख रुपए तक आसान शर्तों पर ऋण मुहैया कराएगी. योजना के तहत तीन लाख रुपए तक अनुदान के लिए किसी गारंटर की भी जरूरत नहीं होगी. सुधरेगी जन, जल और जमीन की सेहत दरअसल जन, जमीन और जल की सेहत यूपी  प्रशासन के लिए प्राथमिकता है. इसका प्रभावी हल है प्राकृतिक खेती. ऐसी खेती जो रासायनिक उर्वरकों और कीटनाशकों से मुक्त हो. गोवंश इस खेती का आधार बन सकते हैं. उनके गोबर और मूत्र को प्रसंस्कृत कर खाद और कीटनाशक के रूप में प्रयोग से ही ऐसा संभव है. इससे पशुपालकों को दोहरा लाभ होगा. खुद और परिवार की सेहत के लिए दूध तो मिलेगा ही जमीन की सेहत के लिए खाद और कीटनाशक भी मिलेगा. इनके उत्पादन से गौआश्रय भी क्रमशः स्वावलंबी हो जाएंगे. पढ़ें नया विचार की प्रीमियम स्टोरी : Delimitation : लोकसभा चुनाव 2029 में सीटों की संख्या बढ़ने से डर क्यों रहे हैं एमके स्टालिन? योगी प्रशासन का प्रयास मुख्यमंत्री का गोवंश के प्रति प्रेम जगजाहिर है. वह अपने पहले कार्यकाल से ही गोवंश के संरक्षण पर जोर दे रहे हैं. इस बाबत निराश्रित गोवंश के लिए गोआश्रय खोले गए. प्रति पशु के अनुसार भरण पोषण के लिए पैसा भी दिया जाता है. बजट के पहले अनुपूरक बजट में भी इस बाबत 1001 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया था. मुख्यमंत्री की मंशा इन गोआश्रयों को आत्मनिर्भर बनाने की है. ऐसा तभी संभव है जब इनके गोबर और मूत्र को आर्थिक रूप से उपयोगी बनाया जाय. इसके लिए समय-समय पर प्रशासन स्किल डेवलपमेंट का भी कार्यक्रम चलाती है. साथ ही मनरेगा के तहत भी पशुपालकों को सस्ते में कैटल शेड, पशु बाड़ा और गोबर गैस लगाने की सहूलियत दी जा रही. मिनी नंदिनी योजना भी गोवंश के संरक्षण और संवर्धन को ही ध्यान में रखकर बनाई गई है. इसमें भी योगी प्रशासन कई तरह के अनुदान दे रही है. The post Govt Schemes : 10 गाय पालने पर 10 लाख रुपए देगी प्रशासन appeared first on Naya Vichar.

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Tridha Choudhary: ‘आश्रम 3’ में पम्मी की भाभी बबिता ने अदाओं से किया दिल पर वार? देखिए उनकी बेस्ट OTT फिल्में-सीरीज

Tridha Choudhary: बॉबी देओल की मोस्ट अवेटेड वेब सीरीज ‘आश्रम सीजन 3 पार्ट 2 (Aashram Season 3 Part 2)’ फाइनली एमएक्स प्लेयर पर दस्तक दे चुकी है. एक बार फिर दर्शकों को बाबा निराला और भोपा स्वामी का षडियंत्र भरा दांव देखने को मिल रहा है. साथ ही सीरीज में पम्मी की वापसी ने दर्शकों की धड़कने बढ़ा रखी है. लेकिन इन सब के बीच एक किरदार है, जिसने पहले सीजन से फैंस के दिलों पर अपनी अदाओं से कब्जा किया है. यह और कोई नहीं, बल्कि पम्मी की भाभी बबिता के किरदार में त्रिधा चौधरी है. आश्रम के पहले सीजन में इनके बोल्ड लुक्स और एक्टिंग को काफी पसंद किया गया था. ऐसे में आइए आज हम आपको उनकी ऐसी ही कुछ बेहतरीन फिल्मों और वेब सीरीज के नाम बताएंगे, जिन्हें आपको बिंज वॉच करना चाहिए. View this post on Instagram A post shared by Tridha Choudhury ✨ (@tridhac) द चार्जशीट: इनोसेंट और गिल्टी (The Chargesheet: Innocent or Guilty) द चार्जशीट: इनोसेंट और गिल्टी एक क्राइम-ड्रामा सीरीज है, जिसकी कहानी 80 के दशक के बैटमिटन प्लेयर के मर्डर की जांच और उसे न्याय दिलाने के इर्द-गिर्द घूमती है. दिलचस्प कहानी के साथ शानदार स्टार कास्ट ने इस सीरीज में जान डाल दी है. इस वेब सीरीज में एक सीन ऐसा है, जो आपको अपने टीवी, लैपटॉप या फोन स्क्रीन से कहानी के अंत तक बांधे रखती है और आगे क्या होगा इसे लेकर आपकी एक्साइटमेंट को बढ़ा देती है. इस सीरीज में त्रिधा चौधरी ने महत्वपूर्ण किरदार निभाया है, जिसे दर्शकों और क्रिटिक्स का खूब प्यार मिला है. इसे अब आप ZEE5 पर देख सकते हैं. नया विचार की प्रीमियम स्टोरी: Child Mental Health: शिशु हो रहे हैं दबंग, रेप और आत्महत्या करने में भी नहीं करते संकोच, जानिए क्या है वजह बंदिश बैंडिट्स (Bandish Bandits) बंदिश बैंडिट्स एक म्यूजिकल रोमांटिक ड्रामा वेब सीरीज है, जिसे Amazon Prime Video पर एंजॉय कर सकते हैं. इसमें आपको क्लासिकल और पॉप सिंगिंग का एक शानदार मेल देखने को मिलेगा. इस दिल छू लेने वाली कहानी को युवा दर्शकों ने बहुत पसंद किया था. इस सीरीज में त्रिधा की एक्टिंग को भी खूब सरहाया गया था. आश्रम (Aashram) बॉबी देओल की पॉपुलर क्राइम-थ्रिलर सीरीज Amazon MX Player पर उपलब्ध है. इस सीरीज की कहानी अंधविश्वास, भ्रष्टाचार और पॉवर के अनदेखे पहलुओं को उजागर करती है, जहां एक पाखंडी बाबा के साम्राज्य में जनता को अंधविश्वास और धोखाधड़ी को दिखाया गया है. इस सीरीज में त्रिधा चौधरी को दर्शकों का सबसे ज्यादा प्यार मिला था. सीरीज में उनके और बाबा निराला का किरदार निभाने वाले बॉबी देओल के बोल्ड सीन्स ने सबसे ज्यादा भौकाल मचाया है. खाद (Khaad) त्रिधा चौधरी की जबरदस्त और चर्चित फिल्म ‘खाद’ ग्रामीण जीवन की असल और कठोर जिंदगी को दर्शाता है. इसकी कहानी आपको खुद से अंत तक बांधे रखेगी. इस फिल्म में त्रिधा के काम को बहुत पसंद किया गया था. यह फिल्म JioHotstar पर उपलब्ध है. The post Tridha Choudhary: ‘आश्रम 3’ में पम्मी की भाभी बबिता ने अदाओं से किया दिल पर वार? देखिए उनकी बेस्ट OTT फिल्में-सीरीज appeared first on Naya Vichar.

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Threading or Waxing: थ्रेडिंग या वैक्सिंग- अपर लिप्स के लिए क्या है सही

Threading or Waxing: अपर लिप्स के अनचाहे बाल हटाने के लिए थ्रेडिंग और वैक्सिंग दोनों ही लोकप्रिय विकल्प हैं. लेकिन कौन-सा तरीका बेहतर है? यह सवाल हर लड़की और स्त्री के मन में आता है. अगर आप भी इस दुविधा में हैं कि अपनी अपर लिप्स के लिए कौन-सा ऑप्शन चुनें, तो इस लेख में हम दोनों ही तकनीकों के फायदे और नुकसान को विस्तार से समझेंगे, जिससे आप अपने लिए सही निर्णय ले सकें. Threading vs Waxing for Upper Lips: क्या है सही विकल्प? 1.थ्रेडिंग (Threading): क्या यह सही विकल्प है? थ्रेडिंग एक पारंपरिक तकनीक है जिसमें कॉटन धागे का इस्तेमाल कर बालों को जड़ से निकाला जाता है. यह तरीका सैलून में आसानी से किया जाता है और काफी अफोर्डेबल भी होता है. Threading or waxing: थ्रेडिंग या वैक्सिंग- अपर लिप्स के लिए क्या है सही Benefits of Threading: थ्रेडिंग के फायदे यह त्वचा पर अधिक खिंचाव नहीं डालता, जिससे स्किन सुरक्षित रहती है. संवेदनशील त्वचा के लिए सही विकल्प, क्योंकि इसमें केमिकल्स का इस्तेमाल नहीं होता. यह छोटे और बारीक बालों को भी जड़ से हटा सकता है. Disadvantages of Threading: थ्रेडिंग के नुकसान थोड़ी असहजता और हल्का दर्द हो सकता है. बार-बार करवाने की जरूरत होती है क्योंकि बाल जल्दी उग आते हैं. कभी-कभी स्किन पर हल्की रेडनेस या जलन हो सकती है. 2. वैक्सिंग (Waxing): यह कितना प्रभावी है? वैक्सिंग एक तेज और प्रभावी तरीका है, जिसमें वैक्स लगाकर बालों को स्ट्रिप के जरिए खींचकर निकाला जाता है. Threading or waxing: थ्रेडिंग या वैक्सिंग- अपर लिप्स के लिए क्या है सही Benefits of Waxing: वैक्सिंग के फायदे बालों की ग्रोथ धीमी हो जाती है और लंबे समय तक चेहरे पर साफ-सुथरी लुक मिलती है. स्किन मुलायम और स्मूद दिखती है. बार-बार पार्लर जाने की जरूरत नहीं पड़ती. Disadvantages of threading: वैक्सिंग के नुकसान: संवेदनशील त्वचा वालों को रैशेज़ या एलर्जी की समस्या हो सकती है. यदि सही तरीके से नहीं किया जाए तो स्किन पर जलन और लाल धब्बे हो सकते हैं. दर्द थ्रेडिंग के मुकाबले थोड़ा ज्यादा हो सकता है. आपके लिए कौन-सा सही है? अगर आपकी स्किन सेंसिटिव है और आप कम दर्द वाला तरीका चाहती हैं, तो थ्रेडिंग बेहतर रहेगा. लेकिन अगर आप चाहते हैं कि बाल धीरे-धीरे कम हो जाएं और लंबे समय तक असर बना रहे, तो वैक्सिंग एक अच्छा विकल्प हो सकता है. थ्रेडिंग और वैक्सिंग दोनों के अपने-अपने फायदे और नुकसान हैं. सही तरीका चुनने के लिए अपनी स्किन टाइप और पर्सनल प्रेफरेंस को ध्यान में रखें. अगर पहली बार कोई भी तरीका अपना रही हैं, तो पैच टेस्ट जरूर करें और एक्सपर्ट की सलाह लें. Also Read: Darkness Around Mouth: चावल के आटे, दही और शहद से दूर करें होंठों के आसपास की कालिमा Also Read: 3 Home Remedies for Dry lips: फटे होंठों से पाएं छुटकारा जानें 3 आसान घरेलू उपाय Also Read: Tips For Dry Skin Care In Winters: सर्दी में रुखेपन के कारण हो रही है असुविधा तो अपनाएं ये टिप्स The post Threading or Waxing: थ्रेडिंग या वैक्सिंग- अपर लिप्स के लिए क्या है सही appeared first on Naya Vichar.

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