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ममता बनर्जी को महा-झटका, काकोली घोष दस्तीदार समेत 20 सांसद NDA के साथ, दीदी का खेल खत्म

खास बातें बागी सांसदों ने निकाली दलबदल कानून की काट हम एनडीए के साथ जा रहे हैं : काकोली घोष दस्तीदार दलबदल विरोधी कानून की उड़ी धज्जियां बंगाल की जनता के फैसले को किया स्वीकार TMC Crisis: दिल्ली में खलबली, कालीघाट में सन्नाटा ममता के ‘इंडिया’ गठबंधन की बैठक से पहले हुआ ‘धमाका’ TMC Crisis: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के बाद बिखर रही तृणमूल कांग्रेस (TMC) के ताबूत में सोमवार को दिल्ली की धरती पर सबसे आखिरी और सबसे बड़ा कील ठोक दिया गया. पश्चिम बंगाल से लेकर देश की राजधानी दिल्ली तक उस समय नेतृत्वक भूकंप आ गया, जब तृणमूल कांग्रेस की वरिष्ठ सांसद और लोकसभा में पार्टी की पूर्व मुख्य सचेतक (Chief Whip) काकोली घोष दस्तीदार ने कहा कि टीएमसी के 28 लोकसभा सदस्यों में से 20 ने केंद्र में सत्तारूढ़ हिंदुस्तानीय जनता पार्टी (BJP) के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन यानी राजग (NDA) को समर्थन देने का फैसला कर लिया है. बागी सांसदों ने निकाली दलबदल कानून की काट बागी टीएमसी सांसदों ने दलबदल कानून की काट निकालते हुए लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को आधिकारिक पत्र भी सौंप दिया है, जिससे ममता बनर्जी का संसदीय कुनबा ताश के पत्तों की तरह ढह गया. इसी तरह रीतब्रत बनर्जी की अगुवाई में 58 टीएमसी विधायकों ने ममता बनर्जी को बंगाल विधानसभा में झटका दिया था. हम एनडीए के साथ जा रहे हैं : काकोली घोष दस्तीदार सोमवार को काकोली घोष दस्तीदार ने टीएमसी में सबसे बड़े विद्रोह की आधिकारिक पुष्टि की. उन्होंने खुलासा किया कि केंद्र प्रशासन को समर्थन देने की इच्छा जताते हुए लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को एक लिखित पत्र पहले ही भेजा जा चुका है. उन्होंने एक बड़ा तकनीकी दावा ठोकते हुए कहा- तृणमूल कांग्रेस के करीब 20 सांसदों ने, जिनमें मैं भी शामिल हूं, एनडीए को समर्थन देने के अपने फैसले से लोकसभा अध्यक्ष को अवगत करा दिया है. मैं अभी भी लोकसभा में पार्टी की मुख्य सचेतक बनी हुई हूं और यह निर्णय सभी साथी सांसदों के साथ गहन विचार-विमर्श और आम सहमति के बाद लिया गया है. इसे भी पढ़ें : कालीघाट की बैठकों के ‘सीक्रेट दस्तावेज’ लीक, रीतब्रत ने पूछे 3 सवाल, सीआईडी खंगालेगी विधायकों का मोबाइल लोकेशन दलबदल विरोधी कानून की उड़ी धज्जियां बागियों ने दलबदल कानून (Anti-Defection Law) के उस चक्रव्यूह को पूरी तरह भेद दिया, जिसकी चर्चा रविवार को टीएमसी के थिंक टैंक कर रहे थे. लोकसभा में टीएमसी के कुल 28 सदस्य हैं. नियमानुसार, दलबदल कानून से बचने और अपनी सांसदी बचाने के लिए दो-तिहाई यानी कम से कम 19 सांसदों की जरूरत थी. काकोली का दावा है कि 20 सांसदों का उनको समर्थन प्राप्त है. इसलिए दलबदल कानून उन पर लागू नहीं होता. बंगाल की समाचारें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें बंगाल की जनता के फैसले को किया स्वीकार बगावत को जायज ठहराते हुए काकोली घोष दस्तीदार ने कहा- हमने पश्चिम बंगाल की जनता के फैसले और जनादेश को खुले दिल से स्वीकार कर लिया है. हमारा दृढ़ विश्वास है कि बंगाल के विकास के लिए हमारा भविष्य का नेतृत्वक मार्ग अब राजग (NDA) की नीतियों के अनुरूप ही होना चाहिए. TMC Crisis: दिल्ली में खलबली, कालीघाट में सन्नाटा यह अप्रत्याशित घटनाक्रम उस वक्त सामने आया है, जब तृणमूल कांग्रेस के भीतर पिछले कुछ दिनों से वरिष्ठ नेताओं द्वारा खुले तौर पर केंद्रीय नेतृत्व (अभिषेक बनर्जी की शैली) के खिलाफ असहमति जताने और इस्तीफे देने का दौर चल रहा था. लोकसभा के 28 सांसदों के साथ-साथ राज्यसभा में भी टीएमसी के 12 सदस्य हैं, लेकिन लोकसभा में हुए इस 20 सांसदों के महा-विद्रोह ने ममता बनर्जी की राष्ट्रीय नेतृत्व को शून्य पर ला खड़ा किया है. इसे भी पढ़ें : बंगाल में 28 साल का सबसे बड़ा भूचाल, ममता में ‘लेनिन’ को देखने वाले रीतब्रत बने टीएमसी के 58 बागियों के ‘बॉस’ ममता के ‘इंडिया’ गठबंधन की बैठक से पहले हुआ ‘धमाका’ दिल्ली में ‘इंडिया’ (INDIA) गठबंधन की बड़ी बैठक से ठीक पहले यह धमाकेदार समाचार आ गयी. सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि इस महा-तख्तापलट और काकोली घोष दस्तीदार के दावों पर समाचार लिखे जाने तक तृणमूल कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व (कालीघाट) की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया या खंडन सामने नहीं आया है. इसे भी पढ़ें अधीर रंजन चौधरी का बड़ा बयान- अपनी ही करनी का फल भुगत रही हैं टीएमसी चीफ ममता बनर्जी ममता बनर्जी का कोलकाता की सड़कों पर चटाई बिछाकर धरना, टीएमसी में टूट की आशंका के बीच ‘दिल्ली चलो’ का नारा बंगाल में महाराष्ट्र जैसे विभाजन के दावों पर भड़के शोभनदेव चट्टोपाध्याय, कहा- ममता बनर्जी के पास ही रहेगा ‘जोड़ा फूल’ मैं भी बड़ी खिलाड़ी हूं, समय आने पर दूंगी जवाब, चौतरफा संकट के बीच फेसबुक लाइव पर गरजीं ममता बनर्जी The post ममता बनर्जी को महा-झटका, काकोली घोष दस्तीदार समेत 20 सांसद NDA के साथ, दीदी का स्पोर्ट्स खत्म appeared first on Naya Vichar.

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Bihar MLC Chunav: कुर्सी जाने का काउंटडाउन शुरू? जानें कब तक मंत्री बने रह सकते हैं दीपक प्रकाश

Bihar MLC Chunav: बिहार विधान परिषद चुनाव के लिए एनडीए के सभी 9 उम्मीदवारों ने नामांकन दाखिल कर दिया है. इसके बाद बिहार की नेतृत्व में पंचायती राज मंत्री दीपक प्रकाश को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं. इस बार उन्हें एनडीए की ओर से एमएलसी उम्मीदवार नहीं बनाया गया. ऐसे में अब सवाल उठ रहा है कि क्या वह आगे भी मंत्री पद पर बने रह पाएंगे या नहीं. मंत्री पद को लेकर क्यों उठ रहे सवाल? दीपक प्रकाश राष्ट्रीय लोक मोर्चा प्रमुख और केंद्रीय मंत्री रह चुके उपेंद्र कुशवाहा के बेटे हैं. वह इस समय बिहार प्रशासन में पंचायती राज मंत्री हैं. लेकिन फिलहाल वह न तो विधानसभा के सदस्य हैं और न ही विधान परिषद के. ऐसे में संवैधानिक नियमों को लेकर उनकी स्थिति पर चर्चा शुरू हो गई है. संविधान के अनुसार कोई भी व्यक्ति मंत्री बनाया जा सकता है, लेकिन उसे छह महीने के भीतर विधानसभा या विधान परिषद में से किसी एक सदन का सदस्य बनना जरूरी होता है. यदि तय समय के अंदर सदस्यता नहीं मिलती है तो मंत्री पद छोड़ना पड़ता है. मई में दोबारा मिली थी मंत्री पद की जिम्मेदारी दीपक प्रकाश ने पहले भी मंत्री पद की शपथ ली थी. उस कार्यकाल के समाप्त होने के बाद मई महीने में बने नए मंत्रिमंडल में उन्हें फिर से मंत्री बनाया गया. इसी वजह से छह महीने की नई समयसीमा की गणना मई से मानी जा रही है. नेतृत्वक जानकारों का कहना है कि वर्तमान स्थिति में वह नवंबर तक मंत्री पद पर बने रह सकते हैं. लेकिन इसके बाद उनके सामने संवैधानिक चुनौती खड़ी हो सकती है. एमएलसी चुनाव में नहीं मिला मौका विधान परिषद की जिन सीटों पर चुनाव हो रहा है, वहां एनडीए ने अपने उम्मीदवारों के नाम पहले ही तय कर दिए हैं. भाजपा ने चार उम्मीदवार उतारे हैं. जदयू ने भी चार नेताओं को मैदान में भेजा है. एक सीट लोक जनशक्ति पार्टी (रा) के हिस्से में गई है. ऐसे में एनडीए की ओर से सभी नौ सीटों पर उम्मीदवार तय हो चुके हैं. दीपक प्रकाश का नाम इनमें शामिल नहीं है. यही कारण है कि उनके लिए फिलहाल विधान परिषद पहुंचने का रास्ता बंद नजर आ रहा है. दूसरी तरफ दसवीं सीट पर राजद ने सुनील कुमार सिंह को उम्मीदवार बनाया है. नामांकन प्रक्रिया पूरी होने के बाद नेतृत्वक हलकों में अब दीपक प्रकाश की आगे की रणनीति को लेकर चर्चा बढ़ गई है. नवंबर के बाद क्या हो सकता है? नेतृत्वक और संवैधानिक जानकारों का मानना है कि यदि नवंबर तक दीपक प्रकाश किसी भी सदन के सदस्य नहीं बनते हैं तो उनके लिए मंत्री पद पर बने रहना संभव नहीं होगा. नियमों के तहत उन्हें पद छोड़ना पड़ सकता है. फिलहाल निकट भविष्य में विधान परिषद की कोई नई सीट खाली होती भी नहीं दिख रही है. ऐसे में उनके सामने सदस्य बनने के ऑप्शन कम नजर आ रहे हैं. बिहार की ताजा समाचारों के लिए क्लिक करें इस्तीफे की चर्चा भी तेज नेतृत्वक गलियारों में यह चर्चा भी चल रही है कि यदि समय रहते कोई रास्ता नहीं निकलता है तो दीपक प्रकाश नैतिक आधार पर स्वयं भी मंत्री पद से इस्तीफा दे सकते हैं. अभी तक इस तरह की किसी संभावना पर उनकी ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं दी गई है. प्रशासन, एनडीए या राष्ट्रीय लोक मोर्चा की ओर से भी इस मामले में कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है. इसे भी पढ़ें: दीपक प्रकाश ने नहीं किया नामांकन, मंत्री पद जाना तय! जानें 10 उम्मीदवारों के नाम The post Bihar MLC Chunav: कुर्सी जाने का काउंटडाउन शुरू? जानें कब तक मंत्री बने रह सकते हैं दीपक प्रकाश appeared first on Naya Vichar.

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कल किन राशि वालों को मिलेगा किस्मत का पूरा साथ और किनकी बढ़ेगी चुनौतियां, पढ़ें 9 जून का राशिफल

Kal Ka Rashifal 9 June 2026: कल 9 जून 2026 दिन मंगलवार है. ग्रहों की स्थिति में बड़ा परिवर्तन देखने को मिल रहा है, क्योंकि चंद्रमा अपनी राशि परिवर्तन प्रक्रिया के तहत अब मीन राशि में प्रवेश कर चुके हैं. मंगल का अपनी स्वराशि मेष में होना साहस और पराक्रम में वृद्धि करेगा, जबकि कर्क राशि में देवगुरु बृहस्पति और शुक्र का युति योग भावनात्मक स्थिरता और सुख-सुविधाओं में इजाफा करने वाला है. मीन राशि का चंद्रमा अध्यात्म और रचनात्मकता की ओर झुकाव बढ़ाता है. यह दिन मंगल प्रधान होने के कारण ऊर्जा से भरा रहेगा, लेकिन चंद्रमा की मीन स्थिति मन में थोड़ी भावुकता भी पैदा करेगी. करियर में मेहनत का फल मिलने की संभावना है और व्यापारियों के लिए निवेश का यह एक शुभ चरण है. आइए जानते हैं कि ग्रहों का यह विशेष गोचर आपके व्यक्तिगत जीवन के विभिन्न पहलुओं, जैसे कि करियर, प्रेम और स्वास्थ्य पर कैसा प्रभाव डालने वाला है. पढ़ें कल का राशिफल मेष कल का राशिफल कल का दिन आपके लिए थोड़ा खर्चीला रह सकता है, क्योंकि चंद्रमा आपकी राशि के बारहवें भाव में स्थित है. करियर के क्षेत्र में कार्यभार अधिक रहेगा, लेकिन आप अपनी बुद्धिमानी से सब संभाल लेंगे. बिजनेस में धन के निवेश के समय सावधानी बरतें. लव लाइफ में साथी के साथ थोड़ी गलतफहमियां हो सकती हैं, इसलिए स्पष्ट बात करना ही उचित रहेगा. स्वास्थ्य में पैरों या आंखों की थकान महसूस हो सकती है, भरपूर आराम करें. कल आपको व्यर्थ की भागदौड़ से बचने की सलाह दी जाती है. अपने लक्ष्यों को प्राथमिकता दें और किसी भी प्रकार के तनाव से दूर रहकर सकारात्मक रहने का प्रयास करें. वृषभ कल का राशिफल कल का दिन आपके लिए काफी लाभकारी रहेगा, क्योंकि चंद्रमा आपकी राशि के एकादश भाव में विराजमान है. करियर में आपकी मेहनत का अच्छा फल मिलेगा और वरिष्ठ अधिकारी आपके काम की सराहना करेंगे. बिजनेस में अचानक आर्थिक लाभ के योग बन रहे हैं. लव लाइफ में साथी के साथ बेहतरीन समय बीतेगा और आप भविष्य को लेकर चर्चा कर सकते हैं. स्वास्थ्य उत्तम रहेगा और आप मानसिक रूप से काफी प्रसन्न महसूस करेंगे. कल आप जो भी नया काम शुरू करेंगे, उसमें सफलता प्राप्त होगी. समाज में मान-सम्मान बढ़ेगा और आप अपने मित्रों के साथ यादगार पल साझा करेंगे. मिथुन कल का राशिफल कल का दिन आपके लिए सफलता दिलाने वाला है, क्योंकि चंद्रमा आपकी राशि के दशम भाव में संचरण कर रहा है. करियर में आपको बड़ी जिम्मेदारी मिल सकती है, जिससे आपके पद में वृद्धि होगी. बिजनेस में नई योजनाएं सफल होंगी और लाभ के नए अवसर सामने आएंगे. लव लाइफ में साथी के साथ तालमेल बना रहेगा और आपसी प्रेम में प्रगाढ़ता आएगी. स्वास्थ्य की दृष्टि से दिन अच्छा है, बस काम के साथ-साथ अपने खान-पान पर भी ध्यान दें. कल कार्यस्थल पर आपकी पहचान एक कुशल रणनीतिकार के रूप में बनेगी. आत्म-विश्वास के साथ अपने सभी कार्यों को समय पर पूरा करने का प्रयास करें. कर्क कल का राशिफल कल का दिन आपके लिए भाग्यशाली रहेगा, क्योंकि चंद्रमा आपकी राशि के नवम भाव में स्थित है. करियर में तरक्की के नए द्वार खुलेंगे और विदेश यात्रा के योग भी बन सकते हैं. बिजनेस में कोई बड़ा सौदा फाइनल हो सकता है. लव लाइफ में साथी के साथ रिश्ता और मजबूत होगा. स्वास्थ्य के प्रति आप पहले से बेहतर महसूस करेंगे, ऊर्जा का स्तर ऊंचा रहेगा. कल आप किसी धार्मिक या सामाजिक कार्य में रुचि ले सकते हैं. आपका मन शांत रहेगा और आप सही निर्णय लेने में सक्षम होंगे. परिवार का पूरा सहयोग मिलेगा, जिससे आपके आत्मविश्वास में वृद्धि होगी. सिंह कल का राशिफल कल का दिन आपके लिए थोड़ा चुनौतीपूर्ण हो सकता है, क्योंकि चंद्रमा आपकी राशि के अष्टम भाव में गोचर कर रहा है. करियर में सहकर्मियों से सतर्क रहें और अपने काम पर ही ध्यान दें. बिजनेस में किसी भी प्रकार का बड़ा निवेश अभी न करें. लव लाइफ में साथी की सेहत को लेकर थोड़ी चिंता रह सकती है. स्वास्थ्य में पेट या पाचन से जुड़ी समस्या हो सकती है, सात्विक भोजन लें. कल आपको धैर्य रखने की बहुत अधिक आवश्यकता है. शांत रहकर ही आप मुश्किलों का सामना कर पाएंगे. किसी भी प्रकार के विवाद से दूर रहें और अपने कार्यों में स्पष्टता बनाए रखें. कन्या कल का राशिफल कल का दिन आपके लिए मिश्रित फलदायी रहेगा, क्योंकि चंद्रमा आपकी राशि के सप्तम भाव में विराजमान है. करियर में नई साझेदारी करने के लिए दिन अच्छा है. बिजनेस में मुनाफा बढ़ेगा, लेकिन खर्चों पर भी नियंत्रण रखना होगा. लव लाइफ में साथी के साथ कहीं बाहर जाने का मौका मिल सकता है, जिससे मूड अच्छा रहेगा. स्वास्थ्य की दृष्टि से दिन सामान्य है, बस नियमित व्यायाम करते रहें. कल आप अपने लक्ष्यों के प्रति काफी गंभीर रहेंगे. कोई महत्वपूर्ण निर्णय लेते समय अनुभवी व्यक्ति की सलाह लेना आपके लिए फायदेमंद साबित होगा. जीवनसाथी का पूरा सहयोग आपको मिलेगा. तुला कल का राशिफल कल का दिन आपके लिए अनुकूल है, क्योंकि चंद्रमा आपकी राशि के छठे भाव में स्थित है. यह स्थान रोगों और शत्रुओं पर विजय दिलाने वाला है. करियर में आपको पुरानी मेहनत का फल मिलेगा और आपके विरोधी शांत रहेंगे. बिजनेस में लाभ की स्थिति बनी रहेगी. लव लाइफ में साथी के साथ मधुर संबंध रहेंगे और आप दोनों एक-दूसरे की भावनाओं को बेहतर समझेंगे. स्वास्थ्य में सुधार आएगा और आप नई स्फूर्ति का अनुभव करेंगे. कल का दिन कठिन कार्यों को पूरा करने के लिए उपयुक्त है. अपने आत्मविश्वास को बनाए रखें और अपनी कार्यक्षमता का पूरा लाभ उठाएं. वृश्चिक कल का राशिफल कल का दिन आपके लिए मध्यम फलदायी रहेगा, क्योंकि चंद्रमा आपकी राशि के पंचम भाव में संचरण कर रहा है. करियर में रचनात्मक विचारों की प्रशंसा होगी. बिजनेस में कोई बड़ा लाभ मिल सकता है, बशर्ते आप सही योजना बनाएं. लव लाइफ में साथी के साथ थोड़ी नोकझोंक हो सकती है, लेकिन अंत में सब ठीक हो जाएगा. स्वास्थ्य सामान्य रहेगा. कल आपको अपने बच्चों की शिक्षा या भविष्य से जुड़ी किसी बात पर ध्यान देने की आवश्यकता पड़ सकती है. विद्यार्थियों के लिए यह समय बहुत अच्छा है,

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पाकिस्तान ने 16 महीनों में लॉन्च किए 6 सैटेलाइट, भारत का इंच-इंच नाप रहा; कश्मीर पर खास फोकस

Pakistan Surveillance Satellites: पाकिस्तान ने पिछले डेढ़ साल के दौरान अपने अंतरिक्ष कार्यक्रम को नई रफ्तार दी है. एक रिपोर्ट के मुताबिक जनवरी 2025 से जून 2026 के बीच पाकिस्तान ने छह नए अर्थ-ऑब्जर्वेशन (पृथ्वी अवलोकन) सैटेलाइट अंतरिक्ष में भेजे हैं. इन सैटेलाइट्स की तैनाती और उनकी कक्षाओं को लेकर सुरक्षा विशेषज्ञों ने चिंता जताई है, क्योंकि इनमें से कई हिंदुस्तान, विशेष रूप से जम्मू-कश्मीर और उत्तरी क्षेत्रों की लगातार निगरानी करने में सक्षम बताए जा रहे हैं. द प्रिंट की रिपोर्ट के अनुसार, पाकिस्तान ने पीएयूसैट-1 (PAUSAT-1), पीआरएससी-ईओ1 (PRSC-EO1), पीआरएसएस-2 (PRSS-2), एचएस-1 (HS-1), पीआरएससी-ईओ2 (PRSC-EO2) और पीआरएससी-ईओ3 (PRSC-EO3) सैटेलाइट्स को तैनात किया है. रिपोर्ट का दावा है कि यह पारंपरिक सन-सिंक्रोनस ऑर्बिट वाले सैटेलाइट्स से अलग तरीके से काम करता है और किसी क्षेत्र की दोबारा तस्वीर लेने (रीविजिट रेट) की क्षमता बढ़ाता है. यह विस्तार ऑपरेशन सिंदूर के बाद पाकिस्तान ने अंतरिक्ष आधारित निगरानी क्षमताओं को चुपचाप मजबूत करने का काम किया है. रिपोर्ट की मुख्य बातें एक नजर में जनवरी 2025 से जून 2026 के बीच पाकिस्तान ने 6 नए अर्थ-ऑब्जर्वेशन सैटेलाइट लॉन्च किए. कई सैटेलाइट हिंदुस्तान, खासकर जम्मू-कश्मीर और उत्तरी क्षेत्रों की बार-बार निगरानी करने में सक्षम बताए गए. सैटेलाइट्स में हाई-रिजॉल्यूशन इमेजिंग, हाइपरस्पेक्ट्रल सेंसर और एआई आधारित विश्लेषण तकनीक मौजूद है. अप्रैल 2026 में लॉन्च पीआरएससी-ईओ3 को दक्षिण एशिया पर अधिक निगरानी के लिए विशेष कक्षा में स्थापित किए जाने का दावा. पाकिस्तान के कुल 15 सैटेलाइट मिशनों में से 6 केवल पिछले 16 महीनों में लॉन्च हुए. अधिकांश मिशनों में चीन का प्रत्यक्ष या परोक्ष सहयोग रहा. विशेषज्ञों ने अंतरिक्ष आधारित निगरानी को भविष्य की सामरिक प्रतिस्पर्धा का महत्वपूर्ण क्षेत्र बताया. रिपोर्ट की मुख्य बातें इंफोग्राफिक में. यह तस्वीर एआई से बनवाई गई है. अब विस्तार से समझिए पाकिस्तान ने इन मिशनों को कृषि, आपदा प्रबंधन, पर्यावरण अध्ययन और प्राकृतिक संसाधनों की निगरानी से जुड़ी नागरिक परियोजनाएं बताया है. लेकिन रक्षा और अंतरिक्ष मामलों के जानकारों का कहना है कि आधुनिक अर्थ-ऑब्जर्वेशन सैटेलाइट्स का इस्तेमाल दोहरे उद्देश्य (डुअल-यूज) के लिए किया जा सकता है, यानी नागरिक कार्यों के साथ-साथ सैन्य निगरानी में भी. पिछले 16 महीनों में पाकिस्तान के प्रमुख सैटेलाइट लॉन्च 14 जनवरी 2025: पीएयूसैट-1 (PAUSAT-1) पाकिस्तान की अंतरिक्ष एजेंसी सुपारको ने इसे स्पेसएक्स के फाल्कन-9 रॉकेट की मदद से लॉन्च किया. यह 16U क्यूबसैट श्रेणी का अर्थ-ऑब्जर्वेशन सैटेलाइट है. इसे पृथ्वी से करीब 513 किलोमीटर ऊंचाई पर सूर्य-समकालिक निम्न कक्षा (Sun-Synchronous Orbit) में स्थापित किया गया. 17 जनवरी 2025: पीआरएससी-ईओ1 (PRSC-EO1) पीएयूसैट-1 के लॉन्च के तीन दिन बाद ही पाकिस्तान ने दूसरा पृथ्वी अवलोकन उपग्रह अंतरिक्ष में भेजा. इस मिशन के लिए चीन के लॉन्ग मार्च-2डी रॉकेट का उपयोग किया गया. इसका उद्देश्य पृथ्वी की निगरानी और भू-स्थानिक डेटा जुटाना बताया गया. 31 जुलाई 2025: पाकिस्तान रिमोट सेंसिंग सैटेलाइट-2 (PRSS-2) चीन के सहयोग से विकसित और लॉन्च किया गया. यह हाई-रिजॉल्यूशन इमेजिंग क्षमता वाला रिमोट सेंसिंग उपग्रह है. इससे अधिक स्पष्ट और विस्तृत तस्वीरें प्राप्त की जा सकती हैं. 19 अक्टूबर 2025: एचएस-1 (HS-1) पाकिस्तान का पहला हाइपरस्पेक्ट्रल अर्थ-ऑब्जर्वेशन सैटेलाइट. यह विभिन्न तरंगदैर्घ्यों (वेवलेंथ) में डेटा एकत्र करने में सक्षम है. इसकी तकनीक जमीन पर मौजूद वस्तुओं, संरचनाओं और सामग्रियों की बेहतर पहचान में मदद कर सकती है. फरवरी 2026: पीआरएससी-ईओ2 (PRSC-EO2) पाकिस्तान के पृथ्वी अवलोकन कार्यक्रम का अगला चरण. इसे निगरानी और भू-डेटा संग्रहण क्षमता बढ़ाने के उद्देश्य से लॉन्च किया गया. अप्रैल 2026: पीआरएससी-ईओ3 (PRSC-EO3) पिछले 16 महीनों का छठा प्रमुख सैटेलाइट मिशन. रिपोर्टों के अनुसार इसे ऐसी कक्षा में स्थापित किया गया, जिससे दक्षिण एशिया के कुछ क्षेत्रों पर अपेक्षाकृत अधिक बार निगरानी संभव हो सके. इसकी कक्षा पारंपरिक सन-सिंक्रोनस सैटेलाइट्स से अलग बताई जाती है. आधुनिक तकनीक से लैस हैं नए सैटेलाइट रिपोर्ट के मुताबिक इन सैटेलाइट्स में हाई-रिजॉल्यूशन ऑप्टिकल इमेजिंग, हाइपरस्पेक्ट्रल सेंसर और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित इमेज प्रोसेसिंग जैसी उन्नत तकनीकों का इस्तेमाल किया गया है. विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसी प्रणालियां सीमावर्ती गतिविधियों, सैन्य ठिकानों, सैनिकों की आवाजाही, बुनियादी ढांचे में बदलाव और समुद्री गतिविधियों पर नजर रखने में मदद कर सकती हैं. कश्मीर और उत्तरी हिंदुस्तान पर अधिक फोकस? रिपोर्ट में सबसे अधिक चर्चा पीआरएससी-ईओ3 सैटेलाइट को लेकर की गई है. अप्रैल 2026 में लॉन्च किए गए इस सैटेलाइट को कथित तौर पर ऐसी कक्षा में स्थापित किया गया है, जिससे दक्षिण एशिया, खासकर उत्तरी हिंदुस्तान और जम्मू-कश्मीर क्षेत्र के ऊपर बार-बार निगरानी संभव हो सके. इसमें सन सिंक्रोनस ऑर्बिट बड़ा योगदान देता है. अमेरिका की COMSPOC के अनुसार, यह इस तरह से मुड़ा हुआ है, जिससे 20 से 40 डिग्री उत्तरी अक्षांश पर बेहतर निगरानी कर सके.  1961 के बाद सबसे तेज विस्तार पाकिस्तान की अंतरिक्ष एजेंसी सुपारको (SUPARCO) की स्थापना 1961 में हुई थी. रिपोर्ट के अनुसार स्थापना के बाद से पाकिस्तान ने कुल 15 सैटेलाइट लॉन्च किए हैं, लेकिन इनमें से छह सैटेलाइट केवल पिछले 16 महीनों में ही भेजे गए हैं. यह पाकिस्तान के अंतरिक्ष कार्यक्रम में बड़ा बदलाव है. इतने कम समय में इतने मिशन पूरे करना पाकिस्तान की पहले की रणनीति की तुलना में कहीं अधिक आक्रामक और महत्वाकांक्षी कदम है. ये भी पढ़ें:- PoK में भारी गोलीबारी, दावा- 100 से ज्यादा लोग मारे गए, 4 पुलिस वालों की मौत कंफर्म; इंटरनेट बंदी बरकरार ये भी पढ़ें:- अमेरिका, रूस ने घटाए, फ्रांस, चीन और हिंदुस्तान ने बढ़ाए;  परमाणु हथियार पर SIPRI की ताजा रिपोर्ट, इस बात पर जताई चिंता चीन की भूमिका सबसे ज्यादा रिपोर्ट में पाकिस्तान और चीन के बीच बढ़ते अंतरिक्ष सहयोग का भी उल्लेख किया गया है. बताया गया है कि हाल के अधिकांश सैटेलाइट या तो चीनी रॉकेटों की मदद से लॉन्च किए गए या फिर संयुक्त परियोजनाओं के तहत विकसित किए गए. रिपोर्ट में सुरक्षा विश्लेषकों का मानना है कि बाहरी तकनीकी और वित्तीय सहयोग के बिना इतनी तेज गति से सैटेलाइट तैनाती संभव नहीं होती. इसी कारण चीन की भूमिका को इस पूरे कार्यक्रम का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जा रहा है. हिंदुस्तान के लिए क्यों अहम है यह घटनाक्रम? रिपोर्ट ऐसे समय सामने आई है जब हिंदुस्तान को पिछले कुछ वर्षों में कुछ रणनीतिक अंतरिक्ष मिशनों में चुनौतियों का सामना करना पड़ा है. ईओएस-एन1 (EOS-N1), ईओएस-09 (EOS-09) और नाविक एनवीएस-02 (NavIC NVS-02) जैसे मिशनों से जुड़े तकनीकी झटकों का भी रिपोर्ट

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धनबाद में रिटायर्ड बीसीसीएल कर्मचारी के पीएफ से 35.5 लाख की ठगी, अनिश्चितकालीन अनशन पर बैठा परिवार

धनबाद से प्रतीक पोपट की रिपोर्ट PF Fraud: धनबाद में बीसीसीएल से सेवानिवृत्त कर्मी की जीवनभर की जमा-पूंजी ठगी का शिकार हो गई. लोयाबाद थाना क्षेत्र के रहने वाले रिटायर बीसीसीएल कर्मी वासदेव ठाकुर ने आरोप लगाया है कि उनके पीएफ खाते से फर्जी हस्ताक्षर और चेक के जरिए 35 लाख 50 हजार रुपये की अवैध निकासी कर ली गई है. मामले में बैंक कर्मचारियों और दलालों की मिलीभगत का आरोप लगाते हुए पीड़ित परिवार सोमवार से रणधीर वर्मा चौक पर अनिश्चितकालीन अनशन पर बैठ गया है. परिवार की मांग है कि ठगी गई पूरी राशि वापस दिलाई जाए और मामले में शामिल सभी दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए. फर्जी चेक और जाली हस्ताक्षर से निकासी भुक्तभोगी वासदेव ठाकुर के अनुसार, अक्टूबर 2025 में बीसीसीएल से सेवानिवृत्त होने के बाद उन्हें पीएफ मद में 35.5 लाख रुपये प्राप्त हुए थे. आरोप है कि कुछ लोगों ने फर्जी चेक और जाली हस्ताक्षर के माध्यम से उनके खाते से पूरी रकम निकाल ली. मामले की जानकारी मिलने के बाद बैंक मोड़ थाना में शिकायत दर्ज कराई गई, जिसके बाद जांच शुरू हुई. जांच के दौरान 3.5 लाख की रिकवरी जांच के दौरान पुलिस ने करीब 3.5 लाख रुपये की राशि रिकवर करने में सफलता हासिल की. हालांकि, पीड़ित परिवार का कहना है कि शेष लगभग 32 लाख रुपये अब तक बरामद नहीं हो सके हैं. आरोप है कि ठगी की रकम का बड़ा हिस्सा मणिपुर और तेलंगाना के विभिन्न बैंक खातों में ट्रांसफर किया गया है. परिवार का कहना है कि कई महीने बीत जाने के बावजूद उन्हें न्याय नहीं मिला, जिसके कारण उन्हें अनिश्चितकालीन अनशन का रास्ता अपनाना पड़ा. इसे भी पढ़ें: हजारीबाग के 500 आउटसोर्सिंग कर्मियों को तीन महीने से वेतन नहीं, परेशानी बढ़ी पीड़ित परिवार ने की निष्पक्ष जांच की मांग अनशन पर बैठे परिवार ने प्रशासन से मांग की है कि मामले में शामिल दलालों, बैंक कर्मियों और अन्य आरोपियों की भूमिका की निष्पक्ष जांच कर उन्हें सख्त सजा दिलाई जाए. साथ ही, ठगी गई पूरी राशि वापस कराने के लिए ठोस कार्रवाई की जाए. परिवार का कहना है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक उनका अनशन जारी रहेगा. अब देखना यह होगा कि पीड़ित परिवार के आंदोलन के बाद प्रशासन और जांच एजेंसियां इस मामले में कितनी तेजी से कार्रवाई करती हैं और सेवानिवृत्त कर्मी की मेहनत की कमाई वापस दिलाने में कितनी सफल होती हैं. इसे भी पढ़ें: Rajya Sabha Election: परिमल नाथवानी, बैद्यनाथ राम और प्रणव झा ने नामांकन किया दाखिल, जीत के किए दावे The post धनबाद में रिटायर्ड बीसीसीएल कर्मचारी के पीएफ से 35.5 लाख की ठगी, अनिश्चितकालीन अनशन पर बैठा परिवार appeared first on Naya Vichar.

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भारत ने दर्ज की अपने टेस्ट इतिहास की सबसे बड़ी जीत, अफगानिस्तान को पारी और 300 रन से रौंदा

IND vs AFG : अफगानिस्तान के खिलाफ एकमात्र टेस्ट मुकाबले में हिंदुस्तान ने अपनी सबसे बड़ी जीत हासिल कर ली है. हिंदुस्तान ने अफगानिस्तान को पारी और 300 रनों से करारी शिकस्त दी है. इस जीत के साथ हिंदुस्तान ने अपने टेस्ट इतिहास की सबसे बड़ी जीत हासिल कर ली है. मुल्लांपुर में स्पोर्ट्से गए मुकाबले में हिंदुस्तानीय टीम ने पहली पारी 8 विकेट पर 564 रन बनाकर घोषित की. कप्तान शुभमन गिल ने 126 रन बनाए, जबकि केएल राहुल ने 10O रन की पारी स्पोर्ट्सी. साई सुदर्शन ने 81, ऋषभ पंत ने 81 और वॉशिंगटन सुंदर ने नाबाद 52 रन का योगदान दिया. अफगानिस्तान की ओर से मोहम्मद सलीम सफी सबसे सफल गेंदबाज रहे और उन्होंने 6 विकेट लिए. पहली पारी में सुथार ने तोड़ी अफगानिस्तान की कमर जवाब में अफगानिस्तान की पहली पारी 152 रन पर सिमट गई. हिंदुस्तानीय गेंदबाजों ने शुरुआत से दबाव बनाए रखा. टेस्ट डेब्यू कर रहे बाएं हाथ के स्पिनर मानव सुथार ने 33 रन देकर 6 विकेट झटकते हुए अफगान बल्लेबाजी की कमर तोड़ दी. रहमत शाह टीम के लिए सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज रहे, लेकिन बड़ी साझेदारी नहीं बन सकी. फॉलोऑन के बाद भी नहीं बच सकी हार 412 रन से पिछड़ने के बाद अफगानिस्तान को फॉलोऑन स्पोर्ट्सना पड़ा. दूसरी पारी में भी टीम संघर्ष करती नजर आई और 112 रन पर ऑलआउट हो गई. रहमत शाह ने 60 रन बनाए और मैच में अफगानिस्तान के सर्वाधिक रन बनाने वाले बल्लेबाज रहे. हिंदुस्तान की ओर से वांशिंगटन सुंदर ने 4 विकेट झटके, जबकि अन्य गेंदबाजों ने भी अहम योगदान दिया. हिंदुस्तान की सबसे बड़ी टेस्ट जीत अफगानिस्तान की दूसरी पारी समाप्त होते ही हिंदुस्तान ने पारी और 300 रन से मुकाबला जीत लिया. यह टेस्ट क्रिकेट में हिंदुस्तान की सबसे बड़ी जीत है. डेब्यू मैच में 6 विकेट लेने वाले मानव सुथार टीम इंडिया की जीत के सबसे बड़े नायक रहे. हिंदुस्तान की पारी और रनों के अंतर से सबसे बड़ी जीत पारी और 300 रन बनाम अफ़गानिस्तान, मुलानपुर, 2026* पारी और 272 रन बनाम वेस्टइंडीज़, राजकोट, 2018 पारी और 262 रन बनाम अफ़गानिस्तान, बेंगलुरु, 2018 पारी और 239 रन बनाम बांग्लादेश, मीरपुर, 2007 पारी और 239 रन बनाम श्रीलंका, नागपुर, 2017 यह भी पढ़ें: चेयरमैन जय शाह ने पाक खिलाड़ी से मिलाया हाथ, तस्वीर हुई वायरल The post हिंदुस्तान ने दर्ज की अपने टेस्ट इतिहास की सबसे बड़ी जीत, अफगानिस्तान को पारी और 300 रन से रौंदा appeared first on Naya Vichar.

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Ramgarh: दीपिका दास राय ने बढ़ाया जिले का मान, नेशनल मास्टर्स एथलेटिक्स में जीता सिल्वर मेडल

रामगढ़ से भागीरथ महतो की रिपोर्टRamgarh: रामगढ़ के शास्त्री नगर निवासी दीपिका दास राय ने नेशनल विमेंस मास्टर्स एथलेटिक्स प्रतियोगिता में शानदार प्रदर्शन करते हुए जिले का मान बढ़ाया है. गोवा में आयोजित नेशनल विमेंस मास्टर्स एथलेटिक्स प्रतियोगिता में दीपिका दास राय ने हैमर थ्रो इवेंट में दूसरा स्थान हासिल कर सिल्वर मेडल अपने नाम किया. पहले भी कर चुकी हैं शानदार प्रदर्शन इससे पहले नवंबर 2025 में जमशेदपुर में आयोजित प्रदेश स्तरीय एथलेटिक्स प्रतियोगिता में दीपिका दास राय दो गोल्ड, एक सिल्वर और एक ब्रॉन्ज मेडल जीत चुकी हैं. सिल्वर जीतने पर खुशी की लहर नेशनल स्तर पर सिल्वर मेडल जीतने के बाद उनके समर्थकों और क्षेत्र के लोगों में खुशी का माहौल है. रामगढ़ में उनका स्वागत भी किया गया. आगे एशियन स्तर पर स्पोर्ट्सने का लक्ष्य दीपिका दास राय ने कहा कि वह आगे भी अपना स्पोर्ट्स जारी रखेंगी और एशियन स्तर पर स्पोर्ट्सकर गोल्ड मेडल जीतना उनका लक्ष्य है. जिले में सुविधाओं की कमी, ग्राउंड की मांग उन्होंने बताया कि रामगढ़ जिले में थ्रो इवेंट के लिए समुचित ग्राउंड नहीं है, जिसके कारण उन्हें वेस्ट बोकारो घाटो और कभी-कभी जमशेदपुर जाकर अभ्यास करना पड़ता है. उन्होंने जिला प्रशासन से खिलाड़ियों के लिए थ्रो ग्राउंड उपलब्ध कराने की मांग की है. ये भी पढ़ें… Ramgarh: काफिला रोक मंत्री योगेंद्र प्रसाद ने दिखाई मानवता, घायल मां-बेटे की बचाई जान Ramgarh: वज्रपात और तेज आंधी-बारिश का कहर, युवक की मौत, कई जगह गिरे पेड़ The post Ramgarh: दीपिका दास राय ने बढ़ाया जिले का मान, नेशनल मास्टर्स एथलेटिक्स में जीता सिल्वर मेडल appeared first on Naya Vichar.

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बिहार में अब एक और परीक्षा रद्द करने की मांग तेज, गांधी मैदान में अभ्यर्थियों का प्रदर्शन

Patna News: (अंबर की रिपोर्ट) बिहार में पेपर लीक का जिन्न एक बार फिर बाहर आ गया है. बिहार पुलिस अवर निरीक्षक (दरोगा) मुख्य परीक्षा 2026 में पेपर लीक के आरोपों को लेकर प्रभावित अभ्यर्थियों का गुस्सा सातवें आसमान पर है. इस मामले को लेकर सोमवार को सैकड़ों की संख्या में अभ्यर्थियों ने राजधानी पटना के ऐतिहासिक गांधी मैदान में एकत्रित होकर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया. हाथों में तख्तियां लिए छात्रों ने बिहार पुलिस अवर सेवा आयोग (BPSSC) के खिलाफ जमकर नारेबाजी की. प्रदर्शनकारी छात्रों ने प्रशासन से इस पूरे प्रकरण की जांच के लिए एक विशेष जांच दल (SIT) गठित करने और मुख्य परीक्षा को अविलंब रद्द कर नए सिरे से परीक्षा आयोजित करने की पुरजोर मांग की है. प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों का सीधा आरोप है कि आयोग ने बीते 3 जून 2026 को जो आधिकारिक नोटिस जारी किया था, उसमें पूर्णिया और गया जिले में सामने आए संदिग्ध मामलों को पूरी तरह से दबा दिया गया. छात्रों का कहना है कि बिना किसी उच्चस्तरीय फॉरेंसिक जांच के इतनी बड़ी गड़बड़ी के मामले को आनन-फानन में रफा-दफा करने का प्रयास किया जा रहा है, जो राज्य के लाखों ईमानदार और मेहनती छात्रों के भविष्य के साथ सरासर खिलवाड़ है. पूर्णिया में वीक्षक ने खींची थी प्रश्न-पत्र की फोटो आक्रोशित अभ्यर्थियों ने पूर्णिया जिले के एक परीक्षा केंद्र का हवाला देते हुए प्रशासनिक चूक और मिलीभगत की पोल खोली. छात्रों ने बताया कि पूर्णिया के राजकीय कन्या उच्च विद्यालय केंद्र पर तैनात एक वीक्षक मृत्युंजय कुमार ने परीक्षा की अवधि के दौरान ही अपने मोबाइल से प्रश्न-पत्र की फोटो खींची थी. इसके बाद उसने उस फोटो को पटना में बैठे अपने एक रिश्तेदार को व्हाट्सएप के जरिए भेज दिया था. छात्रों ने सवाल उठाया कि जब यह मामला पूरी तरह ऑन-रिकॉर्ड है, तो बीपीएसएससी ने अपने हालिया नोटिस में पूर्णिया की इस गंभीर घटना का जिक्र तक क्यों नहीं किया? आयोग ने बिना किसी गहन तफ्तीश के इस परीक्षा को पूरी तरह ‘अप्रभावित’ घोषित कर दिया, जिससे आयोग की कार्यप्रणाली संदेह के घेरे में आ गई है. गया में सॉल्वर गैंग पर हुई थी कार्रवाई, प्रेस विज्ञप्ति में छुपाया गया सच पूर्णिया के अलावा गया जिले में भी परीक्षा के दौरान बड़ी गड़बड़ी की बात सामने आई है. प्रदर्शनकारियों के अनुसार, गया में स्थानीय जिला पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए परीक्षा को प्रभावित करने वाले एक हाईटेक सॉल्वर गैंग का भंडाफोड़ किया था और कुछ लोगों पर दंडात्मक कार्रवाई भी की थी. लेकिन हैरानी की बात यह है कि बीपीएसएससी द्वारा जारी की गई आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति में गया की इस पुलिसिया कार्रवाई का दूर-दूर तक कोई उल्लेख नहीं किया गया है. अभ्यर्थियों ने संयुक्त रूप से कहा कि पूर्णिया और गया दोनों ही जिलों के मामलों में आयोग का यह उदासीन और छुपाने वाला रवैया बेहद संदेहास्पद है. छात्रों ने साफ शब्दों में चेतावनी दी है कि यदि प्रशासन ने उनकी मांगों को गंभीरता से नहीं लिया और पारदर्शी तरीके से फॉरेंसिक जांच नहीं कराई, तो यह छात्र आंदोलन पटना से निकलकर पूरे बिहार के जिला मुख्यालयों तक फैलेगा. Also Read: ‘एक हिंदुस्तान श्रेष्ठ हिंदुस्तान युवा संगम’ के लिए बिहार के 50 युवा पंजाब रवाना, IIT पटना से मंत्री संजय कुमार ने दिखाई हरी झंडी The post बिहार में अब एक और परीक्षा रद्द करने की मांग तेज, गांधी मैदान में अभ्यर्थियों का प्रदर्शन appeared first on Naya Vichar.

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बिहार MLC चुनाव: दीपक प्रकाश ने नहीं किया नामांकन, मंत्री पद जाना तय! जानें 10 उम्मीदवारों के नाम

Bihar MLC Chunav: बिहार विधान परिषद की दस सीटों पर होने वाले चुनाव के लिए नामांकन के आखिरी दिन सोमवार को दस दलीय उम्मीदवारों ने अपने नामांकन के परचे दाखिल किये. राजद ने अंतिम दिन पार्टी नेता सुनील कुमार सिंह को उम्मीदवार बनाया. सिंह के नामांकन के साथ ही सभी दस सीटों के लिए दस नामांकन हुए. दोपहर तीन बजे नामांकन का समय खत्म हो गया. खास बात यह कि पंचायती राज मंत्री और एनडीए के घटक राष्ट्रीय लोक मोर्चा के अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा के बेटे दीपक प्रकाश ने नामांकन नहीं किया. दीपक के नामांकन नहीं होने की स्थिति में 11 जून को नाम वापसी के निर्धारित समय खत्म हो जाने के बाद सभी उम्मीदवारों को निर्विरोध निर्वाचन की घोषणा कर दी जायेगी. इसके पहले मंगलवार को नामांकन पत्रों की जांच होगी. मंत्री पद बच पाना मुश्किल पंचायती राज मंत्री दीपक प्रकाश के नामांकन नहीं होने के कारण अब उनका लंबे समय तक मंत्री पद पर बने रहना मुश्किल होगा. नियमों के अनुसार किसी भी मंत्री को छह महीने के भीतर राज्य विधानमंडल के दोनों सदनों में से किसी एक सदन का सदस्य बनना अनिवार्य होता है. दीपक प्रकाश दूसरी बार बिना किसी सदन के सदस्य बने सात मई को मंत्री पद की शपथ ली थी. मंत्री पद बचाये रखने के लिए अगले चार महीने में दीपक प्रकाश को किसी एक सदन का सदस्य हर हाल में बनना होगा. अगले छह महीने में विधान परिषद की कोई भी सीट खाली होती नहीं दिख रही है. ऐसी स्थिति में सबकी नजर उपेंद्र कुशवाहा के अगले कदम पर टिकी है. नामांकन करने वाले नेताओं के नाम दस सीटों के लिए भाजपा के संजय मयूख, पवन सिंह, अनिल कुमार ठाकुर और शीला पंडित ने सोमवार को नामांकन का पर्चा दाखिल किया. जदयू से पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की खाली सीट के लिए ललन प्रसाद ने नामांकन किया. जबकि तीन अन्य सीट के लिए स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार, हिंदुस्तानी मेहता एवं शिवरानी देवी ने नामांकन दाखिल किया है. एनडीए की तीसरी घटक केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान की पार्टी लोजपा (आर) से अशरफ अंसारी एवं मुख्य विपक्षी दल राजद की ओर से सुनील कुमार सिंह ने अपना पर्चा दाखिल किया है. बिहार की ताजा समाचारों के लिए क्लिक करें दस उम्मीदवारों में आठ नये चेहरे, संजय मयूख और सुनील सिंह को मिला फिर से मौका विधान परिषद की दस सीटों के लिए जिन दस उम्मीदवारों ने अपना पर्चा दाखिल किया, उनमें आठ नये चहरे हैं. भाजपा के संजय मयूख को तीसरी बार और राजद के सुनील कुमार सिंह को दूसरी बार उच्च सदन जाने का मौका मिला है. इसे भी पढ़ें:  अनंत सिंह और गुंजन सिंह को राहत, कोर्ट ने गिरफ्तारी पर रोक बढ़ाई, अगली सुनवाई कब? The post बिहार MLC चुनाव: दीपक प्रकाश ने नहीं किया नामांकन, मंत्री पद जाना तय! जानें 10 उम्मीदवारों के नाम appeared first on Naya Vichar.

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RJD से सुनील सिंह की उम्मीदवारी पर रोहिणी भड़कीं, बोलीं- मक्कारी जिसकी फितरत उसे उम्मीदवार कैसे बनाया

Bihar MLC Election 2026: बिहार विधान परिषद चुनाव को लेकर नामांकन के आखिरी दिन आज सभी उम्मीदवार नॉमिनेशन के लिए पहुंच रहे हैं. महागठबंधन की ओर से राजद नेता सुनील कुमार सिंह ने नामांकन किया. इस पर अब लालू प्रसाद की बेटी रोहिणी आचार्य भड़कीं. उन्होंने एक्स के जरिए पोस्ट शेयर कर सवाल उठाया. जानिए रोहिणी ने अपने पोस्ट में क्या-क्या लिखा? रोहिणी ने अपने पोस्ट में लिखा, ‘गुटबाजी, भीतरघात, विश्वासघात, मक्कारी जिसकी फितरत, विरोधियों से जिसकी मिलीभगत, नजदीकियों की बात बता कर उगाही, वसूली करना जिसका धंधा, जो अपनी झूठी धौंस जताने के लिए पार्टी कार्यालय में पार्टी के कार्यकर्ताओं-पदाधिकारियों को सामने बिठा कर बहन – बेटियों के बारे में ओछी – अमर्यादित बातें है करता, उसको कैसे “उसके” ही द्वारा उम्मीदवार बना दिया गया’. आगे उन्होंने यह भी लिखा, ‘जिसे सामाजिक न्याय की लड़ाई को आगे ले जाने, पार्टी की बेहतरी की जिम्मेदारी लालू जी ने सौंपी ? समर्पित, निष्ठावान कार्यकर्ताओं नेताओं का टोंटा पड़ गया क्या ? ऐसे ही लोगों की वजह से वर्षों से मजबूती के साथ खड़े कार्यकर्ताओं-समर्थकों में विक्षोभ-असंतोष भी है और ऐसे ही लोगों की वजह से हुआ नुकसान भी दिख ही चुका है, बीते वर्ष के नवंबर के महीने में’. रोहिणी आचार्य इतने पर ही नहीं रुकीं. आगे उन्होंने यह भी लिखा, ‘पार्टी की स्थापना के समय से लेकर आज तक पार्टी के साथ मजबूती से खड़े एक नहीं अनेकों समर्पित, सम्मानित, जमीन से जुड़े कट्टर लालूवादी अल्पसंख्यक चेहरे हैं. यादव , दलित , पिछड़े व वंचित समाज से आने वाले वरिष्ठ व युवा लोग हैं, ऐसे लोगों की अनदेखी गंभीर चिंता का विषय है और पार्टी हित में तो कतई नहीं है’. गुटबाजी – भीतरघात – विश्वासघात , मक्कारी जिसकी फितरत , विरोधियों से जिसकी मिलीभगत , नजदीकियों की बात बता कर उगाही – वसूली करना जिसका धंधा, जो अपनी झूठी धौंस जताने के लिए पार्टी कार्यालय में पार्टी के कार्यकर्ताओं – पदाधिकारियों को सामने बिठा कर बहन – बेटियों के बारे में ओछी -… — Rohini Acharya (@RohiniAcharya2) June 8, 2026 पहले भी नाराजगी जाहिर कर चुकीं हैं रोहिणी इस तरह से रोहिणी आचार्य ने तंज भरे लहजे में निशाना साधा. लेकिन यह पहली बार नहीं है जब रोहिणी आचार्य ने पार्टी के फैसले पर सवाल उठाया है. इससे पहले भी रोहिणी आचार्य की नाराजगी सामने आई है. रोहिणी आचार्य के इस पोस्ट के बाद आरजेडी के अंदर एक बार फिर हलचल तेज हो गई है. नामांकन के बाद क्या बोले सुनील सिंह? नामांकन दाखिल करने के बाद सुनील कुमार सिंह ने लालू प्रसाद को धन्यवाद कहा. साथ ही उन्होंने यह भी कहा, चाहे इस सदन में हमारी संख्या जितनी भी हो, आरजेडी का झंडा झुकने नहीं देंगे. मेरे नेता ने जो विश्वास जताया है, हम वादा करते हैं कि उस पर शत प्रतिशत खरा उतरेंगे. Also Read: बिहार MLC चुनाव: चमचमाती लैंड क्रूजर से नामांकन करने पहुंचे पवन सिंह, निशांत कुमार समेत इन नेताओं ने भी किया नॉमिनेशन The post RJD से सुनील सिंह की उम्मीदवारी पर रोहिणी भड़कीं, बोलीं- मक्कारी जिसकी फितरत उसे उम्मीदवार कैसे बनाया appeared first on Naya Vichar.

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