Hot News

बिहार

बिहार

बिहार के विकास को नई गति प्रदान करेगा औंटा-सिमरिया सिक्स लेन केबल ब्रिज: मंत्री नितिन नवीन

नया विचार न्यूज़ पटना।माननीय मंत्री श्री नितिन नवीन जी द्वारा बुधवार को औंटा-सिमरिया सिक्स लेन केबल ब्रिज का निरीक्षण किया गया। इस दौरान मंत्री नितिन नवीन ने कहा कि राज्य के विकास की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम उठाते हुए औंटा-सिमरिया सिक्स लेन महासेतु का निर्माण पूरा हो चुका है। गंगा नदी पर बने इस भव्य पुल की लंबाई 1.865 किलोमीटर तथा एप्रोच रोड सहित कुल लंबाई 8.150 किलोमीटर है। 1871 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित यह पुल उत्तर और दक्षिण बिहार की कनेक्टिविटी में क्रांतिकारी बदलाव लाने जा रहा है। साथ ही यह पुल पूर्वोत्तर राज्यों तक संपर्क को और मजबूत करेगा जिससे उद्योग एवं व्यापार को विशेष लाभ मिलेगा। मंत्री श्री नितिन नवीन ने कहा कि यह सिक्स लेन महासेतु मोकामा के औंट घाट और बेगूसराय के सिमरिया को जोड़ता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी 22 अगस्त को इस पुल का लोकार्पण करेंगे। इससे पूर्व सितंबर 2024 में माननीय मुख्यमंत्री नीतीश कुमार जी ने इसका निरीक्षण किया था। यह पुल 34 मीटर की चौड़ाई के साथ एशिया का सबसे चौड़ा ब्रिज है। यह 18 पिलरों पर आधारित है और दोनों ओर 3-3 लेन की सड़क है। औंटा की ओर 100 मीटर चौड़ा रोटरी (जीरो माइल) तथा सिमरिया की ओर 80 मीटर चौड़ा रोटरी बनाकर उसे पार्क का स्वरूप दिया गया है। इन पार्कों और पुल के आसपास हरियाली के लिए पौधारोपण किया गया है जिससे वातावरण को सुंदर और हरा-भरा बनाया गया है। मंत्री जी ने बताया कि इस परियोजना में कई आधुनिक तकनीकों का उपयोग किया गया है। रेलवे लाइन के अंदर Push Box Method से RUB का निर्माण किया गया जिससे यातायात बाधित नहीं हुआ। पुल की लोडिंग कैपेसिटी को मजबूत करने हेतु ऊपर से पाइलिंग का कार्य किया गया है। ROB के रिटेनिंग वॉल में बोल्डर क्रेटेड Gabbion Wall का निर्माण किया गया है। साथ ही PVD (Perforated Vertical Drain) तकनीक का उपयोग कर जलोढ़ मिट्टी की मजबूती सुनिश्चित की गई है। मंत्री नितिन नवीन ने कहा कि पुराने राजेंद्र प्रसाद पुल की मरम्मत भी समानांतर रूप से की जा रही है। इसके लिए NHAI ने रेलवे को 85 करोड़ रुपये की राशि उपलब्ध करवाई है और आगामी तीन महीनों में मरम्मती कार्य पूर्ण कर लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि 1956 में हिंदुस्तान के प्रथम राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद ने बिहार के पहले गंगा पुल राजेंद्र प्रसाद पुल का शिलान्यास किया था। उसके बाद बिहार के लिए एक नए युग की शुरुआत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने 2015 में विशेष पैकेज की घोषणा कर की। इसी पैकेज के अंतर्गत इस सिक्स लेन महासेतु का निर्माण कराया गया। 2017 में मोकामा में आयोजित एक कार्यक्रम में प्रधानमंत्री जी ने इसका शिलान्यास किया था और अब यह सपना साकार हो रहा है। मंत्री श्री नितिन नवीन ने कहा कि “यह महासेतु केवल एक पुल नहीं, बल्कि बिहार की आकांक्षाओं और विकास का नया द्वार है। यह आने वाली पीढ़ियों के लिए रोजगार, उद्योग और प्रगति का मार्ग प्रशस्त करेगा। प्रधानमंत्री जी का यह उपहार बिहार के विकास को नई ऊँचाई देगा।”

बिहार

PK ने केंद्र के संवैधानिक संशोधन बिल का किया समर्थन

नया विचार न्यूज़ पूर्णिया। जन सुराज के सूत्रधार प्रशांत किशोर अपनी बिहार बदलाव यात्रा के क्रम में आज पूर्णिया में ‘बिहार बदलाव जनसभा’ करने पहुंचे। कसबा के गढ़बनैली हाई स्कूल मैदान में जनसभा को संबोधित करने के बाद उन्होंने पत्रकारों से भी बात की। इस दौरान उन्होंने केंद्र प्रशासन द्वारा संसद में पेश किए गए नए संवैधानिक संशोधन बिल का समर्थन किया। प्रशांत किशोर ने कहा कि यह बिल इसलिए लाया जा रहा है कि संविधान बनाने वालों ने यह नहीं सोचा होगा कि कभी सत्ता में बैठे लोग इतने भ्रष्टाचारी हो जायेंगे। इतने बड़े क्रिमिनल हो जायेंगे कि उनको जेल जाना पड़ेगा और जेल जाने के बाद भी अपना पद नहीं छोड़ेंगे। इस लिहाज से यह सही बिल है कि अगर कोई नेता जेल जा रहा है तो वहां से बैठकर सत्ता नहीं चला सकता है। प्रशांत किशोर ने आगे तेजस्वी यादव द्वारा राजद को लाठी के साथ लैपटॉप वाली पार्टी बताए जाने पर भी तंज भरा हमला किया। उन्होंने कहा कि सच को बहुत देर तक छुपाया नहीं जा सकता है। आखिरकार तेजस्वी ने सच स्वीकार कर लिया है। हमलोग कहते रहे हैं कि राजद लाठी-डंडे और कट्टे वाली पार्टी है। इनकी प्रशासन जब थी तब लाठी-डंडा, अपहरण, लूट और रंगदारी ही बिहार की पहचान थी। बिहार के बाढ़ पीड़ितों को सात हजार रुपये देने के नीतीश प्रशासन के ऐलान पर भी प्रशांत किशोर ने हमला किया। उन्होंने कहा कि 20 साल से बाढ़ की समस्या का निपटारा नहीं कर सके। 2008 के कोसी पीड़ित आज भी विस्थापित हैं, उन्हें कुछ राहत नहीं मिली। सीमांचल, भागलपुर-मुंगेर समेत बड़े हिस्से में बाढ़ है। बाढ़ हर बार नेताओं-अफसरों के लिए कमाने का जरिया बन गई है। जल संसाधन विभाग सबसे बड़ा उगाही विभाग हो गया है। उन्होंने आगे बिहार में बाढ़ की समस्या खत्म करने को लेकर जन सुराज पार्टी का विजन भी बताया। कहा कि जब तक बिहार में एक ‘वाटर ग्रिड’ नहीं बनेगा, तब तक बाढ़ की समस्या का हल नहीं होगा। जन सुराज की व्यवस्था बनने पर गंडक-कोसी समेत तमाम प्रोजेक्ट खत्म कर एक ‘वाटर ग्रिड’ बनाया जाएगा, ताकि उत्तर बिहार में बाढ़ लाने वाली नदियों के पानी को जलजमाव की समस्या वाले मध्य बिहार और सूखाग्रस्त दक्षिण बिहार तक ले जाया जा सके।

खेल, बिहार

ज़ेनिथ पब्लिक स्कूल, जोगबनी ने किया कमाल — अंडर-14 कबड्डी में झटका कांस्य, सीमांचल का नाम किया रोशन

नया विचार न्यूज़ जोगबनी। –  झारखंड के गिरिडीह स्थित सलूजा गोल्ड इंटरनेशनल स्कूल के मैदान पर सीबीएसई द्वारा आयोजित बिहार-झारखंड जोनल कबड्डी प्रतियोगिता में अररिया के ज़ेनिथ पब्लिक स्कूल, जोगबनी के अंडर-14 बालक वर्ग की टीम ने शानदार प्रदर्शन कर सबका दिल जीत लिया। तीन मैच लगातार जीतकर सेमीफाइनल तक पहुँची इस टीम ने कांस्य पदक और ट्रॉफी अपने नाम की और पूरे सीमांचल को गर्व का क्षण दिया। मैच का सफ़र – जीत से कांस्य तक पहला मैच : ज़ेनिथ पब्लिक स्कूल v/s फाउंडेशन पब्लिक स्कूल — 49/56 अंकों से जीत दूसरा मैच : ज्ञान निकेतन पब्लिक स्कूल v/s ज़ेनिथ पब्लिक स्कूल — 45/58 अंकों से जीत क्वार्टर फाइनल : प्रतिभा पल्लवन पब्लिक स्कूल v/s ज़ेनिथ पब्लिक स्कूल — 37/51 अंकों से जीत सेमीफाइनल : ग्रिज्जली विद्यालय, झारखंड v/s ज़ेनिथ पब्लिक स्कूल — 20/35 अंकों से हार तीसरे स्थान पर रहते हुए ज़ेनिथ पब्लिक स्कूल की टीम को सीबीएसई की ओर से कांस्य पदक, चमचमाती ट्रॉफी और प्रमाणपत्र से सम्मानित किया गया। हीरो खिलाड़ी और मार्गदर्शक इस जीत के नायक रहे — आर्यन गुप्ता, हर्षवर्धन, अनश रॉय, अयान अंसारी, गोलू, प्रीतम कुमार, किसन कुमार, मोहम्मद फ़ज़ल, नैतिक राज, मानस कुमार, मोहन और मोहम्मद साहिल। टीम को प्रशिक्षित किया कबड्डी कोच विकाश कुमार ने। प्रिंसिपल कविता खान का बयान “सीबीएसई बोर्ड द्वारा आयोजित इस प्रतियोगिता में पूरे सीमांचल से सिर्फ हमारे स्कूल को मौका मिला। सौ से अधिक स्कूलों में तीसरा स्थान हासिल करना न सिर्फ ज़ेनिथ परिवार बल्कि पूरे अररिया और सीमांचल के लिए गौरव की बात है।” बधाई देने वालों की लंबी कतार इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर बधाई देने वालों में पूर्व विधायक ज़ाकिर हुसैन खान, पूर्व नगर परिषद अध्यक्ष भोला शंकर तिवारी, राजू राय, बासुकीनाथ राय, अनवर हुसैन, तरन्नुम नाज़, बासु दा, अररिया से सत्यन शरण, चाँद आज़मी, ओमप्रकाश, मासूम रेज़ा, नेपाल से राजेश गुप्ता, आज़ाद आलम समेत कई गणमान्य लोग शामिल रहे। यह जीत न सिर्फ़ बच्चों की मेहनत और कोच की रणनीति की गवाही है, बल्कि सीमांचल की स्पोर्ट्स प्रतिभा को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने वाला मील का पत्थर भी है।

बिहार

माननीय सांसद श्री गोपाल जी ठाकुर ने लहेरियासराय स्टेशन पर 13043 (हावड़ा–रक्सौल) एक्सप्रेस के ठहराव का किया शुभारंभ

नया विचार न्यूज़ दरभंगा  – आज दिनांक 16 अगस्त 2025 को लहेरियासराय स्टेशन पर 13043 (हावड़ा–रक्सौल) एक्सप्रेस गाड़ी के ठहराव का शुभारंभ माननीय सांसद, दरभंगा, श्री गोपाल जी ठाकुर द्वारा हरी झंडी दिखाकर किया गया। इस अवसर पर अपर मंडल रेल प्रबंधक (समस्तीपुर) श्री आलोक कुमार झा एवं क्षेत्र के अनेक गणमान्य व्यक्ति, जनप्रतिनिधि तथा बड़ी संख्या में रेल उपभोक्ता उपस्थित थे। यात्रियों को होगा लाभ ★इस गाड़ी के लहेरियासराय स्टेशन पर ठहराव से स्थानीय यात्रियों को हावड़ा, रक्सौल एवं मध्यवर्ती बड़े शहरों तक सीधी सुविधा प्राप्त होगी। ★छात्र-छात्राओं को कोलकाता व अन्य शैक्षणिक केंद्रों तक पहुँचने में अधिक सुविधा होगी। ★व्यापार एवं कारोबार करने वाले यात्रियों को सीधे हावड़ा तक सुगम कनेक्टिविटी मिलेगी, जिससे स्थानीय व्यापार को भी बढ़ावा मिलेगा। ★पर्यटन और तीर्थयात्रा के दृष्टिकोण से भी यह ठहराव क्षेत्र के लिए उपयोगी सिद्ध होगा। ★यात्रियों की लंबे समय से चली आ रही मांग पूरी हुई है, जिससे लोगों में हर्ष और संतोष का वातावरण है। माननीय सांसद श्री ठाकुर ने कहा कि यह ठहराव क्षेत्र की जनता की सुविधा के लिए महत्वपूर्ण कदम है और इससे बड़ी संख्या में यात्रियों को लाभ होगा। अपर मंडल रेल प्रबंधक श्री आलोक कुमार झा ने बताया कि समस्तीपुर मंडल यात्रियों की सुविधाओं में निरंतर सुधार हेतु कृतसंकल्प है और भविष्य में भी रेलवे की सकारात्मक पहल जारी रहेगी।

बिहार, विश्लेष्ण, शिक्षा

एआई युग में शिक्षकों की भूमिका 

नया विचार न्यूज़– 21वीं सदी के तीसरे दशक में, जब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (कृत्रिम बुद्धिमत्ता) तेज़ी से शिक्षा प्रणाली में प्रवेश कर रही है, तब यह आवश्यक हो गया है कि हम शिक्षकों की पारंपरिक भूमिका पर पुनर्विचार करें। पहले जहाँ शिक्षक ज्ञान का प्रमुख स्रोत माने जाते थे, अब वह भूमिका तकनीक विशेष रूप से एआई आधारित टूल्स द्वारा साझा की जा रही है। छात्रों के पास अब स्मार्टफोन और लैपटॉप जैसे उपकरण हैं जिनमें वे एक क्लिक पर दुनिया भर की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। एआई टूल्स जैसे कि चैटबॉट्स, भाषा अनुवादक, वर्चुअल ट्यूटर, और ऑटोमैटिक असेसमेंट सिस्टम छात्रों को व्यक्तिगत और त्वरित सहायता प्रदान कर रहे हैं। ऐसे में यह सवाल उठता है कि क्या शिक्षकों की भूमिका अब केवल तकनीकी सहायकों तक सीमित रह जाएगी? इस बदलते परिदृश्य में शिक्षकों की भूमिका पहले से कहीं अधिक महत्वपूर्ण और बहुआयामी हो गई है। एआई सूचना दे सकता है, लेकिन समझ, मूल्य, नैतिकता और सामाजिक बौद्धिक विकास जैसे पहलुओं में मानव शिक्षक की भूमिका अपरिहार्य है। शिक्षक अब केवल जानकारी देने वाले नहीं, बल्कि मॉडरेटर, मेंटर, मोटिवेटर और नैतिक मार्गदर्शक बनते जा रहे हैं। जब कोई छात्र एक एआई टूल से उत्तर प्राप्त करता है, तब उसे यह समझाने वाला चाहिए कि उस उत्तर का वास्तविक दुनिया में क्या महत्व है, क्या सीमाएं हैं, और उसमें क्या भावनात्मक या सामाजिक पहलू जुड़े हो सकते हैं। यह काम केवल एक संवेदनशील और प्रशिक्षित शिक्षक ही कर सकता है। इसके अलावा, हर छात्र की सीखने की प्रक्रिया अलग होती है। भले ही एआई “पर्सनलाइज़्ड लर्निंग” का दावा करता हो, परंतु मानवीय संवेदनाओं, रुचियों और सांस्कृतिक पृष्ठभूमियों को समझने की जो क्षमता एक शिक्षक में होती है, वह किसी भी मशीन में नहीं हो सकती। शिक्षक छात्रों में सहानुभूति, सहयोग, नेतृत्व और आलोचनात्मक सोच जैसे गुणों का विकास करते हैं। वे क्लासरूम को केवल ज्ञान का केंद्र नहीं, बल्कि एक सामाजिक संवाद का मंच भी बनाते हैं। हालांकि, यह भी सच है कि शिक्षकों को एआई के साथ सहयोग करना सीखना होगा, न कि उससे प्रतिस्पर्धा करनी चाहिए। शिक्षक यदि एआई टूल्स को अपनी शिक्षण पद्धति में एक सहायक उपकरण के रूप में अपनाएं, तो न केवल छात्रों को बेहतर अनुभव मिल सकता है, बल्कि शिक्षकों का कार्यभार भी कम हो सकता है। उदाहरण के लिए, असाइनमेंट की जांच, उपस्थिति दर्ज करना, या प्रारंभिक मूल्यांकन जैसे काम एआई कर सकता है, जिससे शिक्षक छात्रों के साथ अधिक गुणवत्तापूर्ण संवाद और मार्गदर्शन में समय दे सकें। प्रशासन और शिक्षा नीति निर्माताओं को चाहिए कि वे शिक्षकों को एआई साक्षर बनाएं। उन्हें प्रशिक्षण दिया जाए कि वे तकनीकी टूल्स का प्रभावी उपयोग कैसे करें और उनकी सीमाओं को कैसे समझें। साथ ही, स्कूल और कॉलेजों में ऐसी शिक्षण संस्कृति विकसित की जाए जहाँ शिक्षक और तकनीक मिलकर छात्रों की संपूर्ण शिक्षा का आधार बनें। निष्कर्षत, एआई युग में शिक्षक की भूमिका समाप्त नहीं हो रही, बल्कि और भी महत्वपूर्ण होती जा रही है। जहाँ तकनीक “क्या” और “कैसे” सिखा सकती है, वहीं शिक्षक यह सिखाते हैं कि “क्यों” सीखना ज़रूरी है। भविष्य की शिक्षा प्रणाली एक ऐसे मॉडल की माँग करती है जहाँ शिक्षक और एआई साथ मिलकर एक नई पीढ़ी को तैयार करें जो न केवल ज्ञानवान हो, बल्कि विवेकशील, संवेदनशील और समाज के प्रति उत्तरदायी भी हो।

बिहार

बीएमए कॉलेज, बहेड़ी में विकास कार्यों को लेकर महाविद्यालय कर्मी परिषद की बैठक

नया विचार न्यूज़ – बिलट महथा आदर्श महाविद्यालय, बहेड़ी में आगामी नैक मूल्यांकन, स्वतंत्रता दिवस की तैयारी तथा आंतरिक विकास कार्यों को लेकर समीक्षात्मक बैठक का आयोजन किया गया। बैठक की अध्यक्षता प्रधानाचार्य प्रो. (डॉ.) कुशेश्वर यादव के द्वारा किया गया। उक्त बैठक में पूर्व से गठित कई समितियों को भंग करते हुए नए सिरे से इनके पुनर्गठन तथा कई अन्य नये समितियों को गठित करने का भी प्रस्ताव पारित हुआ। साथ ही, इस बैठक में छात्र-छात्राओं को होने वाली तमाम तरह की समस्याओं पर बिंदुवार चर्चा की गई। बैठक की अध्यक्षता करते हुए प्रधानाचार्य प्रोफेसर यादव ने कहा कि महाविद्यालय प्रशासन सभी छात्र-छात्राओं को मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि सभी छात्र-छात्राएं महाविद्यालय में अपनी 75% उपस्थिति सुनिश्चित करें, अन्यथा उन्हें आंतरिक सतत मूल्यांकन परीक्षा से वंचित कर दिया जाएगा। नियमित कक्षा में उपस्थित होने वाले छात्र-छात्राओं को पुरस्कृत भी किया जाएगा। इस बैठक में सभी शिक्षक एवं शिक्षकेत्तर कर्मियों ने अपना-अपना विचार रखा। इस अवसर पर श्री अशोक कुमार त्रिवेदी, डॉ नरेश कुमार, डॉ मंजर हुसैन, डॉ अभिमन्यु कुमार राय, डॉ मनोरमा कुमारी, डॉ महेश प्रसाद यादव, डॉ सुधांशु कुमार झा, डॉ सुजीत कुमार द्विवेदी, डॉ आर के चौधरी, श्री मनोज चौधरी, श्री नवीन शंकर सिंह, श्री भगवान झा, श्री कपिल मंडल समेत सभी शिक्षक एवं शिक्षकेत्तर कर्मी उपस्थित थे।

ताजा ख़बर, बिहार, मुख्य खबर

राजस्व संग्रहण में तेजी हेतु आयुक्त ने की बैठक, सभी संबंधित पदाधिकारी शतप्रतिशत राजस्व संग्रह करें-आयुक्त

नया विचार न्यूज़ दरभंगा– आयुक्त दरभंगा प्रमंडल दरभंगा श्री कौशल किशोर की अध्यक्षता में राजस्व संग्रहण को लेकर बैठक आयोजित की गई।दरभंगा प्रमंडल स्थित सभागार में आयोजित की गई जिसमें दरभंगा,मधुबनी एवं समस्तीपुर जिलों के वरीय पदाधिकारियों ने भाग लिये।आयुक्त ने विभिन्न प्रकार के राजस्व जैसे कि परिवहन विभाग, निबंधन विभाग, मद्यनिषेध विभाग, खान एवं भूतत्व विभाग,वाणिज्य कर विभाग राजस्व विभाग के कर की वसूली की अद्यतन स्थिति की समीक्षा की।  आयुक्त महोदय ने संबंधित विभाग को पिछले साल के लक्ष्य में 10 प्रतिशत बढ़ोतरी कर संग्रहण करने का महत्वपूर्ण निर्देश दिया। आयुक्त महोदय ने यह भी स्पष्ट कहा कि राजस्व संग्रहण में शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सभी अधिकारी समय-सीमा के भीतर लक्ष्यों की प्राप्ति शत-प्रतिशत सुनिश्चित करें। आयुक्त महोदय ने कहा कि लोक शिकायत की सुनवाई में प्रतिवेदन उपलब्ध कराने का निर्देश संबंधी प्राधिकारी को दिया एवं सुनवाई में स्वयं उपस्थित होने को कहा। उन्होंने दस्तावेज को डिजिटाइजेशन शत प्रतिशत कराने का निर्देश सभी संबंधित पदाधिकारी को अनुश्रवण करने को कहा। आज बैठक से अनुपस्थित रहने वाले उत्पाद अधीक्षक दरभंगा, मधुबनी एवं समस्तीपुर का वेतन आयुक्त महोदय द्वारा स्थगित किया गया। उन्होंने उपनिदेशक उत्पाद अधीक्षक को पिछले साल के लक्ष्य से 25 प्रतिशत ज्यादा राजस्व संग्रहण करने का निर्देश दिया। खान एवं भूतत्व विभाग दरभंगा मधुबनी एवं समस्तीपुर को को राजस्व संग्रहण करने का निर्देश दिया। बैठक में बताया गया कि अवैध खनन को लेकर मधुबनी से काफी शिकायत मिल रही है। आयुक्त महोदय ने खनन विकास पदाधिकारी मधुबनी को अवैध खनन के विरुद्ध 24घंटे छापेमारी करने का निर्देश दिया। बैठक में नीलाम पत्र का भी समीक्षा की गई सभी मामलों को जल्द से जल्द निष्पादन करने का निर्देश दिया। उन्होंने संबंधित पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि राजस्व संग्रहण की प्रक्रिया को और अधिक पारदर्शी ,सरल एवं प्रभावी बनाया जाए । लक्ष्यों की प्राप्ति के लिए एक निश्चित कार्ययोजना तैयार कार्यो को अंतिम रूप दें। बैठक में आयुक्त के सचिव सत्येंद्र कुमार,निबंधन पदाधिकारी, संबंधित विभागों के अन्य पदाधिकारी उपस्थित थे।

बिहार, स्वास्थ्य

स्वास्थ्य में बदहाली के खिलाफ कन्वेंशन

नया विचार न्यूज़ पटना-    स्वास्थ्य सेवा की बदहाली के खिलाफ आज गांधी संग्रहालय, पटना में एक जन कन्वेंशन का आयोजन किया गया। कन्वेंशन का संचालन पांच सदस्यीय एक अध्यक्ष मंडल ने किया जिसमें प्रीति सिन्हा, संजय श्याम, मनोज चन्द्रवंशी, जयप्रकाश ललन एवं नन्द किशोर सिंह शामिल थे। शुरुआत में सिटीजंस फोरम, पटना के संयोजक अनीश अंकुर ने प्रतिनिधियों का स्वागत किया, कन्वेंशन के विषय पर प्रकाश डाला और अध्यक्ष मंडल का प्रस्ताव किया।   अध्यक्ष मंडल ने सबसे पहले सिटीजंस फोरम,पटना द्वारा तैयार किये गये आलेख को कन्वेंशन में पेश करने के लिए मधु मृणालिनी को आमंत्रित किया। आलेख की प्रस्तुति के बाद एक-एक करके करीब 24 प्रतिनिधियों ने कन्वेंशन को सम्बोधित किया।  जन कन्वेंशन को सम्बोधित करने प्रमुख वक्ताओं में नेतृत्वकर्मी अरुण कुमार मिश्र, चक्रवर्ती अशोक प्रियदर्शी, अरविन्द सिन्हा, कृष्णदेव यादव, नरेन्द्र कुमार, सतीश कुमार, उदयन राय, पुकार, मणिलाल, सौजन्य उपाध्याय, मणिकांत पाठक, देव रतन प्रसाद, डॉ. ओमप्रकाश रमण, डॉ. मनीष कुमार, शिक्षक रौशन प्रकाश, प्रो. प्रोफेसर सुधीर कुमार , सामाजिक कार्यकर्ता गोपाल कृष्ण, मजदूर नेता गणेश शंकर सिंह एवं राम लखन , जन कवि आदित्य कमल, रोजगार आन्दोलन की प्रीति सिंह, सामाजिक कार्यकर्ता पूनम शरण, अधिवक्ता अशोक कुमार, सामाजिक कार्यकर्ता अमूल्य निधि, काजल मिलन के पति डॉ. रवि रंजन, सामाजिक कार्यकर्ता मनोज कुमार झा, आदि के नाम उल्लेखनीय हैं। सिटीजंस फोरम,पटना द्वारा प्रस्तुत किये गये आलेख में बिहार में स्वास्थ्य सेवा की बदहाली का विस्तार से उल्लेख किया गया है। प्रशासनी अस्पतालों की अव्यवस्था से लेकर निजी अस्पतालों की मनमानी, लापरवाही एवं पैसे की लूट पर प्रकाश डाला गया है। आलेख के जरिए सिटीजंस फोरम,पटना बिहार प्रशासन से मांग करता है: 1. बिहार के सभी प्रशासनी अस्पतालों की स्वास्थ्य सेवाओं को दुरुस्त एवं बेहतर करो ! 2. निजी अस्पतालों की मनमानी पर रोक लगाओ और सभी तरह के फीस की युक्तिसंगत राशि तय करो! 4. काजल मिलन तथा उसकी नवजात बच्चियों को न्याय दो! 5. काजल मिलन के परिजनों पर से झूठे मुकदमे वापस लो ! 6. समुचित स्वास्थ्य सुविधाओं के अभाव वाले सभी निजी अस्पतालों का लाइसेंस रद्द करो ! 7. काजल मिलन की मौत के लिए जिम्मेदार ज्योति पुंज अस्पताल पर कार्रवाई करो !  जन कन्वेंशन को सम्बोधित करते हुए लगभग सभी वक्ताओं ने सिटीजंस फोरम,पटना द्वारा पेश आलेख का समर्थन किया और जोरदार स्वागत में स्वास्थ्य व्यवस्था को जनपक्षधर एवं बेहतर बनाने के लिए जन आन्दोलन की जरूरत को रेखांकित किया।  साथी प्रीति सिन्हा के अध्यक्षीय भाषण के बाद जन कन्वेंशन की समाप्ति की घोषणा की गई।

ताजा ख़बर, बिहार, मुख्य खबर

PK ने मंगल पांडेय पर फिर किया पलटवार, बोले – मंगल पांडेय ने दिलीप जायसवाल से 25 लाख रुपए लेने की बात तो स्वीकार कर लिए, अब ये बताएं कि फ्लैट खरीदने के लिए बाकी 61 लाख किससे लिए, नहीं तो हम बताएंगे

प्रशांत किशोर बोले झूठ बोल रहे मंगल पांडेय, पूछा – क्या उनके विभाग ने दिलीप जायसवाल के मेडिकल कॉलेज को NOC दिया या नहीं, और 450 एंबुलेंस का करीब 100 करोड़ पैसा एंबुलेंस कंपनी को दिया या नहीं? नया विचार न्यूज़  नालंदा। जन सुराज के सूत्रधार प्रशांत किशोर अपनी बिहार बदलाव यात्रा के क्रम में आज नालंदा के हरनौत में बिहार बदलाव जनसभा करने पहुंचे। जनसभा के बाद स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय द्वारा दिल्ली में 86 लाख रुपये का फ्लैट खरीदने के खुलासे के बाद उनके दिए गए जवाबों पर भी प्रशांत किशोर ने पलटवार किया। प्रशांत किशोर ने कहा कि मंगल पांडेय ने यह तो स्वीकार कर लिया कि दिलीप जायसवाल से 25 लाख रुपये लिए। यह बताकर वो फंस गए हैं। अब वो बताएं कि बाकी के 61 लाख रुपये किससे लिए? नहीं तो 7 दिन में हम बता देंगे।आगे उन्होंने कहा कि मंगल पांडेय को कर्ज लेना था तो खुद क्यों नहीं लिए? पिताजी के अकाउंट में लेकर पत्नी को क्यों भेजे? प्रशांत किशोर ने मंगल पांडेय के जवाब कि किशनगंज के एमजीएम कॉलेज को मान्यता देने में स्वास्थ्य विभाग का कोई रोल नहीं है, पर भी पलटवार किया। कहा कि जब तक स्वास्थ्य विभाग एनओसी नहीं देता है, तब तक यूजीसी डीम्ड यूनिवर्सिटी की मान्यता नहीं देती है। यह सीधी बात है कि मंगल पांडेय ने स्वास्थ्य मंत्री रहते दिलीप जायसवाल की मदद से दिल्ली में फ्लैट खरीदा। इसके बदले में स्वास्थ्य विभाग ने एनओसी दी, जिससे एमजीएम कॉलेज को डीम्ड यूनिवर्सिटी की मान्यता मिली। पीके ने साथ ही यह भी बताया कि बिहार प्रशासन द्वारा साल 2022 में खरीदे गए एम्बुलेंस का करीब 100 करोड़ रुपया पेमेंट किया जा चुका है। मामला कोर्ट में जाने की वजह से बाकी एम्बुलेंस का पेमेंट अटक गया है। इससे पहले प्रशांत किशोर के आरोप पर मंगल पांडेय ने कहा था कि एम्बुलेंस खरीद में कोई पेमेंट नहीं किया गया है।

ताजा ख़बर, बिहार, मुख्य खबर

मुसरीघरारी चौराहा पर जाम में फंसे केन्द्रीय मंत्री गिरिराज सिंह

नया विचार न्यूज़ सरायरंजन : मुसरीघरारी चौराहा पर शुक्रवार की दोपहर के 12 बजे से देर रात तक भारी जाम लगा रहा।जाम में केन्द्रीय मंत्री गिरिराज सिंह एवं इनका काफिला करीब दो घंटे तक फंसा रहा। केन्द्रीय मंत्री को जाम से निकालने के लिए पुलिस बल को भारी मुश्किलों का सामना करना पड़ा। ज्ञात हो कि केन्द्रीय मंत्री गिरिराज सिंह पुरौना धाम से केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह के कार्यक्रम से बेगूसराय लौट रहे थे।इसी दौरान इनका काफिला जाम में फंस गया। वहीं चौराहा पर हजारों वाहन व यात्री भी फंसे रहे। शुक्रवार को दिनभर जाम लगने से स्थानीय दुकानदार एवं यात्री भी परेशान रहे।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.

About Us

नयाविचार एक आधुनिक न्यूज़ पोर्टल है, जो निष्पक्ष, सटीक और प्रासंगिक समाचारों को प्रस्तुत करने के लिए समर्पित है। यहां राजनीति, अर्थव्यवस्था, समाज, तकनीक, शिक्षा और मनोरंजन से जुड़ी हर महत्वपूर्ण खबर को विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण के साथ प्रस्तुत किया जाता है। नयाविचार का उद्देश्य पाठकों को विश्वसनीय और गहन जानकारी प्रदान करना है, जिससे वे सही निर्णय ले सकें और समाज में सकारात्मक बदलाव ला सकें।

Quick Links

Who Are We

Our Mission

Awards

Experience

Success Story

© 2025 Developed By Socify

Scroll to Top