नया विचार न्यूज़ सरायरंजन : प्रखंड के मुसरीघरारी चौक पर गुरुवार को नवमी का मोहर्रम पूरे शांति एवं सौहार्द के वातावरण में मनाया गया। इस अवसर पर क्षेत्र के विभिन्न अखाड़ों ने अपने-अपने जुलूस और ताजिया के साथ पहुंचकर मातमी कार्यक्रमों में हिस्सा लिया। बी.एलौथ, बथुआ, सिहमा, बखरी, उदापट्टी बड़बट्टा, चौसिमा, बेझाडीह , गोहदा, लाटबसेपुरा, गंगापुर, सुआपाकड़ सहित अन्य गांवों के अखाड़ों की मौजूदगी से पूरा क्षेत्र धार्मिक माहौल में सराबोर रहा।नवमी मोहर्रम के अवसर पर हजारों की संख्या में श्रद्धालु, खिलाड़ी और दर्शक मुसरीघरारी चौक पर जुटे। अखाड़ों के खिलाड़ियों ने पारंपरिक करतब और अपनी कला का प्रदर्शन कर लोगों का ध्यान आकर्षित किया। कार्यक्रम को देखने के लिए आसपास के क्षेत्रों से भी बड़ी संख्या में लोग पहुंचे।मोहर्रम के दौरान आम लोगों को असुविधा न हो तथा आपातकालीन सेवाएं बाधित न हों, इसके लिए जिला प्रशासन द्वारा पूर्व निर्धारित नया ट्रैफिक रूट लागू किया गया था। प्रशासन की ओर से सुरक्षा और यातायात व्यवस्था के व्यापक इंतजाम किए गए थे। वहीं एम्बुलेंस, प्रशासनिक वाहनों एवं अन्य आपातकालीन सेवाओं के सुचारु आवागमन को सुनिश्चित करने के लिए मोहर्रम कमिटी की ओर से कुल चार एस्कॉर्ट वाहन तैनात किए गए थे, जो लगातार मार्ग संचालन में सहयोग करते रहे।पूरे आयोजन के दौरान शांति, सौहार्द और भाईचारे का वातावरण देखने को मिला। मुसरीघरारी में वर्षों से मोहर्रम का यह पर्व आपसी प्रेम, सामाजिक एकता और गंगा-जमुनी तहज़ीब की मिसाल के रूप में मनाया जाता रहा है। स्थानीय लोगों ने कहा कि मोहर्रम केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि सामाजिक सद्भाव और सांप्रदायिक सौहार्द का प्रतीक है, जो क्षेत्र की साझा संस्कृति को मजबूत करता है।