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अभिषेक बनर्जी पर हमला मामला : लपेटे में लॉकेट चटर्जी, भाकपा ने शुभेंदु सरकार को घेरा, कहा- लोकतंत्र में हिंसा की जगह नहीं

TMC vs BJP West Bengal Violence: पश्चिम बंगाल के सोनारपुर में तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी पर हुए हमले ने अब एक बड़े पॉलिटिकल वॉर का रूप ले लिया है. तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने रविवार को दावा किया कि यह हमला जनता का सहज आक्रोश नहीं, भाजपा प्रायोजित सुनियोजित साजिश थी. डी राजा ने की जवाबदेही तय करने की मांग टीएमसी ने कुछ ऐसी तस्वीरें जारी की हैं, जो सीधे तौर पर भाजपा के बड़े नेताओं की संलिप्तता की ओर इशारा कर रही हैं. दिल्ली में भाकपा (CPI) के महासचिव डी राजा ने भी इस हिंसा की कड़ी निंदा करते हुए शुभेंदु अधिकारी प्रशासन से जवाबदेही तय करने की मांग की. लॉकेट चटर्जी के करीबियों ने किया हमला? तृणमूल कांग्रेस ने हमले के दौरान की कुछ तस्वीरें एक्स (X) पर साझा कीं. पार्टी ने कई सनसनीखेज दावे भी किये हैं. टीएमसी का सवाल है कि अगर यह जनता का गुस्सा था, तो भीड़ के बीच भाजपा का एक प्रमुख पदाधिकारी लामबंदी को निर्देशित क्यों कर रहा था? भीड़ में सक्रिय एक स्त्री की तस्वीरें भाजपा नेता लॉकेट चटर्जी के साथ देखी जा चुकी हैं. टीएमसी ने पूछा कि भाजपा के इन कैडरों को अभिषेक के रास्ते में खड़े होने के लिए किसने अधिकृत किया था? टीएमसी ने मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी से पूछा कि क्या भाजपा शासन में विपक्षी सांसदों के साथ ऐसा ही व्यवहार किया जायेगा? इसे भी पढ़ें : अभिषेक के बाद कल्याण बनर्जी पर हमला, टीएमसी सांसद बोले- भाजपा ने किया अटैक, हुगली में हाई अलर्ट डी राजा बोले- शासक अपनी जवाबदेही से नहीं बच सकते दिल्ली से भाकपा महासचिव डी राजा ने बंगाल के बिगड़ते हालात पर गहरी चिंता जतायी. उन्होंने कहा कि चुनाव जनता की इच्छा जानने के लिए होते हैं, न कि हिंसा के जरिये नेतृत्वक हिसाब चुकता करने के लिए. उन्होंने निर्वाचित प्रतिनिधियों (अभिषेक बनर्जी और कल्याण बनर्जी) पर हमलों को लोकतंत्र के लिए शर्मनाक बताया. बंगाल की समाचारें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें सिर्फ टीएमसी नहीं, प्रतीकों पर भी प्रहार भाकपा नेता डी राजा ने आरोप लगाया कि भाजपा समर्थक न केवल विपक्षी नेताओं को निशाना बना रहे हैं, बल्कि लेनिन की प्रतिमा जैसे सार्वजनिक प्रतीकों और पार्टी कार्यालयों पर भी हमले कर रहे हैं. ‘बांग्लादेशी’ कहने पर बवाल, लोकसभा अध्यक्ष से न्याय की गुहार टीएमसी ने इस हमले के दौरान इस्तेमाल की गयी भाषा पर भी आपत्ति जतायी है. उसका आरोप है कि भाजपा नेता वर्षों से ‘बांग्लादेशी’ शब्द का इस्तेमाल अपमान के तौर पर करते रहे हैं और अब एक मौजूदा सांसद के खिलाफ भी ऐसी ही टिप्पणियां की जा रही हैं. इसे भी पढ़ें : शासक ही बन गये हैं हत्यारे, BJP को शर्म आनी चाहिए, सोनारपुर में अभिषेक पर हमले के बाद फूटा ममता बनर्जी का गुस्सा टीएमसी ने ओम बिरला को लिखा पत्र टीएमसी ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से सवाल किया कि क्या वे इस हिंसक घटना की निंदा करेंगे? क्या केंद्र की सत्ताधारी पार्टी के शासन में विपक्ष की सुरक्षा की कोई गारंटी नहीं है? साजिश नहीं, यह वर्षों के उत्पीड़न का जवाब है : भाजपा भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष शमिक भट्टाचार्य ने हमले की निंदा तो की, लेकिन पूरे मामले से पल्ला झाड़ते हुए इसे जनता का गुस्सा बताया. उन्होंने कहा- बीजेपी ऐसी गतिविधियों में शामिल नहीं रहती. यह उन स्थानीय लोगों के गुस्से का नतीजा हो सकता है, जिन्होंने सालों तक टीएमसी के शासन में उत्पीड़न सहा है. TMC vs BJP West Bengal Violence: बंगाल में खून-खराबे का नया अध्याय? शनिवार को अभिषेक बनर्जी के साथ सोनारपुर में धक्का-मुक्की, पत्थर और अंडे फेंके जाने के बाद रविवार को कल्याण बनर्जी का ‘सिर फटना’, यह संकेत है कि बंगाल की नेतृत्व अब बेहद खतरनाक मोड़ पर है. भाकपा ने चेतावनी दी है कि यदि प्रशासन ने निष्पक्ष होकर शांति बहाल नहीं की, तो स्थिति हाथ से निकल सकती है. इसे भी पढ़ें अभिषेक बनर्जी पर हमले से दिल्ली तक हड़कंप, खरगे बोले- यह बड़ी साजिश, अखिलेश ने भाजपा को घेरा मेरा मर्डर करना चाहते थे, सोनारपुर में हमले के बाद बोले अभिषेक बनर्जी, हेलमेट पहनकर जान बचाकर भागे सोनारपुर में अभिषेक बनर्जी पर हमला, कपड़े फाड़े, जूते-पत्थर और अंडे बरसाये, CID ने भी कसा शिकंजा अभिषेक बनर्जी पर हमले के विरोध में आसनसोल में टीएमसी का हल्लाबोल, कहा- दोषी नहीं पकड़े गये तो जल उठेगा बंगाल The post अभिषेक बनर्जी पर हमला मामला : लपेटे में लॉकेट चटर्जी, भाकपा ने शुभेंदु प्रशासन को घेरा, कहा- लोकतंत्र में हिंसा की जगह नहीं appeared first on Naya Vichar.

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झारखंड टी20 लीग: सभी 6 फ्रेंचाइजियों के स्क्वाड का ऐलान, देखें पूरी टीम लिस्ट

Jharkhand T20 League: झारखंड राज्य क्रिकेट संघ (JSCA) द्वारा आयोजित झारखंड टी20 लीग के पहले सीजन के लिए सभी 6 फ्रेंचाइजियों ने अपनी टीम तैयार कर ली है. नीलामी में अनुभवी खिलाड़ियों और झारखंड की उभरती प्रतिभाओं का शानदार मिश्रण देखने को मिला. इस सीजन में मुंबई इंडियंस की टीम में शामिल रहे विकेटकीपर बल्लेबाज रॉबिन मिंज की सबसे महंगे खिलाड़ी रहे. 15.25 लाख में रॉबिन मिंज को कोयलांचल सुपर किंग्स ने शामिल किया है. वहीं झारखंड के आइकॉन प्लेयर ईशान किशन को संथाल स्ट्राइकर्स, विराट सिंह को छोटा नागपुर रॉयल्स, मोहम्मद कौनेन कुरैशी को जमशेदपुर स्टीलर्स, सुशांत मिश्रा को धनबाद डायमंड्स और शिखर मोहन को रांची टाइटन्स ने अपने साथ जोड़ा. इन 6 टीमों ने खिलाड़ियों पर लगाए दांव लीग में रांची टाइटन्स (सलूजा गोल्ड), जमशेदपुर स्टीलर्स (KDPS लाइफस्टाइल प्राइवेट लिमिटेड), छोटा नागपुर रॉयल्स (BigShop), कोयलांचल सुपर किंग्स (99 बिल्डर्स प्राइवेट लिमिटेड), धनबाद डायमंड्स (गुप्ता एनर्जी प्राइवेट लिमिटेड) और संथाल स्ट्राइकर्स (De Sportsbay प्राइवेट लिमिटेड) शामिल हैं. सभी फ्रेंचाइज़ियों ने नीलामी के दौरान खिलाड़ियों को अपनी टीम में शामिल करने के लिए जमकर बोली लगाई. 10 जून से शुरू होगी झारखंड T20 लीग झारखंड राज्य क्रिकेट संघ की देखरेख में आयोजित होने वाली झारखंड T20 लीग का पहला सीजन 10 जून से शुरू होगा. टूर्नामेंट का उद्देश्य राज्य के युवा क्रिकेटरों को एक बड़ा मंच प्रदान करना और नई प्रतिभाओं को निखारने का अवसर देना है. झारखंड T20 लीग के लिए ऐसी है सभी टीमों की स्क्वाड छोटा नागपुर रॉयल्स: विराट सिंह, मोहम्मद नाजिम सिद्दीकी, विकाश सिंह, कुमार कुशाग्र, सुप्रियो चक्रवर्ती, पंकज यादव, मोहित कुमार, दीपांशु रावत, सोनू कुमार सिंह, वरुण कुमार सिंह, ऋत्विक पाठक, दुर्गेश कुमार, चंदन मुखी, आर्यमान लाला, श्रेष्ठ सागर, राहुल रजक, अविनाश कुमार, हिमांशु द्विवेदी. धनबाद डायमंड्स: सुशांत मिश्रा, पंकज कुमार, बाल कृष्ण, अतुल सिंह सुरवार, राम रोशन सरन, बिसेश दत्ता, विकाश कुमार विशाल, मो. शमशाद, विवेकानंद तिवारी, आर्यमन सेन, आदित्य सिंह, तनिष चौबे, प्रभात कुमार यादव, मीत जैन, हिमांशु रंजन कुमार, अभिषेक यादव, गौरव सिंह, सिद्धार्थ सिन्हा. जमशेदपुर स्टीलर्स: मोहम्मद कौनैन कुरैशी, साहिल राज, कुमार देवब्रत, अनुकूल रॉय, प्रतीक रंजन, नितिन कुमार पांडे, रवि शर्मा, हर्ष राणा, आदर्श गिरी, कुमार करण, समीर शर्मा, सिद्धांत रघुवंशी, अमन कुमार, रितिक अनंत, मणिकांत मिश्रा, अनुराग सिंह सेंगर, प्रांजल कुमार, जसराज सिंह. कोयलांचल सुपर किंग्स: रॉबिन मिंज, शुभ शर्मा, उत्कर्ष सिंह, अमित कुमार, हर्ष राज, शरणदीप सिंह, योगेश भास्कर, सत्यम सिंह, राहुल प्रसाद, सेंटू कुमार यादव, आदित्य झा, गुंजन यादव, लक्ष्य, अभिनव शरण, जुनैद अशरफ, सनी सचिन तिवारी, संजीव चतुर्वेदी. रांची टाइटंस: शिखर मोहन, राजनदीप सिंह, श्रेष्ठ, जतिन पांडे, सौरभ शेखर, आयुष भारद्वाज, प्रिंस मुर्मू, आर्यन हुडा, यश भगत, ईशान ओम, कुमार अंकित, सचिन यादव, ओम सिंह, सत्या सेतु, प्रेम कुमार चौरसिया, मुकेश कुमार, युवराज सिंह, युवराज कुमार. संथाल स्ट्राइकर: ईशान किशन, अरविंद कुमार, सुमित कुमार, अनमोल राज, मनीषी, विवेक कुमार, रेयान सपकोटा, रवि यादव, प्रत्यूष कुमार, विकास कुमार, कुमार सूरज, रौनक कुमार, ओजस वर्धन, रितेश पटेल, विभोर पांडे, सादाब हुसैन, संजीत शर्मा, आशीष कुमार. यह भी पढ़ें: रॉबिन मिंज बने सबसे महंगे खिलाड़ी, 15.25 लाख रुपये में कोयलांचल सुपर किंग्स ने खरीदा The post झारखंड टी20 लीग: सभी 6 फ्रेंचाइजियों के स्क्वाड का ऐलान, देखें पूरी टीम लिस्ट appeared first on Naya Vichar.

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30 नवंबर तक खुल जाएगा विक्रमशिला पुल, सीएम सम्राट ने तय की समयसीमा

Vikramshila Bridge: बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी रविवार को भागलपुर के दौरे पर पहुंचे. यहां उन्होंने सबसे पहले विक्रमशिला पुल का निरीक्षण किया और वहां चल रहे मरम्मत काम का जायजा लिया. इस दौरान मुख्यमंत्री ने स्थानीय लोगों को भरोसा देते हुए कहा कि इस पुल को बहुत जल्द फिर से चालू कर दिया जाएगा. उन्होंने साफ किया कि शुरुआत में इस पुल को अस्थायी रूप से खोला जाएगा, ताकि लोगों की परेशानियां कम हो सकें. मुख्यमंत्री ने कहा कि जब तक इस पुल पर सामान्य रूप से गाड़ियों का आवागमन दोबारा शुरू नहीं हो जाता, तब तक निजी गाड़ियों के ड्राइवरों और आम जनता को नदी के इस पार से उस पार ले जाने की पूरी व्यवस्था राज्य प्रशासन की तरफ से बिल्कुल मुफ्त की जाएगी. इसके लिए लोगों से कोई पैसा नहीं लिया जाएगा. दो एजेंसियां कर चुकी हैं जांच, बदले जाएंगे पुल के तीन स्लैब पुल की मजबूती को लेकर मुख्यमंत्री ने बताया कि इसके सुपरस्ट्रक्चर की तकनीकी जांच अब तक दो अलग-अलग विशेषज्ञ एजेंसियों की तरफ से पूरी की जा चुकी है. इसके साथ ही अब एक तीसरी एजेंसी भी इस पूरे ढांचे की गहराई से जांच करने वाली है. उस तीसरी एजेंसी की फाइनल रिपोर्ट सामने आने के बाद ही आगे की कार्रवाई शुरू की जाएगी. शुरुआती मरम्मत कार्य के तहत फिलहाल इस पुल के तीन मुख्य स्लैब को पूरी तरह से बदला जा रहा है. इससे पुल को तुरंत इस्तेमाल के लायक बनाया जा सकेगा. 30 नवंबर तक गाड़ियां दौड़ाने का लक्ष्य मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने आगे कहा कि पुल के जिन हिस्सों में इस समय बेली ब्रिज लगाया गया है, वहां पहले पूरी तरह से यह पक्का किया जाएगा कि आगे किसी दूसरे हिस्से को बदलने की कोई जरूरत तो नहीं है. जब इंजीनियर्स की टीम इससे पूरी तरह संतुष्ट हो जाएगी, तभी वहां पर निर्माण का काम पूरा किया जाएगा. इस पूरे प्रोजेक्ट को समय पर पूरा करने के लिए प्रशासन ने 30 नवंबर तक की आखिरी समय-सीमा तय कर दी है. मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारा लक्ष्य यही है कि आगामी 30 नवंबर तक हर हाल में इस पुल पर दोबारा से सभी छोटी-बड़ी गाड़ियों का परिचालन पूरी तरह शुरू करवा दिया जाए. बिहार की ताजा समाचारों के लिए क्लिक करें विक्रमशिला पुल हादसे से लेकर अब तक का पूरा घटनाक्रम भागलपुर के इस लाइफलाइन पुल को लेकर पिछले कुछ दिनों में प्रशासनिक और तकनीकी स्तर पर कई बड़े कदम उठाए गए हैं. 3 मई को विक्रमशिला पुल का करीब 34 मीटर लंबा एक बड़ा स्लैब अचानक टूटकर गंगा नदी में समा गया था. इस बड़े हादसे के तुरंत बाद एहतियात के तौर पर पुल पर गाड़ियों की आवाजाही को पूरी तरह से बंद कर दिया गया. 4 मई को बिहार राज्य पुल निर्माण निगम के अध्यक्ष डॉ. चंद्रशेखर सिंह ने घटनास्थल का दौरा किया और अगले तीन महीने के भीतर इस काम को पूरा करने का दावा किया. इसी दिन मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने देश के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से फोन पर बात करके इस संकट से निपटने के लिए हिंदुस्तानीय सेना की मदद मांगी. इसके साथ ही इंजीनियर्स की एक विशेष टीम ने मौके पर जांच की और बताया कि पुल में एलिगेटर क्रेकिंग यानी गंभीर दरारें आ गई थीं. 5 मई को केंद्र प्रशासन की बॉर्डर रोड ऑर्गेनाइजेशन (बीआरओ) की एक विशेष एक्सपर्ट टीम तुरंत भागलपुर पहुंची और उन्होंने दुर्घटनास्थल पर जाकर तकनीकी असेसमेंट का काम शुरू कर दिया. 6 मई को बीआरओ की टीम ने अपने असेसमेंट का काम पूरा कर लिया. इसके तुरंत बाद सूबे के पथ निर्माण मंत्री कुमार शैलेंद्र ने खुद पुल का निरीक्षण किया और बीआरओ के अधिकारियों से वहां बनाए जाने वाले बेली ब्रिज की तकनीक और प्रगति के बारे में पूरी जानकारी ली. 19 मई को पुल के टूटे हुए हिस्से और स्लैब के ऊपर सेना और इंजीनियर्स की मदद से पहले आधुनिक बेली ब्रिज को लॉन्च करने का काम सफलतापूर्वक पूरा कर लिया गया. 24 मई को मरम्मत के काम को और आगे बढ़ाते हुए दूसरे बेली ब्रिज के भारी-भरकम गार्डर को भी सफलता के साथ लॉन्च कर दिया गया. इसे भी पढ़ें: अयोध्या से सीतामढ़ी सिर्फ 5 घंटे, 6155 करोड़ की लागत से 2027 तक तैयार होगा राम-जानकी मार्ग The post 30 नवंबर तक खुल जाएगा विक्रमशिला पुल, सीएम सम्राट ने तय की समयसीमा appeared first on Naya Vichar.

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पीएम मोदी ने चोल कालीन 1000 साल पुराने ताम्रपत्रों की स्वदेश वापसी को बताया गर्व का क्षण, क्या आप राजेंद्र चोल को जानते हैं?

Chola Copper Plates : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मन की बात के 134वें एपिसोड में चोल साम्राज्य की कॉपर प्लेट्स का जिक्र किया. उन्होंने बताया कि जब वे नीदरलैंड की यात्रा पर गए थे, उसी दौरान उन्हें चोल युगीन ताम्र पत्र दिए गए. पीएम मोदी ने बताया कि इन ताम्र पत्रों को 300 साल बाद हिंदुस्तान वापस लाया गया है. यह ताम्रपत्र हिंदुस्तानीय सभ्यता और संस्कृति का प्रतीक हैं. पीएम मोदी ने कहा कि हिंदुस्तान वापस लाई गई चोल-युग की प्लेटों में 21 बड़ी और तीन छोटी तांबे की प्लेटें शामिल हैं. आइए जानते हैं इन ताम्र पत्रों की और राजा राजेंद्र चोल की खासियत, जिनके शासन की खूबियां इन प्लेटों में दर्ज है. चोल युग की 21 बड़ी और 3 छोटी प्लेटें पीएम मोदी को सौंपी गई चोल कालीन ताम्रपत्र और उनका मुहर नीदरलैंड में पीएम मोदी को चोल राजवंश के शासनकाल की कुल 24 प्लेटें सौंपी गईं. इन प्लेटों में 21 बड़ी और 3 छोटी प्लेटें शामिल हैं. इन ताम्र पत्रों का वजन 30 किलोग्राम है. इन ताम्र पत्रों को कांसे के छल्ले से बांधा गया है, जिस पर चोल राजवंश की शाही मुहर लगी हुई है.यह ताम्र पत्र 11 शताब्दी की हैं. उस वक्त दक्षिण में चोल राजाओं का शासन था और राजेंद्र चोल के हाथों में कमान थी. वे चोल शासक राजराजा चोल के बेटे थे. इन पट्टिकाओं में तमिल और संस्कृत में उस काल की महत्वपूर्ण बातें लिखी हुई हैं. इन प्लेटों में नागपट्टिनम के पास अनाइमंगलम गांव को बौद्ध विहार, चूड़ामणि विहार के रखरखाव के लिए दी गई स्थायी जमीन और रेवेन्यू ग्रांट का रिकॉर्ड है. राजराजा ने यह आदेश बोलकर जारी किया था. उनके बेटे राजेंद्र चोल ने इस ऑर्डर को तांबे की प्लेटों पर औपचारिक रूप से लिखवाया था ताकि उनके दान को स्थायी कानूनी और शाही अधिकार मिल सके. इन ताम्र पत्रों में चोल वंश की समुद्री ताकत और दक्षिण एशियाई देशों से उनके संबंधों का भी उल्लेख है. इतिहासकार इन ताम्रपत्रों को चोल साम्राज्य की सबसे महत्वपूर्ण अभिलेखों में से एक मानते हैं. ये ताम्रपत्र नीदरलैंड कैसे पहुंचे? चोल कालीन ताम्र पत्र आखिर हिंदुस्तान से नीदरलैंड कैसे पहुंचे? यह सवाल सबके मन में उठता है, तो आप यह जान लें कि 17वीं-18वीं सदी में नागपट्टिनम क्षेत्र डच नियंत्रण में था, तब ये ताम्रपत्र वहां से नीदरलैंड ले जाए गए. बाद में उन्हें लीडेन विश्वविद्यालय( Leiden University) के संग्रह का हिस्सा बनाया गया. हिंदुस्तान 2012 से इन्हें वापस लाने की कोशिश कर रहा था और 2026 में सफलता मिली है. राजेंद्र चोल कौन थे? चोल साम्राज्य दक्षिण हिंदुस्तान के सबसे अधिक शक्तिशाली साम्राज्यों में से एक था. राजेंद्र चोल उसके सबसे प्रसिद्ध शासकों में से एक थे. वे महान चोल सम्राट राजराजा चोल प्रथम के बेटे थे. उन्होंने लगभग 1014 से 1044 ईस्वी तक शासन किया और चोल साम्राज्य को शिखर तक पहुंचाया. राजेंद्र चोल ने दक्षिण हिंदुस्तान से निकलकर पूर्वी हिंदुस्तान तक सैन्य अभियान चलाया और गंगा क्षेत्र तक अपनी शक्ति का विस्तार किया. उन्होंने पाल राजवंश के साथ युद्ध किया था और उनसे काफी संपत्ति जीती थी. इसी जीत की याद में उन्होंने गंगैकोंड चोलपुरम नामक नई राजधानी बसाई, जिसका अर्थ है -गंगा को जीतने वाला चोल राजा. राजेंद्र चोल ने पूरे दक्षिण हिंदुस्तान में अपनी सत्ता जमाने के बाद अपनी नौसेना को मजबूत किया, जिसके लिए उनकी ख्याति बहुत ज्यादा है. दक्षिण एशियाई देशों के साथ उनके व्यापार और युद्ध की खूब चर्चा होती है. उन्होंने दक्षिण-पूर्व एशिया तक नौसैनिक अभियान चलाए और उस समय के शक्तिशाली श्रीविजय साम्राज्य को चुनौती दी थी. यह साम्राज्य आधुनिक इंडोनेशिया के सुमात्रा द्वीप पर स्थित एक शक्तिशाली और समृद्ध मलय बौद्ध समुद्री साम्राज्य था. मजबूत समुद्री ताकत की वजह से चोल साम्राज्य का व्यापार और प्रभाव हिंदुस्तान से बाहर तक फैल गया.राजेंद्र चोल को इतिहासकार हिंदुस्तान के सबसे सफल समुद्री और साम्राज्यवादी शासकों में गिनते हैं. राजेंद्र चोल ने अपना प्रभाव हिंद महासागर में स्थापित कर लिया था. ये भी पढ़ें : क्या मुख्यमंत्री की कुर्सी से सिद्धारमैया को हटाने का फैसला कांग्रेस को भारी पड़ सकता है? कैसा होगा डीके शिवकुमार का मंत्रिमंडल? इस सवाल के जवाब में मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा-3 जून तक इंतजार करें The post पीएम मोदी ने चोल कालीन 1000 साल पुराने ताम्रपत्रों की स्वदेश वापसी को बताया गर्व का क्षण, क्या आप राजेंद्र चोल को जानते हैं? appeared first on Naya Vichar.

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अभिषेक बनर्जी पर हमले के विरोध में आसनसोल में टीएमसी का हल्लाबोल, कहा- दोषी नहीं पकड़े गये तो जल उठेगा बंगाल

इसे भी पढ़ें भाजपा के खिलाफ टीएमसी ने जमकर की नारेबाजी अभिषेक बनर्जी के लिए आसनसोल से उठी न्याय की मांग 4 मई के बाद का ‘टार्गेट’ ‘चोर-चोर’ के नारों के पीछे कौन? जिलाध्यक्ष ने दी आंदोलन की चेतावनी गांधी प्रतिमा के पास हाई-वोल्टेज प्रदर्शन Asansol TMC Protest: पश्चिम बंगाल की नेतृत्व में शनिवार को उस समय उबाल आ गया, जब तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव और सांसद अभिषेक बनर्जी पर सोनारपुर में हुए हमले की गूंज औद्योगिक नगरी आसनसोल तक पहुंच गयी. इस कथित जानलेवा हमले के विरोध में पश्चिम बर्धमान जिले की तृणमूल कांग्रेस ने कोर्ट मोड़ स्थित गांधी प्रतिमा के सामने धरना-प्रदर्शन किया. पार्टी ने दोषियों को शीघ्र गिरफ्तार करने की मांग की. साथ ही कहा कि 48 घंटे में अपराधी पकड़े नहीं गये, तो जल उठेगा बंगाल. भाजपा के खिलाफ टीएमसी ने जमकर की नारेबाजी पार्टी के जिलाध्यक्ष नरेंद्रनाथ चक्रवर्ती के नेतृत्व में जुटे सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने हिंदुस्तानीय जनता पार्टी (भाजपा) प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की. उन्होंने आरोप लगाया कि यह हमला महज एक दुर्घटना नहीं, बल्कि अभिषेक बनर्जी की आवाज को दबाने की एक सोची-समझी साजिश थी. अभिषेक बनर्जी के लिए आसनसोल से उठी न्याय की मांग धरना स्थल पर मौजूद कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए जिलाध्यक्ष नरेंद्रनाथ चक्रवर्ती ने एक दावा किया कि सोनारपुर में केवल नारेबाजी नहीं हुई. अभिषेक बनर्जी को धक्के देकर जमीन पर गिरा दिया गया. यह एक सांसद की गरिमा और सुरक्षा पर सबसे बड़ा प्रहार है. उन्होंने कहा कि बंगाल के नेतृत्वक इतिहास में आज से पहले किसी सांसद के साथ ऐसा बर्बर व्यवहार नहीं देखा गया. इससे राज्य की जनता में भारी आक्रोश और चिंता का माहौल है. इसे भी पढ़ें : शासक ही बन गये हैं हत्यारे, BJP को शर्म आनी चाहिए, सोनारपुर में अभिषेक पर हमले के बाद फूटा ममता बनर्जी का गुस्सा 4 मई के बाद का ‘टार्गेट’ टीएमसी नेताओं का आरोप है कि विधानसभा चुनाव के नतीजे आने के बाद से ही तृणमूल कार्यकर्ताओं को चुन-चुनकर निशाना बनाया जा रहा है. अब यह हमला सीधे शीर्ष नेतृत्व तक पहुंच गया है. बंगाल की समाचारें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें Asansol TMC Protest: ‘चोर-चोर’ के नारों के पीछे कौन? धरना प्रदर्शन के दौरान तृणमूल नेताओं ने इस हमले के पैटर्न पर भी सवाल उठाये. कहा कि जब अभिषेक बनर्जी एक शोक संतप्त परिवार से मिलने गये थे, तो वहां पहले से ही हथियारों और पत्थरों के साथ हमलावर कैसे मौजूद थे? नरेंद्रनाथ ने मांग की कि हमलावरों की पहचान केवल सीसीटीवी से न हो, बल्कि इस साजिश के पीछे के असली मास्टरमाइंड को बेनकाब किया जाये. जिलाध्यक्ष ने दी आंदोलन की चेतावनी जिलाध्यक्ष ने कहा कि अगर अगले 48 घंटों में दोषियों की गिरफ्तारी नहीं हुई, तो आसनसोल से लेकर कोलकाता तक तृणमूल का जन आंदोलन शुरू होगा, जिसे संभालना प्रशासन के लिए नामुमकिन होगा. इसे भी पढ़ें : अभिषेक के बाद कल्याण बनर्जी पर हमला, टीएमसी सांसद बोले- भाजपा ने किया अटैक, हुगली में हाई अलर्ट गांधी प्रतिमा के पास हाई-वोल्टेज प्रदर्शन आसनसोल का कोर्ट मोड़ शनिवार दोपहर पूरी तरह हरा (टीएमसी के झंडों से पटा) नजर आया. कार्यकर्ताओं ने ‘अभिषेक बनर्जी के सम्मान में, टीएमसी मैदान में’ और ‘लोकतंत्र विरोधी भाजपा हाय-हाय’ जैसे नारे लगाये. कार्यकर्ताओं ने संकल्प लिया कि वे लोकतांत्रिक व्यवस्था की रक्षा के लिए किसी भी हद तक जायेंगे. नरेंद्रनाथ चक्रवर्ती ने कहा कि भाजपा भले ही सत्ता के घमंड में हो, लेकिन बंगाल की जनता इस अपमान का जवाब समय आने पर जरूर देगी. इसे भी पढ़ें अभिषेक बनर्जी पर हमले से दिल्ली तक हड़कंप, खरगे बोले- यह बड़ी साजिश, अखिलेश ने भाजपा को घेरा मेरा मर्डर करना चाहते थे, सोनारपुर में हमले के बाद बोले अभिषेक बनर्जी, हेलमेट पहनकर जान बचाकर भागे सोनारपुर में अभिषेक बनर्जी पर हमला, कपड़े फाड़े, जूते-पत्थर और अंडे बरसाये, CID ने भी कसा शिकंजा ‘कल केंद्र में प्रशासन नहीं रही तो…’, ममता बनर्जी ने सरेआम डॉक्टर को धमकाया, ऑडियो क्लिप लीक होने से बढ़ा विवाद The post अभिषेक बनर्जी पर हमले के विरोध में आसनसोल में टीएमसी का हल्लाबोल, कहा- दोषी नहीं पकड़े गये तो जल उठेगा बंगाल appeared first on Naya Vichar.

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सफर के दौरान फोन चलाने पर नहीं आएंगे चक्कर-उल्टी, OnePlus के इन दो मॉडल में आया काम का फीचर

OnePlus Nord 6 और OnePlus Nord CE 6 यूजर्स के लिए नया सॉफ्टवेयर अपडेट जारी कर दिया गया है. इस अपडेट में सिर्फ सिक्योरिटी पैच ही नहीं, बल्कि एक ऐसा फीचर भी जोड़ा गया है जो रोजमर्रा की जिंदगी में काफी काम आ सकता है. हम बात कर रहे हैं नए Motion Cues की. ये फीचर खास तौर पर उन लोगों के लिए बनाया गया है जिन्हें कार, बस या ट्रेन में फोन यूज करते समय मोशन सिकनेस की दिक्कत होती है. यह अपडेट एक मॉडल के लिए CPH2805_16.0.5.901 और दूसरे मॉडल के लिए CPH2793_16.0.5.901 सॉफ्टवेयर वर्जन के साथ जारी किया जा रहा है. वहीं Nord CE 6 के लिए अपडेट पैकेज का साइज करीब 1.63GB बताया गया है. अगर आपके फोन में अभी तक अपडेट नहीं आया है तो टेंशन मत लीजिए, क्योंकि कंपनी इसे धीरे-धीरे सभी यूजर्स तक पहुंचाया जा रहा है. OnePlus Nord 6 और Nord CE 6 5G में Motion Cues फीचर की एंट्री इस अपडेट का सबसे खास फीचर Motion Cues है. इसे ऑन करते ही फोन की स्क्रीन पर छोटे-छोटे डॉट्स दिखाई देते हैं, जो गाड़ी की हर मूवमेंट के साथ हिलते-डुलते हैं. गाड़ी के तेज होने, ब्रेक लगाने या मुड़ने पर ये डॉट्स उसी हिसाब से रिएक्ट करते हैं. इससे दिमाग को गाड़ी की स्पीड को समझने में मदद मिलती है. यह भी पढ़ें: Reels और Vlogs बनाने के लिए बेस्ट हैं ये स्मार्टफोन्स, कैमरा फीचर्स DSLR को देते हैं टक्कर अगर आपको कार या बस में बैठकर मैसेज पढ़ते, सोशल मीडिया स्क्रॉल करते या वीडियो देखते समय चक्कर या घबराहट महसूस होती है, तो यह फीचर काफी काम का है. दरअसल, जब आपकी नजर फोन की स्क्रीन पर टिकी होती है लेकिन शरीर गाड़ी की हलचल महसूस कर रहा होता है, तो कई लोगों को मोशन सिकनेस होने लगती है. Motion Cues स्क्रीन पर विजुअल संकेत देकर दिमाग को यह समझाने की कोशिश करता है कि गाड़ी किस दिशा में और कितनी तेजी से चल रहा है. बैटरी, कैमरा और कनेक्टिविटी भी हुई बेहतर Motion Cues फीचर के अलावा कंपनी ने पावर कंजम्पशन को ऑप्टिमाइज किया है. इससे बैटरी पहले के मुकाबले थोड़ा ज्यादा साथ दे सकती है. हालांकि इसका असली फायदा आपके यूज पर डिपेंड करेगा. इसके साथ ही सिस्टम की स्टेबिलिटी और ओवरऑल परफॉर्मेंस को भी बेहतर बनाया गया है. ये सुनने में भले ही नॉर्मल अपडेट लगे, लेकिन लंबे समय तक फोन को स्मूद और भरोसेमंद बनाए रखने में ऐसे सुधार काफी जरूरी होते हैं. OnePlus ने कैमरा परफॉर्मेंस और उसकी स्टेबिलिटी में भी सुधार किया है. वहीं नेटवर्क कनेक्टिविटी को पहले से ज्यादा बेहतर और कम्पैटिबल बनाने पर काम किया गया है. यह भी पढ़ें: ₹15999 में Moto G37 Power कितना सही? खरीदने से पहले जानिए इसकी खूबियां और कमियां The post सफर के दौरान फोन चलाने पर नहीं आएंगे चक्कर-उल्टी, OnePlus के इन दो मॉडल में आया काम का फीचर appeared first on Naya Vichar.

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बाजार में उथल-पुथल? ये 7 फाइनेंशियल रूल्स बचाएंगे आपका पैसा और बढ़ाएंगे मुनाफा

7 Investment Rules : पैसे कमाना जितना जरूरी है, उतना ही जरूरी है उसे सही जगह निवेश करना और समझदारी से खर्च करना. आज के समय में निवेश के कई विकल्प मौजूद हैं, लेकिन सफल निवेशक वही बनता है जो कुछ आसान वित्तीय नियमों (Financial Rules) को समझकर उनका पालन करता है. ये नियम न केवल निवेश की योजना बनाने में मदद करते हैं बल्कि भविष्य की आर्थिक जरूरतों को भी सुरक्षित बनाते हैं. आइए जानते हैं ऐसे 7 निवेश नियम, जो आपकी वित्तीय स्थिति को फौलादी बनाने में मदद कर सकते हैं. Rule of 72: पैसा कब होगा दोगुना? निवेश की दुनिया में Rule of 72 काफी लोकप्रिय है. इसकी मदद से आप बिना किसी पेचीदा कैलकुलेटर के यह पता लगा सकते हैं कि आपका निवेश कितने समय में दोगुना (Double) होगा. फॉर्मूला: इसके लिए 72 को निवेश पर मिलने वाले सालाना रिटर्न (ब्याज दर) से भाग (Divide) दिया जाता है. उदाहरण: यदि आपको किसी निवेश या म्यूचुअल फंड पर 12% का वार्षिक रिटर्न मिल रहा है, तो 72 को 12 से भाग देने पर परिणाम 6 आता है. यानी लगभग 6 साल में आपका पैसा दोगुना हो जाएगा. Rule of 114: तिगुना होने का गणित अगर आप यह जानना चाहते हैं कि आपकी निवेश की गई रकम कब तीन गुना (Triple) होगी, तो Rule of 114 आपके काम आएगा. फॉर्मूला: इसमें 114 को अनुमानित रिटर्न दर से भाग दिया जाता है. उदाहरण: यदि आपके निवेश पर मिलने वाला रिटर्न 12% है, तो $114 div 12 = 9.5$, यानी लगभग 9.5 साल में आपका पैसा तीन गुना हो सकता है. Rule of 144: चार गुना रिटर्न का फॉर्मूला यह नियम आपको बताता है कि आपके निवेश को चार गुना (Four Times) होने में कितना समय लगेगा. फॉर्मूला: इसके लिए 144 को सालाना मिलने वाले रिटर्न से भाग दिया जाता है. उदाहरण: यदि आपको मिलने वाला सालाना रिटर्न 12% है, तो 144 को 12 से भाग देने पर 12 आता है। यानी ठीक 12 साल में आपकी रकम चार गुना हो जाएगी. 50-30-20 Rule: कमाई का सही बंटवारा यह दुनिया भर में बजट बनाने के लिए सबसे लोकप्रिय नियम है, जिसे आप अपनी मंथली इनकम (सैलरी) के हिसाब से सेट करते हैं. मान लीजिए आपकी सैलरी ₹50,000 महीना है, तो इसे 3 भागों में बांटें. 50% (₹25,000) – जरूरी खर्चे (Needs): इसमें घर का किराया, राशन, बिजली-पानी का बिल और बच्चों की स्कूल फीस जैसी जरूरी चीजें शामिल हैं. 30% (₹15,000) – शौक और इच्छाएं (Wants): यह पैसा आपके मनोरंजन, बाहर खाना खाने, फिल्में देखने या ट्रैवल करने के शौक के लिए है. 20% (₹10,000) – बचत और निवेश (Savings): इस पैसे को हाथ नहीं लगाना है. इसमें से कुछ हिस्सा हर महीने एसआईपी (SIP) में डालें और कुछ पैसा कैश रिजर्व के रूप में रखें. 100 Minus Age Rule: शेयर बाजार और डेट का संतुलन यह नियम आपको बताता है कि आपको अपनी कमाई का कितना हिस्सा शेयर बाजार (Equity) में और कितना सुरक्षित प्रशासनी योजनाओं/बॉन्ड्स (Date) में लगाना चाहिए. फॉर्मूला: 100 में से अपनी मौजूदा उम्र को घटा दें। जो संख्या आएगी, उतना प्रतिशत हिस्सा आपको इक्विटी में निवेश करना चाहिए. उदाहरण: अगर आपकी उम्र 30 साल है, तो $100 – 30 = 70$। यानी आपको अपनी निवेश राशि का 70% हिस्सा इक्विटी (शेयर बाजार/म्यूचुअल फंड) में और बचा हुआ 30% हिस्सा डेट (FD, PPF या बॉन्ड्स) में रखना चाहिए. जैसे-जैसे उम्र बढ़ेगी, शेयर बाजार में आपका जोखिम (Risk) अपने आप कम होता जाएगा. Minimum 10% Investment Rule: लगातार निवेश की आदत मार्केट एक्सपर्ट्स के अनुसार, हर व्यक्ति को अपनी कुल इनहैंड सैलरी (कमाई) का कम से कम 10% हिस्सा बिना चूके हर महीने नियमित रूप से निवेश करना ही चाहिए. सबसे जरूरी बात यह है कि जैसे-जैसे भविष्य में आपकी आय (सैलरी या मुनाफा) बढ़े, वैसे-वैसे इस निवेश की राशि को भी स्टेप-अप (बढ़ाते) करते रहना चाहिए ताकि लंबी अवधि में आप एक बड़ा फंड तैयार कर सकें. Emergency Fund Rule: मुश्किल समय का सच्चा सहारा वित्तीय योजना (Financial Planning) का सबसे महत्वपूर्ण और पहला स्तंभ ‘इमरजेंसी फंड’ होता है. यह ऐसा सुरक्षित पैसा है जिसे आप किसी अन्य निवेश में नहीं लगाते, बल्कि बैंक अकाउंट या लिक्विड फंड में रखते हैं. यह फंड नौकरी जाने, अचानक बीमारी आने या किसी अन्य आकस्मिक संकट में आपके काम आता है. कितना होना चाहिए फंड: विशेषज्ञों के मुताबिक, आपके पास कम से कम 6 महीने के कुल खर्च के बराबर की राशि हमेशा इमरजेंसी फंड के रूप में तैयार रहनी चाहिए. आपका लक्ष्य कौन सा नियम अपनाएं? 12% रिटर्न पर लगने वाला समय पैसा दोगुना (2x) करना Rule of 72 6 साल पैसा तिगुना (3x) करना Rule of 114 9.5 साल पैसा चार गुना (4x) करना Rule of 144 12 साल Also Read : Bank FD vs Post Office: साल 2026 में आपके पैसे कहां रहेंगे ज्यादा सेफ और देंगे बड़ा मुनाफा?  The post बाजार में उथल-पुथल? ये 7 फाइनेंशियल रूल्स बचाएंगे आपका पैसा और बढ़ाएंगे मुनाफा appeared first on Naya Vichar.

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Khatron Ke Khiladi 15: खतरों से खेलने को तैयार रुबीना दिलैक, बोलीं- मां बनने के बाद बढ़ी है नई चुनौतियां लेने की हिम्मत

Khatron Ke Khiladi 15: टीवी की पॉपुलर एक्ट्रेस रुबीना दिलैक जल्द ही स्टंट बेस्ड रियलिटी शो ‘खतरों के खिलाड़ी 15’ में नजर आने वाली हैं. शो में हिस्सा लेने से पहले रुबीना ने अपनी तैयारियों और सोच के बारे में खुलकर बात की. उन्होंने कहा कि इस शो का हिस्सा बनना उनके लिए सिर्फ एक कॉम्पिटिशन नहीं, बल्कि खुद को नई तरह से परखने का मौका है. मां बनने के बाद बढ़ा आत्मविश्वास PTI से बातचीत में रुबीना ने बताया कि मां बनने के बाद उनके अंदर नई चुनौतियां स्वीकार करने की हिम्मत और बढ़ गई है. उनके मुताबिक, मातृत्व ने उन्हें पहले से ज्यादा मजबूत और निडर बना दिया है. यही वजह है कि वह ‘खतरों के खिलाड़ी 15’ जैसे मुश्किल और रोमांचक शो में हिस्सा लेने के लिए पूरी तरह तैयार हैं. शो में खुद को साबित करना चाहती हैं रुबीना एक्ट्रेस का मानना है कि अक्सर लोगों की सोच होती है कि स्त्री कलाकार सिर्फ स्क्रीन पर ग्लैमरस किरदार निभा सकती हैं. लेकिन ‘खतरों के खिलाड़ी’ जैसा शो स्त्रीओं को अपनी असली ताकत दिखाने का मौका देता है. रुबीना ने कहा कि ऐसे शो में हिस्सा लेने पर कई बार हम खुद भी अपनी क्षमताओं को पहचानते हैं. डर और चुनौतियों से होगा सामना रुबीना ने माना कि मां बनने के बाद उनकी बेटियों को लेकर चिंताएं बढ़ी हैं. हालांकि, वह इस बात को जानने के लिए भी एक्साइटेड हैं कि शो के दौरान यह डर उनके परफॉरमेंस को कैसे प्रभावित करेगा. उनका मानना है कि हर चुनौती इंसान को कुछ नया सिखाती है. केपटाउन में चल रही है शूटिंग ‘खतरों के खिलाड़ी 15’ की शूटिंग इस समय साउथ अफ्रीका के केपटाउन में हो रही है. शो को रोहित शेट्टी होस्ट कर रहे हैं. इस सीजन में रुबीना दिलैक के साथ करण वाही, रित्विक धनजानी, गौरव खन्ना, जैस्मिन भसीन, अविका गोर, अविनाश मिश्रा, ओरी और हर्ष गुजराल जैसे कई सितारे भी नजर आएंगे. यह भी पढ़ें: Peddi के किरदार ने राम चरण को पूरी तरह बदल दिया, बोले- यह मेरे करियर का सबसे मुश्किल रोल है The post Khatron Ke Khiladi 15: खतरों से स्पोर्ट्सने को तैयार रुबीना दिलैक, बोलीं- मां बनने के बाद बढ़ी है नई चुनौतियां लेने की हिम्मत appeared first on Naya Vichar.

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अभिषेक बनर्जी पर हुए हमले से भड़के हेमंत सोरेन, कहा- वैचारिक मतभेद मंजूर, मगर गुंडागर्दी बर्दाश्त नहीं

Hemant Soren, रांची : पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस (TMC) के सांसद अभिषेक बनर्जी पर हुए हमले को लेकर झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने गहरा रोष व्यक्त करते हुए इसकी कड़ी निंदा की है. मुख्यमंत्री ने दो-टूक शब्दों में कहा कि एक स्वस्थ और प्रगतिशील लोकतंत्र में हिंसा, डर और हमलों के लिए कोई स्थान नहीं हो सकता. उन्होंने इस हरकत की आलोचना करते हुए घटना में संलिप्त दोषियों के खिलाफ अविलंब और सख्त कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है. ‘नेतृत्वक विरोध का जवाब हिंसा से देना गलत’ मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल ‘एक्स’ (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट साझा करते हुए लिखा कि सांसद अभिषेक बनर्जी पर हुआ यह हमला अत्यंत निंदनीय और लोकतांत्रिक मर्यादाओं के खिलाफ है. उन्होंने कहा कि किसी भी जीवंत लोकतंत्र में अलग-अलग दलों और नेताओं के बीच वैचारिक मतभेद होना पूरी तरह से स्वाभाविक और स्वागत योग्य है, लेकिन नेतृत्वक विरोध या प्रतिद्वंद्विता का जवाब कभी भी हिंसा, डर का माहौल बनाने या बल प्रयोग के जरिए नहीं दिया जाना चाहिए. Also Read: जमशेदपुर : मुंह के कैंसर में 75% मामलों के पीछे गुटका-खैनी की लत, डॉक्टरों ने दी चेतावनी संवाद और सहिष्णुता से मजबूत होता है लोकतंत्र मुख्यमंत्री ने इस बात पर विशेष जोर दिया कि किसी भी लोकतांत्रिक व्यवस्था में किसी भी प्रकार के नेतृत्वक मतभेदों, विवादों और समस्याओं के समाधान का एकमात्र माध्यम केवल तर्क, स्वस्थ संवाद और जनमत ही होते हैं. उन्होंने कहा कि इस तरह की हिंसक घटनाओं में शामिल लोगों के खिलाफ प्रशासन को बिना किसी ढिलाई के कड़ी से कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए ताकि देश के लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा अक्षुण्ण बनी रहे. मुख्यमंत्री ने संदेश दिया कि लोकतंत्र कभी भी हिंसा की बुनियाद पर खड़ा नहीं हो सकता, बल्कि यह केवल आपसी संवाद, सहिष्णुता और एक-दूसरे के प्रति पारस्परिक सम्मान की भावना से ही मजबूत और दीर्घायु बनता है. अभिषेक बनर्जी ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का जताया आभार मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के इस पोस्ट पर अभिषेक बनर्जी ने जवाब दिया है. उन्होंने सीएम हेमंत का आभार जताते हुए सोशल मीडिया पोस्ट पर लिखा कि उनका समर्थन उन्हें इस तरह की धमकियों और हिंसा के खिलाफ लड़ाई जारी रखने की ताकत देता है. उन्होंने आगे लिखा कि कल का हमला विपक्ष को डराने के लिए प्रशासन द्वारा प्रायोजित और केंद्र प्रशासन द्वारा समर्थित साजिश के सभी लक्षण दिखाता है. जब हिंसा सबके सामने होती है और प्रशासन मूक दर्शक बना रहता है, तो यह केवल कानून-व्यवस्था की विफलता नहीं रह जाती, बल्कि लोकतंत्र पर जानबूझकर किया गया हमला बन जाती है. अपने पोस्ट के अंत में अभिषेक ने इस हमले से नहीं डरने की बात कही है. उन्होंने लिखा कि हम जनता के साथ खड़े रहेंगे और एक ऐसे हिंदुस्तान के लिए लड़ेंगे जहां लोकतंत्र भय और हिंसा पर विजय प्राप्त करे. Also Read: रामगढ़: उपकारा का औचक निरीक्षण, सुरक्षा व्यवस्था का लिया गया जायजा The post अभिषेक बनर्जी पर हुए हमले से भड़के हेमंत सोरेन, कहा- वैचारिक मतभेद मंजूर, मगर गुंडागर्दी बर्दाश्त नहीं appeared first on Naya Vichar.

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JHTET 2026 के लिए जल्द करें आवेदन, जानें कैसे होगा सेलेक्शन

JHTET 2026 Application: JHTET राज्य के प्रशासनी और सहायता प्राप्त स्कूलों में शिक्षक बनने की दिशा में पहला महत्वपूर्ण कदम माना जाता है. ऐसे में योग्य उम्मीदवारों को समय रहते आवेदन प्रक्रिया पूरी कर लेनी चाहिए. इसमें अप्लाई करने के लिए ऑफिशियल वेबसाइट- jacexamportal.in पर जाना होगा. JHTET 2026 के लिए आवेदन प्रक्रिया 21 अप्रैल 2026 से शुरू हो चुकी है. उम्मीदवार 2 जून 2026 तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं और इसी दिन तक आवेदन शुल्क का भुगतान भी किया जा सकेगा. ऐसे करें JHTET 2026 के लिए आवेदन सबसे पहले आधिकारिक वेबसाइट jacexamportal.in पर जाएं. JHTET 2026 Online Application लिंक पर क्लिक करें. नया रजिस्ट्रेशन करें और जरूरी जानकारी भरें. लॉगिन करके आवेदन फॉर्म को पूरा भरें. आवश्यक दस्तावेज, फोटो और हस्ताक्षर अपलोड करें. अपनी श्रेणी के अनुसार आवेदन फीस जमा करें. सभी जानकारी जांचने के बाद फॉर्म सबमिट कर दें. भविष्य के लिए आवेदन पत्र का प्रिंटआउट सुरक्षित रख लें. कितनी है एप्लीकेशन फीस? JHTET 2026 के लिए एप्लीकेशन फीस श्रेणी और पेपर के अनुसार निर्धारित किया गया है. फीस का भुगतान डेबिट कार्ड, क्रेडिट कार्ड, इंटरनेट बैंकिंग, IMPS, मोबाइल वॉलेट और अन्य ऑनलाइन माध्यमों से किया जा सकता है. सामान्य, बीसी और ईडब्ल्यूएस वर्ग के लिए एक पेपर का एप्लीकेशन फीस 1300 रुपये है. एससी और एसटी वर्ग के उम्मीदवारों के लिए एक पेपर का एप्लीकेशन फीस 700 रुपये है. दोनों पेपर के लिए सामान्य, बीसी और ईडब्ल्यूएस वर्ग को 1500 रुपये जमा करने होंगे. एससी और एसटी वर्ग के लिए दोनों पेपर का एप्लीकेशन फीस 800 रुपये रखा गया है. चयन प्रक्रिया JHTET में उम्मीदवारों का चयन पात्रता परीक्षा के प्रदर्शन के आधार पर होगा. परीक्षा पास करने वाले अभ्यर्थियों को JHTET सर्टिफिकेट दिया जाएगा. इसके बाद वे राज्य में निकलने वाली शिक्षक भर्तियों के लिए आवेदन कर सकेंगे. यह भी पढ़ें- CBI में सब इंस्पेक्टर बनने का मौका, सैलरी होगी 1.4 लाख से ज्यादा  The post JHTET 2026 के लिए जल्द करें आवेदन, जानें कैसे होगा सेलेक्शन appeared first on Naya Vichar.

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