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20 हजार और 2 लाख के फोन में जब काम एक ही हैं, तो कीमत में इतना भारी अंतर क्यों? जानिए पर्दे के पीछे की असली वजह

हिंदुस्तानीय स्मार्टफोन बाजार में आज 20,000 रुपये के बजट हैंडसेट से लेकर 2 लाख रुपये तक के अति-प्रीमियम फोन्स आसानी से मिल जाते हैं. पहली नजर में यह बात हर किसी को हैरान करती है कि जब दोनों ही तरह के फोन से कॉलिंग, वॉट्सएप, इंटरनेट सर्फिंग और यू-ट्यूब देखना जैसे बुनियादी काम एक ही तरह से होते हैं, तो फिर कीमतों में 30 गुना तक का अंतर क्यों होता है? अक्सर लोग सोचते हैं कि कंपनियां केवल अपने ब्रांड नाम का पैसा वसूलती हैं, लेकिन हकीकत इससे कहीं अधिक तकनीकी और व्यापारिक रणनीतियों से जुड़ी है. इस बड़े अंतर के पीछे प्रोसेसर की ताकत, डिस्प्ले तकनीक, कैमरा सेंसर का साइज, रिसर्च एंड डेवलपमेंट (R&D) पर होने वाला खर्च और डिवाइस की बिल्ड क्वालिटी मुख्य जिम्मेदार होते हैं. प्रोसेसर, रैम और स्टोरेज: केवल स्पीड नहीं, क्षमता का अंतर बाहर से एक जैसे दिखने वाले दो स्मार्टफोन्स के अंदरूनी पुर्जों (हार्डवेयर) में जमीन-आसमान का फर्क होता है. बजट स्मार्टफोन्स में ऐसे चिपसेट लगाए जाते हैं जो केवल रोजमर्रा के हल्के-फुल्का कामों को संभालने के लिए डिजाइन होते हैं. इसके विपरीत, महंगे फोन्स में अत्याधुनिक प्रोसेसर का उपयोग होता है जो भारी-भरकम 3D गेमिंग, ऑन-डिवाइस एआई ऑपरेशन्स और 4K/8K वीडियो एडिटिंग को बिना गर्म हुए चुटकियों में प्रोसेस कर सकते हैं. इसके अलावा प्रीमियम फोन्स में इस्तेमाल होने वाली रैम और फ्लैश स्टोरेज की रीड-राइट स्पीड भी बजट फोन की तुलना में काफी तेज होती है, जिससे ऐप्स पलक झपकते ही खुलते हैं. मेगापिक्सल का भ्रम: महंगे फोन का कैमरा क्यों होता है DSLR जैसा? स्मार्टफोन कंपनियों के विज्ञापन अक्सर 50MP या 200MP जैसे बड़े आंकड़ों से ग्राहकों को लुभाते हैं, लेकिन फोटोग्राफी केवल मेगापिक्सल का स्पोर्ट्स नहीं है. एक 20 हजार रुपये का 50MP कैमरा फोन कभी भी 1 लाख रुपये के 12MP या 50MP वाले फ्लैगशिप फोन की बराबरी नहीं कर सकता. महंगे फोन्स में बड़े साइज के इमेज सेंसर, ऑप्टिकल इमेज स्टेबलाइजेशन (OIS), एडवांस्ड लेंस कोटिंग और महंगे ISP (इमेज सिग्नल प्रोसेसर) दिए जाते हैं. यही वजह है कि प्रीमियम फोन रात के अंधेरे में, तेजी से चलती वस्तु की फोटो लेते समय या जूम करने पर बिल्कुल साफ और नेचुरल कलर्स वाली तस्वीरें खींचते हैं. बिल्ड क्वालिटी और डिस्प्ले: प्लास्टिक बनाम टाइटेनियम-ग्लास फोन की बाहरी बनावट और स्क्रीन भी उसकी लागत तय करने में बड़ा योगदान देती है. बजट स्मार्टफोन्स में जहां अमूमन प्लास्टिक (पॉलीकार्बोनेट) बॉडी और साधारण LCD या बेसिक AMOLED पैनल्स दिए जाते हैं, वहीं महंगे स्मार्टफोन्स में एरोस्पेस-ग्रेड एल्युमीनियम, सर्जिकल-ग्रेड स्टेनलेस स्टील या टाइटेनियम फ्रेम का इस्तेमाल होता है. महंगे फोन्स की स्क्रीन में हाई-रेजोल्यूशन, ज्यादा निट्स ब्राइटनेस, LTPO रिफ्रेश रेट और मजबूत गोरिल्ला ग्लास प्रोटेक्शन मिलता है. साथ ही, इन फोन्स को पानी और धूल से सुरक्षित बनाने के लिए महंगी IP68 वॉटर-रेजिस्टेंस टेस्टिंग और सीलिंग प्रोसेस से गुजारा जाता है. सॉफ्टवेयर सपोर्ट, AI और रिसर्च की छिपी हुई लागत हार्डवेयर के अलावा सॉफ्टवेयर सपोर्ट भी किसी डिवाइस की कुल लागत को बढ़ा देता है. महंगे फोन्स बनाने वाली कंपनियां ग्राहकों को 5 से 7 साल तक ओएस (OS) और सिक्योरिटी अपडेट्स देने का वादा करती हैं, जिसके लिए उन्हें लगातार सॉफ्टवेयर इंजीनियरों की टीम पर खर्च करना पड़ता है. इसके अलावा, नए एआई फीचर्स विकसित करने, कस्टम ओएस तैयार करने और आरएंडडी (R&D) पर अरबों डॉलर का निवेश किया जाता है. साथ ही, ब्रांड वैल्यू, ग्लोबल मार्केटिंग, एक्सक्लूसिव आफ्टर-सेल्स सर्विस और लग्जरी फिनिशिंग भी फोन की अंतिम कीमत को 3-4 लाख रुपये के आंकड़े तक ले जाती है. अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs) Q1: क्या 10,000 रुपये वाले और 1 लाख रुपये वाले फोन के कैमरे में बहुत अंतर होता है? उत्तर: हां, बेहद अंतर होता है. महंगे फोन्स में बड़े कैमरा सेंसर, बेहतर लेंस और पावरफुल इमेज प्रोसेसिंग चिप होती है, जिससे लो-लाइट फोटोग्राफी, जूम और वीडियो रिकॉर्डिंग की क्वालिटी काफी शानदार मिलती है. Q2: क्या महंगे स्मार्टफोन्स ज्यादा लंबे समय तक चलते हैं? उत्तर: बिल्कुल, प्रीमियम स्मार्टफोन्स में मजबूत बिल्ड क्वालिटी (टाइटेनियम/ग्लास) के साथ-साथ कंपनियों द्वारा 5 से 7 साल तक लंबे सॉफ्टवेयर अपडेट्स दिए जाते हैं, जिससे वे सालों-साल नए जैसे बने रहते हैं. Q3: क्या फोन महंगे होने की वजह सिर्फ ब्रांड नाम होता है? उत्तर: नहीं, ब्रांड वैल्यू के अलावा प्रोसेसर की क्षमता, डिस्प्ले क्वालिटी, वॉटर-प्रूफिंग, एआई फीचर्स और रिसर्च एंड डेवलपमेंट (R&D) की लागत भी फोन की कीमत बढ़ाने के मुख्य कारण होते हैं. ये भी पढ़ें: अमीर लोग फोन कवर क्यों नहीं लगाते? वजह जानकर सोच बदल जाएगी ये भी पढ़ें: आधा हिंदुस्तान नहीं जानता टेबल पर स्मार्टफोन रखने का सही तरीका, जानिए एक छोटी सी आदत के 4 बड़े फायदे ये भी पढ़ें: क्या मैग्नेट से खराब हो सकता है आपका स्मार्टफोन? जानिए क्या है सच और किन बातों का रखना चाहिए ध्यान ये भी पढ़ें: अब स्मार्टफोन में क्यों नहीं मिलती रिमूवेबल बैटरी? वजह जानेंगे तो कहेंगे, कंपनियों ने सही फैसला लिया The post 20 हजार और 2 लाख के फोन में जब काम एक ही हैं, तो कीमत में इतना भारी अंतर क्यों? जानिए पर्दे के पीछे की असली वजह appeared first on Naya Vichar.

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पुराने कपड़ों से घर में पोछा लगाना सही या गलत? वास्तु में बताई गई है इसकी वजह

Vastu Tips: घर को साफ रखने के लिए लोग अक्सर पुराने कपड़ों को पोछे के तौर पर इस्तेमाल कर लेते हैं. पुरानी टी-शर्ट, तौलिया या दूसरे कपड़े बेकार लगने पर फर्श साफ करने के काम आ जाते हैं. हालांकि, वास्तु शास्त्र में इसे लेकर कुछ अलग मान्यताएं बताई गई हैं. वास्तु विशेषज्ञ बाबा बिमलेश के अनुसार, घर की सफाई में इस्तेमाल होने वाली चीजों का भी वास्तु की नजर से खास महत्व माना जाता है. ऐसे में पुराने और फटे कपड़ों से पोछा लगाने से बचने की सलाह दी जाती है. आइए जानते हैं इससे जुड़ी मान्यताएं और पोछा लगाते समय किन बातों का ध्यान रखना चाहिए पुराने कपड़ों से पोछा लगाना क्यों माना जाता है अशुभ वास्तु शास्त्र के अनुसार, पुराने, गंदे या फटे कपड़ों से घर में पोछा लगाना अच्छा नहीं माना जाता. ऐसा माना जाता है कि इन कपड़ों के इस्तेमाल से घर का माहौल प्रभावित हो सकता है. इसलिए सफाई के लिए हमेशा साफ और अलग पोछा रखने की सलाह दी जाती है. घर की बरकत से जोड़कर देखी जाती है ये बात वास्तु में घर की साफ-सफाई को सुख-समृद्धि से जोड़कर देखा जाता है. मान्यता है कि फटे या खराब कपड़ों से फर्श साफ करने से घर की बरकत पर असर पड़ सकता है और आर्थिक परेशानियां बढ़ सकती हैं. हालांकि, यह धार्मिक और वास्तु से जुड़ी मान्यता है, इसका कोई वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है. मां लक्ष्मी की कृपा से भी जोड़ा जाता है हिंदू मान्यताओं में मां लक्ष्मी को धन और समृद्धि की देवी माना जाता है. घर की साफ-सफाई को भी उनकी कृपा से जोड़कर देखा जाता है. वास्तु मान्यता के अनुसार, सफाई के लिए फटे-पुराने कपड़ों का इस्तेमाल करने से मां लक्ष्मी नाराज हो सकती हैं. इसी वजह से घर में साफ-सुथरा पोछा इस्तेमाल करने की सलाह दी जाती है. पुराने तौलिए से भी पोछा बनाने से बचें पुराने तौलिए, बनियान या दूसरे इस्तेमाल किए हुए कपड़ों को कई लोग पोछे के तौर पर इस्तेमाल करते हैं. वास्तु की मान्यता में खासकर बहुत ज्यादा फटे या पुराने कपड़ों से पोछा लगाने से बचने की बात कही जाती है. पुराने अंडरगारमेंट्स को पोछे के रूप में इस्तेमाल करना भी ठीक नहीं माना जाता. ऐसे कपड़ों को घर की सफाई के काम में न लगाना बेहतर माना जाता है. पोछे के लिए हमेशा अलग कपड़ा रखें घर में फर्श साफ करने के लिए एक अलग पोछा रखना बेहतर होता है. साफ सूती पोछा पानी को अच्छी तरह सोखता है और फर्श की सफाई भी ठीक से हो जाती है. पोछे को इस्तेमाल करने के बाद अच्छी तरह धोकर धूप या खुली हवा में सुखाना भी जरूरी है. नमक वाले पानी से पोछा लगाने की मान्यता वास्तु से जुड़ी कुछ मान्यताओं में पोछे के पानी में थोड़ा सा सेंधा नमक या समुद्री नमक डालने की सलाह दी जाती है. माना जाता है कि इससे घर की नकारात्मकता कम होती है और माहौल बेहतर रहता है. कुछ लोग हफ्ते में एक या दो बार नमक वाले पानी से पोछा लगाते हैं. इसे सिर्फ वास्तु से जुड़ी मान्यता के तौर पर ही देखना चाहिए. सुबह पोछा लगाना माना जाता है अच्छा वास्तु के अनुसार, सुबह सूर्योदय के बाद और दोपहर से पहले घर की सफाई करना अच्छा माना जाता है. वहीं, सूर्यास्त के बाद झाड़ू-पोछा लगाने से बचने की सलाह दी जाती है. ऐसी मान्यता है कि शाम के समय सफाई करने से घर की बरकत प्रभावित हो सकती है. गुरुवार को पोछा लगाने को लेकर भी है मान्यता कुछ धार्मिक मान्यताओं में गुरुवार को पोछा लगाने से बचने की बात कही जाती है. इसे देवगुरु बृहस्पति और घर के ईशान कोण से जोड़कर देखा जाता है. मान्यता है कि इस दिन पोछा लगाने से घर की सुख-समृद्धि और बच्चों की पढ़ाई पर असर पड़ सकता है. हालांकि, यह भी एक धार्मिक मान्यता है और इसका कोई वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है. यह भी पढ़ें: घर की इन जगहों पर बैठकर भूलकर भी न खाएं खाना, वास्तु में माना जाता है अशुभ The post पुराने कपड़ों से घर में पोछा लगाना सही या गलत? वास्तु में बताई गई है इसकी वजह appeared first on Naya Vichar.

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PM मोदी के जन्मदिन पर झारखंड में जले ‘आशीर्वाद के दीये’, पूरे राज्य में मना भव्य दीपोत्सव

PM Modi Birthday: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिवस को झारखंड भाजपा ने ‘सेवा संकल्प अभियान’ और उत्सव के रूप में मनाया. राज्य के लाखों घरों, मंदिरों, मठों और सार्वजनिक स्थलों पर संध्या के समय ‘आशीर्वाद के दीया’ प्रज्वलित किए गए, जिससे पूरा झारखंड रोशन हो गया. इस दौरान रांची के अल्बर्ट एक्का चौक पर 21 हजार दीप जलाए गए और पुरी के अंतरराष्ट्रीय सैंड आर्ट कलाकारों द्वारा बालू से प्रधानमंत्री की भव्य तस्वीर बनाई गई. रांची समेत पूरे झारखंड में भव्य दीपोत्सव  राजधानी रांची के अलावा धनबाद के राम मंदिर चिटाही धाम, पलामू के कोयल नदी तट, साहेबगंज के नमामि गंगे घाट, देवघर एम्स परिसर, रामगढ़ के रजरप्पा शक्ति पीठ और चतरा सहित पूरे राज्य में भव्य दीपोत्सव का आयोजन हुआ. इसके साथ ही भाजयुमो द्वारा प्रदेश कार्यालय समेत पूरे राज्य में रक्तदान शिविर लगाए गए, जिसमें सैकड़ों युवाओं ने बढ़-चढ़कर रक्तदान किया. प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू ने कुच्चू मंडल के दुर्गा मंदिर में दीपोत्सव में हिस्सा लिया और कहा कि यह आयोजन जनभागीदारी का ऐतिहासिक उत्सव बन गया है, जहां जनता ने मोदी जी को अपना भरपूर स्नेह और आशीर्वाद दिया है. सैंड आर्ट कलाकारों द्वारा बालू से प्रधानमंत्री की भव्य तस्वीर बनाई गई ये भी पढ़ें: Garhwa News: हर दिन करीब 6 लोगों को डस रहा सांप, गढ़वा में 78 दिन में 435 सर्पदंश के मामले भाजपा नेताओं ने दीप जलाकर दी शुभकामनाएं नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने अल्बर्ट एक्का चौक पर दीप जलाकर उनके यशस्वी नेतृत्व की सराहना की, वहीं संगठन महामंत्री कर्मवीर सिंह ने कहा कि झारखंड की जनता ने प्रधानमंत्री के दीर्घायु जीवन की कामना की है. इस अवसर पर पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास, अर्जुन मुंडा, चम्पाई सोरेन, केंद्रीय मंत्री अन्नपूर्णा देवी, संजय सेठ सहित पार्टी के तमाम वरिष्ठ नेताओं और हजारों कार्यकर्ताओं ने प्रधानमंत्री को जन्मदिन की बधाई दी. ये भी पढ़ें: गढ़वा : जायंट्स सेवा सप्ताह के पहले दिन 300 फलदार व छायादार पौधों का वितरण The post PM मोदी के जन्मदिन पर झारखंड में जले ‘आशीर्वाद के दीये’, पूरे राज्य में मना भव्य दीपोत्सव appeared first on Naya Vichar.

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Iran US War: जंग के बीच अमेरिका जाएंगे पेजेश्कियान और अराघची, UN महासभा में होंगे शामिल

Iran US War: अमेरिका और ईरान के बीच सैन्य तनाव जारी है. इसी बीच, ट्रंप प्रशासन ने ईरान के शीर्ष अधिकारियों को न्यूयॉर्क आने की अनुमति देने का फैसला किया है. ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान और विदेश मंत्री अब्बास अराघची अगले सप्ताह न्यूयॉर्क में होने वाली संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) की हाई-लेवल मीटिंग में शामिल हो सकेंगे. अमेरिकी विदेश विभाग ने इसकी पुष्टि करते हुए कहा कि संयुक्त राष्ट्र के मेजबान देश के तौर पर अमेरिका अपनी जिम्मेदारियों के तहत ईरानी प्रतिनिधिमंडल को महासभा में शामिल होने की अनुमति देगा. छोटे प्रतिनिधिमंडल को मिलेगी अनुमति अमेरिकी विदेश विभाग के अनुसार, इस बार ईरान का प्रतिनिधिमंडल पिछले साल की तुलना में छोटा होगा. पेजेश्कियान और अराघची के अलावा उनके जरूरी स्टाफ को भी न्यूयॉर्क आने की अनुमति दी जाएगी. हालांकि, अमेरिका ने यह स्पष्ट किया है कि वीजा मिलने के बावजूद ईरानी प्रतिनिधिमंडल पर कई तरह की पाबंदियां लागू रहेंगी. अधिकारियों की आवाजाही सीमित रहेगी और उन्हें लग्जरी तथा कुछ अन्य सामान खरीदने की अनुमति नहीं होगी. न्यूयॉर्क में आवाजाही पर रहेगी पाबंदी अमेरिका पहले भी संयुक्त राष्ट्र महासभा में आने वाले ईरानी अधिकारियों की न्यूयॉर्क में आवाजाही सीमित करता रहा है. उनकी यात्रा मुख्य रूप से संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय, ईरान के संयुक्त राष्ट्र मिशन, ईरानी राजदूत के आवास और जॉन एफ. कैनेडी इंटरनेशनल एयरपोर्ट तक सीमित रही है. इस बार भी इसी तरह के यात्रा प्रतिबंध लागू रहने की बात अमेरिकी विदेश विभाग ने कही है. जंग के बीच बड़ा कूटनीतिक घटनाक्रम अमेरिका का यह फैसला ऐसे समय आया है जब दोनों देशों के बीच युद्ध जारी है. रिपोर्टों के मुताबिक संघर्ष 28 फरवरी को अमेरिका और इजरायल की ओर से ईरान पर हमले के बाद शुरू हुआ था. इसके जवाब में ईरान ने इजरायल और उन खाड़ी देशों को निशाना बनाया, जहां अमेरिकी सैन्य ठिकाने मौजूद हैं. इसके बाद से अमेरिका और ईरान के बीच संघर्ष खत्म करने को लेकर बातचीत के कई दौर रुक-रुककर होते रहे हैं. 1947 के UN समझौते के तहत अमेरिका की जिम्मेदारी ईरानी प्रतिनिधिमंडल को अनुमति देने के पीछे संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय समझौते की भूमिका भी बताई जा रही है. 1947 के इस समझौते के तहत अमेरिका, संयुक्त राष्ट्र के मेजबान देश के रूप में विदेशी राजनयिकों को संयुक्त राष्ट्र तक पहुंच की सुविधा देने के लिए बाध्य है. हालांकि, अमेरिका का कहना है कि सुरक्षा, आतंकवाद और विदेश नीति जैसे आधारों पर वीजा से इनकार करने का अधिकार उसके पास है. फिलिस्तीनी अधिकारियों से अलग फैसला ईरानी प्रतिनिधिमंडल को वीजा देने का फैसला अमेरिका द्वारा फिलिस्तीनी राष्ट्रपति महमूद अब्बास और अन्य फिलिस्तीनी अधिकारियों के प्रवेश पर रोक लगाने के एक दिन बाद आया है. अमेरिकी विदेश विभाग ने PA और PLO पर अंतरराष्ट्रीय अदालतों में इजरायल के खिलाफ कार्रवाई और अन्य नीतिगत कदमों का हवाला देते हुए प्रतिबंध जारी रखने की बात कही है. इस तरह एक ही UN महासभा के लिए ईरान और फिलिस्तीनी प्रतिनिधिमंडल के संबंध में अमेरिका ने अलग-अलग फैसले लिए हैं. पेजेश्कियान का संयुक्त राष्ट्र महासभा में संबोधन भी प्रस्तावित है. ऐसे में उनका न्यूयॉर्क दौरा अमेरिका-ईरान संबंधों और जारी संघर्ष के बीच होने वाला एक महत्वपूर्ण कूटनीतिक घटनाक्रम होगा. ये भी पढ़ें: नेपाल बाढ़ त्रासदी: मृतकों की संख्या बढ़कर 1403 पहुंची, 6150 अब भी लापता The post Iran US War: जंग के बीच अमेरिका जाएंगे पेजेश्कियान और अराघची, UN महासभा में होंगे शामिल appeared first on Naya Vichar.

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A Name Love Life: ‘आ’ अक्षर वालों का लव कनेक्शन है थोड़ा अलग, पार्टनर से छिपाकर रखते हैं ये बात

A Name Love Life: नया विचार डिजिटल की हिंदी नेम एस्ट्रोलॉजी सीरीज के दूसरे भाग में आज बात करते हैं ‘आ’ यानी अंग्रेजी के A अक्षर से नाम शुरू होने वाले लोगों की लव लाइफ की. नाम अंक ज्योतिष की मान्यताओं के अनुसार इनके स्वभाव में आत्मविश्वास, स्वतंत्र सोच और अपनी भावनाओं को अपने तरीके से संभालने की प्रवृत्ति देखी जाती है. लेकिन प्यार और शादीशुदा जीवन को लेकर इनके बारे में क्या कहा जाता है? क्या ये पार्टनर से अपनी कुछ बातें छिपाकर रखते हैं? आइए जानते हैं. A अक्षर को अंक 1 से जोड़ा जाता है ज्योतिषाचार्य संजीत कुमार मिश्रा बताते हैं कि नाम अंक ज्योतिष की चैल्डियन न्यूमेरोलॉजी (Chaldean) पद्धति में A अक्षर को अंक 1 से जोड़ा जाता है. इस अंक को नेतृत्व, आत्मविश्वास, स्वतंत्र सोच और अपनी पहचान को महत्व देने जैसे गुणों से जोड़ा जाता है. इसी आधार पर A से नाम शुरू होने वाले लोगों के प्रेम संबंधों को समझने पर माना जाता है कि ये किसी रिश्ते में आने से पहले सामने वाले को समझना पसंद कर सकते हैं. इनके लिए सिर्फ आकर्षण काफी नहीं होता, बल्कि सम्मान और भरोसा भी मायने रखता है. प्यार में जल्दी नहीं खोलते दिल ‘आ’ अक्षर वाले लोग अपनी भावनाएं हर किसी के सामने आसानी से जाहिर नहीं करते, ऐसी मान्यता नाम-अंक ज्योतिष में मिलती है. किसी को पसंद करने के बाद भी ये तुरंत अपनी भावनाएं व्यक्त करने के बजाय रिश्ते को समझने और सामने वाले के व्यवहार को परखने पर ध्यान दे सकते हैं. इसी वजह से शुरुआत में पार्टनर को लग सकता है कि ये अपने मन की पूरी बात नहीं बता रहे हैं. दरअसल, इनके लिए भावनात्मक भरोसा बनने के बाद खुलकर बात करना ज्यादा सहज हो सकता है. ये भी पढ़ें: A Name Love Life: ‘अ’ से नाम शुरू होने वालों का दिल जीतना आसान नहीं, प्यार में इन बातों की रखते हैं उम्मीद पार्टनर से कौन-सी बात छिपा सकते हैं? नाम-अक्षर आधारित मान्यताओं के अनुसार, इनकी सबसे बड़ी “छिपी बात” कोई रहस्य नहीं, बल्कि खुद की भावनाएं और असुरक्षाएं हो सकती हैं. परेशानी होने पर तुरंत शिकायत करने के बजाय ये कुछ समय तक खुद ही स्थिति को समझने की कोशिश कर सकते हैं. कई बार यही आदत रिश्ते में गलतफहमी की वजह भी बन सकती है. पार्टनर को लग सकता है कि सामने वाला नाराज है या कुछ बात जानबूझकर छिपा रहा है. इसलिए इनके लिए रिश्ते में साफ बातचीत बनाए रखना जरूरी माना जाता है. प्यार जताने का तरीका थोड़ा अलग हो सकता है ‘आ’ अक्षर वालों के बारे में यह भी माना जाता है कि वे प्यार को केवल शब्दों से जाहिर करने के बजाय अपने व्यवहार से दिखाना पसंद कर सकते हैं. पार्टनर की जरूरत का ध्यान रखना, मुश्किल समय में साथ देना या छोटी-छोटी पसंद याद रखना इनके लिए प्यार जताने का तरीका हो सकता है. हालांकि, हर व्यक्ति का व्यवहार एक जैसा नहीं होता. नाम अंक ज्योतिष केवल सामान्य प्रवृत्तियों की बात करता है, इसे किसी व्यक्ति के निश्चित व्यवहार का प्रमाण नहीं माना जा सकता. रिश्ते में सम्मान और भरोसे को देते हैं महत्व ‘आ’ यानी A अक्षर को अंक 1 से जोड़ने वाली नाम अंक ज्योतिष की परंपरा में स्वतंत्रता और आत्मसम्मान को महत्व देने की बात की जाती है. इसलिए रिश्ते में भी सम्मान और भरोसा इनके लिए महत्वपूर्ण हो सकता है. यदि इन्हें लगे कि पार्टनर उनकी बात समझता है, उनकी स्वतंत्रता का सम्मान करता है और रिश्ते में ईमानदारी रखता है, तो भावनात्मक जुड़ाव मजबूत होने की संभावना मानी जाती है. एक बार जुड़ें तो रिश्ता निभाने की कोशिश नाम-अक्षर आधारित मान्यताओं में A से नाम शुरू होने वाले लोगों को अपने फैसलों को लेकर दृढ़ माना जाता है. इसी वजह से रिश्ते को लेकर गंभीर होने के बाद वे उसे बनाए रखने के लिए प्रयास कर सकते हैं. रिश्ते में उतार-चढ़ाव आने पर तुरंत अलग होने के बजाय समस्या का समाधान खोजने की कोशिश करना इनके स्वभाव का हिस्सा माना जाता है. हालांकि, यह प्रवृत्ति व्यक्ति-दर-व्यक्ति अलग हो सकती है.शादीशुदा जीवन में खुलकर बातचीत जरूरी शादीशुदा जीवन की बात करें तो ‘आ’ अक्षर वालों के लिए आपसी सम्मान, भरोसा और संवाद महत्वपूर्ण रह सकता है. यदि ये अपनी नाराजगी या परेशानी लंबे समय तक मन में रखते हैं, तो छोटी बात भी बड़ी गलतफहमी में बदल सकती है. इसलिए पार्टनर के साथ समय-समय पर मन की बात साझा करना रिश्ते को बेहतर बनाए रखने में मदद कर सकता है. नाम से नहीं तय होती पूरी लव लाइफ ज्योतिषाचार्य संजीत कुमार मिश्रा के अनुसार, नाम के पहले अक्षर से व्यक्ति के स्वभाव की कुछ सामान्य प्रवृत्तियों की व्याख्या की जा सकती है, लेकिन इससे किसी की पूरी प्रेम कहानी या शादीशुदा जीवन निश्चित रूप से तय नहीं किया जा सकता. ज्योतिषीय दृष्टि से विवाह और दांपत्य जीवन का विस्तृत आकलन करने के लिए जन्म तारीख, समय, स्थान और कुंडली के विभिन्न भावों एवं ग्रहों को देखना जरूरी होता है. इसलिए ‘आ’ अक्षर वालों के बारे में बताई गई बातें नाम-अंक ज्योतिष की सामान्य मान्यताओं के रूप में ही समझनी चाहिए. नोट: ये ज्योतिषीय मान्यताएं हैं और नया विचार इसकी वैज्ञानिक पुष्टि नहीं करता है. The post A Name Love Life: ‘आ’ अक्षर वालों का लव कनेक्शन है थोड़ा अलग, पार्टनर से छिपाकर रखते हैं ये बात appeared first on Naya Vichar.

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तेल-चाय गिरने से खराब हुआ पसंदीदा कपड़ा? दाग देखते ही अपनाएं ये आसान तरीका

How to Remove Stain from Clothes: काम की बात सीरीज में हम रोजमर्रा की छोटी-छोटी परेशानियों का आसान समाधान जानते हैं. आज बात करेंगे कपड़ों पर लगने वाले तेल, चाय और कॉफी के दाग की. खाते-पीते समय कपड़ों पर दाग लग जाना आम है, लेकिन समय रहते सही तरीके से साफ किया जाए तो इसे हटाना आसान हो सकता है. American Cleaning Institute के अनुसार, दाग को जितनी जल्दी ट्रीट किया जाए, उसे हटाने की संभावना उतनी बेहतर रहती है. तेल का दाग लगे तो सबसे पहले क्या करें? अगर सब्जी या खाने का तेल कपड़े पर गिर गया है, तो सबसे पहले साफ कपड़े या पेपर टॉवल से अतिरिक्त तेल को हल्के हाथ से सोख लें. दाग को रगड़ने से बचें, क्योंकि इससे तेल कपड़े के दूसरे हिस्से में (How to Remove Stain from Clothes) फैल सकता है. इसके बाद दाग वाली जगह पर थोड़ा लिक्विड लॉन्ड्री डिटर्जेंट या प्री-वॉश स्टेन रिमूवर लगाकर कुछ देर के लिए छोड़ सकते हैं. ACI के अनुसार ग्रीस और ऑयल के हल्के दाग के लिए लिक्विड डिटर्जेंट या प्री-वॉश स्टेन रिमूवर से पहले ट्रीटमेंट करना उपयोगी हो सकता है. इसके बाद कपड़े को उसके केयर लेबल के अनुसार धोएं. चाय का दाग लगे तो ठंडे पानी का करें इस्तेमाल चाय का कप हाथ से छूट गया और कपड़े पर दाग पड़ गया. ऐसे में दाग वाली जगह को ठंडे पानी से स्पंज या सोखें. इसके बाद लिक्विड लॉन्ड्री डिटर्जेंट या स्टेन रिमूवर से उस जगह को प्री-ट्रीट करके कपड़ा धोया जा सकता है. American Cleaning Institute चाय और कॉफी जैसे दागों के लिए ठंडे पानी से स्पंज या भिगोने के बाद प्री ट्रीटमेंट और फिर सामान्य लॉन्ड्री की सलाह देता है. PC: AI Generated दाग को जोर से रगड़ने की गलती न करें दाग देखकर तुरंत उसे ब्रश या हाथ से रगड़ना आसान लगता है, लेकिन ऐसा करना हमेशा सही (How to Remove Stain from Clothes) नहीं होता. ACI के अनुसार दाग को रगड़ने के बजाय स्पंज करना बेहतर है, क्योंकि ज्यादा रगड़ने से दाग फैल सकता है और कपड़े के रेशे भी प्रभावित हो सकते हैं. इसलिए दाग पर पहले टिश्यू या साफ कपड़ा रखकर अतिरिक्त तरल सोखें और फिर चुने हुए स्टेन ट्रीटमेंट का इस्तेमाल करें. कपड़ा सुखाने से पहले दाग जरूर चेक करें कपड़ा धोने के बाद अगर दाग पूरी तरह नहीं गया है, तो उसे तुरंत ड्रायर या तेज गर्मी में सुखाने से बचें. पहले दाग को दोबारा ट्रीट करके धोना बेहतर है. ACI के मुताबिक दाग पूरी तरह हटने से पहले कपड़े को ड्रायर में डालने से दाग सेट हो सकता है और बाद में उसे हटाना मुश्किल हो सकता है. हर कपड़े पर एक ही तरीका न आजमाएं रेशमी, ऊनी, नाजुक या ऐसे कपड़े जिन पर केवल dry-clean लिखा है, उन पर घरेलू प्रयोग करने से पहले कपड़े का care label जरूर देखें. किसी भी नए स्टेन रिमूवर को इस्तेमाल करने से पहले कपड़े के किसी छिपे हुए हिस्से पर colorfastness टेस्ट करना भी बेहतर है. यह भी पढ़ें: फ्रिज को समझ लिया है हर चीज का ठिकाना? इन 6 चीजों को अंदर रखना पड़ सकता है भारी The post तेल-चाय गिरने से खराब हुआ पसंदीदा कपड़ा? दाग देखते ही अपनाएं ये आसान तरीका appeared first on Naya Vichar.

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18 सितंबर की टॉप 20 खबरें: TMC का नाम-सिंबल फ्रीज, इनामी नक्सली असीम मंडल गिरफ्तार, अभिषेक शर्मा ने 30 गेंदों में ठोका शतक

1. TMC का नाम-सिंबल फ्रीज, ममता-रीतब्रत गुट को चुनना होगा पार्टी का नया नाम और चुनाव चिह्न, EC ने मांगे 3 ऑप्शन चुनाव आयोग ने पश्चिम बंगाल की 2 विधानसभा सीटों पर होने वाले उपचुनाव से पहले ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस (AITC) के नाम और चुनाव चिह्न को फ्रीज कर दिया है. तृणमूल कांग्रेस को अब पार्टी के लिए एक नया नाम और चुनाव चिह्न चुनना होगा. यहां पढ़ें पूरी रिपोर्ट. 2. 2.20 करोड़ के इनामी माओवादी असीम मंडल की गिरफ्तारी के बाद बोले शुभेंदु अधिकारी- बंगाल में ‘लाल आतंक’ की वापसी बर्दाश्त नहीं पश्चिम बंगाल पुलिस ने 2.20 करोड़ रुपये के इनामी शीर्ष माओवादी नेता असीम मंडल उर्फ आकाश को गिरफ्तार किया है. इस गिरफ्तारी के बाद मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने राज्य में ‘लाल आतंक’ की वापसी को बर्दाश्त न करने की दो टूक चेतावनी दी है.यहां पढ़ें पूरी रिपोर्ट 3. बंगाल पुलिस ने शीर्ष नक्सली नेता असीम मंडल को कब और कैसे किया गिरफ्तार, पुलिस कमिश्नर ने बताया कोलकाता पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) ने प्रतिबंधित माओवादी संगठन के शीर्ष नेता असीम मंडल उर्फ आकाश को गिरफ्तार किया है. पुलिस कमिश्नर अजय नंद ने इस हाई-प्रोफाइल गिरफ्तारी की संक्षिप्त कहानी बतायी है, जिसमें एसटीएफ की लगातार घेराबंदी और उसका पीछा करना शामिल था. यहां पढ़ें पूरी रिपोर्ट. 4. IND vs AFG: हिंदुस्तान ने अफगानिस्तान का 3-0 से किया क्लीन स्वीप, तीसरे टी20 मैच में 127 रन से दर्ज की जीत हिंदुस्तान ने अफगानिस्तान के खिलाफ तीसरा टी20 127 रन से जीत लिया है, सीरीज क्लीन स्वीप कर ली है. अभिषेक शर्मा के धमाकेदार शतक ने टीम को विशाल स्कोर तक पहुंचाया.यहां पढ़ें पूरी रिपोर्ट. 5. Abhishek Sharma fastest T20I century: अभिषेक शर्मा ने तोड़ा रोहित शर्मा का रिकॉर्ड, 35 नहीं सिर्फ 30 गेंदों में ठोका T20I शतक Abhishek Sharma fastest T20I century: T20I में हिंदुस्तान के लिए सबसे तेज शतक! अभिषेक शर्मा ने 30 गेंदों में बना डाला ये रिकॉर्ड. जानें कैसे रोहित शर्मा को छोड़ा पीछे. यहां पढ़ें पूरी रिपोर्ट 6. PM Modi Birthday: कटरा से उज्जैन तक दीपोत्सव, महाकाल की नगरी से मरीन ड्राइव तक कैसे मना जश्न, देखें VIDEO PM Modi Birthday: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 76वें जन्मदिन पर गुरुवार को देश के अलग-अलग हिस्सों में आशीर्वाद का दीया कार्यक्रम आयोजित किए गए. दिल्ली, मध्य प्रदेश, राजस्थान, बिहार, असम, ओडिशा और जम्मू-कश्मीर में दीये जलाए गए. भाजपा ने प्रधानमंत्री के जन्मदिन पर लोगों से आशीर्वाद का दीया जलाकर उनके अच्छे स्वास्थ्य और लंबी उम्र की कामना करने की अपील की थी. यहां पढ़ें पूरी रिपोर्ट 7. PM Modi Birthday: मेलोनी ने कहा ‘मेरे दोस्त’, नेतन्याहू बोले- हिंदुस्तान वर्ल्ड पावर, पुतिन ने भी दी बधाई PM Modi Birthday: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 76वें जन्मदिन पर इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी, इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने शुभकामनाएं दीं. तीनों नेताओं ने अपने संदेशों में हिंदुस्तान के साथ द्विपक्षीय संबंधों और सहयोग का भी जिक्र किया. यहां पढ़ें पूरी रिपोर्ट 8. चंद्रशेखरन फिर बने टाटा संस के चेयरमैन, नाेएल टाटा का विरोध नहीं आया काम टाटा ग्रुप के चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन की अगले 5 साल के लिए पुनः नियुक्ति हुई है. हालांकि, टाटा ट्रस्ट्स के चेयरमैन नोएल टाटा ने इस फैसले पर असहमति जताई. जानिए इसके पीछे की पूरी कहानी. यहां पढ़ें पूरी रिपोर्ट 9. दिवंगत नेता सुदिव्य कुमार सोनू के आवास पहुंचे सीएम हेमंत सोरेन, बोले- पूरे झारखंड के लिए अपूरणीय क्षति मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन समेत कई मंत्रियों और विधायकों ने दिवंगत गिरिडीह विधायक सुदिव्य कुमार सोनू को उनके द्वादश कार्यक्रम में श्रद्धांजलि अर्पित की. सीएम ने उनके निधन को राज्य के लिए एक बड़ी क्षति बताया. यहां पढ़ें पूरी रिपोर्ट 10. बिहार में राहत बांटने पहुंचे शख्स के फलों के डिब्बों पर टूट पड़ी भीड़, बेटियों से भी हुई धक्का-मुक्की Bihar Flood: बिहार में बाढ़ पीड़ितों की मदद के लिए हरियाणा से फल लेकर पहुंचे सहज दुग्गल उस वक्त परेशान हो गये, जब राहत सामग्री लेने के दौरान भीड़ ने अफरातफरी मचा दी . उनकी बेटियों के साथ भी धक्का-मुक्की की गयी . घटना का वीडियो उन्होंने सोशल मीडिया पर शेयर करते हुए लोगों से सवाल किया- ‘मैं इतनी दूर से सिर्फ आपके लिए आया हूं, आप मेरे साथ ऐसा क्यों कर रहे हैं?’ यहां पढ़ें पूरी रिपोर्ट 11. पीएम मोदी के जन्मदिन पर रोशनी से जगमगाया जेपी गंगा पथ, सीएम सम्राट चौधरी ने जलाए दीप प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन के अवसर पर जेपी गंगा पथ (मरीन ड्राइव) को दीयों से सजाया गया. मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम की शुरुआत की, जिसमें बिहार के समृद्ध स्वरूप को प्रदर्शित किया गया. यहां पढ़ें पूरी रिपोर्ट 12. UP Panchayat Election 2026: आयोग ने उठाया ऐसा कदम, तारीख के ऐलान से पहले ही चुनावी मशीनरी हुई अलर्ट UP Panchayat Election 2026: उत्तर प्रदेश में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव 2026 की तैयारियां शुरू हो गई हैं. राज्य निर्वाचन आयोग ने FRS सर्वर की सुरक्षा मजबूत करने के निर्देश दिए हैं और मतदाता सूची का काम भी आगे बढ़ चुका है. हालांकि, चुनाव की अंतिम तारीख का ऐलान अभी बाकी है. यहां पढ़ें पूरी रिपोर्ट 13. पाकिस्तान में लॉकडाउन जैसे नियम, रात 9 बजे बाजार बंद, शादी में सिर्फ एक डिश, जानें क्यों बढ़ी मुश्किलें? पाकिस्तान में पेट्रोल-डीजल की कमी और बढ़ते संकट के कारण प्रशासन ने खर्च कम करने के लिए कड़े कदम उठाए हैं. प्रशासनी दफ्तरों, बाजारों और शादी समारोहों पर इसका असर पड़ेगा. जानें क्या हैं ये नए नियम. यहां पढ़ें पूरी रिपोर्ट 14. ‘ये सब बेवकूफी भरी बातें हैं’…परमाणु हथियार छोड़ने पर किम जोंग की बहन का दो टूक जवाब, कहा-ये हमारी सुरक्षा की गारंटी North Korea rejects nuclear disarmament : उत्तर कोरिया ने एक बार फिर परमाणु हथियार छोड़ने से इनकार किया है. किम जोंग उन की बहन किम यो-जोंग ने परमाणु निरस्त्रीकरण की कोशिशों को खारिज करते हुए कहा कि देश की परमाणु ताकत उसकी सुरक्षा का जरूरी हिस्सा है.यहां पढ़ें पूरी रिपोर्ट 15. उम्र नहीं बनेगी पढ़ाई की राह में रोड़ा, अब 10वीं-12वीं पास करेंगी जीविका दीदियां BBOSE Jeevika Didi: बिहार की उन स्त्रीओं के लिए अच्छी समाचार है, जो किसी वजह से अपनी 10वीं या 12वीं की पढ़ाई पूरी नहीं कर

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Shabana Azmi 76th Birthday: लगातार 3 साल जीता बेस्ट एक्ट्रेस का नेशनल अवॉर्ड, ‘अंकुर’ से शुरू हुआ था पैरेलल सिनेमा का सफर

18 सितंबर को एक्ट्रेस शबाना आजमी अपना 76वां जन्मदिन मना रही हैं. पांच दशक से ज्यादा लंबे करियर में उन्होंने पैरेलल सिनेमा से लेकर कमर्शियल फिल्मों तक अपनी अलग पहचान बनाई. खास बात यह है कि उनके फिल्मी सफर की शुरुआत ही ऐसी रही, जिसने उन्हें सीधे नेशनल अवॉर्ड तक पहुंचा दिया. इसके बाद उन्होंने लगातार तीन साल बेस्ट एक्ट्रेस का नेशनल फिल्म अवॉर्ड जीतकर ऐसा रिकॉर्ड बनाया, जिसकी चर्चा आज भी होती है. पहली ही फिल्म ने बदल दी किस्मत शबाना आजमी का जन्म 18 सितंबर 1950 को मशहूर शायर कैफी आजमी और थिएटर आर्टिस्ट शौकत आजमी के घर हुआ था. घर में साहित्य, कविता और थिएटर का माहौल था, लेकिन फिल्मों में अपनी जगह बनाने के लिए शबाना ने खुद मेहनत की. उन्होंने फिल्म एंड टेलीविजन इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया (FTII), पुणे से अभिनय की पढ़ाई की और गोल्ड मेडल हासिल किया. इसके बाद 1974 में उनकी पहली फिल्म ‘अंकुर’ रिलीज हुई. श्याम बेनेगल की इस फिल्म में शबाना आजमी ने लक्ष्मी का किरदार निभाया था. यह उनके करियर की पहली फिल्म थी और इसी फिल्म के लिए उन्हें बेस्ट एक्ट्रेस का नेशनल फिल्म अवॉर्ड मिला. डेब्यू फिल्म से ही इतना बड़ा सम्मान मिलना उनके करियर की शुरुआत को खास बना गया. शबाना आजमी, फोटो – ए आई जेनरेटेड फिर लगातार तीन साल जीता नेशनल अवॉर्ड ‘अंकुर’ के बाद शबाना आजमी का शानदार दौर जारी रहा. उन्होंने ‘अर्थ’, ‘खंडहर’ और ‘पार’ जैसी फिल्मों में यादगार भूमिकाएं निभाईं. इन फिल्मों के लिए उन्होंने 1983, 1984 और 1985 में लगातार तीन साल बेस्ट एक्ट्रेस का नेशनल फिल्म अवॉर्ड जीता. यानी तीन अलग-अलग साल, तीन अलग-अलग फिल्मों और तीन अलग-अलग किरदारों के लिए उन्हें देश का बड़ा फिल्म सम्मान मिला. इसके बाद 1999 में ‘गॉडमदर’ के लिए भी शबाना आजमी को बेस्ट एक्ट्रेस का नेशनल फिल्म अवॉर्ड मिला. इस तरह वह अपने करियर में कुल पांच बार यह सम्मान जीत चुकी हैं. पैरेलल सिनेमा की बनीं पहचान शबाना आजमी का नाम हिंदुस्तानीय पैरेलल सिनेमा के सबसे चर्चित कलाकारों में लिया जाता है. ‘अंकुर’, ‘अर्थ’, ‘खंडहर’, ‘पार’ और ‘मंडी’ जैसी फिल्मों में उन्होंने ऐसे किरदार निभाए, जिनमें ग्लैमर से ज्यादा कहानी और अभिनय को महत्व दिया गया. उनकी खासियत यह रही कि उन्होंने अपने करियर को किसी एक तरह की फिल्मों तक सीमित नहीं रखा. गंभीर फिल्मों के साथ उन्होंने मुख्यधारा की फिल्मों में भी काम किया और अलग-अलग पीढ़ियों के दर्शकों से जुड़ी रहीं. View on Instagram जावेद अख्तर से शादी शबाना आजमी की निजी जिंदगी भी हमेशा चर्चा में रही है. उन्होंने 1984 में लेखक और गीतकार जावेद अख्तर से शादी की. दोनों ने अपने-अपने क्षेत्र में लंबा और सफल करियर बनाया है. शबाना के लिए परिवार का साहित्य और थिएटर से जुड़ाव बचपन से रहा, लेकिन उनके फिल्मी करियर में उनकी अपनी मेहनत और अभिनय क्षमता सबसे बड़ी पहचान बनी. फिल्मों के साथ सामाजिक मुद्दों पर भी सक्रिय शबाना आजमी सिर्फ फिल्मों तक सीमित नहीं रहीं. वह लंबे समय से स्त्रीओं के अधिकार, झुग्गी-बस्ती में रहने वाले लोगों और एड्स जागरूकता जैसे सामाजिक मुद्दों से जुड़ी रही हैं. वह 1997 से 2003 तक राज्यसभा की मनोनीत सदस्य भी रही थीं. इस दौरान भी उन्होंने कई सामाजिक मुद्दों को सार्वजनिक मंच पर उठाया. 2026 में छात्र प्रदर्शन में भी आईं नजर जुलाई 2026 में शबाना आजमी एक बार फिर सामाजिक मुद्दे को लेकर चर्चा में आईं. वह दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए छात्र प्रदर्शन में पहुंची थीं. रिपोर्टों के मुताबिक, 19 जुलाई को उन्होंने प्रदर्शन स्थल पर छात्रों से मुलाकात की और अगले दिन ‘चालो संसद’ मार्च में भी शामिल हुईं. उन्होंने प्रदर्शन में शामिल होने की वजह बताते हुए शांतिपूर्ण तरीके से अपनी आवाज उठाने के अधिकार की बात कही थी. साथ ही उन्होंने यह भी स्पष्ट किया था कि उनका किसी नेतृत्वक पार्टी से संबंध नहीं है. प्रदर्शन के दौरान पुलिस की कार्रवाई को लेकर भी उन्होंने अपनी बात रखी थी. इंडिया टुडे से बातचीत में शबाना ने छात्रों पर आंसू गैस के इस्तेमाल और लाठीचार्ज देखे जाने का दावा किया था. View on Instagram 76 की उम्र में भी जारी है सफर ‘अंकुर’ से शुरू हुआ शबाना आजमी का सफर पांच दशक से ज्यादा समय बाद भी जारी है. एक ऐसी एक्ट्रेस जिसने पहली ही फिल्म से नेशनल अवॉर्ड जीता, फिर लगातार तीन साल यह सम्मान अपने नाम किया और कुल पांच बार बेस्ट एक्ट्रेस का नेशनल फिल्म अवॉर्ड हासिल किया. ‘रॉकी और रानी की प्रेम कहानी’ जैसी फिल्मों में नजर आने वाली शबाना आजमी आज भी अलग-अलग तरह के किरदारों के साथ दर्शकों के बीच मौजूद हैं. यही लंबा सफर उन्हें हिंदुस्तानीय सिनेमा की खास कलाकारों में शामिल करता है. ये भी पढ़ें: Batwara 1947 के फ्लॉप होने पर शबाना आजमी हुई हैरान, बोली- सनी देओल मुस्लिम किरदार क्यों निभा रहे ये भी पढ़ें: जब इस वेब सीरीज में Jyothika को रिप्लेस करना चाहती थी शबाना आजमी, एक्ट्रेस का खुलासा The post Shabana Azmi 76th Birthday: लगातार 3 साल जीता बेस्ट एक्ट्रेस का नेशनल अवॉर्ड, ‘अंकुर’ से शुरू हुआ था पैरेलल सिनेमा का सफर appeared first on Naya Vichar.

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BTech Computer Science को मिला 59 LPA, Google में प्लेसमेंट देकर छा गया ये कॉलेज

Best BTech College: IIIT गुवाहाटी में बीटेक लेवल पर कुल 206 स्टूडेंट्स ने प्लेसमेंट के लिए रजिस्ट्रेशन कराया था, जिसमें से 166 जॉब ऑफर्स आए और 147 स्टूडेंट्स को प्लेसमेंट मिला. यानी ओवरऑल प्लेसमेंट रेट 71.35 फीसदी रहा, जो किसी भी इंस्टीट्यूट के लिए एक अच्छा आंकड़ा माना जाता है. BTech CSE ब्रांच का दबदबा रहा बरकरार CSE ब्रांच में इस बार भी सबसे ज्यादा प्लेसमेंट हुए. यहां 150 स्टूडेंट्स रजिस्टर्ड हुए थे, जिनमें से 133 को जॉब ऑफर मिले और 116 स्टूडेंट्स फाइनली प्लेस हुए. यानी CSE का प्लेसमेंट पर्सेंटेज 77.33 फीसदी रहा, जो सभी ब्रांचों में सबसे ऊपर है. Best BTech College: IIIT गुवाहाटी का प्लेसमेंट रिकॉर्ड सैलरी के मामले में भी CSE ब्रांच सबसे आगे रही. यहां औसत सैलरी 18.38 LPA रही, जबकि ओवरऑल एवरेज सैलरी 17.64 LPA दर्ज की गई. सबसे ज्यादा पैकेज यानी हाईएस्ट सैलरी 59 LPA रही, जो CSE स्टूडेंट को मिली. कैटेगरी CSE ECE ओवरऑल रजिस्टर्ड स्टूडेंट्स 150 56 206 कुल जॉब ऑफर्स 133 33 166 एवरेज सैलरी 18.38 LPA 14.89 LPA 17.64 LPA मीडियन सैलरी 11.89 LPA 10 LPA 11.89 LPA प्लेस्ड स्टूडेंट्स 116 31 147 हाईएस्ट सैलरी 59 LPA 46.38 LPA 59 LPA प्लेसमेंट पर्सेंटेज 77.33% 55.35% 71.35% ECE ब्रांच में भी दिखा अच्छा रिस्पॉन्स इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग (ECE) ब्रांच में 56 स्टूडेंट्स रजिस्टर्ड हुए. इनमें से 33 ऑफर्स आए और 31 स्टूडेंट्स प्लेस हुए. यहां प्लेसमेंट पर्सेंटेज 55.35 फीसदी रहा. कौन-कौन सी कंपनियां आईं कैंपस में इस साल प्लेसमेंट ड्राइव में कई बड़ी और नामी कंपनियों ने हिस्सा लिया. इनमें शामिल रहीं: Amazon Google Microsoft Adobe Oracle Cisco IBM Infosys Deloitte Accenture JP Morgan Chase DE Shaw & Co ServiceNow HCLTech Cadence NatWest Nagarro ये भी पढ़ें: लखनऊ के इस कॉलेज में 1 करोड़ का प्लेसमेंट पैकेज, Google Microsoft से मिला जॉब ऑफर MTech स्टूडेंट्स का अच्छा प्रदर्शन एमटेक लेवल पर भी प्लेसमेंट के अच्छे नतीजे सामने आए हैं. कुल 44 स्टूडेंट्स रजिस्टर्ड हुए थे, जिनमें से 18 को जॉब ऑफर मिले. दिलचस्प बात ये रही कि यहां ECE ब्रांच का प्लेसमेंट पर्सेंटेज CSE से भी बेहतर रहा. ECE में 71.42 फीसदी स्टूडेंट्स प्लेस हुए, जबकि CSE में ये आंकड़ा 26.67 फीसदी रहा. एमटेक ECE स्टूडेंट को सबसे ज्यादा 25.2 LPA का पैकेज मिला. ये भी पढ़ें: Computer Science का क्रेज डाउन, IIIT रांची में इस BTech ब्रांच को मिला 60 लाख का पैकेज The post BTech Computer Science को मिला 59 LPA, Google में प्लेसमेंट देकर छा गया ये कॉलेज appeared first on Naya Vichar.

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विधवा की FD से 19.90 लाख काटना SBI को पड़ा भारी, इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सुनाया फैसला, रकम लौटाने के साथ देना होगा मुआवजा

UP News: इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने मृतक पति के व्यक्तिगत लोन की वसूली के लिए विधवा पत्नी की एफडी से रकम काटने के मामले में हिंदुस्तानीय स्टेट बैंक (SBI) को कड़ा निर्देश दिया है. कोर्ट ने बैंक को एफडी से डेबिट किए गए 19.90 लाख रुपये वापस करने का आदेश दिया है. रकम के साथ लागू ब्याज भी चार सप्ताह के भीतर लौटाना होगा. इसके अलावा अदालत ने स्त्री को एक लाख रुपये मुआवजा देने का भी निर्देश दिया है. पति ने लिया था 15 लाख का पर्सनल लोन यह मामला नेहा मिश्रा की याचिका से जुड़ा है. उनके पति लखनऊ के रिंग रोड स्थित मेडिसिन अस्पताल में सहायक प्रोफेसर थे. उन्होंने नवंबर 2020 में SBI से 15 लाख रुपये का व्यक्तिगत ऋण लिया था. मई 2021 में कोविड संक्रमण के कारण उनकी मौत हो गई. कोर्ट के सामने यह बात भी स्पष्ट हुई कि नेहा मिश्रा न तो लोन की सह-आवेदक थीं और न ही गारंटर, क्षतिपूर्तिकर्ता या नामिनी. बैंक ने पहले भेजा नोटिस, फिर खाते पर लगाई रोक पति की मौत के करीब चार साल बाद सितंबर 2025 में SBI ने नेहा मिश्रा को कानूनी नोटिस भेजकर 13.87 लाख रुपये के कथित बकाया लोन का भुगतान करने को कहा. इसके बाद बैंक ने उनका वेतन खाता भी रोक दिया. मामला RBI लोकपाल तक पहुंचा, जिसके हस्तक्षेप के बाद खाते पर लगी रोक हटाई गई. इसके बाद एफडी से रकम काटे जाने की कार्रवाई को लेकर स्त्री ने हाईकोर्ट का रुख किया. कोर्ट ने पूछा- किस कानून के तहत काटी रकम सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने पाया कि नेहा मिश्रा का पति के लोन से संबंधित बैंक के साथ कोई संविदात्मक संबंध नहीं था. अदालत ने यह भी नोट किया कि लोन एक बीमा पॉलिसी से कवर था और इसके लिए मृतक ने कथित तौर पर 8,803 रुपये का प्रीमियम भी दिया था. कोर्ट ने कहा कि SBI यह स्पष्ट नहीं कर पाया कि किस कानूनी प्रावधान के तहत पत्नी की एफडी से सीधे रकम काटी जा सकती है. बैंक ग्राहकों के पैसे का संरक्षक: हाईकोर्ट न्यायमूर्ति शेखर बी सराफ और न्यायमूर्ति अवधेश कुमार चौधरी की खंडपीठ ने कहा कि बैंक अपने ग्राहकों के धन के संरक्षक होते हैं और उसे ट्रस्ट के रूप में रखते हैं. अदालत ने स्पष्ट किया कि यदि किसी स्थिति में मृतक के कर्ज की वसूली उसके उत्तराधिकारी से कानूनी तौर पर की जा सकती है, तब भी बैंक को निर्धारित कानूनी प्रक्रिया का पालन करना होगा. 19.90 लाख लौटाने के साथ देना होगा मुआवजा हाईकोर्ट ने SBI की कार्रवाई को गंभीरता से लेते हुए एफडी से काटी गई 19.90 लाख रुपये की पूरी रकम लागू ब्याज के साथ चार सप्ताह में वापस करने का आदेश दिया. साथ ही नेहा मिश्रा को एक लाख रुपये मुआवजा देने को कहा. अदालत ने बैंक की कार्रवाई को बैंकिंग प्रक्रिया का गंभीर उल्लंघन बताते हुए मनमाने और अनियमित तरीके से रकम वसूलने पर भी टिप्पणी की. यह भी देखें: UP Election 2027: बीजेपी के वो 10 ब्राह्मण चेहरे कौन, जिनका 2027 विधानसभा टिकट मिलना तय बताया जा रहा, पीछे क्या है सियासी प्लान The post विधवा की FD से 19.90 लाख काटना SBI को पड़ा भारी, इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सुनाया फैसला, रकम लौटाने के साथ देना होगा मुआवजा appeared first on Naya Vichar.

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