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चंद्रशेखरन को दोबारा चेयरमैन बनाने पर विवाद: नोएल टाटा ने किया विरोध, लिस्टिंग रोकने के लिए दिया नया प्रस्ताव

Tata Chairman Dispute : देश के सबसे बड़े कारोबारी घरानों में शुमार टाटा ग्रुप के भीतर लीडरशिप और भविष्य के ढांचे को लेकर खींचतान तेज हो गई है. हाल ही में हुई टाटा संस के बोर्ड की बैठक में एन. चंद्रशेखरन को अगले पांच साल के लिए दोबारा चेयरमैन चुनने का प्रस्ताव पास किया गया. हालांकि, यह फैसला सबकी सहमति से नहीं हुआ. इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक, टाटा ट्रस्ट्स के चेयरमैन नोएल टाटा ने इसके खिलाफ वोट डाला और अपना विरोध दर्ज कराया. यह प्रस्ताव एक स्वतंत्र निदेशक के निर्णायक वोट (कास्टिंग वोट) के जरिए पास तो हो गया, लेकिन नोएल टाटा के विरोध ने इस फैसले की कानूनी वैधता पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं. ‘टाटा संस को प्राइवेट रखना 100 साल पुराने मॉडल की रीढ़’ नोएल टाटा का कहना है कि टाटा संस को गैर-सूचीबद्ध (प्राइवेट) रखना सिर्फ पसंद का मामला नहीं, बल्कि पूरे टाटा मॉडल का मूल आधार है. टाटा संस में टाटा ट्रस्ट्स की सबसे बड़ी हिस्सेदारी (करीब 66%) है और कंपनियों से मिलने वाले डिविडेंड से बड़े पैमाने पर सामाजिक और धर्मार्थ काम होते हैं. ये भी पढ़ें: बांग्लादेश विमान में मारपीट : आपस में भिड़े दो पैसेंजर, चले लात-घूसे; कपड़े तक फाड़ दिए, Video Viral नोएल का तर्क है कि प्राइवेट कंपनी होने के नाते ही टाटा संस सेमीकंडक्टर, इलेक्ट्रॉनिक्स और एविएशन (विमानन) जैसे भारी निवेश और लंबे समय में मुनाफा देने वाले सेक्टर्स में निर्भीक होकर फैसले ले पाती है. यदि कंपनी शेयर बाजार में लिस्ट हो गई, तो उसे हर तिमाही में वित्तीय रिटर्न चाहने वाले संस्थागत निवेशकों को जवाब देना पड़ेगा. इससे नुकसान में चल रहे कारोबार को संभालने और नए जोखिम लेने की क्षमता कमजोर होगी. RBI का फैसला और लिस्टिंग का दबाव टाटा संस को ‘अपर-लेयर एनबीएफसी’ (NBFC) की श्रेणी में रखे जाने के बाद बाजार में उसकी लिस्टिंग को लेकर चर्चाएं तेज हैं. टाटा संस ने मार्च 2024 में अपना एनबीएफसी रजिस्ट्रेशन सरेंडर करने की अर्जी दी थी, जिसे हिंदुस्तानीय रिजर्व बैंक (RBI) ने हाल ही में 11 सितंबर को खारिज कर दिया और तय नियमों का पालन करने को कहा. नोएल टाटा का कहना है कि आरबीआई ने सीधे तौर पर तुरंत लिस्टिंग का आदेश नहीं दिया है, इसलिए कंपनी को लिस्टिंग की ओर भागने से पहले सभी कानूनी विकल्पों और नियामक से बातचीत के रास्तों को टटोलना चाहिए. एसपी ग्रुप का ₹25,000 करोड़ का प्रस्ताव इसी बैठक में नोएल टाटा ने शापूरजी पालोनजी (SP) ग्रुप की ओर से 25,000 करोड़ रुपये का एक प्रस्ताव भी बोर्ड के सामने रखा. इस प्रस्ताव के तहत टाटा संस को पब्लिक लिस्टिंग में धकेले बिना, शेयर बायबैक या कुछ हिस्सों को बेचकर एसपी ग्रुप को जरूरी नकदी (Liquidity) मुहैया कराने का विकल्प दिया गया है. अब सारा दारोमदार इस बात पर निर्भर करता है कि ट्रस्ट्स के नॉमिनी डायरेक्टर्स के अधिकारों को दरकिनार कर लिया गया यह फैसला कानूनी तौर पर कितना टिक पाता है. विश्लेषकों का मानना है कि चंद्रशेखरन के तीसरे कार्यकाल पर बोर्ड की मुहर के बावजूद यह विवाद अदालत या कानूनी समीक्षा की दहलीज तक पहुंच सकता है. ये भी पढ़ें: Mausam Update : 18 सितंबर को दिल्ली-UP से राजस्थान तक मौसम बदलेगा, जानें अगले 3 दिन कहां होगी बारिश The post चंद्रशेखरन को दोबारा चेयरमैन बनाने पर विवाद: नोएल टाटा ने किया विरोध, लिस्टिंग रोकने के लिए दिया नया प्रस्ताव appeared first on Naya Vichar.

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Radha Ashtami Vrat Katha: जब तक कान्हा सामने नहीं आए, राधा रानी ने नहीं खोली थीं आंखें; जानें जन्म की अद्भुत कथा

Radha Ashtami Vrat Katha: राधा अष्टमी भाद्रपद शुक्ल अष्टमी तिथि को मनाई जाती है. पौराणिक मान्यता के अनुसार, इसी तिथि में राधा रानी का जन्म वृषभानु और कीर्तिदा (कलावती) की पुत्री के रूप में हुआ था. महावीर और मिथिला पंचांग के अनुसार, इस साल भाद्रपद शुक्ल अष्टमी तिथि 19 सितंबर, शनिवार को पड़ रही है. पुराणों में राधा रानी के जन्म से जुड़ी कथा क्या है? जानिए. राधा अष्टमी व्रत कथा ब्रह्मवैवर्त और पद्म पुराण (पाताल खंड, गीता प्रेस गोरखपुर) में वर्णित प्रसंग के अनुसार, द्वापर युग में वृषभानु जी यमुना नदी में स्नान करने गए थे. उस दौरान दोपहर (मध्याह्न काल) के वक्त उन्हें जल में हजारों पत्ते वाले कमल पर सूर्य जैसा अलौकिक दिव्य तेज नजर आया. उस कमल के बीच एक तेजस्वी और अलौकिक रूप वाली एक कन्या मंद-मंद मुस्कुरा रही थी. पद्म पुराण मे राधा रानी के जन्म का प्रमाण “ततो दृष्ट्वा मया देवी बालभावेन संस्थिता, पद्ममध्ये स्थितां तन्वीं बालसूर्यसमप्रभाम्” (पद्म पुराण). यानी वृषभानु जी को कमल फूल के बीच सूर्य के समान चमकता हुआ और सुकोमल कन्या नजर आई. ये भी पढ़ें: Radha Ashtami 2026: कब मनाई जाएगी राधा अष्टमी? नोट कर लें तिथि, पूजा मुहूर्त और मंत्र कैसे हुआ राधा रानी का प्राकट्य? कहा जाता है कि वृषभानु जी और उनकी पत्नी कीर्तिदा (कलावती) को संतान नहीं थी. इसलिए वे उस कन्या को अपनी गोद में उठाकर रावल स्थित अपने महल में ले आए. पौराणिक मान्यता के अनुसार, राधा रानी का प्राकट्य श्रीकृष्ण से साढ़े ग्यारह महीने पहले हुआ था. रावल (मथुरा में स्थित) में प्राकट्य के बाद राधा रानी ने अपनी आंखें नहीं खोलीं. इसे देखकर कीर्तिदा और वृषभानु जी चिंतित हो गए. उन्हें लगा कि कन्या आंखों से दिव्यांग है. कहा जाता है कि राधा रानी ने संकल्प लिया था कि जब तक वह श्रीकृष्ण का दर्शन नहीं कर लेंगी, तब तक अपनी आंखें नहीं खोलेंगी. कुछ समय बीतने पर नंद जी की पत्नी यशोदा जी गोकुल से अपने लाडले (कान्हा जी) के साथ वृषभानु जी के घर पहुंचीं, जहां उनका आदर के साथ स्वागत किया गया. यशोदा जी कान्हा जी (श्रीकृष्ण) को अपनी गोद में लेकर राधा रानी के पास पहुंचीं. जब राधा रानी के सामने कान्हा जी पहुंचे, तो उन्होंने अपनी आंखें खोलीं. राधा रानी, कान्हा जी को एकटक (बिना पलक झपकाए) निहारती रहीं. अपने प्राणप्रिय कान्हा जी (श्रीकृष्ण) को देखकर राधा रानी बहुत आनंदित हुईं. वहीं, कान्हा जी भी राधा रानी को सामने देखकर बेहद खुश हुए. राधा-रानी (Image AI Generated) कीर्दिता और वृषभानु जी ने पूर्व जन्म में की थी कठोर तपस्या राधा रानी के जन्म से जुड़ी एक अन्य पौराणिक कथा के अनुसार, द्वापर युग में एक दिन वृषभानु जी यमुना में स्नान करने गए. उस दौरान उन्हें यमुना में सोने सा चमकता हुआ एक कमल तैरता हुआ दिखाई दिया. वृषभानु जी उस कमल के पास गए, तो उन्हें कमल फूल की पंखुड़ियों के बीच एक सुंदर कन्या लेटी हुई अवस्था में दिखाई दी. उस वक्त ब्रह्मा अचानक वहां प्रकट हुए. उन्होंने कहा कि पिछले जन्म में वृषभानु और उनकी पत्नी कीर्तिदा ने भगवान विष्णु की पत्नी (लक्ष्मी) को संतान के रूप में पाने के लिए कठिन तपस्या की थी. पूर्व जन्म के तप का फल: जब वृषभानु-कीर्तिदा के घर आईं राधा रानी भगवान ब्रह्मा ने वृषभानु जी को बताया कि कमल के फूल पर विराजमान यह कन्या मां लक्ष्मी का प्रतिरूप है. इस घटना के बाद वृषभानु जी उस कन्या को अपने घर ले गए. शरद पूर्णिमा के चंद्रमा के समान चमकती हुई कन्या को देखकर कीर्तिदा (वृषभानु जी की पत्नी) की खुशी का ठिकाना न रहा. घर में कन्या के आने पर कीर्तिदा ने धार्मिक अनुष्ठान का आयोजन किया. ब्राह्मणों को गायें दान कीं. राधा रानी को रत्नों से जड़े पालने में रखा गया. धीरे-धीरे गांव की अन्य स्त्रीएं भी राधा रानी को देखने और पालने में झुलाने के लिए पहुंचने लगीं. राधा रानी का तेज चंद्रमा के समान धीरे-धीरे बढ़ता गया. ये भी पढ़ें: Radha Ashtami 2026: कब है राधा अष्टमी? जानें तारीख और महत्व The post Radha Ashtami Vrat Katha: जब तक कान्हा सामने नहीं आए, राधा रानी ने नहीं खोली थीं आंखें; जानें जन्म की अद्भुत कथा appeared first on Naya Vichar.

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IND W vs JPN W Live: भारतीय टीम ने जीता टॉस, जापान को पहले बल्लेबाजी का दिया न्योता; ऐसी है प्लेइंग-11

IND W vs JPN W Live: एशियन गेम्स 2026 में हिंदुस्तान और जापान की स्त्री क्रिकेट टीम आमने-सामने हैं. टीम इंडिया की नजर सेमीफाइनल में जगह पक्की करने पर है. यहां पढ़ें मैच का टॉस, स्कोर, विकेट और हर पल का लाइव अपडेट. The post IND W vs JPN W Live: हिंदुस्तानीय टीम ने जीता टॉस, जापान को पहले बल्लेबाजी का दिया न्योता; ऐसी है प्लेइंग-11 appeared first on Naya Vichar.

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Chhath-Diwali Special Train: यात्रियों को राहत: बिहार आने वालों के लिए चलाई जायेंगी 8 स्पेशल ट्रेनें, देखिए पूरी लिस्ट और टाइम टेबल

Chhath-Diwali Special Train: त्योहारों की सीजन की शुरुआत अक्टूबर से हो जाएगी. इस बीच बिहार आने वालों के लिए अच्छी समाचार है. उनके लिए कंफर्म टिकट नहीं मिलने की परेशानी काफी हद तक कम हो सकती है. राज्य के अलग-अलग जिलों के लिए 8 स्पेशल ट्रेनें चलाने का फैसला लिया गया है. इस फैसले से ट्रेनों में भीड़भाड़ की समस्या भी कम होने की उम्मीद है. देखिए ट्रेनों की लिस्ट रक्सौल-लोकमान्य तिलक टर्मिनस (गाड़ी नंबर- 05557/05558)– यह ट्रेन हर मंगलवार और गुरुवार को चलाई जाएगी. 22 सितंबर से 26 नवंबर तक इस स्पेशल ट्रेन का परिचालन होगा. इस ट्रेन में यात्रियों को 4 जेनरल बोगी, 4 स्लीपर बोगी, 6 एसी थर्ड क्लास, 2 एसी सेकंड क्लास और 1 एसी फर्स्ट सह सेकंड क्लास की सुविधा मिलेगी. यह ट्रेन पूरे 10 ट्रिप लगाएगी. मुजफ्फरपुर हडपसर (पुणे) (गाड़ी नंबर- 05589/05590)– इस स्पेशल ट्रेन का परिचालन 22 सितंबर से 26 नवंबर तक होगा. यह ट्रेन भी हर मंगलवार और गुरुवार को चलेगी और पूरे 10 ट्रिप लगाएगी. इस ट्रेन में यात्रियों को 2 जेनरल बोगी, 8 स्लीपर बोगी, 8 एसी थर्ड क्लास, 1 इकोनॉमी क्लास और 1 एसी फर्स्ट सह सेकंड क्लास की सुविधा मिलेगी. सहरसा-लोकमान्य तिलक टर्मिनस (गाड़ी नंबर- 05585/05586)– इस ट्रेन का परिचालन हर शुक्रवार और रविवार को होगा. इस ट्रेन को 18 सितंबर से 29 नवंबर तक चलाया जाएगा. यह ट्रेन 11 ट्रिप लगाएगी. इस ट्रेन में यात्रियों को 4 जेनरल बोगी, 8 स्लीपर बोगी, 6 एसी थर्ड क्लास और 2 इकोनॉमी क्लास की सुविधा मिलेगी. नई दिल्ली-दरभंगा स्पेशल ट्रेन (गाड़ी नंबर- 04098/04097)– इस स्पेशल ट्रेन का परिचालन 10 नवंबर से किया जाएगा. फेस्टिवल स्पेशल एक्सप्रेस के तौर पर इन ट्रेन को चलाया जाएगा. यह ट्रेन गाजियाबाद, गोरखपुर, नरकटियागंज, मोतिहारी, मुजफ्फरपुर होते हुए दरभंगा पहुंचेगी. इसके बाद वापसी में इन्हीं रूटों से होते हुए लौट जाएगी. नई दिल्ली-दानापुर स्पेशल (गाड़ी नंबर- 04089/04090)– नई दिल्ली और दानापुर के बीच यह ट्रेन पहले से चल रही है. लेकिन अब इसकी अवधि बढ़ाने का फैसला लिया गया है. यह सुपरफास्ट साप्ताहिक ट्रेन 2 अक्टूबर से 21 अक्टूबर के बीच 8 ट्रिप लगाएगी. इससे दिल्ली और बिहार के बीच यात्रा करने वाले लोगों को राहत मिल सकेगी. नई दिल्ली-हावड़ा स्पेशल (गाड़ी नंबर- 04051/04052)– इस स्पेशल ट्रेन का परिचालन 2 अक्टूबर से 29 नवंबर के बीच किया जाएगा. हर शुक्रवार और शनिवार को यह ट्रेन चलेगी. टोटल 9 फेरे यह ट्रेन लगाएगी. आनंद विहार से जोगबनी (गाड़ी नंबर- 04007/04008)– दिल्ली और अररिया के बीच यह स्पेशल ट्रेन चलेगी. यह ट्रेन 2 अक्टूबर से 7 नवंबर के बीच चलाया जाएगा. आनंद विहार टर्मिनल से हर शनिवार को इस ट्रेन को चलाया जाएगा. आनंद विहार से भागलपुर स्पेशल ट्रेन (गाड़ी नंबर- 04061/04062)– छठ-दिवाली से पहले यह ट्रेन चलाई जाएगी. दिल्ली और भागलपुर के बीच 10 अक्टूबर से यह ट्रेन चलेगी और 26 नवंबर तक इसका परिचालन होगा. खास बात यह है कि हर रोज यह ट्रेन चलेगी. गया, किऊल और जमालपुर समेत अन्य रूटों से गुजरेगी. Also Read: बिहार के 19 जिलों में आज बिगड़ा रहेगा मौसम, बारिश के साथ बिजली गिरने का अलर्ट, IMD की एडवाइजरी जारी The post Chhath-Diwali Special Train: यात्रियों को राहत: बिहार आने वालों के लिए चलाई जायेंगी 8 स्पेशल ट्रेनें, देखिए पूरी लिस्ट और टाइम टेबल appeared first on Naya Vichar.

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झारखंड के क्रिकेट फैंस के लिए बुरी खबर: रांची से छिन सकती है ऑस्ट्रेलिया टेस्ट की मेजबानी?

India-Australia Ranchi Test: झारखंड के क्रिकेट फैंस के लिए बुरी समाचार सामने आ रही है. हिंदुस्तान और ऑस्ट्रेलिया के बीच होने वाली बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी 2027 में रांची को मिली टेस्ट मैच की मेजबानी पर संकट के बादल मंडराने लगे हैं. BCCI के आधिकारिक कार्यक्रम के अनुसार हिंदुस्तान और ऑस्ट्रेलिया के बीच पांच मैचों की टेस्ट सीरीज का चौथा मुकाबला 19 से 23 फरवरी 2027 तक JSCA इंटरनेशनल स्टेडियम, रांची में स्पोर्ट्सा जाना है. हालांकि, रिपोर्टों के मुताबिक इस मुकाबले के वेन्यू में बदलाव को लेकर चर्चा चल रही है. रांची के मैच पर क्यों उठे सवाल? रांची में फरवरी के दौरान दिन की रोशनी जल्दी कम होने को लेकर चिंता जताई गई है. टेस्ट मैच में प्रतिदिन निर्धारित ओवर पूरे करना महत्वपूर्ण होता है. ऐसे में अगर रोशनी कम होने के कारण स्पोर्ट्स जल्दी रोकना पड़े, तो मैच के पांच दिनों में पूरे समय का इस्तेमाल प्रभावित हो सकता है. रिपोर्ट के मुताबिक, टीम प्रबंधन की ओर से BCCI के सामने यह मुद्दा उठाए जाने की बात सामने आई है. टीम प्रबंधन चाहता है कि WTC के लिहाज से महत्वपूर्ण इस सीरीज में ऐसे स्थान और समय चुने जाएं, जहां पांचों टेस्ट में अधिक से अधिक स्पोर्ट्स हो सके. रांची में 19 फरवरी से होना है चौथा टेस्ट BCCI ने मार्च 2026 में हिंदुस्तान के 2026-27 घरेलू सत्र का कार्यक्रम जारी किया था. इसके अनुसार ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ पांच टेस्ट की सीरीज का पहला मुकाबला 21 जनवरी को नागपुर, दूसरा 29 जनवरी को चेन्नई, तीसरा 11 फरवरी को गुवाहाटी, चौथा 19 फरवरी को रांची और पांचवां 27 फरवरी को अहमदाबाद में होगा. टेस्ट तारीख वेन्यू पहला टेस्ट 21-25 जनवरी 2027 नागपुर दूसरा टेस्ट 29 जनवरी-2 फरवरी चेन्नई तीसरा टेस्ट 11-15 फरवरी गुवाहाटी चौथा टेस्ट 19-23 फरवरी रांची पांचवां टेस्ट 27 फरवरी-3 मार्च अहमदाबाद ये भी पढ़ें: हिंदुस्तानीय टीम ने रचा इतिहास, टी20I में ऐसा कारनामा करने वाली दुनिया की पहली टीम बनी रांची की जगह किन शहरों पर हो सकता है विचार? रिपोर्ट में रांची के मुकाबले को किसी दूसरे शहर में स्थानांतरित किए जाने की संभावना का जिक्र है. विशाखापत्तनम, हैदराबाद या राजकोट जैसे शहरों के नाम संभावित विकल्प के तौर पर सामने आ रहे हैं. हालांकि, इन शहरों में से किसी को रांची के आधिकारिक रूप से घोषित विकल्प के तौर पर BCCI ने अभी घोषित नहीं किया है. झारखंड के क्रिकेट फैंस के लिए क्यों होगा बड़ा झटका? रांची को हिंदुस्तान-ऑस्ट्रेलिया जैसी बड़ी टेस्ट सीरीज में मुकाबले की मेजबानी मिलना झारखंड के क्रिकेट प्रेमियों के लिए बड़ा अवसर है. JSCA इंटरनेशनल स्टेडियम पहले भी हिंदुस्तानीय टीम के अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों की मेजबानी कर चुका है. ऐसे में अगर BGT का टेस्ट रांची से स्थानांतरित होता है, तो झारखंड के क्रिकेट फैंस को घरेलू मैदान पर हिंदुस्तान और ऑस्ट्रेलिया जैसी दो बड़ी टीमों को टेस्ट क्रिकेट में देखने का मौका नहीं मिलेगा. WTC के लिहाज से बेहद अहम है सीरीज हिंदुस्तान और ऑस्ट्रेलिया की यह पांच टेस्ट मैचों की सीरीज ICC वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप 2025-27 का हिस्सा है. हिंदुस्तान इस सीरीज को जीतकर फाइनल के लिए दावेदारी पेश कर सकता है. अब देखना होगा कि बॉर्डर-गावस्कर सीरीज में हिंदुस्तानीय टीम का प्रदर्शन कैसा रहता है. ये भी पढ़ें: Abhishek Sharma: टी20 में शतक के साथ-साथ बनाया ये खास रिकॉर्ड, जानिए किस मामले में उन्होंने विराट कोहली की बराबरी की The post झारखंड के क्रिकेट फैंस के लिए बुरी समाचार: रांची से छिन सकती है ऑस्ट्रेलिया टेस्ट की मेजबानी? appeared first on Naya Vichar.

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बिहार में UCC पर बयानबाजी तेज, RJD ने JDU को दिया NDA छोड़ने का ऑफर; आज पटना में जुटेंगे पार्टी के सांसद-विधायक

Nitish Kumar Meeting: बिहार की सियासत में जारी उठापटक और समान नागरिक संहिता यानी UCC को लेकर चल रही नेतृत्वक बहस के बीच आज जनता दल यूनाइटेड (JDU) का अहम कार्यक्रम होने जा रहा है. पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की मौजूदगी में जदयू के विधायक और विधान परिषद सदस्य पटना में जुटेंगे. पार्टी की ओर से इसे एक दिवसीय ओरिएंटेशन कार्यक्रम बताया गया है. कार्यक्रम जदयू प्रदेश कार्यालय स्थित कर्पूरी सभागार में आयोजित होगा. जदयू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राजीव रंजन प्रसाद के मुताबिक, कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य पार्टी के जनप्रतिनिधियों को विधायी कार्यों की बेहतर समझ देना है. इसमें कानून बनाने की प्रक्रिया, विधायी जिम्मेदारियों और सदन में अपने क्षेत्र से जुड़े मुद्दों को तथ्यपरक और प्रभावी तरीके से उठाने के तरीकों की जानकारी दी जाएगी. कार्यक्रम में प्रश्नोत्तर सत्र भी रखा गया है. UCC को लेकर भी जारी है नेतृत्वक बहस जदयू का कार्यक्रम ऐसे समय हो रहा है, जब बिहार में UCC को लेकर नेतृत्वक बयानबाजी तेज है. जदयू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राजीव रंजन प्रसाद ने कहा है कि पार्टी UCC के प्रस्ताव का ड्राफ्ट सार्वजनिक होने के बाद उसके प्रावधानों का अध्ययन करेगी. इसके बाद संबंधित मुद्दे पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से बातचीत की जाएगी. इससे पहले जदयू नेता श्याम रजक ने बिहार में UCC लागू किए जाने का विरोध करने की बात कही थी. वहीं, पार्टी की ओर से बाद में कहा गया कि ड्राफ्ट सामने आने के बाद उसके प्रावधानों का अध्ययन कर अंतिम रुख तय किया जाएगा. RJD के ऑफर के बाद बढ़ी सियासी चर्चा UCC के मुद्दे पर जदयू के रुख के बीच RJD नेता भाई वीरेंद्र ने जदयू को NDA से अलग होकर महागठबंधन में शामिल होने और प्रशासन बनाने में सहयोग करने का सार्वजनिक प्रस्ताव दिया है. उनके इस बयान के बाद बिहार की नेतृत्व में इस मुद्दे को लेकर चर्चा और तेज हो गई है. हालांकि, जदयू की ओर से RJD के इस प्रस्ताव को स्वीकार करने या महागठबंधन में वापसी को लेकर कोई आधिकारिक घोषणा सामने नहीं आई है. वहीं, जदयू ने 18 सितंबर के कार्यक्रम को किसी बड़े नेतृत्वक फैसले से जोड़ने वाली अटकलों को खारिज किया है. नीतीश कुमार करेंगे कार्यक्रम का उद्घाटन जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतीश कुमार कार्यक्रम का उद्घाटन करेंगे. पार्टी की ओर से बताया गया है कि कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों को विधायी प्रक्रिया से जुड़े विभिन्न पहलुओं की जानकारी दी जाएगी. इसमें सदन में अपने क्षेत्र की समस्याओं और जनहित के मुद्दों को प्रभावी ढंग से उठाने के तरीकों पर भी चर्चा होगी. फिलहाल जदयू की ओर से कार्यक्रम का घोषित एजेंडा विधायी प्रशिक्षण और जनप्रतिनिधियों की भूमिका को मजबूत करना है. हालांकि, UCC और बिहार की मौजूदा नेतृत्वक परिस्थितियों के बीच बैठक में नेताओं के बयानों पर नेतृत्वक नजर बनी रहेगी. Also Read: बाढ़ प्रभावितों के बीच पहुंचे सीएम सम्राट चौधरी, पटना में सामुदायिक रसोई और बाल केंद्र का किया निरीक्षण The post बिहार में UCC पर बयानबाजी तेज, RJD ने JDU को दिया NDA छोड़ने का ऑफर; आज पटना में जुटेंगे पार्टी के सांसद-विधायक appeared first on Naya Vichar.

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इन तीन विषय के लिए जारी हुआ UGC NET जून परीक्षा का रिजल्ट, ऐसे करें चेक

UGC NET June 2026 Result Out: नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने यूजीसी नेट जून 2026 के तहत इंग्लिश, कॉमर्स और सोशियोलॉजी विषयों के रिजल्ट जारी कर दिए हैं. इन विषयों की दोबारा परीक्षा 9 और 10 सितंबर 2026 को आयोजित की गई थी. परीक्षा में शामिल कैंडिडेट्स अब अपना रिजल्ट और स्कोरकार्ड ऑनलाइन चेक कर सकते हैं. कैंडिडेट्स को अपना स्कोरकार्ड डाउनलोड करने के लिए NTA की ऑफिशियल वेबसाइट ugcnet.nta.nic.in पर जाना होगा. इसके लिए उन्हें अपने एप्लीकेशन नंबर और पासवर्ड या डेट ऑफ बर्थ की जरूरत होगी. ऐसे डाउनलोड करें UGC NET June 2026 स्कोरकार्ड सबसे पहले NTA की आधिकारिक वेबसाइट ugcnet.nta.nic.in पर जाएं. होमपेज पर UGC NET June 2026 Result या Scorecard से जुड़े लिंक पर क्लिक करें. अब अपना एप्लीकेशन नंबर और पासवर्ड या डेट ऑफ बर्थ दर्ज करें. लॉगिन करने के बाद आपका स्कोरकार्ड स्क्रीन पर दिखाई देगा. स्कोरकार्ड चेक करने के बाद इसे डाउनलोड कर लें. फ्यूचर में जरूरत पड़ने पर इस्तेमाल के लिए इसकी एक कॉपी सेव रख लें. 9 और 10 सितंबर को हुआ था री-एग्जाम  UGC NET June 2026 के English, Commerce और Sociology सब्जेक्ट का री-एग्जाम 9 और 10 सितंबर 2026 को आयोजित किया गया था. अब इन विषयों में शामिल उम्मीदवार अपने परीक्षा परिणाम की जांच कर सकते हैं. कैंडिडेट्स को सलाह दी जाती है कि रिजल्ट से जुड़ी किसी भी जानकारी के लिए केवल NTA की ऑफिशियल वेबसाइट पर उपलब्ध अपडेट को ही देखें. ये भी पढ़ें: UPSC इंजीनियरिंग सर्विस के लिए आवेदन शुरू, पिछले साल से डबल हो गई वैकेंसी The post इन तीन विषय के लिए जारी हुआ UGC NET जून परीक्षा का रिजल्ट, ऐसे करें चेक appeared first on Naya Vichar.

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Katrina Kaif Beauty Routine: बेटे Vihaan के जन्म के बाद बढ़ा वजन तो हुई ट्रोल, अब कैटरीना बोली- खूबसूरत दिखने का मतलब…

Katrina Kaif Beauty Routine: कभी अपनी स्लिम-ट्रिम और ग्लैमरस अंदाज से पर्दे पर जलवा बिखेरने वाली कैटरीना कैफ की जिंदगी में मां बनने के बाद काफी कुछ बदल चुका है. बेटे विहान के जन्म के बाद अब उनकी प्रायोरिटी सिर्फ परफेक्ट फिगर और कैमरे के सामने बेदाग दिखने तक सीमित नहीं रहीं. अंबानी परिवार की गणेश पूजा में विक्की कौशल के साथ पहुंचीं कैटरीना का बदला हुआ लुक चर्चा में आ गया, उन्हें बढ़े वजन को लेकर ट्रोलिंग का सामना करना पड़ा. अब कैटरीना ने खुद बताया है कि मां बनने के बाद उनकी नजर में खूबसूरती के मायने हैं. जबरदस्त ट्रोलिंग के बाद क्या बोली कैटरीना कैफ द हॉलीवुड रिपोर्टर इंडिया को दिए इंटरव्यू में कैटरीना कैफ ने अपने मॉडलिंग के दिनों का किस्सा शेयर किया. उन्होंने बताया कि उस दौर में खूबसूरती के लिए कुछ फिक्सड स्केल थे. उन्होंने कहा, “अब मेरे लिए, सबसे खूबसूरत दिखने का मतलब है खुद को सबसे अच्छा महसूस करना, और यह खुद की पूरी तरह ख्याल रखने से ही संभव है.” View on Instagram View on Instagram ये भी पढ़ें: मां बनने के बाद प्रभास की ‘स्पिरिट’ से कमबैक करेंगी कैटरीना कैफ? जानिए वायरल अफवाह की सच्चाई बेटे के जन्म के बाद कैटरीना का हेल्थ रूटीन कैटरीना ने विहान के जन्म के बाद का हेल्थ रूटीन पर भी बात की. उन्होंने कहा, “मेरी डाइट हेल्दी हो, शरीर में सूजन कंट्रोल में रहे, मैं एक्टिव रहूं, मेडिटेशन करूं, सुबह का एक घंटा फोन से दूर रहूं और उठते ही नेचुरल लाइट लूं. इन छोटी-छोटी चीजों से मुझे अंदर से कैसा महसूस होता है, उसमें बहुत बड़ा फर्क पड़ता है और इसका असर मेरी स्किन पर भी दिखता है. मेरा मानना है कि जब आप अंदर से हेल्दी महसूस करते हैं, तो वही कॉन्फिडेंस बाहर भी अपने आप नजर आने लगता है.” View on Instagram बेटे के जन्म के बाद काम पर लौटीं कैटरीना कैटरीना कैफ अपने बेटे विहान कौशल के जन्म के बाद अब काम पर वापसी कर चुकी हैं. विहान का जन्म 2025 में हुआ था. प्रेग्नेंसी के दौरान भी एक्ट्रेस अपने ब्यूटी ब्रांड Kay Beauty पर काम करती रहीं और कॉस्मेटिक्स बाजार में अपनी पकड़ बनाए रखी. फिल्मों की बात करें तो कैटरीना आखिरी बार साल 2024 में रिलीज हुई फिल्म ‘मेरी क्रिसमस’ में नजर आई थीं. इसके बाद उन्होंने अभी तक अपनी अगली फिल्म साइन नहीं की है. View on Instagram अंबानी की गणेश पूजा में विक्की के साथ पहुंचीं कैटरीना कैटरीना कैफ अपने पति विक्की कौशल के साथ नीता और मुकेश अंबानी की गणेश पूजा में पहुंची थीं. यहां उन्हें बढ़े हुए वजन को लेकर ट्रोल किया गया. हालांकि कई सेलेब्स ने उन्हें सपोर्ट किया और खूबसूरत बताया. ये भी पढ़ें: कैमरा छीना, फोन पर दी गालियां… जब कैटरीना के लिए रणबीर कपूर ने पैपराजी को सड़कों पर दौड़ाया The post Katrina Kaif Beauty Routine: बेटे Vihaan के जन्म के बाद बढ़ा वजन तो हुई ट्रोल, अब कैटरीना बोली- खूबसूरत दिखने का मतलब… appeared first on Naya Vichar.

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सोना ₹15,283 और चांदी ₹2.44 लाख पर आई, देखें 18 सितंबर का शहरवार ताजा भाव

Aaj Ka Sona Chandi Bhav: अगर आप आज गहने खरीदने या निवेश करने की सोच रहे हैं, तो बाजार जाने से पहले 18 सितंबर के ताजा रेट जान लीजिए. हालांकि आपको बता दें कि यहां दिए गए भाव पिछले क्लोजिंग सेशन और आज सुबह के अपडेटेड मार्केट रुझानों पर आधारित हैं. आज सोने और चांदी दोनों की कीमतों में हल्की नरमी देखने को मिली है, जिससे खरीदारों को राहत मिली है. आज कितना सस्ता या महंगा हुआ सोना? आज देश में 24 कैरेट सोने का भाव ₹15,283 प्रति ग्राम है, जो कल ₹15,284 था. यानी इसमें ₹1 प्रति ग्राम की मामूली गिरावट आई है. वहीं, 22 कैरेट सोना ₹14,009 प्रति ग्राम और 18 कैरेट सोना ₹11,462 प्रति ग्राम पर बिक रहा है. 10 ग्राम सोने के हिसाब से देखें तो आज 24 कैरेट सोना ₹1,52,830 में मिल रहा है.  मुख्य शहरों में सोने का ताजा भाव (1 ग्राम – 24 कैरेट) शहर आज का रेट (18 Sep) कल का रेट (17 Sep) कितना बदलाव हुआ पटना ₹15,288 ₹15,289 ₹1 कम हुआ रांची ₹14,868 ₹14,926 ₹58 कम हुआ लखनऊ ₹15,298 ₹15,299 ₹1 कम हुआ दिल्ली ₹15,298 ₹15,299 ₹1 कम हुआ मुंबई ₹15,283 ₹15,284 ₹1 कम हुआ कोलकाता ₹15,283 ₹15,284 ₹1 कम हुआ चेन्नई ₹15,283 ₹15,284 ₹1 कम हुआ बेंगलुरु ₹15,283 ₹15,284 ₹1 कम हुआ चांदी के तेवर कैसे हैं आज? चांदी की बात करें तो आज इसके दामों में भी हल्की गिरावट दर्ज की गई है. देश में 1 ग्राम चांदी का रेट ₹244.90 है, जो कल ₹245.00 था (₹0.10 प्रति ग्राम की कमी). अगर आप 1 किलोग्राम चांदी लेते हैं, तो आज इसका भाव ₹2,44,900 है, जो कल के ₹2,45,000 के मुकाबले ₹100 सस्ता हुआ है.  मुख्य शहरों में चांदी का ताजा भाव (1 किलोग्राम) शहर आज का रेट (18 Sep) कल का रेट (17 Sep) कितना बदलाव हुआ पटना ₹2,44,900 ₹2,45,000 ₹100 कम हुआ रांची ₹2,45,000 ₹2,45,000 कोई बदलाव नहीं (स्थिर) लखनऊ ₹2,44,900 ₹2,45,000 ₹100 कम हुआ दिल्ली ₹2,44,900 ₹2,45,000 ₹100 कम हुआ चेन्नई ₹2,49,900 ₹2,50,000 ₹100 कम हुआ मुंबई ₹2,44,900 ₹2,45,000 ₹100 कम हुआ कोलकाता ₹2,44,900 ₹2,45,000 ₹100 कम हुआ बेंगलुरु ₹2,44,900 ₹2,45,000 ₹100 कम हुआ ये भी पढ़ें: पाकिस्तान में सोने-चांदी के दाम में भारी उछाल, जानें प्रति तोला नया रेट क्या है The post सोना ₹15,283 और चांदी ₹2.44 लाख पर आई, देखें 18 सितंबर का शहरवार ताजा भाव appeared first on Naya Vichar.

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Astro Tips Friday Rules: शुक्रवार को कौन-सा फूल चढ़ाने से प्रसन्न होती हैं मां लक्ष्मी? जानें ज्योतिषीय मान्यता

Astro Tips Friday Rules: आज शुक्रवार का दिन माता लक्ष्मी और शुक्र देव को समर्पित माना जाता है. इस दिन के लिए मान्यता है आज देवी को सुगंधित और प्रिय फूल अर्पित करने से सुख-समृद्धि की कामना की जाती है. शुक्रवार को कौन-सा फूल चढ़ाने से प्रसन्न होती हैं मां लक्ष्मी? हिंदू धर्म में मां लक्ष्मी को धन, वैभव और सुख-समृद्धि की देवी माना गया है. शुक्रवार के दिन मां लक्ष्मी को फूल, फल, मिठाई और सुगंधित वस्तुएं अर्पित करके उनका आशीर्वाद लेने की कामना करते हैं. धार्मिक मान्यता के अनुसार मां लक्ष्मी को कमल का फूल बेहद प्रिय माना जाता है. कमल को देवी लक्ष्मी का आसन भी बताया गया है. यही वजह है कि लक्ष्मी पूजा में कमल के फूल का विशेष महत्व रहता है. मां लक्ष्मी को कमल का फूल क्यों चढ़ाते हैं? कमल का फूल कीचड़ में खिलने के बावजूद अपनी सुंदरता और पवित्रता बनाए रखता है. धार्मिक परंपरा में इसे पवित्रता, सुंदरता और सकारात्मकता का प्रतीक माना जाता है. मां लक्ष्मी को कमल पर विराजमान दिखाया जाता है, इसलिए पूजा में कमल अर्पित करना शुभ माना जाता है. अगर शुक्रवार के दिन ताजा कमल का फूल उपलब्ध हो, तो उसे साफ पानी से धोकर श्रद्धा के साथ मां लक्ष्मी को अर्पित कर सकते हैं. फूल चढ़ाते समय धन-धान्य, परिवार की सुख-शांति और समृद्धि की प्रार्थना करें. ये भी पढ़ें: Astro Tips Friday Rules: शुक्रवार के दिन क्या करें और किन कामों से बचें? जानें लक्ष्मी मां से जुड़ी मान्यताएं गुलाब और सफेद फूल भी कर सकते हैं अर्पित ज्योतिषाचार्य नितेश निरंजन बताते हैं कि कमल उपलब्ध न हो तो शुक्रवार की पूजा में गुलाब जैसे सुगंधित फूल भी अर्पित किए जा सकते हैं. कुछ पूजा परंपराओं में सफेद फूलों का भी प्रयोग किया जाता है. हालांकि अलग-अलग क्षेत्रों और परिवारों में पूजा की परंपराएं अलग हो सकती हैं. शुक्रवार को फूल चढ़ाते समय रखें ध्यान मां लक्ष्मी की पूजा में हमेशा ताजे और साफ फूलों का इस्तेमाल करना बेहतर माना जाता है. मुरझाए या गंदे फूल पूजा में नहीं चढ़ाने चाहिए. पूजा के दौरान मन में श्रद्धा और सकारात्मक भाव रखना भी महत्वपूर्ण माना जाता है. ध्यान रखें कि फूल चढ़ाने से धन प्राप्ति की कोई वैज्ञानिक गारंटी नहीं है. ये बातें धार्मिक और ज्योतिषीय मान्यताओं पर आधारित हैं. श्रद्धालु अपनी पारिवारिक परंपरा के अनुसार पूजा कर सकते हैं. The post Astro Tips Friday Rules: शुक्रवार को कौन-सा फूल चढ़ाने से प्रसन्न होती हैं मां लक्ष्मी? जानें ज्योतिषीय मान्यता appeared first on Naya Vichar.

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