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हथकड़ी में दिखे इंग्लैंड के स्टार गेंदबाज ब्रायडन कार्स, नाइट क्लब के बाहर VIDEO वायरल; ECB ने शुरू की जांच

Brydon Carse Detained by Police: पाकिस्तान के खिलाफ दूसरे टेस्ट से पहले इंग्लैंड की टीम से जुड़ी एक अहम समाचार सामने आई है. तेज गेंदबाज ब्रायडन कार्स को डर्बी के एक नाइटक्लब के बाहर पुलिस अधिकारियों द्वारा हथकड़ी लगाकर ले जाते हुए देखा गया. इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. वीडियो सामने आने के बाद इंग्लैंड एंड वेल्स क्रिकेट बोर्ड (ECB) ने मामले का संज्ञान लेते हुए आधिकारिक जांच शुरू कर दी है. बताया जा रहा है कि यह घटना डरहम की डर्बीशायर के खिलाफ काउंटी चैंपियनशिप में 338 रन की शानदार जीत के बाद देर रात जश्न के दौरान हुई. Brydon Carse को लेकर ECB ने क्या कहा? ECB ने एक बयान जारी कर कहा कि उसे डर्बी में शनिवार रात हुई घटना की जानकारी है और मामले की जांच की जा रही है. बोर्ड ने कहा, “हमें डर्बी में कल रात हुई एक घटना की जानकारी है और हम फिलहाल इसकी जांच कर रहे हैं. जब संभव होगा, हम आगे की जानकारी देंगे.” फिलहाल ECB ने यह स्पष्ट नहीं किया है कि घटना में वास्तव में क्या हुआ था और क्या इसके लिए कार्स के खिलाफ कोई अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी. ये भी पढ़ें: इमरान खान के समर्थन में उतरे 21 पूर्व कप्तान, कपिल देव-सुनील गावस्कर समेत दिग्गजों ने शहबाज शरीफ को लिखा पत्र Brydon Carseछ टीम के साथी मैथ्यू पॉट्स भी थे मौजूद रिपोर्ट के मुताबिक, कार्से के साथ उनके इंग्लैंड टीम के साथी मैथ्यू पॉट्स भी नजर आए. दोनों खिलाड़ी डरहम की ओर से डर्बीशायर के खिलाफ काउंटी चैंपियनशिप मुकाबला स्पोर्ट्सने के लिए डर्बी में थे. डरहम ने इस मुकाबले में डर्बीशायर को 338 रन से हराया था. कार्सेऔर पॉट्स दोनों इस मुकाबले में डरहम की टीम का हिस्सा थे. Brydon Carse: पाकिस्तान के खिलाफ टेस्ट सीरीज का हिस्सा हैं कार्स 31 वर्षीय ब्रायडन कार्स इंग्लैंड की तीन मैचों की पाकिस्तान टेस्ट सीरीज के शुरुआती दो मुकाबलों के लिए टीम में शामिल हैं. हालांकि, हेडिंग्ले में स्पोर्ट्से गए पहले टेस्ट में उन्हें प्लेइंग XI में जगह नहीं मिली थी. उस मुकाबले में इंग्लैंड ने पाकिस्तान को पारी और 103 रन से हराकर सीरीज में 1-0 की बढ़त हासिल की. अब सीरीज का दूसरा टेस्ट गुरुवार से लॉर्ड्स में स्पोर्ट्सा जाना है. ऐसे में कार्से से जुड़ी इस घटना ने इंग्लैंड की टीम के लिए नई चिंता पैदा कर दी है. कार्स ने अब तक इंग्लैंड के लिए 14 टेस्ट मैच स्पोर्ट्से हैं. फिलहाल यह देखना होगा कि ECB की जांच का नतीजा क्या रहता है और क्या इसका असर पाकिस्तान के खिलाफ दूसरे टेस्ट के लिए उनकी उपलब्धता पर पड़ता है. ये भी पढ़ें: यशस्वी जायसवाल के ‘हेडबट’ पर मचा बवाल, ICC के एक्शन से पहले हिंदुस्तान ने किया बचाव The post हथकड़ी में दिखे इंग्लैंड के स्टार गेंदबाज ब्रायडन कार्स, नाइट क्लब के बाहर VIDEO वायरल; ECB ने शुरू की जांच appeared first on Naya Vichar.

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पटना में टेलर की दुकान से लड़की को खींचकर बदमाशों ने मारी गोली, जान बचाने के लिए अंदर छिपी थी नाबालिग

Patna Crime News : पटना जिले के दानापुर थाना क्षेत्र के आरपीएस मोड़ स्थित आर्य समाज डीएवी पब्लिक स्कूल के गेट के सामने रविवार शाम दो बदमाशों ने टेलर की दुकान से खींचकर एक नाबालिग लड़की को गोली मारकर जख्मी कर दिया. गोली लड़की के कंधे में लगी है. घटना के बाद उसे परिजनों ने राजा बाजार स्थित निजी अस्पताल में भर्ती कराया है. गोली चलने के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई. जान बचाने के लिए टेलर की दुकान में छिपी थी लड़की दुकानदार के अनुसार, रविवार शाम नाबालिग लड़की दुकान में आई और बदमाशों से बचने के लिए उसके पीछे छिप गई. लड़की का पीछा करते हुए दो बदमाश दुकान के अंदर पहुंच गए. आरोप है कि दोनों ने दुकानदार को हटने के लिए कहा और धमकी दी कि बीच में आने पर गोली मार देंगे. इसके बाद बदमाश लड़की को दुकान से खींचकर बाहर ले जाने लगे. इसी दौरान लड़की गिर गई. बदमाशों ने उसके कंधे में गोली मार दी और मौके से फरार हो गए. घायल लड़की ने दुकानदार के फोन से अपने परिजनों को घटना की जानकारी दी. सूचना मिलते ही परिजन मौके पर पहुंचे और उसे इलाज के लिए निजी अस्पताल ले गए. सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही पुलिस घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और छानबीन शुरू की. थानाध्यक्ष पीके भारद्वाज ने बताया कि नाबालिग लड़की के कंधे में गोली लगी है और उसका इलाज निजी अस्पताल में चल रहा है. घटनास्थल और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले जा रहे हैं, ताकि बदमाशों की पहचान की जा सके. पुलिस के अनुसार बदमाशों की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर छापेमारी की जा रही है. घटना के कारणों और बदमाशों की पहचान को लेकर पुलिस सभी बिंदुओं पर जांच कर रही है. Also Read : नीतीश की विरासत पर घमासान: उपेंद्र कुशवाहा के दावे पर JDU का पलटवार, कहा- ‘चादर जितनी हो…’ The post पटना में टेलर की दुकान से लड़की को खींचकर बदमाशों ने मारी गोली, जान बचाने के लिए अंदर छिपी थी नाबालिग appeared first on Naya Vichar.

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झारखंड को हर साल 14 हजार करोड़ का नुकसान? नए खनन कानून पर वित्त मंत्री का बड़ा दावा

रांची: वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने केंद्र प्रशासन के खान-खनिज विकास संशोधन अधिनियम-2026 पर कड़ी आपत्ति जताई है. उन्होंने कहा कि केंद्र प्रशासन ने झारखंड पर काला कानून थोपा है. कानून में नई धारा 9-डी जोड़े जाने से खनिज संपन्न राज्यों को भारी आर्थिक नुकसान होगा. उन्होंने दावा किया कि इससे झारखंड को हर वर्ष करीब 14 हजार करोड़ रुपये का नुकसान होगा. नए प्रावधान से राज्य के राजस्व पर पड़ेगा सीधा असर वित्त मंत्री ने कहा कि केंद्र की नीतियों के कारण पहले से ही जीएसटी में करीब चार हजार करोड़ रुपये और वीबी-जी रामजी योजना में आठ हजार करोड़ रुपये का अतिरिक्त बोझ झारखंड पर पड़ रहा है. नए खनन कानून के प्रभाव से राज्य पर कुल 22 से 25 हजार करोड़ रुपये का अतिरिक्त बोझ पड़ सकता है. उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट की संविधान पीठ ने वर्ष 2024 में सेल मामले में स्पष्ट किया था कि खनिजयुक्त भूमि सातवीं अनुसूची की राज्य सूची के अंतर्गत आती है. इसके बाद झारखंड ने ‘झारखंड मिनरल बेयरिंग लैंड-सेस विधेयक-2024’ विधानसभा से पारित किया था. वित्त मंत्री के अनुसार, वर्ष 2026-27 में इससे राज्य को करीब 14 हजार करोड़ रुपये का राजस्व मिलने की उम्मीद थी. यह भी पढ़ें : MMDR बिल के विरोध में JMM के आंदोलन का रोडमैप तैयार, 7 सितंबर से प्रखंड स्तर पर धरना-प्रदर्शन 1.36 लाख करोड़ की बकाया राशि पर भी असर का दावा उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र प्रशासन ने कानून की धाराओं 2 और 3 में संशोधन कर ऐसा प्रावधान जोड़ा है, जिसके तहत किसी अन्य कानून या न्यायालय के आदेश के बावजूद यह अधिनियम प्रभावी रहेगा. इससे सुप्रीम कोर्ट के आदेश और राज्य के कानून के भी निष्प्रभावी होने की स्थिति पैदा हो गई है. उन्होंने कहा कि इसके कारण कोयला कंपनियों से झारखंड को मिलने वाली 1,36,042 करोड़ रुपये की बकाया राशि की वसूली भी प्रभावित होगी. राधाकृष्ण किशोर ने कहा कि संशोधन के बाद राज्य प्रशासन खनिज अधिकारों या खनिजयुक्त भूमि पर कोई टैक्स, सेस या शुल्क नहीं लगा सकेगी. खनिज की मात्रा, मूल्य, रॉयल्टी और अन्य शुल्कों को लेकर भी केंद्र प्रशासन ने प्रतिबंध लगा दिया है. अब राज्य को कर लगाने के लिए केंद्र की अनुमति और उसकी शर्तों पर निर्भर रहना पड़ेगा. ‘राजकोषीय संघवाद और संविधान की मूल संरचना पर आघात’ उन्होंने कहा कि झारखंड में कोयला, लोहा, अभ्रक, बॉक्साइट और यूरेनियम जैसे बहुमूल्य खनिज प्रचुर मात्रा में हैं. राज्य का करीब आधा राजस्व खनन क्षेत्र पर निर्भर है. राज्य प्रशासन को उम्मीद थी कि रॉयल्टी के अलावा भूमि और खनिज पर कर लगाकर हजारों करोड़ रुपये का अतिरिक्त राजस्व जुटाया जा सकेगा. वित्त मंत्री ने इसे राजकोषीय संघवाद और संविधान की मूल संरचना पर आघात बताया. उन्होंने कहा कि खनन कार्यों से होने वाला भारी नुकसान झारखंड को उठाना पड़ेगा, जबकि आर्थिक लाभ केंद्र को मिलेगा. इसे ही कहते हैं- ‘माल महाराज का और मिर्जा स्पोर्ट्से होली.’ यह भी पढ़ें : रांची में धरना-प्रदर्शन, जुलूस और रैली पर जिला प्रशासन सख्त, अब पहले लेनी होगी अनुमति The post झारखंड को हर साल 14 हजार करोड़ का नुकसान? नए खनन कानून पर वित्त मंत्री का बड़ा दावा appeared first on Naya Vichar.

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‘जब तक जिंदा हूं, न आरक्षण को खतरा है, न संविधान को…’, चिराग पासवान ने पुराने वीडियो शेयर कर साफ किया अपना स्टैंड

Chirag Paswan On Reservation: दिल्ली के जंतर-मंतर पर आरक्षण व्यवस्था को लेकर चल रहे आंदोलन के बीच लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के अध्यक्ष चिराग पासवान ने आरक्षण के मुद्दे पर अपना रुख साफ कर दिया है. उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर दो पुराने वीडियो शेयर किए हैं. इन वीडियो के जरिए उन्होंने आरक्षण को लेकर अपनी पुरानी और स्पष्ट स्थिति दोहराई है. चिराग पासवान ने साल 2020 का अपना एक पुराना संसदीय भाषण भी साझा किया है. उन्होंने बताया कि 10 फरवरी 2020 को उन्होंने संसद में आरक्षण के मुद्दे को मजबूती से उठाया था. उनका कहना है कि आरक्षण की व्यवस्था में किसी भी तरह का बदलाव उनकी पार्टी को मंजूर नहीं है. ‘आरक्षण कोई खैरात नहीं’ चिराग पासवान ने कहा कि आरक्षण किसी की दया, अनुकंपा या खैरात नहीं है. यह देश के संविधान से मिला अधिकार है. इसलिए आरक्षण को लेकर किसी भी तरह का बदलाव सोच-समझकर ही होना चाहिए. उन्होंने अपने पुराने भाषण के जरिए यह संदेश देने की कोशिश की कि आरक्षण को लेकर उनकी पार्टी की सोच पहले भी स्पष्ट थी और आज भी वही है. उन्होंने कहा कि सामाजिक न्याय और संविधान में मिले अधिकारों की रक्षा उनकी पार्टी की प्राथमिकता है. ‘जब तक चिराग पासवान जिंदा है…’ चिराग पासवान ने चुनाव प्रचार के दौरान का एक वीडियो भी शेयर किया है. इस वीडियो में मंच पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी मौजूद हैं. वीडियो के कैप्शन में चिराग पासवान ने लिखा, “जब तक चिराग पासवान जिंदा है, तब तक न संविधान को कोई खतरा है, न आरक्षण को कोई खतरा है.” इस बयान के जरिए उन्होंने आरक्षण के मुद्दे पर अपना रुख और ज्यादा स्पष्ट किया है. उन्होंने कहा कि संविधान और आरक्षण दोनों की रक्षा को लेकर वह प्रतिबद्ध हैं. आरक्षण की समीक्षा पर भी विरोध चिराग पासवान ने सिर्फ आरक्षण खत्म करने का विरोध नहीं किया है. उन्होंने इसकी समीक्षा की किसी भी कोशिश का भी विरोध करने की बात कही है. उन्होंने साफ कहा कि आरक्षण को खत्म करना तो दूर की बात है. अगर आरक्षण की समीक्षा करने की कोशिश भी की जाती है, तो उनकी पार्टी इसका कड़ा विरोध करेगी. उन्होंने सामाजिक न्याय को लेकर अपनी प्रतिबद्धता दोहराई. बिहार की ताजा समाचारों के लिए यहां क्लिक करें जंतर-मंतर के आंदोलन के बीच सामने आया बयान दिल्ली के जंतर-मंतर पर आरक्षण व्यवस्था को लेकर आंदोलन चल रहा है. इसी बीच चिराग पासवान ने अपने पुराने वीडियो साझा कर इस मुद्दे पर अपनी बात रखी है. उनके इस कदम को नेतृत्वक तौर पर भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है. पुराने भाषण और चुनाव प्रचार के वीडियो के जरिए उन्होंने यह बताने की कोशिश की है कि आरक्षण को लेकर उनकी पार्टी का रुख पहले से स्पष्ट रहा है. Also Read: कालीन भैया की अगली पसंद ‘क्रिमिनल जस्टिस’, पंकज त्रिपाठी ने बताया- ‘मिर्जापुर’ के बाद किस सीरीज पर बनाना चाहेंगे फिल्म The post ‘जब तक जिंदा हूं, न आरक्षण को खतरा है, न संविधान को…’, चिराग पासवान ने पुराने वीडियो शेयर कर साफ किया अपना स्टैंड appeared first on Naya Vichar.

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बांग्लादेश में रिटायर्ड हिंदू शिक्षक समेत परिवार के चार लोगों की हत्या, दो हिरासत में; VHP ने की कड़ी सजा की मांग

बांग्लादेश के रंगपुर शहर में एक रिटायर्ड हिंदू शिक्षक, उनकी पत्नी और दो बच्चों की हत्या को लेकर विश्व हिंदू परिषद (VHP) ने कड़ी नाराजगी जताई है. VHP नेता विनोद बंसल ने दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा देने की मांग की है. पुलिस के मुताबिक, शनिवार (22 अगस्त) रात करीब 11:30 बजे परिवार के बंद घर से चारों के शव बरामद किए गए. मामले की जांच के दौरान पुलिस ने दो लोगों को हिरासत में लिया है. मृतकों में रिटायर्ड शिक्षक, पत्नी और दो शिशु ‘द डेली स्टार’ की रिपोर्ट के मुताबिक, मृतकों की पहचान 65 वर्षीय गणपति चक्रवर्ती, उनकी 50 वर्षीय पत्नी प्रीतिलता चक्रवर्ती, 23 वर्षीय बेटी अगामी चक्रवर्ती प्रार्थी और 12 वर्षीय बेटे आयुष चक्रवर्ती प्रियम के रूप में हुई है. पुलिस अधिकारियों ने बताया कि शुरुआती जांच में परिवार की किसी के साथ कोई ज्ञात दुश्मनी सामने नहीं आई थी. विश्व हिंदू परिषद (VHP) नेता विनोद बंसल ने चिंता जताई है. उन्होंने बांग्लादेश में हिंदू परिवार की हत्या को गंभीर मामला बताते हुए इसकी निष्पक्ष और गहन जांच की मांग की. बंसल ने कहा कि घटना में शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए. दो चचेरे भाइयों को पुलिस ने हिरासत में लिया रंगपुर मेट्रोपॉलिटन पुलिस ने मामले में मुग्धो और सिद्धार्थ नाम के दो लोगों को हिरासत में लिया है. दोनों आपस में चचेरे भाई बताए जा रहे हैं. पुलिस आयुक्त मोहम्मद अब्दुल माबूद के मुताबिक, शुरुआती पूछताछ और जांच में दोनों की कथित संलिप्तता सामने आई है. हालांकि, मामले में उनकी भूमिका को लेकर जांच अभी जारी है. छत पर याबा लेने का पुलिस ने लगाया आरोप पुलिस के मुताबिक, दोनों आरोपी कथित तौर पर बगल की इमारत के रास्ते चक्रवर्ती परिवार के घर की छत पर पहुंचे थे. पुलिस का कहना है कि वहां दोनों ने मादक पदार्थ ‘याबा’ का सेवन किया। आवाज सुनकर गणपति चक्रवर्ती छत पर पहुंचे और दोनों से पूछताछ की. पुलिस के अनुसार, गणपति चक्रवर्ती ने दोनों को याबा का सेवन करते देख लिया था. इसके बाद आरोपियों ने कथित तौर पर पकड़े जाने के डर से उन पर हमला किया और गमछे से उनका गला घोंट दिया. यह पूरा घटनाक्रम फिलहाल पुलिस की प्रारंभिक जांच और पूछताछ में सामने आए दावों पर आधारित है. हत्या के बाद घर में लूट का भी एंगल पुलिस के मुताबिक, हत्या के बाद घर में रखे सामान और आभूषण ले जाने की बात भी सामने आई है. जांच में यह भी देखा जा रहा है कि क्या हत्या के पीछे सिर्फ विवाद था या आरोपियों का मकसद लूट भी था. पुलिस ने मामले से जुड़े कुछ सामान बरामद किए जाने की जानकारी भी दी है. ये भी पढ़ें: ओडिशा तट के पास लौह अयस्क से लदा जहाज डूबा, 22 लापता; 2 का रेस्क्यू The post बांग्लादेश में रिटायर्ड हिंदू शिक्षक समेत परिवार के चार लोगों की हत्या, दो हिरासत में; VHP ने की कड़ी सजा की मांग appeared first on Naya Vichar.

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चक्रवाती तूफान: बाल्टिक देशों में भारी तबाही, 2 की मौत; बिजली और मोबाइल सेवा ठप

Baltic Cyclonic Storm: लातविया के पर्यावरण, भूविज्ञान और मौसम विज्ञान केंद्र (LVGMC) के विशेषज्ञ एंड्रिस विक्सना ने मीडिया से बात करते हुए कहा, “यह 2005 के बाद से लातविया में आया सबसे भीषण और गंभीर तूफान माना जा रहा है.” इमारत का एक हिस्सा गिरने से एक व्यक्ति की मौत मध्य लातविया के जेलगावा में शनिवार को इमारत का एक हिस्सा गिरने से एक व्यक्ति की मौत हो गई. देशभर में कई अन्य लोग घायल हुए. राजधानी रीगा में शनिवार को हवा की गति 67 मील प्रति घंटे से अधिक रही. कई मौसम केंद्रों पर शनिवार को बारिश की औसत मासिक मात्रा आधी दर्ज की गई. लिथुआनिया में भी पेड़ गिरने से एक व्यक्ति की मौत पड़ोसी लिथुआनिया में भी पेड़ गिरने से एक व्यक्ति की मौत हो गई और कई अन्य घायल हो गए जबकि रविवार सुबह दो लाख से अधिक लोग बिजली से वंचित रहे. बिजली और मोबाइल सेवा बाधित ढाई लाख से अधिक लोग बिजली के बिना रहे और मोबाइल सेवाएं भी बाधित हुईं. रेल और अन्य सार्वजनिक परिवहन सेवाएं भी प्रभावित हुईं क्योंकि पेड़ और अन्य वस्तुएं सड़कों पर गिर गईं. रीगा हवाई अड्डे ने रविवार सुबह कहा कि रात में आए भीषण तूफान के कारण उड़ानों में देरी हो सकती है या उनके मार्ग बदले जा सकते हैं. ये भी पढ़ें: चीन के बाद दक्षिण कोरिया की आर्कटिक रूट पर एंट्री, क्या बदल जाएगा एशिया-यूरोप का समुद्री व्यापार? The post चक्रवाती तूफान: बाल्टिक देशों में भारी तबाही, 2 की मौत; बिजली और मोबाइल सेवा ठप appeared first on Naya Vichar.

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7-सीटर EV में मिलेगा 500km का बैकअप! लॉन्च से पहले देखें JSW MG की नई SUV के फीचर्स

हिंदुस्तानीय इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) बाजार में पारिवारिक सवारियों के लिए विकल्प लगातार बढ़ते जा रहे हैं. JSW MG Motor India अपनी नई 7-सीटर इलेक्ट्रिक SUV (संभावित नाम MG Hector Tomahawk) को 26 अगस्त को पेश करने की तैयारी में है. हिंदुस्तान में बड़े परिवारों के लिए 3-रो वाली इलेक्ट्रिक SUVs की मांग को देखते हुए इस गाड़ी पर हर किसी की नजरें टिकी हुई हैं. कंपनी का दावा है कि यह नया मॉडल विशेष रूप से लंबे सफर और परिवार की जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है. आइए समझते हैं कि प्रैक्टिकल यूज और ड्राइविंग के मामले में यह नया मॉडल हिंदुस्तानीय परिवारों के लिए कितना मुफीद साबित होने वाला है. 7-सीटर केबिन और प्रैक्टिकल सीटिंग स्पेस तीन पंक्तियों (3-row) वाली इस इलेक्ट्रिक व्हीकल का सबसे बड़ा आकर्षण इसकी सीटिंग कैपेसिटी है. 4.7 मीटर लंबी इस SUV में दूसरी पंक्ति में बेंच-स्टाइल सीटिंग दी गई है, जिससे एक साथ 7 लोग आसानी से यात्रा कर सकते हैं. परिवारों के लिए लंबी दूरी के सफर में बूट स्पेस (डिग्गी की जगह) और लेगरूम काफी अहम होता है. यदि तीसरे रो की सीटों को फोल्ड किया जाए, तो इसमें बड़ा लगेज स्पेस मिल जाता है, जो फैमिली हॉलिडे या भारी सामान ले जाने में काफी मददगार साबित होगा. बैटरी, पावर और लंबी दूरी की संभावित रेंज लॉन्च से पहले लीक हुई रिपोर्ट्स और टेस्टिंग डेटा के अनुसार, इस 7-सीटर इलेक्ट्रिक SUV में लगभग 69.2 kWh का LFP बैटरी पैक मिलने की संभावना है. पावर Output: यह फ्रंट-व्हील-ड्राइव मोटर 201 hp की पावर और 310 Nm का टॉर्क जनरेट करने में सक्षम होगी. संभावित रेंज: अंतर्राष्ट्रीय टेस्टिंग स्टैंडर्ड (CLTC) के अनुसार इस प्लेटफॉर्म पर 530 किमी तक की रेंज का दावा किया गया है. हालांकि, हिंदुस्तानीय सड़क परिस्थितियों (ARAI सर्टिफिकेशन) में इसकी रियल-वर्ल्ड रेंज लगभग 380 से 450 किमी रहने की उम्मीद जताई जा रही है, जो पारिवारिक यात्राओं (Intercity Trips) के लिए पर्याप्त मानी जा सकती है. फास्ट चार्जिंग और हाईवे नेटवर्क का असर लंबी पारिवारिक यात्राओं में चार्जिंग टाइम सबसे बड़ा सवाल होता है. हालांकि JSW MG Motor द्वारा आधिकारिक हिंदुस्तानीय चार्जिंग स्पीड के आंकड़े 26 अगस्त को ही सार्वजनिक किए जाएंगे, लेकिन यह EV फास्ट DC चार्जिंग को सपोर्ट करेगी. दावा किया जा रहा है कि उपयुक्त DC फास्ट चार्जर से इसे करीब 35-40 मिनट में 20% से 80% तक चार्ज किया जा सकेगा. मिनिस्ट्री ऑफ रोड ट्रांसपोर्ट एंड हाईवे (MoRTH) द्वारा नेशनल हाईवे नेटवर्क पर तेजी से स्थापित किए जा रहे EV चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर के चलते अब इस साइज की फैमिली EV से लंबी दूरी तय करना काफी आसान हो चुका है. संभावित कीमत और फीचर्स का मुकाबला कंपनी इस 7-सीटर EV को JSW MG की नई ADAPT (Advanced Drive Architecture Platform Technology) आर्किटेक्चर पर तैयार कर रही है. संभावित कीमत: ऑटोमोटिव एक्सपर्ट्स के मुताबिक इसकी एक्स-शोरूम कीमत ₹20 लाख से ₹25 लाख के बीच रखी जा सकती है. केबिन फीचर्स: लीक टीज़र के अनुसार इसमें पैनोरमिक सनरूफ, 360-डिग्री कैमरा, वेंटिलेटेड फ्रंट सीट्स, डुअल डिजिटल डिस्प्ले और ADAS (एडवांस्ड ड्राइवर असिस्टेंस सिस्टम) जैसे प्रीमियम सेफ्टी फीचर्स मिलेंगे. अधिकारक जानकारी vs दावे: 26 अगस्त को केवल इलेक्ट्रिक वर्जन की कीमतों और वेरिएंट्स से पर्दा उठेगा, जबकि इसके प्लग-इन हाइब्रिड (PHEV) मॉडल को भविष्य में पेश किए जाने की बात कही जा रही है. FAQs (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल) {“type”:”faq”,”question”:”Q1. MG की यह नई 7-सीटर इलेक्ट्रिक SUV हिंदुस्तान में कब लॉन्च हो रही है?”,”answer”:”उत्तर: JSW MG Motor India इस नई 7-सीटर EV को 26 अगस्त को हिंदुस्तानीय बाजार में आधिकारिक तौर पर लॉन्च कर रही है.”}{“type”:”faq”,”question”:”Q2. इस 7-सीटर EV की एक बार चार्ज करने पर कितनी रेंज मिलेगी?”,”answer”:”उत्तर: इंटरनेशनल स्पेक मॉडल में 530 किमी (CLTC) रेंज का दावा किया गया है, जबकि हिंदुस्तान में रियल-वर्ल्ड कंडीशन्स में 69.2 kWh बैटरी से लगभग 380 से 450 किमी की ड्राइविंग रेंज मिलने की संभावना है.”}{“type”:”faq”,”question”:”Q3. क्या इस SUV को घर के नॉर्मल सॉकेट से चार्ज किया जा सकता है?”,”answer”:”उत्तर: हां, इसे घर पर मिलने वाले 15A AC चार्जर और 7.2 kW/11 kW वॉल-बॉक्स होम चार्जर दोनों से चार्ज किया जा सकेगा, हालांकि फुल चार्ज होने में रातभर (8-10 घंटे) का समय लगेगा.”} ये भी पढ़ें: पहली कार खरीदने का है प्लान? ₹10 लाख के अंदर ये 5 कारें दे सकती हैं पैसा वसूल पैकेज, Maruti की 3 गाड़ियां लिस्ट में ये भी पढ़ें: BYD Sealion 7 का नया वेरिएंट हुआ लॉन्च, कीमत ₹41.90 लाख; 520km रेंज और Level 2 ADAS भी The post 7-सीटर EV में मिलेगा 500km का बैकअप! लॉन्च से पहले देखें JSW MG की नई SUV के फीचर्स appeared first on Naya Vichar.

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रक्षाबंधन के दिन झारखंड-बिहार में क्या है राखी बांधने का सबसे शुभ मुहूर्त? ज्योतिषाचार्य से जानें

Raksha Bandhan Bihar Jharkhand Muhurat: रक्षाबंधन का त्योहार भाई-बहन के अटूट प्रेम-स्नेह का प्रतीक है. धार्मिक परंपरा अनुसार, इस दिन बहनें अपने भाई की कलाई पर रक्षा सूत्र बांधकर उनके दीर्घायु जीवन और उत्तम स्वास्थ्य की कामना करती हैं. शास्त्रों में इस बात का भी उल्लेख है कि रक्षा बंधन के दिन जो किसकी रक्षा की कामना करें वो उसे रक्षा सूत्र बांध सकता है. रक्षाबंधन के दिन राखी बांधने या बंधवाने के लिए शुभ मुहूर्त का विशेष ध्यान रखा जाता है. इस साल झारखंड-बिहार में राखी बांधने के लिए शुभ मुहूर्त क्या है? ज्योतिषाचार्य डॉ. रतन कुमार झा बता रहे हैं. कब मनाया जाएगा रक्षा बंधन? ज्योतिषाचार्य डॉ. रतन कुमार झा ने बताया कि श्रावण शुक्ल पक्ष पूर्णिमा तिथि शुक्रवार 28 अगस्त 2026 को सुबह 9 बजकर 27 मिनट तक मान्य है. चूंकि, उदया तिथि में पूर्णिमा पड़ रही है इसलिए 28 तारीख को ही रक्षा बंधन मनाना शुभ रहेगा. राखी बांधने का शुभ मुहूर्त (बिहार और झारखंड के लिए) बिहार में रक्षाबंधन के दिन राखी बांधने के लिए सुबह 5 बजकर 26 मिनट से लेकर 9 बजकर 27 मिट तक मुहूर्त बेहद शुभ है. इस दौरान राखी बांधकर भाई की लंबी उम्र की कामना की जा सकती है. वहीं, रक्षाबंधन के दिन झारखंड में राखी बांधने के लिए सबसे शुभ मुहूर्त 5 बजकर 27 मिनट से लेकर 9 बजकर 28 मिनट तक रहेगा. ये भी पढ़ें: रक्षाबंधन के दिन साल का आखिरी चंद्र ग्रहण, बहनों के लिए बड़ी राहत या दिक्कत, जानें क्या होता है सूतक काल राखी बांधने के लिए पौराणिक मंत्र “येन बद्धो बलीराजा दान वेन्द्रो महाबलः तेन त्वां प्रतिबध्नामि रक्षे मा चल मा चल” राखी बांधने के लिए वैदिक मंत्र “यदाबध्नन् दाक्षायणा हिरण्य गुं शतानीकाय सुमनस्यमाना: तन्म आ बध्नामि शतशारदायायुष्मांजरदष्टिर्यथासम्” ज्योतिषाचार्य डॉ. रतन कुमार झा बता रहे हैं कि रक्षा बंधन के लिए उपरोक्त मुहूर्त में किसी प्रकार का दोष नहीं है. शुक्रवार, 28 अगस्त को सुबह स्नान-ध्यान के बाद रक्षा बंधन के लिए श्रेष्ठतम मुहूर्त का संयोग है. स्थानीय समय के अनुसार, शुभ मुहूर्त में 1-2 मिनट का अंतर हो सकता है. ये भी पढ़ें: रक्षाबंधन पर भाई को तिलक कैसे लगाएं? जानें सही विधि, दिशा और धार्मिक मान्यता सिर्फ भाई-बहन तक सीमित नहीं है रक्षा बंधन का त्योहार मान्यतानुसार, रक्षाबंधन का त्योहार सिर्फ भाई-बहन तक सीमित नहीं है. इस दिन पुरुष पंडित जी से भी अपनी कलाई पर रक्षा सूत्र बंधवाते हैं. इसके अलावा पेड़ मे राखी बांधने की परंपरा भी है. इतना ही नहीं, घर के दरवाजे पर रक्षा सूत्र बांधने और किताबों में भी रक्षा सूत्र रखने के विधान है. The post रक्षाबंधन के दिन झारखंड-बिहार में क्या है राखी बांधने का सबसे शुभ मुहूर्त? ज्योतिषाचार्य से जानें appeared first on Naya Vichar.

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Success Story: 1000 रुपये और पुराने लैपटॉप से जॉर्जटाउन तक, 22 रिजेक्शन के बाद बिहार के आदर्श को मिली 3.5 करोड़ की स्कॉलरशिप

Success Story : 14 साल की उम्र में जब ज्यादातर शिशु अपने भविष्य के सपने देखना शुरू ही करते हैं, बिहार के मोतिहारी के आदर्श कुमार ने अपना घर छोड़ दिया था। जेब में सिर्फ 1,000 रुपये थे और साथ में एक पुराना लैपटॉप। सपना बड़ा था, लेकिन रास्ता आसान नहीं। कोटा में पढ़ाई का मौका फीस के अभाव में छूट गया, विदेश की 22 यूनिवर्सिटीज ने आवेदन ठुकरा दिया, लेकिन आदर्श ने हार नहीं मानी। पांच साल बाद वही आदर्श 19 साल की उम्र में एक बार फिर हिंदुस्तान छोड़ने की तैयारी कर रहे हैं। इस बार उनके हाथ में सिर्फ एक पुराना लैपटॉप और उम्मीद नहीं, बल्कि कतर की जॉर्जटाउन यूनिवर्सिटी में करीब 3.5 करोड़ रुपये की फुल-राइड स्कॉलरशिप है। उनकी स्कॉलरशिप में ट्यूशन फीस से लेकर रहने-खाने, फ्लाइट, वीजा और हेल्थ इंश्योरेंस तक का खर्च शामिल है। यह सिर्फ एक छात्र के विदेश जाने की कहानी नहीं है। यह उस लड़के की कहानी है जिसने आर्थिक मुश्किलों के बीच अपने लिए रास्ता बनाया और फिर उसी रास्ते पर हजारों दूसरे छात्रों के लिए भी दरवाजा खोलने की कोशिश की। कोटा में फीस नहीं भर पाए, तो खुद बनाया अपना रास्ता आदर्श का बचपन आर्थिक चुनौतियों के बीच बीता। बेहतर शिक्षा और भविष्य की तलाश ने उन्हें महज 14 साल की उम्र में कोटा ले गई। उम्मीद थी कि कोचिंग के जरिए वह आगे की पढ़ाई का रास्ता बना पाएंगे। लेकिन जब कोचिंग की फीस भरने की स्थिति नहीं बनी, तो उनके सामने एक बड़ा सवाल था- अब क्या? आदर्श ने रास्ता बदल दिया, सपना नहीं उन्होंने स्टार्टअप्स और छोटे-छोटे प्रोजेक्ट्स पर काम करना शुरू किया। इसी दौरान उन्होंने Skillzo की शुरुआत की। यह ऐसा प्लेटफॉर्म है, जो छात्रों को स्किल्स सीखने, मेंटरशिप हासिल करने और नए अवसरों तक पहुंच बनाने में मदद करता है। आज Skillzo से करीब 20 हजार छात्र जुड़े हैं। 22 रिजेक्शन के बाद खुला एक दरवाजा आदर्श की कहानी में सफलता के साथ रिजेक्शन भी कम नहीं हैं। विदेश की यूनिवर्सिटीज में आवेदन के दौरान उन्हें 22 जगहों से निराशा मिली। धीरे-धीरे विकल्प खत्म होते जा रहे थे। जॉर्जटाउन यूनिवर्सिटी का नियमित एडमिशन साइकल भी बंद हो चुका था। तभी उनकी मुलाकात ‘Second Chance’ प्रोग्राम से हुई। कॉर्नेल यूनिवर्सिटी की पूर्व छात्रा जोन लियू के इस प्रोग्राम ने आदर्श की प्रोफाइल को जॉर्जटाउन तक पहुंचाने में मदद की। जॉर्जटाउन ने उनके आवेदन पर विशेष तौर पर विचार किया और यहीं से कहानी ने नया मोड़ लिया। आदर्श के लिए यह सिर्फ एडमिशन नहीं था। यह उस सोच की जीत थी कि किसी छात्र की क्षमता सिर्फ इसलिए कम नहीं हो जाती क्योंकि उसके पास संसाधन कम हैं। वह कहते हैं, “कभी-कभी टैलेंट समस्या नहीं होता। लोगों को बस ऐसे किसी व्यक्ति की जरूरत होती है, जो उनके लिए दरवाजा खोले और उन्हें मौका दे।” मां के साथ बैठकर मिली जिंदगी बदलने वाली समाचार जॉर्जटाउन से स्कॉलरशिप का ईमेल जिस वक्त आया, आदर्श अपनी मां के साथ बैठे थे। उन्होंने ईमेल खोला और कुछ देर तक यकीन ही नहीं कर पाए कि जो वह पढ़ रहे हैं, वह सच है। 22 रिजेक्शन के बाद अब सामने जॉर्जटाउन का फुल-राइड स्कॉलरशिप ऑफर था। सबसे पहले उन्होंने अपनी मां को यह समाचार बताई। आदर्श के लिए यह पल इसलिए भी खास था क्योंकि उनके पूरे सफर में उनकी मां उनके साथ खड़ी रही हैं। जिस मां ने मुश्किल परिस्थितियों में बेटे को आगे बढ़ाया, अब वही अपने बेटे को दुनिया के प्रतिष्ठित विश्वविद्यालयों में से एक की ओर जाते देख रही हैं। 2025 में जीता ग्लोबल स्टूडेंट प्राइज़ आदर्श का यह सफर अचानक शुरू नहीं हुआ था। Skillzo के अलावा उन्होंने कई अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रमों में हिस्सा लिया। वे Google Youth Advisor रहे, इंटरनेशनल एंटरप्रेन्योरशिप प्रोग्राम से जुड़े और छात्रों को ग्लोबल प्रतियोगिताओं के जरिए मेंटर भी किया। 2025 में उनकी मेहनत को अंतरराष्ट्रीय पहचान मिली, जब उन्हें Global Student Prize का विजेता चुना गया। इस प्रतियोगिता के लिए 148 देशों से करीब 11 हजार नामांकन आए थे। इस उपलब्धि ने आदर्श की पहचान बिहार के एक छात्र से आगे बढ़ाकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बनाई। लेकिन उनके लिए यह पुरस्कार सिर्फ व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं था। इससे Skillzo को भी पहचान मिली और उन्हें ऐसे लोगों तथा संस्थानों से मिलने के अवसर मिले, जिन तक पहुंचना उनके लिए पहले आसान नहीं था। अब पढ़ेंगे पॉलिटिक्स, इकोनॉमिक्स और इंटरनेशनल रिलेशंस जॉर्जटाउन में आदर्श की रुचि पॉलिटिकल साइंस, इकोनॉमिक्स और इंटरनेशनल रिलेशंस में है। पॉलिसी में उनकी दिलचस्पी भी उनके अपने अनुभवों से निकली है। बिहार में रहते हुए उन्होंने देखा कि शिक्षा, रोजगार, स्वास्थ्य सुविधाओं और प्रशासनी योजनाओं तक पहुंच किसी व्यक्ति के भविष्य को किस तरह बदल सकती है। Skillzo के जरिए छात्रों और समुदायों के साथ काम करने के बाद उनका भरोसा और मजबूत हुआ कि व्यक्तिगत प्रयास जरूरी हैं, लेकिन बड़े बदलाव के लिए नीतियों और संस्थानों को समझना भी उतना ही जरूरी है। कतर उनके लिए सिर्फ पढ़ाई की जगह नहीं है। दोहा के Education City में उन्हें 70 से अधिक देशों के छात्रों के साथ पढ़ने का मौका मिलेगा। मध्य पूर्व को करीब से समझने और अलग-अलग संस्कृतियों के बीच सीखने का अवसर भी उनके फैसले का अहम हिस्सा है। जॉर्जटाउन पहुंचकर भी नजर बिहार पर आदर्श कहते हैं कि वह ऐसा हिंदुस्तान देखना चाहते हैं, जहां किसी व्यक्ति के जन्म के समय की परिस्थितियां यह तय न करें कि वह जिंदगी में कितनी दूर तक जा सकता है। यही वजह है कि वे अपनी कहानी को सिर्फ ‘एक गरीब छात्र की सफलता’ के तौर पर नहीं देखते। उनके लिए यह उन हजारों छात्रों के लिए उम्मीद की कहानी है, जो छोटे शहरों या सीमित संसाधनों के कारण बड़ी यूनिवर्सिटीज और बड़े सपनों को अपने लिए असंभव मान लेते हैं। ‘अगर मैं कर सकता हूं, तो दूसरे छात्र भी कोशिश कर सकते हैं’ मोतिहारी से जॉर्जटाउन तक पहुंचे आदर्श जानते हैं कि उनकी कहानी हर छात्र की कहानी नहीं हो सकती। लेकिन वे चाहते हैं कि उनकी कहानी दूसरे छात्रों को कोशिश करने का साहस जरूर दे। उनका कहना है कि बिहार के प्रशासनी स्कूल का एक छात्र अगर जॉर्जटाउन की फुल स्कॉलरशिप

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Ethanol नहीं है चीनी की कीमतों की वजह तो फिर क्या है? जानें क्या कहते हैं रांची के कारोबारी

रांची से नवीन शर्मा की रिपोर्ट Sugar Price Hike: त्योहारों का मौसम नजदीक है. बाजारों में मिठाइयों की मांग बढ़ने लगी है, लेकिन इस बार त्योहारों की मिठास पर महंगाई की कड़वाहट भारी पड़ती दिख रही है. चीनी की कीमतों में अचानक हुई बढ़ोतरी ने आम लोगों से लेकर चाय, जलेबी और मिठाई बेचने वाले छोटे दुकानदारों तक की चिंता बढ़ा दी है. सबसे बड़ी बात यह है कि पूरे देश में चीनी की कीमतों में बढ़ोतरी के पीछे इथनॉल को अहम वजह बताया जा रहा है, लेकिन रांची के कारोबारी कुछ और वजह बता रहे हैं. नया विचार की टीम ने राजधानी रांची के अपर बाजार समेत कई प्रमुख बाजारों में चीनी की कीमतों को लेकर पड़ताल की. थोक कारोबारियों के मुताबिक फिलहाल चीनी की कीमत 63 से 64 रुपये प्रति किलो के आसपास है, जबकि खुदरा बाजार में यही चीनी करीब 70 रुपये किलो तक बिक रही है. 10 साल में पहली बार इतनी तेजी, दुकानदारों में भी चिंता रांची में कोकर के कारोबारी रंजीत कुमार का कहना है कि पिछले करीब 10 वर्षों में उन्होंने चीनी की कीमतों में इस तरह की अचानक तेजी नहीं देखी है. कारोबारियों के मुताबिक चीनी के दाम में अचानक बढ़ोतरी ने बाजार के कारोबार को प्रभावित किया है. हालांकि, चीनी की कीमत बढ़ने की वजह को लेकर कारोबारियों की राय अलग-अलग है. कालाबाजारी से बढ़ी चीनी की कीमतें अपर बाजार के व्यापारी रवि कुमार ने इथेनॉल उत्पादन को चीनी की कीमत बढ़ने की वजह बताए जाने को अफवाह करार दिया. उन्होंने कहा कि चीनी की कीमतों में तेजी के पीछे कालाबाजारी और बाजार में अन्य कारण ज्यादा जिम्मेदार हो सकते हैं. दूसरे कारोबारी का कहना है कि पैदावार और स्टॉक की स्थिति का भी कीमतों पर असर पड़ा है. उन्होंने कहा कि इथेनॉल का इस कमी में कितना योगदान है, इसे स्पष्ट तौर पर बताना मुश्किल है. बाजार में चीनी की उपलब्धता हुई कम गल्ला मार्केट के कारोबार से जुड़े कारोबारियों के मुताबिक, चीनी की कीमतों में बढ़ोतरी का एक बड़ा कारण मिलों से बाजार में आने वाली चीनी की उपलब्धता में कमी भी है. उन्होंने कहा कि पहले के मुकाबले बाजार में चीनी की उपलब्धता कम हुई है, जिसका सीधा असर कीमतों पर पड़ा है. हालांकि, त्योहारों तक चीनी के दाम कम होंगे या इनमें और तेजी आएगी, इसे लेकर अभी स्पष्ट तौर पर कुछ कहना मुश्किल है. त्योहारों से पहले ग्राहकों की बढ़ी चिंता चीनी की कीमत बढ़ने से आम ग्राहक भी परेशान हैं. ग्राहकों का कहना है कि त्योहारों का मौसम शुरू होने वाला है और इस दौरान मिठाई की मांग बढ़ती है. ऐसे में चीनी महंगी होने का सीधा असर मिठाई और दूसरे खाद्य सामानों की कीमतों पर पड़ सकता है. ग्राहकों का कहना है कि हाल में गैस की किल्लत और उससे जुड़ी परेशानी का सामना करने के बाद अब चीनी की बढ़ती कीमत ने घरेलू बजट पर अतिरिक्त दबाव डाल दिया है. दुकानदारों पर सीधा असर चीनी की कीमत बढ़ने का असर सिर्फ घरों की रसोई तक सीमित नहीं है. चाय, जलेबी और मिठाई बेचने वाले फुटपाथ दुकानदार भी इसकी मार झेल रहे हैं. फुटपाथ पर जलेबी बेचने वाले दुकानदार संतोष केसरी ने बताया कि वे रोजाना 10 से 15 किलो तक चीनी का इस्तेमाल करते हैं. कीमत में बढ़ोतरी के कारण उन्हें रोजाना करीब 400 से 600 रुपये तक अतिरिक्त खर्च करना पड़ रहा है. दुकानदारों की परेशानी यह भी है कि वे लागत बढ़ने के बावजूद अपने सामान की कीमत तुरंत नहीं बढ़ा सकते. ऐसे में बढ़ी हुई लागत का सीधा असर उनकी कमाई पर पड़ रहा है. इसे भी पढ़ें: Sugar Price : त्योहारों से पहले महंगी न हो चीनी, प्रशासन ने बनाया खास प्लान त्योहारों में मिठाई महंगी होने की आशंका चीनी की कीमतों में यह तेजी ऐसे समय आई है, जब त्योहारों का सीजन शुरू होने वाला है. त्योहारों के दौरान मिठाई की मांग बढ़ती है. ऐसे में अगर चीनी की कीमतों में जल्द गिरावट नहीं आई, तो इसका असर मिठाई और दूसरे खाद्य उत्पादों की लागत पर भी पड़ सकता है. फिलहाल, बाजार में चीनी करीब 70 रुपये किलो तक पहुंच चुकी है. ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यही है कि आने वाले दिनों में चीनी के दाम नीचे आएंगे या त्योहारों के साथ इसकी कीमतों में और उछाल देखने को मिलेगा. चीनी की बढ़ती कीमत ने फिलहाल आम आदमी की रसोई से लेकर छोटे दुकानदारों तक की चिंता बढ़ा दी है. अब नजर इस बात पर है कि प्रशासन और बाजार की तरफ से कीमतों को नियंत्रित करने के लिए क्या कदम उठाए जाते हैं. इसे भी पढ़ें: त्योहारों से पहले चीनी की कीमत पर नजर, जानें सप्लाई और स्टॉक से क्या होगा बाजार का हाल The post Ethanol नहीं है चीनी की कीमतों की वजह तो फिर क्या है? जानें क्या कहते हैं रांची के कारोबारी appeared first on Naya Vichar.

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