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रक्षाबंधन के दिन झारखंड-बिहार में क्या है राखी बांधने का सबसे शुभ मुहूर्त? ज्योतिषाचार्य से जानें

Raksha Bandhan Bihar Jharkhand Muhurat: रक्षाबंधन का त्योहार भाई-बहन के अटूट प्रेम-स्नेह का प्रतीक है. धार्मिक परंपरा अनुसार, इस दिन बहनें अपने भाई की कलाई पर रक्षा सूत्र बांधकर उनके दीर्घायु जीवन और उत्तम स्वास्थ्य की कामना करती हैं. शास्त्रों में इस बात का भी उल्लेख है कि रक्षा बंधन के दिन जो किसकी रक्षा की कामना करें वो उसे रक्षा सूत्र बांध सकता है. रक्षाबंधन के दिन राखी बांधने या बंधवाने के लिए शुभ मुहूर्त का विशेष ध्यान रखा जाता है. इस साल झारखंड-बिहार में राखी बांधने के लिए शुभ मुहूर्त क्या है? ज्योतिषाचार्य डॉ. रतन कुमार झा बता रहे हैं. कब मनाया जाएगा रक्षा बंधन? ज्योतिषाचार्य डॉ. रतन कुमार झा ने बताया कि श्रावण शुक्ल पक्ष पूर्णिमा तिथि शुक्रवार 28 अगस्त 2026 को सुबह 9 बजकर 27 मिनट तक मान्य है. चूंकि, उदया तिथि में पूर्णिमा पड़ रही है इसलिए 28 तारीख को ही रक्षा बंधन मनाना शुभ रहेगा. राखी बांधने का शुभ मुहूर्त (बिहार और झारखंड के लिए) बिहार में रक्षाबंधन के दिन राखी बांधने के लिए सुबह 5 बजकर 26 मिनट से लेकर 9 बजकर 27 मिट तक मुहूर्त बेहद शुभ है. इस दौरान राखी बांधकर भाई की लंबी उम्र की कामना की जा सकती है. वहीं, रक्षाबंधन के दिन झारखंड में राखी बांधने के लिए सबसे शुभ मुहूर्त 5 बजकर 27 मिनट से लेकर 9 बजकर 28 मिनट तक रहेगा. ये भी पढ़ें: रक्षाबंधन के दिन साल का आखिरी चंद्र ग्रहण, बहनों के लिए बड़ी राहत या दिक्कत, जानें क्या होता है सूतक काल राखी बांधने के लिए पौराणिक मंत्र “येन बद्धो बलीराजा दान वेन्द्रो महाबलः तेन त्वां प्रतिबध्नामि रक्षे मा चल मा चल” राखी बांधने के लिए वैदिक मंत्र “यदाबध्नन् दाक्षायणा हिरण्य गुं शतानीकाय सुमनस्यमाना: तन्म आ बध्नामि शतशारदायायुष्मांजरदष्टिर्यथासम्” ज्योतिषाचार्य डॉ. रतन कुमार झा बता रहे हैं कि रक्षा बंधन के लिए उपरोक्त मुहूर्त में किसी प्रकार का दोष नहीं है. शुक्रवार, 28 अगस्त को सुबह स्नान-ध्यान के बाद रक्षा बंधन के लिए श्रेष्ठतम मुहूर्त का संयोग है. स्थानीय समय के अनुसार, शुभ मुहूर्त में 1-2 मिनट का अंतर हो सकता है. ये भी पढ़ें: रक्षाबंधन पर भाई को तिलक कैसे लगाएं? जानें सही विधि, दिशा और धार्मिक मान्यता सिर्फ भाई-बहन तक सीमित नहीं है रक्षा बंधन का त्योहार मान्यतानुसार, रक्षाबंधन का त्योहार सिर्फ भाई-बहन तक सीमित नहीं है. इस दिन पुरुष पंडित जी से भी अपनी कलाई पर रक्षा सूत्र बंधवाते हैं. इसके अलावा पेड़ मे राखी बांधने की परंपरा भी है. इतना ही नहीं, घर के दरवाजे पर रक्षा सूत्र बांधने और किताबों में भी रक्षा सूत्र रखने के विधान है. The post रक्षाबंधन के दिन झारखंड-बिहार में क्या है राखी बांधने का सबसे शुभ मुहूर्त? ज्योतिषाचार्य से जानें appeared first on Naya Vichar.

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Success Story: 1000 रुपये और पुराने लैपटॉप से जॉर्जटाउन तक, 22 रिजेक्शन के बाद बिहार के आदर्श को मिली 3.5 करोड़ की स्कॉलरशिप

Success Story : 14 साल की उम्र में जब ज्यादातर शिशु अपने भविष्य के सपने देखना शुरू ही करते हैं, बिहार के मोतिहारी के आदर्श कुमार ने अपना घर छोड़ दिया था। जेब में सिर्फ 1,000 रुपये थे और साथ में एक पुराना लैपटॉप। सपना बड़ा था, लेकिन रास्ता आसान नहीं। कोटा में पढ़ाई का मौका फीस के अभाव में छूट गया, विदेश की 22 यूनिवर्सिटीज ने आवेदन ठुकरा दिया, लेकिन आदर्श ने हार नहीं मानी। पांच साल बाद वही आदर्श 19 साल की उम्र में एक बार फिर हिंदुस्तान छोड़ने की तैयारी कर रहे हैं। इस बार उनके हाथ में सिर्फ एक पुराना लैपटॉप और उम्मीद नहीं, बल्कि कतर की जॉर्जटाउन यूनिवर्सिटी में करीब 3.5 करोड़ रुपये की फुल-राइड स्कॉलरशिप है। उनकी स्कॉलरशिप में ट्यूशन फीस से लेकर रहने-खाने, फ्लाइट, वीजा और हेल्थ इंश्योरेंस तक का खर्च शामिल है। यह सिर्फ एक छात्र के विदेश जाने की कहानी नहीं है। यह उस लड़के की कहानी है जिसने आर्थिक मुश्किलों के बीच अपने लिए रास्ता बनाया और फिर उसी रास्ते पर हजारों दूसरे छात्रों के लिए भी दरवाजा खोलने की कोशिश की। कोटा में फीस नहीं भर पाए, तो खुद बनाया अपना रास्ता आदर्श का बचपन आर्थिक चुनौतियों के बीच बीता। बेहतर शिक्षा और भविष्य की तलाश ने उन्हें महज 14 साल की उम्र में कोटा ले गई। उम्मीद थी कि कोचिंग के जरिए वह आगे की पढ़ाई का रास्ता बना पाएंगे। लेकिन जब कोचिंग की फीस भरने की स्थिति नहीं बनी, तो उनके सामने एक बड़ा सवाल था- अब क्या? आदर्श ने रास्ता बदल दिया, सपना नहीं उन्होंने स्टार्टअप्स और छोटे-छोटे प्रोजेक्ट्स पर काम करना शुरू किया। इसी दौरान उन्होंने Skillzo की शुरुआत की। यह ऐसा प्लेटफॉर्म है, जो छात्रों को स्किल्स सीखने, मेंटरशिप हासिल करने और नए अवसरों तक पहुंच बनाने में मदद करता है। आज Skillzo से करीब 20 हजार छात्र जुड़े हैं। 22 रिजेक्शन के बाद खुला एक दरवाजा आदर्श की कहानी में सफलता के साथ रिजेक्शन भी कम नहीं हैं। विदेश की यूनिवर्सिटीज में आवेदन के दौरान उन्हें 22 जगहों से निराशा मिली। धीरे-धीरे विकल्प खत्म होते जा रहे थे। जॉर्जटाउन यूनिवर्सिटी का नियमित एडमिशन साइकल भी बंद हो चुका था। तभी उनकी मुलाकात ‘Second Chance’ प्रोग्राम से हुई। कॉर्नेल यूनिवर्सिटी की पूर्व छात्रा जोन लियू के इस प्रोग्राम ने आदर्श की प्रोफाइल को जॉर्जटाउन तक पहुंचाने में मदद की। जॉर्जटाउन ने उनके आवेदन पर विशेष तौर पर विचार किया और यहीं से कहानी ने नया मोड़ लिया। आदर्श के लिए यह सिर्फ एडमिशन नहीं था। यह उस सोच की जीत थी कि किसी छात्र की क्षमता सिर्फ इसलिए कम नहीं हो जाती क्योंकि उसके पास संसाधन कम हैं। वह कहते हैं, “कभी-कभी टैलेंट समस्या नहीं होता। लोगों को बस ऐसे किसी व्यक्ति की जरूरत होती है, जो उनके लिए दरवाजा खोले और उन्हें मौका दे।” मां के साथ बैठकर मिली जिंदगी बदलने वाली समाचार जॉर्जटाउन से स्कॉलरशिप का ईमेल जिस वक्त आया, आदर्श अपनी मां के साथ बैठे थे। उन्होंने ईमेल खोला और कुछ देर तक यकीन ही नहीं कर पाए कि जो वह पढ़ रहे हैं, वह सच है। 22 रिजेक्शन के बाद अब सामने जॉर्जटाउन का फुल-राइड स्कॉलरशिप ऑफर था। सबसे पहले उन्होंने अपनी मां को यह समाचार बताई। आदर्श के लिए यह पल इसलिए भी खास था क्योंकि उनके पूरे सफर में उनकी मां उनके साथ खड़ी रही हैं। जिस मां ने मुश्किल परिस्थितियों में बेटे को आगे बढ़ाया, अब वही अपने बेटे को दुनिया के प्रतिष्ठित विश्वविद्यालयों में से एक की ओर जाते देख रही हैं। 2025 में जीता ग्लोबल स्टूडेंट प्राइज़ आदर्श का यह सफर अचानक शुरू नहीं हुआ था। Skillzo के अलावा उन्होंने कई अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रमों में हिस्सा लिया। वे Google Youth Advisor रहे, इंटरनेशनल एंटरप्रेन्योरशिप प्रोग्राम से जुड़े और छात्रों को ग्लोबल प्रतियोगिताओं के जरिए मेंटर भी किया। 2025 में उनकी मेहनत को अंतरराष्ट्रीय पहचान मिली, जब उन्हें Global Student Prize का विजेता चुना गया। इस प्रतियोगिता के लिए 148 देशों से करीब 11 हजार नामांकन आए थे। इस उपलब्धि ने आदर्श की पहचान बिहार के एक छात्र से आगे बढ़ाकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बनाई। लेकिन उनके लिए यह पुरस्कार सिर्फ व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं था। इससे Skillzo को भी पहचान मिली और उन्हें ऐसे लोगों तथा संस्थानों से मिलने के अवसर मिले, जिन तक पहुंचना उनके लिए पहले आसान नहीं था। अब पढ़ेंगे पॉलिटिक्स, इकोनॉमिक्स और इंटरनेशनल रिलेशंस जॉर्जटाउन में आदर्श की रुचि पॉलिटिकल साइंस, इकोनॉमिक्स और इंटरनेशनल रिलेशंस में है। पॉलिसी में उनकी दिलचस्पी भी उनके अपने अनुभवों से निकली है। बिहार में रहते हुए उन्होंने देखा कि शिक्षा, रोजगार, स्वास्थ्य सुविधाओं और प्रशासनी योजनाओं तक पहुंच किसी व्यक्ति के भविष्य को किस तरह बदल सकती है। Skillzo के जरिए छात्रों और समुदायों के साथ काम करने के बाद उनका भरोसा और मजबूत हुआ कि व्यक्तिगत प्रयास जरूरी हैं, लेकिन बड़े बदलाव के लिए नीतियों और संस्थानों को समझना भी उतना ही जरूरी है। कतर उनके लिए सिर्फ पढ़ाई की जगह नहीं है। दोहा के Education City में उन्हें 70 से अधिक देशों के छात्रों के साथ पढ़ने का मौका मिलेगा। मध्य पूर्व को करीब से समझने और अलग-अलग संस्कृतियों के बीच सीखने का अवसर भी उनके फैसले का अहम हिस्सा है। जॉर्जटाउन पहुंचकर भी नजर बिहार पर आदर्श कहते हैं कि वह ऐसा हिंदुस्तान देखना चाहते हैं, जहां किसी व्यक्ति के जन्म के समय की परिस्थितियां यह तय न करें कि वह जिंदगी में कितनी दूर तक जा सकता है। यही वजह है कि वे अपनी कहानी को सिर्फ ‘एक गरीब छात्र की सफलता’ के तौर पर नहीं देखते। उनके लिए यह उन हजारों छात्रों के लिए उम्मीद की कहानी है, जो छोटे शहरों या सीमित संसाधनों के कारण बड़ी यूनिवर्सिटीज और बड़े सपनों को अपने लिए असंभव मान लेते हैं। ‘अगर मैं कर सकता हूं, तो दूसरे छात्र भी कोशिश कर सकते हैं’ मोतिहारी से जॉर्जटाउन तक पहुंचे आदर्श जानते हैं कि उनकी कहानी हर छात्र की कहानी नहीं हो सकती। लेकिन वे चाहते हैं कि उनकी कहानी दूसरे छात्रों को कोशिश करने का साहस जरूर दे। उनका कहना है कि बिहार के प्रशासनी स्कूल का एक छात्र अगर जॉर्जटाउन की फुल स्कॉलरशिप

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Ethanol नहीं है चीनी की कीमतों की वजह तो फिर क्या है? जानें क्या कहते हैं रांची के कारोबारी

रांची से नवीन शर्मा की रिपोर्ट Sugar Price Hike: त्योहारों का मौसम नजदीक है. बाजारों में मिठाइयों की मांग बढ़ने लगी है, लेकिन इस बार त्योहारों की मिठास पर महंगाई की कड़वाहट भारी पड़ती दिख रही है. चीनी की कीमतों में अचानक हुई बढ़ोतरी ने आम लोगों से लेकर चाय, जलेबी और मिठाई बेचने वाले छोटे दुकानदारों तक की चिंता बढ़ा दी है. सबसे बड़ी बात यह है कि पूरे देश में चीनी की कीमतों में बढ़ोतरी के पीछे इथनॉल को अहम वजह बताया जा रहा है, लेकिन रांची के कारोबारी कुछ और वजह बता रहे हैं. नया विचार की टीम ने राजधानी रांची के अपर बाजार समेत कई प्रमुख बाजारों में चीनी की कीमतों को लेकर पड़ताल की. थोक कारोबारियों के मुताबिक फिलहाल चीनी की कीमत 63 से 64 रुपये प्रति किलो के आसपास है, जबकि खुदरा बाजार में यही चीनी करीब 70 रुपये किलो तक बिक रही है. 10 साल में पहली बार इतनी तेजी, दुकानदारों में भी चिंता रांची में कोकर के कारोबारी रंजीत कुमार का कहना है कि पिछले करीब 10 वर्षों में उन्होंने चीनी की कीमतों में इस तरह की अचानक तेजी नहीं देखी है. कारोबारियों के मुताबिक चीनी के दाम में अचानक बढ़ोतरी ने बाजार के कारोबार को प्रभावित किया है. हालांकि, चीनी की कीमत बढ़ने की वजह को लेकर कारोबारियों की राय अलग-अलग है. कालाबाजारी से बढ़ी चीनी की कीमतें अपर बाजार के व्यापारी रवि कुमार ने इथेनॉल उत्पादन को चीनी की कीमत बढ़ने की वजह बताए जाने को अफवाह करार दिया. उन्होंने कहा कि चीनी की कीमतों में तेजी के पीछे कालाबाजारी और बाजार में अन्य कारण ज्यादा जिम्मेदार हो सकते हैं. दूसरे कारोबारी का कहना है कि पैदावार और स्टॉक की स्थिति का भी कीमतों पर असर पड़ा है. उन्होंने कहा कि इथेनॉल का इस कमी में कितना योगदान है, इसे स्पष्ट तौर पर बताना मुश्किल है. बाजार में चीनी की उपलब्धता हुई कम गल्ला मार्केट के कारोबार से जुड़े कारोबारियों के मुताबिक, चीनी की कीमतों में बढ़ोतरी का एक बड़ा कारण मिलों से बाजार में आने वाली चीनी की उपलब्धता में कमी भी है. उन्होंने कहा कि पहले के मुकाबले बाजार में चीनी की उपलब्धता कम हुई है, जिसका सीधा असर कीमतों पर पड़ा है. हालांकि, त्योहारों तक चीनी के दाम कम होंगे या इनमें और तेजी आएगी, इसे लेकर अभी स्पष्ट तौर पर कुछ कहना मुश्किल है. त्योहारों से पहले ग्राहकों की बढ़ी चिंता चीनी की कीमत बढ़ने से आम ग्राहक भी परेशान हैं. ग्राहकों का कहना है कि त्योहारों का मौसम शुरू होने वाला है और इस दौरान मिठाई की मांग बढ़ती है. ऐसे में चीनी महंगी होने का सीधा असर मिठाई और दूसरे खाद्य सामानों की कीमतों पर पड़ सकता है. ग्राहकों का कहना है कि हाल में गैस की किल्लत और उससे जुड़ी परेशानी का सामना करने के बाद अब चीनी की बढ़ती कीमत ने घरेलू बजट पर अतिरिक्त दबाव डाल दिया है. दुकानदारों पर सीधा असर चीनी की कीमत बढ़ने का असर सिर्फ घरों की रसोई तक सीमित नहीं है. चाय, जलेबी और मिठाई बेचने वाले फुटपाथ दुकानदार भी इसकी मार झेल रहे हैं. फुटपाथ पर जलेबी बेचने वाले दुकानदार संतोष केसरी ने बताया कि वे रोजाना 10 से 15 किलो तक चीनी का इस्तेमाल करते हैं. कीमत में बढ़ोतरी के कारण उन्हें रोजाना करीब 400 से 600 रुपये तक अतिरिक्त खर्च करना पड़ रहा है. दुकानदारों की परेशानी यह भी है कि वे लागत बढ़ने के बावजूद अपने सामान की कीमत तुरंत नहीं बढ़ा सकते. ऐसे में बढ़ी हुई लागत का सीधा असर उनकी कमाई पर पड़ रहा है. इसे भी पढ़ें: Sugar Price : त्योहारों से पहले महंगी न हो चीनी, प्रशासन ने बनाया खास प्लान त्योहारों में मिठाई महंगी होने की आशंका चीनी की कीमतों में यह तेजी ऐसे समय आई है, जब त्योहारों का सीजन शुरू होने वाला है. त्योहारों के दौरान मिठाई की मांग बढ़ती है. ऐसे में अगर चीनी की कीमतों में जल्द गिरावट नहीं आई, तो इसका असर मिठाई और दूसरे खाद्य उत्पादों की लागत पर भी पड़ सकता है. फिलहाल, बाजार में चीनी करीब 70 रुपये किलो तक पहुंच चुकी है. ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यही है कि आने वाले दिनों में चीनी के दाम नीचे आएंगे या त्योहारों के साथ इसकी कीमतों में और उछाल देखने को मिलेगा. चीनी की बढ़ती कीमत ने फिलहाल आम आदमी की रसोई से लेकर छोटे दुकानदारों तक की चिंता बढ़ा दी है. अब नजर इस बात पर है कि प्रशासन और बाजार की तरफ से कीमतों को नियंत्रित करने के लिए क्या कदम उठाए जाते हैं. इसे भी पढ़ें: त्योहारों से पहले चीनी की कीमत पर नजर, जानें सप्लाई और स्टॉक से क्या होगा बाजार का हाल The post Ethanol नहीं है चीनी की कीमतों की वजह तो फिर क्या है? जानें क्या कहते हैं रांची के कारोबारी appeared first on Naya Vichar.

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Durand Cup Final: ईस्ट बंगाल ने मोहन बागान को 4-1 से रौंदा, 22 साल बाद फिर बना चैंपियन

Durand Cup Final: कोलकाता के साल्ट लेक स्टेडियम में रविवार को फुटबॉल का रोमांच अपने चरम पर रहा. 135वें डूरंड कप के फाइनल में ईस्ट बंगाल ने चिर प्रतिद्वंद्वी मोहन बागान सुपर जायंट को 4-1 से हराकर खिताब अपने नाम कर लिया. इस जीत के साथ ईस्ट बंगाल ने लंबे इंतजार के बाद डूरंड कप ट्रॉफी पर कब्जा जमाया. फाइनल में ईस्ट बंगाल ने शुरुआत से ही आक्रामक तेवर दिखाए. मैच के 10वें मिनट में थॉमस बिपिन सिंह ने शानदार गोल कर टीम को 1-0 की बढ़त दिलाई. इसके ठीक दो मिनट बाद एडमंड लालरिंदिका ने गोल दागकर स्कोर 2-0 कर दिया. ईस्ट बंगाल यहीं नहीं रुका. 22वें मिनट में एडमंड ने अपना दूसरा गोल करते हुए टीम की बढ़त 3-0 कर दी. मोहन बागान के लिए मुश्किलें लगातार बढ़ती गईं. Durand Cup Final: मनवीर ने दिलाई वापसी की उम्मीद मोहन बागान ने 33वें मिनट में वापसी की कोशिश की. मनवीर सिंह ने गोल कर स्कोर 3-1 कर दिया. इस गोल के बाद मोहन बागान के खेमे में उम्मीद जगी, लेकिन ईस्ट बंगाल ने ज्यादा देर तक उसे टिकने नहीं दिया. पहले हाफ के खत्म होने से ठीक पहले, 44वें मिनट में एडमंड लालरिंदिका ने अपना तीसरा गोल दागकर हैट्रिक पूरी कर ली. इसके साथ ही ईस्ट बंगाल ने हाफ टाइम तक 4-1 की मजबूत बढ़त बना ली. ये भी पढ़ें: असिथा फर्नांडो से भिड़ना यशस्वी जायसवाल को पड़ेगा भारी? ICC लगा सकती है लाइफटाइम बैन, जानें क्या है नियम Durand Cup Final: दूसरे हाफ में नहीं बदली तस्वीर दूसरे हाफ में मोहन बागान ने गोल अंतर कम करने की कोशिश की, लेकिन ईस्ट बंगाल की रक्षापंक्ति ने उसे ज्यादा मौके नहीं दिए. मुकाबले के दौरान दोनों टीमों के खिलाड़ियों को पीले कार्ड भी दिखाए गए. आखिरकार फुल टाइम की सीटी बजते ही ईस्ट बंगाल ने 4-1 की शानदार जीत के साथ डूरंड कप अपने नाम कर लिया. यह जीत इसलिए भी खास है क्योंकि फाइनल में उसने अपने सबसे बड़े प्रतिद्वंद्वी मोहन बागान को एकतरफा अंदाज में मात दी. Durand Cup Final: एडमंड लालरिंदिका रहे जीत के हीरो ईस्ट बंगाल की इस जीत के सबसे बड़े नायक एडमंड लालरिंदिका रहे. उन्होंने महज 34 मिनट के अंदर तीन गोल दागकर हैट्रिक पूरी की और फाइनल का रुख पूरी तरह अपनी टीम के पक्ष में मोड़ दिया. डूरंड कप के फाइनल में लंबे समय बाद हुए इस हाई-वोल्टेज कोलकाता डर्बी में ईस्ट बंगाल ने न सिर्फ ट्रॉफी जीती, बल्कि अपने चिर प्रतिद्वंद्वी के खिलाफ यादगार जीत भी दर्ज की. ये भी पढ़ें: VIDEO: ‘एक्शन दिखा रहा था… मर्डर कर दिया’, बल्लेबाज ने घुमाया ऐसा बैट कि चित हो गया विकेटकीपर The post Durand Cup Final: ईस्ट बंगाल ने मोहन बागान को 4-1 से रौंदा, 22 साल बाद फिर बना चैंपियन appeared first on Naya Vichar.

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Usain Bolt का 17 साल पुराना रिकॉर्ड टूटा! 100 मीटर दौड़ में 9.32 सेकंड का नया कारनामा

100 meter world record : आप एथलेटिक्स फॉलो करते हों या नहीं, लेकिन आपने दुनिया के सबसे तेज धावकों में शुमार उसेन बोल्ट का नाम जरूर सुना होगा. 100 मीटर की दौड़ में बोल्ट का 9.58 सेकंड का वर्ल्ड रिकॉर्ड आज भी कायम है. लेकिन अब चीन के एक ह्यूमनॉइड रोबोट (इंसान की तरह काम करने वाला रोबोट) ने 100 मीटर की दौड़ महज 9.32 सेकंड में पूरी कर सबको हैरान कर दिया है. यह प्रदर्शन किसी मानव एथलीट का नया रिकॉर्ड नहीं है, बल्कि रोबोट की रफ्तार से जुड़ा है. 17 साल से कायम है उसेन बोल्ट की बादशाहत उसेन बोल्ट ने 2009 में बर्लिन में आयोजित विश्व एथलेटिक्स चैंपियनशिप के दौरान 100 मीटर की दौड़ 9.58 सेकंड में पूरी कर विश्व रिकॉर्ड बनाया था. उनके इस रिकॉर्ड को 17 साल बाद भी कोई मानव एथलीट नहीं तोड़ सका है. बोल्ट का नाम आज भी 100 मीटर की सबसे तेज दौड़ के साथ जुड़ा हुआ है. 9.32 सेकंड में रोबोट ने पूरी की 100 मीटर रेस चीन की स्मार्टफोन कंपनी Honor द्वारा बनाए गए एक ह्यूमनॉइड रोबोट ने शनिवार को शुरू हुए दूसरे ‘वर्ल्ड ह्यूमनॉइड रोबोट गेम्स’ के टेस्ट इवेंट के दौरान 100 मीटर की दौड़ में 9.32 सेकंड का समय दर्ज किया. यह स्पोर्ट्स चीन के बीजिंग शहर में आयोजित किया गया था. रोबोट ने इस दौरान 14.5 मीटर प्रति सेकंड की टॉप स्पीड हासिल की. इस प्रदर्शन ने रोबोटिक्स की दुनिया में नई चर्चा छेड़ दी है. हालांकि, यह बोल्ट के विश्व रिकॉर्ड को तोड़ने वाला आधिकारिक एथलेटिक्स रिकॉर्ड नहीं है. दोनों प्रदर्शन अलग-अलग श्रेणियों से जुड़े हैं. रोबोटिक्स में तेजी से आगे बढ़ रहा चीन चीन ह्यूमनॉइड रोबोट को तेजी से उभरते उद्योग के तौर पर बढ़ावा दे रहा है. वहां नीति बनाने वाले और कंपनियां AI और हार्डवेयर में हो रही प्रगति के जरिए ह्यूमनॉइड रोबोट के इस्तेमाल को बढ़ाने पर जोर दे रही हैं. आने वाले समय में मैन्युफैक्चरिंग, लॉजिस्टिक्स और दूसरे क्षेत्रों में इनका इस्तेमाल बढ़ने की उम्मीद है. रोबोटिक्स में चीन की मजबूत स्थिति रोबोटिक्स के क्षेत्र में चीन ने पिछले कुछ वर्षों में अपनी स्थिति काफी मजबूत की है. खासकर मैन्युफैक्चरिंग, रोबोट उत्पादन और सप्लाई चेन में चीन की भूमिका तेजी से बढ़ी है. ह्यूमनॉइड रोबोट के क्षेत्र में भी चीन लगातार नए प्रयोग कर रहा है. 100 मीटर की दौड़ में 9.32 सेकंड का यह प्रदर्शन इसी बढ़ती तकनीकी क्षमता की एक झलक है. Also read : सोने की बालियों के लिए 60 साल की स्त्री की हत्या, पानी की टंकी में मिली लाश; CCTV से खुला राज The post Usain Bolt का 17 साल पुराना रिकॉर्ड टूटा! 100 मीटर दौड़ में 9.32 सेकंड का नया कारनामा appeared first on Naya Vichar.

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IND vs SL 2nd Test Day 1: पडिक्कल-गिल ने संभाली भारत की पारी, पंत हुए रिटायर्ड हर्ट, भारत 300/5

IND vs SL 2nd Test Day 1: हिंदुस्तान और श्रीलंका के बीच कोलंबो में दूसरा टेस्ट मैच स्पोर्ट्सा जा रहा है. हिंदुस्तान ने टॉस जीतने के बाद पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया. दूसरे टेस्ट के पहले दिन टीम इंडिया ने मजबूत शुरुआत की. दिन का स्पोर्ट्स खत्म होने तक हिंदुस्तान ने 5 विकेट के नुकसान पर 300 रन बना लिए हैं. देवदत्त पडिक्कल ने लगातार दूसरे टेस्ट में शतक जड़कर शानदार फॉर्म जारी रखा, जबकि शुभमन गिल ने भी अर्धशतक लगाया. दिन के अंत तक ध्रुव जुरेल और डेब्यू कर रहे सारांश जैन क्रीज पर मौजूद हैं. जायसवाल 45 रन बनाकर आउट पहले दिन हिंदुस्तानीय टीम को शुरुआत में ही दो बड़े झटके लगे. यशस्वी जायसवाल 45 रन बनाकर आउट हुए, जबकि केएल राहुल ने 18 रन की पारी स्पोर्ट्सी. इसके बाद शुभमन गिल और देवदत्त पडिक्कल ने पारी को संभाला और तीसरे विकेट के लिए शानदार शतकीय साझेदारी की. गिल ने 50 रन पूरे किए, लेकिन इसके तुरंत बाद असिथा फर्नांडो की गेंद पर आउट हो गए. गिल के आउट होने के बाद ऋषभ पंत बल्लेबाजी के लिए मैदान पर आए. पंत हुए रिटायर्ड हर्ट पहले टेस्ट मैच में अर्धशतक लगाने के बाद पंत दूसरे टेस्ट में भी अच्छी फॉर्म में बल्लेबाजी करते नजर आ रहे थे. पंत दूसरे टेस्ट मैच में काफी समझदारी से बल्लेबाजी कर रहे थे. लेकिन लाहिरू कुमारा की गेंद उनकी कलाई की हड्डी पर लगी, जिसके बाद उन्हें मैदान से बाहर जाना पड़ा. पंत के रिटायर्ड हर्ट होने के बाद रविंद्र जडेजा बल्लेबाजी के लिए आए. ये भी पढ़ें: Nathan Lyon: 600 अंतरराष्ट्रीय विकेट पूरे कर रचा इतिहास, ऐसा करने वाले ऑस्ट्रेलिया के पांचवें गेंदबाज बने पडिक्कल ने लगातार दूसरे टेस्ट में जड़ा शतक देवदत्त पडिक्कल ने एक बार फिर अपनी बल्लेबाजी का दम दिखाया. उन्होंने लगातार दूसरे टेस्ट मैच में शतक पूरा किया. अपनी पारी के दौरान पडिक्कल ने 12 चौके लगाए और टीम इंडिया को मजबूत स्थिति में पहुंचाया. उन्होंने 193 गेंदों पर 117 रन की पारी स्पोर्ट्सी. पडिक्कल और जडेजा ने भी उपयोगी साझेदारी की और हिंदुस्तान को 250 रन के पार पहुंचाया. पहले दिन हिंदुस्तान की स्थिति मजबूत पहले दिन के स्पोर्ट्स के बाद हिंदुस्तानीय टीम मजबूत स्थिति में नजर आ रही है. दिन के अंत तक हिंदुस्तान 300/5 के स्कोर पर है. श्रीलंका की तरफ से सबसे सफल गेंदबाज असिथा फर्नांडो रहे. यशस्वी जायसवाल ने 45, केएल राहुल 18, शुभमन गिल ने 50 और जडेजा 43 रन बनाकर आउट हो गए. ध्रुव जुरेल नाबाद 7 और सारांश जैन 4 रन बनाकर क्रीज पर मौजूद हैं. श्रीलंका के लिए असिथा फर्नांडो ने 3 विकेट लिए. अब दूसरे दिन ध्रुव जुरेल और डेब्यू कर रहे सारांश जैन पर सबकी निगाहें होंगी. हिंदुस्तान अपनी पहली पारी में 450 रन का आंकड़ा छूने की कोशिश करेगा. दोनों टीमों की प्लेइंग 11 हिंदुस्तान: यशस्वी जयसवाल, केएल राहुल, देवदत्त पडिक्कल, शुबमन गिल (कप्तान), ऋषभ पंत (विकेटकीपर), रवींद्र जड़ेजा, ध्रुव जुरेल, सारांश जैन, मानव सुथार, मोहम्मद सिराज, प्रसिद्ध कृष्णा श्रीलंका: लाहिरू उदारा, कामिल मिशारा, पसिंदु सोरियाबंदरा, कामिंडु मेंडिस, धनंजय डी सिल्वा (कप्तान), सोनल दिनुशा, निरोशन डिकवेला (डब्ल्यू), केशरा नुवांथा, प्रभात जयसूर्या, लाहिरू कुमारा, असिथा फर्नांडो ये भी पढ़ें: IND vs SL 2nd Test: देवदत्त पडिक्कल ने जड़ा लगातार दूसरा शतक, 117 रन की पारी से नंबर-3 पर पक्की की जगह The post IND vs SL 2nd Test Day 1: पडिक्कल-गिल ने संभाली हिंदुस्तान की पारी, पंत हुए रिटायर्ड हर्ट, हिंदुस्तान 300/5 appeared first on Naya Vichar.

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बाढ़ के खतरे को लेकर पटना से भागलपुर तक हाई अलर्ट पर प्रशासन , गंगा नदी के बढ़ते जलस्तर ने बढ़ाई टेंशन

Bihar Flood Alert: गंगा का पानी इस वक्त बिहार के कई इलाकों में लोगों की टेंशन बढ़ा रहा है. नदी का जलस्तर लगातार ऊपर जा रहा है और इसके साथ ही दियारा से लेकर शहरों के निचले इलाकों तक बाढ़ का खतरा गहराने लगा है. कहीं सड़क संपर्क प्रभावित हुआ है, कहीं घाट पानी में समा गए हैं तो कहीं कटाव की जद में खेत और घर आ गए हैं. निचले इलाकों में रह रहे लोग परेशान सबसे ज्यादा चिंता पटना से भागलपुर तक गंगा किनारे बसे निचले इलाकों को लेकर है. प्रशासन जलस्तर पर लगातार नजर रख रहा है और राहत-बचाव टीमों को पटना से भागलपुर तक अलर्ट मोड पर रखा गया है. जानकारी के मुताबिक, पटना जिले में करजान-ताजपुर सेतु का अस्थायी पुल गंगा के बढ़ते पानी में डूब गया. इसकी वजह से आसपास के ग्रामीण इलाकों में पानी का दबाव बढ़ने लगा है. पटना के दियारा क्षेत्रों में भी गंगा का पानी फैल रहा है. पटना के कई घाटों पर चढ़ा पानी पटना में गंगा के बढ़ते जलस्तर का असर घाटों पर साफ दिखाई दे रहा है. गांधी घाट पर नदी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है. आसपास के निचले इलाकों में पानी फैलने के बाद प्रशासन ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है. प्रशासन ने संवेदनशील इलाकों पर नजर बढ़ा दी है, जबकि NDRF की टीमें राहत और बचाव के लिए तैयार हैं. बड़हिया में घाट पर बढ़ रहा गंगा का पानी दूसरी तरफ, लखीसराय जिले की बात करें तो, बड़हिया में भी गंगा का पानी लगातार बढ़ रहा है. आगामी सोमवारी को घाटों पर उमड़ने वाली संभावित भीड़ को देखते हुए जिला प्रशासन ने सुरक्षा तैयारियां तेज कर दीं हैं. डीएम शैलेंद्र कुमार के नेतृत्व में प्रशासनिक टीम ने बीएनएम कॉलेज गंगा घाट समेत अलग-अलग घाटों का निरीक्षण किया. टूटे सीढ़ी घाट पर जाली लगाने, पर्याप्त रोशनी, पार्किंग, माइकिंग, आपदा मित्रों और पुलिस बल की तैनाती के निर्देश दिए गए. मुंगेर में भी भयावह स्थिति इसके अलावा मुंगेर जिले में भी गंगा का जलस्तर तेजी से बढ़ता जा रहा है. यहां ग्रामीणों के लिए सबसे बड़ा खतरा सिर्फ बढ़ता पानी नहीं, बल्कि गंगा का कटाव है. ग्रामीणों को डर है कि कटाव की रफ्तार नहीं थमी तो खेतों के बाद उनके घर भी नदी की चपेट में आ सकते हैं. इसके साथ ही भागलपुर जिले में भी खतरा बढ़ता जा रहा है. पटना से भागलपुर तक अलर्ट इस तरह से पटना से भागलपुर जिले तक हाई अलर्ट जारी कर दिया गया है. निचले इलाकों में SDRF और NDRF को तैनात कर दिया गया है. कई घाट पानी से लबालब हो चुके हैं और नदी का पानी शहर से सटे निचले इलाकों की ओर बढ़ रहा है. अगर बारिश और गंगा का बढ़ता जलस्तर साथ-साथ जारी रहा, तो आने वाले दिनों में स्थिति और गंभीर हो सकती है. Also Read: औरंगाबाद-बिहटा रेल लाइन प्रोजेक्ट को लेकर अपडेट, जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू, यहां बनेगा नया टर्मिनल The post बाढ़ के खतरे को लेकर पटना से भागलपुर तक हाई अलर्ट पर प्रशासन , गंगा नदी के बढ़ते जलस्तर ने बढ़ाई टेंशन appeared first on Naya Vichar.

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Best Helmet Types for Bikers: फुल-फेस से लेकर ओपन-फेस तक, जानें कौन सा हेलमेट है आपके लिए बेस्ट

दुपहिया वाहन (बाइक या स्कूटर) चलाते समय हेलमेट सिर्फ एक कानूनी औपचारिकता नहीं, बल्कि आपकी जिंदगी बचाने वाली सबसे जरूरी सुरक्षा ढाल (Safety Shield) है. आज हिंदुस्तानीय बाजार में अलग-अलग राइडिंग स्टाइल, स्पीड और रास्तों के हिसाब से कई तरह के हेलमेट उपलब्ध हैं. लेकिन अक्सर लोग स्टाइल या कम कीमत के चक्कर में ऐसा हेलमेट चुन लेते हैं जो दुर्घटना के वक्त पर्याप्त सुरक्षा नहीं दे पाता. यदि आप अपने या अपने परिवार के लिए नया हेलमेट खरीदने का विचार कर रहे हैं, तो सड़क पर उतरने से पहले यह जानना बेहद जरूरी है कि आपकी राइडिंग आदतों के हिसाब से कौन सा हेलमेट आपके लिए सबसे सही और सुरक्षित रहेगा. 1. फुल-फेस हेलमेट (Full-face Helmets) – सुरक्षा का सबसे मजबूत कवच सड़क सुरक्षा विशेषज्ञों के अनुसार फुल-फेस हेलमेट राइडर्स को सबसे ज्यादा और पूरी सुरक्षा देता है. इसका वन-पीस डिजाइन आपके सिर, गर्दन और विशेष रूप से ठुड्डी (Chin) को पूरी तरह कवर करता है. अक्सर दुर्घटनाओं के दौरान ठुड्डी पर सबसे ज्यादा प्रभाव पड़ता है, जिसे यह हेलमेट सुरक्षित रखता है. खास फीचर्स: इंटीग्रेटेड वाइजर (धूल-धूप से बचाव के लिए), हवा के बहाव के लिए एडवांस्ड वेंटिलेशन और कम विंड-नॉइज. किनके लिए सही है: हाई-स्पीड राइडिंग करने वालों, हाइवे पर लंबी दूरी तय करने वाले बाइकर्स और सुरक्षा को पहली प्राथमिकता देने वाले राइडर्स के लिए यह बेस्ट है. 2. मॉड्यूलर या फ्लिप-अप हेलमेट (Modular Helmets) – फ्लेक्सिबिलिटी का बेहतरीन कॉम्बिनेशन मॉड्यूलर हेलमेट फुल-फेस और ओपन-फेस दोनों का फायदा एक साथ देते हैं. इसमें एक हिंज (Hinged Mechanism) लगा होता है, जिसकी मदद से आप ठुड्डी वाले हिस्से (Chin Bar) को ऊपर उठाकर इसे ओपन-फेस हेलमेट में बदल सकते हैं. खास फीचर्स: राइडिंग के दौरान रुककर पानी पीने या किसी से बात करने के लिए पूरा हेलमेट उतारने की जरूरत नहीं होती. जरूरी सावधानी: हमेशा ऐसा मॉड्यूलर हेलमेट खरीदें जिसमें P/J (Double Homologation) अप्रूवल हो, ताकि इसे चिन-बार ऊपर करके भी सुरक्षित तरीके से चलाया जा सके. किनके लिए सही है: लॉन्ग टूरिंग राइडर्स और ट्रैफिक में बार-बार रुकने वाले बाइकर्स के लिए यह बेहद सुविधाजनक है. 3. ओपन-फेस या ¾ हेलमेट (Open-face Helmets) – सिटी राइडर्स और स्कूटर चालकों की पसंद यह हेलमेट सिर के ऊपरी भाग, पिछले हिस्से और कानों को ढकता है, लेकिन चेहरा और ठुड्डी खुली रहती है. खास फीचर्स: यह वजन में काफी हल्का होता है, इसमें वाइड विजन (Wide Field of Vision) मिलता है और हवा आसानी से आती-जाती रहती है. सुरक्षा स्तर: इसमें चिन गार्ड न होने के कारण यह फुल-फेस हेलमेट जितना सुरक्षित नहीं माना जाता. किनके लिए सही है: शहर में कम स्पीड पर स्कूटर या मोपेड चलाने वाले और डेली कम्यूटर्स के लिए यह काफी लोकप्रिय है. 4. हाफ हेलमेट (Half Helmets) – हल्का लेकिन न्यूनतम सुरक्षा हाफ हेलमेट या ‘स्कल कैप्स’ सिर्फ सिर के ऊपरी हिस्से को ढकते हैं और चेहरा, कान व गर्दन पूरी तरह खुले रहते हैं. खास फीचर्स: यह सबसे हल्का विकल्प होता है और इसमें अधिकतम हवा का अहसास होता है. सुरक्षा स्तर: हादसों के दौरान यह न्यूनतम सुरक्षा देता है, इसलिए दैनिक राइडिंग या हाई-स्पीड के लिए यह बिल्कुल भी सुरक्षित नहीं है. किनके लिए सही है: धीमी गति से क्रूजर या लो-स्पीड स्कूटर चलाने वाले लोग जिन्हें बेहद हल्का डिजाइन पसंद है. 5. डुअल-स्पोर्ट और ऑफ-रोड हेलमेट (Dual-Sport & Off-road Helmets) – एडवेंचर के शौकीनों के लिए डुअल-स्पोर्ट हेलमेट: यह फुल-फेस और ऑफ-रोड का मिक्सचर (Hybrid) है. इसमें धूप और धूल से बचाने के लिए ऊपर ‘पीक’ (Peak) और बड़ा वाइजर होता है. यह उन बाइकर्स के लिए परफेक्ट है जो ऑन-रोड और ऑफ-रोड दोनों जगह राइड करते हैं. ऑफ-रोड (मोटोग्रॉस) हेलमेट: यह विशेष रूप से डर्ट बाइकिंग और कठिन रास्तों के लिए डिजाइन किया जाता है. इसमें शीशा (Visor) नहीं होता, बल्कि गॉगल्स (Goggles) पहनने के लिए बड़ा आई-पोर्ट और बेहतरीन वेंटिलेशन दिया जाता है. सही हेलमेट चुनते समय ध्यान रखें ये बातें केवल सही प्रकार का हेलमेट चुनना ही काफी नहीं है, खरीदते समय हमेशा ISI (IS:4151), DOT या ECE सर्टिफिकेशन मार्क जरूर चेक करें. कभी भी बिना सर्टिफिकेशन वाले सस्ते या नकली लोकल हेलमेट न खरीदें. इसके अलावा हेलमेट का साइज सिर के हिसाब से बिल्कुल सही (Snug Fit) होना चाहिए ताकि दुर्घटना के वक्त वह सिर से अलग न हो. FAQs (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल) {“type”:”faq”,”question”:”Q1. बाइक और स्कूटर सवारों के लिए सबसे सुरक्षित हेलमेट कौन सा माना जाता है?”,”answer”:”उत्तर: फुल-फेस हेलमेट (Full-face Helmet) को सबसे सुरक्षित माना जाता है क्योंकि यह सिर, गर्दन, चेहरे और ठुड्डी को 100% कवरेज और सुरक्षा देता है.”}{“type”:”faq”,”question”:”Q2. क्या हिंदुस्तान में बिना ISI मार्क वाला हेलमेट पहनकर गाड़ी चलाना वैध है?”,”answer”:”उत्तर: नहीं, हिंदुस्तान में बीआईएस नियम के तहत बिना ISI (IS:4151) सर्टिफिकेशन मार्क वाले हेलमेट पहनकर गाड़ी चलाना गैर-कानूनी है और इस पर चालान कट सकता है.”}{“type”:”faq”,”question”:”Q3. ओपन-फेस और फुल-फेस हेलमेट में मुख्य अंतर क्या है?”,”answer”:”उत्तर: फुल-फेस हेलमेट में ठुड्डी की सुरक्षा के लिए रिजिड चिन-बार होता है, जबकि ओपन-फेस हेलमेट में चेहरा और ठुड्डी खुली रहती है, जिससे उसमें सुरक्षा कम लेकिन वेंटिलेशन ज्यादा मिलता है.”} ये भी पढ़ें: ₹80 हजार के बजट में आती हैं Bajaj की ये 3 बाइक्स, 70kmpl तक माइलेज; ऑफिस-कॉलेज जाने वालों के लिए रहेंगी बेस्ट ये भी पढ़ें: बार-बार रिजर्व मोड में चलाते हैं बाइक? इंजन से लेकर माइलेज तक पर पड़ सकता है असर, जानें नुकसान The post Best Helmet Types for Bikers: फुल-फेस से लेकर ओपन-फेस तक, जानें कौन सा हेलमेट है आपके लिए बेस्ट appeared first on Naya Vichar.

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पिछली सरकारों ने केंद्र का नहीं किया सहयोग, ‘डबल इंजन’ सरकार बदलेगी बंगाल की तस्वीर : शुभेंदु अधिकारी

Kolkata News Today: कोलकाता के गार्डनरीच शिपबिल्डर्स एंड इंजीनियर्स (GRSE) परिसर में आयोजित एक महत्वपूर्ण कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने पिछली टीएमसी और लेफ्ट फ्रंट की प्रशासनों पर हमला बोला. उन्होंने कहा कि पिछले 50 वर्षों की नकारात्मकता और केंद्र-राज्य के बीच खींचतान का दौर अब समाप्त हो चुका है. ‘डबल इंजन’ प्रशासन के माध्यम से राज्य का तेजी से विकास सुनिश्चित किया जायेगा. 5 ब्राउनफील्ड विस्तार परियोजनाओं का भूमि पूजन रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी की मौजूदगी में जीआरएसई (GRSE) और यंत्र इंडिया लिमिटेड (YIL) की 3,500 करोड़ रुपए से अधिक की लागत वाली 5 ‘ब्राउनफील्ड’ विस्तार परियोजनाओं का भूमि पूजन किया और उसकी आधारशिला रखी. इसके तहत रायचक (Raichak) में हुगली नदी के किनारे 32 एकड़ क्षेत्र में लगभग 2,500 करोड़ रुपए से अधिक का शिपयार्ड परिसर विकसित किया जायेगा. इसमें युद्धपोत और 60,000 डीब्ल्यूटी (DWT) क्षमता वाले व्यावसायिक जहाजों का निर्माण हो सकेगा. ये भी पढ़ें: जीआरएसई और यंत्र इंडिया की 3,500 करोड़ की परियोजनाओं की शुरुआत, राजनाथ बोले- वैश्विक पोत निर्माण का केंद्र बनेगा हिंदुस्तान शालीमार और खिदिरपुर का होगा कायाकल्प शालीमार के टिंबर पॉन्ड और खिदिरपुर डॉक्स स्थित दामोदर फैसिलिटी का पुनरोद्धार किया जायेगा. यहां मध्यम आकार के जहाजों की मरम्मत और इलेक्ट्रिक फेरी निर्माण को बढ़ावा दिया जायेगा. टिंबर पॉन्ड के पुनरोद्धार पर 100 करोड़ रुपए खर्च होंगे. दामोदर फैसिलिटी को नया स्वरूप देने के लिए 70 करोड़ रुपए खर्च किये जायेंगे. इच्छापुर (YIL) में रक्षा विनिर्माण को गति यंत्र इंडिया लिमिटेड के अंतर्गत 277 करोड़ रुपए की फोर्जिंग प्रेस और 473 करोड़ रुपए के रेडियल फोर्जिंग प्लांट की आधारशिला रखी गयी, जो बंदूक की बैरल, आयुध सामग्री और एयरोस्पेस घटकों का उत्पादन बढ़ायेगा. ये भी पढ़ें: ‘ट्रायंगुलर सिक्यूरिटी ग्रिड’ से मजबूत होगी ‘चिकेन नेक’ की सुरक्षा, सिलीगुड़ी में बोले अमित शाह बंगाल में खुल रहे विकास के द्वार इस अवसर पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि बंगाल का औद्योगिक माहौल बदल रहा है. कारखानों में तालाबंदी (Lockout) की समाचारों की जगह अब नयी औद्योगिक परियोजनाओं के शुभारंभ ने ले ली है. उन्होंने कहा कि इन परियोजनाओं से राज्य में प्रत्यक्ष रोजगार पैदा होने के साथ-साथ सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योगों के लिए नये अवसरों का सृजन होगा. The post पिछली प्रशासनों ने केंद्र का नहीं किया सहयोग, ‘डबल इंजन’ प्रशासन बदलेगी बंगाल की तस्वीर : शुभेंदु अधिकारी appeared first on Naya Vichar.

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‘नवपंचम राजयोग’ लाएगा मकर राशि वालों के जीवन में बहार, धन और करियर में होगी बड़ी तरक्की

Shani Guru Navpancham Rajyog 2026: द्रिक पंचांग और वैदिक ज्योतिष शास्त्र की गणना के अनुसार 1 सितंबर को शनि और बृहस्पति एक दूसरे से 120 डिग्री कोणीय दूरी पर अवस्थित रहेंगे. शनि-गुरु की नवपंचम दृष्टि से नवपंचम नामक राजयोग बनेगा. वैसे तो शनि-गुरु का यह राजयोग सभी 12 राशियों के जातकों के जीवन पर कुछ न कुछ प्रभाव डालेगा, लेकिन मकर राशि वालों के जीवन में बड़ा बदलाव आ सकता है. ज्योतिष शास्त्र के जानकार पं.धनंजय पांडेय बता रहे हैं कि शनि-गुरु का यह नवपंचम योग मकर राशि वालों के करियर और आर्थिक जीवन पर गहर प्रभाव डालेगा. मकर राशि वालों के करियर में क्या होगा बदलाव? शनि-गुरु के इस नवपंचम राजयोग के करयिर में स्थिरता देखने को मिलेगी. ऐसे काम जो लंबे समय से पेंडिंग चल रहे थे, वे अब सफलतापूर्वक संपन्न होंगे. कार्यस्थल पर मेहनत और कार्यों की सराहना की जाएगी. जीवन में तरक्की के नए रास्ते खुलेंगे. शनि के प्रभाव से कार्यक्षेत्र में कभी-कभी चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है. सफलता के जबरदस्त योग करियर में सफलता के जबरदस्त योग बनेंगे लेकिन इसके लिए कठोर परिश्रम करने की जरूरत होगी. कार्यक्षेत्र में अधिक मेहनत करनी पड़ेगी. कार्यस्थल पर काम का दबाव महसूस कर सकते हैं. हालांकि, अपनी क्षमता का पूरा-पूरा इस्तेमाल करने से सफलता मिलेगी. कार्यों में जल्दबाजी से बचें चूंकि, शनि सभी ग्रहों में सबसे धीमी चाल से संचरण करता है. ऐसे में ऐसी उम्मीद न रखें कि किसी भी काम का नतीजा तुरंत मिल जाएगा. लक्ष्यों पर क्रेंदित होकर धैर्य रखना होगा. मकर राशि के जातक अगर कार्यों में जल्दबाजी करेंगे, तो उन्हें भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है. कार्यक्षेत्र में मिलेगी जिम्मेदारी कार्यक्षेत्र में बड़ी जिम्मेदारियां मिलेंगी जिससे आपकी परीक्षा ली जा सकती है. ऐसे में इस दौरान आपको अपनी जिम्मेदारी को बखूबी निभाना होगा. अगर इस पर खड़े उतरते हैं, तो अपको करियर में जबरदस्त तरक्की देखने को मिलेगी. इस दौरान करियर का ग्राफ बहुत तेजी से बढ़ेगा. ये भी पढ़ें: गुरु के नक्षत्र गोचर से संवर जाएगी 5 राशि वालों की तकदीर! बंपर लाभ के हैं योग विवादों से बचकर रहना होगा कार्यक्षेत्र में अपको अपने सहकर्मियों के साथ तालमेल बनाकर चलना होगा. इसके साथ ही बड़े अधिकारियों से साथ मधुर संबंध रखना होगा. कार्यस्थल पर मिलकर काम करने से अच्छे परिणाम नजर आएंगे. हालांकि, कार्यक्षेत्र या कार्यस्थल पर किसी भी प्रकार के वाद-विवाद या लड़ाई-झगड़े से बचकर रहना होगा. आर्थिक जीवन पर क्या पड़ेगा प्रभाव? आर्थिक विस्तार- ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, चूंकि बृहस्पति नॉलेज, विस्तार और शुभता का कारक है. ऐसे में मकर राशि वालों के आर्थिक जीवन में भी बहुत हद तक विस्तार देखने को मिलेगा. गुरु के शुभ प्रभाव से आर्थिक स्थिति पहले से सुदृढ़ होगी. आमदनी के नए स्रोत बनेंगे. परिश्रम और निवेश का अच्छा परिणाम मिल मिलेगा. बचत पर रखना होगा ध्यान- गुरु के राशि परिवर्तन की वजह से खर्च बढ़ेगा. सेहत, परिवार या परिवार में किसी आवश्यक कार्यों पर खर्च करना पड़ सकता है. ऐसे में आपको खर्च पर नियंत्रण रखना होगा. साथ ही बचत पर ध्यान देना होगा. ये भी पढ़ें: शुक्र के नक्षत्र परिवर्तन से अचानक पलटेगी 5 राशि वालों की किस्मत, बड़े आर्थिक लाभ के योग निवेश के लिए कैसा रहेगा समय- निवेश के लिए भी यह समय अनुकूल है. हालांकि, किसी भी बड़े आर्थिक फैसले से पहले सलाह जरूर लें. बृहस्पति की वजह से धन लाभ के नए अवसर प्राप्त होंगे. सही समय पर सही जगह निवेश करने से लाभ का योग बनेगा. कर्ज का निकलेगा समाधान- अगर आप किसी प्रकार के कर्ज से जूझ रहे हैं, तो उसका समाधान निकलेगा. बृहस्पति के प्रभाव से आपकी आर्थिक स्थिति मजबूत होगी. The post ‘नवपंचम राजयोग’ लाएगा मकर राशि वालों के जीवन में बहार, धन और करियर में होगी बड़ी तरक्की appeared first on Naya Vichar.

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