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CP Radhakrishnan Deoghar Visit Live: AIIMS देवघर के होनहारों का सम्मान: उपराष्ट्रपति ने बांटी मेडिकल डिग्रियां, 11 छात्रों को मिला विशेष पुरस्कार

उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन देवघर पहुंचे हैं. वे एम्स के दीक्षांत समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे और छात्रों को डिग्री प्रदान करेंगे. The post CP Radhakrishnan Deoghar Visit Live: AIIMS देवघर के होनहारों का सम्मान: उपराष्ट्रपति ने बांटी मेडिकल डिग्रियां, 11 छात्रों को मिला विशेष पुरस्कार appeared first on Naya Vichar.

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अभिजीत दीपके-सौरभ दास सहित CJP प्रोटेस्ट के 5 बड़े नेता डिटेन, ध्रुव राठी गुरुग्राम से हिरासत में लिए गए

CJP ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन का आह्वान किया है. जिसके लिए CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके मुंबई से दिल्ली पहुंचे थे. उन्हें दिल्ली एयरपोर्ट पर उतरने के बाद हिरासत में लिया गया. पार्टी के सह-संयोजक सौरभ दास और नेता आशुतोष रांका को भी विमान से उतरने के बाद हिरासत में ले लिया गया है. ध्रुव राठी को भी हिरासत में लिया गया यूट्यूबर ध्रुव राठी को दिल्ली से सटे गुरुग्राम में हिरासत में लिया गया. टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, गुरुग्राम पुलिस के सादे कपड़ों में आए कर्मियों ने उन्हें शनिवार सुबह हिरासत में लिया. पुलिस के एक अधिकारी ने कहा कि राठी को दिल्ली में प्रदर्शन की अनुमति नहीं होने और बीएनएस 163 लागू होने के बारे में समझाने की कोशिश की गई थी, लेकिन वह प्रदर्शन में शामिल होने की बात कह रहे थे. सीजेपी के लीगल हेड रत्ना सिंह भी हिरासत में CJP की कानूनी टीम की प्रमुख रत्ना सिंह ने भी हिरासत में लिए जाने की बात कही है. टाइम्स ऑफ इंडिया के मुताबिक, उन्होंने बताया कि उन्हें तीन अन्य वकीलों के साथ हिरासत में लिया गया. क्यों हो रहा है प्रदर्शन? CJP ने 10 अक्टूबर को दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन का आह्वान किया था. पार्टी मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग कर रही है. प्रदर्शन का एक प्रमुख मुद्दा मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर उठाए गए सवाल हैं. प्रदर्शनकारियों ने मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों और वोटरों के नाम हटाए जाने पर चिंता जताई है. ये भी पढ़ें: दिल्ली प्रोटेस्ट से दूर कहां हैं सोनम वांगचुक? वीडियो शेयर कर क्यों बोले- और भी गम हैं जमाने में, सियासत के सिवा दिल्ली पुलिस ने प्रदर्शन की अनुमति देने से इनकार कर दिया था. इसके बाद राजधानी में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी की गई और कई इलाकों में बैरिकेडिंग की गई. रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, पुलिस ने प्रदर्शन से पहले दिल्ली में करीब 200 लोगों को हिरासत में लिए जाने की जानकारी दी. पुलिस की कार्रवाई और प्रदर्शन की अनुमति को लेकर CJP तथा प्रशासन के बीच टकराव बढ़ गया है. The post अभिजीत दीपके-सौरभ दास सहित CJP प्रोटेस्ट के 5 बड़े नेता डिटेन, ध्रुव राठी गुरुग्राम से हिरासत में लिए गए appeared first on Naya Vichar.

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CJP Protest Video: ‘मैं यहां गिरफ्तार होने आया हूं’, देखें अभिजीत दीपके के साथ फ्लाइट के अंदर क्या हुआ

CJP Protest Video: कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रमुख अभिजीत दीपके, सौरव दास और आशुतोष रांका को उनकी फ्लाइट के अंदर से ही हिरासत में ले लिया गया. तीनों को दिल्ली में प्रदर्शन में शामिल होना था. प्रदर्शन से पहले दिल्ली पुलिस ने सुरक्षा बढ़ा दी है और कई जगहों पर प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया जा रहा है. अभिजीत दीपके को लेकर दिल्ली पहुंची फ्लाइट के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय (IGI) एयरपोर्ट पर उतरने के कुछ देर बाद दिल्ली पुलिस के जवान विमान के अंदर पहुंचे. इस दौरान अभिजीत दीपके ने पुलिस से कहा, “मैं यहां गिरफ्तार होने आया हूं, मुझे गिरफ्तार कर लीजिए.” इस पर पुलिसकर्मियों ने जवाब दिया, “नहीं, यह गिरफ्तारी नहीं है. कृपया सहयोग करें.” सीजेपी ने बयान जारी कर अपने नेताओं को हिरासत में लिए जाने की निंदा की है. पार्टी का आरोप है कि उसके नेताओं को प्रदर्शन स्थल तक पहुंचने से रोकने के लिए पहले से योजना बनाई गई थी. सीजेपी के नेता मुंबई से दिल्ली पहुंचे थे, ताकि जंतर-मंतर पर प्रस्तावित प्रदर्शन में शामिल हो सकें. View on Instagram The post CJP Protest Video: ‘मैं यहां गिरफ्तार होने आया हूं’, देखें अभिजीत दीपके के साथ फ्लाइट के अंदर क्या हुआ appeared first on Naya Vichar.

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CJP Protest: भारत में आंदोलन के बिना पद क्यों नहीं छोड़ते आरोपी मंत्री-अधिकारी, ब्रिटेन में 5 साल में 4 प्रधानमंत्रियों ने छोड़ी कुर्सी

जून 2023 में बालासोर ट्रेन हादसे में 250 से ज्यादा लोगों की मौत हुई, लेकिन रेलवे मंत्री का इस्तीफा नहीं हुआ. अप्रैल 2026 में पहलगाम में आतंकियों ने नाम पूछकर 26 लोगों की हत्या की, लेकिन किसी मंत्री की जावबदेही तय नहीं हुई. सितंबर 2025 को तमिलनाडु के करूर में अभिनेता से नेता बने विजय की रैली में 39 लोग मारे गए. इसके 8 महीने बाद विजय मुख्यमंत्री बन गए. इन घटनाओं ने नेतृत्वक और प्रशासनिक जवाबदेही को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए. कांग्रेस, बीजेपी समेत तमाम नेतृत्वक दलों के नेता और बड़े अधिकारी गंभीर आरोपों के बावजूद अपने पद पर बने रहते हैं. 25 जुलाई 2026 को बीते 12 सालों में पहली बार ऐसा हुआ, जब हिंदुस्तान प्रशासन ने विरोध प्रदर्शनों के चलते ताकतवर मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से इस्तीफा लिया. अब 77 दिनों के बाद एक बार फिर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) से इस्तीफा मांगने के लिए दिल्ली में प्रदर्शन कर रही है. लेकिन, क्या आपने कभी सोचा है कि हिंदुस्तान में गंभीर आरोपों के बाद भी नेता और अधिकारी पद क्यों नहीं छोड़ते हैं? एक गर्भवती हिंदुस्तानीय स्त्री की मौत पर पुर्तगाली स्वास्थ्य मंत्री ने दिया था इस्तीफा साल 2018 की बात है. डॉक्टर मार्टा टेमिडो पुर्तगाल की स्वास्थ्य मंत्री बनीं. 2 साल बाद कोरोना काल के दौरान टेमिडो ने देश को इस महामारी से उबारने में खास भूमिका निभाई. इसके बाद वह पूरे देश की आइकॉन लेडी बन गईं. लेकिन, 2022 में एक हिंदुस्तानीय गर्भवती स्त्री की मौत के बाद मंत्री टेमिडो ने अपनी जिम्मेदारी स्वीकारते हुए पद से इस्तीफा दे दिया था. रिपोर्ट्स के मुताबिक, मैटरनिटी वॉर्ड में जगह न मिलने की वजह से एक 34 वर्षीय गर्भवती हिंदुस्तानीय पर्यटक को दूसरे अस्पताल ट्रांसफर किया गया, लेकिन रास्ते में ही उसकी मौत हो गई. इस घटना की जिम्मेदारी स्वीकार करते हुए मार्टा टेमिडो ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया. इसी तरह जापान में नाओतो कान ने 2011 में फुकुशिमा परमाणु आपदा के बाद प्रधानमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था. उन्होंने इस घटना की जिम्मेदारी किसी और पर देने के बजाय खुद स्वीकार किया था. गंभीर आरोपों में घिरने के बाद भी हिंदुस्तानीय नेता और अधिकारी पद क्यों नहीं छोड़ते हैं? पूर्व राज्यसभा सांसद फौजिया खान अपने एक लेख में बताती हैं कि 1956 में एक रेल दुर्घटना के बाद लाल बहादुर शास्त्री ने रेल मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था. नैतिक जवाबदेही की गहरी भावना से प्रेरित उनके इस फैसले ने नेतृत्व का एक उच्च मानक स्थापित किया, जो आज के समय में बहुत कम देखने को मिलता है. यह घटना तब और अब के बीच के अंतर को जाहीर करता है. इससे पता चलता है कि हिंदुस्तानीय नेतृत्व से जवाबदेही क्यों गायब हो गई है? शास्त्री के तरह ही अधिकारियों की बात करें तो टी. एन. शेषन एक बड़ा उदाहरण हैं. उन्होंने चुनाव व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए कड़े कदम उठाए. इसी तरह, ईमानदार और नियमों को लागू करने वाले अधिकारी भ्रष्टाचार कम कर सकते हैं. लेकिन, अब जो हालात हैं, उसे देखकर लगता है कि हिंदुस्तानीय नेतृत्व में नैतिक उत्तरदायित्व और जवाबदेही लगातार कम होती जा रही है. जहां पहले नेता सीधे तौर पर दोषी न होने पर भी नैतिक कारणों से इस्तीफा दे देते थे, वहीं आज का नेतृत्वज्ञ वर्ग अक्सर ऐसे कदम उठाने से बचता है और दोष दूसरों पर डालने का विकल्प चुनता है. यही वजह है कि अब नेता हो या अधिकारी अपने पद से इस्तीफा देने से बचते हैं. क्या हिंदुस्तानीय नेता और अधिकारी कम जवाबदेह हैं? पूर्व राज्यसभा सांसद फौजिया खान कहती हैं कि जो हालात हैं, उसे देखकर ऐसा ही लगता है कि नेता और अधिकारी लोकतंत्र, संविधान और लोगों के प्रति कम जवाबदेह होते जा रहे हैं. हिंदुस्तानीय नेतृत्व और प्रशासन में जवाबदेही का क्षरण दूरगामी परिणाम लाता है. जब नेता और अधिकारी जिम्मेदारी से बचते हैं, तो व्यवस्था में जनता का विश्वास कम हो जाता है. लोकतंत्र तभी फलता-फूलता है जब उसके नेता अपने कार्यों, नीतियों और निर्णयों के लिए जवाबदेह हों. जवाबदेही के बिना, लोकतांत्रिक शासन की नींव ही कमजोर हो जाती है, जिससे नागरिक अपनी गलतियों को सुधारने के लिए हर पांच साल में होने वाले चुनावों पर ही निर्भर हो जाते हैं. हमें यह समझना होगा कि जवाबदेही केवल एक नेतृत्वक उपकरण नहीं, बल्कि एक नैतिक दायित्व है. जैसा कि नेतृत्वक दार्शनिक हन्ना एरेंड्ट ने कहा था, “नेताओं का दायित्व केवल अपने कार्यों के लिए उत्तर देना ही नहीं है, बल्कि यह सुनिश्चित करना भी है कि सत्ता जनता की सेवा में बनी रहे.” इसलिए हिंदुस्तानीय नेतृत्व को इस भावना को एक बार फिर जिंदा करना होगा. सार्वजनिक संस्थानों को भी यह सुनिश्चित करने में अधिक सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए कि जवाबदेही शासन का एक महत्वपूर्ण पहलू बनी रहे. अब जानिए कैसे आरोपों में घिरते ही 5 साल में 4 प्रधानमंत्रियों ने अपने पद से दिया इस्तीफा लॉकडाउन पार्टी और बोरिस जॉनसन का इस्तीफा: ब्रिटेन में 2022 में तत्कालीन प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन को इस्तीफा देना पड़ा था. उन पर आरोप थे कि कोरोना काल में जब लोग अपने घरों में कैद थे उस वक्त वह अपने दोस्तों के साथ पार्टी कर रहे थे. उन पर आरोप था कि न सिर्फ उन्होंने लॉकडाउन के नियमों का उल्लंघन किया बल्कि अपनी पार्टियों के लिए सदन को झूठ भी कहा. इन विवादों के कुछ दिनों बाद उन्हें अपने पद से इस्तीफा देना पड़ा था. झूठे वादे पर लिज ट्रस ने 45 दिनों में छोड़ी कुर्सी: जॉनसन के बाद कंजर्वेटिव पार्टी ने लिज ट्रस को प्रधानमंत्री नियुक्त किया. लिज देश की आर्थिक स्थिति सुधारने जैसे बड़े वादों के साथ प्रधानमंत्री चुनी गई थी, पीएम बनने के बाद वह एक मिनी बजट लेकर आई जिसका नतीजा यह रहा की ब्रिटेन की करेंसी की वैल्यू क्रैश हो गई. वह वादा पूरा नहीं कर पाई इसके चलते उन्हें 45 दिन के भीतर अपनी कुर्सी छोड़नी पड़ी. पत्नी की कंपनी को फायदा पहुंचाने के आरोप में कुर्सी गई: लिज ट्रस के बाद 2024 में हिंदुस्तानवंशी ऋषि सुनक ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बने, उन्होंने भी देश की वित्तीय स्थिति को लेकर बड़े-बड़े वादे किए. हालांकि, जल्द ही वह अपनी पत्नी अक्षता मूर्ति की

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CJP Protest: दिल्ली में स्कूल-कोर्ट ऑनलाइन, कनॉट प्लेस में दुकानें बंद रखने की सलाह

CJP Protest: मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर होने वाले इस प्रदर्शन के मद्देनजर नई दिल्ली के कई इलाकों में बैरिकेडिंग की गई है. कनॉट प्लेस में दुकानों और दफ्तरों को बंद रखने की सलाह दी गई है. वहीं, पहाड़गंज के कुछ होटलों को बाहर से आने वाले छात्रों और युवाओं को कमरे देने के मामले में सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं. कक्षा 6 से 12 तक की पढ़ाई ऑनलाइन पीटीआई के इनपुट के मुताबिक, सरदार पटेल विद्यालय ने अभिभावकों को सूचित किया है कि शनिवार को कक्षा 6 से 12 तक के विद्यार्थियों की पढ़ाई ऑनलाइन होगी. स्कूल ने नई दिल्ली इलाके में बड़े पैमाने पर बैरिकेडिंग और विद्यार्थियों की सुरक्षा से जुड़ी चिंताओं को देखते हुए यह फैसला लिया है. स्कूल ने शुक्रवार को विद्यार्थियों के लिए स्टे-बैक सुविधा भी बंद कर दी है. शनिवार को होने वाला एक्टिविटी वीक का उद्घाटन कार्यक्रम स्थगित कर दिया गया है. इसकी नई तारीख बाद में घोषित की जाएगी. कई स्कूलों ने बदला कार्यक्रम प्रदर्शन के कारण यातायात प्रभावित होने की आशंका के बीच अन्य स्कूलों ने भी अपने कार्यक्रमों में बदलाव किया है. रघुबीर सिंह जूनियर मॉडर्न स्कूल ने अभिभावक-शिक्षक बैठक की तारीख बदल दी है. हिंदुस्तानीय विद्या भवन के मेहता विद्यालय ने कक्षा 9 से 12 तक के विद्यार्थियों की स्पोर्ट्स दिवस की प्रैक्टिस और अतिरिक्त कक्षाएं रद्द कर दी हैं. कॉलेजों की परीक्षाएं भी स्थगित दिल्ली के कुछ कॉलेजों ने 10 अक्टूबर को होने वाली परीक्षाएं भी टाल दी हैं. हिंदुस्तानी विद्यापीठ कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग ने अपनी मिड-टर्म परीक्षाएं शनिवार से सोमवार के लिए पुनर्निर्धारित की हैं. महाराजा अग्रसेन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी ने भी परीक्षाएं 12 अक्टूबर तक स्थगित कर दी हैं. अदालतों और व्यावसायिक इलाकों में भी असर प्रदर्शन को देखते हुए अदालतों के कामकाज को ऑनलाइन करने की व्यवस्था की गई है. कनॉट प्लेस में दुकानों और दफ्तरों को बंद रखने की सलाह दी गई है, ताकि भीड़ और यातायात संबंधी परेशानियों से बचा जा सके. पहाड़गंज के होटलों को निर्देश द इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, पहाड़गंज के कम से कम छह होटलों को बाहर से आने वाले छात्रों और युवाओं को कमरे देने के संबंध में सतर्क रहने के निर्देश मिले हैं. होटल संचालकों से ऐसे लोगों के पहुंचने पर पुलिस को सूचना देने के लिए भी कहा गया है. ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर प्रदर्शन CJP ने 10 अक्टूबर को जंतर-मंतर पर प्रदर्शन का आह्वान किया है. संगठन मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग कर रहा है. मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर जारी विवाद के बीच यह प्रदर्शन प्रस्तावित है. प्रदर्शन से पहले सुरक्षा व्यवस्था कड़ी किए जाने और मेट्रो सेवाओं में संभावित व्यवधान की आशंका का असर स्कूलों, कॉलेजों और अन्य संस्थानों के कार्यक्रमों पर पड़ा है. ये भी पढ़ें: VIDEO: CJP के प्रदर्शन से पहले दिल्ली पुलिस अलर्ट, RAF-पिंक फोर्स तैनात; बॉडी कैम से रिकॉर्ड होगा एक्शन The post CJP Protest: दिल्ली में स्कूल-कोर्ट ऑनलाइन, कनॉट प्लेस में दुकानें बंद रखने की सलाह appeared first on Naya Vichar.

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Ranchi: मोरहाबादी में चाट खा रहे हैं तो सावधान! जांच में मिला औद्योगिक रंग, पनीर के 2 नमूने फेल

Ranchi Street Food: राजधानी रांची में स्ट्रीट फूड की गुणवत्ता पर सवाल खड़े हो गये हैं. शुक्रवार देर शाम मोरहाबादी वेंडर मार्केट में खाद्य सुरक्षा प्रशासन की जांच के दौरान पनीर के दो नमूने मानकों पर खरे नहीं उतरे, जबकि चाट के दो नमूनों में औद्योगिक रंग की पुष्टि हुई. संयुक्त खाद्य सुरक्षा आयुक्त अनुज प्रसाद के नेतृत्व में चलाये गये अभियान के दौरान 40 स्टॉलों का निरीक्षण किया गया और 22 खाद्य नमूनों की जांच की गयी. इस दौरान मिलावटी खाद्य पदार्थों को नष्ट किया गया. साथ ही सॉस में इस्तेमाल होने वाले रंग और केमिकल की गुणवत्ता, ब्रांड व मात्रा की भी जांच की गयी. इस कार्रवाई ने स्ट्रीट फूड की गुणवत्ता और खाद्य सुरक्षा की निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिये हैं. अभियान में खाद्य सुरक्षा पदाधिकारी डॉ पवन कुमार, अमित कुमार राम, नम्रता महतो, मनीषा, सौरभ सिंह और रवि हांसदा शामिल थे. ये भी पढ़ें- मां रूपी सोरेन की याद में CM हेमंत सोरेन ने निभायी दातून, पानी और भोजन परोसने की परंपरा 500 रुपए का जुर्माना, क्या इससे रुकेगी मिलावट? मोरहाबादी वेंडर मार्केट में नियमों का उल्लंघन करने वाले स्टॉल संचालकों पर 500 रुपये जुर्माना लगाने की बात कही गयी है. हालांकि, खाद्य सुरक्षा से जुड़े गंभीर मामलों में जुर्माने की इस राशि को नाकाफी बताते हुए प्रत्यक्षदर्शियों ने नियमित जांच और सख्त कार्रवाई की मांग की है. मेनका सिंह ने कहा कि खाद्य पदार्थों की आपूर्ति के स्रोत की भी जांच होनी चाहिए और दोषियों के खिलाफ कानून के तहत कठोर कार्रवाई की जानी चाहिए. पहले भी जब्त हो चुकी है मिलावटी पनीर और खोवा की बड़ी खेप रांची और आसपास के इलाकों में मिलावटी खाद्य पदार्थों के खिलाफ पहले भी कार्रवाई हो चुकी है. छह अगस्त 2026 को रातू रोड में 800 किलो से अधिक मिलावटी पनीर और खोवा जब्त किया गया था. जब्त सामग्री को झिरी ले जाकर नष्ट किया गया था. शुरुआती जांच में कुछ उत्पादों में स्टार्च की मिलावट के संकेत मिले थे. इससे पहले 17 जुलाई 2025 को ओरमांझी में 560 किलो पनीर, 20 किलो क्रीम और 20 किलो घी की खेप पकड़ी गयी थी. जांच में पनीर और क्रीम के नमूने मिलावटी पाये जाने के बाद उन्हें नष्ट कर दिया गया था. ये भी पढ़ें- Naya Vichar के पूर्व महाप्रबंधक अंजय शर्मा का निधन, दिल का दौरा पड़ने से हुई मौत The post Ranchi: मोरहाबादी में चाट खा रहे हैं तो सावधान! जांच में मिला औद्योगिक रंग, पनीर के 2 नमूने फेल appeared first on Naya Vichar.

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Delhi Protest: ध्रुव राठी और केके क्रिएट की काव्या सहित कई क्रिएटर डिटेंड

पीटीआई ने सूत्रों के हवाले से बताया है कि यूट्यूबर ध्रुव राठी को उनके गुरुग्राम स्थित आवास से हिरासत में लिया गया है. यह घटनाक्रम दिल्ली में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रदर्शन के बीच सामने आया है. इसके अलावा यूट्यूबर और क्रिएटर काव्या (KK Create) को भी हिरासत में लिया गया है. प्रदर्शन मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और एसआईआर के मुद्दे को लेकर बुलाया गया है. ध्रुव राठी की हिरासत के कारणों और पुलिस की ओर से इस संबंध में आधिकारिक बयान की जानकारी फिलहाल सामने नहीं आई है. पीटीआई ने एक्स पोस्ट में ध्रुव राठी के डिटेंड किए जाने की दी जानाकारी- बेंगलुरु के प्रदर्शन में शामिल हुए थे ध्रुव राठी इससे पहले ध्रुव राठी 8 अक्टूबर को बेंगलुरु के फ्रीडम पार्क में CJP के प्रदर्शन में शामिल हुए थे. वहां उन्होंने एसआईआर और चुनाव आयोग की जवाबदेही को लेकर सवाल उठाए थे. ये भी पढ़ें: 500 प्रदर्शनकारी डिटेंड, 50 के आपराधिक रिकॉर्ड का दावा, दिल्ली के सभी स्टेडियमों में बनाए गए हिरासत केंद्र वहीं, 9 अक्टूबर को उन्होंने दिल्ली पहुंचने के बाद एक वीडियो भी जारी किया था, जिसमें राजधानी में सुरक्षा व्यवस्था और मेट्रो स्टेशनों को बंद करने जैसे प्रतिबंधों पर सवाल उठाए थे. केके क्रिएट की काव्या को हिरासत में लिया गया दिल्ली में CJP के प्रदर्शन से पहले धौला कुआं में सुरक्षा बलों ने कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया है. हिरासत में लिए गए लोगों में कई कंटेंट क्रिएटर भी शामिल हैं. दिल्ली में 10 अक्टूबर को जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रस्तावित प्रदर्शन को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था कड़ी की गई है. The post Delhi Protest: ध्रुव राठी और केके क्रिएट की काव्या सहित कई क्रिएटर डिटेंड appeared first on Naya Vichar.

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VIDEO: CJP के प्रदर्शन से पहले दिल्ली पुलिस अलर्ट, RAF-पिंक फोर्स तैनात; बॉडी कैम से रिकॉर्ड होगा एक्शन

CJP Protest: दिल्ली पुलिस इस बार केवल सड़कों पर सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने तक सीमित नहीं है, बल्कि सोशल मीडिया पर भी अधिक सक्रिय नजर आ रही है. प्रदर्शन के दौरान पुलिसकर्मियों के साथ धक्का-मुक्की और मारपीट की घटनाओं के वीडियो सोशल मीडिया पर साझा किए जा रहे हैं. Gen Z जिस तरह सोशल मीडिया पर अपनी बात रखती है, दिल्ली पुलिस भी उसी मंच पर अपनी कार्रवाई और पक्ष सामने रखने पर जोर दे रही है. पुलिसकर्मियों की वर्दी पर बॉडी कैम लगाए गए, कम रोशनी में भी होगी वीडियो रिकॉर्डिंग प्रदर्शन के दौरान पुलिसकर्मियों की वर्दी पर बॉडी कैम लगाए गए हैं. ये कैमरे कम रोशनी में भी वीडियो रिकॉर्ड कर सकते हैं. पुलिस का कहना है कि इन कैमरों से प्रदर्शन के दौरान होने वाली घटनाओं का रिकॉर्ड रहेगा. इससे पुलिस पर लगने वाले आरोपों की जांच में भी मदद मिलेगी. ड्यूटी पर तैनात एक पुलिस अधिकारी ने कहा, “ये बॉडी कैम हमारी और दूसरों की सुरक्षा के लिए हैं. धक्का-मुक्की की घटनाओं में दिल्ली पुलिस पर आरोप लगाए जाते हैं. ऐसे में ये कैमरे साबित करेंगे कि पुलिस ने किसी के साथ क्या किया या नहीं किया. इनमें सब कुछ रिकॉर्ड होगा.” इस व्यवस्था के जरिए पुलिस प्रदर्शन के दौरान किसी भी विवाद या कथित दुर्व्यवहार के आरोपों का जवाब रिकॉर्डिंग के आधार पर देने की तैयारी में है. यानी इस बार सड़क पर होने वाली कार्रवाई के साथ उसका डिजिटल रिकॉर्ड भी अहम होगा. Gen Z के अंदाज में सोशल मीडिया पर भी सक्रिय पुलिस आज के दौर में विरोध प्रदर्शन केवल सड़कों तक सीमित नहीं रहते. प्रदर्शन से जुड़े वीडियो कुछ ही मिनटों में एक्स और इंस्टाग्राम पर पहुंच जाते हैं. ऐसे में पुलिस की कार्रवाई के चुनिंदा वीडियो भी बहस का हिस्सा बनते हैं. दिल्ली पुलिस इस बार इस पहलू को लेकर अधिक सतर्क दिख रही है. प्रदर्शन के दौरान पुलिसकर्मियों के साथ धक्का-मुक्की और मारपीट से जुड़े वीडियो सोशल मीडिया पर साझा किए जा रहे हैं. इससे पुलिस भी अपना पक्ष सामने रखने की कोशिश कर रही है. Gen Z जहां वीडियो, पोस्ट और छोटे संदेशों के जरिए अपनी बात रखती है, वहीं पुलिस भी सोशल मीडिया को घटनाओं का रिकॉर्ड और अपना पक्ष बताने के माध्यम के रूप में इस्तेमाल कर रही है. हालांकि, सोशल मीडिया पर किसी घटना का वीडियो सामने आना अपने आप में पूरी घटना का प्रमाण नहीं है. ऐसे मामलों में वीडियो का पूरा संदर्भ और अन्य साक्ष्य भी महत्वपूर्ण होंगे. इसके बावजूद सोशल मीडिया इस प्रदर्शन के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों, दोनों के लिए अहम मंच बनता दिख रहा है. पिंक फोर्स भी तैनात दिल्ली पुलिस ने इस बार सुरक्षा व्यवस्था को कई स्तरों पर मजबूत किया है. मध्य दिल्ली के मंडी हाउस, फिरोज शाह रोड और आसपास के इलाकों में बैरिकेडिंग की गई है. RAF की तैनाती के साथ दिल्ली पुलिस की विशेष स्त्री इकाई पिंक फोर्स को भी प्रमुख स्थानों पर लगाया गया है. अधिकारियों के मुताबिक, बड़े प्रदर्शनों के दौरान स्त्री पुलिसकर्मियों के साथ कथित दुर्व्यवहार की घटनाओं को देखते हुए पिंक फोर्स की तैनाती की गई है. इसके अलावा अतिरिक्त स्त्री पुलिसकर्मियों को उत्तर प्रदेश और हरियाणा से भी बुलाया गया है. सुरक्षा व्यवस्था के तहत अतिरिक्त CCTV कैमरे, फेशियल रिकग्निशन सिस्टम (FRS), छतों पर निगरानी करने वाले पुलिसकर्मी और ड्रोन का इस्तेमाल किए जाने की तैयारी है. पुलिस ने अपनी टीमों को प्रदर्शनकारियों के साथ अनावश्यक बहस से बचने का निर्देश भी दिया है. 35 हजार से अधिक पुलिस और अर्धसैनिक बलों की तैनाती प्रस्तावित प्रदर्शन को देखते हुए राजधानी में दिल्ली पुलिस और अर्धसैनिक बलों के 35 हजार से अधिक जवान तैनात किए गए हैं. केंद्रीय गृह सचिव गोविंद मोहन ने भी सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को कानून-व्यवस्था बनाए रखने और दिल्ली पुलिस के साथ समन्वय करने के निर्देश दिए हैं. दिल्ली पुलिस ने जंतर-मंतर पर प्रदर्शन की अनुमति देने से इनकार कर दिया है. इसके बावजूद CJP ने बड़ी संख्या में समर्थकों के जुटने का आह्वान किया है. पुलिस ने अपनी टीमों को निर्देश दिया है कि तय प्रतिबंधों के बावजूद प्रदर्शन करने की कोशिश करने वालों को हिरासत में लिया जाए. हिरासत में लिए गए लोगों को ले जाने के लिए छह केंद्र भी निर्धारित किए गए हैं. सुरक्षा कारणों से मध्य दिल्ली के कुछ मेट्रो स्टेशनों के प्रवेश और निकास द्वार बंद किए गए हैं. यात्रियों को वैकल्पिक रास्तों का इस्तेमाल करने की सलाह दी गई है. अभिजीत दीपके का ऐलान, गिरफ्तारी से पीछे नहीं हटेंगे CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके ने प्रदर्शन से पहले कहा कि हिरासत में लिए जाने या गिरफ्तार होने की स्थिति में भी वह पीछे नहीं हटेंगे. उन्होंने सोशल मीडिया पर जारी वीडियो में समर्थकों से बड़ी संख्या में दिल्ली पहुंचने की अपील की. साथ ही प्रदर्शन को शांतिपूर्ण और अनुशासित रखने का आग्रह किया. दीपके के मुताबिक, उनकी प्रमुख मांगों में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा, SIR प्रक्रिया को खत्म करना, स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव तथा चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति के लिए निष्पक्ष और स्वतंत्र प्रक्रिया शामिल है. उन्होंने कहा कि यह देश के लोकतंत्र को बचाने की लड़ाई है. समर्थकों से कानून का पालन करने और किसी भी तरह की हिंसा से दूर रहने की अपील करते हुए उन्होंने कहा कि प्रदर्शनकारियों को ऐसा कोई कदम नहीं उठाना चाहिए, जिससे आंदोलन का उद्देश्य कमजोर हो. INDIA ब्लॉक के प्रदर्शन के बाद बदली रणनीति CJP का यह प्रदर्शन ऐसे समय हो रहा है, जब SIR और कथित चुनावी अनियमितताओं को लेकर विपक्षी दल भी लगातार विरोध कर रहे हैं. शुक्रवार को INDIA ब्लॉक के नेताओं ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात कर कथित ‘वोट चोरी’ को लेकर अपनी मांगें रखीं. प्रतिनिधिमंडल में राहुल गांधी, मल्लिकार्जुन खरगे, ममता बनर्जी और अन्य विपक्षी नेता शामिल थे. विपक्षी दलों ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं. वहीं, CJP ने भी ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और SIR को खत्म करने की मांग को अपने प्रदर्शन का मुख्य मुद्दा बनाया है. पिछले प्रदर्शन के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच टकराव तथा सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो के बाद इस बार सुरक्षा व्यवस्था के साथ रिकॉर्डिंग और डिजिटल निगरानी

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जंतर-मंतर प्रदर्शन से पहले अभिजीत दीपके की चुनौती- UAPA लगाओ या NSA हम नहीं रुकेंगे

Jantar Mantar 2.0 Protest: दिल्ली में शनिवार को प्रस्तावित जंतर-मंतर 2.0 प्रदर्शन से पहले कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) चीफ अभिजीत दीपके ने केंद्र प्रशासन पर जोरदार हमला बोला है. मुंबई से दिल्ली रवाना होने से पहले दीपके ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी युवाओं और प्रदर्शनकारियों से डरे हुए हैं और इसी वजह से राजधानी में असाधारण सुरक्षा इंतजाम किए गए हैं. गिरफ्तार करना है तो कर लो- अभिजीत दीपके दिल्ली पहुंचने पर हिरासत या गिरफ्तारी के सवाल पर दीपके ने कहा कि वह इसके लिए तैयार हैं. उन्होंने कहा- गिरफ्तार या हिरासत में लेना है तो ले लें. UAPA या NSA लगाना है तो लगा दें, लेकिन स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव और लोकतंत्र बचाने की लड़ाई जारी रहेगी. वे मुझे गिरफ्तार या हिरासत में ले सकते हैं, इससे मुझे कोई फर्क नहीं पड़ता. यूएपीए या एनएसए लागू करें, लेकिन हम स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनावों के लिए और इस देश के लोकतंत्र को बचाने के लिए लड़ते रहेंगे. अभिजीत दीपके नरेंद्र मोदी डरे हुए हैं. इसीलिए उन्होंने रेलवे, मेट्रो और सभी सड़कें बंद कर दी हैं. अगर नरेंद्र मोदी इस देश के युवाओं, इस देश की जनता से इतना डरते हैं, तो वे प्रधानमंत्री की कुर्सी पर क्यों बैठे हैं? अभिजीत दीपके दीपके ने कहा- अपने ही लोगों से युद्ध क्यों कर रही प्रशासन? अभिजीत दीपके ने दावा किया कि ट्रेनों, मेट्रो और सड़कों पर पाबंदियां लगाई जा रही हैं और दिल्ली पहुंचने की कोशिश कर रहे लोगों को रोका जा रहा है. उन्होंने आरोप लगाया कि जम्मू-कश्मीर और नक्सल प्रभावित इलाकों में तैनात सुरक्षा बलों को भी दिल्ली बुलाया गया है. आपने जम्मू-कश्मीर से सेना लाकर दिल्ली में तैनात कर दी. आपने नक्सल प्रभावित इलाकों से सीआरपीएफ बल लाकर दिल्ली में तैनात कर दिए. क्या नरेंद्र मोदी और अमित शाह अपने ही देश की जनता के खिलाफ युद्ध छेड़ रहे हैं? क्या जिग्नेश मेवानी आपको इतने प्रिय हैं कि आपने अपने ही देश की जनता पर अपनी ही पुलिस और सेना तैनात कर दी है? अभिजीत दीपके दीपके ने कहा कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन लोकतांत्रिक अधिकार है और संविधान का अनुच्छेद 19 नागरिकों को अपनी बात रखने और विरोध करने का अधिकार देता है. उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि पुलिस लोगों के घरों और सोसायटियों तक जाकर प्रदर्शन में शामिल न होने की बात कह रही है. प्रदर्शन का मुख्य मुद्दा स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने की मांग है. CJP ने बड़ी संख्या में लोगों के जंतर-मंतर पहुंचने का दावा किया है, हालांकि दिल्ली पुलिस ने प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी है. 35 हजार से ज्यादा सुरक्षाकर्मी तैनात प्रदर्शन को देखते हुए दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी की गई है. 35 हजार से ज्यादा दिल्ली पुलिस और अर्धसैनिक बलों के जवानों की तैनाती की गई है. पुलिसकर्मियों को बॉडी कैमरे दिए गए हैं, जबकि मध्य दिल्ली में ड्रोन, अतिरिक्त CCTV कैमरे, फेशियल रिकग्निशन सिस्टम और रूफटॉप स्पॉटर्स लगाए जाने की तैयारी है. प्रदर्शन के दौरान हिरासत में लिए जाने वाले लोगों के लिए छह केंद्र तय किए गए हैं. वहीं उत्तर प्रदेश और हरियाणा से अतिरिक्त स्त्री पुलिसकर्मियों को भी बुलाया गया है. कई छात्र संगठनों और नेतृत्वक समूहों के भी प्रदर्शन में शामिल होने की संभावना है. Also Read: CJP Protest: सीजेपी के प्रदर्शन में शामिल होने के लिए घर से भागा रोहित, हिमांशु ने मम्मी-पापा को समझाया The post जंतर-मंतर प्रदर्शन से पहले अभिजीत दीपके की चुनौती- UAPA लगाओ या NSA हम नहीं रुकेंगे appeared first on Naya Vichar.

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दिल्ली प्रोटेस्ट से दूर कहां हैं सोनम वांगचुक? वीडियो शेयर कर क्यों बोले- और भी गम हैं जमाने में, सियासत के सिवा

दिल्ली में 10 अक्टूबर को होने वाले प्रदर्शन के बीच सोनम वांगचुक ने बताया कि वह इसमें शामिल क्यों नहीं हो पाएंगे. उन्होंने कहा कि वह राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए काम कर रहे हैं. सर्दियों की तैयारी के साथ कृत्रिम ग्लेशियर बनाने और हिमालय में ग्लेशियल लेक आउटबर्स्ट फ्लड (GLOF) के खतरे से निपटने के लिए प्रयोग किए जा रहे हैं. उन्होंने कहा कि हिमालय में 200 से अधिक ऐसी झीलें हैं, जिनसे बाढ़ का खतरा है. फैज साहब की पंक्तियों को अपनाते हुए वांगचुक ने लिखा, “और भी गम हैं जमाने में, मोहब्ब के सिवा या कहें और भी गम हैं जमाने में सियासत के सिवा… राहतें और भी हैं वस्ल की राहत के सिवा.” सोनम वांगचुक ने शेयर किया वीडियो- View on Instagram ये भी पढ़ें: Video: ममता बनर्जी का जॉनी-जॉनी एस पापा वाला कविता वायरल, बोलीं- ज्ञानेश कुमार नो पापा, बीजेपी गवर्नमेंट नो पापा उन्होंने प्रदर्शन में शामिल होने वाले लोगों को शुभकामनाएं दीं और अलग-अलग समूहों के नेताओं से एकजुट रहने और समझदारी दिखाने की अपील की. साथ ही Gen-Z से हर हाल में पूरी तरह शांतिपूर्ण रहने का आग्रह किया. उन्होंने कहा कि जून में जंतर-मंतर पर वह महात्मा गांधी का यही संदेश लेकर आए थे और उम्मीद है कि लोग बापू को निराश नहीं करेंगे. The post दिल्ली प्रोटेस्ट से दूर कहां हैं सोनम वांगचुक? वीडियो शेयर कर क्यों बोले- और भी गम हैं जमाने में, सियासत के सिवा appeared first on Naya Vichar.

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