नया विचार न्यूज़ समस्तीपुर | प्रधानमंत्री सूर्य घर : मुफ्त बिजली योजना के अधिक से अधिक लाभुकों को जोड़ने के उद्देश्य से बुधवार को दलसिंहसराय प्रखंड कार्यालय के समीप मैदान में एक दिवसीय विशेष सोलर परामर्श एवं सहायता शिविर का आयोजन किया गया। शिविर का उद्घाटन जिला पदाधिकारी रोशन कुशवाहा ने किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि जिले के प्रत्येक पात्र परिवार तक योजना का लाभ पहुंचाना जिला प्रशासन की प्राथमिकता है।
जिला प्रशासन की ओर से आयोजित इस विशेष शिविर का उद्देश्य विद्युत उपभोक्ताओं को सौर ऊर्जा के प्रति जागरूक करना, आवेदन प्रक्रिया को सरल बनाना तथा बैंक ऋण, प्रशासनी सब्सिडी और तकनीकी परामर्श जैसी सभी सुविधाएं एक ही स्थान पर उपलब्ध कराना था। प्रशासन ने शिविर के माध्यम से 500 ऑनलाइन आवेदन प्राप्त करने का लक्ष्य निर्धारित किया है।
उद्घाटन के बाद जिला पदाधिकारी रोशन कुशवाहा ने कहा कि प्रधानमंत्री सूर्य घर : मुफ्त बिजली योजना आम लोगों को ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में केंद्र प्रशासन की महत्वपूर्ण पहल है। उन्होंने कहा कि घरों की छत पर रूफटॉप सोलर संयंत्र लगाने से बिजली बिल में उल्लेखनीय कमी आती है। साथ ही स्वच्छ एवं हरित ऊर्जा के उपयोग को बढ़ावा मिलता है, जिससे पर्यावरण संरक्षण में भी महत्वपूर्ण योगदान मिलता है। उन्होंने जिले के सभी पात्र विद्युत उपभोक्ताओं से योजना का लाभ उठाने की अपील की।
शिविर में विद्युत विभाग के अधीक्षण अभियंता, तीनों विद्युत प्रमंडलों के कार्यपालक अभियंता, सहायक अभियंता, कनीय अभियंता समेत विभाग के कई अधिकारी और कर्मी मौजूद रहे। अधिकारियों ने लाभुकों को रूफटॉप सोलर संयंत्र की तकनीकी व्यवहार्यता, नेट-मीटरिंग प्रणाली, बिजली बचत और ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया की विस्तृत जानकारी दी। साथ ही लोगों की जिज्ञासाओं का समाधान भी किया गया।
योजना के वित्तीय पहलू को आसान बनाने के लिए शिविर में कैनरा बैंक, उत्तर बिहार ग्रामीण बैंक, सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया, इंडियन बैंक, हिंदुस्तानीय स्टेट बैंक, पंजाब नेशनल बैंक, यूको बैंक, यूनियन बैंक ऑफ इंडिया, बैंक ऑफ इंडिया सहित 10 प्रमुख बैंकों के प्रतिनिधियों ने अपने सहायता काउंटर लगाए। बैंक अधिकारियों ने लाभुकों को सोलर संयंत्र लगाने के लिए उपलब्ध ऋण, आसान किस्त, रियायती ब्याज दर और ऋण स्वीकृति की प्रक्रिया की जानकारी दी।
इसके अलावा प्रशासन से अधिकृत एवं पंजीकृत सोलर वेंडरों ने भी शिविर में भाग लिया। उन्होंने लाभुकों को उनकी आवश्यकता और छत की क्षमता के अनुसार उपयुक्त सोलर संयंत्र के चयन, उपकरणों की गुणवत्ता, वारंटी, स्थापना प्रक्रिया तथा केंद्र प्रशासन की ओर से मिलने वाली सब्सिडी की जानकारी दी।
जिला पदाधिकारी ने कहा कि जिला प्रशासन का प्रयास है कि अधिक से अधिक परिवार इस योजना से जुड़ें और अपने घरों पर रूफटॉप सोलर संयंत्र स्थापित कर बिजली की बचत, आर्थिक लाभ और पर्यावरण संरक्षण में भागीदारी निभाएं। उन्होंने लोगों से सौर ऊर्जा अपनाकर ऊर्जा आत्मनिर्भर हिंदुस्तान के निर्माण में सहयोग देने का आह्वान किया।