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Cockroach Janta Party का X अकाउंट भारत में ‘withheld’ हुआ, आखिर इसका मतलब क्या है और ये बैन से कितना अलग है?

X पर एक दिलचस्प मामला सामने आया है. हाल ही में एक मजाकिया अंदाज में चलने वाला और युवाओं द्वारा शुरू किया गया नेतृत्वक आंदोलन ‘Cockroach Janata Party (CJP)’ का X अकाउंट हिंदुस्तान में अचानक ‘withheld’ कर दिया गया. बताया जा रहा है कि यह कार्रवाई एक लीगल डिमांड के बाद की गई है. जैसे ही लोगों ने इस अकाउंट को खोलने की कोशिश की, उन्हें एक मैसेज दिखा जिसमें लिखा था कि यह हैंडल किसी कानूनी अनुरोध की वजह से हिंदुस्तान में प्रतिबंधित कर दिया गया है.  CJP के फाउंडर अभिषेक दीपके ने आरोप लगाया कि इसके पीछे हिंदुस्तानीय प्रशासन का हाथ है और उन्होंने कहा कि यह कदम प्रशासन की आलोचना करने वाली आवाजों को दबाने की कोशिश है. लेकिन इन सारी नेतृत्वक चर्चाओं के बीच, बहुत से यूजर्स का एक बहुत सीधा सा सवाल भी था कि आखिर X पर ‘withheld’ का मतलब होता क्या है? तो आखिर ‘Withheld’ अकाउंट होता क्या है? आमतौर पर लोग समझते हैं कि जब किसी अकाउंट पर पाबंदी लगती है तो वह या तो पूरी तरह बैन हो जाता है या सस्पेंड कर दिया जाता है. लेकिन असल में ‘withheld account’ ऐसा नहीं होता. जब X (पहले Twitter) किसी अकाउंट को withheld करता है, तो उसका मतलब होता है कि वह अकाउंट सिर्फ किसी एक खास देश में ब्लॉक किया गया है. बाकी दुनिया में वह अकाउंट बिल्कुल नॉर्मल तरीके से चलता रहता है. यानी हिंदुस्तान के बाहर के लोग उस प्रोफाइल को देख सकते हैं, उसके पोस्ट पढ़ सकते हैं और उसे फॉलो भी कर सकते हैं. लेकिन हिंदुस्तान के अंदर यूजर्स को उस अकाउंट की जगह सिर्फ ‘Withheld Account’ का मैसेज दिखाई देता है. कंपनी के मुताबिक, इस तरह की पाबंदियां अक्सर लोकल कानूनों, कोर्ट के आदेशों या प्रशासनी निर्देशों का पालन करने के लिए लगाई जाती हैं. इसमें कई बार पॉलिटिकल कंटेंट, हेट स्पीच से जुड़े नियम, नेशनल सिक्योरिटी या किसी देश के खास कानून शामिल हो सकते हैं. क्या कोई ‘Withheld Account’ दोबारा वापस मिल सकता है? हां, तकनीकी रूप से ऐसा संभव है. अगर किसी यूजर को लगता है कि उसका अकाउंट गलत तरीके से withheld किया गया है, तो वह X (Twitter) Support के जरिए अपील कर सकता है. इसके अलावा, जरूरत पड़ने पर वह कानूनी तरीके से भी संबंधित अथॉरिटी के सामने इस फैसले को चुनौती दे सकता है. हिंदुस्तान में ऐसे मामलों में कई बार आदेश सीधे MeitY (Ministry of Electronics and Information Technology) की तरफ से जुड़े होते हैं. X की तरफ से भी इस तरह की कंट्री-लेवल पॉलिसी और रेस्ट्रिक्शन को लेकर साफ गाइडलाइंस दी गई हैं, जिनमें अपील करने का प्रोसेस बताया जाता है.हालांकि, जिन देशों में यह प्रतिबंध लागू होता है, वहां के बाहर के लोग उस अकाउंट को नॉर्मल तरीके से यूज कर सकते हैं. कुछ यूजर्स अपने क्षेत्र में ब्लॉक होने की सिचुएशन में VPN का सहारा भी लेते हैं. लेकिन ध्यान रहे कि यह सिर्फ एक्सेस का एक तरीका है, असली प्रतिबंध को हटाता नहीं है. यह भी पढ़ें: Instagram पर छाई Cockroach Janta Party, 5 दिन में 12.7M फॉलोअर्स जोड़ BJP को छोड़ा पीछे The post Cockroach Janta Party का X अकाउंट हिंदुस्तान में ‘withheld’ हुआ, आखिर इसका मतलब क्या है और ये बैन से कितना अलग है? appeared first on Naya Vichar.

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छोड़ी डॉक्टरी, UPSC को बनाया टारगेट, AIR 87 लाकर चमकी सयाली

Sayali Bhika Pagar AIR 87: यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा को देश की सबसे कठिन परीक्षाओं में से एक माना जाता है. हर साल लाखों छात्र इस परीक्षा में बैठते हैं, लेकिन सफलता उन्हीं को मिलती है जो कड़ी मेहनत के साथ-साथ एक सही दिशा में आगे बढ़ते हैं. ऐसी ही एक प्रेरणादायक कहानी है महाराष्ट्र के नासिक जिले की रहने वाली सयाली भीका पगार की. सयाली ने यूपीएससी सिविल सर्विस एग्जाम में पूरे देश में 87वीं रैंक हासिल की है. आइए सयाली की UPSC की जर्नी को करीब से जानते हैं.  Sayali Bhika Pagar AIR 87: कौन है सयाली पगार?  सयाली पगार महाराष्ट्र के नासिक जिले के कलवन की रहने वाली है. उनके पिता का नाम भिका पगार है. सयाली के पिता इंडियन रिजर्व बैंक (RBI) में डिप्टी जनरल मैनेजर हैं. सयाली बचपन से ही पढ़ने में काफी होनहार स्टूडेंट रही है. उनकी यह सफलता उन सभी युवाओं के लिए एक मिसाल है जो समाज में बदलाव लाने का सपना देखते हैं. मेडिकल की पढ़ाई से सिविल सर्विसेज तक का सफर सयाली का शैक्षणिक और भौगोलिक बैकग्राउंड काफी अलग और दिलचस्प रहा है. उन्होंने अपनी स्कूलिंग सालबोनी के केंद्रीय विद्यालय से पूरी की. इसके बाद की पढ़ाई उन्होंने मैसूर से की. आगे चलकर उन्होंने बेंगलुरु के सप्तगिरी इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज एंड रिसर्च सेंटर से अपनी एमबीबीएस (MBBS) की पढ़ाई पूरी की. डॉक्टर बनने के बाद भी उनके मन में कुछ और करने की इच्छा थी, जिसने उन्हें सिविल सेवा की तरफ मोड़ा. क्यों छोड़ा डॉक्टरी का पेशा? सयाली ने बताया कि उनका झुकाव हमेशा से पब्लिक सर्विस की तरफ था. वे (Sayali Bhika Pagar AIR 87) हमेशा से लोगों के बीच रहकर उनके लिए काम करना चाहती थी. यही एक बड़ी वजह थी कि उन्होंने पहले मेडिकल की पढ़ाई चुनी. लेकिन बाद में उन्हें एहसास हुआ कि सिविल सर्विस में जाना चाहती है.  हेल्थ, एजुकेशन और स्त्री सशक्तिकरण पर फोकस अपनी इस सफलता के बाद सयाली प्रशासन और गवर्नेंस में अपना बेहतरीन योगदान देना चाहती हैं. सयाली ने बताया कि वह भविष्य में स्वास्थ्य और शिक्षा के क्षेत्र में सुधार करने के लिए काम करना चाहती हैं. इसके साथ ही उनका विशेष ध्यान स्त्री सशक्तिकरण (Women Empowerment) पर रहेगा, ताकि समाज में स्त्रीओं की स्थिति को और मजबूत किया जा सके. Sayali Bhika Pagar AIR 87: अनुशासन और प्लानिंग ने दिलाई सफलता सयाली का मानना है कि यूपीएससी में सफलता पाने के लिए डिसिप्लिन और सही प्लानिंग सबसे ज्यादा जरूरी है. सयाली महीनों और हफ्तों के हिसाब से अपने टारगेट तय करती थी और अपनी पढ़ाई के दौरान उनका बहुत सख्ती से पालन करती थी. उनके अनुसार, नियमित रूप से पढ़ाई करना और अपने प्लान पर टिके रहना ही जीत की चाबी है. यह भी पढ़ें: तमिलनाडु के राजा मोहिदीन का कमाल, तीसरे प्रयास में हासिल की UPSC AIR 7 The post छोड़ी डॉक्टरी, UPSC को बनाया टारगेट, AIR 87 लाकर चमकी सयाली appeared first on Naya Vichar.

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छोटे से जामुन के बीज में छिपे हैं बड़े हेल्थ बेनिफिट्स, जान गए तो नहीं करेंगे इन्हें फेंकने की गलती

Jamun Seeds Benefits: गर्मियों का मौसम आ चुका है और ऐसे में अब आपको बाजारों में आसानी से जामुन देखने को मिल जाएंगे. यह फल सिर्फ खाने में स्वादिष्ट नहीं होता है, इसे हमारे सेहत के लिए भी काफी फायदेमंद माना जाता है. अक्सर जब हम जामुन खाते हैं तो हमारी यह आदत होती है कि हम इसके बीज को बेकार समझकर फेंक देते हैं, लेकिन आयुर्वेद और हेल्थ एक्सपर्ट्स की अगर मानें तो इसके बीज में भी न्यूट्रिएंट्स का भरमार होता है. आपको शायद यह जानकर हैरानी हो लेकिन छोटे से दिखने वाले जामुन के बीज में आपको एंटीऑक्सिडेंट्स, फाइबर, आयरन, कैल्शियम और इस तरह के कई जरूरी कम्पाउंड्स मिल जाते हैं जिन्हें आपके शरीर के लिए काफी ज्यादा फायदेमंद माना जाता है. हालांकि, आपको इन बीजों का इस्तेमाल कभी भी किसी बीमारी को ठीक करने के लिए नहीं करना चाहिए, लेकिन अगर आप फिर भी इनका इस्तेमाल सही मात्रा में करते हैं तो आपकी सेहत के लिए फायदेमंद साबित हो सकते हैं. ब्लड शुगर कंट्रोल करने में मददगार जामुन के इन छोटे-छोटे बीजों को हमेशा से डायबिटीज कंट्रोल करने से जोड़कर देखा जाता रहा है. इसमें आपको जैंबोलिन और जैंबोसिन जैसे एलिमेंट्स मिल जाते हैं, जो आपके शरीर में शुगर के एब्जॉर्प्शन को धीमा करने में मदद कर सकते हैं. यह एक बड़ी वजह है कि कुछ लोग जामुन के बीजों का पाउडर तैयार करके इसका इस्तेमाल करना पसंद करते हैं. जब आप रेगुलर बेसिस पर और सीमित मात्रा में इसका सेवन करते हैं, तो आपको अपने ब्लड शुगर लेवल को कंट्रोल में रखने में मदद मिलती है. अगर आप पहले से डाइबिटीज की दवाई ले रहे हैं, तो जामुन के बीजों का इस्तेमाल करने से पहले एक बार आपको अपने डॉक्टर की सलाह जरूर लेनी चाहिए. ये भी पढ़ें: नौतपा के दौरान इन लोगों को होता है हीट स्ट्रोक और लू लगने का ज्यादा खतरा, भूलकर भी न करें ये लापरवाही डाइजेशन को मजबूत बनाने में मददगार अगर आपको कब्ज, गैस या फिर अपच जैसी समस्याएं रहती है तो ऐसे में भी जामुन के बीज आपके लिए फायदेमंद साबित हो सकते हैं. इनमें आपको भरपूर मात्रा में फाइबर मिल जाता है, जो आपकी मदद डाइजेशन को बेहतर बनाने में करता है. यह आपके आंतों को हेल्दी रखने में तो मदद करता ही है, बल्कि साथ ही आपकी मदद पेट को साफ रखने में भी कर सकता है. कई लोगों को जिन्हें ब्लोटिंग जैसी प्रॉब्लम रहती है अक्सर वे लोग इसका सेवन करना फायदेमंद मानते हैं. जब आप रेगुलर बेसिस पर और सही मात्रा में इसका सेवन करते हैं तो यह आपके डाइजेशन के लिए काफी ज्यादा फायदेमंद माना जाता है. शरीर को मिलते हैं पावरफुल एंटीऑक्सीडेंट्स जामुन के बीजों में आपको भरपूर मात्रा में पावरफुल एंटीऑक्सिडेंट्स मिल जाते हैं. ये आपकी मदद शरीर में मौजूद फ्री रैडिकल्स से लड़ने में करते हैं. बता दें ये फ्री रैडिकल्स आपके सेल्स को नुकसान पहुंचा सकते हैं. कई हेल्थ एक्सपर्ट्स का यह भी मानना रहा है कि एंटीऑक्सिडेंट्स आपकी मदद शरीर में सूजन को कम करने में और साथ ही आपकी इम्युनिटी को बेहतर बनाने में कर सकते हैं. यह एक बड़ी वजह है कि जामुन के बीजों को आपकी ओवरऑल हेल्थ के लिए काफी ज्यादा फायदेमंद माना जाता है. ये भी पढ़ें: ऑफिस की कुर्सी से चिपके रहने के कारण अकड़ गई है कमर? हर दिन करें ये 5 आसान एक्सरसाइज और पाएं तुरंत आराम वजन कंट्रोल करने में मिल सकती है मदद अगर आप अपने बढ़े हुए वजन को कम करने की कोशिश कर रहे हैं, तो ऐसे में भी जामुन के ये बीज आपके लिए फायदेमंद साबित हो सकते हैं. इनमें भरपूर मात्रा में फाइबर पाया जाता है, जो आपके पेट को लंबे समय तक भरा हुआ महसूस करने में मदद कर सकते हैं. जब आपको बार-बार भूख नहीं लगती है, तो आप ओवरईटिंग करने से बचे हुए रहते हैं. इसके अलावा जामुन के ये बीज आपके मेटाबोलिज्म को भी बूस्ट करने में मदद कर सकते हैं. अगर आप बढ़े हुए वजन को कम करना चाहते हैं तो सिर्फ जामुन के बीज नहीं, बल्कि एक बैलेंस्ड डाइट लेना और रेगुलर एक्सरसाइज करना भी आपके लिए जरूरी हो जाता है. हार्ट और लिवर हेल्थ के लिए भी फायदेमंद जामुन के बीजों में आपको फ्लेवोनॉइड्स और एलैजिक एसिड जैसे एलिमेंट्स मिल जाते हैं. ये आपकी मदद शरीर में इन्फ्लेमेशन को कम करने में कर सकते हैं. जब आप इनका सेवन करना शुरू करते हैं तो आपके हार्ट हेल्थ को सपोर्ट मिल सकता है. इसके अलावा जामुन के इन बीजों को आपके लिवर के लिए भी फायदेमंद बताया जाता है. हालांकि, इनके कोई ठोस सबूत नहीं है, इसलिए इन बीजों को एक मेडिकल ट्रीटमेंट की तरह इस्तेमाल करने की सलाह नहीं दी जाती है. ये भी पढ़ें: डाइट से एक्स्ट्रा शुगर कम करने के लिए डेली लाइफ में शामिल करें ये आदतें, बीमारियों से बचना है तो जरूर जान लें कैसे करें जामुन के बीजों का इस्तेमाल? जामुन के बीजों का इस्तेमाल करने से पहले आपको इन्हें अच्छी तरह से धोकर सुखा लेना होगा. जब ये अच्छी तरह से सूख जाए तो आपको इन्हें पीसकर एक पाउडर तैयार कर लेना है. आमतौर अगर देखा जाए तो जामुन के बीज को आधा चम्मच या फिर एक चम्मच गुनगुने पानी के साथ लेने को कहा जाता है. लेकिन इसकी जो सही मात्रा होती है वह आपके उम्र और आपकी हेल्थ कंडीशन पर ज्यादा निर्भर करती है. अगर आप इसका सेवन करने की सोच रहे हैं तो पेजले अपने डॉक्टर या फिर डाइटीशियन की सलाह जरूर लें. इन बातों का रखें खास ख्याल अगर आप जामुन के बीजों का जरूरत से ज्यादा सेवन करने लगते हैं, तो इसकी वजह से आपको फायदा नहीं बल्कि नुकसान भी हो सकता है. इसकी वजह से आपका ब्लड शुगर लेवल काफी ज्यादा कम हो सकता है और साथ ही आपको डाइजेशन से जुड़ी प्रॉब्लम्स भी हो सकती हैं. गर्भवती स्त्रीओं, छोटे बच्चों और किसी सीरियस बीमारी से जूझ रहे लोगों को इसका सेवन बिना डॉक्टर की सलाह लिए भूलकर भी नहीं करना चाहिए. ये भी पढ़ें: क्या आप भी रातभर जागकर पुरानी बातें सोचते रहते हैं? जानें ओवरथिंकिंग

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सिर्फ 10 साल की उम्र में नक्सली बन गया था करण उर्फ डांगुर, पूरी कहानी जानें पिता की जुबानी

पश्चिमी सिंहभूम गोइलकेरा संजय पांडेय की रिपोर्ट Naxalite Surrender: सारंडा का कुख्यात नक्सली करण उर्फ डांगुर ने गुरुवार 21 मई 2026 को रांची में पुलिस के सामने आत्मसमर्पण कर दिया. उसके सरेंडर के बाद पहली बार उसके पिता फाड़ तियूर ने बेटे के नक्सली बनने और फिर मुख्यधारा में लौटने की कहानी नया विचार से साझा की. पिता के अनुसार, करण महज 10 साल की उम्र में नक्सलियों के संपर्क में आ गया था. जिस उम्र में उसके हाथों में किताबें होनी चाहिए थीं, उस उम्र में उसे बंदूक थमा दी गई. चौथी-पांचवीं कक्षा में आया नक्सलियों के संपर्क में करण उर्फ डांगुर पश्चिमी सिंहभूम जिले के सांगा जटा गांव का रहने वाला है. उसके पिता फाड़ तियूर ने बताया कि जब करण चौथी-पांचवीं कक्षा में पढ़ता था, तभी गांव के ही नक्सली सागेन अंगारिया उर्फ श्याम लाल ने उसे बहला-फुसलाकर संगठन से जोड़ दिया. शुरुआत में करण को माओवादी संगठन के मिलिशिया दस्ते में शामिल किया गया. उससे पुलिस की गतिविधियों की जानकारी जुटाने, राशन-पानी की व्यवस्था करने और गांवों में संदेश पहुंचाने का काम कराया जाता था. धीरे-धीरे संगठन में उसकी भूमिका बढ़ती चली गई. किताब की जगह हाथ में थमा दी गई बंदूक पिता फाड़ तियूर बताते हैं कि जिस उम्र में बच्चों को स्कूल में पढ़ाई करनी चाहिए, उस समय करण को जंगलों में ट्रेनिंग दी जाने लगी. संगठन ने उसे हथियार चलाने और पुलिस से बचने की तकनीक सिखाई. कुछ समय बाद उसे मिलिशिया सदस्य से एरिया कमिटी मेंबर बना दिया गया. संगठन की ओर से उसे एसएलआर बंदूक भी दी गई. इसके बाद वह सक्रिय रूप से नक्सली गतिविधियों में शामिल हो गया. लेवी वसूली के दौरान हुआ था गिरफ्तार फाड़ तियूर ने बताया कि वर्ष 2017 में करण अपने साथियों के साथ गोइलकेरा के डेरवा इलाके में एक ठेकेदार से लेवी वसूलने पहुंचा था. इसी दौरान पुलिस ने चारों ओर से घेराबंदी कर उसे गिरफ्तार कर लिया था. पुलिस ने उसके पास से एक देसी पिस्टल, जिंदा गोली और नक्सली पर्चा बरामद किया था. गिरफ्तारी के बाद करण कुछ वर्षों तक जेल में रहा. जेल से बाहर आने के बाद वह घर लौटा, लेकिन कुछ समय बाद फिर से संगठन में शामिल हो गया. छह महीने में एक बार आता था घर पिता के अनुसार संगठन में दोबारा शामिल होने के बाद करण कभी-कभी छह महीने में एक बार घर आता था. हाल के दिनों में कोल्हान क्षेत्र में चल रहे नक्सल विरोधी अभियान और माओवादी इजराइल पूर्ति के मारे जाने के बाद परिवार की चिंता बढ़ गई थी. फाड़ तियूर ने बताया कि एक मुठभेड़ के बाद करण घर आया था. उसने खाना खाया और फिर जंगल की ओर चला गया. इस दौरान सुरक्षा बलों ने उसके घर की तलाशी भी ली थी. पुलिस ने उस पर दो लाख रुपये का इनाम घोषित कर रखा था. इसे भी पढ़ें: कोल्हान के युवक-युवतियों ने क्यों थामा बंदूक? पढ़ें सरेंडर करने वाले नक्सलियों की कहानी पिता चाहते थे बेटा लौट आए मुख्यधारा में करण के पिता ने कहा कि अब वे बेटे को जंगल और हिंसा की जिंदगी से बाहर निकालना चाहते थे. उन्होंने करण को आत्मसमर्पण कर सामान्य जीवन जीने की सलाह दी. लगातार सुरक्षा दबाव, परिवार की चिंता और बदलते माहौल के बीच आखिरकार करण उर्फ डांगुर ने आत्मसमर्पण कर मुख्यधारा में लौटने का फैसला लिया. स्थानीय लोगों का मानना है कि करण की वापसी क्षेत्र के अन्य भटके युवाओं के लिए भी एक बड़ा संदेश है कि हिंसा का रास्ता छोड़कर सामान्य जीवन अपनाया जा सकता है. इसे भी पढ़ें: अब कुख्यात नक्सली गुणा हांसदा भी करना चाहता है सरेंडर, मुख्यधारा में लौटने जताई इच्छा The post सिर्फ 10 साल की उम्र में नक्सली बन गया था करण उर्फ डांगुर, पूरी कहानी जानें पिता की जुबानी appeared first on Naya Vichar.

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रिकॉर्ड गिरावट के बाद संभला भारतीय रुपया, RBI के दखल से 49 पैसे की आई शानदार मजबूती

Rupee Update : लगातार कई दिनों से रिकॉर्ड गिरावट का सामना कर रहे हिंदुस्तानीय रुपये (Indian Rupee) के लिए आज राहत भरा दिन रहा. पश्चिम एशिया (मिडिल ईस्ट) में तनाव कम होने के संकेतों और हिंदुस्तानीय रिजर्व बैंक (RBI) के संभावित दखल की वजह से रुपया अपने सर्वकालिक निचले स्तर से शानदार ढंग से उबरने में कामयाब रहा. बृहस्पतिवार को कारोबार के अंत में रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 49 पैसे की बड़ी मजबूती के साथ 96.37 रुपये (अस्थायी) पर बंद हुआ. दिनभर के उतार-चढ़ाव पर एक नजर अंतरबैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार (Foreign Exchange Market) में आज रुपये की चाल में काफी हलचल देखी गई: शुरुआत: रुपया डॉलर के मुकाबले मजबूत स्थिति में 96.25 पर खुला. हाई और लो लेवल: कारोबार के दौरान रुपये ने 96.05 का उच्च स्तर (हाई) और 96.60 का निचला स्तर (लो) छुआ. क्लोजिंग: अंत में यह पिछले बंद भाव (96.86) के मुकाबले 49 पैसे सुधरकर 96.37 पर बंद हुआ. बुधवार को बना था सबसे खराब रिकॉर्ड: इससे ठीक एक दिन पहले, बुधवार को रुपया इतिहास के सबसे निचले स्तर 96.86 पर बंद हुआ था, और कारोबार के दौरान तो यह ₹96.95 तक फिसल गया था. फॉरवर्ड मार्केट में ₹100 का मनोवैज्ञानिक स्तर! विदेशी मुद्रा कारोबारियों ने एक बेहद दिलचस्प और ध्यान देने वाली बात बताई है. बुधवार को एक साल के ‘फॉरवर्ड’ बाजार (Forward Market) में रुपये की दर 100 रुपये प्रति डॉलर के महत्वपूर्ण स्तर तक पहुंच गई थी. इसका सीधा सा मतलब यह है कि बाजार के बड़े खिलाड़ी और एक्सपर्ट्स पहले से ही यह मानकर चल रहे हैं कि अगले 12 महीनों में डॉलर के मुकाबले रुपया कमजोर होकर ₹100 के स्तर को छू सकता है. एक्सपर्ट्स का क्या है कहना ? एचडीएफसी सिक्योरिटीज के रिसर्च एनालिस्ट दिलीप परमार के मुताबिक, “भू-नेतृत्वक तनाव में कमी के शुरुआती संकेतों और केंद्रीय बैंक (RBI) के एक्टिव हस्तक्षेप (Intervention) से रुपये को सहारा मिला है. आने वाले समय में निवेशकों की नजरें मिडिल ईस्ट के हालातों और आरबीआई की अगली मौद्रिक नीति (Monetary Policy) पर टिकी रहेंगी.” उनके अनुमान के मुताबिक, आने वाले दिनों में रुपया 95.74 से 96.50 के दायरे में घूम सकता है. शेयर बाजार और कच्चे तेल का हाल डॉलर इंडेक्स: दुनिया की छह प्रमुख करेंसी के मुकाबले डॉलर की मजबूती दिखाने वाला डॉलर सूचकांक 0.22% बढ़कर 99.30 पर पहुंच गया. कच्चा तेल (Crude Oil): राहत की बात यह रही कि ब्रेंट क्रूड का भाव 0.75% गिरकर 104.23 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया, जिससे हिंदुस्तान का तेल आयात बिल थोड़ा कम होने की उम्मीद है. शेयर बाजार: हिंदुस्तानीय शेयर बाजार में आज मामूली सुस्ती रही. सेंसेक्स 135 अंक टूटकर 75,183 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 23,654 के स्तर पर लगभग फ्लैट (स्थिर) रहा. विदेशी निवेशक (FII): विदेशी संस्थागत निवेशकों ने बाजार में बिकवाली जारी रखी और बुधवार को ₹1,597.35 करोड़ के शेयर बेचे. Also Read : दुनिया के पहले ‘ट्रिलियनेयर’ बनेंगे एलन मस्क ! स्पेसएक्स ला रही है इतिहास का सबसे बड़ा IPO The post रिकॉर्ड गिरावट के बाद संभला हिंदुस्तानीय रुपया, RBI के दखल से 49 पैसे की आई शानदार मजबूती appeared first on Naya Vichar.

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चतरा में सिस्टम फेल, जज्बा पास: बेटी की शादी बचाने को ग्रामीणों ने खुद बनाई 2 दिन में सड़क

चतरा से दीनबंधू/धर्मेद्र गुप्ता की रिपोर्ट Chatra News, चतरा : जब प्रशासन और प्रशासन सो जाए, तो जनता को खुद अपनी तकदीर बदलनी पड़ती है.” इस कहावत को हू ब हू सच कर दिखाया है चतरा जिले के अति सुदूर कुंदा प्रखंड अंतर्गत बौधाडीह पंचायत के हारुल गांव के ग्रामीणों ने. गांव तक पहुंचने के लिए कोई रास्ता न होने के कारण एक गरीब ग्रामीण की बेटी की शादी टूटने की कगार पर पहुंच गई थी. दूल्हे वालों ने साफ कह दिया था कि गांव में सड़क नहीं है, इसलिए वे बारात लेकर नहीं आएंगे. इस मान-सम्मान की लड़ाई में पूरा गांव एकजुट हुआ और प्रशासनिक अनदेखी को तमाचा मारते हुए ग्रामीणों ने महज दो दिनों के भीतर श्रमदान और आपसी सहयोग से आधा किलोमीटर लंबी कच्ची सड़क का निर्माण कर डाला, ताकि गांव की बेटी की डोली सम्मान के साथ विदा हो सके. शादी से मुकर रहे थे लड़के वाले पूरा मामला हारुल गांव के रहने वाले दीनाथ गंझू के परिवार से जुड़ा है. दीनाथ गंझू की पुत्री तिलवंती कुमारी की शादी तय हुई थी. लेकिन जब लड़के वालों (वर पक्ष) को पता चला कि हारुल गांव तक पहुंचने के लिए कोई सड़क ही नहीं है और वहां तक गाड़ी नहीं जा सकती, तो उन्होंने शादी से इनकार करना शुरू कर दिया. बारात न लाने और रिश्ता तोड़ने की बात से लाचार पिता और परिवार के सामने दुखों का पहाड़ टूट पड़ा. जब यह बात पूरे गांव में फैली, तो ग्रामीणों की प्रतिष्ठा दांव पर लग गई. ग्रामीणों ने तुरंत गांव में एक आपात बैठक बुलाई और संकल्प लिया कि वे अपनी बेटी की शादी किसी भी कीमत पर टूटने नहीं देंगे. इसके बाद ग्रामीणों ने खुद हाथ में कुदाल, गैंता और बेलचा उठाया और आपसी चंदे से एक जेसीबी (JCB) मशीन की व्यवस्था की. मात्र दो दिनों की दिन-रात की कड़ी मेहनत और सामूहिक श्रमदान से पथरीली पगडंडी को चलने लायक कच्ची सड़क में तब्दील कर दिया गया. जब सड़क बनने का भरोसा दिया गया, तब जाकर घर में शहनाई गूंजी. Also Read: तेलंगाना में मृत मजदूर रामदुलाल का शव पहुंचा जामताड़ा, स्वास्थ्य मंत्री के पहल से मिला बेबस परिवार को सहारा PMGSY योजना में ठेकेदार की मनमानी ग्रामीणों ने बताया कि ऐसा नहीं है कि गांव के लिए सड़क की योजना नहीं आई थी, बल्कि प्रशासनिक शिथिलता और ठेकेदार की मनमानी के कारण विकास आधा किलोमीटर दूर ही दम तोड़ गया. 5 वर्ष पूर्व प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY) के तहत खुटेर गांव से सखुआ पहाड़ तक पक्की सड़क का निर्माण स्वीकृत हुआ था. नियम के मुताबिक इसे हारुल गांव के भीतर तक आना था, लेकिन संवेदक ने मनमानी करते हुए मुख्य पक्की सड़क को गांव से आधा किलोमीटर दूर ही खत्म कर दिया. ग्रामीण नारायण गंझू ने किया चौंकाने वाला खुलासा ग्रामीण नारायण गंझू ने एक चौंकाने वाला खुलासा करते हुए बताया कि जब 5 साल पहले ग्रामीणों ने सड़क को गांव के अंदर तक न लाने का विरोध किया था, तो ठेकेदार ने दबंगई दिखाते हुए सीधे-साधे आदिवासियों को ‘जेल भिजवाने की धमकी’ दे डाली थी. इस डर से सहमे ग्रामीणों ने आवाज उठाना बंद कर दिया और जिला प्रशासन ने भी कभी सुध नहीं ली. बरसात में बन जाते हैं ‘कैदी’ ग्रामीण रघु गंझू ने बताया कि सड़क न होने से पूरा गांव नरकीय जीवन जीने को विवश है. अब तक पगडंडी के सहारे लोग बड़ी मुश्किल से मोटरसाइकिल गांव तक लाते थे. सबसे बदतर स्थिति बरसात के दिनों में होती है, जब पूरा इलाका कीचड़ में तब्दील हो जाता है. बारिश के दिनों में कोई भी वाहन गांव में नहीं घुस पाता. स्थिति यह होती है कि यदि किसी ग्रामीण के पास बाइक है, तो वह उसे आधा किलोमीटर दूर पक्की सड़क के किनारे ही ताला (Lock) मारकर भगवान भरोसे छोड़ देता है और पैदल गांव आता है. ऐसे में हमेशा गाड़ियों की चोरी होने का डर सताता रहता है. न तो कोई रिश्तेदार गांव आना चाहता है और न ही कोई मेहमान. प्रशासन से पक्की सड़क की गुहार अपनी मेहनत से बेटी की शादी तो ग्रामीणों ने संपन्न करा दी, लेकिन यह कच्ची सड़क बारिश के दिनों में दोबारा बह जाएगी. हारुल गांव के स्त्री, पुरुष और युवाओं ने चतरा जिला प्रशासन और उपायुक्त से मांग की है कि लापरवाही बरतने वाले इस ठेकेदारी पर कार्रवाई की जाए. साथ ही पीएमजीएसवाई योजना की जांच कराते हुए इस आधा किलोमीटर के टुकड़े को अविलंब पक्की सड़क से जोड़ा जाए, ताकि गांव को स्थाई रूप से इस अभिशाप से मुक्ति मिल सके. Also Read: तेलंगाना में सरेंडर करने वाले नक्सलियों का झारखंड से है कनेक्शन, चाईबासा में फैला रखा था नेटवर्क The post चतरा में सिस्टम फेल, जज्बा पास: बेटी की शादी बचाने को ग्रामीणों ने खुद बनाई 2 दिन में सड़क appeared first on Naya Vichar.

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दिल्ली से बेंगलुरु जा रहा एयर इंडिया का विमान टेल स्ट्राइक का शिकार, समझिए क्यों बनती है यह स्थिति

Air India: एयर एंडिया के एक विमान (AI2651)का पिछला हिस्सा लैंडिंग के दौरान रनवे से टकरा गया. यह विमान दिल्ली से बेंगलुरु जा रहा था. हालांकि विमान की लैंडिंग सुरक्षित तरीके से हो गई और किसी भी यात्री को कोई नुकसान नहीं हुआ है. टेल स्ट्राइक की जांच शुरू An Air India spokesperson says, “Flight AI2651 operating from Delhi to Bengaluru on 21 May experienced a tail-strike during landing. The aircraft landed safely, and all passengers and crew disembarked normally. The aircraft has been grounded for detailed inspection. The incident… pic.twitter.com/6q0elZhVI6 — ANI (@ANI) May 21, 2026 एयर इंडिया के प्रवक्ता ने बताया कि गुरुवार को एयरपोर्ट पर लैंडिंग के दौरान रनवे पर टेल स्ट्राइक हुआ. यानी विमान का पिछला हिस्सा रनवे से टकरा गया. इसके बाद दिल्ली से बेंगलुरु जा रहे एयर इंडिया के एक एयरक्राफ्ट को कैंसिल कर दिया गया है. टेल स्ट्राइक क्यों हुआ, इसकी जांच संबंधित अधिकारियों ने शुरू कर दी है. ऑपरेटिंग पायलटों को रोस्टर से हटाया गया एयर इंडिया के एक अधिकारी ने बताया कि टेल स्ट्राइक की घटना के बाद ऑपरेटिंग पायलटों को जांच पेंडिंग रहने तक रोस्टर से हटा दिया गया है. ऐसा सुरक्षा उपायों के तहत किया गया है. एयर इंडिया ने घटना की पुष्टि की और कहा कि 21 मई को दिल्ली से बेंगलुरु जा रही फ्लाइट AI2651 की लैंडिंग के दौरान टेल-स्ट्राइक हुई. एयरक्राफ्ट सुरक्षित रूप से लैंड हो गया और सभी पैसेंजर और क्रू नॉर्मल तरीके से उतर गए. प्रभावित यात्रियों के ठहरने का इंतजाम कर दिया गया है. टेल स्ट्राइक क्या है? टेल-स्ट्राइक उस स्थिति को कहते हैं जब विमान का पिछला हिस्सा लैंडिंग या टेक-ऑफ) के दौरान रनवे से टकरा जाए. यह टकराव आमतौर पर विमान को ज्यादा एंगल पर उतारने या हवा में उड़ाने पर होता है. टेल-स्ट्राइक क्यों होता है? टेल स्ट्राइक की घटना तब होती है जब तेज हवा चल रही हो. क्रॉसविंड जैसी स्थिति हो या फिर लैंडिंग के समय विमान का एंगल ज्यादा हो. लैंडिग के समय पायलट, हवा को देखते हुए विमान के पंखों को झुकाते हैं, वही एंगल बनाता है. यह भी संभव है कि पायलट की टाइमिंग गलत हो, जिसकी वजह से पिछला हिस्सा जमीन से टकरा गया. ये भी पढ़ें : पीएम मोदी ने 5 देशों की यात्रा के दौरान हिंदुस्तान की पहचान, इन बेशकीमतों चीजों को किया गिफ्ट; देखें लिस्ट  नीट पेपर लीक के विरोध में कांग्रेस का विरोध मार्च, कहा- बीजेपी प्रशासन दोषियों को बचा रही The post दिल्ली से बेंगलुरु जा रहा एयर इंडिया का विमान टेल स्ट्राइक का शिकार, समझिए क्यों बनती है यह स्थिति appeared first on Naya Vichar.

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दुनिया के पहले ‘ट्रिलियनेयर’ बनेंगे एलन मस्क ! स्पेसएक्स ला रही है इतिहास का सबसे बड़ा IPO

Elon Musk Spacex IPO : दुनिया के सबसे अमीर इंसान एलन मस्क (Elon Musk) के नाम जल्द ही एक ऐसा रिकॉर्ड जुड़ने जा रहा है, जिसे आज तक कोई छू भी नहीं सका है. मस्क बहुत जल्द दुनिया के पहले ट्रिलियनेयर (1 ट्रिलियन डॉलर यानी करीब 83 लाख करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति के मालिक) बन सकते हैं. इसकी वजह है मस्क की रॉकेट और सैटेलाइट इंटरनेट कंपनी स्पेसएक्स (SpaceX), जो शेयर बाजार में लिस्ट होने की तैयारी कर रही है. वॉल स्ट्रीट के जानकारों के मुताबिक, यह इतिहास का सबसे बड़ा आईपीओ (IPO) हो सकता है. बुधवार को कंपनी ने ‘SPCX’ टिकर सिंबल के तहत लिस्ट होने का अपना प्लान पेश किया है. फोर्ब्स बिलियनेयर्स लिस्ट के मुताबिक, मस्क अभी भी 807 बिलियन डॉलर (करीब 77 लाख करोड़ रुपये) की नेटवर्थ के साथ दुनिया के सबसे रईस व्यक्ति हैं. IPO से मस्क कैसे छूएंगे 1 ट्रिलियन का आंकड़ा ? स्पेसएक्स ने आईपीओ के लिए खुद की वैल्यूएशन 1.25 ट्रिलियन डॉलर आंकी है. इस वैल्यूएशन के हिसाब से स्पेसएक्स में मस्क की जो मेजॉरिटी (बहुमत) हिस्सेदारी है, उसकी कीमत ही 600 बिलियन डॉलर से ज्यादा हो जाएगी. कंपनी में मस्क के पास 85.1% वोटिंग पावर है. मस्क की मौजूदा संपत्ति (जिसमें उनकी इलेक्ट्रिक कार कंपनी टेस्ला भी शामिल है) और स्पेसएक्स की इस नई वैल्यूएशन को मिला दिया जाए, तो उनकी कुल नेटवर्थ 1 ट्रिलियन डॉलर के पार निकल जाएगी. सैलरी के लिए मस्क की ‘अजीबो-गरीब’ शर्तें: मंगल ग्रह पर इंसानी बस्ती! आईपीओ फाइलिंग से मस्क की सैलरी और ओनरशिप के बड़े राज खुले हैं. मस्क को 2019 से हर साल केवल 54,080 डॉलर (करीब 45 लाख रुपये) की फिक्स बेसिक सैलरी मिल रही है. लेकिन असली स्पोर्ट्स उनके बोनस शेयर्स का है. मस्क को कंपनी के 6.66 करोड़ शेयर्स (15 किश्तों में) मिल सकते हैं, लेकिन इसके लिए उन्हें दो बेहद कठिन शर्तें पूरी करनी होंगी. पहला शर्त कंपनी की वैल्यूएशन शेयर बाजार में बढ़कर 7.5 ट्रिलियन डॉलर के टारगेट को छुए. दूसरा शर्त स्पेसएक्स सफलतापूर्वक मंगल ग्रह (Mars) पर कम से कम 10 लाख लोगों की एक स्थायी इंसानी बस्ती बसा दे. इसके अलावा, मस्क की एआई (AI) कंपनी xAI के साथ मर्जर के बाद, उन्हें फ्यूचर वैल्यूएशन और सालाना 100 टेरावॉट कंप्यूटिंग पावर वाले डेटा सेंटर्स लॉन्च करने पर 302 मिलियन नए शेयर्स का इनाम भी मिलेगा. 28.5 ट्रिलियन डॉलर का बड़ा बाजार और स्पेसएक्स का विजन कंपनी ने 277 पन्नों के अपने प्रोस्पेक्टस में बताया है कि वे भविष्य में 28.5 ट्रिलियन डॉलर का मार्केट अवसर देख रहे हैं. इसमें सबसे बड़ा हिस्सा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का (26.5 ट्रिलियन डॉलर) है. कंपनी का लॉन्ग-टर्म विजन केवल रॉकेट उड़ाना नहीं, बल्कि अंतरिक्ष में तैरते हुए डेटा सेंटर्स लॉन्च करना. सूर्य की ऊर्जा से चलने वाले एक सुपर-स्मार्ट ‘ट्रुथ-सीकिंग एआई’ को बनाना. चांद पर बेस बनाना और जीवन को मल्टीप्लेनेटरी (एक से अधिक ग्रहों पर रहने योग्य) बनाना. कंपनी की वित्तीय स्थिति पहली बार स्पेसएक्स के वित्तीय पोर्टफोलियो (Financials) की पूरी जानकारी दुनिया के सामने आई है, जो काफी चौंकाने वाली है. वित्तीय पैमाना (Financial Portfolio) पिछले साल का आंकड़ा (Full Year) इस साल की पहली तिमाही (Q1) कुल कमाई (Revenue/Sales) 18.6 बिलियन डॉलर 4.7 बिलियन डॉलर शुद्ध घाटा (Net Loss) 4.9 बिलियन डॉलर 4.3 बिलियन डॉलर एआई इंफ्रास्ट्रक्चर पर खर्च 12.7 बिलियन डॉलर 7.7 बिलियन डॉलर Also Read : मामूली गिरावट के साथ बंद हुआ शेयर बाजार, आईटी शेयरों में रही बिकवाली; पर साउथ कोरिया के मार्केट ने रचा इतिहास The post दुनिया के पहले ‘ट्रिलियनेयर’ बनेंगे एलन मस्क ! स्पेसएक्स ला रही है इतिहास का सबसे बड़ा IPO appeared first on Naya Vichar.

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Bajaj Pulsar N160 की नई वेरिएंट लॉन्च: जानें आखिर आपको क्या मिल रहा है एक्स्ट्रा फीचर्स में

Bajaj Auto ने अपनी Pulsar N160 रेंज को अपडेट करते हुए एक नया वेरिएंट लॉन्च किया है. इस नए मॉडल को कंपनी ने ₹1.22 लाख (एक्स-शोरूम) की शुरुआती कीमत पर पेश किया है. इस अपडेट का मकसद बाइक को और ज्यादा फीचर्स के साथ फ्रेश और अपग्रेडेड बनाना है. अब इसमें गोल्डन अपसाइड डाउन (USD) फोर्क्स, स्लिपर क्लच और कुछ कॉस्मेटिक अपडेट्स देखने को मिलते हैं. सबसे खास बात यह है कि इंजन में कोई बदलाव नहीं किया गया है. यानी परफॉर्मेंस पहले जैसी ही बनी हुई है. गोल्डन फोर्क्स हैं सेंटर पॉइंट अगर आप नए Bajaj N160 को पुराने मॉडल के साथ खड़ा करके देखेंगे, तो फर्क तुरंत साफ नजर आ जाएगा. इसकी गोल्डन रंग की upside-down फ्रंट फोर्क्स दूर से ही ध्यान खींच लेती हैं. इससे बाइक एक ज्यादा प्रीमियम और महंगी फील देती है. कुछ साल पहले तक इस तरह का हार्डवेयर आमतौर पर सिर्फ उन बाइक्स में देखने को मिलता था जिनकी कीमत काफी ज्यादा होती थी. Bajaj ने इस वेरिएंट में नए कलर ऑप्शंस भी जोड़े हैं, जिससे यह पूरी N160 लाइनअप में और भी अलग और खास नजर आती है. स्लिपर क्लच है बहुत काम का… इस बाइक में जो फीचर थोड़ा कम चर्चा में रहता है, लेकिन असल में काफी काम का है, वो है स्लिपर क्लच. बहुत से लोग बाइक खरीदते समय इसके बारे में खास पूछते भी नहीं हैं. लेकिन जब इस्तेमाल शुरू करते हैं तो इसकी अहमियत खुद समझ में आने लगती है. खासकर जब आप तेजी से डाउनशिफ्ट करते हैं, तो यह रियर व्हील को ज्यादा स्टेबल रखता है और इंजन ब्रेकिंग के कारण आने वाले झटके को काफी हद तक कम कर देता है. इसके अलावा N160 में वो सारे जरूरी फीचर्स भी मिलते हैं, जिनकी आजकल इस सेगमेंट में उम्मीद की जाती है. जैसे डुअल-चैनल ABS, एक डिजिटल इंस्ट्रूमेंट क्लस्टर, और ब्लूटूथ कनेक्टिविटी जिसमें कॉल अलर्ट और नेविगेशन सपोर्ट जैसी सुविधाएं शामिल हैं. इंजन और परफॉरमेंस  मैकेनिकली इसमें कुछ भी नया नहीं किया गया है. बाइक पहले की तरह ही अपने 164.82cc के ऑयल-कूल्ड सिंगल-सिलेंडर इंजन के साथ आती है, जो 15.7 bhp की पावर और 14.65 Nm का टॉर्क जनरेट करता है. वहीं, इसकी माइलेज 59.11 kmpl है. 5-स्पीड गियरबॉक्स भी पहले जैसा ही है. यानी परफॉर्मेंस में कोई बदलाव नहीं हुआ है. यह भी पढ़ें: इस इंडियन इलेक्ट्रिक बाइक की गजब दीवानगी, सिर्फ 15 दिनों में 25,000 लोगों ने कर दी बुकिंग, जानें खासियत The post Bajaj Pulsar N160 की नई वेरिएंट लॉन्च: जानें आखिर आपको क्या मिल रहा है एक्स्ट्रा फीचर्स में appeared first on Naya Vichar.

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आरजी कर मामला: 48 घंटे के भीतर फिर से शुरू हो जांच, कलकत्ता हाई कोर्ट का आदेश

मुख्य बातें परिवार की मांग पर विचार ‘हर चीज की जांच चल रही है’ आपने एक साल और सात महीने में क्या किया घटनास्थल पर दोबारा जाएंगे अधिकारी RG Kar case: कोलकाता: आरजी कर मामले की फिर से जांच होगी. कलकत्ता हाईकोर्ट ने इस मामले की सुनवाई करते हुए सख्त निर्देश दिया कि 48 घंटे के अंदर इस मामले की फिर से जांच की जाये. दरअसल आरजी कर मामले के मुख्य आरोपी संजय रॉय को निचली अदालत ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है, लेकिन पीड़ित पक्ष की मांग है कि इस मामले की सही से जांच नहीं हुई है और कई ऐसे सवाल है जिनका उत्तर अब तक नहीं मिला है. तिलोत्तमा के माता-पिता, जो इस सब को लेकर असमंजस में हैं, जांच को फिर से शुरू करने की मांग कर रहे थे. इस बार कलकत्ता उच्च न्यायालय ने इसकी अनुमति दे दी है. परिवार की मांग पर विचार इस मामले की सुनवाई गुरुवार को कलकत्ता उच्च न्यायालय में न्यायमूर्ति तीर्थंकर घोष और न्यायमूर्ति शम्पा प्रशासन की खंडपीठ में हुई. सीबीआई की अब तक की जांच, रिपोर्ट में क्या लिखा गया था, इन सभी मुद्दों पर आज चर्चा हुई. न्यायाधीशों ने इस बात पर विचार किया कि क्या जांच दोबारा शुरू की जानी चाहिए या नहीं. पीड़ित पक्ष के वकील की ओर से कहा गया कि निचली अदालत ने आरजी कर मामले के मुख्य आरोपी संजय रॉय को आजीवन कारावास की सजा सुनाई, लेकिन प्रशासनी अस्पताल के अंदर उस रात वास्तव में क्या हुआ था, इस सवाल का अभी तक कोई स्पष्ट जवाब नहीं मिला है. अपराध ठीक कहाँ हुआ था? परिवार को पहले घटनास्थल देखने की अनुमति क्यों नहीं दी गई? ‘हर चीज की जांच चल रही है’ इस मामले के सामाजिक प्रभाव को देखते हुए नए सिरे से जांच का आदेश दिया गया है. अदालत के आदेश पर सीबीआई की एक बेंच गठित की गई है, जिसमें सीबीआई के संयुक्त निदेशक (पूर्व) समेत तीन अधिकारी शामिल हैं. यह बेंच अगले 48 घंटों के भीतर फिर से जांच शुरू करेगी. घटना वाली रात के खाने से लेकर शव के अंतिम संस्कार और सबूतों को नष्ट करने तक, सभी पहलुओं की जांच की जाएगी. पश्चिम बंगाल की अन्य महत्वपूर्ण समाचारों को पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें आपने एक साल और सात महीने में क्या किया न्यायमूर्ति तीर्थंकर घोष ने आज सीबीआई से पूछा-आपने एक साल और सात महीने में क्या किया? आपकी रिपोर्ट में सिर्फ सीबीआई द्वारा की गई कार्रवाई का ही जिक्र है. न्यायमूर्ति शम्पा प्रशासन ने पूछा-चार्जशीट दाखिल करने के बाद 70-80 लोगों के बयान दर्ज किए गए. ऐसा करने से उन्हें क्या हासिल हुआ? सीबीआई के वकील ने कहा कि पुलिस जांच में कुछ गलतियां थीं, जिनका जिक्र रिपोर्ट में किया गया है. घटनास्थल पर दोबारा जाएंगे अधिकारी न्यायाधीश के स्पष्ट निर्देश थे-भोजन के समय से शुरू करें. घटना तक पहुँचें। उन कमियों (लापरवाही) पर फिर से काम करना शुरू करें, जिन्हें आपने स्वयं इंगित किया है. उन कमियों पर ध्यान केंद्रित करें. न्यायाधीश ने यह भी कहा कि इसमें जनहित शामिल है, इसलिए कई वरिष्ठ अधिकारी घटनास्थल पर दोबारा जाएंगे. Also Read: ‘इतनी गैरजिम्मेदाराना हरकत क्यों…’, हाई कोर्ट ने अभिषेक बनर्जी पर की कड़ी टिप्पणी The post आरजी कर मामला: 48 घंटे के भीतर फिर से शुरू हो जांच, कलकत्ता हाई कोर्ट का आदेश appeared first on Naya Vichar.

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