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किडनैपिंग के 4 साल बाद बेटा से मिलते ही रोने लगी मां, आद्विक अपहरण केस में सामने आई दूसरी हैरान करने वाली कहानी

Bihar News: गया पुलिस ने एक ऐसी कहानी का खुलासा किया है, जिसने हर किसी को भावुक कर दिया. चार साल पहले मंदिर से चोरी हुआ आठ साल का बच्चा शिवम आखिरकार अपनी मां से मिल लिया. जैसे ही मां की नजर बेटे पर पड़ी, वह दौड़कर उसे सीने से लगा ली. दोनों की आंखों से आंसू रुक नहीं रहे थे. मां बार-बार बस यही कह रही थी- कहां चले गए थे बाबू… अब छोड़कर मत जाना. यह पूरा मामला उस वक्त सामने आया जब पुलिस 16 मई को किडनैप हुए मासूम आद्विक की तलाश कर रही थी. आद्विक की तलाश में खुला 4 साल पुराना राज औरंगाबाद के ओबरा देवी मंदिर से 16 मई को आद्विक का अपहरण हुआ था. पुलिस ने 19 मई को गया से उसे सुरक्षित बरामद कर लिया. लेकिन जिस स्त्री के घर से आद्विक मिला, वहीं एक और बच्चा भी मौजूद था. यही बच्चा शिवम निकला, जो चार साल पहले उसी मंदिर से चोरी हुआ था. पुलिस को शुरुआत में ही स्त्री की बातों पर शक हुआ. स्त्री उस शिशु को अपना बेटा बता रही थी, लेकिन जांच में कई बातें मेल नहीं खा रही थीं. इसके बाद पुलिस ने पुराने रिकॉर्ड खंगालने शुरू किए. वट सावित्री पूजा के दिन हुआ था अपहरण जांच में पता चला कि साल 2022 में वट सावित्री पूजा के दिन शिवम का अपहरण हुआ था. उस समय वह अपनी मां के साथ ओबरा देवी मंदिर गया था. पूजा के दौरान भीड़ का फायदा उठाकर आरोपी स्त्री रंजू देवी उसे बहलाकर अपने साथ ले गई थी. हैरानी की बात यह है कि आद्विक को भी ठीक उसी तरीके से उसी मंदिर से उठाया गया था. बेटे के गुम होने के बाद टूट गई थी मां शिवम के गायब होने के बाद परिवार ने उसे काफी खोजा, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला. बेटे के बिछड़ने का सदमा मां शांति पांडेय बर्दाश्त नहीं कर पा रही थीं. बाद में वह अपने पिता के साथ दिल्ली चली गईं. उन्होंने बताया कि चार साल तक हर जगह बेटे को खोजा, लेकिन कुछ पता नहीं चला. उम्मीद लगभग खत्म हो चुकी थी. आरोपी स्त्री ने बदल दिया था शिशु का नाम पुलिस के अनुसार, चार साल तक साथ रहने की वजह से शिवम अपने असली परिवार को लगभग भूल चुका था. आरोपी स्त्री रंजू देवी ने उसका नाम बदलकर ‘रौशन’ रख दिया था. उसने शिशु का एडमिशन डीएवी स्कूल में भी कराया था और उसे अपने बेटे की तरह रखती थी. पुलिस ने पुराने फोटो और परिवार की तस्वीरें दिखाकर धीरे-धीरे शिशु को उसकी असली पहचान याद दिलाई. इसके बाद पूरा सच सामने आ गया. बच्चा चुराने के पीछे की वजह जानिए पूछताछ में आरोपी रंजू देवी ने बताया कि शादी के कई साल बाद भी उसे संतान नहीं हुई. इसी वजह से उसके पति ने दूसरी शादी कर ली. इसके बाद वह अकेले रहने लगी. उसने पहले बच्चा गोद लेने की कोशिश की, लेकिन सफल नहीं हुई. फिर उसने मंदिरों और भीड़भाड़ वाली जगहों से बच्चों को चुराने की योजना बनाई. आद्विक को लड़की समझकर उठाया स्त्री ने पुलिस को बताया कि आद्विक के लंबे बाल थे. उसे लगा कि वह लड़की है. उसने सोचा कि एक बेटा और एक बेटी होने से उसका परिवार पूरा हो जाएगा. लेकिन आद्विक किडनैपिंग केस की जांच में ही चार साल पुराना शिवम अपहरण कांड भी खुल गया. पुलिस भी रह गई हैरान पुलिस अधिकारियों का कहना है कि अगर जांच सही दिशा में नहीं बढ़ती, तो शायद शिवम कभी अपने असली परिवार तक नहीं पहुंच पाता. वहीं, जांच से जुड़े अधिकारियों का मानना है कि आरोपी स्त्री मानसिक रूप से असामान्य भी हो सकती है. Also Read: गोली चलाओगे तो गोली खाओगे का असर? बिहार में लगातार हो रहे एनकाउंटर के डर से कुख्यात बदमाश ने गंगा में बहाए हथियार The post किडनैपिंग के 4 साल बाद बेटा से मिलते ही रोने लगी मां, आद्विक अपहरण केस में सामने आई दूसरी हैरान करने वाली कहानी appeared first on Naya Vichar.

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शाम की छोटी भूख के लिए बेस्ट है ये स्नैक, घर पर मिनटों में बनाएं बाजार जैसे क्रिस्पी पोटैटो स्माइलीज

Potato Smileys: अगर आपके शिशु भी शाम होते ही कुछ यूनिक और मजेदार खाने की जिद करने लगते हैं, तो आपको उनके लिए घर पर ही पोटैटो स्माइलीज बनाना चाहिए. यह एक ऐसी रेसिपी है जिसे देखते ही बच्चों के चेहरे पर मुस्कान अपने आप आ जाती है. आप सभी ने कभी न कभी पैक्ड फ्रोजन स्माइलीज तो जरूर ही खाए होंगे, लेकिन घर पर बने इन फ्रेश और क्रिस्पी स्माइलीज का स्वाद आपको अपना फैन बना सकता है. इस डिश की सबसे खास बात है कि इसे तैयार करने में ज्यादा समय नहीं लगता है और यह मिनटों में बनकर तैयार भी हो जाती है. सॉफ्ट आलू, बिलकुल ही कम मसाले और क्रिस्पी टेक्सचर होने की वजह से आपके शिशु इन्हें हर दिन खाने की जिद करने लगते हैं. आप अगर चाहें तो शाम की चाय के साथ इन पोटैटो स्माइलीज को पूरे परिवार के साथ एन्जॉय कर सकते हैं. तो चलिए जानते हैं इसे बनाने की आसान रेसिपी. पोटैटो स्माइलीज बनाने के लिए जरूरी सामग्री 4 मीडियम साइज के उबले आलू 1 कप कॉर्न फ्लोर 2 बड़े चम्मच ब्रेड क्रम्ब्स आधा छोटा चम्मच काली मिर्च पाउडर आधा छोटा चम्मच लाल मिर्च पाउडर नमक अपने स्वादानुसार आधा छोटा चम्मच चाट मसाला फ्राई करने के लिए तेल यह भी पढ़ें: टिफिन से लेकर इवनिंग स्नैक तक, हर मौके के लिए बेस्ट है पास्ता कटलेट, जानें आसान रेसिपी पोटैटो स्माइलीज बनाने की आसान रेसिपी पोटैटो स्माइलीज बनाने के लिए सबसे पहले उबले हुए आलू को अच्छे से मैश कर लें ताकि उसमें कोई गांठ न रहे. बता दें ये आलू जितने स्मूद होंगे, स्माइलीज उतने ही अच्छे बनेंगे. इसके बाद मैश किए हुए आलू में कॉर्न फ्लोर, ब्रेड क्रम्ब्स, नमक, काली मिर्च, लाल मिर्च और चाट मसाला डालें. इन सभी चीजों को अच्छी तरह मिलाकर सॉफ्ट आटा जैसा मिश्रण तैयार कर लें. अब इस मिश्रण को बेलन की मदद से हल्का मोटा बेल लें और इसके बाद किसी गोल ढक्कन या कुकी कटर से राउंड शेप में काट लें. इसके बाद स्ट्रॉ की मदद से दो आंखें बनाएं और चम्मच की मदद से स्माइल बना दें. इन तैयार स्माइलीज को 15 से 20 मिनट के लिए फ्रिज में रख दें. जब आप ऐसा करेंगे तो वे तलते समय टूटेंगे नहीं और ज्यादा क्रिस्पी बनेंगे. अब एक कढ़ाई में तेल गर्म करें और मीडियम आंच पर स्माइलीज को गोल्डन और क्रिस्पी होने तक तल लें. अगर आप चाहें तो इन्हें एयर फ्रायर या ओवन में भी बना सकते हैं. अब आप इन्हें टोमैटो सॉस या फिर मेयोनीज के साथ सर्व कर सकती हैं. यह भी पढ़ें: घर पर ही आसानी से बनाएं बाजार जैसा खट्टा-मीठा आम पापड़, स्वाद ऐसा कि बचपन की आ जाएगी याद The post शाम की छोटी भूख के लिए बेस्ट है ये स्नैक, घर पर मिनटों में बनाएं बाजार जैसे क्रिस्पी पोटैटो स्माइलीज appeared first on Naya Vichar.

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पीएम मोदी ने 5 देशों की यात्रा के दौरान भारत की पहचान, इन बेशकीमतों चीजों को किया गिफ्ट; देखें लिस्ट

PM Modi Gifts : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपनी 5 देशों की यात्रा समाप्त कर स्वदेश लौट आए हैं. इस यात्रा के दौरान पीएम मोदी यूनाइटेड अरब अमीरात (UAE), नीदरलैंड्स, स्वीडन, नॉर्वे और इटली गए और कई द्विपक्षीय समझौते भी किए. अपनी यात्रा के दौरान पीएम मोदी ने सभी पांच देशों में हिंदुस्तान की पहचान माने जाने वाले बेशकीमती चीजों को उपहार स्वरूप वहां के राष्ट्राध्यक्षों को सौंपा. UAE के क्राउन प्रिंस को कोफ्तगिरी वर्क वाला खंजर और मखाना भेंट किया क्रमांक देश/संस्था नेता / पद दिए गए उपहार 1 संयुक्त अरब अमीरात क्राउन प्रिंस कोफ्तगिरी कार्य वाला सेरेमोनियल खंजर, मिथिला मखाना 2 संयुक्त अरब अमीरात शेखा फातिमा बिंत मुबारक अल केतबी (क्वीन मदर) करीमनगर फिलिग्री बॉक्स, महेश्वरी सिल्क कपड़ा 3 संयुक्त अरब अमीरात शेख मोहम्मद बिन जायद अल नहयान (राष्ट्रपति) रोगन पेंटिंग (ट्री ऑफ लाइफ), केसर आम, मेघालय अनानास 4 स्वीडन उल्फ क्रिस्टर्सन (प्रधानमंत्री) शांतिनिकेतन मैसेंजर बैग, रवींद्रनाथ टैगोर की रचनाएँ, लोकटक चाय, लद्दाख पश्मीना स्टोल 5 स्वीडन क्राउन प्रिंसेस विक्टोरिया गोंड पेंटिंग, “कन्वीनियेंट एक्शन: कंटिन्यूइटी फॉर चेंज” (पुस्तक) 6 नॉर्वे जोनास गार स्टोरे (प्रधानमंत्री) प्रेस्ड ऑर्किड पेंटिंग, ऑर्किड पेपरवेट 7 नॉर्वे रानी सोन्या पाम लीफ पटचित्र 8 नॉर्वे क्राउन प्रिंस हाकोन कलमकारी पेंटिंग (सूर्य और चंद्रमा मोटिफ) 9 नीदरलैंड विलेम-अलेक्जेंडर (राजा) ब्लू पॉटरी 10 नीदरलैंड रानी मैक्सिमा मीनाकारी और कुंदन ईयररिंग्स 11 नीदरलैंड रॉब जेटेन मधुबनी पेंटिंग (मछली मोटिफ) 12 इटली सर्जियो मातारेला (राष्ट्रपति) मार्बल इनले वर्क बॉक्स, पंडित भीमसेन जोशी और एम.एस. सुब्बुलक्ष्मी के सीडी 13 खाद्य और कृषि संगठन (FAO) क्यू डोंग्यू हिंदुस्तान के प्रमुख चावल (रेड राइस, गोविंदभोग, बासमती, जोहा, काला नमक), हेल्दी मिलेट बार्स 14 आइसलैंड क्रिस्ट्रीन फ्रॉस्टाडोटिर (प्रधानमंत्री) तेनजिंग नॉर्गे के आइस एक्स की प्रतिकृति 15 डेनमार्क मेटे फ्रेडरिकसन (प्रधानमंत्री) बिदरी सिल्वर वर्क फूलदान 16 फिनलैंड पेटेरी ओर्पो (प्रधानमंत्री) कमल तलाई पिचवाई पेंटिंग प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने यूएई दौरे के दौरान वहां के क्राउन प्रिंस को कोफ्तगिरी वर्क वाला खंजर और मिथिला का मखाना भेंट किया. यह पारंपरिक खंजर जिस पर बारीक कोफ्तगिरी वर्क है, हिंदुस्तान की मार्शल और कलात्मक विरासत का एक अनोखा उदाहरण है. राजस्थान के उदयपुर में सिकलीगर और पारंपरिक मेटल कारीगरों के एक छोटे से समुदाय द्वारा की जाने वाली कोफ्तगिरी, स्टील पर बारीक सोने और चांदी के तारों को जड़कर नाजुक फूलों और ज्योमेट्रिक डिजाइन बनाने की एक बारीकी से की जाने वाली कला है.मिथिला मखाना, बिहार के मिथिला इलाके का एक प्रीमियम प्रोडक्ट है. मखाना अपनी शुद्धता,पौष्टिकता और कई तरह से अन्य प्रयोगों के लिए जाने जाते हैं. फिनलैंड के प्रधानमंत्री पेटेरी ओर्पो को कमल तलाई पिछवाई पेंटिंग भेंट की पीएम मोदी ने फिनलैंड के प्रधानमंत्री पेटेरी ओर्पो को कमल तलाई पिछवाई पेंटिंग भेंट की. यह पेंटिंगराजस्थान के नाथद्वारा परंपरा की शांत सुंदरता और भक्ति वाली कलाकारी को दिखाती है. कमल से भरे पानी के आस-पास बनी यह पेंटिंग पवित्रता, तालमेल और आध्यात्मिक सोच का प्रतीक है. इस पेंटिंग में भगवान कृष्ण की लीलाओं को दर्शाया जाता है. नॉर्वे के पीएम जोनास गहर स्टोरे को ऑर्किड पेंटिंग और ऑर्किड पेपरवेट गिफ्ट किया नॉर्वे के पीएम जोनास गहर स्टोरे को पीएम मोदी ने सिक्किम की खास पेंटिंग और ऑर्किड पेपरवेट गिफ्ट किया.सिक्किम की धुंध से ढंकी घाटियों से लिया गया यह आर्टवर्क सस्टेनेबिलिटी, इकोलॉजिकल बैलेंस और पारंपरिक कारीगरी के प्रति गहरी लगन को दिखाता है. नॉर्वे की प्रकृति, सस्टेनेबिलिटी और फूलों की संस्कृति के प्रति गहरी समझ सिक्किम की ऑर्किड विरासत में स्वाभाविक रूप से झलकती है. ये भी पढ़ें : नीट पेपर लीक के विरोध में कांग्रेस का विरोध मार्च, कहा- बीजेपी प्रशासन दोषियों को बचा रही The post पीएम मोदी ने 5 देशों की यात्रा के दौरान हिंदुस्तान की पहचान, इन बेशकीमतों चीजों को किया गिफ्ट; देखें लिस्ट appeared first on Naya Vichar.

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Drishyam 2 में क्यों हुई थी अक्षय खन्ना की कास्टिंग, निर्देशक अभिषेक पाठक ने किया खुलासा

मोहनलाल स्टारर “दृश्यम 3” का मलयालम वर्जन आखिरकार दुनियाभर के सिनेमाघरों में रिलीज हो चुका है. लंबे इंतजार के बाद इस सुपरहिट फ्रेंचाइजी का नया चैप्टर दर्शकों के सामने आया है. फिल्म के हिंदी वर्जन भी काफी पॉपुलर हुए थे. इसमें अजय देवगन, तब्बू और अक्षय खन्ना जैसे कलाकार हैं. इस फिल्म का निर्देशन अभिषेक पाठक ने किया है. दोनों पार्ट सुपरहिट रही है. अब हाल ही में दिए एक इंटरव्यू में अभिषेक पाठक ने बताया कि मलयालम “दृश्यम 2” को हिंदी दर्शकों के मुताबिक ढालना आसान नहीं था. दृश्यम 2 बनाने में आई चुनौती पर क्या बोले अभिषेक पाठक अभिषेक ने जूम संग बात करते हुए कहा कि उन्होंने इसे किसी चुनौती की तरह नहीं देखा, लेकिन हिंदी ऑडियंस की पसंद को समझने में काफी समय लग गया. अभिषेक के मुताबिक जब उन्होंने मलयालम फिल्म देखी तो उन्हें उसकी ओरिजनल कहानी काफी पसंद आई, लेकिन हिंदी दर्शकों के लिए फिल्म को अलग अंदाज में पेश करना जरूरी था. इसी वजह से उन्होंने स्क्रिप्ट पर लगभग डेढ़ साल तक काम किया. दृश्यम 2 में क्यों हुई थी अक्षय खन्ना की एंट्री अभिषेक ने यह भी खुलासा किया कि हिंदी वर्जन में कई बदलाव जानबूझकर किए गए थे. उन्होंने मलयालम फिल्म के कुछ हिस्सों और सबप्लॉट्स को हटाया और अपनी तरफ से नए एंगल जोड़े. खास तौर पर अक्षय खन्ना का किरदार हिंदी फिल्म में नया था, जो मलयालम वर्जन में मौजूद नहीं था. उन्होंने कहा कि पुलिस वाले का ट्रैक पहले से था, लेकिन वह ऑडियंस के लिए उसे ज्यादा दिलचस्प और अलग बनाना चाहते थे. यही कारण था कि कई नए सीन जोड़े गए ताकि फिल्म ज्यादा थ्रिलिंग लगे. तब्बू की एंट्री पर क्या बोले थे अभिषेक पाठक हाल ही में अभिषेक ने दृश्यम 3 में तब्बू की वापसी को लेकर भी बात की. उन्होंने कहा कि भले ही दर्शकों को लगता है कि मीरा की कहानी सैम की अस्थियों के विसर्जन के साथ समाप्त हो गई है, लेकिन अभी भी बहुत कुछ जानना बाकी है. बता दें कि अजय देवगन, श्रिया सरन, इशिता दत्ता और मृणाल जाधव ‘दृश्यम 3’ में अपनी भूमिकाओं को दोहराएंगे. अभिषेक ने स्क्रिप्ट के लिए आमिल कीयन खान और परवेज शेख के साथ मिलकर काम किया है. फिल्म का निर्माण आलोक जैन, अजीत अंधारे, कुमार मंगत पाठक और स्वयं पाठक कर रहे हैं. यह भी पढ़ें- दूसरी बार शादी के बंधन में बंधेंगे अरमान और अभीरा, लेकिन दादी सा ने रख दी ये शर्त The post Drishyam 2 में क्यों हुई थी अक्षय खन्ना की कास्टिंग, निर्देशक अभिषेक पाठक ने किया खुलासा appeared first on Naya Vichar.

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क्या मिथिलांचल को मिलेगी वंदे भारत? संजय झा ने अश्विनी वैष्णव को सौंपा इन ट्रेनों का नया रूट प्लान

Mithila Rail Connectivity: मिथिला क्षेत्र में रेल कनेक्टिविटी मजबूत करने और यात्रियों को बेहतर सुविधा दिलाने को लेकर राज्यसभा सांसद संजय कुमार झा ने केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव से नई दिल्ली में मुलाकात की. इस दौरान उन्होंने रेल सेवाओं के विस्तार और रेलवे आधारभूत ढांचे के विकास को लेकर कई मांगें रखीं. सांसद ने रेल मंत्री को एक डिटेल्ड पत्र भी सौंपा. इस पर जल्द काम होने का आश्वासन मिला है. संजय झा ने रेल मंत्री से माता जानकी की जन्मस्थली सीतामढ़ी से अयोध्या धाम जंक्शन तक वंदे हिंदुस्तान एक्सप्रेस शुरू करने की मांग की. प्रस्तावित रूट रक्सौल और गोरखपुर होकर तय किया गया है. उनका कहना है कि इससे मिथिला और अयोध्या के बीच यात्रा काफी आसान हो जाएगी और श्रद्धालुओं को बड़ी सुविधा मिलेगी. आनंद विहार-लौकहा स्पेशल ट्रेन को नियमित करने की मांग सांसद ने दिल्ली के आनंद विहार टर्मिनल से लौकहा तक चल रही स्पेशल ट्रेन को नियमित ट्रेन का दर्जा देने की मांग भी रखी. उन्होंने कहा कि इस ट्रेन को यात्रियों का अच्छा रिस्पॉन्स मिला है, इसलिए इसे स्थायी रूप से चलाया जाना चाहिए ताकि लोगों को सफर में परेशानी न हो. दरभंगा संपर्क क्रांति और अहमदाबाद ट्रेन विस्तार का प्रस्ताव रेल मंत्री को दिए गए पत्र में दरभंगा संपर्क क्रांति एक्सप्रेस को झंझारपुर तक बढ़ाने की मांग की गई है. सांसद ने सुझाव दिया कि शुरुआत में इसे सप्ताह में तीन दिन चलाया जा सकता है. इसके अलावा अहमदाबाद-दरभंगा ट्रेन को वाचस्पति नगर तक विस्तार देने की भी मांग रखी गई. मिथिला में बेहतर होगी रेल कनेक्टिविटी! नई दिल्ली में कल शाम (20 मई को) माननीय केंद्रीय रेल मंत्री @AshwiniVaishnaw जी से मुलाकात कर मिथिला में रेलवे सेवाओं के विस्तार तथा आधारभूत संरचना के विकास के संबंध में विस्तृत एवं सार्थक चर्चा हुई। इस दौरान उन्हें एक पत्र भी सौंपा, जिस पर… pic.twitter.com/M3flKkB4Fe — Sanjay Kumar Jha (@SanjayJhaBihar) May 21, 2026 रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर मजबूत करने पर जोर मिथिला क्षेत्र में रेलवे ढांचे को मजबूत करने के लिए कई परियोजनाओं पर तेजी से काम शुरू करने का आग्रह किया गया है. इसमें हरनगर-हसनपुर रेल लाइन के निर्माण कार्य में तेजी लाने, तमुरिया स्टेशन को आधुनिक स्टेशन के रूप में विकसित करने और वहां गुड्स वर्क लाइन की स्वीकृति देने की मांग शामिल है. इसके साथ ही सकरी-झंझारपुर-फारबिसगंज रेलखंड के डबलिंग और तमुरिया से सुपौल नई रेल लाइन के सर्वेक्षण काम को जल्द पूरा कराने की भी मांग की गई है. बिहार की ताजा समाचारों के लिए क्लिक करें यात्रियों और क्षेत्रीय विकास को मिलेगा फायदा संजय झा ने कहा कि अगर इन परियोजनाओं पर जल्द काम शुरू होता है तो मिथिला क्षेत्र के लोगों को बेहतर रेल सुविधा मिलेगी. इससे न केवल यात्रियों का सफर आसान होगा बल्कि क्षेत्र में व्यापार, रोजगार और विकास को भी नई गति मिलेगी. उन्होंने उम्मीद जताई कि रेल मंत्रालय इन मांगों पर सकारात्मक फैसला लेकर मिथिला को रेलवे के क्षेत्र में बड़ी सौगात देगा. इसे भी पढ़ें: प्रशांत किशोर का प्रण, इस काम से पहले नहीं लौटेंगे घर, आश्रम से चलाएंगे अभियान The post क्या मिथिलांचल को मिलेगी वंदे हिंदुस्तान? संजय झा ने अश्विनी वैष्णव को सौंपा इन ट्रेनों का नया रूट प्लान appeared first on Naya Vichar.

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Falta Re-Polling: फालता में बंपर वोटिंग, शाम 5 बजे तक 86.11 फीसदी मतदान

Falta Re-Polling Updates: पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना जिले की फालता विधानसभा सीट पर दोबारा मतदान शाम 63 बजे समाप्त हो गया. 144-फालता सीट के सभी 285 मतदान केंद्रों पर री-पोलिंग कराई गई. चुनाव आयोग के अनुसार शाम 5 बजे तक 86.11 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया. पिछली वोटिंग के दौरान गड़बड़ी और अनियमितताओं की शिकायतों के बाद चुनाव आयोग ने दोबारा मतदान का फैसला लिया था. वोटों की गिनती 24 मई को होगी. सुबह से ही मतदान केंद्रों के बाहर मतदाताओं की लंबी कतारें देखी गई और लोग बढ़-चढ़कर वोट डालने पहुंचे. #WATCH | South 24 Parganas, West Bengal: Polling begins in Falta Assembly Constituency. Votes will be counted on May 24. The re-poll across all 285 polling stations in 144-Falta Assembly Constituency, after irregularities were reported in the polling during the West Bengal… pic.twitter.com/po9IgqAGRo — ANI (@ANI) May 21, 2026 पिछली बार टीएमसी वाले दे रहे थे धमकी वोट डालने पहुंचे मतदाता देबाशीष घोष ने कहा कि इस बार वोटिंग पूरी तरह शांतिपूर्ण और सामान्य तरीके से हो रही है. घोष ने बताया कि उन्होंने बिना किसी डर के सही तरीके से वोट डाला, जिससे उन्हें सुकून मिला. उनका कहना है कि पिछली बार अलग-अलग नेतृत्वक दलों, खासकर टीएमसी कार्यकर्ताओं की ओर से दबाव और धमकियां दी जाती थीं. उन्होंने कहा कि लोग घर तक आकर तय समय पर वोट डालने के लिए कहते थे और इलाके में डर का माहौल बना हुआ था. VIDEO | West Bengal: Voting underway for the re-election to the Falta assembly seat in South 24 Parganas district, amid tight security. A voter, Debashish Ghosh, says, “Voting here has been completely normal and peaceful. Everything happened smoothy. I cast my vote properly… pic.twitter.com/quXSbcvF4r — Press Trust of India (@PTI_News) May 21, 2026 शांतिपूर्ण मतदान :  देबांग्शु पांडा बीजेपी उम्मीदवार देबांग्शु पांडा ने दावा किया कि इलाके में मतदान शांतिपूर्ण तरीके से हो रहा है और माहौल पूरी तरह उत्सव जैसा है. उन्होंने कहा कि लोग आराम से आ रहे हैं, वोट डाल रहे हैं और वापस जा रहे हैं. पांडा ने कहा कि बीजेपी यहां बड़ी जीत दर्ज करेगी. उन्होंने टीएमसी नेता जहांगीर खान पर भी निशाना साधते हुए कहा कि उन्हें पहले ही अंदाजा हो गया है कि उनकी पार्टी को बहुत कम वोट मिलने वाले हैं. बीजेपी उम्मीदवार ने दावा किया कि उनकी पार्टी डेढ़ लाख से ज्यादा वोटों के अंतर से जीत हासिल करेगी. #WATCH | South 24 Parganas, West Bengal: BJP candidate from Falta assembly constituency, Debangshu Panda says, “The atmosphere is fine, there is no problem. There is a festive atmosphere. Voters are coming, casting their votes, and leaving; it’s a good atmosphere. BJP will win…… pic.twitter.com/4jLpgDWztN — ANI (@ANI) May 21, 2026 प्रत्येक मतदान केंद्र पर सीएपीएफ के आठ जवान तैनात राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) कार्यालय के एक अधिकारी ने बताया कि प्रत्येक मतदान केंद्र पर केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (सीएपीएफ) के आठ जवान तैनात किये गये हैं. 29 अप्रैल को हुए मतदान के दौरान प्रत्येक बूथ पर केवल चार जवानों को तैनात किया गया था. फालता विधानसभा क्षेत्र में 285 मतदान केंद्र हैं और शांतिपूर्ण मतदान सुनिश्चित करने के लिए केंद्रीय बलों की लगभग 35 कंपनियां तैनात की गई हैं. पुनर्मतदान के लिए सुरक्षा बलों की तैनाती पूर्व की तुलना में लगभग दोगुनी नजर आ रही है. इसके अतिरिक्त, किसी भी गड़बड़ी की स्थिति से तुरंत निपटने के लिए 30 त्वरित प्रतिक्रिया दल (क्विक रिस्पांस टीम) भी तैनात हैं. तृणमूल कांग्रेस के उम्मीदवार जहांगीर खान ने मैदान छोड़ा मंगलवार (19 मई) को तृणमूल कांग्रेस के उम्मीदवार जहांगीर खान ने घोषणा की कि वह 21 मई को होने वाले पुन: मतदान में उम्मीदवार नहीं रहेंगे. तृणमूल कांग्रेस ने कहा कि यह फैसला खान का व्यक्तिगत निर्णय है, पार्टी का नहीं. बीजेपी ने जहांगीर खान के खिलाफ देबांग्शु पांडा को उम्मीदवार बनाया है. इससे पहले, 29 अप्रैल को मतदान के दौरान कई मतदान केंद्रों से ईवीएम पर इत्र और चिपकने वाला टेप लगाए जाने की शिकायतें मिलने के बाद से निर्वाचन क्षेत्र में तनाव बना हुआ है. यह भी पढ़ें : फालता में 21 मई को पुनर्मतदान: TMC के ‘पुष्पा’ आउट, BJP-कांग्रेस में सीधी भिड़ंत फालता विधानसभा सीट पर मुकाबला किनके बीच? टीएमसी उम्मीदवार जहांगीर के चुनाव मैदान से हटने के बाद अब फालता विधानसभा सीट पर मुकाबला मुख्य रूप से बीजेपी और कांग्रेस के बीच माना जा रहा है. हालांकि इस इलाके में लंबे समय तक माकपा का दबदबा रहा है, इसलिए वाम दलों को भी पूरी तरह नजरअंदाज नहीं किया जा सकता. The post Falta Re-Polling: फालता में बंपर वोटिंग, शाम 5 बजे तक 86.11 फीसदी मतदान appeared first on Naya Vichar.

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भारत का एक और दुश्मन ढेर: पुलवामा हमले की साजिश रचने वाला आतंकी हमजा बुरहान मारा गया

Hamza Burhan killed: बुरहान पाकिस्तान आधारित आतंकी नेटवर्क से जुड़ा था. उसे मुजफ्फराबाद में अज्ञात हमलावरों ने निशाना बनाया. 14 फरवरी 2019 को हुए पुलवामा हमले की साजिश रचने में हमजा बुरहान की बड़ी भूमिका थी. उस हमले में सीआरपीएफ (CRPF) के 40 जवान शहीद हो गए थे. 2022 में मोदी प्रशासन ने बुरहान को किया था आतंकवादी घोषित केंद्र की नरेंद्र मोदी प्रशासन ने 2022 में हमजा बुरहान को आतंकवादी घोषित किया था. प्रशासन की ओर से तो अधिसूचना जारी की गई थी, उसमें कहा गया था- अरजुमंद गुलजार डार उर्फ ​​हमजा बुरहान उर्फ ​​डॉक्टर, उम्र 23 वर्ष, खरबतपोरा, रत्नीपोरा, पुलवामा का निवासी है. अल बदर का सहयोगी सदस्य है, जो UAPA के तहत नामित एक आतंकवादी संगठन है. 2017 में उच्च शिक्षा लेने के बहाने पाकिस्तान गया था बुरहान, बन गया आतंकवादी हमजा बुरहान 2017 में उच्च शिक्षा हासिल करने के बहाने पाकिस्तान गया था. वहां जाकर वह आतंकी संगठन अल-बदर में शामिल हो गया. उसके बाद वह संगठन का कमांडर भी बन गया. The post हिंदुस्तान का एक और दुश्मन ढेर: पुलवामा हमले की साजिश रचने वाला आतंकी हमजा बुरहान मारा गया appeared first on Naya Vichar.

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आंध्र प्रदेश के नक्सलियों को भी भायी झारखंड की आत्मसमर्पण नीति, दो ने किया सरेंडर

रांची से प्रणव की रिपोर्ट Naxalite Surrender: झारखंड प्रशासन की आत्मसमर्पण और पुनर्वास नीति का असर अब दूसरे राज्यों के नक्सलियों पर भी दिखाई देने लगा है. गुरुवार 21 मई 2026 को रांची में 27 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया. इनमें आंध्र प्रदेश के दो सक्रिय नक्सली भी शामिल हैं. पुलिस अधिकारियों का कहना है कि झारखंड में लगातार चल रहे नक्सल विरोधी अभियान और बेहतर पुनर्वास नीति के कारण उग्रवादी मुख्यधारा में लौट रहे हैं. आंध्र प्रदेश के दो बड़े नक्सलियों ने छोड़ा संगठन आत्मसमर्पण करने वालों में पहला नाम विश्वनाथ उर्फ संतोष उर्फ सिलाय उर्फ डोंगा उर्फ गंगाधर उर्फ नरसन्ना का है. वह आंध्र प्रदेश के पूर्वी गोदावरी जिले के नरेंद्रपुरम थाना क्षेत्र का रहने वाला बताया गया है. नक्सली संगठन में उसकी पहचान एक सक्रिय सदस्य के रूप में थी. जानकारी के मुताबिक वह चाईबासा क्षेत्र में सक्रिय स्पेशल एरिया कमेटी का सदस्य था. दूसरी नक्सली पूनम उर्फ जोभा उर्फ भवानी उर्फ सुजाता है. वह भी आंध्र प्रदेश के पूर्वी गोदावरी जिले की रहने वाली है. उसका संबंध रीजनल कमेटी से बताया गया है और वह लंबे समय से संगठन के लिए काम कर रही थी. पुलिस ने बताया बड़ी सफलता झारखंड पुलिस के अनुसार दोनों नक्सलियों ने संगठन की हिंसक विचारधारा से तौबा करते हुए मुख्यधारा में लौटने का फैसला लिया है. अधिकारियों का कहना है कि लगातार दबाव, सुरक्षा बलों के अभियान और प्रशासन की पुनर्वास नीति का असर नक्सली संगठनों पर साफ दिखाई दे रहा है. इसे भी पढ़ें: एसपी का दावा: गुमला हुआ नक्सलमुक्त, 5 लाख के इनामी नक्सली ने किया सरेंडर पुनर्वास योजना का मिलेगा लाभ प्रशासन की नीति के तहत आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों को आर्थिक सहायता, प्रशिक्षण और रोजगार से जोड़ने की व्यवस्था की जाएगी. पुलिस अधिकारियों ने उम्मीद जताई कि आने वाले दिनों में और भी नक्सली हथियार छोड़कर समाज की मुख्यधारा से जुड़ेंगे. इसे भी पढ़ें: नौकरी के नाम ठगी मामले पर बोले बीसीसीएल सीएमडी – बख्शे नहीं जाएंगे संलिप्त कर्मचारी The post आंध्र प्रदेश के नक्सलियों को भी भायी झारखंड की आत्मसमर्पण नीति, दो ने किया सरेंडर appeared first on Naya Vichar.

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मैच्योरिटी से पहले PPF से पैसा निकालना है? ये नियम जानना है जरूरी

PPF Withdrawal: पब्लिक प्रॉविडेंट फंड (PPF) हिंदुस्तान में लॉन्ग-टर्म इन्वेस्टमेंट के लिए सबसे भरोसेमंद और पॉपुलर प्रशासनी स्कीम है. सालाना 7.1% का ब्याज और E-E-E (एग्जेम्प्ट-एग्जेम्प्ट-एग्जेम्प्ट) टैक्स स्टेटस इसे बेहद खास बनाता है. नए इनकम टैक्स एक्ट 2025 के तहत इसमें हर साल ₹1.5 लाख तक के निवेश पर टैक्स छूट मिलती है, साथ ही ब्याज और मैच्योरिटी की रकम भी पूरी तरह टैक्स-फ्री होती है. वैसे तो यह स्कीम 15 साल के लिए होती है, लेकिन अगर आपको बीच में पैसों की जरूरत पड़ जाए, तो इसके नियम क्या हैं? आइए आसान भाषा में इस बात को समझते हैं. मैच्योरिटी से पहले पैसा कब और कितना निकाल सकते हैं? अगर आपका PPF अकाउंट चल रहा है और आपको बीच में पैसों की जरूरत है, तो आप 7वें फाइनेंशियल ईयर (यानी 6 साल पूरे होने के बाद) से आंशिक निकासी (Partial Withdrawal) कर सकते हैं. साल में केवल एक बार ही ऐसा करने की अनुमति होती है. यह पैसा आप मेडिकल इमरजेंसी, बच्चों की हायर एजुकेशन या NRI बनने की स्थिति में निकाल सकते हैं. आप कितना पैसा निकाल सकते हैं, इसकी एक लिमिट तय है. नीचे दिए गए दो आंकड़ों में से जो भी रकम कम होगी, आप उतना ही निकाल पाएंगे: पिछले फाइनेंशियल ईयर के आखिर में आपके अकाउंट में मौजूद बैलेंस का 50%. चालू वर्ष से ठीक 4 साल पहले वाले साल के आखिर में मौजूद बैलेंस का 50%. पैसे निकालने के लिए आपको बैंक या पोस्ट ऑफिस में अपनी पासबुक की कॉपी के साथ ‘Form C’ भरकर जमा करना होगा. क्या अकाउंट को समय से पहले बंद किया जा सकता है? हां, खाता खोलने के 5 साल बाद आप PPF अकाउंट को पूरी तरह बंद (Premature Closure) कर सकते हैं. लेकिन ऐसा सिर्फ तीन खास हालातों में ही हो सकता है: अकाउंट होल्डर या परिवार को कोई गंभीर बीमारी होने पर, बच्चों की हायर एजुकेशन के लिए, या रेजिडेंट स्टेटस बदलकर NRI होने पर. ध्यान रहे, समय से पहले अकाउंट बंद करने पर 1% की पेनल्टी लगती है. यानी अकाउंट खोलने के दिन से (या मौजूदा 5 साल के ब्लॉक पीरियड की शुरुआत से) मिलने वाले ब्याज में 1% की कटौती कर दी जाएगी. इसके लिए आपको ‘Form C’ और ‘Form SB-7B’ भरकर अपने बैंक या पोस्ट ऑफिस में सबमिट करना होगा.  15 साल की मैच्योरिटी के बाद क्या नियम हैं? 15 साल पूरे होने पर आपका PPF अकाउंट मैच्योर हो जाता है. इस समय आप बिना किसी पेनल्टी या पाबंदी के अपना पूरा 100% पैसा निकाल सकते हैं. इसके लिए बस ‘Form C’ भरकर जमा करना होता है. अगर आप 15 साल बाद भी इस अकाउंट को जारी रखना चाहते हैं, तो आपके पास दो ऑप्शन होते हैं: नया निवेश जारी रखते हुए: ‘Form H’ भरकर आप अकाउंट को 5-5 साल के ब्लॉक में आगे बढ़ा सकते हैं. इस दौरान आप उस ब्लॉक की शुरुआत में मौजूद कुल बैलेंस का अधिकतम 60% हिस्सा ही निकाल पाएंगे (साल में सिर्फ एक बार).  बिना नया निवेश किए: अगर आप मैच्योरिटी के एक साल के भीतर ‘Form H’ जमा नहीं करते हैं, तो अकाउंट अपने आप बिना निवेश के आगे बढ़ जाता है. इसमें आप जब चाहें पूरा पैसा निकाल सकते हैं और बचे हुए बैलेंस पर आपको ब्याज मिलता रहेगा.  PPF से निकाला गया हर एक रुपया पूरी तरह टैक्स-फ्री होता है और इसे ITR (इनकम टैक्स रिटर्न) में घोषित करने की भी जरूरत नहीं होती. हालांकि, वेल्थ क्रिएशन का फायदा उठाने के लिए जरूरी है कि आप इसमें से पैसा तभी निकालें जब बेहद जरूरी हो.  ये भी पढ़ें: PF का पैसा अब सीधे UPI से निकलेगा, जानिए क्या है प्रशासन का नया प्लान  The post मैच्योरिटी से पहले PPF से पैसा निकालना है? ये नियम जानना है जरूरी appeared first on Naya Vichar.

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एसपी का दावा: गुमला हुआ नक्सलमुक्त, 5 लाख के इनामी नक्सली ने किया सरेंडर

गुमला से दुर्जय पासवान की रिपोर्ट Jharkhand News: झारखंड में नक्सलवाद के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के बीच गुरुवार 21 मई 2026 को रांची में बड़ी संख्या में नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया. इस दौरान करीब 27 उग्रवादियों ने मुख्यधारा में लौटने का फैसला लिया. इनमें गुमला जिले के दो सक्रिय नक्सली भी शामिल हैं. पुलिस का दावा है कि इन दोनों के सरेंडर के बाद गुमला जिला पूरी तरह नक्सलमुक्त हो गया है. 5 लाख का इनामी नक्सली भी शामिल गुमला पुलिस के अनुसार आत्मसमर्पण करने वालों में एक पांच लाख रुपये का इनामी नक्सली भी शामिल है. उसकी पहचान लिपिन बैद उर्फ युजिन बैद के रूप में हुई है. वह गुमला जिले के घाघरा थाना क्षेत्र के अंबाकोना गांव का रहने वाला बताया गया है. नक्सली संगठन में उसकी सक्रिय भूमिका रही थी और उस पर कई उग्रवादी मामलों में संलिप्तता के आरोप हैं. वहीं दूसरा नक्सली श्रवण गोप है, जो गुमला थाना क्षेत्र के कलीगा गांव का निवासी है. दोनों लंबे समय से उग्रवादी संगठन से जुड़े हुए थे. हथियार और गोलियां भी की जमा आत्मसमर्पण के दौरान नक्सलियों ने हथियार और गोलियां भी पुलिस के सामने जमा कीं. जानकारी के मुताबिक एक इंसास राइफल समेत अन्य हथियार सुरक्षा बलों को सौंपे गए हैं. पुलिस अधिकारियों ने इसे नक्सल अभियान में बड़ी सफलता बताया है. इसे भी पढ़ें: नौकरी के नाम ठगी मामले पर बोले बीसीसीएल सीएमडी – बख्शे नहीं जाएंगे संलिप्त कर्मचारी एसपी ने किया बड़ा दावा गुमला के पुलिस अधीक्षक हारीश बिन जमा ने कहा कि जिले में लगातार चलाए गए अभियान, सुरक्षा बलों की कार्रवाई और प्रशासन की पुनर्वास नीति का असर दिख रहा है. उन्होंने दावा किया कि अब गुमला जिला नक्सल प्रभाव से पूरी तरह मुक्त हो चुका है. पुलिस का कहना है कि मुख्यधारा में लौटने वाले नक्सलियों को प्रशासन की पुनर्वास योजना का लाभ दिया जाएगा ताकि वे सामान्य जीवन जी सकें. इसे भी पढ़ें: झारखंड पुलिस में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल, एक साथ बदल दिए गए 201 डीएसपी The post एसपी का दावा: गुमला हुआ नक्सलमुक्त, 5 लाख के इनामी नक्सली ने किया सरेंडर appeared first on Naya Vichar.

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