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Supreme Court: सुप्रीम कोर्ट में हाई वोल्टेज ड्रामा, याचिकाकर्ता ने उछाले कागज, अभद्र भाषा का इस्तेमाल

Supreme Court: सुप्रीम कोर्ट में शुक्रवार (10 जुलाई) को सुनवाई के दौरान उस समय हंगामा हो गया, जब एक याचिकाकर्ता ने कोर्टरूम के भीतर अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया. न्यायाधीशों से ऊंची आवाज में बात की. इसके बाद कोर्ट के आदेश के बाद सुरक्षाकर्मियों ने उसे तत्काल पकड़कर कोर्ट से बाहर कर दिया. याचिकाकर्ता पर आरोप है कि उसने सुनवाई के दौरान कोर्ट में दस्तावेज हवा में उछाले. ‘मैं आपको आदेश देता हूं…’ कहकर शुरू की बहस प्रत्यक्षदर्शियों ने घटना को लेकर बताया कि याचिकाकर्ता ने काला कोट पहन रखा था लेकिन, उसने अधिवक्ताओं वाला बैंड नहीं लगाया था. कोर्ट में याचिकाकर्ता शुरुआत से ही आक्रामक रुख अपनाया. उसने तल्ख तेवर में पीठ से कहा- न्यायिक सेवक महोदय, मैं आपको आदेश देता हूं कि आप लखनऊ के एसीपी के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने का आदेश दें. इस पर न्यायमूर्ति के वी विश्वनाथन ने आश्चर्य जताते हुए कहा कि आप हमें आदेश दे रहे हैं. अभद्र भाषा और दस्तावेज फेंकने के बाद कोर्ट ने निकाला गया बाहर जज के सवाल के जवाब में याचिकाकर्ता ने दलील देते हुए कहा- मेरी तरफ से बस इतना ही. सब कुछ रिकॉर्ड पर है. इसके बाद उसने कथित तौर पर अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया और अपने केस से जुड़े दस्तावेज अदालत में हवा में उछाल दिए. स्थिति बिगड़ते देख एक सुरक्षाकर्मी ने तुरंत आगे आया और याचिकाकर्ता को पकड़कर कोर्टरूम से बाहर ले गया. इलाहाबाद हाई कोर्ट के आदेश को चुनौती देने पहुंचा था याचिकाकर्ता मामला इलाहाबाद हाई कोर्ट के एक आदेश को चुनौती देने वाली याचिका से जुड़ा था. सुनवाई शुक्रवार को आंशिक कार्यदिवस के दौरान जस्टिस केवी विश्वनाथन और जस्टिस आलोक अराधे की पीठ के समक्ष हो रही थी. याचिकाकर्ता को बाहर ले जाने के बाद अदालत की कार्यवाही सामान्य रूप से जारी रही. फिलहाल इस घटना को लेकर खुली अदालत में कोई अलग आदेश पारित नहीं किया गया है. The post Supreme Court: सुप्रीम कोर्ट में हाई वोल्टेज ड्रामा, याचिकाकर्ता ने उछाले कागज, अभद्र भाषा का इस्तेमाल appeared first on Naya Vichar.

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बांकीपुर से बीजेपी ने बदला उम्मीदवार, अब नीरज कुमार सिन्हा राजद और पीके को देंगे चुनौती

Bankipur BJP Candidate: हिंदुस्तानीय जनता पार्टी (BJP) ने बांकीपुर विधानसभा सीट पर होने वाले उपचुनाव से पहले प्रत्याशी को बदल दिया है. बीजेपी की केंद्रीय चुनाव समिति ने पहले इस सीट से अभिषेक कुमार को अपना उम्मीदवार घोषित किया था. शुक्रवार को उन्होंने पारिवारिक कारणों का हवाला देते हुए चुनाव लड़ने से असमर्थता जता दी. अभिषेक कुमार के पीछे हटने के बाद पार्टी ने तुरंत नए नाम पर मुहर लगा दी है. अब बांकीपुर सीट से नीरज कुमार सिन्हा बीजेपी के नए कैंडिडेट होंगे. बीजेपी के राष्ट्रीय महासचिव एवं मुख्यालय प्रभारी अरुण सिंह द्वारा जारी पत्र के अनुसार, यह बदलाव तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है. नीरज कुमार सिन्हा के बारे में जानिए हिंदुस्तानीय जनता पार्टी के नए उम्मीदवार नीरज कुमार सिन्हा का सियासी सफर बेहद जमीनी रहा है. पटना के मीठापुर बी एरिया के रहने वाले नीरज कुमार सिन्हा का जन्म 1 जुलाई 1994 को हुआ था. स्वर्गीय ध्रुव कुमार और स्वर्गीय सरोज देवी के पुत्र नीरज अविवाहित हैं और उन्होंने स्नातक तक शिक्षा ग्रहण की है. नीरज कुमार सिन्हा का बीजेपी से नाता दो दशक पुराना है. उन्होंने साल 2006 में पार्टी की प्राथमिक सदस्यता ली थी. इसके बाद उन्होंने संगठन में बूथ अध्यक्ष से शुरुआत की. वे नरेंद्र हिंदुस्तानी मंडल के मंडल महामंत्री और हिंदुस्तानीय जनता युवा मोर्चा के जिला उपाध्यक्ष भी रहे. वे दो बार मंडल अध्यक्ष चुने गए और वर्तमान में भी इसी जिम्मेदारी को संभाल रहे हैं. उनके चाचा स्वर्गीय नरेंद्र हिंदुस्तानी जनसंघ के समय के सक्रिय कार्यकर्ता थे. उन्हीं के सम्मान में इस मंडल का नाम नरेंद्र हिंदुस्तानी मंडल रखा गया था. संगठन में लंबे समय तक जमीनी स्तर पर काम करने का इनाम पार्टी ने अब उन्हें बांकीपुर से टिकट देकर दिया है. बिहार की ताजा समाचारों के लिए क्लिक करें इसे भी पढ़ें:  अभिषेक कुमार नहीं लड़ेंगे बांकीपुर उपचुनाव, प्रेस कांफ्रेंस कर बताया कारण The post बांकीपुर से बीजेपी ने बदला उम्मीदवार, अब नीरज कुमार सिन्हा राजद और पीके को देंगे चुनौती appeared first on Naya Vichar.

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अभिषेक कुमार नहीं लड़ेंगे बांकीपुर उपचुनाव, प्रेस कांफ्रेंस कर बताया कारण

Bankipur By Election: बांकीपुर सीट पर होने वाले उपचुनाव के लिए बीजेपी ने अभिषेक कुमार को उम्मीदवार घोषित किया था. इनके नामांकन के दौरान एनडीए के सभी बड़े नेता मौजूद थे. इसी बीच शुक्रवार शाम को उन्होंने प्रेस कांफ्रेंस कर बताया कि बांकीपुर में होने वाले उपचुनाव में वो नहीं लड़ेंगे. उन्होंने कहा कि पारिवारिक वजहों से चुनाव लड़ने में मैं असमर्थ हूं. चुनाव नहीं लड़ने का पत्र उन्होंने बिहार बीजेपी चीफ संजय सरावगी को सौंपा. क्या बोले बिहार बीजेपी प्रभारी इस बारे में जब नया विचार के रिपोर्टर राजकमल ने बिहार बीजेपी प्रभारी विनोद तावड़े से पूछा कि अभिषेक बंटी ने नाम क्यों लिया वापस, BJP नए नाम की घोषणा कब करेगी, तो वो बिना जवाब दिए चले गए. बिहार बीजेपी चीफ के साथ अभिषेक कुमार गुरुवार को नामांकन दाखिल किया था अभिषेक ने गुरुवार को अपना नामांकन पत्र दाखिल किया था. पर्चा भरने के बाद उन्होंने कहा था कि पार्टी ने एक बेहद साधारण कार्यकर्ता को उम्मीदवार बनाकर बड़ी जिम्मेदारी दी है. उनके नामांकन के दौरान आयोजित जनसभा में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी समेत एनडीए (NDA) के तमाम वरिष्ठ नेता एकजुट नजर आए. चुनावी मैदान में उतरे कई दिग्गज, अब तक 3 पर्चे दाखिल हिंदुस्तानीय जनता पार्टी उम्मीदवार के साथ ही गुरुवार को राष्ट्रीय जनता दल की प्रत्याशी रेखा गुप्ता ने भी अपना नॉमिनेशन फाइल किया. जनसुराज के सूत्रधार प्रशांत किशोर 13 जुलाई को अपना चुनावी पर्चा भरेंगे. बिहार की ताजा समाचारों के लिए क्लिक करें 13 जुलाई तक चलेगी नामांकन प्रक्रिया प्रशांत किशोर के अलावा कई नेतृत्वक दलों के प्रत्याशी और निर्दलीय उम्मीदवार भी आने वाले दिनों में अपना नामांकन दाखिल करेंगे. चुनाव के लिए पर्चा भरने की यह प्रक्रिया 13 जुलाई तक जारी रहेगी. आधिकारिक जानकारी के अनुसार, इस सीट पर अब तक कुल 3 उम्मीदवारों ने अपने नामांकन पत्र जमा किए हैं. इसे भी पढ़ें:  बिहार के इन जिलों में 13 जुलाई तक भारी बारिश और बिजली का डबल अलर्ट, IMD ने जारी की एडवाइजरी The post अभिषेक कुमार नहीं लड़ेंगे बांकीपुर उपचुनाव, प्रेस कांफ्रेंस कर बताया कारण appeared first on Naya Vichar.

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जंगल में बैठकर फर्जी APK से करते थे ठगी, गिरिडीह पुलिस ने पांच साइबर अपराधियों को किया गिरफ्तार

गिरिडीह से बिनोद शर्मा की रिपोर्ट Cyber Criminals Arrest: गिरिडीह पुलिस ने साइबर अपराध के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए ताराटांड़ थाना क्षेत्र से पांच साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया है. आरोपी जंगल में बैठकर फर्जी एपीके (APK) फाइल के जरिए लोगों को अपने जाल में फंसाते थे और ऑनलाइन ठगी की वारदात को अंजाम देते थे. पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से मोबाइल फोन, सिम कार्ड, लैपटॉप और मोटरसाइकिलें भी बरामद की हैं. इस मामले की जानकारी पुलिस अधीक्षक (एसपी) डॉ. बिमल कुमार ने प्रेसवार्ता के दौरान दी. गुप्त सूचना पर हुई त्वरित कार्रवाई एसपी डॉ. बिमल कुमार ने बताया कि उन्हें गुप्त सूचना मिली थी कि ताराटांड़ थाना क्षेत्र के मिडिल स्कूल के पीछे स्थित जंगल में कुछ लोग सुनियोजित तरीके से साइबर अपराध की तैयारी कर रहे हैं. सूचना को गंभीरता से लेते हुए उनके निर्देश पर साइबर थाना प्रभारी के नेतृत्व में विशेष छापामारी दल का गठन किया गया. पुलिस टीम ने बताए गए स्थान पर पहुंचकर घेराबंदी की और मौके से पांच लोगों को गिरफ्तार कर लिया. कार्रवाई के दौरान आरोपियों को किसी भी तरह भागने का मौका नहीं मिला. फर्जी APK भेजकर लोगों को बनाते थे शिकार पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि वे कस्टमर सपोर्ट और एयरटेल वाई-फाई सेवा के नाम पर लोगों को फर्जी एपीके (APK) फाइल भेजते थे. लोगों को तकनीकी सहायता या सेवा अपडेट का झांसा देकर वे इन फाइलों को डाउनलोड करवाते थे. एक बार फर्जी ऐप मोबाइल में इंस्टॉल हो जाने के बाद आरोपी लोगों की संवेदनशील जानकारी तक पहुंच बनाने और साइबर ठगी को अंजाम देने की कोशिश करते थे. पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि इस गिरोह ने अब तक कितने लोगों को अपना शिकार बनाया है और इसके तार किन-किन राज्यों तक जुड़े हुए हैं. पांच आरोपी गिरफ्तार, कई सामान बरामद गिरफ्तार आरोपियों की पहचान जनार्दन मंडल, अशोक कुमार, बबलू कुमार मंडल और बिष्णु कुमार सहित पांच लोगों के रूप में हुई है. सभी आरोपी ताराटांड़ थाना क्षेत्र के अलग-अलग गांवों के निवासी बताए गए हैं. पुलिस ने इनके पास से 10 मोबाइल फोन, 13 सिम कार्ड, एक लैपटॉप और चार मोटरसाइकिलें बरामद की हैं. बरामद इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की जांच कर साइबर नेटवर्क से जुड़े अन्य सुराग जुटाए जा रहे हैं. दो आरोपी पहले भी जा चुके हैं जेल एसपी ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों में शामिल अशोक कुमार और बबलू कुमार मंडल का आपराधिक रिकॉर्ड पहले से मौजूद है. दोनों पूर्व में भी साइबर ठगी के मामलों में जेल जा चुके हैं. इसके बावजूद उन्होंने दोबारा इसी तरह के अपराध को अपना जरिया बना लिया. पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इनका संबंध किसी बड़े साइबर गिरोह से है या नहीं. साथ ही जब्त मोबाइल, लैपटॉप और सिम कार्ड के डिजिटल डेटा का फोरेंसिक विश्लेषण कराया जाएगा. इसे भी पढ़ें: सारठ के जंगल से चल रहा था साइबर ठगी का गोरखधंधा, पुलिस ने चार अपराधियों को दबोचा जांच जारी, लोगों से सतर्क रहने की अपील इस मामले में साइबर थाना में प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है और आगे की जांच जारी है. पुलिस अन्य संभावित आरोपियों और इस नेटवर्क से जुड़े लोगों की भी तलाश कर रही है. पुलिस ने आम लोगों से अपील की है कि किसी भी अनजान लिंक, फर्जी एपीके फाइल या कस्टमर सपोर्ट के नाम पर भेजे गए ऐप को डाउनलोड न करें. साइबर अपराधी अब जंगल में बैठकर भी इंटरनेट के रास्ते लोगों तक पहुंच जाते हैं, इसलिए मोबाइल में क्या इंस्टॉल कर रहे हैं, यह सावधानी कई बार बैंक बैलेंस से भी ज्यादा कीमती साबित होती है. इसे भी पढ़ें: ग्रेजुएट ट्रेंड टीचरों मिलेगा समान वरीयता और अपग्रेड वेतन का लाभ, झारखंड हाईकोर्ट का आदेश The post जंगल में बैठकर फर्जी APK से करते थे ठगी, गिरिडीह पुलिस ने पांच साइबर अपराधियों को किया गिरफ्तार appeared first on Naya Vichar.

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राम मंदिर चंदा विवाद : स्वतंत्र जांच की मांग वाली याचिकाओं पर सुप्रीम कोर्ट 13 जुलाई को करेगा सुनवाई

श्रीराम मंदिर के चंदा विवाद की स्वतंत्र जांच के लिए दायर याचिकाओं पर सुप्रीम कोर्ट 13 जुलाई को सुनवाई करेगा. अयोध्या में श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की कथित फाइनेंशियल गड़बड़ियों की इंडिपेंडेंट जांच की मांग के लिए याचिकाएं दाखिल की गई थी, जिसपर सुनवाई के लिए सुप्रीम कोर्ट ने सहमति दे दी है. ये पिटीशन चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और वी मोहन की बेंच के सामने सुनवाई के लिए लिस्टेड है. याचिकाओं में सीबीआई जांच की मांग सुप्रीम कोर्ट की वेबसाइट के अनुसार, हिंदुस्तान के प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत, न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची और न्यायामूर्ति वी. मोहना की पीठ सोमवार को अदालत की कार्यवाही फिर से शुरू होने पर इस मामले से जुड़ी तीन याचिकाओं पर सुनवाई करेगी. तीन याचिकाकर्ताओं में से एक नरेंद्र कुमार गोस्वामी ने घटना की सीबीआई जांच कराने का अनुरोध किया है. उन्होंने राम मंदिर का प्रबंधन करने वाले श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के वित्तीय लेन-देन का हिंदुस्तान के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (कैग) से ऑडिट कराने का भी अनुरोध किया है. तीन याचिकाओं पर सुनवाई करेगा कोर्ट दूसरी याचिका अजय कुमार राय और दिनेश कुमार यादव ने दायर की है, जिसमें इसी तरह के अनुरोध किए गए हैं. वहीं, तीसरी याचिका राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के सांसद सुधाकर सिंह ने दायर की है. इसमें सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में सीबीआई जांच के साथ-साथ ट्रस्ट के पूरे वित्तीय लेन-देन का फॉरेंसिक ऑडिट कराने का अनुरोध किया गया है. न्यायमूर्ति बीवी नागरत्ना की अध्यक्षता वाली अवकाशकालीन पीठ ने एक याचिकाकर्ता से मामले को शीघ्र सुनवाई के लिए बाद की किसी तारीख पर सूचीबद्ध कराने का आग्रह करने को कहा था. शिवसेना (UBT) MP अरविंद सावंत ने कहा कि अगर सुप्रीम कोर्ट ने यह कहा है, तो हम इसका स्वागत करते हैं. इंडिपेंडेंट जांच होनी चाहिए, लेकिन सुप्रीम कोर्ट को यह भी पूछना चाहिए कि FIR दर्ज हुई है या नहीं. बिना FIR दर्ज किए ही SIT जांच कर दी गई. ये भी पढ़ें : शेयर मार्केट तक पहुंचा राम मंदिर चढ़ावा चोरी का पैसा, जांच के बीच 30 बैंक खाते फ्रीज The post राम मंदिर चंदा विवाद : स्वतंत्र जांच की मांग वाली याचिकाओं पर सुप्रीम कोर्ट 13 जुलाई को करेगा सुनवाई appeared first on Naya Vichar.

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क्या आपको भी अकेले रहना अच्छा लगता है? आपकी ये आदत बताती है कि आप दूसरों से कितने अलग हैं

Personality Traits: आज की इस भागदौड़ वाली जिंदगी में हम सभी ऐसा मानते हैं कि जो लोग हर समय दूसरों से घिरे रहते हैं, वही सबसे ज्यादा खुश हैं. लेकिन, कुछ ऐसे लोग भी होते हैं जिन्हें अकेले रहना, अपने कमरे में बैठकर शांति से कोई किताब पढ़ना या फिर सिर्फ खुद के साथ समय बिताना ज्यादा अच्छा लगता है. ऐसे लोगों को अक्सर हम ‘इंट्रोवर्ट’ या फिर शांत रहने वाला समझ लेते हैं. वहीं, कुछ लोग तो इन्हें उदास या फिर घमंडी समझने की गलती भी कर बैठते हैं. अगर आप भी इनके बारे में ऐसा ही सोचते हैं, तो आपको जल्द से जल्द अपनी इस सोच को बदल लेना चाहिए. साइंस और साइकोलॉजी कहती है कि अकेले रहने वाले लोग अंदर से बहुत मजबूत और समझदार होते हैं. अगर आप भी अकेले रहना पसंद करते हैं, या किसी ऐसे व्यक्ति को जानते हैं जिसे अकेलापन अच्छा लगता है, तो आज का यह आर्टिकल आपके बहुत काम का है. आज हम आपको हर समय अकेले रहने वाले इन लोगों की असली पर्सनालिटी के बारे में विस्तार से बताने जा रहे हैं. तो चलिए, इनसे जुड़ी छोटी से छोटी बात को भी गहराई से जानते हैं. personality traits of people who stays alone अंदर से होते हैं स्ट्रॉन्ग और सेल्फ-डिपेंडेंट साइकोलॉजी के अनुसार जो भी लोग अकेले रहना पसंद करते हैं, वे अपनी खुशी के लिए दूसरों पर डिपेंडेंट नहीं रहते हैं. इन्हें खुश रहने के लिए कभी भी किसी दोस्त या फिर पार्टनर की जरूरत नहीं होती है. ये लोग अपनी लाइफ में आने वाली हर एक प्रॉब्लम से खुद ही निपटना जानते हैं. ये लोग कभी भी कठिन हालात में घबराते नहीं हैं, बल्कि इससे बाहर निकलने के लिए खुद ही कोई न कोई रास्ता निकाल लेते हैं. उनका यही अकेलापन उनकी सबसे बड़ी ताकत साबित होता है. ये भी पढ़ें: Personality Traits: बाहर से शांत दिखने वाले लोग अंदर से कैसे होते हैं? जानिए उनकी असली पर्सनालिटी खुद को बहुत अच्छी तरह से जानते हैं ये लोग अकेले रहने का सबसे बड़ा फायदा यह है कि आपको अपने बारे में सोचने का पूरा समय मिलता है. ऐसे लोगों को बहुत अच्छे से पता होता है कि उनकी क्या खूबियां हैं और क्या कमियां. वे दूसरों को देखकर उनकी नकल नहीं करते, बल्कि वही करते हैं जो उन्हें सही लगता है. वे अपने गुस्से और अपनी इमोशंस को कंट्रोल करना बहुत ही अच्छे से जानते हैं. समय की कद्र करते हैं ये लोग अकेले रहने वाले लोग समय की बहुत इज्जत करते हैं. वे न तो खुद किसी का समय बर्बाद करते हैं और न ही यह पसंद करते हैं कि कोई उनका समय बर्बाद करे. ये लोग फालतू की गॉसिप, यानी कि इधर-उधर की बातें करने में या दिखावे के फंक्शन्स में जाने के बजाय, उस समय का उपयोग कुछ नया सीखने में, ड्राइंग करने में या फिर अपना कोई शौक पूरा करने के लिए करना पसंद करते हैं. यह भी पढ़ें: कठिन से कठिन हालातों को मात देने में माहिर होते हैं इस मूलांक के लोग, शांत स्वभाव के पीछे छिपा है सफलता का गहरा राज इनके दोस्त कम होते हैं, लेकिन सच्चे होते हैं अक्सर हम यह सोचने की गलती कर देते हैं कि अकेले रहने वालों के कोई दोस्त नहीं होते, लेकिन असलियत यह नहीं है. ये लोग ‘फेक’ या दिखावे के दोस्त बनाने से बचते हैं. इनके दोस्तों की संख्या भले ही 2 या 3 हो, लेकिन वे दोस्त बहुत पक्के और वफादार होते हैं. ये लोग अपने दोस्तों का साथ हर सुख-दुख में निभाते हैं. इनका दिमाग शांत और क्रिएटिव होता है भीड़भाड़ और शोर-शराबे से दूर रहने की वजह से इनका दिमाग एकदम शांत और क्लियर रहता है. वे छोटी-छोटी बातों पर फालतू का स्ट्रेस नहीं लेते. इनका यही शांत दिमाग इन्हें बहुत ज्यादा क्रिएटिव बनाता है. हर समय अकेले रहने वाले ये लोग लिखने में, पेंटिंग करने में, कोडिंग करने में या म्यूजिक में बहुत आगे होते हैं. यह भी पढ़ें: 35 की उम्र के बाद अचानक बदलती है इन लोगों की किस्मत, अंक ज्योतिष में छिपा इनकी सफलता का राज The post क्या आपको भी अकेले रहना अच्छा लगता है? आपकी ये आदत बताती है कि आप दूसरों से कितने अलग हैं appeared first on Naya Vichar.

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यूपी के मासूम आरव की हत्या के दोषी विराज को फांसी, फास्ट ट्रैक कोर्ट ने 40 दिन में सुनाया फैसला

UP News: उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद में डेढ़ साल के मासूम आरव की निर्मम हत्या के मामले में फास्ट ट्रैक कोर्ट ने आरोपी विराज को फांसी की सजा सुनाई. शिकोहाबाद थाना क्षेत्र में 30 मई 2026 को हुई इस दिल दहला देने वाली वारदात में अदालत ने महज 40 दिनों के भीतर फैसला सुनाकर आरोपी को दोषी ठहराया. जिला जज डॉ. बब्बू सारंग की अदालत ने मजबूत साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर यह फैसला सुनाया. भाभी से शादी करना चाहता था आरोपी जांच में सामने आया कि बदायूं के शेखूपुरा निवासी विराज पाठक रिश्ते में आरव की मां रति शर्मा का देवर लगता था. रति और उसके पति के बीच लंबे समय से पारिवारिक विवाद चल रहा था. इसी दौरान विराज ने रति के करीब आने की कोशिश की और उससे शादी करने का दबाव बनाने लगा. रति द्वारा उसका प्रस्ताव ठुकराए जाने के बाद वह नाराज रहने लगा. पुलिस के अनुसार, इसी रंजिश में उसने मासूम आरव को अपना निशाना बनाया. टॉफी का बहाना बनाकर ले गया, आठ बार जमीन पर पटका घटना वाले दिन रति अपनी मां पिंकी शर्मा और बेटे आरव के साथ यादव कॉलोनी में अपनी परिचित पुष्पलता पाठक से मिलने आई थीं. इसी दौरान विराज भी वहां पहुंचा और आरव को टॉफी दिलाने का बहाना बनाकर अपने साथ ले गया. सुनसान गली में पहुंचकर उसने मासूम को कई बार जमीन पर पटक दिया, जिससे उसके सिर में गंभीर चोटें आईं और उसकी मौके पर ही मौत हो गई. वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी शिशु के शव को घर के बाहर छोड़कर फरार हो गया. सीसीटीवी फुटेज बना सबसे बड़ा सबूत पूरी घटना गली में लगे सीसीटीवी कैमरे में रिकॉर्ड हो गई थी. फुटेज में आरोपी मासूम को बेरहमी से पटकते और बाद में शव छोड़कर भागते हुए दिखाई दिया. कोर्ट में यही वीडियो सबसे अहम साक्ष्य साबित हुआ. सुनवाई के दौरान जब सीसीटीवी फुटेज दिखाई गई तो आरोपी अदालत में खुद को थप्पड़ मारने लगा. पांच घंटे में गिरफ्तारी, एक सप्ताह में दाखिल हुई चार्जशीट घटना के करीब पांच घंटे के भीतर पुलिस ने मुठभेड़ के दौरान विराज को गिरफ्तार कर लिया था. मुठभेड़ में उसके दोनों पैरों में गोली लगी थी. इसके बाद पुलिस ने इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान और अन्य सबूतों के आधार पर लगभग 80 पन्नों की चार्जशीट एक सप्ताह के भीतर अदालत में दाखिल कर दी. मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने 13 गवाहों के बयान अदालत में दर्ज कराए. प्रत्यक्षदर्शियों की गवाही, वैज्ञानिक तरीके से प्रमाणित सीसीटीवी फुटेज और अन्य साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने आरोपी को दोषी माना. बचाव पक्ष ने आरोपी की मानसिक स्थिति ठीक न होने की दलील दी, लेकिन अदालत ने उसे स्वीकार नहीं किया. मां लगातार मांग रही थी फांसी की सजा मृतक आरव की मां रति शर्मा और उसकी नानी पिंकी शर्मा शुरू से ही आरोपी के लिए फांसी की सजा की मांग कर रही थीं. रति ने कहा था कि आरोपी ने उसके बेटे को खिलौना समझकर बेरहमी से पटक-पटककर मार डाला. उसने अदालत से ऐसी सजा देने की अपील की थी जो समाज के लिए मिसाल बने. 40 दिन में आया फैसला प्रशासनी अधिवक्ता राजीव प्रियदर्शी ने बताया कि पुलिस और अभियोजन पक्ष की त्वरित कार्रवाई के कारण मामले की सुनवाई तेजी से पूरी हुई. अदालत ने महज 40 दिनों में आरोपी को दोषी ठहराते हुए फांसी की सजा सुनाई. इसे प्रदेश में त्वरित न्याय का एक महत्वपूर्ण उदाहरण माना जा रहा है. -कोमल अग्रवाल की रिपोर्ट Read Also- GST का मीट एक्सपोर्टर पर छापा, 50 लाख की टैक्स चोरी का The post यूपी के मासूम आरव की हत्या के दोषी विराज को फांसी, फास्ट ट्रैक कोर्ट ने 40 दिन में सुनाया फैसला appeared first on Naya Vichar.

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4 से 10 साल के बच्चों के लिए Hero की इलेक्ट्रिक बाइक, 25km/h की स्पीड के साथ मिलते हैं दमदार सेफ्टी फीचर्स

पिछले साल टू व्हीलर कंपनी हीरो मोटोकॉर्प के इलेक्ट्रिक ब्रांड Vida ने बच्चों के लिए Dirt.E K3 इलेक्ट्रिक डर्ट बाइक लॉन्च की थी. अब कंपनी ने इसकी डिलीवरी भी शुरू कर दी है. हाल ही में दो छोटे बच्चों को अपनी नई Hero Vida Dirt.E K3 की डिलीवरी लेते हुए देखा गया. खास बात यह है कि यह इलेक्ट्रिक डर्ट बाइक 4 से 10 साल की उम्र के बच्चों को ध्यान में रखकर डिजाइन की गई है, ताकि वे सेफ तरीके से ऑफ-रोड राइडिंग का मजा ले सकें. आइए इस बाइक  के बारे में जानते हैं. देखें वीडियो इस वीडियो को इंस्टाग्राम पर Sisodia Automobiles ने शेयर किया है. इसकी शुरुआत ही काफी दिलचस्प अंदाज में होती है. वीडियो में दो छोटे शिशु Hero MotoCorp डीलरशिप पर पहुंचते दिखाई देते हैं. दोनों बच्चों के हाथ में पहले से ही हेलमेट होता है और वे खुशी-खुशी दौड़ते हुए सीधे डिलीवरी एरिया की तरफ जाते हैं. View on Instagram इसके बाद उनके सामने बॉक्स में पैक दो Hero Vida Dirt.E K3 इलेक्ट्रिक बाइक लाई जाती हैं. बाइक बाहर आने के बाद उसकी प्री-डिलीवरी इंस्पेक्शन (PDI) शुरू होती है. आखिर में बाइक को स्टार्ट कर उसके पहियों समेत बाकी चीजों की भी जांच की जाती है. अपनी नई इलेक्ट्रिक बाइक को सामने देखकर बच्चों के चेहरे पर खुशी साफ नजर आती है. आखिर में वे बाइक के साथ तस्वीरें खिंचवाते हैं और फिर डीलरशिप के अंदर ही उसे चलाते हैं. ये भी पढ़ें: बैटरी बदलें और निकल पड़ें…102Km की रेंज वाली Honda Activa e की जानें सारी खूबियां Hero Vida Dirt.E K3 की कीमत Hero Vida ने पिछले साल दिसंबर में बच्चों के लिए खास Dirt.E K3 इलेक्ट्रिक डर्ट बाइक पेश की थी. अब कंपनी ने इसे हिंदुस्तानीय बाजार में 69,990 रुपये (एक्स-शोरूम) की शुरुआती कीमत पर लॉन्च कर दिया है. हालांकि, यह इंट्रोडक्टरी प्राइस सिर्फ शुरुआती 300 कस्टमर्स के लिए ही लागू होगी. इसके बाद इसकी कीमत बढ़ सकती है. Hero Vida Dirt.E K3 के फीचर्स इसमें 500W पीक पावर वाला इलेक्ट्रिक मोटर दिया गया है, जबकि इसकी 350W की लगातार (Continuous) पावर आउटपुट है.  इसमें तीन राइडिंग मोड दिए गए हैं. Beginner मोड में बाइक की टॉप स्पीड 8 km/h, Amateur मोड में 16 km/h और Pro मोड में 25 km/h तक रहती है. खास बात यह है कि इन सभी राइडिंग मोड्स को केवल Vida ऐप के जरिए पेरेंट्स अपने स्मार्टफोन से कंट्रोल कर सकते हैं. इसमें 360Wh की डिटैचेबल बैटरी दी गई है, जो एक बार फुल चार्ज होने पर करीब 2 से 3 घंटे तक चल सकती है. इसकी बैटरी 20% से 80% तक सिर्फ 2 घंटे में चार्ज हो जाती है. इसमें 3-स्टेज एडजस्टेबल सस्पेंशन मिलता है, जिसे Small, Medium और Large सेटिंग्स पर एडजस्ट किया जा सकता है. इससे सस्पेंशन की लंबाई और बाइक की ऊंचाई को शिशु की जरूरत और हाइट के हिसाब से बदला जा सकता है. सेफ्टी के मामले में भी कंपनी ने कोई समझौता नहीं किया है. बाइक में मैग्नेटिक किल स्विच दिया गया है, जिसे राइडर के हाथ में बांधा जाता है. अगर किसी वजह से बच्चा बाइक से गिर जाता है, तो यह स्विच तुरंत पावर कट कर देता है.  इसके अलावा, रियर डिस्क ब्रेक पर प्लास्टिक कवर भी दिया गया है, ताकि कपड़े या शरीर का कोई हिस्सा गलती से उसमें फंस न जाए. ये भी पढ़ें: बैटरी खराब होने की चिंता भूल जाइए, ये 5 इलेक्ट्रिक स्कूटर देते हैं 5 साल तक की वारंटी, देखें लिस्ट The post 4 से 10 साल के बच्चों के लिए Hero की इलेक्ट्रिक बाइक, 25km/h की स्पीड के साथ मिलते हैं दमदार सेफ्टी फीचर्स appeared first on Naya Vichar.

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दिल्ली जू में अब गूंजेगी नन्हे शेरों की दहाड़, महा गौरी ने तीन शावकों को दिया जन्म

New Delhi Zoo : नई दिल्ली के नेशनल जूलॉजिकल पार्क से वन्यजीव प्रेमियों के लिए खुशसमाचारी आई है. मंगलवार ( 7 जुलाई ) को यहां तीन एशियाई शेर शावकों का जन्म हुआ है. पीटीआई न्यूज एजेंसी के मुताबिक, पार्क प्रशासन ने बताया कि ये तीनों शावक ब्रीडिंग जोड़ी महा गौरी (मादा) और महेश्वर (नर) से पैदा हुए हैं. सभी शावकों की निगरानी विशेषज्ञों की टीम कर रही है और उनकी सेहत सामान्य बताई जा रही है. लगातार दूसरी बार माता-पिता बने महेश्वर और महा गौरी दिल्ली जू के अधिकारियों ने बताया कि महेश्वर और महा गौरी की जोड़ी ने लगातार दूसरी बार सफल प्रजनन किया है. इससे पहले 27 अप्रैल 2025 को इसी जोड़ी से दो स्वस्थ शावकों का जन्म हुआ था. इनमें एक नर शावक ‘कार्तिक’ और एक मादा शावक ‘कर्णी’ शामिल हैं. दोनों शावक अब पूरी तरह स्वस्थ हैं और दिल्ली जू में अच्छी तरह विकसित हो रहे हैं. अब दिल्ली ज़ू में छह एशियाई शेरों का परिवार तीन नए शावकों के जन्म से पहले नेशनल जूलॉजिकल पार्क में छह एशियाई शेर मौजूद थे. इनमें सुंदरम, महेश्वर और कार्तिक नर हैं, जबकि महा गौरी, शैलजा और कर्णी तीन मादा हैं. नए शावकों के आने से शेर परिवार और बड़ा हो गया है. हालांकि, पार्क प्रशासन ने फिलहाल नवजात शावकों का लिंग और नाम सार्वजनिक नहीं किए हैं. एशियाई शेरों के संरक्षण में बड़ी उपलब्धि वन्यजीव विशेषज्ञों के मुताबिक, एशियाई शेरों का सफल प्रजनन संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जाता है. देश में इनकी संख्या सीमित होने के कारण चिड़ियाघरों में सफल ब्रीडिंग बेहद अहम मानी जाती है. दिल्ली जू का यह प्रयास न केवल एशियाई शेरों की आबादी बढ़ाने में मदद करेगा, बल्कि आने वाले समय में वन्यजीव संरक्षण और जागरूकता को भी नई मजबूती देगा. तीन नन्हे शेरों के जन्म से दिल्ली जू में खुशी का माहौल है और यह समाचार वन्यजीव प्रेमियों के लिए किसी उत्सव से कम नहीं है. यह भी पढ़ें-राम मंदिर चढ़ावा विवाद: दोषियों को कड़ी सजा की मांग, केजरीवाल चलाएंगे देशव्यापी हस्ताक्षर अभियान The post दिल्ली जू में अब गूंजेगी नन्हे शेरों की दहाड़, महा गौरी ने तीन शावकों को दिया जन्म appeared first on Naya Vichar.

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Rajpal Yadav Cheque Bounce Case: राजपाल यादव की बढ़ीं मुश्किलें, चेक बाउंस केस में दिल्ली हाई कोर्ट ने फिर जेल भेजने का दिया आदेश

Rajpal Yadav Cheque Bounce Case: बॉलीवुड एक्टर राजपाल यादव की मुश्किलें एक बार फिर बढ़ गई हैं. दिल्ली हाई कोर्ट ने चेक बाउंस मामले में उनकी सजा को बरकरार रखा है. कोर्ट ने उनके व्यवहार को ‘संदिग्ध’ बताया और उन्हें फिर से जेल भेजने का आदेश दिया. यह मामला कई सालों से चल रहा है और अब कोर्ट के इस फैसले के बाद फिर चर्चा में आ गया है. Rajpal Yadav Loan Case: 5 करोड़ रुपये के लोन से कैसे शुरू हुआ विवाद? यह मामला साल 2010 का है. राजपाल यादव ने अपनी पहली निर्देशित फिल्म ‘अता पता लापता’ बनाने के लिए मुरली प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड से 5 करोड़ रुपये का लोन लिया था. लेकिन फिल्म बॉक्स ऑफिस पर फ्लॉप हो गई. इसके बाद आरोप लगा कि उन्होंने समय पर पैसे वापस नहीं किए. इसी वजह से चेक बाउंस का मामला कोर्ट तक पहुंच गया. यह भी पढ़ें-5 करोड़ का कर्ज क्यों नहीं चुका पाए राजपाल यादव? एक्टर ने खुद बताया सच Delhi High Court Verdict: कोर्ट ने क्या फैसला सुनाया? इस मामले में साल 2018 में मजिस्ट्रेट कोर्ट ने राजपाल यादव और उनकी पत्नी राधा को दोषी मानते हुए 6 महीने की जेल की सजा सुनाई थी. इसके बाद सेशन कोर्ट ने भी इस फैसले को सही माना. बाद में राजपाल यादव ने दिल्ली हाई कोर्ट में अपील की. जून 2024 में हाई कोर्ट ने उनकी सजा पर कुछ समय के लिए रोक लगाई और बकाया रकम चुकाने का मौका दिया. लेकिन कोर्ट के अनुसार उन्होंने बार-बार अपने वादे पूरे नहीं किए. अब हाई कोर्ट ने उनकी सजा को बरकरार रखते हुए फिर से जेल भेजने का आदेश दिया है. Rajpal Yadav Statement: जेल जाने से पहले क्या बोले थे एक्टर? राजपाल यादव, फोटो- इंस्टाग्राम सरेंडर करने से पहले राजपाल यादव ने एक इंटरव्यू में अपनी परेशानी जाहिर की थी. उन्होंने कहा था, “मेरे पास पैसे नहीं हैं. मुझे समझ नहीं आ रहा कि क्या करूं.” इसके बाद उन्होंने अदालत के आदेश का पालन करते हुए सरेंडर किया और उन्हें दिल्ली की तिहाड़ जेल भेज दिया गया. Bollywood Supports Rajpal Yadav: मुश्किल समय में किन सितारों ने दिया साथ? राजपाल यादव के मुश्किल समय में बॉलीवुड के कई बड़े सितारे उनके साथ खड़े नजर आए. सोनू सूद, अजय देवगन, सलमान खान और गुरमीत चौधरी समेत कई लोगों ने उनकी आर्थिक मदद की. कुछ फिल्ममेकर्स और सिंगर्स ने उन्हें एडवांस पेमेंट देकर अपनी फिल्मों में काम भी दिया. बाद में उन्हें इस मामले में जमानत मिल गई थी. Rajpal Yadav Latest News: अब आगे क्या होगा? दिल्ली हाई कोर्ट के इस फैसले के बाद राजपाल यादव की मुश्किलें फिर बढ़ गई हैं. कोर्ट का कहना है कि उन्हें पहले भी बकाया रकम चुकाने का मौका दिया गया था, लेकिन उन्होंने अपनी बात पूरी नहीं की. अब आगे इस मामले में क्या होता है और राजपाल यादव की ओर से अगला कानूनी कदम क्या होगा, इस पर सभी की नजर बनी हुई है. यह भी पढ़ें- 9 करोड़ का कर्ज और करोड़ों की संपत्ति, जानें कितना है राजपाल यादव का नेटवर्थ यह भी पढ़ें- राजपाल यादव ने गिनाए करोड़ों के प्रोजेक्ट्स, कहा- राजा था, राजा हूं The post Rajpal Yadav Cheque Bounce Case: राजपाल यादव की बढ़ीं मुश्किलें, चेक बाउंस केस में दिल्ली हाई कोर्ट ने फिर जेल भेजने का दिया आदेश appeared first on Naya Vichar.

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