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शुभेंदु अधिकारी ने वनकर्मियों के लिए खोला खजाना, वेतन में कर दी इतने हजार की बढ़ोतरी

Suvendu Adhikari: कोलकाता : मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने वनकर्मियों को खुशसमाचारी दी है. अक्टूबर का माह पूजा का माह है. इसी महीने से वनकर्मियों (वन विभाग) को अतिरिक्त वेतन मिलेगा. यह अतिरिक्त वेतन सभी के खातों में जमा किया जाएगा. मुख्यमंत्री ने कहा-दुर्गा पूजा के दौरान 500 रेंजरों का वेतन बढ़ाया गया है. इसमें 5000 रुपये की वृद्धि हुई है. बीट ऑफिसर के वेतन में 5000 रुपये, वन रक्षक के वेतन में 5000 रुपये और वन सहायकों के वेतन में 2000 रुपये की वृद्धि की गई है. पश्चिम बंगाल में लगाये जायेंगे 10 करोड़ पेड़ मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ‘मां के नाम एक वृक्ष’ कार्यक्रम को क्रियान्वित करते हुए यह बातें कही हैं. मुख्यमंत्री ने राज्य भर में हरियाली को बढ़ावा देने का आह्वान किया हैं. उन्होंने वादा किया है कि इस वर्ष बंगाल में 10 करोड़ पौधारोपण किए जाएंगे. भवानीपुर में 1 लाख पेड़ लगाए जाएंगे. अकेले भवानीपुर में ही 50,000 पेड़ लगाए जा रहे हैं. इसके बाद उन्होंने कहा- 2 अक्टूबर को मैं जंगल में एक बाघ छोड़ रहा हूं. अलीपुर में एक नया एक्वेरियम बनाया जाएगा. पौधारोपण में पंचायतों की अहम भूमिका मुख्यमंत्री ने यह भी कहा- पौधारोपण कार्यक्रम में पंचायतों की अहम भूमिका होती है. पंचायत और ग्रामीण विकास विभाग का इसमें सबसे बड़ा योगदान दे रहता है. मैंने प्रधानमंत्री कार्यालय को बताया कि अगर उत्तर प्रदेश 26 करोड़ पेड़ लगा सकता है, तो हम भी इस साल 10 करोड़ पेड़ लगाएंगे. हम दो साल तक उनकी देखभाल करेंगे. इन पेड़ों को लगाने की प्रक्रिया तेजी से चल रही है. पश्चिम बंगाल की अन्य महत्वपूर्ण समाचारों को पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें मां के नाम पर एक वृक्ष कार्यक्रम मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने पर्यावरण संरक्षण और माताओं के सम्मान हेतु एक कार्यक्रम का शुभारंभ किया. उन्होंने इस कार्यक्रम का नाम ‘मां के नाम पर एक वृक्ष’ रखा. मूलतः, प्रधानमंत्री ने इस कार्यक्रम के तहत देश भर में पौधारोपण का अभियान शुरू किया. इस कार्यक्रम के अंतर्गत आम लोगों से आग्रह किया गया कि वे अपनी मां के नाम पर कम से कम एक पौधा लगाएं और उसकी देखभाल करें. Also Read: पश्चिम बंगाल बनेगा देश का ‘सीड हब’, खुलेंगे चार कृषि प्रशिक्षण एवं अनुसंधान केंद्र The post शुभेंदु अधिकारी ने वनकर्मियों के लिए खोला खजाना, वेतन में कर दी इतने हजार की बढ़ोतरी appeared first on Naya Vichar.

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कपड़ों को न करें Waste, बनें Smart Fashionista, इन आसान तरीकों से बनाएं Eco-Friendly Wardrobe

Neha Verma ( Naya Vichar Digital) Sustainable Fashion Tips: आजकल सस्टेनेबल फैशन की काफी चर्चा हो रही है. फैशन ब्रांड्स से लेकर सोशल मीडिया तक, हर जगह इसकी बात होती है. लेकिन आखिर इसका मतलब क्या है और इसे अपनी रोजमर्रा की जिंदगी में कैसे अपनाया जा सकता है? आसान भाषा में समझें तो सस्टेनेबल फैशन का मतलब है ऐसे कपड़े खरीदना और इस्तेमाल करना, जिनसे पर्यावरण को कम नुकसान हो. यानी जरूरत से ज्यादा कपड़े न खरीदना, अच्छी क्वालिटी के कपड़ों को लंबे समय तक पहनना, पुराने कपड़ों को दोबारा इस्तेमाल करना और जो कपड़े ठीक हो सकते हैं, उन्हें फेंकने के बजाय रिपेयर कराना. सस्टेनेबल फैशन क्यों है जरूरी? दरअसल, कपड़े सिर्फ हमारी पसंद और स्टाइल से जुड़े नहीं हैं. इन्हें बनाने में पानी, कच्चा माल, बिजली और कई तरह के केमिकल का इस्तेमाल होता है. कपड़े बनने के बाद उन्हें एक जगह से दूसरी जगह पहुंचाने में भी संसाधन लगते हैं. इसके अलावा जब कपड़े जल्दी फेंक दिए जाते हैं, तो इससे कचरा भी बढ़ता है. UNEP के मुताबिक, फैशन और टेक्सटाइल सेक्टर से दुनिया के करीब 2 से 8 फीसदी greenhouse gas emissions जुड़े हैं. यह सेक्टर हर साल करीब 215 ट्रिलियन लीटर पानी का इस्तेमाल करता है. (UNEP – UN Environment Programme) फास्ट फैशन से क्या परेशानी है? आजकल फैशन बहुत तेजी से बदलता है. एक ट्रेंड आया और कुछ ही समय बाद दूसरा ट्रेंड बाजार में आ जाता है. इसी वजह से लोग बार-बार नए कपड़े खरीदते हैं. इसे ही आमतौर पर ‘फास्ट फैशन’ कहा जाता है. कम कीमत में नए डिजाइन के कपड़े मिलना अच्छी बात लग सकती है, लेकिन इसका दूसरा पहलू भी है. कई बार ऐसे कपड़े बहुत कम समय तक इस्तेमाल किए जाते हैं और फिर फेंक दिए जाते हैं. UNEP के अनुसार, दुनिया में हर साल करीब 92 मिलियन टन टेक्सटाइल वेस्ट पैदा होता है. यानी कपड़ों का कचरा एक बड़ी समस्या बन चुका है. (UNEP – UN Environment Programme) क्या सस्टेनेबल फैशन का मतलब महंगे कपड़े खरीदना है? सस्टेनेबल फैशन का मतलब यह नहीं है कि आपको सिर्फ महंगे या किसी खास ब्रांड के कपड़े ही खरीदने हैं. असल बात यह है कि आप कितना खरीद रहे हैं और उस कपड़े को कितने समय तक इस्तेमाल कर रहे हैं. कई बार एक अच्छी क्वालिटी का कपड़ा खरीदकर उसे कई साल तक पहनना, बार-बार सस्ते कपड़े खरीदने से बेहतर हो सकता है. इसलिए इसका सबसे आसान नियम है कम खरीदें और सोच-समझकर खरीदें. अपनी अलमारी को कैसे बनाएं ज्यादा सस्टेनेबल? 1. कपड़ा खरीदने से पहले खुद से सवाल करें जब भी कोई नया कपड़ा पसंद आए, तुरंत खरीदने के बजाय खुद से पूछें—क्या मुझे सच में इसकी जरूरत है? यह भी देखें कि क्या इसे आपकी अलमारी में पहले से मौजूद कपड़ों के साथ पहना जा सकता है. अगर आप किसी कपड़े को सिर्फ एक-दो बार पहनने वाले हैं, तो उसे खरीदने के बजाय किसी दोस्त से लेने या किराये पर लेने का विकल्प भी देख सकते हैं. 2. अच्छी क्वालिटी के कपड़े खरीदें बहुत सस्ते कपड़े खरीदना शुरुआत में फायदे का सौदा लग सकता है. लेकिन अगर वह कुछ ही बार पहनने के बाद खराब हो जाए तो आपको फिर नया कपड़ा खरीदना पड़ेगा. इसलिए कपड़ा खरीदते समय उसकी क्वालिटी, सिलाई और कपड़े की मजबूती पर ध्यान दें. ऐसे रंग और डिजाइन चुनें जिन्हें आप अलग-अलग मौकों पर पहन सकें. 3. कपड़े का मटीरियल जरूर देखें कपड़े खरीदते समय सिर्फ उसका रंग और डिजाइन न देखें. यह भी देखें कि वह किस मटीरियल से बना है. ऑर्गेनिक कॉटन, लिनन, हेम्प और कुछ रिसाइकल्ड फाइबर जैसे विकल्पों को लोग सस्टेनेबल फैशन में इस्तेमाल कर रहे हैं. लेकिन सिर्फ किसी कपड़े पर ‘ऑर्गेनिक’ या ‘ग्रीन’ लिखा होना उसे अपने आप पूरी तरह पर्यावरण के लिए अच्छा नहीं बना देता. कपड़े को बनाने से लेकर इस्तेमाल और उसके बाद तक की पूरी प्रक्रिया मायने रखती है. 4. पुराने कपड़े तुरंत न फेंकें अगर कोई कपड़ा पुराना हो गया है तो इसका मतलब यह नहीं कि वह बेकार हो गया. अगर कपड़ा आपको अब पसंद नहीं है लेकिन अच्छी हालत में है, तो उसे किसी जरूरतमंद को दे सकते हैं. दोस्तों या परिवार के साथ कपड़ों की अदला-बदली भी की जा सकती है. सेकंड-हैंड कपड़े खरीदना भी एक विकल्प है. इससे पुराने कपड़ों को दोबारा इस्तेमाल का मौका मिलता है और हर बार नए कपड़े बनाने की जरूरत कम हो सकती है. UNEP भी सेकंड-हैंड कपड़े खरीदने, कपड़े किराये पर लेने और दोस्तों के साथ कपड़े बदलने जैसे तरीकों को बढ़ावा देता है. (UNEP – UN Environment Programme) 5. छोटा सा छेद हो तो कपड़ा न फेंकें बटन टूट गया, सिलाई खुल गई या कपड़े में छोटा सा छेद हो गया तो उसे फेंकने की जरूरत नहीं है. छोटी-मोटी मरम्मत कराकर कपड़े को फिर से इस्तेमाल किया जा सकता है. आजकल पुराने कपड़ों को नया लुक देने के लिए ‘अपसाइक्लिंग’ भी काफी पसंद की जा रही है. यानी पुराने कपड़े में थोड़ा बदलाव करके उसे फिर से नया जैसा बनाया जा सकता है. 6. कपड़ों को सही तरीके से धोएं कपड़ों की देखभाल भी सस्टेनेबल फैशन का एक हिस्सा है. अगर कपड़ा ज्यादा गंदा नहीं है तो हर बार पहनने के बाद उसे धोना जरूरी नहीं. कपड़े धोते समय जरूरत के हिसाब से पानी और डिटर्जेंट का इस्तेमाल करें. जहां संभव हो, ठंडे पानी में कपड़े धोना और उन्हें हवा में सुखाना भी बेहतर विकल्प हो सकता है. UNEP लंबे समय तक कपड़ों को इस्तेमाल करने और उनकी सही देखभाल करने की सलाह देता है. (UNEP – UN Environment Programme) 7. लोकल और जिम्मेदारी से काम करने वाले ब्रांड्स पर ध्यान दें अगर आप नए कपड़े खरीद रहे हैं तो सिर्फ कीमत और डिजाइन न देखें. यह भी पता करने की कोशिश करें कि कपड़ा कहां बना है, किस मटीरियल का इस्तेमाल हुआ है और ब्रांड अपनी production process के बारे में कितनी जानकारी देता है. हालांकि सिर्फ ‘eco-friendly’ या ‘sustainable’ लिखे होने पर भरोसा करने के बजाय ब्रांड की जानकारी और उसके दावों को जांचना बेहतर है. UNEP भी फैशन से जुड़े sustainability claims में साफ और भरोसेमंद जानकारी पर

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कल का राशिफल: सितारे आपके साथ हैं या खिलाफ? जानिए पढ़ें सभी 12 राशियों का सटीक भविष्यफल

Kal Ka Rashifal 19 August 2026: कल 19 अगस्त का राशिफल आपके करियर, नौकरी, व्यापार, धन और पारिवारिक जीवन से जुड़े महत्वपूर्ण संकेत लेकर आया है. जानिए मेष से मीन तक सभी राशियों के लिए दिन कैसा रहेगा. जानें सभी राशियों का भविष्यफल. मेष राशि कल रणनीतिक फैसले लेने के लिए दिन अनुकूल रहेगा. कार्यक्षेत्र में आपकी मेहनत वरिष्ठ अधिकारियों का ध्यान आकर्षित करेगी. नौकरी में अहम प्रोजेक्ट मिल सकता है. व्यापार में बड़ी कंपनी या प्रशासनी संस्था से करार की संभावना है. पुराने निवेश से लाभ के संकेत हैं. परिवार में युवा सदस्य की उपलब्धि खुशी देगी. शुभ अंक: 5 , शुभ रंग: क्रीम वृषभ राशि कल मेहनत और धैर्य का सकारात्मक परिणाम मिलेगा. ऑफिस के रुके काम तेजी से पूरे होंगे. व्यापार में उत्पाद और सेवाओं की गुणवत्ता सुधारने से मुनाफा बढ़ सकता है. कृषि, डेयरी, रियल एस्टेट और बैंकिंग से जुड़े लोगों को बड़ा ऑर्डर मिल सकता है. परिवार में बजट और बचत पर चर्चा होगी. शुभ अंक: 2 , शुभ रंग: हल्का बैंगनी मिथुन राशि कल आपकी बुद्धि और व्यावहारिक सोच मजबूत रहेगी. कार्यक्षेत्र में जटिल समस्या का समाधान देकर प्रशंसा पाएंगे. व्यापार में ग्राहकों की प्रतिक्रिया के आधार पर बदलाव लाभदायक रहेगा. विद्यार्थियों की नए विषयों में रुचि बढ़ेगी. मीडिया, लेखन, शिक्षण और आईटी से जुड़े लोगों को नई सफलता मिल सकती है. शुभ अंक: 3 , शुभ रंग: आसमानी कर्क राशि कल काम और निजी जीवन में संतुलन बनाना जरूरी होगा. टीम के सहयोग से कार्य समय पर पूरे होंगे. व्यापार में पुराने ग्राहकों से अच्छे ऑर्डर मिल सकते हैं. पारिवारिक मामलों में अनुभवी व्यक्ति की सलाह उपयोगी रहेगी. घरेलू बजट बनाना भविष्य के लिए फायदेमंद होगा. परिवार के साथ शाम सुखद बीतेगी. शुभ अंक: 7 , शुभ रंग: चमकीला पीला सिंह राशि कल आपका आत्मविश्वास और नेतृत्व क्षमता मजबूत रहेगी. नौकरी में चुनौतीपूर्ण टीम की जिम्मेदारी मिल सकती है. व्यापार में ब्रांड विस्तार के प्रयास सफल होंगे. सामाजिक प्रतिष्ठा बढ़ेगी. परिवार में किसी सदस्य के करियर से जुड़ी अच्छी समाचार मिल सकती है. बड़े फैसले में भरोसेमंद लोगों की राय लेना उचित रहेगा. शुभ अंक: 4 , शुभ रंग: बादामी कन्या राशि कल व्यवस्थित तरीके से काम करने का लाभ मिलेगा. अकाउंट्स, ऑडिट, टैक्स और डेटा से जुड़े कार्यों में सफलता मिलेगी. व्यापार में स्टाफ मैनेजमेंट और कार्यप्रणाली सुधारने से लाभ बढ़ेगा. विद्यार्थियों को पढ़ाई में अच्छे परिणाम मिलेंगे. प्रशासनी या कानूनी काम पूरा होने से राहत मिलेगी. शुभ अंक: 1 , शुभ रंग: ऑलिव ग्रीन ये भी पढ़ें: क्षाबंधन पर चंद्र ग्रहण का साया? जानें हिंदुस्तान में सूतक काल मान्य होगा या नहीं! तुला राशि कल आपकी संवाद क्षमता नए अवसर पैदा करेगी. नौकरी में नई टीम के साथ काम करने का मौका मिल सकता है. व्यापार में साझेदारी या समझौता लाभकारी रहेगा. डिजाइन, कला, इंटीरियर और इवेंट क्षेत्र से जुड़े लोगों को प्रोजेक्ट मिल सकता है. जीवनसाथी के साथ आर्थिक योजनाओं पर चर्चा होगी. शुभ अंक: 9 , शुभ रंग: नीलमी वृश्चिक राशि कल कम बोलकर काम पर ध्यान देना आपके लिए फायदेमंद रहेगा. कठिन प्रोजेक्ट समय से पहले पूरा कर सकते हैं. व्यापार में प्रतिस्पर्धियों की रणनीति समझकर बेहतर योजना बनाएंगे. आर्थिक मामलों में धैर्य रखें. पुराने मित्र या रिश्तेदार से मुलाकात मन प्रसन्न करेगी. सकारात्मक सोच बनाए रखें. शुभ अंक: 8 , शुभ रंग: वाइन रेड धनु राशि कल नए अवसरों के रास्ते खुलेंगे. शिक्षा, प्रकाशन, पर्यटन, विदेशी व्यापार और कंसल्टेंसी से जुड़े लोगों को लाभ मिल सकता है. नौकरी में नई जिम्मेदारी सीखने का अवसर देगी. व्यापारिक संपर्क दूसरे शहरों तक बढ़ेंगे. परिवार के साथ यात्रा या धार्मिक कार्यक्रम की योजना बन सकती है. शुभ अंक: 6 , शुभ रंग: मैजेंटा मकर राशि कल आपका अनुशासन और धैर्य कठिन कामों को आसान बनाएगा. वरिष्ठ अधिकारी आपके प्रदर्शन से प्रभावित होंगे. व्यापार में मशीनरी, सप्लाई चेन या उत्पादन व्यवस्था में सुधार लाभ देगा. दीर्घकालीन निवेश पर विचार कर सकते हैं. परिवार में जिम्मेदारियां निभाने से सम्मान बढ़ेगा. आराम के लिए समय जरूर निकालें. शुभ अंक: 5 , शुभ रंग: जैतूनी कुंभ राशि कल आपकी नई सोच आपको दूसरों से अलग पहचान दिलाएगी. तकनीक, विज्ञान, डिजिटल मार्केटिंग, स्टार्टअप और रिसर्च क्षेत्र में अच्छे अवसर मिल सकते हैं. नौकरी में आपके विचारों को महत्व मिलेगा. व्यापार में ऑटोमेशन से खर्च कम होंगे. दोस्तों के साथ नया प्रोजेक्ट शुरू हो सकता है. शुभ अंक: 1 , शुभ रंग: साइबर ग्रीन मीन राशि कल संवेदनशीलता के साथ व्यावहारिक निर्णय लेने की क्षमता मजबूत रहेगी. सहकर्मी की मदद करने से सम्मान मिलेगा. व्यापार में ग्राहकों की जरूरत के अनुसार बनाई योजना लाभ देगी. साहित्य, संगीत, चिकित्सा, योग और आध्यात्मिक क्षेत्र से जुड़े लोगों को पहचान मिल सकती है. परिवार में रिश्तों में फिर गर्माहट आएगी. शुभ अंक: 8 , शुभ रंग: बैंगनी The post कल का राशिफल: सितारे आपके साथ हैं या खिलाफ? जानिए पढ़ें सभी 12 राशियों का सटीक भविष्यफल appeared first on Naya Vichar.

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Shah Rukh Khan के Mannat में घुस आए 2 सांप, एक 8 फीट का रेस्क्यू, दूसरा अब भी लापता

बॉलीवुड के किंग खान Shah Rukh Khan का घर Mannat एक बार फिर सुर्खियों में है. इस बार वजह कोई फिल्म या सेलिब्रिटी गॉसिप नहीं, बल्कि दो सांप हैं. रिपोर्ट के मुताबिक, eMannat के परिसर में दो सांप देखे गए, जिसके बाद रेस्क्यू टीम को बुलाना पड़ा. एक सांप को सुरक्षित पकड़ लिया गया है, जबकि दूसरा अब भी लापता बताया जा रहा है. Mannat के लॉन में दिखे दो सांप रिपोर्ट के अनुसार, 17 अगस्त की रात Mannat के लॉन में दो सांप नजर आए. इसके बाद उन्हें पकड़ने के लिए रेस्क्यू टीम को बुलाया गया. टीम ने करीब 8 फीट लंबे एक सांप को सुरक्षित रेस्क्यू कर लिया. बताया जा रहा है कि पकड़ा गया सांप धामन प्रजाति का है. यह जहरीला नहीं होता और आमतौर पर चूहों समेत छोटे जीवों का शिकार करता है. हालांकि, Shah Rukh Khan के घर जैसे हाई-प्रोफाइल परिसर में इतने बड़े सांप का मिलना अपने आप में हैरान करने वाला है. दूसरा सांप अब भी लापता रेस्क्यू टीम ने एक सांप को तो पकड़ लिया, लेकिन दूसरा अभी भी नहीं मिला है. बताया जा रहा है कि वह Mannat के परिसर में ही कहीं छिपा हो सकता है. ऐसे में उसकी तलाश जारी है. Shah Rukh Khan का Mannat मुंबई के सबसे चर्चित सेलिब्रिटी घरों में से एक है. यहां अक्सर फैंस की भीड़ देखने को मिलती है और सोशल मीडिया पर इसकी तस्वीरें वायरल होती रहती हैं. ऐसे में Mannat में दो सांप मिलने की समाचार ने लोगों का ध्यान खींच लिया है. फिलहाल पकड़े गए सांप के जहरीला नहीं होने से राहत है. वहीं, दूसरे सांप के रेस्क्यू का इंतजार है. The post Shah Rukh Khan के Mannat में घुस आए 2 सांप, एक 8 फीट का रेस्क्यू, दूसरा अब भी लापता appeared first on Naya Vichar.

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पाकिस्तान के पूर्व पीएम इमरान खान की बिगड़ी सेहत, सुप्रीम कोर्ट ने जेल से अस्पताल शिफ्ट करने का दिया आदेश

पाकिस्तान की सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार (18 अगस्त) को पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान को जेल से अस्पताल ले जाने का आदेश दिया है. स्थानीय मीडिया के मुताबिक, कोर्ट ने उनकी स्वास्थ्य स्थिति को देखते हुए उन्हें इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराने का निर्देश दिया. इससे पहले पाकिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति आरिफ अल्वी ने इमरान खान की ताजा मेडिकल रिपोर्ट पर चिंता जताई. कोर्ट ने निर्देश दिया कि इमरान को आज ही शिफा इंटरनेशनल अस्पताल में भर्ती कराया जाए. उनकी स्वास्थ्य स्थिति की जांच और इलाज के लिए डॉक्टरों का एक मेडिकल बोर्ड भी गठित किया जाएगा. अल्वी ने कहा कि इमरान का तनाव अब बहुत ज्यादा बढ़ गया है और तीन साल से जेल में रहना और पूरी तरह अलग-थलग रहना उनकी सेहत पर भारी पड़ रहा है. इमरान खान की मौत की अपुष्ट समाचारों के बीच सामने आई इस मेडिकल रिपोर्ट ने उनके परिवार और समर्थकों की चिंता और बढ़ा दी है. वे लगातार उनकी रिहाई की मांग कर रहे हैं. 2023 से जेल में बंद इमरान की स्वास्थ्य स्थिति को रिपोर्ट में गंभीर बताया गया है. ये भी पढ़ें: पाकिस्तान के पूर्व पीएम इमरान खान की जेल में मौत? पत्रकार के दावे की पाकिस्तानी सेना ने बताई सच्चाई पूर्व पीएम इमरान खान का बीपी हाई पाकिस्तान की सुप्रीम कोर्ट में पेश मेडिकल रिपोर्ट के मुताबिक, इमरान खान का ब्लड प्रेशर बढ़ा हुआ है. उनका बीपी 140/80, पल्स रेट 54 प्रति मिनट और मानसिक तनाव का स्तर काफी ज्यादा दर्ज किया गया है. फरवरी में उनका बीपी 120/80 था, जो सामान्य माना जाता है. 73 साल के इमरान को इस समय दिल की धड़कन तेज होने और बढ़ते तनाव जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है. इमरान की सेहत पर नेतृत्व से बचें, सुप्रीम कोर्ट की PTI को दो टूक पाकिस्तान की सुप्रीम कोर्ट ने PTI को इमरान खान की मेडिकल स्थिति को नेतृत्वक मुद्दा नहीं बनाने की सलाह दी. कोर्ट ने जेल में इमरान से मुलाकात के बाद पार्टी नेताओं और परिवार की ओर से मीडिया में दिए जाने वाले बयानों पर भी सवाल उठाए. जस्टिस ने कहा कि पार्टी को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि इमरान की सेहत को लेकर नेतृत्व न हो. The post पाकिस्तान के पूर्व पीएम इमरान खान की बिगड़ी सेहत, सुप्रीम कोर्ट ने जेल से अस्पताल शिफ्ट करने का दिया आदेश appeared first on Naya Vichar.

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दिल्ली-रांची के बाद बिहार की बारी, आज से अभ्यर्थी करेंगे महाआंदोलन, लालू प्रसाद बोले- तानाशाही के खिलाफ एकजुट हो

Bihar Student Protest: दिल्ली के जंतर-मंतर पर सीजेपी के समर्थकों ने प्रोटेस्ट किया. इसके बाद झारखंड के रांची में छात्रों ने अनशन किया. दोनों ही जगह प्रशासन को छात्रों की बातें माननी पड़ी. ऐसे में दिल्ली और रांची के बाद अब बिहार की बारी है. पटना में अभ्यर्थियों का आंदोलन शुरू होने वाला है. बिहार स्टूडेंट यूनियन के अध्यक्ष और छात्र नेता दिलीप कुमार के नेतृत्व में अनिश्चितकालीन धरना दिया जाएगा. मांग पूरी नहीं होने पर आंदोलन होगा तेज जानकारी के मुताबिक, छात्र नेताओं ने कहा है कि अगर उनकी मांगें पूरी नहीं की जाती है तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा. अभ्यर्थी बीपीएससी टीआरई-4 का नोटिफिकेशन जारी किए जाने, शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी का इस्तीफा समेत कई मांगों को लेकर महाआंदोलन करेंगे. ऐसे में आज पटना के गर्दनीबाग में अभ्यर्थियों का जुटना शुरू हो गया है. अभ्यर्थियों के धरने को ‘छात्र न्याय सत्याग्रह’ नाम दिया गया है. लालू प्रसाद ने की ये अपील इस बीच आरजेडी सुप्रीमो लालू प्रसाद अभ्यर्थियों के साथ आ गए हैं. उन्होंने 19 अगस्त को अभ्यर्थियों से एकजुट होने की अपील की है. लालू प्रसाद ने एक्स पर लिखा, ‘समस्त छात्र-युवा शक्ति पेपरलीक, बदहाल शिक्षा प्रणाली, पक्षपातपूर्ण बहाली प्रक्रिया और बेरोजगारी से त्रस्त है. लूट तंत्र से बनी दंभी प्रशासन उनकी लोकतांत्रिक मांगों को सुनने की बजाय AK-47 से गोलियां बरसाती है, यह अन्यायपूर्ण है. इस तानाशाही के विरुद्ध सभी 19 अगस्त को पटना में एकजुट हो.’ तेजस्वी यादव ने किया था ऐलान इससे पहले नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने भी 19 अगस्त को धरना देने की बात कही थी. तेजस्वी यादव ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कहा था, RJD 19 अगस्त को पटना में मार्च निकालेगा. यह मार्च वीरचंद पटेल पथ स्थित पार्टी मुख्यालय से लोकभवन तक जाएगा. तेजस्वी यादव ने यह भी कहा था कि मार्च में पार्टी के सभी सांसद, विधायक, विधान पार्षद और कार्यकर्ता शामिल होंगे. उन्होंने साफ कहा कि बिहार को पुलिसिया स्टेट नहीं बनने दिया जाएगा. ये सभी हैं अभ्यर्थियों की मांगे जानकारी के मुताबिक, अभ्यर्थियों की प्रमुख मांगों में BPSC TRE-4 विज्ञापन, शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी के इस्तीफे, BSSC Exam Date, लाइब्रेरियन बहाली, BET, दारोगा, सिपाही, BSSC सहित सभी प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता की मांग शामिल है. बिहार की अन्य ताजा समाचारों के लिए यहां क्लिक करें छात्र नेता दिलीप कुमार ने क्या कहा? छात्र नेता दिलीप कुमार ने पिछले दिनों कहा था कि प्रशासन और शिक्षा विभाग की तरफ से BPSC TRE-4 भर्ती परीक्षा का नोटिफिकेशन जारी करने के लिए सिर्फ आश्वासन दिया जा रहा है. लेकिन अब तक नोटिफिकेशन जारी नहीं किया गया. नोटिफिकेशन जारी होने में देरी से अभ्यर्थियों के बीच नाराजगी है. साथ ही छात्र नेता ने BPSC TRE-4 की परीक्षा के पैटर्न में बदलाव का विरोध किया. पहले सिर्फ एक पीटी की परीक्षा होती थी, लेकिन अब मेंस भी देना पड़ेगा. ऐसे में उनका कहना है कि नए पैटर्न से परीक्षा की शुरुआत BPSC TRE-5 से की जानी चाहिए. ऐसे में इन मांगों को लेकर क्या कुछ प्रशासन की तरफ से कदम उठाए जाते हैं, यह देखने वाली बात होगी. Also Read: बिहार में 1500 करोड़ का रोड प्रोजेक्ट, इन 3 जिलों में 1262 किमी सड़कों की बदलेगी तस्वीर, जानिए कब शुरू होगा काम The post दिल्ली-रांची के बाद बिहार की बारी, आज से अभ्यर्थी करेंगे महाआंदोलन, लालू प्रसाद बोले- तानाशाही के खिलाफ एकजुट हो appeared first on Naya Vichar.

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मौत की सजा में फांसी ही जरूरी? सुप्रीम कोर्ट ने कहा- सरकार चाहे तो तलाश सकती है दूसरा तरीका

सुप्रीम कोर्ट ने मौत की सजा पाए दोषियों को फांसी देने के बजाय किसी दूसरे तरीके से मृत्युदंड देने की मांग वाली याचिका खारिज कर दी है. याचिका में कहा गया था कि फांसी देकर मौत की सजा देना काफी दर्दनाक तरीका है और इसके बदले कोई अधिक मानवीय तरीका अपनाया जाना चाहिए. जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की पीठ ने मामले की सुनवाई की. हालांकि, कोर्ट ने यह भी साफ किया कि उसके फैसले का असर केंद्र प्रशासन की उस कोशिश पर नहीं पड़ेगा, जिसमें वह मृत्युदंड देने के तरीके की व्यापक समीक्षा करना चाहेगी. सुप्रीम कोर्टने कहा कि प्रशासन चाहे तो मौत की सजा को लागू करने के लिए कोई वैकल्पिक तरीका तय करने पर विचार कर सकती है. इससे पहले 22 जनवरी 2026 को सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले से जुड़ी याचिकाओं पर अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था. फांसी के बजाय दूसरे तरीके की मांग सीनियर वकील ऋषि मल्होत्रा ने जनहित याचिका दायर कर मौत की सजा देने के मौजूदा तरीके यानी फांसी पर सवाल उठाया था. याचिका में कहा गया कि फांसी से दोषी को लंबे समय तक दर्द और परेशानी झेलनी पड़ सकती है. इसके बजाय कुछ अन्य तरीकों पर विचार करने की मांग की गई थी, जिनमें जहरीला इंजेक्शन, गोली मारना, बिजली का झटका देना या गैस चैंबर शामिल हैं. ये भी पढ़ें: सुप्रीम कोर्ट में बिहार पुलिस का खुलासा, पथराव में 20 पुलिसकर्मी घायल, भीड़ में फंसे जवान ने AK-47 से चलाईं 4 गोलियां याचिका में संयुक्त राष्ट्र की आर्थिक एवं सामाजिक परिषद (ECOSOC) के प्रस्तावों का हवाला दिया गया. इसमें कहा गया है कि ऐसा तरीका अपनाया जाना चाहिए जिससे दोषी को कम से कम दर्द और पीड़ा हो. The post मौत की सजा में फांसी ही जरूरी? सुप्रीम कोर्ट ने कहा- प्रशासन चाहे तो तलाश सकती है दूसरा तरीका appeared first on Naya Vichar.

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जलवायु परिवर्तन की मार से स्वास्थ्य आपातकाल की ओर बढ़ते छोटे द्वीप देश, लांसेट की रिपोर्ट में हुआ खुलासा

Lancet Countdown SIDS Report: जलवायु परिवर्तन (Climate Change) का प्रभाव पूरी दुनिया पर पड़ रहा है, लेकिन इसके सबसे बड़े शिकार बन रहे हैं छोटे विकासशील द्वीप देश, जिन्हें संक्षेप में SIDS कहा जाता है. ‘लांसेट काउंटडाउन एसआईडीएस रिपोर्ट’ (Lancet Countdown SIDS Report) में इसका खुलासा हुआ है. इसमें कहा गया है कि इन द्वीप देशों में रहने वाले लोगों ने कोई गुनाह नहीं किया, फिर भी जलवायु परिवर्तन से संबंधित स्वास्थ्य समस्या झेलने को मजबूर हैं. अत्यधिक गर्मी और हीटवेव का कहर रिपोर्ट के अनुसार, लगातार बढ़ते तापमान की वजह से इन द्वीप देशों में छोटे शिशु और बुजुर्ग सबसे अधिक प्रभावित हो रहे हैं. एसआईडीएस देशों में 2000 के दशक की शुरुआत की तुलना में नवजात और छोटे शिशु 7 गुणा अधिक हीटवेव (Heatwave) वाले दिनों का सामना कर रहे हैं. बुजुर्ग आबादी (Older Adults) के लिए यह आंकड़ा 5 गुणा अधिक हो गया है. हीट स्ट्रेस और काम के घंटों का नुकसान वर्ष 2004 में परिवेश के तापमान (Ambient Heat) ने हल्की बाहरी कसरत के दौरान मध्यम स्तर के हीट स्ट्रेस की वजह से औसतन 3000 घंटे बर्बाद कर दिये. इसी वर्ष भीषण गर्मी और अत्यधिक तापमान की वजह से करीब 4.4 अरब कार्य घंटे नष्ट हुए. वर्ष 1990 (जब से इस डेटा को ट्रैक करना शुरू किया गया है) से यह किसी एक वर्ष में संभावित नुकसान का सबसे बड़ा आंकड़ा है. ये भी पढ़ें: ग्रीन हाइड्रोजन से ग्रीन स्टील का वर्ल्ड लीडर बन सकता है हिंदुस्तान, 3 फीसदी अतिरिक्त खर्च से कार्बन-मुक्त हो जायेंगे उद्योग बीमारियों का खतरा और खाद्य असुरक्षा जलवायु परिवर्तन केवल तापमान के बढ़ने तक सीमित नहीं है. यह बीमारियों और भुखमरी को भी सीधे तौर पर बढ़ावा दे रहा है. मच्छर जनित बीमारियां : लगातार गर्म होते मौसम के कारण डेंगू (Dengue), चिकनगुनिया (Chikungunya) और अन्य मच्छर जनित तथा जलवायु-संवेदनशील बीमारियों का जोखिम बेहद तेजी से बढ़ा है. सूखे से बढ़ता संकट : लंबे समय तक पड़े सूखे के कारण अतिरिक्त 2.7 मिलियन (27 लाख) लोग मध्यम से गंभीर स्तर की खाद्य असुरक्षा (Food Insecurity) का सामना कर रहे हैं. समुद्र पर असर : महासागरों के गर्म होने (Ocean Warming) से तटवर्ती इलाकों में मछली पालन, लोगों की आजीविका और समुद्री खाद्य सुरक्षा खतरे में पड़ दिख रही है. 1981-2010 की आधारभूत अवधि (Baseline Period) की तुलना में वर्ष 2022-2024 के औसत में SIDS के तटीय क्षेत्रों के समुद्र की सतह के तापमान में 0.61 डिग्री सेंटीग्रेड की वृद्धि दर्ज की गयी है. ये भी पढ़ें: ग्लोबल वार्मिंग का यूरोपीय ट्रेलर हिंदुस्तान के लिए 3 मोर्चे पर तबाही के संकेत, कोलकाता में हीट इंडेक्स का जानलेवा जाल बुनियादी ढांचे और अंतरराष्ट्रीय वित्त पोषण की कमी बढ़ते संकटों के बावजूद, अनुकूलन प्रयासों (Adaptation Efforts) में संस्थागत क्षमता की सीमा, बिखरा हुआ जलवायु वित्त (Climate Funding) और स्वास्थ्य अनुकूलन (Health Adaptation) में अपर्याप्त निवेश सबसे बड़ी बाधा बना हुआ है. कुल 58 SIDS देशों में से केवल 10 देशों के पास समर्पित राष्ट्रीय स्वास्थ्य और जलवायु अनुकूलन योजनाएं (Dedicated National Health and Climate Adaptation Plans) हैं. निगरानी का अभाव, कर्ज का बढ़ता बोझ आधे से भी कम स्वास्थ्य प्रणालियां जलवायु की निगरानी (Climate Monitoring) में सक्रिय रूप से जुड़ी हुई हैं. SIDS को उपलब्ध अंतर्राष्ट्रीय जलवायु वित्त पोषण (International Climate Finance Funding) स्वास्थ्य की रक्षा के लिए आवश्यक राशि से काफी कम है. ऋण पर बढ़ती निर्भरता के कारण ये देश आर्थिक रूप से कमजोर होते जा रहे हैं. लगातार कर्ज का बोझ बढ़ रहा है. हालात यह है कि इनकी लगभग आधी वित्तीय आवश्यकताओं का अब तक आकलन भी नहीं किया जा सका है. ये भी पढ़ें: क्यों खत्म हुआ 45 फीसदी ‘क्लाइमेट फाइनेंस’ का लक्ष्य! हिंदुस्तान पर क्या होगा इसका असर? उम्मीद की किरण : सौर ऊर्जा और जलवायु कूटनीति में प्रगति तमाम विषम परिस्थितियों के बावजूद, रिपोर्ट कुछ सकारात्मक पहलुओं और मजबूत तैयारियों की ओर भी इशारा करती है. वर्ष 2020 के बाद से इन देशों में सौर फोटोवोल्टिक क्षमता (Solar Photovoltaic Capacity) दोगुनी से अधिक हो गयी है. प्रारंभिक चेतावनी प्रणाली : अर्ली वॉर्निंग सिस्टम (Early Warning Systems) में सुधार हुआ है, जिसकी वजह से चरम मौसमी घटनाओं (Extreme Weather Events) से होने वाली मौतों में गिरावट आयी है, जो बेहतर तैयारी को दर्शाता है. जलवायु कूटनीति में नेतृत्व : SIDS देशों ने वैश्विक जलवायु कूटनीति में अपना नेतृत्व कायम रखा है. जलवायु परिवर्तन से संबंधित राज्यों के दायित्वों पर अंतर्राष्ट्रीय न्यायालय (ICJ) का हाल ही में आया ऐतिहासिक सलाहकार फैसला इसका प्रत्यक्ष प्रमाण है. ये भी पढ़ें: यूरोप पर ‘हीट डोम’ का कहर : खतरे में 32.7 करोड़ आबादी और 1484.66 लाख करोड़ की संपत्ति, जर्मनी-पोलैंड में 45 डिग्री तापमान का अलर्ट वैश्विक समुदाय से अपील जैसे-जैसे दुनिया प्री-कॉप (Pre-COP) और फिर COP31 सम्मेलन की ओर बढ़ रही है, लाखों लोगों का स्वास्थ्य और कल्याण दांव पर लगा है. लांसेट की रिपोर्ट प्रशासनों से अपील करती है कि वे वित्तीय निवेश बढ़ाएं, जवाबदेही तय करें और स्थानीय स्तर पर संचालित समाधानों का समर्थन करें, ताकि ये छोटे द्वीप देश अपने लिए एक स्वस्थ और जलवायु-अनुकूल भविष्य का निर्माण कर सकें. ये भी पढ़ें: पृथ्वी के विनाश का कारण बन रही अमेरिकी सेना, 140 देशों से ज्यादा प्रदूषण फैलाता है पेंटागन : डॉक्युमेंट्री The post जलवायु परिवर्तन की मार से स्वास्थ्य आपातकाल की ओर बढ़ते छोटे द्वीप देश, लांसेट की रिपोर्ट में हुआ खुलासा appeared first on Naya Vichar.

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IND vs SL Test Day 4: दूसरी पारी में पडिक्कल 44 रन बनाकर आउट, लंच तक भारत का स्कोर 116/4

IND vs SL Test: हिंदुस्तान और श्रीलंका के बीच गॉल में स्पोर्ट्से जा रहे पहले टेस्ट के चौथे दिन हिंदुस्तानीय टीम ने अपनी दूसरी पारी में बल्लेबाजी शुरू कर दी है. श्रीलंका को पहली पारी में 284 रन पर समेटने के बाद हिंदुस्तान को 178 रन की बढ़त मिली थी. अब टीम इंडिया की नजरें दूसरी पारी में तेजी से रन बनाकर श्रीलंका के सामने बड़ा लक्ष्य रखने पर हैं. लंच ब्रेक तक हिंदुस्तान ने 4 विकेट खोकर 116 रन बना लिए हैं और उसकी कुल बढ़त 294 रन की हो गई है. ऋषभ पंत और ध्रुव जुरेल क्रीज पर मौजूद हैं. पडिक्कल ने बनाए पहले टेस्ट में 211 रन पहली पारी में 167 रन की शानदार पारी स्पोर्ट्सने वाले देवदत्त पडिक्कल ने दूसरी पारी में भी उपयोगी योगदान दिया. उन्होंने 75 गेंदों का सामना करते हुए 44 रन बनाए. हालांकि, वह अपनी पारी को बड़ी पारी में तब्दील नहीं कर सके और उनके आउट होने के बाद ध्रुव जुरेल बल्लेबाजी के लिए उतरे. पडिक्कल ने पहली पारी में शानदार शतक जड़कर हिंदुस्तानीय पारी को मजबूती दी थी. अब दूसरी पारी में भी उनके बल्ले से निकले 44 रन हिंदुस्तान की बढ़त को और मजबूत करने में अहम रहे. दूसरी पारी में नहीं चला जायसवाल का बल्ला यशस्वी जायसवाल के लिए दूसरी पारी भी निराशाजनक रही. पहली पारी में 32 रन बनाने के बाद वह दूसरी पारी में सिर्फ 3 गेंद स्पोर्ट्स सके और बिना खाता खोले पवेलियन लौट गए. श्रीलंका के तेज गेंदबाज असिता फर्नान्डो ने उन्हें अपना शिकार बनाया. पहली पारी में भी जायसवाल दुर्भाग्यपूर्ण तरीके से रन आउट हुए थे. केएल राहुल के साथ तालमेल में हुई गलती के कारण उन्हें 32 रन के स्कोर पर अपना विकेट गंवाना पड़ा था. Also Read: बांग्लादेश से हार के बाद ऑस्ट्रेलिया का एक्शन, वेदराल्ड बाहर; इस खिलाड़ी की हुई एंट्री गिल का बल्ला भी रहा खामोश कप्तान शुभमन गिल की बल्लेबाजी भी हिंदुस्तानीय टीम के लिए चिंता का विषय बनी हुई है. पहली पारी में गिल के बल्ले से सिर्फ 16 रन निकले थे. दूसरी पारी में भी वह बड़ी पारी नहीं स्पोर्ट्स सके और महज 8 रन बनाकर आउट हो गए. ऐसे में टीम इंडिया की नजरें अब ऋषभ पंत और ध्रुव जुरेल की जोड़ी पर हैं, जो लंच के बाद हिंदुस्तान की बढ़त को और आगे ले जाने की कोशिश करेगी. 300 रन के करीब पहुंची हिंदुस्तान की बढ़त लंच तक ऋषभ पंत 21 रन और ध्रुव जुरेल 5 रन बनाकर नाबाद हैं. हिंदुस्तान की कुल बढ़त 294 रन हो चुकी है. टीम इंडिया की कोशिश होगी कि दूसरे सत्र में तेजी से रन बनाकर श्रीलंका के सामने 400 से ज्यादा का लक्ष्य रखा जाए और फिर गेंदबाजों के दम पर मैच में जीत की स्थिति मजबूत की जाए. पहली पारी में हिंदुस्तान ने 462 रन बनाए थे, जबकि श्रीलंका की पहली पारी 284 रन पर सिमट गई थी. हिंदुस्तान की ओर से मानव सुथार ने 4 और रवींद्र जडेजा ने 3 विकेट झटके थे. अब मुकाबले में हिंदुस्तानीय टीम की नजरें अपनी दूसरी पारी को बड़े स्कोर तक पहुंचाने पर हैं. Also Read: आखिर कैसे गॉल में श्रीलंका के खिलाफ सबसे सफल स्पिनर बने मानव सुथार? खुद बताई कामयाबी की वजह The post IND vs SL Test Day 4: दूसरी पारी में पडिक्कल 44 रन बनाकर आउट, लंच तक हिंदुस्तान का स्कोर 116/4 appeared first on Naya Vichar.

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सतीश पूनिया बने पंजाब के प्रभारी, जानिए कौन हैं BJP के ये चर्चित नेता

बीजेपी ने आगामी पंजाब विधानसभा चुनाव की तैयारियों के लिए राजस्थान के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद सतीश पूनिया को पंजाब का प्रभारी नियुक्त किया है. 17 अगस्त को उन्हें बीजेपी के राष्ट्रीय महासचिव बनाया गया और अब 18 अगस्त को वे पंजाब के प्रभारी बनाए गए हैं. राष्ट्रीय महासचिव पूनिया के सामने अब पंजाब में पार्टी के संगठन को मजबूत करने और चुनावी रणनीति तैयार करने की जिम्मेदारी होगी. कौन हैं सतीश पूनिया? सतीश पूनिया ने नेतृत्व की शुरुआत अखिल हिंदुस्तानीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) से की थी. इसके बाद वह हिंदुस्तानीय जनता युवा मोर्चा और राजस्थान बीजेपी में कई संगठनात्मक जिम्मेदारियां संभालते रहे. 2018 में वह पहली बार आमेर से विधायक बने और 2019 में उन्हें राजस्थान बीजेपी का प्रदेश अध्यक्ष बनाया गया. प्रदेश अध्यक्ष के तौर पर उन्होंने 2019 से 2023 तक पार्टी की कमान संभाली. हालांकि 2023 के विधानसभा चुनाव में उन्हें आमेर सीट से हार का सामना करना पड़ा. ये भी पढ़ें: आजादी के बाद UP की पहली विधानसभा कैसी थी? 1952 में ऐसे शुरू हुआ था प्रदेश की लोकतांत्रिक नेतृत्व का पहला अध्याय हरियाणा में बदली थी तस्वीर राजस्थान चुनाव के बाद बीजेपी ने पूनिया को हरियाणा का प्रभारी बनाया. 2024 के विधानसभा चुनाव में बीजेपी ने हरियाणा में लगातार तीसरी बार प्रशासन बनाई. इसके बाद 2026 में पूनिया को राजस्थान से राज्यसभा भेजा गया और अब उन्हें पंजाब की जिम्मेदारी दी गई है. ये भी पढ़ें: पुराने चेहरों के साथ नई पीढ़ी का गठजोड़, BJP की नई टीम में युवा, स्त्री और डिजिटल नेतृत्व पर फोकस पंजाब में होगी अगली परीक्षा! पंजाब में बीजेपी के सामने अपना संगठन और जनाधार मजबूत करने की चुनौती है. पूनिया के पास राजस्थान और हरियाणा में संगठन संभालने का अनुभव है. अब देखना होगा कि वह इस अनुभव का इस्तेमाल पंजाब के अलग नेतृत्वक समीकरण में किस तरह करते हैं. The post सतीश पूनिया बने पंजाब के प्रभारी, जानिए कौन हैं BJP के ये चर्चित नेता appeared first on Naya Vichar.

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