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Green Energy: देश में हाइड्रोजन से बस और ट्रक चलाने की तैयारी

Green Energy: आने वाले समय में देश में बस और ट्रक हाइड्रोजन से चलाने की तैयारी है. नेशनल ग्रीन हाइड्रोजन मिशन के तहत केंद्र प्रशासन ने हाइड्रोजन से बस और ट्रक चलाने के लिए पांच पायलट प्रोजेक्ट चलाने का फैसला लिया है. इससे पहले केंद्रीय नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय ग्रीन हाइड्रोजन मिशन के तहत ट्रांसपोर्ट सेक्टर में पायलट प्रोजेक्ट के लिए दिशानिर्देश जारी कर चुका है. इसके तहत विभिन्न प्रकार के हाइड्रोजन आधारित वाहन, रूट और हाइड्रोजन रिफ्यूलिंग स्टेशन के लिए प्रस्ताव मांगा गया है. इस प्रस्तावों का विस्तृत अध्ययन करने के बाद मंत्रालय ने 37 वाहनों के लिए पांच पायलट प्रोजेक्ट को मंजूरी दी है. साथ ही 9 रिफ्यूलिंग स्टेशन बनाया जाना है. पायलट प्रोजेक्ट के दौरान 15 हाइड्रोजन फ्यूल सेल आधारित वाहन के अलावा 22 हाइड्रोजन इंजन वाले वाहन को चलाने की योजना है. यह वाहन 10 रूट ग्रेटर नोएडा- दिल्ली- आगरा, भुवनेश्वर-कोणार्क-पुरी, अहमदाबाद- वडोदरा-सूरत, साहिबाबाद-फरीदाबाद-दिल्ली, पुणे-मुंबई, जमशेदपुर-कलिंगा नगर, तिरुवनंतपुरम-कोच्ची, कोच्ची-इडापल्ली, जामनगर-अहमदाबाद और एनएच 16 पर चलाया जायेगा. यह प्रोजेक्ट टाटा मोटर्स, रिलायंस, एनटीपीसी, अशोक लीलैंड, एचपीसीएल, बीपीसीएल और आईओसीएल को दिया गया है.  ग्रीन हाइड्रोजन को फ्यूल के तौर पर देना है बढ़ावा इस प्रोजेक्ट के लिए केंद्र प्रशासन की ओर से 208 करोड़ रुपये की वित्तीय मदद दी जायेगी और इसे 18-24 महीने में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है. प्रशासन की कोशिश ग्रीन हाइड्रोजन तकनीक के मामले में देश को अग्रणी देश बनाना है. पायलट प्रोजेक्ट का मकसद देश में बस और ट्रक में हाइड्रोजन फ्यूल के इस्तेमाल को बढ़ावा देना है. अगर पायलट प्रोजेक्ट सफल रहा तो आने वाले समय में देश में ट्रक और बसों का संचालन हाइड्रोजन फ्यूल से होगा. ग्रीन हाइड्रोजन मिशन 4 जनवरी 2023 को 19744 करोड़ रुपये के आवंटन के साथ लांच किया गया था. हाइड्रोजन फ्यूल सेल से चलने वाले वाहन से  कोई हानिकारक गैस का उत्सर्जन नहीं होता है और यह अन्य वाहनों से अधिक प्रभावी होता है.  हाइड्रोजन फ्यूल सेल से चलने वाली गाड़ियों में अधिक आवाज भी नहीं होती है. भविष्य में स्वच्छ और टिकाऊ परिवहन के लिए यह एक महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है. अगर यह तकनीक सफल होती है तो हिंदुस्तान की पेट्रोल, डीजल पर दूसरे देशों पर निर्भरता कम होगी और देश कार्बन उत्सर्जन को कम करने के लक्ष्य को हासिल करने में मदद मिलेगा.  The post Green Energy: देश में हाइड्रोजन से बस और ट्रक चलाने की तैयारी appeared first on Naya Vichar.

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Taarak Mehta Ka Ooltah Chashmah: क्या भिड़े छोड़ रहे हैं शो, मंदार चंदवाडकर ने तोड़ी चुप्पी, कहा- यह फैसला क्यों…

Taarak Mehta Ka Ooltah Chashmah: तारक मेहता का उल्टा चश्मा फेम मंदार चंदवाडकर अपनी दमदार एक्टिंग के लिए जाने जाते हैं. वह शो में आत्माराम तुकाराम भिड़े की भूमिका निभाते हैं. उनकी और जेठालाल की जुगलबंदी काफी पसंद की आ जाती है. गोकुलधाम सोसाइटी के वह सेक्रेट्री और पेशे से एक ट्यूशन टीचर हैं. अब एक्टर ने इस अफवाह पर चुप्पी तोड़ी है कि क्या वह शो छोड़ रहे हैं. क्या मंदार चंदवाडकर छोड़ रहे हैं तारक मेहता का उल्टा चश्मा सुभोजित घोष के साथ हाल ही में एक पॉडकास्ट में मंदार चंदवाडकर ने सीरियल छोड़ने की अफवाहों पर कहा, ”सोशल मीडिया को धन्यवाद, मैं वास्तव में चाहता हूं कि एक कानून या कोई लॉ होनी चाहिए, जो यह निर्धारित करेगी कि सोशल मीडिया पर कौन हो सकता है. जहां तक मेरे शो छोड़ने की अफवाहें है, वह केवल व्यूज बटोरने के लिए चैनल फैलाते हैं. यह सब उनके वित्तीय लाभ के बारे में है, जो उनके हैंडल पर अधिक सब्सक्राइबर लेकर आता है. ऐसी फर्जी समाचारों के कारण कई बार मेरे परिवार के सदस्यों ने मुझसे पूछा कि मैंने शो छोड़ने का फैसला क्यों किया है, लेकिन यह सच नहीं है.” नया विचार की प्रीमियम स्टोरी: Child Mental Health : शिशु हो रहे हैं दबंग, रेप और आत्महत्या करने में भी नहीं करते संकोच, जानिए क्या है वजह क्यों तारक मेहता का उल्टा चश्मा नहीं छोड़ते हैं मंदार मंदार का तारक मेहता को कभी नहीं छोड़ने का मुख्य कारण नौकरी से संतुष्टि है. उन्होंने कहा, ”सीरियल को मैंने 17 साल खूब एन्जॉय किया है और सेट पर आज भी काफी मजा करता हूं. मुझे अपना कैरेक्टर या अपना काम नीरस नहीं लगता. इसके विपरीत, शो के कलाकारों में से हम सभी एक मजबूत परिवार बन गए हैं, जिनमें कोई अहंकार नहीं है. इसके बजाय, हम एक-दूसरे को बेहतर करने के लिए प्रेरित भी करते हैं. मुझे प्रतिदिन अद्भुत हास्य का अनुभव होता है. हमें अपने शो में दिग्गजों के साथ काम करने का मौका मिलता है. हमारे शो को हर किसी से आशीर्वाद मिला है, इसलिए तो इतने उतार चढ़ाव के बाद भी हमलोगं 17 सालों तक दर्शकों को एंटरटेन कर रहे हैं.” The post Taarak Mehta Ka Ooltah Chashmah: क्या भिड़े छोड़ रहे हैं शो, मंदार चंदवाडकर ने तोड़ी चुप्पी, कहा- यह फैसला क्यों… appeared first on Naya Vichar.

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झारखंड के 1.62 लाख सरकारी कर्मचारियों की बल्ले-बल्ले, पुरानी पेंशन योजना पर 832 करोड़ खर्च करेगी हेमंत सरकार

Jharkhand Budget 2025: झारखंड में कार्यरत 1.62 लाख से अधिक प्रशासनी कर्मचारियों और लाखों को सेवानिवृत्त पेंशनभोगी प्रशासनी कर्मचारियों को हेमंत प्रशासन ने होली का तोहफा दिया है. सोमवार को वित्त वर्ष 2025-26 के लिए पेश किए गए सालाना बजट में प्रशासन ने पुरानी पेंशन योजना पर करीब 832 करोड़ रुपये खर्च करने का प्रावधान किया है. प्रशासन के इस कदम से 1.62 लाख से अधिक प्रशासनी कर्मचारी और सेवानिवृत्त पेंशनभोगी कर्मचारियों और उनके परिवार के लोगों को फायदा होगा. झारखंड में पेंशन फंड का गठन विधानसभा में अपने बजट भाषण में वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने कहा कि झारखंड के कर्मचारियों के सेवानिवृत्त होने पर आर्थिक जोखिमों से दूर कर उन्हें एक सुरक्षित आर्थिक स्रोत सुनिश्चित करने के लिए पुरानी पेंशन योजना का वित्तीय भार कम करने के दृष्टिकोण से पेंशन फंड का गठन किया गया है. इसके लिए वर्ष 2023-24 में 700 करोड़ रुपये और 2024-25 में 780 करोड़ रुपये पेंशन कोष में निवेश किया गया. वित्त वर्ष 2025-26 में 832 करोड़ रुपये का निवेश के लिए बजट प्रस्तावित है. पुरानी पेंशन योजना क्या है? पुरानी पेंशन योजना हिंदुस्तान में प्रशासनी कर्मचारियों के लिए एक रिटायरमेंट बेनिफिट स्कीम है. केंद्र प्रशासन ने 1 जनवरी 2004 से इसे बंद कर दिया है और उसकी जगह नई पेंशन योजना (एनपीएस) को लागू किया है, लेकिन झारखंड में पुरानी पेंशन योजना अब भी लागू है. पुरानी पेंशन योजना के तहत प्रशासनी कर्मचारी को अपने वेतन से कोई योगदान नहीं देना पड़ता है. सेवानिवृत्ति के बाद कर्मचारियों को अंतिम वेतन का 50% पेंशन के रूप में मिलता है. इसके अलावा, पेंशनधारकों को महंगाई भत्ते (डीए) में होने वाली बढ़ोतरी का लाभ मिलता है. कर्मचारी की मौत के बाद उनके आश्रितों को पेंशन मिलती है और कर्मचारी को जीवनपर्यंत पेंशन मिलती है, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति स्थिर रहती है. इसे भी पढ़ें: Jharkhand Budget 2025: मंईयां सम्मान का दिखा असर, इस विभाग का 95 फीसदी बढ़ गया बजट झारखंड में 1,62,931 प्रशासनी कर्मचारियों को होगा फायदा प्रशासन की पुरानी पेंशन योजना से झारखंड को करीब 1,62,931 प्रशासनी कर्मचारियों को फायदा होगा. इसके अलावा, प्रशासन के इस कदम से करीब 1.58 से अधिक पेंशनभोगी प्रशासनी कर्मचारियों को भी फायदा होगा. नवहिंदुस्तान टाइम्स की एक रिपोर्ट के अनुसार, वित्तीय वर्ष 2024-25 में, झारखंड प्रशासन में स्वीकृत पदों की कुल संख्या 3,26,049 थी, जिनमें से 1,58,846 पद रिक्त थे और 1,67,203 पदों पर कर्मचारी कार्यरत थे. राज्य प्रशासन ने 1 मार्च 2025 से कर्मचारियों के लिए स्वास्थ्य बीमा योजना शुरू की है. इससे 1,62,931 कर्मचारियों और उनके आश्रितों को लाभ मिलेगा. इसे भी पढ़ें: Jharkhand Budget 2025: तसर रेशम उत्पादन में झारखंड अव्वल, एमएसएमई पर 4863161000 रुपये खर्च करेगी हेमंत प्रशासन The post झारखंड के 1.62 लाख प्रशासनी कर्मचारियों की बल्ले-बल्ले, पुरानी पेंशन योजना पर 832 करोड़ खर्च करेगी हेमंत प्रशासन appeared first on Naya Vichar.

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बागेश्वर बाबा के बिहार आने पर भड़की RJD, बोली- बीजेपी का फायदा कराने आ रहे धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री 

बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री बिहार के गोपालगंज आ रहे हैं. भोरे प्रखंड के रामनगर स्थित श्रीराम जानकी मठ में 6 मार्च से श्री हनुमंत कथा का आयोजन किया जाएगा. इसमें बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री हर रोज दिव्य दरबार का भी आयोजन करेंगे और श्रद्धालुओं का पर्चा निकालेंगे. वहीं, अब धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के बिहार आने को लेकर सियासत भी शुरू हो गई है.  राजद के विधायक राकेश रौश धुव्रीकरण के लिए जाने जाते हैं धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री: RJD राजद के विधायक राकेश रौशन ने कहा कि इस साल विधानसभा चुनाव होने वाला है। प्रधानमंत्री आ चुके हैं और बहुत सारे लोग आएंगे. बागेश्वर धाम के धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री आ रहे हैं. वह धुव्रीकरण के लिए जाने जाते हैं. ये तो सनातन धर्म के नाम पर देश में जो गंगा-जमुनी तहजीब है, उसे मिटाना चाहते हैं. बिहार बुद्ध और महावीर की धरती है, इसलिए इस धरती पर उनका कुछ चलने वाला नहीं है. बिहार की जनता ने मन बना लिया है कि इस बार तेजस्वी की प्रशासन हो.  भाजपा के विधायक लखेंद्र पासवान धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के आने से बहुत से लोग बौखला रहे: BJP वहीं, भाजपा के विधायक लखेंद्र पासवान ने कहा कि बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री बिहार आ रहे हैं, हम लोग उनके स्वागत को लेकर तैयार हैं. उनके आने से बहुत लोग बौखला भी जाएंगे. सनातन धर्म का प्रचार हो रहा है, तो यह अच्छी बात है. सभी लोग खुश हैं. बहुत लोग चाह रहे हैं, वे आएं.   5 से 10 मार्च तक गोपालगंज में रहेंगे धीरेंद्र शास्त्री कथा वाचक पंडित धीरेंद्र शास्त्री 5 से 10 मार्च तक गोपालगंज में रहेंगे. वह भोरे के रामनगर स्थित श्रीराम जानकी मठ में हनुमान जी पर कथा वाचन और चर्चा करेंगे. बताया जा रहा है कि 5 मार्च को कलश शोभा यात्रा निकाली जाएगी. इसके बाद 6 से 10 मार्च तक हनुमंत कथा का आयोजन किया जाएगा.  इसे भी पढ़ें: बिहार के इस शहर को प्रशासन ने दिया 1243 करोड़ का सौगात, सकरी नदी पर बनेगा पुल पढ़ें नया विचार की प्रीमियम स्टोरी :Magadha Empire : बिम्बिसार ने अपनी सुदृढ़ प्रशासनिक व्यवस्था से मगध को किया सशक्त, ऐसे हुआ पतन The post बागेश्वर बाबा के बिहार आने पर भड़की RJD, बोली- बीजेपी का फायदा कराने आ रहे धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री  appeared first on Naya Vichar.

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Anupama: शिवम खजूरिया ने शो के अपकमिंग ट्विस्ट से उठाया पर्दा, बोले- प्रेम के पिता की सच्चाई…

Anupama: स्टार प्लस का लोकप्रिय शो अनुपमा की कहानी दर्शकों को खूब पसंद आती है. यही वजह है कि टीआरपी चार्ट पर शो अक्सर टॉप 5 में अपनी जगह बनाए रखता है. लेटेस्ट एपिसोड में प्रेम और राही की शादी का सेलिब्रेशन चल रहा है. कोठारी और शाह परिवार प्री वेडिंग फंक्शन खूब एंजॉय कर रहे हैं. अब प्रेम का किरदार निभाने वाले शिवम खजूरिया ने अपकमिंग ट्विस्ट को लेकर बात की. शिवम खजूरिया ने राही और प्रेम की शादी को लेकर कही ये बात शिवम खजूरिया ने इंडियन फोरम संग बात करते हुए कहा, “मुझे राही और प्रेम के शादी का सीक्वेंस काफी पसंद हैं! डांस, ड्रामा, अच्छे-अच्छे कपड़े, यह सब बहुत रियलिस्टिक और उत्साह से भरा हुआ है. हालांकि पर्दे के पीछे थोड़ी मेहनत ज्यादा है, लेकिन स्क्रीन पर सीन्स देखना वाकई में जबरदस्त है.” नया विचार की प्रीमियम स्टोरी: Child Mental Health : शिशु हो रहे हैं दबंग, रेप और आत्महत्या करने में भी नहीं करते संकोच, जानिए क्या है वजह शिवम ने अपकमिंग ट्विस्ट पर से उठाया पर्दा शिवम यह देखने के लिए उत्सुक हैं कि फैंस चल रहे ट्रैक को क्या रिएक्शन देते हैं. उन्होंने कहा, “स्क्रिप्ट में ड्रामा, खुशी के पल और मजबूत पारिवारिक संबंधों का बेहतरीन मिश्रण है, जो इसे एक भावनात्मक रोलरकोस्टर बनाता है. मैं दर्शकों के अपकमिंग एपिसोड को देखने का इंतजार नहीं कर सकता हूं.” आने वाले ट्विस्ट के बारे में उत्साहित शिवम ने चिढ़ाते हुए कहा, “मैं प्रेम के उसके पिता के बारे में सच्चाई जानने के लिए इंतजार नहीं कर सकता. यह उनकी यात्रा में गेम-चेंजर साबित होने वाला है!” प्रेम के किरदार से कितना जुड़ते हैं शिवम जब शिवम से रिश्तों पर उनके व्यक्तिगत विचारों के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने कहा कि वह प्रेम से कई मायनों में जुड़े हुए हैं. उन्होंने साझा किया, “प्रेम की तरह, मैं एक पुरुष हूं. मैं पुराने स्कूल के प्यार में विश्वास करता हूं, जहां विश्वास, वफादारी और गहरे संबंध सबसे ज्यादा मायने रखते हैं.” The post Anupama: शिवम खजूरिया ने शो के अपकमिंग ट्विस्ट से उठाया पर्दा, बोले- प्रेम के पिता की सच्चाई… appeared first on Naya Vichar.

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Holi 2025: होली के रंग अब आपके बालों को नहीं कर सकेंगे डैमेज, ऐसे करें देखभाल 

Holi 2025: होली को रंगों के त्योहार के नाम से जाना जाता है, और देश भर में लोग इस त्योहार को लोग बड़े मौज और उत्साह के साथ मनाते है. होली में रंगों से स्पोर्ट्सने का एक अलग ही मजा है और सभी इसकी तैयारी कई दिन पहले ही करना शुरू कर देते है. साथ ही होली की तैयारी के साथ-साथ अपने बालों की भी देखभाल की जरूरत हो सकती हैं. हर लोग गुलाल और रंगों से होली स्पोर्ट्सने का बेहद आनंद उठाते है. लेकिन आपको तो पता ही होगा इन रंगो में केमिकल होने के कारण हमारे बालों पर बुरा असर पड़ता है. ऐसे में होली स्पोर्ट्सने से पहले हमें अपनी बालों की देखभाल करना बहुत जरूरी है. तो आज हम आपको बताएंगे कुछ ऐसे टिप्स जिनको फॉलो करके आप अपने बालों को केमिकल भरे रंगों से बचा सकते है. नारियल या बादाम तेल लगाएं  होली स्पोर्ट्सने से पहले आप अपने बालों में नारियल या बादाम का तेल लगाकर जरूर रखें. ये तेल आपके बालों पर एक लेयर बना देते हैं, जिससे होली के रंग आपके बालों में कम घुसती हैं. इसके लिए आप अपने स्कैल्प और बालों में तेल को अच्छी तरीके से लगाकर मालिश करें.  ये भी पढ़ें: Beauty Tips: चेहरे अब नहीं बचेंगे एक भी दाग-धब्बे और मुंहासे, जानें छुटकारा पाने के आसान घरेलु नुस्खे ये भी पढ़ें: Beauty Tips: टैनिंग से छुटकारा दिलाने में मदद करेगा नारियल का तेल, इस तरह इस्तेमाल करना फायदेमंद बालों को ढक कर रखें होली स्पोर्ट्सने से पहले आप अपने बालों की देखभाल के लिए आप  बालों को कैप या स्कार्फ से ढक कर रखें. होली स्पोर्ट्सने से पहले अगर आप यह टिप्स अपनाएं तो आपके बाल धूल, गंदगी और होली के रंगों के केमिकल से छुटकारा पा सकते हैं. बालों को बांध लें   होली स्पोर्ट्सने से पहले आप अपने बालों को चोटी या जूड़ा से बंद करके रखें. ताकि वह कम उलझें और स्कैल्प में रंग कम लगे. ये आपके बालों को सुरक्षित रखेगा और आपको होली स्पोर्ट्सने में भी आसानी होगी.  बालों को अच्छी तरीके से सुखाएं   होली स्पोर्ट्सने से पहले अपने बालों को अच्छे से धोकर सुखा लें. ऐसा करने से आपके बालों में रंग कम घुसेंगे. गीले बालों में रंग अधिक घुसता है इसलिए आप इस टिप्स का जरूर उपयोग करें. ये भी पढ़ें: Beauty Tips: क्या होता है जब आप चेहरे पर रातभर लगाकर सोते हैं फिटकरी? जानें चौंकाने वाले फायदे The post Holi 2025: होली के रंग अब आपके बालों को नहीं कर सकेंगे डैमेज, ऐसे करें देखभाल  appeared first on Naya Vichar.

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Jharkhand Budget 2025 : झारखंड के मजदूर अब नहीं करेंगे पलायन, हेमंत सरकार राज्य में ही देगी रोजगार

Jharkhand Budget 2025: झारखंड के मजदूरों को अब राज्य से बाहर नहीं जाना पड़ेगा. सोमवार को राज्य के वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने बजट 2025-26 में उल्लेख किया कि राज्य का श्रमिक वर्ग काफी मेहनती है, जिसने देशभर में कई परियोजनाओं और स्थानों के विकास में अपना योगदान दिया है. हमारी प्राथमिकता होगी कि झारखंड में ही उन्हें अधिक से अधिक रोजगार के साधन उपलब्ध कराए जाएं. झारखंड के श्रमिकों का पलायन और केंद्रीय परियोजनाओं में उनकी भागीदारी झारखंड से बड़ी संख्या में श्रमिक रोजगार की तलाश में देश के विभिन्न राज्यों में पलायन करते हैं. राज्य में उद्योग और रोजगार के सीमित अवसरों के कारण श्रमिक मुख्य रूप से निर्माण, खनन, कृषि, विनिर्माण और सेवा क्षेत्रों में काम करने के लिए अन्य राज्यों में जाते हैं. झारखंड के श्रमिक किन-किन राज्यों में काम करते हैं? झारखंड के श्रमिक मुख्य रूप से दिल्ली, महाराष्ट्र, गुजरात, तमिलनाडु, कर्नाटक, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, पंजाब, राजस्थान और केरल में काम करते हैं. इनमें से दिल्ली, मुंबई, सूरत, बेंगलुरु और चेन्नई जैसे बड़े शहरों में अधिक श्रमिक रोजगार पाते हैं. झारखंड से कुशल और अर्धकुशल मजदूरों की पलायन दर राज्य से कुशल और अर्धकुशल श्रमिकों की पलायन दर लगभग 30-35% है. यह दर विभिन्न क्षेत्रों में रोजगार की उपलब्धता और मजदूरी की दर पर निर्भर करती है. ज्यादातर श्रमिक असंगठित क्षेत्र में काम करते हैं, जिससे उन्हें रोजगार की स्थिरता नहीं मिलती. केंद्रीय परियोजनाओं में झारखंड के कितने मजदूर कार्यरत हैं? अनुमानित आंकड़ों के अनुसार, 3-5 लाख मजदूर विभिन्न केंद्रीय परियोजनाओं में काम कर रहे हैं. झारखंड के मजदूर किन-किन केंद्रीय परियोजनाओं में कार्यरत हैं? रेलवे निर्माण परियोजनाएँ राष्ट्रीय राजमार्ग और पुल निर्माण स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट खनन परियोजनाएँ (कोयला, लौह अयस्क, बॉक्साइट आदि) औद्योगिक क्षेत्रों में विनिर्माण इकाइयाँ मेगा पावर प्लांट (थर्मल और हाइड्रो पावर प्रोजेक्ट्स) क्रम संख्या विषय विवरण 1 झारखंड के श्रमिक किन-किन राज्यों में काम करते हैं? दिल्ली, महाराष्ट्र, गुजरात, तमिलनाडु, कर्नाटक, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, पंजाब, राजस्थान, केरल 2 झारखंड से कुशल और अर्धकुशल मजदूरों की पलायन दर क्या है? झारखंड से कुशल और अर्धकुशल श्रमिकों की पलायन दर लगभग 30-35% अनुमानित है 3 केंद्रीय परियोजनाओं में झारखंड के कितने मजदूर काम करते हैं? लगभग 3-5 लाख मजदूर केंद्रीय परियोजनाओं में कार्यरत हैं (अनुमानित आंकड़ा) 4 झारखंड के मजदूर किन-किन केंद्रीय परियोजनाओं में काम करते हैं? – रेलवे निर्माण परियोजनाएँ Also Read: Jharkhand Budget 2025: केंद्र पर 1.36 लाख करोड़ का बकाया, वसूली के लिए कानून का सहारा ले सकती है हेमंत प्रशासन Also Read: Jharkhand Budget 2025: रांची, खूंटी समेत 7 जिलों में खुलेंगे मेडिकल कॉलेज, स्वास्थ्य सेवा पर 7470.51 करोड़ खर्च करेगी प्रशासन The post Jharkhand Budget 2025 : झारखंड के मजदूर अब नहीं करेंगे पलायन, हेमंत प्रशासन राज्य में ही देगी रोजगार appeared first on Naya Vichar.

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कोलकाता नाइट राइडर्स ने इस धाकड़ बल्लेबाज को बनाया कप्तान, उपकप्तान के नाम का भी ऐलान

IPL 2025: कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) ने इंडियन प्रीमियर लीग 2025 (IPL 2025) सीजन के लिए अनुभवी बल्लेबाज अजिंक्य रहाणे (Ajinkya Rahane) को अपना कप्तान घोषित किया है. फ्रेंचाइजी ने वेंकटेश अय्यर (Venkatesh Iyer) को टीम का उप-कप्तान नियुक्त किया है. इसकी आधिकारिक घोषणा करते हुए केकेआर के सीईओ वेंकी मैसूर ने कहा, ‘हम अजिंक्य रहाणे जैसे खिलाड़ी को पाकर बहुत खुश हैं. एक लीडर के रूप में वह अपने साथ अनुभव और परिपक्वता लेकर आते हैं. साथ ही, वेंकटेश अय्यर केकेआर में भी नेतृत्व के कई गुण हैं. हमें विश्वास है कि हमारे खिताब की रक्षा का अभियान शुरू करने के लिए दोनों आपस में अच्छा तालमेल बिठाएंगे.’ अजिंक्य रहाणे खिताब की रक्षा करने के लिए बेकरार केकेआर का कप्तान बनाए जाने के बाद अजिंक्य रहाणे ने कहा, ‘आईपीएल में सबसे सफल फ्रैंचाइजी में से एक कोलकाता नाइट राइडर्स का नेतृत्व करने के लिए कहा जाना सम्मान की बात है. मुझे लगता है कि हमारे पास एक बेहतरीन और संतुलित टीम है. मैं सभी के साथ काम करने और अपने खिताब की रक्षा करने की चुनौती लेने के लिए उत्सुक हूं.’ केकेआर अपने टाटा आईपीएल 2025 अभियान की शुरुआत शनिवार 22 मार्च को अपने घर ईडन गार्डन्स स्टेडियम में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के खिलाफ करेगा. 🚨 𝗢𝗳𝗳𝗶𝗰𝗶𝗮𝗹 𝗔𝗻𝗻𝗼𝘂𝗻𝗰𝗲𝗺𝗲𝗻𝘁 – Ajinkya Rahane named captain of KKR. Venkatesh Iyer named Vice-Captain of KKR for TATA IPL 2025. pic.twitter.com/F6RAccqkmW — KolkataKnightRiders (@KKRiders) March 3, 2025 केकेआर और आरसीबी के बीच होगा पहला मुकाबला केकेआर और आरसीबी का मुकाबला टूर्नामेंट का पहला मुकाबला होगा. केकेआर ने पिछले सीजन में शानदार प्रदर्शन करते हुए तीसरी बार आईपीएल का खिताब अपने नाम किया. उस समय टीम की कप्तानी श्रेयस अय्यर कर रहे थे. हालांकि, मेगा नीलामी से पहले फ्रेंचाइजी ने अपने कप्तान को रिलीज कर दिया, जिन्हें नीलामी में पंजाब किंग्स ने अपनी टीम में शामिल किया. उसके बाद से फैंस को इस बात का बेसब्री से इंतजार था कि किस खिलाड़ी को यह जिम्मेदारी दी जाएगी. आईपीएल 2025 के लिए केकेआर की पूरी टीम अजिंक्य रहाणे (कप्तान), रिंकू सिंह, वरुण चक्रवर्ती, सुनील नरेन, आंद्रे रसेल, हर्षित राणा, रमनदीप सिंह, वेंकटेश अय्यर (उपकप्तान), क्विंटन डिकॉक, रहमानुल्लाह गुरबाज, एनरिक नॉर्टजे, अंगकृष रघुवंशी, वैभव अरोड़ा, मयंक मारकंडे, रोवमन पॉवेल, मनीष पांडे, स्पेंसर जॉनसन, लवनीथ सिसोदिया, अनुकूल रॉय, मोइन अली, उमरान मलिक. पढ़ें नया विचार की प्रीमियम स्टोरी:  Magadha Empire : सुनिए मगध की कहानी, एक था राजा बिम्बिसार जिसने साम्राज्य विस्तार के लिए वैवाहिक गठबंधन किया Girl Marriage With Dog Video: कुत्ते संग 11 महीने की बच्ची की शादी, हो जनजाति की अनोखी परंपरा The post कोलकाता नाइट राइडर्स ने इस धाकड़ बल्लेबाज को बनाया कप्तान, उपकप्तान के नाम का भी ऐलान appeared first on Naya Vichar.

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Weight Loss Tips: बढ़े हुए वजन को कम करने में मदद करेंगे ये मॉर्निंग ड्रिंक्स, देखते ही देखते पिघल जाएगी पेट में जमी जिद्दी चर्बी

Weight Loss Tips: आज के समय में बढ़ा हुआ वजन होना एक काफी आम समस्या हो गयी है. दुनिया की एक बड़ी आबादी ऐसी है जो इस समय बढ़े हुए वजन और निकले हुए तोंद की समस्या से जूझ रही है. जब हमारा वजन बढ़ता है तो हमारा शरीर सिर्फ दिखने में ही खराब नहीं लगता है बल्कि यह अपने साथ कई तरह की गंभीर बीमारियां भी अपने साथ लेकर आता है. आज की यह आर्टिकल उन लोगों के लिए काफी काम की होने वाली है जिनका वजन बढ़ गया है और उनकी तोंद भी निकल चुकी है. आज हम आपको कुछ ऐसे ड्रिंक्स के बारे में बताने जा रहे हैं जिनका सेवन जब आप सुबह खाली पेट करते हैं तो आपके पेट में जमी जिद्दी चर्बी काफी तेजी से पिघलने लगती है. तो चलिए इन हेल्दी मॉर्निंग ड्रिंक्स के बारे में विस्तार से जानते हैं. दालचीनी चाय अगर आप अपने पेट में जमी जिद्दी चर्बी से छुटकारा पाना चाहते हैं तो आपको दालचीनी की चाय का सेवन जरूर करना चाहिए. इसके नियमित सेवन से आपके पेट में जमी जिद्दी चर्बी काफी तेजी से पिघलने लगती है और कुछ ही समय में आपको एक फ्लैट टमी मिलता है. इसमें एंटीबैक्टीरियल और एंटीऑक्सीडेंट प्रॉपर्टीज पाए जाते हैं जिस वजह से इसके सेवन से आपकी बॉडी अंदर से क्लीन भी हो सकती है. वेट लॉस से जुड़ी ट्रेंडिंग समाचारें यहां पढ़ें ये भी पढ़ें: Weight Loss Tips: बढ़े हुए वजन से हैं परेशान? डिनर के बाद जरूर करें ये काम ये भी पढ़ें: Fat Loss Tips: पेट में जमी जिद्दी चर्बी को पिघलाने में माहिर हैं ये फल, जरूर करें डायट में शामिल ग्रीन टी आज के समय में ग्रीन टी का चलन काफी ज्यादा बढ़ गया है. अगर आपके बेली एरिया में फैट जमा हुआ है तो ऐसे में आपको इसका सेवन जरूर करना चाहिए. इसके नियमित सेवन से आपके पेट में जमी जिद्दी चर्बी काफी तेजी से पिघलने लगती है. इसमें एंटीऑक्सीडेंट्स पाए जाते हैं जिस वजह से यह कैलरीज को बर्न करने में काफी मददगार साबित होती है. ग्रीन टी के सेवन से आपका मेटाबोलिज्म भी बूस्ट हो सकता है. नींबू पानी और शहद बढ़े हुए वजन को कम करने के लिए नींबू पानी का सेवन लंबे समय से किया जाता रहा है. पेट में जमी जिद्दी चर्बी को कम करने में यह काफी ज्यादा मदद कर सकता है. नींबू पानी के सेवन से आपका शरीर अंदर से क्लीन होता है और साथ ही आपका मेटाबोलिज्म भी बूस्ट होता है. अगर आप नींबू पानी के खटास को नहीं झेल पाते हैं तो ऐसे में इसमें थोड़ा सा शहद भी मिला सकते हैं. ये भी पढ़ें: Weight Loss Tips: बिना जिम जाए तेजी से घटने लगेगा आपका मोटापा, होंगे और भी कई फायदे The post Weight Loss Tips: बढ़े हुए वजन को कम करने में मदद करेंगे ये मॉर्निंग ड्रिंक्स, देखते ही देखते पिघल जाएगी पेट में जमी जिद्दी चर्बी appeared first on Naya Vichar.

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अवैध बालू लदे ट्रैक्टर की चपेट में आने से मैट्रिक परीक्षा देने जा रहे छात्र की दर्दनाक मौत, दूसरे की हालात गंभीर

Road Accident| बरकट्ठा ,(रेयाज खान): हजारीबाग जिला अंतर्गत बरकट्ठा प्रखंड क्षेत्र के ढ़ोढ़िया नदी के समीप बालू लदे ट्रैक्टर की चपेट में आने से मैट्रिक के छात्र की मौत हो गई. जबकि एक अन्य छात्र गंभीर रूप से घायल हो गया. घटना आज सोमवार की सुबह करीब 9:15 बजे की है. दोनों छात्र बाइक से परीक्षा देने बरकट्ठा जा रहे थे. इसी दौरान रस्ते में ट्रैक्टर की चपेट में आने से एक की मौत हो गई. मृतक छात्र की पहचान ग्राम सिमारिया चुगलामो निवासी अर्जुन महतो के बेटे रोहित कुमार (18) के रूप में हुई है. बाइक पर सवार ग्राम बनपुरा चुगलामो निवासी मंटू महतो के बेटे नीतीश कुमार (18) गंभीर रूप से घायल है. घटना के बाद स्थानीय लोगों की सहायता से नीतीश को इलाज के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बरकट्ठा ले जाकर भर्ती कराया गया. घटना के बाद अवैध बालू लदा ट्रैक्टर चालक ट्रैक्टर लेकर भागने में सफल रहा. पढ़ें नया विचार की प्रीमियम स्टोरी : क्या पुतिन से नजदीकियों की वजह से ट्रंप ने जेलेंस्की को व्हाइट हाउस से बाहर निकाला? बालू तस्करी पर अंकुश लगाने में प्रशासन विफल मामले की सूचना मिलने पर बरकट्ठा जिप सदस्य कुमकुम देवी और मृतक के परिजन रोते-बिलखते घटनास्थल पर पहुंचे. ग्रामीणों का आरोप है कि प्रतिदिन बरकंनगांगों और बराकर घाट से सैकड़ों की संख्या में ट्रैक्टर और टीपर गाड़ी से अवैध बालू की तस्करी धड़ल्ले से किया जा रहा है. बालू से लदी कई गाडियां रोजाना बरकट्ठा व गोरहर थाना क्षेत्र से होकर गुजरती है. पुलिस प्रशासन इन पर अंकुश लगाने में पूरी तरह से विफल साबित हो रही है. इसे भी पढ़ें : गुटखा और पान मसाले पर लगा प्रतिबंध झारखंड के दुकानदारों के लिए साबित हो रहा ‘लॉटरी’, वसूल रहे मनमानी कीमत Jharkhand Budget 2025: मंईयां सम्मान योजना के लिए 13363.35 करोड़ रुपए वित्त मंत्री ने जल जीवन मिशन योजना पर किया बड़ा ऐलान, पेयजल विभाग के लिए 4 हजार करोड़ से अधिक का प्रावधान The post अवैध बालू लदे ट्रैक्टर की चपेट में आने से मैट्रिक परीक्षा देने जा रहे छात्र की दर्दनाक मौत, दूसरे की हालात गंभीर appeared first on Naya Vichar.

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