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Dhanbad news: चार नंबर पर खड़े थे यात्री, तीन नंबर आ गयी कुंभ स्पेशल, अफरातफरी

Dhanbad news: स्पेशल ट्रेन की सही जानकारी साझा नहीं होने के कारण यात्रियों में अफरातफरी का माहौल देखने को मिला. बुधवार की रात हजारों की संख्या में पहुंचे यात्री कुंभ स्पेशल के इंतजार में प्लेटफॉर्म संख्या चार पर खड़े थे.आरपीएफ की टीम मुस्तैद थी कि चलती ट्रेन में कोई नहीं चढ़े. रस्सी लगा दिया गया. ट्रेन के रात 10.20 बजे तक आने की बात कही जाने लगी, लेकिन इसी बीच रात करीब 9.35 बजे हावड़ा की ओर से प्लेटफॉर्म संख्या तीन पर कुंभ स्पेशल ट्रेन लगा दी गयी. इसकी सूचना ना ही पहले रेलवे की ओर से साझा की गयी और ना ही यात्रियों व सुरक्षा में तैनात जवानों को इसकी जानकारी थी. इसके बाद यात्रियों में अफरा तफरी मच गयी. लोग रस्सी को हटा कर ट्रैक पर उतर गये. ट्रेन पर चढ़ने की होड़ मच गयी. सुरक्षा जवानों ने कहा – नहीं जायेगी कुंभ, फिर अनाउंसमेंट हुआ की ये ट्रेन भी जायेगी कुंभसुरक्षा में तैनात जवान बार-बार तीन नंबर पर लगी कुंभ स्पेशल ट्रेन के नहीं चलने की बात कहते रहे. लेकिन यात्री कुछ भी सुनने को तैयार नहीं थे. सभी यात्री ट्रेन पर सवार हो गये. सुरक्षा जवानों की टीम तीन नंबर प्लेटफॉर्म पर पहुंची और यात्रियों को बताया गया कि यह ट्रेन कुंभ नहीं जायेगी. कुंभ जाने वाली ट्रेन चार नंबर प्लेटफॉर्म पर आने वाली है. इसके बाद आधे यात्री ट्रेन से उतर कर ओवरब्रिज के माध्यम से चार नंबर प्लेटफॉर्म पर चले गये. लेकिन तभी अनाउंसमेंट किया गया कि तीन नंबर पर लगी स्पेशल ट्रेन भी कुंभ जायेगी. यात्रियों में दिखा रोष : समन्वय की कमी के कारण यात्रियों को परेशानी झेलनी पड़ रही है. इसके कारण यात्रियों में रोष भी देखा गया. यात्री सुरक्षा जवानों द्वारा गलत जानकारी देने पर अपनी नाराजगी व्यक्त करते दिखे. बाद में ट्रेन पर यात्री सवार हो गये. 10.30 में पहुंची स्पेशल ट्रेन : धनबाद से स्पेशल ट्रेन को 10.30 बजे प्लेटफॉर्म संख्या चार लगाया गया. ट्रेन के लगते ही यात्री इसमें सवार होने लगे. कुछ ही मिनटों में पूरी ट्रेन फुल हो गयी. अधिकारी प्लेटफॉर्म पर पहुंचे : अफरातफरी की घटना के बाद धनबाद रेल मंडल के एडीआरएम विनीत कुमार, सीनियर डीसीएम अमरेश कुमार और वरीय कमांडेंट अनुराग मीणा धनबाद स्टेशन पहुंचे. स्टेशन पर व्यवस्थाओं का जायजा लिया. भीड़ को कंट्रोल करने के लिए जरूरी निर्देश भी सुरक्षा में तैनात जवानों को दिया गया. डिस्क्लेमर: यह नया विचार समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे नया विचार डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है The post Dhanbad news: चार नंबर पर खड़े थे यात्री, तीन नंबर आ गयी कुंभ स्पेशल, अफरातफरी appeared first on Naya Vichar.

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बांग्लादेशी नागरिक फर्जी दस्तावेज के साथ अरेस्ट

आरोप, यहां आकर बनाया था हिंदुस्तानीय फर्जी आधार कार्ड समेत कई दस्तावेज महाकुंभ स्नान की इच्छा लिये आ गया हिंदुस्तान बारासात.महाकुंभ स्नान करने की इच्छा लेकर पासपोर्ट वीजा के जरिये हिंदुस्तान में आकर फर्जी आधार कार्ड समेत कई दस्तावेज बनाने के आरोप में एक बांग्लादेशी नागरिक को गिरफ्तार किया गया है. उसका नाम धीरेन हालदार है. वह बांग्लादेश के बेनापोल का पाटबाड़ी का निवासी है. उत्तर 24 परगना के हाबरा थाने की पुलिस ने मंगलवार को उसे हाबरा स्टेशन मोड़ इलाके से गिरफ्तार किया. बुधवार को उसे बारासात कोर्ट में पेश किया गया, जहां अदालत ने उसे सात दिनों की पुलिस हिरासत में भेजने का निर्देश दिया. पूछताछ में गिरफ्तार आरोपी ने पुलिस को बताया है कि वह महाकुंभ में जाने के लिए पासपोर्ट वीजा पर हिंदुस्तान आया था. बांग्लादेशी पासपोर्ट होने के बावजूद, यहां आने के बाद उन्होंने हिंदुस्तानीय आधार कार्ड सहित कई नागरिकता कार्ड बनवाया. हाबरा स्टेशन मोड़ इलाके से मंगलवार को दबोचा गया. पुलिस का कहना है कि दो माह पहले ही वह हिंदुस्तान आया. इधर, कुछ माह में ही उसने जमीन भी खरीदा. परिवार के लिए सभी के लिए आधार कार्ड समेत कई दस्तावेज भी बनवाया. बैंक अकाउंट भी खोला है. बांग्लादेशी पासपोर्ट मिलने के साथ ही हिंदुस्तानीय कई फर्जी दस्तावेज भी उसके पास से मिले है. इसमें शामिल और लोगों के बारे में पुलिस पता लगा रही है. जांच में पता चला है कि गिरफ्तार व्यक्ति पहले भी कई बार बांग्लादेशी वीजा पर हिंदुस्तान आ चुका है. बारासात पुलिस जिला की पुलिस अधीक्षक प्रतीक्षा झारखड़िया ने कहा कि घटना की जांच शुरू कर दी गयी है. इस बात की जांच चल रही है कि गिरफ्तार व्यक्ति इस देश में कैसे आया और उसने फर्जी पहचान पत्र कैसे बनाया. डिस्क्लेमर: यह नया विचार समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे नया विचार डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है The post बांग्लादेशी नागरिक फर्जी दस्तावेज के साथ अरेस्ट appeared first on Naya Vichar.

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नौकरी का प्रलोभन देकर ठगी अपहरण का प्रयास, गिरफ्तार

शांतिपुर में स्त्री की शिकायत पर फर्जी पुलिसवाला गिरफ्तार कल्याणी.पुलिस की पहचान बता कर नौकरी देने का लालच देकर वित्तीय धोखाधड़ी का मामला सामने आया है. इस सिलसिले में एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया है. आरोप है कि उसने एक स्त्री को उसके घर से अपहरण करने की कोशिश भी की है. घटना नदिया जिले के शांतिपुर की है. स्त्री की शिकायत के आधार पर फर्जी पुलिसकर्मी को गिरफ्तार कर लिया गया है. बुधवार को आरोपी को राणाघाट न्यायिक अदालत में पेश किया गया. पुलिस सूत्रों के मुताबिक गिरफ्तार युवक का नाम शैलेन घोष है. वह शांतिपुर सर्बनंदीपाड़ा का रहने वाला है. पुलिस सूत्रों के मुताबिक शैलेन ने खुद को पुलिसकर्मी बताकर कई बार लोगों से पैसे लिये हैं. इस बार उसे एक स्त्री की शिकायत के आधार पर गिरफ्तार किया गया है. शिकायतकर्ता ने पुलिस को बताया कि आरोपी शैलेन ने उसे नौकरी दिलाने के नाम पर उससे कई बार पैसे लिये थे. आरोपी ने कथित तौर पर स्त्री को घर से अगवा करने की भी कोशिश की. उसने स्त्री की सोने की चेन भी चुरा ली. इसके बाद स्त्री ने शांतिपुर थाने में शिकायत की. पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है. आरोपी ने स्त्री के अलावा और किसके साथ धोखाधड़ी की है इसकी जांच की जा रही है. डिस्क्लेमर: यह नया विचार समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे नया विचार डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है The post नौकरी का प्रलोभन देकर ठगी अपहरण का प्रयास, गिरफ्तार appeared first on Naya Vichar.

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प्रमोटर से रंगदारी की मांग सीएम को मेल कर मदद मांगी

हावड़ा.हावड़ा के एक प्रमोटर से पांच लाख रुपये की रंगदारी मांगने का मामला सामने आया है. घटना का खुलासा तब हुआ जब प्रमोटर ने रंगदारी से बचने के लिए सीधे मुख्यमंत्री को ईमेल कर गुहार लगायी. इस घटना से दक्षिण हावड़ा विधानसभा क्षेत्र के थानामकुआ ग्राम पंचायत में हड़कंप मच गया है. मिली जानकारी के अनुसार अभिजीत नाइक नामक एक प्रमोटर थानामकुआ ग्राम पंचायत इलाके में स्थित चंद्रबती गांव रोड पर एक बिल्डिंग का निर्माण करा रहे हैं. उनकी शिकायत है कि बिल्डिंग निर्माण के दौरान उन्हें रंगदारी देने के लिए धमकी मिल रही है. उन्होंने रंगदारी मांगने का आरोप थानामकुआ ग्राम पंचायत के प्रधान पर लगाते हुए कहा कि उनसे पांच लाख रुपये देने को कहा गया है. प्रमोटर ने आरोप लगाया कि पिछले दिनों ग्राम प्रधान के एक सहयोगी उनसे मिलने उनके कार्यालय में आये और पांच लाख रुपये की डिमांड की. प्रोमोटर का कहना है कि घटना के बाद उन्होंने हावड़ा पुलिस कमिश्नर और सांकराइल पुलिस स्टेशन में लिखित शिकायत दर्ज करायी साथ ही मुख्यमंत्री कार्यालय को ईमेल कर मामले की जानकारी दी है. हालांकि जिस थानामकुआ ग्राम पंचायत के प्रधान पर आरोप लगा है उन्होंने आरोपों को सरासर निराधार बताते हुए कहा कि घटना की जांच होनी चाहिए. उन्होंने कहा यदि आरोप साबित हो गये तो वह प्रमुख पद से इस्तीफा दे देंगे. लेकिन अगर यह झूठ साबित हुआ तो वह प्रमोटर पर कानूनी कार्रवाई करेंगे. डिस्क्लेमर: यह नया विचार समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे नया विचार डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है The post प्रमोटर से रंगदारी की मांग सीएम को मेल कर मदद मांगी appeared first on Naya Vichar.

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फीस वृद्धि के मामले में क्यों नहीं कानून बना रही है राज्य सरकार

सुनवाई के दौरान न्यायाधीश विश्वजीत बसु ने की टिप्पणी, कहा – यहां क्यों नहीं अपनाया जा रहा है राजस्थान मॉडल? कोलकाता. कलकत्ता उच्च न्यायालय के न्यायाधीश विश्वजीत बसु ने बुधवार को राज्य के निजी स्कूलों की मासिक फीस वृद्धि पर चिंता व्यक्त की है. एक मामले की सुनवाई के दौरान न्यायमूर्ति विश्वजीत बसु ने सवाल उठाया कि राज्य प्रशासन कानून पारित करके इस शुल्क वृद्धि को सीधे नियंत्रित क्यों नहीं कर रही है. उन्होंने इस मामले पर राज्य के शिक्षा मंत्री से जवाब तलब किया है. निजी स्कूल फीस में अनियंत्रित वृद्धि के संबंध में दायर एक मामले की सुनवाई के दौरान उन्होंने कहा कि राज्य में कई निजी स्कूलों में स्कूल फीस में वृद्धि के संबंध में कई आवेदन प्रस्तुत किये गये हैं. कई मामलों में शुल्क में वृद्धि अनुचित है. उन्होंने राज्य से पूछा कि इस पर नियंत्रण करने के लिए राज्य प्रशासन क्यों कोई कदम नहीं उठा रही? उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल प्रशासन को इस राज्य में शिक्षा प्रणाली के संबंध में कुछ कदम उठाने की जरूरत है. उनकी टिप्पणी है कि राजस्थान मॉडल यहां क्यों नहीं अपनाया जा रहा है? न्यायमूर्ति विश्वजीत बसु ने आगे कहा कि जिस प्रकार से राजस्थान प्रशासन निजी शिक्षण संस्थानों के पूरे सिस्टम पर नजर रखती है, वैसे ही पश्चिम बंगाल प्रशासन क्यों नहीं कर सकती. उन्होंने कहा कि अदालत सभी मामलों में आदेश जारी नहीं कर सकती. उन्होंने राज्य के वकील से कहा कि राज्य प्रशासन अन्य विधेयकों की तरह इस मामले पर भी निर्णय ले सकती है. ऐसा क्यों नहीं हो रहा है? उन्होंने कहा कि राज्य के शिक्षा मंत्री इस बारे में क्यों नहीं सोच रहे हैं? अदालत ने कहा कि राज्य प्रशासन विधानसभा में विधेयक पारित कर इसे नियंत्रित कर सकती है. न्यायाधीश ने राज्य प्रशासन से पूछा कि यदि कोई शिकायत नहीं है तो भी एनसीटीइ के दिशा-निर्देशों के अनुसार शिक्षकों को शिक्षा प्रदान करने के मुद्दे पर ध्यान क्यों नहीं दिया जायेगा. न्यायाधीश ने कहा कि राज्य प्रशासन का हमेशा से यही कहना होता है कि हम उन्हें कोई आर्थिक मदद नहीं देते हैं, इसलिए हमारा उन पर कोई नियंत्रण नहीं है. लेकिन राज्य प्रशासन इस तरह से अपनी आंखें मूंद नहीं सकती. इसके बाद उन्होंने राज्य के महाधिवक्ता को निर्देश दिया कि वह मंत्री से बात करें और अगले शुक्रवार को अदालत को राज्य की स्थिति से अवगत करायें. डिस्क्लेमर: यह नया विचार समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे नया विचार डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है The post फीस वृद्धि के मामले में क्यों नहीं कानून बना रही है राज्य प्रशासन appeared first on Naya Vichar.

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उत्तर बंगाल की समस्याओं के लिए भाजपा के मुख्य सचेतक से पहल का आह्वान

कोलकाता. उत्तर बंगाल के पहाड़ी क्षेत्रों की समस्याओं का स्थायी समाधान करने के लिए पश्चिम बंगाल विधानसभा ने नयी दिल्ली में सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल भेजने का प्रस्ताव रखा है. बुधवार को विधानसभा अध्यक्ष विमान बनर्जी ने भाजपा के मुख्य सचेतक शंकर घोष को इस संबंध में पहल करने का आह्वान किया. हालांकि, सिलीगुड़ी से भाजपा विधायक शंकर घोष ने कहा कि इस मामले पर अंतिम निर्णय पार्टी लेगी. गौरतलब है कि विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी निलंबन के कारण विधानसभा में चल रहे बजट सत्र में शामिल नहीं हो रहे हैं. बुधवार को राज्य के सिंचाई मंत्री मानस भुइयां ने अलीपुरदुआर से विधायक सुमन कांजीलाल के एक सवाल के जवाब में कहा कि उत्तर बंगाल में अचानक आने वाली बाढ़ के कारण खतरा लगातार बढ़ रहा है. इस स्थिति में, हमें नयी दिल्ली एक सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल भेजना चाहिए, जो सम्मिलित रूप से इस समस्या को वहां रख सके. इस संबंध में राज्य के संसदीय मामलों के मंत्री शोभनदेव चटर्जी ने कहा कि तृणमूल कांग्रेस इसके लिए प्रयासरत है, लेकिन विपक्षी दल के असहयोग के कारण यह संभव नहीं हो पा रहा है. वहीं, विस अध्यक्ष विमान बनर्जी ने कहा कि राज्य के हित में सभी पार्टियों का एक साथ वहां जाना जरूरी है. गौरतलब है कि इससे पहले मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने घोषणा की थी कि वह इस मुद्दे पर हिंदुस्तान-भूटान संयुक्त नदी आयोग बनाने की पहल करेंगी. उन्होंने यह भी कहा था कि इस संबंध में केंद्र से अपील करने के लिए एक सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल भेजा जायेगा. डिस्क्लेमर: यह नया विचार समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे नया विचार डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है The post उत्तर बंगाल की समस्याओं के लिए भाजपा के मुख्य सचेतक से पहल का आह्वान appeared first on Naya Vichar.

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पिलर को जोड़ने के लिए सड़क बंद करने की नहीं मिल रही अनुमति

कोलकाता. न्यू गरिया-एयरपोर्ट मेट्रो का काम रुक गया है, क्योंकि प्रशासन ने तीन आवेदनों के बावजूद चिंगड़ीघाटा के पास सड़क को बंद करने और गार्डर को उठाने की अनुमति देने से इनकार कर दिया है. मेट्रो अधिकारियों ने आरोप लगाया कि सभी आवश्यक शर्तों को पूरी करने के लिए कोलकाता नगर निगम और यातायात विभाग के साथ विचार-विमर्श करने के बावजूद अंतिम समय में अनुमति नहीं मिली. मेट्रो अधिकारियों का कहना है कि कोलकाता यातायात पुलिस द्वारा गार्डर उठाने के आवश्यक सड़क बंद करने की अनुमति नहीं मिलने से काम पिछले एक साल से रुका पड़ा है. मेट्रो सूत्रों के अनुसार चिंगड़ीघाटा चौराहे के पास मेट्रो लाइन के पिलर 317, 318 और 319 पर गार्डर सेट करने के लिए यातायात बंद करना पड़ेगा. तभी इन पिलर के 366 मीटर हिस्से को गार्डर से जोड़ा जा सकेगा. जानकारी के अनुसार उक्त कार्य के प्रारंभ करने के लिए पिछले एक वर्ष के दौरान रेल विकास निगम लिमिटेड (आरवीएनएल) और कोलकाता पुलिस के साथ कई दौर की बैठक हो चुकी है. राज्य प्रशासन के डिमांड के अनुसार आरवीएनएल ने उक्त स्थान पर सड़क का निर्माण (इएम बाइपास के पास स्थित जलाशय से लेकर धापा पंपिंग स्टेशन तक) अपने खर्च पर करवा दिया है. उसके बाद भी यातायात बंद करने की अनुमित नहीं मिली. गत 16 जनवरी को आरवीएनएल ने 25 जनवरी से तीन फरवरी के बीच दो चरणों में काम कराने की अनुमति मांगी थी. इस संबंध में 20 जनवरी को आरवीएनएल और यातायात विभाग के अधिकारियों ने संयुक्त रूप से वैकल्पिक व्यवस्था का निरीक्षण किया था. हालांकि अनुमति नहीं मिली. इसके बाद आरवीएनएल ने फिर तीन से 12 फरवरी तक रात में दो चरणों में काम पूरा करने की अनुमति मांगी थी. 11 फरवरी को दोनों पक्षों की बैठक हुई. आरवीएनएल का आरोप है कि इसके बाद भी अनुमति नहीं दी गयी. मेट्रो के एक अधिकारी ने बताया कि 16 फरवरी को कोलकाता मेट्रो के महाप्रबंधक और अग्निशमन मंत्री सुजीत बसु ने एक साथ इलाके का दौरा किया था. साथ ही यातायात विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों से भी कई बार बैठक हुई. लेकिन सभी बैठकें बेनतीजा रहीं. राज्य प्रशासन के सूत्रों के अनुसार, चिंगड़ीघाटा चौराहे का प्रस्तावित कार्य शुरू होने से यातायात काफी प्रभावित होगी. यदि उस क्षेत्र में सड़क बंद कर दी गयी, तो महानगर के यातायात प्रबंधन पर इसका बड़ा प्रभाव पड़ सकता है. वीवीआइपी लोग अक्सर उस सड़क से यात्रा करते हैं. परिणामस्वरूप, सभी पहलुओं पर विचार करने के बाद आवश्यक अनुमति प्रदान की जायेगी. डिस्क्लेमर: यह नया विचार समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे नया विचार डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है The post पिलर को जोड़ने के लिए सड़क बंद करने की नहीं मिल रही अनुमति appeared first on Naya Vichar.

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कोर्ट ने राज्य सरकार की ‘तुच्छ’ याचिका पर जतायी नाराजगी

कोलकाता/नयी दिल्ली. सुप्रीम कोर्ट ने एक व्यक्ति को 18 साल तक सेवानिवृत्ति बकाया का भुगतान न करने संबंधी राज्य प्रशासन की तुच्छ याचिका पर नाराजगी जतायी और 10 लाख रुपये का जुर्माना लगाया. न्यायमूर्ति विक्रम नाथ और न्यायमूर्ति संदीप मेहता की पीठ ने कलकत्ता उच्च न्यायालय के एक आदेश के खिलाफ राज्य प्रशासन द्वारा दायर याचिका को खारिज कर दिया. पीठ ने कहा, ‘हम पश्चिम बंगाल राज्य द्वारा दायर इन याचिकाओं को देरी के साथ-साथ गुण-दोष के आधार पर खारिज करते हैं और प्रतिवादी को आज से चार सप्ताह के भीतर 10 लाख रुपये का जुर्माना अदा किये जाने का आदेश भी देते हैं.’ पीठ ने कहा कि उसने मामले पर गुण-दोष के आधार पर विचार किया, जबकि याचिका ‘391 दिन की काफी देरी’ से दायर की गयी थी और राज्य द्वारा कोई संतोषजनक स्पष्टीकरण नहीं दिया गया था. न्यायालय ने 14 फरवरी को अपने आदेश में कहा, ‘हम पाते हैं कि यह पश्चिम बंगाल राज्य द्वारा उच्च न्यायालय के आदेश को चुनौती देने वाली एक पूरी तरह से तुच्छ और परेशान करने वाली याचिका है.’ उच्च न्यायालय ने 2007 में सेवानिवृत्त हुए व्यक्ति के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्यवाही को रद्द कर दिया था और उसे सभी बकाया राशि जारी करने का निर्देश दिया था. डिस्क्लेमर: यह नया विचार समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे नया विचार डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है The post कोर्ट ने राज्य प्रशासन की ‘तुच्छ’ याचिका पर जतायी नाराजगी appeared first on Naya Vichar.

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काटने व चलने के निशान से दोषी तक पहुंची पुलिस : सीपी

बच्ची से यौन शोषण में दोषी को फांसी की सजा दिलवाना उपलब्धि सीपी ने इस मामले के जांच अधिकारी समेत एसआइटी के पूरे सदस्यों को दिया धन्यवाद कहा : कोलकाता पुलिस के इतिहास में यह पहली घटना, जिसमें पीड़िता के जीवित रहते दोषी को फांसी की सजा मिली हो संवाददाता, कोलकाता बड़तला इलाके में सात महीने की बच्ची का अपहरण करने के बाद उसके साथ यौन शोषण करने के मामले में दोषी करार दिये गये युवक राजीव घोष फांसी की सजा दिलवाना कोलकाता पुलिस की बड़ी उपलब्धियों में से एक है. बुधवार को कोलकाता पुलिस मुख्यालय लालबाजार में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में कोलकाता पुलिस आयुक्त मनोज वर्मा ने इस घटना को एक विरल घटना बताया. सीपी ने कहा- पीड़ित बच्ची अभी भी अस्पताल में इलाजरत है. वह धीरे-धीरे स्वस्थ होने का प्रयास कर रही है. इसके बावजूद यह पहली घटना है जब कोलकाता के बैंकशाल कोर्ट ने इस घटना में शामिल आरोपी को दोषी करार दिया. मंगलवार को उसे मौत की सजा सुनायी गयी. बलात्कार के मामलों में पीड़िता के जीवित होने के बाद भी दोषी को मौत की सजा दिया जाना दुर्लभ है. इस तरह की घटना में दोषी को फांसी की सजा सुनाया जाना समाज में सख्त संदेश देगा. सीपी ने कहा, राजीव घोष को सबूतों के आधार पर झाड़ग्राम से गिरफ्तार किया गया. हमने इस घटना की जांच के लिए एक स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम बनायी. पुलिस इस घटना के 28 दिन के अंदर आरोप पत्र दायर करने में सफल रही. इसके बाद आरोपी को दोषी करार दिया गया. यह शायद बलात्कार का पहला मामला है, जहां पीड़िता के जीवित रहने के बावजूद दोषी को मौत की सजा दी गयी है. जांच अधिकारी, डीसी (नॉर्थ) और संयुक्त आयुक्त (अपराध) के नेतृत्व वाली इस टीम को धन्यवाद. जांचकर्ताओं ने अपराधी की पहचान कैसे की? इस पर सीपी ने कहा कि घटना के बाद पहले दो दिनों तक जांच को आगे बढ़ाना मुश्किल था. घटना वाले दिन और रात में बारिश हुई. इस कारण जानकारी नहीं मिल सकी. बाद में पुलिस के हाथ कुछ फुटेज लगे, जिससे आरोपी की पहचान हुई. शिशु के शरीर पर काटने के कई निशान मिले. इनका मिलान आरोपी के दांतों से किया गया. आरोपी के चलने के तरीके को भी चिन्हित किया गया. इसके अलावा जांचकर्ताओं ने डीएनए नमूने और रक्त के नमूने भी देखे. इससे उन्हें आरोपी के इस अपराध में शामिल होने के बारे में पुलिस को यकीन हो गया. गौरतलब है कि फुटपाथ पर रहने वाले एक दंपत्ति ने 30 नवंबर को बड़तला थाने में बच्ची के लापता होने की सूचना दी थी. कुछ घंटों बाद बच्ची को फुटपाथ से ढूंढ निकाला गया. चार दिसंबर को 34 वर्षीय राजीव पुलिस के जाल में फंस गया. लालबाजार सूत्रों के अनुसार, वह झाड़ग्राम के गोपीवल्लभ पुर का रहने वाला है. बच्ची के गुप्तांगों पर कई चोट के निशान पाये गये. चिकित्सकों ने उसके यौन शोषण का शिकार होने की जानकारी पुलिस को दी. अदालत परिसर में खड़े होकर, प्रशासनी वकील ने दावा किया कि जिस तरह से शिशु को प्रताड़ित किया गया वह ””””दुर्लभ से दुर्लभतम”””” मामला है. वकील ने दावा किया कि डॉक्टरों ने भी इस बात को स्वीकार किया है. अगले दिन कोर्ट ने आरोपी को मौत की सजा सुनायी. हिंदुस्तानीय दंड संहिता और पॉक्सो अधिनियम उसका अपराध सिद्ध पाया गया. डिस्क्लेमर: यह नया विचार समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे नया विचार डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है The post काटने व चलने के निशान से दोषी तक पहुंची पुलिस : सीपी appeared first on Naya Vichar.

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प्लास्टिक फैक्टरी में आधी रात को लगी भयावह आग

हावड़ा. मंगलवार देर रात को हावड़ा के आमता में भयावह आग लगने से अफरा-तफरी मच गयी. आग नयी सड़क के पास स्थित एक प्लास्टिक फैक्टरी में लगी. उक्त प्लास्टिक फैक्टरी में तिरपाल बनाया जाता है. सूत्रों के अनुसार आग मंगलवार को आधी रात के आसपास लगी जब सब सभी सो रहे थे. हालांकि आग लगते ही शोरगुल सुन लोग उठ गये. मौके पर लोगों की भारी भीड़ जमा हो गयी. एक क्षण में ही पूरी फैक्टरी आग की लपटों में घिर गयी. समाचार मिलते ही दमकल के छह इंजन मौके पर पहुंचे. सुबह तक आग पर काफी हद तक काबू पा लिया गया था, लेकिन इसे पूरी तरह से बुझाया नहीं जा सका. सुबह के समय भी धुआं निकलता देखा गया. अग्निशमन कर्मियों का मानना है कि आग बहुत तेजी से फैली क्योंकि यह एक प्लास्टिक फैक्टरी थी. यही कारण है कि काफी देर बाद भी आग पर काबू पाना काफी मुश्किल रहा. रह-रह कर आग धधक उठती थी. इस घटना को लेकर इलाके के व्यापारियों में गुस्सा है. हालांकि अभी तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि आग लगने का कारण क्या था. अग्निशमन विभाग की प्रारंभिक जांच से पता चलता है कि यह आग शॉर्ट सर्किट के कारण लगी हो सकती है. दमकल विभाग के अधिकारी फैक्टरी के मजदूरों से बातचीत कर जानने की कोशिश कर रहे हैं कि आग कैसे लगी होगी. उल्लेखनीय है कि हावड़ा के ग्रामीण ही नहीं बल्कि उत्तर हावड़ा के शहरी इलाकों में भी कई रिहायशी इलाकों में भी व कई रेसिडेंशियल बिल्डिंगों में भी प्लास्टिक के तिरपाल के कारखानों के होने का आरोप है. पिछले दिनों बाईपास से सटे एक गैराज में आग लग गयी थी. गैराज में रखी कई कारें जलकर खाक हो गयीं थीं. डिस्क्लेमर: यह नया विचार समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे नया विचार डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है The post प्लास्टिक फैक्टरी में आधी रात को लगी भयावह आग appeared first on Naya Vichar.

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