Hot News

मुख्य खबर

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

वित्तीय लेन-देन से जुड़ी कंपनियों की निगरानी करेगी राज्य सरकार

संवाददाता, कोलकाता राज्य में चिटफंड कंपनियों के घोटाले की घटना सामने आयी थी और इसमें राज्य के लाखों लोगों ने अपनी गाढ़ी कमाई गवां दी है. इसलिए पश्चिम बंगाल प्रशासन प्रशासन पिछली घटनाओं से सीख लेते हुए एनबीएफसी कंपनियों को लेकर सतर्क हो गयी है. यही कारण है कि पश्चिम बंगाल प्रशासन अब इन एनबीएफसी पर निगरानी के लिए सिर्फ केंद्रीय नियामक संस्था के भरोसे रहना नहीं चाहती. राज्य सचिवालय के सूत्रों के अनुसार, राज्य में गैर-बैंक वित्तीय संस्थान (एनबीएफसी) खोले जाने के बाद इसके बारे में सभी विवरण आर्थिक अपराध निदेशालय (डीईओ) के पास पंजीकृत कराना होगा. एनबीएफसी कंपनियों के बारे में अलग डेटा संग्रह केंद्र बनायेगी राज्य प्रशासन : इसके लिए डीईओ ने अलग डेटा संग्रह केंद्र बनाया है, ताकि यदि कोई एनबीएफसी कंपनी दिवालिया हो जाये या जमाकर्ताओं का पैसा वापस न करे तो उसके निदेशकों के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई की जा सके और कंपनी की सभी संपत्तियां और बैंक खाते जब्त किये जा सकें. गौरतलब है कि राज्य में एक दशक से भी अधिक समय पहले सारदा, रोज वैली और कई अन्य संदिग्ध कंपनियों से जुड़े घोटाले प्रकाश में आये थे. इस घटना से पूरे बंगाल में हंगामा मच गया था. इस चिटफंड घोटाले के कारण राज्य के लाखों जमाकर्ताओं का करोड़ों रुपये डूब गये थे. उन्होंने बिना अनुमति के बाजार से पैसा वसूलना शुरू कर दिया और जैसे ही इस घटना की जांच शुरू हुई, विभिन्न केंद्रीय नियामक एजेंसियों की भूमिका पर सवाल उठने लगे. उस समय केंद्र ने पश्चिम बंगाल प्रशासन पर आरोप लगाया था कि राज्य प्रशासन ने इन कंपनियों के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई नहीं की और इसी कारण चिटफंड कंपनियों के कारोबार में तेजी आयी. यह देखना संबंधित नियामक संस्था की जिम्मेदारी है कि एनबीएफसी कंपनियां सेबी और आरबीआइ के नियमों के अनुसार धन जुटा रही हैं या नहीं. लेकिन इन सभी कंपनियों पर अपने कारोबार के एक बड़े हिस्से का ””प्रबंधन”” करके उसे चलाने का आरोप है. इसलिए इस बार राज्य प्रशासन अब केंद्र पर निर्भर नहीं रहना चाहती. वह दिल्ली की तरह एक अलग नियामक संस्था बनाना चाहती है. इस कारण से, नबान्न ने अपराध निदेशालय को विशेष जिम्मेदारी दी है. डिस्क्लेमर: यह नया विचार समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे नया विचार डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है The post वित्तीय लेन-देन से जुड़ी कंपनियों की निगरानी करेगी राज्य प्रशासन appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

मदन ने की आइपैक की निंदा, पार्टी में धांधली का भी आरोप

कमरहट्टी विधायक के बयान पर पार्टी में घमासान संवाददाता, कोलकाता तृणमूल विधायक मदन मित्रा ने अपनी पार्टी को नेतृत्वक परामर्श देने वाली एजेंसी आइपैक (इंडियन पॉलिटिकल एक्शन कमेटी) पर गंभीर आरोप लगाये हैं. उन्होंने कहा कि आइपैक के जुड़ाव के कारण पार्टी के भीतर अवसरवादी लोगों को जगह मिली, जिससे मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की छवि धूमिल हुई. एक मीडिया चैनल से बातचीत में कमरहट्टी विधायक ने कहा कि ममता बनर्जी का नाम कभी किसी घोटाले से नहीं जुड़ा. हालांकि, अब उनकी प्रतिष्ठा पर पैकवालों (आइपैक सदस्यों) की हरकतों के कारण दाग लगा है. एजेंसी से जुड़े लोगों ने अवांछनीय प्रभाव डाला है. कुछ लोग आइपैक से होने का दावा करते हुए राज्य के मंत्रियों पर दबाव भी डाल रहे हैं और विभिन्न मुद्दों पर त्वरित कार्रवाई की मांग कर रहे हैं. उन्होंने आइपैक के दृष्टिकोण पर कटाक्ष करते हुए कहा कि हमने 2009 से बिना किसी बाहरी एजेंसी की मदद के अपने दम पर बैठकें और रैलियां कर चुनाव जीते हैं. बाहरी हस्तक्षेप तब शुरू हुआ, जब आइपैक के कुछ लोगों ने प्रवेश किया. इससे पहले मित्रा ने पार्टी की छवि सुधारने और भ्रष्टाचार के बारे में अपनी चिंताएं प्रकट की थीं. उन्होंने कहा था कि तृणमूल कांग्रेस की जिला समितियां बड़ी रकम के लिए पार्टी के पदों को बेच रही हैं. जिला समितियों में पद के लिए 10 लाख रुपये तक की मांग की जा रही है. उन्होंने पार्टी नेतृत्व से सतर्क रहने का आग्रह करते हुए आगाह किया है कि इस तरह की गतिविधियां 2026 के चुनावों से पहले तृणमूल की छवि को नुकसान पहुंचा सकती हैं. डिस्क्लेमर: यह नया विचार समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे नया विचार डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है The post मदन ने की आइपैक की निंदा, पार्टी में धांधली का भी आरोप appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

नये उद्योगों के लिए आधारभूत सुविधाओं के विकास में जुटी सरकार

संवाददाता, कोलकाता किसी भी राज्य में औद्योगिक विकास के लिए पर्याप्त बुनियादी ढांचा होना काफी महत्वपूर्ण है, क्योंकि बेहतर कनेक्टिविटी औद्योगिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है. इसे ध्यान में रखते हुए राज्य की तृणमूल कांग्रेस प्रशासन की ओर से इंडस्ट्रियल कॉरिडोर बनाये जा रहे हैं. इसलिए, इस बार के बंगाल ग्लोबल बिजनेस समिट में राज्य प्रशासन द्वारा सड़क अवसंरचना पर विशेष फोकस किया जा रहा है. राज्य के लोक निर्माण विभाग ने विभिन्न जिलों के औद्योगिक तालुकों में सड़कों की गुणवत्ता सुधारने पर जोर दिया है. राज्य प्रशासन अगले दो महीनों में चरणबद्ध तरीके से लगभग 1,000 किलोमीटर (983.95 किलोमीटर) सड़कों का नवीनीकरण या नयी सड़कों का निर्माण करने जा रही है. इसकी लागत लगभग 3527 करोड़ रुपये है. यह कार्य कुल 119 परियोजनाओं के माध्यम से किया जा रहा है. बताया गया है कि कई परियोजनाओं पर काम 99 प्रतिशत तक पूरा हो चुका है. लोक निर्माण विभाग ने प्रत्येक परियोजना पर कार्य की प्रगति का मूल्यांकन किया है. उत्तर 24 परगना में मुरागाछा से काम्पा मोड़ तक कल्याणी एक्सप्रेसवे का विस्तार, हावड़ा में सलकिया- चंडीतला रोड, पूर्व मेदिनीपुर में कांथी-खेंजुरी रोड का विस्तार, बीरभूम में अहमदपुर किरनाहार-रामजीबनपुर रोड, नदिया में तारापुर-बोलागरघाट रोड, मालदा में बामनगोला-हबीबपुर रोड, अलीपुरदुआर में कालचीनी-पाइटकपाड़ा रोड आदि शामिल है. इसमें दार्जिलिंग जिले की कई सड़कें भी इस सूची में हैं. सूची में बड़े और छोटे दोनों प्रकार के 14 पुल शामिल हैं. इसे लेकर राज्य प्रशासन का कहना है कि इनके पूरा हो जाने पर सबसे दूरदराज के क्षेत्रों में ””राेड कनेक्टिविटी”” में सुधार होगा. ममता बनर्जी की प्रशासन ने अपने खजाने से 9,000 करोड़ रुपये खर्च करके 32,000 किलोमीटर ग्रामीण सड़कें बनवायी है. इसके साथ ही राज्य प्रशासन ने एकाधिक औद्योगिक तालुकाओं को सड़कों से जोड़ने से फैसला किया है. मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने दिया निवेशकों की समस्या का समाधान जल्द से जल्द करने का निर्देश सूत्रों के अनुसार, मुख्यमंत्री को जानकारी मिली है कि कई उद्योगपतियों को राज्य में निवेश करने में कुछ बाधाओं का सामना करना पड़ रहा है. ममता बनर्जी ने इस बारे में संबंधित विभागों के सचिवों से बात की है और इन समस्याओं का जल्द से जल्द समाधान करने का निर्देश दिया है. नबान्न सूत्रों के अनुसार, सैकड़ों एकड़ जमीन लंबे समय से ””परित्यक्त”” अवस्था में पड़ी हुई है. राज्य प्रशासन इस बात पर विचार कर रही है कि क्या उन जमीनों पर कोई नया उद्योग या औद्योगिक पार्क बनाया जा सकता है. गौरतलब है कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पहले ही स्पष्ट कर चुकी हैं कि इस बार उनकी प्रशासन का लक्ष्य अधिक उद्योग और रोजगार उपलब्ध कराना है. डिस्क्लेमर: यह नया विचार समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे नया विचार डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है The post नये उद्योगों के लिए आधारभूत सुविधाओं के विकास में जुटी प्रशासन appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

बंगाल में कई जगह सरस्वती पूजा की नहीं दी गयी अनुमति

बोले केंद्रीय मंत्री प्रतिनिधि, हुगलीत्रिवेणी कालीतला गिरिश स्मृति संघ के फुटबॉल मैदान में सरस्वती पूजा के मंडप का उद्घाटन केंद्रीय जहाज राज्य मंत्री शांतनु ठाकुर ने किया. साथ ही उन्होंने क्लब की ओर से बीते दिनों आयोजित स्पोर्ट्स प्रतियोगिताओं के विजयी प्रतिभागियों को पुरस्कार भी प्रदान किया. केंद्रीय मंत्री ने मीडियाकर्मियों से बातचीत में कहा कि कॉलेजों में पुलिस पहरे के बीच सरस्वती पूजा हो रही है, जबकि कई स्थानों पर पूजा करने की अनुमति नहीं दी जा रही है. इसके लिए राज्य प्रशासन जिम्मेदार है. यह हमारे लिए शर्मनाक बात है. तृणमूल प्रशासन के कार्यकाल में सब कुछ नेतृत्वक लाभ के लिए किया जा रहा है. यह महज वोट की नेतृत्व है. मंत्री ने बजट को लेकर कहा कि इस बार का बजट मुख्य रूप से मध्यवर्गीय लोगों के हित में है. उन्होंने यह आरोप भी लगाया कि केंद्र प्रशासन की कई योजनाओं के नाम बदलकर राज्य प्रशासन उसे अपने नाम से चला रही है. डिस्क्लेमर: यह नया विचार समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे नया विचार डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है The post बंगाल में कई जगह सरस्वती पूजा की नहीं दी गयी अनुमति appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

देश में कैंसर के मामलों में 12 से 18% वृद्धि की आशंका

संवाददाता, कोलकाता विश्वभर में कैंसर तेजी से फैल रहा है. हिंदुस्तानीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (आइसीएमआर) के विशेषज्ञों ने हिंदुस्तान में कैंसर के मामलों में 12% से 18% की वृद्धि की आशंका जतायी है. देश में कैंसर के मामले 2022 में 1.46 मिलियन (14.6 लाख) से बढ़कर 2025 में 1.57 मिलियन (15.7 लाख) तक पहुंच सकता है. विशेषज्ञों का कहना है कि कम उम्र से ही लोगों को कैंसर के प्रति सावधानी बरतने की आवश्यकता है. इसके लिए दिनचर्या में सुधार, पौष्टिक आहार का सेवन करना और रसायनों के अधिक संपर्क में आने से बचना प्रमुख है. जिनके परिवार में पहले से किसी को ये बीमारी रही है, उन्हें और सावधान रहने की आवश्यकता है. दुनियाभर में कैंसर के बारे में जागरूकता बढ़ाने और इसकी रोकथाम, पहचान और इलाज को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से हर साल चार फरवरी विश्व कैंसर दिवस मनाया जाता है. कैंसर आज दुनिया में मौत के बड़े कारणों में से एक है. ज्ञात रहे कि विश्व कैंसर दिवस की शुरुआत चार फरवरी 2000 को यूनियन फॉर इंटरनेशनल कैंसर कंट्रोल ने की थी. बढ़ती उम्र में स्त्रीओं को सर्वाइकल कैंसर का खतरा सर्वाइकल कैंसर के मुख्य रूप से युवा स्त्रीओं को प्रभावित करने की आम गलत धारणा के बावजूद चिकित्सा विशेषज्ञ रजोनिवृत्ति के करीब पहुंच रही स्त्रीओं के बीच जागरूकता, जांच और रोकथाम के महत्व पर जोर देते हैं. स्त्रीओं की उम्र बढ़ने के साथ सर्वाइकल कैंसर का जोखिम बना रहता है. इस बारे में कोलकाता आनंदपुर स्थित फोर्टिस अस्पताल के मेडिकल ऑन्कोलॉजी के डॉ आशीष उपाध्याय ने बताया कि उम्र बढ़ने के बाद स्त्रीओं को नियमित शारीरिक जांच करानी चाहिए. अक्टूबर 2015 से सितंबर 2016 के दौरान हुए एक अध्ययन ने पैप स्मीयर डेटा का विश्लेषण किया, जिसमें रजोनिवृत्ति से पहले की स्त्रीओं की तुलना में रजोनिवृत्ति के बाद की स्त्रीओं में प्रीमैलिग्नेंट और घातक घावों का अधिक प्रचलन पाया गया. राष्ट्रीय कैंसर रजिस्ट्री कार्यक्रम के अनुसार, हर साल लगभग 123,907 स्त्रीओं में सर्वाइकल कैंसर की पहचान की जाती है. रजोनिवृत्ति के बाद भी सर्वाइकल कैंसर हो सकता है. स्त्रीओं को 65 वर्ष की उम्र तक स्क्रीनिंग करानी चाहिए. रजोनिवृत्ति के बाद रक्तस्राव, संभोग के बाद रक्तस्राव, योनि के निचले हिस्से में स्राव, पैल्विक दर्द और हेमट्यूरिया जैसे लक्षणों के देखे जाने पर तुरंत चिकित्सा का परामर्श लेना चाहिए. हालांकि धूम्रपान, शराब का सेवन, एक से अधिक लोगों के साथ यौन संबंध बनाने से सर्वाइकल कैंसर का जोखिम बढ़ सकता है. देश में गर्भाशय ग्रीवा के कैंसर की पहचान भी समय पर नहीं हो रही है. खासकर 40 वर्ष से अधिक उम्र की स्त्रीओं में. ओपीडी में इलाज के लिए लगभग 60-65% सर्वाइकल कैंसर के रोगी 40 वर्ष से अधिक उम्र के होते हैं. एचपीवी वैक्सीन से इस बीमारी से बचा जा सकता है. डिस्क्लेमर: यह नया विचार समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे नया विचार डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है The post देश में कैंसर के मामलों में 12 से 18% वृद्धि की आशंका appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

बंगाल को बांग्लादेश बनाने में सफल हो रहीं ममता : सुकांत

संवाददाता, कोलकाता सरस्वती पूजा को लेकर महानगर सहित राज्य के कई इलाकों में पुलिस की तैनाती को लेकर केंद्रीय मंत्री सुकांत मजूमदार ने चिंता जतायी है. उन्होंने ममता बनर्जी पर कटाक्ष करते हुए कहा कि वह (ममता) बंगाल को बांग्लादेश बनाना चाहती थीं और उसमें सफल भी हो रही हैं. क्योंकि यहां पूजा करने की भी आजादी नहीं है. बंगाल में पुलिस की सुरक्षा में पूजा हो रही हैं. सुकांत ने कहा कि कोलकाता ही नहीं मालदा, हरिणघाटा जैसी जगहों पर जहां हिंदू आबादी घट गयी है, वहां सरस्वती पूजा के दौरान पुलिस की तैनाती करनी पड़ रही है. ठीक वैसे ही जैसे बांग्लादेश में होता है. फिर भी हिंदुओं पर वहां पर हमले होते हैं और मूर्तियां तोड़ दी जाती हैं. केंद्रीय मंत्री ने कहा : कोलकाता में पुलिस प्रोटेक्शन में सरस्वती पूजा की जा रही है. इसके लिए मैं मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को बधाई देना चाहता हूं क्योंकि उन्होंने सपना देखा था कि वह पश्चिम बंगाल को धीरे-धीरे पश्चिम बांग्लादेश बनायेंगी और उसमें वह सफल भी हो रही हैं. जैसे बांग्लादेश में पुलिस और आर्मी की सुरक्षा के बीच दुर्गा पूजा सहित अन्य पूजा होती हैं. इसके बावजूद भी अटैक हो जाते हैं और मूर्तियां तोड़ी जाती हैं. वैसे ही आज कुछ हद तक कोलकाता में ममता बनर्जी भी सफल हो गयीं. हरिणघाटा में तृणमूल कांग्रेस के बूथ अध्यक्ष ने लोगों को धमकाया था कि हम सरस्वती पूजा नहीं करने देंगे. साथ ही मालदा में भी सरस्वती पूजा के दौरान पुलिस तैनाती करनी पड़ रही है. डिस्क्लेमर: यह नया विचार समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे नया विचार डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है The post बंगाल को बांग्लादेश बनाने में सफल हो रहीं ममता : सुकांत appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

Bihar News: रिटायर्ड फौजी की हत्या में डीआइजी ने की जांच, एसआईटी ने यूपी-बिहार के संदिग्धों को उठाया

Bihar News: गोपालगंज मीरगंज शहर में दिन-दहाड़े हुए रिटायर्ड फौजी सतेंद्र सिंह की गोली मारकर हत्या और टाइल्स व्यवसायी नयन प्रसाद पर हमले के मामले की हाई लेवल जांच शुरू हो गई है. सोमवार को सारण रेंज के डीआईजी निलेश कुमार वर्मा ने जांच की. घटनास्थल पर जांच के बाद डीआइजी ने पुलिस अधिकारियों को कई बिंदु पर काम करने के निर्देश दिए. चश्मदीदों से घटना के बारे में ली जानकारी डीआईजी के साथ एसपी अवधेश दीक्षित, एसडीपीओ हथुआ आनंद मोहन गुप्ता और मीरगंज थाने की पुलिस टीम मौजूद रही. डीआईजी ने सीसीटीवी भी देखा और चश्मदीदों से घटना के बारे में जानकारी ली. मृतक सतेंद्र सिंह के परिजनों से भी पुलिस ने पूछताछ की और कई सारे बिंदु पर जानकारी ली. उधर, वारदात के दूसरे दिन सीवान व गोपालगंज पुलिस टीम की बनी संयुक्त एसआईटी ने सीवान, मीरगंज और पड़ोसी राज्य उत्तर प्रदेश के देवरिया समेत अपराधियों के कई ठिकानों पर छापेमारी की. पांच संदिग्धों को पूछताछ के लिए उठाया पुलिस के आधिकारिक सूत्रों के अनुसार एसआईटी ने पांच संदिग्धों को पूछताछ के लिए उठाया गया है, जिनसे हत्या के बारे में पूछताछ चल रही है. वहीं, दूसरी तरफ मीरगंज थाने की पुलिस ने इस मामले में नामजद और अज्ञात अपराधियों के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज की है. प्राथमिकी में किन-किन लोगों अभियुक्त बनाया गया है, हत्या की वजह क्या है, इसका खुलासा नहीं हो सका है. Also Read: Bihar News: लक्जरी वाहन पर शुभ तिलक का स्टीकर लगाकर ढोयी जा रही थी शराब की खेप, फिर हो गया स्पोर्ट्स पुलिस को मिले कई सक्ष्य अब तक की जांच में जमीन का विवाद सामने आया है. टाइल्स व्यवसायी नयन प्रसाद का सीवान के बड़हरिया में जमीन को लेकर विवाद था. सूत्र बताते हैं कि नयन प्रसाद ने विवादित जमीन खरीदी और उसी को लेकर एक साल से विवाद चल रहा था. वारदात के पीछे जमीन के अलावा अन्य बिंदु पर पुलिस जांच कर रही है. एसपी अवधेश दीक्षित ने कहा कि एसआईटी लगातार छापेमारी कर रही है. यूपी-बिहार में अपराधियों के ठिकानों पर चल रही छापेमारी में पुलिस को कई सारे इनपुट मिले हैं, जिसके आधार पर जांच चल रही है और जल्द ही इस हत्याकांड का खुलासा भी कर दिया जायेगा. जानें पूरा मामला दो फरवरी को बाइक सवार अपराधियों ने मीरगंज थाने के मीरगंज शहर में टाइल्स व्यवसायी नयन प्रसाद की दुकान में घुसकर फायरिंग की. फायरिंग में वृंदावन के निवासी पूर्व मुखिया डीके सिंह के भाई रिटायर्ड फौजी सतेंद्र सिंह की गोली लगने से मौत हो गई, जबकि टाइल्स व्यवसायी नयन प्रसाद गोली लगने से घायल हो गए. दो अपराधी व्यवसायी की गोली मारकर हत्या करने के इरादे से दुकान में पहुंचे थें. बाइक सवार दोनों अपराधियों ने वारदात को अंजाम देने के बाद हवाई फायरिंग की और थावे की तरफ फरार हो गए. पुलिस अब इस मामले की तफ्तीश में जुटी है. The post Bihar News: रिटायर्ड फौजी की हत्या में डीआइजी ने की जांच, एसआईटी ने यूपी-बिहार के संदिग्धों को उठाया appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

Golden Hour: गोल्डेन ऑवर का 20-25 मिनट खत्म कर रही RIMS परिसर की बैरिकेडिंग, बढ़ी मरीजों की परेशानी

Golden Hour: रांची-बेहतर इलाज की उम्मीद लेकर दूरदराज से आये गंभीर मरीजों के गोल्डेन ऑवर का 20 से 25 मिनट रिम्स परिसर की बैरिकेडिंग खत्म कर रही है. यह समस्या इसलिए हो रही है क्योंकि मेडिकल चौक (दुर्गा मंदिर के पास) से सटे एक रास्ते पर बिल्डिंग मटेरियल गिरा हुआ है. वहीं, उसके दूसरे रास्ते पर वाहनों के आने-जाने से जाम की स्थिति बन रही है. इसके अलावा बरियातू थाना की ओर से मरीज को ला रहा निजी वाहन और एंबुलेंस एसबीआई के पास आकर रुक जा रहा है, क्योंकि यहां पर गेट लगा दिया गया है. सोमवार को इससे काफी देर तक मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ा. यह गनीमत रही कि गंभीर मरीजों को यहां ज्यादा समय गुजारने के बाद भी कोई हादसा नहीं हुआ. लोगों को हो रही परेशानी मेडिकल चौक से टुनकी टोला और कोकर आने वाले लोगों को भी परेशानी का सामना करना पड़ा. रिम्स परिसर से होकर कोकर की तरफ जानेवाले लोग बरियातू थाना के सामने वाली सड़क का उपयोग कर हॉस्टल होते हुए ट्राॅमा सेंटर निकल गये, लेकिन जिनको पता नहीं था उनको जोड़ा तालाब होकर कोकर जाना पड़ा. परेशान लोगों का कहना था कि दुर्गा मंदिर के पास अगर द्वार बनाया जा रहा है, तो एसबीआइ के पास गेट नहीं लगाना चाहिए. इससे एंबुलेंस और आम लोगों को दिक्कत नहीं होती. क्या बोले रिम्स के पीआरओ डॉ राजीव रंजन? रिम्स के पीआरओ डॉ राजीव रंजन ने बताया कि पीडब्ल्यूडी को मेडिकल चौक के पास के मुख्य द्वार को पहले तैयार करने और उसके बाद एसबीआई के पास गेट लगाने के लिए कहा गया था. मुख्य द्वार बनाने की समय सीमा खत्म हो रही है. पीडब्ल्यूडी को काम में तेजी लाने के लिए कहा जायेगा. एसबीआई वाले गेट को खोलकर रखने का निर्देश दिया जाएगा. ये भी पढ़ें: Good News: झारखंड की इस झील को मिली अंतरराष्ट्रीय पहचान, UNESCO ने रामसर सूची में किया शामिल The post Golden Hour: गोल्डेन ऑवर का 20-25 मिनट खत्म कर रही RIMS परिसर की बैरिकेडिंग, बढ़ी मरीजों की परेशानी appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

Jharkhand High Court: झारखंड हाईकोर्ट ने रांची के हेहल सीओ पर क्यों लगाया 5000 रुपए जुर्माना? ये है वजह

Jharkhand High Court: रांची, राणा प्रताप-झारखंड हाईकोर्ट के जस्टिस राजेश शंकर की अदालत ने हेहल के सिमलिया मौजा के एक भूखंड की लगान रसीद जारी करने के आदेश का पालन नहीं होने पर दायर अवमानना याचिका पर सुनवाई की. मामले की सुनवाई के दौरान प्रार्थी का पक्ष सुना. बार-बार समय देने के बाद भी लगान रसीद (रेंट रिसीट) काटने के आदेश का पालन नहीं होने पर अदालत ने कड़ी नाराजगी जतायी और हेहल अंचलाधिकारी पर 5000 रुपए का जुर्माना लगाया. सुप्रीम कोर्ट से हारने के बाद भी प्रार्थी की लगान रसीद नहीं काटी गयी. 21 फरवरी को अगली सुनवाई झारखंड हाईकोर्ट के जस्टिस राजेश शंकर ने कहा कि जुर्माने की राशि अंचलाधिकारी के वेतन से काटी जाये तथा उसे एडवोकेटस क्लर्क एसोसिएशन वेलफेयर फंड झारखंड हाइकोर्ट में जमा किया जाये. अदालत ने मामले की अगली सुनवाई के दौरान अंचलाधिकारी को सशरीर हाजिर होने का निर्देश दिया. मामले की अगली सुनवाई के लिए अदालत ने 21 फरवरी की तिथि निर्धारित की. प्रार्थी ने दायर की है अवमानना याचिका इससे पूर्व प्रार्थी की ओर से अधिवक्ता दिनेश कुमार अंबष्ठा ने पैरवी की. उल्लेखनीय है कि प्रार्थी सैयद फुरकान अहमद ने अवमानना याचिका दायर की है. प्रार्थी ने कोर्ट के आदेश का पालन कराने की मांग की है. प्रार्थी के पिता के नाम से मौजा सिमलिया में जमीन का रसीद कट रहा था. उनके निधन के बाद रसीद निर्गत नहीं हो रहा था. इसके बाद हाईकोर्ट में याचिका दायर की गयी, जिसमें रसीद काटने का आदेश दिया गया. इस आदेश के खिलाफ राज्य ने अपील याचिका दायर की, जो खारिज हो गयी. उस आदेश को राज्य प्रशासन ने सुप्रीम कोर्ट में एसएलपी दायर कर चुनौती दी, जो खारिज हो गयी. इसके बाद प्रार्थी ने अवमानना याचिका दायर की है. ये भी पढ़ें: Good News: झारखंड की इस झील को मिली अंतरराष्ट्रीय पहचान, UNESCO ने रामसर सूची में किया शामिल The post Jharkhand High Court: झारखंड हाईकोर्ट ने रांची के हेहल सीओ पर क्यों लगाया 5000 रुपए जुर्माना? ये है वजह appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

Road Accident: भागलपुर के सबौर में भीषण सड़क हादसा, एक की मौत दो जख्मी

Road Accident: भागलपुर. आशुतोष. बिहार के भागलपुर जिले के सबौर थाना क्षेत्र के वंशी टिकर इलाके में सोमवार की देर रात को हुए एक्सीडेंट में एक व्यक्ति की मौत हो गई, जबकि दो गंभीर रूप से जख्मी हो गए. बताया जाता है कि बरारी थाना क्षेत्र के रहने वाले पप्पू यादव की एक्सीडेंट में मौत हो गई, जबकि उनके घर के ही पास रहने वाले प्रमोद और कजरैली थाना क्षेत्र के रहने वाले विकास उर्फ विक्की गंभीर रूप से जख्मी हैं. दोनों जख्मी का मायागंज स्थित अस्पताल में इलाज किया जा रहा है. पुलिस ने घायलों को पहुंचाया अस्पताल जानकारी के अनुसार तीनों स्कॉर्पियो पर सवार होकर बाईपास की तरफ जा रहे थे. इसी दौरान एक भारी वाहन ने स्कॉर्पियो में जोरदार ठोकर मारी. स्कॉर्पियो पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गई. मौके पर 112 की टीम पहुंची और गंभीर रूप से जख्मी पड़े पप्पू यादव को मायागंज लेकर पहुंची. यहां पहुंचते ही डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया. बाद में सबौर पुलिस अन्य दो जख्मी को लेकर मायागंज पहुंची. गाड़ी पर लगा है बिहार पुलिस का बोर्ड जानकारी के अनुसार जिस स्कॉर्पियो के एक्सीडेंट होने पर एक की मौत और दो जख्मी हुए, उसे वहां में पुलिस लिखा बोर्ड भी मिला है. उसको लेकर जब पूछताछ की गई तो जख्मी विक्की के छोटे भाई ने बताया कि गाड़ी नवगछिया के रहने वाले किसी अमन नाम के शख्स की है और गाड़ी नवगछिया में उत्पाद विभाग में किराए पर दिया गया है. विक्की ही उत्पाद विभाग के लिए गाड़ी चलाता है. Also Read: एक माह में तीन एनकाउंटर, चार अपराधी ढेर, नये डीजीपी के आते ही बिहार पुलिस ने बदले तेवर The post Road Accident: भागलपुर के सबौर में भीषण सड़क हादसा, एक की मौत दो जख्मी appeared first on Naya Vichar.

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.

About Us

नयाविचार एक आधुनिक न्यूज़ पोर्टल है, जो निष्पक्ष, सटीक और प्रासंगिक समाचारों को प्रस्तुत करने के लिए समर्पित है। यहां राजनीति, अर्थव्यवस्था, समाज, तकनीक, शिक्षा और मनोरंजन से जुड़ी हर महत्वपूर्ण खबर को विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण के साथ प्रस्तुत किया जाता है। नयाविचार का उद्देश्य पाठकों को विश्वसनीय और गहन जानकारी प्रदान करना है, जिससे वे सही निर्णय ले सकें और समाज में सकारात्मक बदलाव ला सकें।

Quick Links

Who Are We

Our Mission

Awards

Experience

Success Story

Recent news

No Posts Found!

© 2025 Developed By Socify

Scroll to Top