Delhi Electricity Bill Hike : चिलचिलाती धूप और रिकॉर्ड तोड़ गर्मी की मार झेल रहे दिल्ली के करोड़ों बिजली उपभोक्ताओं के लिए एक बेहद परेशान करने वाली समाचार है. वैश्विक स्तर पर जारी तनाव और कोयले की आसमान छूती कीमतों के कारण पैदा हुए ऊर्जा संकट का सीधा असर अब दिल्ली की जनता की जेब पर पड़ने जा रहा है.
दिल्ली विद्युत विनियामक आयोग (DERC) ने एक बड़ा फैसला लेते हुए राजधानी की निजी बिजली वितरण कंपनियों (डिस्कॉम) को उपभोक्ताओं से भारी-भरकम ‘फ्यूल एंड पावर परचेज एडजस्टमेंट सरचार्ज’ (FPPAS) वसूलने की खुली छूट दे दी है. इस नए आदेश के बाद बिजली कंपनियों पर लगी 10 प्रतिशत की पुरानी सीमा पूरी तरह खत्म हो गई है, जिससे दिल्ली के एक बड़े वर्ग का मासिक बिजली बिल करीब 16 से 18 प्रतिशत तक बढ़ना बिल्कुल तय है.
क्यों महंगा होने जा रहा है बिजली का बिल ?
इस पूरी बढ़ोतरी के पीछे मुख्य वजह बिजली उत्पादन की बढ़ती लागत (Cost of Power Generation) है.
- अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जारी भू-नेतृत्वक तनाव के कारण विदेशों से आयात होने वाले कोयले की कीमतों और उसके ट्रांसपोर्टेशन (परिवहन) खर्च में भारी बढ़ोतरी हुई है.
- बिजली उत्पादन की इसी रिकॉर्ड तोड़ लागत की भरपाई करने के लिए दिल्ली की प्रमुख बिजली कंपनियों— बीआरपीएल (BRPL), बीवाईपीएल (BYPL) और टाटा पावर (TPDDL) ने अप्रैल में आई भारी लागत के बाद मई के महीने में आयोग से लिमिट बढ़ाने की मांग की थी, जिसे अब स्वीकार कर लिया गया है.
आपकी कंपनी अब कितना वसूलेगी सरचार्ज?
नए आदेश के मुताबिक, अलग-अलग बिजली कंपनियों के क्षेत्रों में रहने वाले लोगों पर सरचार्ज का बोझ इस तरह बढ़ेगा.
- टाटा पावर (TPDDL): उत्तरी दिल्ली के उपभोक्ताओं को अब पूरा 16 प्रतिशत FPPAS देना होगा.
- बीएसईएस राजधानी (BRPL): दक्षिण और पश्चिम दिल्ली के उपभोक्ताओं के लिए अप्रैल महीने के आधार पर कुल 17.94 प्रतिशत सरचार्ज वसूला जाएगा.
- बीएसईएस यमुना (BYPL): पूर्वी और मध्य दिल्ली के उपभोक्ताओं के लिए कुल 17.43 प्रतिशत सरचार्ज वसूलने की हरी झंडी दी गई है.
डीईआरसी (DERC) ने साफ कर दिया है कि कंपनियों को दी गई यह विशेष छूट तब तक मासिक आधार पर जारी रहेगी, जब तक कि आयोग इस संबंध में कोई अगला नया दिशानिर्देश या आदेश जारी नहीं कर देता.
किन लोगों पर पड़ेगा इसका सीधा असर?
इस कड़े फैसले के बीच दिल्ली के एक बड़े वर्ग के लिए राहत की बात यह है कि इसका असर सभी उपभोक्ताओं पर एक समान नहीं पड़ेगा:
- सब्सिडी वाले उपभोक्ता (सुरक्षित): जो उपभोक्ता दिल्ली प्रशासन की तरफ से पूर्ण (100% यानी 200 यूनिट तक फ्री) या 50 प्रतिशत (400 यूनिट तक) की बिजली सब्सिडी पा रहे हैं, उन्हें इस बढ़ोतरी से पूरी तरह सुरक्षित रखा गया है. उनका बिल नहीं बढ़ेगा.
- गैर-सब्सिडी वाले उपभोक्ता (झटका): इस बढ़े हुए सरचार्ज का सीधा झटका सिर्फ उन लोगों को लगेगा जो दिल्ली प्रशासन की बिजली सब्सिडी योजना के दायरे से बाहर हैं. मध्यम वर्ग और उच्च मध्यम वर्ग के वे लोग, जो पूरा बिजली बिल चुकाते हैं, उनका मासिक बजट अब पूरी तरह हिलने वाला है.
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