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IIIT रांची में छात्र की मौत से मचा हड़कंप: हॉस्टल की लिफ्ट खराब, एंबुलेंस से ड्राइवर गायब और ऑक्सीजन भी नहीं! पिता ने डायरेक्टर पर दर्ज कराई FIR

रांची. ट्रिपल आइटी रांची के हॉस्टल में सीएसई ब्रांच के प्रथम वर्ष के छात्र आदित्य (20 वर्ष) की मौत के बाद संस्थान की व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल खड़े हो गये हैं. बिहार के पूर्णिया जिले के रहने वाले आदित्य ने शनिवार की रात करीब 11.30 बजे स्पोर्ट्सगांव हाउसिंग स्थित हॉस्टल में जान दे दी. आरोप है कि मेडिकल इमरजेंसी के दौरान लिफ्ट खराब होने, एंबुलेंस में ड्राइवर और ऑक्सीजन की व्यवस्था नहीं होने तथा मेडिकल स्टाफ की अनुपस्थिति के कारण छात्र को समय पर इलाज नहीं मिल सका. घटना के बाद विद्यार्थियों ने जमकर विरोध प्रदर्शन किया और संस्थान के निदेशक प्रो राजीव श्रीवास्तव के इस्तीफे की मांग की. वहीं, आदित्य के पिता विष्णुदेव कुमार राय ने स्पोर्ट्सगांव थाना में प्राथमिकी दर्ज कराकर निदेशक और प्रबंधन के अन्य कर्मियों के खिलाफ उचित कानूनी कार्रवाई की मांग की है. हॉस्टल के कमरे में मिला छात्र का शव, दरवाजा तोड़कर अंदर पहुंचे साथी आदित्य ब्लॉक-1 के पांचवें तल्ले पर स्थित हॉस्टल के कमरा नंबर 504 बी में रहता था. जानकारी के अनुसार, शनिवार की रात खाना खाने के बाद वह अपने कमरे में चला गया था. इसी बीच बिजली कट गयी. रूममेट सक्षम वाहर ने कमरे का दरवाजा खटखटाया, लेकिन अंदर से कोई जवाब नहीं मिला. इसके बाद आशंका होने पर आसपास के विद्यार्थियों प्रांजल पांडेय, रतन तिवारी, कार्तिक शर्मा और एक अन्य फ्लोरमेट ने धक्का मारकर दरवाजा तोड़ा. कमरे के अंदर पहुंचने पर उन्होंने आदित्य को पंखे से सीलिंग के सहारे लाल और पीले रंग के गमछे से लटका हुआ देखा. लिफ्ट खराब होने से पांचवें तल्ले से नीचे लाने में हुई देरी घटना के बाद विद्यार्थियों ने आदित्य को नीचे लाने की कोशिश की. आरोप है कि करीब आधे घंटे से अधिक समय तक बिजली नहीं रहने के कारण लिफ्ट बंद थी. हॉस्टल में डीजी सेट उपलब्ध होने के बावजूद उसे चालू नहीं किया गया. ऐसे में पांचवें तल्ले से छात्र को सीढ़ियों के सहारे नीचे लाना पड़ा. विद्यार्थियों के अनुसार, सीढ़ियों से नीचे लाते समय आदित्य की सांसें चल रही थीं. इस दौरान कीमती समय बर्बाद होने का आरोप लगाया गया है. एंबुलेंस में नहीं था ड्राइवर, ऑक्सीजन की व्यवस्था पर भी सवाल आदित्य के पिता विष्णुदेव कुमार राय ने प्राथमिकी में आरोप लगाया है कि हॉस्टल परिसर की पार्किंग में एंबुलेंस खड़ी थी, लेकिन उस समय उसका ड्राइवर मौजूद नहीं था. एंबुलेंस में ऑक्सीजन सिलिंडर की व्यवस्था भी नहीं थी. इसके अलावा हॉस्टल में कोई मेडिकल स्टाफ मौजूद नहीं था. आरोप है कि इस कारण आदित्य को समय पर प्राथमिक उपचार नहीं मिल सका और उसे सीपीआर भी नहीं दिया जा सका. अस्पताल पहुंचाने में हुई देरी के कारण छात्र की मौत होने का आरोप पिता ने लगाया है. विद्यार्थियों ने आदित्य को नजदीकी भगवान महावीर मनिपाल अस्पताल पहुंचाया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया. रात 10 बजे पिता से हुई थी आखिरी बातचीत आदित्य के पिता विष्णुदेव कुमार राय ने बताया कि 10 अक्तूबर की रात करीब 10 बजे उनकी बेटे से वीडियो कॉल पर आखिरी बातचीत हुई थी. इस दौरान आदित्य ने हॉस्टल में कुछ असुविधाओं और परीक्षा से संबंधित बातें बतायी थीं. इसके बाद उसने खाना खाकर सोने जाने की बात कही और फोन काट दिया. कुछ देर बाद पिता के पास एक अनजान नंबर से फोन आया, जिसमें उन्हें जल्द रांची पहुंचने को कहा गया. इसके बाद दूसरे नंबर से फोन कर बेटे की मौत की सूचना दी गयी. पिता ने डायरेक्टर और प्रबंधन के खिलाफ दर्ज करायी प्राथमिकी आदित्य के पिता विष्णुदेव कुमार राय पटना पुलिस के कंट्रोल रूम में दारोगा के पद पर नियुक्त हैं. उन्होंने रविवार को स्पोर्ट्सगांव थाना में प्राथमिकी दर्ज करायी. प्राथमिकी में संस्थान के निदेशक प्रो राजीव श्रीवास्तव और प्रबंधन के अन्य सहकर्मियों पर आरोप लगाते हुए उचित कानूनी कार्रवाई की मांग की गयी है. पिता का आरोप है कि हॉस्टल में करीब एक हजार विद्यार्थी रहते हैं, लेकिन आपात स्थिति से निपटने के लिए निर्धारित एसओपी का पालन नहीं किया गया. उन्होंने संस्थान की व्यवस्थाओं पर सवाल उठाते हुए कहा कि उचित इंतजाम नहीं होने और शिशु पर अत्यधिक मानसिक दबाव पड़ने से यह घटना हुई. सुबह 10:30 बजे से सड़क जाम कर प्रदर्शन, निदेशक के इस्तीफे की मांग घटना के बाद हॉस्टल के छात्र-छात्राओं में आक्रोश फैल गया. रविवार सुबह करीब 10:30 बजे विद्यार्थियों ने स्पोर्ट्सगांव हाउसिंग सोसाइटी के बाहर टाटीसिल्वे-स्पोर्ट्सगांव मुख्य मार्ग जाम कर दिया. छात्र दिनभर विरोध प्रदर्शन करते रहे. उनकी प्रमुख मांग थी कि संस्थान के निदेशक तत्काल अपने पद से इस्तीफा दें. प्रदर्शनकारी छात्रों ने हॉस्टल की आपातकालीन सुविधाओं, एंबुलेंस की उपलब्धता और मेडिकल सहायता में कथित लापरवाही पर सवाल उठाये. घटना की सूचना मिलने के बाद स्पोर्ट्सगांव थाना की पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को संभालने का प्रयास किया. डायरेक्टर ने कहा- अनियमितता मिली तो होगी कार्रवाई रविवार दोपहर करीब एक बजे ट्रिपल आइटी रांची के निदेशक प्रो राजीव श्रीवास्तव आक्रोशित छात्रों से मिलने पहुंचे. उन्होंने कहा कि जहां भी अनियमितता हुई है, उसकी पूरी जांच करायी जायेगी और जो भी दोषी पाये जायेंगे, उनके खिलाफ कार्रवाई होगी. इस पर छात्रों ने निदेशक को ही जिम्मेदार ठहराया और उनके इस्तीफे की मांग दोहरायी. नया विचार से बातचीत में निदेशक ने कहा कि घटना के बाद से ही प्रबंधन के लोग मौके पर मौजूद हैं और छात्र को 10 मिनट में अस्पताल ले जाया गया. एंबुलेंस में ऑक्सीजन और अन्य आवश्यक सामान नहीं होने की जानकारी उन्हें नहीं थी. उन्होंने कहा कि अगर ऐसी कोई कमी पायी जाती है, तो इसकी जांच करायी जायेगी. एनएचआरसी ने लिया संज्ञान, मामले की जांच के आदेश ट्रिपल आइटी रांची के प्रथम वर्ष के छात्र की असामयिक मौत के मामले में राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) के सदस्य प्रियंक कानूनगो ने संज्ञान लिया है. वह राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (एनसीपीसीआर) के पूर्व अध्यक्ष भी रह चुके हैं. उन्होंने छात्र को समय पर इलाज नहीं मिलने, संस्थान के प्रशासन की कथित लापरवाही और मौत की परिस्थितियों की जांच कराने की बात कही है. मामले में जांच और आगे की कार्रवाई पर अब सबकी नजरें टिकी हैं. आदित्य के दो भाई, परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़ आदित्य तीन भाइयों में मंझला था. उसका

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दिल्ली में आज फिर बंद रहेंगे 6 मेट्रो स्टेशन, सुप्रीम कोर्ट तक विपक्ष के मार्च को लेकर सुरक्षा सख्त

दिल्ली में विपक्षी दलों के सुप्रीम कोर्ट तक प्रस्तावित मार्च को देखते हुए मेट्रो और यातायात व्यवस्था में बदलाव किया गया है. DMRC ने देर रात दिल्ली के 6 मेट्रो स्टेशन बंद रखने की जानकारी दी. जिन छह स्टेशनों पर प्रवेश और निकास बंद रहेंगे, उनमें पटेल चौक, जनपथ, राजीव चौक, मंडी हाउस, केंद्रीय सचिवालय और बाराखंभा रोड शामिल हैं.. ITO और आसपास के इलाकों में ट्रैफिक डायवर्जन दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने भी 12 अक्टूबर को सुबह 10 बजे से दोपहर 2 बजे तक ITO और आसपास के इलाकों में यातायात प्रतिबंधों और डायवर्जन की घोषणा की है. यह व्यवस्था डीडीयू मार्ग पर प्रस्तावित प्रदर्शन को देखते हुए की गई है. ANI ने एक्स पर पोस्ट कर दी जानकारी- ‘वोट चोरी’ के आरोपों को लेकर सुप्रीम कोर्ट तक मार्च ये प्रतिबंध विपक्षी दलों के इंडिया गठबंधन के प्रस्तावित मार्च के मद्देनजर लगाए गए हैं. विपक्षी दल मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कथित चुनावी अनियमितताओं को लेकर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं. ‘चलो दिल्ली-मार्च फॉर डेमोक्रेसी’ नाम से आयोजित इस प्रदर्शन में मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे, मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) पर रोक और बैलेट पेपर से मतदान की व्यवस्था बहाल करने जैसी मांगें उठाई जानी हैं. ये भी पढ़ें: कौन हैं अजिंक्य शिंदे? जो दीपके के बाद संभाल रहे हैं CJP प्रोटेस्ट की कमान लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे ने सोमवार को शाम 4 बजे से 5 बजे के बीच मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत से मुलाकात के लिए समय मांगा था. उन्हें अपनी मांगों और चिंताओं से जुड़ा ज्ञापन सौंपना था. हालांकि, इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक, सूत्रों ने बताया कि मुख्य न्यायाधीश ने यह कहते हुए मुलाकात का अनुरोध स्वीकार नहीं किया कि इसी तरह के मामले पहले से सुप्रीम कोर्ट में लंबित हैं. सूत्रों के अनुसार, इस संबंध में दोनों नेताओं को ईमेल के जरिए जवाब भेजा गया. The post दिल्ली में आज फिर बंद रहेंगे 6 मेट्रो स्टेशन, सुप्रीम कोर्ट तक विपक्ष के मार्च को लेकर सुरक्षा सख्त appeared first on Naya Vichar.

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केंद्र सरकार को झटके लगते ही क्यों मुखर हो जाते हैं NDA के साथी? चिराग, मांझी और कुशवाहा की राजनीति समझिए

Chirag Paswan-Jitan Ram Manjhi Politics: गठबंधन की नेतृत्व में साथ रहना और हर मुद्दे पर एक जैसी राय रखना, दोनों अलग-अलग बातें हैं. केंद्र में सत्तारूढ़ राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) में भी इसकी झलक देखने को मिलती है. बिहार में चिराग पासवान, जीतन राम मांझी और उपेंद्र कुशवाहा जैसे सहयोगी नेता कई मुद्दों पर अपनी अलग राय रखते हैं. कभी यह राय प्रशासन के फैसलों से मेल खाती है, तो कभी असहमति भी सामने आती है. हाल के दिनों में दिल्ली में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रदर्शन को लेकर केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान का बयान चर्चा में रहा. वहीं, NEET-UG विवाद के बाद तत्कालीन शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा और किसान आंदोलन के दौरान कृषि कानूनों की वापसी जैसे घटनाक्रम भी केंद्र प्रशासन के सामने आए बड़े दबाव के उदाहरण हैं. ऐसे में सवाल उठता है कि इन घटनाओं का NDA के सहयोगी दलों की नेतृत्व से क्या संबंध है? और वे प्रशासन के साथ रहते हुए भी अपनी अलग आवाज क्यों उठाते हैं? CJP के प्रदर्शन पर चिराग ने क्यों रखी अलग राय? 10 अक्टूबर 2026 को दिल्ली के जंतर-मंतर पर CJP ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर प्रदर्शन का आह्वान किया था. प्रदर्शन से पहले रेलवे ने दिल्ली पहुंचने वाली कई ट्रेनों को रद्द किया. इस फैसले पर केंद्रीय मंत्री और लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के प्रमुख चिराग पासवान ने सवाल उठाए. चिराग ने कहा कि हिंदुस्तान के युवाओं को रोका नहीं जा सकता. उन्होंने शांतिपूर्ण प्रदर्शन को लोकतांत्रिक अधिकार बताया. उनका बयान इसलिए अहम था, क्योंकि वह केंद्र प्रशासन में मंत्री हैं और उनकी पार्टी NDA की सहयोगी है.  इस मामले में चिराग का रुख यह संकेत देता है कि गठबंधन में शामिल दल हर फैसले का बचाव करना जरूरी नहीं समझते. वे अपने समर्थकों और युवा मतदाताओं के बीच अपनी अलग पहचान भी बनाए रखना चाहते हैं. हालांकि, किसी एक बयान से यह निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता कि चिराग केंद्र प्रशासन के खिलाफ हैं. NEET विवाद और धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा NEET-UG 2026 परीक्षा में कथित अनियमितताओं और पेपर लीक के आरोपों ने केंद्र प्रशासन पर दबाव बढ़ाया था. छात्रों के विरोध प्रदर्शन के बीच 25 जुलाई 2026 को शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने इस्तीफा दिया. इसके बाद शिक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी को सौंपा गया.  यह घटनाक्रम बताता है कि बड़े जनआंदोलन और किसी मुद्दे पर लगातार उठते सवाल प्रशासन के लिए नेतृत्वक चुनौती बन सकते हैं. ऐसे समय में सहयोगी दलों के लिए भी यह जरूरी हो जाता है कि वे जनता के सामने अपना पक्ष रखें. लेकिन धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को केवल सहयोगी दलों के दबाव का नतीजा मानना सही नहीं होगा. इसके लिए अलग से ठोस प्रमाण जरूरी हैं. किसान आंदोलन: जब प्रशासन को वापस लेने पड़े कृषि कानून केंद्र प्रशासन के सामने दबाव का एक बड़ा उदाहरण 2020-21 का किसान आंदोलन था. तीन कृषि कानूनों के विरोध में पंजाब, हरियाणा और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के किसानों ने दिल्ली की सीमाओं पर लंबा आंदोलन किया. किसानों को आशंका थी कि इन कानूनों से न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) की व्यवस्था कमजोर होगी और खेती पर बड़े कॉरपोरेट घरानों का प्रभाव बढ़ेगा. करीब एक साल तक चले आंदोलन के बाद 19 नवंबर 2021 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तीनों कृषि कानून वापस लेने की घोषणा की. संसद ने भी बाद में इन्हें निरस्त कर दिया. इस उदाहरण से समझा जा सकता है कि व्यापक जनविरोध प्रशासन को अपने फैसलों पर पुनर्विचार करने के लिए मजबूर कर सकता है. हालांकि, हर आंदोलन का असर एक जैसा नहीं होता. उसका प्रभाव मुद्दे, जनसमर्थन और नेतृत्वक परिस्थितियों पर निर्भर करता है. BJP की बहुमत से दूर स्थिति और सहयोगियों की अहमियत 2024 के लोकसभा चुनाव के बाद केंद्र में BJP अपने दम पर बहुमत हासिल नहीं कर सकी. NDA की प्रशासन सहयोगी दलों के समर्थन से बनी. ऐसे में गठबंधन के भीतर सहयोगियों की भूमिका महत्वपूर्ण हो गई. नीतीश कुमार की JDU और चंद्रबाबू नायडू की TDP जैसे दलों का समर्थन प्रशासन के लिए अहम है. इसका अर्थ यह नहीं कि वे हर मुद्दे पर प्रशासन से असहमत हैं. लेकिन गठबंधन की व्यवस्था में सहयोगियों के पास अपनी मांगें रखने और नीतिगत फैसलों पर बातचीत करने की गुंजाइश रहती है. इसी नेतृत्वक गणित के बीच बिहार के छोटे सहयोगी दल भी अपनी बात रखने की कोशिश करते हैं. उन्हें अपने सामाजिक आधार, क्षेत्रीय मुद्दों और समर्थकों की अपेक्षाओं का ध्यान रखना पड़ता है. बिहार की ताजा समाचारों के लिए यहां क्लिक करें लोजपा, HAM और RLM अपनी अलग पहचान क्यों चाहते हैं? बिहार में लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास), हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा (सेक्युलर) और राष्ट्रीय लोक मोर्चा NDA के सहयोगी हैं. इन दलों के सामने दोहरी चुनौती रहती है. एक तरफ उन्हें गठबंधन के साथ बने रहना है. दूसरी तरफ अपने मतदाताओं को यह भी दिखाना है कि उनकी अपनी नेतृत्वक आवाज है. चिराग पासवान युवाओं और सामाजिक न्याय जैसे मुद्दों पर अपनी राय रखते हैं. जीतन राम मांझी और HAM भी अपने सामाजिक आधार से जुड़े सवाल उठाते रहे हैं. उपेंद्र कुशवाहा और RLM भी अपनी नेतृत्वक प्राथमिकताओं के अनुसार मुद्दों पर पक्ष रखते हैं. ऐसे बयान सहयोगियों को अपने समर्थकों तक संदेश पहुंचाने का मौका देते हैं. इससे वे यह दिखा सकते हैं कि गठबंधन में शामिल होने का अर्थ अपनी स्वतंत्र नेतृत्वक पहचान छोड़ देना नहीं है. हालांकि, हर बयान को प्रशासन पर दबाव बनाने की रणनीति मानना भी सही नहीं होगा. कई बार नेताओं की असहमति किसी खास नीति या घटना को लेकर वास्तविक होती है. यह तय करने के लिए कि कोई बयान नेतृत्वक सौदेबाजी का हिस्सा है या नीतिगत विरोध, उसके संदर्भ और बाद के घटनाक्रम को देखना जरूरी है. क्या केंद्र पर दबाव बढ़ने से सहयोगियों की ताकत बढ़ती है? गठबंधन की नेतृत्व में सहयोगियों की अहमियत केवल उनके सांसदों या विधायकों की संख्या से तय नहीं होती. चुनावी समर्थन, सामाजिक आधार और क्षेत्रीय प्रभाव भी उनकी भूमिका को मजबूत करते हैं. जब प्रशासन किसी बड़े विवाद में घिरती है, तो सहयोगी दल अपनी मांगें सामने रखने के लिए अधिक मुखर हो सकते हैं. लेकिन इसका

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‘रॉक ऑन’ के पीछे का असली हीरो, कभी मिलते थे सिर्फ ₹300, आज बॉलीवुड के म्यूजिक आइकॉन हैं एहसान नूरानी

कहा जाता है कि इंसान की तकदीर में जो लिखा होता है, वह उसे ढूंढ ही लेती है. कहानी कुछ ऐसी ही है बॉलीवुड के उस मशहूर गिटारिस्ट की, जिनके हाथों में पेन और नक्शे की जगह गिटार आया और उन्होंने अपनी धुनों से पूरी फिल्म इंडस्ट्री में तहलका मचा दिया. हम बात कर रहे हैं मशहूर संगीतकार एहसान नूरानी की, जो ‘शंकर-एहसान-लॉय’ की जादुई तिकड़ी का अहम हिस्सा हैं. 12 अक्टूबर को एहसान नूरानी के जन्मदिन पर आइए पर्दे के पीछे की उस दिलचस्प दास्तान को जानते हैं, जहां एक विज्ञापन के लिए सिर्फ 300 रुपये कमाने वाले लड़के ने बॉलीवुड के सबसे बड़े रॉकस्टार बनने का सफर तय किया. नक्शों से गिटार तक का फासला एहसान का परिवार आर्किटेक्चर की दुनिया से ताल्लुक रखता था. उनके पिता दिलावर नूरानी अपने दौर के बेहद नामी आर्किटेक्ट थे, जिन्होंने मुंबई की मशहूर और ऐतिहासिक ऊंची इमारत ‘उषा किरण’ को डिजाइन किया था. एहसान नूरानी, ​​फोटो- इंस्टाग्राम वो पहली कमाई: जब जेब में आए सिर्फ 300 रुपये हर बड़े सफर की शुरुआत छोटे कदमों से होती है. एहसान के करियर की शुरुआत भी कुछ ऐसी ही फिल्मी थी. रेडिफ डॉट कॉम को दिए एक इंटरव्यू में उन्होंने खुलासा किया था कि उनकी जिंदगी की पहली कमाई महज 300 रुपये थी. ये पैसे उन्हें पैरागॉन शूज के एक विज्ञापन में गिटार बजाने के बदले मिले थे. फिल्मों में आने से पहले उन्होंने एक सेशन गिटारिस्ट के तौर पर लंबा संघर्ष किया और स्टूडियो के हर एक राज को बहुत करीब से जाना. जब मिले तीन यार और बन गया इतिहास (शंकर-एहसान-लॉय) 1986 में विदेश से पढ़ाई पूरी कर देश लौटने के बाद उन्होंने विज्ञापनों और फिल्मों के लिए गिटार बजाना शुरू किया. सफर आगे बढ़ा और किस्मत ने उनकी मुलाकात लॉय मेंडोंसा से कराई. और फिर साल 1996 में वह ऐतिहासिक मोड़ आया जब शंकर महादेवन, एहसान नूरानी और लॉय मेंडोंसा ने हाथ मिलाया और जन्म लिया ‘शंकर-एहसान-लॉय’ का. शंकर-एहसान-लॉय, फोटो – इंस्टाग्राम शंकर की जादुई आवाज, लॉय का कीबोर्ड और एहसान के गिटार के तीखे सुर इस तिकड़ी ने आते ही बॉलीवुड म्यूजिक का पूरा ट्रेंड ही बदलकर रख दिया. साल 2001 की ब्लॉकबस्टर फिल्म ‘दिल चाहता है’ ने इस जोड़ी को रातों-रात स्टार बना दिया. इसके बाद ‘कल हो ना हो’, ‘मितवा’, ‘रॉक ऑन!!’ और ‘सेनोरिटा’ जैसे एक से बढ़कर एक गानों ने उन्हें बुलंदियों के उस आसमान पर पहुंचा दिया, जहां पहुंचना हर किसी के बस की बात नहीं होती. जब ‘फेंडर’ गिटार ने दी एहसान को सबसे बड़ी सलामी एहसान नूरानी का रुतबा सिर्फ एक कम्पोजर तक सीमित नहीं है, वे हिंदुस्तान के उन चुनिंदा गिटार वादकों में हैं जिन्हें दुनियाभर में पहचान मिली है. दुनिया के सबसे बड़े गिटार ब्रांड ‘फेंडर’ ने जब उनके नाम का सिग्नेचर गिटार मॉडल जारी किया, तो यह हिंदुस्तानीय संगीत जगत और हर गिटार प्रेमी के लिए गर्व का सबसे बड़ा पल बन गया. इमारतों के नक्शों से शुरू हुआ सफर जब गिटार के तारों पर थिरका, तो उसने इतिहास रच दिया. एहसान नूरानी की यह कहानी हमें सिखाती है कि सपने चाहे कितने भी अलग रास्ते मांगें, अगर लगन सच्ची हो तो अपनी मंजिल मिल ही जाती है. ये भी पढ़ें: स्काउट पर भड़के सलमान खान, बोले- ‘जेल में भी प्यार से खाना देते हैं’, फिर क्यों फफक कर रो पड़े काजी तौकीर? ये भी पढ़ें: ‘Hustle 5’ को मिला अपना विनर, धड़कन ने जीती ट्रॉफी, खाते में आए 1 करोड़ रुपये The post ‘रॉक ऑन’ के पीछे का असली हीरो, कभी मिलते थे सिर्फ ₹300, आज बॉलीवुड के म्यूजिक आइकॉन हैं एहसान नूरानी appeared first on Naya Vichar.

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12 अक्टूबर सुबह की टॉप 20 खबरें: दिल्ली पुलिस ने दीपके की हिरासत का वीडियो किया जारी, INDIA ब्लॉक का आज सुप्रीम कोर्ट कूच; पाकिस्तान में इमरजेंसी

1. Video: अभिजीत दीपके का दिल्ली पुलिस पर आरोप- ‘दादी के निधन के बाद भी परिवार से बात नहीं करने दी’ CJP के अभिजीत दीपके ने हिरासत में परिवार से बात न करने देने का आरोप लगाया. दिल्ली पुलिस ने आरोपों पर सफाई दी, जानिए पूरा मामला. पूरी समाचार पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें 2. Video : CEC ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर विपक्ष की नई चाल, राहुल गांधी ने कहा- कल पूरा हिंदुस्तान… Rahul Gandhi : दिल्ली में जारी CJP प्रोटेस्ट के बीच राहुल गांधी ने रविवार देर शाम एक वीडियो जारी किया. वीडियो में उन्होंने देशभर के लोगों से उनके साथ सुप्रीम कोर्ट तक मार्च में शामिल होने की अपील की. पूरी समाचार पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें 3. Video: प्रदर्शन के दौरान बदहवास भागती नजर आईं नेहा बोरा, हिरासत में प्रदर्शनकारियों से दुर्व्यवहार का लगाया आरोप दिल्ली में विरोध प्रदर्शन के दौरान AISA अध्यक्ष नेहा बोरा सहित कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया. नेहा बोरा ने पुलिस पर दुर्व्यवहार करने का आरोप लगाया है. पूरी समाचार पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें 4. IND vs WI 3rd T20I: टीम इंडिया की शानदार वापसी, वेस्टइंडीज को 14 रनों से हराकर सीरीज में बनाई 2-1 की बढ़त IND vs WI T20: अभिषेक शर्मा के 69 रन और गेंदबाजों के शानदार प्रदर्शन से हिंदुस्तान ने वेस्टइंडीज को तीसरे टी20 में 14 रन से हराया. सीरीज में 2-1 की बढ़त. पूरी समाचार पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें 5. यौन उत्पीड़न के आरोपी कांग्रेस सांसद के खिलाफ 12 अक्टूबर को झारखंड में प्रदर्शन का भाजपा ने किया ऐलान यौन शोषण के आरोपों से घिरे कांग्रेस सांसद पर भाजपा ने झारखंड में आंदोलन की घोषणा की है. भाजपा कार्यकर्ता कल कांग्रेस दफ्तरों का घेराव करेंगे. पूरी समाचार पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें 6. CJP Protest: मेट्रो-ट्रेन सेवाएं रोकने पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, केंद्र प्रशासन, दिल्ली पुलिस और DMRC को अवमानना का नोटिस CJP Protest: सुप्रीम कोर्ट ने रविवार को कहा कि दिल्ली में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रदर्शन के दौरान मेट्रो और ट्रेन सेवाओं पर पूरी तरह रोक नहीं लगाने के उसके आदेश के कथित उल्लंघन पर पहली नजर में मामला बनता है. पूरी समाचार पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें 7. कांग्रेस मुख्यालय में चले जूते-चप्पल, आराधना मिश्रा के पदभार ग्रहण कार्यक्रम में हंगामा, धरने पर बैठे अजय राय UP News: लखनऊ कांग्रेस मुख्यालय में आराधना मिश्रा के पदभार ग्रहण कार्यक्रम के दौरान कार्यकर्ताओं के दो गुट भिड़ गए. हाथापाई और हंगामे का वीडियो वायरल हो रहा है. पूरी समाचार पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें 8. VIDEO: दिल्ली पुलिस ने जारी किया अभिजीत दीपके की हिरासत का वीडियो, बोली – कस्टडी में दी थी दादी के निधन की समाचार CJP Protest: दिल्ली पुलिस ने रविवार को एक वीडियो जारी कर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके को उनकी दादी के निधन की सूचना नहीं देने के आरोपों को खारिज किया. पूरी समाचार पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें 9. 250km तक की रेंज, रिमूवेबल बैटरी और बाइक जैसा लुक… मार्केट में हुई नए इलेक्ट्रिक स्कूटर की एंट्री, जानें कीमत MotoHaus India ने VLF Strada इलेक्ट्रिक स्कूटर को City और Max दो वेरिएंट में पेश किया है. इसकी कीमत 1.19 लाख रुपये से शुरू होती है. इसमें 250 km तक की दावा की गई रेंज, 85 kmph की टॉप स्पीड और TFT डिस्प्ले जैसे फीचर्स मिलते हैं. पूरी समाचार पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें 10. जिबूती के तट के पास प्रवासियों से भरी नौका पलटी, 15 बच्चों समेत 109 की मौत पूर्वी अफ्रीकी देश जिबूती के तट के पास प्रवासियों से भरी एक नौका पलटने से बड़ा हादसा हो गया. इस दुर्घटना में कम से कम 109 लोगों की मौत हो गई, जिनमें 15 शिशु भी शामिल हैं. अंतरराष्ट्रीय प्रवासन संगठन (IOM) ने रविवार को हादसे की जानकारी दी. पूरी समाचार पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें 11. Pakistan Emergency: शहबाज शरीफ प्रशासन ने लगाई इमरजेंसी, खैबर-पख्तूनख्वा में इमरान खान की पार्टी का शासन खत्म Pakistan Emergency: पाकिस्तान ने उत्तर-पश्चिमी प्रांत खैबर पख्तूनख्वा में बिगड़ती कानून-व्यवस्था और बढ़ते आतंकवादी हमलों का हवाला देते हुए रविवार को आपातकाल घोषित कर दिया. इसके साथ ही जेल में बंद पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) के नेतृत्व वाली प्रांतीय प्रशासन का अंत हो गया. पूरी समाचार पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें 12. IndiGo Flight: दिल्ली से चेन्नई जा रही फ्लाइट में पावर बैंक में लगी आग, हैदराबाद में इमरजेंसी लैंडिंग IndiGo फ्लाइट में पावर बैंक में आग लगने की घटना के बाद दिल्ली से चेन्नई जा रही फ्लाइट को हैदराबाद में इमरजेंसी लैंडिंग करनी पड़ी. सभी यात्री सुरक्षित निकाले गए. पूरी समाचार पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें 13. Video: प्रदर्शन के दौरान बदहवास भागती नजर आईं नेहा बोरा, हिरासत में प्रदर्शनकारियों से दुर्व्यवहार का लगाया आरोप दिल्ली में विरोध प्रदर्शन के दौरान AISA अध्यक्ष नेहा बोरा सहित कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया. नेहा बोरा ने पुलिस पर दुर्व्यवहार करने का आरोप लगाया है. पूरी समाचार पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें 14. सुधांशु त्रिवेदी बोले, इमरजेंसी वो था; जब इंदिरा को सत्ता से हटाने की बात पर होती थी जेल, जानिए क्या था DIR और MISA कानून जो लोग जंतर-मंतर पर की गई बैरिकेडिंग की तुलना देश में लागू हुए इमरजेंसी से करते हैं, उन्हें यह समझना होगा कि इमरजेंसी कहते किसको हैं. आज की पीढ़ी को तो पता ही नहीं है कि इमरजेंसी क्या थी और हमारी पीढ़ी के लोगों को याद दिलाने की जरूरत है कि इमरजेंसी क्या थी. यह बातें बीजेपी के नेता और राज्यसभा के सांसद सुधांशु त्रिवेदी ने मीडिया के सामने कही. पूरी समाचार पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें 15. CJP Protest: सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद भी नहीं रुकी दिल्ली पुलिस, कनॉट प्लेस से 100 प्रदर्शनकारी हिरासत में 11 अक्टूबर को करीब 7000 से ज्यादा लोगों को दिल्ली पुलिस ने हिरासत में लिया था. जिसके बाद सुप्रीम कोर्ट की ओर से सख्त निर्देश दिए गए थे कि लोगों को बिना कानूनी प्रक्रिया के हिरासत में नहीं लिया जा सकता. पूरी समाचार पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें

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PHOTOS : बिहार में कहीं तांत्रिक पूजा तो कहीं पहाड़ पर विराजती हैं मां, जानें 9 रहस्यमयी मंदिरों की पूरी कहानी

बिहार के 9 रहस्यमयी दुर्गा मंदिरों की पड़ताल करें, जहां तांत्रिक पूजा और पहाड़ी पर मां का वास है. जानें इन अनूठे शक्तिस्थलों के अनसुने रहस्य. The post PHOTOS : बिहार में कहीं तांत्रिक पूजा तो कहीं पहाड़ पर विराजती हैं मां, जानें 9 रहस्यमयी मंदिरों की पूरी कहानी appeared first on Naya Vichar.

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कभी विदेश से क्रेट में आते थे रॉयल एनफील्ड बुलेट के पुर्जे, आज भारत में बनती हैं, जानिए इस बदलाव की दिलचस्प कहानी

आज रॉयल एनफील्ड को किसी पहचान की जरूरत नहीं है. हिंदुस्तान ही नहीं, दुनियाभर में इस बाइक के चाहने वालों की कमी नहीं है. हिंदुस्तानीय बाजार में भी कंपनी की बाइक्स को खूब पसंद किया जाता है. लेकिन क्या आप जानते हैं कि रॉयल एनफील्ड का इतिहास काफी पुराना है? इस इंडो-ब्रिटिश बाइक ब्रांड ने सालों के दौरान एक लंबा सफर तय किया है. कभी इसकी बाइक्स ब्रिटेन में बनाई जाती थीं, लेकिन आज हिंदुस्तान में इनका बड़े पैमाने पर प्रोडक्शन होता है. अब कंपनी के ऑफिशियल सोशल मीडिया हैंडल पर शेयर किए गए कुछ नए वीडियो में इसी बदलाव की कहानी दिखाई गई है, जो बताती है कि ब्रिटेन से शुरू हुआ यह सफर कैसे हिंदुस्तान तक पहुंचा. ब्रिटेन की एक फैक्ट्री से शुरू हुआ था रॉयल एनफील्ड का सफर इन वीडियो में दिखाई गई बातों को समझने से पहले रॉयल एनफील्ड के इतिहास पर एक नजर डालना जरूरी है. इस कंपनी की शुरुआत ब्रिटेन में हुई थी. साल 1901 में Redditch फैक्ट्री में रॉयल एनफील्ड की पहली मोटरसाइकिल तैयार की गई. इसे बॉब वॉकर स्मिथ और जूल्स गोबिएट ने डिजाइन किया था. इस बाइक में 1.75 hp का इंजन लगा था, जिसे स्टीयरिंग हेड के आगे फिट किया गया था. इसकी एक खास बात यह भी थी कि इंजन से पिछले पहिये को पावर मिलती थी. फोटो: royalenfield/Instagram शुरुआत में इस तरीके से मोटरसाइकिलों की असेंबलिंग करके हिंदुस्तान में कारोबार शुरू किया गया. हालांकि, कंपनी का टारगेट सिर्फ विदेश से आए पुर्जों को जोड़कर बाइक तैयार करना नहीं था, बल्कि मोटरसाइकिलों का पूरी तरह हिंदुस्तान में ही प्रोडक्शन करना था. इस टारगेट को हासिल करने के लिए कंपनी की टीम को कई तकनीकी चुनौतियों का सामना करना पड़ा. अगले कुछ सालों में इन मुश्किलों को दूर किया गया और हिंदुस्तान में ही मोटरसाइकिल बनाने की दिशा में कदम बढ़ाए गए. ऑनलाइन शेयर किए गए वीडियो में भी इन तकनीकी चुनौतियों से जुड़ी कुछ दिलचस्प बातें बताई गई हैं. जब विमान के हिस्सों से तैयार हुई बाइक के पुर्जे बनाने वाली मशीन उस दौर में मद्रास (अब चेन्नई) की फैक्ट्री में रॉयल एनफील्ड की मोटरसाइकिलों के पुर्जे तैयार करना आसान नहीं था. दरअसल, कुछ जरूरी मशीनें हिंदुस्तान में उपलब्ध ही नहीं थीं. इनमें एक हाइड्रोलिक प्रेस भी शामिल थी, जिसकी मदद से स्टील को आकार देकर फ्यूल टैंक और मडगार्ड जैसे पार्ट्स बनाए जाते थे. ऐसे में इंजीनियर हैरी सैंडफोर्ड ने इस परेशानी का एक अनोखा हल निकाला. उन्होंने द्वितीय विश्व युद्ध के दौर में क्रैश हुए डगलस DC-3 विमान के निचले हिस्से (अंडरकैरेज) का यूज करके एक हाइड्रोलिक प्रेस तैयार कर दी. Douglas DC-3 (फोटो: royalenfield/Instagram) इसके बाद इसी मशीन की मदद से हिंदुस्तानीय स्टील को रॉयल एनफील्ड की मोटरसाइकिलों के पुर्जों में ढाला जाने लगा. धीरे-धीरे कंपनी को विदेश से पुर्जे मंगाकर क्रेट में भरकर भेजने की जरूरत भी कम हो गई. साल 1967 तक मोटरसाइकिलों का पूरा प्रोडक्शन मद्रास फैक्ट्री में शिफ्ट कर दिया गया. बाद में ब्रिटेन की रेडडिच फैक्ट्री भी बंद हो गई और उसकी जमीन डेवलपर्स को बेच दी गई. कंपनी ने अपने सोशल मीडिया कैरोसेल में इस दिलचस्प इतिहास से जुड़ी जानकारी शेयर की है. ये भी पढ़ें: Royal Enfield ने 2019 में उतारी थी ये बाइक, सिर्फ एक साल बाद ही बंद हो गई बिक्री, आखिर क्या थी वजह? The post कभी विदेश से क्रेट में आते थे रॉयल एनफील्ड बुलेट के पुर्जे, आज हिंदुस्तान में बनती हैं, जानिए इस बदलाव की दिलचस्प कहानी appeared first on Naya Vichar.

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नौ शक्ति नौ उड़ान : तप, त्याग और मेहनत का दम, शक्ति दुबे ऐसे बनीं UPSC AIR 1 टॉपर

Success Story Shakti Dubey: आईएएस शक्ति दुबे का सफर ऐसा रहा है कि UPSC में सीधे रैंक 1 हासिल कर लिया. बेहद साधारण परिवार से आने वाली शक्ति दुबे कैसे बार-बार चुनौतियों को पीछे छोड़कर देश की सबसे कठिन परीक्षा में टॉप करती हैं, आइए उनकी जर्नी में इसे करीब से समझते हैं. प्रयागराज से शुरू हुआ सफलता का सफर शक्ति दुबे उत्तर प्रदेश के प्रयागराज की रहने वाली हैं. उनकी शुरुआती पढ़ाई होम टाउन से हुई. उन्होंने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से बायोकेमिस्ट्री में ग्रेजुएशन की पढ़ाई की और इसके बाद बनारस हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) से इसी विषय में पोस्ट ग्रेजुएशन किया. परिवार से मिली सिविल सेवा की प्रेरणा शक्ति के पिता यूपी पुलिस में दरोगा हैं. उन्होंने अपने पिता को ड्यूटी करते और लोगों की मदद करते देखा. धीरे-धीरे उन्हें समझ आया कि प्रशासनी सेवा सिर्फ एक नौकरी नहीं, बल्कि लोगों की जिंदगी में बदलाव लाने का जरिया भी है. शक्ति ने एक इंटरव्यू में बताया था कि BHU के हॉस्टल में रहने के दौरान भी उन्होंने महसूस किया कि पुलिस और प्रशासनी व्यवस्था लोगों को सुरक्षा का एहसास करा सकती है. 5वें प्रयास में हासिल किया देश में पहला स्थान शक्ति दुबे ने UPSC सिविल सेवा परीक्षा 2024 में ऑल इंडिया रैंक 1 हासिल की. इस परीक्षा का फाइनल रिजल्ट 22 अप्रैल 2025 को घोषित किया गया था. उनका यह नतीजा उन सभी अभ्यर्थियों के लिए बड़ी प्रेरणा बना, जो सालों से सिविल सेवा में जाने का सपना देख रहे हैं. कई प्रयासों के बाद देश में पहला स्थान हासिल करना आसान उपलब्धि नहीं है. शक्ति दुबे की कहानी बताती है कि सफलता रातोंरात नहीं मिलती, बल्कि इसके लिए लगातार मेहनत, धैर्य और अनुशासन की जरूरत होती है. नवरात्रि में मां ब्रह्मचारिणी की पूजा हमें भी तप, साधना और अपने लक्ष्य के प्रति समर्पित रहने की सीख देती है. ये भी पढ़ें: 2 बच्चों की जिम्मेदारी और फुलटाइम नौकरी, फिर भी नहीं छोड़ा BPSC का सपना, रुचि रानी बनीं SDM The post नौ शक्ति नौ उड़ान : तप, त्याग और मेहनत का दम, शक्ति दुबे ऐसे बनीं UPSC AIR 1 टॉपर appeared first on Naya Vichar.

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बंगाल उपचुनाव में जीत के बाद नंदीग्राम पहुंचे शुभेंदु अधिकारी, पंचायत प्रतिनिधियों से बोले- अहंकार न करें

Bengal Politics: पश्चिम बंगाल में विधानसभा उपचुनाव में हिंदुस्तानीय जनता पार्टी (भाजपा) की जीत के बाद शुभेंदु अधिकारी पहली बार पूर्व मेदिनीपुर जिले के नंदीग्राम पहुंचे. यहां उन्होंने निर्वाचित पंचायत प्रतिनिधियों को स्पष्ट संदेश दिया कि वे अहंकार से दूर रहें. निजी हितों की बजाय जनता के कल्याण को प्राथमिकता दें. उन्होंने कहा कि प्रतिनिधियों के व्यवहार पर कड़ी नजर रखी जायेगी. ‘पहले जनता की जरूरतें, फिर पार्टी कार्यकर्ताओं के हित’ एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए शुभेंदु अधिकारी ने पंचायत प्रतिनिधियों से एकजुट रहने और अहंकार नहीं करने की अपील की. उन्होंने कहा कि निर्वाचित प्रतिनिधियों को सबसे पहले लोगों की जरूरतें पूरी करनी चाहिए. इसके बाद पार्टी कार्यकर्ताओं के हितों का ध्यान रखना चाहिए. पंचायत प्रतिनिधियों के व्यवहार पर रहेगी नजर : सीएम शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि निर्वाचित प्रतिनिधियों के आचरण पर कड़ी नजर रखी जायेगी. उनके इस बयान को पंचायत स्तर पर जनप्रतिनिधियों की जवाबदेही पर जोर देने के रूप में देखा जा सकता है. हालांकि, उन्होंने निगरानी की प्रक्रिया या किसी संभावित कार्रवाई का विस्तृत ब्योरा नहीं दिया. ये भी पढ़ें: महालया के दिन शुभेंदु अधिकारी का ऐलान- बंगाल में एक लाख पुलिसकर्मियों की होगी नियुक्ति भाजपा कार्यकर्ताओं के परिवारों को बांटे गये दुर्गा पूजा के उपहार नंदीग्राम में रविवार को आयोजित कार्यक्रम के दौरान उन भाजपा कार्यकर्ताओं के परिवारों को दुर्गा पूजा के उपहार बांटे गये, जिन्होंने तृणमूल कांग्रेस के शासन के दौरान कथित अत्याचारों का सामना किया था. कार्यक्रम में इन परिवारों को उपहार देने के साथ पार्टी कार्यकर्ताओं के हितों का भी उल्लेख किया गया. ये भी पढ़ें: PHOTOS: इडेन गार्डेंस में दुर्गा पूजा का भव्य आगाज, शुभेंदु अधिकारी बोले- इस बार बंगाल में 12400 नये पंडाल, सभी को मिलेगा अनुदान The post बंगाल उपचुनाव में जीत के बाद नंदीग्राम पहुंचे शुभेंदु अधिकारी, पंचायत प्रतिनिधियों से बोले- अहंकार न करें appeared first on Naya Vichar.

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Aaj Ka Rashifal 12 October 2026: मां ब्रह्मचारिणी की पूजा के दिन किस राशि को मिलेगी सफलता, किसकी बढ़ेंगी मुश्किलें?

Aaj Ka Rashifal 12 October 2026: आज सोमवार को शारदीय नवरात्र के दूसरे दिन मां ब्रह्मचारिणी की पूजा होगी. द्वितीया तिथि पूरे दिन रहेगी. ज्योतिषाचार्य डॉ एन के बेरा से जानें मेष से मीन राशि वालों के लिए नौकरी, कारोबार, धन, परिवार और सफलता के लिहाज से कैसा रहेगा दिन और कब रहेगा राहुकाल. आज का मेष राशिफल मेष राशि वालों के लिए आज का दिन जमीन-जायदाद से जुड़े मामलों में राहत लेकर आ सकता है. नौकरी में तरक्की और अपनी प्रतिभा दिखाने का मौका मिलेगा. आर्थिक लाभ के योग हैं. व्यापारिक यात्रा फायदेमंद रह सकती है. परिवार में सुख-शांति बनी रहेगी और सुख-सुविधाओं पर खर्च कर सकते हैं. आज का वृषभ राशिफल वृष राशि वालों के विरोधी आज कमजोर पड़ सकते हैं. कार्यक्षेत्र में सहकर्मियों का सहयोग मिलेगा और आपके काम की तारीफ हो सकती है. कोई अधूरा काम पूरा होने से राहत मिलेगी. धन लाभ के साथ मान-सम्मान बढ़ने के अवसर मिलेंगे. उपहार या पुरस्कार मिलने की भी संभावना है. आज का मिथुन राशिफल मिथुन राशि वालों के लिए आज का दिन नई शुरुआत के लिहाज से अच्छा रह सकता है. मनचाहे काम में सफलता मिलेगी और नए काम से लाभ होने की संभावना है. विरोधियों की चाल सफल नहीं होगी. माता-पिता का सहयोग मिलेगा. किसी प्रभावशाली व्यक्ति की मदद से रुका काम आगे बढ़ सकता है. आज का कर्क राशिफल कर्क राशि वालों को आज अपनी मेहनत का अच्छा परिणाम मिल सकता है. पुराने शुभचिंतकों की मदद से काम आसान होंगे. कारोबार में सफलता और आर्थिक लाभ के अवसर मिलेंगे. घर के लिए जरूरी सामान खरीद सकते हैं. परिवार का माहौल खुशनुमा रहेगा और सुख-सुविधाओं में बढ़ोतरी होने की संभावना है. आज का सिंह राशिफल सिंह राशि वालों को आज सामाजिक संपर्कों का फायदा मिल सकता है. मान-सम्मान बढ़ेगा और बिगड़े हुए काम बनने की संभावना है. कारोबार में उम्मीद से बेहतर लाभ मिल सकता है. परिवार के साथ घूमने-फिरने की योजना बन सकती है. वाहन या दूसरी सुख-सुविधाओं से जुड़ी इच्छा पूरी होने के संकेत हैं. आज का कन्या राशिफल कन्या राशि वालों के लिए आज नई उम्मीदों का दिन हो सकता है. धैर्य और हिम्मत से मुश्किल काम भी पूरे कर पाएंगे. आमदनी के नए अवसर मिल सकते हैं और नौकरी में उत्साह बना रहेगा. आपके काम की सराहना हो सकती है. दांपत्य जीवन सुखद रहेगा और स्वास्थ्य भी सामान्य रहने की संभावना है. ये भी पढ़ें: शुक्र-मंगल के खास योग से चमक उठेगा इन 5 राशि वालों का भाग्य, जानें किसे मिलेगा जबरदस्त लाभ आज का तुला राशिफल तुला राशि वालों को आज पुरानी समस्याओं से निआज ने का रास्ता मिल सकता है. मेहनत के दम पर सफलता की ओर आगे बढ़ेंगे. आर्थिक मामलों में संतुलन बनाए रखने में कामयाब हो सकते हैं. हालांकि, परिवार की जिम्मेदारियों पर खर्च बढ़ सकता है. विद्यार्थियों के लिए पढ़ाई और शैक्षणिक प्रगति के लिहाज से दिन अच्छा रह सकता है. आज का वृश्चिक राशिफल वृश्चिक राशि वालों के सामाजिक और नेतृत्वक संपर्क मजबूत हो सकते हैं. कारोबार में कोई सकारात्मक बदलाव लाभ दिला सकता है. आर्थिक स्थिति में सुधार के संकेत हैं. मित्रों और रिश्तेदारों का सहयोग मिलेगा. जमीन-जायदाद से जुड़े काम आगे बढ़ सकते हैं. आज अपने फैसलों में आत्मसम्मान और समझदारी को प्राथमिकता दें. आज का धनु राशिफल धनु राशि वालों का आत्मविश्वास आज बढ़ा रहेगा. लंबे समय से रुके कामों में प्रगति हो सकती है. सामाजिक और नेतृत्वक क्षेत्र से जुड़े लोगों को अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर मिलेगा. किसी बड़ी योजना को पूरा करने में दूसरे लोगों का सहयोग मिल सकता है. मिलकर काम करने से अच्छे नतीजे मिलने की संभावना है. आज का मकर राशिफल मकर राशि वालों को आज आजीविका से जुड़ी चिंताओं से राहत मिल सकती है. साहस के साथ उठाए गए कदम सफल हो सकते हैं. परिवार में सुख-सुविधाएं बढ़ेंगी और विरोधियों पर बढ़त मिलेगी. सामाजिक संपर्कों का लाभ मिल सकता है. लंबे समय से अटका पैसा वापस मिलने की संभावना भी बन रही है. आज का कुंभ राशिफल कुंभ राशि वालों के लिए आज लाभ के नए अवसर बन सकते हैं. मित्रों और परिवार के लोगों का साथ मिलेगा. आमदनी बढ़ने की संभावना है और नए लोगों से संपर्क स्थापित होंगे. घर में सुख-शांति का माहौल बना रहेगा. अपनी मेहनत और आत्मनिर्भरता के बल पर किसी पुरानी इच्छा को पूरा करने की दिशा में आगे बढ़ सकते हैं. आज का मीन राशिफल मीन राशि वालों को आज परेशानियों से राहत मिलने की उम्मीद है. मेहनत का फल मिलेगा और कार्यक्षेत्र में आपके काम की तारीफ हो सकती है. परिवार की किसी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी को धैर्य और समझदारी से पूरा करेंगे. कठिन परिस्थितियों में शांत रहना आपके लिए फायदेमंद होगा. अपनों का सहयोग मनोबल बढ़ाएगा. डिस्क्लेमर: यहां दी गई राशिफल संबंधी जानकारी ज्योतिषीय मान्यताओं और सामान्य गणनाओं पर आधारित है. इसकी वैज्ञानिक पुष्टि नहीं की जाती है. कल का पंचांग और शुभ-अशुभ समय कल सोमवार को आश्विन शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि पूरे दिन रहेगी. नवरात्रि के दूसरे दिन मां ब्रह्मचारिणी की पूजा की जाएगी. नक्षत्रों की बात करें तो दोपहर 3:05 बजे तक हस्त नक्षत्र रहेगा, इसके बाद चित्रा नक्षत्र शुरू होगा. चंद्रमा सुबह तक कन्या राशि में रहेंगे, फिर तुला राशि में प्रवेश करेंगे. सूर्योदय सुबह 6:27 बजे और सूर्यास्त शाम 6 बजे होगा. राहुकाल: सुबह 7:49 बजे से 9:18 बजे तक. इस अवधि में शुभ कार्य शुरू करने से बचने की मान्यता है. The post Aaj Ka Rashifal 12 October 2026: मां ब्रह्मचारिणी की पूजा के दिन किस राशि को मिलेगी सफलता, किसकी बढ़ेंगी मुश्किलें? appeared first on Naya Vichar.

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